Generated by All in One SEO v4.9.10, this is an llms.txt file, used by LLMs to index the site.
# राज्य के अवरोहण का सुसमाचार
## पोस्ट
- [भ्रष्ट स्वभाव हल करने के उपायों के बारे में वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-resolve-corrupt-disposition.html) - अंश 49 मनुष्य के भ्रष्ट स्वभाव में बेहूदगियों और बुराइयों के अलावा और कुछ भी नहीं है। इनमें से सबसे गंभीर बात है मनुष्य का अहंकारी स्वभाव और इससे प्रकट होने वाली चीजें, यानी, खास आत्मतुष्टता और अभिमान, खुद को दूसरों से इक्कीस मानना, किसी के भी प्रति समर्पण करने की अनिच्छा, अंतिम निर्णय स्वयं
- [कर्तव्य निभाने के बारे में वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/performing-duty.html) - अंश 30 कर्तव्य क्या होता है? परमेश्वर द्वारा मनुष्य को दिया गया आदेश वह कर्तव्य है जिसे मनुष्य को निभाना चाहिए। वह तुम्हें जो कुछ भी सौंपे वही वह कर्तव्य है जिसे तुम्हें निभाना चाहिए। अपना कर्तव्य निभाने के लिए तुम्हें अपने दोनों पैर जमीन पर रखना सीखना होगा और उस चीज तक पहुँचने की
- [अपने स्वभाव का ज्ञान उसमें बदलाव की बुनियाद है](https://hi.kingdomsalvation.org/knowing-disposition-is-foundation-of-change.html) - शैतान ने मानवजाति को इतनी गहराई तक भ्रष्ट कर दिया है कि सभी की प्रकृति शैतानी और स्वभाव अहंकारी है; यहाँ तक कि मूर्ख और बेवकूफ भी अहंकारी हैं, और खुद को अन्य लोगों से बेहतर मानते हुए उनकी आज्ञा का पालन करने से इनकार कर देते हैं। साफ दिखाई देता है कि मानवजाति बहुत
- [भ्रष्ट स्वभावों का समाधान केवल सत्य स्वीकार करके ही किया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/corrupt-disposition-resolved-by-accepting-truth.html) - परमेश्वर में विश्वास जीवन का सही मार्ग है। परमेश्वर ने तुम सभी को चुना है और तुम सभी ने उसका अनुसरण करना और जीवन में सही मार्ग पर चलना चुना है। अगर, तुम सच में परमेश्वर के इरादे पूरे करने में, अपने कर्तव्य ठीक से निभाने में, सत्य प्राप्त करने में और परमेश्वर द्वारा पूर्ण
- [परमेश्वर के प्रति मनुष्य के प्रतिरोध की जड़ उसकी अहंकारी प्रकृति है](https://hi.kingdomsalvation.org/arrogance-is-root-of-man-s-resistance-to-God.html) - आज, मैं भ्रष्ट मानवजाति की प्रकृति, सार और स्वभाव के मुद्दे पर बात करूँगा। प्रकृति क्या है? प्रकृति मनुष्यों का अंतर्निहित सार है, उनके भीतर की वह चीज जो नियंत्रण और निर्देशन प्रभाव पैदा करती है। कोई व्यक्ति किस चीज से नफरत करता है, तिरस्कार करता है या किसे पसंद करता है, यह सब उसके
- [परमेश्वर के वचनों को सँजोना परमेश्वर में विश्वास की नींव है](https://hi.kingdomsalvation.org/treasuring-God-s-words-is-foundation-of-belief.html) - पहले हम परमेश्वर के वचनों का एक भजन सुनेंगे : “परमेश्वर के वचनों का पालन करो तो तुम कभी राह से नहीं भटकोगे।” 1 परमेश्वर उम्मीद करता है कि तुम लोग स्वतंत्र रूप से खा और पी सको, तुम हमेशा परमेश्वर की उपस्थिति की रोशनी में रह सको, और अपने जीवन में कभी भी परमेश्वर के
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (8)](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-pursue-the-truth-8.html) - सत्य का अनुसरण करने का पहला अभ्यास : जाने देना I. विभिन्न नकारात्मक भावनाएँ जाने देना पहले हमने सत्य का अनुसरण कैसे करें के प्रथम प्रमुख पहलू के बारे में संगति की थी, जो कि त्याग देना है। त्याग देने के संबंध में, हमने अभ्यास के प्रथम पहलू के बारे में संगति की थी, जो
- [सत्य के अनुसरण का महत्व और मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/importance-and-path-of-pursuing-truth.html) - अभी-अभी भाई ने सत्य का अनुसरण करने के विषय पर संगति की। इतनी संगति करने के बाद क्या तुम लोगों को लगता है कि कैसे सत्य का अनुसरण करना सबसे महत्वपूर्ण चीज है और अगर तुम परमेश्वर में विश्वास करते हो लेकिन सत्य का अनुसरण नहीं करते, तो तुम्हें कुछ हासिल नहीं होगा? शायद अब
- [सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ है (9)](https://hi.kingdomsalvation.org/what-it-is-to-pursue-the-truth-9.html) - उन चीजों का गहन-विश्लेषण जिन्हें लोग अपनी धारणाओं में सही और अच्छी समझते हैं II. परंपरागत संस्कृति में नैतिक आचरण के बारे में कहावतें ञ. “मारने से कोई फायदा नहीं होता; जहाँ कहीं भी संभव हो वहाँ उदार बनो” का गहन-विश्लेषण अभी कुछ समय से हम नैतिक आचरण के विषय पर संगति कर रहे हैं।
- [सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ है (8)](https://hi.kingdomsalvation.org/what-it-is-to-pursue-the-truth-8.html) - उन चीजों का गहन-विश्लेषण जिन्हें लोग अपनी धारणाओं में सही और अच्छी समझते हैं II. परंपरागत संस्कृति में नैतिक आचरण के बारे में कहावतें पिछली बार हमने नैतिक आचरण के बारे में परंपरागत संस्कृति के चार कथनों पर संगति की। मुझे बताओ कि वे क्या थे। (“दयालुता का बदला कृतज्ञतापूर्वक लौटाना चाहिए,” “दूसरों की खातिर
- [सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ है (5)](https://hi.kingdomsalvation.org/what-it-is-to-pursue-the-truth-5.html) - उन चीजों का गहन-विश्लेषण जिन्हें लोग अपनी धारणाओं में सही और अच्छी समझते हैं I. परंपरागत संस्कृति में अच्छे व्यवहार के बारे में कहावतें ख. लोगों के व्यवहार के बारे में परमेश्वर की अपेक्षाएँ अपनी पिछली सभा में हमने किस पर संगति की थी? (परमेश्वर ने पहले शाओशाओ और शाओजी की कहानियों पर संगति की।
- [सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ है (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/what-it-is-to-pursue-the-truth-2.html) - अपनी पिछली सभा में हमने सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ है, इसके बारे में संगति की थी। आओ एक समीक्षा के साथ शुरू करें : सत्य का अनुसरण करने का अर्थ क्या है? क्या तुम्हारे पास इस सवाल का जवाब है? क्या तुम लोगों ने हमारी पिछली संगति के बाद इस पर विचार
- [सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ है (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/what-it-is-to-pursue-the-truth-1.html) - आज की संगति एक ऐसे विषय पर है जिससे हर व्यक्ति परिचित है। यह परमेश्वर में मनुष्य के विश्वास और उसके अनुसरण से निकटता से जुड़ा है, और यह एक ऐसा विषय है जिससे लोग रोज रूबरू होते और सुनते हैं। तो वह विषय क्या है? वह विषय है सत्य का अनुसरण करने का क्या
- [1. आज की दुनिया वास्तव में निरंतर अधिक बुरी, और मानव जाति निरंतर अधिक भ्रष्ट, होते जा रही है। दुनिया में गिरावट आई है, नैतिकता खो गई है, अच्छे लोग जो परमेश्वर में विश्वास करते हैं और सही मार्ग पर चलते हैं, उन्हें धौंस दिखाई जाती है, उत्पीड़ित किया और सताया जाता है, जबकि वे तलवे चाटने और गबन करने वाले लोग जो सभी तरह की बुराई करते हैं, समृद्ध होते जाते हैं। दुनिया इतनी अंधकारमय, इतनी दुष्ट क्यों है? मानव जाति का भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया है—क्या मनुष्य के लिए परमेश्वर द्वारा नष्ट किए जाने का समय आ गया है?](https://hi.kingdomsalvation.org/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-27-1.html) - 1) दुनिया इतनी बुरी और दुष्ट क्यों है? संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “सारा संसार उस दुष्ट के वश में पड़ा है” (1 यूहन्ना 5:19)। “और दण्ड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उनके काम बुरे
- [परमेश्वर को जानना II](https://hi.kingdomsalvation.org/book-daily-words-of-God-2-2.html) - परमेश्वर के दैनिक वचन अंश 31 मनुष्यजाति का सृजन करने के तुरंत बाद, परमेश्वर ने मनुष्य के साथ जुड़ना और मनुष्य से बात करना शुरू कर दिया, और उसका स्वभाव मनुष्य के समक्ष व्यक्त होना आरंभ हो गया। दूसरे शब्दों में, परमेश्वर जब पहली बार मनुष्य के साथ जुड़ा, तभी से वह अपना सार और अपना
- [जीवन में प्रवेश VI](https://hi.kingdomsalvation.org/book-daily-words-of-God-10-6.html) - परमेश्वर के दैनिक वचन अंश 556 केवल सत्य का अनुसरण करके ही व्यक्ति अपने स्वभाव में बदलाव ला सकता है : यह एक ऐसी बात है, जिसे लोगों को अच्छी तरह से जानना-बूझना चाहिए, और समझना चाहिए। अगर तुम्हें सत्य की पर्याप्त समझ नहीं है, तो तुम आसानी से फिसल जाओगे और मार्ग से भटक जाओगे।
- [131 बिना पश्चाताप के परमेश्वर से प्रेम करने का गीत](https://hi.kingdomsalvation.org/jlxg-txt-0131-lyrics.html) - 1 बहुत से उतार-चढ़ाव हैं राज्य के मार्ग में। जीवन और मृत्यु के बीच, यातना और आँसुओं के बीच मँडराऊँ मैं। बग़ैर परमेश्वर की सुरक्षा के, कौन पहुँच सका यहाँ तक? हमारे जन्म की योजना बनाई उसने अंत के दिनों में; मसीह का अनुसरण करते हैं, ख़ुशकिस्मत हैं हम। परमेश्वर इंसान बना दीनता से, झेल
- [813 परमेश्वर द्वारा इंसान के आसपास लोगों, घटनाओं और चीजों को व्यवस्थित करने का उद्देश्य](https://hi.kingdomsalvation.org/shxg-txt-0813-lyrics.html) - 1 यदि तुम परमेश्वर की संप्रभुता में विश्वास करते हो, तो तुम्हें यह विश्वास करना होगा कि हर दिन जो भी अच्छा होता है या बुरा, वो यूँ ही नहीं होता। ऐसा नहीं है कि कोई जानबूझकर तुम पर सख्त हो रहा है या तुम पर निशाना साध रहा है; यह सब परमेश्वर की व्यवस्था और
- [698 परमेश्वर के कर्मों को जानकर ही उसकी सच्ची गवाही दी जा सकती है](https://hi.kingdomsalvation.org/shxg-txt-0698-lyrics.html) - 1 जो भी परमेश्वर ने बनाया उसमें उसके कर्म न देख पाओ तो उनकी गवाही नहीं दे पाओगे तुम। गर तुम ईश्वर की गवाही न देकर उस छोटे ईश्वर के बारे में बोलते हो, जिसे तुम जानते हो, जो ख़यालों में सीमित है, जिसका अस्तित्व है सिर्फ तुम्हारे मन में, तो ईश्वर नहीं स्वीकारेगा आस्था
- [189 ईश्वर सबकुछ इंसान को पूर्ण बनाने और प्रेम करने के लिए करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/shxg-txt-0189-lyrics.html) - तुम लोग भविष्य में जो चाहे हासिल करो, आज तुम लोग देखते हो, तुममें ईश-कार्य है प्रेम। 1 सेवाकर्मियों के वक्त से लेकर आज तक, लोग साफ़ देख पाते हैं ईश-कार्य कितना अद्भुत है। इंसानी बुद्धि समझ न पाए जिस तरह ईश्वर कार्य करे। देख सके इंसान उसका कद कितना छोटा है, और उसकी अवज्ञा
- [105 सत्य पर अमल के लिये सबसे सार्थक है दुख सहना](https://hi.kingdomsalvation.org/shxg-txt-0105-lyrics.html) - 1 जान लो तुम्हारा लक्ष्य है कि वचन परमेश्वर के तुम में प्रभावी हों, और सचमुच उन्हें अभ्यास में समझो। परमेश्वर के वचन समझने में, शायद मुश्किल होती हो तुम्हें, मगर अभ्यास से दूर होती है ये कमी। बहुत से सत्यों को तुम्हें जान लेना चाहिये, सिर्फ जानना नहीं बल्कि अमल में लाना चाहिये। इसी
- [71 इंसान के लिये परमेश्वर की इच्छा कभी नहीं बदलेगी](https://hi.kingdomsalvation.org/shxg-txt-0071-lyrics.html) - 1 इस जगत में परमेश्वर बरसों से रहता है, कौन है मगर जो उसे जानता है? आश्चर्य नहीं कि लोगों को परमेश्वर ताड़ना देता है। लगता है इंसान को परमेश्वर अपना अधिकार दिखाने के लिये इस्तेमाल करता है। लगता है वे उसकी बंदूक की गोलियाँ हैं, एक बार चलाई जो उसने, तो बच निकलेंगे वो
- [61 हैसियत सँजोने में क्या मूल्य है?](https://hi.kingdomsalvation.org/shxg-txt-0061-lyrics.html) - लोग ईश-इच्छा का ध्यान रखना न जानें। उसके कार्यकलाप न देख सकें। प्रकाश के भीतर चल न सकें, न उससे रोशन हो सकें। 1 हालांकि इंसान ईश-वचनों को सँजोये, पर वो शैतान की चालें न समझ सके। क्योंकि उसका आध्यात्मिक कद है बहुत छोटा, वो जो करना चाहे, न कर सके। इंसान ने ईश्वर से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 68](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-068.html) - मैं अपने कार्य को अन्यजाति देशों में फैला रहा हूँ। मेरी महिमा पूरे ब्रह्मांड में चमकती है; सभी तरह के लोग मेरी इच्छा अपने भीतर रखते हैं, और उन सबकी कमान मेरे हाथों में है और वे सब मेरे द्वारा सौंपा गया कार्य करने में लग गए हैं। इस क्षण से मैं सभी मनुष्यों को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 259](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-259.html) - परमेश्वर ने इस संसार की रचना की और इसमें एक जीवित प्राणी, मनुष्य को लेकर आया, जिसे उसने जीवन प्रदान किया। इसके बाद, मनुष्य के माता-पिता और परिजन हुए, और वह अकेला नहीं रहा। जब से मनुष्य ने पहली बार इस भौतिक दुनिया पर नजरें डालीं, तब से वह परमेश्वर के विधान के भीतर विद्यमान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 180](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-work-180.html) - तुम लोगों को पता होना चाहिए कि परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के कार्य में भेद कैसे करना है। तुम मनुष्य के कार्य में क्या देख सकते हो? मनुष्य के कार्य में उसके अनुभव के बहुत से तत्व होते हैं; मनुष्य वही व्यक्त करता है जैसा वह होता है। परमेश्वर का अपना कार्य भी वही
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 121](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-121.html) - मनुष्य को शैतान ने भ्रष्ट कर दिया है, मनुष्य ही परमेश्वर के जीवधारियों में श्रेष्ठतम है, इसलिए मनुष्य को परमेश्वर के उद्धार की आवश्यकता है। परमेश्वर के उद्धार का लक्ष्य मनुष्य है, शैतान नहीं, और जिसे बचाया जाएगा वह मनुष्य की देह और आत्मा है, शैतान नहीं। शैतान परमेश्वर के विनाश का लक्ष्य है और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 170](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-170.html) - परमेश्वर के सम्पूर्ण स्वभाव को छ: हज़ार वर्षों की प्रबंधन योजना के दौरान प्रकट किया गया है। इसे सिर्फ अनुग्रह के युग में, सिर्फ व्यवस्था के युग में प्रकट नहीं किया जाता है, ऐसा तो बिल्कुल नहीं है की इसे सिर्फ अंत के दिनों की इस समयावधि में प्रकट किया जाता है। अंत के दिनों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 590](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-destinations-and-outcomes-590.html) - एक बार जब विजय का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, तब मनुष्य को एक सुंदर संसार में लाया जाएगा। निस्संदेह, यह जीवन तब भी पृथ्वी पर ही होगा, किंतु यह मनुष्य के आज के जीवन के बिलकुल विपरीत होगा। यह वह जीवन है, जो संपूर्ण मानव-जाति पर विजय प्राप्त कर लिए जाने के बाद मानव-जाति
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 173](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-work-173.html) - पवित्र आत्मा के कार्य को कई प्रकार के लोगों और अनेक भिन्न-भिन्न परिस्थितियों के माध्यम से संपन्न और पूरा किया जाता है। यद्यपि देहधारी परमेश्वर का कार्य एक संपूर्ण युग के कार्य का प्रतिनिधित्व कर सकता है, और एक संपूर्ण युग में लोगों के प्रवेश का प्रतिनिधित्व कर सकता है, फिर भी लोगों के प्रवेश
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 244](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-244.html) - बहुत-सी चीजें हैं, जिन्हें तुम लोगों द्वारा हासिल किए जाने की मैं आशा करता हूँ, लेकिन तुम्हारे सारे कार्य, तुम्हारे जीवन की सभी बातें मेरी अपेक्षाएँ पूरी करने में असमर्थ हैं, इसलिए सीधे मुद्दे पर आकर अपनी इच्छा तुम्हें बताने के अलावा मेरे पास और कोई चारा नहीं है। यह देखते हुए कि तुम्हारी परख
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 78](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-078.html) - "न्याय" शब्द का जिक्र होने पर संभवत: तुम उन वचनों के बारे में सोचोगे, जो यहोवा ने प्रत्येक क्षेत्र के लोगों को निर्देश देते हुए कहे थे और जो वचन यीशु ने फरीसियों को फटकार लगाते हुए कहे थे। अपनी समस्त कठोरता के बावजूद, ये वचन परमेश्वर द्वारा मनुष्य का न्याय नहीं थे; बल्कि वे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 110](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-110.html) - जो देहधारी परमेश्वर है, वह परमेश्वर का सार धारण करेगा, और जो देहधारी परमेश्वर है, वह परमेश्वर की अभिव्यक्ति धारण करेगा। चूँकि परमेश्वर देहधारी हुआ, वह उस कार्य को प्रकट करेगा जो उसे अवश्य करना चाहिए, और चूँकि परमेश्वर ने देह धारण किया, तो वह उसे अभिव्यक्त करेगा जो वह है, और मनुष्यों के लिए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 105](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-105.html) - देहधारी परमेश्वर मसीह कहलाता है, तथा मसीह परमेश्वर के आत्मा के द्वारा धारण किया गया देह है। यह देह किसी भी मनुष्य की देह से भिन्न है। यह भिन्नता इसलिए है क्योंकि मसीह मांस तथा खून से बना हुआ नहीं है बल्कि आत्मा का देहधारण है। उसके पास सामान्य मानवता तथा पूर्ण परमेश्वरत्व दोनों हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 219](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-219.html) - अब वह समय है जब मेरा आत्मा बड़ी चीजें कर रहा है, और वह समय है जब मैं अन्यजाति देशों के बीच कार्य आरंभ कर रहा हूँ। इससे भी अधिक, यह वह समय है जब मैं सभी सृजित प्राणियों को वर्गीकृत कर रहा हूँ और प्रत्येक को उसकी संबंधित श्रेणी में रख रहा हूँ, ताकि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 254](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-254.html) - जीवन का मार्ग कोई साधारण चीज़ नहीं है जो चाहे कोई भी प्राप्त कर ले, न ही इसे सभी के द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह इसलिए कि जीवन केवल परमेश्वर से ही आता है, कहने का अर्थ है कि केवल स्वयं परमेश्वर ही जीवन के तत्व का अधिकारी है, स्वयं परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 24](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-024.html) - यहोवा के कार्य के बाद, यीशु मनुष्यों के बीच में अपना कार्य करने के लिये देहधारी हो गया। उसका कार्य एकाकीपन में नहीं किया गया, बल्कि यहोवा के कार्य पर किया गया। यह नये युग के लिये एक कार्य था जब परमेश्वर ने व्यवस्था के युग का समापन कर दिया था। इसी प्रकार, यीशु का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 251](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-251.html) - परमेश्वर ने इन अशुद्ध और भ्रष्ट लोगों में कार्य करने और इस समूह के लोगों को पूर्ण बनाने के लिए इस स्तर तक स्वयं को दीन किया है। परमेश्वर लोगों के मध्य जीने और खाने-पीने, वह लोगों की चरवाही करने, और लोगों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए ही देह में नहीं आया। अधिक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 371](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-371.html) - मेरी नज़रों में, मनुष्य सभी चीज़ों का शासक है। मैंने उसे कम मात्रा में अधिकार नहीं दिया है, उसे पृथ्वी पर सभी चीज़ों—पहाड़ो के ऊपर की घास, जंगलों के बीच जानवरों, और जल की मछलियों—का प्रबन्ध करने की अनुमति दी है। फिर भी इसकी वजह से खुश होने के बजाए, मनुष्य चिंता से व्याकुल है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 455](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-455.html) - संपूर्ण जगत में अपने कार्य की शुरुआत से ही, परमेश्वर ने अनेक लोगों को अपनी सेवा के लिए पूर्वनिर्धारित किया है, जिसमें हर सामाजिक वर्ग के लोग शामिल हैं। उसका प्रयोजन स्वयं की इच्छा को पूरा करना और पृथ्वी पर अपने कार्य को सुचारु रूप से पूरा करना है। परमेश्वर का लोगों को अपनी सेवा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 115](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-115.html) - परमेश्वर इस आशय से देह धारण नहीं करता कि मनुष्य उसे जाने, या देहधारी परमेश्वर के देह और मनुष्य के देह के अंतर पहचाने; न ही वह मनुष्य के विवेक की शक्तियों को प्रशिक्षित करने के लिए देह बनता है, और इस अभिप्राय से तो बिलकुल नहीं बनता कि मनुष्य परमेश्वर द्वारा धारित देह की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 363](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-363.html) - अब तुम सभी लोगों को अपने अंदर यथाशीघ्र पता लगाना चाहिए कि तुम लोगों के अंदर मेरे प्रति कितनी विश्वासघात बाक़ी है। मैं बेसब्री से तुम्हारी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा हूँ। मेरे साथ अपने व्यवहार में लापरवाह मत हो। मैं कभी भी लोगों के साथ खेल नहीं खेलता हूँ। यदि मैं ऐसा कहता हूँ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 461](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-461.html) - इन दिनों, कई लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि दूसरों के साथ समन्वय करते समय क्या सबक सीखे जाने चाहिये। मैंने देखा है कि तुम लोगों में से कई लोग दूसरों के साथ सहयोग करते समय बिलकुल सबक नहीं सीख पाते; तुममें से ज़्यादातर लोग अपने ही विचारों से चिपके रहते हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 372](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-372.html) - मानवजाति ने मेरी गर्मजोशी का अनुभव किया, उन्होंने ईमानदारी से मेरी सेवा की, और वे ईमानदारी से मेरे प्रति आज्ञाकारी थे, मेरी उपस्थिति में मेरे लिए हर चीज़ कर रहे थे। परन्तु आज लोग किसी भी तरह से इस प्रकार की स्थिति में होने का प्रबंधन नहीं कर सकते हैं, और वे केवल अपनी आत्मा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 406](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-406.html) - लोग अपने हृदय से परमेश्वर की आत्मा को स्पर्श करके परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, उससे प्रेम करते हैं और उसे संतुष्ट करते हैं, और इस प्रकार वे परमेश्वर की संतुष्टि प्राप्त करते हैं; परमेश्वर के वचनों से जुड़ने के लिए वे अपने हृदय का उपयोग करते हैं और इस प्रकार वे परमेश्वर के आत्मा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 417](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-417.html) - किस प्रकार कोई सच्ची प्रार्थना में प्रवेश करता है? प्रार्थना करते हुए तुम्हारा हृदय परमेश्वर के समक्ष शांतिपूर्ण होना चाहिए, और यह सच्चा होना चाहिए। तुम सच्चाई के साथ परमेश्वर से वार्तालाप कर रहे होते हो और उससे प्रार्थना कर रहे होते हो; तुम्हें अच्छे-अच्छे शब्दों का प्रयोग करते हुए परमेश्वर को धोखा नहीं देना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 507](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-507.html) - तुम सभी परीक्षण और शुद्धिकरण के बीच हो। शुद्धिकरण के दौरान तुम्हें परमेश्वर से प्रेम कैसे करना चाहिए? शुद्धिकरण का अनुभव करने के बाद लोग परमेश्वर को सच्ची स्तुति अर्पित कर पाते हैं, और शुद्धिकरण के दौरान वे यह देख सकते हैं कि उनमें बहुत कमी है। जितना बड़ा तुम्हारा शुद्धिकरण होता है, उतना ही
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 452](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-452.html) - तुम्हें भविष्य में आशीष दिया जाएगा या शाप, इसका निर्णय तुम्हारे आज के कार्य और व्यवहार के आधार पर किया जाएगा। यदि तुम्हें परमेश्वर द्वारा पूर्ण किया जाना है, तो यह बिलकुल अभी होना चाहिए, इसी युग में; भविष्य में दूसरा कोई अवसर नहीं होगा। परमेश्वर तुम लोगों को सच में अभी पूर्ण करना चाहता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 458](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-458.html) - व्यक्ति परमेश्वर की इच्छा पूरी करने, परमेश्वर की पसंद के सभी लोगों को उसके सामने लेकर आने, मनुष्य को परमेश्वर के समक्ष लाने, और मनुष्य को पवित्र आत्मा के कार्य और परमेश्वर के मार्गदर्शन से परिचित कराने के लिए कार्य करता है, और इस प्रकार वह परमेश्वर के कार्य के परिणामों को पूरा करता है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 374](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-374.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, समस्त वस्तुओं का मुखिया, अपने सिंहासन से अपने राजसी सामर्थ्य को संभालता है। वह समस्त ब्रह्माण्ड और सब वस्तुओं पर राज करता है और सारी पृथ्वी पर हमारा मार्गदर्शन करता है। हम हर क्षण उसके समीप होंगे, और एकांत में उसके सम्मुख आयेंगे, एक पल भी नहीं खोएँगे और हर समय कुछ न
- [परमेश्वर का स्वभाव और उसका कार्य जो परिणाम हासिल करेगा, उसे कैसे जानें (भाग पांच)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-005.html) - भाग पांच मनुष्य का भाग्य परमेश्वर के प्रति उसकी प्रवृत्ति से निर्धारित होता है परमेश्वर एक जीवित परमेश्वर है, और जैसे लोग भिन्न-भिन्न स्थितियों में भिन्न-भिन्न तरीकों से बर्ताव करते हैं, वैसे ही इन बर्तावों के प्रति परमेश्वर की प्रवृत्ति भी भिन्न-भिन्न होती है क्योंकि वह न तो कोई कठपुतली है, और न ही वह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 548](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-548.html) - प्रत्येक व्यक्ति में चलने के लिए पवित्र आत्मा के पास एक मार्ग है और प्रत्येक व्यक्ति को पूर्ण होने का अवसर प्रदान करता है। तुम्हारी नकारात्मकता के द्वारा तुम्हें तुम्हारी भ्रष्टता दिखाई जाती है, और फिर नकारात्मकता को उतार फेंकने के द्वारा तुम अभ्यास करने के लिए एक मार्ग प्राप्त करोगे; इन सब तरीकों से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 510](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-510.html) - मनुष्य की दशा और अपने प्रति मनुष्य का व्यवहार देखकर परमेश्वर ने नया कार्य किया है, जिससे मनुष्य उसके विषय में ज्ञान और उसके प्रति आज्ञाकारिता दोनों से युक्त हो सकता है, और प्रेम और गवाही दोनों रख सकता है। इसलिए मनुष्य को परमेश्वर के शुद्धिकरण, और साथ ही उसके न्याय, व्यवहार और काट-छाँट का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 440](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-440.html) - जब तुम थोड़ी सी बाधा या कठिनाई से पीड़ित होते हो, तो ये तुम लोगों के लिए अच्छा है; यदि तुम लोगों को एक मौज करने का समय दिया गया होता, तो तुम लोग बर्बाद हो जाते, और तब तुम्हारी रक्षा कैसे की जाती? आज तुम लोगों को इसलिए सुरक्षा दी जाती है क्योंकि तुम
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है X (भाग दो के क्रम में)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-064.html) - सब वस्तुओं के जीवन का स्रोत परमेश्वर है (IV) भाग दो के क्रम में परमेश्वर किस प्रकार आत्मिक संसार पर शासन करता है और उसे चलाता है 2. विभिन्न विश्वासी लोगों के जीवन और मृत्यु का चक्र हमने अभी अविश्वासियों की पहली श्रेणी के जीवन और मृत्यु चक्र पर चर्चा की। अब आओ हम द्वितीय
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है X (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-063.html) - सब वस्तुओं के जीवन का स्रोत परमेश्वर है (IV) भाग एक आज, हम एक खास विषय पर बातचीत कर रहे हैं। तुम लोगों में से प्रत्येक के लिये, केवल दो ही बातें हैं जिनके विषय में तुम्हें जानना, अनुभव करना और समझना आवश्यक है—और ये दो बातें क्या हैं? पहली बात है, लोगों का जीवन
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VI (भाग तीन के क्रम में)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-051-2.html) - परमेश्वर की पवित्रता (III) भाग तीन के क्रम में इस वक्त शैतान की बुराई के बारे में बात करने से हर एक को ऐसा महसूस हुआ है मानो लोग कितनी अप्रसन्नता में जीवन जीते हैं और यह कि मनुष्य का जीवन दुर्भाग्य से घिरा हुआ होता है। परन्तु अब तुम लोग कैसा महसूस करते हो
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IX (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-061-1.html) - परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (III) भाग दो परमेश्वर मनुष्य को जीवित रहने के लिए एक स्थायी वातावरण देने हेतु सभी चीज़ों के मध्य संबंधों को संतुलित करता है परमेश्वर सभी चीज़ों में अपने कर्मों को प्रकट करता है और सभी वस्तुओं पर वह शासन करता है और सभी चीज़ों के
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IX (भाग एक के क्रम में)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-061.html) - परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (III) भाग एक के क्रम में यदि सृष्टि की सभी चीज़ें अपने नियमों को गँवा दें, तो उनका अस्तित्व न रहे; यदि सभी चीज़ों के नियम लुप्त हो जाएँ, तो सभी चीज़ों के बीच जीवित प्राणी क़ायम नहीं रह पाएँगे। मनुष्यजाति अपने उस वातावरण को भी
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IX (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-060.html) - परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (III) भाग एक इस अवधि के दौरान, हमने परमेश्वर को जानने से संबंधित बहुत सारी चीज़ों के बारे में बात की है, और हाल ही में हमने इससे जुड़े एक अति महत्वपूर्ण विषय पर बात की है। वह विषय क्या है? (परमेश्वर सभी वस्तुओं के लिए
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-059.html) - परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (II) भाग चार प्रतिदिन भोजन एवं जल जो परमेश्वर मानवजाति के लिए तैयार करता है मुझे बताओ: क्या कुछ ऐसा है जिसे परमेश्वर करता है, इसकी परवाह न करते हुए कि वह एक बड़ी चीज़ है या एक छोटी चीज़ है, जिसका कोई अर्थ या मूल्य
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-058.html) - परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (II) भाग तीन प्रतिदिन भोजन एवं जल जो परमेश्वर मानवजाति के लिए तैयार करता है हमने अभी अभी सम्पूर्ण वातावरण के एक भाग के बारे में बात किया था, अर्थात्, मनुष्य के जीवित रहने के लिए जरूरी स्थितियाँ जिन्हें परमेश्वर ने मानवजाति के लिए तैयार किया
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-057.html) - परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (II) भाग दो जीवनयापन का मूलभूत वातावरण जिसकी रचना परमेश्वर मानवजाति के लिए करता है 3. आवाज़ तीसरी चीज़ है आवाज़। साथ ही यह कुछ ऐसा भी है जिसे मनुष्यों के लिए एक सामान्य सजीव वातावरण में होना चाहिए। जब परमेश्वर ने सभी चीज़ों की सृष्टि
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-056.html) - परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है (II) भाग एक आइए, पिछले समय की बातचीत के विषय को जारी रखें। क्या तुम लोग याद कर सकते हो कि पिछले समय हमने किस विषय पर बातचीत की थी? (परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है।) क्या "परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VII (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-053.html) - भाग एक परमेश्वर के अधिकार, परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव और परमेश्वर की पवित्रता का अवलोकन जब तुम लोग अपनी प्रार्थनाएँ समाप्त करते हो, तो क्या तुम लोगों के हृदय परमेश्वर की उपस्थिति में शांति महसूस करते हैं? (हाँ।) जिन लोगों का हृदय शांत हो सकता है, वे परमेश्वर के वचन को सुनने एवं समझने में
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VI (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-051-1.html) - परमेश्वर की पवित्रता (III) भाग तीन मैं जानता हूँ कि बहुत सारे लोग अपेक्षा कर रहे हैं कि मैं कहूँ कि वास्तव में परमेश्वर की पवित्रता क्या है, परन्तु जब मैं परमेश्वर की पवित्रता के बारे में बात करता हूँ तो मैं सबसे पहले उन कार्यों के बारे में बात करूँगा जिन्हें परमेश्वर करता है।
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VI (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-050.html) - परमेश्वर की पवित्रता (III) भाग दो हमने बस अभी अभी बात की है कि किस प्रकार शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए ज्ञान का इस्तेमाल करता है, अतः इसके आगे आइए हम इस विषय में बात करें कि किस प्रकार शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए विज्ञान का इस्तेमाल करता है। पहली बात,
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VI (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-049.html) - परमेश्वर की पवित्रता (III) भाग एक हमने पिछली बार किस विषय पर संगति की थी? (परमेश्वर की पवित्रता।) स्वयं परमेश्वर के किस पहलू से परमेश्वर की पवित्रता सम्बन्धित होती है? क्या यह परमेश्वर के सार से सम्बन्धित होती है? (हाँ।) अतः वास्तव में वह विषय क्या है जो परमेश्वर के सार से सम्बन्धित होता है?
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है V (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-047.html) - रमेश्वर की पवित्रता (II) भाग तीन शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए इन अनेक विधियों का उपयोग करता है। मनुष्य को कुछ वैज्ञानिक सिद्धांतों का ज्ञान और समझ है, मनुष्य पारंपरिक संस्कृति के प्रभाव में जीता है, और प्रत्येक मनुष्य पारंपरिक संस्कृति का उत्तराधिकारी और हस्तांतरणकर्ता है। मनुष्य शैतान द्वारा स्वयं को दी गई
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है V (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-046.html) - रमेश्वर की पवित्रता (II) भाग दो जहाँ तक परमेश्वर की पवित्रता का संबंध है, भले ही यह एक परिचित विषय हो, किंतु यह एक ऐसा विषय है, जिसके बारे में बात करने पर कुछ लोगों के लिए यह थोड़ा अमूर्त हो सकता है, और कुछ गहन, और उनकी पहुँच से परे हो सकता है। लेकिन
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है III (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-036.html) - परमेश्वर का अधिकार (II) भाग दो मानव जीवन में छह मोड़ जीवन पथ पर चलते हुए, प्रत्येक व्यक्ति कई महत्वपूर्ण मोड़ों पर पहुँचता है। ये अत्यधिक बुनियादी, और बेहद महत्वपूर्ण कदम होते हैं जो जीवन में व्यक्ति के भाग्य को निर्धारित करते हैं। आगे जो कुछ बताया गया है वह इन दिशासूचकों का एक संक्षिप्त
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है III (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-035.html) - परमेश्वर का अधिकार (II) भाग एक आज हम "स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है" के विषय पर अपनी संगति को जारी रखेंगे। हम पहले ही इस विषय पर दो संगतियाँ कर चुके हैं। इसमें पहली परमेश्वर के अधिकार से संबंधित थी, और दूसरी परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव से। इन दोनों संगतियों को सुनने के पश्चात्, क्या
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-032.html) - परमेश्वर का धार्मिक स्वभाव भाग तीन पाँच प्रकार के लोग फिलहाल मैं परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव के संबंध में हमारी सहभागिता को यहीं छोड़ता हूँ। आगे मैं परमेश्वर के संबंध में उसके अनुयायियों की समझ और उसके धार्मिक स्वभाव के संबंध में उनकी समझ और अनुभव के अनुसार उनका विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकरण करूँगा, ताकि
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-031.html) - परमेश्वर का धार्मिक स्वभाव भाग दो सच्चे पश्चात्ताप के जरिये मनुष्य परमेश्वर की दया और सहनशीलता प्राप्त करता है आगे बाइबल की "परमेश्वर द्वारा नीनवे के उद्धार" की कहानी दी गई है। योना 1:1-2 यहोवा का यह वचन अमित्तै के पुत्र योना के पास पहुँचा: "उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरुद्ध
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-030.html) - परमेश्वर का धार्मिक स्वभाव भाग एक अब जबकि तुम लोग पिछली सहभागिता में परमेश्वर के अधिकार के बारे में सुन चुके हो, मैं आश्वस्त हूँ कि तुम लोग इस मुद्दे पर काफ़ी वचनों से लैस हो गए हो। तुम लोग कितना स्वीकार कर सकते हो, कितना समझ-बूझ सकते हो, यह सब इस पर निर्भर करता
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I (भाग पांच)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-029.html) - परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांच नीचे दिए गए वचन परमेश्वर के अधिकार को जानने के लिए अति आवश्यक हैं, और उन का अर्थ नीचे सभा के विचार विमर्श में दिया गया है। आओ हम निरन्तर पवित्र शास्त्र को पढ़ते रहें। 4. शैतान को परमेश्वर की आज्ञा (अय्यूब 2:6) यहोवा ने शैतान से कहा, "सुन,
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-028-1.html) - परमेश्वर का अधिकार (I) भाग चार सृष्टिकर्ता के अधिकार को समय, स्थान, या भूगोल द्वारा विवश नहीं किया जा सकता है, और न ही उसके अधिकारों का मूल्यांकन किया जा सकता है आओ हम उत्पत्ति 22:17-18 को देखें। यह यहोवा परमेश्वर के द्वारा बोला गया एक और अंश है, जिसमें उसने अब्राहम से कहा, इस
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I (भाग एक के क्रम में)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-025-2.html) - परमेश्वर का अधिकार (I) भाग एक के क्रम में चौथे दिन, जब परमेश्वर एक बार फिर से अपने अधिकार का उपयोग करता है तो मानवजाति के लिए मौसम, दिन, और वर्ष अस्तित्व में आते हैं सृष्टिकर्ता ने अपनी योजना को पूरा करने के लिए अपने वचनों का इस्तेमाल किया और इस तरह से उसने अपनी
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-025-1.html) - परमेश्वर का अधिकार (I) भाग एक मेरी पिछली अनेक संगतियाँ परमेश्वर के कार्य, परमेश्वर के स्वभाव, और स्वयं परमेश्वर के विषय में थीं। इन संगतियों को सुनने के बाद, क्या तुम लोगों को लगता है कि तुम सबने परमेश्वर के स्वभाव की समझ और ज्ञान प्राप्त कर लिया है? तुमने किस हद तक समझ और
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III (भाग छे)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-022.html) - भाग छे अब आओ, पवित्रशास्त्र के निम्नलिखित अंश पढ़ें। 12. अपने पुनरुत्थान के बाद अपने चेलों के लिए यीशु के वचन यूहन्ना 20:26-29 आठ दिन के बाद उसके चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उनके साथ था; और द्वार बन्द थे, तब यीशु आया और उनके बीच में खड़े होकर कहा, "तुम्हें शान्ति
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III (भाग पांच)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-021.html) - भाग पांच इसके बाद, आओ पवित्रशास्त्र से कुछ और पढ़ें। 10. फरीसियों द्वारा यीशु की आलोचना मरकुस 3:21-22 जब उसके कुटुम्बियों ने यह सुना, तो वे उसे पकड़ने के लिए निकले; क्योंकि वे कहते थे कि उसका चित ठिकाने नहीं है। शास्त्री भी जो यरूशलेम से आए थे, यह कहते थे, "उसमें शैतान है," और
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-019.html) - भाग तीन आगे, आओ पवित्रशास्त्र के निम्नलिखित अंश पढ़ें। 6. यीशु का पहाड़ी उपदेश धन्य वचन (मत्ती 5:3-12) नमक और ज्योति (मत्ती 5:13-16) व्यवस्था की शिक्षा (मत्ती 5:17-20) क्रोध और हत्या (मत्ती 5:21-26) व्यभिचार (मत्ती 5:27-30) तलाक (मत्ती 5:31-32) शपथ (मत्ती 5:33-37) प्रतिशोध (मत्ती 5:38-42) शत्रुओं से प्रेम (मत्ती 5:43-48) दान (मत्ती 6:1-4) प्रार्थना (मत्ती
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-017.html) - भाग एक हमारी पिछली कुछ संगतियों का तुममें से हर एक पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। फ़िलहाल, अंतत: लोग वास्तव में परमेश्वर के सच्चे अस्तित्व को महसूस कर सकते हैं और यह भी कि परमेश्वर वास्तव में मनुष्य के बहुत निकट है। यद्यपि लोगों ने बहुत वर्षों तक परमेश्वर पर विश्वास किया हो सकता है,
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II (भाग छे के क्रम में)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-015-2.html) - भाग छे के क्रम में हालाँकि परमेश्वर मनुष्य से छिपा हुआ है, फिर भी सभी चीज़ों के मध्य उसके कार्य मनुष्य के लिए पर्याप्त हैं कि वह परमेश्वर को जान सके अय्यूब ने परमेश्वर के चेहरे को नहीं देखा था, या परमेश्वर के द्वारा बोले गए वचनों को नहीं सुना था, और उसने व्यक्तिगत रूप
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II (भाग पांच के क्रम में)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-014-2.html) - भाग पांच के क्रम में अय्यूब का असली चेहरा: सच्चा, शुद्ध, और बिना किसी असत्य का आओ हम निम्नलिखित अंश को पढ़ें: "तब शैतान यहोवा के सामने से निकला, और अय्यूब को पाँव के तलवे से ले सिर की चोटी तक बड़े बड़े फोड़ों से पीड़ित किया। तब अय्यूब खुजलाने के लिये एक ठीकरा लेकर
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II (भाग पांच)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-014-1.html) - भाग पांच अय्यूब के विषय में अय्यूब किस प्रकार परीक्षाओं से होकर गुज़रा था इन बातों को सीखने के बाद, तुम में से अधिकांश लोग संभवतः अय्यूब के विषय में और भी अधिक ब्योरों को जानना चाहोगे, खासतौर पर उस रहस्य के सम्बन्ध में जिसके द्वारा उसने परमेश्वर की प्रशंसा को हासिल किया था। अतः
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II (भाग चार के क्रम में)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-013-2.html) - भाग चार के क्रम में अय्यूब के विषय में लोगों की अनेक ग़लतफहमियां अय्यूब के द्वारा सही गई कठिनाईयां परमेश्वर के द्वारा भेजे गए स्वर्गदूतों का कार्य नहीं था, न ही इसे परमेश्वर के हाथ के द्वारा किया गया था। इसके बजाए, इसे शैतान के द्वारा व्यक्तिगत रूप से किया गया था, जो परमेश्वर का
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-006.html) - भाग एक आज हम एक महत्वपूर्ण विषय पर बातचीत कर रहे हैं। यह ऐसा विषय है जिस पर परमेश्वर के कार्य की शुरुआत से लेकर अब तक चर्चा की गई है, और यह प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्याधिक महत्व रखता है। दूसरे शब्दों में, यह ऐसा विषय है, जिसके सम्पर्क में प्रत्येक व्यक्ति परमेश्वर में
- [परमेश्वर का स्वभाव और उसका कार्य जो परिणाम हासिल करेगा, उसे कैसे जानें (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-004-1.html) - भाग चार परमेश्वर की प्रवृत्ति को समझो और परमेश्वर के बारे में सभी गलत धारणाओं को छोड़ दो आज जिस परमेश्वर पर तुम लोग विश्वास करते हो, वह किस तरह का परमेश्वर है? क्या तुम लोगों ने कभी इस बारे में सोचा है कि यह किस प्रकार का परमेश्वर है? जब वह किसी दुष्ट व्यक्ति
- [परमेश्वर का स्वभाव और उसका कार्य जो परिणाम हासिल करेगा, उसे कैसे जानें (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-001.html) - भाग एक सबसे पहले, आओ हम एक भजन गाएँ: राज्य गान (I) राज्य जगत में अवतरित होता है। राज्य गान (I) राज्य जगत में अवतरित होता है 1. परमेश्वर का राज्य धरती पर आ चुका है; परमेश्वर का व्यक्तित्व पूर्ण है समृद्ध है। कौन है जो शांत रहे और आनंद ना करे? कौन है जो
- [परमेश्वर का स्वभाव और उसका कार्य जो परिणाम हासिल करेगा, उसे कैसे जानें (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression-002-1.html) - भाग दो परमेश्वर के मार्ग पर चलो : परमेश्वर का भय मानो और बुराई से दूर रहो एक कहावत है जिस पर तुम लोगों को ध्यान देना चाहिए। मेरा मानना है कि यह कहावत अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मेरे मन में हर दिन अनेक बार आती है। ऐसा क्यों है? इसलिए क्योंकि जब भी
- [देहधारण का रहस्य (4) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-word-appears-in-the-flesh-selections-5-023-2.html) - परमेश्वर के द्वारा मनुष्य को, सीधे तौर पर पवित्रात्मा के साधनों के माध्यम से और आत्मा की पहचान से बचाया नहीं जाता है, क्योंकि उसके आत्मा को मनुष्य के द्वारा न तो देखा जा सकता है और न ही स्पर्श किया जा सकता है, और मनुष्य के द्वारा उस तक पहुँचा नहीं जा सकता है।
- [देहधारण का रहस्य (4) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-word-appears-in-the-flesh-selections-5-023.html) - तुम लोगों को बाइबल के सृजन और उसके पीछे की कहानी के बारे में जानना चाहिए। यह ज्ञान उन लोगों का नहीं है जिन्होंने परमेश्वर के नये कार्य को स्वीकार नहीं किया है। वे नहीं जानते हैं। अगर तुम उन्हें सार के ये मामले समझाओ, तो वे बाइबिल की तुम्हारे सामने ज़्यादा तरफ़दारी नहीं करेंगे।
- [देहधारण का रहस्य (1) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-word-appears-in-the-flesh-selections-5-020.html) - अपनी सेवकाई करने से पहले, यीशु भी केवल एक सामान्य व्यक्ति था, जिसने पवित्र आत्मा के हरेक कार्य के अनुसार कार्य किया। भले ही उस समय वह अपनी पहचान के बारे में जितना भी जानता हो, उसने उस सबका पालन किया, जो परमेश्वर से आया। पवित्र आत्मा ने उसकी सेवकाई शुरू होने से पहले कभी
- [देहधारण का रहस्य (1) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-word-appears-in-the-flesh-selections-5-020-1.html) - अनुग्रह के युग में यूहन्ना ने यीशु का मार्ग प्रशस्त किया। यूहन्ना स्वयं परमेश्वर का कार्य नहीं कर सकता था और उसने मात्र मनुष्य का कर्तव्य पूरा किया था। यद्यपि यूहन्ना प्रभु का अग्रदूत था, फिर भी वह परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ था; वह पवित्र आत्मा द्वारा उपयोग किया गया मात्र एक मनुष्य
- [परमेश्वर के कार्य का दर्शन (3) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-word-appears-in-the-flesh-selections-5-013-1.html) - आरंभ में, व्यवस्था के पुराने विधान के युग के दौरान मनुष्य का मार्गदर्शन करना एक बच्चे के जीवन का मार्गदर्शन करने जैसा था। आरंभिक मानवजाति यहोवा की नवजात थी; वे इस्राएली थे। उन्हें इस बात की समझ नहीं थी कि परमेश्वर का सम्मान कैसे करें या पृथ्वी पर कैसे रहें। दूसरे शब्दों में, यहोवा ने
- [परमेश्वर के कार्य का दर्शन (3) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-word-appears-in-the-flesh-selections-5-013.html) - पहली बार जब परमेश्वर देह बना, तो यह पवित्र आत्मा द्वारा गर्भधारण के माध्यम से था, और यह उस कार्य के लिए प्रासंगिक था, जिसे करने का वह इरादा रखता था। अनुग्रह का युग यीशु के नाम से शुरू हुआ। जब यीशु ने अपनी सेवकाई आरंभ की, तो पवित्र आत्मा ने यीशु के नाम की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 368](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-368.html) - युगों से, बहुत से लोग निराशा, और अनिच्छा के साथ इस संसार से चले गए हैं, और बहुत से लोग आशा और विश्वास के साथ इसमें आ गए हैं। मैंने बहुतों के आने का प्रबन्ध किया है, और बहुतों को दूर भेज दिया है। अनगिनित लोग मेरे हाथों से होकर गुज़रें हैं। बहुत सी आत्माओं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 281](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-281.html) - परमेश्वर और मनुष्य को बराबर नहीं कहा जा सकता। उसका सार और उसका कार्य मनुष्य के लिये सर्वाधिक अथाह और समझ से परे है। यदि परमेश्वर व्यक्तिगत रूप में अपना कार्य न करे, और मनुष्यों के संसार में अपने वचन न कहें, तो मनुष्य कभी भी परमेश्वर की इच्छा को समझ नहीं सकता है, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 291](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-291.html) - आज तुम पर विजय प्राप्त करने का उद्देश्य यही है कि तुम स्वीकार करो कि परमेश्वर तुम्हारा परमेश्वर है और वह दूसरों का भी परमेश्वर है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह उन सभी का परमेश्वर है जो उससे प्यार करते हैं, वह सारी सृष्टि का परमेश्वर है। वह इस्राएलियों का परमेश्वर है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 174](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-174.html) - मनुष्य का कार्य उसके अनुभव और उसकी मानवता के तात्पर्य को सूचित करता है। मनुष्य जो कुछ मुहैया कराता है और जो कार्य करता है, वह उसका प्रतिनिधित्व करता है। मनुष्य की अंतर्दृष्टि, उसकी विवेक-बुद्धि, उसकी तर्कशक्ति और उसकी समृद्ध कल्पना, सभी उसके कार्य में शामिल होते हैं। मनुष्य का अनुभव, विशेष रूप से उसके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 204](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-204.html) - आज, मैं तुम लोगों के स्वयं के जीवित रहने के वास्ते तुम लोगों को इस प्रकार से धिक्कारता हूँ, ताकि मेरा कार्य सुचारू रूप से प्रगति करे, और सम्पूर्ण जगत में मेरा आरंभिक कार्य, मेरे वचनों, अधिकार, प्रताप और मेरे न्याय को सभी देशों और राष्ट्रों के लोगों के लिए प्रकट करते हुए, और भी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 198](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-198.html) - आज, मैं चीन में परमेश्वर के चुने हुए लोगों में इसलिए काम करता हूँ ताकि उनके सारे विद्रोही स्वभावों को प्रकट करके उनकी समस्त कुरूपता को बेनकाब करूँ, और इससे मुझे वो सब बातें कहने के लिए संदर्भ मिलता है जो मुझे कहने की ज़रूरत है। तत्पश्चात, जब मैं सम्पूर्ण कायनात को जीतने के कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 84](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-084.html) - आज परमेश्वर तुम लोगों का न्याय करता है, और तुम लोगों को ताड़ना देता है, और तुम्हारी निंदा करता है, लेकिन जान लो कि तुम्हारी निंदा इसलिए है कि तुम स्वयं को जान सको। निन्दा, अभिशाप, न्याय, ताड़ना—ये सब इसलिए हैं ताकि तुम स्वयं को जान सको, ताकि तुम्हारे स्वभाव में परिवर्तन हो जाए, और,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 405](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-405.html) - मैंने पहले कहा है कि "वे सब जो संकेतों और चमत्कारों को देखने की कोशिश करते हैं त्याग दिये जाएँगे; ये वे लोग नहीं हैं जो पूर्ण बनाए जाएँगे।" मैंने बहुत से वचन कहे हैं, फिर भी तुम्हें इस कार्य का लेशमात्र भी ज्ञान नहीं है, और, इस स्तर तक आकर, तुम अभी भी संकेतों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 147](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-147.html) - 6,000 वर्षों के दौरान कार्य की समग्रता समय के साथ धीरे-धीरे बदल गई है। इस कार्य में बदलाव समस्त संसार की परिस्थितियों के अनुसार हुए हैं। परमेश्वर का प्रबंधन का कार्य केवल मानवजाति के पूर्णरूपेण विकास की प्रवृत्ति के अनुसार धीरे-धीरे रूपान्तरित हुआ है; सृष्टि के आरंभ में इसकी पहले से योजना नहीं बनाई गई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 242](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-242.html) - दस प्रशासनिक आदेश जो राज्य के युग में परमेश्वर के चुने लोगों द्वारा पालन किए जाने चाहिए 1. मनुष्य को स्वयं को बड़ा नहीं दिखाना चाहिए, न अपनी बड़ाई करनी चाहिए। उसे परमेश्वर की आराधना और बड़ाई करनी चाहिए। 2. वह सब कुछ करो जो परमेश्वर के कार्य के लिए लाभदायक है और ऐसा कुछ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 124](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-124.html) - मनुष्य की देह की भ्रष्टता का न्याय करने के लिए देह में प्रकट परमेश्वर से अधिक उपयुक्त और कोई योग्य नहीं है। यदि न्याय सीधे तौर पर परमेश्वर के आत्मा के द्वारा किया जाए, तो यह सर्वव्यापी नहीं होता। इसके अतिरिक्त, ऐसे कार्य को स्वीकार करना मनुष्य के लिए कठिन होता है, क्योंकि पवित्रात्मा मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 78](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-078.html) - फरीसियों द्वारा यीशु की आलोचना मरकुस 3:21-22 जब उसके कुटुम्बियों ने यह सुना, तो वे उसे पकड़ने के लिए निकले; क्योंकि वे कहते थे कि उसका चित ठिकाने नहीं है। शास्त्री भी जो यरूशलेम से आए थे, यह कहते थे, "उसमें शैतान है," और "वह दुष्टात्माओं के सरदार की सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता है।"
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 66](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-066.html) - "पर मैं तुम से कहता हूँ कि यहाँ वह है जो मन्दिर से भी बड़ा है। यदि तुम इसका अर्थ जानते, 'मैं दया से प्रसन्न होता हूँ, बलिदान से नहीं,' तो तुम निर्दोष को दोषी न ठहराते। मनुष्य का पुत्र तो सब्त के दिन का भी प्रभु है" (मत्ती 12:6-8)। यहाँ "मंदिर" किसे संदर्भित करता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 47](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-047.html) - अय्यूब अपने जन्म के दिन को कोसता है क्योंकि वह नहीं चाहता था कि उसके द्वारा परमेश्वर को तकलीफ हो मैं अकसर कहता हूँ कि परमेश्वर मनुष्य के हृदय के भीतर देखता है, और लोग मनुष्यों के बाहरी रुप-रंग को देखते हैं। क्योंकि परमेश्वर मनुष्य के हृदय के भीतर देखता है, वह उनकी हस्ती (मूल-तत्व)
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 115](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-115.html) - योना 3 तब यहोवा का यह वचन दूसरी बार योना के पास पहुँचा: "उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूँगा, उसका उस में प्रचार कर।" तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया। नीनवे एक बहुत बड़ा नगर था, वह तीन दिन की यात्रा का था।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 28](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-daily-words-of-God-20-03-14-2.html) - राज्य के युग में, परमेश्वर नए युग की शुरूआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने, और संपूर्ण युग में काम करने के लिये अपने वचन का उपयोग करता है। वचन के युग में यही वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा परमेश्वर कार्य करता है। वह देहधारी हुआ ताकि विभिन्न दृष्टिकोणों से बातचीत कर सके, मनुष्य वास्तव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 25](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-025.html) - यदि लोग अनुग्रह के युग में बने रहेंगे, तो वे कभी भी अपने भ्रष्ट स्वभाव से मुक्त नहीं होंगे, और परमेश्वर के अंर्तनिहित स्वभाव को जानने की बात को तो जाने ही दें। यदि लोग सदैव अनुग्रह की प्रचुरता में रहते हैं, परंतु वे जीवन के उस मार्ग के बिना हैं, जो उन्हें परमेश्वर को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 119](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-daily-words-of-God-20-02-23-1.html) - भ्रष्ट इंसान की आवश्यकताओं के कारण ही देहधारी परमेश्वर देह में आया है। परमेश्वर के समस्त बलिदान और कष्ट मनुष्य की आवश्यकताओं की वजह से हैं, न कि परमेश्वर की आवश्यकताओं के कारण, न ही वे स्वयं परमेश्वर के लाभ के लिए हैं। परमेश्वर के लिए कोई फायदे-नुकसान या प्रतिफल नहीं हैं; परमेश्वर को भविष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 83](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-083.html) - मनुष्य की देह की भ्रष्टता का न्याय करने के लिए देह में प्रकट परमेश्वर से अधिक उपयुक्त और कोई योग्य नहीं है। यदि न्याय सीधे तौर पर परमेश्वर के आत्मा के द्वारा किया जाए, तो यह सर्वव्यापी नहीं होता। इसके अतिरिक्त, ऐसे कार्य को स्वीकार करना मनुष्य के लिए कठिन होता है, क्योंकि पवित्रात्मा मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 8](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-daily-words-of-God-20-03-16-2.html) - परमेश्वर स्वयं का कार्य वह दर्शन है जो मनुष्य को अवश्य जानना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर का कार्य मनुष्यों के द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है, और मनुष्यों के द्वारा धारण नहीं किया जाता है। कार्य के तीन चरण परमेश्वर के प्रबंधन की सम्पूर्णता हैं, और इससे बड़ा कोई दर्शन नहीं है जो मनुष्यों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 116](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-daily-words-of-God-20-04-08-3.html) - परमेश्वर के द्वारा मनुष्य को, सीधे तौर पर पवित्रात्मा के साधनों के माध्यम से और आत्मा की पहचान से बचाया नहीं जाता है, क्योंकि उसके आत्मा को मनुष्य के द्वारा न तो देखा जा सकता है और न ही स्पर्श किया जा सकता है, और मनुष्य के द्वारा उस तक पहुँचा नहीं जा सकता है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 35](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-daily-words-of-God-20-02-19-2.html) - परमेश्वर पृथ्वी पर मुख्य रूप से अपने वचनों को कहने के लिए आया है; और तुम जिसके साथ संलग्न होते हो, वह परमेश्वर का वचन है, वह परमेश्वर का वचन है, तुम जो देखते हैं, वह परमेश्वर का वचन है, तुम जिसे सुनते हो वह परमेश्वर का वचन है, तुम जिसका पालन करते हो वह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 11](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-daily-words-of-God-20-03-18.html) - कार्य के ये तीनों चरणों का निरन्तर उल्लेख क्यों किया गया है? युगों की समाप्ति, सामाजिक विकास और प्रकृति का बदलता हुआ स्वरूप सभी कार्य के तीनों चरणों में परिवर्तनों का अनुसरण करते हैं। मानवजाति परमेश्वर के कार्य के साथ समय के अनुसार बदलती है, और अपने आप में विकसित नहीं होती है। परमेश्वर के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 107](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-107.html) - मसीह की मानवता उसकी दिव्यता द्वारा संचालित होती है। यद्यपि वह देह में हैं, किन्तु उसकी मानवता पूर्ण रूप से देह वाले एक मनुष्य के समान नहीं है। उसका अपना एक अनूठा चरित्र है, और यह भी उसकी दिव्यता द्वारा संचालित होता है। उसकी दिव्यता में कोई निर्बलता नहीं है; मसीह की निर्बलता उसकी मानवता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 16](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-daily-words-of-God-20-04-11-2.html) - वर्तमान में किए गए कार्य ने अनुग्रह के युग के कार्य को आगे बढ़ाया है; अर्थात्, समस्त छह हजार सालों की प्रबन्धन योजना में कार्य आगे बढ़ाया है। यद्यपि अनुग्रह का युग समाप्त हो गया है, किन्तु परमेश्वर के कार्य ने आगे प्रगति की है। मैं क्यों बार-बार कहता हूँ कि कार्य का यह चरण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 141](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-work-141.html) - इन दिनों में परमेश्वर के कार्यों को जानना, अधिकांशतः, अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर को जानना है, यह जानना है कि उसकी मुख्य सेवकाई क्या है और पृथ्वी पर वह क्या करने के लिए आया है। मैंने पहले अपने वचनों में उल्लेख किया था कि प्रस्थान से पहले हमारे सामने एक उदाहरण स्थापित करने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 608](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-destinations-and-outcomes-608.html) - मैंने तुम लोगों को कई चेतावनियाँ दी हैं और तुम लोगों को जीतने के लिए कई सत्य दिए हैं। पहले के मुकाबले आज तुम लोग अधिक समझदार हो, बहुत से सिद्धांतों को समझते हो कि किसी व्यक्ति को कैसे होना चाहिए, और आस्थावान लोगों में जो सामान्य ज्ञान होना चाहिए, वह तुम लोगों में है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 451](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-451.html) - वर्तमान धारा में उन सभी के पास, जो सच में परमेश्वर से प्रेम करते हैं, उसके द्वारा पूर्ण किए जाने का अवसर है। चाहे वे युवा हों या वृद्ध, जब तक वे अपने हृदय में परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और श्रद्धा रखते हैं, वे उसके द्वारा पूर्ण किए जा सकते हैं। परमेश्वर लोगों को उनके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 127](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-127.html) - मनुष्य की देह को शैतान के द्वारा भष्ट कर दिया गया है, उसे एकदम अन्धा करके बुरी तरह से नुकसान पहुँचाया गया है। परमेश्वर देह में आकर निजी तौर पर कार्य इसलिए करता है क्योंकि उसके उद्धार का लक्ष्य हाड़-माँस का इंसान है, और इसलिए भी क्योंकि परमेश्वर के कार्य को बिगाड़ने के लिए शैतान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 255](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-255.html) - यदि तुम वास्तव में अनन्त जीवन के मार्ग को प्राप्त करने की इच्छा रखते हो, और यदि तुम इसको खोजने के लिए भूखे हो, तो पहले इस प्रश्न का उत्तर दो: आज परमेश्वर कहां है? हो सकता है कि तुम कहो कि परमेश्वर स्वर्ग में रहता है, बिल्कुल—वह तुम्हारे घर में तो रहेगा नहीं, हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 403](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-403.html) - आगे बढ़ने पर, परमेश्वर के वचन के बारे में बात करना वह सिद्धांत है जिसके द्वारा तुम बोलते हो। जब तुम लोग आपस में मिलते हो, तब तुम लोगों को परमेश्वर के वचन के बारे में सहभागिता करनी चाहिये, और उसी के विषय पर बातचीत करनी चाहिये; इस बारे में बात करो कि परमेश्वर के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 137](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-137.html) - जब परमेश्वर पृथ्वी पर आता है, तो वह दिव्यता के भीतर केवल अपना कार्य करता है। यही स्वर्गिक परित्रात्मा ने देहधारी परमेश्वर को सौंपा है। जब वह आता है, तो वह हर जगह केवल बातें करने के लिए, अपने कथनों को भिन्न-भिन्न तरीकों से और भिन्न-भिन्न परिप्रेक्ष्यों से कहने के लिए जाता है। वह अपने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 401](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-401.html) - सहस्राब्दिक राज्य के युग में क्या तुमने इस नये युग में प्रवेश किया है, यह इस बात से तय होगा कि क्या तुमने वास्तव में परमेश्वर के वचनों की वास्तविकता में प्रवेश किया है या नहीं, और उसके वचन तुम्हारे जीवन में वास्तविकता बन चुके हैं या नहीं। परमेश्वर का वचन सभी को बताया गया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 587](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-destinations-and-outcomes-587.html) - दुनिया के विशाल विस्तार में अनगिनत परिवर्तन हो चुके हैं, बार-बार गाद भरने से महासागर मैदानों में बदल रहे हैं, खेत बाढ़ से महासागरों में बदल रहे हैं। सिवाय उसके जो ब्रह्मांड में सभी चीज़ों पर शासन करता है, कोई भी इस मानव-जाति की अगुआई और मार्गदर्शन करने में समर्थ नहीं है। कोई ऐसा पराक्रमी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 108](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-daily-words-of-God-074-4.html) - यद्यपि पृथ्वी पर मसीह परमेश्वर स्वयं के स्थान पर कार्य करने में समर्थ है, किन्तु वह सब लोगों को देह में अपनी छवि दिखाने के आशय से नहीं आता है। वह सब लोगों को स्वयं का दर्शन कराने नहीं आता है; वह मनुष्य को अनुमति देने आता है कि वह उसका हाथ पकड़कर उसकी अगुवाई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 194](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-194.html) - मानव को आज तक का समय लग गया है यह समझ पाने में कि उसे केवल आध्यात्मिक जीवन की आपूर्ति और परमेश्वर को जानने के अनुभव का ही अभाव नहीं है, बल्कि—इससे भी अधिक महत्वपूर्ण है—उसके स्वभाव में परिवर्तन। मनुष्य की अपनी जाति के इतिहास और प्राचीन संस्कृति के बारे में पूरी अज्ञानता का यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 311](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-311.html) - ऊपर से नीचे तक और शुरू से अंत तक शैतान परमेश्वर के कार्य को बाधित कर रहा है और उसके विरोध में काम कर रहा है। "प्राचीन सांस्कृतिक विरासत", मूल्यवान "प्राचीन संस्कृति के ज्ञान", "ताओवाद और कन्फ्यूशीवाद की शिक्षाओं" और "कन्फ्यूशियन क्लासिक्स और सामंती संस्कारों" की इस सारी चर्चा ने मनुष्य को नरक में पहुँचा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 85](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-085.html) - यद्यपि मेरे वचन कठोर हो सकते हैं, किंतु वे सभी मनुष्यों के उद्धार के लिए कहे जाते हैं, क्योंकि मैं सिर्फ वचनों को बोल रहा हूँ और मनुष्य के शरीर को दंडित नहीं कर रहा हूँ। ये वचन मनुष्य को प्रकाश में जीने, यह जानने कि प्रकाश विद्यमान है, यह जानने कि प्रकाश अनमोल है,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 209](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-209.html) - आज के मार्ग पर चलना आसान नहीं है। कोई कह सकता है कि इसे पाना कठिन है और यह युग-युगों के दौरान बहुत ही दुर्लभ है। हालाँकि, किसने सोचा होगा कि मनुष्य का देह अकेले ही उसका विध्वंस करने के लिए पर्याप्त है? आज का कार्य निश्चित रूप से वसंत की बारिश की तरह कीमती
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 212](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-212.html) - अंतिम दिनों में, जो कार्य परमेश्वर को करना है, उसे करने और अपने वचनों की सेवकाई करने के लिए परमेश्वर ने देहधारण किया। वह मनुष्यों के मध्य अपने हृदय के अनुसार लोगों को पूर्ण बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य करने के लिए व्यक्तिगत रूप से आया। सृष्टि से लेकर आज तक, केवल अन्तिम दिनों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 335](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-335.html) - तुम्हारा गंतव्य और तुम्हारी नियति तुम लोगों के लिए बहुत अहम हैं—वे गंभीर चिंता के विषय हैं। तुम मानते हो कि अगर तुम अत्यंत सावधानी से कार्य नहीं करते, तो इसका अर्थ यह होगा कि तुम्हारा कोई गंतव्य नहीं होगा, कि तुमने अपना भाग्य बिगाड़ लिया है। लेकिन क्या तुम लोगों ने कभी सोचा है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 260](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-260.html) - इस दुनिया में आने वाले सभी लोगों को जीवन और मृत्यु से गुजरना होता है, और उनमें से अधिकांश मृत्यु और पुनर्जन्म के चक्र से गुजर चुके हैं। जो जीवित हैं, वे शीघ्र ही मर जाएँगे और मृत शीघ्र ही लौट आएँगे। यह सब परमेश्वर द्वारा प्रत्येक जीवित प्राणी के लिए व्यवस्थित जीवन का क्रम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 332](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-332.html) - जो जीवन तुम हर दिन जीते हो वह अब तुम्हारी नियति और तुम्हारी तकदीर के लिए निर्णायक और बहुत ही महत्वपूर्ण है। अतः जो कुछ तुम्हारे पास है और हर मिनट जो गुज़रता जाता है उसमें तुम्हें आनन्दित होना चाहिए। खुद को सबसे बड़ा लाभ देने के लिए तुम्हें अपने समय का हर सम्भव सदुपयोग
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 359](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-359.html) - ऐसा व्यवहार जो पूरी तरह से मेरी आज्ञा का पालन नहीं कर सकता है, विश्वासघात है। ऐसा व्यवहार जो मेरे प्रति निष्ठावान नहीं हो सकता है विश्वासघात है। मेरे साथ छल करना और मेरे साथ धोखा करने के लिए झूठ का उपयोग करना, विश्वासघात है। धारणाओं से भरा होना और हर जगह उन्हें फैलाना विश्वासघात
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 360](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-360.html) - कोई भी अपना सच्चा चेहरा दर्शाने के लिए अपने स्वयं के शब्दों और क्रियाओं का उपयोग कर सकता है। यह सच्चा चेहरा निश्चित रूप से उसकी प्रकृति है। यदि तुम बहुत कुटिल ढंग से बोलने वाले व्यक्ति हो, तो तुम कुटिल प्रकृति के हो। यदि तुम्हारी प्रकृति धूर्त है, तो तुम कपटी ढंग से काम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 117](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-117.html) - जो कुछ मनुष्यों ने अब प्राप्त किया है—आज की अपनी कद-काठी, ज्ञान, प्रेम, वफादारी, आज्ञाकारिता, और अंतर्दृष्टि—वे ऐसे परिणाम हैं जिन्हें वचन के न्याय के माध्यम से प्राप्त किया गया है। यह कि तुम वफादारी रखने में और आज के दिन तक खड़े रहने में समर्थ हो यह वचन के माध्यम से प्राप्त किया जाता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 111](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-111.html) - देहधारी बना परमेश्वर स्वयं को सभी प्राणियों के बजाय केवल लोगों के उस हिस्से पर ही अभिव्यक्त करता है, जो उस अवधि के दौरान उसका अनुसरण करते हैं, जब वह व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करता है। वह केवल अपने कार्य के एक चरण को पूरा करने के लिए देह बनता है, मनुष्य को अपनी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 230](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-230.html) - परमेश्वर के सभी वचनों में उसके स्वभाव का एक हिस्सा समाहित होता है। परमेश्वर के स्वभाव को वचनों में पूरी तरह से व्यक्त नहीं किया जा सकता है, जो यह दर्शाने के लिए पर्याप्त है कि उसमें कितनी प्रचुरता है। आखिरकार, जिसे लोग देख और स्पर्श कर सकते हैं, वो उतना ही सीमित है जितनी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 201](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-201.html) - अंत के समय का कार्य सारे नियमों से अलग है, और चाहे तुम शापित हो या दंडित, जब तक तुम मेरे कार्य में सहायता करते हो और विजय के कार्य में लाभप्रद हो, और चाहे तुम मोआब के वंशज हो या बड़े लाल अजगर की संतान, जब तक तुम कार्य के इस चरण में परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 195](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-195.html) - मैंने कई बार कहा है कि परमेश्वर का अंतिम दिनों का कार्य प्रत्येक व्यक्ति की आत्मा को परिवर्तित करने, प्रत्येक व्यक्ति की रूह को बदलने के लिए किया जाता है, ताकि उसके दिल में, जिसने बहुत बड़ा आघात सहा है, सुधार लाया जा सके और इस प्रकार उसकी उस आत्मा को बचाया जा सके, जिसे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 373](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-373.html) - परमेश्वर ने मानवजाति बनाई, किन्तु जब वह मानव दुनिया में आता है, तो वे उसका विरोध करने की कोशिश करते हैं, उसे अपने इलाके से निकाल देते हैं, मानो कि वह दुनिया में भटकता कोई अनाथ हो बस, या राष्ट्रविहीन वैश्विक व्यक्ति हो। कोई भी परमेश्वर से अनुरक्त महसूस नहीं करता है, कोई भी वास्तव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 320](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-320.html) - मैं उन लोगों में प्रसन्नता अनुभव करता हूँ जो दूसरों पर शक नहीं करते, और मैं उन लोगों को पसंद करता हूँ जो सच को तत्परता से स्वीकार कर लेते हैं; इन दो प्रकार के लोगों की मैं बहुत परवाह करता हूँ, क्योंकि मेरी नज़र में ये ईमानदार लोग हैं। यदि तुम धोखेबाज हो, तो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 188](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-188.html) - परमेश्वर के विश्वासी होने के नाते, तुममें से प्रत्येक को सराहना करनी चाहिए कि अंत के दिनों के परमेश्वर का कार्य ग्रहण करके और उसकी योजना का वह कार्य ग्रहण करके जो आज वह तुममें करता है, तुमने किस तरह अधिकतम उत्कर्ष और उद्धार सचमुच प्राप्त कर लिया है। परमेश्वर ने लोगों के इस समूह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 156](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-156.html) - जिसमें दर्शन शामिल हैं वह मुख्यतः स्वयं परमेश्वर के कार्य की ओर संकेत करता है, और जिसमें रीति व्यवहार शामिल होता है उसे मनुष्य के द्वारा किया जाना चाहिए, और इसका परमेश्वर से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। परमेश्वर के कार्य को स्वयं परमेश्वर के द्वारा पूर्ण किया गया है, और मनुष्य के रीति व्यवहार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 63](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-063.html) - राज्य में, सृष्टि की असंख्य चीज़ें पुनः जीवित होना और अपनी जीवन शक्ति फिर से प्राप्त करना आरम्भ करती हैं। पृथ्वी की अवस्था में परिवर्तनों के कारण, एक भूमि और दूसरी भूमि के बीच की सीमाएँ भी खिसकना शुरू करती हैं। पूर्व काल में, मैं भविष्यवाणी कर चुका हूँ: जब भूमि से भूमि विभाजित हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 64](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-064.html) - जब स्वर्गदूत मेरी स्तुति में संगीत बजाते हैं, तो मनुष्य पर अपनी अनुकम्पा उँड़ेलने के अलावा मेरे पास अन्य कोई विकल्प नहीं होता है। तत्काल मेरा हृदय उदासी से भर जाता है, और मेरे लिए इस दुःखदायी भाव से छुटकारा पाना असंभव हो जाता है। मनुष्य से पृथक होने और फिर एक होने के आनन्द
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 66](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-066.html) - मैं राज्य में शासन करता हूँ, और, इसके अतिरिक्त, मैं पूरे ब्रह्माण्ड में शासन करता हूँ; मैं राज्य का राजा और ब्रह्माण्ड का मुखिया दोनो हूँ। इस समय से आगे, मैं उन सभी को इकट्ठा करूँगा जो चुने हुए नहीं हैं और अन्यजातियों के बीच अपना कार्य आरम्भ करूँगा, और मैं पूरे ब्रह्माण्ड के लिए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 59](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-059.html) - लोग मेरी जय-जयकार करते हैं, लोग मेरी स्तुति करते हैं; सभी अपने मुख से एकमात्र सच्चे ईश्वर का नाम लेते हैं, सभी लोगों की दृष्टि मेरे कर्मों को देखने के लिए उठती है। राज्य लोगों के जगत में अवतरित होता है, मेरा व्यक्तित्व समृद्ध और प्रचुर है। इस पर कौन खुश न होगा? कौन है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 52](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-052.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर! उसका गौरवशाली शरीर खुले रूप से प्रकट होता है, पवित्र आध्यात्मिक शरीर उदय होता है और वह स्वयं पूर्ण परमेश्वर है! दुनिया और देह दोनों बदल गए हैं और पहाड़ी पर उसका रूप-परिवर्तन परमेश्वर का व्यक्तित्व है। वह अपने सिर पर सुनहरा मुकुट पहने हुए है, उसके वस्त्र पूर्ण रूप से श्वेत हैं,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 583](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-destinations-and-outcomes-583.html) - मेरे प्रकाश में, लोग फिर से रोशनी देखते हैं। मेरे वचन में, लोग उन चीज़ों को देखते हैं जिनसे उन्हें आनंद मिलता है। मैं पूरब से आया हूँ, मैं पूरब से हूँ। जब मेरी महिमा चमकती है, तो सभी देश प्रकाशित हो उठते हैं, सभी रोशनी में ले आए जाते हैं, एक भी चीज़ अंधकार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 258](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-258.html) - जिस क्षण से तुम रोते हुए इस दुनिया में आते हो, तभी से तुम अपना कर्तव्य पूरा करना शुरू कर देते हो। परमेश्वर की योजना और उसके विधान में अपनी भूमिका निभाते हुए तुम अपनी जीवन-यात्रा शुरू करते हो। तुम्हारी पृष्ठभूमि जो भी हो और तुम्हारी आगे की यात्रा जैसी भी हो, कोई भी स्वर्ग
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 262](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-262.html) - मानवजाति का सदस्य और सच्चे ईसाई होने के नाते, अपने मन और शरीर को परमेश्वर के आदेश को पूरा करने के लिए समर्पित करना हम सभी की ज़िम्मेदारी और दायित्व है, क्योंकि हमारा सम्पूर्ण अस्तित्व परमेश्वर से आया है, और यह परमेश्वर की संप्रभुता के कारण अस्तित्व में है। यदि हमारे मन और शरीर परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 215](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-215.html) - बाइबल के दृष्य का स्मरण करें जब परमेश्वर ने सदोम पर विनाश का कार्य किया और इस बारे में भी विचार करें कि किस प्रकार से लूत की पत्नी नमक का खम्भा बन गई। वापस विचार करें कि किस प्रकार से नीनवे के लोगों ने टाट और राख में पश्चाताप किया, और स्मरण करें कि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 224](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-224.html) - जब राज्य की सलामी गूंजती है-जो तब भी होता है जब सात बार मेघों की गड़गड़ाहट होती है-यह ध्वनि स्वर्ग और पृथ्वी को झंझोर देती है, और उच्चतम स्वर्ग को कम्पित करती है और हर एक मानव के हृदय के तारों को कंपाती है। उस बड़े लाल अजगर के राष्ट्र में सम्मान के साथ राज्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 365](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-365.html) - पृथ्वी पर, सब प्रकार की दुष्ट आत्माएँ आराम करने के लिए एक स्थान की ओर चुपके चुपके निरन्तर आगे बढ़ती हैं, और वे लगातार मनुष्यों की लाशों की खोज कर रही हैं कि उन्हें खा सकें। मेरी प्रजा! तुम लोगों को मेरी देखभाल और सुरक्षा के भीतर रहना होगा। कामुकता का व्यवहार कभी भी न
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 65](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-065.html) - जिस दिन सभी चीज़ें पुनर्जीवित हुईं थीं, मैं मनुष्यों के बीच आया, और मैंने उसके साथ अद्भुत दिन और रात बिताये हैं। केवल इस अवसर पर ही मनुष्य मेरी सुलभता को थोड़ा सा समझता है, और जैसे-जैसे मेरे साथ उसकी अंतःक्रिया बार-बार होने लगती है, तो वह जो मेरे पास है और जो मैं हूँ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 6](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-006.html) - कार्य के तीनों चरण परमेश्वर के प्रबंधन का मुख्य केन्द्र हैं और उनमें परमेश्वर का स्वभाव और वह क्या है व्यक्त होते हैं। जो परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों के बारे में नहीं जानते हैं वे यह जानने में अक्षम हैं कि परमेश्वर कैसे अपने स्वभाव को व्यक्त करता है, न ही वे परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 76](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-076.html) - तुम लोगों की सत्यनिष्ठा सिर्फ़ वचनों में है, तुम लोगों का ज्ञान सिर्फ़ बौद्धिक और वैचारिक है, तुम लोगों की मेहनत सिर्फ स्वर्ग की आशीषें पाने के लिए है, और इसलिए तुम लोगों का विश्वास अवश्य ही किस प्रकार का हो सकता है? आज भी, तुम लोग सत्य के प्रत्येक वचन को एक बहरे कान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 354](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-354.html) - प्रारम्भ में मैं तुम लोगों को और अधिक सच्चाई प्रदान करना चाहता था, लेकिन चूंकि सत्य के प्रति तुम्हारी मनोवृत्ति इतनी नीरस और उदासीन है कि मुझे पीछे हटना पड़ा है। मैं नहीं चाहता कि मेरी कोशिशें व्यर्थ जाएँ, न ही मैं यह देखना चाहता हूँ कि लोग मेरे वचनों को थामे रहें और फिर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 287](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-287.html) - तुम लोगों की सत्यनिष्ठा सिर्फ़ वचनों में है, तुम लोगों का ज्ञान सिर्फ़ बौद्धिक और वैचारिक है, तुम लोगों की मेहनत सिर्फ स्वर्ग की आशीषें पाने के लिए है, और इसलिए तुम लोगों का विश्वास अवश्य ही किस प्रकार का हो सकता है? आज भी, तुम लोग सत्य के प्रत्येक वचन को एक बहरे कान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 109](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-109.html) - मसीह का कार्य तथा अभिव्यक्ति उसके सार को निर्धारित करते हैं। वह अपने सच्चे हृदय से उस कार्य को पूर्ण करने में सक्षम है जो उसे सौंपा गया है। वह सच्चे हृदय से स्वर्ग में परमेश्वर की आराधना करने में सक्षम है, तथा सच्चे हृदय से परमपिता परमेश्वर की इच्छा खोजने में सक्षम है। यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 602](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-destinations-and-outcomes-602.html) - राज्य के युग में मनुष्य को पूरी तरह से पूर्ण किया जाएगा। विजय के कार्य के पश्चात्, मनुष्य को परिष्करण एवं क्लेश के अधीन किया जाएगा। जो लोग विजय प्राप्त कर सकते हैं और इस क्लेश के दौरान गवाह के रूप में खड़े हो सकते हैं वे ऐसे मनुष्य हैं जिन्हें अन्ततः पूर्ण बनाया जाएगा;
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 226](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-226.html) - मैं अपने कार्य को उसकी सम्पूर्णता में प्रकट करते हुए पृथ्वी पर अपने अधिकार का उपयोग करता हूँ। जो कुछ मेरे कार्य में है वह पृथ्वी की सतह पर दिखाई देता है; पृथ्वी पर मानवजाति कभी भी न तो स्वर्ग पर मेरी हलचलों को समझने में, न ही सुविस्तृत रूप से मेरी आत्मा के कार्यक्षेत्र
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 238](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-238.html) - जिस कार्य की मैंने योजना बनायी है वह एक पल भी रुके बिना आगे बढ़ता रहता है। राज्य के युग में प्रवेश करके, और तुम लोगों को मेरे लोगों के रूप में मेरे राज्य में ले जा कर, मेरे पास तुम लोगों से करने के लिए एक अन्य माँग होगी; अर्थात्, मैं तुम लोगों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 239](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-239.html) - चूँकि तुम मेरे घराने के एक सदस्य हो, और चूँकि तुम मेरे राज्य में निष्ठावान हो, इसलिए तुम जो कुछ भी करते हो उसे उन मानकों को पूरा करना चाहिए जिसकी मैं अपेक्षा करता हूँ। मैं यह नहीं कहता हूँ कि तुम घुमक्कड़ बादल से ज्यादा और कुछ नहीं बनो, बल्कि तुम चमचमाती हुई बर्फ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 292](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-292.html) - केवल अपनी पुरानी धारणाओं को अलग रखकर तुम नए ज्ञान को प्राप्त कर सकते हो, फिर भी पुराना ज्ञान आवश्यक रूप से पुरानी धारणाएँ नहीं होता है। मनुष्य द्वारा कल्पना की गई बातों को "धारणाएँ" कहते हैं जो वास्तविकताओं के साथ विषम होती है। यदि पुराना ज्ञान पुराने युग में पहले से ही पुराना हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 290](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-290.html) - चूँकि मनुष्य परमेश्वर में विश्वास करता है, तो उसे परमेश्वर के पदचिन्हों का करीब से, कदम दर कदम, अनुसरण करना होगा; और उसे "जहाँ कहीं मेम्ना जाता है उसका अनुसरण" करना चाहिए। केवल ये ही ऐसे लोग हैं जो सच्चे मार्ग को खोजते हैं, केवल ये ही ऐसे मनुष्य हैं जो पवित्र आत्मा के कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 448](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-448.html) - मनुष्य द्वारा अपना कर्तव्य निभाना वास्तव में उस सबकी सिद्धि है, जो मनुष्य के भीतर अंतर्निहित है, अर्थात् जो मनुष्य के लिए संभव है। इसके बाद उसका कर्तव्य पूरा हो जाता है। मनुष्य की सेवा के दौरान उसके दोष उसके क्रमिक अनुभव और न्याय से गुज़रने की प्रक्रिया के माध्यम से धीरे-धीरे कम होते जाते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 482](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-482.html) - पतरस एवं पौलुस के सार में अन्तर से तुझे समझना चाहिए कि वे सभी लोग जो जीवन का अनुसरण नहीं करते हैं वे व्यर्थ में परिश्रम करते हैं! तू परमेश्वर में विश्वास करता है और परमेश्वर का अनुसरण करता है, और इस प्रकार तुझे अपने ह्रदय में परमेश्वर से प्रेम करना होगा। तुझे अपने भ्रष्ट
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 177](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-177.html) - ऐसे लोगों के कार्य में बहुत कम विचलन होता है, जो काट-छाँट, निपटने, न्याय और ताड़ना से होकर गुज़र चुके हैं, और उनके कार्य की अभिव्यक्ति बहुत अधिक सटीक होती है। जो लोग कार्य करने के लिए अपनी स्वाभाविकता पर निर्भर करते हैं, वे काफी बड़ी ग़लतियाँ करते हैं। पूर्ण न किए गए लोगों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 217](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-217.html) - सभी लोगों को पृथ्वी पर मेरे कार्य के उद्देश्य को समझने की आवश्यकता है, अर्थात्, मेरे कार्य का अंतिम उद्देश्य और इससे पहले कि इसे पूरा किया जा सके कौन सा स्तर मुझे इस कार्य में अवश्य प्राप्त कर लेना चाहिए। यदि, आज के दिन तक मेरे साथ चलते रहे लोग यह नहीं समझते हैं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 218](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-218.html) - वह कार्य जिसका मैं हज़ारों सालों से प्रबंधन करता आ रहा हूँ वह केवल अंत के दिनों में ही मनुष्य के सामने पूर्णतः प्रकट होता है। केवल अब है कि मैंने अपने प्रबन्धन के पूरे रहस्य को मनुष्य के लिए खोला है। मनुष्य मेरे कार्य के उद्देश्य को जानता है और इसके अतिरिक्त उसने मेरे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 92](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-092.html) - तुम लोगों पर किया गया विजय का कार्य गहनतम अर्थ रखता है : एक ओर, इस कार्य का उद्देश्य लोगों के एक समूह को पूर्ण करना है, और इसलिए पूर्ण करना है, ताकि वे विजेताओं का एक समूह बन सकें—पूर्ण किए गए लोगों का प्रथम समूह, अर्थात प्रथम फल। दूसरी ओर, यह सृजित प्राणियों को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 17](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-017.html) - आज के दिन तक अपना 6,000 वर्षों का कार्य करते हुए, परमेश्वर ने अपने बहुत से क्रिया-कलापों को पहले ही प्रकट कर दिया है, मुख्य रूप से शैतान को पराजित करने और समस्त मानवजाति का उद्धार करने का कार्य। वह स्वर्ग की हर चीज़, पृथ्वी के ऊपर की हर चीज़ और समुद्र के अंदर की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 192](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-192.html) - पुरुषों के बीच में शायद ही कोई परमेश्वर के हृदय की तीव्र इच्छा को समझता है क्योंकि लोगों की क्षमता बहुत कम है और उनकी आध्यात्मिक संवेदनशीलता काफी सुस्त है, और क्योंकि वे सभी न तो देखते हैं और न ही ध्यान देते हैं कि परमेश्वर क्या कर रहा है। इसलिए परमेश्वर मनुष्य के बारे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 87](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-087.html) - परमेश्वर के द्वारा मनुष्य की सिद्धता किसके द्वारा पूरी होती है? उसके धर्मी स्वभाव के द्वारा। परमेश्वर के स्वभाव में मुख्यतः धार्मिकता, क्रोध, भव्यता, न्याय और शाप शामिल है, और उसके द्वारा मनुष्य की सिद्धता प्राथमिक रूप से न्याय के द्वारा होती है। कुछ लोग नहीं समझते, और पूछते हैं कि क्यों परमेश्वर केवल न्याय
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 88](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-088.html) - मनुष्य की पारंपरिक धारणाओं में, परमेश्वर का प्रेम मनुष्य की निर्बलता के लिए उसका अनुग्रह, दया और सहानुभूति है। यद्यपि ये बातें भी परमेश्वर का प्रेम हैं, परंतु वे अत्यधिक एक तरफ़ा हैं, और वे प्राथमिक माध्यम नहीं हैं जिनके द्वारा परमेश्वर मनुष्य को सिद्ध बनाता है। जब कुछ लोगों ने परमेश्वर पर विश्वास करना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 211](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-211.html) - आज मैं तुम पर जो कार्य कर रहा हूँ, वो तुम्हें सामान्य मानवीयता के जीवन में ले जाने के लिए है; यह नए युग के आरंभ और इंसान को नए युग में ले जाने के लिए है। यह कार्य कदम-दर-कदम किया जाता है और प्रत्यक्ष रूप से तुम लोगों के मध्य विकसित होता है :
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 214](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-214.html) - परमेश्वर मनुष्य को कैसे सिद्ध बनाता है? परमेश्वर का स्वभाव क्या है? उसके स्वभाव में क्या-क्या पाया जाता है? इन सभी बातों को समझना होगा; यह परमेश्वर के नाम को फैलाना है, यह परमेश्वर की गवाही देना है, और परमेश्वर की प्रशंसा करना है, और परमेश्वर के बारे में ज्ञान की आधारशिला पर मनुष्य अंततः
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 276](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-mysteries-about-the-bible-276.html) - आज, आप लोगों में से कौन यह कहने की हिम्मत कर सकता है कि सभी वचन जिन्हें उन लोगों के द्वारा कहा गया था जिन्हें पवित्र आत्मा के द्वारा उपयोग किया था वे पवित्र आत्मा से आये थे? क्या किसी में ऐसी चीज़ें कहने की हिम्मत है? यदि आप ऐसी चीज़ें कहते हैं, तो फिर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 315](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-315.html) - कुछ लोग खूबसूरती से सज-धज कर रहते हैं, लेकिन बस ऊपर-ऊपर से: बहनें अपने आपको फूलों की तरह सँवारती हैं और भाई राजकुमारों या छबीले नौजवानों की तरह कपड़े पहनते हैं। वे केवल बाहरी चीज़ों की परवाह करते हैं, जैसे कि अपने खाने-पहनने की; लेकिन अंदर से वे कंगाल होते हैं, उन्हें परमेश्वर का ज़रा-सा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 316](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-316.html) - अब, तुम्हारा प्रयास प्रभावी रहा है या नहीं, यह इस बात से मापा जाता है कि इस समय तुम लोगों के अंदर क्या है। तुम लोगों के परिणाम का निर्धारण करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है; कहने का अर्थ है कि तुम लोगों ने जिन चीज़ों का त्याग किया है और जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 340](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-340.html) - तुम लोगों का विश्वास बहुत सुंदर है; तुम्हारा कहना है कि तुम अपना सारा जीवन-काल मेरे कार्य के लिए खपाने को तैयार हो, और तुम इसके लिए अपने प्राणों का बलिदान करने को तैयार हो, लेकिन तुम्हारे स्वभाव में अधिक बदलाव नहीं आया है। तुम लोग बस हेकड़ी से बोलते हो, बावजूद इस तथ्य के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 90](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-090.html) - परमेश्वर ने सबसे पिछड़े और मलिन स्थान पर देहधारण किया, और केवल इसी तरह से परमेश्वर अपने पवित्र और धार्मिक स्वभाव की समग्रता को साफ तौर पर दिखा सकता है। और उसका धार्मिक स्वभाव किसके ज़रिये दिखाया जाता है? वह तब दिखाया जाता है, जब वह मनुष्य के पापों का न्याय करता है, जब वह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 91](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-091.html) - इजराइल में किए गए कार्य में और आज के कार्य में बहुत बड़ा अंतर है। यहोवा ने इजराइलियों के जीवन का मार्गदर्शन किया, तो उस समय इतनी ताड़ना और न्याय नहीं था, क्योंकि उस वक्त लोग दुनियादारी बहुत ही कम समझते थे और उनके स्वभाव थोड़े ही भ्रष्ट थे। तब इजराइली पूरी तरह से यहोवा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 342](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-342.html) - मैं तुम लोगों के बीच में रहा हूँ, कई वसंत और पतझड़ तुम्हारे साथ जुड़ा रहा हूँ; मैं लंबे समय तक तुम लोगों के बीच जीया हूँ, और तुम लोगों के साथ जीया हूँ। तुम लोगों का कितना घृणित व्यवहार मेरी आँखों के सामने से फिसला है? तुम्हारे वे हृदयस्पर्शी शब्द लगातार मेरे कानों में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 464](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-464.html) - मनुष्य के पास मेरे प्रति विश्वास तो है किन्तु वह मेरा गवाह नहीं बन सकता है, और इस से पहले कि मैं ने अपने आपको प्रकट किया, मनुष्य मेरे लिए गवाही नहीं दे सकता है। मनुष्य केवल यह देखता है कि मैं सभी जीवधारियों और सभी पवित्र मनुष्यों से श्रेष्ठ हूँ, और यह देखता है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 465](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-465.html) - अब क्या तू सचमुच में जान गया कि तू क्यों मुझ पर विश्वास करता है? क्या तू सचमुच में मेरे कार्य के उद्देश्य और महत्व को जानता है? क्या तू सचमुच में अपने कर्तव्य को जानता है? क्या तू सचमुच में मेरी गवाही को जानता है? यदि तू मात्र मुझ में विश्वास करता है, फिर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 518](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-518.html) - यह स्वर्ग का नियम और पृथ्वी का सिद्धांत है कि परमेश्वर पर विश्वास किया जाए और उसको जाना जाए, और आज—इस युग के दौरान जब देहधारी परमेश्वर स्वयं अपना कार्य करता है—यह परमेश्वर को जानने के लिए विशेष अच्छा समय है। परमेश्वर को संतुष्ट करना उसकी इच्छा को समझने पर आधारित है, और परमेश्वर की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 519](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-519.html) - मनुष्य परमेश्वर का अनुभव करता है, स्वयं को जानता है, अपने भ्रष्ट स्वभाव से छुटकारा पाता है और जीवन में वृद्धि करने के लिए कोशिश करता है सब कुछ परमेश्वर को जानने के लिए ही है। यदि तुम सिर्फ़ स्वयं को जानने और स्वयं के भ्रष्ट स्वभाव से निपटने की कोशिश करते हो और यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 442](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-442.html) - परमेश्वर की गवाही देना मूलत: परमेश्वर के कार्य के बारे में तुम्हारा अपने ज्ञान को बताने का मामला है, और यह बताना है कि परमेश्वर कैसे लोगों को जीतता है, कैसे उन्हें बचाता है और कैसे उन्हें बदलता है; यह बताना है कि वह सत्य की वास्तविकता में प्रवेश करने के लिए कैसे लोगों का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 505](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-505.html) - तुम आज परमेश्वर से कितना प्रेम करते हो? और आज तुम उसके बारे में कितना जानते हो जो परमेश्वर ने तुम्हारे लिए किया है? ये वे बातें हैं जो तुम्हें सीखनी चाहिए। जब परमेश्वर पृथ्वी पर पहुँचा, तो जो कुछ उसने मनुष्य में किया और जो कुछ उसने मनुष्य को देखने की अनुमति दी, वह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 508](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-508.html) - यदि लोग शैतान के प्रभाव में आ जाते हैं, तो उनके भीतर परमेश्वर के लिए कोई प्रेम नहीं रहता, और उनके पिछले दर्शन, प्रेम और संकल्प लुप्त हो जाते हैं। लोग महसूस किया करते थे कि उनसे परमेश्वर के लिए दुःख उठाना अपेक्षित है, परंतु आज वे ऐसा करना निंदनीय समझते हैं, और उनके पास
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 509](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-509.html) - परमेश्वर द्वारा शुद्धिकरण जितना बड़ा होता है, लोगों के हृदय उतने ही अधिक परमेश्वर से प्रेम करने में सक्षम हो जाते हैं। उनके हृदय की यातना उनके जीवन के लिए लाभदायक होती है, वे परमेश्वर के समक्ष अधिक शांत रह सकते हैं, परमेश्वर के साथ उनका संबंध और अधिक निकटता का हो जाता है, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 611](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-destinations-and-outcomes-611.html) - आज, मैं तुम लोगों के स्वयं के जीवित रहने के वास्ते तुम लोगों को इस प्रकार से धिक्कारता हूँ, ताकि मेरा कार्य सुचारू रूप से प्रगति करे, और सम्पूर्ण जगत में मेरा आरंभिक कार्य, मेरे वचनों, अधिकार, प्रताप और मेरे न्याय को सभी देशों और राष्ट्रों के लोगों के लिए प्रकट करते हुए, और भी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 41](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-041.html) - अपने समस्त प्रबंधन में परमेश्वर का कार्य पूर्णतः स्पष्ट है : अनुग्रह का युग अनुग्रह का युग है, और अंत के दिन अंत के दिन हैं। प्रत्येक युग के बीच सुस्पष्ट भिन्नताएँ हैं, क्योंकि प्रत्येक युग में परमेश्वर उस कार्य को करता है, जो उस युग का प्रतिनिधि होता है। अंत के दिनों का कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 524](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-524.html) - मनुष्य को एक अर्थपूर्ण जीवन का अनुसरण करना होगा, और मनुष्य को अपनी वर्तमान परिस्थितियों से संतुष्ट नहीं होना चाहिए। पतरस के स्वरूप जीवन बिताने के लिए, उसे पतरस के ज्ञान और अनुभवों को धारण करना होगा। मुनष्य को ऐसी चीज़ों का अनुसरण करना चाहिए जो ऊँची और बहुत ज़्यादा गम्भीर हैं। उसे परमेश्वर के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 527](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-527.html) - मनुष्य का सारा जीवन शैतान के प्रभुत्व के अधीन बीतता है, और ऐसा एक भी इंसान नहीं है जो अपने बलबूते पर अपने आपको शैतान के प्रभाव से आज़ाद कर सकता है। सभी लोग भ्रष्टता और खालीपन में बिना किसी अर्थ या मूल्य के एक गन्दे संसार में रहते हैं; वे शरीर के लिए, वासना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 528](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-528.html) - उनके लिए जिन्हें सिद्ध किया जाना है, उन पर विजयी होने के कार्य का यह कदम अति आवश्यक है; केवल जब मनुष्य पर विजय पा लिया जाता है, तभी मनुष्य सिद्ध किए जाने के कार्य का अनुभव कर सकता है। केवल जीत लिए जाने की भूमिका को निभाने में कोई बड़ा मूल्य नहीं है, जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 529](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-529.html) - आदम और हव्वा जिन्हें परमेश्वर के द्वारा आदि में बनाया गया था वे पवित्र थे, दूसरे शब्दों में, जब वे अदन की वाटिका में थे तब वे पवित्र थे, और उनमें कोई अशुद्धता नहीं थी। वे यहोवा के प्रति भी निष्ठावान थे, और यहोवा को धोखा देने के विषय में कुछ नहीं जानते थे। ऐसा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 469](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-469.html) - यदि लोगों में आत्मविश्वास नहीं है, तो उनके लिए इस मार्ग पर चलते रहना आसान नहीं है। अब हर कोई देख सकता है कि परमेश्वर का कार्य लोगों की अवधारणाओं के अनुरूप जरा सा भी नहीं है। परमेश्वर ने इतना अधिक कार्य किया है और इतने सारे वचनों को कहा है, जो इंसानी अवधारणाओं से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 471](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-471.html) - अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य के लिए असाधारण आत्मविश्वास की आवश्यकता है, अय्यूब से भी अधिक आत्मविश्वास की। आत्मविश्वास के बिना लोग अनुभव प्राप्त करते रहने में सक्षम नहीं होंगे और न ही वे परमेश्वर द्वारा पूर्ण बनाए जाने में सक्षम होंगे। जब बड़े परीक्षणों का दिन आएगा, तो कई लोग कलीसियाओं को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 517](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-517.html) - बड़े लाल अजगर के देश में परमेश्वर का काम शानदार और अथाह है। वह एक समूह के लोगों को पूर्ण बनाएगा और कुछ अन्य को हटा देगा, क्योंकि कलीसिया में सभी प्रकार के लोग हैं—ऐसे लोग हैं जो सत्य से प्रेम करते हैं और ऐसे लोग हैं जो नहीं करते; ऐसे लोग हैं जो परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 31](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-031.html) - अंत के दिन वे होते हैं जब सभी वस्तुएँ जीतने के द्वारा किस्म के अनुसार वर्गीकृत की जाएँगी। जीतना, अंत के दिनों का कार्य है; दूसरे शब्दों में, प्रत्येक व्यक्ति के पापों का न्याय करना, अंत के दिनों का कार्य है। अन्यथा, लोगों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाएगा? तुम सब में किया जाने वाला
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 199](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-199.html) - जब मूसा ने चट्टान पर प्रहार किया, और यहोवा द्वारा प्रदान किया गया पानी उसमें से बहने लगा, तो यह उसके विश्वास के कारण ही था। जब दाऊद ने—आनंद से भरे अपने हृदय के साथ—मुझ यहोवा की स्तुति में वीणा बजायी तो यह उसके विश्वास की वजह से ही था। जब अय्यूब ने अपने पशुओं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 312](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-312.html) - हज़ारों सालों से यह गंदगी की भूमि रही है। यह असहनीय रूप से गंदी है, दुःख से भरी हुई है, प्रेत यहाँ हर जगह बेकाबू दौड़ते हैं, चालें चलते हुए और धोखा देते हुए, निराधार आरोप लगाते हुए, क्रूर और दुष्ट बनकर इस भुतहा शहर को कुचलते हुए और लाशों से पाटते हुए; सड़न की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 313](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-313.html) - यदि लोग वास्तव में मानव जीवन के सही मार्ग को और साथ ही परमेश्वर के मानव जाति के प्रबंधन के उद्देश्य को पूरी तरह से समझ सकते हैं, तो वे अपने व्यक्तिगत भविष्य और भाग्य को अपने दिल में एक खजाने के रूप में थामे नहीं रहेंगे। वे अब और अपने माता-पिता की सेवा करना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 200](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-200.html) - आज तुम्हें पता होना चाहिए कि विजित कैसे हुआ जाए, और विजित होने के बाद लोग अपना आचरण कैसा रखें। तुम कह सकते हो कि तुम पर विजय पा ली गई है, पर क्या तुम मृत्युपर्यंत आज्ञाकारी रह सकते हो? इस बात की परवाह किए बिना कि इसमें कोई संभावना है या नहीं, तुम्हें बिलकुल
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 210](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-210.html) - अन्तिम दिन आ चुके हैं, और विश्वभर के देशों में अशान्ति है। राजनीतिक अस्त-व्यस्तता, अकाल, महामारी और बाढ़ें हैं, प्रत्येक स्थान पर अकाल पड़ रहे हैं। मानव-संसार पर महाविपत्ति है; स्वर्ग ने भी विनाश को नीचे भेज दिया है। ये अन्तिम दिनों के चिह्न हैं। परन्तु लोगों को यह आनन्द और वैभव जैसा संसार प्रतीत
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 248](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-248.html) - मैं एक सर्वभक्षी अग्नि हूँ और मैं अपमान बरदाश्त नहीं करता। क्योंकि सभी मानव मेरे द्वारा बनाए गए थे, इसलिए मैं जो कुछ कहता और करता हूँ, उन्हें उसका पालन करना चाहिए और वे विद्रोह नहीं कर सकते। लोगों को मेरे कार्य में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, और वे इस बात का विश्लेषण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 314](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-314.html) - आज तुम लोगों ने जो समझा है, वह पूरे इतिहास में ऐसे किसी भी व्यक्ति से ऊँचा है, जिसे पूर्ण नहीं बनाया गया था। चाहे तुम लोगों का परीक्षणों का ज्ञान हो या परमेश्वर में आस्था, वे परमेश्वर के किसी भी विश्वासी से ऊँचे हैं। जिन चीजों को तुम लोग समझते हो, ये वे हैं,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 339](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-339.html) - अब मैं तुम्हारी अनुरक्त देह को देख रहा हूँ जो मुझे विचलित कर देगी, और मेरे पास तुम्हारे लिए केवल एक छोटी-सी चेतावनी है, हालाँकि मैं ताड़ना से तुम्हारी "सेवा" नहीं करूँगा। तुम्हें पता होना चाहिए कि तुम मेरे कार्य में क्या भूमिका निभाते हो, और तब मैं संतुष्ट रहूँगा। इससे परे के मामलों में,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 95](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-095.html) - अंत के दिन वे होते हैं जब सभी वस्तुएँ जीतने के द्वारा किस्म के अनुसार वर्गीकृत की जाएँगी। जीतना, अंत के दिनों का कार्य है; दूसरे शब्दों में, प्रत्येक व्यक्ति के पापों का न्याय करना, अंत के दिनों का कार्य है। अन्यथा, लोगों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाएगा? तुम सब में किया जाने वाला
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 107](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-107.html) - हालाँकि परमेश्वर का कोप मनुष्य से छिपा हुआ और अज्ञात है, फिर भी वह कोई अपमान सहन नहीं करता समस्त मानवजाति के प्रति, उस मानवजाति के प्रति जो कि मूर्ख और जाहिल है, परमेश्वर का व्यवहार मुख्य रूप से दया और सहनशीलता पर आधारित है। दूसरी ओर, उसका कोप अधिकांश समय और अधिकांश घटनाओं में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 283](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-283.html) - क्योंकि परमेश्वर के कार्य में हमेशा नई-नई प्रगति होती है, इसलिए यहां पर नया कार्य है, और इसलिए अप्रचलित और पुराना कार्य भी है। यह पुराना और नया कार्य परस्पर विरोधी नहीं है, बल्कि एक दूसरे के पूरक है; प्रत्येक कदम पिछले के बाद आता है। क्योंकि नया कार्य हो रहा है, इसलिए पुरानी चीजें
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 142](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-142.html) - अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर मुख्य रूप से अपने वचनों को कहने, जो कुछ भी मनुष्य के जीवन के लिए आवश्यक है उसे समझाने, जिसमें मनुष्य को प्रवेश चाहिए उसे दिखाने, परमेश्वर के कार्यों को मनुष्य को दिखाने और परमेश्वर की बुद्धि, सर्वशक्तिमत्ता और चमत्कारिकता को दिखाने के लिए आया है। उन कई मार्गों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 433](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-433.html) - परमेश्वर वास्तविकता का परमेश्वर है: उसका समस्त कार्य वास्तविक है, सभी वचन जिन्हें वह कहता है वास्तविक हैं, और सभी सच्चाईयाँ जिन्हें वह व्यक्त करता है वास्तविक हैं। हर चीज़ जो उसके वचन नहीं हैं वे खोखले, अस्तित्वहीन, और अनुचित हैं। आज, पवित्र आत्मा परमेश्वर के वचनों में लोगों का मार्गदर्शन करने के लिए है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 220](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-220.html) - क्या तुम लोगों ने देखा है कि इस समूह के लोगों में परमेश्वर कौन सा कार्य पूर्ण करेगा? परमेश्वर ने कहा, कि यहाँ तक कि सहस्राब्दि राज्य में भी लोगों को उसके कथनों का पालन अवश्य करना चाहिए, और भविष्य में परमेश्वर के कथन अंततोगत्वा मनुष्य के जीवन को कनान के उत्तम देश में सीधे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 221](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-221.html) - परमेश्वर के वचन असंख्य घरों में फैलेंगे, वे सबको ज्ञात हो जाएँगे और केवल इसी प्रकार से उसका कार्य सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में फैलेगा। जिसका अर्थ है, कि यदि परमेश्वर के कार्य को सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में फैलाना है, तो उसके वचनों को अवश्य फैलाना चाहिए। परमेश्वर की महिमा के दिन, परमेश्वर के वचन अपनी सामर्थ्य और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 390](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-390.html) - यद्यपि बहुत से लोग परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, किंतु बहुत कम लोग समझते हैं कि परमेश्वर पर विश्वास करने का अर्थ क्या है, और परमेश्वर के मन के अनुरूप बनने के लिये उन्हें क्या करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि यद्यपि लोग "परमेश्वर" शब्द और "परमेश्वर का कार्य" जैसे वाक्यांश से परिचित हैं, किंतु
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 395](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-395.html) - अब, तुम लोगों को परमेश्वर की प्रजा बनने की कोशिश करनी है, और तुम सब पूरी प्रविष्टि को सही राह पर शुरू करोगे। परमेश्वर के लोग होने का अर्थ है राज्य के युग में प्रवेश करना। आज, तुम सब आधिकारिक तौर पर राज्य के प्रशिक्षण में प्रवेश करना शुरू कर रहे हो, और तुम लोगों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 396](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-396.html) - आध्यात्मिक जीवन किस तरह का जीवन है? आध्यात्मिक जीवन वह है जिसमें तुम्हारा दिल पूरी तरह से परमेश्वर की ओर मुड़ चुका होता है, और परमेश्वर के प्रेम के प्रति सचेत होने में सक्षम हो जाता है। यह वह है जिसमें तुम परमेश्वर के वचनों में रहते हो, और तुम्हारे दिल में अन्य कुछ भी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 397](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-397.html) - परमेश्वर का अनुसरण करने में प्रमुख महत्व इस बात का है कि हर चीज़ आज परमेश्वर के वचनों के अनुसार होनी चाहिए: चाहे तुम जीवन प्रवेश का अनुसरण कर रहे हो या परमेश्वर की इच्छापूर्ति, सब कुछ आज परमेश्वर के वचनों के आस-पास ही केन्द्रित होना चाहिए। यदि तुम्हारे समागम और अनुसरण परमेश्वर के वचनों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 398](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-398.html) - वे सभी धन्य हैं जो पवित्र आत्मा की वर्तमान उक्तियों का पालन करने में सक्षम हैं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कैसे थे, या उनके भीतर पवित्र आत्मा कैसे कार्य किया करता था—जिन्होंने नवीनतम कार्य को प्राप्त किया है वे सबसे अधिक धन्य हैं, और जो लोग आज के नवीनतम कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 434](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-434.html) - यदि लोगों को परमेश्वर को जानना है, तो सब से पहले उन्हें यह अवश्य जानना चाहिए कि परमेश्वर वास्तविक परमेश्वर है, और परमेश्वर के वचनों को, देह में परमेश्वर के वास्तविक प्रकटन को और परमेश्वर के वास्तविक कार्य को अवश्य जानना चाहिए। केवल यह जानने के बाद ही कि परमेश्वर का समस्त कार्य वास्तविक है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 420](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-420.html) - परमेश्वर के वर्तमान वचनों को खाते और पीते हुए उसके वचनों पर चिंतन और प्रार्थना करना परमेश्वर के समक्ष शांत होने की ओर पहला कदम है। यदि तुम सच में परमेश्वर के समक्ष शांत रह सकते हो, तो पवित्र आत्मा की प्रबुद्धता और रोशनी तुम्हारे साथ होगी। समस्त आध्यात्मिक जीवन परमेश्वर की उपस्थिति में शांत
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 485](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-485.html) - पवित्र आत्मा का कार्य दिन ब दिन बदलता जाता है, हर एक कदम के साथ ऊँचा उठता जाता है; आने वाले कल का प्रकाशन आज से भी कहीं ज़्यादा ऊँचा होता है, कदम दर कदम और ऊपर चढ़ता जाता है। जिस कार्य के द्वारा परमेश्वर मनुष्य को सिद्ध करता है वह ऐसा ही है। यदि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 488](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-488.html) - जैसे-जैसे तुम्हारा जीवन प्रगति करता है, तुम्हारे पास हमेशा नया प्रवेश और नया उच्चतर परिज्ञान अवश्य होना चाहिए, जो हर एक कदम के साथ और गहरा होता जाता है। यही वह चीज़ है जिसमें समस्त मानवजाति को प्रवेश करना चाहिए। संगति करने, सन्देश को सुनने, परमेश्वर का वचन पढ़ने, या किसी मसले को सँभालने के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 492](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-492.html) - लोग अगर केवल अपने विवेक की भावनाओं की सुनें तो वे परमेश्वर की सुंदरता को महसूस नहीं कर सकते हैं। अगर वे सिर्फ अपने विवेक पर भरोसा करते हैं, तो परमेश्वर के लिए उनका प्रेम कमजोर होगा। यदि तू केवल परमेश्वर का अनुग्रह और प्रेम का कर्ज़ चुकाने की बात करता है, तो तेरे पास
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 493](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-493.html) - जब लोग अपने हृदय से परमेश्वर से संपर्क करते हैं, जब उनके हृदय पूरी तरह से उसकी ओर मुड़ने में सक्षम होते हैं, तो यह परमेश्वर के प्रति मानव के प्रेम का पहला कदम होता है। यदि तू परमेश्वर से प्रेम करना चाहता है, तो तुझे सबसे पहले उसकी ओर अपना हृदय मोड़ने में सक्षम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 555](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-555.html) - परमेश्वर द्वारा पूर्ण होना परमेश्वर के वचनों को खाने-पीने से होने वाली पूर्णता तक सीमित नहीं हो सकती है। इस प्रकार का अनुभव बहुत एक पक्षीय होता है और अधिक क्षेत्र में विस्तार नहीं कर पाता; अपितु यह तो बहुत ही सीमित क्षेत्र में मनुष्य को रोक कर रख देता है। इस दशा में मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 411](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-411.html) - यदि इसे पढ़ने के बाद तुम केवल शब्दों को स्वीकार करने का दावा करते हो, और अभी भी तुम्हारा हृदय द्रवित नहीं होता, और तुम परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध रखने का प्रयास नहीं करते, तो यह प्रमाणित हो जाता है कि तुम परमेश्वर के साथ अपने संबंध को महत्त्व नहीं देते, तुम्हारे विचार अभी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 414](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-414.html) - परमेश्वर में विश्वास रखने के लिए एक सामान्य आध्यात्मिक जीवन का होना आवश्यक है, जो कि परमेश्वर के वचनों का अनुभव करने और वास्तविकता में प्रवेश करने का आधार है। क्या तुम सबकी प्रार्थनाओं परमेश्वर के समीप आने, भजन-गायन, स्तुति, ध्यान और परमेश्वर के वचनों पर मनन-चिंतन का समस्त अभ्यास "सामान्य आध्यात्मिक जीवन" के बराबर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 423](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-423.html) - इंसान के लिए आवश्यक सत्य परमेश्वर के वचनों में निहित है, और सत्य ही इंसान के लिए अत्यंत लाभदायक और सहायक होता है। तुम लोगों के शरीर को इस टॉनिक और पोषण की आवश्यकता है, इससे इंसान को अपनी सामान्य मानवीयता को फिर से प्राप्त करने में सहायता मिलती है। यह ऐसा सत्य है जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 538](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-538.html) - मनुष्य में पवित्र आत्मा के मार्ग का पहला चरण है, सबसे पहले, मनुष्य के हृदय को सभी व्यक्तियों, घटनाओं और चीज़ों से अलग करते हुए परमेश्वर के वचनों में खींच लाना, जिससे मनुष्य का हृदय यह विश्वास करने लगे कि परमेश्वर के वचन संदेह से परे हैं और पूर्णतया सत्य हैं। अगर तू परमेश्वर पर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 539](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-539.html) - अपने जीवन स्वभाव में परिवर्तन का प्रयास करने में, अभ्यास का मार्ग सरल है। यदि, अपने व्यावहारिक अनुभव में, तू पवित्र आत्मा के मौजूदा वचनों का पालन और परमेश्वर के कार्य का अनुभव कर सकता है, तो तेरा स्वभाव परिवर्तित हो सकता है। यदि तू पवित्र आत्मा की हर बात का पालन करता है, पवित्र
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 541](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-541.html) - अपनी सेवा के भविष्य के पथ में, तू परमेश्वर की इच्छा को कैसे पूरा कर सकता है? एक महत्वपूर्ण बिंदु है, जीवन में प्रवेश करने का प्रयास करना, अपने स्वभाव में बदलाव का प्रयत्न करना, और सत्य में अधिक गहराई से प्रवेश करने का यत्न करना—यह परमेश्वर के द्वारा पूर्ण और प्राप्त किए जाने का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 546](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-546.html) - परमेश्वर में विश्वासी होने का अर्थ है कि तेरे सारे कृत्य उसके सम्मुख लाये जाने चाहिए और उन्हें उसकी छानबीन के अधीन किया जाना चाहिए। यदि तू जो कुछ भी करता है उसे परमेश्वर के आत्मा के सम्मुख ला सकते हैं लेकिन परमेश्वर की देह के सम्मुख नहीं ला सकते, तो यह दर्शाता है कि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 352](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-352.html) - मैं पहले ही कह चुका हूँ कि जो मेरा अनुसरण करते हैं वे बहुत हैं परन्तु जो मुझ से सच्चे दिल से प्रेम करते हैं वे बहुत ही कम हैं। हो सकता है कि कुछ लोग कहें कि, "यदि मैं तुमसे प्रेम नहीं करता तो क्या मैंने इतनी बड़ी क़ीमत चुकाई होती? यदि मैं तुमसे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 132](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-132.html) - अय्यूब के जीवन के लक्ष्य और उसके द्वारा हासिल की गयी वस्तुएँ उसे शान्तिपूर्वक मृत्यु का सामना करने देती हैं धर्मग्रंथ में अय्यूब के बारे में लिखा गया है कि: "अन्त में अय्यूब वृद्धावस्था में दीर्घायु होकर मर गया" (अय्यूब 42:17)। इसका अर्थ है कि जब अय्यूब की मृत्यु हुई, तो उसे कोई पछतावा नहीं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 113](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-113.html) - योना 3 तब यहोवा का यह वचन दूसरी बार योना के पास पहुँचा: "उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूँगा, उसका उस में प्रचार कर।" तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया। नीनवे एक बहुत बड़ा नगर था, वह तीन दिन की यात्रा का था।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 96](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-096.html) - सभी चीजों और जीवित प्राणियों पर सृष्टिकर्ता के नियंत्रण और प्रभुत्व का तथ्य सृष्टिकर्ता के अधिकार के वास्तविक अस्तित्व के बारे में बताता है यहोवा द्वारा अय्यूब को आशीष देना अय्यूब की पुस्तक में दर्ज है। परमेश्वर ने अय्यूब को क्या दिया? "यहोवा ने अय्यूब के बाद के दिनों में उसके पहले के दिनों से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 297](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-297.html) - यदि त्रित्व की इस अवधारणा के अनुसार काम के तीन चरणों का मूल्यांकन किया जाता है, तो तीन परमेश्वर होने चाहिए क्योंकि प्रत्येक के द्वारा किए गए काम एकसमान नहीं हैं। यदि तुम लोगों में से कोई भी कहता है कि त्रित्व वास्तव में मौजूद है, तो वह समझाए कि तीन व्यक्तियों में यह एक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 46](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-046.html) - स्तुति सिय्योन तक आ गई है और परमेश्वर का निवास स्थान-प्रकट हो गया है। सभी लोगों द्वारा प्रशंसित, महिमामंडित पवित्र नाम फैल रहा है। आह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर! ब्रह्मांड का मुखिया, अंत के दिनों का मसीह—वह जगमगाता सूर्य है, जो पूरे ब्रह्मांड में प्रताप और वैभव में ऊँचे पर्वत सिय्योन पर उदित हुआ है ... सर्वशक्तिमान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 47](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-047.html) - फ़िलाडेल्फ़िया की कलीसिया ने अपना आकार ले लिया है, और यह पूरी तरह से परमेश्वर के अनुग्रह और दया के कारण हुआ है। परमेश्वर के लिए प्रेम अनेक संतों में जगता है जो बिना डगमगाए अपने आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं। वे अपने इस विश्वास पर दृढ़ रहते हैं कि एकमात्र सच्चे परमेश्वर ने देहधारण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 48](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-048.html) - विजयी राजा अपने शानदार सिंहासन पर बैठता है। उसने छुटकारा दिलाने का कार्य पूरा कर लिया है और महिमा में प्रकट होने के लिए अपने सभी लोगों की अगुआई की है। वह ब्रह्मांड को अपने हाथों में धारण करता है और अपने दिव्य ज्ञान और पराक्रम से उसने अटल सिय्योन का निर्माण किया है। अपने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 53](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-053.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, शांति का राजकुमार, हमारा परमेश्वर राजा है! सर्वशक्तिमान परमेश्वर अपने चरण जैतून के पर्वत पर रखता है। यह कितना खूबसूरत है! सुनो! हम पहरूए पुकार रहे हैं; एक साथ जयजयकार कर रहे हैं, क्योंकि परमेश्वर सिय्योन में लौट आया है। हम अपनी आँखों से यरूशलेम को खंडहर होता देख रहे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 351](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-351.html) - पृथ्वी पर मेरे अनुयायी होने के लिए मैंने कई लोगों को खोजा है। इन सभी अनुयायियों में, ऐसे लोग हैं जो याजकों की तरह सेवा करते हैं, जो अगुआई करते हैं, जो बेटों को आकार देते हैं, जो लोगों का गठन करते हैं और जो सेवा करते हैं। मैं उन्हें उस वफ़ादारी के अनुसार जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 26](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-026.html) - परमेश्वर संसार को जलप्रलय से नाश करने का इरादा करता है, नूह को एक जहाज बनाने का निर्देश देता है उत्पत्ति 6:9-14 नूह की वंशावली यह है। नूह धर्मी पुरुष और अपने समय के लोगों में खरा था; और नूह परमेश्वर ही के साथ साथ चलता रहा। और नूह से शेम, और हाम, और येपेत
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 75](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-075.html) - फरीसियों ने यीशु का विरोध क्यों किया, क्या तुम लोग उसका कारण जानना चाहते हो? क्या तुम फरीसियों के सार को जानना चाहते हो? वे मसीहा के बारे में कल्पनाओं से भरे हुए थे। इससे ज्यादा और क्या, उन्होंने केवल इस बात पर विश्वास किया कि मसीहा आएगा, मगर जीवन के इस सत्य की खोज
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 536](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-536.html) - परमेश्वर का प्रत्येक वचन हमारे किसी मर्मस्थल पर चोट करता है और हमें घायल और भयभीत कर डालता है। वह हमारी धारणाओं, कल्पनाओं और हमारे भ्रष्ट स्वभावों को उजागर करता है। हम जो कुछ भी कहते और करते हैं, उससे लेकर हमारे सभी विचारों और मतों तक, हमारा स्वभाव और सार उसके वचनों में प्रकट
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 67](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-067.html) - मैं अपने कार्य की अभिव्यक्तियों से आकाश को भर दूँगा, ताकि पृथ्वी पर सब कुछ मेरी सत्ता के सामने दण्डवत हो जाए, "वैश्विक एकता" की मेरी योजना को कार्यान्वित करे और मेरी इस एक अभिलाषा को फलीभूत करे, और ताकि मानवजाति पृथ्वी पर और "भटके" नहीं बल्कि बिना विलम्ब के एक उपयुक्त मंजिल को पा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 306](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-306.html) - मैंने बहुत सारे वचन कहे हैं, और अपनी इच्छा और अपने स्वभाव को भी व्यक्त किया है, फिर भी लोग अभी भी मुझे जानने और मुझ पर विश्वास करने में अक्षम हैं। या यह कहा जा सकता है कि लोग अभी भी मेरी आज्ञा का पालन करने में अक्षम हैं। जो बाइबल में जीते हैं,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 499](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-499.html) - परमेश्वर में अधिकांश लोगों के विश्वास का सार धर्म से जुड़ा दृढ़ विश्वास है : वे परमेश्वर से प्रेम करने में असमर्थ हैं, और केवल एक रोबोट की तरह परमेश्वर का अनुसरण कर सकते हैं, उनमें परमेश्वर के लिए सच्ची तड़प नहीं होती, और न ही वे उसे बहुत ज्यादा चाहते हैं। वे बस उसका
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 16](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-016.html) - उन लोगों के प्रति परमेश्वर की प्रवृत्ति जो उसके कार्य के दौरान भाग जाते हैं ऐसे लोग हर जगह होते हैं : परमेश्वर के मार्ग के बारे में सुनिश्चित हो जाने के बाद, विभिन्न कारणों से, वे चुपचाप बिना अलविदा कहे चले जाते हैं और जो कुछ उनका दिल चाहता है वही करते हैं। फिलहाल,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 261](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-261.html) - इस दुनिया की हर चीज़ तेज़ी से सर्वशक्तिमान के विचारों और उसकी नज़रों तले बदलती है। मानवजाति ने जिन चीज़ों के बारे में कभी नहीं सुना है वो अचानक आ जाती हैं, जबकि मनुष्य के पास जो कुछ लंबे समय से रहा है वो अनजाने में उसके हाथ से फिसल जाता है। सर्वशक्तिमान के ठौर-ठिकाने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 520](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-520.html) - यीशु का अनुसरण करने के दौरान पतरस ने उसके बारे में कई मत बनाए और हमेशा अपने दृष्टिकोण से उसका आकलन किया। यद्यपि पतरस को पवित्रात्मा की एक निश्चित मात्रा में समझ थी, किंतु उसकी समझ कुछ हद तक अस्पष्ट थी, इसीलिए उसने कहा : "मुझे उसका अनुसरण अवश्य करना चाहिए, जिसे स्वर्गिक पिता द्वारा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 580](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-destinations-and-outcomes-580.html) - बिजली की एक कौंध में, प्रत्येक जानवर अपने असली स्वरूप में प्रकट हो जाता है। इसी प्रकार, मेरे प्रकाश से रोशन होकर मनुष्यों ने भी उस पवित्रता को पुनः प्राप्त कर लिया है, जो कभी उसके पास थी। ओह, अतीत का वह भ्रष्ट संसार! अंततः यह गंदे पानी में पलट गया है और सतह के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 422](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-422.html) - परमेश्वर का कार्य और वचन तुम्हारे स्वभाव में बदलाव लाने के लिए हैं; उसका लक्ष्य मात्र अपने कार्य और वचन को तुम लोगों को समझाना या ज्ञात कराना नहीं है। इतना पर्याप्त नहीं है। तुम्हारे अंदर सोचने-समझने की योग्यता है, इसलिए तुम्हें परमेश्वर के वचनों को समझने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि परमेश्वर
- [दस प्रशासनिक आदेश जो राज्य के युग में परमेश्वर के चुने लोगों द्वारा पालन किए जाने चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-kingdom-selection-128.html) - 1. मनुष्य को स्वयं को बड़ा नहीं दिखाना चाहिए, न अपनी बड़ाई करनी चाहिए। उसे परमेश्वर की आराधना और बड़ाई करनी चाहिए। 2. वह सब कुछ करो जो परमेश्वर के कार्य के लिए लाभदायक है और ऐसा कुछ भी न करो जो परमेश्वर के कार्य के हितों के लिए हानिकर हो। परमेश्वर के नाम, परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 51](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-051.html) - अय्यूब का असली चेहरा: सच्चा, शुद्ध, और बिना किसी असत्य का आओ हम निम्नलिखित अंश को पढ़ें: "तब शैतान यहोवा के सामने से निकला, और अय्यूब को पाँव के तलवे से ले सिर की चोटी तक बड़े बड़े फोड़ों से पीड़ित किया। तब अय्यूब खुजलाने के लिये एक ठीकरा लेकर राख पर बैठ गया" (अय्यूब
