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सूचीपत्र

पादरी युआन पर भी पहले सीसीपी ने उनके विश्वास के लिए अत्याचार किया था। मैंने कभी सोचा भी न था कि वे सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर का विरोध करने के लिए शैतान सीसीपी के साथ हाथ मिलायेंगे। क्या ये नीचता से परमेश्‍वर का विरोध करना नहीं हैं? ये पादरीगण और नेतागण इतने कपटी और दुर्भावनापूर्ण कैसे हो सकते हैं?

उत्तर: हर वक्त जब परमेश्‍वर देहधारण करते हैं, वो धार्मिक मंडलियों में कई यीशु विरोधियों और शैतानों का पर्दाफाश करते हैं। जब प्रभु यीशु पृथ्वी पर आए, तो उन्होंने सभी कपटी फरीसियों और यीशु विरोधी शैतानी ताकतों का पर्दाफाश किया। अब सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर आ गए हैं, और उन्होंने अंत के दिनों में धार्मिक मंडलियों में शैतानी यीशु विरोधी शक्तियों का पर्दाफाश भी किया है। देहधारी परमेश्‍वर का प्रकटन और उनके कार्य लोगों को इतना कुछ प्रत्यक्ष करते हैं। वास्तव में ऐसे कई धार्मिक नेता हुए हैं जो दुष्ट सीसीपी के द्वारा प्रताड़ित किए गए। कुछ तो 10 या 20 सालों के लिए जेल भी भेजे गए। कुछ अपने बच्चों और पत्नियों से अलग कर दिए गए और उनके परिवार नष्ट हो गए। फिर भी लोग सीसीपी के दुष्टों का असली चेहरा नहीं देखते हैं। परंतु जब सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर सत्य की अभिव्यक्ति करते हैं और अपने अंत के दिनों के न्याय कार्य करते हैं, तो ये शैतानी सीसीपी के साथ मिलीभगत करके सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर की उग्रतापूर्वक निंदा और प्रतिरोध करते हैं, और असल में परमेश्‍वर को पुनः सूली पर चढ़ा देते हैं। ये उनके सत्य से घृणा करने वाले और परमेश्‍वर विरोधी शैतानी स्वभाव के कारण होता है। यह दिखाता है कि ये धार्मिक मंडलियां ठीक शैतानी व्यवस्था की तरह हैं—ये सब शैतान के शिविर के हैं। ये सभी शैतानी, दुष्ट शक्तियां हैं जो उग्रतापूर्वक परमेश्‍वर की निंदा और प्रतिरोध करती हैं। आइए हम सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के वचनों का एक और अंश देखें। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "कितने सच्चाई की खोज करते हैं और धर्मिकता का पालन करते हैं? वे सभी सूअरों और कुत्तों की तरह जानवर हैं, गोबर के एक ढेर में अपने सिरों को हिलाते हैं और उपद्रव भड़काने के लिए बदबूदार मक्खियों के गिरोह का नेतृत्व करते हैं। उनका मानना है कि नरक का उनका राजा राजाओं में सर्वश्रेष्ठ है, इस बात को समझे बिना कि वे सड़न पर भिनभिनाती मक्खियों से ज्यादा कुछ नहीं हैं। …अपनी पीठों पर हरी पंखों के साथ (यह परमेश्वर पर उनके विश्वास करने के दावे को संदर्भित करता है), वे घमंडी हो जाती हैं और हर जगह पर अपनी सुंदरता और आकर्षण का अभिमान करती हैं, मनुष्य पर अपनी अशुद्धताओं को चुपके से डालती हैं। और वे दम्भी भी हैं, मानो कि इंद्रधनुष के रंगों वाले पंखों का एक जोड़ा उनकी अपनी अशुद्धताओं को छिपा सकता है, और इस तरह वे सच्चे परमेश्वर के अस्तित्व को सताती हैं (यह धार्मिक दुनिया की अंदर की कहानी को संदर्भित करता है)। मनुष्य को बहुत कम पता है कि हालांकि मक्खी के पंख खूबसूरत और आकर्षक हैं, यह