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अफवाह पर भरोसा करना परमेश्वर के अंतिम दिनों के उद्धार को खोना है

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कलीसिया के भीतर कई भाई और बहनें जब भी किसी को अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सुसमाचार के बारे में बात करते हुए सुनते हैं, तो वे इसे सुनने में असमर्थ हो जाते हैं और जो कहा जाता है, उसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं कर पाते, क्योंकि वे सनसनीखेज अफवाहों से चौंक गए हैं। वे किसी को यह कहते हुए सुन सकते हैं: "जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करते हैं, वे वास्तव में कुछ हैं, यदि तुम उनके संपर्क में आते हो तो तुम धोखा खा जाओगे। हर धार्मिक संप्रदाय में कई सच्चे विश्वासी होते हैं और उनके पास अच्छे आंतरिक गुण होते हैं, वे वो भेड़ें हैं जो सच्चाई से प्यार करती हैं लेकिन उन्हें सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विश्वासी चुरा लेते हैं …।" या किसी ने कहा है, "सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने वाले सुसमाचार फैलाने के बारे में वास्तव में उत्साही हैं। यदि वे एक विश्वासी को धर्मान्तरित करते हैं, तो उन्हें 2,000 आरएमबी (लगभग 300 डॉलर) का पुरस्कार मिलता है। यदि वे एक कलीसियाई नेता को धर्मान्तरित करते हैं, तो उन्हें 10,000 से 20,000 आरएमबी (लगभग 1,500 से 3,000 डॉलर) मिलते हैं …।" और भी लोगों ने कहा है, "उनके पास पुरुषों और महिलाओं के बीच बहुत स्पष्ट सीमाएं नहीं हैं और वे सभी बहुत ही असंयमी हैं …।" कुछ और भी लोगों ने कहा है, "पूर्वी बिजली एक आपराधिक संगठन है। यदि तुम उनके साथ जुड़ जाते हो, तो तुम कभी भी बच कर नहीं निकल पाओगे। यदि तुम ऐसा करते हो, तो वे तुम्हारी आंखें निकाल लेंगे और तुम्हारे कान काट लेंगे, या वे तुम्हारे पैरों को तोड़ देंगे …" इत्यादि, इत्यादि। ऐसी अफवाहें ही हैं जो कुछ भाई-बहनों को जो तथ्यों के बारे में स्पष्ट नहीं हैं, विलम्ब करने, यहाँ तक कि अंतिम दिनों के परमेश्वर के उद्धार से इंकार भी कर देने के लिए उकसाती हैं। मुझे नहीं पता कि कलीसिया के भीतर किसी भी भाई-बहनों ने ईमानदारी से इस बारे में सोचा है या अध्ययन किया है कि क्या इन चीज़ों का हकीक़तों के साथ कोई मेल है या नहीं; क्या इनका कोई तथ्यात्मक आधार है? क्या तुम लोगों ने कभी सोचा है कि अगर तुम जिन अफवाहों को सुनते हो, उन सभी पर विश्वास कर लो और गलत तरीके से काम करने में बने रहो, तो किस तरह के गंभीर परिणाम होंगे? अभी के लिए, हमें इस बात पर चर्चा करने की आवश्यकता नहीं है कि इन अफवाहों का स्रोत कौन है, या वे जान-बूझकर इन अफवाहों को क्यों बनायेंगे। इसके बजाय, हम पहले इन अफवाहों के बारे में एक सरल सहभागिता करेंगे ताकि हम अपने भाइयों और बहनों को इन अफवाहों के सार को स्पष्ट रूप से देख पाने के लिए सक्षम बना सकें।

अफवाह इस तरह है: "जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करते हैं, वे वास्तव में कुछ हैं, यदि तुम उनके संपर्क में आते हो तो तुम धोखा खा जाओगे। हर धार्मिक संप्रदाय में कई सच्चे विश्वासी होते हैं और उनके पास अच्छे आंतरिक गुण होते हैं, वे वो भेड़ें हैं जो सच्चाई से प्यार करती हैं लेकिन उन्हें सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विश्वासी चुरा लेते हैं …"। आज, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अधिकांश विश्वासी वास्तव में कई अलग-अलग धार्मिक संप्रदायों से आते हैं और उनमें से कई बहुत समर्पित लोग हैं, लेकिन यह कहना कि उन सभी को धोखा दिया गया है, शुद्ध