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 55](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-055.html) - अय्यूब परमेश्वर के नाम को धन्य कहता और आशीषों या विपत्तियों के बारे में नहीं सोचता एक तथ्य है जिसकी ओर पवित्र शास्त्र की अय्यूब की कहानियों में कभी भी संकेत नहीं किया गया है, जिस पर आज हम ध्यान केंद्रित करेंगे। हालाँकि अय्यूब ने परमेश्वर को कभी भी नहीं देखा था या अपने कानों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 56](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-056.html) - हालाँकि परमेश्वर मनुष्य से छिपा हुआ है, फिर भी सभी चीज़ों के मध्य उसके कार्य मनुष्य के लिए पर्याप्त हैं कि वह परमेश्वर को जान सके अय्यूब ने परमेश्वर के चेहरे को नहीं देखा था, या परमेश्वर के द्वारा बोले गए वचनों को नहीं सुना था, और उसने व्यक्तिगत रूप से परमेश्वर के कार्य का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 62](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-062.html) - आज हम पहले मानवजाति के सृजन के बाद से परमेश्वर के विचारों, मतों और उसकी प्रत्येक गतिविधि का सारांश प्रस्तुत करेंगे। हम इस पर एक नज़र डालेंगे कि उसने संसार की रचना करने से लेकर अनुग्रह के युग के आधिकारिक आरंभ तक कौन-सा कार्य किया है। तब हम यह पता लगा सकते हैं कि परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 105](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-105.html) - उत्पत्ति 19:1-11 साँझ को वे दो दूत सदोम के पास आए; और लूत सदोम के फाटक के पास बैठा था। उन को देखकर वह उनसे भेंट करने के लिये उठा, और मुँह के बल झुककर दण्डवत् कर कहा, "हे मेरे प्रभुओ, अपने दास के घर में पधारिए, और रात भर विश्राम कीजिए, और अपने पाँव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 106](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-106.html) - उत्पत्ति 19:1-11 साँझ को वे दो दूत सदोम के पास आए; और लूत सदोम के फाटक के पास बैठा था। उन को देखकर वह उनसे भेंट करने के लिये उठा, और मुँह के बल झुककर दण्डवत् कर कहा, "हे मेरे प्रभुओ, अपने दास के घर में पधारिए, और रात भर विश्राम कीजिए, और अपने पाँव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 152](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-152.html) - शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए इन अनेक विधियों का उपयोग करता है। मनुष्य को कुछ वैज्ञानिक सिद्धांतों का ज्ञान और समझ है, मनुष्य पारंपरिक संस्कृति के प्रभाव में जीता है, और प्रत्येक मनुष्य पारंपरिक संस्कृति का उत्तराधिकारी और हस्तांतरणकर्ता है। मनुष्य शैतान द्वारा स्वयं को दी गई पारंपरिक संस्कृति को आगे बढ़ाने के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 153](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-153.html) - शैतान लोगों को भ्रष्ट करने के लिए जिन विधियों का उपयोग करता है, वे मानवजाति के लिए क्या लेकर आती हैं? क्या वे कोई सकारात्मक चीज़ लाती हैं? पहली बात, क्या मनुष्य अच्छे और बुरे के बीच अंतर कर सकता है? क्या तुम कहोगे कि इस संसार में, चाहे कोई प्रसिद्ध या महान व्यक्ति हो,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 39](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-039.html) - परमेश्वर का स्वभाव कभी मनुष्य से छिपा नहीं रहा है—मनुष्य का हृदय परमेश्वर से भटक गया है सृजन के समय से ही, परमेश्वर का स्वभाव उसके कार्य के साथ क़दम से क़दम मिलाता रहा है। यह मनुष्य से कभी भी छिपा हुआ नहीं रहा है, बल्कि मनुष्य के लिए पूरी तरह प्रचारित और स्पष्ट किया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 97](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-097.html) - सृष्टिकर्ता का अधिकार अपरिवर्तनीय है और उसका अपमान नहीं किया जा सकता है 1. परमेश्वर सभी चीजो की सृष्टि करने के लिए वचनों को प्रयोग करता है उत्पत्ति 1:3-5 जब परमेश्वर ने कहा, "उजियाला हो," तो उजियाला हो गया। और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अन्धियारे से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 265](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-mysteries-about-the-bible-265.html) - बहुत सालों से, लोगों के विश्वास (दुनिया के तीन मुख्य धर्मों में से एक, मसीहियत) का परंपरागत साधन बाइबल पढ़ना ही रहा है; बाइबल से दूर जाना प्रभु में विश्वास करना नहीं है, बाइबल से दूर जाना एक पाखंड और विधर्म है, और यहाँ तक कि जब लोग अन्य पुस्तकें पढ़ते हैं, तो उन पुस्तकों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 268](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-mysteries-about-the-bible-268.html) - यदि तुम व्यवस्था के युग के कार्य को देखना चाहते हो, और यह देखना चाहते हो कि इस्राएली किस प्रकार यहोवा के मार्ग का अनुसरण करते थे, तो तुम्हें पुराना विधान पढ़ना चाहिए; यदि तुम अनुग्रह के युग के कार्य को समझना चाहते हो, तो तुम्हें नया विधान पढ़ना चाहिए। पर तुम अंतिम दिनों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 157](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-work-157.html) - जब परमेश्वर का कार्य किसी निश्चित बिन्दु पर पहुंच जाता है, और उसका प्रबंधन किसी निश्चित बिन्दु पर पहुंच जाता है, तो जो लोग उसके हृदय के अनुसार हैं वे उसकी अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होते हैं। परमेश्वर अपने स्वयं के मापदंडों के अनुसार मनुष्य से अपेक्षाएं करता है, और उसके अनुसार मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 299](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-299.html) - परमेश्वर की प्रबंधन योजना छह हजार वर्षों तक फैली है और उसके काम में अंतर के आधार पर तीन युगों में विभाजित है: पहला युग पुराने नियम का व्यवस्था का युग है; दूसरा अनुग्रह का युग है; और तीसरा वह है जो कि अंत के दिनों से संबंधित है—राज्य का युग। प्रत्येक युग में एक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 275](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-mysteries-about-the-bible-275.html) - बाइबल इस्राएल में परमेश्वर के कार्य का ऐतिहासिक अभिलेख है, और प्राचीन नबियों की अनेक भविष्यवाणियों के साथ उस समय यहोवा के कार्य के बारे में उसके कुछ कथनों को लिपिबद्ध करती है। इस प्रकार, सभी लोग इस पुस्तक को पवित्र (क्योंकि परमेश्वर पवित्र और महान है) मानते हैं। निस्संदेह, यह सब यहोवा के लिए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 148](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-148.html) - पवित्र आत्मा का कार्य सदैव अनायास किया जाता है; किसी भी समय जब वह अपने कार्य की योजना बनाएगा, तो पवित्र आत्मा उसे सम्पन्न करेगा। मैं क्यों सदैव कहता हूँ कि पवित्र आत्मा का कार्य यथार्थवादी होता है? कि वह सदैव नया होता है, कभी पुराना नहीं होता है, और सदैव सबसे अधिक ताजा होता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 149](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-149.html) - जब परमेश्वर देह में आता है, तो उसका आत्मा किसी मनुष्य पर उतरता है; दूसरे शब्दों में, परमेश्वर का देह को पहन लेता है। वह अपना कार्य पृथ्वी पर करता है, और अपने साथ विभिन्न प्रतिबंधित कदमों को लाने की बजाय, यह कार्य सर्वथा असीमित होता है। पवित्र आत्मा शरीर में रह कर जो कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 154](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-154.html) - दर्शनों में अभ्यास के लिए अनेक मार्ग होते हैं। मनुष्य से की गई व्यावहारिक मांगें भी इन दर्शनों के भीतर होती हैं, चूँकि यह परमेश्वर का कार्य है जिसे मनुष्य के द्वारा पहचाना जाना चाहिए। अतीत में, विशेष सभाओं या बड़ी सभाओं के दौरान जिन्हें विभिन्न स्थानों में आयोजित किया जाता था, रीति व्यवहार के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 163](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-163.html) - यशायाह, यहेजकेल, मूसा, दाऊद, इब्राहीम एवं दानिय्येल इस्राएल के चुने हुए लोगों के मध्य अगुवे या भविष्यवक्ता थे। उन्हें परमेश्वर क्यों नहीं कहा गया था? क्यों पवित्र आत्मा ने उनकी गवाही नहीं दी थी? जैसे ही यीशु ने अपना कार्य प्रारम्भ किया तो क्यों पवित्र आत्मा ने यीशु की गवाही दी और उसके वचनों को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 183](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-183.html) - यीशु पृथ्वी पर साढ़े तैंतीस साल तक था, वह सलीब पर चढ़ने के कार्य को करने के लिए आया था, और सलीब पर चढ़ने के माध्यम से परमेश्वर ने एक भाग की महिमा प्राप्त की है। जब परमेश्वर देह में आया तो वह विनम्र और छुपा रहने में ही समर्थ था और भयानक पीड़ा सहन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 227](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-227.html) - क्या तुम लोग सच में विशाल लाल अजगर से घृणा करते हो? क्या तुम सच में निष्ठा से घृणा करते हो? मैंने तुम लोगों से इतनी बार क्यों पूछा है? मैं तुमसे यह प्रश्न बार-बार क्यों पूछता हूँ? तुम सबके हृदय में उस विशाल लाल अजगर की क्या आकृति है? क्या उसे वास्तव में हटा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 228](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-228.html) - जब चमकता हुआ चाँद उगता है, शांत रात तत्काल ही बिखर जाती है। यद्यपि चन्द्रमा चिथड़ों में है, मनुष्य उमंग में है, और रोशनी के नीचे उस सुंदर दृश्य की प्रशंसा करता हुआ शांति से उस चाँद की चाँदनी में बैठता है, मनुष्य अपनी भावनाओं का बखान नहीं कर सकता है। यह ऐसा है मानो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 240](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-240.html) - आज, चूँकि मैं तुम लोगों को इस स्थिति तक ले आया हूँ, इसलिए मैंने कई उपयुक्त व्यवस्थाएँ की हैं, और मेरे स्वयं के लक्ष्य हैं। यदि मुझे आज उनके बारे में तुम लोगों को बताना होता, तो क्या तुम लोग उन्हें सच में जानने में समर्थ होते? मैं मनुष्य के मन के विचारों और मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 322](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-322.html) - मनुष्य केवल विश्वास के अनिश्चित शब्द पर बना रहता है, फिर भी मनुष्य यह नहीं जानता है कि वह क्या है जो विश्वास का निर्माण करता है, और यह तो बिलकुल ही नहीं जानता है कि उसके पास विश्वास क्यों है। मनुष्य बहुत ही कम जानता है और स्वयं मनुष्य में बहुत सारी कमियाँ हैं;
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 282](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-282.html) - परमेश्वर पर अपने विश्वास में, तुम्हें परमेश्वर को कैसे जानना चाहिए? तुम्हें परमेश्वर को उसके आज के वचनों और कार्य के आधार पर जानना चाहिए, बिना किसी विचलन या भ्रान्ति के, और अन्य सभी चीजों से पहले तुम्हें परमेश्वर के कार्य को जानना चाहिए। यही परमेश्वर को जानने का आधार है। अन्य सभी विभिन्न भ्रांतियां
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 317](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-317.html) - मनुष्य, शैतान के प्रभाव के बंधन में जकड़ा हुआ, अंधकार के प्रभाव के आवरण में रह रहा है जिसमें से बच निकलने का मार्ग नहीं हैं। और मनुष्य का स्वभाव, शैतान के द्वारा संसाधित किए जाने के पश्चात्, उत्तरोत्तर भ्रष्ट होता जा रहा है। कोई कह सकता है कि परमेश्वर को वास्तव में प्यार करने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 353](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-353.html) - प्रतिदिन उसके द्वारा प्रत्येक मनुष्य के कार्यों और विचारों पर चिंतन किया जाता है और साथ ही, वे अपने कल की तैयारी में जुट जाते हैं। यही वह मार्ग है जिस पर सभी जीवितों को चलना होगा और जिसे मैंने सभी के लिए पूर्वनिर्धारित कर दिया है। इससे कोई बच नहीं सकता और इसमें किसी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 355](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-355.html) - जब सबसे पहले मनुष्य को सामाजिक विज्ञान मिला, तब से मनुष्य का मन विज्ञान और ज्ञान में व्यस्त था। फिर विज्ञान और ज्ञान मानवजाति के शासन के लिए उपकरण बन गए, और अब मनुष्य के पास परमेश्वर की आराधना करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं था, और परमेश्वर की आराधना के लिए अब और अनुकूल
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 369](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-369.html) - बहुत से लोग मुझ से सच में प्रेम करना चाहते हैं, किन्तु क्योंकि उनके हृदय उनके स्वयं के नहीं है, इसलिए उनका स्वयं पर कोई नियन्त्रण नहीं है; बहुत से लोग मेरे द्वारा दिए गए परीक्षणों के बीच सच में मुझसे प्रेम करते हैं, फिर भी वे यह समझने में अक्षम हैं कि मैं वास्तव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 370](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-mankind-s-corruption-370.html) - मनुष्य प्रकाश के बीच जीता है, फिर भी वह प्रकाश की बहुमूल्यता से अनभिज्ञ है। वह प्रकाश के सार तथा प्रकाश के स्रोत से, और इसके अतिरिक्त, वह इस बात से अनजान है कि यह किस का है। जब मैंने मनुष्य के बीच प्रकाश प्रदान किया, तब मैंने तुरन्त ही मनुष्यों के बीच की स्थितियों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 582](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-destinations-and-outcomes-582.html) - मेरे वचनों के पूर्ण होने के बाद, राज्य धीरे-धीरे पृथ्वी पर आकार लेने लगता है और मनुष्य धीरे-धीरे सामान्य हो जाता, और इस प्रकार पृथ्वी पर मेरे हृदय में राज्य स्थापित हो जाता है। उस राज्य में, परमेश्वर के सभी लोगों को सामान्य मनुष्य का जीवन वापस मिल जाता है। बर्फीली शीत ऋतु चली गई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 402](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-402.html) - जीवन की खोज करते हुये कोई सफल होने के लिये जल्दबाजी नहीं कर सकता, जीवन में उन्नति या विकास एक या दो दिन में नहीं आता। परमेश्वर का कार्य सामान्य और व्यवहारिक है, और इसे एक आवश्यक प्रक्रिया से गुजरना होगा। यीशु के देहधारण करने के बाद क्रूस पर अपने कार्य को समाप्त करने में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 404](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-404.html) - जब परमेश्वर बोलते हैं, तुम्हें तुरंत उसके वचनों को स्वीकार करना और उन्हें खाना चाहिये। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम कितना समझे, इस विचार धारा को अपनाओ कि तुम वचन को खाने, उसे जानने और उसके वचन पर अमल करने पर अपना ध्यान केंद्रित करोगे। तुम्हें यही करना चाहिये। इस बात की चिंता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 506](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-506.html) - आज अधिकाँश लोगों के पास यह ज्ञान नहीं है। वे मानते हैं कि दुःख उठाने का कोई महत्व नहीं है, वे संसार के द्वारा त्यागे जाते हैं, उनके पारिवारिक जीवन में परेशानी होती है, वे परमेश्वर के प्रिय भी नहीं होते, और उनकी अपेक्षाएँ काफी निराशापूर्ण होती हैं। कुछ लोगों के कष्ट एक विशेष बिंदु
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 526](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-526.html) - मनुष्य शरीर में रहता है, इसका मतलब है कि वह मानवीय नरक में रहता है, और परमेश्वर के न्याय और उसकी ताड़ना के बगैर, मनुष्य शैतान के समान ही गन्दा है। मनुष्य पवित्र कैसे हो सकता है? पतरस ने यह विश्वास किया कि परमेश्वर की ताड़ना और उसका न्याय मनुष्य की सब से बड़ी सुरक्षा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 609](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-destinations-and-outcomes-609.html) - एक अरसे से परमेश्वर में आस्था रखने वाले लोगों को अब एक खूबसूरत गंतव्य की आशा है, परमेश्वर में आस्था रखने वाले लोगों को उम्मीद है कि सौभाग्य अचानक ही उनके सामने आ जाएगा, उन्हें आशा है कि उन्हें पता भी नहीं चलेगा और वे शांति से स्वर्ग में किसी स्थान पर विराजमान होंगे। लेकिन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 532](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-532.html) - पतरस ने कई वर्षों तक यीशु का अनुगमन किया और उसमें कई बातें ऐसी देखीं, जो औरों में नहीं थीं। एक वर्ष तक अपना अनुगमन करने के पश्चात् यीशु ने उसे बारह शिष्यों में से एक चुना। (निस्संदेह यीशु ने इसे जोर से नहीं बोला और दूसरे इससे बिलकुल अनजान थे।) जीवन में, पतरस ने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 266](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-mysteries-about-the-bible-266.html) - परमेश्वर द्वारा व्यवस्था के युग का कार्य कर लेने के बाद पुराना विधान बनाया गया और तब से लोगों ने बाइबल पढ़ना शुरू किया। यीशु ने आने के बाद अनुग्रह के युग का कार्य किया, और उसके प्रेरितों ने नया विधान लिखा। इस प्रकार बाइबल के पुराने और नए विधान की रचना हुई, और आज
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 289](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-exposing-religious-notions-289.html) - इतिहास हमेशा आगे बढ़ रहा है, और परमेश्वर का कार्य हमेशा आगे बढ़ रहा है। उसकी छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना को अंत तक पहुँचने के लिए उसे आगे की दिशा में प्रगति करते रहना चाहिए। हर दिन उसे नया कार्य करना चाहिए, हर वर्ष उसे नया कार्य करना चाहिए; उसे नए मार्गों का सूत्रपात करना चाहिए,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 267](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-mysteries-about-the-bible-267.html) - बाइबल किस प्रकार की पुस्तक है? पुराना विधान व्यवस्था के युग के दौरान किया गया परमेश्वर का कार्य है। बाइबल के पुराने विधान में व्यवस्था के युग के दौरान किया गया यहोवा का समस्त कार्य और उसका सृष्टि के निर्माण का कार्य दर्ज है। इसमें यहोवा द्वारा किया गया समस्त कार्य दर्ज है, और वह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 269](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-mysteries-about-the-bible-269.html) - बाइबल एक ऐतिहासिक पुस्तक है, और यदि तुमने अनुग्रह के युग के दौरान पुराने विधान को खाया और पीया होता—यदि तुम अनुग्रह के युग के दौरान पुराने विधान के समय में जो अपेक्षित था, उसे व्यवहार में लाए होते—तो यीशु ने तुम्हें अस्वीकार कर दिया होता, और तुम्हारी निंदा की होती; यदि तुमने पुराने विधान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 250](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-250.html) - जब परमेश्वर पृथ्वी पर आया, तो वह संसार का नहीं था, और संसार का सुख भोगने के लिए वह देह नहीं बना था। जिस स्थान पर कार्य करना सबसे अच्छी तरह से उसके स्वभाव को प्रकट करता और जो सबसे अर्थपूर्ण होता, वह वही स्थान है, जहाँ वह पैदा हुआ। चाहे वह स्थल पवित्र हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 474](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-474.html) - अधिकांश लोग अपनी भविष्य की नियति के लिए, या अल्पकालिक आनन्द के लिए परमेश्वर में विश्वास करते हैं। क्योंकि ऐसे लोग जो किसी व्यवहार से होकर नहीं गुज़रे हैं, परमेश्वर में उनका विश्वास स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए, एवं प्रतिफल अर्जित करने के लिए होता है। यह सिद्ध किए जाने के लिए, या परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 478](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-entry-into-life-478.html) - पतरस को व्यवहार एवं शुद्धीकरण के माध्यम से सिद्ध किया गया था। उसने कहा था, "मुझे हर समय परमेश्वर की इच्छा को संतुष्ट करना होगा। वह सब जो मैं करता हूँ उसमें मैं केवल परमेश्वर की इच्छा को संतुष्ट करने का प्रयास करता हूँ, और चाहे मुझे ताड़ना मिले, या मेरा न्याय किया जाए, मैं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 144](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-knowing-God-s-work-144.html) - आज, तुम सभी लोगों को यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि अंत के दिनों में, यह मुख्य रूप से "वचन देहधारी हुआ" का तथ्य है जो परमेश्वर के द्वारा निष्पादित हुआ है। पृथ्वी पर परमेश्वर के वास्तविक कार्य के माध्यम से, वह मनुष्य को परमेश्वर को जानने का, और उसके साथ संलग्न करने का, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 19](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-019.html) - दो हज़ार वर्षों से पूर्व जिस दौरान यहोवा ने अपना कार्य किया, मनुष्य कुछ नहीं जानता था, और, लगभग समस्त मानवजाति चरित्रहीनता में पतित हो गई थी, जल प्रलय द्वारा संसार के विनाश से पहले तक, वे स्वच्छंद संभोग और भ्रष्टता की गहराई तक पहुँच गए थे; जिसमें उनके हृदय यहोवा से रिक्त थे, उसके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 81](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-081.html) - परमेश्वर किसी भी युग में अपने कार्य को दोहराता नहीं है। चूँकि अंत के दिन आ गए हैं, इसलिए वह उस कार्य को करेगा, जो वह अंत के दिनों में करता है, और अंत के दिनों के अपने संपूर्ण स्वभाव को प्रकट करेगा। अंत के दिनों के बारे में बात करना एक पृथक् युग को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 118](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-118.html) - परमेश्वर इसलिए देहधारी बना क्योंकि उसके कार्य का लक्ष्य शैतान की आत्मा, या कोई अमूर्त चीज़ नहीं, बल्कि मनुष्य है, जो हाड़-माँस का बना है और जिसे शैतान ने भ्रष्ट कर दिया है। चूँकि इंसान की देह को भ्रष्ट कर दिया गया है, इसलिए परमेश्वर ने हाड़-माँस के मनुष्य को अपने कार्य का लक्ष्य बनाया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 20](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-020.html) - व्यवस्था के युग के दौरान, यहोवा ने मूसा के लिए अनेक आज्ञाएँ निर्धारित की कि वह उन्हें उन इस्राएलियों के लिए आगे बढ़ा दे जिन्होंने मिस्र से बाहर उसका अनुसरण किया था। ये आज्ञाएँ यहोवा द्वारा इस्राएलियों को दी गई थीं, और उनका मिस्र के लोगों से कोई संबंध नहीं था; वे इस्राएलियों को नियन्त्रण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 133](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-incarnation-133.html) - परमेश्वर का कार्य ऐसा है जिसे तुम समझ नहीं सकते। यदि तुम न तो पूरी तरह से समझ सकते हो कि तुम्हारा निर्णय सही है या नहीं, और न ही तुम जान सकते हो कि परमेश्वर का कार्य सफल होगा या नहीं, तब तुम अपनी किस्मत क्यों नहीं आज़माते और क्यों नहीं यह देखते हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 5](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-005.html) - मानवजाति के प्रबंधन करने के कार्य को तीन चरणों में बाँटा जाता है, जिसका अर्थ यह है कि मानवजाति को बचाने के कार्य को तीन चरणों में बाँटा जाता है। इन चरणों में संसार की रचना का कार्य समाविष्ट नहीं है, बल्कि ये व्यवस्था के युग, अनुग्रह के युग और राज्य के युग के कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 82](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-judgment-in-the-last-days-082.html) - देह में उसका कार्य बहुत सार्थक है, यह कार्य के सम्बन्ध में कहा जाता है, और अंततः देहधारी परमेश्वर ही कार्य का समापन करता है, पवित्रात्मा नहीं। कुछ लोग मानते हैं कि परमेश्वर किसी अनजान समय पृथ्वी पर आकर लोगों को दिखाई दे सकता है, जिसके बाद वह व्यक्तिगत रूप से संपूर्ण मनुष्यजाति का न्याय
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 62](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-062.html) - समूचे विश्व में लोग मेरे दिन के आगमन का उत्सव मनाते हैं, और स्वर्गदूत जनसमूह के बीच चलते-फिरते हैं। जब शैतान परेशानियाँ पैदा करता है, तो स्वर्गदूत, स्वर्ग में अपनी सेवाओं की वजह से, सदैव मेरे लोगों की सहायता करते हैं। वे मानवीय कमज़ोरियों के कारण शैतान के द्वारा धोखा नहीं खाते हैं, बल्कि अंधकार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 51](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-051.html) - सभी कलीसियाओं में परमेश्वर पहले से ही प्रकट हो चुका है। आत्मा बोल रहा है, वह एक प्रबल अग्नि है, उसमें महिमा है और वह न्याय कर रहा है; वह मनुष्य का पुत्र है, जो पाँवों तक का वस्त्र पहने हुए है और छाती पर सोने की पटुका बाँधे हुए है। उसके सिर और बाल
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 55](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-055.html) - सिंहासन से सात गर्जनें निकलती हैं, वे ब्रह्मांड को हिला देती हैं, स्वर्ग और पृथ्वी को उलट-पुलट कर देती हैं, और आकाश में गूँजती हैं! यह आवाज़ कानों के परदे फाड़ देती है, लोग न तो इससे बचकर भाग सकते हैं, और न ही इससे छिप सकते हैं। बिजली की चमक और गरज की गूँजें
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 13](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-013.html) - छ: हजार वर्षों की प्रबंधन योजना के दौरान किया गया समस्त कार्य अब समाप्ति पर आ गया है। जब यह सब कार्य मनुष्यों पर प्रकट कर दिया जाता है और मनुष्यों के बीच कर दिया जाता है केवल उसके पश्चात् ही वे परमेश्वर के सम्पूर्ण स्वभाव और अस्तित्व को जानेंगे। जब इस चरण का कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 49](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-049.html) - पर्वत और नदियां बदल जाती हैं, धाराएं अपनी दिशा में बहती रहती हैं, और मनुष्य का जीवन उतना स्थायी नहीं होता जितना पृथ्वी और आकाश का। केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर का शाश्वत और पुनर्जीवित जीवन है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी शाश्वत रूप से चलता रहता है! सभी चीज़ें और घटनाएं उसके हाथों में हैं, और शैतान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 58](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-God-s-appearance-and-work-058.html) - यह पूरी तरह से मेरे अनुग्रह और मेरी दया के माध्यम से ही है कि मेरा रहस्य प्रकट और खुले तौर पर व्यक्त होता है, अब और छुपा नहीं है। इसके अतिरिक्त, मेरे वचन का मनुष्यों के बीच प्रकट होना, अब इसका छुपा न होना भी मेरे अनुग्रह और मेरी दया के कारण है। मैं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 1](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-three-stages-of-work-001.html) - मेरी संपूर्ण प्रबंधन योजना, छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना, के तीन चरण या तीन युग हैं : आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों का राज्य का युग। इन तीनों युगों में मेरे कार्य की विषयवस्तु प्रत्येक युग के स्वरूप के अनुसार अलग-अलग है, परंतु प्रत्येक
- [जीवन में प्रवेश](https://hi.kingdomsalvation.org/book-daily-words-of-God-10.html)
- [इंसान की भ्रष्टता का खुलासा](https://hi.kingdomsalvation.org/book-daily-words-of-God-09.html)
- [परमेश्वर के कार्य को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/book-daily-words-of-God-05.html)
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (12) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-12-part-2.html) - बहुत-से लोगों की किसी विशेष क्षेत्र में रुचियाँ और शौक होते हैं। ऐसे भी कुछ लोग होते हैं जिनकी कोई रुचि या शौक नहीं होता है। यानी जब किसी भी पेशे या किसी भी प्रकार की विशिष्ट गतिविधियों की बात आती है या उन विभिन्न लोगों, घटनाओं और चीजों की बात आती है जिनके संपर्क
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (13) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-13-part-1.html) - उत्पत्तियों के आधार पर लोगों की तीन श्रेणियाँ पशुओं से पुनर्जन्म लिए हुए लोगों की विशेषताएँ पिछली बार हमने जिस विषय पर संगति की थी वह इससे संबंधित था कि लोगों का भेद कैसे पहचानें और उन्हें कैसे देखें। यह कहा जा सकता है कि इस तरह का विषय लोगों के लिए रुचिकर होता है
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (18) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-18-part-3.html) - कुछ लोग कहते हैं, “सेब और नाशपाती दोनों परमेश्वर द्वारा नियत मूल फल हैं। अगर दोनों की कलम लगाकर सेब-नाशपाती बना दी जाए, तो क्या वह नकारात्मक चीज होगी? हमें उसे खाना चाहिए या नहीं?” यह ऐसी चीज है जो रोजमर्रा की जिंदगी में सामने आ सकती है, है ना? मुझे बताओ, तुम्हें उसे खाना
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (12) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-12-part-1.html) - सत्य का अनुसरण करने का पहला अभ्यास : त्याग देना अपने और परमेश्वर के बीच की बाधाओं और परमेश्वर के प्रति अपनी शत्रुता को त्याग देना I. परमेश्वर के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना : परमेश्वर के कार्य के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना च. परमेश्वर का
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (18) भाग पाँच](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-18-part-5.html) - परमेश्वर की संप्रभुता के अधीन सभी चीजें सकारात्मक चीजें हैं हमने “जो परमेश्वर द्वारा नियत है” के पहलू पर थोड़ी संगति की है। तो, क्या हमें “जो परमेश्वर की संप्रभुता के अधीन है” से संबंधित सत्य पर भी संगति नहीं करनी चाहिए? (हाँ।) क्या “जो परमेश्वर की संप्रभुता के अधीन है” और “जो परमेश्वर द्वारा
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (18) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-18-part-4.html) - हमने इस पहलू पर संगति करने के लिए कि परमेश्वर क्या नियत करता है, दो उदाहरणों का इस्तेमाल किया है। क्या यह मूल रूप से साफ-साफ समझा दिया गया है? (हाँ।) तो, क्या तुम लोग सकारात्मक और नकारात्मक चीजों के बीच फर्क कर सकते हो? क्या तुम सत्य के इस पहलू का इस्तेमाल उन विभिन्न
- [96. मैंने अपनी हकलाने की समस्या पर काबू पा लिया](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-8-96.html) - यिशान, चीन मेरे पिता को हकलाने की समस्या थी और मुझे भी बचपन से यही समस्या थी। जब तक मैं अजनबियों से नहीं मिलती थी, तब तक सब ठीक रहता था, लेकिन जब भी मैं नए लोगों से मिलती थी तो मैं घबरा जाती थी और बोलते समय हकलाने लगती थी। मेरे भाई-बहन मुझसे कहते
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (17) भाग पाँच](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-17-part-5.html) - आओ, एक और उदाहरण के बारे में बात करते हैं। एक दिन मैं एक खेत पर गया और संयोग से कुछ ऐसा हुआ कि वहाँ लोग नाशपातियाँ तोड़ रहे थे। कोई मेरे लिए कुछ नाशपातियाँ लाया। एक नजर में मैंने देखा कि वे नाशपातियाँ काफी हरी थीं और ज्यादा पकी नहीं थीं, लेकिन मैंने देखा
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (18) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-18-part-2.html) - परमेश्वर द्वारा नियत सभी चीजें सकारात्मक चीजें हैं सकारात्मक चीजों की परिभाषा से जुड़ा एक और पहलू है परमेश्वर द्वारा नियत किया जाना और परमेश्वर द्वारा नियत की गई चीजों का दायरा काफी बड़ा है। उदाहरण के लिए, मोटे तौर पर विभिन्न जीवों की जीवन-अवधि, रूप, जन्मजात प्रकृति और अनुवांशिक गुणों और साथ ही उनके
- [लोगों को परमेश्वर का भय मानने वाले हृदय के साथ उस पर विश्वास करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/with-a-God-fearing-heart.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन लोगों को परमेश्वर का भय मानने वाले हृदय के साथ उस पर विश्वास करना चाहिए परमेश्वर में विश्वास रखते हुए अगर लोगों के पास परमेश्वर का भय मानने वाले दिल न हों,परमेश्वर के प्रति समर्पणशील दिल न हों,तो ऐसे लोग न सिर्फ परमेश्वर के लिए कोई कार्य कर पाने
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (17) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-17-part-1.html) - उत्पत्तियों के आधार पर लोगों की तीन श्रेणियाँ मनुष्यों से पुनर्जन्म लिए हुए लोगों की विशेषताएँ II. उचित-अनुचित का भेद पहचानना और यह जानना कि क्या सही है और क्या गलत क. उचित-अनुचित का भेद पहचानना पिछली बार हमने मनुष्यों से पुनर्जन्म लिए हुए लोगों की अभिव्यक्तियों और विशेषताओं पर संगति की थी—अर्थात उनमें जमीर
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (18) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-18-part-1.html) - उत्पत्तियों के आधार पर लोगों की तीन श्रेणियाँ मनुष्यों से पुनर्जन्म लिए हुए लोगों की विशेषताएँ II. उचित-अनुचित का भेद पहचानना और यह जानना कि क्या सही है और क्या गलत हाल ही में हमारी संगति की विषयवस्तु काफी खास रही है। इसमें लोगों की उत्पत्तियाँ, उनके सार और उनकी श्रेणियाँ शामिल रही हैं। हमने
- [परमेश्वर के कार्य के लिए अपना पूरा अस्तित्व अर्पित कर दो](https://hi.kingdomsalvation.org/give-yourself-up-to-God-s-work.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर के कार्य के लिए अपना पूरा अस्तित्व अर्पित कर दो अब वह समय है जब मेरा आत्मा महान कार्य करता है और वह समय है जब मैं अन्यजाति राष्ट्रों के बीच अपना कार्य शुरू करता हूँ। इससे भी बढ़कर यह वह समय है जब मैं सभी सृजित प्राणियों
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (17) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-17-part-3.html) - ख. यह जानना कि क्या सही है और क्या गलत अब जबकि हमने उचित-अनुचित का भेद पहचानने के बारे में संगति पूरी कर ली है, इसलिए अब हमें यह जानने के बारे में बात करनी चाहिए कि क्या सही है और क्या गलत, है ना? (हाँ।) यह जानना कि क्या सही है और क्या गलत,
- [परमेश्वर द्वारा मनुष्य के परीक्षण उसे शुद्ध करने के लिए हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/God-s-trials-are-to-purify.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर द्वारा मनुष्य के परीक्षण उसे शुद्ध करने के लिए हैं परमेश्वर में अपने विश्वास में लोग भविष्य के लिए आशीष पाने का अनुसरण करते हैं; यही उनके विश्वास का लक्ष्य होता है। सभी लोगों की यही मंशा और आशा होती है,लेकिन उनकी प्रकृति की भ्रष्टता का समाधान परीक्षणों
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (17) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-17-part-2.html) - अगर कोई यह नहीं जानता कि सकारात्मक चीजें क्या होती हैं और नकारात्मक चीजें क्या होती हैं और फिर भी कहता है, “मेरे पास जमीर है और मैं बहुत ईमानदार और दयालु हूँ,” तो क्या यह आत्म-जागरूकता की अनुपस्थिति नहीं दर्शाता? तुम्हारी ईमानदारी कहाँ से आती है? तुम्हारा मन नकारात्मक चीजों से ही भरा है—तुम
- [केवल पीड़ा और परीक्षणों के द्वारा ही तुम परमेश्वर से सचमुच प्रेम कर सकते हो](https://hi.kingdomsalvation.org/through-trials-can-truly-love-God.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन केवल पीड़ा और परीक्षणों के द्वारा ही तुम परमेश्वर से सचमुच प्रेम कर सकते हो आखिर आज तुम परमेश्वर से कितना प्रेम करते हो? और जो कुछ भी परमेश्वर ने तुम्हारे भीतर किया है,उस सबके बारे में तुम आखिर कितना जानते हो? ये वे सबक हैं जो तुम्हें सीखने
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (16) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-16-part-1.html) - उत्पत्तियों के आधार पर लोगों की तीन श्रेणियाँ हमारी हाल ही की संगति की विषय-वस्तु विभिन्न प्रकार के लोगों का भेद पहचानने के बारे में रही है—उनकी उत्पत्तियों के आधार पर उनकी विभिन्न श्रेणियों और वर्गीकरणों में अंतर करना और फिर वास्तविक जीवन में विभिन्न प्रकार के लोगों की विविध अभिव्यक्तियों के जरिए उनके सार
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (16) भाग पाँच](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-16-part-5.html) - अगर कोई व्यक्ति मनुष्य है और उसमें सामान्य मानवता है तो उसका उचित-अनुचित का भेद पहचानने में समर्थ होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब उसने परमेश्वर के वचनों की आपूर्ति प्राप्त नहीं की है और वह सत्य नहीं समझता है तब वह कुछ सरल सकारात्मक और नकारात्मक चीजें समझने के लिए अपने जमीर और विवेक का
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (17) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-17-part-4.html) - मानवता से रहित लोगों की एक स्पष्ट विशेषता यह होती है कि जब वे क्रियाकलाप करते हैं और बोलते हैं तो वे यह नहीं जानते कि क्या सही है और क्या गलत; वे हमेशा विकृत तर्क प्रस्तुत करते हैं। हम कहते हैं कि वे यह नहीं जानते कि क्या सही है और क्या गलत, फिर
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (16) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-16-part-3.html) - हमने अभी-अभी लोगों की मानवता के भीतर उचित-अनुचित का भेद पहचानने की क्षमता के बारे में बात की, यानी क्या लोग सकारात्मक और नकारात्मक चीजों की पहचान कर सकते हैं या नहीं। बहुत ही कम लोग यह भेद पहचानने में सक्षम होते हैं, फिर भी लोग अपने जीवन में बार-बार सकारात्मक और नकारात्मक दोनों चीजों
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (16) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-16-part-2.html) - II. उचित-अनुचित का भेद पहचानना और यह जानना कि क्या सही है और क्या गलत हम मानवता के दो महत्वपूर्ण अंशों—जमीर और विवेक—के बारे में और विस्तार से नहीं बताएँगे। आओ, दो दूसरे सबसे विशिष्ट पहलुओं के बारे में बात करें जिन्हें सबसे आसानी से अनदेखा किया जाता है या जिनके बारे में लोगों को
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (16) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-16-part-4.html) - जो लोग उचित-अनुचित का भेद नहीं पहचान सकते, वे कुछ सही और सकारात्मक कथनों से सहमत हो सकते हैं या बाहर से, कुछ सकारात्मक चीजों को पसंद करने और उनकी लालसा रखने में दूसरों का अनुसरण कर सकते हैं। हालाँकि एक बार समय बीत जाने के बाद, परिवेश बदलेगा और साथ ही लोग, घटनाएँ और
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (15) भाग पाँच](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-15-part-5.html) - ग. सत्य की जगह लेने की कोशिश करना शैतान के बुरे सार वाले लोगों में विशेष रूप से दुर्भावनापूर्ण स्वभाव होते हैं। वे न सिर्फ सत्य के प्रति शत्रुता दिखाते हैं और सत्य पर हमला करते हैं, बल्कि सत्य की जगह लेने के लिए अपने ही पाखंडों और भ्रांतियों का इस्तेमाल भी करना चाहते हैं।
- [अंतभाषण](https://hi.kingdomsalvation.org/afterword.html) - यद्यपि ये सारे वचन परमेश्वर की समग्र अभिव्यक्तियाँ नहीं हैं, फिर भी लोगों द्वारा परमेश्वर को जानने और स्वभाव में बदलाव लाने के उद्देश्य प्राप्त करने के लिए वे पर्याप्त हैं। शायद कुछ ऐसे लोग हैं, जो सोचते हैं कि चूंकि चीनी मुख्य भूभाग में परमेश्वर का कार्य समाप्त हो चुका है, अतः यह साबित
- [परिशिष्ट 4 : परमेश्वर के प्रकटन को उसके न्याय और ताड़ना में देखना](https://hi.kingdomsalvation.org/beholding-the-appearance-of-god-in-his-judgment-and-chastisement-2.html) - प्रभु यीशु मसीह के करोड़ों अन्य अनुयायियों के समान हम बाइबल की व्यवस्थाओं और आज्ञाओं का पालन करते हैं, प्रभु यीशु मसीह के विपुल अनुग्रह का आनंद लेते हैं, और प्रभु यीशु मसीह के नाम पर एक-साथ इकट्ठे होते हैं, प्रार्थना, गुणगान और सेवा करते हैं—और यह सब हम प्रभु की देखभाल और सुरक्षा के
- [परिशिष्ट 3 : मनुष्य को केवल परमेश्वर के प्रबंधन के बीच ही बचाया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/man-can-only-be-saved-amidst-the-management-of-god.html) - प्रत्येक व्यक्ति की नजर में परमेश्वर का प्रबंधन एक बहुत अपरिचित चीज है, क्योंकि लोग परमेश्वर के प्रबंधन को मनुष्य से पूरी तरह असंबद्ध समझते हैं। वे सोचते हैं कि परमेश्वर का प्रबंधन केवल परमेश्वर का ही कार्य है और वह केवल उसी से संबंध रखता है—और इसलिए मनुष्य उसके प्रबंधन के प्रति उदासीन है।
- [परिशिष्ट 1 : परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/appearance-of-god-has-brought-a-new-age.html) - परमेश्वर की छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना समाप्त हो रही है, और राज्य का द्वार उन सभी लोगों के लिए पहले से ही खोल दिया गया है, जो उसका प्रकटन खोजते हैं। प्रिय भाइयो और बहनो, तुम लोग किस चीज़ की प्रतीक्षा कर रहे हो? वह क्या है, जो तुम खोज रहे हो? क्या तुम परमेश्वर के
- [दस प्रशासनिक आदेश जो राज्य के युग में परमेश्वर के चुने हुए लोगों द्वारा पालन किए जाने चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/the-ten-administrative-decrees-that-must-be-obeyed-by-god-chosen-people-in-the-age-of-kingdom.html) - 1. मनुष्य को स्वयं को बड़ा नहीं दिखाना चाहिए, न अपनी बड़ाई करनी चाहिए। उसे परमेश्वर की आराधना और बड़ाई करनी चाहिए। 2. वह सब कुछ करो जो परमेश्वर के कार्य के लिए लाभदायक है और ऐसा कुछ भी न करो जो परमेश्वर के कार्य के हितों के लिए हानिकारक हो। परमेश्वर के नाम, परमेश्वर
- [सर्वशक्तिमान की आह](https://hi.kingdomsalvation.org/the-sighing-of-the-almighty-02.html) - तुम्हारे दिल में एक बहुत बड़ा रहस्य है, जिसके बारे में तुमने कभी नहीं जाना है, क्योंकि तुम एक प्रकाशविहीन दुनिया में रह रहे हो। तुम्हारा दिल और तुम्हारी आत्मा उस दुष्ट द्वारा छीन लिए गए हैं। तुम्हारी आँखें अंधकार से ढक गई हैं, तुम न तो आकाश में सूर्य को देख सकते हो और
- [परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है](https://hi.kingdomsalvation.org/god-is-the-source-of-mans-life-02.html) - जिस क्षण तुम रोते हुए इस दुनिया में आते हो उसी पल से तुम अपनी जिम्मेदारियाँ निभाना शुरू कर देते हो। परमेश्वर की योजना और उसके विधान की खातिर तुम अपनी भूमिका निभाते हो और अपनी जीवन यात्रा शुरू करते हो। तुम्हारी पृष्ठभूमि जो भी हो और तुम्हारी आगे की यात्रा जैसी भी हो, किसी
- [तुम लोगों को अपने कर्मों पर विचार करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/you-ought-to-consider-your-deeds.html) - जीवन में तुम लोगों के कर्मों और कार्यों से पता चलता है कि तुम लोगों को तुम्हारे पुनर्भरण के लिए मेरे वचनों के अंश की प्रतिदिन आपूर्ति की जानी आवश्यक है, क्योंकि तुम लोगों में बहुत सारी कमियाँ हैं और तुम लोगों की बोध क्षमता और ज्ञान बहुत ही कम है। अपने दैनिक जीवन में
- [एक बहुत गंभीर समस्या : विश्वासघात (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/a-very-serious-problem-betrayal-2.html) - मनुष्य की प्रकृति मेरे सार से काफी भिन्न है, क्योंकि मनुष्य की भ्रष्ट प्रकृति पूरी तरह से शैतान से उत्पन्न होती है; मनुष्य की प्रकृति को शैतान द्वारा संसाधित और भ्रष्ट किया गया है। अर्थात्, मनुष्य इसकी बुराई और कुरूपता के प्रभाव के अधीन जीता है। मनुष्य सत्य के संसार या पवित्र वातावरण में बड़ा
- [एक बहुत गंभीर समस्या : विश्वासघात (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/a-very-serious-problem-betrayal-1-2.html) - जल्द ही मेरा कार्य पूरा हो जाएगा और कई वर्ष जो हमने एक साथ बिताए हैं वे असहनीय यादें बन गए हैं। मैंने अनवरत अपने वचनों को दोहराया है और लगातार अपने नए कार्य को आगे बढ़ाया है। निस्संदेह, जब भी मैं कार्य करता हूँ तो मेरा परामर्श उसका एक आवश्यक घटक होता है। इसके
- [पृथ्वी के परमेश्वर को वास्तव में कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-know-the-god-on-earth.html) - तुम सभी परमेश्वर के समक्ष पुरस्कृत होने और उसके द्वारा कृपा की दृष्टि से देखे जाने की इच्छा रखते हो; सभी ऐसी चीजों की आशा करते हैं, जब वे परमेश्वर में विश्वास रखना शुरू करते हैं, क्योंकि सभी उच्चतर चीजों की खोज में लीन रहते हैं, और कोई भी दूसरों से पीछे नहीं रहना चाहता।
- [परमेश्वर के स्वभाव को समझना बहुत महत्वपूर्ण है](https://hi.kingdomsalvation.org/it-is-very-important-to-understand-gods-disposition.html) - बहुत-सी चीजें हैं, जिन्हें तुम लोगों द्वारा हासिल किए जाने की मैं आशा करता हूँ, लेकिन तुम्हारे कुछ कार्य, तुम्हारे जीवन की कुछ बातें मेरी अपेक्षाएँ पूरी करने में समर्थ नहीं हैं, इसलिए सीधे मुद्दे पर आकर अपने इरादे तुम्हें बताने के अलावा मेरे पास और कोई चारा नहीं है। यह देखते हुए कि चीजों
- [अपराध मनुष्य को नरक में ले जाएँगे](https://hi.kingdomsalvation.org/transgressions-will-take-man-to-hell.html) - मैंने तुम लोगों को कई चेतावनियाँ दी हैं और तुम लोगों को जीतने के इरादे से बहुत-से सत्य प्रदान किए हैं। अब तुम सभी लोग पहले की तुलना में भीतर से बहुत अधिक परिपूर्ण महसूस करते हो, स्व-आचरण के कई सिद्धांतों को समझ चुके हो और उतनी सारी सामान्य समझ हासिल कर चुके हो जो
- [तीन चेतावनियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/three-admonitions.html) - परमेश्वर के विश्वासी के रूप में, तुम्हें हर चीज में परमेश्वर के अलावा अन्य किसी के प्रति वफादार नहीं होना चाहिए और हर चीज में उसके इरादों के अनुरूप होने में सक्षम होना चाहिए। यद्यपि हर कोई इस संदेश को समझता है, लेकिन इंसान की तरह-तरह की मुश्किलों—उदाहरण के लिए, उसकी अज्ञानता, बेतुकेपन और भ्रष्टता
- [गंतव्य के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/on-destination-2.html) - जब भी गंतव्य का जिक्र होता है, तुम लोग उसे विशेष गंभीरता से लेते हो; इतना ही नहीं, यह एक ऐसी चीज़ है, जिसके बारे में तुम सभी विशेष रूप से संवेदनशील हो। कुछ लोगों से एक अच्छा गंतव्य पाने के लिए परमेश्वर के सामने दंडवत करते हुए अपने सिर जमीन पर पटकने का इंतज़ार
- [तुम वास्तव में किसके प्रति वफादार हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/to-whom-are-you-loyal.html) - इस समय हर वह दिन निर्णायक है जिसे तुम लोग जीते हो और यह तुम्हारे गंतव्य और भाग्य के लिए बड़े ही महत्व का है, इसलिए आज जो कुछ भी तुम्हारे पास है, वह सब तुम्हें सँजोना चाहिए और गुजरने वाले हर क्षण को सँजोना चाहिए। सबसे बड़े लाभ बटोर सकने के लिए तुम्हें हर
- [अपनी मंजिल के लिए पर्याप्त अच्छे कर्म तैयार करो](https://hi.kingdomsalvation.org/you-ought-to-do-enough-good-deeds-to-prepare-for-your-destination.html) - मैंने तुम लोगों के बीच बहुत काम किया है और निस्संदेह, कई वचन भी बोले हैं। फिर भी मुझे महसूस हुए बिना नहीं रहता कि मेरे वचनों और कार्य ने अंत के दिनों में मेरे कार्य का उद्देश्य पूर्णतः पूरा नहीं किया है। क्योंकि, अंत के दिनों में, मेरा कार्य किसी विशेष व्यक्ति या विशेष
- [केवल अंत के दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनंत जीवन का मार्ग दे सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/only-christ-of-the-last-days-can-give-man-the-way-of-eternal-life.html) - जीवन का मार्ग कोई ऐसी चीज नहीं है जो हर व्यक्ति के पास हो, न ही यह कोई ऐसी चीज है जिसे हर व्यक्ति आसानी से प्राप्त कर सके। ऐसा इसलिए है क्योंकि जीवन केवल परमेश्वर से आ सकता है, कहने का तात्पर्य यह है कि केवल स्वयं परमेश्वर के पास जीवन का सार है
- [क्या तुम जानते थे? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक महान काम किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/do-you-know-god-has-done-a-great-thing-among-men.html) - पुराना युग बीत चुका है और नया युग आ गया है। साल-दर-साल और दिन-ब-दिन परमेश्वर ने बहुत काम किया है। वह इस संसार में आया और फिर चला गया। इस चक्र ने खुद को अनेक पीढ़ियों में दोहराया है। आज भी, पहले की तरह, परमेश्वर वह काम कर रहा है जो उसे करना चाहिए, काम
- [क्या तुम सचमुच परमेश्वर के विश्वासी हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/are-you-a-true-believer-of-god.html) - हो सकता है, तुम परमेश्वर में आस्था के पथ पर एक या दो वर्ष से अधिक चले हो, और शायद इन वर्षों में तुमने अपने जीवन में बहुत कठिनाई झेली हो; या शायद तुमने कोई कठिनाई न झेली हो और उसके बजाय तुमने अत्यधिक अनुग्रह प्राप्त किया हो। यह भी हो सकता है कि तुमने
- [बुलाए बहुत जाते हैं, पर चुने कुछ ही जाते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/many-are-called-but-few-are-chosen-5.html) - मैंने अपने अनुयायी बनाने के लिए पृथ्वी पर बहुत लोगों की तलाश की है। इन सभी अनुयायियों में वे लोग हैं जो याजकों की तरह सेवा करते हैं, जो अगुआई करते हैं, जो परमेश्वर के पुत्र हैं, जो परमेश्वर के लोग हैं, और जो सेवा करते हैं। वे मेरे प्रति जो निष्ठा दिखाते हैं, उसके
- [जो मसीह के साथ असंगत हैं वे निश्चित ही परमेश्वर के विरोधी हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/those-incompatible-with-christ-are-surely-opponents-of-god.html) - सभी लोग यीशु का सच्चा रूप देखना चाहते हैं, और सभी उसके साथ रहने की इच्छा करते हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई भाई-बहन यह कहेगा कि वह यीशु को देखना या उसके साथ रहना नहीं चाहता। यीशु को देखने से पहले—देहधारी परमेश्वर को देखने से पहले—तुम लोग तमाम तरह के विचार रखते हो, उदाहरण
- [जब तक तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देखोगे, परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को फिर से बना चुका होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/when-you-behold-the-spiritual-body-of-jesus-will-be-when-god-has-made-anew-heaven-and-earth.html) - क्या तुम यीशु को देखना चाहते हो? क्या तुम यीशु के साथ रहना चाहते हो? क्या तुम यीशु के द्धारा कहे गए वचनों को सुनना चाहते हो? यदि ऐसा है, तो तुम यीशु के लौटने का कैसे स्वागत करेंगे? क्या तुम पूरी तरह से तैयार हो? किस ढंग से तुम यीशु के लौटने का स्वागत करेंगे? मुझे लगता है कि प्रत्येक भाई और बहन जो यीशु का अनुसरण करतें हो यीशु का अच्छी तरह से स्वागत करना चाहेंगे।
- [परमेश्वर और मनुष्य साथ-साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे](https://hi.kingdomsalvation.org/god-and-man-will-enter-into-rest-together.html) - आरंभ में परमेश्वर विश्राम में था। उस समय पृथ्वी पर कोई मनुष्य या अन्य कुछ भी नहीं था और परमेश्वर ने तब तक किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं किया था। उसने अपने प्रबंधन का कार्य केवल तब आरंभ किया, जब मानवता अस्तित्व में आ गई और जब मानवता भ्रष्ट कर दी गई; उस
- [मनुष्य के सामान्य जीवन को बहाल करना और उसे एक अद्भुत मंजिल पर ले जाना](https://hi.kingdomsalvation.org/restoring-the-normal-life-of-man-and-taking-him-to-a-wonderful-destination.html) - मनुष्य को आज के कार्य और भविष्य के कार्य की कुछ समझ है, किंतु वह यह नहीं समझता कि मानवजाति किस मंजिल में प्रवेश करेगी। एक सृजित प्राणी के रूप में मनुष्य को सृजित प्राणी का कर्तव्य निभाना चाहिए। जो कुछ भी परमेश्वर करता है, उसमें मनुष्य को उसका अनुसरण करना चाहिए; जैसे मैं तुम
- [स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति समर्पण ही मसीह का सार है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-substance-of-christ-is-obedience-to-the-will-of-the-heavenly-father.html) - देहधारी परमेश्वर मसीह कहलाता है और मसीह परमेश्वर के आत्मा द्वारा धारण की गई देह है। यह देह किसी ऐसे मनुष्य से भिन्न है जो देह का है। यह भिन्नता इसलिए है क्योंकि मसीह दैहिक होने के बजाय आत्मा का देहधारण है। उसके पास सामान्य मानवता भी है और पूर्ण दिव्यता भी है। उसकी दिव्यता
- [परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का अभ्यास](https://hi.kingdomsalvation.org/god-work-and-man-practice.html) - मनुष्यों के बीच परमेश्वर का कार्य मनुष्य से अलग नहीं किया जा सकता, क्योंकि मनुष्य ही इस कार्य का लक्ष्य और परमेश्वर द्वारा रचा गया एकमात्र ऐसा प्राणी है, जो परमेश्वर की गवाही दे सकता है। मनुष्य का जीवन और उसके समस्त क्रियाकलाप परमेश्वर से अलग नहीं किए जा सकते और वे सब परमेश्वर के
- [परमेश्वर द्वारा धारण किए गए देह का सार](https://hi.kingdomsalvation.org/the-essence-of-the-flesh-inhabited-by-god.html) - अपने पहले देहधारण में परमेश्वर पृथ्वी पर साढ़े तैंतीस साल रहा, उसने उन सालों में से केवल साढ़े तीन साल ही अपनी सेवकाई की। कार्य करने के दौरान और कार्य आरम्भ करने से पहले, इन दोनों अवधियों में, उसके पास सामान्य मानवता थी; वह साढ़े तैंतीस साल तक अपनी सामान्य मानवता में जिया। अंत के
- [भ्रष्ट मानवजाति को देहधारी परमेश्वर के उद्धार की ज्यादा आवश्यकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/corrupt-mankind-is-more-in-need-of-the-salvation-of-god-become-flesh.html) - परमेश्वर इसलिए देहधारी हुआ क्योंकि उसके कार्य का लक्ष्य शैतान की आत्मा, या कोई ऐसी चीज नहीं जो देह की न हो, बल्कि मनुष्य है, जो हाड़-माँस का बना है और जिसे शैतान ने भ्रष्ट कर दिया है। चूँकि इंसान की देह को भ्रष्ट कर दिया गया है, इसलिए परमेश्वर ने हाड़-माँस के मनुष्य को
- [परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है](https://hi.kingdomsalvation.org/knowing-the-three-stages-of-gods-work-is-the-path-to-knowing-god-2.html) - मानवजाति के प्रबंधन का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि मानवजाति को बचाने का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है। इन चरणों में संसार की रचना का कार्य समाविष्ट नहीं है, बल्कि ये व्यवस्था के युग, अनुग्रह के युग और राज्य के युग के कार्य के तीन चरण
- [परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/god-work-and-man-work.html) - मनुष्य के कार्य में कितना पवित्र आत्मा का कार्य है और कितना मनुष्य का अनुभव है? यह कहा जा सकता है कि लोग आज भी इन प्रश्नों को नहीं समझते, और इसकी वजह यह है कि लोग पवित्र आत्मा के कार्य के सिद्धांतों को नहीं समझते। जब मैं “मनुष्य का कार्य” की बात करता हूँ,
- [सफलता या विफलता उस पथ पर निर्भर होती है जिस पर व्यक्ति चलता है](https://hi.kingdomsalvation.org/success-or-failure-depends-on-the-path-that-man-walks.html) - अधिकांश लोग अपनी भविष्य की मंज़िल के लिए, या अल्पकालिक आनंद के लिए परमेश्वर में विश्वास करते हैं। उन लोगों की बात करें जो किसी काट-छाँट से नहीं गुजरे हैं, तो वे स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए, पुरस्कार प्राप्त करने के लिए परमेश्वर में विश्वास करते हैं। वे पूर्ण बनाए जाने के लिए या
- [तेरह धर्मपत्रों पर तुम्हारा दृढ़ मत क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/what-attitude-do-you-hold-toward-the-thirteen-epistles.html) - बाइबल के नए नियम में पौलुस के तेरह धर्मपत्र हैं। जिस समयावधि में पौलुस ने अपना कार्य किया, उसमें उसने उन कलीसियाओं को ये तेरह पत्र लिखे जो प्रभु यीशु में विश्वास करते थे। यानी, पौलुस को उन्नत किया गया और उसने ये पत्र यीशु के स्वर्गारोहण के बाद लिखे थे। पौलुस के पत्र प्रभु
- [परमेश्वर समस्त सृजित प्राणियों का प्रभु है](https://hi.kingdomsalvation.org/god-is-the-lord-of-all-creation.html) - पिछले दो युगों के कार्य का एक चरण इस्राएल में पूरा किया गया, और एक यहूदिया में। सामान्य तौर पर कहा जाए तो, इस कार्य का कोई भी चरण इस्राएल छोड़कर नहीं गया, और प्रत्येक चरण पहले चुने गए लोगों पर किया गया। परिणामस्वरूप, इस्राएली मानते हैं कि यहोवा परमेश्वर केवल इस्राएलियों का परमेश्वर है।
- [देहधारी परमेश्वर की सेवकाई और मनुष्य के कर्तव्य के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/the-difference-between-the-ministry-of-the-incarnate-god-and-the-duty-of-man.html) - तुम लोगों को परमेश्वर के कार्य के दर्शनों को जानना और उसके कार्य की समग्र दिशा को समझना होगा। यह सकारात्मक प्रवेश है। एक बार जब तुम दर्शनों के सत्य में सही ढंग से महारत हासिल कर लोगे, तो तुम्हारा प्रवेश सुरक्षित हो जाएगा; चाहे परमेश्वर का कार्य कैसे भी क्यों न बदले, तुम अपने
- [जो परमेश्वर को और उसके कार्य को जानते हैं, केवल वे ही परमेश्वर को संतुष्ट कर सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/only-those-who-know-god-and-his-work-can-satisfy-god.html) - देहधारी परमेश्वर के कार्य में दो भाग शामिल हैं। जब वह पहली बार देह बना, तो लोगों ने उस पर विश्वास नहीं किया या उसे नहीं पहचाना, और उन्होंने यीशु को सलीब पर चढ़ा दिया। फिर, जब वह दूसरी बार देह बना, तो लोगों ने फिर भी उस पर विश्वास नहीं किया, और पहचाना तो
- [जिन लोगों ने परमेश्वर को अपनी ही धारणाओं में सीमित कर दिया है, वे किस प्रकार उसके प्रकाशनों को प्राप्त कर सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/how-can-man-who-has-defined-god-in-his-conceptions-receive-the-revelations-of-god-2.html) - परमेश्वर का कार्य निरंतर आगे बढ़ता रहता है और यद्यपि उसके कार्य का प्रयोजन नहीं बदलता, फिर भी जिन तरीकों से वह कार्य करता है वे निरंतर बदलते रहते हैं; इसलिए जो लोग परमेश्वर का अनुसरण करते हैं, वे भी निरंतर बदलते रहते हैं। परमेश्वर जितना अधिक कार्य करता है, परमेश्वर के बारे में मनुष्य
- [तुम्हें रुतबे के आशीष को परे रखना चाहिए और मनुष्य का उद्धार लाने का परमेश्वर का इरादा समझना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/you-should-put-aside-the-blessings-of-status-and-understand-gods-will-for-the-salvation-of-man.html) - मानवीय दृष्टिकोण से, मोआब के वंशजों को पूर्ण किया जाना संभव नहीं है, न ही वे पूर्ण किए जाने के योग्य हैं। दूसरी ओर, दाऊद के बच्चों को लेकर निश्चित रूप से आशा है और उन्हें यकीनन पूर्ण किया जा सकता है। यदि कोई मोआब का वंशज है, तो उसे पूर्ण नहीं किया जा सकता।
- [केवल पूर्ण बनाया गया मनुष्य ही सार्थक जीवन जी सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/only-the-perfected-can-live-a-meaningful-life.html) - सच में, जो कार्य अब किया जा रहा है, वह लोगों से शैतान और अपने पूर्वज के खिलाफ विद्रोह करने के लिए किया जा रहा है। वचन के द्वारा सभी न्यायों का उद्देश्य लोगों के भ्रष्ट स्वभावों को उजागर करना और उन्हें जीवन का सार समझने में सक्षम बनाना है। ये बार-बार के न्याय लोगों
- [पदवियों और पहचान के संबंध में](https://hi.kingdomsalvation.org/concerning-appellations-and-identity.html) - यदि तुम परमेश्वर द्वारा उपयोग के लिए उपयुक्त होने की कामना करते हो तो तुम्हें परमेश्वर के कार्य के बारे में अवश्य जानना चाहिए, तुम्हें उस कार्य को अवश्य जानना चाहिए जो उसने पहले किया था (नए और पुराने नियमों में); और इससे भी अधिक, तुम्हें उसके वर्तमान कार्य को अवश्य जानना चाहिए जिसका तात्पर्य
- [तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई](https://hi.kingdomsalvation.org/you-should-know-how-the-whole-of-humanity-has-developed-to-the-present-day.html) - भिन्न-भिन्न युगों के आने-जाने के साथ छह हज़ार वर्षों के दौरान किए गए कार्य की समग्रता धीरे-धीरे बदलती गई है। इस कार्य में आए बदलाव समस्त संसार की परिस्थितियों और एक इकाई के तौर पर मानवजाति की विकासात्मक प्रवृत्ति पर आधारित रहे हैं। परमेश्वर का प्रबंधन का कार्य इसके अनुसार केवल धीरे-धीरे बदला है। सृष्टि
- [युवा और वृद्ध लोगों के लिए वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/words-to-the-young-and-old.html) - मैंने पृथ्वी पर बहुत अधिक कार्य किया है और मैं बहुत वर्षों तक मानव-जाति के बीच चला हूँ, फिर भी लोगों को मेरी छवि और स्वभाव का शायद ही ज्ञान है और कुछ ही लोग उस कार्य के बारे में पूरी तरह से बता सकते हैं जो मैं करता हूँ। ऐसी बहुत-सी चीजें हैं जिनकी
- [छुटकारे के युग के कार्य की वास्तविक कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/the-truth-concerning-the-work-in-the-age-of-redemption.html) - मेरी संपूर्ण प्रबंधन योजना, छह-हजार-वर्षीय प्रबंधन योजना, के तीन चरण या तीन युग हैं : आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों का राज्य का युग। इन तीनों युगों में मेरे कार्य की विषयवस्तु प्रत्येक युग के अनुसार अलग-अलग है, परंतु प्रत्येक चरण में
- [तुम सभी कितने नीच चरित्र के हो!](https://hi.kingdomsalvation.org/your-character-is-so-lowly.html) - तुम सभी शानदार कुर्सियों पर बैठते हो और युवा पीढ़ी के अपनी किस्म के लोगों को अपने पास बैठाकर भाषण देते हो। तुम लोग कैसे नहीं जान सकते कि तुम्हारे इन “वंशजों” की साँस बहुत पहले ही उखड़ चुकी है और वे मेरा कार्य खो चुके हैं? मेरी महिमा पूरब की भूमि से लेकर पश्चिम
- [सुसमाचार को फैलाने का कार्य मनुष्य को बचाने का कार्य भी है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-work-of-spreading-the-gospel-is-also-the-work-of-saving-man.html) - सभी लोगों को पृथ्वी पर मेरे कार्य के प्रयोजन को समझने की आवश्यकता है, अर्थात् मैं अंततः क्या प्राप्त करने का इरादा रखता हूँ, और इस कार्य को पूरा करने से पहले मुझे इसमें कौन-सा स्तर प्राप्त कर लेना चाहिए। यदि आज तक मेरे साथ चलते रहने के बाद भी लोग यह नहीं समझते कि
- [उद्धारकर्ता पहले ही एक “सफेद बादल” पर सवार होकर वापस आ चुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-savior-has-already-returned-upon-a-white-cloud.html) - कई सहस्राब्दियों से मनुष्य ने उद्धारकर्ता के आगमन को देखने की लालसा की है। मनुष्य उद्धारकर्ता यीशु को एक सफेद बादल पर सवार होकर व्यक्तिगत रूप से उन लोगों के बीच उतरते देखने के लिए तरसा है, जो हज़ारों सालों से उसके लिए लालायित रहे हैं और उसकी आशा की है। मनुष्य ने यह भी
- [कोई भी जो देह में है, कोप के दिन से नहीं बच सकता](https://hi.kingdomsalvation.org/none-who-are-of-the-flesh-can-escape-the-day-of-wrath.html) - आज, मैं तुम लोगों को तुम्हारे ही अस्तित्व के लिए इस प्रकार धिक्कारता हूँ, ताकि मेरा कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़े और पूरे ब्रह्मांड में मेरा उद्घाटन कार्य अधिक उचित और उत्तम ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। मैं सभी देशों और राष्ट्रों के लोगों के लिए अपने वचनों, अधिकार, प्रताप और न्याय को
- [जब झड़ते हुए पत्ते अपनी जड़ों की ओर लौटेंगे, तो तुम्हें अपनी की हुई सभी बुराइयों पर पछतावा होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/when-falling-leaves-return-to-their-roots-you-will-regret-all-the-evil-you-have-done.html) - तुम सभी लोगों ने अपनी आँखों से उस कार्य को देखा है जो मैंने तुम लोगों के बीच किया है, तुम लोगों ने स्वयं उन वचनों को सुना है जो मैंने बोले हैं और तुम लोगों ने अपने प्रति मेरे रवैये को जाना है, इसलिए तुम लोगों को पता होना चाहिए कि मैं तुम लोगों
- [तुम आस्था के बारे में क्या जानते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/what-do-you-know-of-faith.html) - मनुष्य में केवल उपस्थित प्रतीत होने वाला और अनुपस्थित प्रतीत होने वाला “आस्था” शब्द होता है, फिर भी वह यह नहीं जानता कि वास्तव में आस्था क्या होती है, मनुष्य यह तो बिल्कुल भी नहीं जानता कि उसमें आस्था क्यों होनी चाहिए। मनुष्य बहुत कम जानता है और मनुष्य में बहुत सारी कमियाँ हैं; मुझमें
- [एक वास्तविक व्यक्ति होने का क्या अर्थ है](https://hi.kingdomsalvation.org/what-a-real-man-means-2.html) - मनुष्य का प्रबंधन करना हमेशा मेरा कर्तव्य रहा है। इसके अतिरिक्त, मनुष्य पर विजय मैंने तब नियत की थी, जब मैंने संसार की रचना की थी। शायद लोग न जानते हों कि अंत के दिनों में मैं मनुष्य को पूरी तरह से जीत लूँगा, या कि मानवजाति के बीच से विद्रोही लोगों को जीत लेना
- [परमेश्वर के बारे में तुम्हारी समझ क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/when-it-comes-to-god-what-is-your-understanding.html) - लोगों ने लंबे समय से परमेश्वर में विश्वास किया है, फिर भी उनमें से ज्यादातर को इस बात की समझ नहीं है कि “परमेश्वर” शब्द का अर्थ क्या है, वे बस घबराहट में अनुसरण करते हैं। उन्हें नहीं पता कि वास्तव में मनुष्य को परमेश्वर में विश्वास क्यों करना चाहिए, या परमेश्वर क्या है। अगर
- [आशीषों से तुम लोग क्या समझते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/what-is-your-understanding-of-blessings.html) - यद्यपि इस युग में जन्मे लोग शैतान और कलुषित आत्माओं द्वारा भ्रष्ट कर दिए गए हैं, इसी भ्रष्टता के कारण उन्होंने महानतम उद्धार भी प्राप्त किया है, ऐसा उद्धार जो अय्यूब द्वारा पाए गए प्रचुर पशु-धन और विशाल संपत्ति से भी बड़ा है, और उस आशीष से भी बड़ा जो अय्यूब को अपने परीक्षणों के
- [चीन के चुने हुए लोग इस्राएल की किसी जनजाति का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम नहीं हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/the-chosen-people-in-china-cannot-represent-any-tribe-of-israel.html) - दाऊद का घराना वह परिवार था, जिसने मूल रूप से यहोवा की प्रतिज्ञा और उसका उत्तराधिकार प्राप्त किया था। वह मूल रूप से इस्राएल की एक जनजाति थी और चुने हुए लोगों से संबंधित थी। उस समय यहोवा ने इस्राएलियों के लिए एक नियम निकाला कि दाऊद के परिवार से संबंध रखने वाले सभी यहूदी
- [जो लोग सीखते नहीं और अज्ञानी बने रहते हैं—क्या वे जानवर नहीं हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/are-not-those-who-do-not-learn-and-know-nothing-but-beasts.html) - जब तुम आज के मार्ग पर चलते हो, तो सबसे उपयुक्त प्रकार की खोज कौन-सी होती है? अपनी खोज में तुम्हें खुद को किस तरह के व्यक्ति के रूप में देखना चाहिए? तुम्हारे लिए यह जानना उचित है कि आज जिसका भी तुम सामना करते हो, उसे तुम्हें कैसे लेना चाहिए, फिर चाहे वे परीक्षण
- [मनुष्य की अंतर्निहित पहचान और उसका मूल्य : वे असल में कैसे हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/what-are-mans-inherent-identity-and-their-worth.html) - तुम लोग कीचड़ से अलग किए गए थे और हर हाल में तुम उन्हीं चीज़ों में से थे जिन्हें तलछट में से चुनकर निकाला गया था और तुम गंदे और परमेश्वर द्वारा घृणित थे। तुम लोग शैतान के थे और कभी उसके द्वारा कुचले और दूषित किए गए थे। इसीलिए यह कहा जाता है कि
- [मनुष्य का सार और उसकी पहचान](https://hi.kingdomsalvation.org/the-essence-and-identity-of-man.html) - वास्तव में, इस्राएली निराश नहीं हैं; उन्होंने बीते छह हजार वर्षों से परमेश्वर द्वारा किए जा रहे कार्य को देखा है, क्योंकि मैंने उन्हें त्याग नहीं दिया था। बल्कि, चूँकि उनके पूर्वजों ने अच्छाई और बुराई के ज्ञान के पेड़ का फल खाया था, जिसे शैतान ने उन्हें भेंट किया था, उन्होंने पाप के लिए
- [मानव-जाति के प्रबंधन का उद्देश्य](https://hi.kingdomsalvation.org/the-purpose-of-managing-mankind.html) - यदि लोग वास्तव में मानव-जीवन के सही मार्ग को और साथ ही परमेश्वर के मानव-जाति के प्रबंधन के उद्देश्य को पूरी तरह से समझ सकें, तो वे अपनी व्यक्तिगत संभावनाओं और नियति को एक खजाने के रूप में अपने दिलों में थामे नहीं रहेंगे। तब वे अपने उन माता-पिता की सेवा करने में और दिलचस्पी
- [तुझे अपने भविष्य के मिशन से कैसे पेश आना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/how-should-you-attend-to-your-future-mission.html) - क्या तू हर युग में परमेश्वर द्वारा व्यक्त स्वभाव को ठोस ढंग से ऐसी भाषा में बता सकता है जो उपयुक्त हो और जो उस युग की सार्थकता रखती हो? क्या तू, जो अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य को अनुभव करता है, परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव का विस्तार से वर्णन कर सकता है?
- [अपने मार्ग के अंतिम चरण में तुम्हें कैसे चलना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/how-you-should-walk-the-last-leg-of-the-path.html) - तुम सब अब अपने मार्ग के अंतिम चरण में हो, और यह इसका एक महत्वपूर्ण भाग है। शायद तुमने काफी दुःख सहा है, बहुत कार्य किया है, बहुत से मार्गों पर यात्रा की है, और बहुत उपदेशों को सुना है, और यहाँ तक पहुँचना सरल नहीं रहा है। यदि तुम उस दुःख को सह नहीं
- [तुम लोगों को कार्य को समझना चाहिए—भ्रम में अनुसरण मत करो!](https://hi.kingdomsalvation.org/you-must-understand-the-work.html) - आज ऐसे बहुत से लोग हैं जो भ्रमित तरीके से आस्था रखते हैं। तुम लोगों के अंदर जिज्ञासा बहुत अधिक है, आशीषों को प्राप्त करने की इच्छा बहुत अधिक है, और जीवन खोजने की आकांक्षा बहुत कम है। आजकल, लोग यीशु में अपने विश्वास को लेकर उत्साह से भरे हुए हैं। यीशु उन्हें वापस स्वर्गिक
- [पतरस के अनुभव : ताड़ना और न्याय का उसका ज्ञान](https://hi.kingdomsalvation.org/the-experiences-of-peter.html) - जब परमेश्वर पतरस को ताड़ना दे रहा था, तब पतरस ने प्रार्थना की, “परमेश्वर! मेरी देह विद्रोही है और तू मुझे ताड़ना देता है और मेरा न्याय करता है। मैं तेरी ताड़ना और न्याय में आनंदित होता हूँ और अगर तू मुझे न भी चाहे, तो भी मैं तेरे न्याय में तेरा पवित्र और धार्मिक
- [मोआब के वंशजों को बचाने का अर्थ](https://hi.kingdomsalvation.org/the-significance-of-saving-the-descendants-of-moab.html) - इन दो से तीन वर्षों के कार्य में, तुम लोगों पर किए गए न्याय के काम में जो हासिल किया जाना चाहिए था, वह मूल रूप से हासिल कर लिया गया है। अधिकतर लोगों ने अपने भविष्य की कुछ संभावनाओं और नियति को छोड़ दिया है। फिर भी, जब यह उल्लेख किया जाता है कि
- [काबिलियत बढ़ाना परमेश्वर का उद्धार पाने के लिए है](https://hi.kingdomsalvation.org/improving-caliber-is-for-receiving-gods-salvation.html) - लोगों की क्षमता बढ़ाने का अर्थ है, तुम लोगों से अपनी बोध क्षमता बढ़ाने की अपेक्षा करना, ताकि तुम परमेश्वर के वचन समझ सको और यह जान सको कि उन पर कैसे कार्य करना है। यह सबसे बुनियादी अपेक्षा है। अगर तुम मेरा कहा समझे-बूझे बिना मेरा अनुसरण करते हो तो क्या तुम्हारी आस्था भ्रमित
- [इस्राएलियों की तरह सेवा करो](https://hi.kingdomsalvation.org/serve-as-the-israelites-did.html) - इन दिनों, कई लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि दूसरों के साथ समन्वय करते समय क्या सबक सीखे जाने चाहिये। मैंने देखा है कि तुम लोगों में से कई लोग दूसरों के साथ सहयोग करते समय बिल्कुल सबक नहीं सीख पाते; तुममें से ज़्यादातर लोग अपने ही विचारों से चिपके रहते हैं।
- [अभ्यास (8)](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-8.html) - तुम लोग अभी भी सत्य के विभिन्न पहलुओं को नहीं समझते, और तुम्हारे अभ्यास में अभी भी काफी विकृतियाँ हैं; कई क्षेत्रों में तुम अपनी धारणाओं और कल्पनाओं के अनुसार जीते हो, कभी भी अभ्यास के सिद्धांत नहीं समझ पाते। इसलिए, सही मार्ग पर ले जाने के लिए अभी भी लोगों का मार्गदर्शन करना आवश्यक
- [अभ्यास (7)](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-7.html) - तुम्हारी मानवीयता में बहुत कमी है, तुम्हारी जीवन-शैली बहुत ही निम्न और भ्रष्ट है, तुम्हारे अंदर कोई मानवीयता नहीं है, और तुम्हारे अंदर अंतर्दृष्टि का भी अभाव है। इसलिए तुम्हें सामान्य मानवीयता की बातों से युक्त होना चाहिए। अंतरात्मा, विवेक और अंतर्दृष्टि का होना; यह जानना कि कैसे बोलना और चीज़ों को कैसे देखना है;
- [अभ्यास (6)](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-6.html) - आज, पतरस के जैसी समझ हासिल करने की बात तो छोड़ो, बहुत से लोग वो समझ भी हासिल नहीं कर पाते जो पौलुस के पास थी। उनके पास पौलुस के जैसा आत्म-बोध भी नहीं है। यद्यपि पौलुस को प्रभु यीशु द्वारा गिराया गया था क्योंकि उसने प्रभु यीशु को सताया था, लेकिन बाद में उसने
- [विजय के कार्य की वास्तविक कहानी (4)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-inside-truth-of-the-conquering-work-4.html) - पूर्ण बनाए जाने का क्या अर्थ है? जीत लिए जाने का क्या अर्थ है? जीत लिए जाने हेतु लोगों को किन मानदंडों पर खरा उतरना अनिवार्य है? और पूर्ण बनाए जाने के लिए उन्हें किन मानदंडों पर खरा उतरना अनिवार्य है? जीत लिया जाना और पूर्ण किया जाना दोनों मनुष्य को पूर्ण करने के लिए
- [विजय के कार्य की वास्तविक कहानी (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-inside-truth-of-the-conquering-work-3.html) - विजय के कार्य का अभीष्ट परिणाम मुख्य रूप से यह है कि मनुष्य की देह को विद्रोह से रोका जाए, अर्थात मनुष्य का मस्तिष्क परमेश्वर की नई समझ हासिल करे, उसका दिल पूरी तरह से परमेश्वर के प्रति समर्पण करे और वह ऐसे संकल्प करे जो परमेश्वर की खातिर हों। जब लोगों के व्यक्तित्व या
- [विजय के कार्य की वास्तविक कहानी (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-inside-truth-of-the-conquering-work-2-2.html) - तुम लोग राजाओं की तरह राज करना चाहा करते थे, और तुम लोगों को आज भी इससे पूर्णतः छुटकारा पाना बाकी है; तुम अभी भी राजाओं की तरह राज करना, स्वर्ग को सँभालना और पृथ्वी को सहारा देना चाहते हो। अब, इस प्रश्न पर विचार करो : क्या तुम ऐसी योग्यताएँ रखते हो? क्या तुममें
- [विजय-कार्य के दूसरे चरण के प्रभावों को कैसे प्राप्त किया जाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/how-the-second-step-of-the-work-of-conquest-bears-fruit.html) - सेवाकर्ताओं का कार्य विजय-कार्य में पहला चरण था। आज विजय-कार्य में दूसरा चरण है। विजय-कार्य में पूर्ण बनाए जाने का भी उल्लेख क्यों है? यह भविष्य में नींव तैयार करने के लिए है। आज विजय-कार्य का अंतिम चरण है; आगे भयंकर कष्ट अनुभव करने का समय आएगा, जो मनुष्य को पूर्ण बनाने की आधिकारिक शुरुआत
- [तुम विषमता होने के अनिच्छुक क्यों हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/why-arent-you-willing-to-be-a-foil.html) - जिन लोगों को जीता जाता है वे विषमताएँ हैं और ऐसा केवल पूर्ण बनाए जाने के बाद ही होता है कि लोग अंत के दिनों के कार्य के मॉडल और नमूने बन जाते हैं। पूर्ण किए जाने से पहले वे विषमताएँ, औजार और सेवा करने वाली वस्तुएँ होते हैं। जो लोग परमेश्वर द्वारा पूरी तरह
- [विजय के कार्य की वास्तविक कहानी (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-inside-truth-of-the-conquering-work-1.html) - मनुष्यजाति, जो शैतान के द्वारा अत्यधिक भ्रष्ट कर दी गई है, नहीं जानती कि एक परमेश्वर भी है और इसने परमेश्वर की आराधना करनी बंद कर दी है। आरम्भ में, जब आदम और हव्वा को रचा गया था, तो यहोवा की महिमा और गवाही सर्वदा उपस्थित थी। परन्तु भ्रष्ट होने के पश्चात, मनुष्य ने उस
- [अभ्यास (5)](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-5.html) - अनुग्रह के युग के दौरान यीशु ने कुछ वचन कहे और कार्य का एक चरण पूरा किया। उन सभी का एक संदर्भ था और वे सभी उस समय के लोगों की अवस्थाओं के लिए उपयुक्त थे; यीशु ने उस समय के संदर्भ के अनुसार बोला और कार्य किया। उसने कुछ भविष्यवाणियाँ भी कीं। उसने भविष्यवाणी
- [अभ्यास (4)](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-4.html) - जिस शांति और आनंद के बारे में आज मैं बोलता हूँ, वे वैसे नहीं हैं, जैसे तुम विश्वास करते और समझते हो। तुम सोचा करते थे कि शांति और आनंद का अर्थ है दिन भर प्रसन्न रहना, तुम्हारे परिवार में बीमारी या दुर्भाग्य की अनुपस्थिति होना, अपने हृदय में सदैव खुश रहना, दुःख की कोई
- [अन्य विषयों के बारे में वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/more-categories.html) - अंश 79 “वह जो हर चीज पर संप्रभु है” भजन गाकर तुम लोगों की आंतरिक भावनाएँ क्या हैं? क्या तुम्हें कोई अंतर्दृष्टि मिली है? जीवन जीने वाला हर व्यक्ति कई कठिनाइयों से गुजरा है, लेकिन असल में कोई नहीं जानता कि ऐसा क्यों है और कोई भी इस बात पर गहराई से चिंतन नहीं करता
- [अभ्यास (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-3.html) - तुम लोगों में अपने आप परमेश्वर के वचनों को खाने और पीने, अपने बल पर परमेश्वर के वचनों का अनुभव करने, और दूसरों की अगुआई के बिना एक सामान्य आध्यात्मिक जीवन जीने में सक्षम होने के लिए स्वतंत्र रूप से रहने की क्षमता होनी चाहिए। तुम्हें जीने, सच्चे अनुभव में प्रवेश करने और सच्ची अंतर्दृष्टियाँ
- [क्या त्रित्व का अस्तित्व है?](https://hi.kingdomsalvation.org/does-the-trinity-exist.html) - यीशु के देहधारी होने का सत्य अस्तित्व में आने के बाद, मनुष्य ने विश्वास कर लिया कि स्वर्ग में न केवल पिता है, बल्कि पुत्र भी है और यहां तक कि आत्मा भी है। यह पारंपरिक धारणा है, जिसे मनुष्य धारण किए है कि इस तरह का एक परमेश्वर स्वर्ग में है : एक त्रयात्मक
- [दो देहधारण पूरा करते हैं देहधारण के मायने](https://hi.kingdomsalvation.org/the-two-incarnations-complete-the-significance-of-the-incarnation.html) - परमेश्वर द्वारा किए गए कार्य के प्रत्येक चरण के अपने व्यावहारिक मायने हैं। जब यीशु का आगमन हुआ, तो वह पुरुष रूप में आया, लेकिन इस बार के आगमन में परमेश्वर, स्त्री रूप में आता है। इससे तुम देख सकते हो कि परमेश्वर द्वारा पुरुष और स्त्री, दोनों का ही सृजन उसके कार्य के काम
- [देहधारण का रहस्य (4)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-mystery-of-the-incarnation-4.html) - तुम लोगों को बाइबल के पीछे की सच्ची कहानी और उसके बनने के बारे में जानना चाहिए। यह ज्ञान उन लोगों से संबंध नहीं रखता, जिन्होंने परमेश्वर के नए कार्य को स्वीकार नहीं किया है। वे इसे नहीं जानते। अगर तुम उन्हें सार के ये मामले स्पष्ट रूप से समझा दो, तो वे तुम्हारे सामने
- [देहधारण का रहस्य (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-mystery-of-the-incarnation-3.html) - जब परमेश्वर अपना कार्य करता है, तो वह किसी निर्माण या आंदोलनों में शामिल होने नहीं आता, बल्कि अपनी सेवकाई पूरी करने के लिए आता है। हर बार जब वह देह बनता है, तो यह केवल कार्य के किसी चरण को पूरा करने और एक नए युग का सूत्रपात करने के लिए होता है। अब
- [देहधारण का रहस्य (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-mystery-of-the-incarnation-2.html) - जिस समय यीशु ने यहूदिया में कार्य किया था, तब उसने खुलकर ऐसा किया, परंतु अब, मैं तुम लोगों के बीच गुप्त रूप से काम करता और बोलता हूँ। अन्य-जातियाँ इस बात से पूरी तरह से अनजान हैं। तुम लोगों के बीच मेरा कार्य बाहर के लोगों के लिए बंद है। इन वचनों, इन ताड़नाओं
- [देहधारण का रहस्य (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-mystery-of-the-incarnation-1.html) - अनुग्रह के युग में यूहन्ना ने यीशु का मार्ग प्रशस्त किया। यूहन्ना स्वयं परमेश्वर का कार्य नहीं कर सकता था और उसने मात्र मनुष्य का कर्तव्य पूरा किया था। यद्यपि यूहन्ना प्रभु का अग्रदूत था, फिर भी वह परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ था; वह पवित्र आत्मा द्वारा उपयोग किया गया मात्र एक मनुष्य
- [अभ्यास (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-2.html) - बीते समयों में, लोग परमेश्वर के साथ रहने और प्रत्येक क्षण आत्मा के भीतर जीने के लिए स्वयं को प्रशिक्षित करते थे। आज के अभ्यास की तुलना में, यह आत्मा के प्रशिक्षण का सीधा-सरल रूप है; जीवन के सही मार्ग पर लोगों के प्रवेश करने से पहले यह अभ्यास का सबसे उथला और सबसे सरल
- [अभ्यास (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-1.html) - पहले, लोग जिस तरीके से अनुभव करते थे, उसमें बहुत सारे भटकाव और बेतुकापन था। उन्हें परमेश्वर की अपेक्षाओं के मानकों की समझ थी ही नहीं, इसलिए ऐसे बहुत से क्षेत्र थे जिनमें लोगों के अनुभव उलट-पलट हो जाते थे। परमेश्वर इंसान से यह अपेक्षा करता है कि वह सामान्य मानवीयता को जिए। मिसाल के
- [बाइबल के विषय में (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/concerning-the-bible-3.html) - बाइबल में हर चीज़ परमेश्वर के द्वारा व्यक्तिगत रूप से बोले गए वचनों का अभिलेख नहीं है। बाइबल बस परमेश्वर के कार्य के पिछले दो चरण दर्ज करती है, जिनमें से एक भाग नबियों की भविष्यवाणियों का अभिलेख है, और दूसरा भाग युगों-युगों में परमेश्वर द्वारा इस्तेमाल किए गए लोगों द्वारा लिखे गए अनुभवों और
- [बाइबल के विषय में (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/concerning-the-bible-2.html) - बाइबल को पुराना नियम और नया नियम भी कहते हैं। क्या तुम लोग जानते हो कि “नियम” से क्या तात्पर्य है? “पुराने नियम” में “नियम” इस्राएल के लोगों के साथ बाँधी गई यहोवा की वाचा से आता है, जब उसने मिस्रियों को मार गिराया था और इस्राएलियों को फिरौन से बचाया था। बेशक, इस वाचा
- [बाइबल के विषय में (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/concerning-the-bible-1.html) - परमेश्वर में विश्वास करते हुए बाइबल के समीप कैसे जाना चाहिए? यह एक सैद्धांतिक प्रश्न है। हम इस प्रश्न पर संवाद क्यों कर रहे हैं? क्योंकि तुम भविष्य में सुसमाचार को फैलाओगे और राज्य के युग के कार्य का विस्तार करोगे, और इसलिए आज मात्र परमेश्वर के कार्य के बारे में बात करने के योग्य होना ही काफी नहीं है। उसके कार्य का विस्तार करने के लिए, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि तुम लोगों की पुरानी धार्मिक अवधारणाओं और विश्वास के पुराने माध्यमों का समाधान करने के योग्य बनो, और उन्हें पूरी तरह आश्वस्त करके ही छोड़ो - और उस स्थिति तक आने में बाइबल शामिल है।
- [परमेश्वर के कार्य का दर्शन (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-vision-of-gods-work-3.html) - पहली बार जब परमेश्वर देह बना, तो यह पवित्र आत्मा द्वारा गर्भधारण के माध्यम से था, और यह उस कार्य के लिए प्रासंगिक था, जिसे करने का वह इरादा रखता था। अनुग्रह का युग यीशु के नाम से शुरू हुआ। जब यीशु ने अपनी सेवकाई आरंभ की, तो पवित्र आत्मा ने यीशु के नाम की
- [परमेश्वर के कार्य का दर्शन (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-vision-of-gods-work-2.html) - अनुग्रह के युग में पश्चात्ताप के सुसमाचार का उपदेश दिया गया और कहा गया कि यदि मनुष्य विश्वास करेगा, तो उसे बचाया जाएगा। आज, उद्धार की जगह सिर्फ विजय और पूर्णता की ही बात होती है। ऐसा नहीं कहा जाता कि अगर कोई व्यक्ति विश्वास करता है, तो उसका पूरा परिवार धन्य होगा, जिसे एक
- [परमेश्वर के कार्य का दर्शन (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-vision-of-gods-work-1.html) - यूहन्ना ने यीशु के लिए सात साल तक काम किया और वह यीशु के आने का मार्ग पहले ही प्रशस्त कर चुका था। इससे पहले, यूहन्ना द्वारा प्रचारित स्वर्ग के राज्य का सुसमाचार पूरी धरती पर सुना गया, यह पूरे यहूदिया में फैल गया और सभी उसे पैगंबर कहकर पुकारते थे। उस समय राजा हेरोदेस
- [कार्य और प्रवेश (10)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-10.html) - मानवता का इतनी दूरी तक प्रगति कर लेना एक ऐसी स्थिति है जिसका कोई पूर्व उदाहरण नहीं है। परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का प्रवेश कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ते हैं, और इस प्रकार परमेश्वर का कार्य भी एक शानदार घटना है जो बेमिसाल है। मनुष्य का आज तक का प्रवेश एक ऐसा आश्चर्य
- [कार्य और प्रवेश (9)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-9.html) - गहरी नस्ली परंपराओं और मानसिक दृष्टिकोण ने लंबे समय से मनुष्य के शुद्ध और बाल-सुलभ उत्साह पर ग्रहण लगा रखा है, और मनुष्य की आत्मा पर उन्होंने बिना थोड़ी-सी भी मानवता दिखाए हमला किया है, जैसे कि उनमें कोई भावना या आत्म-बोध ही न हो। इन राक्षसों के तरीके बेहद क्रूर हैं, ऐसा लगता है
- [कार्य और प्रवेश (8)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-8.html) - मैंने कई बार कहा है कि परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य प्रत्येक व्यक्ति की आत्मा को परिवर्तित करने, उसकी रूह को बदलने के लिए इस प्रकार किया जाता है कि बहुत बड़ा आघात सह चुके उसके दिल को छूकर रूपांतरित किया जा सके और इस प्रकार उसकी उस आत्मा को बचाया जा सके
- [कार्य और प्रवेश (7)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-7.html) - मानव को आज तक का समय लग गया है यह समझ पाने में कि उसमें केवल आध्यात्मिक जीवन की आपूर्ति और परमेश्वर को जानने के अनुभव का ही अभाव नहीं है, बल्कि—इससे भी अधिक महत्वपूर्ण—उसके स्वभाव में परिवर्तन का अभाव है। अपनी ही जाति के इतिहास और प्राचीन संस्कृति के बारे में मनुष्य की पूर्ण
- [कार्य और प्रवेश (6)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-6.html) - कार्य और प्रवेश अंतर्निहित रूप से व्यावहारिक हैं; वे परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के प्रवेश को संदर्भित करते हैं। परमेश्वर के वास्तविक चेहरे और उसके कार्य को समझने में मनुष्य की पूर्ण अक्षमता ने उसके प्रवेश में अत्यधिक कठिनाई लाई है। आज तक, बहुत-से लोग अब भी नहीं जानते कि अंत के दिनों में
- [कार्य और प्रवेश (5)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-5.html) - आज तुम सब जानते हो कि परमेश्वर लोगों की अगुआई जीवन के सही मार्ग पर कर रहा है, कि वह दूसरे युग में प्रवेश करने का अगला कदम उठाने में मनुष्य की अगुआई कर रहा है, कि वह इस अंधकारमय पुराने युग से, शरीर से बाहर, अंधकारमय शक्तियों के उत्पीड़न और शैतान के प्रभाव से
- [कार्य और प्रवेश (4)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-4.html) - यदि मनुष्य वास्तव में पवित्र आत्मा के कार्य के अनुसार प्रवेश कर सके, तो उसका जीवन वसंत ऋतु की वर्षा के बाद बाँस की कली की तरह शीघ्र अंकुरित हो जाएगा। अधिकांश लोगों के मौजूदा आध्यात्मिक कद को देखते हुए, वे जीवन को बिल्कुल भी महत्व नहीं देते और इसके बजाय वे ऐसे कुछ बाहरी
- [कार्य और प्रवेश (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-3.html) - परमेश्वर ने मनुष्यों को बहुत-कुछ सौंपा है और अनगिनत प्रकार से उनके प्रवेश के बारे में भी संबोधित किया है। परंतु चूँकि लोगों की क्षमता बहुत ख़राब है, इसलिए परमेश्वर के बहुत सारे वचन जड़ पकड़ने में असफल रहे हैं। इस ख़राब क्षमता के विभिन्न कारण हैं, जैसे कि मनुष्य के विचार और नैतिकता का
- [कार्य और प्रवेश (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-2.html) - तुम लोगों का कार्य और प्रवेश काफ़ी ख़राब है; मनुष्य इसे महत्व नहीं देता कि कार्य कैसे करना है, और जीवन प्रवेश के बारे में तो और भी अव्यवस्थित है। मनुष्य इन्हें वैसे सबक नहीं मानता, जिनमें उसे प्रवेश करना चाहिए; इसलिए, अपने अनुभव में, तुम लोग लगभग जो कुछ भी देखते हो वह केवल
- [कार्य और प्रवेश (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/work-and-entry-1.html) - जब से लोगों ने परमेश्वर में विश्वास करने के सही मार्ग पर चलना शुरू किया, तब से ऐसी कई चीजें रही हैं, जिनके बारे में वे अस्पष्ट हैं। वे परमेश्वर के कार्य के बारे में, तथा उन्हें कितना कार्य करना चाहिए, इस बारे में पूरे भ्रम में हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक ओर तो
- [जो लोग परमेश्वर को नहीं जानते, वे सभी परमेश्वर का प्रतिरोध करने वाले लोग हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/all-who-do-not-know-god-are-those-who-oppose-god.html) - परमेश्वर के कार्य का उद्देश्य, लोगों पर उसके कार्य का अभीष्ट प्रभाव और लोगों के लिए उसके इरादे असल में क्या हैं, यह समझना ही वह चीज है जिसे परमेश्वर का अनुसरण करने वाले हर व्यक्ति को प्राप्त करना चाहिए। परमेश्वर के कार्य का ज्ञान ही वास्तव में वह चीज है जिसकी आजकल सभी लोगों
- [स्वभाव में बदलाव के बिना होना परमेश्वर के साथ शत्रुता रखना है](https://hi.kingdomsalvation.org/to-have-an-unchanged-disposition-is-to-be-in-enmity-to-god-selections.html) - कई हजार सालों की भ्रष्टता के दौरान, लोग पूरी तरह से सुन्न और मंदबुद्धि हो गए हैं; वे सब परमेश्वर का विरोध करने वाले दुष्ट दानव बन गए हैं, इस हद तक कि परमेश्वर के प्रति उनकी विद्रोहशीलता इतिहास की पुस्तकों में दर्ज की गई है और यहाँ तक कि लोग स्वयं भी अपने विद्रोही
- [क्या तुम ऐसे व्यक्ति हो जो जीवित हो उठा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/have-you-come-alive.html) - जब तुम अपने भ्रष्ट स्वभावों को छोड़ोगे और सामान्य मानवता का जीवन यापन हासिल करोगे, तभी तुम पूर्ण बनाए जाओगे। यूँ तो तुम भविष्यवाणी नहीं कर पाओगे, न ही कोई रहस्य बता पाओगे, फिर भी तुम एक मनुष्य की छवि को जिओगे और प्रकट करोगे। परमेश्वर ने मनुष्य की रचना की, लेकिन फिर शैतान ने
- [तुम्हें परमेश्वर के प्रति अपनी वफादारी कायम रखनी चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/you-ought-to-maintain-your-devotion-to-god.html) - पवित्र आत्मा वर्तमान समय में कलीसिया के भीतर किस प्रकार से कार्य कर रहा है? क्या तुम्हें इस प्रश्न की कोई ठोस समझ है? तुम्हारे भाइयों और बहनों की सबसे बड़ी कठिनाइयाँ क्या हैं? उनमें सबसे अधिक किस चीज की कमी है? वर्तमान में, कुछ लोग परीक्षणों से गुजरने पर नकारात्मक हो जाते हैं, और
- [सामंजस्यपूर्ण सहयोग के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/on-harmonious-cooperation.html) - जिस तरह से लोग परमेश्वर के घर में अपने कर्तव्य निभाते हैं, वह अविश्वासियों के बीच काम किए जाने के ढंग से पूरी तरह अलग है। उनमें क्या अंतर है? भाई-बहन मिलकर परमेश्वर के वचन पढ़ते हैं और आत्मा में जुड़े होते हैं। वे एक-दूसरे के साथ मिलजुलकर रहने में सक्षम होते हैं और एक-दूसरे
- [जो सत्य का अभ्यास नहीं करते हैं उनके लिए एक चेतावनी](https://hi.kingdomsalvation.org/a-warning-to-those-who-do-not-practice-the-truth.html) - जो लोग भाई-बहनों के बीच हमेशा नकारात्मकता फैलाते रहते हैं वे शैतान के सेवक हैं और वे कलीसिया में बाधा डालने वाले लोग हैं। ऐसे लोगों को अवश्य ही एक दिन निष्कासित कर देना और हटा देना चाहिए। परमेश्वर में विश्वास रखते हुए अगर लोगों के पास परमेश्वर का भय मानने वाले दिल न हों,
- [केवल उन्हें ही पूर्ण बनाया जा सकता है जो अभ्यास पर ध्यान देते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/only-those-who-focus-on-practice-can-be-perfected.html) - अंत के दिनों में परमेश्वर ने वह कार्य करने के लिए, जो उसे करना चाहिए, और अपने वचनों की सेवकाई करने के लिए देहधारण किया। वह अपने इरादों के अनुसार लोगों को पूर्ण बनाने के लक्ष्य के साथ व्यक्तिगत रूप से मनुष्यों के मध्य कार्य करने के लिए आया। सृष्टि के समय से लेकर आज
- [सत्य प्राप्त करने के लिए कीमत चुकाना बहुत महत्वपूर्ण है](https://hi.kingdomsalvation.org/paying-price-to-gain-truth-is-significant.html) - हम परमेश्वर में विश्वास करते हैं ताकि उद्धार पा सकें, लेकिन क्या उद्धार पाना कोई आसान बात है? इसमें सबसे कठिन क्या है? कई लोग यह बात साफ तौर पर नहीं समझ पाते, मगर वास्तव में उद्धार पाने में सबसे मुश्किल होता है सत्य प्राप्त करना। इसलिए, सत्य प्राप्त करने के लिए बहुत अधिक कष्ट
- [परमेश्वर से प्रेम करने वाले लोग सदैव उसके प्रकाश के भीतर रहेंगे](https://hi.kingdomsalvation.org/those-who-love-god-will-forever-live-within-his-light.html) - परमेश्वर में अधिकांश लोगों के विश्वास का सार धर्म से जुड़ा दृढ़ विश्वास है : वे परमेश्वर से प्रेम करने में असमर्थ हैं, और केवल एक रोबोट की तरह परमेश्वर का अनुसरण कर सकते हैं, उनमें परमेश्वर के लिए सच्ची तड़प नहीं होती, और न ही वे उसे बहुत ज्यादा चाहते हैं। वे बस उसका
- [केवल शोधन का अनुभव करके ही मनुष्य सच्चे प्रेम से युक्त हो सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/only-by-experiencing-refinement-can-man-truly-love-god.html) - तुम सभी परीक्षण और शोधन के बीच हो। शोधन के दौरान तुम्हें परमेश्वर से प्रेम कैसे करना चाहिए? शोधन का अनुभव करने के बाद लोग परमेश्वर को सच्ची स्तुति अर्पित कर पाते हैं, और शोधन के दौरान वे यह देख सकते हैं कि उनमें बहुत कमी है। जितना बड़ा तुम्हारा शोधन होता है, उतना ही
- [पतरस ने यीशु को कैसे जाना](https://hi.kingdomsalvation.org/how-peter-came-to-know-jesus.html) - यीशु के साथ बिताए समय के दौरान पतरस ने यीशु में अनेक प्यारे लक्षण, अनेक अनुकरणीय पहलू, और अनेक ऐसे पहलू देखे, जिन्होंने उसे आपूर्ति की, साथ ही यह तथ्य देखा कि यीशु में परमेश्वर का बहुत सा अस्तित्व विद्यमान था-और कई प्यारे गुण देखे-किंतु पहले वह यीशु को नहीं जानता था। पतरस ने यीशु
- [केवल परमेश्वर को जानने वाले ही परमेश्वर के लिए गवाही दे सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/only-those-who-know-god-can-bear-testimony-to-god.html) - परमेश्वर में विश्वास करना पूरी तरह स्वाभाविक और न्यायोचित है और आज—ऐसे युग के दौरान जब देहधारी परमेश्वर व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य कर रहा है—ख़ासतौर पर परमेश्वर को जानने का अच्छा समय है। परमेश्वर को संतुष्ट करना कुछ ऐसा है, जो परमेश्वर के इरादों की समझ की नींव पर बनाया जाता है और परमेश्वर
- [“सहस्राब्दि राज्य आ चुका है” के बारे में एक संक्षिप्त वार्ता](https://hi.kingdomsalvation.org/a-brief-talk-about-the-millennial-kingdom-has-arrived.html) - तुम लोग सहस्राब्दि राज्य के बारे में क्या सोचते हो? कुछ लोगों के इसके बारे में बहुत ज़्यादा विचार होते हैं, और कहते हैं : “सहस्राब्दि राज्य पृथ्वी पर एक हज़ार साल तक रहेगा, अतः यदि कलीसिया के पुराने सदस्य अविवाहित हैं, तो क्या उन्हें विवाह करना है? मेरे परिवार के पास धन नहीं है,
- [केवल परमेश्वर से प्रेम करना ही वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करना है](https://hi.kingdomsalvation.org/only-loving-god-is-truly-believing-in-god.html) - आज जब तुम लोग परमेश्वर को जानने और उससे प्रेम करने की कोशिश करते हो तो एक ओर तुम लोगों को कठिनाई और शोधन सहन करना चाहिए और दूसरी ओर तुम लोगों को एक क़ीमत चुकानी चाहिए। परमेश्वर से प्रेम करने के सबक से ज्यादा गहरा कोई सबक नहीं है, और यह कहा जा सकता
- [पीड़ादायक परीक्षणों के अनुभव से ही तुम परमेश्वर की मनोहरता को जान सकते हो](https://hi.kingdomsalvation.org/only-by-experiencing-painful-trials-can-you-know-the-loveliness-of-god.html) - आखिर आज तुम परमेश्वर से कितना प्रेम करते हो? और जो कुछ भी परमेश्वर ने तुम्हारे लिए किया है, उस सबके बारे में तुम आखिर कितना जानते हो? ये वे सबक हैं जो तुम्हें सीखने चाहिए। जब परमेश्वर पृथ्वी पर आता है तो जो कुछ वह मनुष्य के लिए कर चुका है और मनुष्य को
- [जिन्हें पूर्ण बनाया जाना है उन्हें शोधन से गुजरना होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/those-who-are-to-be-made-perfect-must-undergo-refinement.html) - परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें अवश्य ही परमेश्वर के प्रति समर्पण करना चाहिए, सत्य को अभ्यास में लाना चाहिए और अपने सारे कर्तव्य अच्छे से निभाने चाहिए। इसके अतिरिक्त, तुम्हें उन चीजों को समझना होगा जिनका तुम्हें अनुभव करना चाहिए। यदि तुम केवल काट-छाँट किए जाने, अनुशासित किए जाने और न्याय किए जाने का
- [परमेश्वर से सचमुच प्रेम करने वाले लोग वे होते हैं जो परमेश्वर की व्यावहारिकता के प्रति पूर्णतः समर्पित हो सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/people-who-can-be-absolutely-obedient-toward-god-practicality-are-those-who-truly-love-god.html) - परमेश्वर की वास्तविकता का ज्ञान प्राप्त करना और उसके कार्य की स्पष्ट समझ—ये दोनों उसके वचनों में दिखाई देते हैं, और केवल परमेश्वर के वचनों के माध्यम से ही तुम प्रबुद्धता प्राप्त कर सकते हो। इसलिए तुम्हें खुद को परमेश्वर के वचनों से अधिक लैस करना चाहिए। परमेश्वर के वचनों को लेकर की अपनी समझ
- [परमेश्वर के वचन से सब कुछ पूरा हो जाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/all-is-achieved-by-the-word-of-god.html) - परमेश्वर भिन्न-भिन्न युगों के अनुसार अपने वचन कहता है और अपना कार्य करता है, तथा भिन्न-भिन्न युगों में वह भिन्न-भिन्न वचन कहता है। परमेश्वर विनियमों का पालन नहीं करता, या एक ही कार्य को दोहराता नहीं है, और न अतीत की बातों को याद करके खिन्न होता है; वह ऐसा परमेश्वर है जो सदैव नया
- [मद ग्यारह : वे काट-छाँट करना स्वीकार नहीं करते और न ही कोई गलत काम करने पर उनमें पश्चात्ताप का रवैया होता है, बल्कि वे धारणाएँ फैलाते हैं और परमेश्वर के बारे में सार्वजनिक रूप से आलोचना करते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/exposing-the-antichrists-11.html) - आज हम मसीह-विरोधियों की विभिन्न अभिव्यक्तियों के मद ग्यारह पर संगति करेंगे : वे काट-छाँट करना स्वीकार नहीं करते और न ही कोई गलत काम करने पर उनमें पश्चात्ताप का रवैया होता है, बल्कि वे धारणाएँ फैलाते हैं और परमेश्वर के बारे में सार्वजनिक रूप से आलोचना करते हैं। इस मद में विशिष्ट रूप से
- [सत्य का अभ्यास करके ही व्यक्ति भ्रष्ट स्वभावों की बेड़ियाँ तोड़ सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/practicing-truth-cast-off-corrupt-disposition.html) - जीवन प्रवेश क्या होता है? यही कि जब लोग सत्य को समझने के बाद परमेश्वर को जानने लगते हैं, उसके प्रति समर्पण करने लगते हैं, अपने भ्रष्ट स्वभावों पर विचार कर उन्हें जानने और त्यागने लगते हैं, और इस प्रकार सत्य को अभ्यास में लाने में सक्षम हो जाते हैं। जब व्यक्ति सत्य को अभ्यास
- [जो सच्चे हृदय से परमेश्वर के प्रति समर्पण करते हैं वे निश्चित रूप से परमेश्वर द्वारा प्राप्त किए जाएँगे](https://hi.kingdomsalvation.org/the-truly-obedient-shall-surely-be-gained-by-god.html) - पवित्र आत्मा का कार्य दिन-ब-दिन बदलता रहता है। वह हर एक कदम के साथ ऊँचा उठता जाता है, आने वाले कल का प्रकाशन आज से कहीं ज़्यादा ऊँचा होता है। कदम-दर-कदम ऊपर चढ़ता जाता है। ऐसे ही कार्य के द्वारा परमेश्वर मनुष्य को पूर्ण करता है। यदि मनुष्य कदम से कदम न मिला पाए, तो
- [परमेश्वर उन्हें पूर्ण बनाता है, जो उसके इरादों के अनुरूप हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/god-perfects-those-after-his-heart.html) - परमेश्वर अब लोगों के किसी समूह को प्राप्त करना चाहता है, ऐसे लोगों का समूह जो उसके साथ सहयोग करने के लिए भरसक प्रयास करते हैं, जो उसके कार्य के प्रति समर्पण कर सकते हैं, जो विश्वास करते हैं कि परमेश्वर द्वारा बोले हुए वचन सत्य हैं, जो परमेश्वर की माँगों को अपने अभ्यास में
- [पूर्णता प्राप्त करने के लिए परमेश्वर के इरादों के प्रति विचारशील रहो](https://hi.kingdomsalvation.org/mindful-of-gods-will-and-attain-perfection.html) - परमेश्वर के इरादों के प्रति तुम जितने अधिक विचारशील रहोगे, तुम उतना ही अधिक बोझ वहन करोगे और तुम जितना ज्यादा बोझ वहन करोगे, तुम्हारा अनुभव भी उतना ही ज्यादा समृद्ध होगा। जब तुम परमेश्वर के इरादों के प्रति विचारशील रहोगे, तो परमेश्वर तुम पर एक बोझ डाल देगा, और उसने तुम्हें जो काम सौंपे
- [परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/on-quieting-your-heart-before-god.html) - परमेश्वर के वचनों में प्रवेश करने के लिए परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने से अधिक महत्वपूर्ण कदम कोई नहीं है। यह वह सबक है, जिसमें वर्तमान में सभी लोगों को प्रवेश करने की तत्काल आवश्यकता है। परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने में प्रवेश करने के निम्नलिखित मार्ग हैं :
- [जिनके स्वभाव परिवर्तित हो चुके हैं, वे वही लोग हैं जो परमेश्वर के वचनों की वास्तविकता में प्रवेश कर चुके हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/those-whose-disposition-has-changed-are-those-who-enter-into-the-reality-of-the-truth.html) - मनुष्य में पवित्र आत्मा के मार्ग का पहला चरण है, सबसे पहले, मनुष्य के हृदय को सभी व्यक्तियों, घटनाओं और चीज़ों से अलग करते हुए परमेश्वर के वचनों में खींच लाना, जिससे मनुष्य का हृदय यह विश्वास करने लगे कि परमेश्वर के वचन संदेह से परे हैं और पूर्णतया सत्य हैं। अगर तू परमेश्वर पर
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (11)](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-pursue-the-truth-2-11.html) - परिशिष्ट : जिस मार्ग पर लोग चलते हैं वही तय करता है कि अंततः उन्हें क्या हासिल होगा परमेश्वर में विश्वास करने का क्या उद्देश्य है? क्या यह अनुग्रह और आशीष पाने के लिए है? क्या यह एक खोखला जीवन जीने से बचने और निम्नस्तरीय हितों से मुक्त होने के लिए है? (नहीं।) तो फिर
- [परमेश्वर के सबसे नए कार्य को जानो और उसके पदचिह्नों का अनुसरण करो](https://hi.kingdomsalvation.org/know-the-newest-work-of-god-and-follow-the-footsteps-of-god.html) - अब तुम लोगों को परमेश्वर के लोग बनने का प्रयास करना है और तुम सभी चीजों में सही मार्ग पर प्रवेश करना शुरू करोगे। परमेश्वर के लोग होने का अर्थ है, राज्य के युग में प्रवेश करना। आज तुम आधिकारिक तौर पर राज्य के प्रशिक्षण में प्रवेश शुरू कर रहे हो और तुम लोगों के
- [मद दस : वे सत्य का तिरस्कार करते हैं, सिद्धांतों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाते हैं और परमेश्वर के घर की व्यवस्थाओं की उपेक्षा करते हैं (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/exposing-the-antichrists-10-3.html) - II. उस देह का तिरस्कार करना जिसमें परमेश्वर ने देहधारण किया है पिछली संगति का विषय था मसीह-विरोधियों की दसवीं अभिव्यक्ति—सत्य का तिरस्कार करना, सिद्धांतों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाना और परमेश्वर के घर की व्यवस्थाओं की उपेक्षा करना। इस मद को विस्तृत संगति के लिए तीन और खंडों में बाँट दिया गया है। पहला खंड
- [परमेश्वर के लिए सच्चा प्रेम स्वाभाविक है](https://hi.kingdomsalvation.org/genuine-love-for-god-is-spontaneous.html) - सभी लोगों को परमेश्वर के वचनों के कारण शुद्धिकरण के अधीन किया गया है। यदि परमेश्वर देहधारी न हुआ होता, तो मानव-जाति को इस शुद्धिकरण द्वारा कष्ट भोगने का आशीष न मिलता। दूसरे ढंग से कहें तो, जो लोग परमेश्वर के वचनों के परीक्षणों को प्राप्त करने में सक्षम हैं, वे धन्य हैं। लोग अपनी
- [जो परमेश्वर के वर्तमान कार्य को जानते हैं वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/only-those-who-know-the-work-of-god-today-can-serve-god.html) - परमेश्वर की गवाही देने के लिए और बड़े लाल अजगर को शर्मिंदा करने के लिए व्यक्ति के पास एक सिद्धांत का होना जरूरी है, और जरूरी है एक शर्त को पूरा करना : उसे परमेश्वर से दिल से प्रेम करना चाहिए और परमेश्वर के वचनों में प्रवेश करना चाहिए। यदि तुम परमेश्वर के वचनों में
- [इंसान को अपनी आस्था में, वास्तविकता पर ध्यान देना चाहिए—धार्मिक रीति-रिवाजों में लिप्त रहना आस्था नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/believing-in-god-should-focus-on-reality-not-religious-rituals.html) - तुम कितनी धार्मिक परम्पराओं का पालन करते हो? कितनी बार तुम परमेश्वर के वचन के खिलाफ गए हो और अपने ही तरीके से चले हो? कितनी बार तुम परमेश्वर के वचनों को इसलिए अभ्यास में लाए हो क्योंकि तुम उसके भार के बारे में सच में विचारशील हो और उसके इरादों को पूरा करना चाहते
- [अंधकार के प्रभाव से बच निकलो और तुम परमेश्वर द्वारा प्राप्त किए जाओगे](https://hi.kingdomsalvation.org/escape-from-the-influence-of-darkness-and-you-shall-be-gained-by-god.html) - अंधकार का प्रभाव क्या है? यह तथाकथित “अंधकार का प्रभाव”, शैतान द्वारा लोगों को गुमराह करने, भ्रष्ट करने, बाँधने और नियंत्रित करने का प्रभाव है; शैतान का प्रभाव एक ऐसा प्रभाव है जिसमें मृत्यु का साया है। शैतान की सत्ता में रहने वाले सभी लोग नष्ट हो जाने के लिए अभिशप्त हैं। परमेश्वर में विश्वास
- [स्वभावगत परिवर्तन के बारे में क्या जानना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/knowing-about-transforming-one-s-disposition.html) - कुछ लोग ऐसे हैं जो वर्षों तक परमेश्वर के कार्य का अनुभव करने और उपदेश सुनने के बाद, खुद को थोड़ा-बहुत समझते हैं, जो कुछ वास्तविक अनुभवों के बारे में बात करने में समर्थ होते हैं, और अपनी वास्तविक दशाओं, अपनी व्यक्तिगत प्रविष्टियों, अपनी व्यक्तिगत प्रगति, अपनी कमियों, और वे किस प्रकार प्रवेश करने की
- [देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर द्वारा उपयोग किए जाने वाले लोगों के बीच सार रूप में अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/the-essential-difference-between-the-incarnate-god-and-people-used-by-god-2.html) - बहुत वर्षों तक परमेश्वर का आत्मा पृथ्वी पर कार्य करते हुए खोजता रहा है, और बहुत लोगों का परमेश्वर ने युगों-युगों और पीढ़ियों के दौरान अपना कार्य करने के लिए उपयोग किया है। फिर भी, इस सारे समय में, परमेश्वर का आत्मा किसी उपयुक्त विश्राम-स्थल के बिना रहा है, यही कारण है कि परमेश्वर अपना
- [मद नौ : वे अपना कर्तव्य केवल खुद को अलग दिखाने और अपने हितों और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निभाते हैं; वे कभी परमेश्वर के घर के हितों की नहीं सोचते और वे व्यक्तिगत यश के बदले उन हितों के साथ विश्वासघात तक कर देते हैं (भाग सात)](https://hi.kingdomsalvation.org/exposing-the-antichrists-9-7.html) - II. मसीह-विरोधियों के हित घ. उनकी संभावनाएँ और नियति पिछली बार, हमने मसीह-विरोधियों के हितों की चौथी मद : उनकी संभावनाएँ और नियति पर संगति की थी, जिसे आगे पाँच अतिरिक्त मदों में बाँटा गया है। पहले, इन पाँच मदों की समीक्षा करो। (1. मसीह-विरोधी परमेश्वर के वचनों को कैसे लेते हैं; 2. मसीह-विरोधी अपने
- [पतरस के मार्ग पर कैसे चलें](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-walk-the-path-of-peter.html) - सटीक रूप से, अपने विश्वास में पतरस के मार्ग को अपनाने का अर्थ है, सत्य को खोजने के मार्ग पर चलना, जो वास्तव में स्वयं को जानने और अपने स्वभाव को बदलने का मार्ग भी है। केवल पतरस के मार्ग पर चलने के द्वारा ही कोई परमेश्वर के द्वारा पूर्ण बनाए जाने के मार्ग पर
- [सात गर्जनाएँ गरजती हैं—भविष्यवाणी करती हैं कि राज्य का सुसमाचार पूरे ब्रह्मांड में फैल जाएगा](https://hi.kingdomsalvation.org/the-seven-thunders-peal-classic-words-2.html) - मैं अपने कार्य को अन्य-जाति राष्ट्रों में फैला रहा हूँ। मेरी महिमामयी रोशनी पूरे ब्रह्मांड में चमकती है; जहाँ-तहाँ बिखरे तमाम लोग मेरे इरादे अपने भीतर रखते हैं, और उन सबकी कमान मेरे हाथों में है और वे सब मेरे द्वारा सौंपा गया कार्य करने में लग गए हैं। इस क्षण से मैं सभी लोगों
- [तुम्हें सत्य के लिए जीना चाहिए क्योंकि तुम्हें परमेश्वर में विश्वास है](https://hi.kingdomsalvation.org/you-ought-to-live-for-the-truth-since-you-believe-in-god.html) - सभी मनुष्यों के साथ एक आम समस्या यह है कि वे सत्य को समझते तो हैं लेकिन उसे अभ्यास में नहीं ला पाते। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक तरफ वे इसकी कीमत चुकाने के लिए तैयार नहीं हैं, तो दूसरी तरफ, उनकी भेद पहचानने की क्षमता बहुत खराब है; वे दैनिक जीवन की बहुत सारी
- [क्या परमेश्वर का कार्य उतना सरल है जितना मनुष्य कल्पना करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/is-the-work-of-god-so-simple-as-man-imagines.html) - परमेश्वर के विश्वासी होने के नाते तुममें से प्रत्येक को समझना चाहिए कि आज परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को ग्रहण करके और उसकी योजना के उस सारे कार्य को ग्रहण करके जो वह तुम पर करता है, तुम वास्तव में अधिकतम उत्कर्ष और उद्धार प्राप्त कर चुके हो। परमेश्वर ने ब्रह्माण्ड में
- [परमेश्वर के वर्तमान कार्य का ज्ञान](https://hi.kingdomsalvation.org/knowing-gods-work-today-2.html) - इन दिनों परमेश्वर के कार्य को जानना, अधिकांशतः यह जानना है कि अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर की मुख्य सेवकाई क्या है और पृथ्वी पर वह क्या करने के लिए आया है। मैंने पहले अपने वचनों में उल्लेख किया है कि परमेश्वर पृथ्वी पर (अंत के दिनों के दौरान) प्रस्थान से पहले हमारे सामने
- [परमेश्वर द्वारा जगत की पीड़ा का अनुभव करने का अर्थ](https://hi.kingdomsalvation.org/significance-of-God-tasting-worldly-suffering.html) - देहधारी परमेश्वर भविष्य में मनुष्य की सुंदर मंजिल के बदले मनुष्य की ओर से कष्ट उठाता है। यीशु द्वारा किए गए कार्य का चरण था पापी देह की छवि के रूप में सूली पर चढ़ाया जाना, एक पाप-बलि बनना, समस्त मानवजाति को छुटकारा दिलाना और सुंदर मंजिल में मनुष्य के प्रवेश की नींव रखना। उसे
- [केवल सत्य का अभ्यास करना ही इंसान में वास्तविकता का होना है](https://hi.kingdomsalvation.org/only-putting-the-truth-into-practice-is-having-reality.html) - परमेश्वर के वचन उठा लेना और इन्हें निर्लज्ज होकर समझा पाने का अर्थ यह नहीं है कि तुम्हारे पास वास्तविकता है; चीजें इतनी सरल नहीं हैं जितनी तुम सोचते हो। तुम्हारे पास वास्तविकता होना ऐसा नहीं है कि तुम उसके बारे में बात करो, बल्कि यह ऐसी चीज है जिसे तुम जीते हो। जब परमेश्वर
- [देहधारण के अर्थ का दूसरा पहलू](https://hi.kingdomsalvation.org/second-aspect-of-significance-of-incarnation.html) - देहधारी परमेश्वर की साधारणता और सामान्यता का अर्थ क्या है? क्या वे ऐसी चीजें हैं जो सिर्फ इसलिए मौजूद हैं कि वह काम कर सके? क्या यह ये साबित करने के लिए है कि वह मसीह है? कुछ लोग कहते हैं, “देहधारी परमेश्वर पूर्ण रूप से साधारण और सामान्य देह का ही होना चाहिए।” क्या
- [तुम्हें पता होना चाहिए कि व्यावहारिक परमेश्वर ही स्वयं परमेश्वर है](https://hi.kingdomsalvation.org/you-should-know-that-the-practical-god-is-god-himself-2.html) - तुम्हें व्यावहारिक परमेश्वर के बारे में क्या पता होना चाहिए? आत्मा, व्यक्ति और वचन स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर को बनाते हैं; और यही स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर का वास्तविक अर्थ है। यदि तुम सिर्फ व्यक्ति को जानते हो—यदि तुम उसकी रोजाना की आदतों और उसके व्यक्तित्व को जानते हो—लेकिन आत्मा के कार्य को नहीं जानते या यह
- [राज्य के युग में परमेश्वर के प्रशासनिक आदेशों के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/God-s-administrative-decrees-in-the-age-of-kingdom.html) - सबसे पहले, हम इस बारे में बात करते हैं कि प्रशासनिक आदेश क्या हैं और उनकी परिभाषा क्या है। इसे समझना जरूरी है। कुछ लोग “प्रशासनिक आदेशों” के बारे में सुनकर सोचते हैं, “‘प्रशासनिक आदेशों’ का क्या अर्थ है? क्या वे वैधानिक व्यवस्थाएँ हैं? क्या वे नियम हैं? क्या वे कोई प्रणाली हैं? किसी तरह
- [आज्ञाओं का पालन करना और सत्य का अभ्यास करना](https://hi.kingdomsalvation.org/keeping-the-commandments-and-practicing-the-truth.html) - व्यवहार में, आज्ञाओं के पालन को सत्य को अभ्यास में डालने से जोड़ा जाना चाहिए। आज्ञाओं का पालन करते हुए, एक व्यक्ति को सत्य का अभ्यास करना ही चाहिए। सत्य का अभ्यास करते समय, व्यक्ति को आज्ञाओं के सिद्धान्तों का उल्लंघन बिलकुल नहीं करना चाहिए न ही आज्ञाओं के विपरीत जाना चाहिए; परमेश्वर तुमसे जो
- [वास्तविकता पर अधिक ध्यान केंद्रित करो](https://hi.kingdomsalvation.org/focus-more-on-reality.html) - हर व्यक्ति में परमेश्वर द्वारा पूर्ण किए जाने की संभावना है, इसलिए सभी को समझना चाहिए कि परमेश्वर के लिए किस प्रकार की सेवा उसके प्रयोजनों के अनुरूप सर्वश्रेष्ठ है। अधिकांश लोगों को नहीं पता कि परमेश्वर में विश्वास करने का क्या अर्थ है, न ही वे यह समझते हैं कि उन्हें परमेश्वर में विश्वास
- [परमेश्वर के साथ तुम्हारा संबंध कैसा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/how-is-your-relationship-with-god.html) - परमेश्वर में विश्वास करने में, तुम्हें कम से कम परमेश्वर के साथ एक सामान्य संबंध रखने के मुद्दे का समाधान करना आवश्यक है। यदि परमेश्वर के साथ तुम्हारा सामान्य संबंध नहीं है, तो परमेश्वर में तुम्हारे विश्वास का अर्थ खो जाता है। परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध स्थापित करना परमेश्वर की उपस्थिति में शांत रहने
- [सहस्राब्दि राज्य आ चुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-millennial-kingdom-has-arrived.html) - क्या तुम लोगों ने देखा है कि इस समूह के लोगों में परमेश्वर कौन-सा कार्य पूरा करेगा? परमेश्वर ने एक बार कहा था कि सहस्राब्दि राज्य में भी लोगों को उसके कथनों का पालन आगे करते रहना होगा और भविष्य में कनान के उत्तम देश में परमेश्वर के कथन मनुष्य के जीवन का सीधे तौर
- [नए युग की आज्ञाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/the-commandments-of-the-new-age.html) - परमेश्वर के कार्य का अनुभव करने में तुम लोगों को परमेश्वर के वचनों को सावधानीपूर्वक पढ़ना और अपने आपको सत्य से लैस करना चाहिए। किंतु तुम लोग क्या करना चाहते हो या इसे कैसे करना चाहते हो, इस बारे में तुम लोगों की मार्मिक प्रार्थनाओं या अनुनय-विनय की कोई आवश्यकता नहीं है, और ये चीजें
- [अनुभव पर](https://hi.kingdomsalvation.org/on-experience.html) - पतरस ने अपने अनुभवों के दौरान सैकड़ों परीक्षणों का सामना किया। हालाँकि आज के लोग “परीक्षण” शब्द के बारे में जानते हैं, लेकिन वे उसके सच्चे अर्थ और परिस्थितियों के संबंध में भ्रमित हैं। परमेश्वर मनुष्य के संकल्प को दृढ़ बनाता है, उसके आत्मविश्वास को परिष्कृत करता है और उसके हर हिस्से को पूर्ण बनाता
- [जो चरवाहा उपयोग के लिए उपयुक्त है उसके पास क्या होना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/what-an-adequate-shepherd.html) - तुम्हें उन अनेक स्थितियों की समझ होनी चाहिए, जिनमें लोग तब होते हैं, जब पवित्र आत्मा उन पर काम करता है। विशेषकर, जो लोग परमेश्वर की सेवा में समन्वय करते हैं, उन्हें इन स्थितियों की और भी गहरी समझ होनी चाहिए। यदि तुम बहुत सारे अनुभवों या प्रवेश पाने के कई तरीकों के बारे में
- [वह व्यक्ति उद्धार प्राप्त करता है जो सत्य का अभ्यास करने को तैयार है](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-the-truth.html) - उपदेशों में एक उचित कलीसिया-जीवन होने की आवश्यकता का प्रायः उल्लेख किया जाता है। तो ऐसा क्यों है कि कलीसिया के जीवन में अभी तक सुधार नहीं हुआ है, और उसमें अभी भी वही पुरानी बात है? उसमें जीवन का एक बिलकुल नया और अलग तरीका क्यों नहीं है? क्या नब्बे के दशक के किसी
- [सत्य को समझने के बाद, तुम्हें उस पर अमल करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/practice-the-truth-once-you-understand-it.html) - परमेश्वर का कार्य और वचन तुम्हारे स्वभाव में बदलाव लाने के लिए हैं; उसका लक्ष्य मात्र तुम लोगों को समझ या ज्ञान प्राप्त कराना नहीं है। इतना पर्याप्त नहीं है। जिस व्यक्ति के अंदर सोचने-समझने की क्षमता है, उसे परमेश्वर के वचनों को समझने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि परमेश्वर के अधिकतर वचन
- [परमेश्वर द्वारा मनुष्य को इस्तेमाल करने के विषय में](https://hi.kingdomsalvation.org/concerning-god-use-of-man.html) - ऐसे लोगों के अतिरिक्त, जिन्हें पवित्र आत्मा का विशेष निर्देश और मार्गदर्शन प्राप्त है, लोग स्वतंत्र रूप से जीवन जीने में सक्षम नहीं हैं। उन सभी को परमेश्वर द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लोगों की सेवकाई और चरवाही की आवश्यकता होती है, इसलिए परमेश्वर हर युग में अलग-अलग लोगों को खड़ा करता है, जो उसके
- [सभी के द्वारा अपना कार्य करने के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/on-everyone-performing-their-function.html) - वर्तमान धारा में उन सभी के पास, जो सच में परमेश्वर से प्रेम करते हैं, उसके द्वारा पूर्ण किए जाने का अवसर है। चाहे वे युवा हों या वृद्ध, अगर उनके पास परमेश्वर के प्रति समर्पित होने और उसका भय मानने वाला हृदय है, तो वे उसके द्वारा पूर्ण किए जा सकते हैं। परमेश्वर लोगों
- [कलीसियाई जीवन और वास्तविक जीवन पर विचार-विमर्श](https://hi.kingdomsalvation.org/discussing-church-life-and-everyday-life.html) - लोग सोचते हैं कि वे केवल कलीसियाई जीवन में ही परिवर्तित हो सकते हैं। यदि वे कलीसियाई जीवन के अंतर्गत नहीं हैं, तो उन्हें लगता है परिवर्तन संभव नहीं है, मानो कि वास्तविक जीवन में परिवर्तन नहीं लाया जा सकता। क्या तुम लोगों को इसमें समस्या नजर आती है? मैं परमेश्वर को वास्तविक जीवन में
- [एक सामान्य आध्यात्मिक जीवन के विषय में](https://hi.kingdomsalvation.org/regarding-a-normal-spiritual-life.html) - परमेश्वर में विश्वास रखने के लिए एक सामान्य आध्यात्मिक जीवन का होना आवश्यक है, जो कि परमेश्वर के वचनों का अनुभव करने और वास्तविकता में प्रवेश करने का आधार है। क्या तुम सबकी प्रार्थनाओं, परमेश्वर के करीब जाने, भजन-गायन, स्तुति, ध्यान और परमेश्वर के वचनों पर मनन-चिंतन का समस्त अभ्यास “सामान्य आध्यात्मिक जीवन” के बराबर
- [वास्तविकता को कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-know-reality.html) - परमेश्वर व्यावहारिक परमेश्वर है : उसका समस्त कार्य व्यावहारिक है, उसके द्वारा कहे जाने वाले सभी वचन व्यावहारिक हैं, और उसके द्वारा व्यक्त किए जाने वाले सभी सत्य व्यावहारिक हैं। हर वह चीज, जो उसका वचन नहीं है, खोखली, अस्तित्वहीन और निराधार है। आज पवित्र आत्मा लोगों को परमेश्वर के वचनों में प्रवेश कराने के
- [परमेश्वर के इरादों के अनुरूप सेवा कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-serve-in-harmony-with-god-will.html) - जब कोई परमेश्वर में विश्वास करता है, तो उसे वास्तव में, कैसे उसकी सेवा करनी चाहिए? किन शर्तों को पूरा किया जाना चाहिए और परमेश्वर की सेवा करने वाले उन लोगों द्वारा किन सच्चाइयों को समझना चाहिए? और कहाँ पर तुम लोग अपनी सेवा में विचलित हो सकते हो? तुम लोगों को इन सभी बातों
- [एक सामान्य अवस्था में प्रवेश कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-enter-into-a-normal-state.html) - लोग परमेश्वर के वचनों को जितना अधिक स्वीकार करते हैं, वे उतने ही अधिक प्रबुद्ध होते हैं, परमेश्वर को जानने के अनुसरण में उनकी भूख और प्यास उतनी ही बढ़ती है। परमेश्वर के वचनों को स्वीकारने वाले ही अधिक समृद्ध और गहन अनुभव कर पाने के काबिल होते हैं, केवल उन्हीं लोगों का जीवन तिल
- [बुरे लोगों को निश्चित ही दंड दिया जाएगा](https://hi.kingdomsalvation.org/the-wicked-must-be-punished.html) - इस बात का निरीक्षण करना कि तुम जो चीजें करते हो, क्या उसमें धार्मिकता का अभ्यास करते हो, और क्या तुम्हारे क्रियाकलाप परमेश्वर की जाँच-पड़ताल में टिके रह पाते हैं : यह वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा परमेश्वर में विश्वास करने वाले लोग अपने कार्य करते हैं। तुम लोग धार्मिक कहलाओगे, क्योंकि तुम लोग परमेश्वर
- [पूर्ण बनाए जा चुके लोगों से प्रतिज्ञाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/promises-to-those-who-have-been-perfected.html) - वह कौन-सा मार्ग है, जिसके द्वारा परमेश्वर लोगों को पूर्ण बनाता है? कौन-कौन से पहलू उसमें शामिल हैं? क्या तुम परमेश्वर द्वारा पूर्ण बनाया जाना चाहते हो? क्या तुम परमेश्वर का न्याय और उसकी ताड़ना स्वीकार करना चाहते हो? तुम इन प्रश्नों से क्या समझते हो? यदि तुम ऐसे ज्ञान के बारे में बात नहीं
- [एक सामान्य आध्यात्मिक जीवन लोगों को सही मार्ग पर ले जाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/a-normal-spiritual-life-leads-people-onto-the-right-track.html) - तुम लोग परमेश्वर के विश्वास करनेने के मार्ग पर बहुत ही कम चले हो, और तुम लोगों का सही मार्ग पर प्रवेश करना अभी बाकी है, अतः तुम लोग परमेश्वर के मानक को प्राप्त करने से अभी भी दूर हो। इस समय, तुम लोगों का आध्यात्मिक कद उसकी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त
- [अपना स्वभाव बदलने के लिए अभ्यास का मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/path-toward-changing-one-s-disposition.html) - स्वभावगत बदलाव क्या है? ज्यादातर लोग इसे ठीक-से नहीं समझते हैं। परमेश्वर पर विश्वास करने वालों के लिए स्वभावगत बदलाव प्रमुख दर्शन है। स्वभावगत बदलाव कोई आसान बात नहीं है। वो इसलिए कि परमेश्वर ऐसे नव-सृजित मनुष्यों को नहीं बचा रहा है जो शैतान की भ्रष्टता से बचे हुए हैं, बल्कि ऐसे मनुष्यों के समूह
- [परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण है](https://hi.kingdomsalvation.org/establishing-a-proper-relationship-with-god-is-very-important.html) - जब लोग परमेश्वर में विश्वास करते हैं, उससे प्रेम करते हैं और उसे संतुष्ट करते हैं, तो वे अपने हृदय से परमेश्वर के आत्मा को छूते हैं और इसके द्वारा परमेश्वर की संतुष्टि प्राप्त करते हैं; परमेश्वर के वचनों से जुड़ने के लिए वे अपने हृदय का उपयोग करते हैं और इस प्रकार वे उसके
- [परमेश्वर में अपनी आस्था में तुम्हें परमेश्वर के प्रति समर्पण करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/in-your-faith-in-god-you-should-obey-god.html) - तुम आखिर परमेश्वर में विश्वास क्यों करते हो? यह प्रश्न आने पर अधिकतर लोग अभी भी भ्रमित होते हैं और उनके पास व्यावहारिक परमेश्वर और स्वर्ग के परमेश्वर के बारे में हमेशा से दो बिल्कुल भिन्न दृष्टिकोण होते हैं। यह दिखाता है कि लोग समर्पण करने के लिए नहीं, बल्कि कुछ लाभ प्राप्त करने या
- [धार्मिक सेवा का शुद्धिकरण अवश्य होना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/end-religious-service.html) - जबसे परमेश्वर ने जगत में अपना कार्य शुरू किया, उसने अनेक लोगों को अपनी सेवा के लिए पूर्व-निर्धारित किया है, जिसमें हर सामाजिक वर्ग के लोग शामिल हैं। इसमें उसका यह प्रयोजन है कि उसके इरादे पूरे होंगे और पृथ्वी पर उसका कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जाएगा—परमेश्वर का लोगों को अपनी सेवा के
- [भ्रष्ट मनुष्य परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में अक्षम है](https://hi.kingdomsalvation.org/corrupt-man-cannot-represent-god.html) - मनुष्य सदा अंधकार के प्रभाव में रहा है, शैतान के प्रभाव में क़ैद, बच निकलने में असमर्थ रहा है, और शैतान के द्वारा संसाधित किए जाने के पश्चात्, उसका स्वभाव उत्तरोत्तर भ्रष्ट होता जाता है। कहा जा सकता है कि मनुष्य सदा ही अपने शैतानी भ्रष्ट स्वभाव के बीच रहा है और परमेश्वर से सच्चे
- [परमेश्वर के कार्य के चरणों के विषय में](https://hi.kingdomsalvation.org/on-the-steps-of-god-work.html) - बाहर से देखने पर ऐसा लगता है, जैसे कि परमेश्वर के वर्तमान कार्य के चरण पहले ही समाप्त हो चुके हैं और इंसान ने परमेश्वर के वचनों का न्याय, ताड़ना, प्रहार और शुद्धिकरण का अनुभव पहले ही कर लिया है, और वह इन चरणों से सेवाकर्ता के रूप में गुज़र चुका है, ताड़ना के समय
- [विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/what-viewpoint-believers-ought-to-hold-2.html) - मनुष्य ने जब पहली बार परमेश्वर पर विश्वास करना शुरू किया था, तब से उसने क्या पाया है? तुमने परमेश्वर के बारे में क्या जाना है? परमेश्वर पर अपने विश्वास के कारण तुम कितने बदले हो? आज, तुम सभी लोग यह जानते हो कि परमेश्वर में मनुष्य का विश्वास सिर्फ आत्मा के उद्धार और देह
- [मार्ग ... (8)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-path-8.html) - जब से परमेश्वर मानवजाति से बातचीत करने और लोगों के साथ रहने के लिए आया है, तब से केवल एक या दो दिनों ही नहीं हुए हैं। शायद इस समय के दौरान, लोग परमेश्वर का अच्छा ज्ञान प्राप्त करते हों, और शायद वे परमेश्वर की सेवा करने के बारे में कुछ अंतर्ज्ञान से अधिक प्राप्त
- [मार्ग ... (7)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-path-7.html) - हम अपने व्यवहारिक अनुभव में देखते हैं कि बहुत बार परमेश्वर ने निजी तौर पर हमारे लिए एक मार्ग खोला है, ताकि हमारे पैरों के नीचे मार्ग अधिक दृढ़ और अधिक वास्तविक हो। क्योंकि यह वह मार्ग है जो परमेश्वर ने हमारे लिए अनंतकाल से खोलकर रखा है, और जिसे हज़ारों वर्षों के बाद हमारी
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है X](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-x.html) - परमेश्वर सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है (IV) आज हम एक खास विषय पर संवाद कर रहे हैं। प्रत्येक विश्वासी के लिए केवल दो ही मुख्य चीजें हैं, जिन्हें जानने, अनुभव करने और समझने की आवश्यकता है। वे दो चीजें क्या हैं? पहली है, व्यक्ति का व्यक्तिगत जीवन प्रवेश, और दूसरी परमेश्वर को
- [मार्ग ... (6)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-path-6.html) - यह परमेश्वर का कार्य ही है, जिसकी वजह से हम वर्तमान समय में लाए गए हैं, और इस तरह हम परमेश्वर की प्रबंधन-योजना में जीवित बचे लोग हैं। यह परमेश्वर द्वारा किया गया हमारा महान उत्कर्ष है कि हम आज बचे हुए हैं, क्योंकि परमेश्वर की योजना के अनुसार, विशालकाय लाल अजगर वाले देश का
- [मार्ग ... (5)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-path-5.html) - अतीत में, कोई भी पवित्र आत्मा को नहीं जानता था; उस मार्ग के बारे में तो वे बहुत ही कम जानते थे, जिस पर पवित्र आत्मा चला था। यही कारण है कि लोगों ने हमेशा परमेश्वर के सामने बेवकूफ़ी भरा व्यवहार किया है। यह कहना उचित है कि लगभग हर कोई जो परमेश्वर में विश्वास
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IX](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-ix-2.html) - परमेश्वर सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है (III) इस अवधि में हमने परमेश्वर को जानने से संबंधित बहुत सारी चीजों के बारे में बात की है, और हाल ही में हमने एक ऐसे विषय पर बात की है, जो इससे बहुत जुड़ा है और बहुत महत्वपूर्ण है। वह विषय क्या है? (परमेश्वर सभी
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VIII](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-viii.html) - परमेश्वर सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है (II) आओ, पिछली बार के संवाद के विषय को जारी रखें। क्या तुम याद कर सकते हो कि पिछली बार हमने किस विषय पर संवाद किया था? (परमेश्वर सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है।) क्या “परमेश्वर सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है”
- [मार्ग ... (4)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-path-4.html) - लोग परमेश्वर की मनोहरता का पता लगाने और आज के युग में परमेश्वर से प्रेम करने का तरीका तलाशने में सक्षम हैं, और आज के राज्य का प्रशिक्षण स्वीकार करने के इच्छुक हैं—तो यह सब परमेश्वर का अनुग्रह है, और इससे भी ज्यादा, उसके द्वारा मानव-जाति का उत्थान है। जब भी मैं इस बारे में
- [मार्ग ... (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-path-3.html) - अपने जीवन में, मुझे अपना तन-मन पूरी तरह से परमेश्वर को देने में हमेशा खुशी होती है। केवल तभी मेरा अंतःकरण तिरस्कार से रहित और कुछ हद तक शांत होता है। जो लोग जीवन की खोज करते हैं, उन्हें पहले अपना पूरा हृदय परमेश्वर को देना चाहिए; यह एक पूर्व-शर्त है। मैं अपने भाई-बहनों से
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VII](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-vii.html) - परमेश्वर सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है (I) परमेश्वर के अधिकार, परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव और परमेश्वर की पवित्रता का अवलोकन जब तुम लोग अपनी प्रार्थनाएँ समाप्त करते हो, तो क्या तुम लोगों के हृदय परमेश्वर की उपस्थिति में शांति महसूस करते हैं? (हाँ।) जिन लोगों का हृदय शांत हो सकता है, वे
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VI](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-vi-2.html) - परमेश्वर की पवित्रता (III) हमने पिछली बार जिस विषय पर संगति की थी वह था परमेश्वर की पवित्रता। परमेश्वर की पवित्रता स्वयं परमेश्वर के किस पहलू से संबंधित है? क्या वह परमेश्वर के सार से संबंधित है? (हाँ।) तो परमेश्वर के सार का वह कौन-सा मुख्य पहलू है, जिस पर हमने अपनी संगति में चर्चा
- [मार्ग ... (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-path-2.html) - शायद हमारे भाई-बहनों को मुख्य भूमि चीन में परमेश्वर के काम के अनुक्रम, कदमों और तरीकों की कुछ जानकारी हो, लेकिन मुझे फिर भी लगता है कि इन चीजों को पुनः देखना या तुम लोगों को एक त्वरित सारांश देना उचित है। मैं इस अवसर का उपयोग बस वह कहने के लिए करूँगा, जो मेरे
