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धर्मोपदेश और संगति: एक सच्चा विजेता बनने के लिए उत्पीड़न और पीड़ा का अनुभव करें

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आज, क्योंकि हम परमेश्‍वर में विश्वास करते हैं, सत्य की खोज करते हैं और जीवन में सच्‍चे मार्ग पर चलते हैं, हम सीसीपी के उग्र अत्याचार और उत्पीड़न का सामना करते हैं। ये बहुत अर्थपूर्ण बात है! ऐसा इसलिये कि परमेश्‍वर सीसीपी की शैतानी सत्ता का उपयोग विजेताओं के एक समूह को पूर्ण करने में कर रहे हैं, और साथ ही उन लोगों का खुलासा और विनाश कर रहे हैं, जो परमेश्‍वर में ईमानदारी से विश्वास और सत्य से प्रेम नहीं करते हैं। सच्चे विजेता वे हैं जो सीसीपी की दमनकारी सत्ता के अंदर रहते हुए, परमेश्‍वर के वचनों को सच्चे विश्वास के साथ अनुभव कर सकते हैं, सीसीपी के उग्र दबाव और क्रूर उत्पीड़न को अनुभव करते हुए, दुष्ट शैतान के असली रंगों को पूरी तरह देख पाते हैं, और फिर शैतान से घृणा कर, उसका परित्याग कर, ईमानदारी से परमेश्‍वर की ओर मुड़ कर, उद्धार प्राप्त कर सकते हैं और पूर्ण किये जा सकते हैं! विजेता सीसीपी की शैतानी सत्ता द्वारा परमेश्‍वर के विरोध और परमेश्‍वर के चुने हुए लोगों के उत्पीड़न के विशेष वातावरण में बनाए जाते हैं। सीसीपी के शैतानों के अत्याचार और उत्पीड़न से बने हुए कठोर वातावरण के बिना, सच्चे विजेता नहीं बनाए जा सकते। जो लोग सच्चाई से परमेश्‍वर को पाना चाहते हैं, उन पर सीसीपी चाहे कितना भी अत्याचार करे, चाहे कितना ही कड़ा वातावरण क्यों न हो जाए, वे फिर भी परमेश्‍वर का अनुसरण करेंगे, अपना कर्तव्य निभाएंगे, सत्य की खोज में अपना सब कुछ दांव पर लगा देंगे, और परमेश्‍वर में अधिक से अधिक विश्वास करेंगे! वे सीसीपी के न्याय के दमन और दुष्टता के समर्थन, उसके न्यायहीन, विकृत एवं दुष्ट, प्रतिक्रियावादी सार को समझ पाएंगे। वे साफ़ तौर पर देख पाएंगे कि सीसीपी वो शैतान है जो मानवजाति को भ्रष्ट और पीड़ित करती है और उसे निगल जाती है, इसलिए वे उससे और अधिक घृणा करेंगे, उसके विरूद्ध बगावत करेंगे और सच्चाई के साथ परमेश्‍वर की ओर मुड़ जाएंगे। हालांकि सीसीपी की शैतानी सत्ता द्वारा लाई गई विषमता के माध्यम से, वे परमेश्‍वर की धार्मिकता, पवित्रता, सुंदरता और अच्छाई को भी जान गए हैं। मानवजाति को परमेश्‍वर सिर्फ प्रेम और उद्धार प्रदान करते हैं! परमेश्‍वर के प्रति उनका जो प्रेम और विश्वास है वो बढ़ गया है, और उनके हृदय परमेश्‍वर के ज्यादा करीब आ गए हैं। ये लोग सीसीपी की शैतानी सत्ता के अंधकारमय प्रभाव से पूरी तरह टूट चुके हैं और विजेता की गवाही देते हैं। ये परमेश्‍वर द्वारा दारूण दुःख के बीच विजेता बनाए गए लोग हैं, ये ऐसे लोगों का समूह भी हैं जो मसीह के "दुःख, राज्य और धैर्य" का हिस्सा हैं। वे मसीह के सच्चे गवाह हैं, वे 144,000 विजेता जिनका प्रकाशितवाक्य में उल्लेख है, वे जो परमेश्‍वर के राज्य में प्रवेश करेंगे और शाश्वत जीवन प्राप्त करेंगे! इसीलिए विश्वास और सत्य की खोज के लिए हमारा सीसीपी के अत्याचार का अनुभव करना कितना अर्थपूर्ण है! जैसा कि प्रभु यीशु ने कहा थाः "धन्य हैं वे, जो धार्मिकता के कारण सताए जाते हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है। धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, और सताएँ और झूठ बोल बोलकर तुम्हारे विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें" (मत्ती 5:10-11)। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "संभवतः तुम सबको ये वचन स्मरण होंगे: 'क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।' अतीत में तुम सबने यह बात सुनी है तो भी किसी ने इन वचनों का सही अर्थ नहीं समझा। आज, तुम सभी अच्छे से जानते हो कि उनका वास्तविक महत्व क्या है। ये वह वचन है जिन्हें परमेश्वर अंतिम दिनों में पूरा करेगा। और ये वचन उन में पूरे होंगे जो विशाल लाल अजगर द्वारा निर्दयतापूर्वक पीड़ित किये गए हैं, उस देश में जहां वह रहता है। यह बड़ा लाल अजगर परमेश्वर को सताता है और परमेश्वर का शत्रु है, इसलिए इस देश में, जो परमेश्वर पर विश्वास करते हैं उन्हें अपमानित किया जाता और सताया जाता है। इस कारण ये शब्द तुम्हारे समूह के लोगों में वास्तविकता बन जाएंगे" ("वचन देह में प्रकट होता है" से "क्या परमेश्वर का कार्य इतना सरल है, जितना मनुष्य कल्पना करता है?")। अब परमेश्‍वर द्वारा विजेताओं को पूर्ण किये जाने का स्वर्णिम समय है । जब सीसीपी का पतन होगा, तो ये विजेता परमेश्‍वर के विजय की गवाही देने के लिए जनसाधारण के बीच खड़े होंगे! जब परमेश्‍वर की उनकी गवाही चरम पर पंहुच जाएगी, परमेश्‍वर का राज्य आधिकारिक रूप से पृथ्वी पर कायम हो जाएगा! मानवजाति को बचाने का परमेश्‍वर का कार्य तब पूरा हो जाएगा। जो लोग बचाए जा चुके होंगे और परिशुद्ध हो चुके होंगे वे तब तक व्यवस्थित हो चुके होंगे। अगर हम तब तक विश्वास करने की प्रतीक्षा करते हैं, तो हम परमेश्‍वर द्वारा विजेता बनाए जाने के अवसर को चूक जाएंगे। ऐसे लोग विजेता की गवाही न दे पाएंगे और न ही परमेश्‍वर के राज्य में प्रवेश कर पाएंगे। अगर वे बच भी जाते हैं, तो वे सिर्फ "सेवा करने" वालों के रूप में गिने जाएंगे और परमेश्‍वर के राज्य के सदस्य न होंगे।