और सरल रूप में दुर्भावनापूर्ण लांछन है। ज़रा इसके बारे में सोचो: क्या यह हो सकता है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार करने के लिए इतने भिन्न-भिन्न धार्मिक संप्रदायों से आते सभी भक्तिपूर्ण लोगों को धोखा दिया जाए? क्या यह समझ में आता है कि वे किसी भी सूझ-बूझ के बिना इतने सालों तक विश्वास करते रहेंगे? अगर कुछ धोखा भी हो, तो केवल वे लोग धोखा खा सकते हैं जो साधक नहीं हैं और जो अपने विश्वास में उलझे हुए हैं। यह कैसे संभव है कि इतने सारे साधक और परमेश्वर में ईमानदारी से विश्वास करने वाले इतने सारे लोगों को धोखा दे दिया जाए? जैसा कि सभी जानते हैं, हमारा विश्वास सर्वशक्तिमान परमेश्वर में है—वह पवित्र आत्मा जो सात गुना अधिक तीव्र आत्मा है—और केवल पवित्र आत्मा का कार्य ही साधकों और सच्चे वफ़ादारों को परमेश्वर के पास लौट आने के लिए प्रेरित कर सकता है। आज, विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के ऐसे कई ईमानदार साधक हैं जिन्होंने बाइबल को बार-बार पढ़ा है और अब अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करने आए हैं, तो इससे क्या संकेत मिलता है? जिन भाइयों और बहनों के पास आध्यात्मिक तीक्ष्णता है, उन्हें जवाब मालूम है, जो यह है: सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के पास पवित्र आत्मा का कार्य है और इसमें सत्य निहित है! यदि यह खुद परमेश्वर का कार्य नहीं होता, तो कौन इतने सारे धार्मिक संप्रदायों से इन भाइयों और बहनों को इकट्ठे कर के ले आता? क्या ऐसा महान चमत्कार मनुष्य का काम हो सकता है? सर्वशक्तिमान परमेश्वर वास्तव में प्रभु यीशु की वापसी है; वह एक सच्चे परमेश्वर का प्रकटन है! वह अंतिम दिनों में कटाई-छंटाई करेगा और वह कार्य करेगा जिसमें सारे धार्मिक संप्रदाय एक ही के पास लौट आएंगे और परमेश्वर सभी सच्चे विश्वासियों को अपने राज्य में ले आएगा। इसलिए, सभी धार्मिक संप्रदायों के सच्चे विश्वास करने वाले भाई-बहन परमेश्वर की आवाज़ सुनने के बाद एक-एक करके सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सिंहासन के सामने खड़े होने के लिए, लौट आये हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर सच्चाई, मार्ग और जीवन लाया है और वह परमेश्वर की 6,000 साल की प्रबंधन योजना के रहस्यों को प्रकट करता है। वह हमें बाइबल के उन सभी रहस्यों को बताता है जिन्हें हम समझ नहीं पाये थे और जब परमेश्वर के सच्चे साधक इन सच्चाइयों को सुनते हैं और परमेश्वर के प्रकटन को देखते हैं, तो वे अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को कैसे स्वीकार नहीं करते? कौन मेमने के चरण-चिन्हों का अनुसरण करना नहीं चाहेगा? यही कारण है कि विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के इतने सारे साधकों ने अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार कर लिया है। यह विचार कि जिन लोगों ने अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार किया है, उन्होंने धोखा खाया है, स्पष्ट रूप से एक सफ़ेद झूठ है, यह अपमानजनक है, और यह परमेश्वर के लिए निंदापूर्ण है।