- [8. हमें यह जानना चाहिये कि परमेश्वर के कार्य के तीन चरण ही मानवजाति को बचाने का उनका पूरा कार्य है](https://hi.kingdomsalvation.org/three-stages-for-saving-mankind.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है मानवजाति के प्रबंधन का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि मानवजाति को बचाने का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है। इन चरणों में संसार की रचना का कार्य
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है V](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-v-3-2.html) - परमेश्वर की पवित्रता (II) आज, भाइयो और बहनो, आओ हम एक भजन गाएँ। जो तुम लोगों को पसंद हो और जिसे तुम लोग नियमित रूप से गाते हो उसे चुन लो। (हम परमेश्वर के वचनों का भजन गाएँगे, “क्या तुम वास्तव में वह हो जो परमेश्वर से प्रेम करता है?”) 1 जैसा कि मैंने कहा, मेरा
- [मार्ग ... (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-path-1.html) - अपने जीवन-काल में कोई नहीं जानता कि वह किस तरह की बाधाओं का सामना करने वाला है, न ही उसे पता होता है कि वह किस प्रकार के शोधन के अधीन किया जाएगा। कुछ लोगों के लिए यह उनके काम में होता है, कुछ के लिए यह उनकी भविष्य की संभावनाओं में होता है, और
- [7. परमेश्वर के कार्य के तीन चरण किस तरह क्रमशः गहनतर होते जाते हैं ताकि लोगों को बचाया जा सके और उन्हें परिपूर्ण किया जा सके?](https://hi.kingdomsalvation.org/three-stages-of-work-deepen.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर का संपूर्ण प्रबंधन तीन चरणों में विभाजित है और प्रत्येक चरण में मनुष्य से यथोचित अपेक्षाएँ की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, जैसे-जैसे युग बीतते और आगे बढ़ते जाते हैं, समस्त मानवजाति से परमेश्वर की अपेक्षाएँ और अधिक ऊँची होती जाती हैं। इस प्रकार, कदम-दर-कदम परमेश्वर का प्रबंधन का यह
- [परिचय](https://hi.kingdomsalvation.org/introduction.html) - परमेश्वर के वचनों के इस भाग में कुल चार खंड हैं जो मसीह द्वारा जून 1992 से लेकर 23 मार्च 2010 के बीच व्यक्त किए गए थे। इनमें से अधिकतर मसीह के उन प्रवचनों और संवादों की रिकॉर्डिंग पर आधारित हैं, जो उसने कलीसियाओं में अपनी यात्राओं के दौरान व्यक्त किए थे। इन्हें किसी भी
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-iv.html) - परमेश्वर की पवित्रता (I) अपनी पिछली सभा में हमने परमेश्वर के अधिकार के बारे में कुछ और संगति की थी। फिलहाल हम परमेश्वर की धार्मिकता के विषय पर चर्चा नहीं करेंगे। आज हम एक बिल्कुल नए विषय—परमेश्वर की पवित्रता—पर बात करेंगे। परमेश्वर की पवित्रता परमेश्वर के अद्वितीय सार का एक और पहलू है, अतः हमारा
- [6. परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के बीच का पारस्परिक संबंध](https://hi.kingdomsalvation.org/relationship-between-each-of-three-stages.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : यहोवा के कार्य से लेकर यीशु के कार्य तक, और यीशु के कार्य से लेकर इस वर्तमान चरण तक, ये तीन चरण परमेश्वर के प्रबंधन के पूर्ण विस्तार को एक सतत सूत्र में पिरोते हैं, और वे सब एक ही पवित्रात्मा का कार्य हैं। दुनिया के सृजन से परमेश्वर हमेशा
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है III](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-iii.html) - परमेश्वर का अधिकार (II) आज हम “स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है” के विषय पर अपनी संगति को जारी रखेंगे। हम पहले ही इस विषय पर दो संगतियाँ कर चुके हैं। इसमें पहली परमेश्वर के अधिकार से संबंधित थी, और दूसरी परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव से। इन दोनों संगतियों को सुनने के पश्चात्, क्या तुमने परमेश्वर
- [अध्याय 46](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-forty-sixth-utterance.html) - इन सभी वचनों में आज के वचनों से अधिक अविस्मरणीय कोई नहीं है। परमेश्वर के वचनों ने पूर्व में मनुष्य की अवस्थाएँ या स्वर्ग के रहस्य प्रकट किए थे, फिर भी यह वर्तमान कथन अतीत के कथनों से भिन्न है। यह उपहास नहीं करता या मजाक नहीं उड़ाता, बल्कि पूरी तरह से अप्रत्याशित-सा है :
- [5. अंत के दिनों में केवल परमेश्वर का न्याय और उसकी ताड़ना ही मानवजाति को बचाने वाला उसका महत्वपूर्ण, निर्णायक कार्य है](https://hi.kingdomsalvation.org/God-s-judgment-is-decisive-work.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “उसने बड़े शब्द से कहा, ‘परमेश्वर से डरो, और उसकी महिमा करो, क्योंकि उसके न्याय करने का समय आ पहुँचा है’” (प्रकाशितवाक्य 14:7)। “क्योंकि वह समय आ चुका है कि परमेश्वर के घर से न्याय शुरू किया जाए” (1 पतरस 4:17)। “वह जाति जाति का न्याय करेगा, और
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-ii-3.html) - परमेश्वर का धार्मिक स्वभाव अब जबकि तुम लोग पिछली सहभागिता में परमेश्वर के अधिकार के बारे में सुन चुके हो, मैं आश्वस्त हूँ कि तुम लोग इस मुद्दे पर काफ़ी वचनों से लैस हो गए हो। तुम लोग कितना स्वीकार कर सकते हो, कितना समझ-बूझ सकते हो, यह सब इस पर निर्भर करता है कि
- [अध्याय 44 और अध्याय 45](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-forty-fourth-forty-fifth-utterances.html) - जिस समय से परमेश्वर ने मनुष्य को “परमेश्वर के लिए प्रेम” के बारे में बताया—जो सभी पाठों में सबसे गहन है—उसने “सात आत्माओं के कथन” में इसके बारे में बोलने पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि सभी लोग मानवीय जीवन के खोखलेपन को जानने की कोशिश करें, और इस प्रकार अपने भीतर से सच्चे प्रेम को
- [4. अनुग्रह के युग में परमेश्वर के कार्य का उद्देश्य और महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/purpose-in-age-of-grace.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा कि जगत पर दण्ड की आज्ञा दे, परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए” (यूहन्ना 3:17)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : यीशु अनुग्रह के युग के समस्त कार्य का प्रतिनिधित्व करता है; वह देहधारी हुआ और उसे
- [स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I](https://hi.kingdomsalvation.org/god-himself-the-unique-i-3.html) - परमेश्वर का अधिकार (I) मेरी पिछली अनेक संगतियाँ परमेश्वर के कार्य, परमेश्वर के स्वभाव, और स्वयं परमेश्वर के विषय में थीं। इन संगतियों को सुनने के बाद, क्या तुम लोगों को लगता है कि तुम सबने परमेश्वर के स्वभाव की समझ और ज्ञान प्राप्त कर लिया है? तुमने किस हद तक समझ और ज्ञान प्राप्त
- [अध्याय 42](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-forty-second-utterance.html) - मुझे नहीं पता कि लोगों ने आज के कथनों में कोई बदलाव देखा है या नहीं। कुछ लोगों ने थोड़ा-सा देखा होगा, लेकिन वे निश्चित रूप से कहने की हिम्मत नहीं रखते। शायद दूसरों ने कुछ नहीं देखा। माह के बारहवें और पंद्रहवें दिन के बीच परमेश्वर के कथनों में इतना बड़ा बदलाव क्यों आया
- [3. व्यवस्था के युग में परमेश्वर के कार्य का उद्देश्य और महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/purpose-in-age-of-law.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : आरंभ में, मानवजाति के सृजन के बाद, इस्राएलियों ने परमेश्वर के कार्य के आधार के रूप में काम किया। संपूर्ण इस्राएल पृथ्वी पर यहोवा के कार्य का आधार था। यहोवा का कार्य व्यवस्थाओं की स्थापना करके मनुष्य की सीधे अगुआई और चरवाही करना था, ताकि मनुष्य एक सामान्य जीवन जी
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III](https://hi.kingdomsalvation.org/gods-work-gods-disposition-and-god-himself-iii.html) - हमारी पिछली कुछ संगतियों का तुममें से हर एक पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। फ़िलहाल, अंततः लोग वास्तव में परमेश्वर के सच्चे अस्तित्व को महसूस कर सकते हैं और यह भी कि परमेश्वर वास्तव में मनुष्य के बहुत निकट है। यद्यपि लोगों ने बहुत वर्षों तक परमेश्वर पर विश्वास किया हो सकता है, फिर भी
- [अध्याय 41](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-forty-first-utterance.html) - परमेश्वर मनुष्य पर कैसे काम करता है? क्या तुमने इसे समझ लिया है? क्या तुम्हें यह स्पष्ट है? और वह कलीसिया में कैसे काम करता है? इन चीजों के बारे में तुम्हारे क्या विचार हैं? क्या तुमने कभी इन सवालों पर गौर किया है? कलीसिया में अपने कार्य के जरिये वह क्या संपन्न करना चाहता
- [2. परमेश्वर द्वारा मानवजाति के प्रबंधन वाले कार्य के तीन चरणों के उद्देश्य को जानो](https://hi.kingdomsalvation.org/aims-of-three-stages-of-work.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मेरी संपूर्ण प्रबंधन योजना, छह-हजार-वर्षीय प्रबंधन योजना, के तीन चरण या तीन युग हैं : आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों का राज्य का युग। इन तीनों युगों में मेरे कार्य की विषयवस्तु प्रत्येक युग के अनुसार अलग-अलग
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II](https://hi.kingdomsalvation.org/gods-work-gods-disposition-and-god-himself-ii.html) - अपनी पिछली सभा के दौरान हमने एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय के बारे में संगति की थी। क्या तुम लोगों को याद है कि वह क्या था? मैं इसे दोहराता हूँ। हमारी पिछली संगति का विषय था : परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर। क्या यह तुम लोगों के लिए महत्वपूर्ण विषय
- [अध्याय 40](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-fortieth-utterance.html) - परमेश्वर के लिए मनुष्य उसके हाथ के खिलौने की तरह है, उसके हाथों में एक हाथ-से-खींचे-हुए नूडल की तरह—जिसे परमेश्वर की इच्छानुसार पतला या मोटा किया जा सकता है, जिसके साथ वह जैसा चाहे वैसा कर सकता है। यह कहना उचित है कि मनुष्य, किसी महिला द्वारा बाजार से खरीदी गई एक फ़ारसी बिल्ली की
- [परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I](https://hi.kingdomsalvation.org/gods-work-gods-disposition-and-god-himself-i.html) - आज हम एक महत्वपूर्ण विषय पर संगति कर रहे हैं। यह ऐसा विषय है जिस पर परमेश्वर के कार्य की शुरुआत से लेकर अब तक चर्चा की गई है और जो प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यधिक महत्व रखता है। दूसरे शब्दों में, यह ऐसा मुद्दा है, जो परमेश्वर में अपने विश्वास के दौरान प्रत्येक व्यक्ति
- [1. परमेश्वर मानवजाति को बचाने का कार्य क्यों करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/God-do-work-of-saving-mankind.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : आरंभ में परमेश्वर विश्राम में था। उस समय पृथ्वी पर कोई मनुष्य या अन्य कुछ भी नहीं था और परमेश्वर ने तब तक किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं किया था। उसने अपने प्रबंधन का कार्य केवल तब आरंभ किया, जब मानवता अस्तित्व में आ गई और जब मानवता
- [अध्याय 39](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-thirty-ninth-utterance.html) - आओ, हम परमेश्वर के वचनों से परे जाकर अपने जीवन से जुड़े मामलों के बारे में थोड़ी बात करें, ताकि हमारे जीवन और अधिक फले-फूलें और हम परमेश्वर की उम्मीदों पर खरे उतरें। विशेष रूप से, आज के आगमन के साथ—जो हर किसी को उसके प्रकार के अनुसार वर्गीकृत करने और ताड़ना का समय है—बड़ी
- [प्रश्न 7 : परमेश्वर के दो देहधारण इस बात की गवाही देते हैं कि मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन हैं। मसीह के सत्य, मार्ग और जीवन होने को हम कैसे समझें?](https://hi.kingdomsalvation.org/Christ-is-truth-way-and-life.html) - उत्तर : अगर विश्वासी सच में यह जान सकते हैं कि मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन हैं, तो यह सही मायनों में बहुत अहम है, और यह दिखाता है कि ऐसे विश्वासियों को मसीह के सार का सच्चा ज्ञान है। केवल ऐसे इंसान के बारे में कहा जा सकता है कि वह वाकई परमेश्वर
- [अध्याय 38](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-thirty-eighth-utterance.html) - मनुष्य के अंतर्निहित लक्षणों, अर्थात् मनुष्य के असली चेहरे को ध्यान में रखते हुए, अब तक कार्य करते रहना वास्तव में आसान नहीं रहा है, और केवल इसी के माध्यम से परमेश्वर का महान सामर्थ्य स्पष्ट हुआ है। देह के सार के साथ-साथ इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि अब तक मनुष्य बड़े
- [परमेश्वर का स्वभाव और उसका कार्य जो नतीजा हासिल करेगा, उसे कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-know-gods-disposition-and-the-result-of-his-work.html) - सबसे पहले, आओ हम एक भजन गाएँ : राज्य गान (I) दुनिया में राज्य का अवतरण हुआ है। संगत : मेरे लोगों की भीड़ मेरी जय-जयकार करती है, मेरे लोगों की भीड़ मेरी स्तुति करती है; असंख्य मुख एकमात्र सच्चे परमेश्वर का नाम लेते हैं। राज्य मनुष्यों के जगत में अवतरित होता है। 1 मेरे लोगों
- [प्रश्न 6 : अनुग्रह के युग में, परमेश्वर मानवजाति की पाप-बलि के रूप में सेवा करने के लिए देह बना, और पापों से उन्हें बचा लिया। अंतिम दिनों में परमेश्वर सत्य को प्रकट करने और न्याय के अपने कार्य को करने के लिए फिर से देह बन गया है, ताकि मनुष्य को पूरी तरह से शुद्ध किया जा सके और बचाया जा सके। तो मानव जाति को बचाने का कार्य करने के लिए परमेश्वर को दो बार देहधारण की आवश्यकता क्यों पड़ती है? और परमेश्वर का दो बार देहधारण करने का वास्तविक महत्व क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/why-God-incarnate-twice.html) - उत्तर : परमेश्वर को मानवजाति को बचाने का कार्य करने के लिए दो बार देह धारण करना क्यों आवश्यक है यह जानने के लिए हमें पहले यह बात स्पष्ट होनी चाहिए : मनुष्य के उद्धार के संबंध में, परमेश्वर के दो देहधारणों का गहरा और अगाध अर्थ है। क्योंकि, चाहे हम छुटकारे की बात करें
- [प्रस्तावना](https://hi.kingdomsalvation.org/fearing-god-and-shunning-evil.html) - तुममें से हर व्यक्ति को परमेश्वर में एक विश्वासी के रूप में यह देखने के लिए अपने सफर की नए सिरे से जाँच करनी चाहिए कि परमेश्वर का अनुसरण करने की प्रक्रिया में क्या तुम परमेश्वर को वास्तव में समझ, बूझ और जान चुके हो, क्या तुम वास्तव में जानते हो कि परमेश्वर विभिन्न प्रकार
- [अध्याय 36](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-thirty-sixth-utterance.html) - ऐसा कहा जाता है कि परमेश्वर ने अब मनुष्य को ताड़ना देना शुरू कर दिया है, लेकिन कोई भी यह निश्चित रूप से नहीं कह सकता, कोई भी इस बात का स्पष्ट उत्तर नहीं दे सकता कि अपने मूल मंतव्य में यह ताड़ना मनुष्य पर आई है या नहीं। परमेश्वर कहता है, “मनुष्य ने मेरी
- [प्रश्न 5 : ऐसा क्यों कहा जाता है कि भ्रष्ट मानवजाति को देहधारी परमेश्वर द्वारा बचाया जाना चाहिये? यह ऐसी बात है जिसे ज़्यादातर लोग नहीं समझते—कृपया इसके बारे में सहभागिता करें।](https://hi.kingdomsalvation.org/mankind-saved-by-God-incarnate.html) - उत्तर : परमेश्वर के देहधारण द्वारा भ्रष्ट मानवजाति को बचाए जाने का कारण यह है कि मनुष्य की देह को शैतान ने पूरी तरह से छला और भ्रष्ट कर दिया है। पूरी मानवजाति शैतान के क्षेत्र में रहती है, वे अच्छे और बुरे, सुंदरता और कुरूपता के बीच अंतर नहीं कर सकते। वे सकारात्मक और
- [अध्याय 35](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-thirty-fifth-utterance.html) - वर्तमान में सभी मनुष्य, विभिन्न मात्राओं में, ताड़ना की स्थिति में प्रवेश कर चुके हैं। जैसा कि परमेश्वर ने कहा, “मैं मनुष्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलता हूँ।” यह बिलकुल सही है, लेकिन लोग अभी भी इस बात को अच्छी तरह समझने में असमर्थ हैं। नतीजतन, उन्होंने जो काम किया है, उसका कुछ
- [प्रश्न 4 : व्यवस्था के युग का कार्य करने के लिए परमेश्वर ने मूसा का उपयोग किया, तो अंतिम दिनों में परमेश्वर अपने न्याय के कार्य को करने के लिए लोगों का इस्तेमाल क्यों नहीं करता है, बल्कि इस कार्य को उसे खुद करने के लिए देह बनने की ज़रूरत क्यों है? और देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर जिन लोगों का उपयोग करते हैं, उनमें क्या ख़ास अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/why-doesnt-use-people-to-do-judgment.html) - उत्तर : ऐसा क्यों है कि परमेश्वर को अंत के दिनों में न्याय का कार्य करने के लिए देहधारण करने की ज़रूरत है, जिनको सत्य को जानने की तीव्र अभिलाषा है और जो परमेश्वर के प्रकटन की खोज करना चाहते हैं, उनको इस प्रश्न में अत्यधिक दिलचस्पी है। यह एक ऐसा सवाल भी है जिसका
- [अध्याय 33](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-thirty-third-utterance.html) - वास्तव में, परमेश्वर ने लोगों में जो किया है, उनको जो दिया है और साथ ही लोगों के पास जो है, उसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि लोगों से उसकी अपेक्षाएँ बहुत अधिक नहीं हैं, वह उनसे ज़्यादा कुछ नहीं चाहता। तो फिर वे परमेश्वर को संतुष्ट करने की कोशिश कैसे नहीं
- [प्रश्न 3 : परमेश्वर ने अंत के दिनों में न्याय का कार्य करने के लिए मनुष्य का पुत्र बनकर देहधारण क्यों किया है? पुनर्जीवित हुए प्रभु यीशु के आध्यात्मिक शरीर और देहधारी “मनुष्य के पुत्र” के बीच असली अंतर क्या है? यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे हम नहीं समझ पाते हैं—कृपया इसके बारे में सहभागिता करें।](https://hi.kingdomsalvation.org/why-God-become-son-of-man-to-do-work.html) - उत्तर : ज्यादातर विश्वासी यह मानते हैं कि वापस लौटे प्रभु अपने आध्यात्मिक शरीर में उनके सामने प्रकट होंगे, यानी प्रभु यीशु का आध्यात्मिक शरीर, जिसमें वे अपने पुनर्जीवन के बाद चालीस दिनों तक मनुष्य के सामने रहे थे। हम विश्वासियों को यह बात बिलकुल स्पष्ट है। बाहरी तौर पर, प्रभु यीशु के पुनर्जीवन के
- [अध्याय 32](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-thirty-second-utterance.html) - परमेश्वर के वचन लोगों को सिर खुजलाता छोड़ देते हैं; यह ऐसा है, मानो जब परमेश्वर बोलता है, तो वह मनुष्य को दूर कर रहा हो और हवा से बातें कर रहा हो, मानो मनुष्य के कर्मों पर अब और ध्यान देने का उसका कोई विचार न हो, और मनुष्य के आध्यात्मिक कद से वह
- [प्रश्न 2 : हालांकि प्रभु में विश्वास करने वाले यह जानते हैं कि प्रभु यीशु देहधारी परमेश्वर थे, लेकिन बहुत कम लोग ही देहधारण के सत्य को समझते हैं। जब प्रभु लौटकर आते हैं, तब अगर वे प्रभु यीशु की तरह ही प्रकट होते हैं और मनुष्य का पुत्र बनकर कार्य करते हैं, तो वास्तव में लोगों के पास प्रभु यीशु को पहचानने और उनकी वापसी का स्वागत करने का कोई रास्ता नहीं होगा। वास्तव में देहधारण क्या है? देहधारण का सार क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/what-really-is-incarnation.html) - उत्तर : देहधारी परमेश्वर क्या है और देहधारी परमेश्वर का सार क्या है, इसके संबंध में कहा जा सकता हैकि यह सत्य का एक ऐसा रहस्य है जिसे प्रभु के विश्वासी समझने में असफल रहते हैं। हज़ारों सालों से विश्वासियों के ये जानने के बावजूद कि प्रभु यीशु देहधारी परमेश्वर हैं, कोई भी न जान
- [अध्याय 31](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-thirty-first-utterance.html) - परमेश्वर का स्वभाव परमेश्वर के सभी कथनों में समाया हुआ है, किंतु उसके वचनों का मुख्य सूत्र समस्त मानवजाति के विद्रोह को प्रकट करना और उसकी अवज्ञा, अनधीनता, अनौचित्य, अधार्मिकता, और परमेश्वर को सचमुच प्रेम करने में असमर्थता जैसी चीज़ों को उजागर करना है, ऐसे कि परमेश्वर के वचन इस बिंदु पर पहुँच गए हैं
- [प्रश्न 1 : तुम यह प्रमाणित करते हो कि परमेश्वर ने देहधारण किया है और अंतिम दिनों में न्याय का कार्य करने के लिए मनुष्य का पुत्र बन चुका है, और फिर भी अधिकांश धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग इस बात की पुष्टि करते हैं कि परमेश्वर बादलों के साथ लौटेगा, और वे इसका आधार मुख्यतः बाइबल की इन पंक्तियों पर रखते हैं : “यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा” (प्रेरितों 1:11)। “देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है, और हर एक आँख उसे देखेगी” (प्रकाशितवाक्य 1:7)। और इसके अलावा, धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों ने हमें यह भी निर्देश दिया है कि कोई भी प्रभु यीशु जो बादलों के साथ नहीं आता है, वह झूठा है और उसे छोड़ दिया जाना चाहिए। इसलिए हम निश्चित नहीं हो पा रहे हैं कि यह नज़रिया बाइबल के अनुरूप है या नहीं; इसे सच मान लेना उचित है या नहीं?](https://hi.kingdomsalvation.org/witness-God-has-become-flesh.html) - उत्तर : बाइबल में साफ तौर पर यह भविष्यवाणी की गयी है कि अंत के दिनों में प्रभु मानव-पुत्र के रूप में देहधारण करेंगे। और इस बारे में बाइबल में और भी कई भविष्यवाणियाँ हैं। उदाहरण के लिए : “तुम भी तैयार रहो; क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते भी नहीं, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र
- [अध्याय 30](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-thirtieth-utterance.html) - कुछ लोगों को परमेश्वर के वचनों का थोड़ा-सा परिज्ञान हो सकता है, किंतु इनमें से किसी को भी अपनी भावनाओं पर भरोसा नहीं होता है; वे नकारात्मकता में पड़ने से बहुत डरते हैं। इस प्रकार, उन्होंने सदैव खुशी और दुःख के बीच अदला-बदली की है। यह कहना उचित है कि सभी लोगों के जीवन दुःख
- [8. न्याय के कार्य को करने के लिए परमेश्वर का देहधारण करना, किस तरह मानव जाति के अस्पष्ट परमेश्वर में विश्वास को और शैतान के प्रभुत्व के अंधेरे युग को समाप्त करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-end-dark-age.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊँचा किया जाएगा; और हर जाति के लोग धारा के समान उसकी ओर चलेंगे। बहुत से देशों के लोग आएँगे, और आपस में कहेंगे: ‘आओ,
- [अध्याय 29](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-twenty-ninth-utterance.html) - लोगों द्वारा किए जाने वाले कार्य में से कुछ परमेश्वर के प्रत्यक्ष निर्देश के साथ किया जाता है, किंतु उसका कुछ हिस्सा ऐसा भी होता है, जिसके लिए परमेश्वर विशिष्ट निर्देश नहीं देता, जो पर्याप्त रूप से यह दर्शाता है कि परमेश्वर द्वारा जो किया जाता है, वह आज भी पूरी तरह से प्रकट किया
- [7. यह कैसे समझें कि मसीह सत्य, मार्ग और जीवन है?](https://hi.kingdomsalvation.org/understand-Christ-is-truth-way-life.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। यही आदि में परमेश्वर के साथ था” (यूहन्ना 1:1-2)। “और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया” (यूहन्ना 1:14)। “मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही
- [अध्याय 28](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-twenty-eighth-utterance.html) - लोगों की स्थिति ऐसी है कि जितना कम वे परमेश्वर के वचनों को समझते हैं, उतना ही अधिक संशयी वे परमेश्वर के कार्य करने के वर्तमान साधनों के बारे में होते हैं। किन्तु इसका परमेश्वर के कार्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है; जब उसके वचन एक निश्चित बिंदु पर पहुँचेंगे, तो लोगों के हृदय
- [अध्याय 27](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-twenty-seventh-utterance.html) - आज, परमेश्वर के वचन अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँच गए हैं, जिसका अर्थ है कि, न्याय के युग का दूसरा भाग अपने शिखर पर पहुँच गया है। किंतु यह सर्वोच्च शिखर नहीं है। इस समय, परमेश्वर का स्वर बदल गया है—यह न तो मजाक उड़ाने वाला है और न ही विनोदपूर्ण है, और न तो ताड़ना
- [6. यह क्यों कहा जाता है कि परमेश्वर का दो बार देहधारी होना देहधारण की महत्ता को पूरा करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/two-incarnations.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ; और जो लोग उसकी बाट जोहते हैं उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप उठाए हुए दिखाई देगा” (इब्रानियों 9:28)। “आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और
- [5. यह क्यों कहा जाता है कि भ्रष्ट मानवजाति को देहधारी परमेश्वर द्वारा उद्धार की सबसे अधिक आवश्यकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/mankind-in-need-of-God-become-flesh.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर द्वारा मनुष्य को बचाने का कार्य सीधे आत्मा की पद्धति और आत्मा की पहचान का उपयोग करके नहीं किया जाता, क्योंकि उसके आत्मा को मनुष्य द्वारा न तो छुआ जा सकता है, न देखा जा सकता है और न ही मनुष्य उसके निकट जा सकता है। यदि उसने सीधे
- [अध्याय 26](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-twenty-sixth-utterance.html) - परमेश्वर द्वारा बोले गए सभी वचनों से, देखा जा सकता है कि परमेश्वर का दिन हर गुज़रते दिन के साथ निकट आ रहा है। यह ऐसा है मानो यह दिन ठीक लोगों की आँखों के सामने हो, मानो यह कल ही आ जाएगा। इसलिए, परमेश्वर के वचनों को पढ़ने के बाद, सभी लोग दहशत में
- [4. अंतिम दिनों में अपने न्याय के कार्य को करने के लिए परमेश्वर मनुष्य का उपयोग क्यों नहीं करता, इसके बजाय उसे देहधारण कर, स्वयं इसे क्यों करना पड़ता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/God-incarnate-do-judgment-work.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “पिता किसी का न्याय नहीं करता, परन्तु न्याय करने का सब काम पुत्र को सौंप दिया है। ... वरन् उसे न्याय करने का भी अधिकार दिया है, इसलिये कि वह मनुष्य का पुत्र है” (यूहन्ना 5:22, 27)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : न्याय का कार्य परमेश्वर का अपना
- [अध्याय 24 के साथ अध्याय 25](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-twenty-fourth-and-twenty-fifth-utterances.html) - ध्यानपूर्वक पढ़े बिना, इन दो दिनों के कथन में कुछ भी पता लगा पाना असंभव है; वास्तव में, इन्हें एक ही दिन में बोला जाना चाहिए था, मगर परमेश्वर ने इन्हें दो दिनों में विभाजित कर दिया। यानी, दो दिनों के ये कथन एक पूर्ण इकाई बनाते हैं, लेकिन परमेश्वर ने इन्हें दो दिनों में
- [अध्याय 22 के साथ अध्याय 23](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-twenty-second-and-twenty-third-utterances.html) - आज सभी परमेश्वर के इरादों को समझने और उसके स्वभाव को जानने के इच्छुक हैं, फिर भी किसी को इसका कारण नहीं पता कि वे जो करना चाहते हैं, उसे कर क्यों नहीं पाते, वे नहीं जानते कि क्यों उनका मन हमेशा उनके खिलाफ विद्रोह करता है और वे जो चाहते हैं उसे प्राप्त नहीं
- [3. देहधारी परमेश्वर के कार्य और आत्मा के कार्य के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/work-of-incarnate-and-Spirit.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “मूसा ने कहा, ‘मुझे अपना तेज दिखा दे।’ उसने कहा, ‘मैं तेरे सम्मुख होकर चलते हुए तुझे अपनी सारी भलाई दिखाऊँगा, और तेरे सम्मुख यहोवा नाम का प्रचार करूँगा; और जिस पर मैं अनुग्रह करना चाहूँ उसी पर अनुग्रह करूँगा, और जिस पर दया करना चाहूँ उसी पर
- [2. देहधारण क्या है? देहधारण का तत्व क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/what-is-incarnation.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था” (यूहन्ना 1:1)। “और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उसकी ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा” (यूहन्ना 1:14)। “मार्ग
- [अध्याय 21](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-twenty-first-utterance.html) - परमेश्वर की दृष्टि में, लोग पशु की दुनिया में जानवरों की तरह हैं। वे एक दूसरे के साथ लड़ते हैं, एक-दूसरे का वध करते हैं, और एक-दूसरे के साथ असाधारण व्यवहार करते हैं। परमेश्वर की दृष्टि में, वे वानर जैसे भी हैं, जो उम्र या लिंग की परवाह किए बिना, एक-दूसरे के विरुद्ध षडयंत्र रचते
- [1. प्रभु यीशु ने स्वयं भविष्यवाणी की थी कि परमेश्वर आखिरी दिनों में देहधारण करेगा और कार्य करने के लिए मनुष्य के पुत्र के रूप में प्रकट होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/prophesied-God-incarnate-in-last-days.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : “तुम भी तैयार रहो; क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते भी नहीं, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा” (लूका 12:40)। “जैसे नूह के दिन थे, वैसा ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा” (मत्ती 24:37)। “जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्चिम तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य
- [अध्याय 20](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-twentieth-utterance.html) - परमेश्वर ने समस्त मानवजाति की सृष्टि की और आज तक उसकी अगुआई की है। इसलिए वह इंसान के साथ घटने वाली हर घटना के बारे में जानता है : वह इंसान की कटुता और माधुर्य को जानता और समझता है, इसलिए प्रत्येक दिन वह मनुष्य के जीवन की दशाओं का वर्णन करता है, और इससे
- [अध्याय 19](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-nineteenth-utterance.html) - ऐसा लगता है कि लोगों की कल्पना में परमेश्वर बहुत उच्च और अथाह है। मानो परमेश्वर मनुष्यों के बीच नहीं रहता और उन्हें तुच्छ समझता है, क्योंकि वह स्वयं बहुत उच्च है। हालाँकि परमेश्वर मनुष्यों की धारणाओँ को चकनाचूर और सदा के लिए खत्म कर देता है, वह उन्हें “कब्रों” में दफ़न कर देता है,
- [अध्याय 18](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-eighteenth-utterance.html) - परमेश्वर के सभी वचनों में उसके स्वभाव का एक हिस्सा समाहित होता है। परमेश्वर के स्वभाव को वचनों में पूरी तरह से व्यक्त नहीं किया जा सकता है, जो यह दर्शाने के लिए पर्याप्त है कि उसमें कितनी प्रचुरता है। आखिरकार, जिसे लोग देख और स्पर्श कर सकते हैं, वो उतना ही सीमित है जितनी
- [अध्याय 17](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-seventeenth-utterance.html) - वे सारे वचन जो परमेश्वर के मुख से निकलते हैं, वस्तुतः मानवों के लिए अनजान हैं; वे सब ऐसी भाषा हैं जो लोगों ने सुनी नहीं है। ऐसे में, कहा जा सकता है कि परमेश्वर के वचन अपने आप में रहस्य हैं। अधिकतर लोग भूलवश मानते हैं कि रहस्यों में केवल वही चीजें समाहित हैं
- [अध्याय 16](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-sixteenth-utterance.html) - लोगों के लिए, परमेश्वर बहुत महान, बहुत असीम, बहुत अद्भुत और बहुत अथाह है; उनकी नज़र में परमेश्वर के वचनों का उदय ऊँचाई पर होता है, और वे दुनिया की एक महान कृति माने जाते हैं। लेकिन चूँकि लोगों की असफलताएँ बहुत ज्यादा हैं और उनके मन बहुत सरल हैं, और इसके अलावा, चूँकि चीजें
- [अध्याय 15](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-fifteenth-utterance.html) - परमेश्वर और मनुष्य के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि परमेश्वर के वचन हमेशा मामले के मर्म तक जाते हैं, कुछ छिपाते नहीं। इसलिए, परमेश्वर के स्वभाव का यह पहलू आज के पहले वाक्य में देखा जा सकता है। यह तुरंत मनुष्य के सच्चे रंग उजागर कर देता है, और परमेश्वर के स्वभाव को
- [अध्याय 14](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-fourteenth-utterance.html) - मनुष्य ने परमेश्वर के वचनों से कभी कुछ नहीं सीखा। वह परमेश्वर के वचनों को केवल सतही तौर पर सँजोकर रखता है, लेकिन उनके सही अर्थ को नहीं जानता। यह सही है कि अधिकांश लोग परमेश्वर के वचनों से प्रेम करते हैं, फिर भी परमेश्वर का कहना है कि वे वास्तव में उन्हें सँजोकर नहीं
- [अध्याय 13](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-thirteenth-utterance.html) - परमेश्वर बड़े लाल अजगर के सभी वंशजों से नफ़रत करता है और वह बड़े लाल अजगर से तो और भी ज़्यादा नफ़रत करता है : यह परमेश्वर के हृदय के भीतर कोप का मूल है। ऐसा लगता है कि परमेश्वर उन सभी चीज़ों को आग और गंधक की झील में डालकर भस्म कर देना चाहता
- [अध्याय 12](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-twelfth-utterance.html) - जब अनगिनत लोग ध्यान देते हैं, जब सारी चीजें नवीकृत और पुनर्जीवित हो जाती हैं, जब हर व्यक्ति बिना आशंका के परमेश्वर को समर्पित होकर परमेश्वर के बोझ की भारी ज़िम्मेदारी को अपने कंधे पर उठाने के लिए तैयार हो जाता है—तब पूर्व से बिजली चमकती है, पूर्व से पश्चिम तक सभी को रोशन कर
- [परिशिष्ट : अध्याय 2](https://hi.kingdomsalvation.org/addendum2-the-second-utterance.html) - जब लोग व्यावहारिक परमेश्वर को देखते हैं, जब वो व्यक्तिगत रूप से अपना जीवन उसके साथ जीते हैं, उसके साथ-साथ चलते हैं और स्वयं परमेश्वर के साथ रहते हैं, तो वो इतने सालों से अपने हृदय में मौजूद उत्सुकता को दरकिनार कर देते हैं। परमेश्वर के जिस ज्ञान के बारे में पहले कहा गया था,
- [अध्याय 11](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-eleventh-utterance.html) - ऐसा लगता है जैसे इस अवधि में मनुष्य की आँखों के लिए, परमेश्वर के कथनों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, ऐसा इसलिए है क्योंकि लोग उन नियमों को समझने में असमर्थ हैं जिनके माध्यम से परमेश्वर बोलता है, और उसके वचनों के संदर्भ को नहीं समझते हैं। परमेश्वर के वचनों को पढ़ने के बाद,
- [अध्याय 10](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-tenth-utterance.html) - कलीसिया के निर्माण-समय के दौरान, परमेश्वर ने शायद ही राज्य के निर्माण का उल्लेख किया। अगर उसने इसका उल्लेख किया भी तो उसने उस समय की भाषा में ऐसा किया। एक बार जब राज्य का युग आ गया, तो परमेश्वर ने कलीसिया के निर्माण के समय की कुछ विधियों और चिंताओं को एक ही झटके
- [परिशिष्ट : अध्याय 1](https://hi.kingdomsalvation.org/addendum1-the-first-utterance.html) - मैं तुम लोगों से जो करने के लिए कहता हूँ, वह कोई अस्पष्ट और खोखला सिद्धांत नहीं है जिसकी मैं बात करता हूँ, न ही वह मनुष्य के मस्तिष्क के लिए अकल्पनीय या मनुष्य की देह के लिए अप्राप्य है। मेरे घर के भीतर पूर्ण वफ़ादारी दिखाने में कौन सक्षम है? और मेरे राज्य के
- [अध्याय 9](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-ninth-utterance.html) - लोगों की कल्पना में, परमेश्वर परमेश्वर है, और मनुष्य मनुष्य हैं। परमेश्वर मनुष्य की भाषा नहीं बोलता, न ही मनुष्य परमेश्वर की भाषा बोल सकते हैं। परमेश्वर के लिए, मानवता की मांगें पूरी करना मामूली बात है-एक बार में एक ही चीज़-जबकि मानवता से परमेश्वर की अपेक्षाएं मनुष्य की पहुँच से बाहर और अकल्पनीय हैं।
- [अध्याय 8](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-eighth-utterance.html) - जब परमेश्वर आत्मा के परिप्रेक्ष्य से बोलता है, तो उसका स्वर समस्त मानवजाति पर निर्देशित होता है। जब परमेश्वर मनुष्य के परिप्रेक्ष्य से बोलता है, तो उसका स्वर उन सभी पर निर्देशित होता है, जो उसके आत्मा के मार्गदर्शन का अनुसरण करते हैं। जब परमेश्वर तीसरे व्यक्ति के परिप्रेक्ष्य से (जिसे लोग एक पर्यवेक्षक के
- [पतरस के जीवन पर](https://hi.kingdomsalvation.org/on-the-life-of-peter.html) - पतरस मानवता के लिए परमेश्वर का एक अनुकरणीय उदाहरण था, एक दिग्गज, जिसे सब जानते थे। किसलिए उस जैसे साधारण व्यक्ति को परमेश्वर द्वारा उदाहरण के रूप में उभारा गया, और आने वाली पीढ़ियों द्वारा उसकी प्रशंसा की गई? स्पष्टतः ये परमेश्वर के प्रति उसके प्रेम की अभिव्यक्ति और संकल्प से अलग नहीं है। पतरस
- [अध्याय 6](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-sixth-utterance.html) - लोग जब परमेश्वर के कथन पढ़ते हैं तो वे अवाक रह जाते हैं और सोचते हैं कि परमेश्वर ने आध्यात्मिक क्षेत्र में बहुत बड़ा कार्य किया है, कुछ ऐसा जिसे करने में मनुष्य असमर्थ है और जो स्वयं परमेश्वर को खुद व्यक्तिगत रूप से करना चाहिए। इसलिए परमेश्वर एक बार फिर मनुष्यजाति के प्रति सहिष्णुता
- [अध्याय 5](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-fifth-utterance.html) - जब परमेश्वर मनुष्यों के सामने वैसी मांगें रखता है, जिनकी व्याख्या करना उनके लिए कठिन है, और जब उसके वचन सीधे मानव हृदय को स्पर्श करते हैं और लोग अपने ईमानदार हृदय को उसके आनंद के लिए अर्पित करते हैं, तो परमेश्वर लोगों को विचार करने, संकल्प करने, और अभ्यास का मार्ग खोजने का अवसर
- [अध्याय 4](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-fourth-utterance.html) - सभी लोगों को, उनके नकारात्मकता से सकारात्मकता में आने के बाद, उनका ध्यान आकृष्ट होने और उन्हें आवेश में बह जाने से रोकने के लिए, परमेश्वर के कथन के अंतिम अध्याय में, एक बार जब परमेश्वर अपने लोगों को अपनी उच्चतम अपेक्षाएँ बता देता है—जब वह अपनी प्रबंधन योजना के इस चरण में अपनी इरादों
- [अध्याय 3](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-third-utterance.html) - आज अनुग्रह का युग तो रहा नहीं, न ही करुणा का युग है, बल्कि यह राज्य का युग है जिसमें परमेश्वर के लोग प्रकट किए जाते हैं, वह युग जिसमें परमेश्वर दिव्यता के माध्यम से सीधे कार्य करता है। इस प्रकार, परमेश्वर के वचनों के इस अध्याय में, परमेश्वर उन सभी को आध्यात्मिक क्षेत्र में
- [अध्याय 1](https://hi.kingdomsalvation.org/interpretation-of-the-first-utterance.html) - जैसा कि परमेश्वर ने कहा है, “कोई भी मेरे वचनों के मूल को नहीं पकड़ सकता है, न ही उन्हें बोलने के पीछे के मेरे उद्देश्य को जान सकता है,” यदि परमेश्वर के आत्मा का मार्गदर्शन न होता, यदि उसके कथनों का आगमन न होता, तो सभी लोग उसकी ताड़ना के अधीन मिट जाते। सभी
- [अध्याय 47](https://hi.kingdomsalvation.org/the-forty-seventh-utterance.html) - मनुष्य के जीवन को परिपक्वता के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से, और इसलिए भी कि मानवजाति और मैं समान महत्वाकांक्षा साझा करते हुए परिणाम हासिल कर सकें, मैंने मानवजाति को सदैव क्षमा करके स्वीकार किया है, उन्हें अपने वचन से पालन-पोषण, आहार और अपनी सारी प्रचुर संपदा प्राप्त करने दी है। मैंने मानवजाति को
- [अध्याय 46](https://hi.kingdomsalvation.org/the-forty-sixth-utterance.html) - मुझे नहीं पता कि मेरे वचनों को अपने अस्तित्व का आधार बनाने का काम लोग कितनी अच्छी तरह से कर रहे हैं। मैंने हमेशा मनुष्यों के भाग्य के लिए चिंता की है, किन्तु ऐसा प्रतीत होता है कि लोगों को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है—परिणामस्वरूप, उन्होंने कभी भी मेरे कार्यकलापों पर ध्यान नहीं
- [अध्याय 45](https://hi.kingdomsalvation.org/the-forty-fifth-utterance.html) - एक बार मैंने तय किया कि मैं अपने घर में ऊँचे दर्जे का सामान रखूँगा ताकि घर बेमिसाल वैभव से सुशोभित हो। इससे मुझे बहुत सुख मिला। लेकिन मेरे प्रति लोगों का जो रवैया था और जो उनकी अभिप्रेरणा थी, उसके कारण इस काम को दर-किनार करने करने के अलावा मेरे पास और कोई विकल्प
- [अध्याय 44](https://hi.kingdomsalvation.org/the-forty-fourth-utterance.html) - मेरे काम को लोग एक पूरक की तरह लेते हैं, वे इसके वास्ते भोजन या नींद का त्याग नहीं करते हैं, और इसलिए मेरे पास मनुष्यों से ऐसी उचित माँग करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है जो मेरे प्रति उनके दृष्टिकोण के अनुकूल हो। मुझे याद है कि मैंने एक बार मनुष्य को
- [अध्याय 43](https://hi.kingdomsalvation.org/the-forty-third-utterance.html) - शायद यह केवल मेरे प्रशासनिक आदेशों के कारण ही है कि लोगों ने मेरे वचनों में “बहुत अधिक रुचि” ली है। यदि वे मेरे प्रशासनिक आदेशों से शासित नहीं होते, तो वे सभी अभी-अभी छेड़े गए बाघों की तरह गरज रहे होते। प्रतिदिन मैं बादलों के बीच टहलता हुआ, पृथ्वी पर फैली उस मानवजाति को
- [अध्याय 42](https://hi.kingdomsalvation.org/the-forty-second-utterance.html) - जैसे ही नया काम शुरू होता है, सभी लोगों को एक नया प्रवेश मिलता है और वे मेरे साथ हाथों में हाथ डालकर आगे बढ़ते हैं, हम एक साथ राज्य के विशाल पथ पर चलते हैं, मनुष्य और मेरे बीच में बहुत घनिष्ठता है। मनुष्य के प्रति अपनी भावनाएँ दिखाने और अपना दृष्टिकोण प्रदर्शित करने
- [अध्याय 41](https://hi.kingdomsalvation.org/the-forty-first-utterance.html) - एक बार मैंने मनुष्यों के बीच एक महान उपक्रम आरंभ किया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया, और इसलिए मुझे उनके सामने उसे चरण-दर-चरण प्रकट करने के लिए अपने वचन का उपयोग करना पड़ा। फिर भी मनुष्य मेरे वचनों को समझ नहीं पाया, और मेरी योजना के उद्देश्य से अनजान रहा। और इसलिए, मनुष्य ने अपनी
- [अध्याय 40](https://hi.kingdomsalvation.org/the-fortieth-utterance.html) - लोग मेरी हर गतिविधि पर नजर रखते हैं, मानो मैं आसमान गिराने वाला हूँ, और वे हमेशा मेरे कामों से हक्के-बक्के रहते हैं, मानो मेरे कर्म उनके लिए पूरी तरह से अथाह हों। इसलिए, वे अपने हर काम में मुझसे संकेत लेते हैं, इस बात से बेहद डरते हुए कि कहीं वे स्वर्ग को नाराज
- [अध्याय 39](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirty-ninth-utterance.html) - प्रतिदिन मैं अपने हाथों से बनाई सभी चीज़ों का अवलोकन करते हुए ब्रह्मांडों के ऊपर से गुजरता हूँ। स्वर्गों के ऊपर मेरे विश्राम का स्थान है और उनके नीचे वह भूमि है, जहाँ मैं विचरता हूँ। जो कुछ भी है, मैं उस सब पर शासन करता हूँ, मैं सभी चीज़ों में सबको आज्ञा देता हूँ
- [अध्याय 38](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirty-eighth-utterance-2.html) - मनुष्य के अनुभव में मेरी उपस्थिति का कोई चिह्न नहीं रहा है, न ही मेरे वचनों का मार्गदर्शन रहा है। परिणामस्वरूप, मैंने मनुष्य को हमेशा अपने से दूर रखा और बाद में उसे छोड़ कर चला गया। मैं मानवजाति की विद्रोहशीलता से घृणा करता हूँ। मुझे नहीं पता क्यों; ऐसा लगता है कि प्रारंभ से
- [अध्याय 37](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirty-seventh-utterance.html) - युगों-युगों से, जो भी कार्य मैंने किया है, उसके प्रत्येक चरण में मेरी समुचित कार्य-पद्धतियाँ शामिल रही हैं। इसी वजह से मेरे प्रिय लोग अधिकाधिक शुद्ध, और मेरे उपयोग के लिए अधिकाधिक उपयुक्त बना दिए गए हैं। हालाँकि, इसी वजह से, एक “दुर्भाग्यपूर्ण बात” यह रही है कि जैसे-जैसे मेरी कार्य-पद्धतियाँ बढ़ती जाती हैं, लोगों
- [अध्याय 36](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirty-sixth-utterance.html) - सब-कुछ मेरे हाथ से व्यवस्थित है। कौन है, जो अपनी मनमर्ज़ी करने की हिम्मत करता है? कौन है, जो इसे आसानी से बदल सकता है? लोग हवा में धूल की तरह उड़ते रहते हैं, उनके चेहरे धूल-धूसरित होकर उन्हें सिर से पैर तक घिनौना बना देते हैं। मैं भारी मन से बादलों के बीच से
- [अध्याय 35](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirty-fifth-utterance.html) - मैंने मनुष्यों के बीच अपना कार्य करना शुरू कर दिया है, उन्हें अपने साथ एक ही धारा में जीने का अवसर देकर। अपना कार्य पूरा कर लेने के बाद भी मैं उनके बीच में ही रहूँगा, क्योंकि वे ही हैं, जिनका मेरी संपूर्ण प्रबंधन योजना के दौरान प्रबंधन किया जाना है, और मेरी इच्छा है
- [अध्याय 34](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirty-fourth-utterance.html) - एक बार मैंने मनुष्य को अपने घर में अतिथि के रूप में आमंत्रित किया, फिर भी वह मेरी पुकार सुनकर यहाँ-वहाँ भागता-फिरता रहा—मानो उसे अतिथि के तौर पर आमंत्रित करने के बजाय, मैं उसे फाँसी-स्थल पर ले आया था। इस प्रकार, मेरा घर खाली रह गया, क्योंकि मनुष्य हमेशा मुझसे बचता था और मेरे प्रति
- [अध्याय 33](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirty-third-utterance.html) - मेरे घर में कभी ऐसे लोग थे जो मेरे पवित्र नाम का गुणगान करते थे, जिन्होंने पृथ्वी के नभमंडल को मेरी महिमा से भरने के लिए भरसक प्रयास किया था। इस कारण मैं बहुत आनंदमग्न था और मेरा दिल प्रसन्नता से भरा हुआ था—फिर भी मेरी जगह कौन रात-दिन जागकर काम कर सकता था? मेरे
- [अध्याय 32](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirty-second-utterance.html) - जब लोग मेरे साथ इकट्ठे होते हैं, तो मेरा हृदय आनंद से भर जाता है। मैं तुरंत लोगों को अपने हाथ से आशीर्वाद देता हूँ, ताकि वे मेरे साथ मिल सकें, और ऐसे दुश्मन न बनें जो मेरे खिलाफ विद्रोह करते हैं, बल्कि ऐसे मित्र बनें जो मेरे साथ संगत हों। इस प्रकार, मैं भी
- [अध्याय 31](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirty-first-utterance.html) - मेरे लिए लोगों के हृदय में कभी भी जगह नहीं रही है। जब मैं वास्तव में लोगों की खोज करता हूँ, तो वे अपनी आँखों को भींच कर बंद कर लेते हैं और मेरे कार्यकलापों की अनदेखी करते हैं, मानो कि मैं जो कुछ भी करता हूँ वह उन्हें खुश करने का एक प्रयास है,
- [अध्याय 30](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirtieth-utterance.html) - मनुष्य के बीच मैंने एक बार उसकी विद्रोहशीलता और कमजोरी को संक्षेप में प्रस्तुत किया और इस प्रकार मैंने मनुष्य की कमजोरी को समझा और उसकी विद्रोहशीलता को जाना। मनुष्य के बीच पहुँचने से पहले, मैं लंबे समय से मनुष्यों के सुखों और दुःखों को समझने लगा था—और इस वजह से मैं वह करने में
- [अध्याय 29](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-ninth-utterance.html) - जिस दिन सभी चीज़ें पुनर्जीवित हुईं, मैं मनुष्यों के बीच आया, और मैंने उनके साथ अद्भुत दिन और रातें बिताई हैं। केवल इस बिंदु पर ही मनुष्य को मेरी सुलभता का थोड़ा-सा एहसास होता है, और जैसे-जैसे मेरे साथ उसकी अंतःक्रिया बढ़ने लगती है, वह मेरे पास जो है और जो मैं हूँ उसे थोड़ा-सा
- [अध्याय 28](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-eighth-utterance.html) - जब मैं सिय्योन से आया, तो सभी चीजें मेरी बाट जोह रही थीं, और जब मैं वापस सिय्योन गया, तो अनगिनत मनुष्यों ने मेरा अभिवादन किया। जब मैं आया और गया, तो मेरे कदम उन चीजों से कभी बाधित नहीं हुए जो मुझसे शत्रुता रखती थीं, इसलिए मेरा कार्य हमेशा सुचारु रूप से आगे बढ़ता
- [अध्याय 27](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-seventh-utterance.html) - मानव व्यवहार ने कभी मेरे हृदय को स्पर्श नहीं किया है, और न ही वह मुझे कभी बहुमूल्य लगा है। मनुष्य की नजरों में, मैं उसके प्रति हमेशा कठोर हूँ, और उसके ऊपर हमेशा अधिकार का प्रयोग करता रहता हूँ। मनुष्य के सभी कार्यकलापों में, मुश्किल से ही कुछ ऐसा है जो मेरे लिए किया
- [अध्याय 26](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-sixth-utterance.html) - मेरे घर में कौन रहा है? मेरे लिए कौन खड़ा हुआ है? किसने मेरे लिए दुःख उठाया है? किसने मेरे सामने प्रतिज्ञा ली है? किसने वर्तमान तक मेरा अनुसरण किया है और फिर भी विरक्त नहीं हुआ है? सारे मनुष्य ठण्डे और भावहीन क्यों हैं? मानवजाति ने मेरा परित्याग क्यों कर दिया है? मानवता मेरे
- [ओ लोगो! आनंद मनाओ!](https://hi.kingdomsalvation.org/people-rejoice.html) - मेरे प्रकाश में, लोग फिर से रोशनी देखते हैं। मेरे वचन में, लोग अपने आनंद के लिए चीजें प्राप्त करते हैं। मैं पूरब से आया हूँ, मैं पूरब से चला हूँ। जब मेरी महिमा की रोशनी चमकती है, तो बेशुमार देश प्रकाशित हो उठते हैं, सब कुछ आलोकित हो उठता है, एक भी चीज़ अंधकार
- [अध्याय 25](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-fifth-utterance.html) - समय गुज़रा और पलक झपकते ही आज का दिन आ गया। मेरे आत्मा के मार्गदर्शन में, सभी लोग मेरे प्रकाश में रहते हैं, अब कोई अतीत के बारे में नहीं सोचता या बीते कल पर ध्यान नहीं देता। कौन है जो कभी वर्तमान में नहीं जिया या रहा ह? किसने राज्य में खूबसूरत दिन और
- [अध्याय 24](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-fourth-utterance.html) - मेरी ताड़नाएँ सभी लोगों पर आती हैं, फिर भी यह सभी लोगों से दूर भी रहती हैं। हर व्यक्ति का संपूर्ण जीवन मेरे प्रति प्रेम और नफ़रत से भरा हुआ है, और किसी ने कभी मुझे जाना नहीं—और इस प्रकार मेरे प्रति मनुष्य की प्रवृत्ति कभी हाँ, कभी ना वाली रहती है, और कभी सामान्य
- [अध्याय 23](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-third-utterance.html) - जैसे मेरी वाणी गूँज रही है और मेरी आँखों से ज्वाला निकल रही है, मैं पूरी पृथ्वी की रखवाली कर रहा हूँ, मैं पूरे ब्रह्मांड का अवलोकन कर रहा हूँ। हर इंसान मुझसे प्रार्थना कर रहा है, मुझे टकटकी लगाकर देख रहा है, मुझसे मेरा क्रोध खत्म करने की विनती कर रहा है और शपथ
- [अध्याय 22](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-second-utterance.html) - मनुष्य प्रकाश के बीच जीता है, फिर भी वह प्रकाश की बहुमूल्यता से अनभिज्ञ है। वह प्रकाश के सार तथा उसके स्रोत से और इस बात से भी अनजान है कि यह प्रकाश किसका है। जब मैं इंसान को प्रकाश देता हूँ, तो मैं तुरन्त ही लोगों की स्थितियों का अवलोकन करता हूँ : प्रकाश
- [अध्याय 21](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-first-utterance.html) - मनुष्य मेरी ज्योति के बीच में गिरता है और मेरे उद्धार के कारण डटा रहता है। जब मैं पूरे विश्व के लिए उद्धार लेकर आता हूँ, तो मनुष्य मेरे पुनरुद्धार के प्रवाह में प्रवेश करने के लिए रास्ते तलाशने की कोशिश करता है; फिर भी बहुत से लोग हैं जो पुनरुद्धार की इस प्रचण्ड धारा
- [अध्याय 20](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twentieth-utterance.html) - मेरे घर की धन-संपत्ति गिनती से परे और अथाह है, फिर भी मनुष्य उनका आनंद उठाने के लिए कभी मेरे पास नहीं आया। मनुष्य स्वयं आनंद उठा पाने में असमर्थ है, न ही वह अपनी ताकत से अपनी रक्षा कर पाने में समर्थ है; इसके बजाय, उसने हमेशा दूसरों में भरोसा किया है। मैं जिन्हें
- [अध्याय 19](https://hi.kingdomsalvation.org/the-nineteenth-utterance.html) - मेरे वचनों को अपने अस्तित्व के आधार के रूप में लेना—यह मानव-जाति का दायित्व है। लोगों को मेरे वचनों के प्रत्येक भाग में अपना अंश स्थापित करना आवश्यक है; ऐसा न करना स्वयं के विनाश और तिरस्कार को आमंत्रित करना होगा। मनुष्य मुझे नहीं जानता, इसलिए, बजाय अपने जीवन को मेरे हाथों में सौंपने के,
- [अध्याय 18](https://hi.kingdomsalvation.org/the-eighteenth-utterance.html) - बिजली के बीच सभी प्रकार के जानवर अपने असली स्वरूप में प्रकट कर दिए जाते हैं। इसी प्रकार मेरे प्रकाश से रोशन होकर मनुष्य ने भी उस पवित्रता को वापस पा लिया है जो कभी उसके पास थी। ओह, अतीत का भ्रष्ट संसार! अंततः यह गंदे पानी में पलट गया है और सतह के नीचे
- [अध्याय 17](https://hi.kingdomsalvation.org/the-seventeenth-utterance.html) - मेरे कथन गरजते बादल की तरह गूँजते हैं, सभी दिशाओं और समूची पृथ्वी पर रोशनी डालते हुए, और गरजते बादल और चमकती बिजली के बीच, मनुष्यजाति धराशायी कर दी जाती है। गरजते बादल और चमकती बिजली के बीच कभी कोई मनुष्य मज़बूती से टिका नहीं रहा है; मेरी रोशनी के आगमन पर अधिकांश मनुष्य बुरी
- [अध्याय 16](https://hi.kingdomsalvation.org/the-sixteenth-utterance.html) - बहुत कुछ है जो मैं मनुष्य से कहना चाहता हूँ, इतनी सारी चीजें जो मुझे उसे बतानी ही चाहिए। परंतु मनुष्य में स्वीकार करने की क्षमता का अत्यधिक अभाव है; मनुष्य मेरे वचनों को मैं उन्हें जैसे प्रदान करता हूँ उसके अनुसार पूरी तरह समझने में अक्षम है, और केवल एक ही पहलू समझता है,
- [अध्याय 15](https://hi.kingdomsalvation.org/the-fifteenth-utterance.html) - समस्त मनुष्य आत्मज्ञान से रहित प्राणी हैं, और वे स्वयं को जानने में असमर्थ हैं। फिर भी, वे अन्य सभी को बहुत करीब से जानते हैं, मानो दूसरों के द्वारा की और कही गई हर चीज़ का “निरीक्षण” पहले उन्होंने ही ठीक उन्हीं के सामने किया हो और करने से पहले उनका अनुमोदन प्राप्त किया
- [अध्याय 14](https://hi.kingdomsalvation.org/the-fourteenth-utterance.html) - युगों-युगों से किसी भी मनुष्य ने राज्य में प्रवेश नहीं किया है और इसलिए किसी ने भी राज्य के युग के अनुग्रह का आनंद नहीं लिया है, न ही किसी ने राज्य के राजा को देखा है। इस तथ्य के बावजूद कि मेरे आत्मा की रोशनी में कई लोगों ने राज्य की सुंदरता की भविष्यवाणी
- [अध्याय 13](https://hi.kingdomsalvation.org/the-thirteenth-utterance.html) - मेरे वचनों और कथनों के भीतर मेरे कई इरादे छुपे होते हैं। परंतु लोग उनमें से कुछ नहीं जानते और समझते; वे बाहर से मेरे वचनों को समझते हैं और बाहर से ही उनका अनुसरण करते हैं और वे मेरे मन को नहीं समझ सकते या मेरे शब्दों के भीतर से मेरे इरादों का सहज
- [अध्याय 12](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twelfth-utterance.html) - जब पूर्व से बिजली चमकती है, जो कि निश्चित रूप से वो क्षण भी होता है जब मैं बोलना आरम्भ करता हूँ—जब बिजली चमकती है, तो संपूर्ण नभमंडल रोशन हो उठता है और सभी तारों का रूपान्तरण हो जाता है। पूरी मानवजाति ऐसी है मानो परिष्करण से गुजर चुकी हो। पूर्व से आने वाले इस
- [अध्याय 11](https://hi.kingdomsalvation.org/the-eleventh-utterance.html) - मनुष्यजाति में प्रत्येक व्यक्ति को मेरे आत्मा की पड़ताल को स्वीकार करना चाहिए, अपने हर वचन और कार्य की बारीकी से जाँच करनी चाहिए, और इसके अलावा, मेरे चमत्कारिक कर्मों पर विचार करना चाहिए। पृथ्वी पर राज्य के आगमन के समय तुम लोग कैसा महसूस करते हो? जब मेरी संतान एवं लोग मेरे सिंहासन की
- [राज्य-गान](https://hi.kingdomsalvation.org/kingdom-anthem.html) - मेरे लोगों की भीड़ मेरी जय-जयकार करती है, मेरे लोगों की भीड़ मेरी स्तुति करती है; असंख्य मुख एकमात्र सच्चे परमेश्वर का गुणगान करते हैं, अनगिनत लोग मेरे कर्मों को देखने के लिए अपनी आँखें उठाकर दूर निहारते हैं। राज्य मनुष्यों के जगत में अवतरित होता है, मेरा व्यक्तित्व समृद्ध और प्रचुर है। इस पर
- [अध्याय 10](https://hi.kingdomsalvation.org/the-tenth-utterance-2.html) - राज्य का युग, आख़िरकार, बीते हुए समयों से अलग है। इसका सरोकार इस बात से नहीं है कि मानवता कैसे काम करती है; बल्कि, मैं व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करने के लिए पृथ्वी पर उतरा हूँ, जो कुछ ऐसा कार्य है जिसकी मानव न तो कल्पना कर सकते हैं और न ही जिसे वे
- [अध्याय 9](https://hi.kingdomsalvation.org/the-ninth-utterance.html) - चूँकि तुम मेरे घराने के लोगों में हो और मेरे राज्य में निष्ठावान हो, इसलिए तुम जो भी करते हो उसमें उन मानकों को पूरा करो जिनकी मैं अपेक्षा करता हूँ। मैं यह नहीं कहता कि तुम केवल एक घुमक्कड़ बादल बनकर रह जाओ, बल्कि चमकती हुई बर्फ़ के समान बनो, उसका सार और उससे
- [अध्याय 8](https://hi.kingdomsalvation.org/the-eighth-utterance.html) - जब मेरे प्रकाशन अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचेंगे, और जब मेरा न्याय अंत के निकट आएगा, तब यह वह समय होगा जब मेरे सभी लोग प्रकट और पूर्ण बना दिए जाएँगे। मैं ब्रह्माण्ड जगत के सभी कोनों की यात्रा करता हूँ, उन लोगों की अनवरत खोज में जो मेरे इरादों से मेल खाते हों और मेरे
- [अध्याय 7](https://hi.kingdomsalvation.org/the-seventh-utterance.html) - पश्चिम की सभी शाखाओं को मेरी आवाज़ सुननी चाहिए : अतीत में, क्या तुम मेरे प्रति वफ़ादार रहे हो? क्या तुमने मेरे परामर्श के उत्कृष्ट वचनों को सुना है? क्या तुम लोगों की आशाएँ वास्तविक हैं, अस्पष्ट और अनिश्चित नहीं? मनुष्य की वफ़ादारी, उसका प्रेम, उसकी निष्ठा—सब-कुछ वो है जो मुझसे आता है, और उसके
- [अध्याय 6](https://hi.kingdomsalvation.org/the-sixth-utterance.html) - आत्मा के मामलों में सचेतन बनो; मेरे वचन के प्रति चौकस रहो, और मेरे आत्मा और मेरे अस्तित्व, मेरे वचन और मेरे स्वरूप को एक अखंड इकाई की तरह समझने में वास्तव में समर्थ बनो, ताकि सभी लोग मुझे मेरी उपस्थिति में संतुष्ट कर सकें। जो कुछ भी है, उस पर मैं अपने कदम रख
- [अध्याय 5](https://hi.kingdomsalvation.org/the-fifth-utterance.html) - मेरे आत्मा की आवाज मेरे संपूर्ण स्वभाव की अभिव्यक्ति है। क्या तुम लोग इस बात को समझते हो? इस बिंदु पर अस्पष्ट होना मेरा प्रत्यक्ष विरोध करने के समान होगा। क्या तुम लोगों ने इसमें निहित महत्व को सचमुच देखा है? क्या तुम लोगों को वास्तव में पता है कि मैं तुम पर कितना प्रयास,
- [अध्याय 4](https://hi.kingdomsalvation.org/the-fourth-utterance.html) - मेरे सभी लोगों को जो मेरे सम्मुख सेवा करते हैं, अतीत के बारे में सोचना चाहिए कि क्या मेरे लिए तुम्हारे प्रेम में अशुद्धता थी? क्या मेरे प्रति तुम्हारी निष्ठा शुद्ध और सम्पूर्ण थी? क्या मेरे बारे में तुम लोगों का ज्ञान सच्चा था? तुम लोगों के हृदय में मेरा स्थान कितना था? क्या मैंने
- [अध्याय 3](https://hi.kingdomsalvation.org/the-third-utterance-2.html) - चूँकि तुम लोगों को मेरे लोग बुलाया जाता है, चीज़ें वैसी नहीं रहीं जैसी हुआ करती थीं; तुम लोगों को मेरे आत्मा के कथनों पर ध्यान देना और उनके प्रति समर्पण करना चाहिए, और मेरे कार्य का ध्यानपूर्वक अनुसरण करना चाहिए; तुम मेरे आत्मा और मेरे देह को संभवतः अलग न कर सको, क्योंकि हम
- [अध्याय 2](https://hi.kingdomsalvation.org/the-second-utterance.html) - नए दृष्टिकोण में प्रवेश करने के साथ मेरे कार्य में नए कदम होंगे। चूँकि यह राज्य में है, इसलिए मैं मार्ग के हर चरण की अगुआई करते हुए चीजों को सीधे दिव्यता के माध्यम से करूँगा, सूक्ष्मतम विवरण के साथ, जिनमें इंसानी आकांक्षाओं की मिलावट बिलकुल नहीं होगी। वास्तविक अभ्यास के तरीकों की रूपरेखा इस
- [अध्याय 1](https://hi.kingdomsalvation.org/the-first-utterance.html) - क्या जिन लोगों ने मेरे वचनों को देखा है, वे वास्तव में उन्हें स्वीकार करते हैं? क्या तुम लोग वाकई मुझे जानते हो? क्या तुमने वाकई समर्पण करना सीखा है? क्या तुम लोग ईमानदारी से खुद को मेरे लिए खपाते हो? क्या तुमने बड़े लाल अजगर के सामने वास्तव में मेरे लिए दृढ़ और अटल
- [परिचय](https://hi.kingdomsalvation.org/introduction-2.html) - “संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन” स्वयं परमेश्वर की पहचान में मसीह द्वारा व्यक्त किए गए कथनों का द्वितीय भाग है। इसमें 20 फरवरी, 1992 से 1 जून 1992 तक की अवधि का वर्णन है और कुल सैंतालीस अध्याय हैं। इन कथनों में परमेश्वर के वचनों का परिप्रेक्ष्य, ढंग, विषयवस्तु पूरी तरह से “आरंभ
- [अध्याय 120](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-twentieth-utterance.html) - सिय्योन! ख़ुशी मनाओ! सिय्योन! गाओ-बजाओ! मैं जीतकर लौटा हूँ, मैं विजयी होकर लौटा हूँ! असंख्य लोगो! जल्दी से सही ढंग से पंक्तिबद्ध हो जाओ! सृष्टि की सभी चीज़ो! अब रुक जाओ, क्योंकि मेरा व्यक्तित्व पूरे ब्रह्मांड के सामने है और दुनिया के पूर्व में प्रकट हो रहा है! कौन आराधना में घुटने नहीं टेकने का
- [अध्याय 119](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-nineteenth-utterance.html) - तुम सभी लोगों को मेरे इरादे समझने चाहिए, और तुम सभी लोगों को मेरी मनोदशा समझनी चाहिए। अब सिय्योन लौटने के लिए तैयार होने का समय है। मेरा इसके अलावा कुछ भी करने का मन नहीं है। मैं केवल जल्दी ही किसी दिन तुम लोगों से पुनः मिलने और सिय्योन में हर पल और हर
- [अध्याय 118](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-eighteenth-utterance.html) - जो कोई भी मेरे पुत्र के लिए गवाही देने के लिए उठेगा, मैं उसे अनुग्रह प्रदान करूँगा; जो कोई भी मेरे पुत्र के लिए गवाही देने नहीं उठेगा, बल्कि इसके बजाय उसका विरोध करेगा और अपनी खुद की राय बनाने के लिए मनुष्य की अवधारणाओं का उपयोग करेगा, मैं उसे नष्ट कर दूँगा। सभी को
- [अध्याय 117](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-seventeenth-utterance.html) - एकमात्र तू ही सूचीपत्र खोलता है, एकमात्र तू ही सात मोहरें तोड़ता है, क्योंकि सभी रहस्य तुझसे आते हैं और सभी आशीष तेरे द्वारा प्रकट किए जाते हैं। मैं अनंतकाल तक तुझसे प्रेम करने के लिए बाध्य हूँ सभी लोगों से तेरी आराधना करवाने के लिए बाध्य हूँ; क्योंकि तू मेरा व्यक्तित्व है, तू मेरे
- [अध्याय 116](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-sixteenth-utterance.html) - मेरे कई वचन लोगों को डराते हैं। मेरे कई वचन लोगों को खौफ से कँपाते हैं, और मेरे कई वचन लोगों को पीड़ित करते हैं और उनकी आशा खंडित कर देते हैं, यहाँ तक कि कई वचन लोगों के मरने का कारण भी बन जाते हैं। मेरे वचनों की प्रचुरता की कोई भी थाह नहीं
- [अध्याय 115](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-fifteenth-utterance.html) - तेरे कारण, मेरा हृदय अत्यधिक आनंद विभोर होगा; तेरे कारण, मेरा हाथ आनंद से थिरकेगा, और मैं तुझे अनंत आशीष दूँगा, क्योंकि सृजन के समय से पहले तू मुझसे ही आया था। आज तुझे मेरी तरफ़ लौट ही आना चाहिए, क्योंकि तू न तो इस संसार का है या न ही इस पृथ्वी का है,
- [अध्याय 114](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-fourteenth-utterance.html) - मैंने ब्रह्माण्ड जगत की सृष्टि की; मैंने पर्वतों, नदियों और सभी चीज़ों की सृष्टि की; मैंने ब्रह्माण्ड और पृथ्वी के सिरों को गढ़ा; मैंने अपने पुत्रों और अपने लोगों की अगुआई की; मैंने सभी चीज़ों और पदार्थों पर शासन किया। अब, मैं अपने ज्येष्ठ पुत्रों को वापस अपने सिय्योन पर्वत पर ले जाऊँगा, जहाँ मैं
- [अध्याय 113](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-thirteenth-utterance.html) - मेरी बुद्धि मेरे द्वारा किए जाने वाले हर कार्य के भीतर होती है, किंतु मनुष्य उसकी थाह पाने में एकदम असमर्थ है; मनुष्य केवल मेरे कार्यों और मेरे वचनों को देख सकता है, मेरी महिमा या मेरे व्यक्तित्व के प्रकटन को नहीं, क्योंकि मनुष्य में मूलतः इस क्षमता का अभाव है। इसलिए, मेरे द्वारा मनुष्य
- [अध्याय 112](https://hi.kingdomsalvation.org/the-one-hundred-and-twelfth-utterance.html) - “वचन और वास्तविकता साथ-साथ चलते हैं” यह मेरे धार्मिक स्वभाव का अंग है। इन वचनों से मैं निश्चित रूप से हर एक को मेरा स्वभाव उसकी समग्रता में देखने दूँगा। लोगों को लगता है कि इसे हासिल नहीं किया जा सकता, किंतु मेरे लिए यह आसान और सुखद है, और इसमें कोई प्रयास नहीं लगता।
- [अध्याय 111](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-eleventh-utterance.html) - तुम्हारी वजह से सभी राष्ट्र धन्य हो जाएँगे; तुम्हारी वजह से सभी लोग मेरी जयजयकार और स्तुति करेंगे। मेरा राज्य संपन्न और विकसित होगा, और सदैव कायम रहेगा। किसी को भी इसे रौंदने नहीं दिया जाएगा और किसी भी ऐसी चीज़ को अस्तित्व में नहीं रहने दिया जाएगा, जो मेरे अनुरूप नहीं होगी, क्योंकि मैं
- [अध्याय 110](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-Tenth-utterance.html) - जब सब-कुछ प्रकट हो जाएगा तभी वह समय होगा कि मैं आराम करूँगा, इसके अलावा, यह वह समय भी होगा जब सब कुछ व्यवस्थित हो जाएगा। मैं खुद अपना कार्य करता हूँ; मैं स्वयं हर चीज़ का आयोजन और व्यवस्था करता हूँ। जब मैं सिय्योन से बाहर निकलकर, लौटकर अपने ज्येष्ठ पुत्रों को पूर्ण बना
- [अध्याय 109](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-ninth-utterance.html) - मैं हर दिन कथन कह रहा हूँ, बोल रहा हूँ और अपने महान चिह्न एवं चमत्कार प्रकट कर रहा हूँ। ये सभी मेरे आत्मा के कार्य हैं। लोगों की नज़रों में मैं मात्र एक मनुष्य हूँ, लेकिन वास्तव में इसी मनुष्य रूप में मैं अपना सर्वस्व और अपना महान सामर्थ्य प्रकट करता हूँ। चूँकि लोग
- [अध्याय 108](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-eighth-utterance.html) - मेरे भीतर, सभी विश्राम पा सकते हैं और सभी मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। जो मुझसे बाहर हैं, वे न स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं, न खुशी, क्योंकि मेरा आत्मा उनके साथ नहीं है। ऐसे लोगों को आत्माहीन मृत कहा जाता है, जबकि मैं उन लोगों को जो मेरे भीतर हैं, “आत्मा से युक्त जीवित
- [अध्याय 107](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-seventh-utterance.html) - जब मेरे वचन कठोरता के एक निश्चित स्तर तक पहुँच जाते हैं, तो अधिकांश लोग उनकी वजह से पीछे हट जाते हैं—और ठीक उसी समय मेरे ज्येष्ठ पुत्रों को प्रकट किया जाता है। मैंने कहा है कि मैं अँगुली नहीं उठाऊँगा, बल्कि सभी कार्य करने के लिए केवल अपने वचनों का उपयोग करूँगा। मैं अपने
- [अध्याय 106](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-sixth-utterance.html) - जो मेरे वचनों को नहीं जानते, जो मेरी सामान्य मानवता को नहीं जानते और जो मेरी दिव्यता का अनादर करते हैं, उनका अस्तित्व मिटा दिया जाएगा। इससे किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी, ये मानक सभी को पूरे करने होंगे, क्योंकि यह मेरा प्रशासनिक आदेश है और अभ्यास में लाने के लिए यह सबसे
- [अध्याय 105](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-fifth-utterance.html) - मेरे वचनों के सिद्धांतों और मेरे कार्य करने के तरीके के कारण, लोग मुझे नकारते हैं; इतने लंबे समय से मेरे बोलने का यही उद्देश्य है (बड़े लाल अजगर के सभी वंशज इन वचनों के निशाने पर हैं)। यह मेरे कार्य करने का विवेकपूर्ण तरीका है; यह बड़े लाल अजगर के लिए मेरा न्याय है।
- [अध्याय 104](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-fourth-utterance.html) - मुझसे बाहर के सभी लोग, घटनाएँ और चीज़ें शून्य में विलीन हो जाएँगी, जबकि मेरे भीतर के सभी लोग, घटनाएँ और चीज़ें मुझसे सब कुछ पा लेंगी और मेरे साथ महिमा में प्रवेश कर जाएँगी, मेरे सिय्योन पर्वत, मेरे निवास स्थान में प्रवेश कर जाएँगी, और सदा के लिए मेरे साथ मिलजुल कर रहेंगी। मैंने
- [अध्याय 103](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-third-utterance.html) - एक गरजदार आवाज फूटती है, पूरे ब्रह्मांड को थरथराती हुई, कान बहरे करती हुई, और लोगों के पास इससे बच निकलने का समय ही नहीं होता। कुछ मार गिराए जाते हैं, कुछ नष्ट कर दिए जाते हैं, और कुछ का न्याय किया जाता है। यह सचमुच एक ऐसा दृश्य है, जैसा पहले कभी किसी ने
- [अध्याय 102](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-second-utterance.html) - मैंने एक हद तक बात की है और मेरा कार्य एक खास बिंदु पर पहुंचा है; तुम सभी लोगों को मेरे इरादे समझने चाहिए और अलग-अलग स्तरों पर मेरी ज़िम्मेदारी के प्रति विचारशील होने में सक्षम होना चाहिए। यह एक ऐसा मोड़ है जहां से देह आध्यात्मिक क्षेत्र में प्रवेश करती है, तुम लोग एक
- [अध्याय 101](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundred-and-first-utterance.html) - मैं ऐसे किसी भी व्यक्ति के प्रति उदार नहीं होऊँगा जो मेरे प्रबंधन में गड़बड़ी करता है या जो मेरी योजनाओं को बर्बाद करने की कोशिश करता है। हर किसी को मेरे कहे वचनों से मेरे अर्थ को समझ जाना चाहिए और जिस बारे में मैं बात कर रहा हूँ, उस बारे में स्पष्ट हो
- [अध्याय 100](https://hi.kingdomsalvation.org/one-hundredth-utterance.html) - मैं उन सभी से नफ़रत करता हूँ, जिन्हें मेरे द्वारा पूर्वनिर्धारित नहीं किया गया और चुना नहीं गया है। इसलिए मुझे इन लोगों को एक-एक करके अपने घर से बाहर निकालना चाहिए, जिससे मेरा मंदिर पवित्र और निर्दोष हो जाएगा, मेरा घर सदैव नया रहेगा और कभी पुराना नहीं पड़ेगा, मेरा पवित्र नाम सदा के
- [प्रस्तावना](https://hi.kingdomsalvation.org/preface-3.html) - यद्यपि बहुत सारे लोग परमेश्वर में विश्वास करते हैं, लेकिन कुछ ही लोग यह समझते हैं कि परमेश्वर में विश्वास का अर्थ क्या है और परमेश्वर के इरादों के अनुरूप होने के लिए उन्हें वास्तव में कैसे कार्य करना चाहिए। ऐसा इसलिए है कि लोग यूँ तो “परमेश्वर” शब्द को और “परमेश्वर का कार्य” जैसे
- [अध्याय 99](https://hi.kingdomsalvation.org/ninety-ninth-utterance.html) - चूँकि मेरे कार्य की गति तेज़ हो रही है, इसलिए कोई भी मेरे पदचिह्नों के साथ गति बनाए नहीं रख सकता और कोई भी मेरे मन में प्रवेश नहीं कर सकता, किन्तु आगे बढ़ने का यही एकमात्र मार्ग है। यह “मृत से पुनर्जीवित होना” वाली उक्ति का ही “मृत” है जिसकी चर्चा पहले ही की
- [परमेश्वर के प्रकटन को उसके न्याय और ताड़ना में देखना](https://hi.kingdomsalvation.org/beholding-the-appearance-of-god-in-his-judgment-and-chastisement.html) - प्रभु यीशु मसीह के करोड़ों अन्य अनुयायियों के समान हम बाइबल की व्यवस्थाओं और आज्ञाओं का पालन करते हैं, प्रभु यीशु मसीह के विपुल अनुग्रह का आनंद लेते हैं, और प्रभु यीशु मसीह के नाम पर एक-साथ इकट्ठे होते हैं, प्रार्थना, गुणगान और सेवा करते हैं—और यह सब हम प्रभु की देखभाल और सुरक्षा के
- [अध्याय 98](https://hi.kingdomsalvation.org/ninety-eighth-utterance.html) - सभी चीज़ें तुम लोगों में से प्रत्येक पर आएँगी, वे तुम लोगों को मेरे बारे में और अधिक जानने देंगी, मेरे बारे में और अधिक निश्चित होने देंगी। वे तुम लोगों को मुझ एकमात्र स्वयं परमेश्वर के बारे में जानने देंगी, मुझ सर्वशक्तिमान के बारे में जानने देंगी, मुझ स्वयं देहधारी परमेश्वर के बारे में
- [परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है](https://hi.kingdomsalvation.org/knowing-god-is-the-path-to-fearing-god-and-shunning-evil.html) - तुममें से हर व्यक्ति को परमेश्वर में एक विश्वासी के रूप में यह देखने के लिए अपने सफर की नए सिरे से जाँच करनी चाहिए कि परमेश्वर का अनुसरण करने की प्रक्रिया में क्या तुम परमेश्वर को वास्तव में समझ, बूझ और जान चुके हो, क्या तुम वास्तव में जानते हो कि परमेश्वर विभिन्न प्रकार
- [अध्याय 97](https://hi.kingdomsalvation.org/ninety-seventh-utterance.html) - मैं हर एक व्यक्ति को अपने अद्भुत कर्म दिखाऊँगा और अपने बुद्धिमत्तापूर्ण वचन सुनाऊँगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति शामिल होना चाहिए और यह हर एक चीज़ के माध्यम से होना चाहिए। यह मेरा प्रशासनिक आदेश है और यह मेरा कोप है। मैं हर एक व्यक्ति और हर एक मामले को स्पर्श करूँगा, ताकि ब्रह्मांड में हर
- [परमेश्वर संपूर्ण मानवजाति के भाग्य पर संप्रभु है](https://hi.kingdomsalvation.org/god-presides-over-the-fate-of-all-mankind-selections.html) - मानवजाति के सदस्यों और धर्मनिष्ठ ईसाइयों के रूप में हम सबकी जिम्मेदारी और दायित्व है कि हम अपने मन और शरीर को परमेश्वर के आदेश की पूर्ति करने के लिए अर्पित करें, क्योंकि हमारा संपूर्ण अस्तित्व परमेश्वर से आया है और यह परमेश्वर की संप्रभुता के कारण अस्तित्व में है। यदि हमारा मन और शरीर
- [अध्याय 96](https://hi.kingdomsalvation.org/ninety-sixth-utterance.html) - मैं अपने समस्त कोप, अपने असीम सामर्थ्य और अपनी पूरी बुद्धि को प्रकट करने के लिए, मुझसे जन्मे हर उस व्यक्ति को ताड़ना दूँगा जो अभी तक मुझे नहीं जानता है। मुझमें सब कुछ धार्मिक है, कोई अधार्मिकता, कोई धोखेबाज़ी और कोई कुटिलता नहीं है; जो कोई भी कुटिल और धोखेबाज़ है, वह अवश्य ही
- [परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-appearance-of-god-has-brought-a-new-age.html) - परमेश्वर की छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना समाप्त हो रही है, और राज्य का द्वार उन सभी लोगों के लिए पहले से ही खोल दिया गया है, जो उसका प्रकटन खोजते हैं। प्रिय भाइयो और बहनो, तुम लोग किस चीज़ की प्रतीक्षा कर रहे हो? वह क्या है, जो तुम खोज रहे हो? क्या तुम परमेश्वर के
- [अध्याय 95](https://hi.kingdomsalvation.org/ninety-fifth-utterance.html) - लोगों को लगता है कि हर चीज़ बेहद सरल है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। हर चीज़ के भीतर रहस्य छिपे होते हैं, मेरी बुद्धि और मेरी व्यवस्था निहित होती है। किसी भी विवरण को अनदेखा नहीं किया जाता, हर चीज़ मेरे द्वारा व्यवस्थित की जाती है। उन सभी को विशेष दिन का न्याय
- [सर्वशक्तिमान की आह](https://hi.kingdomsalvation.org/the-sighing-of-the-almighty-2.html) - तुम्हारे दिल में एक बहुत बड़ा रहस्य है, जिसके बारे में तुमने कभी नहीं जाना है, क्योंकि तुम एक प्रकाशविहीन दुनिया में रह रहे हो। तुम्हारा दिल और तुम्हारी आत्मा उस दुष्ट द्वारा छीन लिए गए हैं। तुम्हारी आँखें अंधकार से ढक गई हैं, तुम न तो आकाश में सूर्य को देख सकते हो और
- [अध्याय 94](https://hi.kingdomsalvation.org/ninety-fourth-utterance.html) - मैं अपने पहलौठे पुत्रों के साथ सिय्योन लौटता हूँ—क्या तुम लोग इन वचनों के सही अर्थ को वास्तव में समझते हो? मैंने बार—बार तुम लोगों को याद दिलाया है कि मैं चाहता हूँ कि तुम लोग जल्दी बड़े हो जाओ और मेरे साथ शासन करो। क्या तुम लोगों को याद है? ये बातें सीधे मेरे
- [परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है](https://hi.kingdomsalvation.org/god-is-the-source-of-mans-life-2.html) - जिस क्षण तुम रोते हुए इस दुनिया में आते हो उसी पल से तुम अपनी जिम्मेदारियाँ निभाना शुरू कर देते हो। परमेश्वर की योजना और उसके विधान की खातिर तुम अपनी भूमिका निभाते हो और अपनी जीवन यात्रा शुरू करते हो। तुम्हारी पृष्ठभूमि जो भी हो और तुम्हारी आगे की यात्रा जैसी भी हो, किसी
- [अध्याय 93](https://hi.kingdomsalvation.org/ninety-third-utterance.html) - वास्तविकता व्यक्ति की आँखों के सामने हासिल की जाती है और हर एक चीज पहले ही हासिल की जा चुकी है; मेरे कार्य की गति तेज हो जाती है, ऊंची हो जाती है जैसे प्रक्षेपण के बाद रॉकेट। कभी किसी ने इसकी उम्मीद नहीं की थी। केवल चीज़ों के होने के बाद ही तुम लोग
- [तुम लोगों को अपने कर्मों पर विचार करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/you-ought-to-consider-your-deeds-selections.html) - जीवन में तुम लोगों के कर्मों और कार्यों से पता चलता है कि तुम लोगों को तुम्हारे पुनर्भरण के लिए मेरे वचनों के अंश की प्रतिदिन आपूर्ति की जानी आवश्यक है, क्योंकि तुम लोगों में बहुत सारी कमियाँ हैं और तुम लोगों की बोध क्षमता और ज्ञान बहुत ही कम है। अपने दैनिक जीवन में
- [अध्याय 92](https://hi.kingdomsalvation.org/ninety-second-utterance.html) - मेरे वचनों और मेरे कार्यों के भीतर हर व्यक्ति मेरी सर्वशक्तिमत्ता और मेरी बुद्धि को देख सकता है। मैं जहाँ कहीं भी जाता हूँ, वहाँ मेरा कार्य होता है। मेरे पदचिह्न केवल चीन में नहीं हैं; जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह यह है कि वे दुनिया के सभी देशों में हैं। हालाँकि, इस नाम
- [अध्याय 91](https://hi.kingdomsalvation.org/ninety-first-utterance.html) - मेरा आत्मा लगातार मेरी वाणी बोलता और कथन कहता है—तुम लोगों में से कितने मुझे जान सकते हैं? मुझे क्यों देह बन कर तुम लोगों के बीच आना होगा? यह एक बड़ा रहस्य है। तुम लोग मेरे बारे में सोचते हो और पूरे दिन मेरे लिए लालायित रहते हो और तुम लोग मेरी स्तुति करते
- [एक बहुत गंभीर समस्या : विश्वासघात (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/a-very-serious-problem-betrayal-2-judgment.html) - मनुष्य की प्रकृति मेरे सार से काफी भिन्न है, क्योंकि मनुष्य की भ्रष्ट प्रकृति पूरी तरह से शैतान से उत्पन्न होती है; मनुष्य की प्रकृति को शैतान द्वारा संसाधित और भ्रष्ट किया गया है। अर्थात्, मनुष्य इसकी बुराई और कुरूपता के प्रभाव के अधीन जीता है। मनुष्य सत्य के संसार या पवित्र वातावरण में बड़ा
- [अध्याय 90](https://hi.kingdomsalvation.org/ninetieth-utterance.html) - वे सब लोग जो अंधे हैं, उन्हें मेरे पास से अवश्य ही चले जाना चाहिए और एक पल के लिए भी नहीं ठहरना चाहिए, क्योंकि जिन लोगों को मैं चाहता हूँ वे ऐसे लोग हैं जो मुझे जान सकते हैं, जो मुझे देख सकते हैं और जो मुझसे सभी चीजें प्राप्त कर सकते हैं। और
- [एक बहुत गंभीर समस्या : विश्वासघात (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/a-very-serious-problem-betrayal-1-judgment.html) - जल्द ही मेरा कार्य पूरा हो जाएगा और कई वर्ष जो हमने एक साथ बिताए हैं वे असहनीय यादें बन गए हैं। मैंने अनवरत अपने वचनों को दोहराया है और लगातार अपने नए कार्य को आगे बढ़ाया है। निस्संदेह, जब भी मैं कार्य करता हूँ तो मेरा परामर्श उसका एक आवश्यक घटक होता है। इसके
- [पृथ्वी के परमेश्वर को वास्तव में कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-know-the-god-on-earth-selections.html) - तुम सभी परमेश्वर के समक्ष पुरस्कृत होने और उसके द्वारा कृपा की दृष्टि से देखे जाने की इच्छा रखते हो; सभी ऐसी चीजों की आशा करते हैं, जब वे परमेश्वर में विश्वास रखना शुरू करते हैं, क्योंकि सभी उच्चतर चीजों की खोज में लीन रहते हैं, और कोई भी दूसरों से पीछे नहीं रहना चाहता।
- [अध्याय 89](https://hi.kingdomsalvation.org/eighty-ninth-utterance.html) - सब-कुछ मेरे इरादों के अनुसार करना आसान नहीं है; यह खुद को ढोंग करने के लिए मजबूर करने की बात नहीं है, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि मैंने दुनिया के निर्माण से पहले तुम्हें अपनी काबिलियत प्रदान की थी या नहीं। ये सभी चीजें मुझ पर निर्भर करती हैं। ये ऐसी
- [परमेश्वर के स्वभाव को समझना बहुत महत्वपूर्ण है](https://hi.kingdomsalvation.org/it-is-very-important-to-understand-gods-disposition-2.html) - बहुत-सी चीजें हैं, जिन्हें तुम लोगों द्वारा हासिल किए जाने की मैं आशा करता हूँ, लेकिन तुम्हारे कुछ कार्य, तुम्हारे जीवन की कुछ बातें मेरी अपेक्षाएँ पूरी करने में समर्थ नहीं हैं, इसलिए सीधे मुद्दे पर आकर अपने इरादे तुम्हें बताने के अलावा मेरे पास और कोई चारा नहीं है। यह देखते हुए कि चीजों
- [अध्याय 88](https://hi.kingdomsalvation.org/eighty-eighth-utterance.html) - लोग इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकते कि मेरी गति किस हद तक तेज़ हो गई है : यह एक ऐसा चमत्कार हुआ है, जो मनुष्य के लिए अथाह है। दुनिया के सृजन के बाद से मेरी गति जारी रही है और मेरा कार्य कभी नहीं थमा है। समस्त ब्रह्मांडीय दुनिया दिन-प्रतिदिन बदलती
- [अपराध मनुष्य को नरक में ले जाएँगे](https://hi.kingdomsalvation.org/transgressions-will-lead-man-to-hell-judgment.html) - मैंने तुम लोगों को कई चेतावनियाँ दी हैं और तुम लोगों को जीतने के इरादे से बहुत-से सत्य प्रदान किए हैं। अब तुम सभी लोग पहले की तुलना में भीतर से बहुत अधिक परिपूर्ण महसूस करते हो, स्व-आचरण के कई सिद्धांतों को समझ चुके हो और उतनी सारी सामान्य समझ हासिल कर चुके हो जो
- [अध्याय 87](https://hi.kingdomsalvation.org/eighty-seventh-utterance.html) - तुम्हें अपनी गति को तेज़ करना चाहिए और मैं जो कराना चाहता हूँ, उसे करना चाहिए-यह तुम लोगों के लिए मेरा इरादा है। क्या ऐसा हो सकता है कि अब तक भी तुम लोगों ने मेरे वचनों का अर्थ नहीं समझा हो? क्या ऐसा हो सकता है कि तुम अभी भी मेरे इरादे नहीं जानते
- [तीन चेतावनियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/three-admonitions-selections.html) - परमेश्वर के विश्वासी के रूप में, तुम्हें हर चीज में परमेश्वर के अलावा अन्य किसी के प्रति वफादार नहीं होना चाहिए और हर चीज में उसके इरादों के अनुरूप होने में सक्षम होना चाहिए। यद्यपि हर कोई इस संदेश को समझता है, लेकिन इंसान की तरह-तरह की मुश्किलों—उदाहरण के लिए, उसकी अज्ञानता, बेतुकेपन और भ्रष्टता
- [अध्याय 86](https://hi.kingdomsalvation.org/eighty-sixth-utterance.html) - लोग कहते हैं कि मैं एक दयालु परमेश्वर हूँ; वे कहते हैं कि मैंने जिसे भी बनाया है, उसके लिए मैं उद्धार लाऊँगा। ये सभी बातें मानव जाति की धारणाओं के आधार पर कही जाती हैं। यह कि मैं एक दयालु परमेश्वर हूँ, जो मेरे पहलौठे पुत्रों के लिए कहा जाता है और मैं सभी
- [गंतव्य के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/on-destination-judgment.html) - जब भी गंतव्य का जिक्र होता है, तुम लोग उसे विशेष गंभीरता से लेते हो; इतना ही नहीं, यह एक ऐसी चीज़ है, जिसके बारे में तुम सभी विशेष रूप से संवेदनशील हो। कुछ लोगों से एक अच्छा गंतव्य पाने के लिए परमेश्वर के सामने दंडवत करते हुए अपने सिर जमीन पर पटकने का इंतज़ार
- [तुम वास्तव में किसके प्रति वफादार हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/to-whom-are-you-loyal-selections.html) - इस समय हर वह दिन निर्णायक है जिसे तुम लोग जीते हो और यह तुम्हारे गंतव्य और भाग्य के लिए बड़े ही महत्व का है, इसलिए आज जो कुछ भी तुम्हारे पास है, वह सब तुम्हें सँजोना चाहिए और गुजरने वाले हर क्षण को सँजोना चाहिए। सबसे बड़े लाभ बटोर सकने के लिए तुम्हें हर
- [अध्याय 85](https://hi.kingdomsalvation.org/eighty-fifth-utterance.html) - अपनी इच्छा पूरी करने के लिए मैं विभिन्न लोगों का उपयोग करता हूँ : मेरे शाप उन लोगों पर साकार होते हैं जिन्हें मैं ताड़ना देता हूँ, वैसे ही जैसे मेरे आशीष साकार होते हैं उन लोगों पर जिन्हें मैं प्यार करता हूँ। अब किसे मेरे आशीष मिलेंगे और कौन मेरे शापों से पीड़ित होगा,
- [अध्याय 84](https://hi.kingdomsalvation.org/eighty-fourth-utterance.html) - मेरे बारे में ज्ञान की कमी के कारण, मनुष्य ने अनगिनत बार मेरे प्रबंधन में गड़बड़ी की है और मेरी योजनाओं को कमजोर किया है, लेकिन वे मेरे आगे बढ़ते कदमों को रोक पाने में कभी भी समर्थ नहीं हुए। ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं बुद्धि का परमेश्वर हूँ। मेरे साथ असीम ज्ञान है; मेरे
- [अपनी मंजिल के लिए पर्याप्त अच्छे कर्म तैयार करो](https://hi.kingdomsalvation.org/you-ought-to-do-enough-good-deeds-to-prepare-for-your-destination-2.html) - मैंने तुम लोगों के बीच बहुत काम किया है और निस्संदेह, कई वचन भी बोले हैं। फिर भी मुझे महसूस हुए बिना नहीं रहता कि मेरे वचनों और कार्य ने अंत के दिनों में मेरे कार्य का उद्देश्य पूर्णतः पूरा नहीं किया है। क्योंकि, अंत के दिनों में, मेरा कार्य किसी विशेष व्यक्ति या विशेष
- [अध्याय 83](https://hi.kingdomsalvation.org/eighty-third-utterance.html) - तुम लोग नहीं जानते कि मैं ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ, न ही तुम लोग जानते हो कि सभी घटनाएँ और चीज़ें मेरे नियंत्रण में हैं! इसका क्या अर्थ है कि सब कुछ मेरे द्वारा स्थापित और पूरा किया जाता है? प्रत्येक व्यक्ति के आशीष या दुर्भाग्य सभी मेरी तृप्ति पर और मेरे कार्यकलापों पर निर्भर
- [केवल अंत के दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनंत जीवन का मार्ग दे सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/only-christ-of-the-last-days-can-give-man-the-way-of-eternal-life-2.html) - जीवन का मार्ग कोई ऐसी चीज नहीं है जो हर व्यक्ति के पास हो, न ही यह कोई ऐसी चीज है जिसे हर व्यक्ति आसानी से प्राप्त कर सके। ऐसा इसलिए है क्योंकि जीवन केवल परमेश्वर से आ सकता है, कहने का तात्पर्य यह है कि केवल स्वयं परमेश्वर के पास जीवन का सार है
- [अध्याय 82](https://hi.kingdomsalvation.org/eighty-second-utterance.html) - मेरे वचन सुनकर सभी भयभीत हो जाते हैं; हर एक व्यक्ति घबराहट से भर जाता है। तुम किस बात से भयभीत हो? मैं तुम लोगों को जान से मारने वाला नहीं हूँ! ऐसा है कि तुम लोगों का अंतःकरण दोषी है; मेरी पीठ-पीछे तुम जो करते हो, वह बहुत तुच्छ और बेकार होता है। इससे
- [क्या तुम जानते थे? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक महान काम किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/do-you-know-god-has-done-a-great-thing-among-men-selections.html) - पुराना युग बीत चुका है और नया युग आ गया है। साल-दर-साल और दिन-ब-दिन परमेश्वर ने बहुत काम किया है। वह इस संसार में आया और फिर चला गया। इस चक्र ने खुद को अनेक पीढ़ियों में दोहराया है। आज भी, पहले की तरह, परमेश्वर वह काम कर रहा है जो उसे करना चाहिए, काम
- [अध्याय 81](https://hi.kingdomsalvation.org/eighty-first-utterance.html) - कितना बुरा और व्यभिचारी है यह पुराना युग! मैं तुझे निगल जाऊँगा! सिय्योन पर्वत! मेरा अभिवादन करने के लिए उठ! मेरी प्रबंधन योजना के समापन के लिए, मेरे महान कार्य के सफल निष्पादन के लिए, कौन है जो उठकर जयजयकार नहीं करने का साहस करता है! कौन है जो ख़ुशी से लगातार नहीं उछलने-कूदने का
- [मसीह सत्य के द्वारा न्याय का कार्य करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/christ-does-the-work-of-judgment-with-the-truth-5.html) - अंत के दिनों का कार्य सभी को अपनी किस्म के अनुसार छाँटना और परमेश्वर की प्रबंधन योजना का समापन करना है, क्योंकि समय निकट है और परमेश्वर का दिन आ गया है। परमेश्वर उन सभी को, जो उसके राज्य में प्रवेश करते हैं—उन सभी को जो अंत तक उसके वफादार रहे हैं—स्वयं परमेश्वर के युग
- [अध्याय 80](https://hi.kingdomsalvation.org/eightieth-utterance.html) - किसी को प्रबुद्ध और रोशन होने के लिए सभी चीजों में, मेरे साथ वास्तविक संवाद की आवश्यकता होती है; केवल इसके माध्यम से ही आत्मा शांत हो सकती है। अन्यथा, आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। फिलहाल, तुम लोगों की सबसे गंभीर बीमारी मेरी सामान्य मानवता को मेरी पूर्ण दिव्यता से अलग करना है; इसके अलावा,
- [क्या तुम सचमुच परमेश्वर के विश्वासी हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/are-you-a-true-believer-of-god-2.html) - हो सकता है, तुम परमेश्वर में आस्था के पथ पर एक या दो वर्ष से अधिक चले हो, और शायद इन वर्षों में तुमने अपने जीवन में बहुत कठिनाई झेली हो; या शायद तुमने कोई कठिनाई न झेली हो और उसके बजाय तुमने अत्यधिक अनुग्रह प्राप्त किया हो। यह भी हो सकता है कि तुमने
- [अध्याय 79](https://hi.kingdomsalvation.org/seventy-ninth-utterance.html) - अंधे! अज्ञानी! बेकार कचरे के ढेर! तुम मेरी सामान्य मनुष्यता को मेरी पूर्ण दिव्यता से अलग करते हो! क्या तुम लोगों को नहीं लगता कि यह मुझे नाराज करता है? इतना ही नहीं, यह ऐसी चीज़ है, जिसे क्षमा करना कठिन है! व्यावहारिक परमेश्वर आज तुम लोगों के मध्य आया है, फिर भी तुम लोग
- [तुम्हें मसीह के प्रति अनुरूपता का मार्ग खोजना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/you-should-seek-the-way-of-compatibility-with-christ-2.html) - मैं मनुष्यों के मध्य बहुत कार्य कर चुका हूँ और इस दौरान मैंने कई वचन भी व्यक्त किए हैं। ये समस्त वचन मनुष्य के उद्धार के लिए हैं, और इसलिए व्यक्त किए गए थे, ताकि मनुष्य मेरे अनुरूप बन सके। फिर भी, पृथ्वी पर मैंने थोड़े ही लोग पाए हैं, जो मेरे अनुरूप हैं, और
- [अध्याय 78](https://hi.kingdomsalvation.org/seventy-eighth-utterance.html) - मैं पहले कह चुका हूँ कि वह मैं हूँ जो यह कार्य कर रहा है, कोई एक मनुष्य इसे नहीं कर रहा। मेरे साथ हर चीज़ आराम से और खुश है, लेकिन तुम लोगों के साथ बात बहुत अलग है; तुम अपने हर काम में अत्यधिक कठिनाई का सामना करते हो। जिस चीज़ को मैं
- [बुलाए बहुत जाते हैं, पर चुने कुछ ही जाते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/many-are-called-but-few-are-chosen-4.html) - मैंने अपने अनुयायी बनाने के लिए पृथ्वी पर बहुत लोगों की तलाश की है। इन सभी अनुयायियों में वे लोग हैं जो याजकों की तरह सेवा करते हैं, जो अगुआई करते हैं, जो परमेश्वर के पुत्र हैं, जो परमेश्वर के लोग हैं, और जो सेवा करते हैं। वे मेरे प्रति जो निष्ठा दिखाते हैं, उसके
- [अध्याय 77](https://hi.kingdomsalvation.org/seventy-seventh-utterance.html) - मेरे वचनों को लेकर अनिश्चित रहना मेरे कार्यों के प्रति अस्वीकृति का रवैया रखने के समान है। अर्थात्, मेरे वचन मेरे पुत्र के भीतर से प्रवाहित हुए हैं, फिर भी तुम लोग उन्हें महत्व प्रदान नहीं करते। तुम इतने तुच्छ हो! मेरे पुत्र के भीतर से कई वचन प्रवाहित हुए हैं, फिर भी तुम लोग
- [जो मसीह के साथ असंगत हैं वे निश्चित ही परमेश्वर के विरोधी हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/those-incompatible-with-christ-are-surely-opponents-of-god-selections.html) - सभी लोग यीशु का सच्चा रूप देखना चाहते हैं, और सभी उसके साथ रहने की इच्छा करते हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई भाई-बहन यह कहेगा कि वह यीशु को देखना या उसके साथ रहना नहीं चाहता। यीशु को देखने से पहले—देहधारी परमेश्वर को देखने से पहले—तुम लोग तमाम तरह के विचार रखते हो, उदाहरण
- [अध्याय 76](https://hi.kingdomsalvation.org/seventy-sixth-utterance.html) - मेरे सभी कथन मेरे इरादों की अभिव्यक्तियाँ हैं। मेरे बोझों का खयाल कौन रख सकता है? मेरे इरादे कौन समझ सकता है? क्या तुमलोगों ने मेरे हर प्रश्न पर विचार किया है जो मैंने तुम्हारे सामने रखे हैं? ऐसी लापरवाही! तुम मेरी योजनाओं में बाधा डालने की हिम्मत कैसे करते हो? तुम नियंत्रण के परे
- [जब तक तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देखोगे, परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को फिर से बना चुका होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/when-you-behold-the-spiritual-body-of-jesus-will-be-when-god-has-made-anew-heaven-and-earth-2.html) - क्या तुम यीशु को देखना चाहते हो? क्या तुम यीशु के साथ रहना चाहते हो? क्या तुम यीशु के द्वारा कहे गए वचन सुनना चाहते हो? यदि ऐसा है, तो तुम यीशु के लौटने का स्वागत कैसे करोगे? क्या तुम पूरी तरह तैयार हो? किस ढंग से तुम यीशु के लौटने का स्वागत करोगे? मुझे
- [अध्याय 75](https://hi.kingdomsalvation.org/seventy-fifth-utterance.html) - मेरे वचन, जरा-से भी विचलन के बिना, बोले जाते ही पूरे हो जाएँगे। अब से सभी छिपे हुए रहस्य बिल्कुल भी अस्पष्ट या छिपे हुए नहीं रहेंगे, और उन्हें तुम लोगों के सामने प्रकट कर दिया जाएगा—मेरे प्यारे पुत्रो। मैं तुम्हें अपने में और भी बड़े संकेत और चमत्कार, यहाँ तक कि और भी बड़े
- [परमेश्वर और मनुष्य साथ-साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे](https://hi.kingdomsalvation.org/god-and-man-will-enter-into-rest-together-selections.html) - आरंभ में परमेश्वर विश्राम में था। उस समय पृथ्वी पर कोई मनुष्य या अन्य कुछ भी नहीं था और परमेश्वर ने तब तक किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं किया था। उसने अपने प्रबंधन का कार्य केवल तब आरंभ किया, जब मानवता अस्तित्व में आ गई और जब मानवता भ्रष्ट कर दी गई; उस
- [अध्याय 74](https://hi.kingdomsalvation.org/seventy-fourth-utterance.html) - धन्य हैं वे, जिन्होंने मेरे वचन पढ़े हैं और जो यह विश्वास करते हैं कि वे पूरे होंगे। मैं तुम्हारे साथ बिलकुल भी दुर्व्यवहार नहीं करूँगा; जो तुम विश्वास करते हो, उसे तुम्हारे भीतर पूरा करूँगा। ये तुम पर आता हुआ मेरा आशीष है। मेरे वचन हर व्यक्ति के भीतर छिपे रहस्यों पर सटीकता से
- [मनुष्य के सामान्य जीवन को बहाल करना और उसे एक अद्भुत मंजिल पर ले जाना](https://hi.kingdomsalvation.org/restoring-the-normal-life-of-man-and-taking-him-to-a-wonderful-destination-selections.html) - मनुष्य को आज के कार्य और भविष्य के कार्य की कुछ समझ है, किंतु वह यह नहीं समझता कि मानवजाति किस मंजिल में प्रवेश करेगी। एक सृजित प्राणी के रूप में मनुष्य को सृजित प्राणी का कर्तव्य निभाना चाहिए। जो कुछ भी परमेश्वर करता है, उसमें मनुष्य को उसका अनुसरण करना चाहिए; जैसे मैं तुम
- [अध्याय 73](https://hi.kingdomsalvation.org/seventy-third-utterance.html) - मेरे वचन मेरे द्वारा बोले जाते ही पूरे हो जाते हैं; वे कभी नहीं बदलते और पूरी तरह से सही होते हैं। इसे याद रखो! तुम्हें मेरे मुँह से निकले हर वचन और हर वाक्यांश पर ध्यान से विचार करना चाहिए। अतिरिक्त सावधान रहो, कहीं तुम्हें नुकसान न उठाना पड़े और केवल मेरा न्याय, क्रोध
- [स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति समर्पण ही मसीह का सार है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-substance-of-christ-is-obedience-to-the-will-of-the-heavenly-father-selections.html) - देहधारी परमेश्वर मसीह कहलाता है और मसीह परमेश्वर के आत्मा द्वारा धारण की गई देह है। यह देह किसी ऐसे मनुष्य से भिन्न है जो देह का है। यह भिन्नता इसलिए है क्योंकि मसीह दैहिक होने के बजाय आत्मा का देहधारण है। उसके पास सामान्य मानवता भी है और पूर्ण दिव्यता भी है। उसकी दिव्यता
- [अध्याय 72](https://hi.kingdomsalvation.org/seventy-second-utterance.html) - यदि तुम्हें अपने में किसी कमी या कमजोरी का पता चले, तो उससे छुटकारा पाने के लिए तुम्हें फौरन मुझ पर भरोसा करना चाहिए। देर मत करो; वरना पवित्र आत्मा का कार्य तुमसे बहुत दूर हो जाएगा, और तुम बहुत पीछे रह जाओगे। जो कार्य मैंने तुम्हें सौंपा है, वह केवल तुम्हारे लगातार मेरे पास
- [परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का अभ्यास](https://hi.kingdomsalvation.org/god-work-and-man-practice-selections.html) - मनुष्यों के बीच परमेश्वर का कार्य मनुष्य से अलग नहीं किया जा सकता, क्योंकि मनुष्य ही इस कार्य का लक्ष्य और परमेश्वर द्वारा रचा गया एकमात्र ऐसा प्राणी है, जो परमेश्वर की गवाही दे सकता है। मनुष्य का जीवन और उसके समस्त क्रियाकलाप परमेश्वर से अलग नहीं किए जा सकते और वे सब परमेश्वर के
- [अध्याय 71](https://hi.kingdomsalvation.org/seventy-first-utterance.html) - मैंने अपना सब-कुछ तुम लोगों पर प्रकट कर दिया है, फिर भी तुम लोग मेरे वचनों पर अपने हृदय और आत्मा की संपूर्णता से चिंतन क्यों नहीं कर सकते? तुम मेरे वचनों को निरर्थक क्यों समझते हो? क्या मैं जो कहता हूँ, वह गलत है? क्या मेरे वचन तुम्हारे मर्मस्थलों पर चोट करते हैं? तुम
- [परमेश्वर द्वारा धारण किए गए देह का सार](https://hi.kingdomsalvation.org/the-essence-of-the-flesh-inhabited-by-god-selections.html) - अपने पहले देहधारण में परमेश्वर पृथ्वी पर साढ़े तैंतीस साल रहा, उसने उन सालों में से केवल साढ़े तीन साल ही अपनी सेवकाई की। कार्य करने के दौरान और कार्य आरम्भ करने से पहले, इन दोनों अवधियों में, उसके पास सामान्य मानवता थी; वह साढ़े तैंतीस साल तक अपनी सामान्य मानवता में जिया। अंत के
- [5. दो देहधारण पूरा करते हैं देहधारण के मायने](https://hi.kingdomsalvation.org/the-two-incarnations-complete-the-significance-of-becoming-flesh-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : प्रथम देहधारण मनुष्य को पाप से छुटकारा देने के लिए था, उसे यीशु की देह के माध्यम से छुटकारा देने के लिए था, अर्थात् यीशु ने मनुष्य को सलीब से बचाया, किंतु भ्रष्ट शैतानी स्वभाव फिर भी मनुष्य के भीतर रह गया। दूसरा देहधारण अब पापबलि के रूप में कार्य
- [अध्याय 70](https://hi.kingdomsalvation.org/seventieth-utterance.html) - यह पूरी तरह से मेरे अनुग्रह और दया की वजह से ही है कि मेरे रहस्य प्रकट और खुले तौर पर व्यक्त होते हैं, और अब छिपे नहीं हैं। और यही नहीं, मेरे वचन का मनुष्यों के बीच प्रकट होना और उनका छिपा न रहना भी मेरे अनुग्रह और मेरी दया की वजह से ही
- [भ्रष्ट मानवजाति को देहधारी परमेश्वर के उद्धार की ज्यादा आवश्यकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/corrupt-mankind-is-more-in-need-of-the-salvation-of-god-become-flesh-selections.html) - परमेश्वर इसलिए देहधारी हुआ क्योंकि उसके कार्य का लक्ष्य शैतान की आत्मा, या कोई ऐसी चीज नहीं जो देह की न हो, बल्कि मनुष्य है, जो हाड़-माँस का बना है और जिसे शैतान ने भ्रष्ट कर दिया है। चूँकि इंसान की देह को भ्रष्ट कर दिया गया है, इसलिए परमेश्वर ने हाड़-माँस के मनुष्य को
- [4. भ्रष्ट मनुष्यजाति को देहधारी परमेश्वर द्वारा उद्धार की अधिक आवश्यकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/corrupt-mankind-is-more-in-need-of-the-salvation-of-god-become-flesh-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर द्वारा मनुष्य को बचाने का कार्य सीधे आत्मा की पद्धति और आत्मा की पहचान का उपयोग करके नहीं किया जाता, क्योंकि उसके आत्मा को मनुष्य द्वारा न तो छुआ जा सकता है, न देखा जा सकता है और न ही मनुष्य उसके निकट जा सकता है। यदि उसने सीधे
- [अध्याय 69](https://hi.kingdomsalvation.org/sixty-ninth-utterance.html) - जब मेरे इरादे जारी होंगे, तो जो कोई भी विरोध करने की हिम्मत करेगा और जो कोई भी आलोचना या संदेह करने की हिम्मत करेगा, मैं उसका तुरंत सफाया कर दूँगा। आज, जो कोई भी मेरे इरादों के अनुसार कार्य नहीं करता है, या जो भी मेरे इरादों को गलत ढंग से समझता है, उसे
- [परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है](https://hi.kingdomsalvation.org/knowing-the-three-stages-of-gods-work-is-the-path-to-knowing-god.html) - मानवजाति के प्रबंधन का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि मानवजाति को बचाने का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है। इन चरणों में संसार की रचना का कार्य समाविष्ट नहीं है, बल्कि ये व्यवस्था के युग, अनुग्रह के युग और राज्य के युग के कार्य के तीन चरण
- [परमेश्वर के प्रकटन को उसके न्याय और ताड़ना में देखना](https://hi.kingdomsalvation.org/beholding-the-appearance-of-god-in-his-judgment-and-chastisement-5.html) - प्रभु यीशु मसीह के करोड़ों अन्य अनुयायियों के समान हम बाइबल की व्यवस्थाओं और आज्ञाओं का पालन करते हैं, प्रभु यीशु मसीह के विपुल अनुग्रह का आनंद लेते हैं, और प्रभु यीशु मसीह के नाम पर एक-साथ इकट्ठे होते हैं, प्रार्थना, गुणगान और सेवा करते हैं—और यह सब हम प्रभु की देखभाल और सुरक्षा के
- [अध्याय 68](https://hi.kingdomsalvation.org/sixty-eighth-utterance.html) - मेरा वचन हर देश, स्थान, राष्ट्र और संप्रदाय में कार्यान्वित किया जा रहा है और हर कोने में हर समय यह पूरा हो रहा है। हर जगह होने वाली आपदाएँ लोगों के बीच के युद्ध नहीं हैं, न ही वे हथियारों से लड़ी जा रही लड़ाइयाँ हैं। इसके बाद, अब और युद्ध नहीं होंगे। सभी
- [परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/god-work-and-man-work-selections.html) - मनुष्य के कार्य में कितना पवित्र आत्मा का कार्य है और कितना मनुष्य का अनुभव है? यह कहा जा सकता है कि लोग आज भी इन प्रश्नों को नहीं समझते, और इसकी वजह यह है कि लोग पवित्र आत्मा के कार्य के सिद्धांतों को नहीं समझते। जब मैं “मनुष्य का कार्य” की बात करता हूँ,
- [परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-appearance-of-god-has-brought-a-new-age-5.html) - परमेश्वर की छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना समाप्त हो रही है, और राज्य का द्वार उन सभी लोगों के लिए पहले से ही खोल दिया गया है, जो उसका प्रकटन खोजते हैं। प्रिय भाइयो और बहनो, तुम लोग किस चीज़ की प्रतीक्षा कर रहे हो? वह क्या है, जो तुम खोज रहे हो? क्या तुम परमेश्वर के
- [अध्याय 67](https://hi.kingdomsalvation.org/sixty-seventh-utterance.html) - मेरे पुत्र खुले में और सभी लोगों के सामने दिखाई देते हैं। मैं उन लोगों को गंभीर रूप से ताड़ना दूँगा, जो खुले आम उनका अनादर करने का साहस करते हैं; यह निश्चित है। आज, जो लोग उठकर कलीसिया की चरवाही करने में सक्षम हैं, उन्होंने मेरे ज्येष्ठ पुत्र की हैसियत प्राप्त कर ली है,
- [सफलता या विफलता उस पथ पर निर्भर होती है जिस पर व्यक्ति चलता है](https://hi.kingdomsalvation.org/success-or-failure-depends-on-the-path-that-man-walks-selections.html) - अधिकांश लोग अपनी भविष्य की मंज़िल के लिए, या अल्पकालिक आनंद के लिए परमेश्वर में विश्वास करते हैं। उन लोगों की बात करें जो किसी काट-छाँट से नहीं गुजरे हैं, तो वे स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए, पुरस्कार प्राप्त करने के लिए परमेश्वर में विश्वास करते हैं। वे पूर्ण बनाए जाने के लिए या
- [अध्याय 8. विभिन्न प्रकार के लोगों और मनुष्य को की गई परमेश्वर की प्रतिज्ञा के अंत](https://hi.kingdomsalvation.org/believe-in-god-8.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मेरा कार्य केवल छह हज़ार वर्ष तक चलता है और मैंने वादा किया कि समस्त मानवजाति पर उस दुष्ट का नियंत्रण भी छह हजार वर्षों तक ही रहेगा। इसलिए, अब समय पूरा हुआ। मैं अब और न तो जारी रखूँगा और न ही विलंब करूँगा : अंत के दिनों के
- [अध्याय 66](https://hi.kingdomsalvation.org/sixty-sixth-utterance.html) - मेरा कार्य इस चरण तक जारी रहा है और इस समूचे कार्य ने मेरे हाथों की बुद्धिमानी भरी व्यवस्थाओं का अनुसरण किया है, और यह सब मेरी एक बड़ी सफलता भी रहा है। मनुष्य के बीच ऐसा कौन है जो ऐसी कोई चीज कर सकता है? बल्कि इसकी बजाय क्या वे मेरे प्रबंधन में गड़बड़ी
- [परमेश्वर समस्त सृजित प्राणियों का प्रभु है](https://hi.kingdomsalvation.org/god-is-the-lord-of-all-creation-selections.html) - पिछले दो युगों के कार्य का एक चरण इस्राएल में पूरा किया गया, और एक यहूदिया में। सामान्य तौर पर कहा जाए तो, इस कार्य का कोई भी चरण इस्राएल छोड़कर नहीं गया, और प्रत्येक चरण पहले चुने गए लोगों पर किया गया। परिणामस्वरूप, इस्राएली मानते हैं कि यहोवा परमेश्वर केवल इस्राएलियों का परमेश्वर है।
- [7. परमेश्वर पर विश्वास करने वालों को अपने गंतव्य के लिए भले कार्यों से पर्याप्त होकर तैयार होना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/believe-in-god-7.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मेरी दया उन पर अभिव्यक्त होती है, जो मुझसे प्रेम करते हैं और स्वयं को मुक्त करते हैं। इस बीच, कुकर्मियों को मिला दंड निश्चित रूप से मेरे धार्मिक स्वभाव का प्रमाण है, और उससे भी बढ़कर, मेरे क्रोध की गवाही है। जब आपदा आएगी, तो मेरा विरोध करने वाले
- [अध्याय 65](https://hi.kingdomsalvation.org/sixty-fifth-utterance.html) - मेरे वचन हमेशा तुम लोगों की कमजोरियों पर चोट कर रहे हैं, यानी वे तुम लोगों की घातक कमजोरियों की ओर संकेत करते हैं, वरना तुम लोग अभी भी एड़ियाँ घसीट रहे होते, और तुम लोगों को यह अंदाज़ा भी नहीं होता कि अभी क्या समय है। यह जान लो! मैं तुम लोगों को बचाने
- [देहधारी परमेश्वर की सेवकाई और मनुष्य के कर्तव्य के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/the-difference-between-the-ministry-of-the-incarnate-god-and-the-duty-of-man-selections.html) - तुम लोगों को परमेश्वर के कार्य के दर्शनों को जानना और उसके कार्य की समग्र दिशा को समझना होगा। यह सकारात्मक प्रवेश है। एक बार जब तुम दर्शनों के सत्य में सही ढंग से महारत हासिल कर लोगे, तो तुम्हारा प्रवेश सुरक्षित हो जाएगा; चाहे परमेश्वर का कार्य कैसे भी क्यों न बदले, तुम अपने
- [6. पीड़ा का अर्थ और परमेश्वर के विश्वासियों को किस प्रकार की पीड़ा अवश्य सहनी चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/believe-in-god-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : आज अधिकतर लोगों के पास यह ज्ञान नहीं है। वे मानते हैं कि कष्ट सहने का कोई मूल्य नहीं है, कष्ट सहने वाले संसार द्वारा त्याग दिए जाते हैं, उनका पारिवारिक जीवन अशांत रहता है, परमेश्वर उन्हें मनभावक नहीं पाता और उनकी संभावनाएँ धूमिल होती हैं। कुछ लोग एक निश्चित
- [जो परमेश्वर को और उसके कार्य को जानते हैं, केवल वे ही परमेश्वर को संतुष्ट कर सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/only-those-who-know-god-and-his-work-can-satisfy-god-selections.html) - देहधारी परमेश्वर के कार्य में दो भाग शामिल हैं। जब वह पहली बार देह बना, तो लोगों ने उस पर विश्वास नहीं किया या उसे नहीं पहचाना, और उन्होंने यीशु को सलीब पर चढ़ा दिया। फिर, जब वह दूसरी बार देह बना, तो लोगों ने फिर भी उस पर विश्वास नहीं किया, और पहचाना तो
- [अध्याय 64](https://hi.kingdomsalvation.org/sixty-fourth-utterance.html) - तुम्हें मेरे वचनों को विकृत तरीके से नहीं समझना चाहिए; तुम्हें उन्हें सभी पहलुओं से समझना चाहिए, और उन्हें और ज्यादा गहराई से समझने के लिए उन पर बार-बार विचार करने की कोशिश करनी चाहिए, सिर्फ एक दिन या एक रात के लिए नहीं। तुम नहीं जानते कि मेरे इरादे कहाँ निहित हैं या मैंने
- [5. परमेश्वर पर विश्वास केवल शान्ति और आशीषों को खोजने के लिए ही नहीं होना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/believe-in-god-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मनुष्य ने जब पहली बार परमेश्वर पर विश्वास करना शुरू किया था, तब से उसने क्या पाया है? तुमने परमेश्वर के बारे में क्या जाना है? परमेश्वर पर अपने विश्वास के कारण तुम कितने बदले हो? आज, तुम सभी लोग यह जानते हो कि परमेश्वर में मनुष्य का विश्वास सिर्फ
- [अध्याय 63](https://hi.kingdomsalvation.org/sixty-third-utterance.html) - तुम्हें अपनी स्वयं की स्थिति समझनी चाहिए, और इससे भी अधिक, तुम्हें जिस मार्ग पर चलने की आवश्यकता है, उसके बारे में स्पष्ट होना चाहिए; मेरे लिए अब और प्रतीक्षा न करो कि मैं तुम्हारे कान खींचूँ और तुम्हें चीज़ें दिखाऊँ। मैं परमेश्वर हूँ, जो मनुष्य के अंतरतम हृदय को ध्यान से देखता है, और
- [जिन लोगों ने परमेश्वर को अपनी ही धारणाओं में सीमित कर दिया है, वे किस प्रकार उसके प्रकाशनों को प्राप्त कर सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/how-can-man-who-has-defined-god-in-his-conceptions-receive-the-revelations-of-god.html) - परमेश्वर का कार्य निरंतर आगे बढ़ता रहता है और यद्यपि उसके कार्य का प्रयोजन नहीं बदलता, फिर भी जिन तरीकों से वह कार्य करता है वे निरंतर बदलते रहते हैं; इसलिए जो लोग परमेश्वर का अनुसरण करते हैं, वे भी निरंतर बदलते रहते हैं। परमेश्वर जितना अधिक कार्य करता है, परमेश्वर के बारे में मनुष्य
- [4. पवित्र शिष्टता जो परमेश्वर के विश्वासियों को धारण करनी चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/believe-in-god-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : सामान्य मानवता में कौन-से पहलू शामिल हैं? अंतर्दृष्टि, समझ, विवेक और चरित्र। अगर तुम इनमें से हर पहलू में सामान्यता हासिल कर सको, तो तुम्हारी मानवता मानक के अनुरूप हो जाएगी। तुम्हें एक सामान्य इंसान के समान होना चाहिए, तुम्हें परमेश्वर का विश्वासी लगना चाहिए। तुम्हें बहुत अधिक हासिल नहीं
- [अध्याय 62](https://hi.kingdomsalvation.org/sixty-second-utterance.html) - मेरे इरादे समझना केवल इसलिए आवश्यक नहीं कि तुम उन्हें जान सको, बल्कि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि तुम मेरी आकांक्षाओं के अनुसार कार्य कर सको। लोग बस मेरे दिल को नहीं समझते। जब मैं कहता हूँ कि यह पूर्व दिशा है, तो वे उसका विवेचन किए बिना नहीं रह सकते, और वे सोचते हैं,
- [तुम्हें रुतबे के आशीष को परे रखना चाहिए और मनुष्य का उद्धार लाने का परमेश्वर का इरादा समझना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/put-aside-blessings-of-status-understand-God-s-will-to-save-man-judgment.html) - मानवीय दृष्टिकोण से, मोआब के वंशजों को पूर्ण किया जाना संभव नहीं है, न ही वे पूर्ण किए जाने के योग्य हैं। दूसरी ओर, दाऊद के बच्चों को लेकर निश्चित रूप से आशा है और उन्हें यकीनन पूर्ण किया जा सकता है। यदि कोई मोआब का वंशज है, तो उसे पूर्ण नहीं किया जा सकता।
- [3. परमेश्वर पर विश्वास में, तुम्हें परमेश्वर के साथ सामान्य सम्बन्ध स्थापित करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/believe-in-god-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर में विश्वास करने में, तुम्हें कम से कम परमेश्वर के साथ एक सामान्य संबंध रखने के मुद्दे का समाधान करना आवश्यक है। यदि परमेश्वर के साथ तुम्हारा सामान्य संबंध नहीं है, तो परमेश्वर में तुम्हारे विश्वास का अर्थ खो जाता है। परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध स्थापित करना परमेश्वर
- [अध्याय 61](https://hi.kingdomsalvation.org/sixty-first-utterance.html) - जब तुम अपनी स्थिति के प्रति जागरूक होते हो, तब तुम मेरे इरादों पर खरे उतर सकते हो। वास्तव में, मेरे इरादों को समझना मुश्किल नहीं है, बात केवल इतनी-सी है कि अतीत में तुमने कभी भी मेरी आकांक्षाओं के अनुसार प्रयास नहीं किया। मुझे लोगों की धारणाएँ या विचार नहीं चाहिए, मुझे तुम्हारा धन
- [पदवियों और पहचान के संबंध में](https://hi.kingdomsalvation.org/concerning-appellations-and-identity-selections.html) - यदि तुम परमेश्वर द्वारा उपयोग के लिए उपयुक्त होने की कामना करते हो तो तुम्हें परमेश्वर के कार्य के बारे में अवश्य जानना चाहिए, तुम्हें उस कार्य को अवश्य जानना चाहिए जो उसने पहले किया था (नए और पुराने नियमों में); और इससे भी अधिक, तुम्हें उसके वर्तमान कार्य को अवश्य जानना चाहिए जिसका तात्पर्य
- [2. सच्चे मार्ग की खोज में तुम्हारे पास यह विवेक होना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/believe-in-god-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर और मनुष्य के बारे में बराबरी पर बात नहीं की जा सकती। परमेश्वर का सार और कार्य मनुष्य के लिए सर्वाधिक अथाह और समझ से परे है। यदि परमेश्वर मानवजाति के बीच व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य न करे और अपने वचन न कहे तो चाहे कुछ भी हो
- [अध्याय 60](https://hi.kingdomsalvation.org/sixtieth-utterance.html) - जीवन का विकास कोई आसान बात नहीं है; इसके लिए एक प्रक्रिया की आवश्यकता होती है, और इससे भी अधिक, ज़रूरी यह है कि तुम लोग इसकी कीमत चुका सको और पूरी सहमति के साथ मेरा सहयोग करो, और तब तुम्हें मेरी प्रशंसा प्राप्त होगी। मेरे वचनों से आकाश और पृथ्वी एवं सभी चीज़ें स्थापित
- [तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई](https://hi.kingdomsalvation.org/you-should-know-how-the-whole-of-humanity-has-developed-to-the-present-day-selections.html) - भिन्न-भिन्न युगों के आने-जाने के साथ छह हज़ार वर्षों के दौरान किए गए कार्य की समग्रता धीरे-धीरे बदलती गई है। इस कार्य में आए बदलाव समस्त संसार की परिस्थितियों और एक इकाई के तौर पर मानवजाति की विकासात्मक प्रवृत्ति पर आधारित रहे हैं। परमेश्वर का प्रबंधन का कार्य इसके अनुसार केवल धीरे-धीरे बदला है। सृष्टि
- [1. परमेश्वर पर अपने विश्वास में नए कार्य के प्रति लोगों के विरोध का स्रोत जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/believe-in-god-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मनुष्य द्वारा परमेश्वर के प्रतिरोध का कारण, एक ओर तो मनुष्य का स्वभाव भ्रष्ट है, दूसरी ओर, परमेश्वर के प्रति अज्ञानता, उन सिद्धांतों की जिनसे परमेश्वर कार्य करता है और मनुष्य के लिए उसके इरादों की समझ की कमी है। ये दोनों पहलू मिलकर परमेश्वर के प्रति मनुष्य के प्रतिरोध
- [छुटकारे के युग के कार्य की वास्तविक कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/the-truth-concerning-the-work-in-the-age-of-redemption-selections.html) - मेरी संपूर्ण प्रबंधन योजना, छह-हजार-वर्षीय प्रबंधन योजना, के तीन चरण या तीन युग हैं : आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों का राज्य का युग। इन तीनों युगों में मेरे कार्य की विषयवस्तु प्रत्येक युग के अनुसार अलग-अलग है, परंतु प्रत्येक चरण में
- [अध्याय 59](https://hi.kingdomsalvation.org/fifty-ninth-utterance.html) - अपने सामने आने वाले परिवेशों में मेरे इरादे अधिक खोजो, तुम्हें निश्चित रूप से मेरी स्वीकृति प्राप्त होगी। अगर तुम खोजने के लिए तैयार हो और तुम्हारा हृदय मेरा भय मानता है, तो मैं तुम्हें वे सब चीजें दूँगा, जिनकी तुम्हारे पास कमी है। कलीसिया अब एक औपचारिक प्रशिक्षण में प्रवेश कर रही है, और
- [7. बाहरी अच्छे कर्मों और स्वभाव में परिवर्तनों के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/belief-in-god-7.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : स्वभाव में रूपांतरण मुख्य रूप से एक व्यक्ति की प्रकृति में रूपांतरण को संदर्भित करता है। किसी व्यक्ति की प्रकृति की चीजों को बाहरी व्यवहारों से नहीं महसूस किया जा सकता। उनका सीधा संबंध लोगों के अस्तित्व की कीमत और महत्व से, जीवन के बारे में उनके दृष्टिकोण और उनके
- [अध्याय 58](https://hi.kingdomsalvation.org/fifty-eighth-utterance.html) - मेरा इरादे समझने के बाद तुम मेरे दायित्व के प्रति विचारशील होने में सक्षम हो जाओगे, और तब तुम रोशनी और प्रकाशन प्राप्त कर सकते हो, और मुक्ति और स्वतंत्रता हासिल कर सकते हो। यह मुझे संतुष्ट करेगा और तुम्हारे लिए मेरी इच्छा कार्यान्वित करवाएगा, सभी संतों के लिए आत्मिक उन्नति लाएगा, और पृथ्वी पर
- [व्यवस्था के युग का कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/the-work-in-the-age-of-law-selections.html) - यहोवा ने जो कार्य इस्राएलियों पर किया, उसने मानव-जाति के बीच पृथ्वी पर परमेश्वर के मूल स्थान को स्थापित किया, जो कि ऐसा पवित्र स्थान भी था जहाँ वह उपस्थित रहता था। उसने अपने कार्य को इस्राएल के लोगों तक ही सीमित रखा। आरंभ में उसने इस्राएल के बाहर कार्य नहीं किया, बल्कि उसने अपने
- [6. सच्चे और झूठे अगुवों और सच्चे और झूठे चरवाहों के बीच विभेदन](https://hi.kingdomsalvation.org/belief-in-god-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : योग्य कर्मी का कार्य लोगों को सही मार्ग पर लाकर उन्हें सत्य में बेहतर प्रवेश प्रदान कर सकता है। उसका कार्य लोगों को परमेश्वर के सम्मुख ला सकता है। इसके अतिरिक्त, जो कार्य वह करता है, वह भिन्न-भिन्न व्यक्तियों के लिए भिन्न-भिन्न हो सकता है, और वह नियमों से बँधा
- [अध्याय 57](https://hi.kingdomsalvation.org/fifty-seventh-utterance.html) - क्या तुमने अपनी प्रत्येक सोच और विचार और अपने हर कार्य की जांच की है? क्या तुम स्पष्ट हो कि इनमें से कौन-से मेरे इरादों के अनुसार हैं और कौन-से नहीं हैं? तुम्हारे पास यह अंतर समझने की किंचित भी क्षमता नहीं है! तुम मेरे पास क्यों नहीं आए हो? क्या इसलिए कि मैं तुम्हें
- [सुसमाचार को फैलाने का कार्य मनुष्य को बचाने का कार्य भी है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-work-of-spreading-the-gospel-is-also-the-work-of-saving-man-selections.html) - सभी लोगों को पृथ्वी पर मेरे कार्य के प्रयोजन को समझने की आवश्यकता है, अर्थात् मैं अंततः क्या प्राप्त करने का इरादा रखता हूँ, और इस कार्य को पूरा करने से पहले मुझे इसमें कौन-सा स्तर प्राप्त कर लेना चाहिए। यदि आज तक मेरे साथ चलते रहने के बाद भी लोग यह नहीं समझते कि
- [5. परमेश्वर का अनुसरण करने और लोगों का अनुसरण करने में अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/belief-in-god-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर का अनुसरण करने में प्रमुख महत्व इस बात का है कि हर चीज आज परमेश्वर के वचनों के अनुसार होनी चाहिए : चाहे तुम जीवन प्रवेश का अनुसरण कर रहे हो या परमेश्वर के इरादों को पूरा कर रहे हो, सब कुछ आज परमेश्वर के वचनों के आसपास ही
- [अध्याय 56](https://hi.kingdomsalvation.org/fifty-sixth-utterance.html) - मैंने उन लोगों को सज़ा देने का कार्य शुरू कर दिया है, जो बुराई करते हैं और जो शक्ति का प्रयोग करते हैं और जो परमेश्वर के पुत्रों पर अत्याचार करते हैं। अब से, मेरे प्रशासनिक नियमों का हाथ हमेशा उनके ऊपर होगा, जो अपने दिल में मेरा विरोध करते हैं। इसे जान लो! यह
- [उद्धारकर्ता पहले ही एक “सफेद बादल” पर सवार होकर वापस आ चुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-savior-has-already-returned-upon-a-white-cloud-selections.html) - कई सहस्राब्दियों से मनुष्य ने उद्धारकर्ता के आगमन को देखने की लालसा की है। मनुष्य उद्धारकर्ता यीशु को एक सफेद बादल पर सवार होकर व्यक्तिगत रूप से उन लोगों के बीच उतरते देखने के लिए तरसा है, जो हज़ारों सालों से उसके लिए लालायित रहे हैं और उसकी आशा की है। मनुष्य ने यह भी
- [4. सच्चे और झूठे मार्गों में, तथा सच्ची और झूठी कलीसियाओं में विभेदन](https://hi.kingdomsalvation.org/belief-in-god-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : सच्चे मार्ग की खोज करने में सबसे बुनियादी सिद्धांत क्या है? तुम्हें देखना होगा कि इस मार्ग में पवित्र आत्मा का कार्य है या नहीं, ये वचन सत्य की अभिव्यक्ति हैं या नहीं, किसके लिए गवाही देनी है, और यह तुम्हारे लिए क्या ला सकता है। सच्चे मार्ग और झूठे
- [अध्याय 55](https://hi.kingdomsalvation.org/fifty-fifth-utterance.html) - तथाकथित सामान्य मानवता उतनी अलौकिक नहीं होती, जितनी लोग कल्पना करते हैं। बल्कि वह सभी लोगों, घटनाओं और चीजों की बाध्यताओं, और व्यक्ति के परिवेश से उत्पन्न होने वाले उत्पीड़नों से ऊपर उठ सकती है। वह किसी भी जगह और किसी भी परिस्थिति में मेरे करीब आने और मेरे साथ संवाद करने में सक्षम है।
- [कोई भी जो देह में है, कोप के दिन से नहीं बच सकता](https://hi.kingdomsalvation.org/none-who-are-of-the-flesh-can-escape-the-day-of-wrath-selections.html) - आज, मैं तुम लोगों को तुम्हारे ही अस्तित्व के लिए इस प्रकार धिक्कारता हूँ, ताकि मेरा कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़े और पूरे ब्रह्मांड में मेरा उद्घाटन कार्य अधिक उचित और उत्तम ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। मैं सभी देशों और राष्ट्रों के लोगों के लिए अपने वचनों, अधिकार, प्रताप और न्याय को
- [3. सच्चे मसीह और झूठे मसीहों के बीच विभेदन](https://hi.kingdomsalvation.org/belief-in-god-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : देहधारी हुए परमेश्वर को मसीह कहा जाता है, और इसलिए उस मसीह को जो लोगों को सत्य दे सकता है, परमेश्वर कहना थोड़ी-भी अतिशयोक्ति नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उसमें परमेश्वर का सार होता है, और उसमें परमेश्वर का स्वभाव और परमेश्वर के कार्य की बुद्धि होती है, जो
- [अध्याय 54](https://hi.kingdomsalvation.org/fifty-fourth-utterance.html) - मैं प्रत्येक कलीसिया की स्थिति अपने हाथ की रेखाओं की तरह जानता हूँ। ऐसा मत सोचना कि मैं नहीं समझता या उनके बारे में स्पष्ट नहीं हूँ। जहाँ तक कलीसियाओं के विभिन्न लोगों की बात है, मैं उन्हें और भी स्पष्ट रूप से समझता और जानता हूँ। अब तुम्हें प्रशिक्षित करने का मेरा तात्कालिक इरादा
- [जब झड़ते हुए पत्ते अपनी जड़ों की ओर लौटेंगे, तो तुम्हें अपनी की हुई सभी बुराइयों पर पछतावा होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/you-will-regret-all-the-evil-you-have-done-judgment.html) - तुम सभी लोगों ने अपनी आँखों से उस कार्य को देखा है जो मैंने तुम लोगों के बीच किया है, तुम लोगों ने स्वयं उन वचनों को सुना है जो मैंने बोले हैं और तुम लोगों ने अपने प्रति मेरे रवैये को जाना है, इसलिए तुम लोगों को पता होना चाहिए कि मैं तुम लोगों
- [2. पवित्र आत्मा के और दुष्ट आत्माओं के कार्य के बीच विभेदन](https://hi.kingdomsalvation.org/belief-in-god-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर अपने कार्य को दोहराता नहीं है, वह ऐसा कार्य नहीं करता जो वास्तविक न हो, वह मनुष्य से अत्यधिक अपेक्षाएँ नहीं रखता, और वह ऐसा कार्य नहीं करता जो मनुष्यों की समझ से परे हो। वह जो भी कार्य करता है, वह सब मनुष्य की सामान्य समझ के दायरे
- [अध्याय 53](https://hi.kingdomsalvation.org/fifty-third-utterance.html) - मैं ही आदि हूँ, और मैं ही अंत हूँ। मैं ही पुनर्जीवित और संपूर्ण एकमात्र सच्चा परमेश्वर हूँ। मैं तुम लोगों के सामने अपने वचन बोलता हूँ और जो मैं कहता हूँ, तुम लोगों को उस पर दृढ़ता से विश्वास करना चाहिए। स्वर्ग और पृथ्वी टल सकते हैं, लेकिन मैं जो कहता हूँ, उसका एक
- [तुम आस्था के बारे में क्या जानते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/what-do-you-know-of-faith-selections.html) - मनुष्य में केवल उपस्थित प्रतीत होने वाला और अनुपस्थित प्रतीत होने वाला “आस्था” शब्द होता है, फिर भी वह यह नहीं जानता कि वास्तव में आस्था क्या होती है, मनुष्य यह तो बिल्कुल भी नहीं जानता कि उसमें आस्था क्यों होनी चाहिए। मनुष्य बहुत कम जानता है और मनुष्य में बहुत सारी कमियाँ हैं; मुझमें
- [1. परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के कार्य के बीच विभेदन](https://hi.kingdomsalvation.org/belief-in-god-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : स्वयं परमेश्वर के कार्य में संपूर्ण मनुष्यजाति का कार्य समाविष्ट है, और यह संपूर्ण युग के कार्य का भी प्रतिनिधित्व करता है, कहने का तात्पर्य है कि परमेश्वर का अपना कार्य पवित्र आत्मा के सभी कार्य की गतिक और रुझान का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि प्रेरितों का कार्य परमेश्वर के
- [अध्याय 52](https://hi.kingdomsalvation.org/fifty-second-utterance.html) - मैं धार्मिकता के सूर्य के रूप में उभरता हूँ, तथा तुम सब और मैं मिलकर महिमा प्राप्त करते हैं और सदा-सदा के लिए शुभ आशीषों का आनंद उठाते हैं! यह पूर्णतः एक अकाट्य तथ्य है और यह तुम सभी में पहले ही साकार होने लगा है। इसका कारण यह है कि मैंने जो भी वादे
- [एक वास्तविक व्यक्ति होने का क्या अर्थ है](https://hi.kingdomsalvation.org/what-a-real-man-means-selections.html) - मनुष्य का प्रबंधन करना हमेशा मेरा कर्तव्य रहा है। इसके अतिरिक्त, मनुष्य पर विजय मैंने तब नियत की थी, जब मैंने संसार की रचना की थी। शायद लोग न जानते हों कि अंत के दिनों में मैं मनुष्य को पूरी तरह से जीत लूँगा, या कि मानवजाति के बीच से विद्रोही लोगों को जीत लेना
- [3. देहधारी परमेश्वर के कार्य और पवित्रात्मा के कार्य के बीच का अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/about-the-incarnation-of-god-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर द्वारा मनुष्य को बचाने का कार्य सीधे आत्मा की पद्धति और आत्मा की पहचान का उपयोग करके नहीं किया जाता, क्योंकि उसके आत्मा को मनुष्य द्वारा न तो छुआ जा सकता है, न देखा जा सकता है और न ही मनुष्य उसके निकट जा सकता है। यदि उसने सीधे
- [अध्याय 51](https://hi.kingdomsalvation.org/fifty-first-utterance.html) - हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर! आमीन! तुझमें सब मुक्त है, सब स्वतंत्र है, सब खुला है, सब प्रकट है, सब उज्ज्वल है, जरा भी छिपा हुआ या गुप्त नहीं है। तू देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर है। तूने राजा की तरह राज किया है। तू खुले तौर पर प्रकट हो गया है—अब तू कोई रहस्य नहीं है, बल्कि सदा-सर्वदा
- [परमेश्वर के बारे में तुम्हारी समझ क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/when-it-comes-to-god-what-is-your-understanding-selections.html) - लोगों ने लंबे समय से परमेश्वर में विश्वास किया है, फिर भी उनमें से ज्यादातर को इस बात की समझ नहीं है कि “परमेश्वर” शब्द का अर्थ क्या है, वे बस घबराहट में अनुसरण करते हैं। उन्हें नहीं पता कि वास्तव में मनुष्य को परमेश्वर में विश्वास क्यों करना चाहिए, या परमेश्वर क्या है। अगर
- [2. परमेश्वर के देह बनने क महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/about-the-incarnation-of-god-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : यह देह इंसान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि वह इंसान है और उससे भी बढ़कर वह परमेश्वर है, क्योंकि वह उस कार्य को कर सकता है जिसे हाड़-माँस का कोई सामान्य इंसान नहीं कर सकता, क्योंकि वह भ्रष्ट इंसान को बचा सकता है, जो पृथ्वी पर उसके साथ
- [अध्याय 50](https://hi.kingdomsalvation.org/fiftieth-utterance.html) - सभी कलीसियाओं और सभी संतों को अतीत के बारे में सोचना चाहिए और इसके साथ ही, भविष्य की ओर भी देखना चाहिए : तुम्हारे पिछले कार्यों में से कितने योग्य हैं, और उनमें से कितने राज्य के निर्माण में भागीदार रहे हैं? अपने-आपको होशियार न समझो! तुम्हें अपनी कमियों को स्पष्ट रूप से देखना चाहिए
- [आशीषों से तुम लोग क्या समझते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/what-is-your-understanding-of-blessings-judgment.html) - यद्यपि इस युग में जन्मे लोग शैतान और कलुषित आत्माओं द्वारा भ्रष्ट कर दिए गए हैं, इसी भ्रष्टता के कारण उन्होंने महानतम उद्धार भी प्राप्त किया है, ऐसा उद्धार जो अय्यूब द्वारा पाए गए प्रचुर पशु-धन और विशाल संपत्ति से भी बड़ा है, और उस आशीष से भी बड़ा जो अय्यूब को अपने परीक्षणों के
- [1. देहधारण क्या है? देहधारण का सार क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/about-the-incarnation-of-god-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : “देहधारण” परमेश्वर का देह में प्रकट होना है; परमेश्वर सृष्टि के मनुष्यों के मध्य देह की छवि में कार्य करता है। चूँकि वह परमेश्वर का देहधारण है, तो उसे सबसे पहले देह बनना होगा, सामान्य मानवता वाली देह; यह सबसे मौलिक पूर्वापेक्षा है। वास्तव में, परमेश्वर के देहधारण का निहितार्थ
- [अध्याय 49](https://hi.kingdomsalvation.org/forty-ninth-utterance.html) - समन्वय के साथ सेवा करने के लिए व्यक्ति को सही ढंग से, ऊर्जा के साथ और सजीवता से समन्वय करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, व्यक्ति में जीवन-शक्ति और जोश होना चाहिए, और उसे आत्मविश्वास से लबालब भरा होना चाहिए, ताकि दूसरे जब देखें तो उन्हें पोषण मिले और वे परिपूर्ण हों। मेरी सेवा करने के लिए,
- [तुझे अपने भविष्य के मिशन से कैसे पेश आना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/how-should-you-attend-to-your-future-mission-selections.html) - क्या तू हर युग में परमेश्वर द्वारा व्यक्त स्वभाव को ठोस ढंग से ऐसी भाषा में बता सकता है जो उपयुक्त हो और जो उस युग की सार्थकता रखती हो? क्या तू, जो अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य को अनुभव करता है, परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव का विस्तार से वर्णन कर सकता है?
- [5. बचाए जाने एवं सिद्ध बनाए जाने के लिए तुम्हें परमेश्वर पर किस प्रकार विश्वास करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/be-saved-and-perfected-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : सटीक रूप से, अपने विश्वास में पतरस के मार्ग को अपनाने का अर्थ है, सत्य को खोजने के मार्ग पर चलना, जो वास्तव में स्वयं को जानने और अपने स्वभाव को बदलने का मार्ग भी है। केवल पतरस के मार्ग पर चलने के द्वारा ही कोई परमेश्वर के द्वारा पूर्ण
- [अध्याय 48](https://hi.kingdomsalvation.org/forty-eighth-utterance.html) - मैं चिंतित हूँ, लेकिन तुम लोगों में से कितने मेरे साथ एक मन और एक सोच के होने में सक्षम हैं? तुम मेरे वचनों पर कोई ध्यान ही नहीं देते, उनकी पूरी तरह से अवहेलना करते हो और उन पर ध्यान केंद्रित करने में विफल रहते हो, बल्कि केवल अपनी सतही चीजों पर ही ध्यान
- [विजय के कार्य की वास्तविक कहानी (4)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-inside-truth-of-the-work-of-conquest-4-judgment.html) - पूर्ण बनाए जाने का क्या अर्थ है? जीत लिए जाने का क्या अर्थ है? जीत लिए जाने हेतु लोगों को किन मानदंडों पर खरा उतरना अनिवार्य है? और पूर्ण बनाए जाने के लिए उन्हें किन मानदंडों पर खरा उतरना अनिवार्य है? जीत लिया जाना और पूर्ण किया जाना दोनों मनुष्य को पूर्ण करने के लिए
- [4. परमेश्वर के परीक्षणों और शुद्धिकरण के कार्य का महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/the-significance-of-gods-work-of-trials-and-refinement.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : लोगों की कौन-सी आंतरिक स्थिति परीक्षणों का लक्ष्य है? उनका लक्ष्य लोगों का विद्रोही स्वभाव है, जो परमेश्वर को संतुष्ट करने में अक्षम है। लोगों के भीतर बहुत-कुछ अशुद्ध है, और बहुत-कुछ पाखंडपूर्ण है, और इसलिए परमेश्वर लोगों को शुद्ध बनाने के लिए उन्हें परीक्षणों का भागी बनाता है। ...