अंततः केवल एक छोटी मक्खी से बढ़कर कुछ नहीं है जो गंदगी से भरी हुई और रोगाणुओं से ढकी हुई है। अपने माता-पिता के सूअरों और कुत्तों की ताकत पर, वे देश भर में अत्यधिक उग्रता के साथ आतंक मचाती हैं (यह उन धार्मिक अधिकारियों को संदर्भित करता है, जो सच्चे परमेश्वर और सत्य को धोखा देते हुए, देश से मिले मजबूत समर्थन के आधार पर, परमेश्वर को सताते हैं)। ऐसा लगता है कि यहूदी फरीसियों के भूत परमेश्वर के साथ बड़े लाल अजगर के देश में, अपने पुराने घोंसले में, वापस आ गए हैं। उन्होंने अपने हजारों वर्षों के कार्य को जारी रखते हुए फिर से उनके उत्पीड़न का कार्य शुरू कर दिया है,। भ्रष्ट हो चुके इस समूह का अंततः पृथ्वी पर नष्ट हो जाना निश्चित है! ऐसा प्रतीत होता है कि कई सहस्राब्दियों के बाद, अशुद्ध आत्माएँ और भी चालाक और धूर्त हो गई हैं। वे परमेश्वर के काम को चुपके से क्षीण करने के तरीकों के बारे में लगातार सोचती हैं। वे बहुत कुटिल और धूर्त हैं और अपने देश में कई हजार साल पहले की त्रासदी की पुनरावृत्ति करना चाहती हैं। यह बात परमेश्वर को जोर से चीखने की ओर लगभग उकसाती है, और उनको नष्ट करने के लिए वह तीसरे स्वर्ग में लौट जाने से खुद को मुश्किल से रोक पाता है" ("वचन देह में प्रकट होता है" से "कार्य और प्रवेश (7)")। जब से सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर ने अपना न्याय कार्य करने के लिए सत्य अभिव्यक्त करना प्रारंभ किया है, धार्मिक नेता निंदा और विरोध कर रहे हैं। वे शैतानी सीसीपी के साथ मिल गए हैं और सीसीपी व्यवस्था की दुष्ट शक्तियों पर भरोसा करते हैं, एक तरफ वे विभिन्न धार्मिक मंडलियों को बंद करके कड़ाई से नियंत्रण में लेते हैं ताकि विश्वासियों को अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के कार्यों की खोज करने और पता लगाने से रोक सकें, और दूसरी ओर परमेश्‍वर के चुने हुए लोगों की निगरानी करने के राजी से सीसीपी के जासूस बनते हैं। वे सीसीपी को परमेश्‍वर के चुने हुए लोगों को गिरफ़्तार करवाने के लिए सूचना देते हैं, और दुष्ट सीसीपी के साथ मिल कर एक संयुक्त मोर्चा बना रहे हैं ताकि एक साथ मिलकर अंत के दिनों में परमेश्‍वर के कार्य को नष्ट कर सकें। ये तथ्य यह पूर्ण करने के लिए प्रर्याप्त हैं कि अधिकांश धार्मिक नेताओं की प्रकृति भी सीसीपी के दुष्टों की तरह सत्य से घृणा करने वाली और शैतानी होती है। ये सभी अवतरित दुष्ट और परमेश्‍वर के शत्रु हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के वचन जो प्रकट करते हैं वह पूरी तरह सही है। वर्तमान के धार्मिक नेता आधुनिक समय के फरीसी हैं। उनके परमेश्‍वर विरोधी, दुष्ट कृत्य उस समय के यहूदी फरीसियों से भी कहीं बढ़कर हैं। अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के कार्य का उनके द्वारा प्रतिरोध और निंदा, पवित्र आत्मा का अपमान है। यह तो अंत के दिनों में यीशु को पुनः सूली पर चढ़ाने जैसा हो गया। सर्वशक्तिमान परमेश्‍वर के अंत के दिनों के कार्य से सभी धार्मिक नेताओं के यीशु विरोधी होने का खुलासा हो जाता है। ये एक तथ्य है जिसे कोई भी नकार नहीं सकता!

"विजय गान" फ़िल्म की स्क्रिप्ट से लिया गया अंश

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