कुछ लोगों ने कहा है: "सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने वाले सुसमाचार फैलाने के बारे में वास्तव में उत्साही हैं। यदि वे एक एक विश्वासी को धर्मान्तरित करते हैं तो उन्हें 2,000 आरएमबी (लगभग 300 डॉलर) का पुरस्कार मिलता है। यदि वे एक कलीसियाई नेता को धर्मान्तरित करते हैं, तो उन्हें 10,000 से 20,000 आरएमबी (लगभग 1,500 से 3,000 डॉलर) मिलते हैं …।" इस झूठ के भीतर, यह उल्लेख किया गया है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विश्वासी सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सुसमाचार को फैलाने के बारे में बहुत उत्साही हैं। जबकि यह भाग वास्तव में तथ्यात्मक है, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विश्वासियों द्वारा सुसमाचार को फैलाने के लिए धन-दौलत की रिश्वत लेने के बारे में शेष बात पूरी तरह मनगढ़ंत बकवास और अपमानजनक अफवाह है। तथ्य यह है कि, सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने वाले लोग जो उसके सुसमाचार को फैलाते हैं किसी भी प्रकार का पुरस्कार नहीं पाते हैं। इसके बजाय, वे ऐसा करने के लिए अपनी बचत और कभी-कभी तो अपना सब कुछ, खर्च कर देते हैं। वे इतने उमंगी इसलिए नहीं हैं कि उन्होंने घूस खाई है, बल्कि इसलिए कि उन्होंने वास्तव में परमेश्वर के प्रकटन को देखा है, परमेश्वर के वचनों को सुना है, उन्होंने महान उद्धार प्राप्त किया है, और परमेश्वर के प्रेम का अनुभव किया है। इसलिए, वे अपना सब कुछ खर्च करने, और परमेश्वर के राज्य के सुसमाचार को फैलाने के लिए किसी भी कठिनाई या अपमान को सहन करने, के लिए तैयार हैं। वे प्रभु यीशु मसीह के मूल शिष्यों की तरह ही हैं; उन्होंने परमेश्वर के प्रकटन को देखा है और उन्होंने परमेश्वर का प्रेम पाया है। उन्होंने अपने घरों और अपने पेशों को परमेश्वर की गवाही देने के लिए त्याग दिया है; यह सच है! शायद कुछ भाई-बहनों ने अपनी आँखों से देखा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने वालों के साथ कैसा सलूक किया जाता है जब वे सुसमाचार का प्रचार करते हैं: कुछ को अपमानित किया जाता है, दूसरों को डंडों से पीटा जाता है, कुछ का पीछा किया जाता है, और दूसरों को सत्ताधारी लोगों के हाथों सजा सुनाई जाती है और क़ैद किया जाता है; वे सभी तरह के उत्पीड़न का सामना करते हैं …। मैं इस पर विचार करने के लिए हर किसी से आग्रह करता हूँ: यदि यह परमेश्वर के प्रेम और पवित्र आत्मा के कार्य के लिए न होता तो परमेश्वर के अंतिम दिनों के सुसमाचार को फैलाने के लिए खुद को स्वेच्छा से शाप, मार-पीट और घोर अपमान के लिए कौन प्रस्तुत करेगा? अंतिम दिनों में परमेश्वर के द्वारा उद्धार के सुसमाचार को फैलाने के लिए जेल के खतरों से कौन खेलेगा, यदि उन्होंने परमेश्वर का प्रकटन नहीं देखा होता? यदि यह वास्तव में धन-दौलत के बारे में होता, तो क्या संसार में बाहर जाना और इसके लिए काम करना अधिक आसान नहीं होगा? सुसमाचार फैलाने के लिए अपमान और पीड़ा को क्यों सहन किया जाए? अगर हम उन भाइयों और बहनों पर एक और नज़र डालें जो अंतिम दिनों के सुसमाचार को फैलाते हैं, तो उनमें से कितने प्रसिद्ध मार्का के या महँगे उत्पादों को पहन रहे हैं या उनका उपयोग कर रहे हैं? अगर यह अफवाह सच होती कि एक विश्वासी को लाने में उन्हें 2,000 आरएमबी और एक कलीसियाई नेता को लाएँ तो उन्हें 10,000 से 20,000 आरएमबी की रकम मिलती है, तो चीन में बड़े पैमाने पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के सुसमाचार को फैलाने से कई-कई भाई और बहन समृद्ध नहीं हो जाते? एक त्वरित सर्वेक्षण करने में कोई हानि नहीं है: चलो, देखते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया में भाइयों और बहनों में से सुसमाचार फैलाने से कौन समृद्ध हो गया है। इसलिए, "एक विश्वासी के धर्मान्तर से 2,000 आरएमबी और एक कलीसियाई नेता को लाएँ तो 10,000 से 20,000 आरएमबी की रकम मिलती है", वाली बात स्पष्ट रूप से एक झूठ है और अपमानसूचक है।

कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने कहा है: "उनके पास पुरुषों और महिलाओं के बीच बहुत स्पष्ट सीमाएं नहीं हैं और वे सभी बहुत ही असंयमी हैं …।" आओ, इस बारे में हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों पर नज़र डालें: "मैं स्वयं पवित्र परमेश्वर हूँ, मुझे दूषित नहीं किया जा सकता है, और मेरे पास अशुद्ध मंदिर नहीं हो सकता है" (वचन देह में प्रकट होता है)। और यह नियम यहाँ बहुत स्पष्ट है "दस प्रशासनिक आज्ञाएँ जिनका परमेश्वर के चयनित लोगों द्वारा राज्य के युग में पालन अवश्य किया जाना चाहिए": "मनुष्य का स्वभाव भ्रष्ट है और, इसके अतिरिक्त, उसमें भावनाएँ हैं। अपने आप में, परमेश्वर की सेवा करते समय विपरीत लिंग के दो सदस्यों को एक साथ मिलकर काम करना निषिद्ध है। जो भी ऐसा करते हुए पाए जाते हैं, उन्हें, बिना किसी अपवाद के, निष्कासित कर दिया जाएगा—किसी को भी छूट नहीं है।" हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों से देख सकते हैं कि वह पवित्र है और वह एक अशुद्ध मंदिर में नहीं रहता है। उसका धार्मिक स्वभाव मानवजाति से किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं करता है और जो कोई भी सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अनुयायी है, उसे सख्ती से परमेश्वर के प्रशासनिक नियमों का पालन करना चाहिए, अन्यथा उन्हें कलीसिया से निकाल दिया जाएगा; इसमें कोई अपवाद नहीं होगा। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार सम्पूर्ण मुख्य भूमि चीन में फैल गया है और हर जगह में उसके विश्वासी मौजूद हैं। तुम लोगों ने उन्हें स्वयं देखा होगा और सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सभी विश्वासी सम्माननीय और नेक हैं, उनके शब्द और व्यवहार उचित और सुरूचिपूर्ण हैं, वे स्वयं को आदर्श रूप से संचालित करते हैं, तर्कसंगत तरीके से बोलते हैं और काम करते हैं, मानवता रखते हैं, और उनकी जीवन-शैली प्रशंसनीय होती है। वे समाज के अन्य सदस्यों के बीच उत्कृष्ट हैं; यह एक तथ्य है! सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने वाले भाइयों और बहनों को मुख्यतः विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के बहुत ही सच्चे साधकों में से आकर्षित किया जाता है और उनमें से कई अलग-अलग संप्रदायों के नेता और सह-कर्मी रहे हैं। वे अनुग्रह के युग से जानते आये हैं कि परमेश्वर असंयमित गतिविधि से नफ़रत करते हैं और उन्होंने हमेशा प्रभु यीशु के आदेशों का पालन किया है, जो अतीत में सच्चे श्रद्धालुओं ने भी हमेशा किया है। क्या आज कोई इस तरह जान-बूझकर परमेश्वर के राज्य के प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन करेगा? अतीत में वे परमेश्वर के लिए यहाँ-वहाँ घूमे थे, उनके पास जो कुछ भी था उसे त्याग दिया, अपना क्रूस उठाया और कई सालों तक पीड़ा का सामना किया, तो क्या यह समझ में आने वाली बात है कि वे इतने सरल और बुनियादी नियम को नहीं समझते हैं? तो तुम लोग देख सकते हो, इस अफवाह की जड़ कोरी बकवास है और इसका मतलब केवल कीचड़ उछालना है।

कुछ लोगों ने कहा है कि "पूर्वी बिजली एक आपराधिक संगठन है। यदि तुम उनके साथ जुड़ जाते हो, तो तुम कभी भी बच कर नहीं निकल पाओगे। यदि तुम ऐसा करते हो, तो वे तुम्हारी आंखें निकाल लेंगे और तुम्हारे कान काट लेंगे, या वे तुम्हारे पैरों को तोड़ देंगे …"। जब वे आपराधिक संगठनों की बात करते हैं, तो हम सभी जानते हैं कि उनमें हत्यारे, आगज़नी करने वाले, और बहुत ही प्रतिशोधी लोग शामिल हैं जो सभी तरह के बुरे काम करते हैं। कोई भी ऐसे लोगों को उत्तेजित करना नहीं चाहता। यहां तक कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और उसकी पुलिस भी उनके साथ छेड़छाड़ नहीं