- [अध्याय 47](https://hi.kingdomsalvation.org/forty-seventh-utterance.html) - धार्मिकता के सर्वशक्तिमान परमेश्वर—सर्वशक्तिमान! तुझसे बिलकुल कुछ भी छिपा या छिपाया हुआ नहीं है। अनादिकाल से अनंतकाल तक का प्रत्येक रहस्य, जिसे मनुष्यों द्वारा कभी अनावृत नहीं किया गया है, वह तेरे सामने प्रकट और पूरी तरह से स्पष्ट है। हमें अब और तलाशने और टोहने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आज तेरा व्यक्तित्व हमारे
- [विजय के कार्य की वास्तविक कहानी (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-inside-truth-of-the-work-of-conquest-3-judgment.html) - विजय के कार्य का अभीष्ट परिणाम मुख्य रूप से यह है कि मनुष्य की देह को विद्रोह से रोका जाए, अर्थात मनुष्य का मस्तिष्क परमेश्वर की नई समझ हासिल करे, उसका दिल पूरी तरह से परमेश्वर के प्रति समर्पण करे और वह ऐसे संकल्प करे जो परमेश्वर की खातिर हों। जब लोगों के व्यक्तित्व या
- [3. परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के कार्य का महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/the-significance-of-gods-doing-the-work-of-judgment-and-chastisement.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : अंत के दिनों का कार्य सभी को उनके स्वभाव के आधार पर छाँटना और परमेश्वर की प्रबंधन योजना का समापन करना है, क्योंकि समय निकट है और परमेश्वर का दिन आ गया है। परमेश्वर उन सभी को, जो उसके राज्य में प्रवेश करते हैं—उन सभी को जो अंत तक उसके
- [अध्याय 46](https://hi.kingdomsalvation.org/forty-sixth-utterance.html) - जो कोई ईमानदारी से खुद को मेरे लिए खपाता और अर्पित करता है, मैं निश्चित रूप से तुम्हें बिलकुल अंत तक सुरक्षित रखूँगा; मेरा हाथ निश्चित रूप से तुम्हें थामे रहेगा ताकि तुम हमेशा शांति से और हमेशा खुश रहो, और हर दिन तुम्हारे पास मेरा प्रकाश और प्रकटीकरण हो। मैं निश्चित रूप से अपने
- [विजय के कार्य की वास्तविक कहानी (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-inside-truth-of-the-work-of-conquest-1-judgment.html) - मनुष्यजाति, जो शैतान के द्वारा अत्यधिक भ्रष्ट कर दी गई है, नहीं जानती कि एक परमेश्वर भी है और इसने परमेश्वर की आराधना करनी बंद कर दी है। आरम्भ में, जब आदम और हव्वा को रचा गया था, तो यहोवा की महिमा और गवाही सर्वदा उपस्थित थी। परन्तु भ्रष्ट होने के पश्चात, मनुष्य ने उस
- [2. परमेश्वर के विजय के कार्य का महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/the-significance-of-gods-doing-the-conquering-work.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मनुष्यजाति, जो शैतान के द्वारा अत्यधिक भ्रष्ट कर दी गई है, नहीं जानती कि एक परमेश्वर भी है और इसने परमेश्वर की आराधना करनी बंद कर दी है। आरम्भ में, जब आदम और हव्वा को रचा गया था, तो यहोवा की महिमा और गवाही सर्वदा उपस्थित थी। परन्तु भ्रष्ट होने
- [अध्याय 45](https://hi.kingdomsalvation.org/forty-fifth-utterance.html) - तुम सार्वजनिक रूप से अपने भाइयों और बहनों की आलोचना करते हो, मानो यह कोई बात ही न हो। तुम वास्तव में भले-बुरे का भेद नहीं जानते; तुम शर्मिंदगी नहीं जानते! क्या यह व्यवहार बहुत ही धृष्ट और मनमाना नहीं है? तुम लोगों में से प्रत्येक उलझन में है और उसका दिल भारी है; तुम
- [क्या त्रित्व का अस्तित्व है?](https://hi.kingdomsalvation.org/does-the-trinity-exist-selections.html) - यीशु के देहधारी होने का सत्य अस्तित्व में आने के बाद, मनुष्य ने विश्वास कर लिया कि स्वर्ग में न केवल पिता है, बल्कि पुत्र भी है और यहां तक कि आत्मा भी है। यह पारंपरिक धारणा है, जिसे मनुष्य धारण किए है कि इस तरह का एक परमेश्वर स्वर्ग में है : एक त्रयात्मक
- [1. परमेश्वर के वचनों के कार्य का महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/the-significance-of-gods-doing-the-work-of-the-word.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : राज्य के युग में परमेश्वर नए युग की शुरुआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने और संपूर्ण युग के लिए काम करने के लिए वचनों का उपयोग करता है। यही वह सिद्धांत है जिसके द्वारा परमेश्वर वचन के युग में कार्य करता है। वह देहधारी हुआ है और विभिन्न दृष्टिकोणों
- [अध्याय 44](https://hi.kingdomsalvation.org/forty-fourth-utterance.html) - मैं धार्मिक हूँ, मैं विश्वसनीय हूँ, और मैं वो परमेश्वर हूँ जो मनुष्यों के अंतरतम हृदय की पड़ताल करता है! मैं एक क्षण में इसे प्रकट कर दूँगा कि कौन असली और कौन झूठा है। घबराओ मत; सभी चीजें मेरे समय के अनुसार काम करती हैं। कौन मुझे सच्चे दिल से चाहता है और कौन
- [दो देहधारण पूरा करते हैं देहधारण के मायने](https://hi.kingdomsalvation.org/the-two-incarnations-complete-the-significance-of-the-incarnation-selections.html) - परमेश्वर द्वारा किए गए कार्य के प्रत्येक चरण के अपने व्यावहारिक मायने हैं। जब यीशु का आगमन हुआ, तो वह पुरुष रूप में आया, लेकिन इस बार के आगमन में परमेश्वर, स्त्री रूप में आता है। इससे तुम देख सकते हो कि परमेश्वर द्वारा पुरुष और स्त्री, दोनों का ही सृजन उसके कार्य के काम
- [5. ऐसा क्यों कहा जाता है कि परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है?](https://hi.kingdomsalvation.org/chapter-three-one-must-know-the-truths-concerning-gods-three-stages-of-works.html) - परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है (परमेश्वर के वचनों का चुनिंदा अध्याय) मानवजाति के प्रबंधन का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि मानवजाति को बचाने का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है। इन चरणों में संसार की रचना का
- [अध्याय 43](https://hi.kingdomsalvation.org/forty-third-utterance.html) - क्या मैंने तुम्हें याद नहीं दिलाया है? आशंकित मत हो; तुम मेरी बात सुनते ही नहीं, ऐसे विचारहीन लोग हो तुम! तुम कब मेरे दिल को समझने में सक्षम होगे? हर दिन एक नई प्रबुद्धता होती है, और हर दिन नई रोशनी होती है। तुम लोगों ने कितनी बार इसे अपने लिए समझा है? क्या
- [देहधारण का रहस्य (4)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-mystery-of-the-incarnation-4-judgment.html) - तुम लोगों को बाइबल के पीछे की सच्ची कहानी और उसके बनने के बारे में जानना चाहिए। यह ज्ञान उन लोगों से संबंध नहीं रखता, जिन्होंने परमेश्वर के नए कार्य को स्वीकार नहीं किया है। वे इसे नहीं जानते। अगर तुम उन्हें सार के ये मामले स्पष्ट रूप से समझा दो, तो वे तुम्हारे सामने
- [4. परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों में से प्रत्येक के बीच सम्बन्ध](https://hi.kingdomsalvation.org/the-relationship-between-gods-three-stages-of-works.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : यहोवा के कार्य से लेकर यीशु के कार्य तक, और यीशु के कार्य से लेकर इस वर्तमान चरण तक, ये तीन चरण परमेश्वर के प्रबंधन के पूर्ण विस्तार को एक सतत सूत्र में पिरोते हैं, और वे सब एक ही पवित्रात्मा का कार्य हैं। दुनिया के सृजन से परमेश्वर हमेशा
- [अध्याय 42](https://hi.kingdomsalvation.org/forty-second-utterance.html) - महान हैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कर्म! कितने आश्चर्यजनक! कितने अद्भुत! सात तुरहियाँ बजती हैं, सात गर्जनाएँ होती हैं, सात कटोरे उँड़ेले जाते हैं—ये तुरंत खुले तौर पर प्रकट होंगे, और इसमें कोई संदेह नहीं हो सकता। परमेश्वर का प्रेम हमें रोज़ प्राप्त होता है। केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही हमें बचा सकता है; हमें दुर्भाग्य मिलता
- [देहधारण का रहस्य (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-mystery-of-the-incarnation-3-judgment.html) - जब परमेश्वर अपना कार्य करता है, तो वह किसी निर्माण या आंदोलनों में शामिल होने नहीं आता, बल्कि अपनी सेवकाई पूरी करने के लिए आता है। हर बार जब वह देह बनता है, तो यह केवल कार्य के किसी चरण को पूरा करने और एक नए युग का सूत्रपात करने के लिए होता है। अब
- [3. परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों में से प्रत्येक का उद्देश्य और महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/know-the-purpose-and-significance-of-each-of-gods-three-stages-of-works.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : यहोवा ने जो कार्य इस्राएलियों पर किया, उसने मानव-जाति के बीच पृथ्वी पर परमेश्वर के मूल स्थान को स्थापित किया, जो कि ऐसा पवित्र स्थान भी था जहाँ वह उपस्थित रहता था। उसने अपने कार्य को इस्राएल के लोगों तक ही सीमित रखा। आरंभ में उसने इस्राएल के बाहर कार्य
- [अध्याय 41](https://hi.kingdomsalvation.org/forty-first-utterance.html) - कलीसिया में उत्पन्न होने वाली समस्याओं के बारे में हमेशा इतनी भारी चिंताओं से मत भरो। कलीसिया के निर्माण के दौरान गलतियाँ होना अपरिहार्य है, लेकिन जब तुम्हारे सामने समस्याएँ आएँ, तो घबराओ मत; बल्कि शांत और स्थिर रहो। क्या मैंने तुम लोगों को पहले ही नहीं बता दिया है? अक्सर मेरे सामने आओ और
- [देहधारण का रहस्य (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-mystery-of-the-incarnation-2-judgment.html) - जिस समय यीशु ने यहूदिया में कार्य किया था, तब उसने खुलकर ऐसा किया, परंतु अब, मैं तुम लोगों के बीच गुप्त रूप से काम करता और बोलता हूँ। अन्य-जातियाँ इस बात से पूरी तरह से अनजान हैं। तुम लोगों के बीच मेरा कार्य बाहर के लोगों के लिए बंद है। इन वचनों, इन ताड़नाओं
- [2. परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों का लक्ष्य](https://hi.kingdomsalvation.org/one-must-know-the-purpose-of-gods-three-stages-of-works.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मेरी संपूर्ण प्रबंधन योजना, छह-हजार-वर्षीय प्रबंधन योजना, के तीन चरण या तीन युग हैं : आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों का राज्य का युग। इन तीनों युगों में मेरे कार्य की विषयवस्तु प्रत्येक युग के अनुसार अलग-अलग
- [अध्याय 40](https://hi.kingdomsalvation.org/fortieth-utterance.html) - तुम इतने मंद-बुद्धि क्यों हो? तुम इतने सुन्न क्यों हो? बहुत बार याद दिलाने पर भी तुम लोग नहीं जागे हो, और यह बात मुझे परेशान कर रही है। सच में मेरे पास वह हृदय नहीं है, जो अपने पुत्रों को इस तरह देख सकूँ। मेरा हृदय यह कैसे सहन कर सकता है? आह! मुझे
- [1. मानवजाति को प्रबंधित करने का काम क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/what-is-the-work-of-managing-mankind.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मानवजाति के प्रबंधन का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है, जिसका अर्थ यह है कि मानवजाति को बचाने का कार्य तीन चरणों में बंटा हुआ है। इन चरणों में संसार की रचना का कार्य समाविष्ट नहीं है, बल्कि ये व्यवस्था के युग, अनुग्रह के युग और राज्य के युग
- [देहधारण का रहस्य (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-mystery-of-the-incarnation-1-judgment.html) - अनुग्रह के युग में यूहन्ना ने यीशु का मार्ग प्रशस्त किया। यूहन्ना स्वयं परमेश्वर का कार्य नहीं कर सकता था और उसने मात्र मनुष्य का कर्तव्य पूरा किया था। यद्यपि यूहन्ना प्रभु का अग्रदूत था, फिर भी वह परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ था; वह पवित्र आत्मा द्वारा उपयोग किया गया मात्र एक मनुष्य
- [अध्याय 39](https://hi.kingdomsalvation.org/thirty-ninth-utterance.html) - अपनी आँखें खोलो और देखो, और तुम हर जगह मेरे महान सामर्थ्य को देख सकते हो! तुम हर जगह मेरे बारे में निश्चित हो सकते हो। ब्रह्मांड और गगन-मंडल मेरे महान सामर्थ्य को फैला रहे हैं। मैंने जो वचन बोले हैं, वे मौसम के गर्म होने, जलवायु-परिवर्तन, लोगों के भीतर की विसंगतियों, सामाजिक गतिशीलता के
- [2. परमेश्वर को भिन्न-भिन्न युगों में भिन्न-भिन्न नामों से क्यों पुकारा जाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/why-is-god-called-by-different-names-in-different-ages.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : प्रत्येक युग में परमेश्वर नया कार्य करता है और उसे एक नए नाम से बुलाया जाता है; वह भिन्न-भिन्न युगों में एक ही कार्य कैसे कर सकता है? वह पुराने से कैसे चिपका रह सकता है? यीशु का नाम छुटकारे के कार्य के वास्ते लिया गया था तो क्या जब
- [परमेश्वर के कार्य का दर्शन (3)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-vision-of-God-s-work-3-judgment.html) - पहली बार जब परमेश्वर देह बना, तो यह पवित्र आत्मा द्वारा गर्भधारण के माध्यम से था, और यह उस कार्य के लिए प्रासंगिक था, जिसे करने का वह इरादा रखता था। अनुग्रह का युग यीशु के नाम से शुरू हुआ। जब यीशु ने अपनी सेवकाई आरंभ की, तो पवित्र आत्मा ने यीशु के नाम की
- [अध्याय 38](https://hi.kingdomsalvation.org/thirty-eighth-utterance.html) - ऐसा नहीं है कि तुम्हारा विश्वास अच्छा और शुद्ध है, बल्कि यह मेरा कार्य है जो चमत्कारी है! यह सब-कुछ मेरी दया के कारण है! तुममें स्वार्थ या दंभ का जरा-सा भी भ्रष्ट स्वभाव नहीं होना चाहिए, वरना मैं तुम पर कार्य नहीं करूँगा। तुम्हें स्पष्ट रूप से समझना चाहिए कि मनुष्य चाहे गिरें या
- [परमेश्वर के कार्य का दर्शन (2)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-vision-of-God-s-work-2-judgment.html) - अनुग्रह के युग में पश्चात्ताप के सुसमाचार का उपदेश दिया गया और कहा गया कि यदि मनुष्य विश्वास करेगा, तो उसे बचाया जाएगा। आज, उद्धार की जगह सिर्फ विजय और पूर्णता की ही बात होती है। ऐसा नहीं कहा जाता कि अगर कोई व्यक्ति विश्वास करता है, तो उसका पूरा परिवार धन्य होगा, जिसे एक
- [1. परमेश्वर नामों को क्यों अपनाता है, क्या एक ही नाम परमेश्वर की सम्पूर्णता का प्रतिनिधित्व कर सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/why-does-god-take-names-can-one-name-represent-gods-all.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : क्या यीशु का नाम—“परमेश्वर हमारे साथ”—परमेश्वर के स्वभाव को उसकी समग्रता से व्यक्त करता है? क्या यह पूरी तरह से परमेश्वर को स्पष्ट कर सकता है? यदि मनुष्य कहता है कि परमेश्वर को केवल यीशु कहा जा सकता है, और उसका कोई अन्य नाम नहीं हो सकता क्योंकि परमेश्वर अपना
- [अध्याय 37](https://hi.kingdomsalvation.org/thirty-seventh-utterance.html) - तुम लोगों में वास्तव में मेरी उपस्थिति के बारे में विश्वास की कमी है और तुम अकसर कार्य करने के लिए खुद पर भरोसा करते हो। “तुम लोग मेरे बिना कुछ नहीं कर सकते!” लेकिन तुम भ्रष्ट लोग हमेशा मेरे वचनों को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देते हो। जीवन आजकल वचनों
- [परमेश्वर के कार्य का दर्शन (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/the-vision-of-God-s-work-1-judgment.html) - यूहन्ना ने यीशु के लिए सात साल तक काम किया और वह यीशु के आने का मार्ग पहले ही प्रशस्त कर चुका था। इससे पहले, यूहन्ना द्वारा प्रचारित स्वर्ग के राज्य का सुसमाचार पूरी धरती पर सुना गया, यह पूरे यहूदिया में फैल गया और सभी उसे पैगंबर कहकर पुकारते थे। उस समय राजा हेरोदेस
- [3. केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने से ही उद्धार आ सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/only-if-one-believes-in-almighty-god-can-he-be-saved.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : जब यीशु मनुष्य के संसार में आया तो उसने अनुग्रह का युग शुरू किया और व्यवस्था का युग समाप्त किया। अंत के दिनों के दौरान परमेश्वर एक बार फिर देहधारी बन गया और इस देहधारण के साथ उसने अनुग्रह का युग समाप्त किया और राज्य का युग शुरू किया। वे
- [अध्याय 36](https://hi.kingdomsalvation.org/thirty-sixth-utterance.html) - सर्वशक्तिमान सच्चा परमेश्वर, सिंहासन पर विराजमान राजा, समस्त राष्ट्रों और लोगों की ओर मुख किए हुए पूरे ब्रह्मांड पर शासन करता है और परमेश्वर की महिमा दुनिया भर में चमकती है। ब्रह्मांड में और पृथ्वी के अंतिम छोरों तक सभी जीवित प्राणी देखेंगे। सच्चे परमेश्वर के मुखमंडल के प्रकाश में पर्वतों, नदियों, झीलों, भूमियों, महासागरों
- [जो लोग परमेश्वर को नहीं जानते, वे सभी परमेश्वर का प्रतिरोध करने वाले लोग हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/all-who-do-not-know-god-are-those-who-oppose-god-2.html) - परमेश्वर के कार्य का उद्देश्य, लोगों पर उसके कार्य का अभीष्ट प्रभाव और लोगों के लिए उसके इरादे असल में क्या हैं, यह समझना ही वह चीज है जिसे परमेश्वर का अनुसरण करने वाले हर व्यक्ति को प्राप्त करना चाहिए। परमेश्वर के कार्य का ज्ञान ही वास्तव में वह चीज है जिसकी आजकल सभी लोगों
- [अध्याय 35](https://hi.kingdomsalvation.org/thirty-fifth-utterance.html) - सिंहासन से सात गर्जनें निकलती हैं, वे ब्रह्मांड को हिला देती हैं, स्वर्ग और पृथ्वी को उलट-पुलट कर देती हैं, और आकाश में गूँजती हैं! यह आवाज़ कानों के परदे फाड़ देती है, लोग न तो इससे बचकर भाग सकते हैं, और न ही इससे छिप सकते हैं। बिजली की चमक और गरज की गूँजें
- [1. सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही एक सच्चा परमेश्वर है जो सभी चीज़ों पर शासन करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/almighty-god-is-the-only-true-god-who-rules-over-all-things.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : इस दुनिया की हर चीज़ तेज़ी से सर्वशक्तिमान के विचारों और उसकी नज़रों तले बदलती है। मानवजाति ने जिन चीज़ों के बारे में कभी नहीं सुना है वो अचानक आ जाती हैं, जबकि मनुष्य के पास जो कुछ लंबे समय से रहा है वो अनजाने में उसके हाथ से फिसल
- [अध्याय 34](https://hi.kingdomsalvation.org/thirty-fourth-utterance.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर सर्वशक्तिसंपन्न, सर्वस्व प्राप्त करने वाला और पूरा सच्चा परमेश्वर है! वह न केवल सात सितारों को थामता है, सात आत्माओं को धारण करता है, उसकी सात आँखें हैं, वह सात मुहरें तोड़ता है और पुस्तक को खोलता है, लेकिन उससे भी अधिक वह सात विपत्तियों और सात कटोरों का प्रशासन करता है और
- [क्या तुम ऐसे व्यक्ति हो जो जीवित हो उठा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/have-you-come-alive-selections.html) - जब तुम अपने भ्रष्ट स्वभावों को छोड़ोगे और सामान्य मानवता का जीवन यापन हासिल करोगे, तभी तुम पूर्ण बनाए जाओगे। यूँ तो तुम भविष्यवाणी नहीं कर पाओगे, न ही कोई रहस्य बता पाओगे, फिर भी तुम एक मनुष्य की छवि को जिओगे और प्रकट करोगे। परमेश्वर ने मनुष्य की रचना की, लेकिन फिर शैतान ने
- [प्रस्तावना](https://hi.kingdomsalvation.org/believe-in-god-for-being-saved-preface.html) - यद्यपि बहुत सारे लोग परमेश्वर में विश्वास करते हैं, लेकिन कुछ ही लोग यह समझते हैं कि परमेश्वर में विश्वास का अर्थ क्या है और परमेश्वर के इरादों के अनुरूप होने के लिए उन्हें वास्तव में कैसे कार्य करना चाहिए। ऐसा इसलिए है कि लोग यूँ तो “परमेश्वर” शब्द को और “परमेश्वर का कार्य” जैसे
- [अध्याय 33](https://hi.kingdomsalvation.org/thirty-third-utterance.html) - मेरे राज्य को उन लोगों की ज़रूरत है जो ईमानदार हैं और जो पाखंडी और कपटी नहीं हैं। क्या निष्कपट और ईमानदार लोग दुनिया में अलोकप्रिय नहीं हैं? मैं ठीक विपरीत हूँ। ईमानदार लोगों को मेरे पास आने दो; इस तरह के व्यक्ति से मुझे प्रसन्नता होती है, और मुझे इस तरह के व्यक्ति की
- [जो सत्य का अभ्यास नहीं करते हैं उनके लिए एक चेतावनी](https://hi.kingdomsalvation.org/warning-to-those-who-do-not-practice-truth-judgment.html) - जो लोग भाई-बहनों के बीच हमेशा नकारात्मकता फैलाते रहते हैं वे शैतान के सेवक हैं और वे कलीसिया में बाधा डालने वाले लोग हैं। ऐसे लोगों को अवश्य ही एक दिन निष्कासित कर देना और हटा देना चाहिए। परमेश्वर में विश्वास रखते हुए अगर लोगों के पास परमेश्वर का भय मानने वाले दिल न हों,
- [अध्याय 32](https://hi.kingdomsalvation.org/thirty-second-utterance.html) - प्रकाश क्या है? अतीत में तुम लोग वास्तव में पवित्र आत्मा के कार्य के रूपांतरण को प्रकाश मानते थे। सच्चा प्रकाश हर समय है : अर्थात्, मेरे निकट आने और मेरे साथ संगति करने के माध्यम से वह प्राप्त करना जो परमेश्वर है। परमेश्वर के वचनों में अंतर्दृष्टि होना और परमेश्वर के वचनों में उसके
- [अध्याय 31](https://hi.kingdomsalvation.org/thirty-first-utterance.html) - मैं उन सभी से प्रेम करता हूँ, जो ईमानदारी से मुझे चाहते हैं। यदि तुम लोग मुझसे प्रेम करने पर ध्यान केंद्रित करते हो, तो मैं निश्चित रूप से तुम लोगों को अत्यधिक आशीष दूँगा। क्या तुम लोग मेरे इरादों को समझते हो? मेरे घर में उच्च और निम्न हैसियत के बीच कोई भेद नहीं
- [पवित्र आत्मा का कार्य और शैतान का कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/work-of-the-Holy-Spirit-and-work-of-satan-judgment.html) - आत्मा के विवरण को कैसे समझा जा सकता है? पवित्र आत्मा मनुष्य में कैसे कार्य करता है? शैतान मनुष्य में कैसे कार्य करता है? दुष्ट आत्माएं मनुष्य में कैसे कार्य करती हैं? इसके प्रकटीकरण क्या हैं? जब तुम्हारे साथ कुछ घटित होता है, क्या यह पवित्र आत्मा की ओर से आता है और तुम्हें उसके
- [परमेश्वर से प्रेम करने वाले लोग सदैव उसके प्रकाश के भीतर रहेंगे](https://hi.kingdomsalvation.org/those-who-love-god-will-forever-live-within-his-light-selections.html) - परमेश्वर में अधिकांश लोगों के विश्वास का सार धर्म से जुड़ा दृढ़ विश्वास है : वे परमेश्वर से प्रेम करने में असमर्थ हैं, और केवल एक रोबोट की तरह परमेश्वर का अनुसरण कर सकते हैं, उनमें परमेश्वर के लिए सच्ची तड़प नहीं होती, और न ही वे उसे बहुत ज्यादा चाहते हैं। वे बस उसका
- [अध्याय 30](https://hi.kingdomsalvation.org/thirtieth-utterance.html) - जागो, भाइयो! जागो, बहनो! मेरा दिन आने में देरी नहीं होगी; समय जीवन है और खोए हुए समय को वापस लेना जीवन बचाना है! समय बहुत दूर नहीं है! यदि तुम लोग महाविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में असफल होते हो, तो तुम इसके लिए बार-बार पढ़ाई कर सकते हो। लेकिन मेरा दिन आने में अब
- [पतरस ने यीशु को कैसे जाना](https://hi.kingdomsalvation.org/how-peter-came-to-know-jesus-selections.html) - यीशु के साथ बिताए समय के दौरान पतरस ने यीशु में अनेक प्यारे लक्षण, अनेक अनुकरणीय पहलू, और अनेक ऐसे पहलू देखे, जिन्होंने उसे आपूर्ति की, साथ ही यह तथ्य देखा कि यीशु में परमेश्वर का बहुत सा अस्तित्व विद्यमान था-और कई प्यारे गुण देखे-किंतु पहले वह यीशु को नहीं जानता था। पतरस ने यीशु
- [अध्याय 29](https://hi.kingdomsalvation.org/twenty-ninth-utterance.html) - क्या तुम जानते हो कि समय बहुत कम है? अतः तुम्हें मुझ पर शीघ्र भरोसा करना होगा और अपने में से उन सभी चीजों को दूर करना होगा, जो मेरे स्वभाव से मेल नहीं खातीं : अज्ञानता, प्रतिक्रिया करने में सुस्ती, अस्पष्ट विचार, नर्मदिली, कमजोर इच्छा-शक्ति, बेहूदगी, बेहद तीव्र भावनात्मक जुड़ाव, भ्रम और सूझ-बूझ की
- [केवल परमेश्वर को जानने वाले ही परमेश्वर के लिए गवाही दे सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/only-those-who-know-god-can-bear-testimony-to-god-selections.html) - परमेश्वर में विश्वास करना पूरी तरह स्वाभाविक और न्यायोचित है और आज—ऐसे युग के दौरान जब देहधारी परमेश्वर व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य कर रहा है—ख़ासतौर पर परमेश्वर को जानने का अच्छा समय है। परमेश्वर को संतुष्ट करना कुछ ऐसा है, जो परमेश्वर के इरादों की समझ की नींव पर बनाया जाता है और परमेश्वर
- [अध्याय 28](https://hi.kingdomsalvation.org/twenty-eighth-utterance.html) - जब तुम देखो कि समय इस तरह भाग रहा है और पवित्र आत्मा का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जिससे तुम्हें ऐसे महान आशीष प्राप्त हुए हैं और ब्रह्मांड के राजा, चमकते हुए सूर्य, सर्वशक्तिमान परमेश्वर का स्वागत करने का तुम्हें अवसर मिला है—यह सब मेरा अनुग्रह और दया है। ऐसा और क्या
- [“सहस्राब्दि राज्य आ चुका है” के बारे में एक संक्षिप्त वार्ता](https://hi.kingdomsalvation.org/a-brief-talk-about-the-millennial-kingdom-has-arrived-selections.html) - तुम लोग सहस्राब्दि राज्य के बारे में क्या सोचते हो? कुछ लोगों के इसके बारे में बहुत ज़्यादा विचार होते हैं, और कहते हैं : “सहस्राब्दि राज्य पृथ्वी पर एक हज़ार साल तक रहेगा, अतः यदि कलीसिया के पुराने सदस्य अविवाहित हैं, तो क्या उन्हें विवाह करना है? मेरे परिवार के पास धन नहीं है,
- [केवल परमेश्वर से प्रेम करना ही वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करना है](https://hi.kingdomsalvation.org/only-loving-god-is-truly-believing-in-god-selections.html) - आज जब तुम लोग परमेश्वर को जानने और उससे प्रेम करने की कोशिश करते हो तो एक ओर तुम लोगों को कठिनाई और शोधन सहन करना चाहिए और दूसरी ओर तुम लोगों को एक क़ीमत चुकानी चाहिए। परमेश्वर से प्रेम करने के सबक से ज्यादा गहरा कोई सबक नहीं है, और यह कहा जा सकता
- [अध्याय 27](https://hi.kingdomsalvation.org/twenty-seventh-utterance.html) - वो एकमात्र सच्चा परमेश्वर जो ब्रह्मांड और सभी चीजों के ऊपर शासन करता है—सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह! यह पवित्र आत्मा की गवाही है, अकाट्य साक्ष्य! पवित्र आत्मा अपना कार्य कर रहा है और हर जगह गवाही दे रहा है, ताकि किसी को कोई संदेह न हो। विजयी राजा, सर्वशक्तिमान परमेश्वर! वह दुनिया
- [अध्याय 26](https://hi.kingdomsalvation.org/twenty-sixth-utterance.html) - मेरे पुत्रो, मेरे वचनों पर ध्यान दो, शांतिपूर्वक मेरी वाणी सुनो और मैं तुम्हारे सामने चीजें प्रकट करूँगा। मेरे भीतर शांत रहो, क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, तुम लोगों का एकमात्र उद्धारक। तुम लोगों को हर समय अपने हृदय शांत रखने चाहिए और मेरे भीतर रहना चाहिए; मैं तुम्हारी चट्टान हूँ, तुम्हारा पुश्ता हूँ। कोई
- [पीड़ादायक परीक्षणों के अनुभव से ही तुम परमेश्वर की मनोहरता को जान सकते हो](https://hi.kingdomsalvation.org/only-by-experiencing-painful-trials-can-you-know-loveliness-of-God-judgment.html) - आखिर आज तुम परमेश्वर से कितना प्रेम करते हो? और जो कुछ भी परमेश्वर ने तुम्हारे लिए किया है, उस सबके बारे में तुम आखिर कितना जानते हो? ये वे सबक हैं जो तुम्हें सीखने चाहिए। जब परमेश्वर पृथ्वी पर आता है तो जो कुछ वह मनुष्य के लिए कर चुका है और मनुष्य को
- [अध्याय 25](https://hi.kingdomsalvation.org/twenty-fifth-utterance.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, शाश्वत पिता, शांति का राजकुमार, हमारा परमेश्वर राजा है! सर्वशक्तिमान परमेश्वर अपने चरण जैतून के पर्वत पर रखता है। यह कितना खूबसूरत है! सुनो! हम प्रहरी पुकार रहे हैं; एक-साथ गा रहे हैं, क्योंकि परमेश्वर सिय्योन में लौट आया है। हम अपनी आँखों से यरूशलेम की वीरानी देख रहे हैं। तेज स्वर में
- [जिन्हें पूर्ण बनाया जाना है उन्हें शोधन से गुजरना होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/those-who-are-to-be-made-perfect-must-undergo-refinement-judgment.html) - परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें अवश्य ही परमेश्वर के प्रति समर्पण करना चाहिए, सत्य को अभ्यास में लाना चाहिए और अपने सारे कर्तव्य अच्छे से निभाने चाहिए। इसके अतिरिक्त, तुम्हें उन चीजों को समझना होगा जिनका तुम्हें अनुभव करना चाहिए। यदि तुम केवल काट-छाँट किए जाने, अनुशासित किए जाने और न्याय किए जाने का
- [अध्याय 24](https://hi.kingdomsalvation.org/twenty-fourth-utterance.html) - समय बहुत नजदीक आता जा रहा है। जागो! सभी संतो! मैं तुम लोगों से अपने कथन कहता हूँ, और जो भी सुनते हैं, उन्हें जागना ही होगा। मैं ही वह परमेश्वर हूँ, जिस पर तुम लोगों ने इन कई वर्षों के दौरान विश्वास किया है। आज मैंने देहधारण कर लिया है और तुम लोगों की
- [परमेश्वर के वचन से सब कुछ पूरा हो जाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/all-is-achieved-by-the-word-of-god-selections.html) - परमेश्वर भिन्न-भिन्न युगों के अनुसार अपने वचन कहता है और अपना कार्य करता है, तथा भिन्न-भिन्न युगों में वह भिन्न-भिन्न वचन कहता है। परमेश्वर विनियमों का पालन नहीं करता, या एक ही कार्य को दोहराता नहीं है, और न अतीत की बातों को याद करके खिन्न होता है; वह ऐसा परमेश्वर है जो सदैव नया
- [अध्याय 23](https://hi.kingdomsalvation.org/twenty-third-utterance.html) - उन सभी भाइयों और बहनों के लिए, जिन्होंने मेरी आवाज सुनी है : तुम लोगों ने मेरे प्रचंड न्याय की आवाज सुनी है और तुमने चरम पीड़ा सहन की है। लेकिन तुम लोगों को पता होना चाहिए कि मेरी कठोर आवाज के पीछे मेरे इरादे छिपे हैं! मैं तुम लोगों को इसलिए अनुशासित करता हूँ,
- [राज्य का युग वचन का युग है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-age-of-kingdom-is-the-age-of-word-selections.html) - राज्य के युग में परमेश्वर नए युग की शुरुआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने और संपूर्ण युग के लिए काम करने के लिए वचनों का उपयोग करता है। यही वह सिद्धांत है जिसके द्वारा परमेश्वर वचन के युग में कार्य करता है। वह देहधारी हुआ है और विभिन्न दृष्टिकोणों से बोलता है, जिससे मनुष्य
- [अध्याय 22](https://hi.kingdomsalvation.org/twenty-second-utterance.html) - परमेश्वर में विश्वास करना कोई आसान काम नहीं है। तुम गड़बड़ करते रहते हो, हर चीज खाते हो और सोचते हो कि यह सब कितना दिलचस्प है, कितना स्वादिष्ट! कुछ लोग हैं, जो अब भी इसे सराहते हैं—उनकी आत्मा में कोई विवेक नहीं है। यह तुम लोगों के लिए गहन विश्लेषण करने लायक अनुभव है।
- [जो सच्चे हृदय से परमेश्वर के प्रति समर्पण करते हैं वे निश्चित रूप से परमेश्वर द्वारा प्राप्त किए जाएँगे](https://hi.kingdomsalvation.org/the-truly-obedient-shall-surely-be-gained-by-god-selections.html) - पवित्र आत्मा का कार्य दिन-ब-दिन बदलता रहता है। वह हर एक कदम के साथ ऊँचा उठता जाता है, आने वाले कल का प्रकाशन आज से कहीं ज़्यादा ऊँचा होता है। कदम-दर-कदम ऊपर चढ़ता जाता है। ऐसे ही कार्य के द्वारा परमेश्वर मनुष्य को पूर्ण करता है। यदि मनुष्य कदम से कदम न मिला पाए, तो
- [अध्याय 21](https://hi.kingdomsalvation.org/twenty-first-utterance.html) - पवित्र आत्मा का कार्य अब तुम लोगों को एक नए स्वर्ग और नई पृथ्वी पर ले आया है। सब कुछ नया किया जा रहा है, सब कुछ मेरे हाथों में है, सब कुछ नए सिरे से शुरू हो रहा है! अपनी धारणाओं के कारण लोग इसे समझ पाने में असमर्थ हैं, और उन्हें यह निरर्थक
- [अध्याय 20](https://hi.kingdomsalvation.org/twentieth-utterance.html) - पवित्र आत्मा का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और तुम लोगों को एक बिलकुल नए राज्य में लेकर आ रहा है, अर्थात् तुम लोगों के सामने राज्य के जीवन की वास्तविकता प्रकट हो गई है। पवित्र आत्मा द्वारा कहे गए वचनों ने सीधे तुम्हारे दिल की गहराई को प्रकट किया है, और तुम
- [परमेश्वर उन्हें पूर्ण बनाता है, जो उसके इरादों के अनुरूप हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/God-perfects-those-who-are-after-His-own-heart-judgment.html) - परमेश्वर अब लोगों के किसी समूह को प्राप्त करना चाहता है, ऐसे लोगों का समूह जो उसके साथ सहयोग करने के लिए भरसक प्रयास करते हैं, जो उसके कार्य के प्रति समर्पण कर सकते हैं, जो विश्वास करते हैं कि परमेश्वर द्वारा बोले हुए वचन सत्य हैं, जो परमेश्वर की माँगों को अपने अभ्यास में
- [परमेश्वर के सबसे नए कार्य को जानो और उसके पदचिह्नों का अनुसरण करो](https://hi.kingdomsalvation.org/know-God-s-newest-work-and-follow-His-footsteps-judgment.html) - अब तुम लोगों को परमेश्वर के लोग बनने का प्रयास करना है और तुम सभी चीजों में सही मार्ग पर प्रवेश करना शुरू करोगे। परमेश्वर के लोग होने का अर्थ है, राज्य के युग में प्रवेश करना। आज तुम आधिकारिक तौर पर राज्य के प्रशिक्षण में प्रवेश शुरू कर रहे हो और तुम लोगों के
- [जो परमेश्वर के वर्तमान कार्य को जानते हैं वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/only-those-who-know-the-work-of-god-today-can-serve-god-selections.html) - परमेश्वर की गवाही देने के लिए और बड़े लाल अजगर को शर्मिंदा करने के लिए व्यक्ति के पास एक सिद्धांत का होना जरूरी है, और जरूरी है एक शर्त को पूरा करना : उसे परमेश्वर से दिल से प्रेम करना चाहिए और परमेश्वर के वचनों में प्रवेश करना चाहिए। यदि तुम परमेश्वर के वचनों में
- [अध्याय 19](https://hi.kingdomsalvation.org/nineteenth-utterance.html) - जैसे-जैसे पवित्र आत्मा का कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है, परमेश्वर एक बार फिर हमें एक नए तरीके की ओर ले गया है, जिसमें पवित्र आत्मा कार्य करता है। परिणामस्वरूप, कुछ लोगों ने मुझे अनिवार्य रूप से गलत समझा और मुझे उलाहने दिए हैं। कुछ लोगों ने मेरा प्रतिरोध और विरोध किया है और मेरी
- [अध्याय 18](https://hi.kingdomsalvation.org/eighteenth-utterance.html) - कलीसिया का निर्माण करना वास्तव में कोई आसान काम नहीं है! मैंने इसके निर्माण में अपना पूरा दिल लगा दिया, और शैतान इसे तोड़ गिराने के लिए वह सब-कुछ करेगा, जो उसके सामर्थ्य में होगा। यदि तुम निर्मित होना चाहते हो, तो तुम्हें ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जिसके पास दर्शन है; तुम्हें मुझ पर निर्भर
- [इंसान को अपनी आस्था में, वास्तविकता पर ध्यान देना चाहिए—धार्मिक रीति-रिवाजों में लिप्त रहना आस्था नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/believing-in-god-should-focus-on-reality-not-religious-rituals-selections.html) - तुम कितनी धार्मिक परम्पराओं का पालन करते हो? कितनी बार तुम परमेश्वर के वचन के खिलाफ गए हो और अपने ही तरीके से चले हो? कितनी बार तुम परमेश्वर के वचनों को इसलिए अभ्यास में लाए हो क्योंकि तुम उसके भार के बारे में सच में विचारशील हो और उसके इरादों को पूरा करना चाहते
- [अध्याय 17](https://hi.kingdomsalvation.org/seventeenth-utterance.html) - कलीसिया निर्माणाधीन है और शैतान इसे ध्वस्त करने की पूरी कोशिश कर रहा है। यह मेरे निर्माण को किसी भी तरह से नष्ट कर देना चाहता है; इस कारण, कलीसिया को तुरंत शुद्ध किया जाना चाहिए। बुराई का ज़रा-सा भी तलछट शेष नहीं रहना चाहिए; कलीसिया को इस ढंग से शुद्ध किया जाना चाहिए ताकि
- [देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर द्वारा उपयोग किए जाने वाले लोगों के बीच सार रूप में अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/the-essential-difference-between-the-incarnate-god-and-people-used-by-god.html) - बहुत वर्षों तक परमेश्वर का आत्मा पृथ्वी पर कार्य करते हुए खोजता रहा है, और बहुत लोगों का परमेश्वर ने युगों-युगों और पीढ़ियों के दौरान अपना कार्य करने के लिए उपयोग किया है। फिर भी, इस सारे समय में, परमेश्वर का आत्मा किसी उपयुक्त विश्राम-स्थल के बिना रहा है, यही कारण है कि परमेश्वर अपना
- [सात गर्जनाएँ गरजती हैं—भविष्यवाणी करती हैं कि राज्य का सुसमाचार पूरे ब्रह्मांड में फैल जाएगा](https://hi.kingdomsalvation.org/the-seven-thunders-peal-prophesying-that-the-gospel-of-the-kingdom-shall-spread-throughout-the-universe-selections.html) - मैं अपने कार्य को अन्य-जाति राष्ट्रों में फैला रहा हूँ। मेरी महिमामयी रोशनी पूरे ब्रह्मांड में चमकती है; जहाँ-तहाँ बिखरे तमाम लोग मेरे इरादे अपने भीतर रखते हैं, और उन सबकी कमान मेरे हाथों में है और वे सब मेरे द्वारा सौंपा गया कार्य करने में लग गए हैं। इस क्षण से मैं सभी लोगों
- [अध्याय 16](https://hi.kingdomsalvation.org/sixteenth-utterance.html) - मनुष्य के पुत्र की गवाही के बाद सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने स्वयं को हमारे सामने धार्मिकता के सूर्य के रूप में सार्वजनिक रूप से प्रकट किया। यही पहाड़ पर रूप-परिवर्तन है! यह अब अधिकाधिक वास्तविक बनता जा रहा है, वास्तविकता से भी बढ़कर। हमने देखा है कि पवित्र आत्मा किस तरह कार्य करता है, और स्वयं
- [अध्याय 15](https://hi.kingdomsalvation.org/fifteenth-utterance.html) - सभी कलीसियाओं में परमेश्वर का प्रकटन पहले ही हो चुका है। यह आत्मा ही है जो बोलता है; वह एक प्रबल अग्नि है, उसमें प्रताप है और वह न्याय कर रहा है; वह मनुष्य का पुत्र है, जो पाँवों तक का वस्त्र पहने हुए है और छाती पर सोने का पटुका बाँधे हुए है। उसके
- [तुम्हें सत्य के लिए जीना चाहिए क्योंकि तुम्हें परमेश्वर में विश्वास है](https://hi.kingdomsalvation.org/you-ought-to-live-for-the-truth-since-you-believe-in-god-selections.html) - सभी मनुष्यों के साथ एक आम समस्या यह है कि वे सत्य को समझते तो हैं लेकिन उसे अभ्यास में नहीं ला पाते। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक तरफ वे इसकी कीमत चुकाने के लिए तैयार नहीं हैं, तो दूसरी तरफ, उनकी भेद पहचानने की क्षमता बहुत खराब है; वे दैनिक जीवन की बहुत सारी
- [अध्याय 14](https://hi.kingdomsalvation.org/fourteenth-utterance.html) - अब समय सही में महत्वपूर्ण है। पवित्र आत्मा हमें परमेश्वर के वचनों में ले जाने के लिए कई अलग-अलग तरीकों का उपयोग करता है। तुम्हें सभी सत्यों से लैस होना चाहिए, पवित्र होना चाहिए, मेरे साथ असलियत में निकटता और सहयोग रखना चाहिए; तुम्हारे पास चुनने के लिए कोई और विकल्प होगा भी नहीं। पवित्र
- [क्या परमेश्वर का कार्य उतना सरल है जितना मनुष्य कल्पना करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/is-the-work-of-god-so-simple-as-man-imagines-selections.html) - परमेश्वर के विश्वासी होने के नाते तुममें से प्रत्येक को समझना चाहिए कि आज परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को ग्रहण करके और उसकी योजना के उस सारे कार्य को ग्रहण करके जो वह तुम पर करता है, तुम वास्तव में अधिकतम उत्कर्ष और उद्धार प्राप्त कर चुके हो। परमेश्वर ने ब्रह्माण्ड में
- [अध्याय 13](https://hi.kingdomsalvation.org/thirteenth-utterance.html) - अपनी वर्तमान स्थिति में, तुम लोग स्वयं की धारणाओं से अत्यधिक चिपके रहते हो, और तुम्हारे अंदर काफ़ी गंभीर धार्मिक गड़बड़ियाँ हैं। तुम आत्मा में कार्य करने में असमर्थ हो, तुम पवित्र आत्मा के काम को समझ नहीं पाते और नए प्रकाश को अस्वीकार करते हो। तुम दिन का सूरज नहीं देख पाते क्योंकि तुम
- [परमेश्वर के वर्तमान कार्य का ज्ञान](https://hi.kingdomsalvation.org/knowing-gods-work-today.html) - इन दिनों परमेश्वर के कार्य को जानना, अधिकांशतः यह जानना है कि अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर की मुख्य सेवकाई क्या है और पृथ्वी पर वह क्या करने के लिए आया है। मैंने पहले अपने वचनों में उल्लेख किया है कि परमेश्वर पृथ्वी पर (अंत के दिनों के दौरान) प्रस्थान से पहले हमारे सामने
- [अध्याय 12](https://hi.kingdomsalvation.org/twelfth-utterance.html) - अगर तुम्हारा स्वभाव अस्थिर है, हवा और बारिश की तरह इधर-उधर झोंके खा रहा है, और अगर तुम पूरी शक्ति के साथ लगातार आगे नहीं बढ़ सकते, तो मेरी छड़ी कभी तुमसे दूर नहीं होगी। जब तुम्हारी काट-छाँट की जाती है, तब परिवेश जितना ज्यादा प्रतिकूल होगा और जितना ज्यादा तुम्हें सताया जाएगा, उतना ही
- [तुम्हें पता होना चाहिए कि व्यावहारिक परमेश्वर ही स्वयं परमेश्वर है](https://hi.kingdomsalvation.org/you-should-know-that-the-practical-god-is-god-himself.html) - तुम्हें व्यावहारिक परमेश्वर के बारे में क्या पता होना चाहिए? आत्मा, व्यक्ति और वचन स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर को बनाते हैं; और यही स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर का वास्तविक अर्थ है। यदि तुम सिर्फ व्यक्ति को जानते हो—यदि तुम उसकी रोजाना की आदतों और उसके व्यक्तित्व को जानते हो—लेकिन आत्मा के कार्य को नहीं जानते या यह
- [अध्याय 11](https://hi.kingdomsalvation.org/eleventh-utterance.html) - क्या मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ? क्या मैं तुम्हारा राजा हूँ? क्या तुमने वास्तव में मुझे अपने भीतर राजा के रूप में शासन करने की अनुमति दी है? तुम्हें अपने बारे में पूरी तरह से चिंतन करना चाहिए : क्या तुमने नई रोशनी के आने पर उसकी जाँच-पड़ताल कर उसे नकारा नहीं था, यहाँ तक कि
- [सहस्राब्दि राज्य आ चुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-millennial-kingdom-has-arrived-selections.html) - क्या तुम लोगों ने देखा है कि इस समूह के लोगों में परमेश्वर कौन-सा कार्य पूरा करेगा? परमेश्वर ने एक बार कहा था कि सहस्राब्दि राज्य में भी लोगों को उसके कथनों का पालन आगे करते रहना होगा और भविष्य में कनान के उत्तम देश में परमेश्वर के कथन मनुष्य के जीवन का सीधे तौर
- [अध्याय 10](https://hi.kingdomsalvation.org/tenth-utterance.html) - तुम्हें इस या उस चीज से नहीं डरना चाहिए; चाहे तुम्हें कितनी भी मुसीबतों या खतरों का सामना करना पड़े, तुम्हें किसी भी अड़चन से बाधित हुए बिना मेरे सम्मुख अडिग रहने में सक्षम होना चाहिए ताकि मेरी इच्छा बेरोक-टोक कार्यान्वित हो सके। यह तुम्हारा कर्तव्य है; अन्यथा मैं अपना क्रोध तुम पर उतारूँगा और
- [नए युग की आज्ञाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/the-commandments-of-the-new-age-selections.html) - परमेश्वर के कार्य का अनुभव करने में तुम लोगों को परमेश्वर के वचनों को सावधानीपूर्वक पढ़ना और अपने आपको सत्य से लैस करना चाहिए। किंतु तुम लोग क्या करना चाहते हो या इसे कैसे करना चाहते हो, इस बारे में तुम लोगों की मार्मिक प्रार्थनाओं या अनुनय-विनय की कोई आवश्यकता नहीं है, और ये चीजें
- [अध्याय 9](https://hi.kingdomsalvation.org/ninth-utterance.html) - मैं तुझे याद दिलाना चाहता हूँ कि तुझे थोड़ा-भी अनमना या मेरे वचन के प्रति लापरवाह बिल्कुल नहीं होना चाहिए; तुझे मेरे इरादों पर ध्यान देना, उनका पालन करना और उनके अनुसार काम करना चाहिए। तुझे सदैव सतर्क रहना चाहिए और तेरा स्वभाव कभी भी घमंडी और आत्मतुष्ट नहीं होना चाहिए; और तुझे अपने भीतर
- [परमेश्वर द्वारा मनुष्य को इस्तेमाल करने के विषय में](https://hi.kingdomsalvation.org/concerning-God-s-use-of-man-judgment.html) - ऐसे लोगों के अतिरिक्त, जिन्हें पवित्र आत्मा का विशेष निर्देश और मार्गदर्शन प्राप्त है, लोग स्वतंत्र रूप से जीवन जीने में सक्षम नहीं हैं। उन सभी को परमेश्वर द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लोगों की सेवकाई और चरवाही की आवश्यकता होती है, इसलिए परमेश्वर हर युग में अलग-अलग लोगों को खड़ा करता है, जो उसके
- [अध्याय 8](https://hi.kingdomsalvation.org/eighth-utterance.html) - जब से सर्वशक्तिमान परमेश्वर—राज्य के राजा—की गवाही दी गई है, तब से पूरे ब्रह्मांड में परमेश्वर के प्रबंधन का दायरा पूरी तरह खुलकर सामने आ गया है। परमेश्वर के प्रकटन की गवाही न केवल चीन में दी गई है, बल्कि सभी राष्ट्रों और सभी स्थानों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नाम की गवाही दी गई है।
- [परमेश्वर के इरादों के अनुरूप सेवा कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-serve-in-harmony-with-god-will-selections.html) - जब कोई परमेश्वर में विश्वास करता है, तो उसे वास्तव में, कैसे उसकी सेवा करनी चाहिए? किन शर्तों को पूरा किया जाना चाहिए और परमेश्वर की सेवा करने वाले उन लोगों द्वारा किन सच्चाइयों को समझना चाहिए? और कहाँ पर तुम लोग अपनी सेवा में विचलित हो सकते हो? तुम लोगों को इन सभी बातों
- [अध्याय 7](https://hi.kingdomsalvation.org/seventh-utterance.html) - हमारे आस-पास परिवेशों का उठना आत्मा में हमारी वापसी को बढ़ाता है। कठोर दिल से काम मत करो, इस बात की अवहेलना मत करो कि पवित्र आत्मा चिंतित है या नहीं, चालाक बनने की कोशिश न करो। बेपरवाह तथा आत्म-तुष्ट न बनो या अपनी कठिनाइयों को न बढ़ाओ। केवल एक ही चीज़ जो करनी है
- [बुरे लोगों को निश्चित ही दंड दिया जाएगा](https://hi.kingdomsalvation.org/the-wicked-must-be-punished-selections.html) - इस बात का निरीक्षण करना कि तुम जो चीजें करते हो, क्या उसमें धार्मिकता का अभ्यास करते हो, और क्या तुम्हारे क्रियाकलाप परमेश्वर की जाँच-पड़ताल में टिके रह पाते हैं : यह वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा परमेश्वर में विश्वास करने वाले लोग अपने कार्य करते हैं। तुम लोग धार्मिक कहलाओगे, क्योंकि तुम लोग परमेश्वर
- [अध्याय 6](https://hi.kingdomsalvation.org/sixth-utterance.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, सभी चीजों का मुखिया, अपने सिंहासन से अपनी राजसी सामर्थ्य का उपयोग करता है। वह समस्त ब्रह्मांड और सभी चीजों पर राज करता है और संपूर्ण पृथ्वी पर हमारा मार्गदर्शन करता है। हमेशा उसके समीप रहो और शांतचित्त होकर उसके सम्मुख आओ, कभी एक पल भी मत खोना—सीखने के लिए हमेशा सबक होते
- [पूर्ण बनाए जा चुके लोगों से प्रतिज्ञाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/promises-to-those-who-have-been-perfected-selections.html) - वह कौन-सा मार्ग है, जिसके द्वारा परमेश्वर लोगों को पूर्ण बनाता है? कौन-कौन से पहलू उसमें शामिल हैं? क्या तुम परमेश्वर द्वारा पूर्ण बनाया जाना चाहते हो? क्या तुम परमेश्वर का न्याय और उसकी ताड़ना स्वीकार करना चाहते हो? तुम इन प्रश्नों से क्या समझते हो? यदि तुम ऐसे ज्ञान के बारे में बात नहीं
- [अध्याय 5](https://hi.kingdomsalvation.org/fifth-utterance.html) - पर्वत और नदियाँ बदल जाती हैं, धाराएँ अपनी दिशा में बहती रहती हैं और मनुष्य का जीवन उतना स्थायी नहीं होता जितना पृथ्वी और आकाश का। केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही शाश्वत और पुनर्जीवित जीवन है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी शाश्वत रूप से चलता रहता है! सभी चीज़ें और घटनाएं उसके हाथों में हैं, और शैतान
- [परमेश्वर में अपनी आस्था में तुम्हें परमेश्वर के प्रति समर्पण करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/in-your-faith-in-god-you-should-obey-god-selections.html) - तुम आखिर परमेश्वर में विश्वास क्यों करते हो? यह प्रश्न आने पर अधिकतर लोग अभी भी भ्रमित होते हैं और उनके पास व्यावहारिक परमेश्वर और स्वर्ग के परमेश्वर के बारे में हमेशा से दो बिल्कुल भिन्न दृष्टिकोण होते हैं। यह दिखाता है कि लोग समर्पण करने के लिए नहीं, बल्कि कुछ लाभ प्राप्त करने या
- [अध्याय 4](https://hi.kingdomsalvation.org/fourth-utterance.html) - प्रति क्षण हम देखेंगे और प्रतीक्षा करेंगे, आत्मा में शांत रहते हुए और शुद्ध हृदय से खोजते हुए। हम पर चाहे जो भी बीते, हमें आँख मूँदकर संगति में संलग्न नहीं होना चाहिए। हमें परमेश्वर के सम्मुख शांत रहने और निरंतर उसकी संगति में रहने की आवश्यकता है, और तब उसके उद्देश्य निश्चित रूप से
- [धार्मिक सेवा का शुद्धिकरण अवश्य होना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/end-religious-service-selections.html) - जबसे परमेश्वर ने जगत में अपना कार्य शुरू किया, उसने अनेक लोगों को अपनी सेवा के लिए पूर्व-निर्धारित किया है, जिसमें हर सामाजिक वर्ग के लोग शामिल हैं। इसमें उसका यह प्रयोजन है कि उसके इरादे पूरे होंगे और पृथ्वी पर उसका कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जाएगा—परमेश्वर का लोगों को अपनी सेवा के
- [अध्याय 3](https://hi.kingdomsalvation.org/third-utterance.html) - विजयी राजा अपने गौरवशाली सिंहासन पर विराजमान है। उसने छुटकारे का कार्य संपन्न कर लिया है और वह अपने सारे लोगों को महिमा में प्रकट होने लाया है। सारी चीजें उसके हाथों में रहती हैं और उसने अपनी दिव्य बुद्धि और पराक्रम से सिय्योन को निर्मित और मजबूत कर दिया है। अपने प्रताप से वह
- [भ्रष्ट मनुष्य परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में अक्षम है](https://hi.kingdomsalvation.org/corrupt-man-cannot-represent-god-selections.html) - मनुष्य सदा अंधकार के प्रभाव में रहा है, शैतान के प्रभाव में क़ैद, बच निकलने में असमर्थ रहा है, और शैतान के द्वारा संसाधित किए जाने के पश्चात्, उसका स्वभाव उत्तरोत्तर भ्रष्ट होता जाता है। कहा जा सकता है कि मनुष्य सदा ही अपने शैतानी भ्रष्ट स्वभाव के बीच रहा है और परमेश्वर से सच्चे
- [अध्याय 2](https://hi.kingdomsalvation.org/second-utterance.html) - फिलाडेल्फिया की कलीसिया ने अपना आकार ले लिया है जो पूरी तरह से परमेश्वर के अनुग्रह और दया के कारण हुआ है। संतों में परमेश्वर-प्रेमी हृदय उत्पन्न हुए हैं और वे अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर डगमगाते नहीं हैं। वे अपने इस विश्वास पर दृढ़ रहते हैं कि एकमात्र सच्चे परमेश्वर ने देहधारण किया है, कि
- [विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/what-viewpoint-believers-ought-to-hold.html) - मनुष्य ने जब पहली बार परमेश्वर पर विश्वास करना शुरू किया था, तब से उसने क्या पाया है? तुमने परमेश्वर के बारे में क्या जाना है? परमेश्वर पर अपने विश्वास के कारण तुम कितने बदले हो? आज, तुम सभी लोग यह जानते हो कि परमेश्वर में मनुष्य का विश्वास सिर्फ आत्मा के उद्धार और देह
- [अध्याय 1](https://hi.kingdomsalvation.org/first-utterance.html) - स्तुति सिय्योन तक आ गई है और परमेश्वर का निवास स्थान प्रकट हो गया है। महिमाशाली पवित्र नाम का परमेश्वर के चुने असंख्य लोग गुणगान कर रहे हैं और यह फैलता जा रहा है। आह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर! ब्रह्मांड का मुखिया, अंत के दिनों का मसीह—वह जगमगाता सूर्य है जो पूरे ब्रह्मांड में उदित हुआ है,
- [संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन—अध्याय 29](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-ninth-utterance-selections.html) - जिस दिन सभी चीज़ें पुनर्जीवित हुईं, मैं मनुष्यों के बीच आया, और मैंने उनके साथ अद्भुत दिन और रातें बिताई हैं। केवल इस बिंदु पर ही मनुष्य को मेरी सुलभता का थोड़ा-सा एहसास होता है, और जैसे-जैसे मेरे साथ उसकी अंतःक्रिया बढ़ने लगती है, वह मेरे पास जो है और जो मैं हूँ उसे थोड़ा-सा
- [परिचय](https://hi.kingdomsalvation.org/introduction-words.html) - 11 फरवरी 1991 को परमेश्वर ने कलीसिया में अपना पहला कथन कहा, और इस कथन का उस समय पवित्र आत्मा की धारा में रहने वाले एक-एक व्यक्ति पर असाधारण प्रभाव पड़ा। इस कथन में उल्लेख किया गया था कि “परमेश्वर का निवास स्थान-प्रकट हो गया है” और “ब्रह्मांड का मुखिया, अंत के दिनों का मसीह—वह
- [संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन—अध्याय 26](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twenty-sixth-utterance-selections.html) - मेरे घर में कौन रहा है? मेरे लिए कौन खड़ा हुआ है? किसने मेरे लिए दुःख उठाया है? किसने मेरे सामने प्रतिज्ञा ली है? किसने वर्तमान तक मेरा अनुसरण किया है और फिर भी विरक्त नहीं हुआ है? सारे मनुष्य ठण्डे और भावहीन क्यों हैं? मानवजाति ने मेरा परित्याग क्यों कर दिया है? मानवता मेरे
- [प्रस्तावना](https://hi.kingdomsalvation.org/preface-4.html) - यद्यपि बहुत सारे लोग परमेश्वर में विश्वास करते हैं, लेकिन कुछ ही लोग यह समझते हैं कि परमेश्वर में विश्वास का अर्थ क्या है और परमेश्वर के इरादों के अनुरूप होने के लिए उन्हें वास्तव में कैसे कार्य करना चाहिए। ऐसा इसलिए है कि लोग यूँ तो “परमेश्वर” शब्द को और “परमेश्वर का कार्य” जैसे
- [ओ लोगो! आनंद मनाओ!](https://hi.kingdomsalvation.org/rejoice-all-ye-people-judgment.html) - मेरे प्रकाश में, लोग फिर से रोशनी देखते हैं। मेरे वचन में, लोग अपने आनंद के लिए चीजें प्राप्त करते हैं। मैं पूरब से आया हूँ, मैं पूरब से चला हूँ। जब मेरी महिमा की रोशनी चमकती है, तो बेशुमार देश प्रकाशित हो उठते हैं, सब कुछ आलोकित हो उठता है, एक भी चीज़ अंधकार
- [संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन—अध्याय 12](https://hi.kingdomsalvation.org/the-twelfth-utterance-selections.html) - जब पूर्व से बिजली चमकती है, जो कि निश्चित रूप से वो क्षण भी होता है जब मैं बोलना आरम्भ करता हूँ—जब बिजली चमकती है, तो संपूर्ण नभमंडल रोशन हो उठता है और सभी तारों का रूपान्तरण हो जाता है। पूरी मानवजाति ऐसी है मानो परिष्करण से गुजर चुकी हो। पूर्व से आने वाले इस
- [राज्य-गान](https://hi.kingdomsalvation.org/kingdom-anthem-judgment.html) - मेरे लोगों की भीड़ मेरी जय-जयकार करती है, मेरे लोगों की भीड़ मेरी स्तुति करती है; असंख्य मुख एकमात्र सच्चे परमेश्वर का गुणगान करते हैं, अनगिनत लोग मेरे कर्मों को देखने के लिए अपनी आँखें उठाकर दूर निहारते हैं। राज्य मनुष्यों के जगत में अवतरित होता है, मेरा व्यक्तित्व समृद्ध और प्रचुर है। इस पर
- [संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन—अध्याय 10](https://hi.kingdomsalvation.org/the-tenth-utterance.html) - राज्य का युग, आख़िरकार, बीते हुए समयों से अलग है। इसका सरोकार इस बात से नहीं है कि मानवता कैसे काम करती है; बल्कि, मैं व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करने के लिए पृथ्वी पर उतरा हूँ, जो कुछ ऐसा कार्य है जिसकी मानव न तो कल्पना कर सकते हैं और न ही जिसे वे
- [संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन—अध्याय 8](https://hi.kingdomsalvation.org/the-eighth-utterance-selections.html) - जब मेरे प्रकाशन अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचेंगे, और जब मेरा न्याय अंत के निकट आएगा, तब यह वह समय होगा जब मेरे सभी लोग प्रकट और पूर्ण बना दिए जाएँगे। मैं ब्रह्माण्ड जगत के सभी कोनों की यात्रा करता हूँ, उन लोगों की अनवरत खोज में जो मेरे इरादों से मेल खाते हों और मेरे
- [संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन—अध्याय 6](https://hi.kingdomsalvation.org/the-sixth-utterance-selections.html) - आत्मा के मामलों में सचेतन बनो; मेरे वचन के प्रति चौकस रहो, और मेरे आत्मा और मेरे अस्तित्व, मेरे वचन और मेरे स्वरूप को एक अखंड इकाई की तरह समझने में वास्तव में समर्थ बनो, ताकि सभी लोग मुझे मेरी उपस्थिति में संतुष्ट कर सकें। जो कुछ भी है, उस पर मैं अपने कदम रख
- [संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन—अध्याय 5](https://hi.kingdomsalvation.org/the-fifth-utterance-selections.html) - मेरे आत्मा की आवाज मेरे संपूर्ण स्वभाव की अभिव्यक्ति है। क्या तुम लोग इस बात को समझते हो? इस बिंदु पर अस्पष्ट होना मेरा प्रत्यक्ष विरोध करने के समान होगा। क्या तुम लोगों ने इसमें निहित महत्व को सचमुच देखा है? क्या तुम लोगों को वास्तव में पता है कि मैं तुम पर कितना प्रयास,
- [संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन—अध्याय 4](https://hi.kingdomsalvation.org/the-fourth-utterance-selections.html) - मेरे सभी लोगों को जो मेरे सम्मुख सेवा करते हैं, अतीत के बारे में सोचना चाहिए कि क्या मेरे लिए तुम्हारे प्रेम में अशुद्धता थी? क्या मेरे प्रति तुम्हारी निष्ठा शुद्ध और सम्पूर्ण थी? क्या मेरे बारे में तुम लोगों का ज्ञान सच्चा था? तुम लोगों के हृदय में मेरा स्थान कितना था? क्या मैंने
- [आरंभ में मसीह के कथन—अध्याय 103](https://hi.kingdomsalvation.org/utterances-of-Christ-in-the-beginning-chapter-103-judgment.html) - एक गरजदार आवाज फूटती है, पूरे ब्रह्मांड को थरथराती हुई, कान बहरे करती हुई, और लोगों के पास इससे बच निकलने का समय ही नहीं होता। कुछ मार गिराए जाते हैं, कुछ नष्ट कर दिए जाते हैं, और कुछ का न्याय किया जाता है। यह सचमुच एक ऐसा दृश्य है, जैसा पहले कभी किसी ने
- [आरंभ में मसीह के कथन—अध्याय 88](https://hi.kingdomsalvation.org/utterances-of-Christ-in-the-beginning-chapter-88-judgment.html) - लोग इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकते कि मेरी गति किस हद तक तेज़ हो गई है : यह एक ऐसा चमत्कार हुआ है, जो मनुष्य के लिए अथाह है। दुनिया के सृजन के बाद से मेरी गति जारी रही है और मेरा कार्य कभी नहीं थमा है। समस्त ब्रह्मांडीय दुनिया दिन-प्रतिदिन बदलती
- [आरंभ में मसीह के कथन—अध्याय 15](https://hi.kingdomsalvation.org/utterances-of-Christ-in-the-beginning-chapter-15-judgment.html) - सभी कलीसियाओं में परमेश्वर का प्रकटन पहले ही हो चुका है। यह आत्मा ही है जो बोलता है; वह एक प्रबल अग्नि है, उसमें प्रताप है और वह न्याय कर रहा है; वह मनुष्य का पुत्र है, जो पाँवों तक का वस्त्र पहने हुए है और छाती पर सोने का पटुका बाँधे हुए है। उसके
- [आरंभ में मसीह के कथन—अध्याय 5](https://hi.kingdomsalvation.org/utterances-of-Christ-in-the-beginning-chapter-5-judgment.html) - पर्वत और नदियाँ बदल जाती हैं, धाराएँ अपनी दिशा में बहती रहती हैं और मनुष्य का जीवन उतना स्थायी नहीं होता जितना पृथ्वी और आकाश का। केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही शाश्वत और पुनर्जीवित जीवन है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी शाश्वत रूप से चलता रहता है! सभी चीज़ें और घटनाएं उसके हाथों में हैं, और शैतान
- [आरंभ में मसीह के कथन—अध्याय 3](https://hi.kingdomsalvation.org/utterances-of-Christ-in-the-beginning-chapter-3-judgment.html) - विजयी राजा अपने गौरवशाली सिंहासन पर विराजमान है। उसने छुटकारे का कार्य संपन्न कर लिया है और वह अपने सारे लोगों को महिमा में प्रकट होने लाया है। सारी चीजें उसके हाथों में रहती हैं और उसने अपनी दिव्य बुद्धि और पराक्रम से सिय्योन को निर्मित और मजबूत कर दिया है। अपने प्रताप से वह
- [आरंभ में मसीह के कथन—अध्याय 2](https://hi.kingdomsalvation.org/utterances-of-Christ-in-the-beginning-chapter-2-judgment.html) - फिलाडेल्फिया की कलीसिया ने अपना आकार ले लिया है जो पूरी तरह से परमेश्वर के अनुग्रह और दया के कारण हुआ है। संतों में परमेश्वर-प्रेमी हृदय उत्पन्न हुए हैं और वे अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर डगमगाते नहीं हैं। वे अपने इस विश्वास पर दृढ़ रहते हैं कि एकमात्र सच्चे परमेश्वर ने देहधारण किया है, कि
- [आरंभ में मसीह के कथन—अध्याय 1](https://hi.kingdomsalvation.org/utterances-of-Christ-in-the-beginning-chapter-1-judgment.html) - स्तुति सिय्योन तक आ गई है और परमेश्वर का निवास स्थान प्रकट हो गया है। महिमाशाली पवित्र नाम का परमेश्वर के चुने असंख्य लोग गुणगान कर रहे हैं और यह फैलता जा रहा है। आह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर! ब्रह्मांड का मुखिया, अंत के दिनों का मसीह—वह जगमगाता सूर्य है जो पूरे ब्रह्मांड में उदित हुआ है,
- [पूर्ण कैसे बनाए जाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/how-to-be-perfected.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन पूर्ण कैसे बनाए जाएँ अगर तुम खुद को परमेश्वर द्वारा उपयोग में लाया जाना और पूर्ण बनाया जाना चाहते हो तो तुम्हारे पास सत्य का हर पहलू होना चाहिए : पीड़ा सहने का संकल्प,आस्था,सहनशीलता,समर्पण,सत्य खोजने और परमेश्वर के इरादे समझने की योग्यता,उसके दुःख और श्रमसाध्य इरादों के प्रति विचारशील
- [परमेश्वर के वचन मनुष्य के जीवन की सभी जरूरतों की आपूर्ति करते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/God-s-words-provide-all-needs.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर के वचन मनुष्य के जीवन की सभी जरूरतों की आपूर्ति करते हैं परमेश्वर द्वारा बोले गए वचन बाहरी तौर पर देखने में चाहे सरल हों या गहन,वे सब ऐसे सत्य हैं जो मनुष्य के जीवन प्रवेश के लिए अपरिहार्य हैं; वे जीवनदायी जल के ऐसे स्रोत हैं,जो मनुष्य
- [परमेश्वर के इरादों के प्रति विचारशील कौन है?](https://hi.kingdomsalvation.org/who-care-for-God-s-will.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर के इरादों के प्रति विचारशील कौन है? मनुष्य ने मेरी गर्मजोशी महसूस की है,मनुष्य ने सचमुच मेरी सेवा की है और मनुष्य ने सचमुच मेरे सम्मुख समर्पण किया है,मेरी उपस्थिति में मेरे लिए सब कुछ किया है। फिर भी आज के लोगों द्वारा यह अप्राप्य है; वे अपनी
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (15) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-15-part-1.html) - उत्पत्तियों के आधार पर लोगों की तीन श्रेणियाँ दानवों से पुनर्जन्म लिए हुए लोगों की विशेषताएँ II. दूसरी विशेषता : विकृति ख. देह की यौन इच्छाओं में लिप्त होना पिछली बार हमने दानवों से पुनर्जन्म लेने वालों में विकृति की तीन विशिष्ट अभिव्यक्तियों के बारे में संगति की थी : लंपटता, कामोत्तेजकता और व्यभिचारिता—यानी लोगों
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (15) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-15-part-2.html) - ग. विचित्रता दानवों से पुनर्जन्म लेने वालों में विकृति के भीतर लंपटता, व्यभिचारिता और कामोत्तेजकता की अभिव्यक्तियों के बारे में संगति करने के बाद आओ, विकृति की एक और अभिव्यक्ति—विचित्रता—के बारे में संगति करें। “विचित्र” शब्द बहुत विषयवस्तु समेटे हुए है, जिसका निश्चित रूप से विचित्रता की विशिष्ट अभिव्यक्तियों से कुछ संबंध है। विचित्र होने
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (15) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-15-part-3.html) - हमने अभी जिन अभिव्यक्तियों पर संगति की, वे उन लोगों में विचित्रता की सबसे गंभीर अभिव्यक्तियाँ थीं जो दानव हैं। इन अभिव्यक्तियों का भेद पहचानना लोगों के लिए थोड़ा आसान होता है। कुछ अभिव्यक्तियाँ थोड़ी कम गंभीर भी होती हैं। यानी दैनिक जीवन में वे अक्सर कुछ चरम विचार और दृष्टिकोण रखते हैं, और चरम
- [परमेश्वर का प्रेम और सार स्वार्थरहित है](https://hi.kingdomsalvation.org/gods-love-and-essence-has-always-been-selfless.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर का प्रेम और सार स्वार्थरहित है जब तुम सचमुच परमेश्वर को समझने की कोशिश करते हो,जब परमेश्वर जो कुछ भी करता है उस सब में तुम उसके श्रमसाध्य इरादों को सच में समझ सकते हो,केवल तभी तुम परमेश्वर की महानता एवं उसकी निःस्वार्थता को महसूस कर सकते हो।
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (9) भाग पाँच](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-9-part-5.html) - दयालुता अगली अभिव्यक्ति दयालुता है। यह अभिव्यक्ति मानवता का एक गुण है। इतनी सारी चर्चा करने के बाद अंत में हम मानवता के एक गुण पर आ पहुँचे हैं; सही मायने में मानवता के बहुत-से गुण नहीं हैं। दयालुता मानवता का एक प्रकार का गुण है। चूँकि यह एक गुण है, इसलिए हमें इसके बारे
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (15) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-15-part-4.html) - III. तीसरी विशेषता : बुराई आओ, दानवों से पुनर्जन्म लेने वालों में विकृति की अभिव्यक्तियों पर संगति समाप्त करने के बाद अब उनकी एक और अभिव्यक्ति—बुराई—पर संगति करें। बुराई की अभिव्यक्तियाँ विकृति की अभिव्यक्तियों से समानताएँ रखती हैं, लेकिन उनमें अंतर भी हैं। विकृति की अभिव्यक्तियाँ सामान्य मानवता की सोच, जमीर, विवेक या सहज प्रवृत्तियों
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (9) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-9-part-3.html) - सुन्न होना चलो, एक और अभिव्यक्ति पर चर्चा करें, सुन्न होना। यह क्या समस्या है? (यह मानवता का एक दोष है।) सुन्न होना मानवता का एक दोष है। लोगों में सुन्न होने की सामान्य अभिव्यक्तियाँ क्या हैं? चीजें करते समय सुस्ती से प्रतिक्रिया करना, धीमी रफ्तार से चलना और लचीलेपन की कमी होना और समस्याओं
- [परमेश्वर का स्वभाव पवित्र और निर्दोष है](https://hi.kingdomsalvation.org/God-s-disposition-is-holy.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर का स्वभाव पवित्र और निर्दोष है परमेश्वर नीनवे के लोगों से चाहे जितना भी क्रोधित रहा हो,लेकिन जैसे ही उन्होंने उपवास की घोषणा की और टाट ओढ़कर राख पर बैठ गए,उसका हृदय धीरेधीरे नरम पड़ने लगा और उसने अपना मन बदलना शुरू कर दिया। उनसे यह घोषणा करने
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (9) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-9-part-4.html) - संदेह करने की प्रवृत्ति होना चलो, इसके बाद हम संदेह करने की प्रवृत्ति होने पर चर्चा करें। हमने अभी-अभी ऐसी किस अभिव्यक्ति पर चर्चा की जो संदेह करने की प्रवृत्ति से कुछ हद तक मिलती-जुलती है? (संवेदनशीलता।) संवेदनशीलता किस तरह की समस्या है? (मानवता का एक दोष है।) संदेह करने की प्रवृत्ति संवेदनशीलता से एक
- [तुम्हें परमेश्वर के प्रति सच्चा प्रेम रखने का प्रयास करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/spontaneous-love-for-God.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन तुम्हें परमेश्वर के प्रति सच्चा प्रेम रखने का प्रयास करना चाहिए आज,व्यावहारिक परमेश्वर के एक विश्वासी के रूप में तुम्हें सही रास्ते पर कदम रखना होगा। परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें बस आशीष नहीं खोजने चाहिए; इसके बजाय तुम्हें परमेश्वर से प्रेम करने और परमेश्वर को जानने का
- [परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो उसके प्रति पूर्णतः ईमानदार हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/human-heart-is-treacherous.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो उसके प्रति पूर्णतः ईमानदार हैं तुम्हें पता होना चाहिए कि परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो ईमानदार हैं। परमेश्वर के पास विश्वासयोग्यता का सार है,अतः उसके वचनों पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है; इसके अतिरिक्त,उसके क्रियाकलाप दोषरहित और
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (5) भाग पाँच](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-5-part-5.html) - वह जो ताकतवर लोगों की खुशामद करना पसंद करता है एक और प्रकार का व्यक्ति होता है : वह जो ताकतवर लोगों की खुशामद करना पसंद करता है। क्या वे लोग जो ताकतवर लोगों की खुशामद करते हैं, अच्छे होते हैं या बुरे? (वे बुरे होते हैं।) वे किन तरीकों से बुरे होते हैं? इस
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (5) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-5-part-2.html) - सत्य का अनुसरण करने का पहला अभ्यास : त्याग देना अपने और परमेश्वर के बीच की बाधाओं और परमेश्वर के प्रति अपनी शत्रुता को त्याग देना I. परमेश्वर के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना : परमेश्वर के कार्य के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना च. परमेश्वर का
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (5) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-5-part-1.html) - परिशिष्ट : अफवाहों के साथ कैसे पेश आएँ क्या हाल ही में कुछ लोगों ने कुछ नकारात्मक अफवाहें सुनी हैं? (हाँ।) जब तुम लोगों ने ये अफवाहें सुनीं तब तुम्हारी क्या प्रतिक्रिया थी? क्या तुम डर गए थे? क्या तुम जिज्ञासु थे? क्या तुम लोग जानना चाहते हो कि ये अफवाहें आखिर किस बारे में
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (5) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-5-part-4.html) - चीजें करते समय बारीकी बरतना और अतिसतर्क होना लापरवाही मानवता का दोष है। तो फिर चीजें करते समय बारीकी बरतना और अतिसतर्क होना और साथ ही मूल, मुख्य बिंदुओं पर पकड़ बनाने में भी समर्थ होना, समस्याएँ कहाँ हैं यह पहचानने में और समस्याओं के सार की असलियत देखने में समर्थ होना—क्या यह मानवता का
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (5) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-5-part-3.html) - चीजों को करने में जोरदार तरीके से शुरुआत करना लेकिन कमजोर तरीके से समाप्त करना चीजों को जोरदार तरीके से शुरू करना लेकिन कमजोर तरीके से समाप्त करना—यह किस तरह के मुद्दे के तहत आता है? (व्यक्ति की मानवता का दोष है।) यह व्यक्ति की मानवता का दोष है। कुछ लोग किसी उपक्रम को शुरू
- [परमेश्वर के विश्वासी को किस चीज का अनुसरण करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/what-believer-should-pursue.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर के विश्वासी को किस चीज का अनुसरण करना चाहिए पतरस ने जिस चीज का भी अनुसरण किया वह सब कुछ परमेश्वर के इरादों के अनुरूप था। वह परमेश्वर के इरादे पूरे करने का अनुसरण करता था और भले ही उसे कठिनाई और विपत्ति सहनी पड़े,तो भी वह हर
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (8) भाग पाँच](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-8-part-5.html) - बदमिजाज होना बदमिजाज होना, गुस्सैल होना—यह किस पहलू से संबंधित है? (यह मानवता की एक कमी है।) बदमिजाज होने को गुस्सैल होना भी कहा जा सकता है—क्या इसे मानवता की एक कमी माना जाता है? (नहीं।) इसे कैसे देखा जाना चाहिए? एक व्यक्ति जो खुशमिजाज है, अपना द्वेष मुस्कान के पीछे छिपाकर रखता है, हमेशा
- [परमेश्वर में विश्वास करना मगर सत्य को स्वीकार न करना छद्म-विश्वासी होना है](https://hi.kingdomsalvation.org/not-accept-truth-is-unbeliever.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर में विश्वास करना मगर सत्य को स्वीकार न करना छद्मविश्वासी होना है कुछ लोग सत्य से प्रेम नहीं करते,न्याय से तो और भी कम प्रेम करते हैं। इसके बजाय वे सत्ता और दौलत से प्रेम करते हैं; ऐसे लोग सत्ता चाहने वाले कहे जाते हैं। वे केवल दुनिया
- [चमकती पूर्वी बिजली कहां से आती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/where-does-eastern-lightning-come-from.html) - प्रभु यीशु के ज्यादातर अनुयायी अपने पादरियों, एल्डर्स, या प्रचारकों से चमकती पूर्वी बिजली के बारे में सुनते हैं, लेकिन असलियत में कोई नहीं जानता है कि चमकती पूर्वी बिजली आई कहां से। जब चमकती पूर्वी बिजली के अस्तित्व की बात हो, तो हर किसी का स्वयं ही का मत है : कुछ लोग मानते
- [चमकती पूर्वी बिजली की सफलता का उद्गम](https://hi.kingdomsalvation.org/eastern-lightnings-prosperity.html) - हर बार जब चमकती पूर्वी बिजली का वर्णन होता है, प्रभु में रहने वाले कई भाई बहनें हैरानी महसूस करते हैं : ऐसा क्यों है कि जैसे-जैसे धार्मिक समुदाय पूरी तरह से उजाड़ व पतित हो रहा है, जैसे-जैसे हर धर्म चमकती पूर्वी बिजली का विरोध करने और उसे निर्वासित करने के लिए उत्तरोत्तर सतर्क
- [पूर्वी बिजली अबाध प्रगति के साथ आगे क्यों बढ़ती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/why-does-eastern-lightning-unstoppable-progress.html) - अंतिम दिनों का मसीह मुख्य भूमि चीन में 20 से अधिक वर्षों से अपना कार्य करता आया है, एक ऐसा कार्य जिसने विभिन्न धार्मिक संप्रदायों को जड़ से हिला दिया है। इस समय के दौरान धार्मिक समुदाय के लिए सबसे उलझा हुआ सवाल यह रहा है : अधिकांश पादरियों और प्राचीनों ने पूर्वी बिजली का
- [2. एक पीड़ादायी विफलता से सीखे गए सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-9-2.html) - गैब्रिएला, इटली 2014 में, मैंने कलीसिया में अभिनय का कर्तव्य निभाना शुरू कर दिया। अभिनय करने और अपने हुनर को निखारने के अलावा, बाकी समय मैं अपनी मर्जी से बिताती थी, इसलिए मेरा जीवन अपेक्षाकृत स्वतंत्र और आरामदायक था। चूँकि मुझे अभिनय करना पसंद था और मैं अपने प्रदर्शन में मेहनत करने को तैयार थी,
- [जो परमेश्वर को दोषी ठहराने के लिए बाइबल का उपयोग करते हैं वे सब फरीसी हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/use-bible-to-condemn-God-are-pharisees.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन जो परमेश्वर को दोषी ठहराने के लिए बाइबल का उपयोग करते हैं वे सब फरीसी हैं यहूदी फरीसी यीशु को दोषी ठहराने के लिए मूसा की व्यवस्था का उपयोग करते थे। वे यीशु के अनुरूप होने का प्रयास नहीं करते थे,बल्कि व्यवस्था के प्रत्येक अनुच्छेद के साथ इतनी गंभीरता
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (8) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-8-part-4.html) - सत्य का अनुसरण करने का पहला अभ्यास : त्याग देना अपने और परमेश्वर के बीच की बाधाओं और परमेश्वर के प्रति अपनी शत्रुता को त्याग देना I. परमेश्वर के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना : परमेश्वर के कार्य के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना च. परमेश्वर का
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (10) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-10-part-4.html) - बड़ी-बड़ी बातें करना अगली अभिव्यक्ति है बड़ी-बड़ी बातें करना और कुछ भी वास्तविक न करना। आओ हम पहले यह चर्चा करें कि यह किस प्रकार की समस्या है। ऐसे लोगों को ऊँचे-ऊँचे धर्म-सिद्धांत बोलने और बड़ी-बड़ी बातें करने में आनंद आता है। सभाओं में वे अक्सर अपनी आकांक्षाओं, संकल्पों, अपनी खुद की समझ और कार्य
- [युवाओं को जिन बातों का अनुसरण करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/what-the-young-must-pursue.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन युवाओं को जिन बातों का अनुसरण करना चाहिए युवाओं को आकांक्षाओं से रहित नहीं होना चाहिए। उन्हें मसलों का भेद पहचानने,न्याय और सत्य खोजने के संकल्प से रहित नहीं होना चाहिए। युवा लोगों को कपट से भरा नहीं होना चाहिए या दूसरे लोगों के प्रति भेदभावपूर्ण नजरों से भरा
- [जब मनुष्य अनंत मंजिल में प्रवेश करेगा](https://hi.kingdomsalvation.org/when-mankind-enters-eternal-destination.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन जब मनुष्य अनंत मंजिल में प्रवेश करेगा जब मनुष्य अनंत मंजिल में प्रवेश करेगा,तो मनुष्य सृष्टिकर्ता की आराधना करेगा और चूँकि मनुष्य बचाया जा चुका होगा और अनंतता में प्रवेश कर चुका होगा,इसलिए अब वह किसी लक्ष्य का अनुसरण नहीं करेगा,शैतान द्वारा घेरे जाने की चिंता करने की जरूरत
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (7) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-7-part-3.html) - नंबर 11 : नवाचार क्षमता व्यक्ति की काबिलियत का मूल्यांकन करने का ग्यारहवाँ मानक नवाचार क्षमता है। नवाचार क्षमता वह रचनात्मक क्षमता है जो किसी चीज के मूलतत्वों, सिद्धांतों और नियमों को जानने के बाद तुम्हें जो समझ प्राप्त होती है उसके आधार पर तुम्हारे पास होती है। इस रचनात्मक क्षमता का मतलब है इस
- [अंत के दिनों के मसीह को अस्वीकार करने वाले सदा के लिए दंडित किए जाएँगे](https://hi.kingdomsalvation.org/forsakers-of-Christ-will-suffer-punishment.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन अंत के दिनों के मसीह को अस्वीकार करने वाले सदा के लिए दंडित किए जाएँगे बहुत से लोगों को शायद इसकी परवाह न हो कि मैं क्या कहता हूँ,किंतु फिर भी मैं यीशु का अनुसरण करने वाले हर तथाकथित संत को बताना चाहता हूँ कि जब तुम लोग यीशु
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (8) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-8-part-1.html) - लोगों की काबिलियत का भेद पहचानने के लिए सिद्धांत इन पिछले दिनों हमारी संगति इस विषय पर रही है कि विभिन्न पहलुओं में काबिलियत का भेद कैसे पहचाना जाए, है ना? (हाँ।) काबिलियत के विभिन्न पहलुओं और स्तरों की विशिष्ट अभिव्यक्तियों पर हमारी संगति के जरिये क्या तुम लोग यह निष्कर्ष निकाल सकते हो कि
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (8) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-8-part-2.html) - III. खराब काबिलियत की अभिव्यक्तियाँ आओ, इसके बाद हम खराब काबिलियत वाले लोगों की अभिव्यक्तियाँ संक्षेप में प्रस्तुत करें। खराब काबिलियत वाले लोगों की अभिव्यक्तियाँ निश्चित रूप से औसत काबिलियत वाले लोगों से बदतर होती हैं। खराब काबिलियत वाले लोगों की अभिव्यक्तियाँ क्या हैं? वे ये हैं कि हालाँकि वे परमेश्वर के वचनों की उनकी
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (8) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-8-part-3.html) - लोगों की काबिलियत का मूल्यांकन करने के लिए इस बात का उपयोग करना कि उनमें आध्यात्मिक समझ है या नहीं अगर हम इस तरीके से सत्य सिद्धांतों का उपयोग करके लोगों की काबिलियत का मूल्यांकन करते हैं तो प्रासंगिक अभिव्यक्तियाँ वही होती हैं जिन पर हमने अभी-अभी संगति की। इसलिए अगर हम लोगों की काबिलियत
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (10) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-10-part-3.html) - कलुषता आओ हम एक और अभिव्यक्ति के बारे में बात करें : कलुषता। यह किस तरह की समस्या है? (यह नीच चरित्र की समस्या है।) कलुषता नीच चरित्र के तहत आती है और इसे मानवता के तहत श्रेणीबद्ध किया जाता है। क्या कलुषता कुछ हद तक घटियापन के समान है? (हाँ।) यह भी नीच चरित्र
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (10) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-10-part-2.html) - 6. जन्मजात स्थितियों, मानवता और भ्रष्ट स्वभावों की विभिन्न अभिव्यक्तियाँ घटियापन इससे पहले हमने ऐसी कई विशिष्ट अभिव्यक्तियों के बारे में संगति की थी जिनमें मानवता, जन्मजात स्थितियाँ और भ्रष्ट स्वभाव शामिल हैं। आज हम कुछ ऐसी विशिष्ट अभिव्यक्तियों के बारे में संगति करना जारी रखेंगे जिनमें ये तीन पहलू शामिल हैं। हम पहली अभिव्यक्ति
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (10) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-10-part-1.html) - सत्य का अनुसरण करने का पहला अभ्यास : त्याग देना अपने और परमेश्वर के बीच की बाधाओं और परमेश्वर के प्रति अपनी शत्रुता को त्याग देना I. परमेश्वर के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना : परमेश्वर के कार्य के बारे में अपनी धारणाओं और कल्पनाओं को त्याग देना च. परमेश्वर का
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (10) भाग पाँच](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-10-part-5.html) - साहित्य पसंद करना, तकनीक पसंद करना आदि आओ हम एक और अभिव्यक्ति के बारे में बात करें, साहित्य पसंद करना। यह किस प्रकार की अभिव्यक्ति है? (एक जन्मजात स्थिति।) यानी ऐसे लोग स्वाभाविक रूप से साहित्य पसंद करते हैं। क्योंकि उन्हें साहित्य पसंद होता है, इसलिए जब साहित्य से संबंधित विषयों, किताबों और मामलों की
- [जब परमेश्वर स्वयं इस संसार में आता है](https://hi.kingdomsalvation.org/when-God-comes-unto-world.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन जब परमेश्वर स्वयं इस संसार में आता है जिस क्षण मेरे लोग मेरे कार्यों के परिणामस्वरूप मेरे साथसाथ महिमा प्राप्त करेंगे,उस क्षण बड़े लाल अजगर की माँद उजागर कर दी जाएगी,सारा कीचड़ साफ कर दिया जाएगा और असंख्य वर्षों से जमा सारा दूषित जल मेरी दहकती आग में सूख
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (7) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-7-part-4.html) - लोगों की काबिलियत का व्यापक रूप से मूल्यांकन कैसे करें अब हमने किसी व्यक्ति की काबिलियत का मूल्यांकन करने के लिए ग्यारह क्षमताओं में से अंतिम क्षमता—नवाचार क्षमता—पर चर्चा समाप्त कर ली है। इन ग्यारह क्षमताओं पर संगति करने के बाद क्या तुम लोग अपनी खुद की काबिलियत के बारे में कुछ हद तक पहले
- [अंत के दिनों में मसीह के प्रकटन और कार्य को कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/how-should-you-meet-the-return-of-christ-of-the-last-days.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन अंत के दिनों में मसीह के प्रकटन और कार्य को कैसे जानें जो देहधारी परमेश्वर है उसके पास परमेश्वर का सार है और जो देहधारी परमेश्वर है उसके पास परमेश्वर की अभिव्यक्ति है। चूँकि परमेश्वर देहधारी बना है,इसलिए वह उस कार्य को अपने साथ लाता है जो वह करना
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (7) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-7-part-2.html) - जब बात चीजों का मूल्यांकन करने और उनका मूल्य पहचानने की क्षमता की आती है, तो भले ही इसमें भ्रष्ट स्वभाव छोड़ देने के लिए सत्य का अनुसरण करने का मुद्दा शामिल न हो, खुद मानव जीवन के लिहाज से, अगर तुममें चीजों का मूल्य पहचानने की क्षमता नहीं है, तुम जो कुछ भी देखते
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (7) भाग पाँच](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-7-part-5.html) - अपनी काबिलियत के साथ सही तरीके से कैसे पेश आएँ इस बारे में संगति करने के बाद कि काबिलियत क्या है और लोगों की काबिलियत के स्तरों और प्रकारों को कैसे विभाजित करना है, जब तुम लोगों ने सुनना समाप्त किया तो उसके बाद क्या तुम्हें कोई लाभ प्राप्त हुआ? (हाँ।) क्या तुम सही मायने
- [परमेश्वर के प्रकटन को उसके न्याय और ताड़ना में देखना](https://hi.kingdomsalvation.org/about.html) - प्रभु यीशु मसीह के करोड़ों अन्य अनुयायियों के समान हम बाइबल की व्यवस्थाओं और आज्ञाओं का पालन करते हैं, प्रभु यीशु मसीह के विपुल अनुग्रह का आनंद लेते हैं, और प्रभु यीशु मसीह के नाम पर एक-साथ इकट्ठे होते हैं, प्रार्थना, गुणगान और सेवा करते हैं—और यह सब हम प्रभु की देखभाल और सुरक्षा के
- [ईसाई धर्म और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us-questions-4.html) - ईसाई धर्म और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया एक ही परमेश्वर में विश्वास करते हैं। जो लोग धर्म के इतिहास को समझते हैं, वे जानते हैं कि इस्राएल में व्यवस्था के युग में यहोवा द्वारा किये गए कार्य से यहूदी धर्म पैदा हुआ था। ईसाई धर्म, कैथोलिक पंथ और पूर्वी रूढ़िवादी पंथ की कलीसियाएँ वो थीं
- [हम क्यों कहते हैं कि वचन देह में प्रकट होता है परमेश्वर के कथनों का संकलन है?](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us-questions-8.html) - बाइबल से, हम सब यह देख सकते हैं कि चाहे वचनों को सीधे परमेश्वर की आत्मा द्वारा बोला गया हो, किसी भविष्यवक्ता के माध्यम से वे संप्रेषित हुए हों, या प्रभु यीशु की छवि के माध्यम से परमेश्वर के द्वारा कहे गए हों, वे सभी परमेश्वर के ही कथन हैं। परमेश्वर के कोई भी वचन
- [क्यों कहा जाता है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया देहधारी परमेश्वर में विश्वास करती है](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us-questions-7.html) - दो सबसे बड़े धर्म—ईसाई धर्म और कैथोलिक धर्म—दोनों ही प्रभु यीशु पर विश्वास करते हैं और यह स्वीकार करते हैं कि वे परमेश्वर के अवतार थे। बाहर से, प्रभु यीशु मनुष्य के एक साधारण और सामान्य पुत्र के रूप में नज़र आते थे, लेकिन उनका एक दिव्य सार था, उन्होंने सत्य को व्यक्त किया और
- [परमेश्वर राज्य के युग में सर्वशक्तिमान परमेश्वर का नाम क्यों लेते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us-questions-1.html) - बहुत से लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि चूँकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंतिम दिनों में प्रभु यीशु की वापसी हैं, तो क्यों जब प्रभु यीशु अंतिम दिनों में न्याय का कार्य करने के लिए आते हैं, तो उन्हें सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहा जाता है। क्यों उन्हें प्रभु यीशु के नाम से ही बुलाना जारी नहीं रखा
- [क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर और प्रभु यीशु एक ही परमेश्वर हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us-questions-3.html) - जब मानव जाति शैतान द्वारा भ्रष्ट हो गई, तो परमेश्वर ने मानवता के उद्धार के लिए उनकी प्रबंधन योजना शुरू की। परमेश्वर ने मानव जाति के उद्धार के कार्य को तीन चरणों में पूरा किया है। व्यवस्था के युग के दौरान, यहोवा परमेश्वर ने नियमों को जारी किया और मानव जाति के जीवन को निर्देशित
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की मूलभूत मान्यताएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us-questions-6.html) - (1) सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के सिद्धांत ईसाई धर्म के सिद्धांत बाइबल से उत्पन्न होते हैं, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के सिद्धांत उन सभी सच्चाइयों से उत्पन्न होते हैं, जो परमेश्वर द्वारा सृष्टि के समय से लेकर व्यवस्था के युग, अनुग्रह के युग और राज्य के युग के कार्य के दौरान व्यक्त किए गए
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया अस्तित्व में कैसे आई?](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us-questions-2.html) - ईसाई धर्म की कलीसियाओं की तरह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया भी देहधारी परमेश्वर के कार्य के कारण अस्तित्व में आई। ईसाई धर्म की कलीसियाएँ देहधारी प्रभु यीशु के प्रकटन और कार्य के कारण बनीं, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया आख़िरी दिनों के देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकटन और कार्य के कारण अस्तित्व में आई। इस
- [हाय उन पर जो परमेश्वर को पुनः क्रूस पर चढ़ाते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/about-5.html) - अंतिम दिनों में, परमेश्वर ने कार्य करने के लिए चीन में देह धारण किया, और लाखों वचनों को व्यक्त किया, अपने वचनों से लोगों के समूह का दिल जीता, और उन्हें बचाया और परमेश्वर के घर से शुरुआत करके न्याय के नए युग का परिचय करवाया। आज, अंतिम दिनों के परमेश्वर के कार्यों का प्रसार
- [चीन में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के राज्य के सुसमाचार का प्रसार](https://hi.kingdomsalvation.org/about-4.html) - 1995 में, चीन के मुख्य भूभाग में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के राज्य के सुसमाचार के प्रमाणीकरण का कार्य औपचारिक रूप से शुरु हुआ। परमेश्वर के प्रति हमारे आभार और एक ऐसे प्रेम के साथ जो सच्चा था, हमने विभिन्न सम्प्रदायों के भाई-बहनों के सामने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के स्वरूप और कार्य का प्रमाण प्रस्तुत किया। हमने यह
- [हर दिन जो तुम अभी जीते हो, निर्णायक है](https://hi.kingdomsalvation.org/every-day-is-crucial.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन हर दिन जो तुम अभी जीते हो,निर्णायक है इस समय हर वह दिन निर्णायक है जिसे तुम लोग जीते हो और यह तुम्हारे गंतव्य और भाग्य के लिए बड़े ही महत्व का है,इसलिए आज जो कुछ भी तुम्हारे पास है,वह सब तुम्हें सँजोना चाहिए और गुजरने वाले हर क्षण
- [परमेश्वर का न्याय उसकी धार्मिकता और पवित्रता को प्रकट करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-reveals-righteousness.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर का न्याय उसकी धार्मिकता और पवित्रता को प्रकट करता है मैं आज जो वचन बोलता हूँ,वे मनुष्य के पापों का न्याय करने के लिए हैं,मनुष्य की अधार्मिकता का न्याय करने के लिए और मनुष्य के विद्रोहीपन को शाप देने के लिए हैं। मनुष्य की कुटिलता और धोखेबाजी,उसके शब्द
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (6) भाग तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-6-part-3.html) - नंबर 5 : संज्ञानात्मक क्षमता पाँचवीं क्षमता संज्ञानात्मक क्षमता है। संज्ञानात्मक क्षमता किसे संदर्भित करती है? इसका मुख्य जोर व्यक्ति की चीजों की समझ की मात्रा पर होता है। किसी व्यक्ति की संज्ञानात्मक क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए यह देखना चाहिए कि उसकी किसी चीज की समझ की मात्रा कितनी है और उस चीज
- [क्या तुम्हें पता है स्रोत अनंत जीवन का?](https://hi.kingdomsalvation.org/eternal-life.html) - परमेश्वर के वचनों का एक भजन क्या तुम्हें पता है स्रोत अनंत जीवन का? मनुष्य का जीवन परमेश्वर से उत्पन्न होता है,स्वर्ग का अस्तित्व परमेश्वर के कारण है,और पृथ्वी का बचे रहना भी परमेश्वर के जीवन के सामर्थ्य से उत्पन्न होता है। प्राणशक्ति से युक्त कोई भी वस्तु परमेश्वर की संप्रभुता से परे नहीं जा
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (6) भाग एक](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-6-part-1.html) - किसी व्यक्ति की काबिलियत का मूल्यांकन करने के 11 मानक पिछली सभा में हमने सत्य के अनुसरण से संबंधित एक प्रमुख विषय पर संगति की थी, “अपने और परमेश्वर के बीच की बाधाएँ और परमेश्वर के प्रति अपनी शत्रुता छोड़ देना।” इस प्रमुख विषय के भीतर हमने परमेश्वर के कार्य के बारे में इंसानी धारणाएँ
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (6) भाग दो](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-6-part-2.html) - नंबर 4 : चीजों को स्वीकारने की क्षमता चौथी क्षमता क्या है? चीजों को स्वीकारने की क्षमता। चीजों को स्वीकारने की क्षमता में चीजों को समझने की क्षमता और बोध क्षमता से कुछ भिन्नताएँ होती हैं। चीजों को स्वीकारने की क्षमता में यह शामिल है कि नई चीजें सामने आने पर क्या तुम यह भेद
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (6) भाग चार](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-6-part-4.html) - नंबर 7 : चीजों को पहचानने की क्षमता अब जबकि हमने आकलन करने की क्षमता पर चर्चा पूरी कर ली है तो चलो, अब चीजों को पहचानने की क्षमता के बारे में बात करते हैं। चीजों को पहचानने की क्षमता का क्या मतलब है? इसका मतलब मुख्य रूप से यह पहचानना है कि लोग, घटनाएँ
- [सत्य का अनुसरण कैसे करें (6) भाग छह](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-how-to-pursue-the-truth-2-6-part-6.html) - नंबर 9 : फैसला लेने की क्षमता आओ अब नौवीं क्षमता, फैसला लेने की क्षमता पर नजर डालें। फैसला लेने की क्षमता व्यक्ति की काबिलियत को काफी हद तक परखती है; औसत व्यक्ति में यह क्षमता नहीं होती। जिन लोगों में सच में काबिलियत और फैसला लेने की क्षमता होती है, वे ही फैसला लेने
## पृष्ठे
- [होम](https://hi.kingdomsalvation.org/) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ने राज्य के अवरोहण का सुसमाचार नामक वेबसाइट का निर्माण किया है। यह वेबसाइट सर्वशक्तिमान परमेश्वर—अंत के दिनों के मसीह—के वचनों, परमेश्वर के चुने हुए लोगों के अनुभवों और गवाहियों, सुसमाचार वीडियो आदि का संग्रह है। ये उन सभी लोगों को उपलब्ध कराये जाते हैं, जो परमेश्वर के प्रकटन की जांच-पड़ताल करने के अभिलाषी हैं।
- [न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/utterances-of-christ-of-the-last-days.html) - (संकलन) 1 2 3 1प्रस्तावना पहला भाग सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के लिए परमेश्वर का कथन(आरम्भ में मसीह के कथन) (चुने हुए भाग) 2चौथा कथन 3पाँचवाँ कथन 4छठवाँ कथन 5सातवाँ कथन 6आठवाँ कथन 7नौवाँ कथन 8दसवाँ कथन 9ग्यारहवाँ कथन 10बारहवाँ कथन 11तेरहवाँ कथन 12चौदहवाँ कथन 13पन्द्रहवाँ कथन 14सोलहवाँ कथन 15सत्रहवाँ कथन 16अठारहवाँ कथन 17उन्नीसवाँ कथन 18बीसवाँ कथन
- [राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश](https://hi.kingdomsalvation.org/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel.html)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-christ.html) - 11. पथभ्रष्ट होकर फिर से सन्मार्ग पर वापस आना 33. ओहदा खोने के बाद ... 44. एक उड़ाऊपुत्र की वापसी 2929. "देखने पर ही विश्वास होता है" पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए
- [मसीही जीवन](https://hi.kingdomsalvation.org/readings-a-christian-life.html) - परमेश्वर के दैनिक वचन—मसीही जीवन: परमेश्वर के वचनों को सुनने के द्वारा आप व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन और सिंचन पा सकते हैं, आप अधिक सत्य समझ सकते हैं, और अपने स्वभाव में परिवर्तन लाने तथा परमेश्वर से पूर्ण उद्धार पाने के मार्ग पर कदम रख सकते हैं।
- [परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो](https://hi.kingdomsalvation.org/behold-the-appearance-of-God.html)
- [राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन)](https://hi.kingdomsalvation.org/classic-questions-2.html)
- [कलीसियाई जीवन के भजन](https://hi.kingdomsalvation.org/praise-hymn.html)
- [हमारे बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us.html) - प्रस्तुत है सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की उत्पति और विकास की कहानी (चमकती पूर्वी बिजली के रूप में भी)।
- [सत्य के अनुसरण के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/on-the-pursuit-of-the-truth-2.html) - वचन देह में प्रकट होता है, खंड 7। सत्य के अनुसरण के बारे में सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों के मसीह द्वारा कलीसियाओं के साथ की गई विशेष संगति और उसके उपदेश शामिल हैं। ये उपदेश और संगति स्पष्ट और पारदर्शी ढंग से समझाते हैं कि सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ और महत्व है, वे सत्य के अनुसरण के बारे में मनुष्य की विभिन्न भ्रांतियों और विकृत समझ को प्रकट करते हैं, साथ ही मनुष्य के विभिन्न गलत विचारों, दृष्टिकोणों और धारणाओं और कल्पनाओं को प्रकट कर उनका गहन विश्लेषण और पहचान भी करते हैं। इसके अलावा, ये उपदेश और संगति मनुष्य को सत्य का अनुसरण करने और वास्तविकता में प्रवेश करने का मार्ग भी बताते हैं। उद्धार प्राप्त करने के लिए सत्य का अनुसरण करने वाले लोगों के वास्ते ये सत्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 8)](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-8.html)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 7)](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-7.html)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 6)](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-6.html)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 5)](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-5.html)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 4)](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-4.html)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 3)](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-3.html)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 2)](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-2.html)
- [अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/responsibilities-of-leaders-and-workers.html) - “अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ” पुस्तक “वचन देह में प्रकट होता है” का पाँचवाँ खंड है। इस पुस्तक में इस विषय पर कलीसियाओं के लिए अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के धर्मोपदेश और संगतियाँ निहित हैं। परमेश्वर ने अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों के साथ ही कलीसिया के कार्य की विभिन्न मदों के विशिष्ट सिद्धांतों और अभ्यास के मार्गों के बारे में स्पष्ट रूप से संगति की है। उसने नकली अगुआओं की विभिन्न अभिव्यक्तियों और कार्यों का सार भी उजागर किया है। नकली अगुआओं का भेद पहचानना, वास्तविक कार्य करना, परमेश्वर के प्रति समर्पण हासिल करना और उसके उपयोग के योग्य बनना सीखने के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है। यह लोगों को सत्य समझने, खुद को जानने और सिद्धांतों के अनुसार अपने कर्तव्य निभाने में अत्यंत लाभकारी है।
- [नया युग](https://hi.kingdomsalvation.org/new-age.html)
- [वचन देह में प्रकट होता है, खंड 6](https://hi.kingdomsalvation.org/on-the-pursuit-of-the-truth.html) - सत्य के अनुसरण के बारे में वचन देह में प्रकट होता है का छठा खंड है। इस पुस्तक में सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों के मसीह द्वारा कलीसियाओं के साथ की गई विशेष संगति और उसके उपदेश शामिल हैं। ये उपदेश और संगति स्पष्ट और पारदर्शी ढंग से समझाते हैं कि सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ और महत्व है, वे सत्य के अनुसरण के बारे में मनुष्य की विभिन्न भ्रांतियों और विकृत समझ को प्रकट करते हैं, साथ ही मनुष्य के विभिन्न गलत विचारों, दृष्टिकोणों और नकारात्मक भावनाओं को प्रकट कर उनका विश्लेषण और पहचान भी करते हैं। इसके अलावा, ये उपदेश और संगति मनुष्य को सत्य का अनुसरण करने और वास्तविकता में प्रवेश करने का मार्ग भी बताते हैं। उद्धार प्राप्त करने के लिए सत्य का अनुसरण करने वाले लोगों के वास्ते ये सत्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
- [परमेश्वर को जानने के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/on-knowing-God.html) - परमेश्वर को जानने के बारे में, वचन देह में प्रकट होता है के दूसरे खंड में, अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पूरी मानवता के लिए कथन शामिल हैं, जो परमेश्वर का प्रकटन और कार्य के बाद के हैं। परमेश्वर इनमें विभिन्न सत्यों की व्याख्या करता है, जैसे कि संसार की रचना के बाद से उसके द्वारा किया गया कार्य, उस कार्य में निहित उसकी इच्छा और मनुष्य से उसकी अपेक्षाएँ, और उसके कार्य से परमेश्वर के स्वरूप के साथ ही उसकी धार्मिकता, उसका अधिकार, उसकी पवित्रता, और इस तथ्य का उद्गार है कि वह सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद, वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करने वाले लोग इस बात की पुष्टि करने में सक्षम होंगे कि जो यह कार्य कर सकता है और ये स्वभाव प्रकट कर सकता है, वह वही है जो सभी चीजों का शासक है, और वे वास्तव में परमेश्वर की पहचान, उसकी हैसियत और उसके सार के बारे में भी जान सकते हैं, और इस प्रकार पुष्टि कर सकते हैं कि अंत के दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, स्वयं परमेश्वर है जो अद्वितीय है।
- [वचन, खंड 7 : सत्य के अनुसरण के बारे में (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/reading-on-the-pursuit-of-the-truth-2.html) - सत्य का अनुसरण करने का अर्थ क्या है, सत्य का अनुसरण करने का महत्व क्या है, और सत्य का अनुसरण कैसे करना है, यह समझने के लिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के पाठों को सुनें, ताकि आप सत्य का अनुसरण करने और उद्धार प्राप्त करने के मार्ग पर चल सकें।
- [मसीह-विरोधियों को उजागर करना](https://hi.kingdomsalvation.org/exposing-the-antichrists.html) - वचन देह में प्रकट होता है का चौथा खंड है मसीह-विरोधियों को उजागर करना। यह पुस्तक अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा कलीसियाओं को दिए गए धर्मोपदेशों और संगतियों की एक विशेषीकृत श्रृंखला है। परमेश्वर मसीह-विरोधियों के स्वभावों की प्रत्येक अभिव्यक्ति को पूरी तरह से उजागर करता है, उनके बारे में लोगों को स्पष्ट रूप से बताता है, जिससे उन्हें मसीह-विरोधियों के प्रकृति सार को पहचानने में काफी मदद मिलती है। मसीह-विरोधियों के स्वभाव शैतानी स्वभाव हैं, जो भ्रष्ट मानवजाति में भी मौजूद हैं। परमेश्वर द्वारा बचाए जाने के लिए, इससे पहले कि व्यक्ति को शुद्ध किया जा सके, उसे परमेश्वर के वचनों के न्याय को स्वीकारना होगा। मसीह-विरोधियों को उजागर करने वाले ये सत्य एक चेतावनी, संकेत, प्रकाशन और न्याय का काम करते हैं, जो सत्य समझने, खुद को जानने और शुद्धिकरण प्राप्त करने के लिए अत्यधिक फायदेमंद हैं। मसीह-विरोधियों को पहचानकर ही व्यक्ति दूसरों द्वारा गुमराह होने से बच सकता है, अन्य लोगों को आदर्श मानना और उनका अनुसरण करना बंद कर सकता है, और इसके बजाय परमेश्वर का अनुसरण करने, उसके प्रति समर्पण करने और उसकी आराधना करने का परिणाम हासिल कर सकता है।
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 9)](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-before-Christ-volume-9.html)
- [भजन](https://hi.kingdomsalvation.org/hymns.html) - यहां आप हिंदी मसीही गीतों की श्रृंखला पा सकते हैं, जिसमें 'परमेश्वर को जानना', 'परमेश्वर की स्तुति करना' और 'परमेश्वर की गवाही देना' शामिल हैं। वे सभी डाउनलोड करने और सुनने के लिए मुफ्त हैं।
- [वचन, खंड 4 : मसीह-विरोधियों को उजागर करना (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/audio-exposing-antichrists.html)
- [वचन, खंड 5 : अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/audio-responsibilities-of-leaders-and-workers.html)
- [वचन, खंड 6 : सत्य के अनुसरण के बारे में (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-on-the-pursuit-of-the-truth.html) - सत्य का अनुसरण करने का अर्थ क्या है, सत्य का अनुसरण करने का महत्व क्या है, और सत्य का अनुसरण कैसे करना है, यह समझने के लिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के पाठों को सुनें, ताकि आप सत्य का अनुसरण करने और उद्धार प्राप्त करने के मार्ग पर चल सकें।
- [वचन, खंड 3 : अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/readings-records-of-talks-of-Christ-of-the-last-days.html)
- [वचन, खंड 2 : परमेश्वर को जानने के बारे में (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/readings-on-knowing-God-selections.html)
- [वचन, खंड 1 : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य (संकलन)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-the-word-appears-in-the-flesh-selections.html)
- [सत्य वास्तविकताएं जिनमें परमेश्वर के विश्वासियों को जरूर प्रवेश करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/truth-realities-believers-must-enter-into.html)
- [अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन](https://hi.kingdomsalvation.org/the-discourses-of-Christ-of-the-last-days.html) - अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन, सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त पुस्तक, वचन देह में प्रकट होता है का तीसरा खंड है। पुस्तक के पहले भाग में सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा सभा में दिए गए उपदेश और संगति को शामिल किया गया है, दूसरे भाग में है सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा अगुआओं और कार्यकर्ताओं को दिए प्रवचन,
- [गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies.html) - इन गवाहियों में आपको ईसाइयों के सभी प्रकार के निबंध और वीडियो मिलेंगे, जैसे जीवन अनुभव की गवाहियाँ, विजेताओं की गवाहियाँ, और परमेश्वर के समक्ष लौटने की गवाहियाँ। परमेश्वर के प्रेम और उद्धार के बारे में और अधिक जानिए।
- [अनुभव और गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/books/testimonies.html)
- [परमेश्वर को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/readings-knowing-God.html) - परमेश्वर के दैनिक वचन—परमेश्वर को जानना: परमेश्वर के वचन सुनें, उसके कार्य, स्वभाव और सार को जानें, और परमेश्वर से डरने और बुराई से दूर रहने के रास्ते पर कदम रखेँ।
- [प्रभु की वापसी के संबंध में](https://hi.kingdomsalvation.org/website-subscription.html) - प्रभु की वापसी पर सुसमाचार वीडियो देखने के लिए नि: शुल्क सबसकराईब करे , और जाने कैसे बुद्धिमान कुंवारियों दूल्हे का स्वागत करते हैं , स्वर्गीय राज्य का मार्ग, आदि।
- [किताबें](https://hi.kingdomsalvation.org/books.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की बहुत सारी विविधतापूर्ण पुस्तकें यहाँ नि:शुल्क उपलब्ध हैं, जिनमें मसीह के कथन, सुसमाचार पुस्तकें, अनुभव और गवाहियाँ, और जीवन-प्रवेश पर पुस्तकें शामिल हैं।
- [वचन देह में प्रकट होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-word-appears-in-the-flesh.html) - 1 2 3 4 5 6 7 1प्रस्तावना 2परमेश्वर का प्रकटीकरण एक नया युग लाया है 3परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है 4परमेश्वर के प्रकटन को उनके न्याय और ताड़ना में देखना भाग एक संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए देहधारी परमेश्वर के कथन जब उन्होंने पहली बार परमेश्वर की सेवकाई आरंभ की 5परिचय 6पहली
- [साभार](https://hi.kingdomsalvation.org/credits.html) - साभार
- [मसीह के कथन](https://hi.kingdomsalvation.org/books/utterances-of-christ.html) - मसीह के वचन: ये पुस्तकें अंत के दिनों के मसीह की उपस्थिति और कार्य की गवाह हैं- सर्वशक्तिमान परमेश्वर। वे आपको परमेश्वर की 6,000 साल की प्रबंधन योजना के रहस्यों को समझने और स्वर्गीय राज्य में प्रवेश करने और अनन्त जीवन प्राप्त करने का मार्ग खोजने में मदद करेंगे।
- [पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/recital.html) - Daily Bread in Hindi (रोज की रोटी): By listening to and pondering God’s words daily, we will understand God’s work and keep pace with God’s work.
- [सुसमाचार](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel.html) - क्या आप यीशु मसीह के दूसरे आगमन के सुसमाचार के बारे में जानना चाहते हैं? इस पृष्ठ में यीशु मसीह के दूसरे आगमन के बारे में विभिन्न सुसमाचार विषयों को शामिल किया गया। यह आपको जल्द ही प्रभु की वापसी का स्वागत करने में मदद करेगा। अभी पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत](https://hi.kingdomsalvation.org/principles.html)
- [परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-truth.html)
- [मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ](https://hi.kingdomsalvation.org/hymns-of-gods-words.html) - मसीही गीत पुस्तक (Hindi Christian Song Book): यहां 1000 से ज्यादा भजन, जो आपके लिए मुफ्त में डाउनलोड करने और पढ़ने के लिए उपलब्ध हैं।
- [परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/listen-to-the-voice-of-god-know-christ.html) - नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें प्रस्तावना परमेश्वर का प्रकटीकरण एक नया युग लाया है परमेश्वर के प्रकटन को उनके न्याय और ताड़ना में देखना दर्शनों के सत्य जिनसे नए विश्वासियों को सबसे पहले सज्जित होना चाहिए। अध्याय 1 तुम्हें अवश्य जानना चाहिए कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही एक सच्चा परमेश्वर है जिसने आकाश और पृथ्वी
- [मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया](https://hi.kingdomsalvation.org/turned-back-to-God.html)
- [सुसमाचार की पुस्तकें](https://hi.kingdomsalvation.org/books/gospel-books.html)
- [जीवन-अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/church-hymns-life-experiences.html) - जीवन-अनुभव के ये भजन सुनें और परमेश्वर के चुने हुए लोग, परमेश्वर के कार्य से जो समझ प्राप्त करते हैं, उसके बारे में जानें। उन्हें परमेश्वर के प्रति अपना सच्चा प्रेम और स्तुति व्यक्त करते सुनें।
- [परमेश्वर के लिए गवाही](https://hi.kingdomsalvation.org/church-hymns-testifying-to-God.html) - परमेश्वर के लिए गवाही, कलीसिया के भजनों का संकलन है, जो परमेश्वर के प्रकटन और अंत के दिनों के कार्य की गवाही देता है, ताकि आप प्रभु की वापसी का स्वागत कर सकें और उसके साथ भोज में सम्मिलित हो सकें।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/book-daily-words-of-God.html) - इस किताब में 'वचन देह में प्रकट होता है' के चुनिंदा अंशों को शामिल किया गया है। परमेश्वर के चुने हुए लोग उसके वचनों से सत्य को और जीवन के दैनिक पोषण को प्राप्त कर सकें, इसके लिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर के इन अनिवार्य वचनों को खास तौर पर लोगों के आनंद के लिए चुना गया
- [अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/classic-words-from-Almighty-God.html)
- [अनुभव पर](https://hi.kingdomsalvation.org/hymns-of-God-word-on-experience.html) - अनुभव के बारे में परमेश्वर के वचनों के ये भजन आपके लिए निःशुल्क उपलब्ध हैं, ताकि आप समझ सकें कि जीवन में प्रवेश करने और परमेश्वर के कार्य का अनुभव करने का मार्ग ढूँढने के लिए आपको किन सत्यों की आवश्यकता है।
- [परमेश्वर का गुणगान](https://hi.kingdomsalvation.org/hymns-of-God-word-praising-God.html) - पवित्र आत्मा ने व्यक्तिगत रूप से परमेश्वर की विजयी वापसी की गवाही दी है। मानवजाति के बीच चलने की खातिर परमेश्वर की महिमामयी वापसी का गुणगान करने के लिए परमेश्वर के वचनों के ये भजन सुनें।
- [परमेश्वर के लिए गवाही](https://hi.kingdomsalvation.org/hymns-of-God-word-testifying-to-God.html) - परमेश्वर अंत के दिनों में नया कार्य कर रहा है--उसने नया युग आरम्भ कर दिया है। परमेश्वर के वचनों के ये भजन सुनकर आप उसका प्रकटन और अंत के दिनों का कार्य समझ सकते हैं और प्रभु की वापसी का स्वागत कर सकते हैं।
- [परमेश्वर का गुणगान](https://hi.kingdomsalvation.org/church-hymns-praising-God.html) - परमेश्वर के गुणगान में, मेमने के विवाह भोज में सम्मिलित होते और परमेश्वर के जीवन संपोषण का आनंद लेते, परमेश्वर के चुने हुए लोगों के बारे में ये भजन सुनें। वे अपने हृदय की गहराई से अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए गुणगान कर रहे हैं--उन्हें आज ही सुनें!
- [परमेश्वर को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/hymns-of-God-word-knowing-God.html) - परमेश्वर के वचनों के भजन सुनें, जो परमेश्वर को बेहतर जानने, उसके कार्य और स्वभाव को और मानवजाति के उसके उद्धार में उसके अद्भुत अभिप्रायों को समझने में आपकी सहायता करते हैं। आप परमेश्वर के बारे में अपनी समझ अधिकाधिक बढ़ा सकेंगे।
- [वीडियो](https://hi.kingdomsalvation.org/videos.html) - मसीही फिल्मों, सहगान वीडियो, भजन संगीत वीडियो, स्तुति के नृत्य और गीतों, और परमेश्वर के वचनों के पाठ इत्यादि के साथ प्रभु यीशु का गर्मजोशी से स्वागत करें।
- [मंज़िलें और परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/destinations-and-outcomes.html)
- [अंत के दिनों में न्याय](https://hi.kingdomsalvation.org/judgment-in-the-last-days.html)
- [Cookies Policy](https://hi.kingdomsalvation.org/cookies.html) - 1. Cookies 1.1. The Church of Almighty God informs you that this website https://hi.kingdomsalvation.org/ (hereinafter, the "Website") uses cookies to help optimize your visit. By continuing to browse this Website you accept their use. 1.2. A cookie is a file that is downloaded to your computer when you access certain websites. Cookies enable a website,
- [Legal Notice and Terms of Use](https://hi.kingdomsalvation.org/disclaimer.html) - 1. Website owner This Website is owned by The Church of Almighty God (147-54 Ash Avenue, Flushing, New York 11355, US, EIN: 37-1820870). Please check our Local Congregations List to see your local Church of Almighty God congregation’s information and contact details. 2. Purpose, scope and duration This Legal Notice regulates the use of the
- [Privacy Policy](https://hi.kingdomsalvation.org/privacy-policy.html) - Welcome to this website (the "Website") of The Church of Almighty God ("The Church of Almighty God," "we," "our" or "us"). The Church of Almighty God is very concerned with the privacy of the users of the Website ("User," "Users," "you" or "your"), so we state in this Privacy Policy how we collect, handle and
- [download](https://hi.kingdomsalvation.org/download.html)
- [देहधारण](https://hi.kingdomsalvation.org/the-incarnation.html)
- [परमेश्वर के कार्य को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/knowing-God-s-work.html)
- [परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप](https://hi.kingdomsalvation.org/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is.html)
- [बाइबल के बारे में रहस्य](https://hi.kingdomsalvation.org/mysteries-about-the-bible.html)
- [धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा](https://hi.kingdomsalvation.org/exposing-religious-notions.html)
- [इंसान की भ्रष्टता का खुलासा](https://hi.kingdomsalvation.org/exposing-mankind-s-corruption.html)
- [जीवन में प्रवेश](https://hi.kingdomsalvation.org/entry-into-life.html)
- [कार्य के तीन चरण](https://hi.kingdomsalvation.org/the-three-stages-of-work.html)
- [परमेश्वर का प्रकटन और कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/God-s-appearance-and-work.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन (परमेश्वर को जानने का मार्ग)](https://hi.kingdomsalvation.org/recital-latest-expression.html)
- [जीवन प्रवेश पर आधारित पुस्तकें](https://hi.kingdomsalvation.org/books/books-on-life-entry.html)
- [राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन)](https://hi.kingdomsalvation.org/classic-questions.html)
- [post api](https://hi.kingdomsalvation.org/post-api.html)
- [ईसाई संगीत वृत्तचित्र वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है](https://hi.kingdomsalvation.org/the-one-who-holds-sovereignty-over-everything.html) - ईसाई संगीत वृत्तचित्र वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है ब्रह्मांड और सभी वस्तुओं के शासक की बिल्कुल नए परिप्रेक्ष्य से गवाही देता है, आपको यह समझने के लिए मार्गदर्शन देता है कि परमेश्वर ने कैसे सब कुछ बनाया और कैसे वह उन पर शासन करता है, कैसे उनका प्रबंधन और पोषण करता है। क्या आप जानना चाहेंगे कि किसने मानवजाति के इतिहास को संचालित किया है? क्या आप मानवजाति की नियति और गंतव्य जानना चाहेंगे? यह फिल्म आपको उन प्रश्नों का उत्तर देगी जो आप जानना चाहते हैं।
## 书籍
- [न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/books/utterances-of-christ-of-the-last-days.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों के यीशु, लोगों का न्याय करने व उन्हें शुद्ध करने के लिए, और उन्हें नए युग—राज्य का युग—में ले जाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए वचन बोलते हैं। मसीह के प्रभुत्व के अधीन सभी आज्ञाकारी लोग उच्चतम सत्य का आनंद ले पाएँगे, अधिक आशीर्वाद ले पाएँगे, वास्तव में प्रकाश में पाएँगे, और साथ ही सत्य, मार्ग, और जीवन को भी प्राप्त करेंगे।
- [परमेश्वर का प्रकटन और कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/books/the-word-appears-in-the-flesh.html) - सृजन के बाद यह पहली बार था कि परमेश्वर ने समस्त मानव जाति को संबोधित किया था। इससे पहले परमेश्वर ने कभी भी इतने विस्तार से और इतने व्यवस्थित तरीके से निर्मित मानव जाति से बात नहीं की थी। निस्संदेह, यह भी पहली बार ही था कि उन्होंने इतनी अधिक, और इतने लंबे समय तक, मानव जाति से बात की थी। यह पूर्णतः अभूतपूर्व था। इसके अलावा, ये कथन मानवता के बीच परमेश्वर द्वारा व्यक्त किया गया पहला पाठ थे जिसमें उन्होंने लोगों के पापों को उघाड़ा, उनका मार्गदर्शन किया, उनका न्याय किया, और उनसे खुल कर बात की और इसलिए भी, वे पहले कथन थे जिसमें परमेश्वर ने अपने पदचिह्नों को, उस स्थान को जिसमें वे रहते हैं, परमेश्वर के स्वभाव को, परमेश्वर के पास क्या है और वे क्या हैं, परमेश्वर के विचारों को, और मानवता के लिए उनकी चिंता को लोगों को जानने दिया। यह कहा जा सकता है कि ये ही पहले कथन थे जो परमेश्वर ने सृष्टि के बाद तीसरे स्वर्ग से मानव जाति के लिए बोले थे, और पहली बार था कि परमेश्वर ने मानव जाति हेतु शब्दों के बीच अपनी आवाज प्रकट करने और व्यक्त करने के लिए अपनी अंतर्निहित पहचान का उपयोग किया।
- [अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/books/classic-words-from-Almighty-God.html) - 'वचन देह में प्रकट होता है' पुस्तक में अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त अत्यावश्यक वचनों के उद्धरण संकलित किये गए हैं। ये अत्यावश्यक वचन सीधे तौर पर सत्य पर प्रकाश डालते हैं, और लोगों को सीधे परमेश्वर की इच्छा को समझने, उसके कार्य को जानने और उसके स्वभाव एवं स्वरूप का
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 9)](https://hi.kingdomsalvation.org/books/judgment-before-Christ-volume-9.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह, सत्य व्यक्त करता है, परमेश्वर के घर से शुरूआत करते हुए न्याय का कार्य करता है और लोगों को शुद्ध करने और बचाने के लिए आवश्यक सभी सत्यों की आपूर्ति करता है। परमेश्वर के चुने हुए लोगों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है, वे परमेश्वर के सिंहासन के
- [राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/books/classic-questions.html) - इस पुस्तक में, महत्वपूर्ण प्रश्नों और उत्तरों की फ़िल्मों की स्क्रिप्ट से निकाले गए उद्धरण हैं जो सत्य के बारे में बात करती हैं। ये अत्यावश्यक उत्तर, परमेश्वर के चुने हुए लोगों के, उसके वचनों के सत्य के अनुभवों और समझ को लिए हुए हैं, और वे सभी पवित्र आत्मा की रोशनी और प्रबुद्धता से
- [सत्य के अनुसरण के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/books/on-the-pursuit-of-the-truth-2.html) - वचन देह में प्रकट होता है, खंड 7। सत्य के अनुसरण के बारे में सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों के मसीह द्वारा कलीसियाओं के साथ की गई विशेष संगति और उसके उपदेश शामिल हैं। ये उपदेश और संगति स्पष्ट और पारदर्शी ढंग से समझाते हैं कि सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ और महत्व
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 8)](https://hi.kingdomsalvation.org/books/judgment-before-Christ-volume-8.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह, सत्य व्यक्त करता है, परमेश्वर के घर से शुरूआत करते हुए न्याय का कार्य करता है और लोगों को शुद्ध करने और बचाने के लिए आवश्यक सभी सत्यों की आपूर्ति करता है। परमेश्वर के चुने हुए लोगों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है, वे परमेश्वर के सिंहासन के
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 7)](https://hi.kingdomsalvation.org/books/judgment-before-Christ-volume-7.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह, सत्य व्यक्त करता है, परमेश्वर के घर से शुरूआत करते हुए न्याय का कार्य करता है और लोगों को शुद्ध करने और बचाने के लिए आवश्यक सभी सत्यों की आपूर्ति करता है। परमेश्वर के चुने हुए लोगों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है, वे परमेश्वर के सिंहासन के
- [मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया](https://hi.kingdomsalvation.org/books/turned-back-to-God.html) - हर इंसान जो परमेश्वर में विश्वास करता है उसके पास परमेश्वर की ओर वापस मुड़ने की निजी यात्रा के बारे में एक विशेष कहानी होती है। यह किताब परमेश्वर के चुने हुए लोगों द्वारा सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों से मार्गदर्शन प्राप्त करने, एक सच्चे रास्ते के बारे में निश्चित होने और उसके सिंहासन के आगे
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 6)](https://hi.kingdomsalvation.org/books/judgment-before-Christ-volume-6.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह, सत्य व्यक्त करता है, परमेश्वर के घर से शुरूआत करते हुए न्याय का कार्य करता है और लोगों को शुद्ध करने और बचाने के लिए आवश्यक सभी सत्यों की आपूर्ति करता है। परमेश्वर के चुने हुए लोगों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है, वे परमेश्वर के सिंहासन के
- [अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/books/responsibilities-of-leaders-and-workers.html) - “अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ” पुस्तक “वचन देह में प्रकट होता है” का पाँचवाँ खंड है। इस पुस्तक में इस विषय पर कलीसियाओं के लिए अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के धर्मोपदेश और संगतियाँ निहित हैं। परमेश्वर ने अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों के साथ ही कलीसिया के कार्य की विभिन्न मदों के
- [मसीह-विरोधियों को उजागर करना](https://hi.kingdomsalvation.org/books/exposing-the-antichrists.html) - वचन देह में प्रकट होता है का चौथा खंड है मसीह-विरोधियों को उजागर करना। यह पुस्तक अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा कलीसियाओं को दिए गए धर्मोपदेशों और संगतियों की एक विशेषीकृत श्रृंखला है। परमेश्वर मसीह-विरोधियों के स्वभावों की प्रत्येक अभिव्यक्ति को पूरी तरह से उजागर करता है, उनके बारे में लोगों को
- [सत्य के अनुसरण के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/books/on-the-pursuit-of-the-truth.html) - वचन देह में प्रकट होता है, खंड 6। सत्य के अनुसरण के बारे में सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों के मसीह द्वारा कलीसियाओं के साथ की गई विशेष संगति और उसके उपदेश शामिल हैं। ये उपदेश और संगति स्पष्ट और पारदर्शी ढंग से समझाते हैं कि सत्य का अनुसरण करने का क्या अर्थ और महत्व
- [अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन](https://hi.kingdomsalvation.org/books/the-discourses-of-Christ-of-the-last-days.html) - जब से सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने मुख्य भूमि चीन में अंत के दिनों के अपने निर्णय का काम विकसित किया है,तब से यद्यपिपरमेश्वर के चुने हुए लोग चीन सरकार द्वारा जंगली,क्रूर उत्पीड़न से गुजर चुके हैं,किन्तु वे,शैतान परजीत की एक ज़बर्दस्त गवाही गढ़ते हुए, परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन में अदम्य और बिना विचलित हुए वफादार रहे हैं। ये तथ्य पूरी तरह से प्रदर्शित करते हैं कि परमेश्वर की छह हजार वर्षों की प्रबंधन योजना को प्राप्त करते हुए, सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने राज्य के युग में जीतने वालों का एक समूह वास्तव में बना दिया है।
- [परमेश्वर को जानने के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/books/on-knowing-God.html) - परमेश्वर को जानने के बारे में, वचन देह में प्रकट होता है के दूसरे खंड में, अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पूरी मानवता के लिए कथन शामिल हैं, जो परमेश्वर का प्रकटन और कार्य के बाद के हैं। परमेश्वर इनमें विभिन्न सत्यों की व्याख्या करता है, जैसे कि संसार की रचना के
- [सत्य वास्तविकताएं जिनमें परमेश्वर के विश्वासियों को जरूर प्रवेश करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/books/truth-realities-believers-must-enter-into.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंतिम दिनों के मसीह, ने उन सभी सत्यों को व्यक्त किया है जो मानवजाति को बचा सकते हैं। लोगों के उद्धार के मामले में ये सत्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। परंतु, बहुत से लोगों को लगता है कि परमेश्वर ने बहुत अधिक वचन बोले हैं—वे नहीं जानते कि उन्हें कहाँ से पढ़ना शुरू करें
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 5)](https://hi.kingdomsalvation.org/books/judgment-before-Christ-volume-5.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह, सत्य व्यक्त करता है, परमेश्वर के घर से शुरूआत करते हुए न्याय का कार्य करता है और लोगों को शुद्ध करने और बचाने के लिए आवश्यक सभी सत्यों की आपूर्ति करता है। परमेश्वर के चुने हुए लोगों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है, वे परमेश्वर के सिंहासन के
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 4)](https://hi.kingdomsalvation.org/books/judgment-before-Christ-volume-4.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह, सत्य व्यक्त करता है, परमेश्वर के घर से शुरूआत करते हुए न्याय का कार्य करता है और लोगों को शुद्ध करने और बचाने के लिए आवश्यक सभी सत्यों की आपूर्ति करता है। परमेश्वर के चुने हुए लोगों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है, वे परमेश्वर के सिंहासन के
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 3)](https://hi.kingdomsalvation.org/books/judgment-before-Christ-volume-3.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह, सत्य व्यक्त करता है, परमेश्वर के घर से शुरूआत करते हुए न्याय का कार्य करता है और लोगों को शुद्ध करने और बचाने के लिए आवश्यक सभी सत्यों की आपूर्ति करता है। परमेश्वर के चुने हुए लोगों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है, वे परमेश्वर के सिंहासन के
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 1)](https://hi.kingdomsalvation.org/books/judgment-before-christ.html) - अंत के दिनों के विशाल श्वेत सिंहासन के सामने न्याय आरंभ हो गया है! अंतिम मसीह—सर्वशक्तिमान पमेश्वर—ने न्याय करने और मानवजाति के शुद्धीकरण करने के अपने काम हेतु सत्य को अभिव्यक्त कर दिया है। प्रकाशित वाक्य और परमेश्वर के वचन के न्याय के माध्यम से, परमेश्वर द्वारा चुने गए लोग शैतान द्वारा उन्हें भ्रष्ट करने को धीरे-धीरे समझने लगे हैं और शैतान के प्रभाव से बाहर निकलने का मार्ग खोज रहे हैं जिससे उनके जीवन स्वभाव में धीरे-धीरे परिवर्तन लाने में मदद मिल रही है। ये वास्तविक अनुभव गवाही देते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा किया गया न्याय कार्य मानवजाति को पूरी तरह से बचाने का काम है।
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ (खंड 2)](https://hi.kingdomsalvation.org/books/judgment-before-Christ-volume-2.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीह, सत्य व्यक्त करता है, परमेश्वर के घर से शुरूआत करते हुए न्याय का कार्य करता है और लोगों को शुद्ध करने और बचाने के लिए आवश्यक सभी सत्यों की आपूर्ति करता है। परमेश्वर के चुने हुए लोगों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है, वे परमेश्वर के सिंहासन के
- [राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश](https://hi.kingdomsalvation.org/books/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel.html) - इस पुस्तक में, महत्वपूर्ण प्रश्नों और उत्तरों की फ़िल्मों की स्क्रिप्ट से निकाले गए उद्धरण हैं जो सत्य के बारे में बात करती हैं। ये अत्यावश्यक उत्तर, परमेश्वर के चुने हुए लोगों के, उसके वचनों के सत्य के अनुभवों और समझ को लिए हुए हैं, और वे सभी पवित्र आत्मा की रोशनी और प्रबुद्धता से
- [परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/books/listen-to-the-voice-of-god-know-christ.html) - परमेश्वर के कार्य के तीन चरण, उनके नाम, उनके देह धारण का रहस्य, सही मार्ग और गलत मार्ग के बीच भेद कैसे करें, तथा परमेश्वर के वचनों के सत्य के अन्य दूरदर्शी पहलुओं इस पुस्तक में संकलित किए गए हैं इसलिए इन चीजें को वे नए विश्वासियों यथासंभव शीघ्रता से ग्रहण शायद न कर पाएँ जिन्होंने अभी-अभी अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को स्वीकारा है।
- [परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो](https://hi.kingdomsalvation.org/books/behold-the-appearance-of-God.html) - यह पुस्तक परमेश्वर के देहधारण और मानवजाति को बचाने वाले उनके कार्य के तीन चरणों से संबंधित सत्यों का एक संकलन है। ये सत्य परमेश्वर के वचनों के माध्यम से, अंत के दिनों में मसीह के प्रकटन और कार्य को समझने में लोगों की मदद करते हैं। साथ ही, इससे वे यह भी जान पाते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर लौटकर आये प्रभु यीशु हैं जिन्होंने सत्य व्यक्त किया है और वे अंत के दिनों में “परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय” का कार्य कर रहे हैं। इस प्रकार, वे मानवजाति को परमेश्वर के सिंहासन की ओर वापस मोड़ने में उनकी अगुवाई कर रहे हैं।
- [मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ](https://hi.kingdomsalvation.org/books/hymns-of-gods-words.html) - मसीही गीत पुस्तक (Hindi Christian Song Book): यहां 1000 से ज्यादा भजन, जो आपके लिए मुफ्त में डाउनलोड करने और पढ़ने के लिए उपलब्ध हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/books/book-daily-words-of-God.html) - इस किताब में 'वचन देह में प्रकट होता है' के चुनिंदा अंशों को शामिल किया गया है। परमेश्वर के चुने हुए लोग उसके वचनों से सत्य को और जीवन के दैनिक पोषण को प्राप्त कर सकें, इसके लिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर के इन अनिवार्य वचनों को खास तौर पर लोगों के आनंद के लिए चुना गया
## 影视
- [Hindi Christian Movie | "तड़प"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/yearning-movie.html) - दो हज़ार साल पहले, प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को वचन दिया था: "मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। (© BSI) इस वजह से, विश्वासी लोग
- [Hindi Christian Movie | क्या पोप परमेश्वर का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं? क्या पोप की बातें सुनना परमेश्वर का आज्ञापालन है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/feast-of-the-kingdom-of-heaven-movie-2.html)
- [Hindi Christian Movie | जब परमेश्वर अंत के दिनों में आता है, उसे सर्वशक्तिमान परमेश्वर क्यों कहा जाता है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/feast-of-the-kingdom-of-heaven-movie-1.html)
- [Hindi Christian Movie | इंसान को स्वच्छ करने के लिए परमेश्वर अंत के दिनों में न्याय-कार्य कैसे करता है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/feast-of-the-kingdom-of-heaven-movie-3.html)
- [Hindi Christian Movie | प्रभु की वापसी का स्वागत कैसे करें (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/break-the-spell-clip-1.html) - चार रक्तिम चंद्रग्रहण पहले ही प्रकट हो चुके हैं। इसका मतलब यह है कि हम पर महान आपदाएं जल्द ही आने वाली है, जैसा कि योएल की पुस्तक में भविष्यवाणी की गई है, "तुम्हारे दास और दासियों पर भी मैं उन दिनों में अपना आत्मा उण्डेलूँगा। मैं आकाश में और पृथ्वी पर चमत्कार, अर्थात् लहू
- [Hindi Christian Movie | "अपने सताने वालों के लिए प्रार्थना करो" कथन से प्रभु का क्या अर्थ था? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/pray-for-those-persecute-you-meaning.html) - जब से चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी सत्ता में आई है, तब से यह लगातार ईसाई धर्म और कैथोलिक धर्म को मानने वाले लोगों का दमन कर रही है और उन्हें यातनाएँ दे रही है। इसकी मंशा चीन से तमाम धार्मिक आस्थाओं का पूरी तरह से उन्मूलन करके, इसे नास्तिकता का गढ़ बना देना है। ख़ास तौर
- [Hindi Christian Movie | फरीसियों की कैद से मुक्ति और प्रभु का स्वागत (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/freed-from-cage-of-end-times-pharisees.html) - जब से चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी सत्ता में आई है, तब से यह लगातार ईसाई धर्म और कैथोलिक धर्म को मानने वाले लोगों का दमन कर रही है और उन्हें यातनाएँ दे रही है। इसकी मंशा चीन से तमाम धार्मिक आस्थाओं का पूरी तरह से उन्मूलन करके, इसे नास्तिकता का गढ़ बना देना है। ख़ास तौर
- [Hindi Christian Movie | क्या प्रभु के लिए कठिन परिश्रम करना, चीज़ों को छोड़ देना, एवं स्वयं को खपाना वाकई परमेश्वर का आज्ञापालन करना है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/baptism-by-fire-1.html) - प्रभु यीशु ने कहा, "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)। (© BSI) मुख्य पात्र, सांग एंज़े यह मानते हैं कि प्रभु के लिए चीज़ों को छोड़ देना, स्वयं
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर के सच्चे आज्ञाकारी कैसे बनें और उनके द्वारा किस प्रकार बचाए जाएं (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/baptism-by-fire-2.html) - प्रभु यीशु ने कहा, "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है"(मत्ती 7:21)। (© BSI) हम लोग स्वर्गिक पिता की इच्छा को पूरा करने वाले और परमेश्वर के आज्ञाकारी कैसे बनें, ताकि
- [Hindi Christian Movie | मैं अपनी गेम खेलने की लत से कैसे छुटकारा पाऊँ? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/experiences-of-breaking-web-addiction.html) - कई युवा वेब गेम व्यसनी इंटरनेट को छोड़ना चाहते हैं, परंतु वे स्वयं पर कभी भी नियंत्रण नहीं कर पाते हैं। बार-बार की असफलताओं के बाद, वे हतोत्साहित और निराश हो जाते हैं, और मानते हैं कि इंटरनेट गेम्स को छोड़ना निराशाजनक है। इस मूवी क्लिप में, ईसाइयों का एक समूह, परमेश्वर में विश्वास करने
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर ही एकमात्र उद्धार हैं जो गेमिंग की लत से होने वाले नुकसान से बचाएंगे (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/successfully-break-web-addiction.html) - ली शिंगुआंग, एक किशोर वेब व्यसनी, अपने इंटरनेट गेम खेलने के व्यसन से पीड़ित था। मानव निर्मित सभी विधियाँ उससे छुड़ाने में नाकामयाब रही और वह एक बंद गली में पँहुच गया, तो वह परमेश्वर में सच्चा विश्वास रखने लगा, उसने परमेश्वर से प्रार्थना की और परमेश्वर पर भरोसा रखा, तथा उसने अपने गेमिंग व्यसन
- [Hindi Christian Movie | बिना पवित्रता के परमेश्वर के राज्य में कोई प्रवेश नहीं करेगा (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/without-holiness-no-man-shall-enter-God-s-kingdom.html) - जब हम प्रभु के विश्वासियों के पाप क्षमा कर दिये जाते हैं, तो क्या हम शुद्धि प्राप्त कर लेते हैं? यदि हम शुद्धि के लिए प्रयास न करें और केवल प्रभु के लिए अपने आप को खपाएं और कर्मठता से प्रभु का कार्य करें तो क्या हम स्वर्ग के राज्य में आरोहित किये जाएंगे? आपको
- [Hindi Christian Movie | केवल परमेश्वर ही मानवजाति को बचा सकता है और हमें पीड़ा से मुक्त कर सकता है (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/only-God-can-save-mankind.html) - मानवीय जीवन में कष्ट क्यों क्यों होते हैं? बहुत से लोग इस प्रश्न से जूझते हैं लेकिन उन्हें कभी इसका जवाब नहीं मिल पाता। वेन्या और उसके परिवार का सामना एक अप्रत्याशित स्थिति से होता है, जिससे वे मानवीय रिश्तों के उतार-चढ़ाव का पूर्ण अनुभव करते हैं। अंत में उन्हें, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों से
- [Hindi Christian Movie | सच्चे मार्ग की जाँच करते हुए किनकी बातों पर ध्यान देना चाहिए (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/investigating-the-true-way.html) - परमेश्वर के प्रकटन के लिए तरसते, प्रभु के कई सच्चे विश्वासियों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ा है। सभी स्वीकार करते हैं कि वे वचन सत्य हैं, परमेश्वर की वाणी हैं, और वे सभी सच्चे मार्ग को खोजने-जाँचने के लिए तैयार हैं। हालांकि, उनमें से कुछ को परमेश्वर के कार्य के बारे में संदेह
- [Hindi Christian Movie | अंत के दिनों में परमेश्वर एक नया नाम क्यों लेता है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/keeping-pace-footsteps-of-lamb.html) - धार्मिक दुनिया के पादरी और एल्डर्स अक्सर विश्वासियों को यह उपदेश देते हैं कि प्रभु यीशु को हर किसी के पापों के लिए सूली पर चढ़ा दिया गया था और मनुष्य को पापों से छुटकारा मिल चुका है। वे ये उपदेश देते हैं कि अगर कोई प्रभु यीशु से विचलित होकर सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास
- [Hindi Christian Movie | क्या परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में दर्ज हैं? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knocking-at-the-door-movie-2.html) - धार्मिक मण्डलियों में कई आस्थावान लोग, पादरियों और एल्डरों की कही ऐसी बातों पर विश्वास करते हैं, कि "परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में हैं। परमेश्वर के किसी भी वचन का बाइबल के बाहर दिखाई होना असंभव है।" मगर, क्या इस दावे के पीछे कोई बाइबल संबंधी कोई आधार है? क्या प्रभु यीशु
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर की वाणी सुनना और प्रभु के प्रकटन का स्वागत करना (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knocking-at-the-door-movie-1.html) - प्रभु यीशु ने कहा था, "मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं;" (यूहन्ना 10:27)(© BSI) प्रकाशितवाक्य में भी कई बार इसकी भविष्यवाणी की गर्इ है, "जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है।" पवित्रात्मा की आवाज और उसके वचन ही
- [Christian Choir Song | सहस्त्राब्दियों की आशा अंतत: पूरी हुई (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/hope-of-millennia-is-finally-realized.html) - जोशीला राज्य-गान गूँज चुका है, जो पूरी कायनात में लोगों के मध्य परमेश्वर के आगमन का ऐलान कर रहा है! परमेश्वर का राज्य आ चुका है! सभी लोग प्रसन्न हैं, हर चीज़ आनंदित है! पूरे स्वर्ग में हर चीज़ उमंग में है। उल्लास के ये कौन से मोहक दृश्य हैं? इंसानों के मध्य, जो कष्ट
- [Hindi Christian Movie Trailer | द्वार पर दस्तक](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knocking-at-the-door-trailer.html) - दो हज़ार साल पहले, प्रभु यीशु ने भविष्यवाणी की थी, "आधी रात को धूम मची : 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो'" (मत्ती 25:6)।(© BSI) "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा
- [Hindi Christian Movie | स्वप्न से जागृति | Revealing the Mystery of Rapture Into Kingdom of Heaven](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/awakening-from-the-dream-movie.html) - यू फान भी प्रभु यीशु में विश्वास करने वाले अन्य बहुतेरे लोगों के समान ही हैं—उन्हें लगता है कि प्रभु यीशु को जब सूली पर चढ़ाया गया, तो उन्होंने पहले ही इंसान के पापों को क्षमा कर दिया था। उन्हें लगता है कि अपनी आस्था के कारण उन्होंने धार्मिकता पाई है और यदि वे सर्वस्व
- [Christian Documentary | ब्रह्मांड पर शासन करता परमेश्वर (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-rules-over-the-universe.html) - यह ब्रह्मांड बेहद विशाल है जिसकी कक्षा में अनगिनत तारे स्थित हैं...। क्या आप जानना चाहते हैं कि ब्रह्मांड के इन आकाशीय पिण्डों को किसने बनाया, और उनके प्रक्षेप-पथ को कौन संचालित करता है? भव्य ईसाई फिल्म 'ब्रह्मांड पर परमेश्वर का शासन है' की क्लिप आपको सृष्टिकर्ता की सशक्त सामर्थ्य दिखाएगी। साभार: https://www.holyspiritspeaks.org/special-topic/copyright.html
- [Christian Documentary | संयुक्त राज्य अमेरिका का उदय और इसका ध्येय (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/rise-of-the-united-states.html) - स्वतंत्रता, लोकतंत्र और समानता के अपने संस्थापक सिद्धांतों का पालन करते हुए...। अमेरिका ने दुनिया के हालात को मज़बूत करने और एक संतुलन बनाने के लिये एक अहम भूमिका निभाई है। विश्व-स्थिति को सुरक्षा देने और उसे मज़बूत बनाने वाली उसकी भूमिका अचल और अटल है। साभार: https://www.holyspiritspeaks.org/special-topic/copyright.html
- [Christian Documentary | हमेशा आगे बढ़ता परमेश्वर का प्रबंधन (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/management-of-God.html) - जब मानवजाति के पूर्वजों, आदम और हव्वा को शैतान ने दूषित कर दिया तो परमेश्वर ने इंसान के उद्धार के लिये अपना प्रबंधन आरंभ किया, तब से लेकर उसने अनवरत कार्य किया है: परमेश्वर ने इंसानों के मार्गदर्शन के लिए लिये नियम बनाए, और सूली पर चढ़ाए जाने के लिये वह स्वयं लोगों के मध्य
- [Christian Documentary | रोमन साम्राज्य का उदय और पतन (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/rise-and-fall-of-roman-empire.html) - प्राचीन रोमन साम्राज्य की स्थापना और उदय ईसाई धर्म के प्रसार के लिए हुआ था। ईसाई धर्म को राष्ट्रीय धर्म बनाने के साथ इसका स्वर्ण युग आरंभ हुआ था। और ईसाईयों पर अत्याचार करने के कारण ये तबाह हो गया था...। रोमन साम्राज्य के उदय और पतन के पीछे कारणों को जानने के लिये इस
- [Christian Documentary | मानवजाति के आरम्भ और भविष्य पर शासन करता परमेश्वर (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-presides-over-of-all-mankind.html) - जन्म लेने के साथ ही हम जीवन में अलग-अलग भूमिका निभाना आरंभ कर देते हैं। जन्म से लेकर बुढ़ापा, फिर रोग और मृत्यु, सुख-दुख के बीच जीवन चलता रहता है...। इंसान कहाँ से आता और कहाँ जाता? इंसान के जीवन के आरंभ को किसने नियंत्रित किया और कौन उसके भविष्य को संचालित करता है? आज,
- [Christian Documentary | मानवजाति और सभी चीज़ों पर शासन करता और उन्हें बनाए रखता परमेश्वर (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-rules-over-all-things.html) - आकाश के तले, पहाड़ों, नदियों और झीलों की अपनी-अपनी सीमाएं होती हैं, और सभी प्राणी जीवन के नियमों के अनुसार चार मौसमों में रहते हुए प्रजनन करते हैं...। क्या आप जानना चाहते हैं कि इंसान के जीवन को कौन संचालित करता है, कौन है जो इंसान और शेष सभी जीवों का भरण-पोषण करता है? परमेश्वर
- [Christian Documentary | ब्रिटिश साम्राज्य का उदय मानवजाति के विकास के लिए प्रेरक बना (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/rise-of-the-british-empire.html) - किसी जमाने में गौरवशाली रहे ब्रिटिश सामाज्य का उदय कैसे हुआ? और इसके पतन का कारण क्या था? मानवजाति के विकास में ब्रिटिश सामाज्य की अहम भूमिका को जानने के लिए देखें यह ईसाई फिल्म क्लिप, 'ब्रिटिश साम्राज्य का उदय मानवजाति के विकास के लिए प्रेरक बना।' साभार: https://www.holyspiritspeaks.org/special-topic/copyright.html
- [Christian Documentary | परमेश्वर द्वारा बाढ़ से पृथ्वी का विनाश (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-destruction-of-the-world.html) - जब आप ईसाई फिल्म क्लिप 'परमेश्वर द्वारा बाढ़ से पृथ्वी का विनाश' देखेंगे तो आप परमेश्वर के पवित्र, धार्मिक स्वभाव और इंसान के लिये उसकी देखभाल और करुणा के बारे में जान पाएंगे और आप आपदाओं के बीच से होकर परमेश्वर के उद्धार को जाने वाले मार्ग से परिचित होंगे। साभार: https://www.holyspiritspeaks.org/special-topic/copyright.html
- [Christian Documentary | इस्राएलियों के लिए परमेश्वर का वादा (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-promise-to-israelites.html) - सैंकड़ों सालों तक न्याय-व्यवस्था से बंधे रहने के बाद, व्यवस्था से भटकने के कारण, इस्राएलियों को आखिरकार न्याय द्वारा दण्डित होने और मौत के घाट उतार दिये जाने के जोखिम का सामना करना पड़ा। उन्होंने तुरंत परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने उनसे एक वादा किया—ऐसा वादा जो उनकी नियति और अस्तित्व को बदल देगा। तो
- [Christian Documentary | दुनिया का सृजन करने और मानवजाति की अगुआई करने और उसे छुटकारा दिलाने के परमेश्वर के काम का एक अभिलेख (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/record-of-God-s-work.html) - क्या आप जानना चाहते हैं कि परमेश्वर ने दुनिया कैसे बनायी? क्या आप जानना चाहते हैं कि परमेश्वर ने मानवजाति की आज तक कदम दर कदम कैसे अगुआई की है? ईसाई फिल्म, वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है, का यह अद्भुत खंड, दुनिया का सृजन करने, और मानवजाति की अगुआई करने और उसे छुटकारा
- [Musical Documentary "वह जिसका हर चीज़ पर प्रभुत्व है" (ट्रेलर) | जीवन के रहस्यों की खोज](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exploring-mystery-of-human-life-trailer.html) - राख से राख में, मिट्टी से मिट्टी में। कोई भी बीमारी और मृत्यु को पराजित नहीं कर सकता है। कोई भी उम्र और अशक्तता के नियमों में कोई भी बदलाव नहीं कर सकता है। ............ "हम क्यों जीते हैं? और हमें मरना क्यों पड़ता है? इस संसार को कौन नियंत्रित करता है?"
