सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप

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आपदा से पहले परमेश्वर द्वारा बनाए गए विजेता उसके 6,000-वर्षीय प्रबंधन कार्य का क्रिस्टलीकरण हैं। तो इन विजेताओं के लिए परमेश्वर के वादे और आशीष क्या हैं?

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संदर्भ के लिए बाइबल के पद:

"जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है। जो जय पाए, मैं उसे उस जीवन के पेड़ में से जो परमेश्‍वर के स्वर्गलोक में है, फल खाने को दूँगा" (प्रकाशितवाक्य 2:7)।

"जो जय पाए, उस को मैं गुप्‍त मन्ना में से दूँगा , और उसे एक श्‍वेत पत्थर भी दूँगा; और उस पत्थर पर एक नाम लिखा हुआ होगा , जिसे उसके पानेवाले के सिवाय और कोई न जानेगा" (प्रकाशितवाक्य 2:17)।

"जो जय पाए उसे इसी प्रकार श्‍वेत वस्त्र पहिनाया जाएगा, और मैं उसका नाम जीवन की पुस्तक में से किसी रीति से न काटूँगा; पर उसका नाम अपने पिता और उसके स्वर्गदूतों के सामने मान लूँगा" (प्रकाशितवाक्य 3:5)।

"देख, परमेश्‍वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है। वह उनके साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्‍वर आप उनके साथ रहेगा और उनका परमेश्‍वर होगा" (प्रकाशितवाक्य 21:3)।

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन:

सर्वशक्तिमान परमेश्वर! हम तेरी जय-जयकार करते हैं; हम नृत्य करते और गाते हैं। तू वास्तव में हमारा उद्धारकर्ता, ब्रह्मांड का महान सम्राट है! तूने विजेताओं का एक समूह बनाया है, और परमेश्वर की प्रबंधन योजना पूरी की है। सभी लोग इस पर्वत की ओर प्रवाहित होंगे। सभी लोग सिंहासन के सामने घुटने टेकेंगे! तू ही एक और एकमात्र सच्चा परमेश्वर है और तू ही महिमा और सम्मान के योग्य है। समस्त महिमा, स्तुति और अधिकार सिंहासन का हो! जीवन का झरना सिंहासन से प्रवाहित होता है, यह परमेश्वर के लोगों को सींचता और पोषित करता है। जीवन प्रतिदिन परिवर्तित होता है; नई रोशनी और नया प्रकाशन हमारे साथ होते हैं, हमें सदा परमेश्वर का पूरा अंतर्ज्ञान कराते हैं। अनुभूतियों के माध्यम से हम परमेश्वर के विषय में दृढ़ होते हैं; उसके वचन हमेशा उनमें प्रकट हो रहे प्रतीत होते हैं, जो सही हैं। हम सचमुच बहुत धन्य हैं! हर दिन परमेश्वर के आमने-सामने रह रहे हैं, हर बात में परमेश्वर के साथ संवाद कर रहे हैं, और सभी बातों में परमेश्वर को संप्रभुता दे रहे हैं। हम सावधानीपूर्वक परमेश्वर के वचन पर विचार करते हैं, हमारे हृदय परमेश्वर में शांत हैं, और इस प्रकार हम परमेश्वर के सामने आते हैं जहाँ हमें उसका प्रकाश मिलता है। हमारे दैनिक जीवन में, क्रियाओं, वचनों, विचारों और धारणाओं में, हम परमेश्वर के वचन के भीतर जीते हैं, और हमारे पास हमेशा पास हमेशा विवेक है। परमेश्वर का वचन सुई में धागा पिरोता है; भीतर छिपी हुई चीज़ें अप्रत्याशित ढंग से एक-एक करके प्रकट होती हैं। परमेश्वर के साथ संगति में अब देर नहीं की जा सकती है; विचार और धारणाएँ परमेश्वर के द्वारा उघाड़ कर रख दी जाती हैं। हर पल हम मसीह के आसन के सामने जी रहे हैं जहाँ हम न्याय से गुज़रते हैं। हमारे शरीर का हर क्षेत्र शैतान के कब्ज़े में रहता है। आज, परमेश्वर की संप्रभुता को पुनर्प्राप्त करने के लिए उसके मंदिर को शुद्ध अवश्य किया जाना चाहिए। पूरी तरह से परमेश्वर के अधीन होने के लिए, हमें अवश्य जीवन-मरण की लड़ाई से गुज़रना होगा। जब हमारी पुरानी अस्मिता को सलीब पर चढ़ा दिया जाता है केवल तभी मसीह का पुनरुत्थित जीवन संप्रभुता में शासन कर सकता है।

