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58. ईर्ष्या, आध्यात्मिक दीर्घकालीन बीमारी

बहन हे जिएजिंग हेजू शहर, गुआंग्सी प्रांत

एक साथ मिलकर लेखों को संशोधित करने के लिए एक बहन और मुझे जोड़ीदार बनाया गया था। जब हम मिल रहे थे, तो मुझे एहसास हुआ कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था कि चाहे वह गाना गाना, नृत्य करना, परमेश्वर का वचन प्राप्त करना, या सच्चाई का संचार करना था, वह प्रत्येक पहलू में मुझ से बेहतर थी। मेज़बान परिवार के भाई एवं बहन उसे पसंद करते थे और उसके साथ बात करते थे। इस कारण से, मेरा हृदय काफी अस्थिर था और मुझे लगा जैसे मुझ पर जानबूझकर ध्यान नहीं दिया गया था—यहाँ तक कि सोच के उस बिन्दु तक कि जब तक वह वहाँ थी, मेरे लिए वहाँ कोई जगह नहीं थी। मैं ने अपने हृदय में उससे उकताना शुरू कर दिया था और अपने कर्तव्यों को निभाने में उसका साथ देने के लिए तैयार नहीं थी। मैं आशा करती थी कि वह चली जाए ताकि भाई एवं बहन मुझे पसंद करें और मेरे विषय में ऊँचा सोचें।

एक दिन, एक अगुवा हमारे पास आया। उस भावनात्मक शुद्धिकरण के कारण जिससे होकर वह बहन गुज़र रही थी जो उसकी अवस्था को नकारात्मक बना रहा था उस बहन ने विनती की कि उसे भिन्न कर्तव्यों के लिए स्थानांतरित किया जाए। उसे यह बोलते हुए सुनकर, मैं अति उत्साहित हो गई। मैं ने सोचा: मैं ने हमेशा से आशा की थी कि आप चली जाती। यदि आप जाओ, तो मैं अपनी कठिन परिस्थिति से बाहर हो जाऊँगी। इसलिए, मैं उस अगुवे के लिए उत्सुक थी कि वह तुरन्त ही उसे कोई दूसरा कार्य सौंप दे। फिर भी, हालातों ने मुझ पर पलटवार किया और अगुवे ने न केवल उसे कोई नया कार्य नहीं सौंपा, बल्कि उसने धैर्यपूर्वक उसके साथ सत्य का संवाद किया और उसकी स्थिति को परिवर्तित करने में उसकी सहायता की। जब मैं ने इसे देखा, तो मैं ने विशेष रूप से चिंता का एहसास किया, तथा और भी अधिक यह आशा की कि वह बहन छोड़कर चली जाए। मैं ने सोचा: यदि वह इस बार छोड़कर नहीं जाती है तो मैं इस कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने में सक्षम कब हुंगी? नहीं, मुझे उसे जल्दी से छोड़कर जाने के लिए मजबूर करने हेतु कोई तरीका सोचना है। फलस्वरूप, जब वह बहन उपस्थित नहीं थी तब मैं ने उस अगुवे को आगे की विस्तृत जानकारी देने के लिए उस अवसर का उपयोग किया, यह कहते हुए: "उसे आमतौर भावनात्मक शुद्धिकरण होता है जो लेखों के संशोधन पर ध्यान केन्द्रित करने से उसे रोकता है। अब वह पवित्र आत्मा के कार्य को खो चुकी है और लेखों को संशोधित करने में सक्षम नहीं है। यह पहले ही लेखों के सम्पादन और संकलन के कलीसिया के कार्य को प्रभावित कर चुका है। आप उसे एक नया कार्य भी सौंप सकते हैं। बहन X लेखों को लिखने में बेहतर है, आप उसे लेखों को संशोधित करने के लिए चुन सकते हैं। शायद उसके पास उस बहन की अपेक्षा बेहतर विकसित मूल्य हो सकता है जिसके साथ मुझे जोड़ा गया है।" जैसे ही मैं ने यह कहना समाप्त किया, परमेश्वर का वचन मुझे उलाहना देते हुए मुझ में आया: "क्रूर, निर्दयी मानवजाति! साँठगाँठ और साज़िश, आपस में धक्का-मुक्की, सम्मान और संपत्ति के लिए छीनाझपटी, एक-दूसरे का कत्ल करना-आखिर ये सब कब समाप्त होगा? परमेश्वर ने लाखों वचन कहे हैं, तब भी किसी को अभी तक अक़्ल नहीं आई है। …ऐसे कितने हैं जो अपनी हैसियत बनाए रखने के लिए दूसरों का दमन नहीं करते हैं और दूसरों के साथ भेदभाव नहीं करते हैं?" ("वचन देह में प्रकट होता है" से "दुष्ट को दण्ड अवश्य दिया जाना चाहिए" से)। परमेश्वर के न्याय के वचनों का सामना करने में, मुझे लगा जैसे परमेश्वर मुझे आमने-सामने कड़ाई से फटकार रहा था। तुरन्त ही मैं ने भय से काँपना शुरू कर दिया और मैं उन शब्दों के कारण भय का एहसास करने से अपने आपको रोक नहीं पाई जिन्हें मैं ने अभी अभी कहा था। क्या मैं ऐसे लोगों के समान नहीं हूँ जिन्हें परमेश्वर के वचन के द्वारा प्रगट किया जाता है जो "ऐसे कितने हैं जो अपनी हैसियत बनाए रखने के लिए दूसरों का दमन नहीं करते हैं और दूसरों के साथ भेदभाव नहीं करते हैं?"