- [Hindi Christian Movie "बेड़ियों को तोड़ो और भागो"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/movie-break-the-shackles-and-run.html) - ली चुंगमिन दक्षिण कोरिया के सियोल की एक कलीसिया के एल्डर थे। बीस वर्षों से भी अधिक समय से, उन्होंने पूरी तरह बाइबल के अध्ययन पर ध्यान केन्द्रित करके, उत्साहपूर्वक प्रभु की सेवा की थी। अपने धार्मिक नेताओं के उदाहरण पर चलते हुए, उन्होंने सोचा था कि प्रभु में विश्वास करने का अर्थ बाइबल में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 549](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-549.html) - वह क्या है जो तुम सब अब खोज रहे हो? परमेश्वर के द्वारा पूर्ण किया जाना, परमेश्वर को जानना, परमेश्वर को प्राप्त करना हो—या शायद तुम नब्बे के दशक के पतरस के अंदाज़ में व्यवहार करना चाहते हो, या ऐसा विश्वास रखना चाहते हो जो अय्यूब से भी अधिक हो, या शायद तुम परमेश्वर के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 590](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-590.html) - एक बार जब विजय का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, तब मनुष्य को एक सुंदर संसार में लाया जाएगा। निस्संदेह, यह जीवन तब भी पृथ्वी पर ही होगा, किंतु यह मनुष्य के आज के जीवन के बिलकुल विपरीत होगा। यह वह जीवन है, जो संपूर्ण मानव-जाति पर विजय प्राप्त कर लिए जाने के बाद मानव-जाति
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 531](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-531.html) - पतरस का उल्लेख होने पर, लोग उसके बारे में अच्छी बातें कहते नहीं थकते। वे तुरंत याद करते हैं कि उसने तीन बार परमेश्वर को नकार दिया था, कैसे शैतान को अपनी सेवाएँ प्रदान करते हुए उसने परमेश्वर की परीक्षा ली, और कैसे अंत में परमेश्वर की ही खातिर क्रूस पर उलटा लटकाया गया, इत्यादि।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 501](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-501.html) - तुम सत्य को जितना अधिक अभ्यास में लाते हो, उतना ही अधिक सत्य तुम्हारे पास होता है; तुम सत्य को जितना अधिक अभ्यास में लाते हो, उतना ही अधिक परमेश्वर का प्रेम तुम्हारे पास होता है; और तुम जितना अधिक सत्य को अभ्यास में लाते हो, उतना ही अधिक तुम परमेश्वर द्वारा धन्य किए जाते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 455](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-455.html) - संपूर्ण जगत में अपने कार्य की शुरुआत से ही, परमेश्वर ने अनेक लोगों को अपनी सेवा के लिए पूर्वनिर्धारित किया है, जिसमें हर सामाजिक वर्ग के लोग शामिल हैं। उसका प्रयोजन स्वयं की इच्छा को पूरा करना और पृथ्वी पर अपने कार्य को सुचारु रूप से पूरा करना है। परमेश्वर का लोगों को अपनी सेवा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 371](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-371.html) - मेरी नज़रों में, मनुष्य सभी चीज़ों का शासक है। मैंने उसे कम मात्रा में अधिकार नहीं दिया है, उसे पृथ्वी पर सभी चीज़ों—पहाड़ो के ऊपर की घास, जंगलों के बीच जानवरों, और जल की मछलियों—का प्रबन्ध करने की अनुमति दी है। फिर भी इसकी वजह से खुश होने के बजाए, मनुष्य चिंता से व्याकुल है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 259](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-259.html) - परमेश्वर ने इस संसार की रचना की और इसमें एक जीवित प्राणी, मनुष्य को लेकर आया, जिसे उसने जीवन प्रदान किया। इसके बाद, मनुष्य के माता-पिता और परिजन हुए, और वह अकेला नहीं रहा। जब से मनुष्य ने पहली बार इस भौतिक दुनिया पर नजरें डालीं, तब से वह परमेश्वर के विधान के भीतर विद्यमान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 254](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-254.html) - जीवन का मार्ग कोई साधारण चीज़ नहीं है जो चाहे कोई भी प्राप्त कर ले, न ही इसे सभी के द्वारा आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। यह इसलिए कि जीवन केवल परमेश्वर से ही आता है, कहने का अर्थ है कि केवल स्वयं परमेश्वर ही जीवन के तत्व का अधिकारी है, स्वयं परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 251](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-251.html) - परमेश्वर ने इन अशुद्ध और भ्रष्ट लोगों में कार्य करने और इस समूह के लोगों को पूर्ण बनाने के लिए इस स्तर तक स्वयं को दीन किया है। परमेश्वर लोगों के मध्य जीने और खाने-पीने, वह लोगों की चरवाही करने, और लोगों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए ही देह में नहीं आया। अधिक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 244](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-244.html) - बहुत-सी चीजें हैं, जिन्हें तुम लोगों द्वारा हासिल किए जाने की मैं आशा करता हूँ, लेकिन तुम्हारे सारे कार्य, तुम्हारे जीवन की सभी बातें मेरी अपेक्षाएँ पूरी करने में असमर्थ हैं, इसलिए सीधे मुद्दे पर आकर अपनी इच्छा तुम्हें बताने के अलावा मेरे पास और कोई चारा नहीं है। यह देखते हुए कि तुम्हारी परख
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 219](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-219.html) - अब वह समय है जब मेरा आत्मा बड़ी चीजें कर रहा है, और वह समय है जब मैं अन्यजाति देशों के बीच कार्य आरंभ कर रहा हूँ। इससे भी अधिक, यह वह समय है जब मैं सभी सृजित प्राणियों को वर्गीकृत कर रहा हूँ और प्रत्येक को उसकी संबंधित श्रेणी में रख रहा हूँ, ताकि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 180](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-180-2.html) - तुम लोगों को पता होना चाहिए कि परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के कार्य में भेद कैसे करना है। तुम मनुष्य के कार्य में क्या देख सकते हो? मनुष्य के कार्य में उसके अनुभव के बहुत से तत्व होते हैं; मनुष्य वही व्यक्त करता है जैसा वह होता है। परमेश्वर का अपना कार्य भी वही
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 173](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-173-2.html) - पवित्र आत्मा के कार्य को कई प्रकार के लोगों और अनेक भिन्न-भिन्न परिस्थितियों के माध्यम से संपन्न और पूरा किया जाता है। यद्यपि देहधारी परमेश्वर का कार्य एक संपूर्ण युग के कार्य का प्रतिनिधित्व कर सकता है, और एक संपूर्ण युग में लोगों के प्रवेश का प्रतिनिधित्व कर सकता है, फिर भी लोगों के प्रवेश
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 170](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-170.html) - परमेश्वर के सम्पूर्ण स्वभाव को छ: हज़ार वर्षों की प्रबंधन योजना के दौरान प्रकट किया गया है। इसे सिर्फ अनुग्रह के युग में, सिर्फ व्यवस्था के युग में प्रकट नहीं किया जाता है, ऐसा तो बिल्कुल नहीं है की इसे सिर्फ अंत के दिनों की इस समयावधि में प्रकट किया जाता है। अंत के दिनों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 121](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-121-2.html) - मनुष्य को शैतान ने भ्रष्ट कर दिया है, मनुष्य ही परमेश्वर के जीवधारियों में श्रेष्ठतम है, इसलिए मनुष्य को परमेश्वर के उद्धार की आवश्यकता है। परमेश्वर के उद्धार का लक्ष्य मनुष्य है, शैतान नहीं, और जिसे बचाया जाएगा वह मनुष्य की देह और आत्मा है, शैतान नहीं। शैतान परमेश्वर के विनाश का लक्ष्य है और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 110](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-110.html) - जो देहधारी परमेश्वर है, वह परमेश्वर का सार धारण करेगा, और जो देहधारी परमेश्वर है, वह परमेश्वर की अभिव्यक्ति धारण करेगा। चूँकि परमेश्वर देहधारी हुआ, वह उस कार्य को प्रकट करेगा जो उसे अवश्य करना चाहिए, और चूँकि परमेश्वर ने देह धारण किया, तो वह उसे अभिव्यक्त करेगा जो वह है, और मनुष्यों के लिए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 105](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-105.html) - देहधारी परमेश्वर मसीह कहलाता है, तथा मसीह परमेश्वर के आत्मा के द्वारा धारण किया गया देह है। यह देह किसी भी मनुष्य की देह से भिन्न है। यह भिन्नता इसलिए है क्योंकि मसीह मांस तथा खून से बना हुआ नहीं है बल्कि आत्मा का देहधारण है। उसके पास सामान्य मानवता तथा पूर्ण परमेश्वरत्व दोनों हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 89](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-089.html) - जो कार्य अब किया जा रहा है, वह लोगों से अपने पूर्वज शैतान का त्याग करवाने के लिए किया जा रहा है। वचन के द्वारा सभी न्यायों का उद्देश्य मानवजाति के भ्रष्ट स्वभाव को उजागर करना और लोगों को जीवन का सार समझने में सक्षम बनाना है। ये बार-बार के न्याय लोगों के हृदयों को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 86](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-086.html) - परमेश्वर न्याय और ताड़ना का कार्य करता है ताकि मनुष्य उसे जाने, और उसकी गवाही को जाने। मनुष्य के भ्रष्ट स्वभाव पर परमेश्वर के न्याय के बिना, मनुष्य परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव को नहीं जानेगा जो कोई भी अपराध की अनुमति नहीं देता है, और परमेश्वर के बारे में अपनी पुरानी जानकारी को नई जानकारी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 78](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-078.html) - "न्याय" शब्द का जिक्र होने पर संभवत: तुम उन वचनों के बारे में सोचोगे, जो यहोवा ने प्रत्येक क्षेत्र के लोगों को निर्देश देते हुए कहे थे और जो वचन यीशु ने फरीसियों को फटकार लगाते हुए कहे थे। अपनी समस्त कठोरता के बावजूद, ये वचन परमेश्वर द्वारा मनुष्य का न्याय नहीं थे; बल्कि वे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 68](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-068.html) - मैं अपने कार्य को अन्यजाति देशों में फैला रहा हूँ। मेरी महिमा पूरे ब्रह्मांड में चमकती है; सभी तरह के लोग मेरी इच्छा अपने भीतर रखते हैं, और उन सबकी कमान मेरे हाथों में है और वे सब मेरे द्वारा सौंपा गया कार्य करने में लग गए हैं। इस क्षण से मैं सभी मनुष्यों को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 50](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-050.html) - जब से सर्वशक्तिमान परमेश्वर—राज्य के राजा—की गवाही दी गई है, तब से पूरे ब्रह्मांड में परमेश्वर के प्रबंधन का दायरा पूरी तरह खुलकर सामने आ गया है। परमेश्वर के प्रकटन की गवाही न केवल चीन में दी गई है, बल्कि सभी राष्ट्रों और सभी स्थानों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नाम की गवाही दी गई है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 24](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0024.html) - यहोवा के कार्य के बाद, यीशु मनुष्यों के बीच में अपना कार्य करने के लिये देहधारी हो गया। उसका कार्य एकाकीपन में नहीं किया गया, बल्कि यहोवा के कार्य पर किया गया। यह नये युग के लिये एक कार्य था जब परमेश्वर ने व्यवस्था के युग का समापन कर दिया था। इसी प्रकार, यीशु का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 2](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0002.html) - परमेश्वर के 6,000 वर्षों के प्रबधंन-कार्य को तीन चरणों में बाँटा जाता है : व्यवस्था का युग, अनुग्रह का युग और राज्य का युग। कार्य के ये तीनों चरण मानव-जाति के उद्धार के वास्ते हैं, अर्थात् ये उस मानव-जाति के उद्धार के लिए हैं, जिसे शैतान द्वारा बुरी तरह से भ्रष्ट कर दिया गया है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 528](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-528.html) - उनके लिए जिन्हें सिद्ध किया जाना है, उन पर विजयी होने के कार्य का यह कदम अति आवश्यक है; केवल जब मनुष्य पर विजय पा लिया जाता है, तभी मनुष्य सिद्ध किए जाने के कार्य का अनुभव कर सकता है। केवल जीत लिए जाने की भूमिका को निभाने में कोई बड़ा मूल्य नहीं है, जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 524](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-524.html) - मनुष्य को एक अर्थपूर्ण जीवन का अनुसरण करना होगा, और मनुष्य को अपनी वर्तमान परिस्थितियों से संतुष्ट नहीं होना चाहिए। पतरस के स्वरूप जीवन बिताने के लिए, उसे पतरस के ज्ञान और अनुभवों को धारण करना होगा। मुनष्य को ऐसी चीज़ों का अनुसरण करना चाहिए जो ऊँची और बहुत ज़्यादा गम्भीर हैं। उसे परमेश्वर के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 519](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-519.html) - मनुष्य परमेश्वर का अनुभव करता है, स्वयं को जानता है, अपने भ्रष्ट स्वभाव से छुटकारा पाता है और जीवन में वृद्धि करने के लिए कोशिश करता है सब कुछ परमेश्वर को जानने के लिए ही है। यदि तुम सिर्फ़ स्वयं को जानने और स्वयं के भ्रष्ट स्वभाव से निपटने की कोशिश करते हो और यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 509](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-509.html) - परमेश्वर द्वारा शुद्धिकरण जितना बड़ा होता है, लोगों के हृदय उतने ही अधिक परमेश्वर से प्रेम करने में सक्षम हो जाते हैं। उनके हृदय की यातना उनके जीवन के लिए लाभदायक होती है, वे परमेश्वर के समक्ष अधिक शांत रह सकते हैं, परमेश्वर के साथ उनका संबंध और अधिक निकटता का हो जाता है, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 508](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-508.html) - यदि लोग शैतान के प्रभाव में आ जाते हैं, तो उनके भीतर परमेश्वर के लिए कोई प्रेम नहीं रहता, और उनके पिछले दर्शन, प्रेम और संकल्प लुप्त हो जाते हैं। लोग महसूस किया करते थे कि उनसे परमेश्वर के लिए दुःख उठाना अपेक्षित है, परंतु आज वे ऐसा करना निंदनीय समझते हैं, और उनके पास
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 518](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-518.html) - यह स्वर्ग का नियम और पृथ्वी का सिद्धांत है कि परमेश्वर पर विश्वास किया जाए और उसको जाना जाए, और आज—इस युग के दौरान जब देहधारी परमेश्वर स्वयं अपना कार्य करता है—यह परमेश्वर को जानने के लिए विशेष अच्छा समय है। परमेश्वर को संतुष्ट करना उसकी इच्छा को समझने पर आधारित है, और परमेश्वर की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 517](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-517.html) - बड़े लाल अजगर के देश में परमेश्वर का काम शानदार और अथाह है। वह एक समूह के लोगों को पूर्ण बनाएगा और कुछ अन्य को हटा देगा, क्योंकि कलीसिया में सभी प्रकार के लोग हैं—ऐसे लोग हैं जो सत्य से प्रेम करते हैं और ऐसे लोग हैं जो नहीं करते; ऐसे लोग हैं जो परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 488](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-488.html) - जैसे-जैसे तुम्हारा जीवन प्रगति करता है, तुम्हारे पास हमेशा नया प्रवेश और नया उच्चतर परिज्ञान अवश्य होना चाहिए, जो हर एक कदम के साथ और गहरा होता जाता है। यही वह चीज़ है जिसमें समस्त मानवजाति को प्रवेश करना चाहिए। संगति करने, सन्देश को सुनने, परमेश्वर का वचन पढ़ने, या किसी मसले को सँभालने के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 487](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-487.html) - चूँकि तुम परमेश्वर पर विश्वास करते हो, इसलिए तुम्हें परमेश्वर के सभी वचनों और उसके सभी कार्यों में विश्वास अवश्य रखना चाहिए। अर्थात्, चूँकि तुम परमेश्वर पर विश्वास करते हो, इसलिए तुम्हें आज्ञापालन अवश्य करना चाहिए। यदि तुम ऐसा करने में असमर्थ हो, तो यह मायने नहीं रखता है कि तुम परमेश्वर पर विश्वास करते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 486](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-486.html) - परमेश्वर के द्वारा किया गया कार्य अलग-अलग अवधियों में भिन्न होता है। यदि तुम एक चरण में बड़ी आज्ञाकारिता दिखाते हो, मगर अगले चरण में कम दिखाते हो या कुछ भी नहीं दिखाते हो, तो परमेश्वर तुम्हें त्याग देगा। जब परमेश्वर यह कदम उठाता है तब यदि तुम परमेश्वर के साथ समान गति से चलते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 485](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-485.html) - पवित्र आत्मा का कार्य दिन ब दिन बदलता जाता है, हर एक कदम के साथ ऊँचा उठता जाता है; आने वाले कल का प्रकाशन आज से भी कहीं ज़्यादा ऊँचा होता है, कदम दर कदम और ऊपर चढ़ता जाता है। जिस कार्य के द्वारा परमेश्वर मनुष्य को सिद्ध करता है वह ऐसा ही है। यदि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 484](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-484.html) - यदि तुम परमेश्वर के नए प्रकाश को स्वीकार करने में असमर्थ हो, और वह सब कुछ नहीं समझ सकते हो जिसे आज परमेश्वर करता है, और उसकी खोज नहीं करते हो, या अन्यथा उस पर सन्देह करते हो, उसकी आलोचना करते हो, या उसका अध्ययन एवं विश्लेषण करते हो, तो तुम्हारा आज्ञा मानने का मन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 483](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-483.html) - तुम परमेश्वर में विश्वास क्यों करते हो? अधिकांश लोग इस प्रश्न से हैरान हैं। उनके पास व्यावहारिक परमेश्वर और स्वर्ग के परमेश्वर के बारे में हमेशा से बिलकुल दो भिन्न दृष्टिकोण रहे हैं, जो दिखाता है कि वे आज्ञापालन के लिए नहीं, बल्कि कुछ निश्चित लाभों को प्राप्त करने, या विपत्तियों के कष्ट से बच
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 482](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-482.html) - पतरस एवं पौलुस के सार में अन्तर से तुझे समझना चाहिए कि वे सभी लोग जो जीवन का अनुसरण नहीं करते हैं वे व्यर्थ में परिश्रम करते हैं! तू परमेश्वर में विश्वास करता है और परमेश्वर का अनुसरण करता है, और इस प्रकार तुझे अपने ह्रदय में परमेश्वर से प्रेम करना होगा। तुझे अपने भ्रष्ट
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 481](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-481.html) - वह सब जिसकी पतरस खोज करता था वह परमेश्वर के हृदय के अनुसार था। उसने परमेश्वर की इच्छा को पूरा करने की कोशिश की थी, और क्लेश एवं प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भी, वह फिर भी परमेश्वर की इच्छा को पूरा करने के लिए तैयार था। परमेश्वर में किसी विश्वासी के द्वारा इससे बड़ा अनुसरण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 480](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-480.html) - कुछ लोग कहते हैं, "पौलुस ने अत्यधिक मात्रा में काम किया था, और उसने कलीसियाओं के लिए बड़े बोझ को अपने कंधों पर उठाया था और उनके लिए इतना अधिक योगदान दिया था। पौलुस की तेरह पत्रियों ने दो हज़ार वर्षों के अनुग्रह के युग को बनाए रखा था, और वे मात्र चारों सुसमाचारों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 479](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-479.html) - पौलुस के द्वारा किए गए कार्य को मनुष्य के सामने प्रदर्शित किया गया था, किन्तु परमेश्वर के लिए उसका प्रेम कितना शुद्ध था, उसके हृदय की गहराई में परमेश्वर के लिए उसका प्रेम कितना अधिक था—इन्हें मनुष्य के द्वारा देखा नहीं जा सकता है। मनुष्य केवल उस कार्य को देख सकता है जिसे उसने किया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 477](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-477.html) - हालाँकि जब पतरस ने यीशु के पीछे पीछे चलना शुरू किया उसके पश्चात् प्राकृतिक प्रकाशन घटित नहीं हुए थे, फिर भी बिलकुल शुरुआत से ही स्वभाव में वह ऐसा व्यक्ति था जो पवित्र आत्मा के प्रति समर्पित होने और मसीह को खोजने के लिए तैयार था। पवित्र आत्मा के प्रति उसकी आज्ञाकारिता पवित्र थी: उसने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 476](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-476.html) - पतरस ऐसा मनुष्य था जिसे सिद्ध किया गया था। केवल न्याय एवं ताड़ना का अनुभव करने, और इस प्रकार परमेश्वर के शुद्ध प्रेम को प्राप्त करने के बाद ही, उसे पूर्ण रूप से सिद्ध बनाया गया था; वह पथ जिस पर वह चलता था वह सिद्ध किए जाने का पथ था। कहने का तात्पर्य है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 475](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-475.html) - परमेश्वर में किसी मनुष्य के विश्वास की अत्यंत मूलभूत आवश्यकता यह है कि उसके पास एक सच्चा हृदय हो, और यह कि वह स्वयं को पूरी तरह से समर्पित कर दे, एवं सचमुच में आज्ञा का पालन करे। जो चीज़ किसी मनुष्य के लिए सबसे अधिक कठिन है वह है सच्चे विश्वास के बदले में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 473](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-473.html) - तुम्हें यह याद रखना चाहिए कि वचनों को अब कह दिया गया है: बाद में, तुम बड़े क्लेश और बड़े दुःख से होकर जाओगे! सिद्ध बनना सरल या आसान बात नहीं है। कम से कम तुममें अय्यूब के समान विश्वास होना चाहिए या शायद उसके विश्वास से भी बड़ा विश्वास। तुम्हें जानना चाहिए कि भविष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 471](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-471.html) - अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य के लिए असाधारण आत्मविश्वास की आवश्यकता है, अय्यूब से भी अधिक आत्मविश्वास की। आत्मविश्वास के बिना लोग अनुभव प्राप्त करते रहने में सक्षम नहीं होंगे और न ही वे परमेश्वर द्वारा पूर्ण बनाए जाने में सक्षम होंगे। जब बड़े परीक्षणों का दिन आएगा, तो कई लोग कलीसियाओं को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 470](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-470.html) - परमेश्वर के कार्य के हर चरण के लिए एक तरीका है, जिसमें लोगों को सहयोग करना चाहिए। परमेश्वर लोगों को शुद्ध करता है, ताकि शुद्धिकरणों से गुज़रने पर उनमें आत्मविश्वास रहे। परमेश्वर लोगों को पूर्ण बनाता है, ताकि उनमें परमेश्वर द्वारा पूर्ण बनाए जाने का आत्मविश्वास हो और वे उसके शुद्धिकरणों को स्वीकार करने और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 469](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-469.html) - यदि लोगों में आत्मविश्वास नहीं है, तो उनके लिए इस मार्ग पर चलते रहना आसान नहीं है। अब हर कोई देख सकता है कि परमेश्वर का कार्य लोगों की अवधारणाओं के अनुरूप जरा सा भी नहीं है। परमेश्वर ने इतना अधिक कार्य किया है और इतने सारे वचनों को कहा है, जो इंसानी अवधारणाओं से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 468](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-468.html) - परमेश्वर के कार्य के इस चरण के दौरान लोगों को उसके साथ कैसे सहयोग करना चाहिए? परमेश्वर वर्तमान में लोगों की परीक्षा ले रहा है। वह एक वचन भी नहीं बोल रहा; बल्कि स्वयं को छिपा रहा है और लोगों से सीधे संपर्क नहीं कर रहा है। बाहर से ऐसा लगता है, मानो वह कोई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 467](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-467.html) - पवित्र आत्मा वर्तमान समय में कलीसिया के भीतर किस प्रकार से कार्य कर रहा है? क्या तुम्हें इस प्रश्न की कोई ठोस समझ है? तुम्हारे भाइयों और बहनों की सबसे बड़ी कठिनाइयाँ क्या हैं? उनमें सबसे अधिक किस चीज की कमी है? वर्तमान में, कुछ लोग परीक्षणों से गुज़रने पर नकारात्मक हो जाते हैं, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 465](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-465.html) - अब क्या तू सचमुच में जान गया कि तू क्यों मुझ पर विश्वास करता है? क्या तू सचमुच में मेरे कार्य के उद्देश्य और महत्व को जानता है? क्या तू सचमुच में अपने कर्तव्य को जानता है? क्या तू सचमुच में मेरी गवाही को जानता है? यदि तू मात्र मुझ में विश्वास करता है, फिर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 461](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-461.html) - इन दिनों, कई लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि दूसरों के साथ समन्वय करते समय क्या सबक सीखे जाने चाहिये। मैंने देखा है कि तुम लोगों में से कई लोग दूसरों के साथ सहयोग करते समय बिलकुल सबक नहीं सीख पाते; तुममें से ज़्यादातर लोग अपने ही विचारों से चिपके रहते हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 464](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-464.html) - मनुष्य के पास मेरे प्रति विश्वास तो है किन्तु वह मेरा गवाह नहीं बन सकता है, और इस से पहले कि मैं ने अपने आपको प्रकट किया, मनुष्य मेरे लिए गवाही नहीं दे सकता है। मनुष्य केवल यह देखता है कि मैं सभी जीवधारियों और सभी पवित्र मनुष्यों से श्रेष्ठ हूँ, और यह देखता है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 462](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-462.html) - आज तुम लोगों से—सद्भावना में एक साथ मिलकर काम करने की अपेक्षा करना—उस सेवा के समान है जिसकी अपेक्षा यहोवा इस्राएलियों से करता था : अन्यथा, सेवा करना बंद कर दो। चूँकि तुम ऐसे लोग हो जो सीधे परमेश्वर की सेवा करते हैं, तुम्हें कम से कम अपनी सेवा में वफ़ादारी और समर्पण में सक्षम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 460](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-460.html) - तुम्हें उन अनेक स्थितियों की समझ होनी चाहिए, जिनमें लोग तब होते हैं, जब पवित्र आत्मा उन पर काम करता है। विशेषकर, जो लोग ईश्वर की सेवा में समन्वय करते हैं, उन्हें उन अनेक स्थितियों की और भी गहरी समझ होनी चाहिए, जो पवित्र आत्मा द्वारा लोगों पर किए जाने वाले कार्य से पैदा होती
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 459](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-459.html) - ऐसे लोगों के कार्य में बहुत कम विचलन होता है, जो काट-छाँट, निपटने, न्याय और ताड़ना से होकर गुज़र चुके हैं, और उनके कार्य की अभिव्यक्ति बहुत अधिक सटीक होती है। जो लोग कार्य करने के लिए अपनी स्वाभाविकता पर निर्भर करते हैं, वे काफी बड़ी ग़लतियाँ करते हैं। पूर्ण न किए गए लोगों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 457](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-457.html) - कार्य के संबंध में, मनुष्य का विश्वास है कि परमेश्वर के लिए इधर-उधर दौड़ना, सभी जगहों पर प्रचार करना और परमेश्वर के लिए स्वयं को खपाना ही कार्य है। यद्यपि यह विश्वास सही है, किंतु यह अत्यधिक एकतरफा है; परमेश्वर इंसान से जो माँगता है, वह परमेश्वर के लिए केवल इधर-उधर दौड़ना ही नहीं है;
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 454](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-454.html) - यीशु परमेश्वर के आदेश—समस्त मानवजाति के छुटकारे के कार्य—को पूरा करने में समर्थ था क्योंकि उसने अपनी व्यक्तिगत योजनाओं एवं विचारों के बिना परमेश्वर की इच्छा की पूरी परवाह की। इसलिए भी, वह परमेश्वर—परमेश्वर स्वयं का अंतरंग था, कुछ ऐसा जिसे तुम सभी लोग अच्छी तरह से समझते हो। (वास्तव में, वह परमेश्वर स्वयं था
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 449](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-449.html) - वे अज्ञानी और घमंडी लोग न केवल पूरी कोशिश नहीं करते, बल्कि वे अपना कर्तव्य भी नहीं निभाते, बस वे अनुग्रह के लिए अपने हाथ पसार देते हैं, मानो वे जो माँगते हैं, उसके योग्य हों। और यदि वे वह प्राप्त नहीं कर पाते, जो वे माँगते हैं, तो वे और भी कम विश्वासपात्र बन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 453](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-453.html) - प्रत्येक व्यक्ति जिसने संकल्प लिया है वह परमेश्वर की सेवा कर सकता है—परन्तु यह अवश्य है कि जो परमेश्वर की इच्छा की बहुत परवाह करते हैं और जो परमेश्वर की इच्छा को समझते हैं केवल वे ही परमेश्वर की सेवा करने के योग्य एवं पात्र हैं। तुम लोगों के अनुभवों में, यह देखा जा सकता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 450](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-450.html) - अगर तुम्हें परमेश्वर के काम का ज्ञान नहीं है, तो तुम्हें यह नहीं पता होगा कि परमेश्वर के साथ सहयोग कैसे करना है। अगर तुम परमेश्वर के काम के सिद्धांतों को नहीं जानते और इस बात से अनजान हो कि शैतान मनुष्य पर कैसे काम करता है, तो तुम्हारे पास अभ्यास का कोई मार्ग नहीं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 448](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-448.html) - मनुष्य द्वारा अपना कर्तव्य निभाना वास्तव में उस सबकी सिद्धि है, जो मनुष्य के भीतर अंतर्निहित है, अर्थात् जो मनुष्य के लिए संभव है। इसके बाद उसका कर्तव्य पूरा हो जाता है। मनुष्य की सेवा के दौरान उसके दोष उसके क्रमिक अनुभव और न्याय से गुज़रने की प्रक्रिया के माध्यम से धीरे-धीरे कम होते जाते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 447](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-447.html) - सामान्य मानवता में कौन-से पहलू शामिल हैं? अंतर्दृष्टि, समझ, विवेक, और चरित्र। यदि तुम इनमें से प्रत्येक पहलू में सामान्यता प्राप्त कर सकते हो, तो तुम्हारी मानवता मानक के मुताबिक हो जाएगी। तुममें एक सामान्य इंसान की समानता होनी चाहिए और तुम्हें परमेश्वर में विश्वासी की तरह व्यवहार करना चाहिए। तुम्हें बहुत अधिक हासिल नहीं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 446](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-446.html) - पवित्र आत्मा का कार्य सकारात्मक उन्नति है, जबकि शैतान का कार्य पीछे को हटना, नकारात्मकता, विद्रोहीपन, परमेश्वर के प्रति प्रतिरोध, परमेश्वर में विश्वास की कमी, भजनों को गाने तक की अनिच्छा, और अपना कर्तव्य कर पाने में बहुत कमज़ोर होना है। वह सब कुछ जो पवित्र आत्मा के प्रबोधन से उपजता है वह काफी स्वाभाविक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 445](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-445.html) - जब तुम्हारे दिन-प्रतिदिन के जीवन में तुम्हारे साथ कुछ घटित होता है, तो तुम यह फर्क कैसे कर पाते हो कि यह पवित्र आत्मा के कार्य के कारण है या शैतान के कार्य के कारण? जब लोगों की परिस्थितियाँ सामान्य होती हैं, तो उनके आत्मिक जीवन और दैहिक जीवन भी सामान्य होते हैं, उनका विवेक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 444](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-444.html) - तुम आत्मा के सुनिश्चित विवरणों को कैसे समझते हो? पवित्र आत्मा मनुष्य में कैसे कार्य करता है? शैतान मनुष्य में कैसे कार्य करता है? दुष्ट आत्माएँ मनुष्य में कैसे कार्य करती हैं? और इस कार्य के प्रकटीकरण क्या हैं? जब तुम्हारे साथ कुछ घटित होता है, तो क्या यह पवित्र आत्मा की ओर से होता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 443](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-443.html) - क्या तुम लोगों को पता है कि फिलहाल तुम्हारे अंदर कौन-सी बातें होनी चाहिए? इसके एक पहलू में कार्य के बारे में दर्शन शामिल है, और दूसरा पहलू है तुम्हारा अभ्यास। तुम्हें इन दोनों पहलुओं को समझना होगा। यदि जीवन में प्रगति करने की तुम्हारी खोज में दर्शनों की कमी है, तो तुम्हारी कोई नींव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 442](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-442.html) - परमेश्वर की गवाही देना मूलत: परमेश्वर के कार्य के बारे में तुम्हारा अपने ज्ञान को बताने का मामला है, और यह बताना है कि परमेश्वर कैसे लोगों को जीतता है, कैसे उन्हें बचाता है और कैसे उन्हें बदलता है; यह बताना है कि वह सत्य की वास्तविकता में प्रवेश करने के लिए कैसे लोगों का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 441](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-441.html) - जब तुम स्वयं को जीवन के लिए तैयार कर रहे हो, तो तुम्हें परमेश्वर के वचनों को खाने-पीने पर ध्यान देना चाहिए, तुम्हें परमेश्वर के बारे में ज्ञान के विषय में, मानवीय जीवन के विषय में और विशेष रूप से अंत के दिनों में परमेश्वर द्वारा किए गए कार्य के विषय में बातचीत करने के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 439](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-439.html) - किसी की गवाही में अडिग रहने का क्या अर्थ है? कुछ लोग कहते हैं कि वे बस इस तरह से अनुसरण करते हैं और स्वयं को इस चिंता में नहीं डालते हैं कि क्या वे जीवन प्राप्त करने में सक्षम हैं; वे जीवन की खोज नहीं करते हैं, किन्तु वे पीछे भी नहीं पलटते हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 438](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-438.html) - पहले, यह कहा जाता था कि पवित्र आत्मा की उपस्थिति का होना और पवित्र आत्मा का कार्य पाना भिन्न-भिन्न हैं। पवित्र आत्मा की उपस्थिति होने की सामान्य अवस्था सामान्य विचार, सामान्य समझ और सामान्य मानवता होने में व्यक्त होती है। एक व्यक्ति का चरित्र वैसा ही रहेगा जैसा कि यह हुआ करता था, किन्तु उनके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 437](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-437.html) - कलीसियाई जीवन केवल इस प्रकार का जीवन है जहाँ लोग परमेश्वर के वचनों का स्वाद लेने के लिए एकत्र होते हैं, और यह किसी व्यक्ति के जीवन का एक छोटा-सा भाग ही होता है। यदि लोगों का वास्तविक जीवन भी कलीसियाई जीवन जैसा हो पाता, जिसमें सामान्य आत्मिक जीवन भी शामिल हो, जहाँ परमेश्वर के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 436](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-436.html) - एक सामान्य व्यक्ति की समानता को पुनर्स्थापित करने के लिए, अर्थात् सामान्य मनुष्यत्व को प्राप्त करने के लिए लोग केवल अपने शब्दों से परमेश्वर को प्रसन्न नहीं कर सकते। ऐसा करके वे स्वयं को ही नुकसान पहुंचा रहे हैं, और इससे उनके प्रवेश या परिवर्तन को कोई लाभ नहीं पहुँचता। अतः परिवर्तन लाने के लिए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 434](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-434.html) - यदि लोगों को परमेश्वर को जानना है, तो सब से पहले उन्हें यह अवश्य जानना चाहिए कि परमेश्वर वास्तविक परमेश्वर है, और परमेश्वर के वचनों को, देह में परमेश्वर के वास्तविक प्रकटन को और परमेश्वर के वास्तविक कार्य को अवश्य जानना चाहिए। केवल यह जानने के बाद ही कि परमेश्वर का समस्त कार्य वास्तविक है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 433](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-433.html) - परमेश्वर वास्तविकता का परमेश्वर है: उसका समस्त कार्य वास्तविक है, सभी वचन जिन्हें वह कहता है वास्तविक हैं, और सभी सच्चाईयाँ जिन्हें वह व्यक्त करता है वास्तविक हैं। हर चीज़ जो उसके वचन नहीं हैं वे खोखले, अस्तित्वहीन, और अनुचित हैं। आज, पवित्र आत्मा परमेश्वर के वचनों में लोगों का मार्गदर्शन करने के लिए है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 430](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-430.html) - मनुष्य से परमेश्वर की अपेक्षा मात्र वास्तविकता के विषय में बात करने के योग्य होना ही नहीं है; अगर ऐसा हो तो क्या यह अति सरल नहीं होगा? तब परमेश्वर जीवन में प्रवेश के विषय में बात क्यों करता है? वह रूपांतरण के विषय में बात क्यों करता है? यदि लोग केवल वास्तविकता की खोखली
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 429](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-429.html) - परमेश्वर के वचनों को मानते हुए स्थिरता के साथ उनकी व्याख्या करने के योग्य होने का अर्थ यह नहीं है कि तुम्हारे पास वास्तविकता है; बातें इतनी भी सरल नहीं हैं जितनी तुम सोचते हो। तुम्हारे पास वास्तविकता है या नहीं, यह इस बात पर आधारित नहीं है कि तुम क्या कहते हो; अपितु यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 428](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-428.html) - बहुत लोग अभ्यास के बारे में थोड़ी बात कर सकते हैं और वे अपने व्यक्तिगत विचारों के बारे में बात कर सकते हैं, लेकिन इसमें से अधिकांश दूसरों के वचनों से प्राप्त होने वाला प्रकाश होता है। इसमें उनके अपने व्यक्तिगत अभ्यासों से कुछ भी शामिल नहीं होता, न ही इसमें ऐसा कुछ शामिल होता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 427](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-427.html) - सत्य का अभ्यास ऐसा मार्ग है जिससे मनुष्य जीवन में उन्नति कर सकता है। यदि तुम लोग सत्य का अभ्यास नहीं करते हो, तो तुम्हारे पास केवल सिद्धान्त रह जायेगा और तुम लोगों के पास कोई वास्तविक जीवन नहीं होगा। सत्य मनुष्य के आध्यात्मिक कद का प्रतीक है। तुम सत्य का अभ्यास करते हो या
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर के वचनों के न्याय को अनुभव करने का फल (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/testimonies-from-experiencing-judgment.html) - अंत के दिनों में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर चीन में सत्य व्यक्त करते हैं और परमेश्वर के आवास से शुरू होने वाला न्याय कार्य करते हैं। उन्होंने लोगों के समूह को जीत कर उन्हें बचा लिया है, और वे ही ऐसे लोग हैं जिन्होंने अनन्त जीवन का मार्ग पा लिया है। क्या आप जानना चाहेंगे कि वे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 426](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-426.html) - नए युग में आज्ञाओं की घोषणा उस तथ्य की एक गवाही है कि इस धारा के सभी लोग, वे सभी जो आज परमेश्वर की वाणी को सुनते हैं, एक नए युग में प्रवेश कर चुके हैं। यह परमेश्वर के कार्य के लिए एक नई शुरुआत है, साथ ही यह परमेश्वर की छः हज़ार वर्षों की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 425](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-425.html) - व्यवहार में, आज्ञाओं के पालन को सत्य को अभ्यास में डालने से जोड़ा जाना चाहिए। आज्ञाओं का पालन करते हुए, एक व्यक्ति को सत्य का अभ्यास करना ही चाहिए। सत्य का अभ्यास करते समय, व्यक्ति को आज्ञाओं के सिद्धान्तों का उल्लंघन बिलकुल नहीं करना चाहिए न ही आज्ञाओं के विपरीत जाना चाहिए; परमेश्वर तुमसे जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 424](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-424.html) - वर्तमान चरण में, पहले सत्य को जानना बेहद महत्वपूर्ण है, फिर उसे अमल में लाना और उसके बाद सत्य के सच्चे अर्थ से स्वयं को समर्थ बनाना। तुम लोगों को इसे प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। दूसरों से मात्र अपनी बातों का अनुसरण करवाने का प्रयास करने के बजाय, तुम्हें उनसे अपने अभ्यास का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 423](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-423.html) - इंसान के लिए आवश्यक सत्य परमेश्वर के वचनों में निहित है, और सत्य ही इंसान के लिए अत्यंत लाभदायक और सहायक होता है। तुम लोगों के शरीर को इस टॉनिक और पोषण की आवश्यकता है, इससे इंसान को अपनी सामान्य मानवीयता को फिर से प्राप्त करने में सहायता मिलती है। यह ऐसा सत्य है जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 409](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-409.html) - परमेश्वर में विश्वास करने में, तुम्हें कम से कम परमेश्वर के साथ एक सामान्य संबंध रखने के मुद्दे का समाधान करना आवश्यक है। यदि परमेश्वर के साथ तुम्हारा सामान्य संबंध नहीं है, तो परमेश्वर में तुम्हारे विश्वास का अर्थ खो जाता है। परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध स्थापित करना परमेश्वर की उपस्थिति में शांत रहने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 368](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-368.html) - युगों से, बहुत से लोग निराशा, और अनिच्छा के साथ इस संसार से चले गए हैं, और बहुत से लोग आशा और विश्वास के साथ इसमें आ गए हैं। मैंने बहुतों के आने का प्रबन्ध किया है, और बहुतों को दूर भेज दिया है। अनगिनित लोग मेरे हाथों से होकर गुज़रें हैं। बहुत सी आत्माओं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 395](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-395.html) - अब, तुम लोगों को परमेश्वर की प्रजा बनने की कोशिश करनी है, और तुम सब पूरी प्रविष्टि को सही राह पर शुरू करोगे। परमेश्वर के लोग होने का अर्थ है राज्य के युग में प्रवेश करना। आज, तुम सब आधिकारिक तौर पर राज्य के प्रशिक्षण में प्रवेश करना शुरू कर रहे हो, और तुम लोगों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 408](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-408.html) - यदि तुम परमेश्वर के साथ उचित संबंध बनाना चाहते हो, तो तुम्हारा हृदय उसकी तरफ़ मुड़ना चाहिए। इस बुनियाद पर, तुम दूसरे लोगों के साथ भी उचित संबंध रखोगे। यदि परमेश्वर के साथ तुम्हारा उचित संबंध नहीं है, तो चाहे तुम दूसरों के साथ संबंध बनाए रखने के लिए कुछ भी कर लो, चाहे तुम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 390](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-390.html) - यद्यपि बहुत से लोग परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, किंतु बहुत कम लोग समझते हैं कि परमेश्वर पर विश्वास करने का अर्थ क्या है, और परमेश्वर के मन के अनुरूप बनने के लिये उन्हें क्या करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि यद्यपि लोग "परमेश्वर" शब्द और "परमेश्वर का कार्य" जैसे वाक्यांश से परिचित हैं, किंतु
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 389](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-389.html) - पतरस कई वर्षों तक मेरे प्रति वफ़ादार था, मगर वह कभी भी कुड़कुड़ाया नहीं या उसका हृदय कभी भी शिकायती नहीं था, और यहाँ तक कि अय्यूब भी उसके बराबर नहीं था। युगों के दौरान सभी संत भी उससे बहुत छोटे पड़े हैं। उसने न केवल मेरे बारे में ज्ञान की खोज की, बल्कि उसे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 406](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-406.html) - लोग अपने हृदय से परमेश्वर की आत्मा को स्पर्श करके परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, उससे प्रेम करते हैं और उसे संतुष्ट करते हैं, और इस प्रकार वे परमेश्वर की संतुष्टि प्राप्त करते हैं; परमेश्वर के वचनों से जुड़ने के लिए वे अपने हृदय का उपयोग करते हैं और इस प्रकार वे परमेश्वर के आत्मा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 405](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-405.html) - मैंने पहले कहा है कि "वे सब जो संकेतों और चमत्कारों को देखने की कोशिश करते हैं त्याग दिये जाएँगे; ये वे लोग नहीं हैं जो पूर्ण बनाए जाएँगे।" मैंने बहुत से वचन कहे हैं, फिर भी तुम्हें इस कार्य का लेशमात्र भी ज्ञान नहीं है, और, इस स्तर तक आकर, तुम अभी भी संकेतों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 407](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-407.html) - अनुभव से यह देखा जा सकता है कि सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक, परमेश्वर के सामने अपने हृदय को शांत करना है। यह एक ऐसा मुद्दा है, जो लोगों के आध्यात्मिक जीवन से, और उनके जीवन में उनके विकास से संबंधित है। जब तुम्हारा हृदय परमेश्वर के सामने शांत रहेगा, केवल तभी सत्य की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 403](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-403.html) - आगे बढ़ने पर, परमेश्वर के वचन के बारे में बात करना वह सिद्धांत है जिसके द्वारा तुम बोलते हो। जब तुम लोग आपस में मिलते हो, तब तुम लोगों को परमेश्वर के वचन के बारे में सहभागिता करनी चाहिये, और उसी के विषय पर बातचीत करनी चाहिये; इस बारे में बात करो कि परमेश्वर के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 400](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-400.html) - परमेश्वर ने निश्चय ही मनुष्यों को पूर्ण करने का निर्णय कर लिया है। वह चाहे किसी भी दृष्टिकोण से यह कहता है, सब बातें इन लोगों को पूर्ण बनाने के लिये हैं। आत्मा के दृष्टिकोण से कहे गये वचन मनुष्यों के समझने में कठिन होते हैं, और मनुष्यों को उन पर अमल करने का मार्ग
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 396](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-396.html) - आध्यात्मिक जीवन किस तरह का जीवन है? आध्यात्मिक जीवन वह है जिसमें तुम्हारा दिल पूरी तरह से परमेश्वर की ओर मुड़ चुका होता है, और परमेश्वर के प्रेम के प्रति सचेत होने में सक्षम हो जाता है। यह वह है जिसमें तुम परमेश्वर के वचनों में रहते हो, और तुम्हारे दिल में अन्य कुछ भी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 399](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-399.html) - आज पवित्र आत्मा के वचन पवित्र आत्मा के कार्य का गतिविज्ञान हैं और इसके दौरान पवित्र आत्मा के द्वारा मनुष्य का निरंतर प्रबोधन, पवित्र आत्मा के कार्य की प्रवृत्ति है। और आज पवित्र आत्मा के कार्य की प्रवृत्ति क्या है? यह आज परमेश्वर के कार्य और एक सामान्य आध्यात्मिक जीवन में दर्ज होने में लोगों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 398](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-398.html) - वे सभी धन्य हैं जो पवित्र आत्मा की वर्तमान उक्तियों का पालन करने में सक्षम हैं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कैसे थे, या उनके भीतर पवित्र आत्मा कैसे कार्य किया करता था—जिन्होंने नवीनतम कार्य को प्राप्त किया है वे सबसे अधिक धन्य हैं, और जो लोग आज के नवीनतम कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 397](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-397.html) - परमेश्वर का अनुसरण करने में प्रमुख महत्व इस बात का है कि हर चीज़ आज परमेश्वर के वचनों के अनुसार होनी चाहिए: चाहे तुम जीवन प्रवेश का अनुसरण कर रहे हो या परमेश्वर की इच्छापूर्ति, सब कुछ आज परमेश्वर के वचनों के आस-पास ही केन्द्रित होना चाहिए। यदि तुम्हारे समागम और अनुसरण परमेश्वर के वचनों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 419](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-419.html) - परमेश्वर के वचनों में प्रवेश करने के लिए परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने से अधिक महत्वपूर्ण कदम कोई नहीं है। यह वह सबक है, जिसमें वर्तमान में सभी लोगों को प्रवेश करने की तत्काल आवश्यकता है। परमेश्वर के समक्ष अपने हृदय को शांत रखने में प्रवेश करने के निम्नलिखित मार्ग हैं: 1.
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 416](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-416.html) - अपने प्रतिदिन के जीवन में तुम प्रार्थना पर बिलकुल ध्यान नहीं देते। लोगों ने प्रार्थना को सदैव नजरअंदाज किया है। प्रार्थनाएँ लापरवाही से की जाती थीं, जिसमें इंसान परमेश्वर के सामने बस खानापूर्ति करता था। किसी ने भी कभी परमेश्वर के समक्ष पूरी रीति से अपने हृदय को समर्पित नहीं किया है और न ही
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 421](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-421.html) - परमेश्वर के वचनों को अपने जीवन के रूप में स्वीकार करने हेतु उसके समक्ष आने के लिए तुम्हें पहले उसके समक्ष शांत होना होगा। जब तुम परमेश्वर के समक्ष शांत होगे, केवल तभी वह तुम्हें प्रबुद्ध करेगा और तुम्हें ज्ञान देगा। लोग परमेश्वर के समक्ष जितना अधिक शांत होते हैं, उतना अधिक वे प्रबुद्धता और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 420](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-420.html) - परमेश्वर के वर्तमान वचनों को खाते और पीते हुए उसके वचनों पर चिंतन और प्रार्थना करना परमेश्वर के समक्ष शांत होने की ओर पहला कदम है। यदि तुम सच में परमेश्वर के समक्ष शांत रह सकते हो, तो पवित्र आत्मा की प्रबुद्धता और रोशनी तुम्हारे साथ होगी। समस्त आध्यात्मिक जीवन परमेश्वर की उपस्थिति में शांत
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 418](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-418.html) - प्रार्थना करने के विषय में आधारभूत ज्ञान: 1. बिना सोचे-समझे वह सब न कहो जो मन में आता है। तुम्हारे हृदय में एक बोझ होना आवश्यक है, कहने का अर्थ है कि जब तुम प्रार्थना करो तो एक लक्ष्य होना चाहिए। 2. तुम्हारी प्रार्थनाओं में परमेश्वर के वचन होने चाहिए; वे परमेश्वर के वचनों पर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 415](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-415.html) - सामान्य आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए एक व्यक्ति को प्रतिदिन नई रोशनी प्राप्त करने और परमेश्वर के वचनों की समझ का अनुसरण करने में सक्षम होना चाहिए। एक व्यक्ति को सत्य स्पष्ट रूप से देखना चाहिए, सभी मामलों में अभ्यास का मार्ग तलाशना चाहिए, प्रतिदिन परमेश्वर के वचनों को पढ़ने के माध्यम से नए प्रश्नों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 414](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-414.html) - परमेश्वर में विश्वास रखने के लिए एक सामान्य आध्यात्मिक जीवन का होना आवश्यक है, जो कि परमेश्वर के वचनों का अनुभव करने और वास्तविकता में प्रवेश करने का आधार है। क्या तुम सबकी प्रार्थनाओं परमेश्वर के समीप आने, भजन-गायन, स्तुति, ध्यान और परमेश्वर के वचनों पर मनन-चिंतन का समस्त अभ्यास "सामान्य आध्यात्मिक जीवन" के बराबर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 413](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-413.html) - तुम लोग परमेश्वर के विश्वासी होने के मार्ग पर बहुत ही कम चले हो, और तुम लोगों का सही मार्ग पर प्रवेश करना अभी बाकी है, अतः तुम लोग परमेश्वर के मानक को प्राप्त करने से अभी भी दूर हो। इस समय, तुम लोगों का आध्यात्मिक कद उसकी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 412](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-412.html) - लोग परमेश्वर के वचनों को जितना अधिक स्वीकार करते हैं, वे उतने ही अधिक प्रबुद्ध होते हैं, परमेश्वर को जानने की उनकी भूख और प्यास उतनी ही बढ़ती है। परमेश्वर के वचनों को स्वीकारने वाले ही अधिक समृद्ध और गहन अनुभव कर पाने के काबिल होते हैं, केवल उन्हीं लोगों का जीवन तिल के फूलों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 411](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-411.html) - यदि इसे पढ़ने के बाद तुम केवल शब्दों को स्वीकार करने का दावा करते हो, और अभी भी तुम्हारा हृदय द्रवित नहीं होता, और तुम परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध रखने का प्रयास नहीं करते, तो यह प्रमाणित हो जाता है कि तुम परमेश्वर के साथ अपने संबंध को महत्त्व नहीं देते, तुम्हारे विचार अभी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 373](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-373.html) - परमेश्वर ने मानवजाति बनाई, किन्तु जब वह मानव दुनिया में आता है, तो वे उसका विरोध करने की कोशिश करते हैं, उसे अपने इलाके से निकाल देते हैं, मानो कि वह दुनिया में भटकता कोई अनाथ हो बस, या राष्ट्रविहीन वैश्विक व्यक्ति हो। कोई भी परमेश्वर से अनुरक्त महसूस नहीं करता है, कोई भी वास्तव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 366](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-366.html) - मैं दिन प्रतिदिन ब्रह्माण्ड से ऊपर खड़ा हूँ, निरीक्षण कर रहा हूँ, और मनुष्य के हर कार्य का नज़दीकी से अध्ययन करते हुए, मानव जीवन का अनुभव करने के लिए, मैं नम्रतापूर्वक अपने निवास स्थान में अपने आप को छुपाता हूँ। किसी ने भी कभी भी अपने आपको वास्तव में मुझे अर्पित नहीं किया है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 365](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-365.html) - पृथ्वी पर, सब प्रकार की दुष्ट आत्माएँ आराम करने के लिए एक स्थान की ओर चुपके चुपके निरन्तर आगे बढ़ती हैं, और वे लगातार मनुष्यों की लाशों की खोज कर रही हैं कि उन्हें खा सकें। मेरी प्रजा! तुम लोगों को मेरी देखभाल और सुरक्षा के भीतर रहना होगा। कामुकता का व्यवहार कभी भी न
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 364](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-364.html) - मेरे सभी लोगों को जो मेरे सम्मुख सेवा करते हैं अतीत के बारे में सोचना चाहिए कि: क्या मेरे प्रति तुम लोगों का प्रेम अशुद्धताओं से दागदार था? क्या मेरे प्रति तुम लोगों का वफादारी शुद्ध और सम्पूर्ण हृदय से था? क्या मेरे बारे में तुम लोगों का ज्ञान सच्चा था? मैंने तुम लोगों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 362](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-362.html) - शैतान द्वारा भ्रष्ट की गई सभी आत्माएँ, शैतान के अधिकार क्षेत्र के नियंत्रण में हैं। केवल वे लोग जो मसीह में विश्वास करते हैं, शैतान के शिविर से बचा कर, अलग कर दिए गए हैं, और आज के राज्य में लाए गए हैं। अब ये लोग शैतान के प्रभाव में और नहीं रहते हैं। फिर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 361](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-361.html) - मनुष्य का स्वभाव मेरे सार से पूर्णतः भिन्न है; ऐसा इसलिए है क्योंकि मनुष्य की भ्रष्ट प्रकृति पूरी तरह से शैतान से उत्पन्न होती है और मनुष्य की प्रकृति को शैतान द्वारा संसाधित और भ्रष्ट किया गया है। अर्थात्, मनुष्य अपनी बुराई और कुरूपता के प्रभाव के अधीन जीवित रहता है। मनुष्य सत्य के संसार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 360](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-360.html) - कोई भी अपना सच्चा चेहरा दर्शाने के लिए अपने स्वयं के शब्दों और क्रियाओं का उपयोग कर सकता है। यह सच्चा चेहरा निश्चित रूप से उसकी प्रकृति है। यदि तुम बहुत कुटिल ढंग से बोलने वाले व्यक्ति हो, तो तुम कुटिल प्रकृति के हो। यदि तुम्हारी प्रकृति धूर्त है, तो तुम कपटी ढंग से काम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 359](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-359.html) - ऐसा व्यवहार जो पूरी तरह से मेरी आज्ञा का पालन नहीं कर सकता है, विश्वासघात है। ऐसा व्यवहार जो मेरे प्रति निष्ठावान नहीं हो सकता है विश्वासघात है। मेरे साथ छल करना और मेरे साथ धोखा करने के लिए झूठ का उपयोग करना, विश्वासघात है। धारणाओं से भरा होना और हर जगह उन्हें फैलाना विश्वासघात
- [Hindi Christian Movie | अंत के दिनों में, परमेश्वर सत्य व्यक्त करता है और मनुष्य को शाश्वत जीवन का मार्ग देता है (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/bestows-way-of-eternal-life.html) - प्रभु यीशु ने कहा था, "परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूँगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा; वरन् जो जल मैं उसे दूँगा, वह उसमें एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा" (यूहन्ना 4:14)। (© BSI) प्रभु यीशु जीवन के जीवंत जल का स्त्रोत
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 354](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-354.html) - प्रारम्भ में मैं तुम लोगों को और अधिक सच्चाई प्रदान करना चाहता था, लेकिन चूंकि सत्य के प्रति तुम्हारी मनोवृत्ति इतनी नीरस और उदासीन है कि मुझे पीछे हटना पड़ा है। मैं नहीं चाहता कि मेरी कोशिशें व्यर्थ जाएँ, न ही मैं यह देखना चाहता हूँ कि लोग मेरे वचनों को थामे रहें और फिर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 350](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-350.html) - मैं मानवजाति को जीत लूँगा क्योंकि वे मनुष्य कभी मेरे द्वारा बनाये गए थे और इसके अलावा, उन्होंने मेरी सृष्टि की बहुतायत में दी गयी सभी वस्तुओं का आनंद लिया है। किन्तु मनुष्यों ने मुझे अस्वीकार भी कर दिया है, और उनके हृदय मेरे बिना ही हैं, और वे मुझे अपने अस्तित्व में एक बोझ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 349](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-349.html) - आज जहाँ पर मानवजाति है, वहाँ तक पहुँचने के लिए, उसे दसियों हज़ार साल लग गए। हालाँकि, मेरी मूल सृजन की मानवजाति बहुत पहले ही अधोगति में डूब गई है। वे पहले ही वैसे नहीं रहे हैं जैसा मैं चाहता हूँ, और इस प्रकार मानवजाति, जैसा वे मेरी आँखों में प्रतीत होते हैं, अब और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 348](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-348.html) - मनुष्य का प्रबंधन करना मेरा कार्य है, और मेरे द्वारा उसे जीत लिया जाना और भी अधिक कुछ चीज़ है जो तब नियत की गई थी जब मैंने संसार की रचना की थी। हो सकता है कि लोग नहीं जानते हों कि अंत के दिनों में मैं उन्हें पूरी तरह से जीत लूँगा और हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 346](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-346.html) - यदि इतना कार्य, और इतने सारे वचनों का तेरे ऊपर कोई असर नहीं हुआ, तो जब परमेश्वर के कार्य को फैलाने का समय आएगा तब तू अपने कर्तव्य को निभाने में असमर्थ हो जाएगा, और शर्मिन्दा और लज्जित होगा। उस समय, तू महसूस करेगा कि तू परमेश्वर का कितना ऋणी है, यह कि परमेश्वर के
- [Hindi Christian Testimony Movie | पीड़ा के बीच आनंद पाना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/reaping-joy-amid-suffering-movie.html) - झॉन्ग शिन्मिंग कलीसिया में एक अगुआ है, जो अपने कर्तव्य के लिए कष्ट सहन कर पाती है, वह ईमानदार और ज़िम्मेदार भी है। हालांकि उसे पीठ दर्द की समस्या है, फिर भी वह दर्द के बावजूद अपना कर्तव्य निभाती रहती है। मगर, उसकी हालत बिगड़ने लगती है, अस्पताल में जांच से पता चलता है कि
- [Hindi Christian Movie | मैं एक नेक इंसान हूँ! | How to Become an Honest and Upright Person](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/a-good-person-movie.html) - ईसाई धर्म में आस्था रखने वाली यांग हुईशिन को बचपन से ही एक अच्छा इंसान बनना पसंद था। उसे किसी को नाराज़ करना अच्छा नहीं लगता। वह मानती है कि वह एक अच्छी इंसान है, क्योंकि वह दयालु है और सबके साथ सहमति बनाकर चलती है। लेकिन अंत के दिनों के परमेश्वर के सुसमाचार को
- [Hindi Christian Movie | स्वर्गिक राज्य की प्रजा | Be an Honest Man and Testify to God](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/people-of-heavenly-kingdom-movie.html) - प्रभु यीशु ने कहा, "मैं तुम से सच कहता हूँ कि जब तक तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो , तुम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे" (मत्ती 18:3)। (© BSI ) प्रभु यीशु ने हमें बताया कि केवल ईमानदार लोग ही स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं;
- [Hindi Christian Family Movie "कहाँ है घर मेरा?" | God Gave Me a Happy Family (Hindi Dubbed)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/where-is-my-home-movie.html) - सिर्फ परमेश्वर के वचनों के ढाढ़स से मां और बेटियां अपने दुख और बेबसी की हालत से बाहर आ सकीं। वेन्या ने सचमुच परमेश्वर के प्रेम और दया का अनुभव किया, उसने एक घर का अपनापन महसूस किया, और एक सच्चे घर में आ गई।
- [Hindi Christian Movie | ईमान से समझौता नहीं | Christian Testimony in the Workplace (Hindi Dubbed)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sun-never-sets-on-integrity-movie.html) - वांग शिनयू और उसके पति की कपड़े की एक दुकान है। हालाँकि आरंभ में वे पूरी सच्चाई और ईमानदारी से अपना स्टोर चलाते हैं। लेकिन अधिक धन नहीं कमा पाते और बड़ी मुश्किल से गुज़र-बसर कर पाते हैं। लेकिन जब वे अपने साथियों को झूठ और फ़रेब से कारोबार करके गाड़ियाँ और घर ख़रीदते, ऐशो-आराम
- [Hindi Christian Movie | इंतज़ार था जिन ख़ुशियों का | A Christian's True Testimony of Returning to God](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/a-happiness-long-awaited-movie.html) - डिंग रुइलिन और उसका पति एक कारोबार शुरू करने और उसे चलाने के लिये दिन-रात मेहनत करते हैं ताकि पैसा कमाकर, एक अच्छी ज़िंदगी जी सकें। लेकिन सीसीपी सरकार के शोषण और बुरे बर्ताव के चलते, वे कर्ज़ में बुरी तरह डूब जाते हैं। विदेश जाकर काम करने के अलावा, उनके पास और कोई विकल्प
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 342](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-342.html) - मैं तुम लोगों के बीच में रहा हूँ, कई वसंत और पतझड़ तुम्हारे साथ जुड़ा रहा हूँ; मैं लंबे समय तक तुम लोगों के बीच जीया हूँ, और तुम लोगों के साथ जीया हूँ। तुम लोगों का कितना घृणित व्यवहार मेरी आँखों के सामने से फिसला है? तुम्हारे वे हृदयस्पर्शी शब्द लगातार मेरे कानों में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 344](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-344.html) - यद्यपि मेरा कार्य तुम लोगों के लिए बहुत सहायक है, किंतु मेरे वचन तुम लोगों पर हमेशा खो जाते हैं और बेकार हो जाते हैं। मेरे द्वारा पूर्ण बनाए जाने के लिए किसी को ढूँढ़ पाना मुश्किल है, और आज मैं तुम लोगों के बारे में आशा लगभग खो चुका हूँ। मैंने तुम्हारे बीच कई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 341](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-341.html) - तुम्हारे होंठ कबूतरों से अधिक दयालु हैं, लेकिन तुम्हारा दिल पुराने साँप से ज्यादा भयानक है। तुम्हारे होंठ लेबनानी महिलाओं जितने सुंदर हैं, लेकिन तुम्हारा दिल उनकी तरह दयालु नहीं है, और कनानी लोगों की सुंदरता से तुलना तो वह निश्चित रूप से नहीं कर सकता। तुम्हारा दिल बहुत धोखेबाज़ है! जिन चीज़ों से मुझे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 340](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-340.html) - तुम लोगों का विश्वास बहुत सुंदर है; तुम्हारा कहना है कि तुम अपना सारा जीवन-काल मेरे कार्य के लिए खपाने को तैयार हो, और तुम इसके लिए अपने प्राणों का बलिदान करने को तैयार हो, लेकिन तुम्हारे स्वभाव में अधिक बदलाव नहीं आया है। तुम लोग बस हेकड़ी से बोलते हो, बावजूद इस तथ्य के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 339](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-339.html) - अब मैं तुम्हारी अनुरक्त देह को देख रहा हूँ जो मुझे विचलित कर देगी, और मेरे पास तुम्हारे लिए केवल एक छोटी-सी चेतावनी है, हालाँकि मैं ताड़ना से तुम्हारी "सेवा" नहीं करूँगा। तुम्हें पता होना चाहिए कि तुम मेरे कार्य में क्या भूमिका निभाते हो, और तब मैं संतुष्ट रहूँगा। इससे परे के मामलों में,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 338](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-338.html) - अतीत के बारे में पुनः सोचो: कब तुम लोगों के प्रति मेरी दृष्टि क्रोधित, और मेरी आवाज़ कठोर हुई है? मैंने कब तुच्छ बातों पर तुम लोगों के साथ भेदभाव किया है? मैंने कब तुम लोगों को अनुचित रूप से प्रताड़ित किया है? मैंने कब तुम लोगों को तुम्हारे मुँह पर डाँटा है? क्या यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 337](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-337.html) - मैंने इस प्रकार से तुम लोगों बीच कार्य किया और बातचीत की है, मैंने बहुत सारी ऊर्जा व्यय की और प्रयास किए हैं, फिर भी क्या तुम लोगों ने कभी भी उस बात को सुना है जो मैं तुम लोगों को स्पष्ट रूप से कहता हूँ? तुम लोग कहाँ मुझ सर्वशक्तिमान के सामने कब झुके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 336](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-336.html) - तुम कहते हो कि तुम देहधारी परमेश्वर को स्वीकार करते हो, और तुम स्वीकार करते हो कि वचन देह में प्रकट हुआ है, फिर भी उसकी पीठ पीछे तुम कुछ चीज़ें करते हो, ऐसी चीज़ें जो उसकी अपेक्षा के ख़िलाफ़ जाती हैं, और तुम्हारे हृदय में उसका कोई भय नहीं है। क्या यह परमेश्वर को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 335](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-335.html) - तुम्हारा गंतव्य और तुम्हारी नियति तुम लोगों के लिए बहुत अहम हैं—वे गंभीर चिंता के विषय हैं। तुम मानते हो कि अगर तुम अत्यंत सावधानी से कार्य नहीं करते, तो इसका अर्थ यह होगा कि तुम्हारा कोई गंतव्य नहीं होगा, कि तुमने अपना भाग्य बिगाड़ लिया है। लेकिन क्या तुम लोगों ने कभी सोचा है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 334](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-334.html) - जब भी गंतव्य का जिक्र होता है, तुम लोग उसे विशेष गंभीरता से लेते हो; इतना ही नहीं, यह एक ऐसी चीज़ है, जिसके बारे में तुम सभी विशेष रूप से संवेदनशील हो। कुछ लोग तो एक अच्छा गंतव्य पाने के लिए परमेश्वर के सामने दंडवत करते हुए अपने सिर जमीन से लगने का भी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 332](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-332.html) - जो जीवन तुम हर दिन जीते हो वह अब तुम्हारी नियति और तुम्हारी तकदीर के लिए निर्णायक और बहुत ही महत्वपूर्ण है। अतः जो कुछ तुम्हारे पास है और हर मिनट जो गुज़रता जाता है उसमें तुम्हें आनन्दित होना चाहिए। खुद को सबसे बड़ा लाभ देने के लिए तुम्हें अपने समय का हर सम्भव सदुपयोग
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 331](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-331.html) - तुमने मेरे द्वारा बार-बार दी गई शिक्षाओं को लंबे समय से अपने दिमाग के पीछे रख दिया है। यहाँ तक कि तुम उन्हें अपने खाली समय में खेलने की चीज़ें समझते हो, और हमेशा उन्हें अपना "संरक्षक ताबीज" मानते हो। जब शैतान द्वारा आरोप लगाया जाता है, तो तुम प्रार्थना करते हो; नकारात्मक होने पर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 333](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-333.html) - यदि अब मुझे तुम्हारे सामने कुछ धन-सम्पत्ति रखनी होती और तुम से कहना होता कि खुलकर चुनिए, यह जानते हुए कि मैं तुम्हें दोषी नहीं ठहराऊँगा, तो बहुतेरे धन-सम्पत्ति को चुनते और सत्य को छोड़ देते। पर तुम से बेहतर वे होंगे जो धन-सम्पत्ति को छोड़ कर अनिच्छा से सत्य को चुनेंगे, जबकि वे जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 330](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-330.html) - जब तुम आज के मार्ग पर चलते हो, तो किस प्रकार का अनुगमन सबसे अच्छा होता है? अपने अनुगमन में तुम्हें खुद को किस तरह के व्यक्ति के रूप में देखना चाहिए? तुम्हें पता होना चाहिए कि आज जो कुछ भी तुम पर पड़ता है, उसके प्रति तुम्हारा नज़रिया क्या होना चाहिए, चाहे वह परीक्षण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 327](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-327.html) - तुम लोगों की खोज में, तुम लोगों की बहुत सी व्यक्तिगत अवधारणाएँ, आशाएँ और भविष्य होते हैं। वर्तमान कार्य तुम लोगों की हैसियत की अभिलाषा और तुम्हारी अनावश्यक अभिलाषाओं से निपटने के लिए है। आशाएँ, हैसियत, और अवधारणाएँ सभी शैतानी स्वभाव के उत्कृष्ट प्रतिनिधित्व हैं। लोगों के हृदयों में ये चीजें विद्यमान हैं इसका कारण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 316](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-316.html) - अब, तुम्हारा प्रयास प्रभावी रहा है या नहीं, यह इस बात से मापा जाता है कि इस समय तुम लोगों के अंदर क्या है। तुम लोगों के परिणाम का निर्धारण करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है; कहने का अर्थ है कि तुम लोगों ने जिन चीज़ों का त्याग किया है और जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 313](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-313.html) - यदि लोग वास्तव में मानव जीवन के सही मार्ग को और साथ ही परमेश्वर के मानव जाति के प्रबंधन के उद्देश्य को पूरी तरह से समझ सकते हैं, तो वे अपने व्यक्तिगत भविष्य और भाग्य को अपने दिल में एक खजाने के रूप में थामे नहीं रहेंगे। वे अब और अपने माता-पिता की सेवा करना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 326](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-326.html) - परमेश्वर में लोगों का विश्वास परमेश्वर से उन्हें एक उपयुक्त मंज़िल प्रदान करवाने, पृथ्वी पर समस्त अनुग्रह दिलवाने, परमेश्वर को अपना सेवक बनाने, परमेश्वर के साथ उनके शांतिपूर्ण, मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखवाने, और उनके बीच कभी भी कोई संघर्ष नहीं होने देने की चाहत है। अर्थात्, परमेश्वर में उनके विश्वास के लिए आवश्यक है कि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 315](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-315.html) - कुछ लोग खूबसूरती से सज-धज कर रहते हैं, लेकिन बस ऊपर-ऊपर से: बहनें अपने आपको फूलों की तरह सँवारती हैं और भाई राजकुमारों या छबीले नौजवानों की तरह कपड़े पहनते हैं। वे केवल बाहरी चीज़ों की परवाह करते हैं, जैसे कि अपने खाने-पहनने की; लेकिन अंदर से वे कंगाल होते हैं, उन्हें परमेश्वर का ज़रा-सा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 314](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-314.html) - आज तुम लोगों ने जो समझा है, वह पूरे इतिहास में ऐसे किसी भी व्यक्ति से ऊँचा है, जिसे पूर्ण नहीं बनाया गया था। चाहे तुम लोगों का परीक्षणों का ज्ञान हो या परमेश्वर में आस्था, वे परमेश्वर के किसी भी विश्वासी से ऊँचे हैं। जिन चीजों को तुम लोग समझते हो, ये वे हैं,
- [Hindi Prayer Song | प्रार्थना के मायने (Lyrics)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/significance-of-prayer-lrc.html) - प्रार्थनाएँ वह मार्ग होती हैं जो जोड़ें मानव को परमेश्वर से, जिससे वह पुकारे पवित्र आत्मा को और प्राप्त करे स्पर्श परमेश्वर का। जितनी करोगे प्रार्थना, उतना ही स्पर्श पाओगे, प्रबुद्ध होगे और मन में शक्ति आएगी। ऐसे ही लोगों को मिल सकती है पूर्णता शीघ्र ही, शीघ्र ही, शीघ्र ही, शीघ्र ही। तो जो
- [Christian Movie | Chronicles of Religious Persecution in China | "रक्त-ऋण"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/blood-debt-movie.html) - वर्ष 1949 में मेनलैण्ड चीन में सत्ता में आने के बाद से, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी धार्मिक आस्था का निरंतर उत्पीड़न करने में लगी रही है। पागलपन में यह ईसाइयों को बंदी बना चुकी है और उनकी हत्या कर चुकी है, चीन में काम कर रहे मिशनरियों को निष्काषित कर चुकी है और उनके साथ दुर्व्यवहार
- [Hindi Christian Movie | Chronicles of Religious Persecution in China | "ख़ूनी आँसुओं से भरा युवाकाल"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/a-youth-of-bloody-tears-movie.html) - वर्ष 1949 में मेनलैण्ड चीन में सत्ता में आने के बाद से, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी धार्मिक आस्था का निरंतर उत्पीड़न करने में लगी रही है। पागलपन में यह ईसाइयों को बंदी बना चुकी है और उनकी हत्या कर चुकी है, चीन में काम कर रहे मिशनरियों को निष्काषित कर चुकी है और उनके साथ दुर्व्यवहार
- [Christian Movie | "चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास" (Hindi Subtitles)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/chronicles-of-religious-persecution-in-china.html) - चीन में धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास के इस वृतचित्र में मुख्य रूप से मुख्यभूमि चीन के ऐसे दो ईसाइयों की सच्ची कहानी के बारे में बताया गया है, जिन्हें उनकी आस्था के कारण सीसीपी सरकार द्वारा यातना देकर मौत के घाट उतार दिया गया था। यह फिल्म चीनी ईसाइयों के सीसीपी सरकार के हाथों उत्पीड़न
- [Hindi Christian Movie | Chronicles of Religious Persecution in China | "पर्दा उठता है"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/movie-the-cover-up.html) - वर्ष 1949 में मेनलैण्ड चीन में सत्ता में आने के बाद से, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी धार्मिक आस्था का निरंतर उत्पीड़न करने में लगी रही है। पागलपन में यह ईसाइयों को बंदी बना चुकी है और उनकी हत्या कर चुकी है, चीन में काम कर रहे मिशनरियों को निष्काषित कर चुकी है और उनके साथ दुर्व्यवहार
- [Hindi Christian Movie | "गहरी सर्दी में" | Life Testimony of a Christian](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/in-the-deep-of-winter.html) - उसका नाम जिआओ ली है। उसने एक दशक से भी अधिक समय तक परमेश्वर पर विश्वास किया है। 2012 की सर्दी में, उसे एक सभा में चीनी कम्युनिस्ट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान, पुलिस ने कलीसिया के नेताओं के ठिकानों और पैसों के बारे में खुलासा करते हुए, परमेश्वर को धोखा
- [Hindi Christian Movie Trailer | गहरी सर्दी में](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/in-the-deep-of-winter-trailer.html) - उसका नाम जिआओ ली है। उसने एक दशक से भी अधिक समय तक परमेश्वर पर विश्वास किया है। 2012 की सर्दी में, उसे एक सभा में चीनी कम्युनिस्ट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान, पुलिस ने कलीसिया के नेताओं के ठिकानों और पैसों के बारे में खुलासा करते हुए, परमेश्वर को धोखा
- [Christian Movie Trailer | सत्रह? जाहिल कहीं के! | A Young Christian's Testimony of Being Persecuted](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/seventeen-the-hell-you-are-trailer.html) - "बच्चे! क्या तुम जानते हो कि कम्युनिस्ट पार्टी नास्तिक है और परमेश्वर में विश्वास करने के खिलाफ है? चीन में, कौन सा परमेश्वर है जिस पर तुम विश्वास करते हो? तुम्हारा यह परमेश्वर कहां है?" "यह मत समझो कि तुम बच्चे हो, हम तुम पर दया करेंगे! अगर तुम परमेश्वर में विश्वास करना जारी रखते
- [Hindi Christian Movie | सत्रह? जाहिल कहीं के! | True Story of CCP's Persecution of a Young Christian](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/seventeen-the-hell-you-are.html) - "बच्चे! क्या तुम जानते हो कि कम्युनिस्ट पार्टी नास्तिक है और परमेश्वर में विश्वास करने के खिलाफ है? चीन में, कौन सा परमेश्वर है जिस पर तुम विश्वास करते हो? तुम्हारा यह परमेश्वर कहां है?" "यह मत समझो कि तुम बच्चे हो, हम तुम पर दया करेंगे! अगर तुम परमेश्वर में विश्वास करना जारी रखते
- [Hindi Christian Movie Trailer "मौत के मुंह से" | God Gave Me a Second Life](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-jaws-of-death-trailers.html) - अठत्तर साल की बूढी लियू झेन, एक आम देहाती गृहिणी है। परमेश्वर में विश्वास करने के बाद से, उसे हर दिन परमेश्वर के वचन पढ़ने, उनकी यशगान स्तुति करने और अक्सर अपने भाई-बहनों के साथ संगति करने में अनिर्वचनीय आनंद की अनुभूति होती। ... लेकिन हर अच्छी चीज़ अस्थाई होती है। उसे चीनी कम्युनिस्ट सरकार
- [Hindi Christian Movie | मौत के मुंह से | A Christian's Experience of the Wonderful Salvation of God](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/from-the-jaws-of-death.html) - अठत्तर साल की बूढी लियू झेन, एक आम देहाती गृहिणी है। परमेश्वर में विश्वास करने के बाद से, उसे हर दिन परमेश्वर के वचन पढ़ने, उनकी यशगान स्तुति करने और अक्सर अपने भाई-बहनों के साथ संगति करने में अनिर्वचनीय आनंद की अनुभूति होती। ... लेकिन हर अच्छी चीज़ अस्थाई होती है। उसे चीनी कम्युनिस्ट सरकार
- [Hindi Christian Movie Trailer | परिवार में रक्तिम पुनर्शिक्षा](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/red-re-education-at-home-trailer.html) - चीनी ईसाई झेंग यी और उनकी बहन ने अंत के दिनों में परमेश्वर के सुसमाचार को स्वीकार कर लिया है, लेकिन उन्हें अपने पिता की मजबूत बाधा और दबाव का सामना करना पड़ रहा है जो नगर निगम संयुक्त मोर्चा कार्य विभाग में मंत्री है—इसके कारण परिवार के भीतर एक गहन आध्यात्मिक लड़ाई उत्पन्न हो
- [Hindi Christian Movie | वार्तालाप | The CCP Conducts Brainwashing on Christians (Hindi Dubbed)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exchange-account-of-interrogation.html) - सीसीपी सरकार ने जियान शिनयी और दूसरे ईसाइयों को गिरफ़्तार कर लिया; कलीसिया के धन को हड़पने और कलीसिया के बाकी अगुवाओं को गिरफ़्तार करने के लिये उसने ईसाइयों को बुरी तरह से यातनाएँ दीं। ईसाइयों से उनकी आस्था छुड़वाने के लिये उन पर दबाव डालने के लिए, वह मत-परिवर्तन के एक के बाद एक
- [Hindi Christian Movie Trailer | वार्तालाप | A Battle Between Good and Evil](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exchange-account-of-interrogation-trailer.html) - सीसीपी सरकार ने जियान शिनयी और दूसरे ईसाइयों को गिरफ़्तार कर लिया; कलीसिया के धन को हड़पने और कलीसिया के बाकी अगुवाओं को गिरफ़्तार करने के लिये उसने ईसाइयों को बुरी तरह से यातनाएँ दीं। ईसाइयों से उनकी आस्था छुड़वाने के लिये उन पर दबाव डालने के लिए, वह मत-परिवर्तन के एक के बाद एक
- [Hindi Christian Movie Trailer | शैतान की मांद से बच निकलना | God Is My Rock](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/escape-from-the-devils-den-trailer.html) - उनका नाम झांग हुई है और वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से जुड़ी एक ईसाई हैं। परमेश्वर में विश्वास करने के बाद से ही चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने गुप्त निगरानी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें कलीसिया के अगुवाओं और उनके पैसे के बारे में मुखबिरी करने के लिए दबाव डाला। उन्होंने उनके
- [Hindi Christian Movie Trailer | पार्टी की बात ख़त्म नहीं हुई है | Who Breaks Up Christians' Families?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-party-is-not-done-talking-trailer.html) - ली मिंगाई मुख्यभूमि चीन में रहने वाली एक ईसाई है। वह एक ईमानदार चरित्र की महिला है जो अपने सास-ससुर का सम्मान करती है, अपने पति की सहायता करती है और अपने बेटे को शिक्षित बनाती है, उसका एक सुखी और खुशहाल परिवार है। हालांकि, चीन में नास्तिकता का नियंत्रण है, चीनी कम्युनिस्ट सरकार परमेश्वर
- [Hindi Christian Movie | पार्टी की बात ख़त्म नहीं हुई है | Who Breaks Up Christians' Families?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-party-is-not-done-talking-movie.html) - ली मिंगाई मुख्यभूमि चीन में रहने वाली एक ईसाई है। वह एक ईमानदार चरित्र की महिला है जो अपने सास-ससुर का सम्मान करती है, अपने पति की सहायता करती है और अपने बेटे को शिक्षित बनाती है, उसका एक सुखी और खुशहाल परिवार है। हालांकि, चीन में नास्तिकता का नियंत्रण है, चीनी कम्युनिस्ट सरकार परमेश्वर
- [Hindi Christian Movie Trailer | साम्यवाद का झूठ | Concrete Proof of CCP's Persecution of Christians](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/account-of-the-ccps-brainwashing-trailer.html) - ईसाई फिल्म, साम्यवाद का झूठ, ईसाइयों के विरुद्ध सीसीपी शासन द्वारा इस्तेमाल की जा रही ब्रेनवाशिंग की एक सच्ची तस्वीर दिखाती है। झांग मिंगदाओ और सात दूसरे ईसाइयों को गिरफ्तार करने के बाद सीसीपी पुलिस उनके विरुद्ध बर्बर और अमानवीय यातना का प्रयोग करती है। वे परमेश्वर पर भरोसा करते हैं और पूरी दृढ़ता से
- [Hindi Christian Movie | साम्यवाद का झूठ | Concrete Proof of the CCP's Persecution of Christians](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/account-of-the-ccps-brainwashing-movie.html) - ईसाई फिल्म, साम्यवाद का झूठ, ईसाइयों के विरुद्ध सीसीपी शासन द्वारा इस्तेमाल की जा रही ब्रेनवाशिंग की एक सच्ची तस्वीर दिखाती है। झांग मिंगदाओ और सात दूसरे ईसाइयों को गिरफ्तार करने के बाद सीसीपी पुलिस उनके विरुद्ध बर्बर और अमानवीय यातना का प्रयोग करती है। वे परमेश्वर पर भरोसा करते हैं और पूरी दृढ़ता से
- [Hindi Christian Movie Trailer "जख़्म" | A Christian's Bloody, Heart-rending Persecution by the CCP](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/branded-trailer.html) - ली चेन्शी बचपन से ही अपने माता-पिता के साथ सभाओं में भाग लेकर बाइबल को पढ़ती रही है। 1988 में, जब वह सिर्फ 13 वर्ष की थी, एक सभा में भाग लेते समय उसे गिरफ़्तार कर लिया जाता है, फिर एक छोटी-सी अँधेरी कोठरी में एक दिन दो रात के लिए तालाबंद कर दिया जाता
- [Hindi Christian Movie | शोधन करने वाले की आग | A Christian's Faith Testimony of Being Persecuted](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-refiner-is-fire-movie.html) - चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पुलिस, 2006 में, कलीसिया की एक अगुआ चेन शिन्जी का, उसके कर्तव्य के दौरान पीछा कर उसकी निगरानी करती है। आखिर कलीसिया की एक उपयाजिका झाओ गाइलन के साथ वह गिरफ्तार हो जाती है। कलीसिया के अगुआओं के बारे में और कलीसिया के पैसे कहाँ रखे हैं, इसकी जानकारी हासिल करने
- [Hindi Christian Movie | मेरी कहानी, हमारी कहानी | God's Word Is the Power of Our Life](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/my-story-our-story-movie.html) - एक कलीसिया अगुआ, यांग यी को सीसीपी के सामूहिक गिरफ्तारी अभियानों के दौरान गिरफ्तार कर लिया जाता है और दस साल जेल की सजा दी जाती है। सख्त निगरानी में और जेल के पहरेदारों की गुलामों जैसे श्रम की अपेक्षाओं के कारण, वह दुखी और पीड़ित महसूस करता है, परमेश्वर के वचनों की आपूर्ति के
- [Hindi Christian Movie Trailer | मेरी कहानी, हमारी कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/my-story-our-story-trailer.html) - एक कलीसिया अगुआ, यांग यी को सीसीपी के सामूहिक गिरफ्तारी अभियानों के दौरान गिरफ्तार कर लिया जाता है और दस साल जेल की सजा दी जाती है। सख्त निगरानी में और जेल के पहरेदारों की गुलामों जैसे श्रम की अपेक्षाओं के कारण, वह दुखी और पीड़ित महसूस करता है, परमेश्वर के वचनों की आपूर्ति के
- [Hindi Christian Movie Trailer | घर के भीतर और बाहर](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/my-house-and-God-s-hourse-trailer.html) - ली मिंग्यी का पूरा परिवार परमेश्वर में विश्वास करता है; वह और उसकी छोटी बहन ली लैन पूरे उत्साह से परमेश्वर के लिए खुद को खपाते हैं। ली मिंग्यी दो सालों से दूसरे शहर में अपना कर्तव्य निभा रहा है, मगर अपने शहर लौटने पर उसे पता चलता है कि उसकी बहन नए विश्वासियों के
- [Hindi Christian Movie | "उद्धार" | Can Believers Who Are Forgiven of Sin Enter the Heavenly Kingdom?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/salvation-movie.html) - उद्धार क्या है? प्रभु यीशु में विश्वास करने वाले सोचते हैं कि अगर वे ईमानदारी से प्रभु से प्रार्थना करें, अपने पापों को स्वीकार करें और पश्चाताप करें तो उनके पापों को क्षमा कर दिया जाएगा और उनका उद्धार हो जाएगा। फिर जब प्रभु आएंगे तो उनको सीधे स्वर्ग के राज्य में आरोहित किया जाएगा।
- [Hindi Christian Movie Trailer "उद्धार"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/salvation-trailer.html) - उद्धार क्या है? प्रभु यीशु में विश्वास करने वाले सोचते हैं कि अगर वे ईमानदारी से प्रभु से प्रार्थना करें, अपने पापों को स्वीकार करें और पश्चाताप करें तो उनके पापों को क्षमा कर दिया जाएगा और उनका उद्धार हो जाएगा। फिर जब प्रभु आएंगे तो उनको सीधे स्वर्ग के राज्य में आरोहित किया जाएगा।
- [Hindi Christian Movie | अग्नि द्वारा बप्तिस्मा | Can We Enter the Kingdom of Heaven by Hard Work?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/baptism-by-fire-movie.html) - प्रभु यीशु ने कहा, "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)। हम लोग स्वर्गिक पिता की इच्छा को पूरा करने वाले और परमेश्वर के आज्ञाकारी कैसे बनें, ताकि परमेश्वर
- [Hindi Christian Movie Trailer | अग्नि द्वारा बप्तिस्मा | Based on a True Story](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/baptism-by-fire-trailer.html) - प्रभु यीशु ने कहा, "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)। हम लोग स्वर्गिक पिता की इच्छा को पूरा करने वाले और परमेश्वर के आज्ञाकारी कैसे बनें, ताकि परमेश्वर
- [Hindi Christian Movie Trailer | स्वर्गिक राज्य की प्रजा](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/people-of-heavenly-kingdom-trailer.html) - प्रभु यीशु ने कहा, "मैं तुम से सच कहता हूँ कि जब तक तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो , तुम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे" (मत्ती 18:3)। (© BSI ) प्रभु यीशु ने हमें बताया कि केवल ईमानदार लोग ही स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं;
- [Hindi Christian Movie Trailer | पीड़ा के बीच आनंद पाना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/reaping-joy-amid-suffering-trailer.html) - झॉन्ग शिन्मिंग कलीसिया में एक अगुआ है, जो अपने कर्तव्य के लिए कष्ट सहन कर पाती है, वह ईमानदार और ज़िम्मेदार भी है। हालांकि उसे पीठ दर्द की समस्या है, फिर भी वह दर्द के बावजूद अपना कर्तव्य निभाती रहती है। मगर, उसकी हालत बिगड़ने लगती है, अस्पताल में जांच से पता चलता है कि
- [Hindi Christian Movie | चुनाव से पहले | True Story of a Christian Undergoing Judgment of God's Words](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/before-the-election-movie.html) - झाऊ चिन्ग्यू कलीसिया की एक सक्षम और प्रतिभाशाली अगुआ है, जिसने अपने कर्तव्य में अच्छे नतीजे हासिल किये हैं, उसे अपने भाई-बहनों की स्वीकृति प्राप्त है। जब कलीसिया के वार्षिक चुनाव का समय करीब आता है, तो वह आश्वस्त रहती है कि उसे फिर से चुन लिया जाएगा। लेकिन इसी दौरान शहर के पूर्वी इलाके
- [Hindi Christian Movie Trailer | चुनाव से पहले](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/before-the-election-trailer.html) - झाऊ चिन्ग्यू कलीसिया की एक सक्षम और प्रतिभाशाली अगुआ है, जिसने अपने कर्तव्य में अच्छे नतीजे हासिल किये हैं, उसे अपने भाई-बहनों की स्वीकृति प्राप्त है। जब कलीसिया के वार्षिक चुनाव का समय करीब आता है, तो वह आश्वस्त रहती है कि उसे फिर से चुन लिया जाएगा। लेकिन इसी दौरान शहर के पूर्वी इलाके
- [Hindi Christian Movie | विकास | A Christian’s Deeply Moving Testimony of Faith](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/growth-movie.html) - लियांग शिनजिंग एक ईसाई है। वह अपने पति और बेटी के साथ एक सुखी ज़िंदगी जी रही है। लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा विश्वासियों पर किए जा रहे बेतहाशा ज़ुल्म और गिरफ्तारियों के कारण, उसका पति उसकी आस्था के रास्ते में बाधा बनने लगता है, उसे डर है कि अगर उसकी पत्नी को जेल हो गयी
- [Hindi Christian Movie Trailer | "विकास" | Based on a True Story](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/growth-trailer.html) - लियांग शिनजिंग एक ईसाई है। वह अपने पति और बेटी के साथ एक सुखी ज़िंदगी जी रही है। लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा विश्वासियों पर किए जा रहे बेतहाशा ज़ुल्म और गिरफ्तारियों के कारण, उसका पति उसकी आस्था के रास्ते में बाधा बनने लगता है, उसे डर है कि अगर उसकी पत्नी को जेल हो गयी
- [Christian Video "एक भटकता हुआ दिल घर वापस आ गया" | God Has Changed My Life (Hindi Subtitles)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/a-wandering-heart-comes-home.html) - जब वह छोटा था तभी से, नोवो अपनी मां की ही तरह प्रभु यीशु में विश्वास करता था। भले ही वह अक्सर बाइबल पढ़ता था, प्रार्थना करता था, और धर्मोपदेश में शामिल भी होता था, लेकिन वह दुनिया की शैतानी रीति का अनुसरण करने, शरीर के आनंद के लिए जीने, झूठ बोलने और धोखा देने
- [End-Time Disasters Prophesied in the Bible Have Occurred | Christian Video | नूह का समय आ चुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/days-of-noah-have-come-movie-New.html) - आओ नूह के युग के दौरान की मानवता पर पीछे मुड़कर देखते हैं। मनुष्य सभी प्रकार की दुष्ट गतिविधियों में संलग्न था और पश्चाताप करने के लिए उसने विचार भी नहीं किया। किसी ने भी परमेश्वर के वचन को नहीं सुना। उनकी कठोरता तथा बुराई ने परमेश्वर के क्रोध को बढ़ाया और अंत में, वे
- [Hindi Christian Movie | ईमानदारी अनमोल है | Only the Honest Can Enter Into the Kingdom of Heaven](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/honesty-is-priceless.html) - यह वीडियो ईमानदारी की कहानी पर है। इसे अभी देखें! यह आपको ईमानदार बनने का रास्ता खोजने और प्रभु द्वारा अनुमोदित एक ईमानदार व्यक्ति बनने का मौका हासिल करने में मदद करेगा।
- [Hindi Christian Video | सौभाग्य और दुर्भाग्य | God Led Me to Live a Happy Life (Hindi Dubbed)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/fortune-and-misfortune.html) - एक गरीब परिवार में आने की वजह से, बहुत छोटी उम्र से ही डु जुआन एक बेहतर ज़िंदगी जीने के लिए बहुत सा धन कमाने को दृढ़-संकल्पित थी। अपने इस लक्ष्य को साकार करने के लिए, धन कमाने के लिए वह हाथ से जो कुछ भी काम कर सकती थी वह करने के लिए उसने
- [Hindi Christian Video | खोलें दिल की ज़ंजीरें | It's Such a Joy to Obey God's Arrangements](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/unchaining-the-heart.html) - चन ज़ी एक बेहद गरीब किसान परिवार में पैदा हुए थे। स्कूल में पढ़ाये गये “ज्ञान आपकी नियति को बदल सकता है” और “आपकी नियति आपके अपने हाथ में है” के चलते, स्कूल में ये उनके आदर्श-वाक्य बन गये। उन्हें यकीन था कि जब तक वे लगातार कड़ी मेहनत करेंगे, वे दूसरे लोगों से एक
- [Hindi Christian Movie | स्वर्ग के राज्य का भोज | A Catholic Priest's Testimony](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/feast-of-the-kingdom-of-heaven-movie.html) - चेन मिंगदे एक कैथोलिक पादरी है। वह देखता है कि कैथोलिक कलीसिया तेजी से उजाड़ और अंधकारमय होती जा रही है। यहाँ तक कि बिशप और दूसरे पादरियों ने थ्री-सेल्फ कलीसिया में शामिल होकर सरकार से समझौता कर लिया है। उसके लिए यह बहुत पीड़ा और निराशा की बात है। पवित्र आत्मा के कार्य से
- [Hindi Christian Movie| बाइबल और परमेश्वर | Christ of the Last Days Reveals Mysteries About the Bible](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-bible-and-god-movie.html) - सत्य के बारे में गंभीर बहस के बाद, क्या वह अंततः बाइबल और परमेश्वर के बीच के रिश्ते को स्पष्ट रूप से देखने में सक्षम थे? क्या वह बाइबल से हटकर यह समझने में सक्षम थे कि यीशु ही सत्य, मार्ग और जीवन है? क्या वह परमेश्वर के सामने स्वर्गारोहण किए जाएंगे?
- [Hindi Christian Movie Trailer | बेड़ियों को तोड़ो और भागो](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/break-the-shackles-and-run-trailer.html) - ली चुंगमिन दक्षिण कोरिया के सियोल की एक कलीसिया के एल्डर थे। बीस वर्षों से भी अधिक समय से, उन्होंने पूरी तरह बाइबल के अध्ययन पर ध्यान केन्द्रित करके, उत्साहपूर्वक प्रभु की सेवा की थी। अपने धार्मिक नेताओं के उदाहरण पर चलते हुए, उन्होंने सोचा था कि प्रभु में विश्वास करने का अर्थ बाइबल में
- [Hindi Gospel Movie Trailer | "प्रतीक्षारत" | The Lord Jesus Christ Has Appeared to Do His Work](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/waiting-trailer.html) - यांग हूएन चीन की एक गृह कलीसिया का पादरी था। वह प्रभु यीशु की बादलों से अवतरित होने और उसे अपने साथ स्वर्ग के राज्य में ले जाए जाने की सतर्कता पूर्वक प्रतीक्षा करता था। इसके लिए, वह कर्मठतापूर्वक प्रभु के लिए कार्य करता था, उसके नाम पर डटा रहता था, और विश्वास करता था
- [Hindi Gospel Movie "प्रतीक्षारत" | The Lord Jesus Christ Has Appeared to Do His Work (Hindi Dubbed)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/waiting.html) - यांग हूएन चीन की एक गृह कलीसिया का पादरी था। वह प्रभु यीशु की बादलों से अवतरित होने और उसे अपने साथ स्वर्ग के राज्य में ले जाए जाने की सतर्कता पूर्वक प्रतीक्षा करता था। इसके लिए, वह कर्मठतापूर्वक प्रभु के लिए कार्य करता था, उसके नाम पर डटा रहता था, और विश्वास करता था
- [Hindi Christian Movie | भक्ति का भेद | How Will Jesus Christ Come Back? (Hindi Dubbed)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/movie-the-mystery-of-godliness.html) - लिन बोएन चीन के गृह कलीसिया में एक एल्डर थे। एक विश्वासी के रूप में अपने सभी वर्षों के दौरान, प्रभु के लिए कष्ट उठाना अपना सौभाग्य समझते थे, और वे प्रभु यीशु मसीह के ज्ञान और सिद्धि को दुनिया की किसी भी अन्य चीज़ से ज़्यादा महत्व देते थे। एक सौभाग्यशाली दिन, वे धर्मोपदेश
- [Hindi Gospel Movie Trailer | स्वर्गिक राज्य का मेरा स्वप्न](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/my-dream-trailer.html) - जैसे ही कोई दक्षिण कोरियाई पादरी प्रभु के आगमन की उत्सुकतापूर्वक प्रतीक्षा कर रहा होता है, तो उसे चमकती पूर्वी बिजली के बारे में पता चलता है जो चीन में प्रकट हुई है, जो यह गवाही देती है कि प्रभु पहले ही लौट चुका है। वह सच्चे मार्ग की जाँच-पड़ताल करने के लिए चीन जाता
- [Hindi Christian Movie Trailer | शहर परास्त किया जाएगा](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-city-will-be-overthrown-trailer.html) - ईसाई चेंग ह्युआइज़ चीन की एक गृह-कलीसिया में सहकर्मी हैं। वे अपनी कलीसिया को एक कारखाना खोलते हुए देखती हैं जिसमें पादरी विश्वासियों को सीसीपी सरकार को सौंपने के लिए थ्री-सेल्फ-कलीसिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करते हैं। चर्च के पादरी और एल्डर्स गोपनीय और ख़ुलेआम तरीकों से अपने व्यक्तिगत ओहदों और नाम के
- [Hindi Christian Movie "बदलाव की घड़ी" | How to Be Raptured Into the Kingdom of Heaven (Hindi Dubbed)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-moment-of-change.html) - सू मिंग्यू मुख्य-भूमि चीन में एक गृह कलीसिया में उपदेशिका हैं। वर्षों से वे प्रभु की धर्मनिष्ठ सेविका रही हैं, जो प्रभु के लिए उपदेश देने का कार्य करती हैं और कलीसिया के कार्य का भार उठाने पर ज़ोर देती हैं। वे बाइबल में पौलुस के कथन पर चलती हैं, यह समझते हुए कि केवल
- [Hindi Christian Movie Trailer | "बदलाव की घड़ी"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-moment-of-change-trailer.html) - सू मिंग्यू मुख्य-भूमि चीन में एक गृह कलीसिया में उपदेशिका हैं। वर्षों से वे प्रभु की धर्मनिष्ठ सेविका रही हैं, जो प्रभु के लिए उपदेश देने का कार्य करती हैं और कलीसिया के कार्य का भार उठाने पर ज़ोर देती हैं। वे बाइबल में पौलुस के कथन पर चलती हैं, यह समझते हुए कि केवल
- [Hindi Christian Movie Trailer | "परमेश्वर में आस्था"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/faith-in-god-trailer.html) - यू कोंगुआंग सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के साथ सुसमाचार को फैलाता है, और चीनी पुलिस की गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए उसे स्थानीय गृह-कलीसिया के एक सहकर्मी, झेंग ज़ुन द्वारा बचाया जाता है। उसके बाद वह झेंग ज़ुन और अन्य लोगों के साथ, परमेश्वर में आस्था क्या होती है, परमेश्वर की स्वीकृति प्राप्त
- [Hindi Christian Family Movie Trailer | बच्चे, घर लौट आओ](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/child-come-back-home.html) - लाइ शिंगुआंग वरिष्ठ हाई स्कूल का छात्र है। बहुत छोटी उम्र में वह एक समझदार और सुशील लड़का था। उसके माता-पिता और शिक्षक उसको बहुत चाहते थे। माध्यमिक शाला में जाते समय वह इंटरनेट कंप्यूटर खेलों में आसक्त हो गया था। वह इंटरनेट कैफे जाने के लिए अक्सर अपनी कक्षाएं छोड़ने लगा। उसके माता-पिता ने
- [Hindi Gospel Movie Trailer "मायाजाल को तोड़ दो"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/break-the-spell-trailer.html) - फू जिन्हुआ चीन की एक गृह कलीसिया की एल्डर है। कई वर्षों से वह प्रभु में विश्वास रखती आई है और वह हमेशा सोचती थी कि बाइबल परमेश्वर द्वारा प्रेरित है, कि बाइबल के सभी वचन परमेश्वर के वचन हैं; कि उसे सिर्फ़ प्रभु में विश्वास करने और बाइबल के अनुसार चलने की आवश्यकता है,
- [Hindi Christian Movie Trailer | मेरे काम में दखल मत दीजिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/stay-out-of-my-business-trailer.html) - ली छींगशिंग चीन की एक गृह कलीसिया में प्रचारक हैं, और अनेक वर्षों से प्रभु में आस्थावान रही हैं। वे हमेशा उत्साह के साथ सुसमाचार के प्रचार का प्रभु का कार्य करती हैं, वे चौकस होकर प्रभु के आने का इंतज़ार कर रही हैं ताकि वे स्वर्ग के राज्य में लायी जा सकें। हाल के
- [Hindi Christian Movie Trailer | "बाइबल के बारे में रहस्य का खुलासा"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/disclose-the-mystery-about-the-bible-trailer.html) - फेंग ज्याह्वई, चीन की एक गृह कलीसिया की प्रचारक हैं। उन्होंने कई सालों से प्रभु में विश्वास किया है और सदा यह सोचा कि बाइबल परमेश्वर से प्रेरित है, कि अपनी आस्था में इसका अनुसरण करना आवश्यक है, परमेश्वर के वचन बाइबल के बाहर नहीं प्रकट होते, और बाइबल से भटकना विधर्म है। परंतु हाल
- [Hindi Christian Movie Trailer | मर्मभेदी यादें](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/stinging-memories-trailer.html) - फैन गुओई चीन में हाउस चर्च का एक एल्डर था। बीस वर्ष से अधिक की सेवा के दौरान, उसने हमेशा पौलुस का अनुकरण किया, और कठोर श्रम किया तथा पूरे उत्साह से प्रभु के लिए व्यय किया। इसके अलावा, वह दृढ़ता से मानना था कि इस तरह अपनी आस्था को जारी रख कर, वह स्वर्गिक
- [Hindi Christian Movie Trailer | कितनी सुंदर वाणी | Have You Welcomed the Return of Lord Jesus?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/what-a-beautiful-voice-trailer.html) - डॉन्ग जिंगशीन चीन की एक गृह कलीसिया में प्रचारक हैं। वे पिछले तीस वर्षों से प्रभु में विश्वास कर रही हैं, और उन्हें सत्य से प्रेम है; वे अक्सर प्रभु के वचनों को पढ़ती है और उनसे प्रेरित होती हैं। वे प्रभु के लिए बड़े उत्साह से स्वयं को समर्पित करती है। अपने प्रचारक के
- [Hindi Gospel Movie Trailer | पकड़ ली आखिरी गाड़ी | A Pastor Welcomed the Return of the Lord](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/caught-the-last-train-trailer.html) - चेन पेंग एक गृह कलीसिया में एक पादरी था। उसने हमेशा पूरी लगन से प्रभु की सेवा की थी, और अक्सर प्रचारक के रूप में कार्य करता था। वह अपने अनुयायियों की सहायता करता और कलीसिया की बड़ी-बड़ी ज़िम्मेदारियाँ उठाता था। लेकिन हाल के वर्षों में, कलीसिया वीरान होती चली गई। विश्वासी कायर और निकम्मे
- [Hindi Christian Movie Trailer | तोड़ डालो अफ़वाहों की ज़ंजीरें](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/break-through-the-snare-trailer.html) - 2000 साल पहले, जब प्रभु यीशु ने छुटकारे का कार्य किया था, तब उन्हें यहूदी धार्मिक समुदाय के ऊटपटाँग लांछनों और निंदा को झेलना पड़ा था। यहूदी नेताओं ने रोमन सरकार के साथ साँठ-गाँठ कर उन्हें सूली पर चढ़ा दिया था। अंत के दिनों में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर—देहधारण कर लौटे हुए प्रभु यीशु—न्याय का कार्य करने
- [Hindi Christian Movie Trailer | भक्ति का भेद - भाग 2 | Revealing the Mystery of God Incarnate](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/dubbed-the-mystery-of-godliness-sequel-trailer.html) - लिन बोएन एक अनुभवी उपदेशक हैं जो कई दशकों से प्रभु में विश्वास करते रहे है। अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करने के बाद से ही पादरियों, एल्डर्स और मसीह-विरोधी ताकतों द्वारा उन्हें दोषी ठहराया गया, उनका बहिष्कार किया गया और धार्मिक समुदाय द्वारा उन्हें निष्कासित कर दिया गया। लेकिन इस
- [Hindi Christian Movie Trailer | जोखिम भरा है मार्ग स्वर्ग के राज्य का](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/road-to-the-heavenly-kingdom-trailer.html) - ईसाई झोंग ज़िन चीन की मुख्यभूमि की एक गृह कलीसिया का उपदेशक है। वह सच्चे मार्ग की जाँच करने और यह निर्धारित करने के लिए कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही प्रभु यीशु की वापसी हैं, अपने भाई-बहनों की अगुआई करता है। हालाँकि कुछ लोग सीसीपी सरकार के और धार्मिक मण्डलियों के लोगों के पागलों की तरह
- [Hindi Christian Movie Trailer | महाअज्ञान | Whom Should We Listen to in Welcoming the Lord's Return?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/deadly-ignorance-trailer.html) - झेंग मुएन अमेरिका में चीन की एक ईसाई कलीसिया में सहकर्मी हैं, उन्होंने कई वर्षों से प्रभु में विश्वास किया है, और वे प्रभु के लिए बड़ी लगन से काम करते हैं और स्वयं को खपाते हैं। एक दिन, उनकी आंटी उन्हें गवाही देती हैं कि प्रभु यीशु अंत के दिनों में सत्य व्यक्त करने
- [Hindi Gospel Movie Trailer | सुसमाचार दूत](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-gospel-messenger-trailer.html) - ईसाई चेन यिशिन कई वर्षों से प्रभु में विश्वास करती रही है, और उसने अंत के दिनों में प्रभु यीशु—सर्वशक्तिमान परमेश्वर की वापसी का स्वागत करने का सौभाग्य पाया है! उसे इंसान को बचाने की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की उत्कट इच्छा समझ में आ गई और यह भी समझ में आ गया कि एक सृजित प्राणी
- [Hindi Gospel Movie Trailer परमेश्वर का नाम बदल गया है?! | Revealing the Mystery of the Name of God](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-name-has-changed-trailer.html) - ग ह्वा नामक महिला दक्षिणी चीन की एक गृह कलीसिया की प्रचारिका हैं। प्रभु में विश्वास करना शुरू करने के बाद, उन्होंने बाइबल में पाया कि पुराने नियम में परमेश्वर को यहोवा कहा जाता था, और नये नियम में यीशु। परमेश्वर के अलग-अलग नाम क्यों हैं? इस सवाल ने वांग ह्वा को बड़े असमंजस में
- [Hindi Christian Movie Trailer | धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/blessed-are-the-poor-in-spirit-trailer.html) - शो योंघान दक्षिण कोरिया में एक कलीसिया के पादरी हैं। उन्होंने दशकों तक उत्साहपूर्वक परमेश्वर की सेवा की और अपने साथी विश्वासियों का गहरा सम्मान अर्जित किया। हाल के वर्षों से, उनकी कलीसिया दिन-प्रतिदिन ज़्यादा-से-ज्यादा उजाड़ होती जा रही है। बुरे कर्म अधिक-से-अधिक सामान्य हो रहे थे, और वे खुद भी अपने आप को इन
- [Hindi Christian Movie Trailer | संकट में स्वर्गारोहण](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/rapture-in-peril-trailer.html) - झो झिगांग चीन के एक स्थानीय कलीसिया में एल्डर है। बहुत से ईसाईयों की तरह, प्रभु के एक विश्वासी के रूप में उसकी जीवित स्वर्गाहोण किए जाने की, प्रभु से मिलने की और उसके साथ शासन करने की सबसे बड़ी आशा है। 1999 में, जब कलीसिया के अगुवा ने संदेश जारी किया कि, "वर्ष 2000
- [Hindi Christian Movie Trailer | विजय गान](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/song-of-victory-trailer.html) - अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के न्याय का कार्य हर पंथ और समूह में गूंज उठा है। राज्य के सुसमाचार का प्रचार होने के बाद, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन अधिक-से-अधिक लोगों द्वारा स्वीकार और प्रचारित किए जा रहे हैं, परमेश्वर के सच्चे विश्वासी जो उनके प्रकटन की लालसा रखते हैं वे परमेश्वर के सिंहासन
- [Hindi Christian Family Movie | माँ की ममता | How to Lead Your Child to the Right Path of Life](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/a-mothers-love-movie.html) - माँ की ममता नामक फ़िल्म एक ईसाई परिवार की कहानी है जो बच्चों की परवरिश की पड़ताल करती है। "ज्ञान आपकी नियति बदल सकता है" और "बेटा अजगर बनता है और बेटी अमरपक्षी" ऐसी उम्मीदें हैं जो हर माँ-बाप अपने बच्चों से रखते हैं। शी वेनहुई अपनी बेटी जियारुई को विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं में
- [Hindi Christian Movie Trailer | माँ की ममता](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/a-mothers-love-trailer.html) - माँ की ममता नामक फ़िल्म एक ईसाई परिवार की कहानी है जो बच्चों की परवरिश की पड़ताल करती है। "ज्ञान आपकी नियति बदल सकता है" और "बेटा अजगर बनता है और बेटी अमरपक्षी" ऐसी उम्मीदें हैं जो हर माँ-बाप अपने बच्चों से रखते हैं। शी वेनहुई अपनी बेटी जियारुई को विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं में
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर में आस्था 2 – कलीसिया के गिरने के बाद (Trailer)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/after-the-church-falls-trailer.html) - जब से चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी सत्ता में आई है, तब से यह लगातार ईसाई धर्म और कैथोलिक धर्म को मानने वाले लोगों का दमन कर रही है और उन्हें यातनाएँ दे रही है। इसकी मंशा चीन से तमाम धार्मिक आस्थाओं का पूरी तरह से उन्मूलन करके, इसे नास्तिकता का गढ़ बना देना है। ख़ास तौर
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर में आस्था 3 – उठो, जो नहीं हैं गुलाम (Trailer)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/rise-who-would-not-be-slaves-trailer.html) - मेंग चांगलिन, थ्री-सेल्फ कलीसिया का एक सहकर्मी है। वह पहले सोचता था कि अगर वह थ्री-सेल्फ कलीसिया में रहकर प्रभु में आस्था रखेगा, तो सीसीपी के उत्पीड़न से बचा रहेगा। लेकिन, शी जिंपिंग के सत्ता में आने के बाद, सीसीपी धार्मिक आस्था पर अधिक अत्याचार करने शुरू कर देती है, सरकार द्वारा संचालित थ्री-सेल्फ कलीसिया
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर में आस्था 3 – उठो, जो नहीं हैं गुलाम | Christians' True Story](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/rise-who-would-not-be-slaves-movie.html) - मेंग चांगलिन, थ्री-सेल्फ कलीसिया का एक सहकर्मी है। वह पहले सोचता था कि अगर वह थ्री-सेल्फ कलीसिया में रहकर प्रभु में आस्था रखेगा, तो सीसीपी के उत्पीड़न से बचा रहेगा। लेकिन, शी जिंपिंग के सत्ता में आने के बाद, सीसीपी धार्मिक आस्था पर अधिक अत्याचार करने शुरू कर देती है, सरकार द्वारा संचालित थ्री-सेल्फ कलीसिया
- [Hindi Christian Movie Trailer | स्वप्न से जागृति](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/awakening-from-the-dream-trailer.html) - यू फान भी प्रभु यीशु में विश्वास करने वाले अन्य बहुतेरे लोगों के समान ही हैं—उन्हें लगता है कि प्रभु यीशु को जब सूली पर चढ़ाया गया, तो उन्होंने पहले ही इंसान के पापों को क्षमा कर दिया था। उन्हें लगता है कि अपनी आस्था के कारण उन्होंने धार्मिकता पाई है और यदि वे सर्वस्व
- [Hindi Christian Movie Trailer | तड़प](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/yearning-trailers.html) - दो हज़ार साल पहले, प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों को वचन दिया था: "मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। (© BSI) इस वजह से, विश्वासी लोग
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 500](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-500.html) - परमेश्वर लोगों को पूर्ण बनाने के लिए वास्तविकता और तथ्यों के उद्भव का उपयोग करता है; परमेश्वर के वचन उसके द्वारा लोगों को पूर्ण बनाए जाने के एक हिस्से को पूरा करते हैं, और यह मार्गदर्शन तथा राह खोलने का कार्य है। कहने का तात्पर्य यह है कि परमेश्वर के वचनों में तुम्हें अभ्यास का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 504](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-504.html) - यदि लोग परमेश्वर का आदर करने वाले हृदय के साथ परमेश्वर में विश्वास करते हैं और उसके वचनों को अनुभव करते हैं, तो ऐसे लोगों में परमेश्वर का उद्धार और परमेश्वर का प्रेम देखा जा सकता है। ये लोग परमेश्वर की गवाही दे पाते हैं; वे सत्य को जीते हैं, और जिसकी वे गवाही देते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 463](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-463-2.html) - क्या तू "हर युग में परमेश्वर द्वारा व्यक्त स्वभाव" को ठोस ढंग से ऐसी भाषा में बता सकता है जो उपयुक्त तरीके से युग की सार्थकता को व्यक्त करे? क्या तू, जो अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को अनुभव करता है, परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव का वर्णन विस्तार से कर सकता है? क्या
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 312](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-312.html) - हज़ारों सालों से यह गंदगी की भूमि रही है। यह असहनीय रूप से गंदी है, दुःख से भरी हुई है, प्रेत यहाँ हर जगह बेकाबू दौड़ते हैं, चालें चलते हुए और धोखा देते हुए, निराधार आरोप लगाते हुए, क्रूर और दुष्ट बनकर इस भुतहा शहर को कुचलते हुए और लाशों से पाटते हुए; सड़न की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 310](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-310.html) - कई हजार वर्षों की प्राचीन संस्कृति और इतिहास के ज्ञान ने मनुष्य की सोच और धारणाओं तथा उसके मानसिक दृष्टिकोण को इतना कसकर बंद कर दिया है कि वे अभेद्य और जैविक दृष्टि से नष्ट न होने योग्य बन गए हैं। लोग नरक के अठारहवें घेरे में रहते हैं, मानो उन्हें परमेश्वर द्वारा काल-कोठरियों में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 311](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-311.html) - ऊपर से नीचे तक और शुरू से अंत तक, शैतान परमेश्वर के कार्य को बाधित कर रहा है और उसके विरोध में काम कर रहा है। "प्राचीन सांस्कृतिक विरासत", मूल्यवान "प्राचीन संस्कृति के ज्ञान", "ताओवाद और कन्फ्यूशीवाद की शिक्षाओं" और "कन्फ्यूशियन क्लासिक्स और सामंती संस्कारों" की इस सारी चर्चा ने मनुष्य को नरक में पहुँचा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 309](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-309.html) - क्या कई लोग इसलिए परमेश्वर का विरोध नहीं करते हैं और पवित्र आत्मा के कार्य में बाधा नहीं डालते हैं क्योंकि वे परमेश्वर के विभिन्न और विविधतापूर्ण कार्यों को नहीं जानते हैं, और इसके अलावा, क्योंकि वे केवल चुटकीभर ज्ञान और सिद्धांत से संपन्न होते हैं जिके भीतर वे पवित्र आत्मा के कार्य को मापते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 308](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-308.html) - लोगों के जीवन के अनुभवों में, वे अकसर अपने आपमें सोचते हैं, मैंने परमेश्वर के लिए अपने परिवार और सुनहरे भविष्य को छोड़ दिया, और उसने मुझे क्या दिया है? मुझे इसमें कुछ जोड़ना होगा, और इसे निश्चित करना होगा—क्या मैंने हाल ही में कोई आशीष प्राप्त की है? मैंने इस समय के दौरान बहुत
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर में आस्था 2 – कलीसिया के गिरने के बाद | True Stories of Christians](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/after-the-church-falls-movie.html) - जब से चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी सत्ता में आई है, तब से यह लगातार ईसाई धर्म और कैथोलिक धर्म को मानने वाले लोगों का दमन कर रही है और उन्हें यातनाएँ दे रही है। इसकी मंशा चीन से तमाम धार्मिक आस्थाओं का पूरी तरह से उन्मूलन करके, इसे नास्तिकता का गढ़ बना देना है। ख़ास तौर
- [Hindi Christian Movie | विजय गान | Preaching the Gospel of the Return of the Lord Jesus](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/song-of-victory-movie.html) - अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के न्याय का कार्य हर पंथ और समूह में गूंज उठा है। राज्य के सुसमाचार का प्रचार होने के बाद, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन अधिक-से-अधिक लोगों द्वारा स्वीकार और प्रचारित किए जा रहे हैं, परमेश्वर के सच्चे विश्वासी जो उनके प्रकटन की लालसा रखते हैं वे परमेश्वर के सिंहासन
- [Hindi Christian Movie | संकट में स्वर्गारोहण | Blessed Are Those Who Accept Jesus' Second Coming](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/rapture-in-peril-movie.html) - झो झिगांग चीन के एक स्थानीय कलीसिया में एल्डर है। बहुत से ईसाईयों की तरह, प्रभु के एक विश्वासी के रूप में उसकी जीवित स्वर्गाहोण किए जाने की, प्रभु से मिलने की और उसके साथ शासन करने की सबसे बड़ी आशा है। 1999 में, जब कलीसिया के अगुवा ने संदेश जारी किया कि, "वर्ष 2000
- [Hindi Christian Movie | धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं | Have You Welcomed the Return of Lord Jesus?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/blessed-are-the-poor-in-spirit.html) - शो योंघान दक्षिण कोरिया में एक कलीसिया के पादरी हैं। उन्होंने दशकों तक उत्साहपूर्वक परमेश्वर की सेवा की और अपने साथी विश्वासियों का गहरा सम्मान अर्जित किया। हाल के वर्षों से, उनकी कलीसिया दिन-प्रतिदिन ज़्यादा-से-ज्यादा उजाड़ होती जा रही है। बुरे कर्म अधिक-से-अधिक सामान्य हो रहे थे, और वे खुद भी अपने आप को इन
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर का नाम बदल गया है?! | The New Name of the Returned Lord Jesus](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-name-has-changed.html) - ग ह्वा नामक महिला दक्षिणी चीन की एक गृह कलीसिया की प्रचारिका हैं। प्रभु में विश्वास करना शुरू करने के बाद, उन्होंने बाइबल में पाया कि पुराने नियम में परमेश्वर को यहोवा कहा जाता था, और नये नियम में यीशु। परमेश्वर के अलग-अलग नाम क्यों हैं? इस सवाल ने वांग ह्वा को बड़े असमंजस में
- [Hindi Christian Movie | सुसमाचार दूत | Spreading the Gospel of the Lord Jesus' Second Coming](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-gospel-messenger.html) - ईसाई चेन यिशिन कई वर्षों से प्रभु में विश्वास करती रही है, और उसने अंत के दिनों में प्रभु यीशु—सर्वशक्तिमान परमेश्वर की वापसी का स्वागत करने का सौभाग्य पाया है! उसे इंसान को बचाने की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की उत्कट इच्छा समझ में आ गई और यह भी समझ में आ गया कि एक सृजित प्राणी
- [Hindi Christian Movie | महाअज्ञान | Who Should We Listen to in Welcoming the Lord's Return?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/deadly-ignorance.html) - झेंग मुएन अमेरिका में चीन की एक ईसाई कलीसिया में सहकर्मी हैं, उन्होंने कई वर्षों से प्रभु में विश्वास किया है, और वे प्रभु के लिए बड़ी लगन से काम करते हैं और स्वयं को खपाते हैं। एक दिन, उनकी आंटी उन्हें गवाही देती हैं कि प्रभु यीशु अंत के दिनों में सत्य व्यक्त करने
- [Hindi Christian Movie | कितनी सुंदर वाणी | Listening to God's Voice and Welcoming the Lord's Return](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/what-a-beautiful-voice.html) - डॉन्ग जिंगशीन चीन की एक गृह कलीसिया में प्रचारक हैं। वे पिछले तीस वर्षों से प्रभु में विश्वास कर रही हैं, और उन्हें सत्य से प्रेम है; वे अक्सर प्रभु के वचनों को पढ़ती है और उनसे प्रेरित होती हैं। वे प्रभु के लिए बड़े उत्साह से स्वयं को समर्पित करती है। अपने प्रचारक के
- [Hindi Christian Movie | तोड़ डालो अफ़वाहों की ज़ंजीरें | Welcoming the Lord Jesus' Second Coming](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/break-through-the-snare.html) - 2000 साल पहले, जब प्रभु यीशु ने छुटकारे का कार्य किया था, तब उन्हें यहूदी धार्मिक समुदाय के ऊटपटाँग लांछनों और निंदा को झेलना पड़ा था। यहूदी नेताओं ने रोमन सरकार के साथ साँठ-गाँठ कर उन्हें सूली पर चढ़ा दिया था। अंत के दिनों में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर—देहधारण कर लौटे हुए प्रभु यीशु—न्याय का कार्य करने
- [Hindi Christian Movie | मर्मभेदी यादें](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/stinging-memories.html) - फैन गुओई चीन में हाउस चर्च का एक एल्डर था। बीस वर्ष से अधिक की सेवा के दौरान, उसने हमेशा पौलुस का अनुकरण किया, और कठोर श्रम किया तथा पूरे उत्साह से प्रभु के लिए व्यय किया। इसके अलावा, वह दृढ़ता से मानना था कि इस तरह अपनी आस्था को जारी रख कर, वह स्वर्गिक
- [Hindi Christian Movie | वे कौन हैं जो वापस आए हैं | Lord Jesus Christ Has Come Back (Hindi Dubbed)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/who-is-he-that-has-returned.html) - किम योनग्रोक कोरियाई धार्मिक समुदाय का एक धर्मनिष्ठ पादरी था। सत्य की प्यास में, उसने बेसब्री से प्रभु यीशु के दूसरे आगमन की आशा लगा रखी थी। 2013 में एक दिन चोसन इल्बो नामक समाचारपत्र में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों पर उसकी नज़र पड़ी। अधिकार और सामर्थ्य से भरे इन वचनों का उस पर तत्काल
- [Hindi Christian Movie "कौन चढ़ा रहा है परमेश्वर को दोबारा सूली पर" | The Pharisees Have Reappeared](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/whos-nailing-God-to-cross-again.html) - गू शाउचेंग चीन की एक गृह कलीसिया में पादरी हैं। उन्होंने कई सालों तक प्रभु में विश्वास किया है; वे अपने धर्मोपदेशों पर निरंतर काम करते रहे हैं, और सुसमाचार का प्रचार करने हर जगह जाते रहे हैं। सुसमाचार के प्रचार के कारण उनको पकड़कर जेल में बंद कर दिया गया था, जहां उन्होंने 12
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 292](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-292.html) - केवल अपनी पुरानी धारणाओं को अलग रखकर तुम नए ज्ञान को प्राप्त कर सकते हो, फिर भी पुराना ज्ञान आवश्यक रूप से पुरानी धारणाएँ नहीं होता है। मनुष्य द्वारा कल्पना की गई बातों को "धारणाएँ" कहते हैं जो वास्तविकताओं के साथ विषम होती है। यदि पुराना ज्ञान पुराने युग में पहले से ही पुराना हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 287](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-287.html) - तुम लोगों की सत्यनिष्ठा सिर्फ़ वचनों में है, तुम लोगों का ज्ञान सिर्फ़ बौद्धिक और वैचारिक है, तुम लोगों की मेहनत सिर्फ स्वर्ग की आशीषें पाने के लिए है, और इसलिए तुम लोगों का विश्वास अवश्य ही किस प्रकार का हो सकता है? आज भी, तुम लोग सत्य के प्रत्येक वचन को एक बहरे कान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 307](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-307.html) - परमेश्वर ने मनुष्यों को बहुत-कुछ सौंपा है और अनगिनत प्रकार से उनके प्रवेश के बारे में भी संबोधित किया है। परंतु चूँकि लोगों की क्षमता बहुत ख़राब है, इसलिए परमेश्वर के बहुत सारे वचन जड़ पकड़ने में असफल रहे हैं। इस ख़राब क्षमता के विभिन्न कारण हैं, जैसे कि मनुष्य के विचार और नैतिकता का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 290](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-290.html) - चूँकि मनुष्य परमेश्वर में विश्वास करता है, तो उसे परमेश्वर के पदचिन्हों का करीब से, कदम दर कदम, अनुसरण करना होगा; और उसे "जहाँ कहीं मेम्ना जाता है उसका अनुसरण" करना चाहिए। केवल ये ही ऐसे लोग हैं जो सच्चे मार्ग को खोजते हैं, केवल ये ही ऐसे मनुष्य हैं जो पवित्र आत्मा के कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 288](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-288.html) - उस समय, यीशु के काम का कुछ हिस्सा पुराने विधान के अनुसार था और साथ ही मूसा की व्यवस्थाओं और व्यवस्था के युग में यहोवा के वचनों के अनुसार भी था। इन सब चीज़ों का यीशु ने अपने काम के एक हिस्से को करने में उपयोग किया। उसने लोगों को उपदेश दिया और उन्हें यहूदियों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 283](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-283.html) - क्योंकि परमेश्वर के कार्य में हमेशा नई-नई प्रगति होती है, इसलिए यहां पर नया कार्य है, और इसलिए अप्रचलित और पुराना कार्य भी है। यह पुराना और नया कार्य परस्पर विरोधी नहीं है, बल्कि एक दूसरे के पूरक है; प्रत्येक कदम पिछले के बाद आता है। क्योंकि नया कार्य हो रहा है, इसलिए पुरानी चीजें
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 281](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-281.html) - परमेश्वर और मनुष्य को बराबर नहीं कहा जा सकता। उसका सार और उसका कार्य मनुष्य के लिये सर्वाधिक अथाह और समझ से परे है। यदि परमेश्वर व्यक्तिगत रूप में अपना कार्य न करे, और मनुष्यों के संसार में अपने वचन न कहें, तो मनुष्य कभी भी परमेश्वर की इच्छा को समझ नहीं सकता है, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 286](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-286.html) - फरीसियों ने यीशु का विरोध क्यों किया, क्या तुम लोग उसका कारण जानना चाहते हो? क्या तुम फरीसियों के सार को जानना चाहते हो? वे मसीहा के बारे में कल्पनाओं से भरे हुए थे। इससे ज्यादा और क्या, उन्होंने केवल इस बात पर विश्वास किया कि मसीहा आएगा, मगर जीवन के इस सत्य की खोज
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 279](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-279.html) - बाइबल हज़ारों साल से इंसानी इतिहास का हिस्सा रही है। इतना ही नहीं, लोग इसे परमेश्वर की तरह मानते हैं। यहाँ तक कि अंत के दिनों में इसने परमेश्वर की जगह ले ली है, जिससे परमेश्वर अप्रसन्न है। इसलिए, जब समय मिला, परमेश्वर ने बाइबल की अंदरूनी कहानी और उसकी उत्पत्ति को स्पष्ट करना ज़रूरी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 277](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-277.html) - उस समय यीशु के कथन एवं कार्य सिद्धान्त को थामे हुए नहीं थे, और उसने अपने कार्य को पुराने नियम की व्यवस्था के कार्य के अनुसार सम्पन्न नहीं किया था। यह उस कार्य के अनुसार था जिसे अनुग्रह के युग में किया जाना चाहिए। उसने उस कार्य के अनुसार, अपने स्वयं की योजनाओं के अनुसार,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 276](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-276.html) - आज, आप लोगों में से कौन यह कहने की हिम्मत कर सकता है कि सभी वचन जिन्हें उन लोगों के द्वारा कहा गया था जिन्हें पवित्र आत्मा के द्वारा उपयोग किया था वे पवित्र आत्मा से आये थे? क्या किसी में ऐसी चीज़ें कहने की हिम्मत है? यदि आप ऐसी चीज़ें कहते हैं, तो फिर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 273](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-273.html) - नए नियम में मत्ती का सुसमाचार यीशु की वंशावली दर्ज करता है। प्रारंभ में वह कहता है कि यीशु दाऊद और अब्राहम का वंशज और यूसुफ का पुत्र था; आगे वह कहता है कि वह पवित्र आत्मा के द्वारा गर्भ में आया था, और कुँआरी से जन्मा था—जिसका अर्थ है कि वह यूसुफ का पुत्र
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 272](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-272.html) - आज लोग यह विश्वास करते हैं कि बाइबल परमेश्वर है और परमेश्वर बाइबल है। इसलिए वे यह भी विश्वास करते हैं कि बाइबल के सारे वचन ही वे वचन हैं, जिन्हें परमेश्वर ने बोला था, और कि वे सब परमेश्वर द्वारा बोले गए वचन थे। जो लोग परमेश्वर में विश्वास करते हैं, वे यह भी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 271](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-271.html) - बाइबल में हर चीज़ परमेश्वर के द्वारा व्यक्तिगत रूप से बोले गए वचनों का अभिलेख नहीं है। बाइबल बस परमेश्वर के कार्य के पिछले दो चरण दर्ज करती है, जिनमें से एक भाग नबियों की भविष्यवाणियों का अभिलेख है, और दूसरा भाग युगों-युगों में परमेश्वर द्वारा इस्तेमाल किए गए लोगों द्वारा लिखे गए अनुभवों और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 252](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-252.html) - मानव जाति के कार्य के लिए परमेश्वर ने बहुत सारी रातों को बिना नींद के गुजारना सहन किया है। बहुत ऊपर से सबसे नीची गहराई तक, जीवित नरक में जहाँ मनुष्य रहता है, वह मनुष्य के साथ अपने दिन गुजारने के लिए उतर आया है, कभी भी मनुष्य के बीच फटेहाली की शिकायत नहीं की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 456](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-456.html) - आज से, परमेश्वर विधिवत् रूप से उन्हें पूर्ण बनाएगा जिनकी कोई धार्मिक धारणाएँ नहीं हैं, जो अपनी पुरानी अस्मिताओं को एक ओर रखने के लिए तैयार हैं, और जो एक सरल-हृदय से परमेश्वर का आज्ञापालन करते हैं। वह उन्हें पूर्ण बनाएगा जो परमेश्वर के वचन की लालसा करते हैं। ऐसे लोगों को तैयार हो जाना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 291](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-291-2.html) - आज तुम पर विजय प्राप्त करने का उद्देश्य यही है कि तुम स्वीकार करो कि परमेश्वर तुम्हारा परमेश्वर है और वह दूसरों का भी परमेश्वर है, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह उन सभी का परमेश्वर है जो उससे प्यार करते हैं, वह सारी सृष्टि का परमेश्वर है। वह इस्राएलियों का परमेश्वर है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 243](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-243.html) - लोगों को उन अनेक कर्तव्यों का पालन करना होगा, जो उन्हें अवश्य संपन्न करने चाहिए। यही वह चीज है, जिसका लोगों द्वारा दृढ़ता से पालन किया जाना चाहिए, और यही वह चीज है, जिसे उन्हें अवश्य संपन्न करना चाहिए। पवित्र आत्मा को वह करने दो, जो पवित्र आत्मा द्वारा किया जाना चाहिए; मनुष्य इसमें कोई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 222](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-222.html) - जब पृथ्वी पर सीनियों का देश साकार होगा—जब राज्य साकार होगा—तो पृथ्वी पर और युद्ध नहीं होंगे; फिर कभी सूखा, महामारी और भूकंप नहीं आएँगे, लोग हथियारों का उत्पादन बंद कर देंगे; सभी शांति और स्थिरता में रहेंगे; लोगों के बीच सामान्य व्यवहार होंगे और देशों के बीच भी सामान्य व्यवहार होंगे। फिर भी वर्तमान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 181](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-181-2.html) - जिस कार्य को परमेश्वर करता है वह उसके देह के अनुभव का प्रतिनिधित्व नहीं करता; जिस कार्य को मनुष्य करता है वह मनुष्य के अनुभव का प्रतिनिधित्व करता है। हर कोई अपने व्यक्तिगत अनुभव की बात करता है। परमेश्वर सीधे तौर पर सत्य व्यक्त कर सकता है, जबकि मनुष्य केवल सत्य का अनुभव करने के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 179](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-179-2.html) - जो कार्य मनुष्य के मन में होता है उसे वह बहुत आसानी से प्राप्त कर सकता है। उदाहरण के लिए, धार्मिक संसार के पादरी और अगुवे अपना कार्य करने के लिए अपनी प्रतिभाओं और पदों पर भरोसा रखते हैं। जो लोग लम्बे समय तक उनका अनुसरण करते हैं वे उनकी प्रतिभाओं से संक्रमित होकर उनके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 178](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-178-2.html) - मनुष्य का कार्य एक विस्तार और सीमा के भीतर रहता है। एक व्यक्ति केवल किसी निश्चित चरण के कार्य को करने में ही समर्थ होता है, वह संपूर्ण युग का कार्य नहीं कर सकता—अन्यथा, वह लोगों को नियमों के भीतर ले जाएगा। मनुष्य के कार्य को केवल एक विशेष समय या चरण पर ही लागू
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 176](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-176-2.html) - पवित्र आत्मा का सारा कार्य लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए किया जाता है। यह पूर्ण रूप से लोगों को शिक्षित करने के बारे में है; ऐसा कोई कार्य नहीं है जो लोगों को लाभान्वित न करता हो। चाहे सत्य गहरा हो या उथला, चाहे सत्य को स्वीकार करने वाले लोगों की क्षमता कैसी भी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 175](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-175-2.html) - विभिन्न प्रकार के लोगों के अनुभव उनकी आंतरिक चीज़ों का प्रतिनिधित्व करते हैं। आध्यात्मिक अनुभव के बिना कोई सत्य के ज्ञान पर बात नहीं कर सकता, न ही विभिन्न आध्यात्मिक चीज़ों के सही ज्ञान के बारे में बात कर सकता है। इंसान वही व्यक्त करता है जो वह भीतर से होता है—यह निश्चित है। यदि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 174](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-174-2.html) - मनुष्य का कार्य उसके अनुभव और उसकी मानवता के तात्पर्य को सूचित करता है। मनुष्य जो कुछ मुहैया कराता है और जो कार्य करता है, वह उसका प्रतिनिधित्व करता है। मनुष्य की अंतर्दृष्टि, उसकी विवेक-बुद्धि, उसकी तर्कशक्ति और उसकी समृद्ध कल्पना, सभी उसके कार्य में शामिल होते हैं। मनुष्य का अनुभव, विशेष रूप से उसके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 147](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-147.html) - 6,000 वर्षों के दौरान कार्य की समग्रता समय के साथ धीरे-धीरे बदल गई है। इस कार्य में बदलाव समस्त संसार की परिस्थितियों के अनुसार हुए हैं। परमेश्वर का प्रबंधन का कार्य केवल मानवजाति के पूर्णरूपेण विकास की प्रवृत्ति के अनुसार धीरे-धीरे रूपान्तरित हुआ है; सृष्टि के आरंभ में इसकी पहले से योजना नहीं बनाई गई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 84](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-084.html) - आज परमेश्वर तुम लोगों का न्याय करता है, और तुम लोगों को ताड़ना देता है, और तुम्हारी निंदा करता है, लेकिन जान लो कि तुम्हारी निंदा इसलिए है कि तुम स्वयं को जान सको। निन्दा, अभिशाप, न्याय, ताड़ना—ये सब इसलिए हैं ताकि तुम स्वयं को जान सको, ताकि तुम्हारे स्वभाव में परिवर्तन हो जाए, और,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 172](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-172-2.html) - पवित्र आत्मा की मुख्य धारा में जो कार्य है वह पवित्र आत्मा का कार्य है, चाहे यह परमेश्वर का अपना कार्य हो या उपयोग किए जा रहे मनुष्यों का कार्य। स्वयं परमेश्वर का सार आत्मा है, जिसे पवित्र आत्मा या सात गुना सघन आत्मा भी कहा जा सकता है। कुल मिलाकर, वे परमेश्वर के आत्मा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 116](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-116-2.html) - परमेश्वर के द्वारा मनुष्य को, सीधे तौर पर पवित्रात्मा के साधनों के माध्यम से और आत्मा की पहचान से बचाया नहीं जाता है, क्योंकि उसके आत्मा को मनुष्य के द्वारा न तो देखा जा सकता है और न ही स्पर्श किया जा सकता है, और मनुष्य के द्वारा उस तक पहुँचा नहीं जा सकता है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 263](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-263.html) - जब सबसे पहले मनुष्य को सामाजिक विज्ञान मिला, तब से मनुष्य का मन विज्ञान और ज्ञान में व्यस्त था। फिर विज्ञान और ज्ञान मानवजाति के शासन के लिए उपकरण बन गए, और अब मनुष्य के पास परमेश्वर की आराधना करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं था, और परमेश्वर की आराधना के लिए अब और अनुकूल
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 262](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-262.html) - मानवजाति का सदस्य और सच्चे ईसाई होने के नाते, अपने मन और शरीर को परमेश्वर के आदेश को पूरा करने के लिए समर्पित करना हम सभी की ज़िम्मेदारी और दायित्व है, क्योंकि हमारा सम्पूर्ण अस्तित्व परमेश्वर से आया है, और यह परमेश्वर की संप्रभुता के कारण अस्तित्व में है। यदि हमारे मन और शरीर परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 260](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-260.html) - इस दुनिया में आने वाले सभी लोगों को जीवन और मृत्यु से गुजरना होता है, और उनमें से अधिकांश मृत्यु और पुनर्जन्म के चक्र से गुजर चुके हैं। जो जीवित हैं, वे शीघ्र ही मर जाएँगे और मृत शीघ्र ही लौट आएँगे। यह सब परमेश्वर द्वारा प्रत्येक जीवित प्राणी के लिए व्यवस्थित जीवन का क्रम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 255](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-255.html) - यदि तुम वास्तव में अनन्त जीवन के मार्ग को प्राप्त करने की इच्छा रखते हो, और यदि तुम इसको खोजने के लिए भूखे हो, तो पहले इस प्रश्न का उत्तर दो: आज परमेश्वर कहां है? हो सकता है कि तुम कहो कि परमेश्वर स्वर्ग में रहता है, बिल्कुल—वह तुम्हारे घर में तो रहेगा नहीं, हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 258](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-258.html) - जिस क्षण से तुम रोते हुए इस दुनिया में आते हो, तभी से तुम अपना कर्तव्य पूरा करना शुरू कर देते हो। परमेश्वर की योजना और उसके विधान में अपनी भूमिका निभाते हुए तुम अपनी जीवन-यात्रा शुरू करते हो। तुम्हारी पृष्ठभूमि जो भी हो और तुम्हारी आगे की यात्रा जैसी भी हो, कोई भी स्वर्ग
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 238](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-238.html) - जिस कार्य की मैंने योजना बनायी है वह एक पल भी रुके बिना आगे बढ़ता रहता है। राज्य के युग में प्रवेश करके, और तुम लोगों को मेरे लोगों के रूप में मेरे राज्य में ले जा कर, मेरे पास तुम लोगों से करने के लिए एक अन्य माँग होगी; अर्थात्, मैं तुम लोगों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 248](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-248.html) - मैं एक सर्वभक्षी अग्नि हूँ और मैं अपमान बरदाश्त नहीं करता। क्योंकि सभी मानव मेरे द्वारा बनाए गए थे, इसलिए मैं जो कुछ कहता और करता हूँ, उन्हें उसका पालन करना चाहिए और वे विद्रोह नहीं कर सकते। लोगों को मेरे कार्य में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है, और वे इस बात का विश्लेषण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 247](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-247.html) - लोग कहते हैं कि परमेश्वर एक धर्मी परमेश्वर है, और यह कि जब तक मनुष्य अंत तक उसके पीछे पीछे चलता रहता है, वह निश्चित रूप से मनुष्य के प्रति निष्पक्ष होगा, क्योंकि वह सब से अधिक धर्मी है। यदि मनुष्य बिलकुल अंत तक उसके पीछे पीछे चलता है, तो क्या वह मनुष्य को दरकिनार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 239](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-239.html) - चूँकि तुम मेरे घराने के एक सदस्य हो, और चूँकि तुम मेरे राज्य में निष्ठावान हो, इसलिए तुम जो कुछ भी करते हो उसे उन मानकों को पूरा करना चाहिए जिसकी मैं अपेक्षा करता हूँ। मैं यह नहीं कहता हूँ कि तुम घुमक्कड़ बादल से ज्यादा और कुछ नहीं बनो, बल्कि तुम चमचमाती हुई बर्फ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 235](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-235.html) - मैं स्वयं अद्वितीय परमेश्वर हूँ, इसके अतिरिक्त मैं परमेश्वर का एकमात्र प्रतिनिधि हूँ। इतना ही नहीं, मैं, देह की समग्रता के साथ परमेश्वर की पूर्ण अभिव्यक्ति हूँ। जो कोई मेरा सम्मान न करने का साहस करता है, जो कोई अपनी आँखों में प्रतिरोध प्रदर्शित करने का साहस करता है, और जो कोई मेरे विरुद्ध अवज्ञा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 234](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-234.html) - धन्य हैं वे, जिन्होंने मेरे वचन पढ़े हैं और जो यह विश्वास करते हैं कि वे पूरे होंगे। मैं तुम्हारे साथ बिलकुल भी दुर्व्यवहार नहीं करूंगा; जो तुम विश्वास करते हो, उसे तुम्हारे भीतर पूरा करूँगा। ये तुम पर आता हुआ मेरा आशीष है। मेरे वचन हर व्यक्ति के भीतर छिपे रहस्यों पर सटीकता से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 233](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-233.html) - मैंने उन लोगों को सज़ा देने का कार्य शुरू कर दिया है जो बुराई करते हैं, जो शक्ति का प्रयोग करते हैं, और जो परमेश्वर के पुत्रों पर अत्याचार करते हैं। अब से, जो भी अपने दिल में मेरा विरोध करता है, मेरे प्रशासनिक नियमों का हाथ हमेशा उसके ऊपर होगा। इसे जान लो! यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 237](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-237.html) - हर एक वाक्य जो मैं कहता हूँ, उसमें अधिकार और न्याय होता है, और कोई मेरे वचनों को बदल नहीं सकता। एक बार जब मेरे वचन निर्गत हो जाते हैं, तो चीज़ें मेरे वचनों के अनुसार संपन्न होनी निश्चित हैं; यह मेरा स्वभाव है। मेरे वचन अधिकार हैं और जो कोई उन्हें संशोधित करता है,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 236](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-236.html) - अब मैं तुम लोगों के लिए अपने प्रशासनिक आदेशों की घोषणा करता हूँ (जो घोषणा के दिन से प्रभावी होंगे और भिन्न-भिन्न लोगों को भिन्न-भिन्न ताड़नाएँ देंगे) : मैं अपने वादे पूरे करता हूँ, और सब-कुछ मेरे हाथों में है : जो कोई भी संदेह करेगा, वह निश्चित रूप से मारा जाएगा। किसी भी लिहाज
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 231](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-231.html) - यह कहा जा सकता है कि आज के सभी कथन भावी मामलों की भविष्यवाणी करते हैं; ये कथन बताते हैं कि परमेश्वर अपने कार्य के अगले चरण के लिए किस प्रकार व्यवस्थाएँ कर रहा है। परमेश्वर ने कलीसिया के लोगों में अपना काम लगभग पूरा कर लिया है, और बाद में वह सभी लोगों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 224](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-224.html) - जब राज्य की सलामी गूंजती है-जो तब भी होता है जब सात बार मेघों की गड़गड़ाहट होती है-यह ध्वनि स्वर्ग और पृथ्वी को झंझोर देती है, और उच्चतम स्वर्ग को कम्पित करती है और हर एक मानव के हृदय के तारों को कंपाती है। उस बड़े लाल अजगर के राष्ट्र में सम्मान के साथ राज्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 230](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-230.html) - परमेश्वर के सभी वचनों में उसके स्वभाव का एक हिस्सा समाहित होता है। परमेश्वर के स्वभाव को वचनों में पूरी तरह से व्यक्त नहीं किया जा सकता है, जो यह दर्शाने के लिए पर्याप्त है कि उसमें कितनी प्रचुरता है। आखिरकार, जिसे लोग देख और स्पर्श कर सकते हैं, वो उतना ही सीमित है जितनी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 226](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-226.html) - मैं अपने कार्य को उसकी सम्पूर्णता में प्रकट करते हुए पृथ्वी पर अपने अधिकार का उपयोग करता हूँ। जो कुछ मेरे कार्य में है वह पृथ्वी की सतह पर दिखाई देता है; पृथ्वी पर मानवजाति कभी भी न तो स्वर्ग पर मेरी हलचलों को समझने में, न ही सुविस्तृत रूप से मेरी आत्मा के कार्यक्षेत्र
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 225](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-225.html) - इस तथ्य के बावजूद कि राज्य का निर्माण औपचारिक रूप से आरंभ हो गया है, राज्य के लिए सलामी अभी तक औपचारिक रूप से बजनी है—अभी यह केवल उसकी भविष्यवाणी है जो आना है। जब सभी लोगों को पूर्ण बना लिया गया होगा और पृथ्वी के सभी राष्ट्र मसीह का राज्य बन गए होंगे, तब
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 223](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-223.html) - दुनिया में, भूकंप आपदा की शुरुआत हैं। सबसे पहले, मैं दुनिया, अर्थात् पृथ्वी, को बदलता हूँ। इसके बाद महामारियाँ और अकाल आते हैं। यह मेरी योजना है, ये मेरे कदम हैं, और मैं अपनी सेवा करवाने के लिए, अपनी प्रबंधन योजना को पूरा करने के लिए, सब कुछ संगठित करूँगा। इस प्रकार पूरे ब्रह्मांड की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 221](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-221.html) - परमेश्वर के वचन असंख्य घरों में फैलेंगे, वे सबको ज्ञात हो जाएँगे और केवल इसी प्रकार से उसका कार्य सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में फैलेगा। जिसका अर्थ है, कि यदि परमेश्वर के कार्य को सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में फैलाना है, तो उसके वचनों को अवश्य फैलाना चाहिए। परमेश्वर की महिमा के दिन, परमेश्वर के वचन अपनी सामर्थ्य और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 214](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-214.html) - परमेश्वर मनुष्य को कैसे सिद्ध बनाता है? परमेश्वर का स्वभाव क्या है? उसके स्वभाव में क्या-क्या पाया जाता है? इन सभी बातों को समझना होगा; यह परमेश्वर के नाम को फैलाना है, यह परमेश्वर की गवाही देना है, और परमेश्वर की प्रशंसा करना है, और परमेश्वर के बारे में ज्ञान की आधारशिला पर मनुष्य अंततः
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 220](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-220.html) - क्या तुम लोगों ने देखा है कि इस समूह के लोगों में परमेश्वर कौन सा कार्य पूर्ण करेगा? परमेश्वर ने कहा, कि यहाँ तक कि सहस्राब्दि राज्य में भी लोगों को उसके कथनों का पालन अवश्य करना चाहिए, और भविष्य में परमेश्वर के कथन अंततोगत्वा मनुष्य के जीवन को कनान के उत्तम देश में सीधे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 218](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-218.html) - वह कार्य जिसका मैं हज़ारों सालों से प्रबंधन करता आ रहा हूँ वह केवल अंत के दिनों में ही मनुष्य के सामने पूर्णतः प्रकट होता है। केवल अब है कि मैंने अपने प्रबन्धन के पूरे रहस्य को मनुष्य के लिए खोला है। मनुष्य मेरे कार्य के उद्देश्य को जानता है और इसके अतिरिक्त उसने मेरे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 217](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-217.html) - सभी लोगों को पृथ्वी पर मेरे कार्य के उद्देश्य को समझने की आवश्यकता है, अर्थात्, मेरे कार्य का अंतिम उद्देश्य और इससे पहले कि इसे पूरा किया जा सके कौन सा स्तर मुझे इस कार्य में अवश्य प्राप्त कर लेना चाहिए। यदि, आज के दिन तक मेरे साथ चलते रहे लोग यह नहीं समझते हैं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 215](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-215.html) - बाइबल के दृष्य का स्मरण करें जब परमेश्वर ने सदोम पर विनाश का कार्य किया और इस बारे में भी विचार करें कि किस प्रकार से लूत की पत्नी नमक का खम्भा बन गई। वापस विचार करें कि किस प्रकार से नीनवे के लोगों ने टाट और राख में पश्चाताप किया, और स्मरण करें कि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 212](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-212.html) - अंतिम दिनों में, जो कार्य परमेश्वर को करना है, उसे करने और अपने वचनों की सेवकाई करने के लिए परमेश्वर ने देहधारण किया। वह मनुष्यों के मध्य अपने हृदय के अनुसार लोगों को पूर्ण बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य करने के लिए व्यक्तिगत रूप से आया। सृष्टि से लेकर आज तक, केवल अन्तिम दिनों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 211](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-211.html) - आज मैं तुम पर जो कार्य कर रहा हूँ, वो तुम्हें सामान्य मानवीयता के जीवन में ले जाने के लिए है; यह नए युग के आरंभ और इंसान को नए युग में ले जाने के लिए है। यह कार्य कदम-दर-कदम किया जाता है और प्रत्यक्ष रूप से तुम लोगों के मध्य विकसित होता है :
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 210](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-210.html) - अन्तिम दिन आ चुके हैं, और विश्वभर के देशों में अशान्ति है। राजनीतिक अस्त-व्यस्तता, अकाल, महामारी और बाढ़ें हैं, प्रत्येक स्थान पर अकाल पड़ रहे हैं। मानव-संसार पर महाविपत्ति है; स्वर्ग ने भी विनाश को नीचे भेज दिया है। ये अन्तिम दिनों के चिह्न हैं। परन्तु लोगों को यह आनन्द और वैभव जैसा संसार प्रतीत
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 209](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-209.html) - आज के मार्ग पर चलना आसान नहीं है। कोई कह सकता है कि इसे पाना कठिन है और यह युग-युगों के दौरान बहुत ही दुर्लभ है। हालाँकि, किसने सोचा होगा कि मनुष्य का देह अकेले ही उसका विध्वंस करने के लिए पर्याप्त है? आज का कार्य निश्चित रूप से वसंत की बारिश की तरह कीमती
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 208](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-208.html) - परमेश्वर के कार्य की बाधाएं कितनी बड़ी हैं? क्या कभी किसी को पता चला है? गहरे जमे अंधविश्वासी रंगों से घिरे लोगों में से कौन परमेश्वर के सच्चे चेहरे को जानने में सक्षम है? इतने उथले और बेतुके पिछड़े सांस्कृतिक ज्ञान के साथ वे कैसे परमेश्वर द्वारा बोले गए वचनों को पूरी तरह से समझ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 206](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-206.html) - पिछले दो युगों के कार्य का एक चरण इस्राएल में पूरा किया गया, और एक यहूदिया में। सामान्य तौर पर कहा जाए तो, इस कार्य का कोई भी चरण इस्राएल छोड़कर नहीं गया, और प्रत्येक चरण पहले चुने गए लोगों पर किया गया। परिणामस्वरूप, इस्राएली मानते हैं कि यहोवा परमेश्वर केवल इस्राएलियों का परमेश्वर है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 204](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-204.html) - आज, मैं तुम लोगों के स्वयं के जीवित रहने के वास्ते तुम लोगों को इस प्रकार से धिक्कारता हूँ, ताकि मेरा कार्य सुचारू रूप से प्रगति करे, और सम्पूर्ण जगत में मेरा आरंभिक कार्य, मेरे वचनों, अधिकार, प्रताप और मेरे न्याय को सभी देशों और राष्ट्रों के लोगों के लिए प्रकट करते हुए, और भी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 203](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-203.html) - पूर्ण बनाए जाने का क्या अर्थ है? जीत लिए जाने का क्या अर्थ है? जीत लिए जाने हेतु लोगों को किन मानदंडों पर खरा उतरना अनिवार्य है? और पूर्ण बनाए जाने के लिए उन्हें किन मानदंडों पर खरा उतरना अनिवार्य है? जीत लिया जाना और पूर्ण किया जाना दोनों मनुष्य को संपूर्ण बनाने के लिए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 202](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-202-2.html) - विजय के कार्य का अभीष्ट परिणाम मुख्य रूप से यह है कि मनुष्य की देह को विद्रोह से रोका जाए, अर्थात मनुष्य का मस्तिष्क परमेश्वर की नई समझ हासिल करे, उसका दिल पूरी तरह से परमेश्वर की आज्ञा का पालन करे और वह परमेश्वर का होने की इच्छा करे। मनुष्य के मिज़ाज या देह बदलने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 201](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-201.html) - अंत के समय का कार्य सारे नियमों से अलग है, और चाहे तुम शापित हो या दंडित, जब तक तुम मेरे कार्य में सहायता करते हो और विजय के कार्य में लाभप्रद हो, और चाहे तुम मोआब के वंशज हो या बड़े लाल अजगर की संतान, जब तक तुम कार्य के इस चरण में परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 200](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-200.html) - आज तुम्हें पता होना चाहिए कि विजित कैसे हुआ जाए, और विजित होने के बाद लोग अपना आचरण कैसा रखें। तुम कह सकते हो कि तुम पर विजय पा ली गई है, पर क्या तुम मृत्युपर्यंत आज्ञाकारी रह सकते हो? इस बात की परवाह किए बिना कि इसमें कोई संभावना है या नहीं, तुम्हें बिलकुल