अब पवित्र आत्मा उद्धार की लड़ाई शुरू करने के लिए हमारे हर कोने में धावा बोलता है! जब तक हम खुद से इनकार करने और परमेश्वर के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं, तब तक परमेश्वर किसी भी समय हमारे अन्तर्भाग को रोशन और शुद्ध करेगा, और उसका नए सिरे से उद्धार करेगा जिस पर शैतान ने कब्ज़ा कर रखा है, ताकि हम जितनी शीघ्रता से हो सके, परमेश्वर द्वारा परिपूर्ण किए जा सकें। समय बर्बाद मत करो, और हमेशा परमेश्वर के वचन के भीतर रहो। संतों के साथ बढ़ो, राज्य में लाए जाओ, और परमेश्वर के साथ महिमा में प्रवेश करो।

"वचन देह में प्रकट होता है" से "पहला कथन" से

अब मैं निर्बाध अपने लोगों के मध्य चल रहा हूं, मेरे लोगों के मध्य में रहता हूं। आज, जो मेरे लिए वास्तविक प्रेम रखते हैं, ऐसे लोग ही धन्य हैं; जो मुझे समर्पित रहते हैं वे धन्य हैं, वे निश्चय ही मेरे राज्य में रहेंगे; जो मुझे जानते हैं वे धन्य हैं, वे निश्चय ही मेरे राज्य में शक्ति प्राप्त करेंगे; जो मेरा अनुसरण करते हैं वे धन्य हैं, वे निश्चय ही शैतान के बंधनों से स्वतंत्र होंगे और मेरी आशीषों का आनन्द लेंगे; वे लोग धन्य हैं जो अपने आप को मेरे लिए त्यागते हैं, वे निश्चय ही मेरे राज्य को प्राप्त करेंगे और मेरे राज्य का उपहार पाएंगे। जो लोग मेरे खातिर मेरे चारों ओर दौड़ते हैं उनके लिए मैं उत्सव मनाऊंगा, जो लोग मेरे लिए अपने आप को समर्पित करते हैं मैं उन्हें आनन्द से गले लगाऊंगा, जो लोग मुझे भेंट देते हैं मैं उन्हें आनन्द दूंगा। जो लोग मेरे शब्दों में आनन्द प्राप्त करते हैं उन्हें मैं आशीष दूंगा; वे निश्चय ही ऐसे खम्भे होंगे जो मेरे राज्य में शहतीर को थामने वाले होंगे, वे निश्चय ही अनेकों उपहारों को मेरे घर में प्राप्त करेंगे और उनके साथ कोई तुलना नहीं कर पाएगा। क्या तुम सबने मिलने वाली आशीषों को स्वीकार किया है? क्या कभी तुम सबने मिलने वाले वायदों को पाया है? तुम लोग निश्चय ही, मेरी रोशनी के नेतृत्व में, अंधकार की शक्तियों के गढ़ को तोड़ोगे। तुम अंधकार के मध्य निश्चय ही मार्गदर्शन करने वाली ज्योति से वंचित नहीं रहोगे। तुम सब निश्चय ही सम्पूर्ण सृष्टि पर स्वामी होगे। तुम लोग शैतान पर निश्चय ही विजयी बनोगे। तुम सब निश्चय ही महान लाल ड्रैगन के राज्य के पतन को देखोगे और मेरी विजय की गवाही के लिए असंख्य लोगों की भीड़ में खड़े होगे। तुम लोग निश्चय ही पाप के देश में दृढ़ और अटूट खड़े रहोगे। तुम सब जो कष्ट सह रहे हो, उनके मध्य तुम मेरे द्वारा आने वाली आशीषों को प्राप्त करोगे और मेरी महिमा के भीतर के ब्रह्माण्ड में निश्चय ही जगमगाओगे।

सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के लिये परमेश्वर के कथन "उन्नीसवाँ कथन" से लिया गया

क्योंकि वे परमेश्वर की गवाही देने के योग्य हैं और परमेश्वर के कार्यों के लिये अपने सभी प्रयास समर्पित कर सकते हैं, जो सच में परमेश्वर को प्रेम करते हैं वे कहीं भी स्वर्ग के नीचे बिना किसी के विरोध के आ-जा सकते हैं। और वे पृथ्वी पर सामर्थ्य धारण करते हैं और परमेश्वर के सभी लोगों पर शासन करते हैं। ये लोग संसार के अलग-अलग भागों से एक साथ आते हैं, वे भिन्न-भिन्न भाषाएं बोलते और उनकी त्वचा का रंग अलग-अलग होता है, परन्तु उनके अस्तित्व की सार्थकता समान होती है, उन सबमें परमेश्वर को प्रेम करने वाला हृदय होता है, उन सबकी एक ही गवाही होती है और एक ही संकल्प और इच्छा होती है। जो परमेश्वर को प्रेम करते हैं वे संसार में कहीं भी स्वतंत्रता से आ-जा सकते हैं, जो परमेश्वर की गवाही देते हैं वे सम्पूर्ण ब्रह्माण्डमें यात्रा कर सकते हैं। ये परमेश्वर के अत्यधिक प्रेम के पात्र होते है, ये परमेश्वर के द्वारा आशीषित लोग हैं, और वे हमेशा के लिए उसके प्रकाश में रहेंगे।