करेगी, है ना? तो आओ, हम उन भाइयों और बहनों को देखें जो अंतिम दिनों के सुसमाचार का प्रसार करते हैं। जब वे परमेश्वर के सिंहासन के सामने लोगों को लाने के लिए जाते हैं, तो वे बाहर धकेले जाने, अपमानित होने, पीटे जाने, कुत्तों द्वारा हमला किये जाने, गिरफ्तार होने, क़ैद किये जाने और सताए जाने को सहन करते हैं। वे सभी तरह के क्रूर व्यवहार को सहते हैं। अगर ये भाई-बहन हकीक़त में अपराधी होते, तो क्या कोई वास्तव में उन से इस तरह से पेश आने की हिम्मत करेगा? उन्हें कौन मारेगा? कौन उन पर हमला करने के लिए उनके पीछे कुत्तों को छोड़ेगा? कौन उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश करेगा? कोई भी ऐसा नहीं करेगा! क्या कोई अपराधी मौखिक दुर्व्यवहार सह लेगा और जवाब नहीं देगा? क्या कोई अपराधी पिट जाएगा और पलट कर नहीं लड़ेगा? क्या तुम इस तरह के अपराधियों को जानते हो? यदि ये भाई-बहन सचमुच अपराधी होते, तो जो लोग परमेश्वर में सच्चे विश्वासी और विशेष रूप से समर्पित साधक हैं, उन्हें धर्मान्तरित करने की कोशिश क्यों करेंगे? इसके अलावा, विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के कई भाई-बहन हैं जिन्होंने परमेश्वर के अंतिम दिनों के सुसमाचार को सुना है। चाहे उन्होंने सुसमाचार को स्वीकार किया हो और फिर कलीसिया छोड़कर वापस चले गए हों, या उन्होंने इसे कभी स्वीकार ही न किया हो, तो उनमें से किसकी आंखों को निकाल लिया गया है, किसके कान काट दिये गए हैं, या पैरों को तोड़ दिया गया है? क्या इन अफवाहें फैलाने वालों की किसी भी बात का कोई तथ्यात्मक आधार है? जब वे कहते हैं कि "यदि तुम उनके साथ जुड़ जाते हो, तो तुम कभी नहीं बच निकल पाओगे", तब भी उनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं होता है। दरअसल, सभी सच्चे विश्वासी और वे लोग जो अंतिम दिनों में परमेश्वर के कार्य के बारे में वास्तव में निश्चित हैं, ऐसे सभी लोग जो कभी भी छोड़कर नहीं जाने का फैसला करते हैं, ऐसा इसलिए करते हैं कि वे छोड़ना चाहते ही नहीं हैं। ऐसा क्यों है? सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है, "परमेश्वर के देह-धारण ने सभी मतों और संप्रदायों को चकित कर दिया है, इसने उनकी मूल व्यवस्था को 'उलट-पुलट कर दिया' है, और इसने उन सभी लोगों के दिलों को हिला दिया है जो परमेश्वर की उपस्थिति के लिए तरसते हैं। कौन है जो प्रेममय नहीं? कौन परमेश्वर को देखने का अभिलाषी नहीं है? परमेश्वर कई सालों से मनुष्यों के बीच व्यक्तिगत रूप से रहा है, फिर भी मनुष्य ने कभी इसका अनुभव नहीं किया है। आज, परमेश्वर खुद प्रकट हुआ है, और जनता के सामने अपनी पहचान प्रकट की है—यह कैसे मनुष्य के दिल को प्रसन्न नहीं कर सकता था?" ("वचन देह में प्रकट होता है" से "कार्य और प्रवेश (10)")। "अंत के दिनों के दौरान, परमेश्वर एक बार फिर देहधारी बन गया, और इस बार जब उसने देहधारण किया, तो उसने अनुग्रह का युग समाप्त किया और राज्य का युग ले आया। उन सब को जो परमेश्वर के दूसरे देहधारण को स्वीकार करते हैं, राज्य के युग में ले जाया जाएगा, और वे व्यक्तिगत रूप से परमेश्वर का मार्गदर्शन स्वीकार करने में सक्षम होंगे। …वे सब जो परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन समर्पण करेंगे उच्चतर सत्य का आनंद लेंगे और अधिक बड़ी आशीषें प्राप्त करेंगे। वे वास्तव में ज्योति में निवास करेंगे, और सत्य, मार्ग और जीवन को प्राप्त करेंगे" ("वचन देह में प्रकट होता है" के लिए प्रस्तावना)। अंतिम दिनों में परमेश्वर के देहधारण ने वास्तव में धार्मिक दुनिया के विभिन्न संप्रदायों के बीच सदमे की लहरें भेजी हैं और इसने