जब मैं ने देखा कि वह बहन जिसके साथ मैं काम कर रही थी मुझ से हर पहलू में बेहतर थी और यह कि सभी भाई एवं बहन उसे पसन्द करते थे, तो मैं अपने हृदय में ईर्ष्यालू हो गई। मैं उससे उकता चुकी थी, मैं ने उसके विरुद्ध भेदभाव किया, और आशा की कि वह जल्द ही चली जाए ताकि मैं अपनी कठिन परिस्थिति से बाहर हो पाऊँ। भाइयों एवं बहनों को पाने के लिए जिससे वे मुझ पर ध्यान दें ताकि मुझे ऐसा महसूस हो कि मेरे पास उनके समान ही हैसियत है, मैं ने बहन की बुरी स्थिति का लाभ उठाया और कलीसिया के हितों की रक्षा के नाम पर अगुवे के सामने उसकी चुगली की। उसे जड़ से उखाड़ने के लिए अगुवे का इस्तेमाल करना मेरा व्यर्थ प्रयास था। मेरे आचरण ने मेरे असली रूप का खुलासा किया और प्रकट किया कि मैं एक भयानक और द्वेषपूर्ण सांप थी, यह कि मैं वास्तव में उस बड़े लाल अजगर की बच्ची थी! तानाशाही को उत्पन्न करने के लिए, वह बड़ा लाल अजगर भिन्न मतवालों को उखाड़ फेंकने के लिए किसी भी माध्यम का इस्तेमाल करेगा। अपने भाइयों एवं बहनों के केन्द्र में होने के लिए और उन्हें मेरे आस पास रहने हेतु इच्छुक करने के लिए, मैं ने धूर्तता से उन लोगों को जड़ से उखाड़ फेंका जो मेरे लिए लाभदायक नहीं थे। वह बड़ा लाल अजगर उन लोगों के प्रति ईर्ष्यालू है जो उससे बढ़कर हैं और वह उन्हें नष्ट करता है जिनके पास महान आकांक्षाएं होती हैं। मैं भी उस बहन के प्रति ईर्ष्यालू थी क्योंकि वह प्रत्येक पहलू में मुझ से बेहतर थी और मैं ने उसे बाहर निकालने के लिए निन्दनीय तरीकों का इस्तेमाल किया। वह बड़ा लाल अजगर अपने स्वयं के उद्देश्यों के लिए लोगों को दोषी ठहराता और उनकी हत्या करता है। अपने स्वयं के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, मैं ने जानबूझकर बहन के विषय में बढ़ा चढ़ाकर कहा था। मेरा आचरण बिलकुल उस बड़े लाल अजगर के समान ही था; मैं बस अभिमानी, भयावह, और अत्यंत दुर्भावनापूर्ण थी। कलीसिया ने हमारे लिए एक साथ मिलकर काम करने का इंतज़ाम किया था ताकि हम एक दूसरे की मदद एवं सहायता कर सकें, ताकि हम परमेश्वर को प्रसन्न करने के लिए एक हृदय और मन के साथ एक अच्छा कार्य कर सकें। यह इसलिए भी था ताकि हम दूसरे की कमज़ोरियों की पूर्ति के लिए अपने स्वयं की सामर्थ का उपयोग कर सकें ताकि हम और भी अधिक सच्चाई को समझ एवं प्राप्त कर सकें और अपने स्वभाव को परिवर्तित कर सकें। परन्तु मैं ने थोड़ी सी मात्रा में भी परमेश्वर की इच्छा को नहीं समझा। जब मैं ने देखा कि वह बहन एक बुरी स्थिति में थी, तो मैं ने न केवल उसकी सहायता करने के लिए प्रेम पर भरोसा नहीं किया, परन्तु मैं ने अपनी स्थिति की रक्षा करने के लिए उसके त्वरित प्रतिस्थापन की भी आशा की। मैं वास्तव में अत्यंत दुर्भावनापूर्ण हूँ। मेरा स्वभाव इतना बिगड़ा हुआ है। मेरे पास वह प्रेम नहीं था जो एक सामान्य व्यक्ति के पास होना चाहिए। मैं ने अपनी मानवता को उस बिन्दु तक खो दिया था कि मैं अपने स्वयं के उद्देश्यों को पूर्ण करने के लिए किसी भी माध्यम का इस्तेमाल करती। यदि मैं जल्दबाजी नहीं करती हूँ और पश्चाताप नहीं करती हूँ, तो मुझे अंततः उस बड़े लाल अजगर के साथ नष्ट कर दिया जाना चाहिए।

धन्यवाद परमेश्वर! आपके न्याय और ताड़ना ने समय पर मुझे जागृत कर दिया है ताकि मैं यह देख सकूँ कि मेरा व्यवहार बिलकुल उस बड़े लाल अजगर के समान था और यह कि मैं वास्तव में नाम में और काम में उस बड़े लाल अजगर की संतान हूँ। इसने मुझे शैतान के उस स्वभाव से घृणा करवाया है जो मुझ में है। इस समय से, मैं शैतान के स्वभाव से फिरुंगी जो मुझ में है। मैं अब आगे से स्वयं लिए लड़ाई नहीं करूंगी। मैं अपने कर्तव्यों को निभाने और परमेश्वर को संतुष्ट करने के लिए इस बहन के साथ बेहतर ढंग से कार्य करने की आशा करुँगी। मैं सत्य की खोज करने और उस बड़े लाल अजगर के ज़हर को दूर फेंकने के लिए और भी अधिक तैयार रहूँगी, इसके द्वारा परमेश्वर को सुकून देने के लिए एक खरे इंसान के रूप में जीवन बिताऊंगी!

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