"परमेश्वर से प्रेम करने वाले लोग हमेशा के लिए उसके प्रकाश में रहेंगे" से

उनके विभिन्न कार्यों एवं गवाहियों के आधार पर, राज्य के भीतर विजय पानेवाले लोग याजकों एवं अनुयायियों के रूप में सेवा करेंगे, और वे सब जो क्लेश के मध्य विजयी हुए हैं वे राज्य के भीतर याजकों का एक समूह बन जाएंगे। याजकों का समूह बनाया जाएगा जब सम्पूर्ण विश्व में सुसमाचार का कार्य समाप्ति पर आ जाएगा। जब वह समय आता है, तब जिसे मनुष्य के द्वारा किया जाना चाहिए वह परमेश्वर के राज्य के भीतर उसके कर्तव्य का निष्पादन होगा, और राज्य के भीतर परमेश्वर के साथ उसका जीवन जीना होगा। याजकों के समूह में महायाजक एवं याजक होंगे, और शेष बचे हुए लोग परमेश्वर की संतान एवं उसके लोग होंगे। यह सब क्लेश के दौरान परमेश्वर के प्रति उनकी गवाहियों के द्वारा निर्धारित किया जाता है, ये ऐसी उपाधियाँ नहीं हैं जिन्हें सनक के साथ दिया गया है। जब एक बार मनुष्य के रुतबे को स्थापित कर दिया जाता है, तो परमेश्वर का कार्य ठहर जाएगा, क्योंकि प्रत्येक को उसके किस्म के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है और प्रत्येक अपनी मूल स्थिति में वापस लौट जाता है, और यह परमेश्वर के कार्य के समापन का चिन्ह है, यह परमेश्वर के कार्य एवं मनुष्य के अभ्यास का अन्तिम परिणाम है, और यह परमेश्वर के कार्य के दर्शनों एवं मनुष्य के सहयोग का साकार रुप है। अंत में, मनुष्य परमेश्वर के राज्य में विश्राम पाएगा, और परमेश्वर भी विश्राम करने के लिए अपने निवास स्थान में लौट जाएगा। यह परमेश्वर एवं मनुष्य के बीच 6000 वर्षों के सहयोग का अन्तिम परिणाम है।

"परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" से

जब एक बार विजय के कार्य को पूरा कर लिया जाता है, तब मनुष्य को एक सुन्दर संसार में पहुंचाया जाएगा। निश्चित रूप से, यह जीवन तब भी पृथ्वी पर ही होगा, परन्तु यह मनुष्य के आज के जीवन से पूरी तरह से भिन्न होगा। यह वह जीवन है जो मानवजाति के तब पास होगा जब सम्पूर्ण मानवजाति पर विजय प्राप्त कर लिया जाता है, यह पृथ्वी पर मनुष्य के लिए, और मानवजाति के लिए एक नई शुरुआत होगी कि उसके पास ऐसा जीवन हो जो इस बात का सबूत होगा कि मानवजाति ने एक नए एवं सुन्दर आयाम में प्रवेश कर लिया है। यह पृथ्वी पर मनुष्य एवं परमेश्वर के जीवन की शुरुआत होगी। ऐसे सुन्दर जीवन का आधार ऐसा ही होगा, जब मनुष्य को शुद्ध कर लिया जाता है और उस पर विजय पा लिया जाता है उसके पश्चात्, वह परमेश्वर के सम्मुख समर्पित हो जाता है। और इस प्रकार, इससे पहले कि मानवजाति उस बेहतरीन मंज़िल में प्रवेश करे विजय का कार्य परमेश्वर के कार्य का अंतिम चरण है। ऐसा जीवन ही पृथ्वी पर मनुष्य के भविष्य का जीवन है, यह पृथ्वी पर सबसे अधिक सुन्दर जीवन है, उस प्रकार का जीवन है जिसकी लालसा मनुष्य करता है, और उस प्रकार का जीवन है जिसे मनुष्य ने संसार के इतिहास में पहले कभी हासिल नहीं किया गया है। यह 6,000 वर्षों के प्रबधंकीय कार्य का अंतिम परिणाम है, यह वह है जिसकी मानवजाति ने अत्यंत अभिलाषा की है, और साथ ही यह मनुष्य के लिए परमेश्वर की प्रतिज्ञा भी है।

"मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना" से

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