सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप

परमेश्वर की आवाज़ सुनें और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करें!

सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

`

इंसान से परमेश्वर की उम्मीदें बदली नहीं हैं

I

जब से उसने आदि में मानव की सृष्टि की,

ईश्वर ने विजयी लोगों के समूह की लालसा की है,

समूह जो चलेगा उसके साथ और जो समझ सकता है,

बूझ और जान सकता है उसके स्वभाव को।

बावजूद के उसको कितनी देर इंतज़ार करना होगा,

बावजूद के आगे राह है कितनी कठिन,

कितना भी हो वो दूर अपने उद्देश्य से जिनकी वो लालसा करता है,

ईश्वर ने बदली नहीं, न ही छोड़ी हैं अपनी उम्मीदें मानव पर से।

ईश्वर की यह इच्छा कभी नहीं बदली है।

ईश्वर की यह इच्छा अभी भी वही है।

ईश्वर की यह इच्छा कभी नहीं बदली है।

उसकी यह इच्छा, ईश्वर की यह इच्छा न कभी मिटेगी।

II

जब से उसने आदि में मानव की सृष्टि की,

ईश्वर ने विजयी लोगों के समूह की लालसा की है,

समूह जो चलेगा उसके साथ और जो समझ सकता है,

बूझ और जान सकता है उसके स्वभाव को।

ईश्वर ने बदली नहीं, न ही छोड़ी हैं अपनी उम्मीदें मानव पर से।

ईश्वर की यह इच्छा कभी नहीं बदली है।

ईश्वर की यह इच्छा अभी भी वही है।

ईश्वर की यह इच्छा कभी नहीं बदली है।

उसकी यह इच्छा, ईश्वर की यह इच्छा न कभी मिटेगी।

ईश्वर की यह इच्छा कभी नहीं बदली है।

ईश्वर की यह इच्छा अभी भी वही है।

ईश्वर की यह इच्छा कभी नहीं बदली है।

उसकी यह इच्छा, ईश्वर की यह इच्छा न कभी मिटेगी।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:विश्वासियों को परमेश्वर में क्या खोजना चाहिए

अगला:परमेश्वर का अधिकार है सृष्टिकर्ता की पहचान और सार का प्रतीक

शायद आपको पसंद आये