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 198](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-198.html) - आज, मैं चीन में परमेश्वर के चुने हुए लोगों में इसलिए काम करता हूँ ताकि उनके सारे विद्रोही स्वभावों को प्रकट करके उनकी समस्त कुरूपता को बेनकाब करूँ, और इससे मुझे वो सब बातें कहने के लिए संदर्भ मिलता है जो मुझे कहने की ज़रूरत है। तत्पश्चात, जब मैं सम्पूर्ण कायनात को जीतने के कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 199](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-199.html) - जब मूसा ने चट्टान पर प्रहार किया, और यहोवा द्वारा प्रदान किया गया पानी उसमें से बहने लगा, तो यह उसके विश्वास के कारण ही था। जब दाऊद ने—आनंद से भरे अपने हृदय के साथ—मुझ यहोवा की स्तुति में वीणा बजायी तो यह उसके विश्वास की वजह से ही था। जब अय्यूब ने अपने पशुओं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 195](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-195.html) - मैंने कई बार कहा है कि परमेश्वर का अंतिम दिनों का कार्य प्रत्येक व्यक्ति की आत्मा को परिवर्तित करने, प्रत्येक व्यक्ति की रूह को बदलने के लिए किया जाता है, ताकि उसके दिल में, जिसने बहुत बड़ा आघात सहा है, सुधार लाया जा सके और इस प्रकार उसकी उस आत्मा को बचाया जा सके, जिसे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 194](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-194.html) - मानव को आज तक का समय लग गया है यह समझ पाने में कि उसे केवल आध्यात्मिक जीवन की आपूर्ति और परमेश्वर को जानने के अनुभव का ही अभाव नहीं है, बल्कि—इससे भी अधिक महत्वपूर्ण है—उसके स्वभाव में परिवर्तन। मनुष्य की अपनी जाति के इतिहास और प्राचीन संस्कृति के बारे में पूरी अज्ञानता का यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 193](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-193.html) - जब, अनुग्रह के युग में, परमेश्वर तीसरे स्वर्ग में लौटा, तो समस्त मानव-जाति के छुटकारे का परमेश्वर का कार्य वास्तव में पहले ही अपने अंतिम भाग में पहुँच गया था। धरती पर जो कुछ शेष रह गया था, वह था सलीब जिसे यीशु ने अपनी पीठ पर ढोया था, बारीक सन का कपड़ा जिसमें यीशु
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 192](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-192.html) - पुरुषों के बीच में शायद ही कोई परमेश्वर के हृदय की तीव्र इच्छा को समझता है क्योंकि लोगों की क्षमता बहुत कम है और उनकी आध्यात्मिक संवेदनशीलता काफी सुस्त है, और क्योंकि वे सभी न तो देखते हैं और न ही ध्यान देते हैं कि परमेश्वर क्या कर रहा है। इसलिए परमेश्वर मनुष्य के बारे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 191](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-191.html) - परमेश्वर चीन की मुख्य भूमि में देहधारण किया है, जिसे हांगकांग और ताइवान में हमवतन के लोग अंतर्देशीय कहते हैं। जब परमेश्वर ऊपर से पृथ्वी पर आया, तो स्वर्ग और पृथ्वी में कोई भी इसके बारे में नहीं जानता था, क्योंकि यही परमेश्वर का एक गुप्त अवस्था में लौटने का वास्तविक अर्थ है। वह लंबे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 186](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-186.html) - जब परमेश्वर पृथ्वी पर आया, तो वह संसार का नहीं था, और संसार का सुख भोगने के लिए वह देह नहीं बना था। जिस स्थान पर कार्य करना सबसे अच्छी तरह से उसके स्वभाव को प्रकट करता और जो सबसे अर्थपूर्ण होता, वह वही स्थान है, जहाँ वह पैदा हुआ। चाहे वह स्थल पवित्र हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 185](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-185.html) - अब मोआब के वंशजों पर कार्य करना उन लोगों को बचाना है, जो सबसे गहरे अँधेरे में गिर गए हैं। यद्यपि वे शापित थे, फिर भी परमेश्वर उनसे महिमा पाने का इच्छुक है, क्योंकि पहले वे सभी ऐसे लोग थे, जिनके हृदयों में परमेश्वर की कमी थी; केवल उन लोगों को, जिनके हृदयों में परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 184](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-184.html) - उस समय यीशु का कार्य समस्त मानव जाति के छुटकारे का था। उन सभी के पापों को क्षमा कर दिया गया था जो उसमें विश्वास करते थे; जब तुम उस पर विश्वास करते, वो तुम्हें छुटकारा देता; यदि तुम उस पर विश्वास करते, तो तुम पापी नहीं रह जाते, तुम अपने पापों से मुक्त हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 171](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-171.html) - ऐसे लोगों के अतिरिक्त जिन्हें पवित्र आत्मा का विशेष निर्देश और अगुवाई प्राप्त है, कोई भी स्वतंत्र रूप से जीवन जीने में सक्षम नहीं है, क्योंकि उन्हें परमेश्वर द्वारा इस्तेमाल किए गए लोगों की सेवकाई और उनके मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। इस प्रकार, परमेश्वर हर पीढ़ी में अलग-अलग लोगों को खड़ा करता है, जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 182](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-182.html) - आखिरकार, परमेश्वर का कार्य इंसान के कार्य से अलग है और, इसके अलावा, उसकी अभिव्यक्तियाँ इंसानों की अभिव्यक्तियों के समान कैसे हो सकती हैं? परमेश्वर का अपना विशेष स्वभाव है, जबकि इंसानों के ऐसे कर्तव्य हैं जिनका उन्हें निर्वहन करना चाहिए। परमेश्वर का स्वभाव उसके कार्य में व्यक्त होता है, जबकि इंसान का कर्तव्य इंसान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 177](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-177.html) - ऐसे लोगों के कार्य में बहुत कम विचलन होता है, जो काट-छाँट, निपटने, न्याय और ताड़ना से होकर गुज़र चुके हैं, और उनके कार्य की अभिव्यक्ति बहुत अधिक सटीक होती है। जो लोग कार्य करने के लिए अपनी स्वाभाविकता पर निर्भर करते हैं, वे काफी बड़ी ग़लतियाँ करते हैं। पूर्ण न किए गए लोगों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 168](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-168.html) - यूहन्ना प्रतिज्ञा द्वारा जन्मा था, बहुत-कुछ वैसे ही, जैसे अब्राहम के यहाँ इसहाक पैदा हुआ था। उसने यीशु के लिए मार्ग तैयार किया और बहुत कार्य किया, किंतु वह परमेश्वर नहीं था। बल्कि, वह नबियों में से एक था, क्योंकि उसने केवल यीशु के लिए मार्ग प्रशस्त किया था। उसका कार्य भी महान था, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 167](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-167.html) - यहाँ तक कि जिस मनुष्य का पवित्र आत्मा द्वारा उपयोग किया जाता है, वह भी स्वयं परमेश्वर का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। इतना ही नहीं कि ऐसा व्यक्ति परमेश्वर का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता, बल्कि उसके द्वारा किया जाने वाला काम भी सीधे तौर पर परमेश्वर का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। दूसरे शब्दों में, मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 164](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-164.html) - उस समय यीशु के कथन एवं कार्य सिद्धान्त को थामे हुए नहीं थे, और उसने अपने कार्य को पुराने नियम की व्यवस्था के कार्य के अनुसार सम्पन्न नहीं किया था। यह उस कार्य के अनुसार था जिसे अनुग्रह के युग में किया जाना चाहिए। उसने उस कार्य के अनुसार, अपने स्वयं की योजनाओं के अनुसार,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 166](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-166.html) - अनुग्रह के युग में यूहन्ना ने यीशु का मार्ग प्रशस्त किया। यूहन्ना स्वयं परमेश्वर का कार्य नहीं कर सकता था और उसने मात्र मनुष्य का कर्तव्य पूरा किया था। यद्यपि यूहन्ना प्रभु का अग्रदूत था, फिर भी वह परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में असमर्थ था; वह पवित्र आत्मा द्वारा उपयोग किया गया मात्र एक मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 165](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-165.html) - परमेश्वर के कार्य का प्रत्येक चरण एक एवं समान धारा का अनुसरण करता है, और इस प्रकार परमेश्वर की छह हज़ार सालों की प्रबंधकीय योजना में, संसार की नींव से लेकर ठीक आज तक, प्रत्येक चरण का अगले चरण के द्वारा नज़दीकी से अनुसरण किया गया है। यदि मार्ग प्रशस्त करने के लिए कोई न
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 162](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-162.html) - कुछ लोग पूछेंगे, "देहधारी परमेश्वर के द्वारा किये गए कार्य और बीते समयों में भविष्यवक्ताओं एवं प्रेरितों के द्वारा किये गए कार्य में क्या अन्तर है?" दाऊद को भी प्रभु कहकर पुकारा गया था, और इस प्रकार यीशु को भी; हालाँकि वह कार्य भिन्न था जो उन्होंने किया था, फिर भी उन्हें उसी नाम से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 150](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-150.html) - सबसे पहले, परमेश्वर ने आदम और हव्वा का सृजन किया, और उसने साँप का भी सृजन किया। सभी चीज़ों में साँप सर्वाधिक विषैला था; उसकी देह में विष था, और शैतान उस विष का उपयोग करता था। यह साँप ही था जिसने पाप करने के लिए हव्वा को प्रलोभित किया। हव्वा के बाद आदम ने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 107](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-107.html) - मसीह की मानवता उसकी दिव्यता द्वारा संचालित होती है। यद्यपि वह देह में हैं, किन्तु उसकी मानवता पूर्ण रूप से देह वाले एक मनुष्य के समान नहीं है। उसका अपना एक अनूठा चरित्र है, और यह भी उसकी दिव्यता द्वारा संचालित होता है। उसकी दिव्यता में कोई निर्बलता नहीं है; मसीह की निर्बलता उसकी मानवता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 35](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0035.html) - परमेश्वर पृथ्वी पर मुख्य रूप से अपने वचनों को कहने के लिए आया है; और तुम जिसके साथ संलग्न होते हो, वह परमेश्वर का वचन है, वह परमेश्वर का वचन है, तुम जो देखते हैं, वह परमेश्वर का वचन है, तुम जिसे सुनते हो वह परमेश्वर का वचन है, तुम जिसका पालन करते हो वह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 16](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0016.html) - वर्तमान में किए गए कार्य ने अनुग्रह के युग के कार्य को आगे बढ़ाया है; अर्थात्, समस्त छह हजार सालों की प्रबन्धन योजना में कार्य आगे बढ़ाया है। यद्यपि अनुग्रह का युग समाप्त हो गया है, किन्तु परमेश्वर के कार्य ने आगे प्रगति की है। मैं क्यों बार-बार कहता हूँ कि कार्य का यह चरण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 11](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0011.html) - कार्य के ये तीनों चरणों का निरन्तर उल्लेख क्यों किया गया है? युगों की समाप्ति, सामाजिक विकास और प्रकृति का बदलता हुआ स्वरूप सभी कार्य के तीनों चरणों में परिवर्तनों का अनुसरण करते हैं। मानवजाति परमेश्वर के कार्य के साथ समय के अनुसार बदलती है, और अपने आप में विकसित नहीं होती है। परमेश्वर के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 8](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0008.html) - परमेश्वर स्वयं का कार्य वह दर्शन है जो मनुष्य को अवश्य जानना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर का कार्य मनुष्यों के द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है, और मनुष्यों के द्वारा धारण नहीं किया जाता है। कार्य के तीन चरण परमेश्वर के प्रबंधन की सम्पूर्णता हैं, और इससे बड़ा कोई दर्शन नहीं है जो मनुष्यों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 153](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-153.html) - पूर्वकालीन युगों की तुलना में, राज्य के युग के दौरान परमेश्वर का कार्य और अधिक व्यावहारिक है, मनुष्य के मूल-तत्व एवं उसके स्वभाव के प्रति और अधिक निर्देशित है, और उनके लिए स्वयं परमेश्वर की गवाही देने हेतु और अधिक योग्य है जो उसका अनुसरण करते हैं। दूसरे शब्दों में, जब परमेश्वर राज्य के युग
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 161](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-161.html) - अनुग्रह के युग में यीशु ने भी कई वचन बोले और बहुत कार्य किया। वह यशायाह से कैसे अलग था? वह दानिय्येल से कैसे अलग था? क्या वह कोई नबी था? ऐसा क्यों कहा जाता है कि वह मसीह है? उनके मध्य क्या भिन्नताएँ हैं? वे सभी मनुष्य थे, जिन्होंने वचन बोले थे, और उनके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 159](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-159.html) - तुम लोगों को परमेश्वर के कार्य के दर्शनों को जानना और उसके कार्य के सामान्य निर्देशों को समझना होगा। यह सकारात्मक प्रवेश है। एक बार जब तुम दर्शनों के सत्य में सही ढंग से महारत हासिल कर लोगे, तो तुम्हारा प्रवेश सुरक्षित हो जाएगा; चाहे परमेश्वर का कार्य कैसे भी क्यों न बदले, तुम अपने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 158](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-158.html) - परमेश्वर के कार्य के प्रत्येक चरण में मनुष्य से तद्नुरूपी अपेक्षाएं भी होती हैं। वे सभी जो पवित्र आत्मा की मुख्य धारा के भीतर हैं वे पवित्र आत्मा की उपस्थिति एवं अनुशासन के अधीन हैं, और ऐसे लोग जो पवित्र आत्मा की मुख्य धारा में नहीं हैं वे शैतान के नियन्त्रण में हैं, और वे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 155](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-155.html) - प्रबंधकीय कार्य केवल मानवजाति के कारण ही घटित हुआ था, जिसका अर्थ है कि इसे केवल मानवजाति के अस्तित्व के द्वारा ही उत्पन्न किया गया था। मानवजाति से पहले, या शुरुआत में कोई प्रबंधन नहीं था, जब स्वर्गएवं पृथ्वी और समस्त वस्तुओं को सृजा गया था। यदि, परमेश्वर के सम्पूर्ण कार्य में, कोई रीति व्यवहार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 143](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-143.html) - अंत के दिनों में परमेश्वर मुख्य रूप से अपने वचन बोलने के लिए आया है। वह आत्मा के दृष्टिकोण से, मनुष्य के दृष्टिकोण से, और तीसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण से कहता है; वह, कुछ समय के लिए एक प्रकार का उपयोग करते हुए, भिन्न-भिन्न तरीकों से कहता है, और बोलने के तरीकों का मनुष्य की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 152](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-152.html) - मनुष्य के बीच परमेश्वर के कार्य को मनुष्य से अलग नहीं किया जा सकता है, क्योंकि मनुष्य इस कार्य का उद्देश्य है, और परमेश्वर के द्वारा रचा गया एकमात्र ऐसा प्राणी है जो परमेश्वर की गवाही दे सकता है। मनुष्य का जीवन एवं मनुष्य की सम्पूर्ण क्रियाएं परमेश्वर से अविभाज्य हैं, और उन सब को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 151](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-151.html) - परमेश्वर लोगों के प्रबंधन का उपयोग शैतान को पराजित करने के लिए करता है। लोगों को भ्रष्ट करके शैतान लोगों के भाग्य का अंत कर देता है और परमेश्वर के कार्य में परेशानी उत्पन्न करता है। दूसरी ओर, परमेश्वर का कार्य मनुष्यों का उद्धार करना है। परमेश्वर के कार्य का कौन सा कदम मानवजाति को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 142](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-142.html) - अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर मुख्य रूप से अपने वचनों को कहने, जो कुछ भी मनुष्य के जीवन के लिए आवश्यक है उसे समझाने, जिसमें मनुष्य को प्रवेश चाहिए उसे दिखाने, परमेश्वर के कार्यों को मनुष्य को दिखाने और परमेश्वर की बुद्धि, सर्वशक्तिमत्ता और चमत्कारिकता को दिखाने के लिए आया है। उन कई मार्गों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 141](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-141.html) - इन दिनों में परमेश्वर के कार्यों को जानना, अधिकांशतः, अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर को जानना है, यह जानना है कि उसकी मुख्य सेवकाई क्या है और पृथ्वी पर वह क्या करने के लिए आया है। मैंने पहले अपने वचनों में उल्लेख किया था कि प्रस्थान से पहले हमारे सामने एक उदाहरण स्थापित करने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 242](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-242.html) - दस प्रशासनिक आदेश जो राज्य के युग में परमेश्वर के चुने लोगों द्वारा पालन किए जाने चाहिए 1. मनुष्य को स्वयं को बड़ा नहीं दिखाना चाहिए, न अपनी बड़ाई करनी चाहिए। उसे परमेश्वर की आराधना और बड़ाई करनी चाहिए। 2. वह सब कुछ करो जो परमेश्वर के कार्य के लिए लाभदायक है और ऐसा कुछ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 127](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-127-2.html) - मनुष्य की देह को शैतान के द्वारा भष्ट कर दिया गया है, उसे एकदम अन्धा करके बुरी तरह से नुकसान पहुँचाया गया है। परमेश्वर देह में आकर निजी तौर पर कार्य इसलिए करता है क्योंकि उसके उद्धार का लक्ष्य हाड़-माँस का इंसान है, और इसलिए भी क्योंकि परमेश्वर के कार्य को बिगाड़ने के लिए शैतान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 140](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-140.html) - परमेश्वर देहधारी हुआ और मसीह कहलाया, और इसलिए वह मसीह, जो लोगों को सत्य दे सकता है, परमेश्वर कहलाता है। इसके बारे में और कुछ भी अधिक कहने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह परमेश्वर के तत्व को स्वयं में धारण किए रहता है, और अपने कार्य में परमेश्वर के स्वभाव और बुद्धि को धारण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 139](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-139.html) - देहधारी परमेश्वर हमेशा के लिए मनुष्य के साथ नहीं रह सकता है, क्योंकि परमेश्वर के पास करने के लिए और बहुत से कार्य हैं। उसे देह में बाँधा नहीं जा सकता है; उसे जो कार्य करने की आवश्यकता है, वह करने के लिए उसे देह छोड़नी है, यद्यपि वह देह की छवि में ही उस
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 138](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-138.html) - परमेश्वर पृथ्वी पर अपनी सामान्य मानवता को सिद्ध करने के लिए नहीं आता है। वह सामान्य मानवता का कार्य करने के लिए नहीं आता है, बल्कि सामान्य मानवता में केवल दिव्यता का कार्य करने के लिए आता है। परमेश्वर जिस सामान्य मानवता के बारे में बात करता है, यह वह नहीं है जिसकी मनुष्य कल्पना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 137](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-137.html) - जब परमेश्वर पृथ्वी पर आता है, तो वह दिव्यता के भीतर केवल अपना कार्य करता है। यही स्वर्गिक परित्रात्मा ने देहधारी परमेश्वर को सौंपा है। जब वह आता है, तो वह हर जगह केवल बातें करने के लिए, अपने कथनों को भिन्न-भिन्न तरीकों से और भिन्न-भिन्न परिप्रेक्ष्यों से कहने के लिए जाता है। वह अपने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 126](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-126-2.html) - देह में परमेश्वर के कार्य का प्रत्येक चरण संपूर्ण युग के उसके कार्य का प्रतिनिधित्व करता है, मनुष्य के काम की तरह किसी समय-विशेष का प्रतिनिधित्व नहीं करता। इसलिए उसके अंतिम देहधारण के कार्य के अन्त का यह अर्थ नहीं है कि उसका कार्य पूर्ण रूप से समाप्त हो गया है, क्योंकि देह में उसका
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 124](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-124.html) - मनुष्य की देह की भ्रष्टता का न्याय करने के लिए देह में प्रकट परमेश्वर से अधिक उपयुक्त और कोई योग्य नहीं है। यदि न्याय सीधे तौर पर परमेश्वर के आत्मा के द्वारा किया जाए, तो यह सर्वव्यापी नहीं होता। इसके अतिरिक्त, ऐसे कार्य को स्वीकार करना मनुष्य के लिए कठिन होता है, क्योंकि पवित्रात्मा मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 120](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-120-2.html) - जो लोग देह में जीवन बिताते हैं उन सभी के लिए, अपने स्वभाव को परिवर्तित करने के लिए ऐसे लक्ष्यों की आवश्यकता होती है जिनका अनुसरण किया जा सके, और परमेश्वर को जानने के लिए आवश्यक है परमेश्वर के वास्तविक कर्मों एवं वास्तविक चेहरे को देखना। दोनों को सिर्फ परमेश्वर के देहधारी रूप से ही
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 117](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-117.html) - जो कुछ मनुष्यों ने अब प्राप्त किया है—आज की अपनी कद-काठी, ज्ञान, प्रेम, वफादारी, आज्ञाकारिता, और अंतर्दृष्टि—वे ऐसे परिणाम हैं जिन्हें वचन के न्याय के माध्यम से प्राप्त किया गया है। यह कि तुम वफादारी रखने में और आज के दिन तक खड़े रहने में समर्थ हो यह वचन के माध्यम से प्राप्त किया जाता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 114](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-114.html) - परमेश्वर केवल युग की अगुआई करने और एक नए कार्य को गतिमान करने के लिए देह बनता है। तुम लोगों के लिए इस बिंदु को समझना आवश्यक है। यह मनुष्य के काम से बहुत अलग है, और दोनों एक साँस में उल्लेख किए जाने योग्य नहीं हैं। कार्य करने के लिए उपयोग किए जा सकने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 113](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-113.html) - जब परमेश्वर अपना कार्य करता है, तो वह किसी निर्माण या आंदोलनों में शामिल होने नहीं आता, बल्कि अपनी सेवकाई पूरी करने के लिए आता है। हर बार जब वह देह बनता है, तो यह केवल कार्य के किसी चरण को पूरा करने और एक नए युग का सूत्रपात करने के लिए होता है। अब
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 109](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-109.html) - मसीह का कार्य तथा अभिव्यक्ति उसके सार को निर्धारित करते हैं। वह अपने सच्चे हृदय से उस कार्य को पूर्ण करने में सक्षम है जो उसे सौंपा गया है। वह सच्चे हृदय से स्वर्ग में परमेश्वर की आराधना करने में सक्षम है, तथा सच्चे हृदय से परमपिता परमेश्वर की इच्छा खोजने में सक्षम है। यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 112](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-112.html) - परमेश्वर इस पृथ्वी पर जिस कार्य को करने के लिए आता है, वह केवल युग की अगुआई करना, नए युग का आरंभ करना और पुराने युग को समाप्त करना है। वह पृथ्वी पर मनुष्य का जीवन जीने, स्वयं मानव-जगत के जीवन के सुख-दुःख का अनुभव करने, या किसी व्यक्ति-विशेष को अपने हाथ से पूर्ण बनाने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 111](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-111.html) - देहधारी बना परमेश्वर स्वयं को सभी प्राणियों के बजाय केवल लोगों के उस हिस्से पर ही अभिव्यक्त करता है, जो उस अवधि के दौरान उसका अनुसरण करते हैं, जब वह व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करता है। वह केवल अपने कार्य के एक चरण को पूरा करने के लिए देह बनता है, मनुष्य को अपनी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 108](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-108.html) - यद्यपि पृथ्वी पर मसीह परमेश्वर स्वयं के स्थान पर कार्य करने में समर्थ है, किन्तु वह सब लोगों को देह में अपनी छवि दिखाने के आशय से नहीं आता है। वह सब लोगों को स्वयं का दर्शन कराने नहीं आता है; वह मनुष्य को अनुमति देने आता है कि वह उसका हाथ पकड़कर उसकी अगुवाई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 168](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-168.html) - कहानी 2. एक बड़ा पर्वत, एक छोटी जलधारा, एक प्रचंड हवा और एक विशाल लहर एक छोटी जलधारा थी, जो यहाँ-वहाँ घूमती हुई बहती थी और अंततः एक बड़े पर्वत के निचले सिरे पर पहुँचती थी। पर्वत उस छोटी जलधारा के मार्ग को रोक रहा था, अतः उस जलधारा ने अपनी कमज़ोर एवं धीमी आवाज़
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 167](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-167.html) - कहानी 1. एक बीज, धरती, एक पेड़, धूप, चिड़ियाँ और मनुष्य छोटा-सा बीज धरती पर गिरा। भारी बारिश हुई और उस बीज से एक कोमल अंकुर फूटा, जबकि उसकी जड़ें धीरे-धीरे नीचे मिट्टी में विलीन हो गईं। समय के साथ वह प्रचंड हवाओं और कठोर बारिश का सामना करते हुए चंद्रमा के बढ़ने और घटने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 151](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-151.html) - शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए सामाजिक रुझानों का उपयोग कैसे करता है सामाजिक रुझान कब अस्तित्व में आए? क्या वे केवल वर्तमान समय में अस्तित्व में आए? कोई यह कह सकता है कि सामाजिक रुझान तब अस्तित्व में आए, जब शैतान ने मनुष्य को भ्रष्ट करना आरंभ किया। सामाजिक रुझानों में क्या शामिल
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 66](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-066.html) - "पर मैं तुम से कहता हूँ कि यहाँ वह है जो मन्दिर से भी बड़ा है। यदि तुम इसका अर्थ जानते, 'मैं दया से प्रसन्न होता हूँ, बलिदान से नहीं,' तो तुम निर्दोष को दोषी न ठहराते। मनुष्य का पुत्र तो सब्त के दिन का भी प्रभु है" (मत्ती 12:6-8)। यहाँ "मंदिर" किसे संदर्भित करता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 47](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-047.html) - अय्यूब अपने जन्म के दिन को कोसता है क्योंकि वह नहीं चाहता था कि उसके द्वारा परमेश्वर को तकलीफ हो मैं अकसर कहता हूँ कि परमेश्वर मनुष्य के हृदय के भीतर देखता है, और लोग मनुष्यों के बाहरी रुप-रंग को देखते हैं। क्योंकि परमेश्वर मनुष्य के हृदय के भीतर देखता है, वह उनकी हस्ती (मूल-तत्व)
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 77](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-077.html) - मनुष्य को छुटकारा दिये जाने से पहले, शैतान के बहुत से ज़हर उसमें पहले से ही गाड़ दिए गए थे। हज़ारों वर्षों तक शैतान द्वारा भ्रष्ट किये जाने के बाद, मनुष्य के भीतर पहले ही ऐसा स्वभाव है जो परमेश्वर का विरोध करता है। इसलिए, जब मनुष्य को छुटकारा दिया गया है, तो यह छुटकारे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 95](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-095.html) - अंत के दिन वे होते हैं जब सभी वस्तुएँ जीतने के द्वारा किस्म के अनुसार वर्गीकृत की जाएँगी। जीतना, अंत के दिनों का कार्य है; दूसरे शब्दों में, प्रत्येक व्यक्ति के पापों का न्याय करना, अंत के दिनों का कार्य है। अन्यथा, लोगों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाएगा? तुम सब में किया जाने वाला
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 74](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-074.html) - परमेश्वर और मनुष्य को बराबर नहीं कहा जा सकता। उसका सार और उसका कार्य मनुष्य के लिये सर्वाधिक अथाह और समझ से परे है। यदि परमेश्वर व्यक्तिगत रूप में अपना कार्य न करे, और मनुष्यों के संसार में अपने वचन न कहें, तो मनुष्य कभी भी परमेश्वर की इच्छा को समझ नहीं सकता है, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 44](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0044.html) - "यहोवा" वह नाम है जिसे मैंने इस्राएल में अपने कार्य के दौरान अपनाया था, और इसका अर्थ है इस्राएलियों (परमेश्वर के चुने हुए लोग) का परमेश्वर जो मनुष्य पर दया कर सकता है, मनुष्य को शाप दे सकता है, और मनुष्य के जीवन को मार्गदर्शन दे सकता है। इसका अर्थ है वह परमेश्वर जिसके पास
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 41](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0041.html) - अपने समस्त प्रबंधन में परमेश्वर का कार्य पूर्णतः स्पष्ट है : अनुग्रह का युग अनुग्रह का युग है, और अंत के दिन अंत के दिन हैं। प्रत्येक युग के बीच सुस्पष्ट भिन्नताएँ हैं, क्योंकि प्रत्येक युग में परमेश्वर उस कार्य को करता है, जो उस युग का प्रतिनिधि होता है। अंत के दिनों का कार्य
- [Hindi Christian Movie | सच्चा विजेता अस्तित्व में कैसे आता है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/perfected-a-group-of-overcomers.html) - प्रकाशित-वाक्य पुस्तक में भविष्यवाणी की गई है कि, "फिलदिलफिया की कलीसिया के दूत को यह लिख : ... 'तू ने मेरे धीरज के वचन को थामा है, इसलिये मैं भी तुझे परीक्षा के उस समय बचा रखूँगा जो पृथ्वी पर रहनेवालों के परखने के लिये सारे संसार पर आनेवाला है। मैं शीघ्र ही आनेवाला हूँ;
- [Hindi Christian Movie | मसीह की निंदा करने वाली सीसीपी की भ्रांतियों पर पलटवार कैसे करें (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-error-of-ccp.html) - अनुग्रह के युग में, देहधारी प्रभु यीशु बाहर से एक साधारण, सामान्य मनुष्य जैसे दिखाई देते थे, परंतु प्रभु यीशु पश्चाताप का मार्ग लेकर आये, "पश्चाताप करो: क्योंकि स्वर्ग का राज्य तुम्हारे करीब है," और सूली पर चढ़कर उन्होंने मानवता के छुटकारे का कार्य किया। यह इस बात को साबित करने के लिए काफी है
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर को ठुकराने और उसकी निंदा करने से जुड़ी सीसीपी की भ्रांतियों से कैसे लड़ें (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/absurdity-of-condemning-religious.html)
- [Hindi Christian Testimony Video | नकारात्मकता फैलाने का विश्लेषण | True Story of a Christian](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/dissecting-the-spreading-of-negativity-movie.html) - एक बैठक में, मुख्य पात्र को पता चलता है कि चेन लिन, जो सिंचन कार्य के लिए जिम्मेदार थी, उसे बर्खास्त कर दिया गया है। उसे बर्खास्त करने के कारणों में से एक था कि वह बैठकों के दौरान नकारात्मकता फैलाती थी। मुख्य पात्र को पता चलता है कि चेन लिन आम तौर पर कलीसिया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 38](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0038.html) - उस समय यीशु का कार्य समस्त मानव जाति के छुटकारे का था। उन सभी के पापों को क्षमा कर दिया गया था जो उसमें विश्वास करते थे; जब तुम उस पर विश्वास करते, वो तुम्हें छुटकारा देता; यदि तुम उस पर विश्वास करते, तो तुम पापी नहीं रह जाते, तुम अपने पापों से मुक्त हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 37](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0037.html) - परमेश्वर अपना कार्य सम्पूर्ण जगत में करता है। वे सब जो उस पर विश्वास करते हैं, उन्हें अवश्य उसके वचनों को स्वीकार करना, और उसके वचनों को खाना और पीना चाहिए; परमेश्वर द्वारा दिखाए गए संकेतों और चमत्कारों को देख कर कोई भी व्यक्ति परमेश्वर द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है। युगों के दौरान,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 32](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0032.html) - अंत के दिनों में परमेश्वर मुख्य रूप से अपने वचन बोलने के लिए आया है। वह आत्मा के दृष्टिकोण से, मनुष्य के दृष्टिकोण से, और तीसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण से कहता है; वह, कुछ समय के लिए एक प्रकार का उपयोग करते हुए, भिन्न-भिन्न तरीकों से कहता है, और बोलने के तरीकों का मनुष्य की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 31](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0031.html) - अंत के दिन वे होते हैं जब सभी वस्तुएँ जीतने के द्वारा किस्म के अनुसार वर्गीकृत की जाएँगी। जीतना, अंत के दिनों का कार्य है; दूसरे शब्दों में, प्रत्येक व्यक्ति के पापों का न्याय करना, अंत के दिनों का कार्य है। अन्यथा, लोगों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाएगा? तुम सब में किया जाने वाला
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 30](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0030.html) - आज का विजय कार्य यह स्पष्ट करने के लिए अभीष्ट है कि मनुष्य का अन्त क्या होगा। मैं क्यों कहता हूँ कि आज की ताड़ना और न्याय, अंत के दिनों के महान श्वेत सिंहासन के सामने का न्याय है? क्या तुम यह नहीं देखते हो? विजय का कार्य अन्तिम चरण क्यों है? क्या यह इस
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 28](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0028.html) - राज्य के युग में, परमेश्वर नए युग की शुरूआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने, और संपूर्ण युग में काम करने के लिये अपने वचन का उपयोग करता है। वचन के युग में यही वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा परमेश्वर कार्य करता है। वह देहधारी हुआ ताकि विभिन्न दृष्टिकोणों से बातचीत कर सके, मनुष्य वास्तव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 6](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0006.html) - कार्य के तीनों चरण परमेश्वर के प्रबंधन का मुख्य केन्द्र हैं और उनमें परमेश्वर का स्वभाव और वह क्या है व्यक्त होते हैं। जो परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों के बारे में नहीं जानते हैं वे यह जानने में अक्षम हैं कि परमेश्वर कैसे अपने स्वभाव को व्यक्त करता है, न ही वे परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 27](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0027.html) - अंत के दिनों के कार्य में, वचन चिन्हों एवं अद्भुत कामों के प्रकटीकरण की अपेक्षा कहीं अधिक शक्तिमान है, और वचन का अधिकार चिन्हों एवं अद्भुत कामों से कहीं बढ़कर है। वचन मनुष्य के हृदय में गहराई से दबे सभी भ्रष्ट स्वभावों को प्रकट करता है। तुम अपने बल पर इन्हें पहचानने में असमर्थ हो।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 21](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0021.html) - आरंभ में, व्यवस्था के पुराने विधान के युग के दौरान मनुष्य का मार्गदर्शन करना एक बच्चे के जीवन का मार्गदर्शन करने जैसा था। आरंभिक मानवजाति यहोवा की नवजात थी; वे इस्राएली थे। उन्हें इस बात की समझ नहीं थी कि परमेश्वर का सम्मान कैसे करें या पृथ्वी पर कैसे रहें। दूसरे शब्दों में, यहोवा ने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 17](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0017.html) - आज के दिन तक अपना 6,000 वर्षों का कार्य करते हुए, परमेश्वर ने अपने बहुत से क्रिया-कलापों को पहले ही प्रकट कर दिया है, मुख्य रूप से शैतान को पराजित करने और समस्त मानवजाति का उद्धार करने का कार्य। वह स्वर्ग की हर चीज़, पृथ्वी के ऊपर की हर चीज़ और समुद्र के अंदर की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 90](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-090.html) - परमेश्वर ने सबसे पिछड़े और मलिन स्थान पर देहधारण किया, और केवल इसी तरह से परमेश्वर अपने पवित्र और धार्मिक स्वभाव की समग्रता को साफ तौर पर दिखा सकता है। और उसका धार्मिक स्वभाव किसके ज़रिये दिखाया जाता है? वह तब दिखाया जाता है, जब वह मनुष्य के पापों का न्याय करता है, जब वह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 87](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-087.html) - परमेश्वर के द्वारा मनुष्य की सिद्धता किसके द्वारा पूरी होती है? उसके धर्मी स्वभाव के द्वारा। परमेश्वर के स्वभाव में मुख्यतः धार्मिकता, क्रोध, भव्यता, न्याय और शाप शामिल है, और उसके द्वारा मनुष्य की सिद्धता प्राथमिक रूप से न्याय के द्वारा होती है। कुछ लोग नहीं समझते, और पूछते हैं कि क्यों परमेश्वर केवल न्याय
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 92](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-092.html) - तुम लोगों पर किया गया विजय का कार्य गहनतम अर्थ रखता है : एक ओर, इस कार्य का उद्देश्य लोगों के एक समूह को पूर्ण करना है, और इसलिए पूर्ण करना है, ताकि वे विजेताओं का एक समूह बन सकें—पूर्ण किए गए लोगों का प्रथम समूह, अर्थात प्रथम फल। दूसरी ओर, यह सृजित प्राणियों को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 91](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-091.html) - इजराइल में किए गए कार्य में और आज के कार्य में बहुत बड़ा अंतर है। यहोवा ने इजराइलियों के जीवन का मार्गदर्शन किया, तो उस समय इतनी ताड़ना और न्याय नहीं था, क्योंकि उस वक्त लोग दुनियादारी बहुत ही कम समझते थे और उनके स्वभाव थोड़े ही भ्रष्ट थे। तब इजराइली पूरी तरह से यहोवा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 88](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-088.html) - मनुष्य की पारंपरिक धारणाओं में, परमेश्वर का प्रेम मनुष्य की निर्बलता के लिए उसका अनुग्रह, दया और सहानुभूति है। यद्यपि ये बातें भी परमेश्वर का प्रेम हैं, परंतु वे अत्यधिक एक तरफ़ा हैं, और वे प्राथमिक माध्यम नहीं हैं जिनके द्वारा परमेश्वर मनुष्य को सिद्ध बनाता है। जब कुछ लोगों ने परमेश्वर पर विश्वास करना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 85](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-085.html) - यद्यपि मेरे वचन कठोर हो सकते हैं, किंतु वे सभी मनुष्यों के उद्धार के लिए कहे जाते हैं, क्योंकि मैं सिर्फ वचनों को बोल रहा हूँ और मनुष्य के शरीर को दंडित नहीं कर रहा हूँ। ये वचन मनुष्य को प्रकाश में जीने, यह जानने कि प्रकाश विद्यमान है, यह जानने कि प्रकाश अनमोल है,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 9](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0009.html) - मनुष्यों के बीच परमेश्वर का कार्य मनुष्यों से छिपा नहीं है, और उन सभी को जानना चाहिए जो परमेश्वर की आराधना करते हैं। चूँकि परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच उद्धार के कार्य के तीन चरणों को पूरा किया है, इसलिए मनुष्य को कार्य के इन तीन चरणों के दौरान परमेश्वर के पास क्या है और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 125](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-125-2.html) - परमेश्वर के कार्य के प्रत्येक चरण का कार्यान्वयन पूरी मनुष्यजाति के लिए किया जाता है, और उसका लक्ष्य मानवजाति ही है। यद्यपि उसका कार्य देह में है, फिर भी यह सम्पूर्ण मनुष्यजाति के लिये है; वह संपूर्ण मनुष्यजाति का परमेश्वर है, वह सभी सृजित और गैर-सृजित प्राणियों का परमेश्वर है। यद्यपि देह में उसका कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 123](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-123-2.html) - देह में उसका कार्य बहुत सार्थक है, यह कार्य के सम्बन्ध में कहा जाता है, और अंततः देहधारी परमेश्वर ही कार्य का समापन करता है, पवित्रात्मा नहीं। कुछ लोग मानते हैं कि परमेश्वर किसी अनजान समय पृथ्वी पर आकर लोगों को दिखाई दे सकता है, जिसके बाद वह व्यक्तिगत रूप से संपूर्ण मनुष्यजाति का न्याय
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 122](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-122-2.html) - परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के शुरुआती कार्य को सीधे तौर पर पवित्रात्मा के द्वारा किया गया था, देह के द्वारा नहीं। लेकिन, परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों का अंतिम कार्य देहधारी परमेश्वर द्वारा किया जाता है, पवित्रात्मा द्वारा सीधे तौर पर नहीं किया जाता। मध्यवर्ती चरण का छुटकारे का कार्य भी देह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 119](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-119-2.html) - भ्रष्ट इंसान की आवश्यकताओं के कारण ही देहधारी परमेश्वर देह में आया है। परमेश्वर के समस्त बलिदान और कष्ट मनुष्य की आवश्यकताओं की वजह से हैं, न कि परमेश्वर की आवश्यकताओं के कारण, न ही वे स्वयं परमेश्वर के लाभ के लिए हैं। परमेश्वर के लिए कोई फायदे-नुकसान या प्रतिफल नहीं हैं; परमेश्वर को भविष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 76](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-076.html) - तुम लोगों की सत्यनिष्ठा सिर्फ़ वचनों में है, तुम लोगों का ज्ञान सिर्फ़ बौद्धिक और वैचारिक है, तुम लोगों की मेहनत सिर्फ स्वर्ग की आशीषें पाने के लिए है, और इसलिए तुम लोगों का विश्वास अवश्य ही किस प्रकार का हो सकता है? आज भी, तुम लोग सत्य के प्रत्येक वचन को एक बहरे कान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 83](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-083.html) - मनुष्य की देह की भ्रष्टता का न्याय करने के लिए देह में प्रकट परमेश्वर से अधिक उपयुक्त और कोई योग्य नहीं है। यदि न्याय सीधे तौर पर परमेश्वर के आत्मा के द्वारा किया जाए, तो यह सर्वव्यापी नहीं होता। इसके अतिरिक्त, ऐसे कार्य को स्वीकार करना मनुष्य के लिए कठिन होता है, क्योंकि पवित्रात्मा मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 72](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-072.html) - चाहे तुम अमेरिकी हो, ब्रिटिश या फिर किसी अन्य देश के, तुम्हें अपनी राष्ट्रीयता की सीमाओं से बाहर कदम रखना चाहिए, अपनी अस्मिता के पार जाना चाहिए, और परमेश्वर के कार्य को एक सृजित प्राणी के दृष्टिकोण से देखना चाहिए। इस तरह तुम परमेश्वर के पदचिह्नों को सीमाओं में नहीं बाँधोगे। ऐसा इसलिए है, क्योंकि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 70](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-070.html) - कई हज़ारों सालों से, मनुष्य ने उद्धारकर्त्ता के आगमन को देखने में सक्षम होने की लालसा की है। मनुष्य ने उद्धारकर्त्ता यीशु को एक सफेद बादल पर देखने की इच्छा की है जब वह व्यक्तिगत रूप से उन लोगों के बीच में अवरोहण करता है जिन्होंने हज़ारों सालों से उसकी अभिलाषा की है और उसके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 64](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-064.html) - जब स्वर्गदूत मेरी स्तुति में संगीत बजाते हैं, तो मनुष्य पर अपनी अनुकम्पा उँड़ेलने के अलावा मेरे पास अन्य कोई विकल्प नहीं होता है। तत्काल मेरा हृदय उदासी से भर जाता है, और मेरे लिए इस दुःखदायी भाव से छुटकारा पाना असंभव हो जाता है। मनुष्य से पृथक होने और फिर एक होने के आनन्द
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 66](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-066.html) - मैं राज्य में शासन करता हूँ, और, इसके अतिरिक्त, मैं पूरे ब्रह्माण्ड में शासन करता हूँ; मैं राज्य का राजा और ब्रह्माण्ड का मुखिया दोनो हूँ। इस समय से आगे, मैं उन सभी को इकट्ठा करूँगा जो चुने हुए नहीं हैं और अन्यजातियों के बीच अपना कार्य आरम्भ करूँगा, और मैं पूरे ब्रह्माण्ड के लिए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 65](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-065.html) - जिस दिन सभी चीज़ें पुनर्जीवित हुईं थीं, मैं मनुष्यों के बीच आया, और मैंने उसके साथ अद्भुत दिन और रात बिताये हैं। केवल इस अवसर पर ही मनुष्य मेरी सुलभता को थोड़ा सा समझता है, और जैसे-जैसे मेरे साथ उसकी अंतःक्रिया बार-बार होने लगती है, तो वह जो मेरे पास है और जो मैं हूँ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 63](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-063.html) - राज्य में, सृष्टि की असंख्य चीज़ें पुनः जीवित होना और अपनी जीवन शक्ति फिर से प्राप्त करना आरम्भ करती हैं। पृथ्वी की अवस्था में परिवर्तनों के कारण, एक भूमि और दूसरी भूमि के बीच की सीमाएँ भी खिसकना शुरू करती हैं। पूर्व काल में, मैं भविष्यवाणी कर चुका हूँ: जब भूमि से भूमि विभाजित हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 59](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-059.html) - लोग मेरी जय-जयकार करते हैं, लोग मेरी स्तुति करते हैं; सभी अपने मुख से एकमात्र सच्चे ईश्वर का नाम लेते हैं, सभी लोगों की दृष्टि मेरे कर्मों को देखने के लिए उठती है। राज्य लोगों के जगत में अवतरित होता है, मेरा व्यक्तित्व समृद्ध और प्रचुर है। इस पर कौन खुश न होगा? कौन है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 57](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-057.html) - अंतिम दिनों का मसीह जीवन लेकर आया, और सत्य का स्थायी एवं अनन्त मार्ग प्रदान किया। इसी सत्य के मार्ग के द्वारा मनुष्य जीवन को प्राप्त करेगा, और एक मात्र इसी मार्ग से मनुष्य परमेश्वर को जानेगा और परमेश्वर का अनुमोदन प्राप्त करेगा। यदि तुम अंतिम दिनों के मसीह के द्वारा प्रदान किए गए जीवन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 52](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-052.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर! उसका गौरवशाली शरीर खुले रूप से प्रकट होता है, पवित्र आध्यात्मिक शरीर उदय होता है और वह स्वयं पूर्ण परमेश्वर है! दुनिया और देह दोनों बदल गए हैं और पहाड़ी पर उसका रूप-परिवर्तन परमेश्वर का व्यक्तित्व है। वह अपने सिर पर सुनहरा मुकुट पहने हुए है, उसके वस्त्र पूर्ण रूप से श्वेत हैं,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 15](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0015-2.html) - समस्त प्रबंधन कार्य के दौरान, सबसे महत्वपूर्ण कार्य शैतान के प्रभाव से मनुष्य को बचाना है। मुख्य कार्य भ्रष्ट मनुष्य पर सम्पूर्ण विजय है, इस प्रकार जीते गए मनुष्य के हृदय में परमेश्वर के प्रति मूल श्रद्धा बहाल करना, और उसे एक सामान्य जीवन, यानी परमेश्वर के एक प्राणी का सामान्य जीवन प्राप्त करने देना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 197](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-197.html) - परमेश्वर के देह-धारण ने सभी मतों और संप्रदायों को चकित कर दिया है, इसने उनकी मूल व्यवस्था को "उलट-पुलट कर दिया" है, और इसने उन सभी लोगों के दिलों को हिला दिया है जो परमेश्वर की उपस्थिति के लिए तरसते हैं। कौन है जो प्रेममय नहीं? कौन परमेश्वर को देखने का अभिलाषी नहीं है? परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 612](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-612.html) - क्या अब तुम समझ गए हो कि न्याय क्या है और सत्य क्या है? अगर तुम समझ गए हो, तो मैं तुम्हें न्याय किए जाने के लिए आज्ञाकारी ढंग से समर्पित होने की नसीहत देता हूँ, वरना तुम्हें कभी भी परमेश्वर द्वारा सराहे जाने या उसके द्वारा अपने राज्य में ले जाए जाने का अवसर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 609](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-609.html) - एक अरसे से परमेश्वर में आस्था रखने वाले लोगों को अब एक खूबसूरत गंतव्य की आशा है, परमेश्वर में आस्था रखने वाले लोगों को उम्मीद है कि सौभाग्य अचानक ही उनके सामने आ जाएगा, उन्हें आशा है कि उन्हें पता भी नहीं चलेगा और वे शांति से स्वर्ग में किसी स्थान पर विराजमान होंगे। लेकिन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 607](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-607.html) - परमेश्वर के विश्वासी के रूप में, तुम लोगों को हर चीज में परमेश्वर के अलावा अन्य किसी के प्रति वफादार नहीं होना चाहिए और हर चीज में उसी की इच्छा के अनुरूप बनना चाहिए। यद्यपि हर कोई इस संदेश को समझता है, लेकिन इंसान की तरह-तरह की मुश्किलों—उदाहरण के लिए, अज्ञानता, बेतुकेपन और भ्रष्टता के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 601](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-601.html) - परमेश्वर ने मनुष्यों का सृजन किया और उन्हें पृथ्वी पर रखा और तब से उनकी अगुआई की। फिर उसने उन्हें बचाया और मानवता के लिये पापबलि बना। अंत में, उसे अभी भी मानवता को जीतना होगा, मनुष्यों को पूरी तरह से बचाना होगा और उन्हें उनकी मूल समानता में वापस लौटाना होगा। यही वह कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 600](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-600.html) - मानवता के बीच मूल रूप से परिवार नहीं थे; केवल एक पुरुष और एक महिला का ही अस्तित्व था—दो भिन्न प्रकार के मनुष्य। कोई देश नहीं थे, परिवारों की तो बात ही छोड़ो, परंतु मानवता की भ्रष्टता के कारण, सभी प्रकार के लोगों ने स्वयं को व्यक्तिगत क़बीलों में संगठित कर लिया, बाद में ये
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 599](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-599.html) - जो अपने सर्वथा अविश्वासी बच्चों और रिश्तेदारों को कलीसिया में खींचकर लाते हैं, वे बेहद स्वार्थी हैं और सिर्फ़ अपनी दयालुता का प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग इसकी परवाह किए बिना कि उनका विश्वास है भी या नहीं और यह परमेश्वर की इच्छा है या नहीं, केवल प्रेमपूर्ण बने रहने पर ध्यान देते हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 598](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-598.html) - आजकल, वे जो खोज करते हैं और वे जो नहीं करते, दो पूरी तरह भिन्न प्रकार के लोग हैं, जिनके गंतव्य भी काफ़ी अलग हैं। वे जो सत्य के ज्ञान का अनुसरण करते हैं और सत्य का अभ्यास करते हैं, वे लोग हैं जिनका परमेश्वर उद्धार करेगा। वे जो सच्चे मार्ग को नहीं जानते, वे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 597](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-597.html) - मानवता के विश्राम में प्रवेश से पहले, हर एक व्यक्ति का दंडित होना या पुरस्कृत होना इस बात पर आधारित होगा कि क्या उन्होंने सत्य की खोज की है, क्या वे परमेश्वर को जानते हैं और क्या वे प्रत्यक्ष परमेश्वर को समर्पण कर सकते हैं। जिन्होंने प्रत्यक्ष परमेश्वर को सेवा दी है, पर उसे न
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 596](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-596.html) - आजकल लोग अभी भी देह की चीज़ें छोड़ने में असमर्थ हैं; वे देह के सुख नहीं छोड़ सकते, न वे संसार, धन और अपने भ्रष्ट स्वभाव छोड़ पाते हैं। अधिकांश लोग अपनी कोशिशें बेपरवाही से करते हैं। वास्तव में इन लोगों के हृदय में परमेश्वर है ही नहीं; इससे भी बुरा यह है कि वे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 595](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-595.html) - सभी चीज़ों के अंत का पास आना परमेश्वर के कार्य की समाप्ति की ओर और साथ ही मानवता के विकास के अंत का संकेत करता है। इसका अर्थ है कि शैतान द्वारा भ्रष्ट किए गए मनुष्य अपने विकास के अंतिम चरण तक पहुँच गए होंगे और आदम व हव्वा के वंशजों ने अपनी वंश-वृद्धि पूरी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 594](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-594.html) - आरंभ में परमेश्वर विश्राम में था। उस समय पृथ्वी पर कोई मनुष्य या अन्य कुछ भी नहीं था और परमेश्वर ने तब तक किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं किया था। उसने अपने प्रबंधन का कार्य केवल तब आरंभ किया, जब मानवता अस्तित्व में आ गई और जब मानवता भ्रष्ट कर दी गई; उस
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 593](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-593.html) - उन सभी लोगों के पास पूर्ण बनाए जाने का अवसर है, जो पूर्ण बनाए जाने की इच्छा रखते हैं, इसलिए हर किसी को शांत हो जाना चाहिए : भविष्य में तुम सभी मंज़िल में प्रवेश करोगे। किंतु यदि तुम पूर्ण बनाए जाने की इच्छा नहीं रखते, और अद्भुत क्षेत्र में प्रवेश करना नहीं चाहते, तो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 592](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-592.html) - जब मनुष्य पृथ्वी पर मनुष्य का असली जीवन प्राप्त कर लेगा और शैतान की सभी ताक़तों को बंधन में डाल दिया जाएगा, तब मनुष्य आसानी से पृथ्वी पर जीवन-यापन करेगा। चीज़ें उतनी जटिल नहीं होंगी, जितनी आज हैं : मानवीय रिश्ते, सामाजिक रिश्ते, जटिल पारिवारिक रिश्ते—वे इतनी परेशानी, इतना दर्द लेकर आते हैं! यहाँ मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 591](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-591.html) - आज, विजेता बनने और पूर्ण बनाए जाने की मनुष्य की कोशिश ऐसी चीज़ें हैं, जिनकी खोज वह अपने पास पृथ्वी पर समान्य जीवन होने से पहले से कर रहा है, और ये ऐसे उद्देश्य हैं जिनकी तलाश वह शैतान को बंधन में डालने से पहले करता है। सार रूप में, विजेता बनने और पूर्ण बनाए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 589](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-589.html) - सृजनकर्ता सृष्टि के सभी प्राणियों का आयोजन करने का इरादा रखता है। तुम्हें उसके द्वारा की जाने वाली किसी भी चीज़ को ठुकराना या उसकी अवज्ञा नहीं करनी चाहिए, न ही तुम्हें उसके प्रति विद्रोही होना चाहिए। जब उसके द्वारा किया जाने वाला कार्य अंततः उसके लक्ष्य हासिल करेगा, तो वह इसमें महिमा प्राप्त करेगा।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 588](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-588.html) - मनुष्य आज के कार्य और भविष्य के कार्य को तो थोड़ा समझता है, किंतु वह उस मंज़िल को नहीं समझता, जिसमें मानव-जाति प्रवेश करेगी। एक प्राणी के रूप में मनुष्य को प्राणी का कर्तव्य निभाना चाहिए : जो कुछ भी परमेश्वर करता है, उसमें मनुष्य को उसका अनुसरण करना चाहिए; जैसे मैं तुम लोगों को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 586](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-586.html) - मेरी दया उन पर अभिव्यक्त होती है, जो मुझसे प्रेम करते हैं और स्वयं को नकारते हैं। इस बीच, दुष्टों को मिला दंड निश्चित रूप से मेरे धार्मिक स्वभाव का प्रमाण है, और उससे भी बढ़कर, मेरे क्रोध की गवाही है। जब आपदा आएगी, तो मेरा विरोध करने वाले सभी अकाल और महामारी के शिकार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 324](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-324.html) - तुम सभी को अब परमेश्वर में आस्था का सही अर्थ समझना चाहिए। परमेश्वर में आस्था रखने के जिस अर्थ के बारे में मैंने पहले बोला था, वह तुम लोगों के सकारात्मक प्रवेश से संबंधित था। आज बात अलग है : आज मैं परमेश्वर पर तुम लोगों की आस्था के सार का विश्लेषण करना चाहूँगा। बेशक,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 585](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-585.html) - अब वह समय है जब मैं प्रत्येक व्यक्ति का अंत निर्धारित करता हूँ, न कि वह चरण जिसमें मैंने मनुष्य पर काम करना आरंभ किया था। मैं अपनी अभिलेख-पुस्तक में एक-एक करके प्रत्येक व्यक्ति के शब्द और कार्य, वह मार्ग जिसके द्वारा उन्होंने मेरा अनुसरण किया है, उनकी अंतर्निहित विशेषताएँ और अंतत: उन लोगों द्वारा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 584](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-584.html) - मैंने तुम लोगों के बीच बहुत काम किया है और निस्संदेह, बहुत-से कथन भी कहे हैं। फिर भी मुझे महसूस हुए बिना नहीं रहता कि मेरे वचनों और कार्य ने अंत के दिनों में मेरे कार्य का उद्देश्य अच्छी तरह पूरा नहीं किया है। क्योंकि, अंत के दिनों में, मेरा कार्य किसी विशेष व्यक्ति या
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 582](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-582.html) - मेरे वचनों के पूर्ण होने के बाद, राज्य धीरे-धीरे पृथ्वी पर आकार लेने लगता है और मनुष्य धीरे-धीरे सामान्य हो जाता, और इस प्रकार पृथ्वी पर मेरे हृदय में राज्य स्थापित हो जाता है। उस राज्य में, परमेश्वर के सभी लोगों को सामान्य मनुष्य का जीवन वापस मिल जाता है। बर्फीली शीत ऋतु चली गई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 581](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-581.html) - राज्य मनुष्यों के मध्य विस्तार पा रहा है, यह मनुष्यों के मध्य बन रहा है और यह मनुष्यों के मध्य खड़ा हो रहा है; ऐसी कोई भी शक्ति नहीं है जो मेरे राज्य को नष्ट कर सके। आज के राज्य में जो मेरे लोग हैं, उनमें से ऐसा कौन है जो मानवों में मानव नहीं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 401](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-401.html) - सहस्राब्दिक राज्य के युग में क्या तुमने इस नये युग में प्रवेश किया है, यह इस बात से तय होगा कि क्या तुमने वास्तव में परमेश्वर के वचनों की वास्तविकता में प्रवेश किया है या नहीं, और उसके वचन तुम्हारे जीवन में वास्तविकता बन चुके हैं या नहीं। परमेश्वर का वचन सभी को बताया गया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मंज़िलें और परिणाम | अंश 580](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/destinations-and-outcomes-excerpt-580.html) - बिजली की एक कौंध में, प्रत्येक जानवर अपने असली स्वरूप में प्रकट हो जाता है। इसी प्रकार, मेरे प्रकाश से रोशन होकर मनुष्यों ने भी उस पवित्रता को पुनः प्राप्त कर लिया है, जो कभी उसके पास थी। ओह, अतीत का वह भ्रष्ट संसार! अंततः यह गंदे पानी में पलट गया है और सतह के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 323](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-323.html) - लोगों ने लंबे समय से परमेश्वर में विश्वास किया है, फिर भी उनमें से ज्यादातर को इस बात की समझ नहीं है कि "परमेश्वर" शब्द का अर्थ क्या है, वे बस घबराहट में अनुसरण करते हैं। उन्हें नहीं पता कि वास्तव में मनुष्य को परमेश्वर में विश्वास क्यों करना चाहिए, या परमेश्वर क्या है। अगर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 322](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-322.html) - मनुष्य केवल विश्वास के अनिश्चित शब्द पर बना रहता है, फिर भी मनुष्य यह नहीं जानता है कि वह क्या है जो विश्वास का निर्माण करता है, और यह तो बिलकुल ही नहीं जानता है कि उसके पास विश्वास क्यों है। मनुष्य बहुत ही कम जानता है और स्वयं मनुष्य में बहुत सारी कमियाँ हैं;
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 321](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-321-2.html) - तुम लोग लालायित रहते हो कि परमेश्वर तुम पर प्रसन्न हो, मगर तुम लोग परमेश्वर से दूर हो। यह क्या मामला है? तुम लोग केवल उसके वचनों को स्वीकार करते हो, उसके व्यवहार या काट-छाँट को नहीं, उसके प्रत्येक प्रबंध को स्वीकार करने, उस पर पूर्ण विश्वास रखने में तो तुम बिलकुल भी समर्थ नहीं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 320](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-320-2.html) - मैं उन लोगों में प्रसन्नता अनुभव करता हूँ जो दूसरों पर शक नहीं करते, और मैं उन लोगों को पसंद करता हूँ जो सच को तत्परता से स्वीकार कर लेते हैं; इन दो प्रकार के लोगों की मैं बहुत परवाह करता हूँ, क्योंकि मेरी नज़र में ये ईमानदार लोग हैं। यदि तुम धोखेबाज हो, तो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 319](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-319-2.html) - तुम सभी परमेश्वर के समक्ष पुरस्कृत होने और उसका अनुग्रह पाने की इच्छा रखते हो; सभी ऐसी चीजों की आशा करते हैं, जब वे परमेश्वर में विश्वास रखना शुरू करते हैं, क्योंकि सभी उच्चतर चीजों की खोज में लीन रहते हैं, और कोई भी दूसरों से पीछे नहीं रहना चाहता। लोग बस ऐसे ही हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 318](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-318.html) - परमेश्वर पर तुम्हारा विश्वास, सत्य की तुम्हारी खोज, और यहाँ तक कि तुम्हारे आचरण का तरीका, सब वास्तविकता पर आधारित होने चाहिए : जो कुछ भी तुम करते हो वह व्यावहारिक होना चाहिए, और तुम्हें भ्रामक और काल्पनिक बातों का अनुसरण नहीं करना चाहिए। इस प्रकार से व्यवहार करने का कोई मूल्य नहीं है, और,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 317](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-317.html) - मनुष्य, शैतान के प्रभाव के बंधन में जकड़ा हुआ, अंधकार के प्रभाव के आवरण में रह रहा है जिसमें से बच निकलने का मार्ग नहीं हैं। और मनुष्य का स्वभाव, शैतान के द्वारा संसाधित किए जाने के पश्चात्, उत्तरोत्तर भ्रष्ट होता जा रहा है। कोई कह सकता है कि परमेश्वर को वास्तव में प्यार करने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 306](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-306.html) - मैंने बहुत सारे वचन कहे हैं, और अपनी इच्छा और अपने स्वभाव को भी व्यक्त किया है, फिर भी लोग अभी भी मुझे जानने और मुझ पर विश्वास करने में अक्षम हैं। या यह कहा जा सकता है कि लोग अभी भी मेरी आज्ञा का पालन करने में अक्षम हैं। जो बाइबल में जीते हैं,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 300](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-300.html) - कई हजार सालों की भ्रष्टता के बाद, मनुष्य संवेदनहीन और मंदबुद्धि हो गया है; वह एक दानव बन गया है जो परमेश्वर का इस हद तक विरोध करता है कि परमेश्वर के प्रति मनुष्य की विद्रोहशीलता इतिहास की पुस्तकों में दर्ज की गई है, यहाँ तक कि मनुष्य खुद भी अपने विद्रोही आचरण का पूरा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 297](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-297.html) - यदि त्रित्व की इस अवधारणा के अनुसार काम के तीन चरणों का मूल्यांकन किया जाता है, तो तीन परमेश्वर होने चाहिए क्योंकि प्रत्येक के द्वारा किए गए काम एकसमान नहीं हैं। यदि तुम लोगों में से कोई भी कहता है कि त्रित्व वास्तव में मौजूद है, तो वह समझाए कि तीन व्यक्तियों में यह एक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 261](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-261.html) - इस दुनिया की हर चीज़ तेज़ी से सर्वशक्तिमान के विचारों और उसकी नज़रों तले बदलती है। मानवजाति ने जिन चीज़ों के बारे में कभी नहीं सुना है वो अचानक आ जाती हैं, जबकि मनुष्य के पास जो कुछ लंबे समय से रहा है वो अनजाने में उसके हाथ से फिसल जाता है। सर्वशक्तिमान के ठौर-ठिकाने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 190](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-190.html) - परमेश्वर के 6,000 वर्षों के प्रबधंन-कार्य को तीन चरणों में बाँटा जाता है : व्यवस्था का युग, अनुग्रह का युग और राज्य का युग। कार्य के ये तीनों चरण मानव-जाति के उद्धार के वास्ते हैं, अर्थात् ये उस मानव-जाति के उद्धार के लिए हैं, जिसे शैतान द्वारा बुरी तरह से भ्रष्ट कर दिया गया है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 188](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-188.html) - परमेश्वर के विश्वासी होने के नाते, तुममें से प्रत्येक को सराहना करनी चाहिए कि अंत के दिनों के परमेश्वर का कार्य ग्रहण करके और उसकी योजना का वह कार्य ग्रहण करके जो आज वह तुममें करता है, तुमने किस तरह अधिकतम उत्कर्ष और उद्धार सचमुच प्राप्त कर लिया है। परमेश्वर ने लोगों के इस समूह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 187](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-187.html) - जिस समय यीशु ने यहूदिया में कार्य किया था, तब उसने खुलकर ऐसा किया, परंतु अब, मैं तुम लोगों के बीच गुप्त रूप से काम करता और बोलता हूँ। अविश्वासी लोग इस बात से पूरी तरह से अनजान हैं। तुम लोगों के बीच मेरा कार्य बाहर के लोगों के लिए बंद है। इन वचनों, इन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 183](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-183-2.html) - यीशु पृथ्वी पर साढ़े तैंतीस साल तक था, वह सलीब पर चढ़ने के कार्य को करने के लिए आया था, और सलीब पर चढ़ने के माध्यम से परमेश्वर ने एक भाग की महिमा प्राप्त की है। जब परमेश्वर देह में आया तो वह विनम्र और छुपा रहने में ही समर्थ था और भयानक पीड़ा सहन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 250](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-250.html) - जब परमेश्वर पृथ्वी पर आया, तो वह संसार का नहीं था, और संसार का सुख भोगने के लिए वह देह नहीं बना था। जिस स्थान पर कार्य करना सबसे अच्छी तरह से उसके स्वभाव को प्रकट करता और जो सबसे अर्थपूर्ण होता, वह वही स्थान है, जहाँ वह पैदा हुआ। चाहे वह स्थल पवित्र हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 249](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-249.html) - मेरी दया उन पर अभिव्यक्त होती है, जो मुझसे प्रेम करते हैं और स्वयं को नकारते हैं। इस बीच, दुष्टों को मिला दंड निश्चित रूप से मेरे धार्मिक स्वभाव का प्रमाण है, और उससे भी बढ़कर, मेरे क्रोध की गवाही है। जब आपदा आएगी, तो मेरा विरोध करने वाले सभी अकाल और महामारी के शिकार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 246](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-246.html) - मेरे द्वारा कहे गए हर वाक्य में परमेश्वर का स्वभाव निहित है। तुम लोग मेरे वचनों पर ध्यान से विचार करोगे तो अच्छा होगा, और निश्चित ही तुम्हें उनसे बहुत लाभ होगा। परमेश्वर के सार को समझना बहुत कठिन है, किंतु मुझे विश्वास है कि तुम सभी को परमेश्वर के स्वभाव के बारे में कम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 241](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-241.html) - पृथ्वी पर मैं स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर हूँ, जो मनुष्यों के हृदय में रहता है; स्वर्ग में मैं समस्त सृष्टि का स्वामी हूँ। मैंने पर्वत चढ़े हैं और नदियाँ लाँघी हैं, और मैं मानवजाति के बीच से अंदर-बाहर प्रवाहित होता रहा हूँ। कौन स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर का खुलेआम विरोध करने की हिम्मत करता है? कौन सर्वशक्तिमान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 240](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-240.html) - आज, चूँकि मैं तुम लोगों को इस स्थिति तक ले आया हूँ, इसलिए मैंने कई उपयुक्त व्यवस्थाएँ की हैं, और मेरे स्वयं के लक्ष्य हैं। यदि मुझे आज उनके बारे में तुम लोगों को बताना होता, तो क्या तुम लोग उन्हें सच में जानने में समर्थ होते? मैं मनुष्य के मन के विचारों और मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 228](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-228.html) - जब चमकता हुआ चाँद उगता है, शांत रात तत्काल ही बिखर जाती है। यद्यपि चन्द्रमा चिथड़ों में है, मनुष्य उमंग में है, और रोशनी के नीचे उस सुंदर दृश्य की प्रशंसा करता हुआ शांति से उस चाँद की चाँदनी में बैठता है, मनुष्य अपनी भावनाओं का बखान नहीं कर सकता है। यह ऐसा है मानो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 227](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-227.html) - क्या तुम लोग सच में विशाल लाल अजगर से घृणा करते हो? क्या तुम सच में निष्ठा से घृणा करते हो? मैंने तुम लोगों से इतनी बार क्यों पूछा है? मैं तुमसे यह प्रश्न बार-बार क्यों पूछता हूँ? तुम सबके हृदय में उस विशाल लाल अजगर की क्या आकृति है? क्या उसे वास्तव में हटा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 163](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-163.html) - यशायाह, यहेजकेल, मूसा, दाऊद, इब्राहीम एवं दानिय्येल इस्राएल के चुने हुए लोगों के मध्य अगुवे या भविष्यवक्ता थे। उन्हें परमेश्वर क्यों नहीं कहा गया था? क्यों पवित्र आत्मा ने उनकी गवाही नहीं दी थी? जैसे ही यीशु ने अपना कार्य प्रारम्भ किया तो क्यों पवित्र आत्मा ने यीशु की गवाही दी और उसके वचनों को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 157](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-157.html) - जब परमेश्वर का कार्य किसी निश्चित बिन्दु पर पहुंच जाता है, और उसका प्रबंधन किसी निश्चित बिन्दु पर पहुंच जाता है, तो जो लोग उसके हृदय के अनुसार हैं वे उसकी अपेक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होते हैं। परमेश्वर अपने स्वयं के मापदंडों के अनुसार मनुष्य से अपेक्षाएं करता है, और उसके अनुसार मनुष्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 156](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-156.html) - जिसमें दर्शन शामिल हैं वह मुख्यतः स्वयं परमेश्वर के कार्य की ओर संकेत करता है, और जिसमें रीति व्यवहार शामिल होता है उसे मनुष्य के द्वारा किया जाना चाहिए, और इसका परमेश्वर से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। परमेश्वर के कार्य को स्वयं परमेश्वर के द्वारा पूर्ण किया गया है, और मनुष्य के रीति व्यवहार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 154](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-154.html) - दर्शनों में अभ्यास के लिए अनेक मार्ग होते हैं। मनुष्य से की गई व्यावहारिक मांगें भी इन दर्शनों के भीतर होती हैं, चूँकि यह परमेश्वर का कार्य है जिसे मनुष्य के द्वारा पहचाना जाना चाहिए। अतीत में, विशेष सभाओं या बड़ी सभाओं के दौरान जिन्हें विभिन्न स्थानों में आयोजित किया जाता था, रीति व्यवहार के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 149](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-149.html) - जब परमेश्वर देह में आता है, तो उसका आत्मा किसी मनुष्य पर उतरता है; दूसरे शब्दों में, परमेश्वर का देह को पहन लेता है। वह अपना कार्य पृथ्वी पर करता है, और अपने साथ विभिन्न प्रतिबंधित कदमों को लाने की बजाय, यह कार्य सर्वथा असीमित होता है। पवित्र आत्मा शरीर में रह कर जो कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 148](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-148.html) - पवित्र आत्मा का कार्य सदैव अनायास किया जाता है; किसी भी समय जब वह अपने कार्य की योजना बनाएगा, तो पवित्र आत्मा उसे सम्पन्न करेगा। मैं क्यों सदैव कहता हूँ कि पवित्र आत्मा का कार्य यथार्थवादी होता है? कि वह सदैव नया होता है, कभी पुराना नहीं होता है, और सदैव सबसे अधिक ताजा होता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 305](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-305.html) - तुम लोग हमेशा मसीह को देखने की कामना करते हो, लेकिन मैं तुम लोगों से आग्रह करता हूँ कि तुम अपने आपको इतना ऊँचा मत समझो; हर कोई मसीह को देख सकता है, लेकिन मैं कहता हूँ कि कोई भी मसीह को देखने लायक नहीं है। क्योंकि मनुष्य का स्वभाव बुराई, अहंकार और विद्रोह से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 304](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-304.html) - सभी मनुष्य यीशु का सच्चा रूप देखना चाहते हैं, और सभी उसके साथ रहने की इच्छा करते हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई भाई-बहन यह कहेगा कि वह यीशु को देखना या उसके साथ रहना नहीं चाहता। यीशु को देखने से पहले—देहधारी परमेश्वर को देखने से पहले—तुम लोगों द्वारा तमाम तरह के विचार रखने की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 303](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-303.html) - मनुष्य परमेश्वर को पाने में इसलिए असफल नहीं होता कि परमेश्वर के पास भावना है, या इसलिए कि परमेश्वर मनुष्य द्वारा प्राप्त होना नहीं चाहता, बल्कि इसलिए कि मनुष्य परमेश्वर को पाना नहीं चाहता, और इसलिए कि मनुष्य परमेश्वर को तत्काल नहीं खोजता। जो सचमुच परमेश्वर को खोजते हैं, उनमें से कोई परमेश्वर द्वारा शापित
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 302](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-302.html) - मनुष्य के भ्रष्ट स्वभाव के प्रकटीकरण का स्रोत उसका मंद अंत:करण, उसकी दुर्भावनापूर्ण प्रकृति और उसकी विकृत समझ से अधिक किसी में नहीं है; यदि मनुष्य का अंत:करण और समझ फिर से सामान्य हो पाएँ, तो फिर वह परमेश्वर के सामने उपयोग करने के योग्य बन जाएगा। यह सिर्फ इसलिए है, क्योंकि मनुष्य का अंत:करण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 301](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-301.html) - मनुष्य का भ्रष्ट स्वभाव शैतान द्वारा उसे जहर दिए जाने और रौंदे जाने से, शैतान द्वारा उसकी सोच, नैतिकता, अंतर्दृष्टि और समझ को पहुँचाए गए प्रबल नुकसान से उपजा है। चूँकि मनुष्य की मूलभूत चीजें शैतान द्वारा भ्रष्ट कर दी गई हैं, और वे पूरी तरह से उसके विपरीत हैं जैसा परमेश्वर ने मूल रूप
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 299](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-299.html) - परमेश्वर की प्रबंधन योजना छह हजार वर्षों तक फैली है और उसके काम में अंतर के आधार पर तीन युगों में विभाजित है: पहला युग पुराने नियम का व्यवस्था का युग है; दूसरा अनुग्रह का युग है; और तीसरा वह है जो कि अंत के दिनों से संबंधित है—राज्य का युग। प्रत्येक युग में एक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 296](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-296.html) - यीशु के देहधारी होने के सत्य के विकसित होने के बाद ही मनुष्य इस बात को महसूस कर पाया: यह न केवल स्वर्ग का परमेश्वर है, बल्कि यह पुत्र भी है, और यहां तक कि वह आत्मा भी है। यह पारम्परिक धारणा है जिसे मनुष्य धारण किए हुए है, कि एक ऐसा परमेश्वर है जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 295](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-295.html) - मैं मनुष्यों के मध्य बहुत कार्य कर चुका हूँ और इस दौरान मैंने कई वचन भी व्यक्त किए हैं। ये समस्त वचन मनुष्य के उद्धार के लिए हैं, और इसलिए व्यक्त किए गए थे, ताकि मनुष्य मेरे अनुकूल बन सके। फिर भी, पृथ्वी पर मैंने थोड़े ही लोग पाए हैं, जो मेरे अनुकूल हैं, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 280](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-280.html) - मैं मनुष्यों के मध्य बहुत कार्य कर चुका हूँ और इस दौरान मैंने कई वचन भी व्यक्त किए हैं। ये समस्त वचन मनुष्य के उद्धार के लिए हैं, और इसलिए व्यक्त किए गए थे, ताकि मनुष्य मेरे अनुकूल बन सके। फिर भी, पृथ्वी पर मैंने थोड़े ही लोग पाए हैं, जो मेरे अनुकूल हैं, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 278](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-278.html) - सभी यहूदी पुराने नियम पढ़ते थे और यशायाह की भविष्यवाणी को जानते थे कि चरणी में एक नर शिशु जन्म लेगा। तो फिर इस भविष्यवाणी को भलीभाँति जानते हुए भी उन्होंने यीशु को क्यों सताया? क्या ऐसा उनकी विद्रोही प्रकृति और पवित्र आत्मा के कार्य के प्रति अज्ञानता के कारण नहीं हुआ? उस समय, फरीसियों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 275](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-275.html) - बाइबल इस्राएल में परमेश्वर के कार्य का ऐतिहासिक अभिलेख है, और प्राचीन नबियों की अनेक भविष्यवाणियों के साथ उस समय यहोवा के कार्य के बारे में उसके कुछ कथनों को लिपिबद्ध करती है। इस प्रकार, सभी लोग इस पुस्तक को पवित्र (क्योंकि परमेश्वर पवित्र और महान है) मानते हैं। निस्संदेह, यह सब यहोवा के लिए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 274](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-274.html) - बहुत से लोग मानते हैं कि बाइबल को समझना और उसकी व्याख्या कर पाना सच्चे मार्ग की खोज करने के समान है—परन्तु वास्तव में, क्या बात इतनी सरल है? बाइबल की इस वास्तविकता को कोई नहीं जानता कि यह परमेश्वर के कार्य के ऐतिहासिक अभिलेख और उसके कार्य के पिछले दो चरणों की गवाही से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 270](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-270.html) - बाइबल को पुराना नियम और नया नियम भी कहते हैं। क्या तुम लोग जानते हो कि "नियम" से क्या तात्पर्य है? "पुराने नियम" में "नियम" इस्राएल के लोगों के साथ बांधी गई परमेश्वर की वाचा से आता है, जब उसने मिस्रियों को मार डाला था और इस्राएलियों को फिरौन से बचाया था। बेशक, इस वाचा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 269](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-269.html) - बाइबल एक ऐतिहासिक पुस्तक है, और यदि तुमने अनुग्रह के युग के दौरान पुराने विधान को खाया और पीया होता—यदि तुम अनुग्रह के युग के दौरान पुराने विधान के समय में जो अपेक्षित था, उसे व्यवहार में लाए होते—तो यीशु ने तुम्हें अस्वीकार कर दिया होता, और तुम्हारी निंदा की होती; यदि तुमने पुराने विधान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 268](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-268.html) - यदि तुम व्यवस्था के युग के कार्य को देखना चाहते हो, और यह देखना चाहते हो कि इस्राएली किस प्रकार यहोवा के मार्ग का अनुसरण करते थे, तो तुम्हें पुराना विधान पढ़ना चाहिए; यदि तुम अनुग्रह के युग के कार्य को समझना चाहते हो, तो तुम्हें नया विधान पढ़ना चाहिए। पर तुम अंतिम दिनों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 267](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-267.html) - बाइबल किस प्रकार की पुस्तक है? पुराना विधान व्यवस्था के युग के दौरान किया गया परमेश्वर का कार्य है। बाइबल के पुराने विधान में व्यवस्था के युग के दौरान किया गया यहोवा का समस्त कार्य और उसका सृष्टि के निर्माण का कार्य दर्ज है। इसमें यहोवा द्वारा किया गया समस्त कार्य दर्ज है, और वह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 266](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-266.html) - परमेश्वर द्वारा व्यवस्था के युग का कार्य कर लेने के बाद पुराना विधान बनाया गया और तब से लोगों ने बाइबल पढ़ना शुरू किया। यीशु ने आने के बाद अनुग्रह के युग का कार्य किया, और उसके प्रेरितों ने नया विधान लिखा। इस प्रकार बाइबल के पुराने और नए विधान की रचना हुई, और आज
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : बाइबल के बारे में रहस्य | अंश 265](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mysteries-about-the-bible-excerpt-265.html) - बहुत सालों से, लोगों के विश्वास (दुनिया के तीन मुख्य धर्मों में से एक, मसीहियत) का परंपरागत साधन बाइबल पढ़ना ही रहा है; बाइबल से दूर जाना प्रभु में विश्वास करना नहीं है, बाइबल से दूर जाना एक पाखंड और विधर्म है, और यहाँ तक कि जब लोग अन्य पुस्तकें पढ़ते हैं, तो उन पुस्तकों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 264](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-264.html) - ब्रह्मांड और आकाश की विशालता में अनगिनत जीव रहते और प्रजनन करते हैं, जीवन के चक्रीय नियम का पालन करते हैं, और एक अटल नियम का अनुसरण करते हैं। जो मर जाते हैं, वे अपने साथ जीवित लोगों की कहानियाँ लेकर चले जाते हैं, और जो लोग जी रहे हैं, वे खत्म हो चुके लोगों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 289](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-289.html) - इतिहास हमेशा आगे बढ़ रहा है, और परमेश्वर का कार्य हमेशा आगे बढ़ रहा है। उसकी छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना को अंत तक पहुँचने के लिए उसे आगे की दिशा में प्रगति करते रहना चाहिए। हर दिन उसे नया कार्य करना चाहिए, हर वर्ष उसे नया कार्य करना चाहिए; उसे नए मार्गों का सूत्रपात करना चाहिए,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 285](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-285.html) - सभी यहूदी पुराने नियम पढ़ते थे और यशायाह की भविष्यवाणी को जानते थे कि चरणी में एक नर शिशु जन्म लेगा। तो फिर इस भविष्यवाणी को भलीभाँति जानते हुए भी उन्होंने यीशु को क्यों सताया? क्या ऐसा उनकी विद्रोही प्रकृति और पवित्र आत्मा के कार्य के प्रति अज्ञानता के कारण नहीं हुआ? उस समय, फरीसियों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 284](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-284.html) - परमेश्वर का कार्य निरंतर आगे बढ़ता रहता है। यद्यपि उसके कार्य का प्रयोजन नहीं बदलता, लेकिन जिन तरीकों से वह कार्य करता है, वे निरंतर बदलते रहते हैं, जिसका अर्थ यह हुआ कि जो लोग परमेश्वर का अनुसरण करते हैं, वे भी निरंतर बदलते रहते हैं। परमेश्वर जितना अधिक कार्य करता है, मनुष्य का परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 282](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-282.html) - परमेश्वर पर अपने विश्वास में, तुम्हें परमेश्वर को कैसे जानना चाहिए? तुम्हें परमेश्वर को उसके आज के वचनों और कार्य के आधार पर जानना चाहिए, बिना किसी विचलन या भ्रान्ति के, और अन्य सभी चीजों से पहले तुम्हें परमेश्वर के कार्य को जानना चाहिए। यही परमेश्वर को जानने का आधार है। अन्य सभी विभिन्न भ्रांतियां
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 140](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-140.html) - शैतान और यहोवा परमेश्वर के मध्य वार्तालाप (चुने हुए अंश) अय्यूब 1:6-11 एक दिन यहोवा परमेश्वर के पुत्र उसके सामने उपस्थित हुए, और उनके बीच शैतान भी आया। यहोवा ने शैतान से पूछा, "तू कहाँ से आता है?" शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, "पृथ्वी पर इधर-उधर घूमते-फिरते और डोलते-डालते आया हूँ।" यहोवा ने शैतान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 139](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-139.html) - शैतान और यहोवा परमेश्वर के मध्य वार्तालाप (चुने हुए अंश) अय्यूब 1:6-11 एक दिन यहोवा परमेश्वर के पुत्र उसके सामने उपस्थित हुए, और उनके बीच शैतान भी आया। यहोवा ने शैतान से पूछा, "तू कहाँ से आता है?" शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, "पृथ्वी पर इधर-उधर घूमते-फिरते और डोलते-डालते आया हूँ।" यहोवा ने शैतान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 107](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-107.html) - हालाँकि परमेश्वर का कोप मनुष्य से छिपा हुआ और अज्ञात है, फिर भी वह कोई अपमान सहन नहीं करता समस्त मानवजाति के प्रति, उस मानवजाति के प्रति जो कि मूर्ख और जाहिल है, परमेश्वर का व्यवहार मुख्य रूप से दया और सहनशीलता पर आधारित है। दूसरी ओर, उसका कोप अधिकांश समय और अधिकांश घटनाओं में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 48](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-048.html) - विजयी राजा अपने शानदार सिंहासन पर बैठता है। उसने छुटकारा दिलाने का कार्य पूरा कर लिया है और महिमा में प्रकट होने के लिए अपने सभी लोगों की अगुआई की है। वह ब्रह्मांड को अपने हाथों में धारण करता है और अपने दिव्य ज्ञान और पराक्रम से उसने अटल सिय्योन का निर्माण किया है। अपने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 352](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-352.html) - मैं पहले ही कह चुका हूँ कि जो मेरा अनुसरण करते हैं वे बहुत हैं परन्तु जो मुझ से सच्चे दिल से प्रेम करते हैं वे बहुत ही कम हैं। हो सकता है कि कुछ लोग कहें कि, "यदि मैं तुमसे प्रेम नहीं करता तो क्या मैंने इतनी बड़ी क़ीमत चुकाई होती? यदि मैं तुमसे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 75](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-075-2.html) - फरीसियों ने यीशु का विरोध क्यों किया, क्या तुम लोग उसका कारण जानना चाहते हो? क्या तुम फरीसियों के सार को जानना चाहते हो? वे मसीहा के बारे में कल्पनाओं से भरे हुए थे। इससे ज्यादा और क्या, उन्होंने केवल इस बात पर विश्वास किया कि मसीहा आएगा, मगर जीवन के इस सत्य की खोज
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 534](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-534.html) - यदि तुम परमेश्वर की प्रशंसा पाना चाहते हो, तो सबसे पहले तुम्हें शैतान के अंधकारमय प्रभाव से निकलना चाहिए, अपना हृदय परमेश्वर के लिए खोलना चाहिए, और इसे पूरी तरह से परमेश्वर की ओर मोड़ देना चाहिए। क्या जिन कामों को तुम अब कर रहे हो उनकी परमेश्वर द्वारा प्रशंसा की जाएगी? क्या तुमने अपना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 404](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-404.html) - जब परमेश्वर बोलते हैं, तुम्हें तुरंत उसके वचनों को स्वीकार करना और उन्हें खाना चाहिये। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम कितना समझे, इस विचार धारा को अपनाओ कि तुम वचन को खाने, उसे जानने और उसके वचन पर अमल करने पर अपना ध्यान केंद्रित करोगे। तुम्हें यही करना चाहिये। इस बात की चिंता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 402](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-402-2.html) - जीवन की खोज करते हुये कोई सफल होने के लिये जल्दबाजी नहीं कर सकता, जीवन में उन्नति या विकास एक या दो दिन में नहीं आता। परमेश्वर का कार्य सामान्य और व्यवहारिक है, और इसे एक आवश्यक प्रक्रिया से गुजरना होगा। यीशु के देहधारण करने के बाद क्रूस पर अपने कार्य को समाप्त करने में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 53](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-053.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, शांति का राजकुमार, हमारा परमेश्वर राजा है! सर्वशक्तिमान परमेश्वर अपने चरण जैतून के पर्वत पर रखता है। यह कितना खूबसूरत है! सुनो! हम पहरूए पुकार रहे हैं; एक साथ जयजयकार कर रहे हैं, क्योंकि परमेश्वर सिय्योन में लौट आया है। हम अपनी आँखों से यरूशलेम को खंडहर होता देख रहे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 47](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-047-2.html) - फ़िलाडेल्फ़िया की कलीसिया ने अपना आकार ले लिया है, और यह पूरी तरह से परमेश्वर के अनुग्रह और दया के कारण हुआ है। परमेश्वर के लिए प्रेम अनेक संतों में जगता है जो बिना डगमगाए अपने आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं। वे अपने इस विश्वास पर दृढ़ रहते हैं कि एकमात्र सच्चे परमेश्वर ने देहधारण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 46](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-046.html) - स्तुति सिय्योन तक आ गई है और परमेश्वर का निवास स्थान-प्रकट हो गया है। सभी लोगों द्वारा प्रशंसित, महिमामंडित पवित्र नाम फैल रहा है। आह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर! ब्रह्मांड का मुखिया, अंत के दिनों का मसीह—वह जगमगाता सूर्य है, जो पूरे ब्रह्मांड में प्रताप और वैभव में ऊँचे पर्वत सिय्योन पर उदित हुआ है ... सर्वशक्तिमान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 532](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-532.html) - पतरस ने कई वर्षों तक यीशु का अनुगमन किया और उसमें कई बातें ऐसी देखीं, जो औरों में नहीं थीं। एक वर्ष तक अपना अनुगमन करने के पश्चात् यीशु ने उसे बारह शिष्यों में से एक चुना। (निस्संदेह यीशु ने इसे जोर से नहीं बोला और दूसरे इससे बिलकुल अनजान थे।) जीवन में, पतरस ने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 526](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-526.html) - मनुष्य शरीर में रहता है, इसका मतलब है कि वह मानवीय नरक में रहता है, और परमेश्वर के न्याय और उसकी ताड़ना के बगैर, मनुष्य शैतान के समान ही गन्दा है। मनुष्य पवित्र कैसे हो सकता है? पतरस ने यह विश्वास किया कि परमेश्वर की ताड़ना और उसका न्याय मनुष्य की सब से बड़ी सुरक्षा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 523](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-523-2.html) - जब उसे परमेश्वर के द्वारा ताड़ना दिया जा रहा था, पतरस ने प्रार्थना की, "हे परमेश्वर! मेरी देह अनाज्ञाकारी है, और तू मुझे ताड़ना देता है और मेरा न्याय करता है। मैं तेरी ताड़ना और न्याय में आनन्दित होता हूँ, और भले ही तू मुझे न चाहें, फिर भी मैं तेरे न्याय में तेरे पवित्र
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 520](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-520.html) - यीशु का अनुसरण करने के दौरान पतरस ने उसके बारे में कई मत बनाए और हमेशा अपने दृष्टिकोण से उसका आकलन किया। यद्यपि पतरस को पवित्रात्मा की एक निश्चित मात्रा में समझ थी, किंतु उसकी समझ कुछ हद तक अस्पष्ट थी, इसीलिए उसने कहा : "मुझे उसका अनुसरण अवश्य करना चाहिए, जिसे स्वर्गिक पिता द्वारा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 522](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-522-2.html) - अब तुम्हें उस मार्ग को स्पष्ट रूप से देखने में समर्थ हो जाना चाहिए, जिस पर पतरस चला था। यदि तुम पतरस के मार्ग को स्पष्ट रूप से देख सको, तो तुम उस कार्य के बारे में निश्चित होगे जो आज किया जा रहा है, इसलिए तुम शिकायत नहीं करोगे या निष्क्रिय नहीं होगे, या
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 521](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-521-2.html) - पतरस के अनुभवों में पराकाष्ठा तब आई, जब उसका शरीर लगभग पूरी तरह से टूट गया, किंतु यीशु ने फिर भी उसे भीतर से प्रोत्साहन दिया। और एक बार, यीशु पतरस के सामने प्रकट हुआ। जब पतरस अत्यधिक पीड़ा में था और महसूस करता था कि उसका हृदय टूट गया है, तो यीशु ने उसे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 506](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-506.html) - आज अधिकाँश लोगों के पास यह ज्ञान नहीं है। वे मानते हैं कि दुःख उठाने का कोई महत्व नहीं है, वे संसार के द्वारा त्यागे जाते हैं, उनके पारिवारिक जीवन में परेशानी होती है, वे परमेश्वर के प्रिय भी नहीं होते, और उनकी अपेक्षाएँ काफी निराशापूर्ण होती हैं। कुछ लोगों के कष्ट एक विशेष बिंदु
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 499](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-499.html) - परमेश्वर में अधिकांश लोगों के विश्वास का सार धर्म से जुड़ा दृढ़ विश्वास है : वे परमेश्वर से प्रेम करने में असमर्थ हैं, और केवल एक रोबोट की तरह परमेश्वर का अनुसरण कर सकते हैं, उनमें परमेश्वर के लिए सच्ची तड़प नहीं होती, और न ही वे उसे बहुत ज्यादा चाहते हैं। वे बस उसका
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 478](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-478.html) - पतरस को व्यवहार एवं शुद्धीकरण के माध्यम से सिद्ध किया गया था। उसने कहा था, "मुझे हर समय परमेश्वर की इच्छा को संतुष्ट करना होगा। वह सब जो मैं करता हूँ उसमें मैं केवल परमेश्वर की इच्छा को संतुष्ट करने का प्रयास करता हूँ, और चाहे मुझे ताड़ना मिले, या मेरा न्याय किया जाए, मैं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 422](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-422.html) - परमेश्वर का कार्य और वचन तुम्हारे स्वभाव में बदलाव लाने के लिए हैं; उसका लक्ष्य मात्र अपने कार्य और वचन को तुम लोगों को समझाना या ज्ञात कराना नहीं है। इतना पर्याप्त नहीं है। तुम्हारे अंदर सोचने-समझने की योग्यता है, इसलिए तुम्हें परमेश्वर के वचनों को समझने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 474](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-474-2.html) - अधिकांश लोग अपनी भविष्य की नियति के लिए, या अल्पकालिक आनन्द के लिए परमेश्वर में विश्वास करते हैं। क्योंकि ऐसे लोग जो किसी व्यवहार से होकर नहीं गुज़रे हैं, परमेश्वर में उनका विश्वास स्वर्ग में प्रवेश करने के लिए, एवं प्रतिफल अर्जित करने के लिए होता है। यह सिद्ध किए जाने के लिए, या परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 122](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-122.html) - मानव जीवन में छह मोड़ (चुने हुए अंश) जीवन पथ पर चलते हुए, प्रत्येक व्यक्ति कई महत्वपूर्ण मोड़ों पर पहुँचता है। ये अत्यधिक बुनियादी, और बेहद महत्वपूर्ण कदम होते हैं जो जीवन में व्यक्ति के भाग्य को निर्धारित करते हैं। आगे जो कुछ बताया गया है वह इन दिशासूचकों का एक संक्षिप्त विवरण है जिनसे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 94](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-094.html) - सृष्टिकर्ता का अधिकार समय, स्थान या भूगोल द्वारा सीमित नहीं है, और सृष्टिकर्ता का अधिकार गणना से परे है (चुने हुए अंश) आओ, हम उत्पत्ति 22:17-18 देखें। यह यहोवा परमेश्वर द्वारा बोला गया एक और अंश है, जिसमें उसने अब्राहम से कहा, "इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूँगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 132](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-132.html) - अय्यूब के जीवन के लक्ष्य और उसके द्वारा हासिल की गयी वस्तुएँ उसे शान्तिपूर्वक मृत्यु का सामना करने देती हैं धर्मग्रंथ में अय्यूब के बारे में लिखा गया है कि: "अन्त में अय्यूब वृद्धावस्था में दीर्घायु होकर मर गया" (अय्यूब 42:17)। इसका अर्थ है कि जब अय्यूब की मृत्यु हुई, तो उसे कोई पछतावा नहीं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 113](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-113.html) - योना 3 तब यहोवा का यह वचन दूसरी बार योना के पास पहुँचा: "उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूँगा, उसका उस में प्रचार कर।" तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया। नीनवे एक बहुत बड़ा नगर था, वह तीन दिन की यात्रा का था।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 108](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-108.html) - परमेश्वर का कोप न्याय की समस्त शक्तियों और समस्त सकारात्मक चीज़ों के लिए सुरक्षा-उपाय है (चुने हुए अंश) अपमान के प्रति परमेश्वर की असहिष्णुता उसका अद्वितीय सार है; परमेश्वर का कोप उसका अद्वितीय स्वभाव है; परमेश्वर का प्रताप उसका अद्वितीय सार है। परमेश्वर के क्रोध के पीछे का सिद्धांत उस पहचान और हैसियत का प्रदर्शन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 96](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-096.html) - सभी चीजों और जीवित प्राणियों पर सृष्टिकर्ता के नियंत्रण और प्रभुत्व का तथ्य सृष्टिकर्ता के अधिकार के वास्तविक अस्तित्व के बारे में बताता है यहोवा द्वारा अय्यूब को आशीष देना अय्यूब की पुस्तक में दर्ज है। परमेश्वर ने अय्यूब को क्या दिया? "यहोवा ने अय्यूब के बाद के दिनों में उसके पहले के दिनों से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 553](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-553.html) - तुम लोगों के बीच किया जा रहा यह कार्य तुम लोगों पर उस कार्य के अनुसार किया जा रहा है, जिसे किए जाने की आवश्यकता है। इन व्यक्तियों पर विजय के बाद लोगों के एक समूह को पूर्ण बनाया जाएगा। इसलिए वर्तमान में बहुत-सा कार्य तुम लोगों को पूर्ण बनाने के लक्ष्य की तैयारी के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 552](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-552.html) - यदि तुम्हें पूर्ण बनाया जाना है, तो कुछ मानदंड पूरे करने होंगे। अपने संकल्प, अपनी दृढ़ता और अपने अंतःकरण के माध्यम से और अपनी खोज के माध्यम से तुम जीवन को अनुभव करने और परमेश्वर की इच्छा पूरी करने में समर्थ हो जाओगे। यह तुम्हारा प्रवेश है, और ये वे चीज़ें हैं, जो पूर्णता के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 536](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-536-2.html) - परमेश्वर का प्रत्येक वचन हमारे किसी मर्मस्थल पर चोट करता है और हमें घायल और भयभीत कर डालता है। वह हमारी धारणाओं, कल्पनाओं और हमारे भ्रष्ट स्वभावों को उजागर करता है। हम जो कुछ भी कहते और करते हैं, उससे लेकर हमारे सभी विचारों और मतों तक, हमारा स्वभाव और सार उसके वचनों में प्रकट
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 370](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-370.html) - मनुष्य प्रकाश के बीच जीता है, फिर भी वह प्रकाश की बहुमूल्यता से अनभिज्ञ है। वह प्रकाश के सार तथा प्रकाश के स्रोत से, और इसके अतिरिक्त, वह इस बात से अनजान है कि यह किस का है। जब मैंने मनुष्य के बीच प्रकाश प्रदान किया, तब मैंने तुरन्त ही मनुष्यों के बीच की स्थितियों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 369](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-369.html) - बहुत से लोग मुझ से सच में प्रेम करना चाहते हैं, किन्तु क्योंकि उनके हृदय उनके स्वयं के नहीं है, इसलिए उनका स्वयं पर कोई नियन्त्रण नहीं है; बहुत से लोग मेरे द्वारा दिए गए परीक्षणों के बीच सच में मुझसे प्रेम करते हैं, फिर भी वे यह समझने में अक्षम हैं कि मैं वास्तव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 355](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-355.html) - जब सबसे पहले मनुष्य को सामाजिक विज्ञान मिला, तब से मनुष्य का मन विज्ञान और ज्ञान में व्यस्त था। फिर विज्ञान और ज्ञान मानवजाति के शासन के लिए उपकरण बन गए, और अब मनुष्य के पास परमेश्वर की आराधना करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं था, और परमेश्वर की आराधना के लिए अब और अनुकूल
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 353](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-353.html) - प्रतिदिन उसके द्वारा प्रत्येक मनुष्य के कार्यों और विचारों पर चिंतन किया जाता है और साथ ही, वे अपने कल की तैयारी में जुट जाते हैं। यही वह मार्ग है जिस पर सभी जीवितों को चलना होगा और जिसे मैंने सभी के लिए पूर्वनिर्धारित कर दिया है। इससे कोई बच नहीं सकता और इसमें किसी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 351](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-351.html) - पृथ्वी पर मेरे अनुयायी होने के लिए मैंने कई लोगों को खोजा है। इन सभी अनुयायियों में, ऐसे लोग हैं जो याजकों की तरह सेवा करते हैं, जो अगुआई करते हैं, जो बेटों को आकार देते हैं, जो लोगों का गठन करते हैं और जो सेवा करते हैं। मैं उन्हें उस वफ़ादारी के अनुसार जो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 83](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-083.html) - परमेश्वर सभी चीजों की सृष्टि करने के लिए वचनों को प्रयोग करता है (चुने हुए अंश) उत्पत्ति 1:3-5 जब परमेश्वर ने कहा, "उजियाला हो," तो उजियाला हो गया। और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अन्धियारे से अलग किया। और परमेश्वर ने उजियाले को दिन और अन्धियारे को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 67](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-067.html) - मैं अपने कार्य की अभिव्यक्तियों से आकाश को भर दूँगा, ताकि पृथ्वी पर सब कुछ मेरी सत्ता के सामने दण्डवत हो जाए, "वैश्विक एकता" की मेरी योजना को कार्यान्वित करे और मेरी इस एक अभिलाषा को फलीभूत करे, और ताकि मानवजाति पृथ्वी पर और "भटके" नहीं बल्कि बिना विलम्ब के एक उपयुक्त मंजिल को पा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 60](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-060.html) - अय्यूब को एक बार फिर परमेश्वर द्वारा धन्य किया जाता है, और वह फिर कभी शैतान द्वारा दोषारोपित नहीं किया जाता है यहोवा परमेश्वर के कथनों के बीच ऐसे वचन हैं कि "तुम लोगों ने मेरे विषय मेरे दास अय्यूब की सी ठीक बात नहीं कही।" वह क्या था जो अय्यूब ने कहा था? यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 16](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-016.html) - उन लोगों के प्रति परमेश्वर की प्रवृत्ति जो उसके कार्य के दौरान भाग जाते हैं ऐसे लोग हर जगह होते हैं : परमेश्वर के मार्ग के बारे में सुनिश्चित हो जाने के बाद, विभिन्न कारणों से, वे चुपचाप बिना अलविदा कहे चले जाते हैं और जो कुछ उनका दिल चाहता है वही करते हैं। फिलहाल,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 36](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-036.html) - परमेश्वर को सदोम नष्ट करना ही होगा (चुने हुए अंश) (उत्पत्ति 18:26) यहोवा ने कहा, "यदि मुझे सदोम में पचास धर्मी मिलें, तो उनके कारण उस सारे स्थान को छोड़ूँगा।" (उत्पत्ति 18:29) फिर उसने उससे यह भी कहा, "कदाचित् वहाँ चालीस मिलें।" उसने कहा, "तो भी मैं ऐसा न करूँगा।" (उत्पत्ति 18:30) फिर उसने कहा,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 37](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-037.html) - परमेश्वर को सदोम नष्ट करना ही होगा (चुने हुए अंश) (उत्पत्ति 18:26) यहोवा ने कहा, "यदि मुझे सदोम में पचास धर्मी मिलें, तो उनके कारण उस सारे स्थान को छोड़ूँगा।" (उत्पत्ति 18:29) फिर उसने उससे यह भी कहा, "कदाचित् वहाँ चालीस मिलें।" उसने कहा, "तो भी मैं ऐसा न करूँगा।" (उत्पत्ति 18:30) फिर उसने कहा,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 50](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-050.html) - अय्यूब की परीक्षाओं के दौरान उसकी मानवता का प्रकटीकरण (अय्यूब की परीक्षाओं के दौरान उसकी खराई, सीधाई, परमेश्वर का भय, और बुराई से दूर रहने समझना) जब अय्यूब ने यह सुना कि उसकी सम्पत्ति को चुरा लिया गया, उसके बेटे एवं बेटियां ने अपने जीवन को खो दिया, और उसके सेवकों को मार दिया गया,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 49](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-049.html) - हम अय्यूब के दैनिक जीवन में खराई, सीधाई, परमेश्वर का भय, और बुराई से दूरी को देखते हैं यदि हमें अय्यूब के बारे में बातचीत करनी है, तो हमें उसके विषय में उस आंकलन के साथ शुरुआत करना होगा जो परमेश्वर के मुख से कहा गया था: "उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 115](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-115.html) - योना 3 तब यहोवा का यह वचन दूसरी बार योना के पास पहुँचा: "उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूँगा, उसका उस में प्रचार कर।" तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया। नीनवे एक बहुत बड़ा नगर था, वह तीन दिन की यात्रा का था।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 150](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-150.html) - शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए अंधविश्वास का उपयोग कैसे करता है शैतान लोगों को भ्रष्ट करने के लिए अंधविश्वास का उपयोग कैसे करता है? सभी लोग अपना भाग्य जानना चाहते हैं, इसलिए शैतान उनकी उत्सुकता का उन्हें लालच देने के लिए फायदा उठाता है। लोग अटकल, भविष्य-कथन, और चेहरा पढ़वाने में संलग्न हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 148](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-148.html) - शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए विज्ञान का उपयोग कैसे करता है विज्ञान क्या है? क्या विज्ञान प्रत्येक व्यक्ति के मन में बड़ी प्रतिष्ठा नहीं रखता और अगाध नहीं माना जाता? जब विज्ञान का उल्लेख किया जाता है, तो क्या लोग ऐसा महसूस नहीं करते : "यह एक ऐसी चीज़ है, जो सामान्य लोगों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 147](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-147.html) - शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए ज्ञान का उपयोग कैसे करता है पहले हम ज्ञान के बारे में बात करेंगे। क्या ज्ञान ऐसी चीज़ है, जिसे हर कोई सकारात्मक चीज़ मानता है? लोग कम से कम यह तो सोचते ही हैं कि "ज्ञान" शब्द का संकेतार्थ नकारात्मक के बजाय सकारात्मक है। तो हम यहाँ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 106](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-106.html) - उत्पत्ति 19:1-11 साँझ को वे दो दूत सदोम के पास आए; और लूत सदोम के फाटक के पास बैठा था। उन को देखकर वह उनसे भेंट करने के लिये उठा, और मुँह के बल झुककर दण्डवत् कर कहा, "हे मेरे प्रभुओ, अपने दास के घर में पधारिए, और रात भर विश्राम कीजिए, और अपने पाँव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 105](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-105.html) - उत्पत्ति 19:1-11 साँझ को वे दो दूत सदोम के पास आए; और लूत सदोम के फाटक के पास बैठा था। उन को देखकर वह उनसे भेंट करने के लिये उठा, और मुँह के बल झुककर दण्डवत् कर कहा, "हे मेरे प्रभुओ, अपने दास के घर में पधारिए, और रात भर विश्राम कीजिए, और अपने पाँव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 97](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-097.html) - सृष्टिकर्ता का अधिकार अपरिवर्तनीय है और उसका अपमान नहीं किया जा सकता है 1. परमेश्वर सभी चीजो की सृष्टि करने के लिए वचनों को प्रयोग करता है उत्पत्ति 1:3-5 जब परमेश्वर ने कहा, "उजियाला हो," तो उजियाला हो गया। और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अन्धियारे से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 73](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-073.html) - प्रभु यीशु के दृष्टांत बीज बोने वाले का दृष्टांत (मत्ती 13:1-9) जंगली बीज का दृष्टांत (मत्ती 13:24-30) राई के बीज का दृष्टांत (मत्ती 13:31-32) खमीर का दृष्टांत (मत्ती 13:33) जंगली बीज के दृष्टांत की व्याख्या (मत्ती 13:36-43) छिपे हुए खजाने का दृष्टांत (मत्ती 13:44) अनमोल मोती का दृष्टांत (मत्ती 13:45-46) जाल का दृष्टांत (मत्ती 13:47-50)
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 62](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-062.html) - आज हम पहले मानवजाति के सृजन के बाद से परमेश्वर के विचारों, मतों और उसकी प्रत्येक गतिविधि का सारांश प्रस्तुत करेंगे। हम इस पर एक नज़र डालेंगे कि उसने संसार की रचना करने से लेकर अनुग्रह के युग के आधिकारिक आरंभ तक कौन-सा कार्य किया है। तब हम यह पता लगा सकते हैं कि परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 26](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-026.html) - परमेश्वर संसार को जलप्रलय से नाश करने का इरादा करता है, नूह को एक जहाज बनाने का निर्देश देता है उत्पत्ति 6:9-14 नूह की वंशावली यह है। नूह धर्मी पुरुष और अपने समय के लोगों में खरा था; और नूह परमेश्वर ही के साथ साथ चलता रहा। और नूह से शेम, और हाम, और येपेत
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 135](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-135.html) - कोई भी इस सच्चाई को नहीं बदल सकता है कि परमेश्वर मनुष्य के भाग्य पर संप्रभुता रखता है परमेश्वर के अधिकार के अधीन, प्रत्येक व्यक्ति सक्रिय या निष्क्रिय रूप से उसकी संप्रभुता और उसकी व्यवस्थाओं को स्वीकार करता है, और चाहे कोई व्यक्ति अपने जीवन के दौरान कैसे भी संघर्ष क्यों न करता हो, भले
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 56](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-056.html) - हालाँकि परमेश्वर मनुष्य से छिपा हुआ है, फिर भी सभी चीज़ों के मध्य उसके कार्य मनुष्य के लिए पर्याप्त हैं कि वह परमेश्वर को जान सके अय्यूब ने परमेश्वर के चेहरे को नहीं देखा था, या परमेश्वर के द्वारा बोले गए वचनों को नहीं सुना था, और उसने व्यक्तिगत रूप से परमेश्वर के कार्य का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 55](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-055.html) - अय्यूब परमेश्वर के नाम को धन्य कहता और आशीषों या विपत्तियों के बारे में नहीं सोचता एक तथ्य है जिसकी ओर पवित्र शास्त्र की अय्यूब की कहानियों में कभी भी संकेत नहीं किया गया है, जिस पर आज हम ध्यान केंद्रित करेंगे। हालाँकि अय्यूब ने परमेश्वर को कभी भी नहीं देखा था या अपने कानों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 51](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-051.html) - अय्यूब का असली चेहरा: सच्चा, शुद्ध, और बिना किसी असत्य का आओ हम निम्नलिखित अंश को पढ़ें: "तब शैतान यहोवा के सामने से निकला, और अय्यूब को पाँव के तलवे से ले सिर की चोटी तक बड़े बड़े फोड़ों से पीड़ित किया। तब अय्यूब खुजलाने के लिये एक ठीकरा लेकर राख पर बैठ गया" (अय्यूब
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 39](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-039.html) - परमेश्वर का स्वभाव कभी मनुष्य से छिपा नहीं रहा है—मनुष्य का हृदय परमेश्वर से भटक गया है सृजन के समय से ही, परमेश्वर का स्वभाव उसके कार्य के साथ क़दम से क़दम मिलाता रहा है। यह मनुष्य से कभी भी छिपा हुआ नहीं रहा है, बल्कि मनुष्य के लिए पूरी तरह प्रचारित और स्पष्ट किया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 153](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-153.html) - शैतान लोगों को भ्रष्ट करने के लिए जिन विधियों का उपयोग करता है, वे मानवजाति के लिए क्या लेकर आती हैं? क्या वे कोई सकारात्मक चीज़ लाती हैं? पहली बात, क्या मनुष्य अच्छे और बुरे के बीच अंतर कर सकता है? क्या तुम कहोगे कि इस संसार में, चाहे कोई प्रसिद्ध या महान व्यक्ति हो,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 152](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-152.html) - शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए इन अनेक विधियों का उपयोग करता है। मनुष्य को कुछ वैज्ञानिक सिद्धांतों का ज्ञान और समझ है, मनुष्य पारंपरिक संस्कृति के प्रभाव में जीता है, और प्रत्येक मनुष्य पारंपरिक संस्कृति का उत्तराधिकारी और हस्तांतरणकर्ता है। मनुष्य शैतान द्वारा स्वयं को दी गई पारंपरिक संस्कृति को आगे बढ़ाने के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 114](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-114.html) - योना 3 तब यहोवा का यह वचन दूसरी बार योना के पास पहुँचा: "उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूँगा, उसका उस में प्रचार कर।" तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया। नीनवे एक बहुत बड़ा नगर था, वह तीन दिन की यात्रा का था।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 78](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-078.html) - फरीसियों द्वारा यीशु की आलोचना मरकुस 3:21-22 जब उसके कुटुम्बियों ने यह सुना, तो वे उसे पकड़ने के लिए निकले; क्योंकि वे कहते थे कि उसका चित ठिकाने नहीं है। शास्त्री भी जो यरूशलेम से आए थे, यह कहते थे, "उसमें शैतान है," और "वह दुष्टात्माओं के सरदार की सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता है।"
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 502](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-502.html) - लोग प्रायः परमेश्वर को ही अपना जीवन समझने की बात करते हैं, परंतु उनका अनुभव अभी उस बिंदु तक नहीं पहुंचा है। तुम बस कह भर रहे हो कि परमेश्वर तुम्हारा जीवन है, कि वह प्रतिदिन तुम्हारा मार्गदर्शन करता है, कि तुम प्रतिदिन उसके वचन खाते और पीते हो, और तुम प्रतिदिन उससे प्रार्थना करते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 498](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-498.html) - लोगों की कौन-सी आंतरिक स्थिति परीक्षणों का लक्ष्य है? उनका लक्ष्य लोगों का विद्रोही स्वभाव है, जो परमेश्वर को संतुष्ट करने में अक्षम है। लोगों के भीतर बहुत-कुछ अशुद्ध है, और बहुत-कुछ पाखंडपूर्ण है, और इसलिए परमेश्वर लोगों को शुद्ध बनाने के लिए उन्हें परीक्षणों का भागी बनाता है। किंतु यदि आज तुम परमेश्वर को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 497](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-497.html) - परमेश्वर द्वारा मनुष्य के भीतर किए जाने वाले कार्य के प्रत्येक चरण में, बाहर से यह लोगों के मध्य अंतःक्रिया प्रतीत होता है, मानो यह मानव-व्यवस्थाओं द्वारा या मानवीय हस्तक्षेप से उत्पन्न हुआ हो। किंतु पर्दे के पीछे, कार्य का प्रत्येक चरण, और घटित होने वाली हर चीज़, शैतान द्वारा परमेश्वर के सामने चली गई
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 496](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-496.html) - परमेश्वर द्वारा लोगों के बाहरी स्वभाव से निपटना भी उसके कार्य का एक भाग है; उदाहरण के लिए, लोगों की बाहरी, असामान्य मानवता से, या उनकी जीवनशैली और आदतों, उनके तौर-तरीकों और रीति-रिवाजों, और साथ ही उनके बाहरी अभ्यासों और उनके जोश से निपटना। किंतु जब वह कहता है कि लोग सत्य को अभ्यास में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 495](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-495.html) - आज, जब तुम लोग परमेश्वर को जानने और उससे प्रेम करने की कोशिश करते हो, तो एक ओर तुम लोगों को कठिनाई और शोधन सहन करना चाहिए और दूसरी ओर, तुम लोगों को एक क़ीमत चुकानी चाहिए। परमेश्वर से प्रेम करने के सबक से ज्यादा गहरा कोई सबक नहीं है, और यह कहा जा सकता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 48](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-048.html) - अय्यूब ने शैतान को हराया और परमेश्वर की दृष्टि में एक सच्चा मनुष्य बन गया जब अय्यूब पहली बार अपनी परीक्षाओं से होकर गुज़रा था, तब उसकी सारी सम्पत्ति और उसके सभी बच्चों को उससे ले लिए गया था, परन्तु उसके परिणामस्वरूप वह नीचे नहीं गिरा या ऐसा कुछ भी नहीं कहा जो परमेश्वर के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 46](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-046.html) - अय्यूब के विषय में लोगों की अनेक ग़लतफहमियां अय्यूब के द्वारा सही गई कठिनाईयां परमेश्वर के द्वारा भेजे गए स्वर्गदूतों का कार्य नहीं था, न ही इसे परमेश्वर के हाथ के द्वारा किया गया था। इसके बजाए, इसे शैतान के द्वारा व्यक्तिगत रूप से किया गया था, जो परमेश्वर का शत्रु है। परिणामस्वरूप, अय्यूब के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 25](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0025-2.html) - यदि लोग अनुग्रह के युग में बने रहेंगे, तो वे कभी भी अपने भ्रष्ट स्वभाव से मुक्त नहीं होंगे, और परमेश्वर के अंर्तनिहित स्वभाव को जानने की बात को तो जाने ही दें। यदि लोग सदैव अनुग्रह की प्रचुरता में रहते हैं, परंतु वे जीवन के उस मार्ग के बिना हैं, जो उन्हें परमेश्वर को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 179](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-179.html) - जब से परमेश्वर ने सभी चीज़ों को बनाया है, वे व्यवस्थित रूप से उसके बनाए नियमों के अनुसार संचालित और निरन्तर विकसित हो रही हैं। उसकी निगाहों और शासन के अधीन, मानवजाति का अस्तित्व बरकरार है और सभी चीज़ें नियमित रूप से विकसित हो रही हैं। कोई भी चीज़ इन नियमों को बदलने या नष्ट
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 169](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-169.html) - परमेश्वर ने वह सब-कुछ बनाया जिसका अस्तित्व है, और वह हर उस चीज का संप्रभु है जो मौजूद है; वह इन सबका प्रबंधन करता है और इन सबको पोषण प्रदान करता है, और सभी चीजों के भीतर, वह हर मौजूद चीज के हर वचन और कार्रवाई को देखता और जाँचता है। इसी तरह परमेश्वर मानव-जीवन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 144](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-144.html) - आज, तुम सभी लोगों को यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि अंत के दिनों में, यह मुख्य रूप से "वचन देहधारी हुआ" का तथ्य है जो परमेश्वर के द्वारा निष्पादित हुआ है। पृथ्वी पर परमेश्वर के वास्तविक कार्य के माध्यम से, वह मनुष्य को परमेश्वर को जानने का, और उसके साथ संलग्न करने का, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 133](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-133.html) - परमेश्वर का कार्य ऐसा है जिसे तुम समझ नहीं सकते। यदि तुम न तो पूरी तरह से समझ सकते हो कि तुम्हारा निर्णय सही है या नहीं, और न ही तुम जान सकते हो कि परमेश्वर का कार्य सफल होगा या नहीं, तब तुम अपनी किस्मत क्यों नहीं आज़माते और क्यों नहीं यह देखते हो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 118](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-118.html) - परमेश्वर इसलिए देहधारी बना क्योंकि उसके कार्य का लक्ष्य शैतान की आत्मा, या कोई अमूर्त चीज़ नहीं, बल्कि मनुष्य है, जो हाड़-माँस का बना है और जिसे शैतान ने भ्रष्ट कर दिया है। चूँकि इंसान की देह को भ्रष्ट कर दिया गया है, इसलिए परमेश्वर ने हाड़-माँस के मनुष्य को अपने कार्य का लक्ष्य बनाया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 55](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-055-2.html) - सिंहासन से सात गर्जनें निकलती हैं, वे ब्रह्मांड को हिला देती हैं, स्वर्ग और पृथ्वी को उलट-पुलट कर देती हैं, और आकाश में गूँजती हैं! यह आवाज़ कानों के परदे फाड़ देती है, लोग न तो इससे बचकर भाग सकते हैं, और न ही इससे छिप सकते हैं। बिजली की चमक और गरज की गूँजें
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 19](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0019.html) - दो हज़ार वर्षों से पूर्व जिस दौरान यहोवा ने अपना कार्य किया, मनुष्य कुछ नहीं जानता था, और, लगभग समस्त मानवजाति चरित्रहीनता में पतित हो गई थी, जल प्रलय द्वारा संसार के विनाश से पहले तक, वे स्वच्छंद संभोग और भ्रष्टता की गहराई तक पहुँच गए थे; जिसमें उनके हृदय यहोवा से रिक्त थे, उसके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 166](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-166.html) - क्या तुम लोग जानते हो कि परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव को समझने के लिए कौन-सा ज्ञान महत्त्वपूर्ण है? इस विषय पर अनुभव से बहुत-कुछ कहा जा सकता है, लेकिन पहले कुछ मुख्य बिंदु मुझे तुम लोगों को बताने चाहिए। परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव को समझने के लिए व्यक्ति को पहले परमेश्वर की भावनाओं को समझना
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 149](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-149.html) - शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करने के लिए पारंपरिक संस्कृति का उपयोग कैसे करता है क्या ऐसी कई चीज़ें हैं या क्या ऐसी कई चीज़ें नहीं हैं, जो पारंपरिक संस्कृति का अंग मानी जाती हैं? (हाँ, हैं।) इस "पारंपरिक संस्कृति" का अर्थ क्या है? कुछ लोग कहते हैं कि यह पूर्वजों से चली आती है—यह एक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 81](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-081-2.html) - परमेश्वर किसी भी युग में अपने कार्य को दोहराता नहीं है। चूँकि अंत के दिन आ गए हैं, इसलिए वह उस कार्य को करेगा, जो वह अंत के दिनों में करता है, और अंत के दिनों के अपने संपूर्ण स्वभाव को प्रकट करेगा। अंत के दिनों के बारे में बात करना एक पृथक् युग को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 82](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-082.html) - देह में उसका कार्य बहुत सार्थक है, यह कार्य के सम्बन्ध में कहा जाता है, और अंततः देहधारी परमेश्वर ही कार्य का समापन करता है, पवित्रात्मा नहीं। कुछ लोग मानते हैं कि परमेश्वर किसी अनजान समय पृथ्वी पर आकर लोगों को दिखाई दे सकता है, जिसके बाद वह व्यक्तिगत रूप से संपूर्ण मनुष्यजाति का न्याय
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 62](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-062.html) - समूचे विश्व में लोग मेरे दिन के आगमन का उत्सव मनाते हैं, और स्वर्गदूत जनसमूह के बीच चलते-फिरते हैं। जब शैतान परेशानियाँ पैदा करता है, तो स्वर्गदूत, स्वर्ग में अपनी सेवाओं की वजह से, सदैव मेरे लोगों की सहायता करते हैं। वे मानवीय कमज़ोरियों के कारण शैतान के द्वारा धोखा नहीं खाते हैं, बल्कि अंधकार
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 51](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-051.html) - सभी कलीसियाओं में परमेश्वर पहले से ही प्रकट हो चुका है। आत्मा बोल रहा है, वह एक प्रबल अग्नि है, उसमें महिमा है और वह न्याय कर रहा है; वह मनुष्य का पुत्र है, जो पाँवों तक का वस्त्र पहने हुए है और छाती पर सोने की पटुका बाँधे हुए है। उसके सिर और बाल
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 49](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-049-2.html) - पर्वत और नदियां बदल जाती हैं, धाराएं अपनी दिशा में बहती रहती हैं, और मनुष्य का जीवन उतना स्थायी नहीं होता जितना पृथ्वी और आकाश का। केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर का शाश्वत और पुनर्जीवित जीवन है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी शाश्वत रूप से चलता रहता है! सभी चीज़ें और घटनाएं उसके हाथों में हैं, और शैतान
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 45](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0045-2.html) - जब अंत के दिनों के दौरान उद्धारकर्त्ता का आगमन होता है, यदि उसे तब भी यीशु कहकर पुकारा जाता, और उसने एक बार फिर से यहूदिया में जन्म लिया होता, और यहूदिया में अपना काम किया होता, तो इससे यह प्रमाणित होता कि मैंने केवल इस्राएलियों की रचना की और केवल इस्राएलियों के लोगों को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 20](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0020.html) - व्यवस्था के युग के दौरान, यहोवा ने मूसा के लिए अनेक आज्ञाएँ निर्धारित की कि वह उन्हें उन इस्राएलियों के लिए आगे बढ़ा दे जिन्होंने मिस्र से बाहर उसका अनुसरण किया था। ये आज्ञाएँ यहोवा द्वारा इस्राएलियों को दी गई थीं, और उनका मिस्र के लोगों से कोई संबंध नहीं था; वे इस्राएलियों को नियन्त्रण
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 13](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0013-2.html) - छ: हजार वर्षों की प्रबंधन योजना के दौरान किया गया समस्त कार्य अब समाप्ति पर आ गया है। जब यह सब कार्य मनुष्यों पर प्रकट कर दिया जाता है और मनुष्यों के बीच कर दिया जाता है केवल उसके पश्चात् ही वे परमेश्वर के सम्पूर्ण स्वभाव और अस्तित्व को जानेंगे। जब इस चरण का कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 5](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0005.html) - मानवजाति के प्रबंधन करने के कार्य को तीन चरणों में बाँटा जाता है, जिसका अर्थ यह है कि मानवजाति को बचाने के कार्य को तीन चरणों में बाँटा जाता है। इन चरणों में संसार की रचना का कार्य समाविष्ट नहीं है, बल्कि ये व्यवस्था के युग, अनुग्रह के युग और राज्य के युग के कार्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 42](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0042-2.html) - क्या यीशु का नाम—"परमेश्वर हमारे साथ"—परमेश्वर के स्वभाव को उसकी समग्रता से व्यक्त करता है? क्या यह पूरी तरह से परमेश्वर को स्पष्ट कर सकता है? यदि मनुष्य कहता है कि परमेश्वर को केवल यीशु कहा जा सकता है, और उसका कोई अन्य नाम नहीं हो सकता क्योंकि परमेश्वर अपना स्वभाव नहीं बदल सकता, तो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 18](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0018.html) - वह कार्य जो यहोवा ने इस्राएलियों पर किया, उसने मानवजाति के बीच पृथ्वी पर परमेश्वर के मूल स्थान को स्थापित किया जो कि वह पवित्र स्थान भी था जहाँ वह उपस्थित रहता था। उसने अपने कार्य को इस्राएल के लोगों तक ही सीमित रखा। आरम्भ में, उसने इस्राएल के बाहर कार्य नहीं किया; उसके बजाए,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 10](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0010.html) - कार्य के तीनों चरण एक ही परमेश्वर के द्वारा किए गए थे; यही सबसे महान दर्शन है और परमेश्वर को जानने का एकमात्र मार्ग है। कार्य के तीनों चरण केवल स्वयं परमेश्वर के द्वारा ही किए गए हो सकते हैं, और कोई भी मनुष्य इस प्रकार का कार्य उसकी ओर से नहीं कर सकता है—कहने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 7](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0007.html) - कार्य के तीन चरण परमेश्वर के सम्पूर्ण कार्य का अभिलेख हैं, ये परमेश्वर द्वारा मानवजाति के उद्धार का अभिलेख हैं, और ये काल्पनिक नहीं हैं। यदि तुम लोग परमेश्वर के सम्पूर्ण स्वभाव के ज्ञान की वास्तव में खोज करना चाहते हो, तो तुम लोगों को परमेश्वर द्वारा किए गए कार्य के तीनों चरणों को अवश्य
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 143](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-143.html) - पीछे मुड़कर अपने अब तक के जीवन में उन सब कार्यों को देखो, जिन्हें परमेश्वर ने तुम्हारे विश्वास के इन सभी वर्षों में किया है। यह तुम्हारे भीतर गहरी या उथली कैसी भी भावनाएँ उभारे, पर क्या यह चीज़ तुम्हारे लिए सर्वाधिक आवश्यक नहीं थी? क्या यह वह चीज़ नहीं थी, जिसे प्राप्त करना तुम्हारे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 142](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-142.html) - कौन-सा प्रतिनिधि लक्षण मनुष्य पर शैतान के कार्य को चिह्नित करता है? तुम लोगों को अपने खुद के अनुभवों के माध्यम से इसे जानने में समर्थ होना चाहिए—यह शैतान का सबसे प्रतिनिधि लक्षण है, वह चीज़ जिसे वह सबसे ज्यादा करता है, वह चीज़ जिसे वह हर एक व्यक्ति के साथ करने की कोशिश करता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 141](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-141.html) - परमेश्वर ने मनुष्य की सृष्टि की और तब से उसने हमेशा मानव-जाति के जीवन का मार्गदर्शन किया है। चाहे मानव-जाति को आशीष देना हो, मनुष्य के लिए व्यवस्थाएँ और आज्ञाएँ जारी करना हो, या जीवन के लिए विभिन्न नियम निर्धारित करना हो, क्या तुम लोग जानते हो कि इन चीज़ों को करने में परमेश्वर का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 138](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-138.html) - मनुष्य के लिए यहोवा परमेश्वर की आज्ञा उत्पत्ति 2:15-17 तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को लेकर अदन की वाटिका में रख दिया, कि वह उसमें काम करे और उसकी रक्षा करे। और यहोवा परमेश्वर ने आदम को यह आज्ञा दी, "तू वाटिका के सब वृक्षों का फल बिना खटके खा सकता है; पर भले या
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 137](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-137.html) - परमेश्वर को अपने अद्वितीय स्वामी के रूप में स्वीकार करना उद्धार पाने का पहला कदम है परमेश्वर के अधिकार से संबंधित सत्य ऐसे सत्य हैं जिन्हें प्रत्येक व्यक्ति को गंभीरता से लेना चाहिए, अपने हृदय से अनुभव करना और समझना चाहिए; क्योंकि ये सत्य प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं; प्रत्येक व्यक्ति के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 136](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-136.html) - उस व्यक्ति के लिए उचित दृष्टिकोण और अभ्यास जो परमेश्वर के अधिकार के प्रति समर्पण करने की इच्छा रखता है किस दृष्टिकोण के साथ अब मनुष्य को परमेश्वर के अधिकार, और मनुष्य के भाग्य पर परमेश्वर की संप्रभुता के तथ्य को जानना और मानना चाहिए? यह एक वास्तविक समस्या है जो हर व्यक्ति के सामने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 134](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-134.html) - सृजनकर्ता की संप्रभुता को जानने के अवसर को मत छोड़ो अनेक दशक जो किसी मानव जीवन को बनाते हैं वे न तो लंबे होते हैं और न ही छोटे। जन्म और वयस्क होने के बीच के लगभग बीस वर्ष पलक झपकते ही बीत जाते हैं, और यद्यपि जीवन के इस मोड़ पर किसी व्यक्ति को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 133](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-133.html) - केवल सृजनकर्ता की संप्रभुता को स्वीकार करके ही कोई व्यक्ति उसकी ओर लौट सकता है जब किसी के पास सृजनकर्ता की संप्रभुता और उसकी व्यवस्थाओं का स्पष्ट ज्ञान और अनुभव नहीं होगा, तो भाग्य और मृत्यु के बारे में उसका ज्ञान आवश्यक रूप से असंगत होगा। लोग स्पष्ट रूप से नहीं देख सकते हैं कि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 131](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-131.html) - सृजनकर्ता के प्रभुत्व के अधीन आओ और शान्ति से मृत्यु का सामना करो जिस क्षण किसी व्यक्ति का जन्म होता है, तब एक एकाकी आत्मा पृथ्वी पर जीवन का अपना अनुभव आरंभ करती है, सृजनकर्ता के अधिकार का अपना अनुभव आरंभ करती है, जिसे सृजनकर्ता ने उसके लिए व्यवस्थित किया है। कहने की आवश्यकता नहीं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 130](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-130.html) - प्रसिद्धि और सौभाग्य की तलाश में बिताया गया जीवन व्यक्ति को मृत्यु के समय घबराहट में डाल देता है सृजनकर्ता की संप्रभुता और उसके द्वारा पूर्वनियति के कारण, एक एकाकी आत्मा को, जिसने शून्य से जीवन आरंभ किया था, माता-पिता और परिवार मिलता है, मानव जाति का एक सदस्य बनने का अवसर मिलता है, मानव
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 128](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-128.html) - केवल वही लोग सच्ची स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं जो सृजनकर्ता की संप्रभुता के प्रति समर्पण करते हैं क्योंकि लोग परमेश्वर के आयोजनों और परमेश्वर की संप्रभुता को नहीं पहचानते हैं, इसलिए वे हमेशा अवज्ञापूर्ण ढंग से, और एक विद्रोही दृष्टिकोण के साथ भाग्य का सामना करते हैं, और इस निरर्थक उम्मीद में कि वे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 127](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-127.html) - भाग्य पर विश्वास करना सृजनकर्ता की संप्रभुता के ज्ञान की जगह नहीं ले सकता है इतने वर्षों तक परमेश्वर का अनुयायी रहने के पश्चात्, क्या भाग्य के बारे में तुम लोगों के ज्ञान और सांसारिक लोगों के ज्ञान के बीच कोई आधारभूत अंतर है? क्या तुम लोग सही मायनों में सृजनकर्ता की पूर्वनियति को समझ
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 121](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-121.html) - सृष्टिकर्ता की संप्रभुता से मानवजाति का भाग्य और विश्व का भाग्य अविभाज्य हैं तुम सब वयस्क हो। तुम लोगों में से कुछ अधेड़-उम्र के हैं; कुछ लोग वृद्धावस्था में कदम रख चुके हैं। तुम लोग परमेश्वर पर विश्वास न करने से लेकर, उस पर विश्वास करने और परमेश्वर पर विश्वास करना शुरू करने से लेकर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 120](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-120.html) - वृहत् और सूक्ष्म-परिप्रेक्ष्य से परमेश्वर के अधिकार को समझना परमेश्वर का अधिकार अद्वितीय है। यह स्वयं परमेश्वर की विलक्षणता की अभिव्यक्ति है, उसका विशिष्ट सार है, स्वयं परमेश्वर की पहचान है, जो उसके द्वारा रचित या अरचित प्राणी के अधिकार में नहीं है; अर्थात्, केवल सृजनकर्त्ता के पास ही यह अधिकार है। यानी, केवल सृजनकर्त्ता—परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 119](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-119.html) - पाँच प्रकार के लोग मैं परमेश्वर के संबंध में उसके अनुयायियों की समझ और उसके धार्मिक स्वभाव के संबंध में उनकी समझ और अनुभव के अनुसार उनका विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकरण करूँगा, ताकि तुम लोग उस अवस्था को जान सको, जिसमें तुम लोग वर्तमान में हो, और साथ ही तुम लोग अपने वर्तमान आध्यात्मिक कद
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 118](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-118.html) - योना 4 यह बात योना को बहुत ही बुरी लगी, और उसका क्रोध भड़का। उसने यहोवा से यह कहकर प्रार्थना की, "हे यहोवा, जब मैं अपने देश में था, तब क्या मैं यही बात न कहता था? इसी कारण मैं ने तेरी आज्ञा सुनते ही तर्शीश को भाग जाने के लिये फुर्ती की; क्योंकि मैं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 117](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-117.html) - मानवजाति के प्रति सृष्टिकर्ता की सच्ची भावनाएँ लोग अक्सर कहते हैं कि परमेश्वर को जानना आसान बात नहीं है। किंतु मैं कहता हूँ कि परमेश्वर को जानना बिल्कुल भी कठिन बात नहीं है, क्योंकि परमेश्वर मनुष्य को बार-बार अपने कर्म दिखाता है। परमेश्वर ने कभी भी मनुष्य के साथ संवाद करना बंद नहीं किया है,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 146](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-146.html) - परमेश्वर के कार्य को जानना कोई आसान बात नहीं है। अपनी खोज में तुम्हारे पास मानक और एक उद्देश्य होना चाहिए, तुम्हें ज्ञात होना चाहिए कि सच्चे मार्ग को कैसे खोजें, यह कैसे मापें कि यह सच्चा मार्ग है या नहीं, और यह परमेश्वर का कार्य है या नहीं। सच्चे मार्ग की खोज करने में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 145](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-145.html) - तुम कैसे भी खोज करो, तुम्हें सर्वोपरि, परमेश्वर द्वारा आज किए जाने वाले कार्य और उसके महत्व को समझना चाहिए। तुम्हें यह अवश्य समझना और जानना चाहिए कि जब परमेश्वर अंत के दिनों में आता है तो वह कौन-सा कार्य लाता है, कैसा स्वभाव लेकर आता है, और मनुष्य में क्या चीज़ पूर्ण की जाएगी।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 136](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-136.html) - देहधारी परमेश्वर के कार्य में दो भाग शामिल हैं। जब वह पहली बार देह बना, तो लोगों ने उस पर विश्वास नहीं किया या उसे नहीं पहचाना, और उन्होंने यीशु को सलीब पर चढ़ा दिया। फिर, जब वह दूसरी बार देह बना, तो लोगों ने फिर भी उस पर विश्वास नहीं किया, और पहचाना तो
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 132](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-132.html) - इस बार, परमेश्वर कार्य करने आध्यात्मिक देह में नहीं, बल्कि एकदम साधारण देह में आया है। इसके अलावा, यह न केवल परमेश्वर के दूसरी बार देहधारण का देह है, बल्कि यह वही देह है जिसमें वह लौटकर आया है। यह बिलकुल साधारण देह है। इस देह में तुम ऐसा कुछ नहीं देख सकते जो इसे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 116](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-116.html) - सृष्टिकर्ता का धार्मिक स्वभाव वास्तविक और स्पष्ट है जब नीनवे के लोगों के प्रति परमेश्वर का हृदय-परिवर्तन हुआ, तो क्या उसकी दया और सहनशीलता एक दिखावा थी? बिलकुल नहीं! तो फिर परमेश्वर द्वारा इस एक स्थिति से निपटने के दौरान उसके स्वभाव के इन दो पहलुओं के बीच बदलाव से क्या दिखाया गया है? परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 111](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-111.html) - परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव को जानने के लिए व्यक्ति को अनुभव और कल्पना पर भरोसा नहीं करना चाहिए जब तुम स्वयं को परमेश्वर के न्याय और उसकी ताड़ना का सामना करते हुए पाते हो, तो क्या तुम कहोगे कि परमेश्वर का वचन मिलावटी है? क्या तुम कहोगे कि परमेश्वर के कोप के पीछे कोई कहानी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 110](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-110.html) - यद्यपि शैतान दयालु, न्यासंगत और सदाचारी प्रतीत होता है, फिर भी शैतान का सार निर्दयी और बुरा है शैतान लोगों को धोखा देकर अपनी प्रतिष्ठा बनाता है और अकसर खुद को धार्मिकता के अगुआ और आदर्श के रूप में स्थापित करता है। धार्मिकता की रक्षा की आड़ में वह लोगों को हानि पहुँचाता है, उनकी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 106](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-106.html) - परमेश्वर का सार स्वयं अधिकार को काम में लाता है, बल्कि वह पूर्ण रूप से उस अधिकार के प्रति समर्पित होने में सक्षम है जो उसकी ओर से आता है। चाहे वह पवित्र आत्मा का कार्य हो या देह का कार्य हो, दोनों में से किसी का भी एक दूसरे के साथ का टकराव नहीं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 104](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-104.html) - मैं ऐसा क्यों कहता हूँ कि देहधारण का अर्थ यीशु के कार्य में पूर्ण नहीं हुआ था? क्योंकि वचन पूरी तरह से देह नहीं बना था। यीशु ने जो किया वह देह में परमेश्वर के कार्य का केवल एक अंश ही था; उसने केवल छुटकारे का कार्य किया और मनुष्य को पूरी तरह से प्राप्त
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 103](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-103.html) - इस चरण में देहधारी परमेश्वर चाहे कठिनाइयाँ सह रहा हो या सेवकाई कर रहा हो, वह ऐसा केवल देहधारण के अर्थ को पूरा करने के लिए करता है, क्योंकि यह परमेश्वर का अंतिम देहधारण है। परमेश्वर केवल दो बार देहधारण कर सकता है। ऐसा तीसरी बार नहीं हो सकता। पहला देहधारण पुरुष था; दूसरा स्त्री,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 103](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-103.html) - हालाँकि मनुष्य भ्रष्ट हो चुका है, लेकिन वह अभी भी सृष्टिकर्ता के अधिकार की संप्रभुता के अधीन रहता है शैतान हजारों वर्षों से मनुष्य को भ्रष्ट कर रहा है। उसने मनुष्य में बेहिसाब बुराई गढ़ी है, पीढ़ी-दर-पीढ़ी उसे धोखा दिया है, और दुनिया में जघन्य अपराध किए हैं। उसने मनुष्य के साथ दुर्व्यवहार किया है,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 102](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-102.html) - सृष्टिकर्ता की पहचान अद्वितीय है और तुम्हें बहुईश्वरवाद के विचार का पालन नहीं करना चाहिए हालाँकि शैतान के कौशल और क्षमताएँ मनुष्य की तुलना में ज्यादा हैं, हालाँकि वह वे चीजें कर सकता है जो मनुष्य नहीं कर सकता, चाहे तुम शैतान के कार्यों से ईर्ष्या करो या उनकी आकांक्षा करो, चाहे तुम इन चीजों
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 102](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-102.html) - अपने पहले देहधारण में परमेश्वर ने देहधारण के कार्य को पूरा नहीं किया; उसने उस कार्य के पहले चरण को ही पूरा किया जिसे परमेश्वर के लिए देह में रहकर करना आवश्यक था। इसलिए, देहधारण के कार्य को समाप्त करने के लिए, परमेश्वर एक बार फिर देह में वापस आया है, और देह की समस्त
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 101](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-101.html) - कार्य आरंभ करने से पहले, यीशु सामान्य मानवता में रहता था। कोई नहीं कह सकता था कि वह परमेश्वर है, किसी को भी पता नहीं चला कि वह देहधारी परमेश्वर है; लोग उसे पूरी तरह से एक साधारण व्यक्ति ही समझते थे। उसकी सर्वथा सामान्य, साधारण मानवता इस बात का प्रमाण थी कि परमेश्वर ने
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 100](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-100.html) - पृथ्वी पर यीशु ने जो जीवन जिया वह देह में एक सामान्य जीवन था। उसने अपने देह का सामान्य जीवन जिया। अपना कार्य करना, वचन बोलना, या बीमार को चंगा करना और दुष्टात्माओं को निकालना, ऐसे असाधारण कार्य करने के उसके अधिकार ने स्वयं को तब तक प्रकट नहीं किया जब तक कि उसने अपनी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 99](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-099.html) - "देहधारण" परमेश्वर का देह में प्रकट होना है; परमेश्वर सृष्टि के मनुष्यों के मध्य देह की छवि में कार्य करता है। इसलिए, परमेश्वर को देहधारी होने के लिए, सबसे पहले देह बनना होता है, सामान्य मानवता वाला देह; यह सबसे मौलिक आवश्यकता है। वास्तव में, परमेश्वर के देहधारण का निहितार्थ यह है कि परमेश्वर देह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 98](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-098.html) - शैतान को परमेश्वर की आज्ञा अय्यूब 2:6 यहोवा ने शैतान से कहा, "सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना।" शैतान ने कभी सृष्टिकर्ता के अधिकार का उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं की है, और इस वजह से, सभी चीजें व्यवस्थित रहती हैं यह अय्यूब की पुस्तक का एक उद्धरण है, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 91](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-091.html) - परमेश्वर मनुष्य के साथ एक वाचा बाँधने के लिए अपने वचनों का उपयोग करता है उत्पत्ति 9:11-13 "और मैं तुम्हारे साथ अपनी यह वाचा बाँधता हूँ कि सब प्राणी फिर जल-प्रलय से नष्ट न होंगे : और पृथ्वी का नाश करने के लिये फिर जल-प्रलय न होगा।" फिर परमेश्वर ने कहा, "जो वाचा मैं तुम्हारे
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 90](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-090.html) - कोई भी सृजित और गैर-सृजित प्राणी सृष्टिकर्ता की पहचान का स्थान नहीं ले सकता है जब से उसने सब वस्तुओं की सृष्टि की शुरूआत की, परमेश्वर की सामर्थ्य प्रकट और प्रकाशित होने लगी थी, क्योंकि सब वस्तुओं को बनाने के लिए परमेश्वर ने अपने वचनों का इस्तेमाल किया था। चाहे उसने जिस भी रीति से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 93](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-093.html) - जो अंत के दिनों के दौरान परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के कार्य के दौरान अडिग रहने में समर्थ हैं—यानी, शुद्धिकरण के अंतिम कार्य के दौरान—वे लोग होंगे, जो परमेश्वर के साथ अंतिम विश्राम में प्रवेश करेंगे; वैसे, वे सभी जो विश्राम में प्रवेश करेंगे, शैतान के प्रभाव से मुक्त हो चुके होंगे और परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 80](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-080.html) - क्या अब तुम समझ गए हो कि न्याय क्या है और सत्य क्या है? अगर तुम समझ गए हो, तो मैं तुम्हें न्याय किए जाने के लिए आज्ञाकारी ढंग से समर्पित होने की नसीहत देता हूँ, वरना तुम्हें कभी भी परमेश्वर द्वारा सराहे जाने या उसके द्वारा अपने राज्य में ले जाए जाने का अवसर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 294](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-294.html) - जो लोग परमेश्वर के कार्य के उद्देश्य को नहीं समझते, वे परमेश्वर के विरुद्ध खड़े होते हैं, और जो लोग परमेश्वर के कार्य के उद्देश्य से अवगत होते हैं फिर भी परमेश्वर को संतुष्ट करने का प्रयास नहीं करते, वे तो परमेश्वर के और भी बड़े विरोधी होते हैं। ऐसे भी लोग हैं जो बड़ी-बड़ी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा | अंश 293](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-religious-notions-excerpt-293.html) - परमेश्वर के कार्य का उद्देश्य, मनुष्यों में उसका कार्य जो प्रभाव प्राप्त करता है, और मनुष्य के प्रति परमेश्वर की जो इच्छा है : इन्हीं बातों को हर उस व्यक्ति को समझना चाहिए जो परमेश्वर का अनुसरण करता है। आजकल सभी इंसानों में परमेश्वर के कार्य के ज्ञान का अभाव है। परमेश्वर ने इंसान पर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 79](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-079.html) - न्याय का कार्य परमेश्वर का अपना कार्य है, इसलिए स्वाभाविक रूप से इसे परमेश्वर द्वारा ही किया जाना चाहिए; उसकी जगह इसे मनुष्य द्वारा नहीं किया जा सकता। चूँकि न्याय सत्य के माध्यम से मानवजाति को जीतना है, इसलिए परमेश्वर निःसंदेह अभी भी मनुष्यों के बीच इस कार्य को करने के लिए देहधारी छवि के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 58](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-058.html) - यह पूरी तरह से मेरे अनुग्रह और मेरी दया के माध्यम से ही है कि मेरा रहस्य प्रकट और खुले तौर पर व्यक्त होता है, अब और छुपा नहीं है। इसके अतिरिक्त, मेरे वचन का मनुष्यों के बीच प्रकट होना, अब इसका छुपा न होना भी मेरे अनुग्रह और मेरी दया के कारण है। मैं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 89](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-089.html) - सृष्टिकर्ता के अधिकार के अधीन, सभी चीजें पूर्ण हैं परमेश्वर के द्वारा सचल और अचल समेत सब वस्तुओं की सृष्टि की गई, जैसे पक्षी और मछलियाँ, जैसे वृक्ष और फूल, जिसमें मवेशी, कीड़े-मकौड़े, और छठे दिन बनाए गए जंगली जानवर भी शामिल थे—वे सभी परमेश्वर की निगाह में अच्छे थे और इसके अतिरिक्त, परमेश्वर की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 82](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-082.html) - जिस दौरान प्रभु यीशु ने देह में रहकर काम किया, उसके अधिकतर अनुयायी उसकी पहचान और उसके द्वारा कही गई चीज़ों को पूरी तरह से सत्यापित नहीं कर सके। जब वह सूली की ओर बढ़ रहा था, तो उसके अनुयायियों का रवैया पर्यवेक्षण का था। फिर, उसे सूली पर चढ़ाए जाने से लेकर क़ब्र में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 81](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-081.html) - अपने पुनरुत्थान के बाद यीशु रोटी खाता है और पवित्रशास्त्र समझाता है लूका 24:30-32 जब वह उनके साथ भोजन करने बैठा, तो उसने रोटी लेकर धन्यवाद किया और उसे तोड़कर उनको देने लगा। तब उनकी आँखें खुल गईं; और उन्होंने उसे पहचान लिया, और वह उनकी आँखों से छिप गया। उन्होंने आपस में कहा, "जब
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 73](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-073.html) - परमेश्वर मौन है, और हमारे सामने कभी प्रकट नहीं हुआ, फिर भी उसका कार्य कभी नहीं रुका है। वह पूरी पृथ्वी का सर्वेक्षण करता है, हर चीज़ पर नियंत्रण रखता है, और मनुष्य के सभी वचनों और कर्मों को देखता है। वह अपना प्रबंधन नपे-तुले कदमों के साथ और अपनी योजना के अनुसार, चुपचाप और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 74](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-074.html) - जब परमेश्वर देह बनता है और मानवजाति के बीच रहता है, तो वह किस प्रकार की पीड़ा अनुभव करता है? क्या कोई सचमुच इस बात को समझता है? कुछ लोग कहते हैं कि परमेश्वर बड़ी पीड़ा सहता है, और यद्यपि वह स्वयं परमेश्वर है, फिर भी लोग उसके सार को नहीं समझते और हमेशा उसके
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 71](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-071.html) - सात बार के सत्तर गुने तक क्षमा करो मत्ती 18:21-22 तब पतरस ने पास आकर उस से कहा, "हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूँ? क्या सात बार तक?" यीशु ने उससे कहा, "मैं तुझ से यह नहीं कहता कि सात बार तक वरन् सात बार के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 63](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-063.html) - यदि लोग जिसके बारे में जानते हैं या जिसकी समझ प्राप्त करते हैं, वह परमेश्वर का स्वभाव और उसका स्वरूप है, तो वे जो प्राप्त करते हैं, वह जीवन होगा जो परमेश्वर से आता है। जब यह जीवन तुम्हारे भीतर गढ़ दिया जाएगा, तो तुममें परमेश्वर का भय अधिक से अधिक होता जाएगा। यह एक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 53](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-053.html) - परमेश्वर की परीक्षाओं को स्वीकार करो, शैतान के प्रलोभनों पर विजय प्राप्त करो, और परमेश्वर को तुम्हारा संपूर्ण अस्तित्व प्राप्त करने दो मनुष्य के चिरकालिक भरण-पोषण और सहारे के अपने कार्य के दौरान, परमेश्वर अपनी इच्छा और अपेक्षाएँ मनुष्य को संपूर्णता में बताता है, और मनुष्य को अपने कर्म, स्वभाव, और वह जो है और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 466](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-466.html) - यद्यपि तुम लोगों का विश्वास बहुत सच्चा है, फिर भी तुम लोगों में से कोई भी मेरा पूर्ण विवरण दे पाने में समर्थ नहीं है, कोई भी उन सारे तथ्यों की पूर्ण गवाही नहीं दे सकता जिन्हें तुम देखते हो। इसके बारे में सोचो : आज तुम लोगों में से ज्यादातर अपने कर्तव्यों में लापरवाह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 70](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-070.html) - खोई हुई भेड़ का दृष्टांत मत्ती 18:12-14 तुम क्या सोचते हो? यदि किसी मनुष्य की सौ भेड़ें हों, और उनमें से एक भटक जाए, तो क्या वह निन्यानबे को छोड़कर, और पहाड़ों पर जाकर, उस भटकी हुई को न ढूँढ़ेगा? और यदि ऐसा हो कि उसे पाए, तो मैं तुम से सच कहता हूँ कि
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 435](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-435.html) - तुम कितनी धार्मिक परम्पराओं का पालन करते हो? कितनी बार तुमने परमेश्वर के वचन के खिलाफ विद्रोह किया है और अपने तरीके से चले हो? कितनी बार तुम परमेश्वर के वचनों को इसलिए अभ्यास में लाए हो क्योंकि तुम उसके भार के बारे में सच में विचारशील हो और उसकी इच्छा पूरी करना चाहते हो?
