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सीसीपी की धार्मिक नीति के सत्य को उजागर करना इसकी रचना का मुखौटा है

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मा जिन्लोंग (राष्ट्रीय सुरक्षा दल का कप्तान(अध्यक्ष)): हान लू, तुम्हारे लिए फायदे का मौका है। अगर तुम हमें बताओगी कि तुम्हारे अगुआ कौन हैं और तुम्हारी कलीसिया का पैसा कहाँ जमा है। हम तुम्हारे साथ नरमी से पेश आयेंगे। स्वभाविक रूप से, अगर तुम अच्छे से बताती हो, यह कहने की जरूरत ही नहीं कि हम तुम्हें जाने देंगे।

चेन जुन (राष्ट्रीय सुरक्षा दल का उप-कप्तान(उपाध्यक्ष): हूँ! नोटबुक के रिकार्ड्स के अनुसार, कलीसिया के पैसों का आँकड़ा उसमें लिखा गया है। यह साबित करता है कि तुम कलीसिया की एक अगुवा हो! कलीसिया के पास कितना पैसा है? ये कहाँ जमा है? तुम्हारे उच्च अधिकारी कौन हैं? जल्दी से बताओ!

हान लू (एक ईसाई): हम परमेश्वर के विश्वासी न तो क़ानून तोड़ते हैं न ही अपराध करते हैं। मुझसे एक अपराधी की तरह पूछताछ करने का आप सब को क्या अधिकार है? हम परमेश्वर की गवाही देने के लिए सुसमाचार का उपदेश देते हैं, ताकि लोगों को सत्य की प्राप्ति करने, पापों से छुटकारा पाकर परमेश्वर से उद्धार के काबिल बनाने, और सुंदर मंजिल में प्रवेश करने के लिए, परमेश्वर के सामने लाया जा सके। ये अच्छे कार्य हैं, धर्मी कर्म हैं। हम परमेश्वर के विश्वासियों ने किसी क़ानून का उल्लंघन नहीं किया है। आप लोग मुझसे किस बात की सफाई चाहते हैं? संविधान में साफ़ तौर पर आस्था की आज़ादी दी गयी है। आप लोग संविधान के अनुसार कार्य क्यों नहीं करते? आप लोग मुझसे इस बात की पूछताछ कर रहे हैं कि मेरे प्रमुख कौन हैं और कलीसिया के पास कितना पैसा है। इसका मकसद क्या है? क्या यह क़ानूनी है?

चेन जुन: तुम हम पर संविधान थोपना चाहती हो। क्या संविधान तुम लोगों के लिए लिखा गया था? क्या तुम लोग संविधान के बारे में बात करने लायक हो? कम्युनिस्ट पार्टी के शासन में, कम्युनिस्ट पार्टी ही सर्वेसर्वा है! कम्युनिस्ट पार्टी नास्तिक है और परमेश्वर में विश्वास रखनेवालों के सबसे ज़्यादा खिलाफ है। परमेश्वर में तुम लोगों का विश्वास कम्युनिस्ट पार्टी के कानूनों का उल्लंघन है, कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिबंध का उल्लंघन है। इसलिए कम्युनिस्ट पार्टी इस पर कड़ी कार्यवाही करेगी। जैसे ही हम तुम सब परमेश्वर के विश्वासियों को पकड़ लेंगे, हम तुम सबसे निपटेंगे और जैसे चाहे तुम लोगों से पूछताछ करेंगे। यह पार्टी केन्द्रीय समिति द्वारा हमें दिया गया विशेष अधिकार है! ख़ास तौर पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के तुम लोगों जैसे मुख्य लोगो को, तुम लोगों को तो कड़ी सज़ा देनी चाहिए, और हमें हत्या से भी परहेज नहीं है! यह कम्युनिस्ट पार्टी की नीति है! कम्युनिस्ट पार्टी की नीति ही असली क़ानून है! संविधान क्या चीज़ है? यह कम्युनिस्ट पार्टी के शासन की सेवा करने का एक उपकरण है! क्या अब तुम समझ गयी?

हान लू: संविधान किसी देश का मौलिक क़ानून होता है। दुनिया भर के सरकारी अधिकारी संविधान के अनुसार कार्य और शासन करते हैं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी संविधान का पालन नहीं करती बल्कि खुले आम इसे रौंदती है। आप लोगों ने खुद अपने शब्दों में कहा कि संविधान के ऊपर कम्युनिस्ट पार्टी का असली क़ानून है आप लोगों के पास कितने तरह के कानून हैं? अगर चीन की कम्युनिस्ट सरकार के पास संविधान से अलग कानूनों का एक पुलिंदा है, क्या यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है कि साम्यवादी राज्य में, सत्ता क़ानून से बड़ी है? चीन की कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा तैयार किया गया संविधान चीनी नागरिकों के अनुपालन के इरादे से नहीं बना हैं, यहाँ तक कि खुद सरकार भी संविधान द्वारा बाध्य नहीं है। तो फिर संविधान का उपयोग क्या है? फायदा क्या है?

