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测试测试测试测试测试测试测试测试क्या आप उस युग में परमेश्वर के स्वभाव को उचित भाषा में अभिव्यक्त कर सकते हैं जिस युग का महत्व हो? परमेश्वर के कार्य में अपने अनुभव से, क्या आप परमेश्वर के स्वभाव का वर्णन विस्तार से कर सकते हो? आप कैसे सटीक रूप से, उचित रूप से उसका वर्णन कर सकते हो? जिसके माध्यम से, दूसरे आपके अनुभवों के बारे में सीख सकते हैं। आप दयनीय, बेचारे और धार्मिकता के भूखे प्यासे धर्मी भक्त विश्वासियों के साथ, जो आपके चरवाहे की आस लगाए बैठे हैं, अपने दर्शनों और अनुभवों को कैसे बांट पाएंगे? किस प्रकार के पात्र आपकी प्रतीक्षा में हैं आपके चरवाहे के लिए? क्या आप कल्पना कर सकते हैं? क्या आप अपने कधों लगाए बोझ, अपनी महान आज्ञा और अपनी जवाबदारी के प्रति जागृत हैं? आपका मसीही उद्देश्य के प्रति ऐतिहासिक एहसास कहाँ चला गया? अगली पीढ़ी के वास्ते एक अच्छे गुरु समान, कैसे सेवा दे पाओगे? क्या आपमें गुरुपन का बहुत गंभीरता से एहसास है? आप समस्त पृथ्वी के गुरु की चर्चा कैसे करेंगे? क्या वह वास्तव में संसार की समस्त सजीवों और वस्तुओं का गुरु है? कार्य को बढ़ाने हेतु योजनाओं में आपका अगला कदम क्या है? आपको चरवाहे के रूप में देखने हेतु कितने लोग अपेक्षा कर रहे हैं? क्या आपका कार्य काफी कठिन सा है? वे लोग- दीन-दुखी, दयनीय, अंधे, सब खो चुके हुए और अंधकार में विलाप कर रहे हैं- ‘‘मार्ग कहां हैं?’’ उनमें ज्योति के लिए कैसे ललक है, जैसे गिरता हुआ तारा, एकाएक गिरता हुआ दिखता है और तेजी से अंधकार में विलुप्त हो जाता है, अंधकार जिसमें वर्षों से मनुष्यों का शोषण होता चला आ रहा है। उनमें उत्सुकता से भरी आशा को कौन जान सकता है और कैसे वे दिन-रात उसी आशा के लिए लालायित रहते हैं? ये लोग जो बुरी तरह से सताए जाते हैं, अंधकार के जेल में कैद है, बिना छूटने की आशा से, उस पल तक जब तक आशा की किरण न चमके, वे और कब तक नहीं रोते रहेंगे? ये कमजोर आत्माएं, जिन्हें विश्राम की अनुमति ही नहीं दी गयी, सच में दुर्भाग्य से पीड़ित है। वे सदियों से क्रूर रस्सियों के बधंन में हैं, और इतिहास में उनको जमी हुई बर्फ के समान मुहरबंद करके रखा गया है। किसने उनके कराहते शब्दों को कभी सुना हो? किसने उनके दयनीय चेहरे को कभी देखा? क्या आपने कभी सोचा है कि परमेश्वर का हृदय कितना व्याकुल और चिंतित है? वह निर्दोष मानव जाति को जिसे उसने अपने हाथों से रचा ऐसी पीड़ा में दुख उठाते कैसे सह सकता है? वैसे भी मानव जाति तो वे दुर्भाग्यशाली है जो विष प्रयोग किए गए है। यद्यपि वे आज के दिन तक जीवित है, किसने उनके लिए चिंता जताई- कि वे लंबे समय से उस दुष्टात्मा द्वारा विष प्रयोग किए गए है? क्या आप भूल चुके हैं कि आप शिकार हुए लोगों मे से एक है? परमेश्वर के लिए अपने प्रेम के खातिर, क्या आप उन्हें जो दिखने में जीवित तो है, बचाने के लिए भरसक प्रयत्न करने की इच्छा नहीं रखते? क्या आप परमेश्वर जो मनुष्य से अपने शरीर और लहू के समान प्रेम करता है, उसको एक कीमत चुकाने के लिए अपना सारा जोर लगाने हेतु इच्छुक नहीं हो? एक असाधारण जीवन के साथ परमेश्वर आपका प्रयोग कर रहा है- इसे कैसे कैसे समझा पाओगे? क्या सच में आपको एक धार्मिक, परमेश्वर की सेवा करन वाले, एक महत्वपूर्ण जीवन यापन करने का सकंल्प और भरोसा है?