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हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अब पा लिया है मैंने तुम्हें

I

हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर, तुम्हें पाकर सारे ग़म बदल गए हैं ख़ुशियों में।

तुम्हारे वचनों को खा रहे हैं, पी रहे हैं, आनंद ले रहे हैं,

हर दिन हम तुम्हारे साथ जी रहे हैं।

तुम्हारा जीवन-जल दे रहा है पोषण हमें,

सबकुछ हम तुम से भरपूर पा रहे हैं।

वास्तविकता में हो प्रवेश या हो सत्य का ज्ञान,

सबकुछ निर्भर है तुम पर।

भाइयो, उनके राज्य में रहकर हम,

उनके वचनों को खाएँ-पीएँ और आनंद मनाएं।

ईक-दूजे को प्रेम करो बहनो।

ईक-दिल हों और रखें ध्यान परमेश्वर के दिल का।

II

हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर, जब पा लूँ तुम्हें, तो मेरा दिल पा जाएगा संतोष।

अहंकार हो, सुविधा हो या शोहरत हो, छोड़ दिए दुनिया के मैंने सुख सारे।

हे प्रिय परमेश्वर, सत्य का ही अनुसरण करूंगा,

उसी को पूरा पाने की ख़ातिर संघर्ष मैं करूंगा।

तुम्हारे वचनों पर जीऊँ, शैतान पर विजय पाऊँ,

और प्राप्त तुम्हें मैं हो जाऊँ।

भाइयो, उनके राज्य में रहकर हम,

उनके वचनों को खाएँ-पीएँ और आनंद मनाएं।

ईक-दूजे को प्रेम करो बहनो।

ईक-दिल हों और रखें ध्यान परमेश्वर के दिल का।

III

परमेश्वर के कदमों पर चलना है, और उनके घर में ही सदा रहना है।

सत्य, मार्ग और जीवन प्रदान किये जाते हैं हमें।

अगर खोजें हम पूरे सच को, और प्यार करें सच्चे मन से परमेश्वर को,

तो सर्वशक्तिमान का मुस्कुराता चेहरा,

अपनी ज्योति बिखराएगा हम सब पर।

तो भाइयो, उनके राज्य में रहकर हम,

उनके वचनों को खाएँ-पीएँ और आनंद मनाएं।

ईक-दूजे को प्रेम करो बहनो।

ईक-दिल हों और रखें ध्यान परमेश्वर के दिल का,

परमेश्वर के दिल का, परमेश्वर के दिल का।

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