मा जिन्लोंग: दशकों से चीन में रहने के बाद भी, तुम अभी तक यह जान नहीं पायी? कम्युनिस्ट पार्टी एक नास्तिक पार्टी है, एक क्रांतिकारी पार्टी है। क्यों यह परमेश्वर पर विश्वास करने वालों के इतना खिलाफ है? ऐसा इसलिए क्योंकि कम्युनिस्ट पार्टी बाइबल और परमेश्वर के वचन की कट्टर विरोधी है! जब कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में आती है, तो अपना स्थायी शासन सुनिश्चित करने के लिए, यह सभी धर्मों को प्रतिबंधित और खत्म करके अंत में चीन में एक परमेश्वर-मुक्त अधिकार क्षेत्र की स्थापना करेगी! धार्मिक आस्थाओं से निपटने में कम्युनिस्ट पार्टी की यह सर्वोच्च नीति है! धार्मिक आज़ादी के लिए संवैधानिक व्यवस्था विदेशियों को दिखाने, कम्युनिस्ट पार्टी के शासन की राजनीतिक ताकत को मजबूत करने और अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव को बढ़ाने का एक राजनीतिक माध्यम है। जब तक चीन में कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में है, तब तक धार्मिक स्वतंत्रता का सपना तक मत देखना! अगर तुम लोग जिद्दीपन में परमेश्वर में विश्वास के मार्ग पर चलते हो, तुम लोग मौत को बुलावा दे रहे हो! भले ही तुम लोगों को गोली मारने वाले दल का सामना न करना पड़े, तुम सड़ोगे और जेल में मरोगे। क्या अब तुम अब यह बात समझ गयी? क्या मुझे और अधिक समझाने की जरूरत है?

चेन जुन: चीन, कम्युनिस्ट पार्टी की दुनिया है। जब तुम चीन में पैदा हुई हो, तुम्हें कम्युनिस्ट पार्टी की बात सुननी होगी, तुम्हें एक शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए, एक अनुरूप नागरिक बनना होगा। तुम आज़ादी से परमेश्वर में विश्वास करना चाहती हो? संभव ही नहीं है! यहाँ तक कि अगर तुम परमेश्वर में विश्वास करने के लिए विदेश भाग जाओ, हम फिर भी तुम्हें वापस करवा लेंगे। मैं तुम्हें बताता हूँ, कम्युनिस्ट पार्टी एक क्रांतिकारी पार्टी है। अगर तुम कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व का विरोध करोगी, तो कम्युनिस्ट पार्टी तुम्हारी ज़िन्दगी खत्म कर देगी, तुम्हारा सिर कलम कर देगी! मैं तुम्हें अकलमंदी से काम करने और हमारे साथ अच्छे से सहयोग करने की सलाह देता हूँ। और विकल्प सिर्फ मौत है! तुम्हें इस बारे में अच्छी तरह से सोचने की जरूरत है!

हान लू: मैं समझ नहीं पा रही हूँ कि कम्युनिस्ट पार्टी को धार्मिक आस्थाओं के खिलाफ प्रहार करने और उसे उन्हें दबाने की ज़रूरत क्यों है। ईसाईयों के साथ वांछित अपराधियों की तरह व्यवहार क्यों किया जा रहा है? क्रांतिकारी साधनों से क्यों उन्हें कुचला और सताया जा रहा है। यहाँ तक कि मृत्यु तक प्रताड़ित किया जा रहा है? यह अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के मानकों पर खरा नहीं उतरता है! परमेश्वर पर विश्वास करने वाले लोग परमेश्वर का गुणगान और आदर करते हैं। वे सत्य की खोज को महत्व देते हैं और परमेश्वर के वचन के अनुसार जीते हैं। वे क़ानून का पालन करने वाले नागरिक हैं जो जीवन के सही मार्ग पर चलते हैंI कम्युनिस्ट पार्टी परमेश्वर पर विश्वास करने वालों को क्यों रास्ते के काँटे और कठोर दुश्मन की तरह मानती है जो साथ-साथ नहीं रह सकते हैं? क्या इसका मतलब यह है कि चीनी कम्युनिस्ट सरकार चाहती है कि लोग भ्रष्ट और बुरे मार्ग का अनुसरण करें, और वह उन्हें सही मार्ग पर जाने से रोकती है? कोई हैरानी नहीं कि चीनी समाज अधिक से अधिक अंधकारमय और बुरा हो रहा है। क्या यह कम्युनिस्ट पार्टी के सच्चाई से नफरत करने, न्याय पर हमला करने, और परमेश्वर से शत्रुता रखने का परिणाम नहीं है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "किसी देश का उत्थान और पतन इस बात पर आधारित होता है कि क्या इसके शासक परमेश्वर की आराधना करते हैं, और क्या वे अपने लोगों को परमेश्वर के निकट लाने और आराधना करने में उनकी अगुआई करते हैं।... परमेश्वर उन लोगों को समृद्ध करवाएगा जो उसका अनुसरण करते और उसकी आराधना करते हैं, और उनका पतन और विनाश करेगा जो उसका विरोध करते हैं और उसे अस्वीकार करते हैं।"