उन लोगों के दिलों को हिला दिया है जो परमेश्वर के प्रकटन के लिए तरसते हैं। विभिन्न संप्रदायों के भाइयों और बहनों का लौट कर परमेश्वर के सामने खड़े हो जाने का कारण यह है कि उन्होंने परमेश्वर के प्रकटन को देखा है, उसके वचनों को सुना है, और इसे जाना है कि अंतिम दिनों का मसीह सत्य, मार्ग और जीवन है, और यह कि केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास ही उन्हें उद्धार और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश प्राप्त करने की अनुमति देगा। इस तरह उद्धार प्राप्त करने के बाद कौन छोड़कर जाना चाहेगा? इसलिए, यह देखना आसान है कि आँखों के निकाल लिए जाने, कान के काट दिए जाने और पैरों को तोड़ दिए जाने के भय से लोगों के छोड़कर न जाने के बारे में ये अफवाहें यूं ही निहित स्वार्थ वाले लोगों के द्वारा रची गई हैं।

हमारी उपरोक्त सहभागिता से हम देख सकते हैं कि अंतिम दिनों में परमेश्वर के कार्य के बारे में निंदात्मक टिप्पणियां और कुछ नहीं बल्कि झूठ हैं, एक नितांत छल-रचना जिसका सत्य में कोई आधार नहीं हैं। एक ऐसा विश्वासी होना जो झूठ बोलता है और झूठी गवाही देता है, वो व्यवहार है जिससे परमेश्वर सबसे अधिक नफ़रत करता है और परमेश्वर द्वारा यह एक पापपूर्ण व्यवहार के रूप में माना जाता है, जैसा कि यहां बाइबल में कहा गया है: "जो सच बोलता है, वह धर्म प्रगट करता है, परन्तु जो झूठी साक्षी देता, वह छल प्रगट करता है" (नीतिवचन 12:17)। "झूठों से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु जो विश्‍वास से काम करते हैं, उन से वह प्रसन्न होता है" (नीतिवचन 12:22)। प्रभु यीशु ने कहा: "तुम अपने पिता शैतान से हो और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उसमें है ही नहीं। जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्वभाव ही से बोलता है; क्योंकि वह झूठा है वरन् झूठ का पिता है" (यूहन्ना 8:44)। यह मानते हुए कि यह कुछ ऐसा है जो परमेश्वर पसंद नहीं करता है, वे लोग ऐसा करने पर क्यों अड़े रहते हैं? यूहन्ना, अध्याय 11 के पद 47-48 में, कहता है: "इस पर प्रधान याजकों और फरीसियों ने महासभा बुलाई, और कहा, हम करते क्या हैं? यह मनुष्य तो बहुत चिह्न दिखाता है। यदि हम उसे यों ही छोड़ दें, तो सब उस पर विश्‍वास ले आएँगे, और रोमी आकर हमारी जगह और जाति दोनों पर अधिकार कर लेंगे।" मत्ती, अध्याय 28 में, इस तथ्य का ज़िक्र करता है: प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के बाद, मुख्य याजकों और प्राचीनों को डर था कि हर कोई प्रभु यीशु में विश्वास करने लगेगा और इससे वे अपनी स्थिति और आय खो बैठेंगे। फिर उन्होंने प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने के तथ्य को ढकने के लिए षड्यंत्र किया। उन्होंने सैनिकों को चांदी की रिश्वत दी और इस झूठ को रचा कि प्रभु यीशु ने कभी पुनरुत्थान नहीं किया था, और उन्होंने कहा कि जब सैनिक सो रहे थे तो शिष्यों ने मसीह के शरीर को दूर कर लिया था। हम इससे देखते हैं कि लोग झूठ रच सकते हैं, बदनामी कर सकते हैं और परमेश्वर की निंदा कर सकते हैं, जो उनकी इस बुरी प्रकृति को इंगित करता है कि वे सच्चाई से नफ़रत करते हैं और परमेश्वर के शत्रु होते हैं। वे अपने स्वयं की प्रतिष्ठा, अपने ओहदे, मुनाफ़े और शारीरिक सुखों की रक्षा के लिए ऐसा करते हैं। यह आज भी वैसा ही है। ज्यों ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने मुख्य भूमि चीन में अंतिम दिनों के अपने कार्य का विस्तार किया है, धार्मिक सम्प्रदायों के विश्वासियों के झुण्ड के झुण्ड परमेश्वर के नए कार्य को स्वीकार करने लगे हैं। जब