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : अंत के दिनों में न्याय | अंश 97](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-in-the-last-days-excerpt-097.html) - सिय्योन! ख़ुशी मनाओ! सिय्योन! गाओ-बजाओ! मैं जीतकर लौटा हूँ, मैं विजयी होकर लौटा हूँ! सभी लोगो! जल्दी से सही ढंग से पंक्तिबद्ध हो जाओ! सृष्टि की सभी चीज़ो! अब रुक जाओ, क्योंकि मेरा व्यक्तित्व पूरे ब्रह्मांड के सामने है और दुनिया के पूर्व में प्रकट हो रहा है! कौन आराधना में घुटने नहीं टेकने का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 410](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-410.html) - परमेश्वर पर विश्वास करने के लिए तुम्हारे इरादों और विचारों का सही होना आवश्यक है; तुम्हें परमेश्वर के वचनों, परमेश्वर के कार्य, परमेश्वर द्वारा व्यवस्थित समस्त वातावरण, वह व्यक्ति जिसके लिए परमेश्वर गवाही देता है, और व्यावहारिक परमेश्वर की सही समझ और उनके प्रति व्यवहार का सही तरीका होना आवश्यक है। तुम्हें अपने विचारों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 61](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-061.html) - जब पूर्व से बिजली चमकती है, जो कि निश्चित रूप से वो क्षण भी होता है जब मैं बोलना आरम्भ करता हूँ—जब बिजली चमकती है, तो संपूर्ण ब्रह्मांड रोशन हो उठता है, और सभी तारों का रूपान्तरण हो जाता है। मानो पूरी मानवजाति को निपटा दिया जा चुका हो। पूर्व से आने वाले इस प्रकाश
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 60](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-060-2.html) - मानवजाति में प्रत्येक व्यक्ति को मेरे आत्मा के अवलोकन को स्वीकार करना चाहिए, अपने हर वचन और कार्य की बारीकी से जाँच करनी चाहिए, और इसके अलावा, मेरे चमत्कारिक कर्मों पर विचार करना चाहिए। पृथ्वी पर राज्य के आगमन के समय तुम लोग कैसा महसूस करते हो? जब मेरे पुत्र एवं लोग मेरे सिंहासन की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 76](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-076.html) - जब तुम परमेश्वर के विचारों और मानवजाति के प्रति उसके रवैये को समझने में वास्तव में समर्थ होते हो, जब तुम प्रत्येक प्राणी के प्रति परमेश्वर की भावनाओं और चिंता को वास्तव में समझ सकते हो, तब तुम सृजनकर्ता द्वारा सृजित हर एक मनुष्य पर व्यय की गई उसकी लगन और प्रेम को समझने में
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 72](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-072.html) - जिस किसी ने भी बाइबल पढ़ी है, वह जानता है कि जब प्रभु यीशु का जन्म हुआ था, तो बहुत-सी चीज़ें घटित हुई थीं। उन घटनाओं में से सबसे बड़ी थी शैतानों के राजा द्वारा उसका शिकार किया जाना, जो इतनी चरम घटना थी कि उस क्षेत्र के दो वर्ष या उससे कम उम्र के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 69](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-069.html) - प्रभु यीशु द्वारा अनुग्रह के युग में पूर्ण किए गए कार्य के दायरे में तुम परमेश्वर के स्वरूप का एक अन्य पहलू देख सकते हो। यह पहलू उसके देह के द्वारा व्यक्त किया गया था, और उसकी मानवता के कारण लोग उसे देखने और समझने में सक्षम थे। मनुष्य के पुत्र में लोगों ने देखा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 68](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-068.html) - क्या तुम लोगों की सत्य की समझ तुम्हारी अपनी अवस्थाओं के साथ एकीकृत है? वास्तविक जीवन में तुम्हें पहले यह सोचना होगा कि कौन-से सत्य तुम्हारे सामने आए लोगों, घटनाओं और चीज़ों से संबंध रखते हैं; इन्हीं सत्यों के बीच तुम परमेश्वर की इच्छा तलाश सकते हो और अपने सामने आने वाली चीज़ों को उसकी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 67](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-067.html) - "मनुष्य का पुत्र तो सब्त के दिन का भी प्रभु है" वाक्य लोगों को बताता है कि परमेश्वर से संबंधित हर चीज़ भौतिक प्रकृति की नहीं है, और यद्यपि परमेश्वर तुम्हारी सारी भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकता है, लेकिन जब तुम्हारी सारी भौतिक आवश्यकताएँ पूरी कर दी जाती हैं, तो क्या इन चीज़ों से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 245](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-245.html) - परमेश्वर का स्वभाव एक ऐसा विषय है, जो सबको बहुत अमूर्त लगता है, और इतना ही नहीं, लोगों के लिए इसे स्वीकार करना आसान नहीं है, क्योंकि उसका स्वभाव मनुष्यों के व्यक्तित्व के समान नहीं है। परमेश्वर में भी आनंद, क्रोध, दुःख और खुशी की भावनाएँ होती हैं, किंतु ये भावनाएँ मनुष्यों की भावनाओं से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 56](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-056-2.html) - सर्वशक्तिमान सच्चा परमेश्वर, सिंहासन पर विराजमान राजा, सभी राष्ट्रों और सभी लोगों के सामने, पूरे ब्रह्मांड पर शासन करता है, और स्वर्ग के नीचे सब-कुछ परमेश्वर की महिमा से चमकता है। ब्रह्मांड में और पृथ्वी के अंतिम छोर तक सभी जीवित प्राणी देखेंगे। सच्चे परमेश्वर के चेहरे के प्रकाश में पर्वतों, नदियों, झीलों, मैदानी इलाकों,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 64](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-064.html) - यदि हम परमेश्वर के स्वरूप को और अधिक समझना चाहते हैं, तो हम पुराने नियम या व्यवस्था के युग पर नहीं रुक सकते—हमें परमेश्वर द्वारा अपने कार्य में उठाए गए कदमों का अनुसरण करते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है। इसलिए, जिस प्रकार परमेश्वर ने व्यवस्था के युग का अंत और अनुग्रह के युग का
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 65](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-065.html) - मत्ती 12:1 उस समय यीशु सब्त के दिन खेतों में से होकर जा रहा था, और उसके चेलों को भूख लगी तो वे बालें तोड़-तोड़कर खाने लगे। मत्ती 12:6-8 पर मैं तुम से कहता हूँ कि यहाँ वह है जो मन्दिर से भी बड़ा है। यदि तुम इसका अर्थ जानते, "मैं दया से प्रसन्न होता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 58](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-058.html) - परमेश्वर के परीक्षणों के बारे में कोई गलतफहमी नहीं रखो अय्यूब की परीक्षाओं के अंत के बाद उसकी गवाही को प्राप्त करने के पश्चात्, परमेश्वर ने यह दृढ़ निश्चय किया था कि वह अय्यूब के समान एक समूह—या एक से अधिक समूह—को हासिल करेगा, फिर भी उसने यह दृढ़ निश्चय किया था कि वह फिर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 229](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-229.html) - देशों में बड़ी अराजकता है, क्योंकि परमेश्वर की छड़ी ने पृथ्वी पर अपनी भूमिका निभानी शुरू कर दी है। परमेश्वर का कार्य पृथ्वी की स्थिति में देखा जा सकता है। जब परमेश्वर कहता है "पानी गरजेंगे, पहाड़ गिर जायेंगे, बड़ी-बड़ी नदियाँ विभाजित हो जायेंगी," तो यह पृथ्वी पर छड़ी का आरंभिक कार्य है, जिसके परिणामस्वरूप
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 69](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-appearance-and-work-excerpt-069.html) - किसी को भी यह विश्वास नहीं कि वह मेरी महिमा देख पाएगा, और मैं उन्हें मजबूर नहीं करता, बल्कि मैं मानवजाति के बीच से अपनी महिमा हटा लूँगा और उसे दूसरी दुनिया में ले जाऊँगा। जब मनुष्य एक बार फिर पश्चात्ताप करेगा, तब मैं अपनी महिमा आस्था रखने वाले और अधिक लोगों को दिखाऊँगा। यही
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 213](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-213.html) - विजय प्राप्त करने का मुख्य लक्ष्य मानवता को शुद्ध करना है, ताकि मनुष्य सत्य को धारण कर सके, क्योंकि मनुष्य सत्य को बहुत कम समझता है! ऐसे लोगों पर विजय पाने का कार्य करने का गहनतम अर्थ है। तुम सभी लोग अंधकार के प्रभाव में आ गए हो और तुम्हें गहरा नुकसान पहुँचा है। अत:
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 135](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-135-2.html) - आज, व्यावहारिक परमेश्वर के बारे में लोगों का ज्ञान बहुत एकतरफा है, और देहधारण के अर्थ के बारे में उनकी समझ अभी भी बहुत कम है। परमेश्वर के देह के साथ, लोग उसके कार्य और वचनों के माध्यम से देखते हैं कि परमेश्वर के पवित्रात्मा में इतना कुछ शामिल है, कि वह इतना समृद्ध है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 134](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-134-2.html) - तुम्हें व्यावहारिक परमेश्वर के बारे में क्या पता होना चाहिए? पवित्रात्मा, व्यक्ति और वचन स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर को बनाते हैं; और यही स्वयं व्यावहारिक परमेश्वर का वास्तविक अर्थ है। यदि तुम सिर्फ़ व्यक्ति को जानते हो—यदि तुम उसकी आदतों और उसके व्यक्तित्व को जानते हो—लेकिन पवित्रात्मा के कार्य को नहीं जानते, या यह नहीं जानते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 131](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-131-2.html) - परमेश्वर पूरे ब्रह्मांड और ऊपर के राज्य में महानतम है, तो क्या वह देह की छवि का उपयोग करके स्वयं को पूरी तरह से समझा सकता है? परमेश्वर अपने कार्य के एक चरण को करने के लिए देह के वस्त्र पहनता है। देह की इस छवि का कोई विशेष अर्थ नहीं है, यह युगों के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 128](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-128.html) - परमेश्वर मनुष्यों के बीच अपना कार्य करने, मनुष्य पर स्वयं को व्यक्तिगत रूप से प्रकट करने और उसे स्वयं को देखने देने के लिए पृथ्वी पर आया है; क्या यह कोई साधारण मामला है? यह वास्तव में सरल नहीं है! यह ऐसा नहीं है, जैसा कि मनुष्य कल्पना करता है : कि परमेश्वर आ गया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 329](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-329-2.html) - पहले, जब परमेश्वर स्वर्ग में था, तब मनुष्य ने इस तरह कार्य किया, जो परमेश्वर के प्रति धोखा था। आज परमेश्वर मनुष्य के बीच में है—कोई नहीं जानता कि कितने वर्ष हो गए हैं—फिर भी कार्य करते हुए मनुष्य प्रवृत्तियों से गुज़र रहा है और परमेश्वर को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहा है। क्या
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 328](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-328-2.html) - इस बात का निरीक्षण करना कि तुम जो कुछ भी करते हो, क्या उसमें धार्मिकता का अभ्यास करते हो, और क्या तुम्हारी समस्त क्रियाओं की परमेश्वर द्वारा निगरानी की जाती है : यह वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा परमेश्वर में विश्वास करने वाले लोग अपने कार्य करते हैं। तुम लोग धर्मी कहलाओगे, क्योंकि तुम लोग
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप | अंश 232](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is-excerpt-232.html) - मैं धार्मिक हूँ, मैं विश्वासयोग्य हूँ, और मैं वो परमेश्वर हूँ जो मनुष्यों के अंतरतम हृदय की जाँच करता है! मैं एक क्षण में इसे प्रकट कर दूँगा कि कौन सच्चा और कौन झूठा है। घबराओ मत; सभी चीजें मेरे समय के अनुसार काम करती हैं। कौन मुझे ईमानदारी से चाहता है और कौन नहीं—मैं
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 196](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-196.html) - मानव जाति के कार्य के लिए परमेश्वर ने बहुत सारी रातों को बिना नींद के गुजारना सहन किया है। बहुत ऊपर से सबसे नीची गहराई तक, जीवित नरक में जहाँ मनुष्य रहता है, वह मनुष्य के साथ अपने दिन गुजारने के लिए उतर आया है, कभी भी मनुष्य के बीच फटेहाली की शिकायत नहीं की
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 189](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-189.html) - कई हज़ार वर्षों की परमेश्वर की योजना में, कार्य के दो भाग देह में किए गए हैं : पहला है सलीब पर चढ़ाए जाने का कार्य, जिसके लिए वह महिमा प्राप्त करता है; दूसरा है अंत के दिनों में विजय और पूर्णता का कार्य, जिसके लिए वह महिमा प्राप्त करता है। यही परमेश्वर का प्रबंधन
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 325](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-325.html) - कुछ लोग सत्य में आनंदित नहीं होते, न्याय में तो बिल्कुल भी नहीं। इसके बजाय, वे सामर्थ्य और संपत्तियों में आनंदित होते हैं; ऐसे लोग सामर्थ्य चाहने वाले कहे जाते हैं। वे केवल दुनिया के प्रभावशाली संप्रदायों को, और सेमिनरीज से आने वाले पादरियों और शिक्षकों को खोजते हैं। हालाँकि उन्होंने सत्य के मार्ग को
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 130](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-130.html) - यीशु और मैं एक ही पवित्रात्मा से आते हैं। यद्यपि हमारे देह एक-दूसरे से जुड़े नहीं है, किन्तु हमारा आत्मा एक ही है; यद्यपि हमारे कार्य की विषयवस्तु और हम जो कार्य करते हैं, वे एक नहीं हैं, तब भी सार रूप में हम समान हैं; हमारे देह भिन्न रूप धारण करते हैं, लेकिन यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : देहधारण | अंश 129](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/the-incarnation-excerpt-129.html) - परमेश्वर द्वारा किए गए कार्य के प्रत्येक चरण के अपने व्यवहारिक मायने हैं। जब यीशु का आगमन हुआ, तो वह पुरुष रूप में आया, लेकिन इस बार के आगमन में परमेश्वर, स्त्री रूप में आता है। इससे तुम देख सकते हो कि परमेश्वर द्वारा पुरुष और स्त्री, दोनों का ही सृजन उसके काम के लिए
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 216](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-216.html) - परमेश्वर का प्रबंधन-कार्य संसार की उत्पत्ति से प्रारंभ हुआ, और मनुष्य इस कार्य के केंद्र में है। ऐसा कहा जा सकता है कि परमेश्वर द्वारा सभी चीज़ों की सृष्टि मनुष्य के लिए ही है। चूँकि उसके प्रबंधन का कार्य हज़ारों सालों में फैला हुआ है, और वह केवल एक ही मिनट या सेकंड के अंतराल
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 207](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-207.html) - आज ऐसे लोग हैं, जो अभी भी नहीं समझते कि परमेश्वर ने कौन-सा नया कार्य आरंभ किया है। अन्यजाति-राष्ट्रों में परमेश्वर ने एक नई शुरुआत की है। उसने एक नयाa c युग प्रारंभ किया है, और एक नया कार्य शुरू किया है—और वह इस कार्य को मोआब के वंशजों पर कर रहा है। क्या यह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 39](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0039-2.html) - अनुग्रह का युग यीशु के नाम से शुरू हुआ। जब यीशु ने अपनी सेवकाई आरंभ की, तो पवित्र आत्मा ने यीशु के नाम की गवाही देनी आरंभ कर दी, और यहोवा का नाम बोला जाना अब बंद हो गया; इसके बजाय, पवित्र आत्मा ने मुख्य रूप से यीशु के नाम से नया कार्य आरंभ किया।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 19](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-019.html) - परमेश्वर जिन्हें स्वीकार नहीं करता कुछ लोगों के विश्वास को परमेश्वर के हृदय ने कभी स्वीकार नहीं किया है। दूसरे शब्दों में, परमेश्वर यह नहीं मानता कि ये लोग उसके अनुयायी हैं, क्योंकि परमेश्वर उनके विश्वास की प्रशंसा नहीं करता। क्योंकि ये लोग, भले ही कितने ही वर्षों से परमेश्वर का अनुसरण करते रहे हों,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 367](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-367.html) - समस्त मनुष्य आत्मज्ञान से रहित प्राणी हैं, और वे स्वयं को जानने में असमर्थ हैं। फिर भी, वे अन्य सभी को बहुत करीब से जानते हैं, मानो दूसरों के द्वारा की और कही गई हर चीज़ का "निरीक्षण" पहले उन्होंने ही ठीक उन्हीं के सामने किया हो और करने से पहले उनका अनुमोदन प्राप्त किया
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 394](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-394.html) - परमेश्वर के प्रति अपने विश्वास में लोगों का सबसे बड़ा दोष यह है कि उनका विश्वास केवल शाब्दिक होता है, और परमेश्वर उनके रोजमर्रा के जीवन से पूरी तरह अनुपस्थित होता है। दरअसल सभी लोग परमेश्वर के अस्तित्व में विश्वास तो करते हैं, लेकिन परमेश्वर उनके दैनिक जीवन का हिस्सा नहीं होता। परमेश्वर से बहुत
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 393](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-393.html) - सभी मनुष्यों के साथ एक आम समस्या यह है कि वे सत्य को समझते तो हैं लेकिन उसे अभ्यास में नहीं ला पाते। ऐसा इसलिए है कि एक तरफ वे इसकी कीमत चुकाने के लिए तैयार नहीं हैं, तो दूसरी तरफ, उनकी सूझ-बूझ बहुत अपर्याप्त है; वे दैनिक जीवन की बहुत सारी कठिनाइयों के असली
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 392](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-392.html) - अतीत में, अनेक लोगों ने अनियंत्रित महत्वाकांक्षा और धारणाओं के साथ खोज की, उन्होंने अपनी आशाओं के परिणामस्वरूप खोज की। फिलहाल ऐसे मुद्दे एक तरफ़ रख देते हैं; अभी सबसे महत्वपूर्ण है अभ्यास का ऐसा तरीका खोजना, जो तुम लोगों में से प्रत्येक को परमेश्वर के सम्मुख सामान्य स्थिति बनाए रखने और धीरे-धीरे शैतान के
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 18](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-018.html) - परमेश्वर का भय मानने का आरंभिक बिन्दु उसके साथ परमेश्वर के समान व्यवहार करना है अभी थोड़ी देर पहले, किसी ने एक प्रश्न उठाया था : ऐसा कैसे है कि हम परमेश्वर के बारे में अय्यूब से अधिक जानते हैं, फिर भी हम परमेश्वर का आदर नहीं कर पाते? हमने पहले ही इस मामले पर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 17](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-017.html) - मनुष्य का भाग्य परमेश्वर के प्रति उसकी प्रवृत्ति से निर्धारित होता है परमेश्वर एक जीवित परमेश्वर है, और जैसे लोग भिन्न-भिन्न स्थितियों में भिन्न-भिन्न तरीकों से बर्ताव करते हैं, वैसे ही इन बर्तावों के प्रति परमेश्वर की प्रवृत्ति भी भिन्न-भिन्न होती है क्योंकि वह न तो कोई कठपुतली है, और न ही वह शून्य है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 391](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/entry-into-life-excerpt-391.html) - मनुष्य ने जब पहली बार परमेश्वर पर विश्वास करना शुरू किया था, तब से उसने क्या पाया है? तुमने परमेश्वर के बारे में क्या जाना है? परमेश्वर पर अपने विश्वास के कारण तुम कितने बदले हो? आज, तुम सभी लोग यह जानते हो कि परमेश्वर में मनुष्य का विश्वास सिर्फ आत्मा के उद्धार और देह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 14](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-014.html) - मनुष्य के परिणाम कौन निर्धारित करता है? चर्चा करने के लिए एक और बेहद महत्वपूर्ण मामला है, और वह है परमेश्वर के प्रति तुम्हारी प्रवृत्ति। यह प्रवृत्ति बेहद अहम है! इससे यह निर्धारित होगा कि तुम लोग विनाश की ओर जाओगे, या उस सुन्दर मंज़िल की ओर जिसे परमेश्वर ने तुम्हारे लिए तैयार किया है।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 13](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-013.html) - परमेश्वर की प्रवृत्ति को समझो और परमेश्वर के बारे में सभी गलत धारणाओं को छोड़ दो आज जिस परमेश्वर पर तुम लोग विश्वास करते हो, वह किस तरह का परमेश्वर है? क्या तुम लोगों ने कभी इस बारे में सोचा है कि यह किस प्रकार का परमेश्वर है? जब वह किसी दुष्ट व्यक्ति को दुष्ट
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 12](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-012.html) - परमेश्वर का अनुसरण करते समय, लोग परमेश्वर की इच्छा, विचारों और मनुष्य के प्रति उसकी प्रवृत्ति पर कभी-कभार ही ध्यान देते हैं। लोग परमेश्वर के विचारों को नहीं समझते, अतः जब परमेश्वर के इरादों और स्वभाव पर प्रश्न पूछे जाते हैं, तो तुम लोग हड़बड़ा जाते हो; फिर गहरी अनिश्चितता की स्थिति में पड़ जाते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 358](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-358.html) - जल्द ही, मेरा कार्य पूरा हो जाएगा। कई वर्ष जो हमने एक साथ बिताए हैं वे असहनीय यादें बन गए हैं। मैंने अनवरत अपने वचनों को दोहराया है और हमेशा अपने नये कार्य को प्रसारित किया है। निस्संदेह, मैं जो कार्य करता हूँ उसके प्रत्येक अंश में मेरी सलाह एक आवश्यक घटक है। मेरी सलाह
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 357](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-357.html) - हालाँकि परमेश्वर का प्रबंधन गहरा है, पर यह मनुष्य की समझ से परे नहीं है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि परमेश्वर का संपूर्ण कार्य उसके प्रबंधन और मनुष्य के उद्धार के कार्य से जुड़ा हुआ है, और मानवजाति के जीवन, रहन-सहन और मंज़िल से संबंध रखता है। परमेश्वर मनुष्य के मध्य और उनपर जो कार्य करता
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 356](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-356.html) - तुम्हारे दिल में एक बहुत बड़ा रहस्य है, जिसके बारे में तुमने कभी नहीं जाना है, क्योंकि तुम एक प्रकाशविहीन दुनिया में रह रहे हो। तुम्हारा दिल और तुम्हारी आत्मा शैतान द्वारा छीन लिए गए हैं। तुम्हारी आँखें अंधकार से धुंधला गई हैं, तुम न तो आकाश में सूर्य को देख सकते हो और न
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 347](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-347.html) - तुम लोगों की देह, तुम लोगों की असाधारण इच्छाएँ, तुम लोगों का लोभ और तुम लोगों की वासना तुम लोगों में गहराई तक जमी हुई हैं। ये चीजें तुम लोगों के हृदयों को निरंतर इतना नियंत्रित कर रही हैं कि तुम लोगों में अपने उन सामंती और पतित विचारों के जुए को अपने ऊपर से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 345](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-345-2.html) - यद्यपि तुम युवा लोग जवान शेरों के समान हो, पर तुम्हारे दिलों में शायद ही सच्चा मार्ग है। तुम्हारा यौवन तुम लोगों को मेरे अधिक कार्य का हकदार नहीं बनाता; उलटे तुम हमेशा अपने प्रति मेरी घृणा को भड़काते हो। यद्यपि तुम लोग युवा हो, लेकिन तुम लोगों में या तो जीवन-शक्ति की या फिर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : इंसान की भ्रष्टता का खुलासा | अंश 343](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/exposing-mankind-s-corruption-excerpt-343.html) - मैंने पृथ्वी पर बहुत अधिक कार्य किया है और मैं बहुत वर्षों तक मानव-जाति के बीच चला हूँ, फिर भी लोगों को मेरे स्वरूप और स्वभाव का शायद ही कभी ज्ञान होता है, और कुछ ही लोग उस कार्य के बारे में बता सकते हैं, जो मैं करता हूँ। लोगों में बहुत चीज़ों की कमी
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर के कार्य को जानना | अंश 205](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-s-work-excerpt-205.html) - तुम लोगों को अपना सर्वस्व मेरे कार्य के लिए अर्पित कर देना चाहिए। तुम्हें वह कार्य करना चाहिए, जिससे मुझे लाभ हो। मैं तुम लोगों को वह सब समझाने के लिए तैयार हूँ, जो तुम लोग नहीं समझते, ताकि तुम लोग मुझसे वह सब प्राप्त कर सको, जिसका तुम लोगों में अभाव है। यद्यपि तुम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 43](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0043-2.html) - जब यीशु अपना कार्य करने के लिए आया, तो यह पवित्र आत्मा के निर्देशन के तहत था; उसने उस तरह किया, जिस तरह पवित्र आत्मा चाहता था, न कि पुराने विधान के व्यवस्था के युग के अनुसार या यहोवा के कार्य के अनुसार। यद्यपि यीशु जिस कार्य को करने के लिए आया था, वह यहोवा
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 40](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0040-2.html) - हर बार जब परमेश्वर पृथ्वी पर आता है, तो वह अपना नाम, अपना लिंग, अपनी छवि और अपना कार्य बदल देता है; वह अपने कार्य को दोहराता नहीं है। वह ऐसा परमेश्वर है, जो हमेशा नया रहता है और कभी पुराना नहीं पड़ता। जब वह पहले आया, तो उसे यीशु कहा गया; जब वह इस
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 11](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-011.html) - परमेश्वर मनुष्य के परिणाम और परिणाम-निर्धारण के मानकों को कैसे तय करता है इससे पहले कि तुम्हारा अपना कोई दृष्टिकोण या निष्कर्ष हो, तुम्हें सबसे पहले अपने प्रति परमेश्वर की प्रवृत्ति को और वह क्या सोच रहा है, इसे समझना चाहिए, और तब तुम्हें निर्णय लेना चाहिए कि तुम्हारी सोच सही है या नहीं। परमेश्वर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 10](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-010.html) - परमेश्वर का भय न मानना और बुराई से दूर न रहना परमेश्वर का विरोध करना है आज तुम लोग परमेश्वर के आमने-सामने हो, और परमेश्वर के वचन के आमने-सामने हो; परमेश्वर के बारे में तुम लोगों का ज्ञान अय्यूब के ज्ञान की तुलना में बहुत अधिक है। मैं यह बात क्यों कह रहा हूँ? ये
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 9](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-009.html) - परमेश्वर विभिन्न परीक्षणों से जाँच करता है कि लोग परमेश्वर का भय मानते और बुराई से दूर रहते हैं या नहीं हर युग में, जब परमेश्वर संसार में कार्य करता है तब वह मनुष्य को कुछ वचन प्रदान करता है, और उन्हें कुछ सत्य बताता है। ये सत्य ऐसे मार्ग के रूप में कार्य करते
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 8](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-008.html) - परमेश्वर के मार्ग पर चलो : परमेश्वर का भय मानो और बुराई से दूर रहो एक कहावत है जिस पर तुम लोगों को ध्यान देना चाहिए। मेरा मानना है कि यह कहावत अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मेरे मन में हर दिन अनेक बार आती है। ऐसा क्यों है? इसलिए क्योंकि जब भी किसी से
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 36](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0036.html) - जैसे ही राज्य का युग आरंभ हुआ, परमेश्वर ने अपने वचन जारी करने आरंभ कर दिए। भविष्य में ये वचन उत्तरोत्तर पूरे होते जाएँगे, और उस समय, मनुष्य जीवन में बढ़ेगा। मनुष्य के भ्रष्ट स्वभाव को प्रकट करने के लिए परमेश्वर द्वारा वचन का उपयोग अधिक वास्तविक और अधिक आवश्यक है, और मनुष्य के विश्वास
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 33](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0033-2.html) - कार्य के इस अंतिम चरण में, वचन के द्वारा परिणामों को प्राप्त किया जाता है। वचन के माध्यम से, मनुष्य बहुत से रहस्यों को और पिछली पीढ़ियों के दौरान किये गए परमेश्वर के कार्य को समझ जाता है; वचन के माध्यम से, मनुष्य को पवित्र आत्मा के द्वारा प्रबुद्ध किया जाता है; वचन के माध्यम
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 23](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0023.html) - यद्यपि यीशु अपने देहधारण में पूरी तरह से भावनाहीन था, फिर भी उसने हमेशा अपने चेलों को दिलासा दी, उन्हें पोषण प्रदान किया, उनकी सहायता की और उन्हें सहारा दिया। उसने चाहे जितना भी अधिक कार्य किया या जितना भी अधिक दर्द सहा, फिर भी उसने कभी भी लोगों से बहुत ज़्यादा माँग नहीं की,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 1](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0001.html) - मेरी संपूर्ण प्रबंधन योजना, छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना, के तीन चरण या तीन युग हैं : आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों का राज्य का युग। इन तीनों युगों में मेरे कार्य की विषयवस्तु प्रत्येक युग के स्वरूप के अनुसार अलग-अलग है, परंतु प्रत्येक
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 29](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0029-2.html) - मनुष्यजाति, जो शैतान के द्वारा अत्यधिक भ्रष्ट कर दी गई है, नहीं जानती कि एक परमेश्वर भी है और इसने परमेश्वर की आराधना करनी बंद कर दी है। आरम्भ में, जब आदम और हव्वा को रचा गया था, तो यहोवा की महिमा और साक्ष्य सर्वदा उपस्थित था। परन्तु भ्रष्ट होने के पश्चात, मनुष्य ने उस
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 26](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0026.html) - अंत के दिनों का कार्य वचनों को बोलना है। वचनों के माध्यम से मनुष्य में बड़े परिवर्तन किए जा सकते हैं। इन वचनों को स्वीकार करने पर इन लोगों में हुए परिवर्तन उन परिवर्तनों की अपेक्षा बहुत अधिक बड़े हैं जो चिन्हों और अद्भुत कामों को स्वीकार करने पर अनुग्रह के युग में लोगों पर
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 22](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0022.html) - यीशु ने जो कार्य किया, वह उस युग में मनुष्य की आवश्यकताओं के अनुसार था। उसका कार्य मानवजाति को छुटकारा दिलाना, उसे उसके पापों के लिए क्षमा करना था, और इसलिए उसका स्वभाव पूरी तरह से विनम्रता, धैर्य, प्रेम, धर्मपरायणता, सहनशीलता, दया और करुणामय प्यार से भरा था। वह मानवजाति के लिए भरपूर अनुग्रह और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 3](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0003.html) - परमेश्वर को सृष्टि के प्राणियों के प्रति कोई द्वेष नहीं है; वह केवल शैतान को पराजित करना चाहता है। उसका समस्त कार्य—चाहे वह ताड़ना हो या न्याय—शैतान की ओर निर्देशित है; इसे मानव-जाति के उद्धार के वास्ते किया जाता है, यह सब शैतान को पराजित करने के लिए है, और इसका एक ही उद्देश्य है
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 4](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0004.html) - परमेश्वर की संपूर्ण प्रबंधन योजना का कार्य व्यक्तिगत रूप से स्वयं परमेश्वर द्वारा किया जाता है। प्रथम चरण—संसार का सृजन—परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से किया गया था, और यदि ऐसा न किया जाता, तो कोई भी मनुष्य का सृजन कर पाने में सक्षम न हुआ होता; दूसरा चरण संपूर्ण मानव-जाति के छुटकारे का था, और
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : कार्य के तीन चरण | अंश 12](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/three-stages-of-work-excerpt-0012-2.html) - छ: हज़ार वर्षों की प्रबंधन योजना कार्य के तीन चरणों में विभाजित है। कोई भी अकेला चरण तीनों युगों के कार्य का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता है बल्कि सम्पूर्ण के केवल एक भाग का ही प्रतिनिधित्व कर सकता है। यहोवा नाम परमेश्वर के सम्पूर्ण स्वभाव का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता है। उसने व्यवस्था के युग
- [Hindi Christian Movie | एक रूढ़िवादी कलीसिया में क्या कोई प्रभु का स्वागत कर सकता है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/feast-of-the-kingdom-of-heaven-5.html)
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 5](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-005.html) - एक सच्चे सृजित प्राणी को यह जानना चाहिए कि स्रष्टा कौन है, मनुष्य का सृजन किसलिए हुआ है, एक सृजित प्राणी की ज़िम्मेदारियों को किस तरह पूरा करें, और संपूर्ण सृष्टि के प्रभु की आराधना किस तरह करें, उसे स्रष्टा के इरादों, इच्छाओं और अपेक्षाओं को समझना, बूझना और जानना चाहिए, उनकी परवाह करनी चाहिए,
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 7](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-007.html) - परमेश्वर जिस मानक से मनुष्य का परिणाम निर्धारित करता है, उस बारे में अनेक राय हैं चूँकि प्रत्येक व्यक्ति अपने परिणाम को लेकर चिंतित होता है, क्या तुम लोग जानते हो कि परमेश्वर किस प्रकार उस परिणाम को निर्धारित करता है? परमेश्वर किस तरीके से किसी व्यक्ति का परिणाम निर्धारित करता है? और किसी व्यक्ति
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 6](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/knowing-God-excerpt-006.html) - लोगों का विश्वास सत्य का स्थान नहीं ले सकता कुछ लोग कठिनायाँ सह सकते हैं; वे कीमत चुका सकते हैं; उनका बाहरी आचरण बहुत अच्छा होता है, वे बहुत आदरणीय होते हैं; और लोग उनकी सराहना करते हैं। क्या तुम लोग इस प्रकार के बाहरी आचरण को, सत्य को अभ्यास में लाना कह सकते हो?
- [Hindi Christian Movie | क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर और प्रभु यीशु एक ही परमेश्वर हैं? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/feast-of-the-kingdom-of-heaven-movie-4.html)
- [Hindi Christian Movie | अंत के दिनों के न्याय को स्वीकारे बिना क्या कोई परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर सकता है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/stinging-memories-5.html)
- [Hindi Christian Movie | क्या परमेश्वर के अंत के दिनों के न्याय और स्वच्छता को स्वीकारे बिना उसके राज्य में प्रवेश संभव है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/raptured-into-kingdom-of-heaven.html)
- [Hindi Christian Movie | प्रभु के दूसरे आगमन के लिए हमें कैसे देखनी और प्रतीक्षा करनी चाहिए? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/waiting-clip-1.html) - जब प्रभु दूसरी बार आएंगे तो क्या वे बादलों से अवतरित होंगे, या क्या वे एक चोर की तरह चुपके से आएंगे? आप प्रभु के दूसरे आगमन का सामना कैसे करेंगे? क्या आप किसी झूठे मसीह द्वारा बहकाए जाने को लेकर इतने अधिक भयभीत रहेंगे कि ’उनकी’ तलाश करने से ही अस्वीकार कर देंगे, या
- [Hindi Christian Movie | परमेश्वर के प्रकटन के रहस्य (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/yearning-2.html) - प्रभु के बहुत-से विश्वासियों का मानना है कि प्रभु भव्यता के साथ लौटेंगे, और सबके सामने बादल पर उतरेंगे, इसलिये वे हमेशा आकाश में टकटकी लगाए रहते हैं, प्रभु के बादल पर आने, खुद को स्वर्गारोहित किये जाने और उनसे मिलने का इंतज़ार करते हैं। क्या यह विश्वास सत्य के अनुरूप है? परमेश्वर के प्रकटन
- [Hindi Christian Movie | प्रभु यीशु के पुनरागमन की भविष्यवाणियां कैसे सच होती हैं? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/what-a-beautiful-voice-1.html) - धार्मिक मंडलियों में कई लोग प्रभु के बादलों पर सवार होकर नीचे उतरने की भविष्यवाणी से चिपके रहकर यह प्रतीक्षा कर रहे हैं कि प्रभु इस तरीके से आकर उन्हें स्वर्ग के राज्य में आरोहित करेंगे, लेकिन वे प्रभु के गुप्त आगमन की भविष्यवाणियों को अनदेखा कर देते हैं: "देख, मैं चोर के समान आता
- [Hindi Christian Movie | अंत के दिनों में उद्धारकर्ता कैसे मानवता को बचाने के लिए पृथ्वी पर उतरता है? (चुनिंदा अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/Lord-s-return-through-incarnation.html) - बहुत से लोग प्रभु के दूसरे आगमन के स्वागत में, बाइबल में दी गई इस भविष्यवाणी को ही अहमियत देते हैं कि प्रभु दूसरे आगमन में बादलों से उतरेंगे, और इस भविष्यवाणी को अनदेखा कर देते हैं कि प्रभु का दूसरा आगमन देहधारण के ज़रिये होगा। वे ऐसे किसी भी तरीके को जो परमेश्वर के
- [Christian Documentary | यहूदी निर्वासन पर विदेश में जा रहे हैं और स्वर्गिक राज्य के सुसमाचार को फैलाया जा रहा है (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/jews-going-into-exile-abroad.html) - प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने के बाद, यहूदियों को पूरी दुनिया में निष्कासित कर दिया गया, जिसके कारण स्वर्ग के राज्य का सुसमाचार दुनियाभर में फैल गया। अत: हम देखते हैं कि परमेश्वर की बुद्धि स्वर्गों से उच्चतर है, और उसके कार्य ऐसे चमत्कारिक हैं जिनकी थाह नहीं पाई जा सकती। साभार: https://www.holyspiritspeaks.org/special-topic/copyright.html
- [Christian Documentary | परमेश्वर द्वारा जगत का सृजन (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-creation-of-the-world.html) - उत्पत्ति में दर्ज है कि आरंभ में किस प्रकार परमेश्वर ने चमत्कारिक रूप से विश्व का निर्माण किया। यह ईसाई फिल्म क्लिप आपको परमेश्वर के विश्व-निर्माण की उपलब्धियों से परिचित कराएगी। साभार: https://www.holyspiritspeaks.org/special-topic/copyright.html
- [Christian Documentary | परमेश्वर इस्राएलियों को मिस्र से बाहर ले जा रहा है (झलकियाँ)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/israelites-out-of-egypt.html) - इस्राएलियों को मिस्र से बाहर ले जाने के लिये परमेश्वर ने मिस्र में दस महामारियाँ भेजीं, अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए, समुद्रों को दो भागों में बाँट दिया, और इस्राएलियों को उनके दास-जीवन से मुक्ति दिलाई—इन सबसे परमेश्वर की प्रबल सामर्थ्य प्रकट हुई और इसने परमेश्वर के चुने लोगों के लिये उसके विशाल प्रेम
- [Hindi Christian Movie Trailer | स्वर्ग के राज्य का भोज](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/feast-of-the-kingdom-of-heaven-trailer.html) - चेन मिंगदे एक कैथोलिक पादरी है। वह देखता है कि कैथोलिक कलीसिया तेजी से उजाड़ और अंधकारमय होती जा रही है। यहाँ तक कि बिशप और दूसरे पादरियों ने थ्री-सेल्फ कलीसिया में शामिल होकर सरकार से समझौता कर लिया है। उसके लिए यह बहुत पीड़ा और निराशा की बात है। पवित्र आत्मा के कार्य से
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (12)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-12-part-1.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (18)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-18-part-5.html)
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : 20 साल के संघर्ष ने उसे नियति से लड़ना बंद करना सिखा दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-13.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 4 : जर्मनी के वायलिन वादक लिसा यू (ह्युन जी) के साथ एक विशेष साक्षात्कार लिसा यू (Lisa You / Hyun Ji) एक पेशेवर वायलिन वादक है, जिसका स्ट्रिंग क्वार्टेट के साथ प्रस्तुतियाँ देने और सांगीतिक यात्राएँ करने का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है। वाहवाही बटोरने और सुर्खियों
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 22 : अपराध कबूल करवाने के लिए 17-वर्षीय ईसाई को चार दिनों तक यातनाएँ दी गईं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-22.html) - दुष्ट सीसीपी ईसाइयों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न में बेहद क्रूर है। ईसाइयों को अपनी आस्था छोड़ने और कलीसिया के बारे में जानकारी देने पर मजबूर करने के लिए, सीसीपी उन पर क्रूरता करने के क्रम में यातना देने के विभिन्न तरीकों का निर्दयतापूर्वक इस्तेमाल करती है। वह किसी कानून को बिल्कुल नहीं मानती। वह ईसाइयों
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : बहुत-से लोग सुनने, पढ़ने या छानबीन करने से इनकार क्यों करते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-12.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 2 : वेनेजुएला के पादरी कार्लोस गिल के साथ एक विशेष साक्षात्कार कार्लोस गिल एक पादरी थे जिन्होंने बीस साल से अधिक समय तक एक कलीसिया में प्रभु की सेवा की, लगभग सौ विश्वासियों की कलीसिया की चरवाही की। 2017 के आसपास, उन्होंने देखा कि कलीसिया अधिकाधिक
- [कलीसियाई जीवन पर एक ऑन-द-सीन रिपोर्ट, एपिसोड 27 : थाईलैंड के चियांग माई में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : न्याय का अनुभव करना बहुत अनमोल है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-27.html) - अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के न्याय के कार्य का अनुभव करने के माध्यम से, थाईलैंड के चियांग माई में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाई-बहन बहुत-से सत्य समझ गए हैं। उन्होंने आखिरकार इस बात की मूल वजह को देख लिया है कि प्रभु में विश्वास के माध्यम से अपने पापों के क्षमा हो
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 21 : जेल में यातना : कैदियों की "दुश्मन" बना दी गई](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-21.html) - ईसाइयों का पागलों की तरह दमन करने और उन्हें क्रूरता से सताने में सीसीपी पूरी तरह से अमानवीय है, वह किसी भी हद तक जा सकती है। यह सबसे घिनौने, बेशर्म और नीच काम कर सकती है। यह सच्चाई सबके सामने साफ है। हाल ही में, हमने हेनान के झेंगझोऊ की एक ईसाई, वांग शाओयू
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (17)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-17-part-5.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (18)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-18-part-2.html)
- [Hindi Christian Song | लोगों को परमेश्वर का भय मानने वाले हृदय के साथ उस पर विश्वास करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/with-a-God-fearing-heart-mv.html) - 1 परमेश्वर में विश्वास रखते हुए अगर लोगों के पास परमेश्वर का भय मानने वाले दिल न हों, परमेश्वर के प्रति समर्पणशील दिल न हों, तो ऐसे लोग न सिर्फ परमेश्वर के लिए कोई कार्य कर पाने में असमर्थ होंगे, बल्कि इसके उलट वे परमेश्वर के कार्य में बाधा डालने वाले और उसका प्रतिरोध करने
- [Hindi Christian Song | सत्य का अनुसरण करने वाले ही श्रेष्ठ हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/people-who-pursue-truth-are-truly-noble-mv.html) - 1 जहाँ तक परमेश्वर का सवाल है, वह लोगों को जो कुछ भी देता है और जितना देता है, यह उसी पर निर्भर करता है और समाज में लोगों का जो रुतबा होता है वह भी परमेश्वर द्वारा नियत किया जाता है और यह किसी व्यक्ति द्वारा रचित बिल्कुल भी नहीं होता है। अगर परमेश्वर
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 700: क्या केवल अनुग्रह और आशीष पाने के लिए ही परमेश्वर पर विश्वास करना सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/is-it-right-to-only-believe-in-God-to-get-grace.html) - परमेश्वर में विश्वास करने के बाद उसने परमेश्वर के कई आशीषों और बहुत सारे अनुग्रह का आनंद लिया और घर पर सब कुछ सुचारू रूप से चलता रहा। वह अपने दिल में परमेश्वर की आभारी थी। लेकिन जब उसके पति की कार दुर्घटना हुई, उसके 60 से ज्यादा सूअर के बच्चे बीमार होकर मर गए
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 701: मैंने देखा कि परमेश्वर के प्रेम ने मुझे कभी नहीं छोड़ा है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/i-saw-that-God-s-love-has-never-left.html) - एक बीमारी के कारण उसने परमेश्वर में विश्वास करना शुरू किया और उसके अनुग्रह और आशीषों को अनुभव किया। तब से उद्धार और एक सुंदर मंजिल पाने की उम्मीद में वह उत्साह के साथ अपने कर्तव्य में खुद को खपाने लगी। बीस साल बाद वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गई और मौत के करीब
- [Hindi Christian Testimony Video | क्या केवल अनुग्रह के लिए परमेश्वर में विश्वास रखना उचित है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/is-believing-in-God-just-for-grace-right.html) - परमेश्वर में विश्वास रखने के बाद वह उसके अनुग्रह का भरपूर आनंद लेती है, लेकिन बाद में उसे अचानक उच्च रक्तचाप हो जाता है और इससे वह चिंतित हो जाती है। जैसे-जैसे उसकी हालत बिगड़ती जाती है, वह नकारात्मकता से घिरती जाती है और अपने कर्तव्य में जिम्मेदारी की भावना खो देती है। परमेश्वर के
- [फ्रांस के रीयूनियन द्वीप के मशहूर होस्ट WI2L की कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/feature-interview-highlights-21.html) - राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 3 : फ्रांस के रीयूनियन द्वीप के मशहूर होस्ट, WI2L के साथ एक विशेष साक्षात्कार WI2L कभी फ्रांस के विदेशी क्षेत्र, रीयूनियन द्वीप में एक होस्ट, डीजे और कला निर्देशक के रूप में घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम था। उसने कई टॉप-रेटेड हिट कार्यक्रम बनाए जिन्होंने पूरे द्वीप
- [क्या तुम्हारा जीवन दबाव और चिंता से भरा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sharing-the-gospel-10.html) - याद रखो, अपने सभी परिश्रम और भारी बोझ परमेश्वर को सौंप दो, और सच में उस पर भरोसा करो, और तुम्हें दबाव से मुक्त होने का अवसर मिलेगा हमारा जीवन आसान नहीं है। आर्थिक समस्याओं, नौकरी के कम अवसरों और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों जैसी चीजों का दबाव अक्सर हमें तनावग्रस्त और चिंतित महसूस कराता है
- [संतों के लिए एक उदाहरण: पतरस—परमेश्वर से प्रेम और समर्पण, और स्वर्ग के राज्य की कुंजियाँ प्राप्त करना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sharing-the-gospel-4.html) - संतों के लिए एक उदाहरण: पतरस—परमेश्वर से प्रेम और समर्पण, और स्वर्ग के राज्य की कुंजियाँ प्राप्त करना बाइबल में दर्ज है कि प्रभु यीशु ने स्वर्ग के राज्य की कुंजियाँ पतरस को दीं। कुछ लोग सोच सकते हैं : इतने सारे शिष्यों के होते हुए भी, प्रभु यीशु ने कुंजियाँ सिर्फ़ पतरस को ही
- [अगर तुम विश्वास करते हो कि परमेश्वर पर भरोसा तुम्हें किसी भी तूफान से निकाल सकता है तो आमीन लिखकर उत्तर दीजिए!](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sharing-the-gospel-8.html) - अगर तुम विश्वास करते हो कि परमेश्वर पर भरोसा तुम्हें किसी भी तूफान से निकाल सकता है तो आमीन लिखकर उत्तर दीजिए! सब कुछ अकेले ढोना बंद करो। अपने सारे बोझ परमेश्वर को दे दो और उसे तुम्हें सच्ची शांति और आनंद की ओर ले जाने दो! सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "सर्वशक्तिमान परमेश्वर सभी
- [क्या तुम जानते हो, परमेश्वर के वचन हमारे लिए कितने महत्वपूर्ण हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sharing-the-gospel-5.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "परमेश्वर द्वारा बोले गए वचन दिखने में भले ही सीधे-सादे या गहन हों, लेकिन वे सभी सत्य हैं, और मनुष्य के जीवन प्रवेश के लिए अपरिहार्य हैं; वे जीवन-जल के ऐसे झरने हैं, जो मनुष्य को आत्मा और देह दोनों से जीवित रहने में सक्षम बनाते हैं। वे मनुष्य को
- [आपदा के बीच परमेश्वर ही हमारा एकमात्र आसरा है! अगर तुम यह मानते हो, तो "आमीन" कहो!](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sharing-the-gospel-6.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "मेरा अंतिम कार्य केवल मनुष्यों को दंड देने के लिए ही नहीं है, बल्कि मनुष्य की मंजिल की व्यवस्था करने के लिए भी है। इससे भी अधिक, यह इसलिए है कि सभी लोग मेरे कर्म और कार्य स्वीकार करें। मैं चाहता हूँ कि हर एक मनुष्य देखे कि जो कुछ
- [अगर परमेश्वर ने तुम्हारी जान कई बार बचाई है, तो कहो "परमेश्वर का धन्यवाद"!](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sharing-the-gospel-7.html) - साझा करने के लिए यहाँ परमेश्वर के वचनों का एक अंश दिया गया है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "तुम सभी इतने वर्षों से जी रहे हो और तुममें से लगभग हर व्यक्ति ने अपने जीवनकाल में बहुत-सी खतरनाक स्थितियों और बहुत-से प्रलोभनों का सामना किया है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि शैतान तुम्हारी बगल में
- [सतर्क रहो! हर जगह आपदाएँ आ रही हैं! अंत के दिनों का न्याय शुरू हो गया है!](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sharing-the-gospel-9.html) - परमेश्वर की सुरक्षा का मार्ग खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन अध्ययन समूह में शामिल हो जाओ! सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "एक के बाद एक सभी तरह की आपदाएँ आ पड़ेंगी; सभी देश और स्थान आपदाओं का सामना करेंगे : हर जगह महामारी, अकाल, बाढ़, सूखा और भूकंप आएँगे। ये आपदाएँ सिर्फ एक-दो जगहों पर
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 9 : ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायी ली कोकप के साथ एक विशेष साक्षात्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-9.html) - ली कोकप ऑस्ट्रेलिया से हैं। अपनी जवानी में, उन्होंने खदानों में 17 साल काम किया। बाद में, अपनी कड़ी मेहनत और लगन से, वे एक व्यवसाय के मालिक बन गए और 13 साल तक अकेले दम पर एक गोल्फ कोर्स चलाया। उन्होंने अपना करियर बनाया और एक स्थिर और समृद्ध जीवन जिया। हालाँकि, एक सुनियोजित
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : वेनेजुएला के एक पादरी की गवाही : आध्यात्मिक परिवर्तन और प्राप्तियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-11.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 2 : वेनेजुएला के पादरी कार्लोस गिल के साथ एक विशेष साक्षात्कार कार्लोस गिल एक पादरी थे जिन्होंने बीस साल से अधिक समय तक एक कलीसिया में प्रभु की सेवा की, लगभग सौ विश्वासियों की कलीसिया की चरवाही की। 2017 के आसपास, उन्होंने देखा कि कलीसिया अधिकाधिक
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (18)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-18-part-1.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (17)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-17-part-1.html)
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर द्वारा मनुष्य के परीक्षण उसे शुद्ध करने के लिए हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-trials-are-to-purify-mv.html) - 1 परमेश्वर में अपने विश्वास में लोग भविष्य के लिए आशीष पाने का अनुसरण करते हैं; यही उनके विश्वास का लक्ष्य होता है। सभी लोगों की यही मंशा और आशा होती है, लेकिन उनकी प्रकृति की भ्रष्टता का समाधान परीक्षणों और शोधन के माध्यम से अवश्य किया जाना चाहिए। लोग जिन-जिन पहलुओं में शुद्ध नहीं
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (17)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-17-part-2.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (17)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-17-part-3.html)
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 20 : सीसीपी द्वारा सालों से पीछा किए जा रहे ईसाइयों का जीवन](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-20.html) - सत्ता में आने के बाद से ही इस दुष्ट नास्तिक पार्टी, सीसीपी ने धार्मिक विश्वास को पागलों की तरह दबाया है। यह ईसाइयों को गिरफ्तार करने और उनके साथ क्रूरता करने के अपने प्रयासों में किसी भी हद तक जाने से नहीं रुकती और उन्हें पूरी तरह से मिटा देने की कोशिश करती है। यह
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : बाइबल के बारे में कई लोग क्या नजरअंदाज कर देते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-10.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 2 : वेनेजुएला के पादरी कार्लोस गिल के साथ एक विशेष साक्षात्कार कार्लोस गिल एक पादरी थे जिन्होंने बीस साल से अधिक समय तक एक कलीसिया में प्रभु की सेवा की, लगभग सौ विश्वासियों की कलीसिया की चरवाही की। 2017 के आसपास, उन्होंने देखा कि कलीसिया अधिकाधिक
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : आखिर जीवन का अर्थ क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-9.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 3 : फ्रांस के रीयूनियन द्वीप के मशहूर होस्ट, WI2L के साथ एक विशेष साक्षात्कार WI2L कभी फ्रांस के विदेशी क्षेत्र, रीयूनियन द्वीप में एक होस्ट, डीजे और कला निर्देशक के रूप में घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम था। उसने कई टॉप-रेटेड हिट कार्यक्रम बनाए जिन्होंने
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (17)" (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-17-part-4.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (16)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-16-part-5.html)
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 26 : इक्वाडोर के एल कारमेन में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : आखिरकार पाप से शुद्ध होने का मार्ग मिल गया](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-26.html) - अंत के दिनों के परमेश्वर के न्याय और ताड़ना का अनुभव करके, इक्वाडोर के एल कारमेन में स्थित सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाई-बहनों ने कई सत्यों को समझ लिया है। उन्होंने पाप के बंधन से मुक्त होने और शुद्ध और परिवर्तित होने का मार्ग खोज लिया है; उन्होंने पाप करने और कबूल करने, कबूल
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 25 : फिलीपींस में नुएवा एसिजा की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : सत्य का अभ्यास करने और इसे समझने से ही कोई स्वतंत्रता और मुक्ति पा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-25.html) - फिलीपींस में नुएवा एसिजा की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाई-बहन सत्य के आत्मा के कथन सुन चुके हैं और बहुत-से सत्य समझ गए हैं। वे न केवल अपने स्वयं के भ्रष्ट स्वभावों को जान गए हैं, बल्कि वे सृजित प्राणियों के रूप में अपना कर्तव्य निभाने में भी सक्षम हैं और परमेश्वर द्वारा व्यक्त
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (16)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-16-part-1.html)
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : भारी दबाव वाली नौकरी छोड़ने के बाद उसका जीवन पूरी तरह बदल गया](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-8.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 3 : फ्रांस के रीयूनियन द्वीप के मशहूर होस्ट, WI2L के साथ एक विशेष साक्षात्कार WI2L कभी फ्रांस के विदेशी क्षेत्र, रीयूनियन द्वीप में एक होस्ट, डीजे और कला निर्देशक के रूप में घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम था। उसने कई टॉप-रेटेड हिट कार्यक्रम बनाए जिन्होंने
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 8 : इटली की पूर्व सुसमाचार प्रचारक, विल्मा रुबिनो के साथ एक विशेष साक्षात्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-8.html) - विल्मा रुबिनो इटली के एक ईसाई संप्रदाय की सुसमाचारक हुआ करती थी। सालों तक, वह सोचती रही कि वह अपने प्रचार के माध्यम से प्रभु की सेवा कर रही है, लेकिन फिर धीरे-धीरे उसे एहसास हुआ कि उसके संप्रदाय के कुछ धर्म-सिद्धांत बाइबल के अनुरूप नहीं हैं। इस एहसास ने उसे झकझोर कर रख दिया
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : प्रसिद्धि और लाभ की असली कीमत क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-7.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 3 : फ्रांस के रीयूनियन द्वीप के मशहूर होस्ट, WI2L के साथ एक विशेष साक्षात्कार WI2L कभी फ्रांस के विदेशी क्षेत्र, रीयूनियन द्वीप में एक होस्ट, डीजे और कला निर्देशक के रूप में घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम था। उसने कई टॉप-रेटेड हिट कार्यक्रम बनाए जिन्होंने
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : नाइटक्लब से कलीसिया तक : एक क्लब एमसी की जागृति](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-6.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 3 : फ्रांस के रीयूनियन द्वीप के मशहूर होस्ट, WI2L के साथ एक विशेष साक्षात्कार WI2L कभी फ्रांस के विदेशी क्षेत्र, रीयूनियन द्वीप में एक होस्ट, डीजे और कला निर्देशक के रूप में घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम था। उसने कई टॉप-रेटेड हिट कार्यक्रम बनाए जिन्होंने
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 696: परमेश्वर का अनुसरण करना मेरे जीवन का सबसे अच्छा चुनाव रहा है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/following-God-best-choice-life.html) - उसने कभी प्रसिद्धि और लाभ का पीछा किया था, लेकिन उन्हें पाने के बाद उसे केवल खालीपन और दर्द महसूस हुआ। परमेश्वर के अंत के दिनों के सुसमाचार ने उसके सोए हुए दिल को जगा दिया, जिससे उसे सच्ची शांति और खुशी मिली। हालाँकि, जब सीसीपी (CCP) का उत्पीड़न उस पर आ पड़ा तो उसने
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (16)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-16-part-2.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (16)" (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-16-part-4.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (15)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-15-part-5.html)
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर मनुष्य के अंतरतम हृदय की पड़ताल करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-examines-human-innermost-heart-mv.html) - 1 मैं धार्मिक हूँ, मैं विश्वसनीय हूँ, और मैं वो परमेश्वर हूँ जो मनुष्यों के अंतरतम हृदय की पड़ताल करता है! कौन मुझे सच्चे दिल से चाहता है और कौन नहीं—मैं एक-एक करके तुम सबको बता दूँगा। तुम लोग बस मेरी उपस्थिति में मेरे निकट आने पर ध्यान दो और मैं अपना कार्य स्वयं करूँगा।
- [Hindi Christian Song | पूर्ण कैसे बनाए जाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-be-perfected-mv.html) - 1 अगर तुम खुद को परमेश्वर द्वारा उपयोग में लाया जाना और पूर्ण बनाया जाना चाहते हो तो तुम्हारे पास सत्य का हर पहलू होना चाहिए : पीड़ा सहने का संकल्प, आस्था, सहनशीलता, समर्पण, सत्य खोजने और परमेश्वर के इरादे समझने की योग्यता, उसके दुःख और श्रमसाध्य इरादों के प्रति विचारशील होने की योग्यता, आदि।
- [Hindi Christian Song | केवल पीड़ा और परीक्षणों के द्वारा ही तुम परमेश्वर से सचमुच प्रेम कर सकते हो](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/through-trials-can-truly-love-God-mv.html) - 1 आखिर आज तुम परमेश्वर से कितना प्रेम करते हो? और जो कुछ भी परमेश्वर ने तुम्हारे भीतर किया है, उस सबके बारे में तुम आखिर कितना जानते हो? ये वे सबक हैं जो तुम्हें सीखने चाहिए। जब परमेश्वर पृथ्वी पर आता है तो जो कुछ वह मनुष्य में कर चुका है और मनुष्य को
- [Hindi Christian Song | अपना कर्तव्य निभाना व्यक्ति के जीवन का प्रमुख कार्य है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/doing-duty-is-the-primary-affair-mv.html) - 1 परमेश्वर कहता है कि “परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है”। वह ऐसा हर व्यक्ति को यह एहसास कराने के लिए कहता है : हमारा जीवन और हमारे प्राण परमेश्वर से आते हैं और उसी के द्वारा रचे गए हैं—ये हमारे माता-पिता से नहीं आते हैं और प्रकृति से तो बिल्कुल भी नहीं, बल्कि
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 693: जब मैंने जिम्मेदारी लेने का साहस नहीं किया तो मैं किस बारे में चिंतित थी?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/what-concerns-behind-hesitation-to-take-responsibility.html) - उसे पाठ आधारित कार्य के लिए पर्यवेक्षक चुना गया। काम में मुश्किलों का सामना करते हुए उसे चिंता सताने लगी कि उसकी योग्यता और कार्यक्षमता केवल औसत दर्जे की है, वह इस काम के लायक नहीं है और उसे इसकी जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी। नतीजतन वह चिंताओं से घिर गई और उसका दिल भारी हो गया।
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : वेनेजुएला का एक पादरी : ईसाइयों के भाग्य को प्रभावित करने वाला एक फैसला](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-5.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 2 : वेनेजुएला के पादरी कार्लोस गिल के साथ एक विशेष साक्षात्कार कार्लोस गिल एक पादरी थे जिन्होंने बीस साल से अधिक समय तक एक कलीसिया में प्रभु की सेवा की, लगभग सौ विश्वासियों की कलीसिया की चरवाही की। 2017 के आसपास, उन्होंने देखा कि कलीसिया अधिकाधिक
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : कलीसियाएँ वीरान क्यों हैं? लौटकर आए प्रभु ने किया सत्य का खुलासा](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-4.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 2 : वेनेजुएला के पादरी कार्लोस गिल के साथ एक विशेष साक्षात्कार कार्लोस गिल एक पादरी थे जिन्होंने बीस साल से अधिक समय तक एक कलीसिया में प्रभु की सेवा की, लगभग सौ विश्वासियों की कलीसिया की चरवाही की। 2017 के आसपास, उन्होंने देखा कि कलीसिया अधिकाधिक
- [Hindi Christian Song | क्या तुम परमेश्वर के कार्य के प्रयोजन और महत्व को जानते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/purpose-and-meaning-of-God-s-work-mv.html) - 1 अब क्या तुम सच में जानते हो कि तुम्हें मुझ पर क्यों विश्वास करना चाहिए? क्या तुम सच में मेरे कार्य के उद्देश्य और महत्व को जानते हो? क्या तुम सच में अपने कर्तव्य को जानते हो? क्या तुम सच में जानते हो कि मेरी गवाही क्या है? अगर तुम केवल मुझमें विश्वास करते
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 19 : एक ईसाई को पीट-पीटकर अंधा किया गया—पूरा परिवार 12 साल से भागता फिर रहा है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-19.html) - मुख्य भूमि चीन में सत्तारूढ़ होने के बाद से ही, दुष्ट सीसीपी ने धार्मिक विश्वास को पागलों की तरह दबाया है। सीसीपी सत्य और परमेश्वर से बेइंतहा नफरत करती है। यह न केवल ईसाइयों को अंधाधुंध गिरफ्तार करती है और सताती है, बल्कि उन्हें पूरी तरह से मिटा देना चाहती है। गिरफ्तार किए जाने और
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 22 : कोट डी आइवर के आबिदजान में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : सत्य पाकर ही हम भ्रष्ट स्वभावों के बंधन से मुक्त हो सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-22.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन खाने और पीने के माध्यम से, कोट डी आइवर के आबिदजान में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाई-बहन कई सत्य समझ गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से देखा कि सांसारिक आचरण के जिन विभिन्न फलसफों का वे लगातार पालन करते थे, वे वास्तव में ऐसी भ्रांतियाँ हैं जो परमेश्वर के वचनों के
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर का प्रेम और सार स्वार्थरहित है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-love-are-selfless-mv.html) - 1 जब तुम सचमुच परमेश्वर को समझने की कोशिश करते हो, जब परमेश्वर जो कुछ भी करता है उस सब में तुम उसके श्रमसाध्य इरादों को सच में समझ सकते हो, केवल तभी तुम परमेश्वर की महानता एवं उसकी निःस्वार्थता को महसूस कर सकते हो। यद्यपि परमेश्वर ने इंद्रधनुष का उपयोग करते हुए मानवजाति के
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर के वचन मनुष्य के जीवन की सभी जरूरतों की आपूर्ति करते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-words-provide-all-needs-mv.html) - 1 परमेश्वर द्वारा बोले गए वचन बाहरी तौर पर देखने में चाहे सरल हों या गहन, वे सब ऐसे सत्य हैं जो मनुष्य के जीवन प्रवेश के लिए अपरिहार्य हैं; वे जीवनदायी जल के ऐसे स्रोत हैं, जो मनुष्य को आत्मा और देह दोनों में जीवित रहने में सक्षम बनाते हैं। वे मनुष्य को जीवित
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 24 : फ्रांस में पेरिस की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : केवल न्याय और ताड़ना का अनुभव करके ही पाप करने के मूल कारण का समाधान किया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-24.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़कर और परमेश्वर के वचनों के न्याय और ताड़ना का अनुभव करके फ्रांस में पेरिस की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाई-बहनों ने न केवल शैतान द्वारा अपनी गहरी भ्रष्टता के सत्य को स्पष्ट रूप से देख लिया है, बल्कि प्रसिद्धि, लाभ और रुतबे के बंधनों को उतार फेंकने के
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 23 : पोलैंड में ग्रेटर पोलैंड की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : एक ईमानदार व्यक्ति बनना और रोशनी में जीना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-23.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़ने के बाद पोलैंड में ग्रेटर पोलैंड की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाई सत्य को समझ गए हैं और पाप करने और कबूलने के अपने निरंतर चक्र के मूल कारण को भली-भाँति देख चुके हैं। परमेश्वर के वचनों में उन्होंने ईमानदार व्यक्ति बनने का मार्ग पा लिया है, और धीरे-धीरे
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 21 : वेनेजुएला के सुक्रे राज्य में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : न्याय का अनुभव करना और परमेश्वर का प्रेम देखना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-21.html) - वेनेजुएला में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाई-बहनों ने अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने परमेश्वर के वचनों के न्याय और ताड़ना का अनुभव किया है और वे अपने स्वयं के भ्रष्ट स्वभावों को जान गए हैं। परमेश्वर के वचनों का अभ्यास करके, वे उन भ्रष्ट स्वभावों
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 20 : ताइवान के न्यू ताइपे में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : परमेश्वर को प्रसन्न करने वाला इंसान बनने का अनुसरण करना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-20.html) - हाल ही में, ताइवान के ताइपे में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाई-बहनों ने अपनी सभा के दौरान अपनी अनुभवजन्य गवाहियाँ साझा कीं। परमेश्वर के वचनों से, उन्होंने स्पष्ट रूप से उस बंधन और पीड़ा को देखा जो प्रसिद्धि, लाभ और रुतबे के पीछे भागने से लोगों को मिलती है, उन्होंने प्रसिद्धि और लाभ से
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 19 : ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में स्थित सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : असफलता और बाधाओं के जरिए प्रगति करना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-19.html) - अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करने के बाद, ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में स्थित सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने परमेश्वर के वचनों के न्याय, ताड़ना और काट-छाँट का अनुभव किया। उन्होंने अपने उन भ्रष्ट स्वभावों की समझ हासिल की, जिन्होंने उन्हें प्रसिद्धि, लाभ और रुतबे के पीछे भागने और
- [कलीसियाई जीवन पर विशेष रिपोर्ट, एपिसोड 18 : वोट के जरिए चुनी गईं सबसे लोकप्रिय अनुभवजन्य गवाहियाँ – I, भाग 2](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-18.html) - हाल ही में, हमारे कार्यक्रम ने सबसे लोकप्रिय अनुभवजन्य गवाहियों के लिए पहली बार वोटिंग का आयोजन किया, जिनमें बीस से अधिक अनुभवजन्य गवाहियाँ शामिल थीं। ये गवाहियाँ 'कलीसियाई जीवन पर ऑन-द-सीन रिपोर्ट' के पहले दस एपिसोड से थीं। तुरंत ही, इस आयोजन को दुनिया भर में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया में परमेश्वर के चुने
- [कलीसियाई जीवन पर विशेष रिपोर्ट, एपिसोड 17 : वोट के जरिए चुनी गईं सबसे लोकप्रिय अनुभवजन्य गवाहियाँ – I, भाग 1](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-17.html) - हाल ही में, हमारे कार्यक्रम ने 'कलीसियाई जीवन पर ऑन-द-सीन रिपोर्ट' के पहले दस एपिसोड में दिखाई गई 20 अनुभवजन्य गवाहियों पर एक वोट कराया। दुनिया भर के देशों से परमेश्वर के चुने हुए लोगों ने सबसे लोकप्रिय अनुभवजन्य गवाहियाँ निर्धारित करने के लिए अपने वोट डाले। इस विशेष रिपोर्ट में, हम यूरोप, ओशिनिया और
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 16 : ग्रीस के एथेंस में स्थित सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : न्याय का अनुभव करना और पाप से शुद्ध होना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-16.html) - ग्रीस के एथेंस में स्थित कलीसिया के ईसाइयों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है और परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले और अंत के दिनों के मसीह द्वारा किए जाने वाले न्याय के कार्य को स्वीकार किया है। उन्होंने कई सत्य समझ लिए हैं और यह पहचान लिया है कि शैतान द्वारा भ्रष्ट किए
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 15 : फ्लोरिडा की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की अनुभवजन्य गवाहियाँ : परमेश्वर के न्याय ने हमें शुद्ध किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-15.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के न्याय और प्रकाशन को स्वीकार करने के माध्यम से, अमेरिका में फ्लोरिडा की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने देखा है कि भले ही उन्होंने बहुत-सी अच्छी चीजें की हैं, लेकिन उनके दिल अहंकार, दंभ, कुटिलता, कपट, स्वार्थ और नीचता से भरे हैं, जिन सबसे परमेश्वर नफरत करता है।
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 14 : मेक्सिको शहर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : परमेश्वर के वचनों का न्याय हमें शुद्ध करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-14.html) - मेक्सिको में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को खाने और पीने से, कई सत्य समझ लिए हैं। उन्होंने दुनिया के अंधकार और बुराई को, शैतान द्वारा मानवता की गहरी भ्रष्टता को और परमेश्वर के प्रति मानवता के प्रतिरोध के मूल कारण को पहचान लिया है। उन्होंने देखा है कि
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 13 : पूर्वी केन्या की एक कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : पाप से शुद्ध होने का मार्ग है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-13.html) - केन्या की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के न्याय और ताड़ना को स्वीकार किया है। वे अपने भ्रष्ट स्वभावों को और अपने द्वारा पाप करने के मूल कारण को जान चुके हैं और उन्होंने परमेश्वर के कार्य और उसके स्वभाव का थोड़ा-सा सच्चा ज्ञान भी प्राप्त कर लिया है।
- [कलीसियाई जीवन पर विशेष रिपोर्ट, एपिसोड 12 : 2026 नए साल का वैरायटी शोकेस "प्रशंसा की आवाजें" : फॉलो-अप रिपोर्ट (भाग 2)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-12.html) - यह फॉलो-अप रिपोर्ट यूरोप, ओशिनिया, अफ्रीका, अमेरिका और एशिया के विभिन्न देशों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों पर केंद्रित है और 2026 के नए साल के दिन "प्रशंसा की आवाजें" वैरायटी शोकेस देखने के बाद उनके सच्चे विचारों को प्रस्तुत करती है। ऑन-साइट फुटेज और साक्षात्कारों के माध्यम से, यह कार्यक्रम दर्शकों को
- [कलीसियाई जीवन पर विशेष रिपोर्ट, एपिसोड 11 : 2026 नए साल का वैरायटी शोकेस "प्रशंसा की आवाजें" : फॉलो-अप रिपोर्ट (भाग 1)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-11.html) - यह फॉलो-अप रिपोर्ट यूरोप, ओशिनिया, अफ्रीका, अमेरिका और एशिया के विभिन्न देशों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों पर केंद्रित है और 2026 के नए साल के दिन "प्रशंसा की आवाजें" वैरायटी शोकेस देखने के बाद उनके सच्चे विचारों को प्रस्तुत करती है। ऑन-साइट फुटेज और साक्षात्कारों के माध्यम से, यह कार्यक्रम दर्शकों को
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 10 : कनाडा की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : परमेश्वर का न्याय उद्धार का प्रकाश है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-10.html) - कनाडा में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य स्वीकार कर लिया है और उसके वचनों के न्याय और ताड़ना का अनुभव किया है। उन्होंने उसके वचनों से अपने भ्रष्ट स्वभावों पर चिंतन किया है, उनके बारे में जाना है और परमेश्वर के वचनों के अनुसार अभ्यास करके उन्होंने धीरे-धीरे उन
- [कलीसियाई जीवन पर विशेष रिपोर्ट, एपिसोड 9 : "प्रशंसा की आवाजें" वैरायटी शोकेस पर विशेष रिपोर्ट (भाग 2)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-9.html) - यह विशेष रिपोर्ट 2026 के लिए नए साल के पहले दिन के वैरायटी शोकेस, "प्रशंसा की आवाजें" के दूसरे एपिसोड पर केंद्रित है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया द्वारा प्रस्तुत, "प्रशंसा की आवाजें" एक बड़े पैमाने की प्रस्तुति है जो यूरोप, ओशिनिया, अफ्रीका, अमेरिकी महाद्वीपों और एशिया के देशों के ईसाइयों को एक साथ लाती है।
- [कलीसियाई जीवन पर विशेष रिपोर्ट, एपिसोड 8 : "प्रशंसा की आवाजें" वैरायटी शोकेस पर विशेष रिपोर्ट (भाग 1)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-8.html) - यह विशेष रिपोर्ट 2026 के लिए नए साल के पहले दिन के वैरायटी शोकेस, "प्रशंसा की आवाजें" के दूसरे एपिसोड पर केंद्रित है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया द्वारा प्रस्तुत, "प्रशंसा की आवाजें" एक बड़े पैमाने की प्रस्तुति है जो यूरोप, ओशिनिया, अफ्रीका, अमेरिकी महाद्वीपों और एशिया के देशों के ईसाइयों को एक साथ लाती है।
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 7 : फिलीपींस की कलीसिया में ईसाइयों की अनुभवजन्य गवाहियाँ : परमेश्वर के वचनों का न्याय कैसे उन्हें प्रसिद्धि, लाभ और रुतबे की बेड़ियों से मुक्त करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-7.html) - फिलीपींस में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने परमेश्वर की वाणी सुनी है और समर्पण में उसके सिंहासन के सामने आए हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से उनका सिंचन, आपूर्ति और चरवाही की जा रही है और वे स्वर्ग के राज्य के भोज में शामिल हुए हैं। वे परमेश्वर के वचनों के न्याय
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 6 : फ्रांस की कलीसिया में ईसाइयों के अनुभव : स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने की शर्तें](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-6.html) - फ्रांस में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के आधार पर ईमानदार लोग बनने के लिए अभ्यास का मार्ग पाया है। भले ही वे ईमानदार लोग बनने का अभ्यास करने की प्रक्रिया में बाधाओं और असफलताओं का सामना करते हैं, मगर वे हार नहीं मानते। इसके बजाय वे सक्रिय रूप
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 5 : सियोल की एक कलीसिया में ईसाइयों के अनुभव : केवल सत्य को समझकर ही सही फैसले किए जा सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-5.html) - दक्षिण कोरिया के सियोल में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाई कोई फैसला लेते समय हिचकिचा सकते हैं, खुद को कमजोर पा सकते हैं और कष्ट सह सकते हैं। लेकिन सच्चे मन से सत्य खोजकर, उन्होंने इन समस्याओं को हल करने के लिए अभ्यास का मार्ग पाया। परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन से, वे सत्य
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 4 : स्पेन की कलीसिया में ईसाइयों की गवाहियाँ—सत्य लोगों को स्वतंत्र करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-4.html) - स्पेन में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने सत्य के आत्मा के कथनों को सुना है। उन्होंने परमेश्वर से सत्य की निरंतर आपूर्ति पाकर, शैतान पर विजय पाने का सबसे शक्तिशाली हथियार हासिल किया है और उसके बंधन और पीड़ाओं से मुक्ति का मार्ग पाया है। वे उस चोट, विश्वासघात और दर्द से बाहर
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 3 : न्यूयॉर्क और पेंसिल्वेनिया में ईसाई परमेश्वर की आराधना में आध्यात्मिक पोषण पाते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-3.html) - आज उन्नत तकनीक और भौतिक बहुतायत के युग में, समाज में कई लोग, जिनमें ईसाई भी शामिल हैं, खुद को पाप में जीते हुए पाते हैं और उससे मुक्त होने में असमर्थ हैं। उनके दिल अत्यधिक खालीपन, उलझन और दर्द से भरे हैं। लोग पाप के बंधन से कैसे बच सकते हैं, इस आत्मिक खालीपन
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 2 : ब्राजील में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के आनंदित ईसाई नए युग के कलीसियाई जीवन का आनंद लेते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-2.html) - अपनी सभा के दौरान, ब्राजील में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने भजन गाए, नाचे, परमेश्वर के वचनों का पाठ किया और सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रति अपना धन्यवाद व्यक्त किया और उसकी स्तुति की। उन्होंने अपनी आस्था में उलझन, पारिवारिक कठिनाइयों और प्रियजनों की बीमारी जैसी विभिन्न कठिनाइयों पर विजय पाने के लिए परमेश्वर
- [कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 1 : राज्य का सुसमाचार फलता-फूलता है : सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया 120 से अधिक देशों में फैल चुकी है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/church-life-in-the-new-age-1.html) - 1991 में, परमेश्वर ने आधिकारिक तौर पर राज्य के युग का कार्य शुरू किया और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की स्थापना की। 1995 में मुख्य भूमि चीन में राज्य के सुसमाचार का औपचारिक रूप से विस्तार शुरू होने के बाद से, सभी धर्मों और संप्रदायों के ऐसे लोग जो परमेश्वर के प्रकटन के लिए तरसते
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 18 : ईसाइयों पर क्रूरता करने के लिए सीसीपी द्वारा मनोरोग की दवाओं का दुरुपयोग](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-18.html) - सत्ता में आने के बाद से एक नास्तिक क्रांतिकारी पार्टी सीसीपी द्वारा धार्मिक आस्था का उन्मत्त दमन और उत्पीड़न कभी नहीं रुका है; यह केवल और अधिक गंभीर होता गया है। सीसीपी ईसाइयों को अपनी आँख की किरकिरी मानती है, परमेश्वर का अनुसरण करने वाले और सुसमाचार का प्रचार करने वाले लोगों का समूल नाश
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 17 : चीन लौटने वाले ईसाई सीसीपी द्वारा गिरफ्तारी और उत्पीड़न के शिकार होते हैं : जोखिमपूर्ण जिंदगी](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-17.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का उन्मूलन करने और ईसाइयों को पूरी तरह से खत्म करने के अपने प्रयास में सीसीपी लगातार बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी और उत्पीड़न अभियान चलाती है। यह ईसाइयों को गिरफ्तार करने में मदद के लिए समाज के निठल्ले लोगों को काम पर रखती है, जिनमें स्थानीय गुंडे और बदमाश शामिल हैं,
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 16 : सीसीपी ईसाइयों को कैसे सताती है—दो ईसाइयों को यातनाएँ दी गईं और जेल की सजा सुनाई गई](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-16.html) - नास्तिक क्रांतिकारी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा शासित देश चीन में, परमेश्वर में विश्वास रखना कम्युनिस्ट पार्टी का विरोध करने के बराबर है। विश्वासियों को राजनीतिक अपराधी करार दिया जाता है, गिरफ्तार किया जाता है और दोषी ठहराया जाता है। खास तौर पर, अगर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विश्वासियों को गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें "बिना किसी
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 15 : उत्पीड़न का अग्रिम मोर्चा बने परिसर : परमेश्वर में आस्था के कारण छात्र-छात्राएँ कॉलेज छोड़ने को बाध्य, उनका ब्रेनवॉश और उन्हें जेल की सजा](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-15.html) - सीसीपी ने हमेशा धार्मिक विश्वास का उत्पीड़न किया है, यह देश भर के परिसरों में आस्था रखने वाले छात्र-छात्राओं को भी नहीं बख्शती। यह लंबे समय से परिसरों में धर्म-विरोधी दुष्प्रचार भी फैला रही है, सभी धर्मों को बाहर रखने की कोशिश कर रही है। यह छात्र-छात्राओं को परमेश्वर में विश्वास रखने से पूरी तरह
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 14 : सीसीपी की अमानवीय यातना से अपाहिज हुआ ईसाई](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-14.html) - 2018 में, सीसीपी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को निशाना बनाते हुए दमन के कई विशेष अभियान शुरू किए, जैसे "100-दिवसीय युद्ध" और "ऑपरेशन थंडर।" देश भर में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों को लगातार गिरफ्तारियों, घरों में छापेमारी, यातना और ब्रेनवॉशिंग का शिकार होना पड़ा। अधूरे आँकड़ों के अनुसार, अकेले 2018 में, कम
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 13 : लगभग अस्सी वर्षीय ईसाई को पुलिस ने दी क्रूर यातना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-13.html) - 2023 सीसीपी के "तीन-वर्षीय पूर्ण युद्ध" का अंतिम साल था, जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के खिलाफ चलाया गया था। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को पूरी तरह से नष्ट करने और प्रतिबंधित करने की अपनी कोशिशों में, चीन को एक नास्तिक क्षेत्र में बदलने और हमेशा सत्ता में बने रहने के अपने बुरे लक्ष्य को
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 10 : गंभीर रूप से बीमार ईसाई के साथ विशेष साक्षात्कार : आईसीयू में उत्पीड़न](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-10.html) - वर्ष 2025 सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के खिलाफ सीसीपी के "तीन-वर्षीय कड़े संघर्ष" का दूसरा साल है। हेनान उन प्रांतों में से एक है जहाँ सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया पर सीसीपी का उत्पीड़न सबसे क्रूर है। कलीसिया को पूरी तरह मिटाने के अपने अभियान में, प्रांत ने ईसाइयों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार "सफाया"
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 12 : अपनी गिरफ्तारी के 9 दिन बाद कलीसिया अगुआ की यातना के कारण मृत्यु](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-12.html) - 2020 में, जब मुख्य भूमि चीन में कोविड-19 महामारी तेजी से फैल रही थी और लोग दहशत और बेचैनी के बीच संघर्ष कर रहे थे, तब भी सीसीपी को उनके जीने-मरने की कोई परवाह नहीं थी। इसके विपरीत, इसने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का दमन और उत्पीड़न तेज कर दिया और तीन साल का "पूर्ण
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 11 : अपनी आस्था पर अडिग रहने के कारण एक ईसाई को पाँच साल की जेल](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-11.html) - सितंबर 2020 में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए सीसीपी अधिकारियों ने तीन साल का "पूर्ण युद्ध" शुरू किया। शानदोंग प्रांत में, जो ईसाइयों के उत्पीड़न वाले सबसे गंभीर क्षेत्रों में से एक है, नवंबर 2020 में सीसीपी पुलिस द्वारा एक समन्वित सामूहिक गिरफ्तारी के जरिए जीबो शहर में
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 9 : खूनी अक्टूबर : जिलिन प्रांत में 210 ईसाई गिरफ्तार, दो पर्यवेक्षकों की हत्या](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-9.html) - वर्ष 2024 सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के खिलाफ सीसीपी के "तीन-वर्षीय कड़े संघर्ष" का पहला साल था, जिसके दौरान देश भर में कम से कम 19,053 ईसाइयों को गिरफ्तार किया गया। 11 अक्टूबर 2024 को, जिलिन प्रांत के चांगचुन में 600 से अधिक पुलिस अधिकारियों को ईसाइयों को गिरफ्तार करने और उन्हें सताने के लिए
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 8 : 18-वर्षीय ईसाई को चार पुलिस अधिकारियों ने घंटों तक पीटा और बिजली के झटके दिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-8.html) - 2023 के अंत में, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का "तीन-वर्षीय पूर्ण युद्ध" समाप्त हो गया, जिसे सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए चलाया गया था। यह कलीसिया को जड़ से मिटाने के अपने लक्ष्य में विफल रहा, इसलिए उसने तुरंत "तीन-वर्षीय कड़ा संघर्ष" शुरू कर दिया। 2025 इस "कड़े संघर्ष"
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 7 : जेल से रिहा हुई एक ईसाई के साथ खास बातचीत : जबरन मत-परिवर्तन की कोशिशों के बीच अपनी आस्था पर अडिग रहना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-7.html) - सितंबर 2020 में, सीसीपी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को जड़ से खत्म करने के लिए तीन साल का "पूर्ण युद्ध" शुरू किया। शानदोंग प्रांत उन प्रांतों में से एक था जहाँ ईसाइयों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न विशेष रूप से गंभीर था। इस "पूर्ण युद्ध" के लागू होने के बाद, स्थानीय अधिकारियों ने समन्वित गिरफ्तारियों
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 6 : बुजुर्ग ईसाइयों के खून और आँसू—अपनी आस्था पर कायम रहने के कारण 79 वर्षीया बुजुर्ग को सता-सताकर मार डाला गया](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-6.html) - 2024 सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के खिलाफ सीसीपी के "तीन-वर्षीय कड़े संघर्ष" का पहला साल था। साल की शुरुआत से ही, देश भर में ईसाइयों की गिरफ्तारियाँ लगातार जारी रहीं। 23 मई 2024 को, अनहुई प्रांत के बोझोउ शहर में अधिकारियों ने एक समन्वित गिरफ्तारी अभियान चलाया। 79 वर्षीया चिन मेई और 21 अन्य ईसाइयों
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 5 : सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को जड़ से मिटाने के लिए सीसीपी ने शुरू किया "तीन-वर्षीय कड़ा संघर्ष"](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-5.html) - सीसीपी का उन्मत्त, तीन-वर्षीय "पूर्ण युद्ध" (सितंबर 2020 से अगस्त 2023 तक) सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को नष्ट करने और जड़ से मिटाने के अपने लक्ष्य को हासिल करने में, विफल रहा। इसके बजाय, कलीसिया का विदेशों में तेजी से विकास हुआ और यह 100 से अधिक देशों में फैल गई। इससे सीसीपी और भी
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 4 : 2020 में, सीसीपी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को पूरी तरह से नष्ट करने के प्रयास में तीन-वर्षीय "पूर्ण युद्ध" शुरू किया](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-4.html) - बरसों से सीसीपी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का दमन और उत्पीड़न किया है। कलीसिया को पूरी तरह कुचलने और मिटाने के लिए, सितंबर 2020 में, सीसीपी ने कलीसिया के खिलाफ एक राष्ट्रीय तीन-वर्षीय "पूर्ण युद्ध" शुरू करने के लिए गुप्त सम्मेलन किया, कलीसिया के दमन और उत्पीड़न को धार्मिक विश्वास पर अपनी दमनात्मक कार्रवाई
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 3 : ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न का एक तथ्यात्मक रिकॉर्ड (भाग 3)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-3.html) - बरसों से सीसीपी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का दमन और उत्पीड़न किया है। कलीसिया को पूरी तरह कुचलने और मिटाने के लिए, सितंबर 2020 में, सीसीपी ने कलीसिया के खिलाफ एक राष्ट्रीय तीन-वर्षीय "पूर्ण युद्ध" शुरू करने के लिए गुप्त सम्मेलन किया, कलीसिया के दमन और उत्पीड़न को धार्मिक विश्वास पर अपनी दमनात्मक कार्रवाई
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 2 : ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न का एक तथ्यात्मक रिकॉर्ड (भाग 2)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-2.html) - सत्ता में आने के बाद से, सीसीपी ने अनगिनत राजनीतिक आंदोलन चलाए हैं और धार्मिक विश्वास को बदनाम, विकृत और कलंकित किया है। इसने आस्था का दानवीकरण किया है और पूरे समाज को धर्म के प्रति शत्रुतापूर्ण होने के लिए उकसाया है। पार्टी के नेताओं ने लगातार धार्मिक विश्वास को खत्म करने के लिए दमनकारी
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 1 : ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न का एक तथ्यात्मक रिकॉर्ड (भाग 1)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/facts-of-ccp-persecution-of-christians-1.html) - सीसीपी, एक नास्तिक मार्क्सवादी पार्टी, 70 से अधिक वर्षों से शासन कर रही है। इस दौरान, हर पार्टी नेता ने लगातार धार्मिक विश्वास का उत्पीड़न किया है, यह विचारधारा काफी हद तक एक समान बनी हुई है। वे लगातार क्रूर नीतियाँ लागू करते हैं और अनगिनत गुप्त दस्तावेज जारी करते हैं। वे सरकारी तंत्र में
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : अमेरिका के एक जाने-माने पादरी : सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया और सभी संप्रदायों के बीच का अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-3.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 1 : जाने-माने अमेरिकी ईसाई पादरी लुइस काकिआस के साथ एक विशेष साक्षात्कार लुइस काकिआस ने 40 से अधिक वर्षों तक प्रभु का अनुसरण किया और वह फ्लोरिडा, अमेरिका में एक जाने-माने पादरी, उपदेशक और बाइबल शिक्षक थे धार्मिक दुनिया में अपने कई वर्षों के प्रचार के
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : अमेरिका के एक जाने-माने पादरी : मुझे आखिरकार पुष्टि हो गई कि यह परमेश्वर की आवाज है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-2.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 1 : जाने-माने अमेरिकी ईसाई पादरी लुइस काकिआस के साथ एक विशेष साक्षात्कार लुइस काकिआस ने 40 से अधिक वर्षों तक प्रभु का अनुसरण किया और वह फ्लोरिडा, अमेरिका में एक जाने-माने पादरी, उपदेशक और बाइबल शिक्षक थे धार्मिक दुनिया में अपने कई वर्षों के प्रचार के
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : अमेरिका के एक जाने-माने पादरी ने किया धार्मिक दुनिया की वीरानी और काले सच का पर्दाफाश](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights-1.html) - सुझाये गये: राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 1 : जाने-माने अमेरिकी ईसाई पादरी लुइस काकिआस के साथ एक विशेष साक्षात्कार लुइस काकिआस ने 40 से अधिक वर्षों तक प्रभु का अनुसरण किया और वह फ्लोरिडा, अमेरिका में एक जाने-माने पादरी, उपदेशक और बाइबल शिक्षक थे धार्मिक दुनिया में अपने कई वर्षों के प्रचार के
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 7 : वेनेजुएला के सुक्रे राज्य की विधान परिषद के पूर्व निदेशक हेसुस डेविड के साथ एक विशेष साक्षात्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-7.html) - हेसुस डेविड कई वर्षों तक वेनेजुएला के सार्वजनिक मामलों में सक्रिय थे। राज्य सरकार के वरिष्ठ नेतृत्व से लेकर मेयर पद के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने तक और एक यूनियन लीडर से लेकर एक सामाजिक कार्यकर्ता बनने तक, उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में दो दशकों से अधिक समय बिताया और लगातार अपने
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 6 : अमेरिका निवासी वरिष्ठ क्यूबाई मनोचिकित्सक नोर्मा पेरेज, एम.डी., के साथ एक विशेष साक्षात्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-6.html) - नोर्मा पेरेज, एम.डी., बाल और किशोर मनोचिकित्सा की वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं। वे एक विद्वान भी हैं जो लंबे समय से चिकित्सा शिक्षण और शोध से जुड़ी हैं। दशकों के दौरान उन्होंने कई किशोरों को उनके मानसिक संघर्षों से उबरने में मदद की है। फिर भी दूसरों की मदद करते हुए उन्होंने अपने खुद के जीवन
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 5 : स्पेन में क्रिस्थियन बोगाडो के साथ एक विशेष साक्षात्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-5.html) - बहुत-से लोगों को क्रिस्थियन बोगाडो एक आदर्श पति लगता था। वह कड़ी मेहनत करता था, अपनी पत्नी और बच्चों से प्यार करता था और उसने अपने परिवार के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया था। लेकिन कोई नहीं जानता था कि उसके इस पूरे समर्पण के पीछे एक गहरा दर्द और जुनून छिपा था
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 4 : जर्मनी के वायलिन वादक लिसा यू (ह्युन जी) के साथ एक विशेष साक्षात्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-4.html) - लिसा यू (Lisa You / Hyun Ji) एक पेशेवर वायलिन वादक है, जिसका स्ट्रिंग क्वार्टेट के साथ प्रस्तुतियाँ देने और सांगीतिक यात्राएँ करने का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है। वाहवाही बटोरने और सुर्खियों में होने के बावजूद वह प्रतिस्पर्धात्मक दबाव और मानसिक थकान में फँसी हुई थी, लगातार दूसरों से अपनी तुलना करने और अंदरूनी संघर्ष
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 3 : फ्रांस के रीयूनियन द्वीप के मशहूर होस्ट, WI2L के साथ एक विशेष साक्षात्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-3.html) - WI2L कभी फ्रांस के विदेशी क्षेत्र, रीयूनियन द्वीप में एक होस्ट, डीजे और कला निर्देशक के रूप में घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम था। उसने कई टॉप-रेटेड हिट कार्यक्रम बनाए जिन्होंने पूरे द्वीप में धूम मचा दी और वह खुद भी मुख्य भूमि फ्रांस के मंचों तक पहुँच गया। प्रसिद्धि, धन और अंतहीन वाहवाही
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 2 : वेनेजुएला के पादरी कार्लोस गिल के साथ एक विशेष साक्षात्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-2.html) - कार्लोस गिल एक पादरी थे जिन्होंने बीस साल से अधिक समय तक एक कलीसिया में प्रभु की सेवा की, लगभग सौ विश्वासियों की कलीसिया की चरवाही की। 2017 के आसपास, उन्होंने देखा कि कलीसिया अधिकाधिक वीरान होती जा रही थी। सभाओं के दौरान विश्वासी ऊँघते रहते थे, उनकी आस्था ठंडी पड़ चुकी थी और सभाएँ
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 1 : जाने-माने अमेरिकी ईसाई पादरी लुइस काकिआस के साथ एक विशेष साक्षात्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/kingdom-gospel-chat-room-1.html) - लुइस काकिआस ने 40 से अधिक वर्षों तक प्रभु का अनुसरण किया और वह फ्लोरिडा, अमेरिका में एक जाने-माने पादरी, उपदेशक और बाइबल शिक्षक थे धार्मिक दुनिया में अपने कई वर्षों के प्रचार के दौरान, लुइस ने खुद इसकी वीरानी और इसके भीतर के कई काले रहस्यों को देखा उन्हें यह देखकर गुस्सा भी आया
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (15)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-15-part-1.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (15)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-15-part-3.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (15)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-15-part-2.html)
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर का स्वभाव पवित्र और निर्दोष है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/Gods-disposition-is-holy-and-flawless-mv.html) - 1 परमेश्वर नीनवे के लोगों से चाहे जितना भी क्रोधित रहा हो, लेकिन जैसे ही उन्होंने उपवास की घोषणा की और टाट ओढ़कर राख पर बैठ गए, उसका हृदय धीरे-धीरे नरम पड़ने लगा और उसने अपना मन बदलना शुरू कर दिया। उनसे यह घोषणा करने के एक क्षण पहले कि वह उनके नगर को नष्ट
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (9)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-9-part-5.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (9)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-9-part-3.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (15)" (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-15-part-4.html)
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 688: मैं अपनी परवरिश में अपनी माँ की दयालुता को अब सही ढंग से देख सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/correctly-treat-parents-kindness-in-raising-me.html) - वह बचपन से ही कमजोर और बीमार रहती थी और उसकी माँ उसकी खास देखभाल करती थी, उसे बहुत प्यार और सुरक्षा देती थी। उसने मन ही मन ठान लिया था कि बड़ी होकर वह अपनी माँ के पालन-पोषण के उपकार का बदला चुकाएगी। हालाँकि, एक अचानक हुई गिरफ्तारी ने उसे अपना गृहनगर छोड़ने पर
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 689: पैसा, प्रसिद्धि और लाभ के पीछे भागने के कड़वे वर्षों को अलविदा](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/saying-goodbye-to-years-chasing-money-fame.html) - अपने जीवन को सफल बनाने के लिए उसने कभी टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम किया, एक रेस्टोरेंट चलाया और सेल्स का काम किया। सालों तक कड़ी मेहनत करने और बार-बार झटके सहने के बाद भी उसने कभी हार नहीं मानी और अंततः सफलता हासिल की। हालाँकि, शोहरत के एक दौर के बाद उसे पैसे,
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (9)" (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-9-part-4.html)
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो उसके प्रति पूर्णतः ईमानदार हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-likes-those-honest-with-Him-mv.html) - 1 तुम्हें पता होना चाहिए कि परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो ईमानदार हैं। परमेश्वर के पास विश्वासयोग्यता का सार है, अतः उसके वचनों पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है; इसके अतिरिक्त, उसके क्रियाकलाप दोषरहित और निर्विवाद हैं। यही कारण है कि परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो उसके साथ
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (9)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-9-part-2.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (5)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-5-part-5.html)
- [Hindi Christian Song | तुम्हें परमेश्वर के प्रति सच्चा प्रेम रखने का प्रयास करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/have-true-love-for-God-mv.html) - 1 आज, व्यावहारिक परमेश्वर के एक विश्वासी के रूप में तुम्हें सही रास्ते पर कदम रखना होगा। परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें बस आशीष नहीं खोजने चाहिए; इसके बजाय तुम्हें परमेश्वर से प्रेम करने और परमेश्वर को जानने का अनुसरण करना चाहिए। परमेश्वर की प्रबुद्धता के माध्यम से और अपने व्यक्तिगत अनुसरण के द्वारा
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (9)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-9-part-1.html)
- [Hindi Christian Song | सत्य का अनुसरण करके ही तुम परमेश्वर में सफलतापूर्वक विश्वास कर सकते हो](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/pursuing-truth-leads-to-success-in-faith-mv.html) - 1 पतरस जिस पथ पर चला वह सफलता का पथ था, जो सामान्य मानवता की पुनः प्राप्ति अर्जित करने का पथ भी था और सृजित प्राणी के कर्तव्य की पुनः प्राप्ति का भी। परमेश्वर में अपने विश्वास में, पतरस ने प्रत्येक चीज में परमेश्वर को संतुष्ट करने का प्रयास किया और उस सबके प्रति समर्पण
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर के विश्वासी को किस चीज का अनुसरण करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/what-believer-should-pursue-2-mv.html) - 1 पतरस ने जिस चीज का भी अनुसरण किया वह सब कुछ परमेश्वर के इरादों के अनुरूप था। वह परमेश्वर के इरादे पूरे करने का अनुसरण करता था और भले ही उसे कठिनाई और विपत्ति सहनी पड़े, तो भी वह हर हाल में परमेश्वर के इरादे पूरे करने का इच्छुक था। परमेश्वर के किसी विश्वासी
- [धुंध में जीने से लेकर भीतर शांति पाने तक, वह कहती है कि परमेश्वर में विश्वास ने उसके जीवन को पूरी तरह से उज्ज्वल कर दिया है!](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/featured-short-videos-2.html) - धुंध में जीने से लेकर भीतर शांति पाने तक, वह कहती है कि परमेश्वर में विश्वास ने उसके जीवन को पूरी तरह से उज्ज्वल कर दिया है! Hindi Christian Movie | इंतज़ार था जिन ख़ुशियों का | A Christian's True Testimony of Returning to God https://youtu.be/wmQsYcYY0OU
- [Hindi Christian Song | जब मानवजाति विश्राम में प्रवेश कर चुकी होगी](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/when-mankind-entered-into-rest-mv.html) - 1 जब एक बार मानवजाति विश्राम में प्रवेश कर लेगी तो बुरे कर्म करने वाले नष्ट किए जा चुके होंगे और समस्त मानवता सही मार्ग पर होगी; जो भूमिकाएँ उन्हें निभानी चाहिए उनके आधार पर सभी प्रकार के लोग अपनी-अपनी किस्म के अनुसार छाँटे जाएँगे। केवल यही मानवता के विश्राम का दिन होगा, केवल यही
- [Hindi Christian Song | सभी जो सत्य का अभ्यास नहीं करते वे नष्ट किए जाएँगे](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/do-not-practice-truth-meet-destruction-mv.html) - 1 सभी जो मौखिक रूप से देहधारी परमेश्वर को स्वीकार करते हैं, फिर भी देहधारी परमेश्वर के प्रति समर्पण के सत्य का अभ्यास नहीं कर पाते, उन सबको अंततः हटाया और नष्ट किया जाना है। और सभी जो दृश्यमान परमेश्वर को मौखिक रूप से स्वीकारते हैं और उसके द्वारा व्यक्त सत्य को खाते और पीते
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर में विश्वास करना मगर सत्य को स्वीकार न करना छद्म-विश्वासी होना है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/believe-in-God-but-not-accept-truth-is-nonbeliever-mv.html) - 1 कुछ लोग सत्य से प्रेम नहीं करते, न्याय से तो और भी कम प्रेम करते हैं। इसके बजाय वे सत्ता और दौलत से प्रेम करते हैं; ऐसे लोग सत्ता चाहने वाले कहे जाते हैं। वे केवल दुनिया के शक्तिशाली संप्रदायों को और धर्म-महाविद्यालयों से आए पादरियों व शिक्षकों को ही खोजते हैं। सत्य के
- [Hindi Christian Song | सब कुछ परमेश्वर की संप्रभुता के अधीन है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/everything-is-under-Gods-sovereignty-mv.html) - 1 परमेश्वर की संप्रभुता के अधीन, उसके अधिकार के कारण और उसके प्रबंधन की खातिर सभी चीजें जन्म लेती हैं, जीवित रहती हैं और नष्ट हो जाती हैं। कुछ चीजें चुपचाप आती हैं और चली जाती हैं और मनुष्य नहीं देख सकता कि वे कहाँ से आई हैं, न ही उन नियमों को समझ सकता
- [Hindi Christian Song | जो परमेश्वर को दोषी ठहराने के लिए बाइबल का उपयोग करते हैं वे सब फरीसी हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/use-bible-to-condemn-God-are-pharisees-mv.html) - 1 यहूदी फरीसी यीशु को दोषी ठहराने के लिए मूसा की व्यवस्था का उपयोग करते थे। वे यीशु के अनुरूप होने का प्रयास नहीं करते थे, बल्कि व्यवस्था के प्रत्येक अनुच्छेद के साथ इतनी गंभीरता से पेश आते थे कि—यीशु पर व्यवस्था का पालन न करने और मसीहा न होने का आरोप लगाने के बाद—अंततः
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (5)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-5-part-2.html)
- [Hindi Christian Song | मनुष्य का प्रबंधन करने के परमेश्वर के कार्य की वास्तविक कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/truth-about-God-managing-people-mv.html) - 1 तुझे यह जानना चाहिए कि परमेश्वर का मनुष्यों को पूर्ण बनाना, उन्हें पूर्ण करना और उन्हें प्राप्त करना, उनकी देह पर तलवारों और प्रहारों के साथ-साथ अंतहीन पीड़ा और आग से जलन, निष्ठुर न्याय, ताड़ना, शाप और असीम परीक्षणों के सिवाय कुछ नहीं लाया है। मानव का प्रबंधन करने के कार्य की वास्तविक कहानी
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (5)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-5-part-1.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (5)" (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-5-part-4.html)
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 283: अब मैं बुढ़ापे में अपना कर्तव्य अच्छे से न निभाने को लेकर परेशान नहीं होती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/no-longer-worry-not-doing-duty-well-in-old-age.html) - अधेड़ उम्र में उसने प्रभु की वापसी का स्वागत किया और तब से वह उत्साहपूर्वक खुद को खपा रही थी, इस उम्मीद में कि वह एक दिन राज्य में प्रवेश कर सकेगी और अनंत जीवन पा सकेगी। लेकिन सत्तर साल की उम्र पार करने के बाद उसकी सेहत गिरने लगी और याददाश्त कमजोर होने लगी।
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (5)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-5-part-3.html)
- [परमेश्वर हमसे जो कहता है उसे सुनने से मत चूको](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/daily-readings-of-God-s-words-19.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "परमेश्वर की मनुष्य से और जो उसका अनुसरण करते हैं उनसे ठीक-ठीक अपेक्षाएँ निम्नानुसार हैं। अपना अनुसरण करने वालों से उसकी पाँच अपेक्षाएँ हैं : वास्तविक विश्वास, निष्ठापूर्ण अनुसरण, पूर्ण समर्पण, सच्चा ज्ञान और हार्दिक भय।" —वचन, खंड 2, परमेश्वर को जानने के बारे में, स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है
- [परमेश्वर हमसे जो कहता है उसे सुनने से मत चूको](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/daily-readings-of-God-s-words-20.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "तुम लोगों को केवल मेरे सामने शांतिपूर्ण रहने के बारे में सरोकार रखना चाहिए। मेरे साथ घनिष्ठ समागम में रहो, जहाँ तुम्हें समझ न आए वहाँ अधिक खोजो, प्रार्थनाएँ करो, और मेरे समय की प्रतीक्षा करो। सब-कुछ आत्मा से स्पष्ट रूप से देखो। लापरवाही से कार्य न करो, ताकि खुद
- [परमेश्वर हमसे जो कहता है उसे सुनने से मत चूको](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/daily-readings-of-God-s-words-21.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "तुम सृजित प्राणी हो—तुम्हें निस्संदेह परमेश्वर की आराधना और सार्थक जीवन का अनुसरण करना चाहिए। यदि तुम परमेश्वर की आराधना नहीं करते हो बल्कि अपनी अशुद्ध देह के भीतर रहते हो, तो क्या तुम बस मानव भेष में जानवर नहीं हो? चूँकि तुम मानव प्राणी हो, इसलिए तुम्हें स्वयं को
- [परमेश्वर हमसे जो कहता है उसे सुनने से मत चूको](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/daily-readings-of-God-s-words-22.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "परमेश्वर के वचनों में वे सत्य निहित हैं जो इंसान में होने आवश्यक हैं, वे चीजें हैं जो मनुष्य के लिए सर्वाधिक लाभदायक और सहायक हैं, वह टॉनिक और पोषण है जिसकी आवश्यकता तुम लोगों के शरीर को है, वे चीजें हैं जो मनुष्य को अपनी सामान्य मानवता को बहाल
- [परमेश्वर हमसे जो कहता है उसे सुनने से मत चूको](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/daily-readings-of-God-s-words-23.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "हर ऐसे व्यक्ति के पास उद्धार के लिए कई अवसर होंगे जिसने परमेश्वर के वचनों द्वारा जीत लिया जाना स्वीकार कर लिया है; प्रत्येक व्यक्ति के उद्धार में परमेश्वर उसे यथासंभव अधिकतम छूट देगा। दूसरे शब्दों में, उसके प्रति परम उदारता दिखाई जाएगी। अगर लोग गलत रास्ता छोड़ दें और
- [परमेश्वर हमसे जो कहता है उसे सुनने से मत चूको](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/daily-readings-of-God-s-words-24.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "अगर लोग परमेश्वर से सत्य पाना चाहते हैं तो सबसे पहले उनके पास क्या होना चाहिए? उनके पास ऐसा दिल होना चाहिए जो धार्मिकता के लिए भूखा और प्यासा हो, यानी एक ईमानदार दिल। तुम्हारे दिल में ईमानदारी क्या दर्शाती है? यही कि तुम वास्तव में सत्य से प्रेम करते
- [परमेश्वर हमसे जो कहता है उसे सुनने से मत चूको](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/daily-readings-of-God-s-words-25.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "जो लोग मेरे वचनों को सुनते ही तुरंत जाग उठते हैं, वे निश्चित रूप से मेरे आशीष प्राप्त करेंगे और निश्चित रूप से मेरी सुरक्षा और देखभाल प्राप्त करेंगे। वे निश्चित रूप से ताड़ना की पीड़ा का अनुभव नहीं करेंगे; बल्कि परिवार के सुख का आनंद लेंगे। क्या तुम यह
- [अगर जीवन की कठिनाइयाँ और काम की मेहनत तुम्हें दर्द और हताशा का एहसास कराएँ, तो याद रखो : परमेश्वर ही हमारा एकमात्र सहारा है!](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sharing-the-gospel-3.html) - अगर जीवन की कठिनाइयाँ और काम की मेहनत तुम्हें दर्द और हताशा का एहसास कराएँ, तो याद रखो : परमेश्वर ही हमारा एकमात्र सहारा है! सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : "मेरे भीतर शांत रहो, क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर हूँ, तुम लोगों का एकमात्र उद्धारक। तुम लोगों को हर समय अपने हृदय शांत रखने चाहिए और
- [हम परमेश्वर के जितने करीब जाते हैं, उतने ही अधिक आशीष हम उससे प्राप्त कर सकते हैं। क्या तुम इस पर "आमीन" कहते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sharing-the-gospel-1.html) - हम परमेश्वर के जितने करीब जाते हैं, उतने ही अधिक आशीष हम उससे प्राप्त कर सकते हैं। क्या तुम इस पर "आमीन" कहते हो? यदि तुम "आमीन" कहते हो, तो क्या तुम परमेश्वर के करीब जाने और उसके आशीष प्राप्त करने के लिए हमारे साथ परमेश्वर के वचनों का अध्ययन करने को तैयार हो? यदि
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 683: माता-पिता के प्यार और देखभाल को सही ढंग से कैसे लें](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-approach-parental-love-and-care.html) - 19 साल की उम्र में परमेश्वर में विश्वास करने के कारण चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया और ढाई साल जेल की सजा सुनाई गई। रिहा होने के बाद पुलिस की निगरानी से बचने के लिए उसे अपने कर्तव्य निभाने के लिए घर छोड़ना पड़ा। जब उसे पता चला कि उसके माता-पिता
- [Hindi Christian Song | अंत के दिनों के मसीह को अस्वीकार करने वाले सदा के लिए दंडित किए जाएँगे](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/reject-Christ-will-be-punished-mv.html) - 1 बहुत से लोगों को शायद इसकी परवाह न हो कि मैं क्या कहता हूँ, किंतु फिर भी मैं यीशु का अनुसरण करने वाले हर तथाकथित संत को बताना चाहता हूँ कि जब तुम लोग यीशु को एक श्वेत बादल पर स्वर्ग से उतरते अपनी आँखों से देखोगे तो यह धार्मिकता के सूर्य के सार्वजनिक
- [Hindi Christian Song | मैं हूँ बस एक अदना सृजित प्राणी](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/a-tiny-created-being-mv.html) - 1 हे परमेश्वर, चाहे मेरे पास रुतबा हो या न हो, अब मैं स्वयं को जानता हूँ। यदि मेरा रुतबा ऊँचा है तो यह तुम्हारे द्वारा उन्नयन के कारण है और यदि यह निम्न है तो यह तुम्हारे पूर्वनियत करने के कारण है। सब-कुछ तुम्हारे हाथों में है। मेरे पास न तो कोई विकल्प है,
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर इंसान की जरूरत के कारण काम करने के लिए देह बना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-became-flesh-because-of-man-mv.html) - 1 भ्रष्ट इंसान की आवश्यकताओं के कारण ही देहधारी परमेश्वर देह में आया है। यह परमेश्वर नहीं मनुष्य की आवश्यकताओं की वजह से है, परमेश्वर के समस्त बलिदान और कष्ट मानवजाति के लिए हैं न कि स्वयं परमेश्वर के लाभ के लिए। परमेश्वर के लिए कोई नफा-नुकसान या प्रतिफल नहीं है; परमेश्वर भविष्य की कोई
- [Hindi Gospel Movie | जाँच-पड़ताल | A Testimony of Christians Being Caught up During the Catastrophes](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/investigation-movie.html) - लियू मुझेन और अन्य एक घरेलू कलीसिया में विश्वासी हैं। आपदाओं को अधिकाधिक विकराल होते देखकर उन्हें एहसास होता है कि प्रभु शायद लौट आया है और वे उसके स्वागत के लिए व्यग्र हैं, इसलिए वे ऑनलाइन खोज और जाँच शुरू करते हैं। अनपेक्षित रूप से उनकी जाँच सुखद आश्चर्य लेकर आती है : वे
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (8)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-8-part-5.html)
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 246: क्या परमेश्वर के लिए त्याग करने और खुद को खपाने के बदले आशीषें मिलनी चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/does-sacrificing-and-expending-for-God-entitle-us-blessings.html) - परमेश्वर में विश्वास करने के बाद उसने अपने परिवार और करियर का त्याग कर दिया और कई वर्षों तक घर से दूर रहकर अपना कर्तव्य निभाया। जब उसने देखा कि गुओ ली, जिसने सालों तक त्याग किया था और खुद को खपाया था, उसे कैंसर हो गया, कई सर्जरी के बाद भी वह ठीक नहीं
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 681: क्या माता-पिता की दयालुता एक ऐसा कर्ज़ है जिसे कभी चुकाया नहीं जा सकता?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/was-parental-kindness-a-debt-never-repaid.html) - उसे गोद लेकर माता-पिता ने पाला था जो उसे बहुत प्यार करते थे और उसे अपना सगा मानते थे। बड़ी होने के बाद उसने अपने आदर्श जीवनसाथी को छोड़कर किसी ऐसे व्यक्ति से शादी कर ली जो उसके माता-पिता की देखभाल करने के लिए उसके परिवार के साथ रहने को तैयार था। लेकिन उसके और
- [Hindi Christian Song | कर्तव्य अच्छे से पूरा करने से ही मूल्यवान होता है जीवन](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/only-fulfilling-duty-gives-life-value-mv.html) - 1 आज तुम लोग परमेश्वर के घर में अपना कर्तव्य निभा पा रहे हो, यह कोई संयोग नहीं है; यह सब परमेश्वर की अगुवाई में हो रहा है। यह केवल परमेश्वर द्वारा तुम्हें दिए आदेश के कारण है कि तुम इस तरह भावविभोर हुए हो, तुम्हें इसी मिशन और जिम्मेदारी का बोध है और तुम
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर 6000 वर्षीय प्रबंधन योजना का संप्रभु है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-is-ruler-of-management-plan-mv.html) - 1 परमेश्वर आदि और अंत है; स्वयं वही है, जो अपने कार्य को आरंभ करता है और इसीलिए स्वयं उसी को पिछले युग का समापन करने वाला भी होना चाहिए। यही उसके द्वारा शैतान को पराजित करने और संसार पर विजय प्राप्त करने का प्रमाण है। हर बार जब स्वयं वह मनुष्य के बीच कार्य
- [Hindi Christian Song | जब परमेश्वर स्वयं इस संसार में आता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/when-God-comes-unto-world-mv.html) - 1 जिस क्षण मेरे लोग मेरे कार्यों के परिणामस्वरूप मेरे साथ-साथ महिमा प्राप्त करेंगे, उस क्षण बड़े लाल अजगर की माँद उजागर कर दी जाएगी, सारा कीचड़ साफ कर दिया जाएगा और असंख्य वर्षों से जमा सारा दूषित जल मेरी दहकती आग में सूख जाएगा और उसका अस्तित्व नहीं रहेगा। इसके बाद बड़ा लाल अजगर
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (10)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-10-part-1.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (10)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-10-part-2.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (7)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-7-part-3.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (10)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-10-part-5.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (10)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-10-part-3.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (7)" (भाग छह)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-7-part-6.html)
- [Hindi Christian Song | पूर्ण बनाए जाने के लिए तुम्हारे पास संकल्प और साहस होना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/have-resolution-to-be-perfected-mv.html) - 1 आज तुम केवल इस बात से संतुष्ट नहीं हो सकते कि तुम पर किस प्रकार विजय पाई जानी है, बल्कि यह विचार भी करना चाहिए कि तुम्हें अपने आगे के पथ पर कैसे चलना चाहिए। पूर्ण बनाए जाने के लिए तुम्हारे पास संकल्प और साहस होना चाहिए और तुम्हें हमेशा यह नहीं सोचते रहना
- [Hindi Christian Song | इंसान को पूर्ण बनाने के लिए न्याय परमेश्वर का मुख्य तरीका है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/judgment-is-way-to-perfect-man-mv.html) - 1 परमेश्वर द्वारा मनुष्य की पूर्णता किन साधनों से संपन्न होती है? वह परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव के माध्यम से संपन्न होती है। परमेश्वर के स्वभाव में मुख्यतः धार्मिकता, कोप, प्रताप, न्याय और शाप शामिल हैं और वह मनुष्य को मुख्य रूप से अपने न्याय के माध्यम से पूर्ण बनाता है। कुछ लोग समझते नहीं
- [Hindi Christian Song | अपना कर्तव्य अच्छे से पूरा करना परमेश्वर में विश्वास की सबसे सच्ची गवाही](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/fulfilling-duty-is-truest-testimony-of-faith-mv.html) - 1 पृथ्वी पर सच्चे और निष्ठापूर्वक सृजित प्राणी का कर्तव्य निभाने वाले लोगों का समूह ही सृष्टिकर्ता के प्रति समर्पण करने वाला होता है। यह समूह सांसारिक प्रवृत्तियों का अनुसरण नहीं करता; वे परमेश्वर की अगुआई और मार्गदर्शन के प्रति समर्पण करते हैं, केवल सृष्टिकर्ता के वचन सुनते हैं, सृष्टिकर्ता द्वारा व्यक्त किए गए सत्य
- [केवल ईमानदार लोग ही परमेश्वर को भाते हैं (भाग 1/4)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/shorts-1.html) - कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 6 : फ्रांस की कलीसिया में ईसाइयों के अनुभव : स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने की शर्तें फ्रांस में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के आधार पर ईमानदार लोग बनने के लिए अभ्यास का मार्ग पाया है। भले ही वे ईमानदार
- [केवल ईमानदार लोग ही परमेश्वर को भाते हैं (भाग 2/4)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/shorts-2.html) - कलीसियाई जीवन पर एक लाइव रिपोर्ट, एपिसोड 6 : फ्रांस की कलीसिया में ईसाइयों के अनुभव : स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने की शर्तें फ्रांस में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के आधार पर ईमानदार लोग बनने के लिए अभ्यास का मार्ग पाया है। भले ही वे ईमानदार
- [Hindi Christian Song | सर्वशक्तिमान परमेश्वर मनुष्य के पीछे का सहारा है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/Almighty-God-is-the-mainstay-of-mankind-mv.html) - 1 तुम्हें इस या उस चीज से नहीं डरना चाहिए; चाहे तुम्हें कितनी भी मुसीबतों या खतरों का सामना करना पड़े, तुम्हें किसी भी अड़चन से बाधित हुए बिना मेरे सम्मुख अडिग रहना चाहिए ताकि मेरी इच्छा बेरोक-टोक पूरी हो सके। यह तुम्हारा कर्तव्य है। तुम्हें सब कुछ सहना होगा; मेरे लिए तुम्हें हर चीज
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 673: परमेश्वर के इरादे के अनुसार माता-पिता के साथ कैसे पेश आएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/treat-parents-in-accordance-with-God-s-intentions.html) - वह कभी अपने माता-पिता, ससुरालियों और पड़ोसियों की नजर में एक आज्ञाकारी बेटी और अच्छी बहू हुआ करती थी। लेकिन, परमेश्वर में विश्वास के कारण वह सीसीपी द्वारा उत्पीड़ित की गई और भागने पर मजबूर हो गई, जिससे वह अपने माता-पिता के प्रति अपना कर्तव्य निभाने में असमर्थ हो गई। इस वजह से वह गहरे
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 674: क्या एक आदर्श शादी के पीछे भागने से खुशी मिल सकती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/can-pursuing-happy-marriage-bring-happiness.html) - एक समय उसकी शादी एक मिसाल की तरह थी। जब उसने परमेश्वर को पाया तो उसका पति सीसीपी की निराधार अफवाहों के प्रभाव में आकर उसे सताने लगा और रुकावटें डालने लगा। अपने पति को खुश करने और अपनी शादी को बनाए रखने के लिए उसने अपने कर्तव्य छोड़ दिए और अंत में उसे बर्खास्त
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (7)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-7-part-5.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (7)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-7-part-2.html)
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 671: मेरा संघर्ष जब मुझे पता चला कि माँ को बाहर निकाला जाने वाला है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/when-i-learned-my-mother-was-to-be-cleared-out.html) - जब उसे पता चला कि कलीसिया एक छद्म-विश्वासी के रूप में उसकी माँ के व्यवहार की जाँच कर रही है, तो उसे इस पर विश्वास करना मुश्किल लगा और अपनी माँ के बहकावे में आकर वह उसकी ओर से आक्रोश महसूस करने लगी। लेकिन बाद में तथ्यों से पता चला कि उसकी माँ ने सत्य
- [Hindi Christian Song | अंत के दिनों में मसीह के प्रकटन और कार्य को कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/know-end-time-Christs-appearance-mv.html) - 1 जो देहधारी परमेश्वर है उसके पास परमेश्वर का सार है और जो देहधारी परमेश्वर है उसके पास परमेश्वर की अभिव्यक्ति है। चूँकि परमेश्वर देहधारी बना है, इसलिए वह उस कार्य को अपने साथ लाता है जो वह करना चाहता है और चूँकि वह देहधारी परमेश्वर है, इसलिए वह परमेश्वर का स्वरूप व्यक्त करता है
- [Hindi Christian Song | उम्मीद करता है परमेश्वर कि इंसान उसके वचनों के प्रति सच्चा हृदय रखे](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/sincere-toward-God-s-words-mv.html) - 1 तुम्हारा गंतव्य और तुम्हारी नियति तुम लोगों के लिए बहुत अहम हैं—उनका तुम लोगों पर बहुत असर होता है। तुम मानते हो कि अगर तुम लोग अत्यंत सावधानी से चीजें नहीं करते, तो इसका अर्थ यह होगा कि अब तुम्हारा कोई गंतव्य नहीं रह जाएगा, कि तुमने अपना भाग्य बर्बाद कर लिया है। लेकिन
- [Hindi Christian Song | देखने में इतनी भद्दी लगती है परमेश्वर में मनुष्य की आस्था](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/mans-faith-in-God-is-bad-mv.html) - 1 परमेश्वर का अनुसरण करने वाले बहुत सारे लोग केवल इस बात से मतलब रखते हैं कि आशीष कैसे प्राप्त किए जाएँ या आपदा को कैसे टाला जाए। जैसे ही परमेश्वर के कार्य और प्रबंधन का उल्लेख किया जाता है, वे चुप हो जाते हैं और सारी रुचि खो देते हैं। उन्हें लगता है कि
- [Hindi Christian Song | मार्ग के अंतिम चरण में सही ढंग से कैसे चलें](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/follow-well-last-stretch-of-path-mv.html) - 1 तुम्हें यह याद रखना चाहिए कि ये वचन अब कहे जा चुके हैं : बाद में, तुम अधिक बड़े क्लेश और अधिक बड़ी पीड़ा का अनुभव करोगे! पूर्ण बनाया जाना सरल या आसान बात नहीं है। कम से कम तुममें अय्यूब की आस्था होनी चाहिए या उससे भी कहीं बड़ी आस्था। तुम्हें जानना चाहिए
- [Hindi Gospel Movie Trailer | जाँच-पड़ताल](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/investigation-trailer.html) - लियू मुझेन और कई अन्य घरेलू कलीसिया के विश्वासी आपदाओं को और भी बड़ा होता हुआ देखते हैं और महसूस करते हैं कि अगर वे जल्द ही प्रभु का स्वागत करने में विफल रहे, तो वे विनाशों में पड़ जाएँगे। वे प्रभु का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन उनके पादरी उन्हें बताते हैं
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 670: मैंने परमेश्वर में विश्वास के प्रति अपने गलत दृष्टिकोण सही किए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/i-amended-wrong-views-on-belief-in-God.html) - सोलह साल की उम्र में उसे ल्यूपस का पता चला था। परमेश्वर में विश्वास करना शुरू करने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ, जिससे उसका दिल परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता से भर गया। हालाँकि, जब बीमारी फिर से लौटी और उसने परमेश्वर को उसे ठीक करने के लिए कोई चमत्कार करते नहीं देखा, तो
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 667: अब मैं अपनी कमजोर काबिलियत के कारण खुद से हार नहीं मानती](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/no-longer-give-up-on-myself-due-to-poor-caliber.html) - वह कलीसिया में धर्मोपदेशों का चयन और मूल्यांकन करने का कर्तव्य कर रही थी। चूँकि वह अपने सीखे हुए सिद्धांतों को लचीले ढंग से लागू नहीं कर सकी और अपने कर्तव्य में अच्छे परिणाम नहीं पा सकी, इसलिए उसने निष्कर्ष निकाला कि उसकी काबिलियत खराब है और उसे चिंता हुई कि अपना कर्तव्य अच्छी तरह
- [Hindi Christian Song | हर दिन जो तुम अभी जीते हो, निर्णायक है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/every-day-is-crucial-mv.html) - 1 इस समय हर वह दिन निर्णायक है जिसे तुम लोग जीते हो और यह तुम्हारे गंतव्य और भाग्य के लिए बड़े ही महत्व का है, इसलिए आज जो कुछ भी तुम्हारे पास है, वह सब तुम्हें सँजोना चाहिए और गुजरने वाले हर क्षण को सँजोना चाहिए। ख़ुद को सबसे बड़े लाभ बटोरने में सक्षम
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (6)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-6-part-3.html)
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर का न्याय उसकी धार्मिकता और पवित्रता को प्रकट करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-judgment-reveals-righteousness-holiness-mv.html) - 1 मैं आज जो वचन बोलता हूँ, वे मनुष्य के पापों का न्याय करने के लिए हैं, मनुष्य की अधार्मिकता का न्याय करने के लिए और मनुष्य के विद्रोहीपन को शाप देने के लिए हैं। मनुष्य की कुटिलता और धोखेबाजी, उसके शब्द और कर्म—जो भी परमेश्वर के इरादों के विपरीत हैं उन सबका न्याय होना
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (6)" (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-6-part-4.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (6)" (भाग छह)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-6-part-6.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (6)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-6-part-2.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (6)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-6-part-1.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (4)" (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-4-part-4.html)
- [Christian Dance | परमेश्वर मानव जाति के लिए एक ज़्यादा सुंदर कल बनाता है | Praise Song](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-beautiful-creation-for-mankind-2.html) - 1 मैं अपने अनमोल फल कनान के उन मेहनती किसानों को प्रदान करूँगा, जो तत्परता के साथ मेरी वापसी का स्वागत करते हैं। मैं केवल यह चाहता हूँ कि स्वर्ग अनंत काल तक रहे और इससे भी अधिक यह चाहता हूँ कि मनुष्य कभी बूढ़ा न हो, स्वर्ग और मनुष्य सदैव विश्राम में रहें और
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (4)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-4-part-1.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (4)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-4-part-5.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (6)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-6-part-5.html)
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर के कोप का प्रतीक](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/symbol-of-God-s-wrath-mv.html) - 1 परमेश्वर का स्वभाव उसका अपना अंतर्निहित सार है, जो समय के साथ बिल्कुल नहीं बदलता और न ही यह भौगोलिक स्थान के बदल जाने से ही बदलता है। उसका अंतर्निहित स्वभाव उसका आंतरिक सार है। वह चाहे जिस पर भी अपना कार्य करे, उसका सार नहीं बदलता और न ही उसका धार्मिक स्वभाव बदलता
- [Hindi Christian Song | अंत में किसी का भाग्य कैसा होगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/fate-work-out-in-the-end-mv.html) - 1 तुम्हें पता होना चाहिए कि क्या तुम्हारे भीतर सच्ची आस्था और सच्ची वफादारी है, क्या परमेश्वर के लिए कष्ट उठाने का तुम्हारा कोई इतिहास है और क्या तुम्हारे पास परमेश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण है। यदि तुममें ये चीजें नहीं हैं, तो तुम्हारे भीतर विद्रोहीपन, कपट, लालच और शिकायत अभी शेष हैं। चूँकि तुम्हारा
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (3)" (भाग छह)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-3-part-6.html)
- [Hindi Christian Song | क्या तुम्हें पता है स्रोत अनंत जीवन का?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/source-of-eternal-life-mv.html) - 1 मनुष्य का जीवन परमेश्वर से उत्पन्न होता है, स्वर्ग का अस्तित्व परमेश्वर के कारण है, और पृथ्वी का बचे रहना भी परमेश्वर के जीवन के सामर्थ्य से उत्पन्न होता है। प्राण-शक्ति से युक्त कोई भी वस्तु परमेश्वर की संप्रभुता से परे नहीं जा सकती, और ओज से युक्त कोई भी वस्तु परमेश्वर के अधिकार-क्षेत्र
- [Hindi Christian Song | जो परमेश्वर को नहीं जानते वे उसका प्रतिरोध करते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/those-not-know-God-oppose-God-mv.html) - 1 परमेश्वर के प्रतिरोधियों का संदर्भ उन लोगों से है जो उसे नहीं जानते, जो अपने मुँह से परमेश्वर को स्वीकृति देते हैं मगर उसे जानते नहीं, जो परमेश्वर का अनुसरण करते हैं मगर उसके प्रति समर्पण नहीं करते और जो परमेश्वर के अनुग्रह का आनंद उठाते हैं मगर उसके प्रति अपनी गवाही में अडिग
- [Hindi Christian Song | जब तुम खोलते हो अपना हृदय परमेश्वर के लिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/open-your-heart-to-God-2-mv.html) - 1 जब लोग परमेश्वर को नहीं समझते और उसके स्वभाव को नहीं जानते, तो उनका हृदय परमेश्वर के लिए वास्तव में कभी नहीं खुल सकता। जब वे परमेश्वर को समझ जाते हैं तो उनमें परमेश्वर के हृदय की समानुभूति करने और इसका रसास्वादन करने की रुचि और आस्था होगी। जब तुम परमेश्वर के हृदय की
- [Hindi Sermon Series | Seeking True Faith: अंत के दिनों में परमेश्वर को फिर से देह धारण करके प्रकट होना और कार्य करना क्यों चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/why-God-must-appear-and-work-in-flesh-in-the-last-days.html) - अंत के दिनों में, देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने बहुत-से सत्य व्यक्त किए हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को देखकर बहुत-से लोगों ने उन्हें परमेश्वर की वाणी और सत्य के रूप में पहचाना है, यह माना है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही देहधारी मनुष्य का पुत्र है और उन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य
- [Hindi Christian Song | विश्वासियों को परमेश्वर के पदचिह्नों का बारीकी से अनुसरण करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/believers-follow-closely-God-2-mv.html) - 1 चूँकि मनुष्य परमेश्वर में विश्वास करता है, इसलिए उसे परमेश्वर के हर पदचिह्न का बारीकी से अनुसरण करना चाहिए; और उसे "जहाँ कहीं मेमना जाता है उसका अनुसरण करना" चाहिए। केवल यही वे लोग हैं जो सचमुच सच्चा मार्ग खोजते हैं, केवल यही वे लोग हैं जो पवित्र आत्मा के कार्य को जानते हैं।
- [Hindi Christian Song | सच्ची आस्था क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/what-is-true-faith-mv.html) - 1 आस्था का संदर्भ किससे है? आस्था वह सच्चा विश्वास और निष्कपट हृदय है जो मनुष्यों के पास तब होना चाहिए जब वे किसी चीज को देख या छू न सकते हों, जब परमेश्वर का कार्य उनकी धारणाओं के अनुरूप न हो या जब वह उनकी पहुँच से बाहर हो। यही वह आस्था है, जिसकी
- [Hindi Sermon Series | Seeking True Faith: क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करना प्रभु यीशु से विश्वासघात करना है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/is-believing-in-Almighty-God-betraying-the-Lord-Jesus.html) - अंत के दिनों के उद्धारकर्ता—सर्वशक्तिमान परमेश्वर—ने एक करोड़ से अधिक वचन व्यक्त किए हैं और वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय का कार्य कर रहा है। धार्मिक दुनिया में बहुत से लोग जो परमेश्वर के प्रकटन के लिए तरसते हैं, उन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ा है, उन्हें परमेश्वर की वाणी
- [Hindi Sermon Series | Seeking True Faith: अगर धार्मिक दुनिया इसकी निंदा करती है, तो क्या यह सच्चा मार्ग नहीं है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/condemned-by-the-religious-world-is-it-not-the-true-way.html) - दो हजार साल पहले, प्रभु यीशु ने मानवजाति को छुटकारा दिलाने का कार्य किया, फिर भी यहूदी धर्म के अगुआओं ने उन्मत्त होकर प्रभु यीशु की निंदा की और उसका प्रतिरोध किया, यहाँ तक कि उसे क्रूस पर चढ़ा दिया। अब, अंत के दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर आ गया है और परमेश्वर के घर
- [Hindi Christian Song | तुम्हारा परिणाम क्या होगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/what-will-be-your-end-mv.html) - 1 समस्त वस्तुओं का परिणाम निकट आ रहा है और समस्त स्वर्ग और पृथ्वी अपने अंत पर पहुँच गए हैं। मनुष्य उस दिन से कैसे बचेगा जिस दिन मानवीय अस्तित्व का अंत होगा? वे जो परमेश्वर का भय मानते हैं और उसके प्रकट होने की प्रतीक्षा करते हैं, वे परमेश्वर की धार्मिकता के प्रकटन के
- [Hindi Christian Song | अंत के दिनों में परमेश्वर का धार्मिक न्याय मनुष्य का उनकी किस्म के अनुसार छँटाई करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/end-time-judgment-classifies-mankind-mv.html) - 1 युग का समापन करने के अपने अंतिम कार्य में परमेश्वर का स्वभाव ताड़ना और न्याय का है, जिसमें वह वो सब प्रकट करता है जो अधार्मिक है, ताकि वह सार्वजनिक रूप से सभी लोगों का न्याय कर सके और उन लोगों को पूर्ण बना सके जो सच्चे मन से उसे प्यार करते हैं। केवल
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (4)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-4-part-3.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (4)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-4-part-2.html)
- [Hindi Sermon Series | Seeking True Faith: प्रभु का स्वागत करने के लिए हमें उसकी वाणी क्यों सुननी चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/hear-the-Lord-s-voice-to-welcome-Him.html) - प्रकाशितवाक्य की पुस्तक कहती है : "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ" (प्रकाशितवाक्य 3:20)। (© BSI) इससे, हम देख सकते हैं कि प्रभु का स्वागत करने की कुंजी उसकी वाणी सुनना है।
- [Hindi Sermon Series | Seeking True Faith: क्या जिनके पाप क्षमा कर दिए गए हैं, वे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के योग्य हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/does-forgiveness-of-sin-get-you-into-the-heavenly-kingdom.html) - प्रभु में विश्वास करने वाले सभी स्वर्ग के राज्य में उठा लिए जाने की उम्मीद करते हैं। वे मानते हैं कि चूँकि प्रभु यीशु ने पहले ही उनके पाप क्षमा कर दिए हैं, इसलिए जब प्रभु आएगा, तो वे सीधे स्वर्ग के राज्य में उठा लिए जाएँगे। हालाँकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (3)" (भाग चार)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-3-part-4.html)
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 656: जब मेरे सहपाठियों ने सुसमाचार प्रचार करने के कारण मेरी रिपोर्ट कर दी](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/after-reported-by-classmates-for-preaching-gospel.html) - सुसमाचार का प्रचार करना और परमेश्वर की गवाही देना स्वाभाविक रूप से न्यायोचित बात है, लेकिन इसी वजह से उसके सहपाठियों ने उसकी शिकायत कर दी, उसके शिक्षकों ने उसे अलग-थलग कर दिया और यहाँ तक कि उसकी स्वतंत्रता भी बाधित कर दी गई। उसके सहपाठियों ने उसे बहिष्कृत किया, उसकी खिल्ली उड़ाई और उसके
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (3)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-3-part-5.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (3)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-3-part-3.html)
- [Hindi Christian Song | मनुष्य को बचाने के परमेश्वर के श्रमसाध्य इरादे कोई नहीं समझता](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/no-one-understands-God-s-wish-mv.html) - 1 परमेश्वर ने इस संसार की रचना की और इसमें एक जीवित प्राणी, मनुष्य को लेकर आया, जिसे उसने जीवन प्रदान किया। क्रमशः मनुष्य के माता-पिता और परिजन हुए और वह अकेला नहीं रहा। जब से मनुष्य ने पहली बार इस भौतिक दुनिया पर नजरें डालीं, तब से वह परमेश्वर के विधान के भीतर विद्यमान
- [Hindi Christian Song | इंसान को संभालने का काम है शैतान को हराने का काम](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/work-to-defeat-satan-mv.html) - 1 परमेश्वर का सारा कार्य शैतान को पराजित करने के लिए है। उसका समस्त कार्य—चाहे वह ताड़ना हो या न्याय—शैतान की ओर निर्देशित है; इसे मानव-जाति के उद्धार के वास्ते किया जाता है, यह सब शैतान को पराजित करने के लिए है, और इसका एक ही उद्देश्य है : शैतान के विरुद्ध बिल्कुल अंत तक
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 652: "अन्य लोगों ने तुम्हें जो कुछ भी सौंपा है उसे निष्ठापूर्वक सँभालने की पूरी कोशिश करो" के विचार पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/reflections-on-fulfilling-entrusted-tasks-with-loyalty.html) - वह छोटी उम्र से ही अपने पिता से प्रभावित था और मानता था कि यदि तुम "अन्य लोगों ने तुम्हें जो कुछ भी सौंपा है, उसे निष्ठापूर्वक सँभालने की पूरी कोशिश करो" तो इसका मतलब है कि तुम एक अच्छे इंसान हो। दूसरे लोग अक्सर उसे काम सौंपते थे और भले ही वह अपने काम
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 653: क्या "दूसरों के प्रति सहिष्णु होना" सचमुच अच्छी मानवता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/does-being-tolerant-show-good-humanity.html) - वह एक कलीसिया अगुआ है। अपने सहकर्मियों और भाई-बहनों को यह सोचवाने के लिए कि उसकी मानवता अच्छी है, वह अपने मेलजोल में इस नैतिक मानक का अनुसरण करती थी कि "अपने प्रति सख्त और दूसरों के प्रति सहिष्णु बनो"। जब वह सहकर्मियों को बोझ की भावना के बिना अपना कर्तव्य निभाते देखती थी, तो
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (3)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-3-part-2.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (3)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-3-part-1.html)
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर उन्हें आशीष देता है जो ईमानदार हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-blesses-those-who-are-honest-mv.html) - 1 ईमानदारी का अर्थ है अपना हृदय परमेश्वर को अर्पित करना; हर बात में उसके साथ सच्चाई से पेश आना; हर बात में उसके साथ खुलापन रखना, कभी तथ्यों को न छुपाना; अपने से ऊपर और नीचे वालों को कभी भी धोखा न देना, और मात्र परमेश्वर की चापलूसी करने के लिए चीज़ें न करना।
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (1)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-1-part-2.html)
- [Hindi Christian Song | बहुत प्यारी है परमेश्वर की विनम्रता](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-humbleness-is-so-lovable-mv.html) - 1 परमेश्वर ने स्वयं को इस स्तर तक विनम्र किया है कि वह अपना कार्य इन अशुद्ध और भ्रष्ट लोगों में करता है, और लोगों के इस समूह को पूर्ण बनाता है। परमेश्वर न केवल लोगों के बीच रहने और खाने-पीने, लोगों की चरवाही करने और जो उनकी जरूरतें हैं, उन्हें प्रदान करने के लिए
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (2)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-2-part-5.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (1)" (भाग पाँच)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-1-part-5.html)
- [Hindi Christian Song | केवल उन लोगों को बचाया जाता है जो शैतान को हरा देते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/those-defeat-satan-are-saved-mv.html) - 1 अभी जब लोगों को बचाया नहीं गया है, तब शैतान के द्वारा उनके जीवन में प्रायः विघ्न डाला, और यहाँ तक कि उन्हें नियंत्रित भी किया जाता है। दूसरे शब्दों में, वे लोग जिन्हें बचाया नहीं गया है शैतान के क़ैदी होते हैं, उन्हें कोई स्वतंत्रता नहीं होती, वे अब भी शैतान की पकड़
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर द्वारा इंसान के आसपास लोगों, घटनाओं और चीजों को व्यवस्थित करने का उद्देश्य](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-s-arrangements-for-man-mv.html) - 1 यदि तुम परमेश्वर की संप्रभुता में विश्वास करते हो, तो तुम्हें यह विश्वास करना होगा कि हर दिन जो भी अच्छा होता है या बुरा, वो यूँ ही नहीं होता। ऐसा नहीं है कि कोई जानबूझकर तुम पर सख्त हो रहा है या तुम पर निशाना साध रहा है; यह सब परमेश्वर की व्यवस्था
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 642: जिन आशंकाओं ने मुझे दूसरों की समस्याएँ उजागर करने से रोका](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/misgivings-that-stopped-me-from-exposing-the-problems-of-others.html) - वह एक कलीसिया अगुआ है और उसके जिम्मे भाई-बहनों के कार्य की निगरानी और इसका अनुवर्तन करना है। तो वह क्यों झिझकती है और चिंताओं से भरी रहती है, कार्रवाई क्यों नहीं कर पाती है? यहाँ तक कि जब वह कार्य की धीमी प्रगति को देखती है, तब भी वह दूसरों की समस्याओं को बताने
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 646: अपना कर्तव्य निभाना वह जिम्मेदारी है जिससे मैं भाग नहीं सकती](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/performing-duty-is-unshirkable-responsibility.html) - वह अपने माता-पिता की देखभाल और प्यार में पली-बढ़ी और बड़ी होने पर उनके लिए संतानोचित रहना चाहती थी। परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारने के बाद उसे सीसीपी के पीछे पड़ने के कारण अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे उसके लिए अपने माता-पिता की देखभाल करना और उनके प्रति
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (2)" (भाग दो)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-2-part-2.html)
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "सत्य का अनुसरण कैसे करें (2)" (भाग एक)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/how-to-pursue-the-truth-2-2-part-1.html)
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 644: अपना कर्तव्य निभाने के लिए मैं हमेशा दूसरों पर निर्भर क्यों रहती हूँ?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/why-always-rely-on-others-to-do-my-duty.html) - वह कलीसिया की एक अगुआ चुनी गई थी लेकिन कम चिंता करने के लिए और कीमत चुकाने से बचने के लिए वह हर चीज के लिए अपनी सहयोगी पर निर्भर रहती थी। जब उसकी सहयोगी को पदोन्नत किया गया, तब जाकर वह दबाव महसूस करने लगी। कार्य के विभिन्न पहलुओं में पीड़ा सहने और कीमत
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 643: मेरी गलतफहमी और परमेश्वर के प्रति रक्षात्मक भाव दूर हो गया](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/my-misunderstanding-and-guardedness-against-God-were-eliminated.html) - वह कभी कलीसिया में सुसमाचार कार्य के लिए जिम्मेदार थी, लेकिन अपर्याप्त कार्य क्षमता के कारण उसे बरखास्त कर दिया गया था। उसके बाद उसे लगातार चिंता सताती रहती थी कि अगर उसने अपने कर्तव्य पूरे नहीं किए, तो उसे बेनकाब करके निकाल दिया जाएगा। वह अक्सर अपनी खराब काबिलियत का बहाना बनाकर अपने विचार
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 641: मेरी पसंद](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/my-choice.html) - कम उम्र से ही उसके परिवार ने उसके मन में यह विश्वास बैठा दिया था कि जमकर पढ़ाई करना ही उज्ज्वल भविष्य की कुँजी है। परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारने के बाद उसे जीवन का सही मूल्य और अर्थ समझ में आया। हालाँकि वह परमेश्वर के प्रेम का बदला चुकाने के लिए
- [Hindi Christian Song | आशीषित हैं वो जो करते हैं परमेश्वर से प्रेम](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/blessed-are-those-who-love-God-2-mv.html) - 1 केवल वे जो परमेश्वर से प्रेम करते हैं, परमेश्वर की गवाही दे पाते हैं, केवल वे ही परमेश्वर के गवाह हैं, केवल वे ही परमेश्वर द्वारा धन्य किए जाते हैं, और केवल वे ही परमेश्वर की प्रतिज्ञाएँ प्राप्त कर पाते हैं। वे जो परमेश्वर से प्रेम करते हैं, परमेश्वर के अंतरंग हैं; वे परमेश्वर
- [Hindi Christian Song | मसीह जिस चीज को व्यक्त करता है वह है आत्मा का अंतर्निहित अस्तित्व](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/Christ-expresses-what-spirit-is-mv.html) - 1 परमेश्वर मनुष्य के सार से अच्छी तरह से अवगत है, वह सभी प्रकार के लोगों से संबंधित हर तरह के अभ्यास उजागर कर सकता है। वह मानव के भ्रष्ट स्वभाव और विद्रोही व्यवहार को भी बेहतर ढंग से उजागर करता है। वह सांसारिक लोगों के बीच नहीं रहता, परंतु वह नश्वर लोगों की प्रकृति
- [Hindi Christian Song | अंत के दिनों का मसीह राज्य का युग लाया है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/Christ-has-brought-age-of-kingdom-2-mv.html) - 1 जब यीशु मनुष्य के संसार में आया तो उसने अनुग्रह का युग शुरू किया और व्यवस्था का युग समाप्त किया। अंत के दिनों के दौरान परमेश्वर एक बार फिर देहधारी हुआ और उसने अनुग्रह का युग समाप्त किया और राज्य का युग शुरू किया। वे सब जो परमेश्वर के दूसरे देहधारण को स्वीकार करने
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर के प्रकटन को सीमित करने के लिए कल्पना पर निर्भर मत रहो](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/not-delimit-God-s-appearance-mv.html) - 1 परमेश्वर समस्त मानवजाति का परमेश्वर है। वह स्वयं को किसी भी देश या राष्ट्र की निजी संपत्ति नहीं मानता, बल्कि अपना कार्य अपनी बनाई योजना के अनुसार, किसी भी रूप, देश या राष्ट्र द्वारा बंधे बिना करता है। शायद तुमने इस रूप की कभी कल्पना नहीं की है या शायद इस रूप के प्रति
- [Hindi Sermon Series | Seeking Truth in Faith: "जो पुत्र पर विश्वास करता है, अनन्त जीवन उसका है" इसका सच में क्या अर्थ है?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/what-does-he-that-believes-on-the-Son-have-everlasting-life-mean.html) - पवित्रशास्त्र में लिखा है, "जो पुत्र पर विश्वास करता है, अनन्त जीवन उसका है" (यूहन्ना 3:36)। (© BSI) क्या "पुत्र पर विश्वास करने" का मतलब केवल प्रभु यीशु पर विश्वास करना है? दो हजार सालों से, अनगिनत लोगों ने प्रभु यीशु पर विश्वास किया है। क्या इन लोगों ने अनंत जीवन पा लिया है? प्रभु
- [Hindi Sermon Series | Seeking Truth in Faith: क्या तुम सच में बाइबल से चिपके रहकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/can-you-enter-kingdom-of-heaven-by-clinging-to-bible.html) - प्रेरित पौलुस ने कहा, "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है।" इसके और अन्य लोगों के शब्दों के आधार पर, कई धार्मिक लोगों का मानना है कि बाइबल के सभी शब्द परमेश्वर के वचन हैं। क्या यह तथ्यों के अनुरूप है? क्या बाइबल परमेश्वर का प्रतिनिधित्व कर सकती है? क्या तुम बाइबल को
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर सभी का चुपचाप साथ देता और प्रदान करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-silently-provides-for-everyone-mv.html) - 1 परमेश्वर सभी समय एवं सभी स्थानों पर प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं की आपूर्ति करता है, प्रत्येक मनुष्य के बदलते विचारों का अवलोकन करता है और इस प्रकार उनको सांत्वना एवं उपदेश देता है और उन्हें मार्गदर्शन देता और रोशन करता है। लोग परमेश्वर की सोच की चाहे कितनी भी अनदेखी करें, वह फिर भी
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 635: अपनी आस्था में तुम न ठंडे न गर्म होकर खुद को बर्बाद कर दोगे](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/lukewarm-faith-in-God-could-ruin-oneself.html) - जब उसने पहली बार अपना पाठ-आधारित कर्तव्य निभाना शुरू किया, तो उसने पाया कि कुछ विस्तृत काम बहुत जटिल और कठिन हैं और वह कष्ट सहने और कीमत चुकाने के लिए तैयार नहीं है। इस वजह से वह अपनी सहयोगी पर निर्भर रहने लगी—वह वही करती जो उसकी सहयोगी उसे करने के लिए कहती और
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर संपूर्ण सृष्टि का प्रभु है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-is-lord-of-all-creation-mv.html) - 1 एक समय मैं यहोवा के नाम से पुकारा जाता था, एक समय मुझे लोग मसीहा के रूप में भी जानते थे और एक समय लोग मुझे प्यार और सम्मान से उद्धारकर्ता यीशु भी कहते थे। आज मैं वह यहोवा या यीशु नहीं हूँ, जिसे लोग बीते समयों में जानते थे। बल्कि मैं वह परमेश्वर
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर मनुष्य से सच्चे पश्चात्ताप की आशा करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-hopes-for-man-to-repent-mv.html) - 1 परमेश्वर नीनवे के लोगों से चाहे जितना भी क्रोधित रहा हो, लेकिन जैसे ही वे राख मलकर और टाट ओढ़कर उपवास पर बैठ गए, उसका हृदय धीरे-धीरे नरम पड़ने लगा और उसने अपना मन बदलना शुरू कर दिया। उनसे यह घोषणा करने के एक क्षण पहले कि वह उनके नगर को नष्ट कर देगा—उनके
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 634: अपनी हीनता की भावनाओं को पहचानना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/overcoming-feelings-of-inferiority.html) - वह बचपन से ही अंतर्मुखी रही है और दूसरों के आस-पास होने पर घबरा जाती थी और बोल नहीं पाती थी। अपने कर्तव्य निभाने के लिए परमेश्वर के घर आने के बाद जब उसने देखा कि अन्य भाई-बहन उससे बोलने में ज्यादा अच्छे हैं, तो वह विशेष रूप से बाधित महसूस करने लगी। वह चर्चाओं
- [Hindi Christian Song | परमेश्वर के देहधारण का अधिकार](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/authority-of-God-s-incarnation-mv.html) - 1 यद्यपि देहधारी परमेश्वर की देह एक साधारण और सामान्य मनुष्य का बाहरी रूप है, किंतु उसके वचन से प्राप्त परिणाम मनुष्य को दिखाते हैं कि वह अधिकार से परिपूर्ण है, कि वह स्वयं परमेश्वर है और उसके वचन स्वयं परमेश्वर की अभिव्यक्ति हैं। इसके माध्यम से सभी मनुष्यों को दिखाया जाता है कि वह
- [Hindi Christian Song | तुम्हें मसीह के साथ संगत होने का मार्ग खोजना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/seek-way-of-compatibility-with-Christ-mv.html) - 1 यहूदी फरीसी यीशु को दोषी ठहराने के लिए मूसा की व्यवस्था का उपयोग करते थे। उन्होंने उस समय के यीशु के संगत होने की कोशिश नहीं की, लेकिन उन्होंने व्यवस्था के प्रत्येक अनुच्छेद को इतनी गंभीरता से लिया कि—उस पर यह दोष लगाते हुए कि वह पुराने नियम की व्यवस्था का पालन नहीं करता
- [Hindi Christian Song | मसीह व्यावहारिक परमेश्वर है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/Christ-is-the-practical-God-mv.html) - 1 परमेश्वर के वचनों में जीवन-सामर्थ्य है, वे हमें वह मार्ग देते हैं जिस पर हमें चलना चाहिए और हमें यह अच्छी तरह से समझने में सक्षम बनाते हैं कि सत्य वास्तव में क्या है। हम उसके वचनों से आकर्षित होने लगते हैं, हम उसके बोलने के लहजे और तरीके पर ध्यान देने लगते हैं,
- [Hindi Christian Song | इंसान को बचाने के लिये ख़ामोशी से कार्य करता है देहधारी परमेश्वर](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/God-in-the-flesh-to-save-mankind-2-mv.html) - 1 परमेश्वर एक साधारण व्यक्ति के रूप में देहधारी होता है, लोगों के बीच में छिपकर हमें बचाने का नया कार्य करता है। वह हमें कोई सफाई नहीं देता, न ही वह हमें यह बताता है कि वह क्यों आया है, बल्कि जो करने का उसका इरादा होता है उस काम को अपनी योजना और
- [Hindi Christian Song | तुम हमेशा मेरे दिल में रहो](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/may-You-stay-in-my-heart-mv.html) - तुम वसंत और पतझड़ में मेरे साथ रहते हो, सर्दी और गर्मी में मेरे साथ चलते हो। तुम्हारा एकाकी मुखमंडल देखकर मेरा दिल उदासी से भर जाता है। कभी तुम्हारे एकाकीपन पर सोचा नहीं, न ही तुम्हारे दुख को सांत्वना दी। अड़ियल होकर पश्चात्ताप न करने में, मैं बार-बार तुम्हारे हृदय से निकले उपदेशों का
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 633: अपना कर्तव्य अच्छे से निभाना परमेश्वर द्वारा सौंपा गया मिशन है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/performing-duty-well-is-the-mission-entrusted-by-God.html) - परमेश्वर में उसके विश्वास के कारण चीनी कम्युनिस्ट पार्टी उसका पीछा कर रही थी और वह घर लौटने में और अपने माता-पिता के पास रहने और उनकी देखभाल करने में असमर्थ थी। जब उसे पता चला कि उसके पिता कार दुर्घटना का शिकार हो गए हैं और उनकी कलाई टूट गई है और ड्राइवर मुआवजा
- [Hindi Christian Song | बीमारी का आना परमेश्वर का प्रेम है](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/Onset-of-illness-is-God-s-love-mv.html) - 1 सर्वशक्तिमान परमेश्वर, सभी चीजों का मुखिया, अपने सिंहासन से अपनी राजसी शक्ति का निर्वहन करता है। वह समस्त ब्रह्माण्ड और सभी चीजों पर राज करता है और सम्पूर्ण पृथ्वी पर हमारा मार्गदर्शन करता है। हम हर क्षण उसके समीप होंगे, और शांतचित्त होकर उसके सम्मुख आएँगे, कभी एक पल भी नहीं खोएँगे और हर
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 632: एक खतरनाक माहौल ने मेरा स्वार्थीपन प्रकट कर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/dangerous-environment-revealed-my-selfishness.html) - उसने दो बहनों की मेजबानी की जो भागती फिर रही थीं और घर नहीं लौट सकती थीं। यह जानने के बाद कि पुलिस उनकी तस्वीरें इस्तेमाल करके उन्हें ढूँढ़ रही थी, उसे उनकी मेजबानी करने में बहुत ज्यादा जोखिम महसूस हुआ। लंबी जेल की सजा से डरकर, वह खुद को बचाने के लिए यह उम्मीद
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 631: मैं अपना कर्तव्य स्थिरता के साथ निभाने में सक्षम हो गई हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/i-become-able-to-do-my-duty-resolutely.html) - वह कलीसिया में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत करती रही है। शुरुआत में उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन वह अपने कर्तव्य निभाने को लेकर बहुत उत्साहित थी। मगर समय बीतने के साथ और वह अधिक कुशल होती गई, तो नयापन खत्म हो गया और वह लापरवाही बरतने लगी, जिससे उसके काम में देरी
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 630: झूठ बोलने की समस्या का समाधान खोजना](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/have-a-way-to-resolve-my-lying.html) - जब अगुआ उसके काम की स्थिति के बारे में पूछताछ करती है, तो वह अपने काम में विचलनों और गलतियों को छिपाने के लिए झूठ बोलती है। बाद में उसे अपराधबोध होता है और वह आत्म-चिंतन करने लगती है : जब अगुआ उसके काम के बारे में पूछती है तो वह सच बोलने के लिए
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 563: मैं अब अपने बेटे की नौकरी को लेकर चिंतित नहीं हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/no-longer-worried-about-my-sons-job.html) - अपने सभी रिश्तेदारों को काफी ताकतवर और प्रभावशाली देखकर उसे बेहद ईर्ष्या होती थी। यह महसूस करके कि उसके अपने जीवन के लिए अब कोई उम्मीद नहीं बची है, उसने अपनी उम्मीदें अपने बेटे पर टिका दीं कि वह सरकारी अधिकारी बने और भीड़ से अलग दिखे, ताकि वह उसकी महिमा के साये में अपना
- [Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 629: अपने कर्तव्य में आसान काम चुनने और मुश्किल कामों से जी चुराने के दुष्परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/consequences-choosing-easy-work-fearing-hard-duty.html) - वह कलीसिया के वीडियो निर्माण में स्पेशल इफेक्ट्स तैयार करता था और जब से उसे थोड़ा तकनीकी ज्ञान हुआ था, वह यथास्थिति से संतुष्ट हो गया था। वह अधिक जटिल काम दूसरों पर डाल देता था और अपने तकनीकी कौशल को गहरा करने के लिए कभी कोई प्रयास नहीं करता था, जिसके परिणामस्वरूप बहुत कम
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन "अपनी धारणाओं का समाधान करके ही व्यक्ति परमेश्वर पर विश्वास के सही मार्ग पर चल सकता है (3)" (भाग तीन)](https://hi.kingdomsalvation.org/videos/resolving-notions-to-embark-on-right-track-3-part-3.html)
## 天国福音
- [परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-has-ushered-in-a-new-age.html) - उद्धारकर्ता पहले ही लौट आया है! हम परमेश्वर के प्रकटन का स्वागत करते हुए, उसके पदचिह्नों का अनुसरण कैसे कर सकते हैं, और नए युग में कैसे प्रवेश कर सकते हैं? आपको यहाँ पर इसका मार्ग मिल सकता है।
- [सात गर्जनाएँ गरजती हैं—भविष्यवाणी करती हैं कि राज्य का सुसमाचार पूरे ब्रह्मांड में फैल जाएगा](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/kingdom-gospel-shall-spread-throughout-the-universe.html) - हमारा उद्धारकर्ता लौट आया है और उसने वचन बोले हैं। वह राज्य का सुसमाचार लेकर आया है। क्या आप परमेश्वर के वचन सुनना चाहते हैं? क्या आप राज्य के युग में प्रवेश करना चाहते हैं? यहाँ और अधिक जानकारी पाएं!