"विजय गान" फ़िल्म की स्क्रिप्ट से लिया गया अंश

कुछ लोग कहते हैं, "परमेश्वर सर्वशक्तिमान है। एक बार जब बड़ा लाल अजगर हमारे भाइयों और बहनों को पकड़ लेता है, तो वह उनकी रक्षा क्यों नहीं करेगा?" परमेश्वर की एक उक्ति है, "शैतान की युक्तियों के आधार पर मेरी बुद्धि प्रयुक्त की जती है।" परमेश्वर के कार्य के इस चरण के लिए, उसने चीन को क्यों चुना है? ऐसा इसलिए है क्योंकि परमेश्वर ने बड़े लाल अजगर को चीन में रहने के लिए इसे उसके विश्राम स्थल के रूप में पूर्वनियत किया था। और इसलिए, अंत के दिनों के दौरान परमेश्वर के कार्य के चरण में, परमेश्वर ने अतीत के संतों के लिए चीन में फिर से पैदा होने की व्यवस्था की है। इसके बाद, परमेश्वर का देहधारी शरीर भी चीन में जन्मा। बड़े अजगर के प्रभाव और उत्पीड़न के माध्यम से, परमेश्वर अपना कार्य करता है। यह इन्हीं परिस्थितियों में है कि परमेश्वर के चुने हुए लोग परमेश्वर के कार्य से गुज़रते हैं। बड़े लाल लाल अजगर के भयानक उत्पीड़न के माध्यम से परमेश्वर द्वारा विजेताओं का एक समूह बनाने के बाद, क़यामत आएगी, और परमेश्वर तुरंत बड़े लाल अजगर को नष्ट कर देगा। परमेश्वर यहाँ जो कहता है वह बहुत स्पष्ट और विस्तृत है, और यदि जब कभी भी निवृत्त होने पर आप परमेश्वर के वचन को पढ़ेंगे, तो यह आपकी समझ में आ जाएगा।

जीवन में प्रवेश पर धर्मोपदेश और संगति से (श्रृंखला 133)

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