इन संप्रदायों के कुछ नेता यह देखते हैं कि अधिक से अधिक लोग सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार करने लगे हैं, जबकि उनकी कलीसिया घटते जा रही है, तो वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य की निंदा करने के लिए सभी तरह के झूठ और बदनामी को गढ़ते हैं ताकि वे अपनी स्थिति और आय की रक्षा कर सकें। वे इसी प्रकार से भाइयों और बहनों को धोखा देते और भयभीत करते हैं ताकि उन्हें परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार करने से डरा दिया जाए; उनका उद्देश्य अपने धार्मिक समूहों को फँसाना और नियंत्रित करना है। ये लोग सर्वशक्तिमान परमेश्वर से उसी तरह का व्यवहार करते हैं जैसा फरीसियों ने प्रभु यीशु के साथ किया; वे आधुनिक काल के फरीसी हैं! इससे हम देख सकते हैं कि लोग जान-बूझ कर और उद्देश्यपूर्ण ढंग से झूठ फैलाते हैं।

अगर हम इन झूठी बातों को भेदने में असमर्थ रहते हैं और उनका अंधाधुंध अनुसरण करते हैं, तो हम उन लोगों के पक्ष में खड़े हो जाते हैं जो परमेश्वर के कार्य की निंदा करते हैं, उसका विरोध करते हैं और उसमें खलबली पैदा करते हैं। यह किसी के लिए न केवल अंतिम दिनों में परमेश्वर के उद्धार को खो देने का कारण बनता है, बल्कि यह उसे परमेश्वर की घृणा, अस्वीकृति और सजा के लिए एक पात्र में बदल देता है। यह यहूदी लोगों के बीच प्रभु यीशु के कार्य की तरह ही है, जहां फरीसियों ने उसके खिलाफ़ सभी प्रकार के झूठ और निंदा को रचा, मसलन, प्रभु यीशु की राक्षसों को बाहर निकालने की क्षमता केवल इसलिए थी क्योंकि वह राक्षसों के राजकुमार बालज़बूल को जादू से प्रकट करता था, साथ ही अन्य निंदात्मक बातें भी थीं। इसलिए, कई यहूदी लोगों ने परमेश्वर के विरोध का बुरा मार्ग अपना लिया था जब उन्होंने समझदारी की कमी के कारण, फरीसियों के झूठ को अंधाधुंध स्वीकार कर लिया और जो कुछ देखा था, उसका सावधानी से अध्ययन नहीं किया, और इस तरह उन्होंने प्रभु यीशु को त्याग देने और उसकी हत्या करने के लिए फरीसियों का अनुसरण किया। फरीसियों ने परमेश्वर के बारे में झूठ और निंदा का प्रसार किया, और हम सभी जानते हैं कि उनका क्या अंजाम हुआ, लेकिन उन यहूदी लोगों का क्या हुआ जिन्होंने उस झूठ और निंदात्मक बातों को सच माना, क्या उनका अंत उतना ही दुखद नहीं था? यहूदी राज्य नष्ट हो गया और यहूदी लोग सभी दिशाओं में बिखर गए। 2,000 साल तक उनके पास लौटने के लिए कोई घर नहीं था और परमेश्वर ने उन्हें फरीसियों की तरह दंडित किया था। क्या ये फरीसियों के झूठ को सत्य के रूप में लेने और परमेश्वर का विरोध करने के नतीजे नहीं हैं? तो हम देख सकते हैं कि जो लोग बिना किसी श्रद्धायुक्त ह्रदय के परमेश्वर पर विश्वास करते हैं और जो परमेश्वर के नए कार्य की जांच नहीं करते हैं, और जो आसानी से झूठ पर विश्वास कर लेते हैं, वे शैतान के साथ सह-अपराधी बन जाते हैं और परमेश्वर का विरोध करने वाले दुष्ट बन जाते हैं। अंत में, वे परमेश्वर के उद्धार को खो देंगे। यह आज भी वैसा ही है, जैसा कि तब था। परमेश्वर के विश्वासियों और अनुयायियों के रूप में, परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य का सामना करते समय, हमें श्रद्धायुक्त ह्रदय के साथ इसे खोजना और इसका अध्ययन करना चाहिए। अगर हम परमेश्वर के कार्य के साथ तालमेल रखना चाहते हैं और परमेश्वर से अंतिम दिनों के उद्धार को प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह रवैया ही एकमात्र तरीका है। अन्यथा हम अतीत के यहूदी लोगों की तरह बन जाएंगे जो शैतान द्वारा शोषित साधन बन गए थे, जिन्होंने परमेश्वर का विरोध किया, और जो परमेश्वर के घोर शत्रु बन गए और इस प्रकार परमेश्वर की सजा के अधीन हो गए।