चेन जुन: हान लू! ऐसा लगता है तुम सच में कम्युनिस्ट पार्टी को समझती हो। मैं मानता हूँ, जब से कम्युनिस्ट पार्टी ने सत्ता संभाली है इसने बुरे काम करने बंद नहीं किये। इसने अब लोगों के प्रतिरोध को भड़का दिया है। लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी की नज़र में लोग क्या हैं? कम्युनिस्ट पार्टी इसकी परवाह नहीं करती! मैं आज तुम्हें सच बताता हूँ, कम्युनिस्ट पार्टी एक शैतानी पार्टी है, शैतानी कुपंथ जो परमेश्वर का विरोध करती है। कार्ल-मार्क्स, व्लादीमिर लेनिन, जोसेफ स्टालिन, और माओ ज़ेडोंग शैतानी कुपंथ के नेता थे। वे परमेश्वर के कट्टर दुश्मन थे जिन्होंने ख़ास तौर पर परमेश्वर के खिलाफ काम किया था। तो किसी का भी कम्युनिस्ट पार्टी का विरोध करना, या लोगों का उससे नफरत करना बेकार है। कम्युनिस्ट पार्टी के पास टैंक और मशीन-गन हैं। जो भी कम्युनिस्ट पार्टी का विरोध करता है हम उसका दमन और सफाया कर देंगे। कम्युनिस्ट पार्टी नास्तिक है जबकि परमेश्वर के विश्वासी तुम लोग आस्तिक हो। कम्युनिस्ट पार्टी और परमेश्वर के विश्वासी बस दुश्मन हैं। यह विचारधारा वर्गों का एक घातक संघर्ष है। क्या तुम समझी? तुम्हें यह भी पता होना चाहिए कि कम्युनिस्ट पार्टी की आस्था एक गंभीर संकट का सामना कर रही है। अब कोई भी साम्यवाद के सिद्धांत में विश्वास नहीं करता। अधिकांश चीनी लोग अपने दिल में परमेश्वर की मौजूदगी को पहचानते हैं। वे सभी भाग्य और कर्म के अस्तित्व को मानते हैं। इसलिए अब अधिक से अधिक लोग परमेश्वर में विश्वास कर रहे हैं। मुझे बताओ, कैसे कम्युनिस्ट पार्टी तुम लोगों का दमन क्यों नहीं कर सकती?! अपनी राजनीतिक सत्ता को बनाए रखने के लिए कम्युनिस्ट पार्टी कुछ भी करने में सक्षम है, यहाँ तक कि युद्ध शुरू करने और मानवजाति के नरसंहार की कीमत पर भी। कम्युनिस्ट पार्टी ऐसा करने में सक्षम है। कौन इसे रोक सकता है?

हान लू: कम्युनिस्ट पार्टी में कुचलने और नरसंहार की क्षमता है। लेकिन कोई प्रतिकार नहीं है? रोमन सरकार ने पागलपन के साथ प्रभु यीशु के कार्य का विरोध और निंदा की, और ईसाइयों को बेरहमी से पकड़ा और मार डाला। परमेश्वर ने महामारी भेजी और रोमन प्रशासन का खात्मा कर दिया। इस्राइलियों ने प्रभु यीशु का विरोध और निंदा की और उन्हें सूली पर चढ़ा दिया। परमेश्वर ने दो हज़ार सालों के लिए इस्राइल का अस्तित्व मिटा दिया। प्राचीन काल से लेकर आज तक, जिन लोगों ने भी परमेश्वर के विरुद्ध काम किया, उन सभी को क्या परमेश्वर ने तबाह नहीं कर दिया? लोग अक्सर कहते हैं कि प्रकृति के सामने मनुष्य की कोई औकात नहीं। तो क्या मनुष्य सृष्टिकर्ता के सामने और अधिक तुच्छ नहीं हैं? "अच्छाई से अच्छाई जन्म लेती है, बुराई से बुराई।" यह एक सच्चाई है, जिसे कोई भी नकार नहीं कर सकता। स्वर्ग के क़ानून की मौजूदगी परमेश्वर के प्रभुत्व की वास्तविकता हैI भले ही आप लोग परमेश्वर को न पहचानें, तो क्या आप लोगों को कर्म को स्वीकार नहीं करना चाहिए?

"विपरीत परिस्थितियों में मधुरता" नामक फ़िल्म की पटकथा से