हमें पता होना चाहिए कि अफवाहें शैतान की चालें हैं, और अफवाहें परमेश्वर के कार्य का विरोध करने के तरीके हैं। बहरहाल, परमेश्वर का ज्ञान शैतान की चाल से हमेशा एक कदम आगे होता है। शैतान न केवल परमेश्वर के कार्य में गड़बड़ी करने में असमर्थ है, बल्कि इसके बजाय वह परमेश्वर के कार्य को और अधिक प्रभावी बनाता है। जैसे कि यहूदी धर्म-शास्त्रियों और फरीसियों ने प्रभु यीशु के कार्य का विरोध करने और उसकी निंदा करने के लिए इतनी कठोर मेहनत की; उन्होंने प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए रोम के साथ साजिश की, लेकिन जब प्रभु यीशु ने कहा कि "पूरा हुआ", तो उनके पास इसका वास्तविक महत्त्व जानने का कोई उपाय नहीं था। यह इसे इंगित करता है कि परमेश्वर ने अपनी योजना को पूरा करने और उसके द्वारा मानवजाति के छुटकारे को पूरा करने के लिए शैतान की चाल का उपयोग किया। आज बात कुछ अलग नहीं है। भले ही विभिन्न धार्मिक संप्रदायों में ऐसे नेता और सहकर्मी हों जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य का विरोध करने के लिए अपने स्वयं के सुविचारित और घृणित साधनों का उपयोग करते हुए झूठ और अफवाहें पैदा करते हों, बहरहाल, इनमें से कोई भी चाल परमेश्वर के कार्य को नुकसान पहुंचाने में सक्षम नहीं है। बजाए इसके, परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य के तहत वे मनुष्यों को अपनी-अपनी क़िस्म के अनुसार वर्गीकृत करने तथा अच्छे को पुरस्कृत और बुरे को दंडित करने के उद्देश्य की पूर्ति में फायदेमंद हैं। यद्यपि उनके झूठ ने कुछ भाइयों और बहनों को धोखा दिया है, फिर भी जो लोग नेकी से परमेश्वर के प्रकटन की तलाश में हैं, वे अंततः परमेश्वर के सिंहासन के सामने खड़े होने के लिए लौट आये हैं। झूठ "जंगली दानों" को कसकर बाँध सकता है लेकिन इस झूठ का "गेहूँ के दानों" पर कोई प्रभाव नहीं होता है। हवा के झोंके फूस को उड़ा देते हैं, जबकि अनाज के मोटे दाने अंततः अन्नागार में जमा होंगे। इसी बात को एक और तरीके से कहें तो, झूठ उन लोगों को प्रकट कर देगा और हटा देगा जो परमेश्वर के नहीं हैं, जिनके पास परमेश्वर के प्रति श्रद्धा नहीं है, और जो अनुसारक हैं। लेकिन सच्चाई के असली साधकों को जो परमेश्वर के प्रकटन के लिए तरसते हैं, परमेश्वर द्वारा एक सुंदर गंतव्य पर ले जाया जाएगा। इस तरह, शैतान की चालें परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य के तहत मनुष्यों को अपनी-अपनी क़िस्म के अनुसार वर्गीकृत करने, और साथ ही अच्छे को पुरस्कृत करने और बुराई को दंडित करने के उद्देश्य को पूरा करने में मदद करती हैं, क्या यह परमेश्वर की सर्वशक्तिमत्ता और बुद्धिमत्ता का एक महान उदाहरण नहीं है?

हम यहां हमारी सहभागिता को समाप्त करेंगे। मेरा मानना है कि जब तुम सब लोग अफवाहों का सामना करते हो, तो तुम लोग उनके कारण, उनके सार और उनकी अपकारिता को समझोगे! और अब, सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंतिम दिनों का कार्य अभूतपूर्व नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया है और अपने गौरवशाली अंत के करीब है, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर, सभी राष्ट्रों और सभी लोगों के देखने के लिए, खुद को प्रकट करेगा। इस तरह की एक निर्णायक घड़ी में, क्या तुम केवल कुछ अफवाहों पर विश्वास कर, अपने जीवन को खोने और परमेश्वर के अंतिम दिनों के उद्धार को त्यागने के लिए तैयार हो? मैं जानता हूँ कि तुम बुद्धिमत्तापूर्ण चुनाव करोगे।

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