- [केवल अंत के दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनंत जीवन का मार्ग दे सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life.html) - अनंत जीवन क्या है? हम इसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं? यहां आप अनंत जीवन का स्रोत पाकर, अनंत जीवन का मार्ग प्राप्त कर सकते हैं।
- [जब तक तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देखोगे, परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नया बना चुका होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/by-the-time-you-behold-the-spiritual-body-of-Jesus-God-will-have-made-heaven-and-earth-anew.html) - क्या आप जानते हैं कि जब प्रभु यीशु बादल पर लौटेगा तो सभी लोग क्यों रोएँगे? जब वह लौटेगा, तो वह किसे बचाएगा और किसे दंड देगा? जवाब यहाँ खोजें।
- [परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-is-the-source-of-man-s-life-topic.html) - परमेश्वर जीवन है। वह हमारे जीवन के लिए अक्षय पोषण की व्यवस्था कैसे करता है? परमेश्वर के जीवन-पोषण का त्याग कर देने के क्या परिणाम होते हैं? इन सवालों के जवाब यहाँ खोजें।
- [मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/Christ-does-the-judgment-work-with-truth.html) - परमेश्वर का न्याय क्या है? परमेश्वर अंत के दिनों में अपना न्याय-कार्य कैसे करता है? इन सवालों के जवाब इस साइट पर पाएं।
- [बाइबल क्या है? बाइबल किस तरह की पुस्तक है? बाइबल कैसे बनी?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-bible-take-shape.html) - प्रभु पर विश्वास करने वाले हर दिन बाइबल पढ़ते हैं। तो, बाइबल किस प्रकार की पुस्तक है? बाइबल और परमेश्वर के कार्य के बीच क्या संबंध है? परमेश्वर के शब्द हमें इतिहास और बाइबल की अंदरूनी कहानी को समझने के लिए मार्गदर्शन करेंगे। अभी पढ़े!
- [देहधारण क्या होता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-the-incarnation.html) - हम सब जानते हैं कि दो हजार साल पहले, परमेश्वर ने इंसान को छुटकारा दिलाने के लिए प्रभु यीशु के रूप में देहधारण किया, और उपदेश दिया, “मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है” (मत्ती 4:17)। उसने बहुत-से सत्य भी व्यक्त किए और छुटकारे का कार्य पूरा करने के लिए, इंसान की पापबलि
- [एक सच्चा परमेश्वर कौन है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/who-is-the-ture-God.html) - इस ईसाई उपदेश को पढ़ें: "सच्चा परमेश्वर कौन है?" यह आपको महान आपदाओं के इस समय में सच्चे परमेश्वर को खोजने में मदद करेगा और आपको परमेश्वर द्वारा संरक्षित होने का मार्ग दिखाएगा।
- [परमेश्वर अंत के दिनों में न्याय-कार्य क्यों करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/why-God-do-judgment.html) - आज महामारी पूरी दुनिया में फैल रही है, आपदाएँ विकराल होती जा रही हैं। हमने भूकंप, अकाल और युद्ध देखे हैं, और सभी विश्वासी उत्सुकता से उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के आने की राह देख रहे हैं, जिनसे मिलने के लिए वे आकाश में उठा लिए जाएंगे और जल्द-से-जल्द इन आपदाओं के कष्ट से बच जाएँगे।
- [परमेश्वर के अंत के दिनों का न्याय कार्य मनुष्य को कैसे शुद्ध करके बचाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-God-cleanses-man-in-His-judgment-work.html) - लोगों को यह एहसास हो गया है कि बड़ी आपदाएँ हम तक आ गयी हैं, और प्रभु के बादल पर आने की आस लगाए हुए लोग सांस रोक कर प्रतीक्षा करते रहे हैं। वर्षों की प्रतीक्षा के बाद भी वे अब तक उसे आते हुए नहीं देख पाए। इसके बजाय, वे चमकती पूर्वी बिजली को,
- [परमेश्वर अंत के दिनों का अपना न्याय-कार्य करने के लिए देहधारण क्यों करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/why-God-becomes-flesh-to-do-judgment-work.html) - हम अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय-कार्य के बारे में पहले भी बात कर चुके हैं। आज हम यह देखना चाहेंगे कि यह न्याय-कार्य कौन करता है। सभी विश्वासी जानते हैं कि परमेश्वर अंत के दिनों में मनुष्यों के बीच न्याय करेगा, सृष्टिकर्ता मनुष्यों के सामने प्रकट होकर स्वयं अपने कथन व्यक्त करेगा। तो
- [यह पहचानना कि एक परमेश्वर तीन चरणों का कार्य कैसे करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-to-know-three-stages-of-work-are-done-by-one-God.html) - आज, हमारी संगति का विषय है “यह पहचानना कि एक परमेश्वर तीन चरणों का कार्य कैसे करता है।” यह एक अहम विषय है, और हमारे अंत और गंतव्य से सीधे जुड़ा है। यह इससे भी सीधे जुड़ा है कि हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं या नहीं। अगर हम परमेश्वर को मानते
- [सच्चे मसीह को झूठे मसीहों से पहचानना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-to-discern-true-Christ-from-false-ones.html) - आज मैं सच्चे मसीह को झूठे मसीहों से पहचानने पर बात करूँगा। शायद कुछ लोग पूछें, परमेश्वर में हमारी आस्था से इसका क्या सरोकार है। बहुत कुछ। क्या सभी लोग जानते हैं कि मसीह कौन है? अगर आप यह जानते हैं कि मसीह पृथ्वी पर आया हुआ उद्धारकर्ता है, तो अब जब विपत्तियाँ आ रही
- [मनुष्य को बचाने के लिए परमेश्वर को तीन चरणों का कार्य करने की क्या जरूरत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/why-God-does-three-steps-of-work-to-save-man.html) - हम सब जानते हैं कि 2,000 साल पहले, प्रभु यीशु ने यहूदिया में प्रकट होकर मनुष्य को छुटकारा दिलाने के लिए कार्य किया था, और प्रचार किया था “मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है” (मत्ती 4:17)। उसने अनेक सत्य व्यक्त किए और बहुत-से चिन्ह और चमत्कार प्रकाशित किए, जिससे यहूदिया राष्ट्र में
- [क्या धार्मिक अगुआओं का अनुसरण करना परमेश्वर का अनुसरण करना है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/is-listening-to-religious-leaders-following-God.html) - 2,000 वर्ष पहले, हमारा उद्धारकर्ता प्रभु यीशु छुटकारे का कार्य करने के लिए आया था और यहूदी धर्म के महायाजकों, शास्त्रियों और फरीसियों ने उन्मादपूर्वक उसकी निंदा की थी। चूँकि अधिकतर यहूदी अपने धार्मिक अगुआओं पर श्रद्धा रखते थे, इसलिए उन्होंने प्रभु यीशु की निंदा करने और उसे नकारने में उन मसीह-विरोधियों का साथ दिया,
- [क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर में आस्था प्रभु यीशु से विश्वासघात है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/is-belief-in-Almighty-God-a-betrayal-of-Jesus.html) - अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, को प्रकट हुए पूरे तीस साल हो चुके हैं। उसने 1991 में अपना काम करना और सत्य व्यक्त करना शुरू किया। उसने वचन देह में प्रकट होता है को व्यक्त किया है, उसके लाखों वचन ऑनलाइन मौजूद हैं, पूर्व से पश्चिम तक महान प्रकाश की तरह चमकते हुए,
- [असल में स्वर्गारोहित होने का क्या अर्थ है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-true-rapture.html) - 2,000 वर्ष पहले, प्रभु यीशु ने सूली पर चढ़ाये जाने, और छुटकारे का कार्य पूरा कर लेने के बाद, वापस लौटकर आने का वादा किया था। तब से, सभी विश्वासी हमारे उद्धारकर्ता के बादल पर सवार होकर नीचे आने की आस लगाए बैठे हैं, ताकि वे उसके पास स्वर्गारोहित हो सकें। विश्वासियों को किसी भी
- [क्या यह सच है कि परमेश्वर के सभी कार्य और वचन बाइबल में हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/is-it-right-to-say-God-s-words-are-all-in-the-bible.html) - उद्धारकर्ता सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंत के दिनों में प्रकट होकर कार्य कर रहा है, उसने करोड़ों वचन व्यक्त किए हैं। वह मनुष्य को पूरी तरह से शुद्ध करके बचाने के लिए परमेश्वर के घर से शुरू होने वाला न्याय-कार्य कर रहा है। उसके वचनों का संग्रह, वचन देह में प्रकट होता है, ऑनलाइन उपलब्ध है। उसने
- [क्या प्रभु सच में बादल पर आता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/will-the-Lord-really-come-on-a-cloud-at-His-return.html) - हम देख रहे हैं कि एक-एक करके आपदा आ रही है, महामारियाँ दुनिया भर में फैल रही हैं। सभी विश्वासी तत्परता से इंतजार कर रहे हैं कि प्रभु बादल पर आए और उन्हें स्वर्ग के राज्य में ले जाने, और इस अंधेरी दुनिया और आपदाओं से बचाने के लिए अपने साथ आसमान में ले जाए।
- [हम केवल परमेश्वर की वाणी सुनकर ही प्रभु का स्वागत क्यों कर सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/welcome-the-Lord-by-hearing-God-s-voice.html) - इस समय, सभी विश्वासी प्रभु यीशु के बादल पर आने की कामना कर रहे हैं, क्योंकि आपदाएँ और गंभीर होती जा रही हैं और हर तरह की महामारियाँ बढ़ रही हैं, अकाल और युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। विश्वासियों को लगता है कि प्रभु कभी भी लौट सकता है, पर वे नहीं जानते कि
- [क्या आस्था द्वारा उद्धार परमेश्वर के राज्य में प्रवेश दिलाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/can-we-enter-God-s-kingdom-by-faith-alone.html) - महामारी लगातार फैल रही है, भूकंप, बाढ़, कीटों का झुंड, अकाल आने शुरू हो गए हैं। बहुत लोग लगातार बेचैनी की स्थिति में जी रहे हैं, विश्वासी उत्सुकता से प्रभु के बादल पर आने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वह उन्हें आसमान में ले जाए, और वे आपदाओं की पीड़ा और मृत्यु से बच
- [जब उद्धारकर्ता वापस आएगा, क्या वह तब भी यीशु ही कहलाएगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/when-Savior-returns.html) - अंत के दिनों में उद्धारकर्ता सर्वशक्तिमान परमेश्वर पहले ही पृथ्वी पर आ चुका है, वो सत्य व्यक्त करते हुए मानव-जाति को पूरी तरह से बचाने के लिए काम कर रहा है। जब से वचन देह में प्रकट होता है पुस्तक ऑनलाइन रखी गई है, दुनिया भर के लोगों ने देखा है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के
- [अंत के दिनों में परमेश्वर देहधारी होकर क्यों आता है, आत्मा के रूप में क्यों नहीं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/incarnate-not-in-Spirit-form.html) - जबसे उद्धारकर्ता सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने अंत के दिनों के अपने न्याय-कार्य के लिए सत्य व्यक्त किए हैं, बहुत लोगों ने सच्चे मार्ग की खोज और पड़ताल की है, और फिर उद्धारकर्ता की वापसी का स्वागत किया है। उन्होंने देखा है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन बहुत अधिकारपूर्ण, शक्तिशाली और वास्तव में सत्य हैं, और पुष्टि
- [कौन मानवजाति को बचाकर हमारी तकदीर बदल सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/who-can-save-mankind.html) - तकदीर की बात होते ही ज्यादातर लोग इसे पैसे, रुतबे और सफलता से जोड़कर देखने लगते हैं, और सोचते हैं कि दुख और विपदाएँ झेल रहे गरीब और गुमनाम लोग, जिन्हें नीची नजर से देखा जाता है, खराब तकदीर वाले हैं। इसलिए अपनी तकदीर बदलने के लिए वे ज्ञान के पीछे भागते हैं, इस उम्मीद
- [प्रभु यीशु मनुष्य को छुटकारा दे चुका है, तो अंत के दिनों में लौटकर आने पर वह न्याय का कार्य क्यों करेगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/He-do-judgment-work.html) - 2,000 साल पहले देहधारी प्रभु यीशु को मनुष्य को पापों से छुटकारा देने के लिए, एक पाप-बलि के रूप में सूली पर चढ़ा दिया गया था, और उसने छुटकारे का कार्य पूरा कर दिया था। उसने वचन दिया था कि वह अंत के दिनों में वापस लौटकर आएगा, इसलिए सभी विश्वासी प्रभु के आगमन की
- [क्या त्रित्व का विचार तर्कसंगत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/is-trinity-tenable.html) - जबसे देहधारी प्रभु यीशु ने अनुग्रह के युग का कार्य किया, तबसे 2000 साल तक, ईसाइयत ने एक सच्चे परमेश्वर को “त्रित्व” के रूप में परिभाषित किया है। बाइबल में पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा का जिक्र है, इसलिए उन्होंने अनुमान लगा लिया कि परमेश्वर ज़रूर त्रित्व होगा। थोड़ा मतभेद है, मगर अधिकतर लोगों ने
- [हमारे पाप माफ हो गए हैं—प्रभु जब लौटेगा तो क्या हमें सीधे अपने राज्य में ले जाएगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/Lord-take-us-into-kingdom.html) - आपदाएँ बढ़ती ही जा रही हैं, सभी विश्वासी बड़ी बेसब्री से उद्धारकर्ता के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, उनमें प्रभु से मिलने के लिए नींद में ही आकाश में ऊपर उठाए जाने और तीव्र होती आपदाओं के दुख से बचने की तड़प है। वे इतने आत्मविश्वास से प्रतीक्षा क्यों कर रहे हैं कि प्रभु
- [अंत के दिनों का देहधारी परमेश्वर स्त्री क्यों है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-incarnate-of-last-days-female.html) - अंत के दिनों में, देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर कार्य करने और कई सत्य व्यक्त करने प्रकट हुआ है। इंटरनेट पर आते ही इन चीज़ों ने पूरी दुनिया को हिला दिया है, ज़्यादा से ज़्यादा लोग सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकटन और कार्य की जाँच कर रहे हैं। परमेश्वर का देहधारी होकर सत्य व्यक्त करने आना परमेश्वर के
- [Gospel Message in Hindi: जब प्रभु यीशु ने सलीब पर "पूरा हुआ" कहा तो इसका क्या मतलब था?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/It-Is-Finished.html) - Gospel Message in Hindi: क्रूस पर प्रभु यीशु द्वारा कहे गए "ख़तम हो गया" का सही अर्थ क्या है? पढ़ने के लिए 3 मिनट का समय निकालें और आपको उत्तर मिल जाएगा।
- [उद्धारकर्ता आकर मनुष्य को कैसे बचाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-will-the-Savior-save-man-at-His-return.html) - Message About Jesus in Hindi: उद्धारकर्ता के आने का कितने लोग इंतजार कर रहे हैं? क्या आप उनमें से एक हैं? यह लेख पढ़ें कि उद्धारकर्ता जब आता है तो मानव जाति को कैसे बचाता है। अब क्लिक करें।
- [आज आपदाएँ बढ़ती गंभीरता और आवृत्ति के साथ हो रही हैं। ये संकेत बताते हैं कि बाइबल में जिनकी भविष्यवाणी की गई है, अंतिम दिनों की वे महान आपदाएँ शुरू होने वाली हैं। इन आपदाओं के बीच हम कैसे परमेश्वर की सुरक्षा हासिल कर, बचे रह सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-18.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर ने इस संसार की सृष्टि की, उसने इस मानवजाति को बनाया, और इतना ही नहीं, वह प्राचीन यूनानी संस्कृति और मानव-सभ्यता का वास्तुकार भी था। केवल परमेश्वर ही इस मानवजाति को सांत्वना देता है, और केवल परमेश्वर ही रात-दिन इस मानवजाति का ध्यान रखता है। मानव का विकास और प्रगति
- [प्रभु के प्रकटन का स्वागत—प्रत्याशा](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/pray.html) - यीशु मसीह का दूसरा आगमन का स्वागत और स्वर्गराज्य में आरोहण हर ईसाई की कामना है। इसलिये जब प्रभु लौटेंगे तो वे कैसे प्रकट होंगे और कार्य करेंगे? उनकी वापसी के लिए हमें किस प्रकार प्रतीक्षा और चौकसी करनी चाहिए? जवाब यहाँ है।
- [शुद्ध होने और पूर्णतः बचाए जाने का मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-path-to-being-cleansed-and-fully-saved-topic.html)
- [अंत के दिनों का प्रभु का न्याय और उसके द्वारा छुटकारा](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/Lord-s-redemption-and-God-s-judgment.html) - बाइबल यह भविष्यवाणी करती है कि परमेश्वर अंत के दिनों में अपना अंतिम न्याय का कार्य पूरा करेंगे। तो परमेश्वर के छुटकारे के कार्य और उनके अंतिम न्याय के बीच क्या अंतर है? क्या कोई केवल परमेश्वर के छुटकारे के कार्य को स्वीकार करके और उनके अंतिम न्याय को अस्वीकार करके स्वर्गिक राज्य में प्रवेश
- [स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-to-enter-the-kingdom-of-heaven-topic.html)
- [परमेश्वर संपूर्ण मानवजाति के भाग्य पर संप्रभु है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-presides-over-the-fate-of-mankind-topic.html) - परमेश्वर हर इंसान की नियति पर प्रभुत्व कैसे रखता है? इससे हमें परमेश्वर के अधिकार और संप्रभुता को समझने में कैसे मदद मिल सकती है? इसकी जानकारी आप यहां प्राप्त कर सकते हैं।
- [अंत के दिनों में परमेश्वर को फिर से देह धारण करके प्रकट होना और कार्य करना क्यों चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/why-God-must-appear-and-work-in-flesh-in-the-last-days-article.html) - बहुत से लोग सोचते हैं कि प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने और मरे हुओं में से जी उठने के बाद, वह पहले ही एक महिमामय आध्यात्मिक शरीर बन गया था और स्वर्ग में चला गया था; इसलिए जब प्रभु लौटेगा, तो उसे अपने पुनर्जीवित आध्यात्मिक शरीर में प्रकट होना और कार्य करना चाहिए।
- [देहधारी मनुष्य के पुत्र को कैसे पहचानें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-to-recognize-the-incarnate-son-of-man-article.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकटन और कार्य में मुख्य रूप से वचन बोलना और सत्य व्यक्त करना शामिल हैं। धार्मिक दुनिया के बहुत-से लोग देखते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सभी वचन सत्य और परमेश्वर की वाणी हैं और वे पूरी तरह से आश्वस्त हैं, यह मानते हुए कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही लौटकर आया प्रभु यीशु
- [अगर धार्मिक दुनिया इसकी निंदा करती है, तो क्या यह सच्चा मार्ग नहीं है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/condemned-by-the-religious-world-is-it-not-the-true-way-article.html) - अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने मानवजाति को बचाने के लिए सभी सत्य व्यक्त किए हैं, जिन्हें बहुत पहले ही ऑनलाइन डाल दिया गया था ताकि सभी लोग खोज और जाँच-पड़ताल कर सकें। परमेश्वर के प्रकटन की लालसा रखने वाले बहुत-से लोगों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़े हैं और उन्हें परमेश्वर की वाणी
- [क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करना प्रभु यीशु से विश्वासघात करना है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/is-believing-in-Almighty-God-betraying-the-Lord-Jesus-article.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रकट हुआ है और अंत के दिनों में कार्य कर रहा है, उसने एक करोड़ से अधिक वचन व्यक्त किए हैं। बहुत-से लोग सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ने के बाद यह महसूस करते हैं कि इन वचनों में अधिकार और सामर्थ्य है और ये सत्य हैं और उन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत
- [सच्चे मसीह और झूठे मसीहों के बीच अंतर कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-to-discern-true-Christ-from-false-ones-article.html) - प्रभु यीशु ने एक बार कहा था : “उस समय यदि कोई तुम से कहे, ‘देखो, मसीह यहाँ है!’ या ‘वहाँ है!’ तो विश्वास न करना। क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उत्पन्न हो जाएंगे, और बड़े संकेत और आश्चर्यजनक कार्य दिखाएंगे; ताकि अगर संभव हो तो वे चुने हुए लोगों को ही गुमराह कर
- [क्या जिनके पाप क्षमा कर दिए गए हैं, वे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के योग्य हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/does-forgiveness-of-sin-get-you-into-the-heavenly-kingdom-article.html) - प्रभु पर विश्वास करने वाले कई लोग सोचते हैं, “प्रभु यीशु ने हमारे पाप पहले ही क्षमा कर दिए हैं और हम आस्था के द्वारा उचित ठहराए गए हैं। प्रभु हमें पापरहित मानता है, तो फिर हमें सीधे स्वर्ग के राज्य में क्यों नहीं उठाया जा सकता?” आइए अब इस सवाल पर संगति करें। यह
- [प्रभु का स्वागत करने के लिए हमें उसकी वाणी क्यों सुननी चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/hear-the-Lord-s-voice-to-welcome-Him-article.html) - अब, धार्मिक दुनिया में प्रभु पर विश्वास करने वाले बहुत-से लोग उसका स्वागत करने के लिए तरस रहे हैं और सच्चे मार्ग की जाँच-पड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने सुना है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया गवाही देती है कि प्रभु यीशु पहले ही लौट आया है और अंत के दिनों में सत्य व्यक्त कर रहा
- ["जो पुत्र पर विश्वास करता है, अनन्त जीवन उसका है" इसका सच में क्या अर्थ है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-does-he-that-believes-on-the-Son-have-everlasting-life-mean-article.html) - अंत के दिनों में, प्रभु यीशु देहधारण करके लौट आए हैं और सत्य के करोड़ों वचनों को व्यक्त किया है, और “परमेश्वर के घर से न्याय का कार्य” किया है। सभी देशों और सभी स्थानों के वे लोग जो परमेश्वर के प्रकट होने की लालसा रखते हैं, उन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए वचनों
- [उन पर हाय जो बस प्रभु के बादल पर उतरने का इंतजार करते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/woe-to-those-who-wait-for-the-Lord-to-descend-on-clouds-article.html) - प्रभु में विश्वासियों के लिए सबसे बड़ी आशा उसकी वापसी का स्वागत करना और स्वर्ग के राज्य में उठा लिया जाना है। अब जबकि महा विनाश शुरू हो चुके हैं, प्रभु का स्वागत करना अत्यंत तात्कालिकता का मामला है। धार्मिक दुनिया, बाइबल के शब्दों के आधार पर, “हे गलीली पुरुषो, तुम क्यों खड़े आकाश की
- [क्या तुम सच में बाइबल से चिपके रहकर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/can-you-enter-kingdom-of-heaven-by-clinging-to-bible-article.html) - बहुत से विश्वासी 2 तीमुथियुस में पौलुस के शब्दों को पढ़ते हैं : “सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है” (2 तीमुथियुस 3:16) और वे यह निष्कर्ष निकालते हैं कि बाइबल के सभी शब्द परमेश्वर की प्रेरणा हैं और उसी से आते हैं। वे मानते हैं कि बाइबल में कोई भी शब्द, चाहे
- [स्वर्ग का राज्य स्वर्ग में है या पृथ्वी पर?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/is-kingdom-of-heaven-in-heaven-or-on-earth-article.html) - प्रभु के सभी विश्वासी प्रभु यीशु के वादे पर भरोसा करते हैं : “मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो” (यूहन्ना 14:2-3)। बहुत से लोग, प्रभु के वचनों के
- [क्या प्रभु सच में बादल पर लौटेगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/will-the-Lord-really-return-on-clouds-article.html) - अब आपदाएँ अधिक से अधिक गंभीर होती जा रही हैं। बहुत-से विश्वासी उत्सुकता से प्रभु का स्वागत करने की आशा कर रहे हैं ताकि वे आपदाओं से बच सकें और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकें। लेकिन जब प्रभु की वापसी का स्वागत करने के लिए प्रतीक्षा करने की बात आती है, तो लोगों
- [उद्धारकर्ता पहले ही एक "सफेद बादल" पर सवार होकर वापस आ चुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/jiuzhu-chonggui.html) - यह ख़ास भाग आपको प्रभु के एक बादल पर लौटने के सही अर्थ की हर ज़रूरी बात समझाता है जो आपको जानना चाहिए, जिससे आपको मेमने के पदचिह्नों पर चलने और प्रभु की वापसी का स्वागत करने का मार्गदर्शन मिलेगा।
- [क्या तुम जानते थे? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक महान काम किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-has-done-a-great-thing-among-man.html) - क्या आप जानते हैं कि अंत के दिनों में इंसानों के बीच परमेश्वर क्या महान कार्य कर रहा है? यह परमेश्वर को जानने और राज्य में प्रवेश करने के लिए महत्वपूर्ण है! जानने के लिए इस साइट को देखें।
- [क्या तुमने परमेश्वर की वाणी सुनी?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/have-you-heard-the-voice-of-God-topic.html)
- [उद्धारकर्ता लौट आया है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-second-coming-of-the-lord-jesus.html) - प्रभु यीशु के दूसरे आगमन की बाइबल की भविष्यवाणियाँ पूरी हो चुकी हैंI क्या आप प्रभु से मिले हैं? क्या आप आपदा से पहले स्वर्गारोहण करना चाहते हैं?
- [सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में भेद करना और प्रभु की वापसी का स्वागत करना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/discern-the-true-Christ-and-false-christs-topic.html)
- [बुद्धिमान कुँवारी कैसे बनें और दूल्हे का स्वागत कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/be-wise-virgins-and-welcome-the-bridegroom-topic.html)
- [मानव जाति की अद्भुत मंज़िल कैसी होगी](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-11.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहला आकाश और पहली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग से परमेश्वर के पास से उतरते देखा। वह उस दुल्हिन के समान थी जो अपने
- [परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों का लक्ष्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/three-stages-of-work.html) - व्यवस्था के युग, अनुग्रह के युग, और राज्य के युग में मनुष्य को बचाने के परमेश्वर के कार्य की अंदरूनी कहानी परमेश्वर के कार्य को जानने में आपकी सहायता के लिए यहाँ प्रकट की जाती है।
- [छठा मोड़ : मृत्यु](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/death-sixth-juncture.html) - इतनी हलचल, भाग-दौड़, इतनी कुंठाओं और निराशाओं के पश्चात्, इतने सारे सुख-दुःख और उतार-चढ़ावों के पश्चात्, इतने सारे अविस्मरणीय वर्षों के पश्चात्, बार-बार ऋतुओं को परिवर्तित होते हुए देखने के पश्चात्, व्यक्ति बिना ध्यान दिए ही जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को पार कर जाता है, और पलक झपकते ही वह स्वयं को अपने जीवन के
- [पाँचवाँ मोड़ : संतान](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/progeny-fifth-juncture.html) - विवाह करने के पश्चात्, व्यक्ति अगली पीढ़ी को बड़ा करना आरंभ करता है। इस पर किसी का वश नहीं चलता कि उसकी कितनी और किस प्रकार की संतानें होंगी; यह भी, व्यक्ति के भाग्य द्वारा निर्धारित होता है जो सृजनकर्ता द्वारा पूर्वनियत है। यह पाँचवाँ मोड़ है जिससे किसी व्यक्ति को गुज़रना होता है। यदि
- [चौथा मोड़ : विवाह](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/marriage-fourth-juncture.html) - जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है और परिपक्वता आती है, तो व्यक्ति अपने माता-पिता से एवं उस परिवेश से और भी अधिक दूर हो जाता है जिसमें वह जन्मा और पला-बढ़ा था। इसके बजाय वह जीवन में एक दिशा खोजने और अपने माता-पिता से भिन्न तरीके से अपने जीवन के लक्ष्यों को पाने का प्रयास शुरू कर
- [दूसरा मोड़ : बड़ा होना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/growing-up-second-juncture.html) - लोगों ने किस प्रकार के परिवार में जन्म लिया है, इस आधार पर वे भिन्न-भिन्न पारिवारिक परिवेशों में बड़े होते हैं और अपने माता-पिता से भिन्न-भिन्न पाठ सीखते हैं। ये कारण उन स्थितियों को निर्धारित करते हैं जिसमें कोई व्यक्ति वयस्क होता है, और बड़ा होना व्यक्ति के जीवन के दूसरे मोड़ को दर्शाता है।
- [पहला मोड़ : जन्म](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/birth-first-juncture.html) - किसी व्यक्ति का कहाँ जन्म होता है, वह किस परिवार में जन्म लेता या लेती है, उसका लिंग, रंग-रूप, और जन्म का समय : ये किसी व्यक्ति के जीवन के प्रथम मोड़ के विवरण हैं। इस मोड़ के विवरण कोई चुन नहीं सकता; ये सभी बहुत पहले ही सृजनकर्ता द्वारा पूर्वनिर्धारित कर दिए जाते हैं।
- [अय्यूब के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/about-job-i.html) - अय्यूब परीक्षाओं से होकर कैसे गुज़रा इस बारे में जानने के बाद, तुममें से अधिकांश संभवतः स्वयं अय्यूब के बारे में और अधिक विवरण जानना चाहोगे, विशेष रूप से उस रहस्य के संबंध में जिसके द्वारा उसने परमेश्वर की प्रशंसा प्राप्त की थी। इसलिए आओ, आज हम अय्यूब के बारे में बात करें! अय्यूब के
- [यीशु चमत्कार करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/jesus-performs-miracles.html) - यीशु मसीह के चमत्कारों के पीछे परमेश्वर की मंशा के बारे में जानें, ताकि आप परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के लिए उसके प्रेम को बेहतर ढंग से समझ सकें। परमेश्वर के वचन पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [सृजनकर्ता की संप्रभुता को जानने के अवसर को मत छोड़ो](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/know-Creator-s-sovereignty.html) - ऊपर वर्णन किए गए छह मोड़ सृजनकर्ता के द्वारा निर्धारित किए गए ऐसे महत्वपूर्ण चरण हैं जिनसे होकर प्रत्येक सामान्य व्यक्ति को अपने जीवन में गुज़रना ही होगा। मानव परिप्रेक्ष्य से, इनमें से हर एक मोड़ वास्तविक है, किसी से भी बचकर निकला नहीं जा सकता है, और सभी सृजनकर्ता की पूर्वयति और उसकी संप्रभुता
- [अब्राहम इसहाक की बलि देता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/abraham-offers-isaac.html) - उत्पत्ति 22:2-3 उसने कहा, “अपने पुत्र को अर्थात् अपने एकलौते पुत्र इसहाक को, जिस से तू प्रेम रखता है, संग लेकर मोरिय्याह देश में चला जा; और वहाँ उसको एक पहाड़ के ऊपर जो मैं तुझे बताऊँगा होमबलि करके चढ़ा।” अतः अब्राहम सबेरे तड़के उठा और अपने गदहे पर काठी कसकर अपने दो सेवक, और
- [सृष्टिकर्ता का अधिकार अपरिवर्तनीय और अपमान न किए जाने योग्य है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/Creator-authority-is-immutable-and-unoffendable.html) - पवित्रशास्त्र के इन तीन भागों में तुमने क्या देखा है? क्या तुम लोगों ने देखा है कि एक सिद्धांत है, जिसके द्वारा परमेश्वर अपने अधिकार का प्रयोग करता है? उदाहरण के लिए, परमेश्वर ने मनुष्य के साथ वाचा बाँधने के लिए इंद्रधनुष का उपयोग किया—उसने मनुष्य को यह बताने के लिए बादलों में इंद्रधनुष रखा
- [सृष्टिकर्ता की पहचान अद्वितीय है और तुम्हें बहुईश्वरवाद के विचार का पालन नहीं करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/do-not-abide-by-idea-of-polytheism.html) - हालाँकि शैतान के कौशल और क्षमताएँ मनुष्य की तुलना में ज्यादा हैं, हालाँकि वह वे चीजें कर सकता है जो मनुष्य नहीं कर सकता, चाहे तुम शैतान के कार्यों से ईर्ष्या करो या उनकी आकांक्षा करो, चाहे तुम इन चीजों से घृणा करो या इनका तिरस्कार करो, चाहे तुम उन्हें देखने में सक्षम हो या
- [हालाँकि मनुष्य भ्रष्ट हो चुका है, लेकिन वह अभी भी सृष्टिकर्ता के अधिकार की संप्रभुता के अधीन रहता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/still-lives-under-sovereignty-of-Creator.html) - शैतान हजारों वर्षों से मनुष्य को भ्रष्ट कर रहा है। उसने मनुष्य में बेहिसाब बुराई गढ़ी है, पीढ़ी-दर-पीढ़ी उसे गुमराह किया है, और दुनिया में जघन्य अपराध किए हैं। उसने मनुष्य के साथ दुर्व्यवहार किया है, मनुष्य को गुमराह किया है, मनुष्य को परमेश्वर का विरोध करने के लिए बहकाया है, और ऐसे बुरे कार्य
- [केवल परमेश्वर, जिसके पास सृष्टिकर्ता की पहचान है, ही अद्वितीय अधिकार रखता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-possesses-the-unique-authority.html) - शैतान की विशेष पहचान के कारण कई लोग उसके विभिन्न पहलुओं की अभिव्यक्तियों में गहन रुचि प्रदर्शित करते हैं। यहाँ तक कि बहुत-से ऐसे मूर्ख लोग भी हैं, जो यह मानते हैं कि परमेश्वर के साथ-साथ शैतान के पास भी अधिकार है, क्योंकि शैतान चमत्कार दिखाने में सक्षम है, और वे चीजें करने में सक्षम
- [शैतान ने कभी सृष्टिकर्ता के अधिकार का उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं की है, और इस वजह से, सभी चीजें व्यवस्थित रहती हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-command-to-satan.html) - अय्यूब 2:6 यहोवा ने शैतान से कहा, “सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना।” यह अय्यूब की पुस्तक का एक उद्धरण है, और इन वचनों में “वह” का मतलब है अय्यूब। संक्षिप्त होने के बावजूद यह वाक्य कई मुद्दे स्पष्ट करता है। यह आध्यात्मिक क्षेत्र में परमेश्वर और शैतान के बीच
- [सभी चीजों और जीवित प्राणियों पर सृष्टिकर्ता के नियंत्रण और प्रभुत्व का तथ्य सृष्टिकर्ता के अधिकार के वास्तविक अस्तित्व के बारे में बताता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/true-existence-of-Creator-s-authority.html) - इसी तरह, यहोवा द्वारा अय्यूब को आशीष देना अय्यूब की पुस्तक में दर्ज है। परमेश्वर ने अय्यूब को क्या दिया? “यहोवा ने अय्यूब के बाद के दिनों में उसके पहले के दिनों से अधिक आशीष दी; और उसके चौदह हज़ार भेड़ बकरियाँ, छः हज़ार ऊँट, हज़ार जोड़ी बैल, और हज़ार गदहियाँ हो गईं” (अय्यूब 42:12)।
- [सृष्टिकर्ता का अधिकार समय, स्थान या भूगोल द्वारा सीमित नहीं है, और सृष्टिकर्ता का अधिकार गणना से परे है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/Creator-s-authority-is-inestimable.html) - आओ, हम उत्पत्ति 22:17-18 देखें। यह यहोवा परमेश्वर द्वारा बोला गया एक और अंश है, जिसमें उसने अब्राहम से कहा, “इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूँगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर की बालू के किनकों के समान अनगिनित करूँगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का
- [सृष्टिकर्ता के कथनों का अद्वितीय तरीका और विशेषताएँ सृष्टिकर्ता की अद्वितीय पहचान और उसके अधिकार की प्रतीक हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/a-symbol-of-the-unique-identity.html) - उत्पत्ति 17:4-6 देख, मेरी वाचा तेरे साथ बन्धी रहेगी, इसलिये तू जातियों के समूह का मूलपिता हो जाएगा। इसलिये अब से तेरा नाम अब्राम न रहेगा, परन्तु तेरा नाम अब्राहम होगा; क्योंकि मैं ने तुझे जातियों के समूह का मूलपिता ठहरा दिया है। मैं तुझे अत्यन्त फलवन्त करूँगा, और तुझ को जाति जाति का मूल
- [परमेश्वर मनुष्य के साथ एक वाचा बाँधने के लिए अपने वचनों का उपयोग करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-establish-a-covenant-with-man.html) - उत्पत्ति 9:11-13 “और मैं तुम्हारे साथ अपनी यह वाचा बाँधता हूँ कि सब प्राणी फिर जल-प्रलय से नष्ट न होंगे : और पृथ्वी का नाश करने के लिये फिर जल-प्रलय न होगा।” फिर परमेश्वर ने कहा, “जो वाचा मैं तुम्हारे साथ, और जितने जीवित प्राणी तुम्हारे संग हैं उन सब के साथ भी युग-युग की
- [परमेश्वर आध्यात्मिक क्षेत्र पर कैसे शासन करता और उसे चलाता है : परमेश्वर का अनुसरण करने वालों का जीवन और मृत्यु चक्र](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/cycle-of-people-who-follow-God.html) - इसके बाद हम उन लोगों के जीवन और मृत्यु के चक्र के बारे में बात करते हैं, जो परमेश्वर का अनुसरण करते हैं। इसका संबंध तुम लोगों से है, इसलिए ध्यान दो : पहले, इस बारे में विचार करो कि परमेश्वर का अनुसरण करने वालों को कैसे श्रेणीबद्ध किया जा सकता है। (परमेश्वर के चुने
- [परमेश्वर आध्यात्मिक क्षेत्र पर कैसे शासन करता और उसे चलाता है : विभिन्न आस्था वाले लोगों का जीवन और मृत्यु चक्र](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/cycle-of-various-people-of-faith.html) - हमने अभी पहली श्रेणी के लोगों, अविश्वासियों के जीवन और मृत्यु के चक्र के बारे में चर्चा की। अब हम द्वितीय श्रेणी के, विभिन्न आस्था वाले लोगों के बारे में चर्चा करते हैं। “विभिन्न आस्था वाले लोगों का जीवन और मृत्यु चक्र” एक अन्य महत्वपूर्ण विषय है, और इसकी कुछ समझ होना तुम लोगों के
- [परमेश्वर आध्यात्मिक क्षेत्र पर कैसे शासन करता और उसे चलाता है : अविश्वासियों का जीवन और मृत्यु चक्र](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/cycle-of-unbelievers.html) - भौतिक संसार के संबंध में, जब भी कुछ बातें या घटनाएँ लोगों की समझ में नहीं आतीं, तो वे प्रासंगिक जानकारी खोज सकते हैं, या उनके मूल और पृष्ठभूमि का पता लगाने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन जब दूसरे संसार की बात आती है, जिसके बारे में हम आज बात
- [सृष्टिकर्ता की संप्रभुता से मानवजाति का भाग्य और विश्व का भाग्य अविभाज्य हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/fate-inseparable-from-Creator-s-sovereignty.html) - तुम सब वयस्क हो। तुम लोगों में से कुछ अधेड़-उम्र के हैं; कुछ लोग वृद्धावस्था में कदम रख चुके हैं। तुम लोग परमेश्वर पर विश्वास न करने से लेकर, उस पर विश्वास करने और परमेश्वर पर विश्वास करना शुरू करने से लेकर परमेश्वर के वचन को स्वीकार करने और उसके कार्यों का अनुभव करने तक
- [उस व्यक्ति के लिए उचित दृष्टिकोण और अभ्यास जो परमेश्वर के अधिकार के प्रति समर्पण करने की इच्छा रखता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/proper-attitude-for-one-wishing-to-obey-Gods-authority.html) - किस दृष्टिकोण के साथ अब मनुष्य को परमेश्वर के अधिकार, और मनुष्य के भाग्य पर परमेश्वर की संप्रभुता के तथ्य को जानना और मानना चाहिए? यह एक वास्तविक समस्या है जो हर व्यक्ति के सामने खड़ी है। जीवन की वास्तविक समस्याओं का सामना करते समय, तुम्हें किस प्रकार परमेश्वर के अधिकार और उसकी संप्रभुता को
- [परमेश्वर को अपने अद्वितीय संप्रभु के रूप में स्वीकार करना उद्धार पाने का पहला कदम है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/accepting-God-as-unique-master.html) - परमेश्वर के अधिकार से संबंधित सत्य ऐसे सत्य हैं जिन्हें प्रत्येक व्यक्ति को गंभीरता से लेना चाहिए, अपने हृदय से अनुभव करना और समझना चाहिए; क्योंकि ये सत्य प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं; प्रत्येक व्यक्ति के अतीत, वर्तमान और भविष्य पर इनका प्रभाव पड़ता है, उन महत्वपूर्ण मोड़ों को प्रभावित करते हैं
- [कोई भी इस सच्चाई को नहीं बदल सकता है कि परमेश्वर मनुष्य के भाग्य पर संप्रभुता रखता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/know-and-regard-of-God-s-sovereignty.html) - जो कुछ मैंने अभी-अभी कहा है उसे सुनने के बाद, क्या भाग्य के बारे में तुम लोगों का विचार बदला है? तुम लोग मनुष्य के भाग्य पर परमेश्वर की संप्रभुता के तथ्य को किस प्रकार समझते हो? इसे साधारण शब्दों में कहें तो, परमेश्वर के अधिकार के अधीन, प्रत्येक व्यक्ति सक्रिय या निष्क्रिय रूप से
- [तीसरा मोड़ : स्वावलंबन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/independence-third-juncture.html) - बचपन और किशोरावस्था पार करने के बाद जब कोई व्यक्ति धीरे-धीरे तथा परिपक्वता प्राप्त करता है, तो उसके लिए अगला कदम अपनी किशोरावस्था को पूरी तरह से अलविदा कहना, अपने माता-पिता को अलविदा कहना, और आगे के मार्ग का एक स्वावलंबी वयस्क के रूप में सामना करना होता है। इस मुकाम पर उसे सभी लोगों,
- [परमेश्वर सभी पर शासन करता है और सभी का भरण-पोषण करता है, वह सभी चीजों का परमेश्वर है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/meat-sources-of-water-medicinal-plants.html) - इनमें से कुछ चीजों के बारे में बात करने के बाद, क्या तुम लोगों को लगता है कि अभी हमने जिस मुख्य विषय पर चर्चा की है, उसके बारे में तुमने कुछ सीखा है? क्या तुम्हें लगता है कि तुम इसे समझने लगे हो? मुझे विश्वास है कि तुम्हें अब इस बात का अंदाजा होना
- [परमेश्वर मनुष्य को जीवित रहने के लिए एक स्थिर परिवेश देने हेतु सभी चीजों के बीच के संबंधों को संतुलित करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/balances-relationships-between-all-thing.html) - परमेश्वर सभी चीजों में अपने कर्म प्रकट करता है और सभी चीजों में वह उनकी व्यवस्थाओं को नियंत्रित करता है और उन पर शासन करता है। हमने अभी-अभी बात की कि कैसे परमेश्वर सभी चीजों की व्यवस्थाओं पर शासन करता है, और साथ ही, कैसे वह उन व्यवस्थाओं के तहत संपूर्ण मानवजाति के जीवन-निर्वाह की
- [चौथा भाग : परमेश्वर द्वारा विभिन्न नस्लों के बीच सीमाएँ खींचना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/boundaries-between-different-races.html) - चौथे, परमेश्वर ने विभिन्न नस्लों के बीच सीमाएँ खींचीं। पृथ्वी पर गोरे लोग, काले लोग, भूरे लोग और पीले लोग हैं। ये विभिन्न प्रकार के लोग हैं। परमेश्वर ने इन विभिन्न प्रकार के लोगों के जीवन के लिए भी दायरा तय किया है, और अनजाने ही ये लोग परमेश्वर के प्रबंधन के अधीन जीवित रहने
- [तीसरा भाग : परमेश्वर द्वारा मानवजाति के पालन-पोषण के लिए परिवेश और पारिस्थितिकी बनाए रखना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/boundaries-developed-from-lifestyles.html) - परमेश्वर ने सभी चीजों की रचना की और उनके लिए सीमाएँ निर्धारित कीं; उनके मध्य उसने सभी प्रकार के जीवों का पालन-पोषण किया। इसी दौरान उसने मनुष्यों के जीवित रहने के लिए विभिन्न साधन भी तैयार किए, इसलिए तुम देख सकते हो कि मनुष्यों के पास जीवित रहने के लिए कोई एक ही तरीका नहीं
- [दूसरा भाग : परमेश्वर द्वारा जीवन के हर रूप के लिए सीमाएँ निर्धारित करना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/boundaries-for-birds-beasts.html) - परमेश्वर द्वारा खींची गई इन सीमाओं के कारण विभिन्न भूभागों ने अस्तित्व के लिए विभिन्न परिवेश तैयार किए हैं, और अस्तित्व के लिए ये परिवेश विभिन्न प्रकार के पशु-पक्षियों के लिए सुविधाजनक रहे हैं, और उन्होंने उन्हें जीवित रहने के लिए स्थान भी दिया है। इससे विभिन्न जीवों के अस्तित्त्व के परिवेशों की सीमाएँ विकसित
- [पहला भाग : परमेश्वर द्वारा हर तरह के भूभाग के लिए सीमाएँ निर्धारित करना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/various-geographical-environments.html) - आज मैं इस विषय पर बात करने जा रहा हूँ कि परमेश्वर द्वारा समस्त चीजों के लिए लाई गई इस तरह की व्यवस्थाएँ कैसे पूरी मानवजाति का पालन-पोषण करती हैं। यह अपेक्षाकृत एक बड़ा विषय है, इसलिए हम इसे कई हिस्सों में विभाजित कर उन पर एक-एक कर चर्चा कर सकते हैं, ताकि तुम लोगों
- [दैनिक भोजन एवं पेय जो परमेश्वर मनुष्यजाति के लिए तैयार करता है (II)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/maintain-mankinds-living-environment.html) - हमने अभी-अभी किस बारे में बात की? शुरूआत में, हमने मनुष्यजाति के रहने के पर्यावरण के बारे में और जो कुछ परमेश्वर ने किया, तैयार किया, और इस पर्यावरण के लिए वह निपटा उस बारे में, और साथ ही परमेश्वर के द्वारा मनुष्यजाति के लिए तैयार की गई सभी चीज़ों के बीच सम्बन्धों के बारे
- [दैनिक भोजन एवं पेय जो परमेश्वर मनुष्यजाति के लिए तैयार करता है (I)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/vegetarian-foods.html) - हमने अभी-अभी समग्र पर्यावरण के एक भाग के बारे में बात की थी, अर्थात्, मनुष्य के जीवित बचे रहने के लिए उन ज़रूरी स्थितियों की जिन्हें परमेश्वर ने मनुष्यजाति के लिए तैयार किया था जबसे उसने संसार को बनाया था। हमने बस पाँच चीज़ों के बारे में बात की, और ये पाँच चीज़ें समग्र पर्यावरण
- [परमेश्वर द्वारा मनुष्यजाति के लिए बनाया जाने वाला बुनियादी जीवित रहने का पर्यावरण : वायु का प्रवाह](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/basic-environment-airflow.html) - पाँचवीं चीज़ क्या है? यह चीज़ प्रत्येक मनुष्य के दैनिक जीवन से बहुत ज़्यादा जुड़ी हुई है, और यह संबंध मज़बूत है। यह कुछ ऐसा है जिसके बिना मानव शरीर इस भौतिक जगत में जीवित नहीं रह सकता है। यह चीज़ वायु का प्रवाह है। “वायु का प्रवाह” ऐसा शब्द है जिसे शायद सभी लोग
- [परमेश्वर द्वारा मनुष्यजाति के लिए बनाया जाने वाला बुनियादी जीवित रहने का पर्यावरण : प्रकाश](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/basic-environment-light.html) - चौथी चीज़ लोगों की आँखों से संबंध रखती है : प्रकाश। यह भी बहुत महत्वपूर्ण है। जब तुम चमकता हुआ प्रकाश देखते हो, और उसकी यह चमक एक निश्चित क्षमता तक पहुँचती है, तो वह मनुष्य की आँखों को अंधा कर सकती है। आखिरकार, मनुष्य की आँखें देह की आँखें हैं। वे जलन को नहीं
- [परमेश्वर द्वारा मनुष्यजाति के लिए बनाया जाने वाला बुनियादी जीवित रहने का पर्यावरण : आवाज़](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/basic-environment-sound.html) - तीसरी चीज़ क्या है? यह कुछ ऐसी भी चीज़ है जिसे मानवजाति के लिए एक सामान्य जीवित रहने के वातावरण में अवश्य होना चाहिए। यह कुछ ऐसी चीज़ भी है जिसके साथ परमेश्वर को निपटना पड़ता था जब उसने सभी चीज़ों की रचना की थी। यह कुछ ऐसा है जो परमेश्वर के लिए और हर
- [परमेश्वर द्वारा मनुष्यजाति के लिए बनाया जाने वाला बुनियादी जीवित रहने का पर्यावरण : तापमान](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/basic-environment-temperature.html) - दूसरी चीज़ है तापमान। हर कोई जानता है कि तापमान क्या होता है। तापमान एक ऐसी चीज़ हैं जिससे मनुष्य के जीवित रहने के लिए उपयुक्त वातावरण को अवश्य सुसज्जित होना चाहिए। यदि तापमान बहुत ही अधिक है, मान लीजिए यदि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है, तो क्या मनुष्यों के लिए बहुत क्षीण
- [परमेश्वर द्वारा मनुष्यजाति के लिए बनाया जाने वाला बुनियादी जीवित रहने का पर्यावरण : वायु](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/basic-environment-air.html) - हमने इस वाक्यांश “परमेश्वर सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है” के सम्बन्ध में बहुत से विषयों और विषयवस्तु पर बातचीत की है, किन्तु क्या तुम लोग अपने हृदय के भीतर जानते हो कि परमेश्वर तुम लोगों को अपने वचन की आपूर्ति करने और तुम लोगों पर अपनी ताड़ना एवं अपने न्याय के कार्य
- [कहानी 2: एक बड़ा पर्वत, एक छोटी जलधारा, एक प्रचंड हवा और एक विशाल लहर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/story-great-mountain-little-stream.html) - एक छोटी जलधारा थी, जो यहाँ-वहाँ घूमती हुई बहती थी और अंततः एक बड़े पर्वत के निचले सिरे पर पहुँचती थी। पर्वत उस छोटी जलधारा के मार्ग को रोक रहा था, अतः उस जलधारा ने अपनी कमज़ोर एवं धीमी आवाज़ में पर्वत से कहा, “कृपया मुझे गुज़रने दो। तुम मेरे मार्ग में खड़े हो और
- [कहानी 1: एक बीज, धरती, एक पेड़, धूप, चिड़ियाँ और मनुष्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/story-seed-earth-tree.html) - आज मैं तुम लोगों के साथ एक नए विषय पर संगति करूँगा। वह विषय क्या है? उसका शीर्षक है : “परमेश्वर सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है।” क्या यह विषय कुछ ज्यादा बड़ा लगता है? क्या यह तुम लोगों की पहुँच से थोड़ा बाहर है? “परमेश्वर सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत
- [अपने पुनरुत्थान के बाद यीशु रोटी खाता है और पवित्रशास्त्र समझाता है और चेलों ने यीशु को खाने के लिए भुनी हुई मछली दी](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/jesus-eats-bread-and-explains-the-scriptures.html) - अपने पुनरुत्थान के बाद यीशु रोटी खाता है और पवित्रशास्त्र समझाता है लूका 24:30-32 जब वह उनके साथ भोजन करने बैठा, तो उसने रोटी लेकर धन्यवाद किया और उसे तोड़कर उनको देने लगा। तब उनकी आँखें खुल गईं; और उन्होंने उसे पहचान लिया, और वह उनकी आँखों से छिप गया। उन्होंने आपस में कहा, “जब
- [अपने पुनरुत्थान के बाद अपने चेलों के लिए यीशु के वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/resurrection-of-jesus.html) - यूहन्ना 20:26-29 आठ दिन के बाद उसके चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उनके साथ था; और द्वार बन्द थे, तब यीशु आया और उनके बीच में खड़े होकर कहा, “तुम्हें शान्ति मिले।” तब उसने थोमा से कहा, “अपनी उँगली यहाँ लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में
- [फरीसियों द्वारा यीशु की आलोचना और प्रभु यीशु की उन्हें डाँट](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/jesus-rebuke-to-the-pharisees.html) - फरीसियों द्वारा यीशु की आलोचना मरकुस 3:21-22 जब उसके कुटुम्बियों ने यह सुना, तो वे उसे पकड़ने के लिए निकले; क्योंकि वे कहते थे कि उसका चित ठिकाने नहीं है। शास्त्री भी जो यरूशलेम से आए थे, यह कहते थे, “उसमें शैतान है,” और “वह दुष्टात्माओं के सरदार की सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता है।”
- [यीशु का पहाड़ी उपदेश, प्रभु यीशु के दृष्टान्त और आज्ञाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-sermon-on-the-mount.html) - यीशु मसीह के उपदेश से, हम मानवजाति को बचाने में परमेश्वर के सच्चे इरादों को जानेंगे और उनकी सराहना करेंगे।
- [सात बार के सत्तर गुने तक क्षमा करो और प्रभु का प्रेम](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/forgive-seventy-times-seven-the-lords-love.html) - सात बार के सत्तर गुने तक क्षमा करो मत्ती 18:21-22 तब पतरस ने पास आकर उस से कहा, “हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूँ? क्या सात बार तक?” यीशु ने उससे कहा, “मैं तुझ से यह नहीं कहता कि सात बार तक वरन् सात बार के
- [खोई हुई भेड़ का दृष्टांत](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/parable-of-the-lost-sheep.html) - मत्ती 18:12-14 तुम क्या सोचते हो? यदि किसी मनुष्य की सौ भेड़ें हों, और उनमें से एक भटक जाए, तो क्या वह निन्यानबे को छोड़कर, और पहाड़ों पर जाकर, उस भटकी हुई को न ढूँढ़ेगा? और यदि ऐसा हो कि उसे पाए, तो मैं तुम से सच कहता हूँ कि वह उन निन्यानबे भेड़ों के
- [मनुष्य का पुत्र सब्त का प्रभु है (II)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/Lord-of-the-sabbath-2.html) - आगे, आओ इस अंश के इस अंतिम वाक्य पर एक नज़र डालें : “मनुष्य का पुत्र तो सब्त के दिन का भी प्रभु है।” क्या इस वाक्य का कोई व्यावहारिक पक्ष है? क्या तुम लोग इसके व्यावहारिक पक्ष को देख सकते हो? हर एक बात जो परमेश्वर कहता है, उसके हृदय से आती है, तो
- [मनुष्य का पुत्र सब्त का प्रभु है (I)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/son-of-man-is-lord-even-of-the-sabbath-day.html) - 1. यीशु द्वारा सब्त के दिन खाने के लिए मकई की बालें तोड़ना मत्ती 12:1 उस समय यीशु सब्त के दिन खेतों में से होकर जा रहा था, और उसके चेलों को भूख लगी तो वे बालें तोड़-तोड़कर खाने लगे। 2. मनुष्य का पुत्र सब्त का प्रभु है मत्ती 12:6-8 पर मैं तुम से कहता
- [अय्यूब की गवाही परमेश्वर को आराम पहुँचाती है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/job-s-testimony-brings-comfort-to-God.html) - यदि अब मैं तुम लोगों से कहूँ कि अय्यूब प्यारा मनुष्य है, तो हो सकता है कि तुम लोग इन शब्दों के भीतर निहित अर्थ न समझ सको, और हो सकता है कि मैंने ये सब बातें क्यों कही हैं उनके पीछे की भावना को न पकड़ सको; परंतु उस दिन तक प्रतीक्षा करो जब
- [अय्यूब कान की श्रवणशक्ति से परमेश्वर के बारे में सुनता है (II)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/job-hears-of-God-2.html) - यद्यपि परमेश्वर मनुष्य से छिपा हुआ है, किंतु मनुष्य के लिए उसे जानने हेतु सभी चीज़ों के बीच परमेश्वर के कर्म पर्याप्त हैं अय्यूब ने परमेश्वर का चेहरा नहीं देखा था या परमेश्वर द्वारा बोले गए वचन नहीं सुने थे, उसने व्यक्तिगत रूप से परमेश्वर के कार्य का अनुभव तो और भी नहीं किया था,
- [अय्यूब कान की श्रवणशक्ति से परमेश्वर के बारे में सुनता है (I)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/job-hears-of-God-1.html) - अय्यूब 9:11 देखो, वह मेरे सामने से होकर तो चलता है परन्तु मुझको नहीं दिखाई पड़ता; और आगे को बढ़ जाता है, परन्तु मुझे सूझ ही नहीं पड़ता है। अय्यूब 23:8-9 देखो, मैं आगे जाता हूँ परन्तु वह नहीं मिलता; मैं पीछे हटता हूँ, परन्तु वह दिखाई नहीं पड़ता; जब वह बाईं ओर काम करता
- [अपनी परीक्षाओं के पश्चात् अय्यूब](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/price-lived-out-by-job-during-his-lifetime.html) - अय्यूब 42:7-9 ऐसा हुआ कि जब यहोवा ये बातें अय्यूब से कह चुका, तब उसने तेमानी एलीपज से कहा, “मेरा क्रोध तेरे और तेरे दोनों मित्रों पर भड़का है, क्योंकि जैसी ठीक बात मेरे दास अय्यूब ने मेरे विषय कही है, वैसी तुम लोगों ने नहीं कही। इसलिये अब तुम सात बैल और सात मेढ़े
- [अय्यूब की गवाही द्वारा बाद की पीढ़ियों को दी गई चेतावनी और प्रबुद्धता](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/jobs-testimony.html) - परमेश्वर द्वारा किसी व्यक्ति को पूरी तरह प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझने के साथ ही साथ, लोग परमेश्वर द्वारा अय्यूब को शैतान को सौंपे जाने के लक्ष्य और महत्व को भी समझ लेंगे। लोग अय्यूब की यंत्रणा से अब और परेशान नहीं होते हैं, और उसके महत्व की एक नई समझ उनमें है। वे
- [परमेश्वर की परीक्षाओं को स्वीकार करो, शैतान के प्रलोभनों पर विजय प्राप्त करो, और परमेश्वर को तुम्हारा संपूर्ण अस्तित्व प्राप्त करने दो](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/accept-Gods-tests-overcome-satan-temptations.html) - मनुष्य के चिरकालिक भरण-पोषण और सहारे के अपने कार्य के दौरान, परमेश्वर अपने इरादे और अपनी अपेक्षाएँ मनुष्य को संपूर्णता में बताता है, और मनुष्य को अपने कर्म, स्वभाव, और वह जो है और उसके पास जो है दिखाता है। उद्देश्य है मनुष्य को कद-काठी से सुसज्जित करना, और मनुष्य को परमेश्वर का अनुसरण करते
- [परमेश्वर द्वारा अय्यूब को शैतान को सौंपने और परमेश्वर के कार्य के लक्ष्यों के बीच संबंध](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-consignment-of-job-to-satan.html) - यद्यपि अधिकांश लोग अब यह पहचानते हैं कि अय्यूब पूर्ण और खरा था, और वह परमेश्वर का भय मानता और बुराई से दूर रहता था, किंतु यह पहचान उन्हें परमेश्वर के इरादों की कहीं अधिक समझ प्रदान नहीं करती है। साथ ही अय्यूब की मानवता और अनुसरण से ईर्ष्या करते हुए, वे परमेश्वर के बारे
- [शैतान एक बार फिर अय्यूब को प्रलोभित करता है (अय्यूब के पूरे शरीर में दर्दनाक फोड़े निकल आते हैं) (II)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/peoples-many-misunderstandings-about-job.html) - अय्यूब के बारे में लोगों की अनेक ग़लतफ़हमियाँ अय्यूब द्वारा झेली गई कठिनाइयाँ परमेश्वर द्वारा भेजे गए स्वर्गदूतों का कार्य नहीं थीं, न ही ये परमेश्वर द्वारा अपने हाथ से उत्पन्न थीं। इसके बजाय, ये परमेश्वर के शत्रु, शैतान, द्वारा व्यक्तिगत रूप से उत्पन्न की गई थीं। परिणामस्वरूप, अय्यूब द्वारा झेली गई कठिनाइयों का स्तर
- [शैतान एक बार फिर अय्यूब को प्रलोभित करता है (अय्यूब के पूरे शरीर में दर्दनाक फोड़े निकल आते हैं) (I)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/satan-once-more-tempts-job.html) - 1. परमेश्वर द्वारा कहे गए वचन अय्यूब 2:3 यहोवा ने शैतान से पूछा, “क्या तू ने मेरे दास अय्यूब पर ध्यान दिया है कि पृथ्वी पर उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय माननेवाला और बुराई से दूर रहनेवाला मनुष्य और कोई नहीं है? यद्यपि तू ने मुझे बिना कारण उसका सत्यानाश करने को
- [शैतान पहली बार अय्यूब को लुभाता है (उसके मवेशी चुरा लिए जाते हैं और उसके बच्चों के ऊपर विपत्ति टूटती है)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/satan-tempts-job-for-the-first-time.html) - 1. परमेश्वर द्वारा कहे गए वचन अय्यूब 1:8 यहोवा ने शैतान से पूछा, “क्या तू ने मेरे दास अय्यूब पर ध्यान दिया है? क्योंकि उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय माननेवाला और बुराई से दूर रहनेवाला मनुष्य और कोई नहीं है।” अय्यूब 1:12 यहोवा ने शैतान से कहा, “सुन, जो कुछ उसका है,
- [परमेश्वर के द्वारा और बाइबल में अय्यूब का आँकलन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/assessments-of-job-by-god-and-in-the-bible.html) - अय्यूब 1:1 ऊज़ देश में अय्यूब नामक एक पुरुष था; वह खरा और सीधा था और परमेश्वर का भय मानता और बुराई से दूर रहता था। अय्यूब 1:5 जब जब भोज के दिन पूरे हो जाते, तब तब अय्यूब उन्हें बुलवाकर पवित्र करता, और बड़े भोर को उठकर उनकी गिनती के अनुसार होमबलि चढ़ाता था;
- [सच्चे पश्चात्ताप के जरिये मनुष्य परमेश्वर की दया और सहनशीलता प्राप्त करता है (IV)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/creators-sincere-feelings-toward-mankind.html) - मानवजाति के प्रति सृष्टिकर्ता की सच्ची भावनाएँ लोग अक्सर कहते हैं कि परमेश्वर को जानना आसान बात नहीं है। किंतु मैं कहता हूँ कि परमेश्वर को जानना बिल्कुल भी कठिन बात नहीं है, क्योंकि परमेश्वर मनुष्य को बार-बार अपने कर्म दिखाता है। परमेश्वर ने कभी भी मनुष्य के साथ संवाद करना बंद नहीं किया है,
- [सच्चे पश्चात्ताप के जरिये मनुष्य परमेश्वर की दया और सहनशीलता प्राप्त करता है (III)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/creators-righteous-disposition-is-real-and-vivid.html) - परमेश्वर की करुणा और सहनशीलता दुर्लभ नहीं है—बल्कि मनुष्य का सच्चा पश्चात्ताप दुर्लभ है परमेश्वर नीनवे के लोगों से चाहे जितना भी क्रोधित रहा हो, लेकिन जैसे ही उन्होंने उपवास की घोषणा की और टाट ओढ़कर राख पर बैठ गए, वैसे ही उसका हृदय नरम होने लगा, और उसने अपना मन बदलना शुरू कर दिया।
- [सच्चे पश्चात्ताप के जरिये मनुष्य परमेश्वर की दया और सहनशीलता प्राप्त करता है (II)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-sincere-repentance-in-ninevites-hearts.html) - नीनवे के राजा का पश्चात्ताप यहोवा परमेश्वर की प्रशंसा पाता है जब नीनवे के राजा ने यह समाचार सुना, तो वह अपने सिंहासन से उठा खड़ा हुआ, उसने अपने वस्त्र उतार डाले और टाट पहनकर राख में बैठ गया। तब उसने घोषणा की कि नगर में किसी को भी कुछ भी चखने की अनुमति नहीं
- [सच्चे पश्चात्ताप के जरिये मनुष्य परमेश्वर की दया और सहनशीलता प्राप्त करता है (I)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/jehovah-gods-warning-reaches-the-ninevites.html) - आगे बाइबल की “परमेश्वर द्वारा नीनवे के उद्धार” की कहानी दी गई है। योना 1:1-2 यहोवा का यह वचन अमित्तै के पुत्र योना के पास पहुँचा : “उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरुद्ध प्रचार कर; क्योंकि उसकी बुराई मेरी दृष्टि में बढ़ गई है।” योना 3 तब यहोवा का यह वचन
- [यद्यपि शैतान दयालु, न्यासंगत और सदाचारी प्रतीत होता है, फिर भी शैतान का सार निर्दयी और दुष्टतापूर्ण है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/satan-appears-humane-but-essence-is-cruel-evil.html) - शैतान लोगों को धोखा देकर अपनी प्रतिष्ठा बनाता है और अकसर खुद को न्याय के अगुआ और आदर्श के रूप में स्थापित करता है। न्याय की रक्षा की आड़ में वह लोगों को हानि पहुँचाता है, उनकी आत्माओं को निगल जाता है, और मनुष्य को स्तब्ध करने, गुमराह करने और भड़काने के लिए हर प्रकार
- [परमेश्वर का कोप न्याय की समस्त शक्तियों और समस्त सकारात्मक चीज़ों के लिए सुरक्षा-उपाय है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-wrath-is-a-safeguard.html) - परमेश्वर के संभाषण, विचारों और कार्यों के इन उदाहरणों को समझने से, क्या तुम परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव को समझने में समर्थ हो, ऐसा स्वभाव, जो मनुष्य द्वारा ठेस पहुँचाए जाने को बरदाश्त नहीं करेगा? संक्षेप में, इस पर ध्यान दिए बिना कि मनुष्य इसे कितना समझ सकता है, यह स्वयं परमेश्वर के स्वभाव का
- [हालाँकि परमेश्वर का कोप मनुष्य से छिपा हुआ और अज्ञात है, फिर भी वह कोई अपमान सहन नहीं करता](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-wrath-is-tolerates-no-offense.html) - समस्त मानवजाति के प्रति, उस मानवजाति के प्रति जो कि मूर्ख और जाहिल है, परमेश्वर का व्यवहार मुख्य रूप से दया और सहनशीलता पर आधारित है। दूसरी ओर, उसका कोप अधिकांश समय और अधिकांश घटनाओं में छिपा रहता है, और मनुष्य उससे अनजान है। परिणामस्वरूप, परमेश्वर को अपना कोप व्यक्त करते हुए देखना मनुष्य के
- [अपने प्रति सदोम की बार-बार की शत्रुता और प्रतिरोध के बाद परमेश्वर ने उसे पूरी तरह से मिटा दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/sodoms-repeated-resistance.html) - अब जबकि हमें परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव की एक सामान्य समझ हो गई है, तो हम अपना ध्यान वापस सदोम नगर की ओर मोड़ सकते हैं—एक ऐसी जगह, जिसे परमेश्वर ने पाप की नगरी के रूप में देखा था। इस नगर के सार को समझकर हम यह समझ सकते हैं कि परमेश्वर इसे क्यों नष्ट
- [परमेश्वर को नाराज़ करने के कारण सदोम को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/sodom-is-laid-to-gods-wrath.html) - जब सदोम के लोगों ने इन दो सेवकों को देखा, तो उन्होंने उनके आने का कारण नहीं पूछा, न ही किसी ने यह पूछा कि क्या वे परमेश्वर की इच्छा का प्रचार करने के लिए आए हैं। इसके विपरीत, उन्होंने एक भीड़ इकट्ठी की और स्पष्टीकरण का इंतज़ार किए बिना, जंगली कुत्तों या दुष्ट भेड़ियों
- [हठधर्मी से परमेश्वर का विरोध करने से मनुष्य परमेश्वर के कोप से नष्ट हो जाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/sodoms-corruption.html) - पहले, आओ हम पवित्रशास्त्र के वे अंश देखें, जो परमेश्वर द्वारा सदोम के विनाश का वर्णन करते हैं। उत्पत्ति 19:1-11 साँझ को वे दो दूत सदोम के पास आए; और लूत सदोम के फाटक के पास बैठा था। उन को देखकर वह उनसे भेंट करने के लिये उठा, और मुँह के बल झुककर दण्डवत् कर
- [परमेश्वर को सदोम का विनाश करना ही होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-must-destroy-sodom.html) - उत्पत्ति 18:26 यहोवा ने कहा, “यदि मुझे सदोम में पचास धर्मी मिलें, तो उनके कारण उस सारे स्थान को छोड़ूँगा।” उत्पत्ति 18:29 फिर उसने उससे यह भी कहा, “कदाचित् वहाँ चालीस मिलें।” उसने कहा, “तो भी मैं ऐसा न करूँगा।” उत्पत्ति 18:30 फिर उसने कहा, “कदाचित् वहाँ तीस मिलें।” उसने कहा, “तो भी मैं ऐसा
- [अब्राहम को परमेश्वर की प्रतिज्ञा](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-promise-to-abraham.html) - उत्पत्ति 22:16-18 यहोवा की यह वाणी है, कि मैं अपनी ही यह शपथ खाता हूँ कि तू ने जो यह काम किया है कि अपने पुत्र, वरन् अपने एकलौते पुत्र को भी नहीं रख छोड़ा; इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूँगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर की
- [परमेश्वर अब्राहम को एक पुत्र देने की प्रतिज्ञा करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-promises-to-give-abraham-a-son.html) - तुम सब लोगों ने अभी-अभी अब्राहम की कहानी सुनी। बाढ़ से संसार के नष्ट हो जाने के बाद उसे परमेश्वर द्वारा चुना गया था, उसका नाम अब्राहम था, और जब वह सौ वर्ष का था और उसकी पत्नी सारा नब्बे वर्ष की थी, तब परमेश्वर की प्रतिज्ञा उस तक आई।
- [परमेश्वर मनुष्य के साथ अपनी वाचा के लिए इंद्रधनुष को प्रतीक के रूप में उपयोग करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-makes-the-rainbow-as-a-symbol.html) - उत्पत्ति 9:11-13 “और मैं तुम्हारे साथ अपनी यह वाचा बाँधता हूँ कि सब प्राणी फिर जल-प्रलय से नष्ट न होंगे : और पृथ्वी का नाश करने के लिये फिर जल-प्रलय न होगा।” फिर परमेश्वर ने कहा, “जो वाचा मैं तुम्हारे साथ, और जितने जीवित प्राणी तुम्हारे संग हैं उन सब के साथ भी युग-युग की
- [जलप्रलय के बाद नूह के लिए परमेश्वर की आशीष](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-blessing-to-noah-after-the-flood.html) - उत्पत्ति 9:1-6 फिर परमेश्वर ने नूह और उसके पुत्रों को आशीष दी और उनसे कहा, “फूलो-फलो, और बढ़ो, और पृथ्वी में भर जाओ। तुम्हारा डर और भय पृथ्वी के सब पशुओं, और आकाश के सब पक्षियों, और भूमि पर के सब रेंगनेवाले जन्तुओं, और समुद्र की सब मछलियों पर बना रहेगा : ये सब तुम्हारे
- [परमेश्वर संसार को जलप्रलय से नष्ट करने का इरादा करता है और नूह को एक जहाज बनाने का निर्देश देता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-instructs-noah-to-build-an-ark.html) - उत्पत्ति 6:9-14 नूह की वंशावली यह है। नूह धर्मी पुरुष और अपने समय के लोगों में खरा था; और नूह परमेश्वर ही के साथ साथ चलता रहा। और नूह से शेम, और हाम, और येपेत नामक तीन पुत्र उत्पन्न हुए। उस समय पृथ्वी परमेश्वर की दृष्टि में बिगड़ गई थी, और उपद्रव से भर गई
- [परमेश्वर ने आदम और हव्वा के लिए चमड़े के अँगरखे बनाए](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/lord-god-make-coats-of-skins.html) - उत्पत्ति 3:20-21 आदम ने अपनी पत्नी का नाम हव्वा रखा; क्योंकि जितने मनुष्य जीवित हैं उन सब की आदिमाता वही हुई। और यहोवा परमेश्वर ने आदम और उसकी पत्नी के लिये चमड़े के अँगरखे बनाकर उनको पहिना दिए। आओ, हम इस तीसरे अंश पर एक नज़र डालें, जो बताता है कि वास्तव में उस नाम
- [परमेश्वर हव्वा को बनाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-creates-eve.html) - उत्पत्ति 2:18-20 फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, “आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं; मैं उसके लिये एक ऐसा सहायक बनाऊँगा जो उस से मेल खाए।” और यहोवा परमेश्वर भूमि में से सब जाति के बनैले पशुओं, और आकाश के सब भाँति के पक्षियों को रचकर आदम के पास ले आया कि देखे कि वह उनका
- [आदम के लिए परमेश्वर की आज्ञा](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-command-to-adam.html) - उत्पत्ति 2:15-17 तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को लेकर अदन की वाटिका में रख दिया, कि वह उसमें काम करे और उसकी रक्षा करे। और यहोवा परमेश्वर ने आदम को यह आज्ञा दी, “तू वाटिका के सब वृक्षों का फल बिना खटके खा सकता है; पर भले या बुरे के ज्ञान का जो वृक्ष है,
- [कोई सृजित या गैर-सृजित प्राणी सृष्टिकर्ता की पहचान को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/none-can-replace-identity-of-Creator.html) - जब से परमेश्वर ने सभी चीजों का सृजन शुरू किया, तब से उसका सामर्थ्य व्यक्त और प्रकट होना शुरू हो गया, क्योंकि परमेश्वर ने सभी चीजें सृजित करने के लिए वचनों का इस्तेमाल किया। उसने उन्हें जिस भी तरीके से बनाया हो, उसने उन्हें जिस भी वजह से बनाया हो, परमेश्वर के वचनों के कारण
- [सृष्टिकर्ता के अधिकार के तहत सभी चीजें पूर्ण हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/all-things-are-perfect.html) - परमेश्वर द्वारा बनाई गई सभी चीजें, जिनमें वे भी शामिल हैं जो चल सकती हैं जैसे कि पक्षी और मछली, और वे भी जो नहीं चल सकतीं, जैसे कि पेड़ और फूल, और छठे दिन बनाए गए पशु, कीड़े और जंगली जानवर—वे सभी परमेश्वर की दृष्टि में अच्छे थे, और, इसके अलावा, परमेश्वर की दृष्टि
- [छठे दिन, सृष्टिकर्ता बोलता है और उसके दिमाग में मौजूद हर तरह का प्राणी एक के बाद एक प्रकट होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-the-sixth-day.html) - अलक्षित रूप से, सृष्टिकर्ता का सभी चीजों को बनाने का कार्य पाँच दिनों तक जारी रहा, जिसके तुरंत बाद सृष्टिकर्ता ने सभी चीजों के सृजन के छठे दिन का स्वागत किया। यह दिन एक और नई शुरुआत और एक और असाधारण दिन था। तो फिर, इस नए दिन की पूर्वसंध्या पर सृष्टिकर्ता की क्या योजना
- [पाँचवें दिन विविध और विभिन्न संरचनाओं का जीवन विभिन्न तरीकों से सृष्टिकर्ता के अधिकार को प्रदर्शित करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-the-fifth-day.html) - पवित्र-शास्त्र कहता है, “फिर परमेश्वर ने कहा, ‘जल जीवित प्राणियों से बहुत ही भर जाए, और पक्षी पृथ्वी के ऊपर आकाश के अन्तर में उड़ें।’ इसलिये परमेश्वर ने जाति जाति के बड़े बड़े जल-जन्तुओं की, और उन सब जीवित प्राणियों की भी सृष्टि की जो चलते फिरते हैं जिन से जल बहुत ही भर गया,
- [चौथे दिन परमेश्वर ने एक बार फिर अपने अधिकार का उपयोग किया जिससे मानव-जाति की ऋतुएँ, दिन और वर्ष अस्तित्व में आए](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-the-fourth-day.html) - सृष्टिकर्ता ने अपनी योजना पूरी करने के लिए अपने वचनों का उपयोग किया, और इस तरह उसने अपनी योजना के पहले तीन दिन गुजारे। इन तीन दिनों के दौरान परमेश्वर को व्यस्त होते या स्वयं को थकाते हुए नहीं देखा गया; इसके विपरीत, उसने अपनी योजना के पहले तीन दिन शानदार तरीके से बिताए, और
- [तीसरे दिन, परमेश्वर के वचनों ने पृथ्वी और समुद्रों की उत्पत्ति की, और परमेश्वर के अधिकार ने संसार को जीवन से लबालब भर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-the-third-day.html) - आओ, हम उत्पत्ति 1:9-11 का पहला वाक्य पढ़ें : “फिर परमेश्वर ने कहा, ‘आकाश के नीचे का जल एक स्थान में इकट्ठा हो जाए और सूखी भूमि दिखाई दे।’” परमेश्वर के बस इतना कहने के बाद कि, “आकाश के नीचे का जल एक स्थान में इकट्ठा हो जाए और सूखी भूमि दिखाई दे,” क्या परिवर्तन
- [दूसरे दिन परमेश्वर के अधिकार ने जल का प्रबंध किया और आसमान बनाया तथा मनुष्य के जीवित रहने के लिए सबसे बुनियादी जगह प्रकट हुई](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-the-second-day.html) - आओ, हम बाइबल के दूसरे अंश को पढ़ें : “फिर परमेश्वर ने कहा, ‘जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए।’ तब परमेश्वर ने एक अन्तर बनाकर उसके नीचे के जल और उसके ऊपर के जल को अलग अलग किया; और वैसा ही हो गया” (उत्पत्ति 1:6-7)। जब परमेश्वर ने
- [पहले दिन, परमेश्वर के अधिकार के कारण, मानव-जाति के दिन और रात उत्पन्न हुए और स्थिर बने हुए हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-the-first-day.html) - परमेश्वर ने पहले दिन उजियाला उत्पन्न किया, जिसने उसके वचनों के अधिकार को प्रकट किया। पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [विपदा से पहले स्वर्गारोहित कैसे हों](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/raptured-before-the-tribulation.html) - अब आपदाएं लगातार हो रहीं हैं। हम बड़ी आपदाओं से पहले प्रभु का स्वागत कैसे कर सकते हैं?
- [परमेश्वर के नामों का रहस्य प्रकाशित हो गया](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-mystery-of-God-s-names.html)
- [प्रकाशितवाक्य में जिस पुस्तक के बारे में भविष्यवाणी की गई है, उसे खोल दिया गया है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-scroll-revelation-prophesied-has-been-opened-topic.html)
- [परमेश्वर के साथ सामान्य संबंध कैसे स्थापित किया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/normal-relationship-with-god.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: लोग अपने हृदय से परमेश्वर की आत्मा को स्पर्श करके परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, उससे प्रेम करते हैं और उसे संतुष्ट करते हैं, और इस प्रकार वे परमेश्वर की संतुष्टि प्राप्त करते हैं; परमेश्वर के वचनों से जुड़ने के लिए वे अपने हृदय का उपयोग करते हैं और इस प्रकार
- [प्रभु काफी समय पहले प्रकट होने और कार्य करने के लिए देहधारण करके लौट आया है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-lord-long-ago-returned-in-the-flesh-topic.html) - क्या आप जानते हैं? परमेश्वर पहले ही देहधारण करके लौट आया है और वह मनुष्य के पुत्र के रूप में गुप्त रूप से आया है
- [ईमानदार व्यक्ति और धोखेबाज व्यक्ति में क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/difference-between-honest-person-and-deceitful-person.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मैं उन लोगों में प्रसन्नता अनुभव करता हूँ जो दूसरों पर शक नहीं करते, और मैं उन लोगों को पसंद करता हूँ जो सच को तत्परता से स्वीकार कर लेते हैं; इन दो प्रकार के लोगों की मैं बहुत परवाह करता हूँ, क्योंकि मेरी नज़र में ये ईमानदार लोग हैं। यदि
- [क्या आपने परमेश्वर की वाणी सुनी है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/heard-the-voice-of-God.html) - प्रभु के सभी विश्वासी बेसब्री से उसकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। आज हम प्रभु यीशु की भविष्यवाणियों के बारे में थोड़ी संगति करेंगे और प्रभु की वापसी को लेकर अलग-अलग तरह की समझ के बारे में चर्चा करेंगे। ज्यादातर लोगों का मानना है कि प्रभु की वापसी उसके बादलों पर उतरने से होगी,
- [परमेश्वर की कलीसिया और धार्मिक समूह क्या हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-church-1.html) - कलीसिया क्या है? परमेश्वर की कलीसिया में पवित्र आत्मा का कार्य है। फिर परमेश्वर की कलीसिया और धार्मिक समूहों में क्या अंतर हैं? जानने के लिए परमेश्वर के वचनों को पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [सच्ची प्रार्थना क्या है और इससे क्या हासिल हो सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truly-pray.html) - वास्तविक प्रार्थना क्या है? प्रार्थना का अर्थ क्या है? परमेश्वर के वचनों में जवाब खोजने के लिए कृपया इस लेख को पढ़ें, ताकि हमारी प्रार्थनाएँ परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप हो सके और परमेश्वर द्वारा सुनी जा सके।
- [बाइबल में, पौलुस ने कहा था "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है" (2 तीमुथियुस 3:16), पौलुस के वचन बाइबल में हैं। इसीलिए, वे परमेश्वर द्वारा प्रेरित थे; वे परमेश्वर के वचन हैं। प्रभु में विश्वास करना बाइबल में विश्वास करना है। चाहे कोई भी विचारधारा क्यों न हो, यदि वह बाइबल से भटकती है, तो वह विधर्म है! हम प्रभु में विश्वास करते हैं, इसीलिए हमें सदा बाइबल के अनुसार कार्य करना चाहिए, अर्थात्, हमें बाइबल के वचनों का पालन करना चाहिए। बाइबल ईसाई धर्म का मूलभूत सिद्धांत है, हमारे विश्वास की नींव है। बाइबल को त्यागना प्रभु में अविश्वास करने के समान है; यदि हम बाइबल को त्याग देते हैं, तो हम प्रभु में कैसे विश्वास कर सकते हैं? बाइबल में प्रभु के वचन लिखे हैं। क्या कहीं और भी ऐसी जगह है जहां हम उनके वचनों को पा सकते हैं? यदि प्रभु में हमारा विश्वास बाइबल पर आधारित नहीं है, तो इसका आधार क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/bible-is-christianitys-canon.html) - पौलुस ने कहा कि बाइबिल में सभी वचन, प्रभु से प्रेरित थे, इसलिए विश्वासियों को लगता है कि प्रभु में विश्वास बाइबिल पर आधारित होना चाहिए। क्या यह नजरिया सही है? परमेश्वर की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए हमें परमेश्वर पर विश्वास कैसे करना चाहिए? जवाब पाने के लिए क्लिक करें।
- [गलतियाँ जिन्हें प्रभु की वापसी का स्वागत करने के लिए सुधारा जाना है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/welcome-the-lord-s-return.html) - क्या आप जानते हैं कि प्रभु की वापसी का स्वागत करने के लिए किन गलतियों को सुधारने की ज़रूरत है?
- [न्याय क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-judgment.html) - न्याय क्या है? परमेश्वर न्याय का कार्य कैसे करते हैं? पढ़ने के लिए क्लिक करें और आप परमेश्वर के वचनों में उत्तर पाएंगे।
- [मैंने 20 साल से भी ज़्यादा बाइबल का अध्ययन किया है। मैंने पाया कि बाइबल अलग-अलग वक्त में 40 अलग-अलग लेखकों द्वारा लिखी गयी थी, लेकिन उनकी लिखी विषयवस्तु में एक भी गलती नहीं थी। इससे पता चलता है कि परमेश्वर ही बाइबल के सच्चे लेखक हैं और बाइबल पवित्र आत्मा से उपजी है।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/true-author-of-bible.html) - बहुत से लोग सोचते हैं कि सभी पवित्र शास्त्र, पवित्र आत्मा से आते हैं और बाइबल का रचियता प्रभु है। क्या यह सोचना ठीक है? जानने के लिए अभी पढ़े।
- [अच्छे कर्म कौन-से होते हैं और वे कैसे अभिव्यक्त किए जाते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-are-good-deeds.html) - अच्छे कर्म क्या हैं? मनुष्य के अच्छे कर्मों की अभिव्यक्तियाँ क्या होती हैं? अच्छे कर्म कैसे करें, इस बारे में परमेश्वर की इच्छा क्या है? अधिक जानने के लिए अभी पढ़ें।
- [पवित्र आत्मा का कार्य कैसे प्राप्त किया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-work-of-the-holy-spirit.html) - पवित्र आत्मा के कार्य के सिद्धांत क्या हैं? हम पवित्र आत्मा के कार्य को कैसे प्राप्त कर सकते हैं? उत्तर खोजने के लिए परमेश्वर के वचनों को पढ़ें।
- [बुद्धिमान कुँआरियों का इनाम क्या है? मूर्ख कुँआरियाँ आपदा में क्यों गिरेंगी?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-9.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर ऐसे लोग चाहता है जो उसके पदचिह्नों का अनुसरण करें। भले ही जो तुमने पहले समझा था वह कितना ही अद्भुत और शुद्ध क्यों न हो, परमेश्वर उसे नहीं चाहता और यदि तुम ऐसी चीजों को दूर नहीं कर सकते, तो वो भविष्य में तुम्हारे प्रवेश के लिए एक भयंकर
- [बुरी आत्माओं का कार्य क्या है? बुरी आत्माओं के कार्य की क्या अभिव्यक्तियाँ हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-the-work-of-evil-spirits.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: शैतान की ओर से कौन-सा कार्य आता है? शैतान से आने वाले काम में, लोगों के भीतर के दृश्य अस्पष्ट होते हैं; लोगों में सामान्य मानवता नहीं होती है, उनके कार्यों के पीछे की प्रेरणाएं गलत होती हैं, और यद्यपि वे परमेश्वर से प्रेम करना चाहते हैं, फिर भी उनके भीतर
- [परमेश्वर की भेड़ें उसकी वाणी सुनती हैं, और केवल परमेश्वर की वाणी सुनकर ही व्यक्ति लौटकर आए परमेश्वर से मिल सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/voice-of-god-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "आधी रात को धूम मची : 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो'" (मत्ती 25:6)। "मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं" (यूहन्ना 10:27)। "जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से
- [यह कैसे जानें कि मसीह सत्य, मार्ग और जीवन है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-incarnation-8.html) - प्रभु यीशु ने कहा था, "मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ।" तो हम यह कैसे समझ सकते हैं कि मसीह ही मार्ग सत्य और जीवन हैं? अधिक जानने के लिए क्लिक करें।
- [पाखंड क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-hypocrisy.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: "फरीसी" शब्द की परिभाषा क्या है? यह कोई ऐसा व्यक्ति है जो पाखंडी है, जो नकली है और अपने हर कार्य में नाटक करता है, अच्छा, दयालु और सकारात्मक होने का ढोंग करता है। क्या वे वास्तव में इस तरह के हैं? वे पाखंडी हैं, और इसलिए उनमें जो कुछ भी
- [सच्चे मार्ग की जांच-पड़ताल करते समय केवल परमेश्वर की वाणी को ही सुनें—आपको शैतान की अफ़वाहों और झूठों को नहीं सुनना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/listen-to-God-s-voice.html) - अगर आप सच्चे मार्ग की जांच-पड़ताल करते हुए यह गलती करते हैं, तो आप प्रभु के आगमन का स्वागत करने का मौका खो देंगे
- [बुरे कर्म क्या हैं? बुरे कर्मों की अभिव्यक्तियाँ क्या हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-are-evil-deeds.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: वह मानक क्या है जिसके द्वारा किसी व्यक्ति के कर्मों का न्याय अच्छे या बुरे के रूप में किया जाता है? यह इस बात पर निर्भर करता है कि अपने विचारों, अभिव्यक्तियों और कार्यों में तुममें सत्य को व्यवहार में लाने और सत्य-वास्तविकता को जीने की गवाही है या नहीं। यदि
- [मैं बीस साल से अधिक समय से बाइबल का अध्ययन करता रहा हूँ। मैंने जाना है कि हालाँकि बाइबल अलग-अलग समय में 40 से अधिक अलग-अलग लेखकों द्वारा लिखी गई थी, इसमें एक भी भूल नहीं है। इससे साबित होता है कि परमेश्वर बाइबल का वास्तविक लेखक है, और यह कि समस्त पवित्र शास्त्र पवित्र आत्मा से आता है।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-4.html) - बहुत से लोग सोचते हैं कि सभी पवित्र शास्त्र, पवित्र आत्मा से आते हैं और बाइबल का रचियता प्रभु है। क्या यह सोचना ठीक है? जानने के लिए अभी पढ़े।
- [प्रभु लौटकर आने पर कैसा दिखता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-the-lord-appears-upon-his-return.html) - क्या आप जानते हैं? प्रभु आपदाओं से पहले गुप्त रूप से वापस आता है, और फिर आपदाओं के बाद खुले तौर पर खुद को प्रकट करता है।
- [प्रभु यीशु ने फरीसियों को शाप क्यों दिया था, और फरीसियों का सार क्या था](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/religious-world-that-defies-god-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "तब यरूशलेम से कुछ फरीसी और शास्त्री यीशु के पास आकर कहने लगे, 'तेरे चेले पूर्वजों की परम्पराओं को क्यों टालते हैं, कि बिना हाथ धोए रोटी खाते हैं?' उसने उनको उत्तर दिया, 'तुम भी अपनी परम्पराओं के कारण क्यों परमेश्वर की आज्ञा टालते हो? क्योंकि परमेश्वर ने
- [बचाया जाना बनाम पूर्ण उद्धार पाना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/salvation-and-full-salvation.html) - बचाया जाना क्या है? पूर्ण उद्धार पाना क्या है? भले ही मनुष्य के पापों को क्षमा कर दिया गया है, फिर भी वे अक्सर पाप करते रहते हैं और वे शुद्ध नहीं किये गये हैं। क्या उन्हें पूर्ण उद्धार प्राप्त हो गया है? क्या वे स्वर्गिक राज्य में प्रवेश कर सकते हैं? राज्य और पूर्ण
- [स्वर्ग, पृथ्वी और सभी चीज़ों को बनाने वाला सच्चा परमेश्वर एक है या तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/one-true-god-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर ही एकमात्र है जो सभी चीज़ों पर शासन करता है, और सभी चीज़ों को चलाता है। जो कुछ है वह उसी ने रचा है, जो कुछ है वही उसे चलाता है, जो कुछ है उस सब पर वही शासन करता है और जो कुछ है उस सब का वही
- [ईसाई दैनिक प्रार्थना: कोई सच्ची प्रार्थना में किस प्रकार प्रवेश कर सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/spiritual-devotions-and-lives-of-christians-4.html) - ईसाइयों के लिए परमेश्वर के करीब आने के लिए दैनिक प्रार्थना आवश्यक है। फिर हम सच्ची प्रार्थना में कैसे प्रवेश कर सकते हैं? रास्ता खोजने के लिए परमेश्वर के इन वचनों को पढ़ें।
- [स्वर्गारोहण करना और आपदाओं से पहले प्रभु के साथ दावत में भाग लेना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-before-the-disaster.html) - स्वर्ग के राज्य में आरोहित होना सभी ईसाइयों के लिए सबसे बड़ी उम्मीद है। किस प्रकार के लोगों को स्वर्गारोहित किया जा सकता है। हमें क्या करना चाहिए ताकि हम आपदा से पहले स्वर्गारोहित हो सकें और प्रभु के साथ भोजन कर सकें? 4 तत्व आपके लिए स्वर्गारोहित होने के रहस्य को प्रकट करते हैं।
- [मसीह परमेश्वर का पुत्र है या स्वयं परमेश्वर है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-himself-2.html) - सभी विश्वासी यीशु को मसीह कहते हैं, लेकिन मसीह क्या है? कुछ लोग ही समझते हैं। यीशु मसीह कौन है? क्या वह ईश्वर का पुत्र या स्वयं ईश्वर है? अभी पढ़ें और आपको परमेश्वर के शब्दों में उत्तर मिलेंगे।
- [प्रभु यीशु कहता था कि वह फिर लौटकर आएगा, तो अंत के दिनों में जब वह वास्तव में लौटता है, तब वह लोगों के समक्ष किन तरह प्रकट होगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/method-of-Lord-s-arrival-6.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "देख, मैं चोर के समान आता हूँ; धन्य वह है जो जागता रहता है, और अपने वस्त्र की चौकसी करता है कि नंगा न फिरे, और लोग उसका नंगापन न देखें" (प्रकाशितवाक्य 16:15)। "यदि तू जागृत न रहेगा तो मैं चोर के समान आ जाऊँगा, और तू कदापि न
- [पादरी हमसे अक्सर कहते हैं कि हालाँकि आपदा के बाद आपदा टूट पड़ती है, हमें डरना नहीं चाहिए, क्योंकि बाइबल हमें बताती है: "तेरे निकट हज़ार, और तेरी दाहिनी ओर दस हज़ार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा" (भजन संहिता 91:7)। अगर हमें प्रभु पर भरोसा है, और हम प्रार्थना करना, बाइबल पढ़ना और मिलकर सहभागिता करना जारी रखते हैं, तो आपदा हम पर नहीं आएगी। लेकिन कुछ धार्मिक याजक और ईसाई ऐसे भी हैं जो इन आपदाओं में मारे गए हैं। वे सभी बाइबल पढ़ते थे, प्रार्थना करते थे, और प्रभु की सेवा करते थे, तो परमेश्वर ने उनकी रक्षा क्यों नहीं की?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-7.html) - बाइबिल में भजन 91:7 की नई व्याख्या: क्या आप जानते हैं कि आपदाओं से किसे बचाया जा सकता है? अभी मुफ्त में पढ़ें।
- [अगर प्रभु यीशु स्वयं परमेश्वर हैं, तो ऐसा क्यों है कि जब प्रभु यीशु प्रार्थना करते हैं, तो वे परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं। यहाँ निश्चित रूप से एक रहस्य है जिसे उजागर करना जरूरी है। हमारे लिए चर्चा करें।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/questions-and-answers-on-the-trinity-2.html) - क्या आप जानते हैं कि प्रभु यीशु ने पिता परमेश्वर से प्रार्थना क्यों की और स्वर्ग में परमेश्वर को पिता कहा? यह पाठ आपके लिए रहस्य प्रकट करेगा।
- [एक ईमानदार व्यक्ति क्या होता है? परमेश्वर ईमानदार लोगों को क्यों पसंद करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-an-honest-person.html) - ईमानदारी क्या है? ईमानदारी का अर्थ क्या है? पढ़ने के लिए क्लिक बटन दबाएँ।
- [परमेश्वर किसी व्यक्ति के अंत का निर्धारण किस आधार पर करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-10.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: अब वह समय आ गया है जब मैं प्रत्येक व्यक्ति के अंत को निर्धारित करता हूँ, यह वो चरण नहीं जिसमें मैंने मनुष्यों को आकार देना आरंभ किया था। मैं अपनी अभिलेख पुस्तक में एक-एक करके, प्रत्येक व्यक्ति के कार्यों और कथनों को, और साथ ही उस मार्ग को जिस पर
- [मनुष्य को परमेश्वर में विश्वास क्यों करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर ही एकमात्र है जो सभी चीज़ों पर शासन करता है, और सभी चीज़ों को चलाता है। जो कुछ है वह उसी ने रचा है, जो कुछ है वही उसे चलाता है, जो कुछ है उस सब पर वही शासन करता है और जो कुछ है उस सब का वही भरण-पोषण
- [क्या "स्वर्गारोहण" का अर्थ सच में हवा या स्वर्ग में ले जाया जाना है, और स्वर्ग का राज्य पृथ्वी पर है या स्वर्ग में](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-2-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "अत: तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो : 'हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। तेरा राज्य आए। तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो'" (मत्ती 6:9-10)। "फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को
- [देहधारण और उसका सार क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-incarnation-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : "देहधारण" परमेश्वर का देह में प्रकट होना है; परमेश्वर सृष्टि के मनुष्यों के मध्य देह की छवि में कार्य करता है। इसलिए, परमेश्वर को देहधारी होने के लिए, सबसे पहले देह बनना होता है, सामान्य मानवता वाला देह; यह सबसे मौलिक आवश्यकता है। वास्तव में, परमेश्वर के देहधारण का निहितार्थ
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर और प्रभु यीशु दोनों एक ही परमेश्वर के देहधारण हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/three-stages-of-work-and-God-s-names-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मनुष्यों के बीच, मैं वह पवित्रात्मा था जिसे वे देख नहीं सकते थे, वह पवित्रात्मा जिसके सम्पर्क में वे कभी भी नहीं आ सकते थे। पृथ्वी पर मेरे कार्य के तीन चरणों (संसार का सृजन, छुटकारा और विनाश) के कारण, मैं मनुष्यों के बीच अपना कार्य करने के लिए भिन्न-भिन्न
- [अंत के दिनों में अपना न्याय का कार्य करने के लिए परमेश्वर मनुष्य का उपयोग क्यों नहीं करता, बल्कि देहधारण कर उसे स्वयं क्यों करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-incarnation-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : न्याय का कार्य परमेश्वर का अपना कार्य है, इसलिए स्वाभाविक रूप से इसे परमेश्वर द्वारा ही किया जाना चाहिए; उसकी जगह इसे मनुष्य द्वारा नहीं किया जा सकता। चूँकि न्याय सत्य के माध्यम से मानवजाति को जीतना है, इसलिए परमेश्वर निःसंदेह अभी भी मनुष्यों के बीच इस कार्य को करने
- [देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले लोगों के बीच मूलभूत अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-incarnation-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : देहधारी परमेश्वर मसीह कहलाता है और मसीह परमेश्वर के आत्मा द्वारा धारण की गई देह है। यह देह किसी भी मनुष्य की देह से भिन्न है। यह भिन्नता इसलिए है क्योंकि मसीह मांस तथा खून से बना हुआ नहीं है; वह आत्मा का देहधारण है। उसके पास सामान्य मानवता तथा
- [यह क्यों कहा जाता है कि भ्रष्ट मानवजाति को देहधारी परमेश्वर के उद्धार की अधिक आवश्यकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-incarnation-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर द्वारा मनुष्य को सीधे पवित्रात्मा की पद्धति और पवित्रात्मा की पहचान का उपयोग करके नहीं बचाया जाता, क्योंकि उसके पवित्रात्मा को मनुष्य द्वारा न तो छुआ जा सकता है, न ही देखा जा सकता है, और न ही मनुष्य उसके निकट जा सकता है। यदि उसने पवित्रात्मा के दृष्टिकोण
- [यह क्यों कहा जाता है कि परमेश्वर के दो देहधारण, देहधारण का अर्थ पूरा करते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-incarnation-7.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : प्रथम देहधारण मनुष्य को पाप से छुटकारा देने के लिए था, उसे यीशु की देह के माध्यम से छुटकारा देने के लिए था, अर्थात् यीशु ने मनुष्य को सलीब से बचाया, किंतु भ्रष्ट शैतानी स्वभाव फिर भी मनुष्य के भीतर रह गया। दूसरा देहधारण अब पापबलि के रूप में कार्य
- [अंत के दिनों में परमेश्वर शैतान के प्रभुत्व वाले अंधकारमय युग का अंत कैसे करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gods-incarnation-9.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : जब सभी लोगों को संपूर्ण बना लिया गया होगा और पृथ्वी के सभी राष्ट्र मसीह का राज्य बन गए होंगे, तब वह समय होगा जब सात गर्जनाएँ गूँजेंगी। वर्तमान दिन उस चरण की दिशा में एक लंबा कदम है; आने वाले उस दिन की ओर बढ़ने के लिए धावा बोल
- [परमेश्वर सृष्टि का प्रभु है, उसका अधिकार अद्वितीय है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-is-the-Lord-of-creation-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर सभी चीज़ों की सृष्टि करने के लिए वचनों को प्रयोग करता है उत्पत्ति 1:3-5 जब परमेश्वर ने कहा, "उजियाला हो," तो उजियाला हो गया। और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अन्धियारे से अलग किया। और परमेश्वर ने उजियाले को दिन और
- [मानवजाति के प्रबंधन के लिए परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों का उद्देश्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/three-stages-of-work-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मेरी संपूर्ण प्रबंधन योजना, छह-हज़ार-वर्षीय प्रबंधन योजना, के तीन चरण या तीन युग हैं : आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों का राज्य का युग। इन तीनों युगों में मेरे कार्य की विषयवस्तु प्रत्येक युग के स्वरूप के
- [परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों में से प्रत्येक का उद्देश्य और अर्थ](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/three-stages-of-work-2.html) - (1) व्यवस्था के युग में परमेश्वर के कार्य का उद्देश्य और अर्थ परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : यहोवा ने जो कार्य इस्राएलियों पर किया, उसने मानव-जाति के बीच पृथ्वी पर परमेश्वर के मूल स्थान को स्थापित किया, जो कि ऐसा पवित्र स्थान भी था जहाँ वह उपस्थित रहता था। उसने अपने कार्य को इस्राएल के
- [परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों के बीच संबंध](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/three-stages-of-work-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : यहोवा के कार्य से लेकर यीशु के कार्य तक, और यीशु के कार्य से लेकर इस वर्तमान चरण तक, ये तीन चरण परमेश्वर के प्रबंधन के पूर्ण विस्तार को एक सतत सूत्र में पिरोते हैं, और वे सब एक ही पवित्रात्मा का कार्य हैं। दुनिया के सृजन से परमेश्वर हमेशा
- [परमेश्वर का तीन चरणों का कार्य कैसे क्रमशः गहन होता जाता है, ताकि लोगों को बचाकर उन्हें पूर्ण किया जा सके](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/three-stages-of-work-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर का संपूर्ण प्रबंधन तीन चरणों में विभाजित है, और प्रत्येक चरण में मनुष्य से यथोचित अपेक्षाएँ की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, जैसे-जैसे युग बीतते और आगे बढ़ते जाते हैं, परमेश्वर की समस्त मानवजाति से अपेक्षाएँ और अधिक ऊँची होती जाती हैं। इस प्रकार, कदम-दर-कदम परमेश्वर का प्रबंधन अपने चरम
- [प्रभु यीशु द्वारा मानवजाति को छुटकारा दिला दिए जाने के बावजूद, परमेश्वर का अंत के दिनों में न्याय का कार्य करना क्यों आवश्यक है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/judgment-in-the-last-days-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "मैं तुम से सच सच कहता हूँ कि जो कोई पाप करता है वह पाप का दास है। दास सदा घर में नहीं रहता; पुत्र सदा रहता है" (यूहन्ना 8:34-35)। "यदि कोई मेरी बातें सुनकर न माने, तो मैं उसे दोषी नहीं ठहराता; क्योंकि मैं जगत को दोषी
- [अंत के दिनों में परमेश्वर का न्याय का कार्य महान श्वेत सिंहासन का न्याय का कार्य है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/judgment-in-the-last-days-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : बीते समय में जो यह कहा गया था कि न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होगा, उन वचनों में "न्याय" उस फैसले को संदर्भित करता है, जो परमेश्वर आज उन लोगों के बारे में देता है, जो अंत के दिनों में उसके सिंहासन के सामने आते हैं। शायद कुछ लोग
- [अंत के दिनों में परमेश्वर का न्याय का कार्य मानवजाति को किस तरह शुद्ध करता और बचाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/judgment-in-the-last-days-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "यदि कोई मेरी बातें सुनकर न माने, तो मैं उसे दोषी नहीं ठहराता; क्योंकि मैं जगत को दोषी ठहराने के लिये नहीं, परन्तु जगत का उद्धार करने के लिये आया हूँ। जो मुझे तुच्छ जानता है और मेरी बातें ग्रहण नहीं करता है उसको दोषी ठहरानेवाला तो एक
- [अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य का अर्थ कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/judgment-in-the-last-days-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : युग का समापन करने के अपने अंतिम कार्य में, परमेश्वर का स्वभाव ताड़ना और न्याय का है, जिसमें वह वो सब प्रकट करता है जो अधार्मिक है, ताकि वह सार्वजनिक रूप से सभी लोगों का न्याय कर सके और उन लोगों को पूर्ण बना सके, जो सच्चे दिल से उसे
- [अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य को स्वीकार न करने के प्रभाव और परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/judgment-in-the-last-days-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : न्याय का कार्य परमेश्वर का अपना कार्य है, इसलिए स्वाभाविक रूप से इसे परमेश्वर द्वारा ही किया जाना चाहिए; उसकी जगह इसे मनुष्य द्वारा नहीं किया जा सकता। चूँकि न्याय सत्य के माध्यम से मानवजाति को जीतना है, इसलिए परमेश्वर निःसंदेह अभी भी मनुष्यों के बीच इस कार्य को करने
- [शैतान एक पतित स्वर्गदूत है जो कभी स्वर्ग, पृथ्वी और सभी चीज़ों की रचना नहीं कर सकता, और कभी भी परमेश्वर के अधिकार से बढ़कर नहीं हो सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-is-the-Lord-of-creation-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : पृथ्वी के अस्तित्व से पहले, प्रधान स्वर्गदूत स्वर्ग के स्वर्गदूतों में सबसे महान था। स्वर्ग के सभी स्वर्गदूतों पर उसका अधिकार था; और यह अधिकार उसे परमेश्वर ने दिया था। परमेश्वर के अपवाद के साथ, वह स्वर्ग के स्वर्गदूतों में सर्वोच्च था। बाद में जब परमेश्वर ने मानवजाति का सृजन
- [अनुग्रह के युग में उद्धार और राज्य के युग में उद्धार के बीच के ज़रूरी अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/salvation-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : उस समय यीशु का कार्य समस्त मानवजाति को छुटकारा दिलाना था। उन सभी के पापों को क्षमा कर दिया गया था जो उसमें विश्वास करते थे; अगर तुम उस पर विश्वास करते हो, तो वह तुम्हें छुटकारा दिलाएगा; यदि तुम उस पर विश्वास करते, तो तुम पापी नहीं रह जाते,
- [विभिन्न युगों में परमेश्वर के अलग-अलग नाम क्यों हैं और उसके नामों का महत्व क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-name-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "फिर परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा, 'तू इस्राएलियों से यह कहना, "तुम्हारे पितरों का परमेश्वर, अर्थात् अब्राहम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याक़ूब का परमेश्वर, यहोवा, उसी ने मुझ को तुम्हारे पास भेजा है। देख, सदा तक मेरा नाम यही रहेगा, और पीढ़ी पीढ़ी में
- [परमेश्वर का नाम बदल सकता है, लेकिन उसका सार कभी नहीं बदलता](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-name-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : हर बार जब परमेश्वर पृथ्वी पर आता है, तो वह अपना नाम, अपना लिंग, अपनी छवि और अपना कार्य बदल देता है; वह अपने कार्य को दोहराता नहीं है। वह ऐसा परमेश्वर है, जो हमेशा नया रहता है और कभी पुराना नहीं पड़ता। जब वह पहले आया, तो उसे यीशु
- [किसी भी स्वर्गदूत को कभी परमेश्वर नहीं कहा जा सकता, क्योंकि वे कभी स्वर्ग, पृथ्वी और सभी चीज़ों की रचना नहीं कर सकते](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-is-the-Lord-of-creation-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : जब से उसने सब वस्तुओं की सृष्टि की शुरूआत की, परमेश्वर की सामर्थ्य प्रकट और प्रकाशित होने लगी थी, क्योंकि सब वस्तुओं को बनाने के लिए परमेश्वर ने अपने वचनों का इस्तेमाल किया था। चाहे उसने जिस भी रीति से उनका सृजन किया, जिस कारण से भी उनका सृजन किया,
- [केवल वही सृष्टि का प्रभु, सच्चा परमेश्वर है जो स्वर्ग, पृथ्वी और सभी चीज़ों की रचना और उन पर शासन कर सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-is-the-Lord-of-creation-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर ही एकमात्र है जो सभी चीज़ों पर शासन करता है, और सभी चीज़ों को चलाता है। जो कुछ है वह उसी ने रचा है, जो कुछ है वही उसे चलाता है, जो कुछ है उस सब पर वही शासन करता है और जो कुछ है उस सब का वही
- [अनुग्रह के युग और राज्य के युग में कलीसियाई जीवन के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-work-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : जब, अनुग्रह के युग में, परमेश्वर तीसरे स्वर्ग में लौटा, तो समस्त मानव-जाति के छुटकारे का परमेश्वर का कार्य वास्तव में पहले ही अपने अंतिम भाग में पहुँच गया था। धरती पर जो कुछ शेष रह गया था, वह था सलीब जिसे यीशु ने अपनी पीठ पर ढोया था, बारीक
- [झूठे मसीह को कैसे पहचाना जा सकता है और उसके प्रमाण चिह्न कौन-कौन से हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/discerning-the-true-Christ-from-false-Christs-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "उस समय यदि कोई तुम से कहे, 'देखो, मसीह यहाँ है!' या 'वहाँ है!' तो विश्वास न करना। क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और बड़े चिह्न, और अद्भुत काम दिखाएँगे कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी भरमा दें" (मत्ती 24:23-24)। परमेश्वर
- [अनुग्रह के युग के प्रायश्चित के मार्ग और अंत के दिनों के अनंत जीवन के मार्ग के बीच के अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/way-of-eternal-life-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : अनुग्रह के युग में पश्चात्ताप के सुसमाचार का उपदेश दिया गया और कहा गया कि यदि मनुष्य विश्वास करेगा, तो उसे बचाया जाएगा। आज, उद्धार की जगह सिर्फ विजय और पूर्णता की ही बात होती है। ऐसा नहीं कहा जाता कि अगर कोई व्यक्ति विश्वास करता है, तो उसका पूरा
- [परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के कार्य के बीच मूलभूत अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/work-of-god-and-work-of-man-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : स्वयं परमेश्वर के कार्य में संपूर्ण मनुष्यजाति का कार्य समाविष्ट है, और यह संपूर्ण युग के कार्य का भी प्रतिनिधित्व करता है, कहने का तात्पर्य है कि परमेश्वर का अपना कार्य पवित्र आत्मा के सभी कार्य की गतिक और रुझान का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि प्रेरितों का कार्य परमेश्वर के
- [बाइबल केवल परमेश्वर के दो चरणों के कार्य का अभिलेख है, जो व्यवस्था का युग और अनुग्रह का युग हैं; वह परमेश्वर के संपूर्ण कार्य का अभिलेख नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-and-the-bible-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक करके लिखे जाते, तो मैं समझता हूँ कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे संसार में भी न समातीं" (यूहन्ना 21:25)। "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें
- [बाइबल को मानने और उसकी आराधना करने वाले लोग अनंत जीवन पाने में असफल क्यों रहेंगे](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-and-the-bible-4.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते" (यूहन्ना 5:39-40)। "यीशु ने उससे कहा, 'मार्ग और सत्य और जीवन मैं
- [सत्य को कैसे पहचाना जा सकता है और कौन वास्तव में सत्य व्यक्त कर सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/discerning-the-true-Christ-from-false-Christs-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर स्वयं ही जीवन है, और सत्य है, और उसका जीवन और सत्य साथ-साथ विद्यमान हैं। वे लोग जो सत्य प्राप्त करने में असमर्थ हैं कभी भी जीवन प्राप्त नहीं करेंगे। मार्गदर्शन, समर्थन, और पोषण के बिना, तुम केवल अक्षर, सिद्धांत, और सबसे बढ़कर, मृत्यु ही प्राप्त करोगे। परमेश्वर का
- [परमेश्वर के स्वभाव और सार को जानने पर वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/know-god-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर वो है जो वो है और उसके पास वो है जो उसके पास है। जो कुछ वह प्रकट और उजागर करता है वह उसके सार और उसकी पहचान के निरूपण हैं। उसका स्वरूप, उसका सार और उसकी पहचान ऐसी चीज़ें हैं जिनकी जगह कोई मनुष्य नहीं ले सकता है।
- [परमेश्वर की सर्वशक्तिमत्ता और बुद्धि के प्रकट होने के तरीके](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/know-god-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : जब से उसने सब वस्तुओं की सृष्टि की शुरूआत की, परमेश्वर की सामर्थ्य प्रकट और प्रकाशित होने लगी थी, क्योंकि सब वस्तुओं को बनाने के लिए परमेश्वर ने अपने वचनों का इस्तेमाल किया था। चाहे उसने जिस भी रीति से उनका सृजन किया, जिस कारण से भी उनका सृजन किया,
- [परमेश्वर ने आज तक मानवजाति की अगुआई और भरण-पोषण कैसे किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/know-god-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : जीवन का मार्ग कोई ऐसी चीज नहीं है जो हर किसी के पास होता है, न ही यह कोई ऐसी चीज है जिसे हर कोई आसानी से प्राप्त कर सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जीवन केवल परमेश्वर से ही आ सकता है, कहने का तात्पर्य है कि केवल स्वयं
- [परमेश्वर द्वारा प्रयुक्त लोगों के सत्य के अनुरूप शब्दों और परमेश्वर के वचनों के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/voice-of-god-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मेरे वचन सदा-सर्वदा अपरिवर्तनीय सत्य हैं। मैं मनुष्य के लिए जीवन की आपूर्ति और मानव-जाति के लिए एकमात्र मार्गदर्शक हूँ। मेरे वचनों का मूल्य और अर्थ इससे निर्धारित नहीं होता कि उन्हें मानव-जाति द्वारा पहचाना या स्वीकारा जाता है या नहीं, बल्कि स्वयं वचनों के सार द्वारा निर्धारित होता है।
- [नबियों द्वारा बताए गए परमेश्वर के वचनों और देहधारी परमेश्वर द्वारा व्यक्त वचनों के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/voice-of-god-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : अनुग्रह के युग में यीशु ने भी कई वचन बोले और बहुत कार्य किया। वह यशायाह से कैसे अलग था? वह दानिय्येल से कैसे अलग था? क्या वह कोई नबी था? ऐसा क्यों कहा जाता है कि वह मसीह है? उनके मध्य क्या भिन्नताएँ हैं? वे सभी मनुष्य थे, जिन्होंने
- [परमेश्वर के कार्य से उसके स्वभाव को कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-name-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर के प्रबंधन के अस्तित्व के समय से ही, वह अपना कार्य कार्यान्वित करने के लिए हमेशा ही पूरी तरह से समर्पित रहा है। मनुष्य से अपने व्यक्तित्व को छिपाने के बावजूद, वह हमेशा मनुष्य के अगल-बगल ही रहा है, मनुष्य पर कार्य करता रहा है, अपने स्वभाव को व्यक्त
- [परमेश्वर का अनुसरण करना क्या है और मनुष्य का अनुसरण करना क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/discerning-the-true-Christ-from-false-Christs-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर का अनुसरण करने में प्रमुख महत्व इस बात का है कि हर चीज़ आज परमेश्वर के वचनों के अनुसार होनी चाहिए: चाहे तुम जीवन प्रवेश का अनुसरण कर रहे हो या परमेश्वर की इच्छा की पूर्ति, सब कुछ आज परमेश्वर के वचनों के आसपास ही केंद्रित होना चाहिए। यदि
- [क्या चिह्न और चमत्कार मानव जाति को बचा सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/discerning-the-true-Christ-from-false-Christs-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : कई हज़ार वर्षों की परमेश्वर की योजना में, कार्य के दो भाग देह में किए गए हैं : पहला है सलीब पर चढ़ाए जाने का कार्य, जिसके लिए उसे महिमामंडित किया जाता है; दूसरा है अंत के दिनों में विजय और पूर्णता का कार्य, जिसके लिए उसे महिमामंडित किया जाता
- [मसीह के दिव्य सार को कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-himself-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : देहधारी परमेश्वर मसीह कहलाता है और मसीह परमेश्वर के आत्मा द्वारा धारण की गई देह है। यह देह किसी भी मनुष्य की देह से भिन्न है। यह भिन्नता इसलिए है क्योंकि मसीह मांस तथा खून से बना हुआ नहीं है; वह आत्मा का देहधारण है। उसके पास सामान्य मानवता तथा
- [सत्य को स्वीकार किए बिना केवल परमेश्वर को स्वीकार करने की समस्या का स्वरूप और परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-himself-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : जो कोई देहधारी परमेश्वर पर विश्वास नहीं करता—अर्थात, जो कोई प्रत्यक्ष परमेश्वर या उसके कार्य और वचनों पर विश्वास नहीं करता और इसके बजाय स्वर्ग के अदृश्य परमेश्वर की आराधना करता है—वह व्यक्ति है, जिसके हृदय में परमेश्वर नहीं है। ये लोग विद्रोही हैं और परमेश्वर का प्रतिरोध करते हैं।
- [धार्मिक दुनिया का मानना है कि सभी पवित्रशास्त्र परमेश्वर से प्रेरित हैं और पूरी तरह से उसके वचन हैं; यह सोच गलत है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-and-the-bible-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : आज लोग यह विश्वास करते हैं कि बाइबल परमेश्वर है और परमेश्वर बाइबल है। इसलिए वे यह भी विश्वास करते हैं कि बाइबल के सारे वचन ही वे वचन हैं, जिन्हें परमेश्वर ने बोला था, और कि वे सब परमेश्वर द्वारा बोले गए वचन थे। जो लोग परमेश्वर में विश्वास
- [बाइबल का अंतर्निहित मूल्य और परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप बाइबल को कैसे समझना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-and-the-bible-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : बाइबल इस्राएल में परमेश्वर के कार्य का ऐतिहासिक अभिलेख है, और प्राचीन नबियों की अनेक भविष्यवाणियों के साथ उस समय यहोवा के कार्य के बारे में उसके कुछ कथनों को लिपिबद्ध करती है। इस प्रकार, सभी लोग इस पुस्तक को पवित्र (क्योंकि परमेश्वर पवित्र और महान है) मानते हैं। निस्संदेह,
- [जो कलीसिया परमेश्वर के कार्य को स्वीकार कर उसका अनुपालन करती है उसे परमेश्वर का आशीष मिलता है, जबकि धार्मिक जगत को परमेश्वर का विरोध करने के कारण उसके द्वारा शाप मिलता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-church-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर के विश्वासी होने के नाते, तुममें से प्रत्येक को सराहना करनी चाहिए कि अंत के दिनों के परमेश्वर का कार्य ग्रहण करके और उसकी योजना का वह कार्य ग्रहण करके जो आज वह तुममें करता है, तुमने किस तरह अधिकतम उत्कर्ष और उद्धार सचमुच प्राप्त कर लिया है। परमेश्वर
- [यह क्यों कहा जाता है कि धार्मिक पादरी और एल्डर सभी फरीसियों के मार्ग पर चल रहे हैं, और उनका सार क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/religious-world-that-defies-god-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मनुष्य भ्रष्ट हो चुका है और शैतान के फंदे में जी रहा है। सभी लोग देह में जीते हैं, स्वार्थपूर्ण अभिलाषाओं में जीते हैं, और उनके मध्य एक भी व्यक्ति नहीं, जो मेरे अनुकूल हो। ऐसे लोग भी हैं, जो कहते हैं कि वे मेरे अनुकूल हैं, परंतु वे सब
- [क्या धार्मिक पादरी और एल्डर वास्तव में परमेश्वर द्वारा रखे गए हैं, और क्या पादरियों और एल्डरों का आज्ञापालन करना परमेश्वर का आज्ञापालन करना है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/religious-world-that-defies-god-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : अपनी सेवा के लिए किसी व्यक्ति को चुनने में, परमेश्वर के सदैव अपने स्वयं के सिद्धांत होते हैं। परमेश्वर की सेवा करना मात्र एक उत्साह की बात नहीं है, जैसा कि लोग कल्पना करते हैं। आज तुम लोग देखते हो कि वे सभी जो परमेश्वर के समक्ष उसकी सेवा करते
- [किसी को धार्मिक दुनिया के फरीसियों और मसीह-विरोधी लोगों के धोखे और नियंत्रण में रखने के परिणाम, और क्या वे परमेश्वर द्वारा बचाए जा सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/religious-world-that-defies-god-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : अपने उद्धार के लिए व्यक्ति को कौन सी शर्तें पूरी करनी ज़रूरी हैं? सबसे पहले, उसके अंदर शैतानी मसीह-विरोधी को पहचानने की क्षमता होनी चाहिए; उसके अंदर सत्य का यह दृष्टिकोण ज़रूर होना चाहिए। केवल सत्य के इस दृष्टिकोण से ही वह वास्तव में परमेश्वर में विश्वास कर सकता है
- [बुद्धिमान कुँआरियाँ और मूर्ख कुँआरियाँ कौन हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/wise-virgins-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "तब स्वर्ग का राज्य उन दस कुँवारियों के समान होगा जो अपनी मशालें लेकर दूल्हे से भेंट करने को निकलीं। उनमें पाँच मूर्ख और पाँच समझदार थीं। मूर्खों ने अपनी मशालें तो लीं, परन्तु अपने साथ तेल नहीं लिया; परन्तु समझदारों ने अपनी मशालों के साथ अपनी कुप्पियों
- [बुद्धिमान कुँआरियों का इनाम क्या है और मूर्ख कुँआरियाँ आपदा में क्यों गिरेंगी](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/wise-virgins-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : वो सभी धन्य हैं, जो पवित्र आत्मा के वर्तमान प्रकाश का अनुसरण करने में सक्षम हैं। पिछले युगों के लोग भी परमेश्वर के पदचिह्नों पर चलते थे, फिर भी वो आज तक इसका अनुसरण नहीं कर सके; यह आखिरी दिनों के लोगों के लिए आशीर्वाद है। जो लोग पवित्र आत्मा
- [अंत के दिनों में कार्य करने के लिए परमेश्वर के चीन में देहधारण का उद्देश्य और अर्थ](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/china-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : यहोवा का कार्य दुनिया का सृजन था, वह आरंभ था; कार्य का यह चरण कार्य का अंत है, और यह समापन है। आरंभ में, परमेश्वर का कार्य इस्राएल के चुने हुए लोगों के बीच किया गया था और यह सभी जगहों में से सबसे पवित्र जगह पर एक नए युग
- [एक सच्चे परमेश्वर को त्रिविध परमेश्वर के रूप में परिभाषित करना परमेश्वर की निंदा करना है और यह सबसे बेतुकी भ्रांति है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/one-true-god-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : यीशु के देहधारी होने का सत्य अस्तित्व में आने के बाद, मनुष्य का मानना था: न केवल पिता स्वर्ग में है, बल्कि पुत्र भी है और यहां तक कि आत्मा भी है। यह पारंपरिक धारणा है, जिसे मनुष्य धारण किए है कि इस तरह का एक परमेश्वर स्वर्ग में हैः
- [सीसीपी का सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का पागलों की तरह दमन और उत्पीड़न करने के पीछे की असली वजह](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/religious-world-and-those-in-power-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : बड़े लाल अजगर की अभिव्यक्ति मेरे प्रति प्रतिरोध, मेरे वचनों के अर्थों की समझ और बोध की कमी, बार-बार मेरा उत्पीड़न और मेरे प्रबंधन को बाधित करने के लिए षड़यंत्र करने की कोशिश करना है। ... जिस बड़े लाल अजगर की मैं बात करता हूँ वह बड़ा लाल अजगर नहीं
- [धार्मिक दुनिया को लगता है कि परमेश्वर में विश्वास करना बाइबल में विश्वास करना है, और बाइबल से हटना परमेश्वर में विश्वास करना नहीं है; यह समझना गलत है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/god-and-the-bible-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : बहुत सालों से, लोगों के विश्वास (दुनिया के तीन मुख्य धर्मों में से एक, मसीहियत) का परंपरागत साधन बाइबल पढ़ना ही रहा है; बाइबल से दूर जाना प्रभु में विश्वास करना नहीं है, बाइबल से दूर जाना एक पाखंड और विधर्म है, और यहाँ तक कि जब लोग अन्य पुस्तकें
- [क्या "स्वर्गारोहण" का अर्थ सच में हवा या स्वर्ग में ले जाया जाना है, और स्वर्ग का राज्य पृथ्वी पर है या स्वर्ग में](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "अत: तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो : 'हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। तेरा राज्य आए। तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो'" (मत्ती 6:9-10)। "फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को
- [स्वर्गारोहण वास्तव में क्या है, और व्यक्ति को परमेश्वर के सिंहासन के सामने कैसे उठाया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : फ़िलाडेल्फ़िया की कलीसिया ने अपना आकार ले लिया है, और यह पूरी तरह से परमेश्वर के अनुग्रह और दया के कारण हुआ है। परमेश्वर के लिए प्रेम अनेक संतों में जगता है जो बिना डगमगाए अपने आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं। वे अपने इस विश्वास पर दृढ़ रहते हैं कि
- [भ्रष्ट मानव जाति के नियंत्रण हाथ में लेने से उन पर आने वाले खतरे और इसके परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/reality-of-the-truth-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मानवजाति द्वारा सामाजिक विज्ञानों के आविष्कार के बाद से मनुष्य का मन विज्ञान और ज्ञान से भर गया है। तब से विज्ञान और ज्ञान मानवजाति के शासन के लिए उपकरण बन गए हैं, और अब मनुष्य के पास परमेश्वर की आराधना करने के लिए पर्याप्त गुंजाइश और अनुकूल परिस्थितियाँ नहीं
- [परमेश्वर किन लोगों को बचाता है और किन्हें हटाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/outcome-of-each-sort-of-person-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : आजकल, वे जो खोज करते हैं और वे जो नहीं करते, दो पूरी तरह भिन्न प्रकार के लोग हैं, जिनके गंतव्य भी काफ़ी अलग हैं। वे जो सत्य के ज्ञान का अनुसरण करते हैं और सत्य का अभ्यास करते हैं, वे लोग हैं जिनका परमेश्वर उद्धार करेगा। वे जो सच्चे
- [शैतान का मानव जाति को धोखा देना और भ्रष्ट करना संसार में अंधकार और बुराई की जड़ है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/darkness-and-evil-in-the-world-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : जब परमेश्वर ने आदम और हव्वा को बनाया था, तो शुरू में वे पवित्र थे, दूसरे शब्दों में, जब वे अदन की वाटिका में थे, तब वे पवित्र थे और उनमें कोई अशुद्धता नहीं थी। वे यहोवा के प्रति भी निष्ठावान थे, और यहोवा को धोखा देने के विषय में
- [परमेश्वर के किसी व्यक्ति के अंत का निर्धारण करने का आधार क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/outcome-of-each-sort-of-person-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मानवता के विश्राम में प्रवेश से पहले, हर एक व्यक्ति का दंडित होना या पुरस्कृत होना इस बात पर आधारित होगा कि क्या उन्होंने सत्य की खोज की है, क्या वे परमेश्वर को जानते हैं और क्या वे प्रत्यक्ष परमेश्वर को समर्पण कर सकते हैं। जिन्होंने प्रत्यक्ष परमेश्वर को सेवा
- [जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर को अस्वीकार करते हैं, उनका आपदा में पड़ना परमेश्वर का दंड है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truths-of-arrival-of-great-disasters-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मसीह द्वारा बोले गए सत्य पर भरोसा किए बिना जो लोग जीवन प्राप्त करना चाहते हैं, वे पृथ्वी पर सबसे बेतुके लोग हैं, और जो मसीह द्वारा लाए गए जीवन के मार्ग को स्वीकार नहीं करते हैं, वे कोरी कल्पना में खोए हैं। और इसलिए मैं कहता हूँ कि वे
- [जिन्होंने उद्धार और पूर्णता प्राप्त कर ली है उनसे परमेश्वर क्या प्रतिज्ञा करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/saved-and-perfected.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : राज्य मनुष्यों के मध्य विस्तार पा रहा है, यह मनुष्यों के मध्य बन रहा है और यह मनुष्यों के मध्य खड़ा हो रहा है; ऐसी कोई भी शक्ति नहीं है जो मेरे राज्य को नष्ट कर सके। आज के राज्य में जो मेरे लोग हैं, उनमें से ऐसा कौन है
- [विजेता क्या होता है और किस प्रकार आपदाओं से पहले किसी व्यक्ति को परमेश्वर द्वारा विजेता बनाया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truths-of-arrival-of-great-disasters-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "ये वे हैं, जो उस महाक्लेश में से निकलकर आए हैं; इन्होंने अपने-अपने वस्त्र मेम्ने के लहू में धोकर श्वेत किए हैं" (प्रकाशितवाक्य 7:14)। "फिर मैं ने दृष्टि की, और देखो, वह मेम्ना सिय्योन पहाड़ पर खड़ा है, और उसके साथ एक लाख चौवालीस हज़ार जन हैं, जिनके
- [परमेश्वर मानवजाति पर अपना धार्मिक स्वभाव कैसे व्यक्त करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/know-God-3-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : युग का समापन करने के अपने अंतिम कार्य में, परमेश्वर का स्वभाव ताड़ना और न्याय का है, जिसमें वह वो सब प्रकट करता है जो अधार्मिक है, ताकि वह सार्वजनिक रूप से सभी लोगों का न्याय कर सके और उन लोगों को पूर्ण बना सके, जो सच्चे दिल से उसे
- [परमेश्वर में विश्वास करने का अर्थ वास्तव में क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-4.html) - विश्वास क्या है? विश्वास का सही अर्थ क्या है? उत्तर खोजने के लिए यह प्रश्नोत्तर पढ़ें।
- [परमेश्वर बहुत पहले ही अंतिम दिनों में चीन के पूर्व दिशा में आ चुके हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-came-long-ago-in-the-last-days-to-china-topic.html)
- [हम सोचते हैं परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में दर्ज हैं। बाइबल से अलग परमेश्वर के कोई वचन और कार्य नहीं हैं। इसलिए, परमेश्वर पर हमारा विश्वास बाइबल पर आधारित होना चाहिए। क्या ये गलत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/word-of-God-outside-of-bible.html) - क्या परमेश्वर के सभी वचन बाइबल में मौजूद हैं? क्या परमेश्वर के वचन और कार्य बाइबल के बाहर भी मौजूद हैं? जानने के लिए यह प्रश्नोत्तरी पढ़ें।
- [भूकंप, अकाल, महामारियों, बाढ़, और सूखे जैसी आपदाओं से आज पृथ्वी बेहाल है। ये आपदाएँ बढ़ते पैमाने पर हो रही हैं, और उनके कारण अधिकाधिक मौतें हो रही हैं। परमेश्वर इंसान से प्रेम करता है और इंसान को बचाता है, तो उसे इतनी बड़ी आपदाओं की वर्षा क्यों करनी चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-6.html) - अकाल, महामारी और युद्ध जैसी आपदाएं, जिनकी चर्चा बाइबल में की गई है, गंभीर रूप लेती जा रही हैं। क्या आप जानना चाहते हैं, परमेश्वर की इच्छा क्या है? जानने के लिये अभी पढ़ें।
- [नियम के युग का कार्य यहोवा परमेश्वर द्वारा मूसा के उपयोग के माध्यम से किया गया था। अंतिम दिनों के न्याय का कार्य करने के लिए परमेश्वर किसी का उपयोग क्यों नहीं करता है? उसे देह क्यों बनना पड़ता है और क्यों इस कार्य को उसे स्वयं ही करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-9.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: न्याय का कार्य परमेश्वर का अपना कार्य है, इसलिए स्वाभाविक रूप से इसे परमेश्वर द्वारा ही किया जाना चाहिए; उसकी जगह इसे मनुष्य द्वारा नहीं किया जा सकता। चूँकि न्याय सत्य के माध्यम से मानवजाति को जीतना है, इसलिए परमेश्वर के अभी भी मनुष्यों के बीच इस कार्य को करने के
- [प्रभु की वापसी के बारे में, बाइबल स्पष्ट रूप से कहती है, "उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, न स्वर्ग के दूत और न पुत्र, परन्तु केवल पिता" (मत्ती 24:36)। कोई नहीं जानता कि प्रभु कब आएगा, फिर भी सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया इस बात की गवाही दे रही है कि प्रभु यीशु पहले ही लौट चुका है। आप यह कैसे जानते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/method-of-Lord-s-arrival-11.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "आधी रात को धूम मची: 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो'" (मत्ती 25:6)। "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ" (प्रकाशितवाक्य 3:20)।
- [दुनिया भर में आपदाएँ अक्सर हो रही हैं, और वे पैमाने में बड़ी होती जा रही हैं, अंतिम दिनों के आगमन की अग्र-सूचना देते हुए। बाइबल कहती है, "सब बातों का अन्त तुरन्त होनेवाला है" (1 पतरस 4:7)। हम जानते हैं कि जब अंतिम दिनों में परमेश्वर लौटेगा, तो वे अच्छे को पुरस्कृत तथा बुरे को दंडित करेगा, और लोगों के अंत का निर्धारण करेगा। तो वह कैसे अच्छे को पुरस्कृत और बुरे को दंडित करेगा, और वह लोगों के अंज़ामों को कैसे निर्धारित करेगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: युग का समापन करने के अपने अंतिम कार्य में, परमेश्वर का स्वभाव ताड़ना और न्याय का है, जिसमें वह वो सब प्रकट करता है जो अधार्मिक है, ताकि वह सार्वजनिक रूप से सभी लोगों का न्याय कर सके और उन लोगों को पूर्ण बना सके, जो सच्चे दिल से उसे प्यार
- [प्रभु ने हमसे यह कहते हुए, एक वादा किया, "मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। प्रभु यीशु पुनर्जीवित हुआ और हमारे लिए एक जगह तैयार करने के लिए स्वर्ग में चढ़ा, और इसलिए यह स्थान स्वर्ग में होना चाहिए। फिर भी आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आया है और पृथ्वी पर ईश्वर का राज्य स्थापित कर चुका है। मुझे समझ में नहीं आता: स्वर्ग का राज्य स्वर्ग में है या पृथ्वी पर?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-7.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र माना जाए। तेरा राज्य आए। तेरी इच्छा जैसी स्वर्ग में पूरी होती है, वैसे पृथ्वी पर भी हो" (मत्ती 6:9-10)। "जब सातवें दूत ने तुरही फूँकी, तो स्वर्ग में इस विषय के बड़े बड़े शब्द होने लगे: 'जगत
- [आप कहते हैं कि अंतिम दिनों के दौरान, ईश्वर प्रत्येक व्यक्ति को उसके प्रकार के अनुसार वर्गीकृत करने के लिए, अच्छे को पुरस्कृत करने और बुरे को दंडित करने के लिए, पुराने युग को समाप्त करने के लिए, न्याय का कार्य करता है, और अंत में, मसीह का राज्य पृथ्वी पर साकार होगा। पृथ्वी पर मसीह का राज्य कैसे प्रकट होगा? और उस राज्य की सुंदरता किसके जैसी दिखेगी?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-8.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग से परमेश्वर के पास से उतरते देखा। वह उस दुल्हिन के समान थी जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो। फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊँचे शब्द से यह कहते हुए सुना, 'देख, परमेश्वर का डेरा
- [आप लोग इस तथ्य के गवाह हैं कि प्रभु यीशु लौट आये हैं और उन्होंने अपना कार्य करने के लिए देहधारण किया है। यह बात मैं समझ नहीं पाया। हम सब जानते हैं कि प्रभु यीशु परमेश्वर का देहधारण थे। अपना कार्य पूरा करने के बाद, उन्हें सूली पर लटका दिया गया और तब वे फिर से जीवित हो उठे और अपने सभी शिष्यों के समक्ष प्रकट हुए और वे अपने तेजस्वी आध्यात्मिक शरीर के साथ स्वर्ग में पहुँच गए। जैसा कि बाइबल में कहा गया है: "हे गलीली पुरुषो, तुम क्यों खड़े आकाश की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा" (प्रेरितों 1:11)। इस प्रकार, बाइबल-संबंधी शास्त्र इस बात की पुष्टि करते हैं कि जब प्रभु फिर से आएंगे, तो उनका पुनर्जीवित आध्यात्मिक शरीर हमारे सामने दिखाई देगा। अंत के दिनों में, परमेश्वर ने न्याय का कार्य करने के लिए मनुष्य के पुत्र के रूप में देहधारण क्यों किया है? प्रभु यीशु के पुनर्जीवित आध्यात्मिक शरीर और मनुष्य के पुत्र के रूप में उनके देहधारण के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-1.html) - उत्तर: ज्यादातर विश्वासी यह मानते हैं कि वापस लौटे प्रभु अपने आध्यात्मिक शरीर में उनके सामने प्रकट होंगे, यानी प्रभु यीशु का आध्यात्मिक शरीर जिसमें वे अपने पुनर्जीवन के बाद चालीस दिनों तक मनुष्य के सामने रहे थे। हम विश्वासियों को यह बात बिलकुल स्पष्ट है। बाहरी तौर पर, प्रभु यीशु के पुनर्जीवन के बाद
- [मानव जाति को बचाने और शुद्ध करने के लिए परमेश्वर अंत के दिनों का अपना न्याय कार्य कैसे करते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-7.html) - उत्तर: हर कोई जो वर्तमान में सच्चे मार्ग की खोज और जाँच करता है, यह समझना चाहता है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंत के दिनों का अपना न्याय कार्य कैसे करते हैं। सत्य के इस पहलू के संबंध में सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने बहुत सारे वचनों को व्यक्त किया है। आइये हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन के
- [परमेश्वर को लोगों का न्याय और उनकी ताड़ना क्यों करनी पड़ती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-31.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: यद्यपि यीशु ने मनुष्यों के बीच अधिक कार्य किया, फिर भी उसने केवल समस्त मानवजाति की मुक्ति का कार्य पूरा किया और वह मनुष्य की पाप-बलि बना; उसने मनुष्य को उसके समस्त भ्रष्ट स्वभाव से छुटकारा नहीं दिलाया। मनुष्य को शैतान के प्रभाव से पूरी तरह से बचाने के लिए यीशु
- [महान श्वेत सिंहासन का न्याय बहुत पहले प्रारंभ हुआ था](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/judgment-topic.html)
- [तब आपने कहा था कि बाइबल में सबसे ज़्यादा भविष्यवाणी जिस बात की की गई है वह अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय कार्य है। बाइबल में कम-से-कम 200 स्थानों पर यह कहा गया है कि परमेश्वर न्याय करने आएंगे। यह पूरी तरह सच है। यह 1 पतरस 4:17 में और भी साफ तरीके से कहा गया था: "क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए;" ऐसा लगता है कि अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय कार्य एक निश्चितता है। लेकिन आपने जो देखा वह अंत के दिनों के परमेश्वर हैं जो अपना न्याय कार्य करने के लिए देहधारी हुए हैं। यह उससे अलग है जिसे हम स्वीकार करते हैं। हम मानते हैं कि अंत के दिनों में प्रभु यीशु पुनरूत्थान के बाद के अपने अध्यात्मिक शरीर के रूप में मानवजाति के समक्ष प्रकट होंगे और कार्य करेंगे। धार्मिक मंडलियों में अधिकांश लोगों का भी यही विचार है। लौटकर आए प्रभु के इंसानों के सामने प्रकट होने की अवधारणा और देह रूप में कार्य करने वाली बात हमें पूरी होती हुई नज़र नहीं आ रही है, इसलिए हमें इसके बारे में और बताइये।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/returned-Lord-working-in-flesh.html) - उत्तर: यह देखकर अच्छा लगा कि आप लोगों ने पुष्टि कर दी है कि प्रभु की वापसी लोगों का न्याय करने और उन्हें शुद्ध करने के लिए है। बात सिर्फ इतनी-सी है कि आप लोग प्रभु के आगमन के तरीके पर अभी भी अस्पष्ट हैं। ज्यादातर आस्तिक सोचते हैं कि मानव जाति के सामने प्रभु
- [आप सब गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आये हैं, और उन्होंने प्रकट होकर चीन में कार्य किया है, मुझे विश्वास है कि यह सच है, क्योंकि प्रभु यीशु ने बाइबल में यह भविष्यवाणी की थी: "क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्चिम तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य के पुत्र का भी आना होगा" (मत्ती 24:27)। लेकिन हमें लगता है कि प्रभु हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए अंत के दिनों में वापस आयेंगे, या कम-से-कम वे हमें बादलों पर ही उठा लें ताकि हम हवा में उनसे मिल तो सकें। जैसा कि बाइबल में पौलुस ने कहा था, "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उनके साथ बादलों पर उठा लिए जायेंगे, कि हवा में प्रभु से मिलें: और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। लेकिन जैसा बाइबल में बताया गया है, प्रभु वैसे क्यों नहीं आये? अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के न्याय के कार्य का हमारे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश से क्या लेना-देना है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-2-6.html) - उत्तर: बहुत से लोग मानते हैं कि जब प्रभु का पुनरागमन होगा, तो वे विश्वासियों से मिलने के लिए उनको आकाश में उठा लेंगे। आप सब जो कह रहे हैं, वह पौलुस के कथन पर आधारित है, प्रभु के वचन पर नहीं। हमें कोई अनुमान नहीं कि पौलुस के कथन इंसानी दिमाग की उपज हैं
- [जैसा कि बाइबल में भविष्यवाणी की गयी थी: "हे गलीली पुरुषो, तुम क्यों खड़े आकाश की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा" (प्रेरितों 1:11)। प्रभु यीशु के जी उठने के बाद, आकाश में जो आरोहित हुआ, वह उनका आध्यात्मिक शरीर था। जब प्रभु लौटेंगे, तो वह उनका आध्यात्मिक शरीर होना चाहिए, जो एक बादल पर नीचे आयेगा। परंतु आप लोग यह गवाही देते हैं कि अंत के दिनों में न्याय कार्य करने के लिए परमेश्वर पुन: देहधारी – मनुष्य के पुत्र – हो गए हैं। स्वाभाविक रूप से यह बाइबल से असंगत है। पादरी और एल्डर्स अक्सर कहते हैं कि प्रभु के देहधारी हो कर आने के बारे में कोई भी गवाही झूठी है। इसलिए मैं समझता हूँ कि प्रभु के लिए देहधारी हो कर लौटना असंभव है। मैं आप लोगों की गवाही स्वीकार नहीं कर सकता। मैं बस प्रभु के बादल पर उतरने और हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाने की प्रतीक्षा करूंगा। निश्चित रूप से यह गलत नहीं हो सकता!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-become-flesh-to-do-judgment.html) - उत्तर: आप लोग कहते हैं कि प्रभु का देहधारी हो कर लौटना असंभव है, सही है न? बाइबल में यह स्पष्ट तौर पर लिखा है कि प्रभु देहधारी हो कर लौटेंगे। क्या आप लोग यह कहना चाहते हैं कि आप लोग यह नहीं ढूंढ़ पाये? प्रभु के लौटने को ले कर बाइबल में अनेक भविष्यवाणियाँ
- [हम मानते हैं कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में दर्ज हैं, और यह कि बाइबल में उसके जो वचन हैं, उनके अलावा परमेश्वर के कोई भी वचन और कार्य विद्यमान नहीं हैं। क्या यह विचार ग़लत हो सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-16.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक करके लिखे जाते, तो मैं समझता हूँ कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे संसार में भी न समातीं" (यूहन्ना 21:25)। "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह
- [बाइबल प्रभु के प्रति गवाही है, और यह हमारी आस्था का आधार भी है। दो हज़ार वर्षों से, जिन लोगों ने भी प्रभु में विश्वास किया है, उन्होंने बाइबल के अनुसार ऐसा किया है। इसलिए हम मानते हैं कि बाइबल प्रभु का प्रतिनिधित्व करती है, कि प्रभु पर विश्वास करना बाइबल में विश्वास करना है, और बाइबल में विश्वास करना प्रभु में विश्वास करना है। हम कभी भी बाइबल से हट नहीं सकते। अगर हम बाइबल से हट जाते तो हम प्रभु पर विश्वास कैसे कर सकते थे? क्या आप कह रहे हैं कि हमारे समझने में कोई भूल है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-18.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते" (यूहन्ना 5:39-40)। "मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा
- [आप सब गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु का पुनरागमन हो गया है, कोई और नहीं, स्वयं सर्वशक्तिमान परमेश्वर बनकर, जिन्होंने अंत के दिनों में न्याय कार्य करते समय सत्य व्यक्त किया है। यह कैसे संभव हो सकता है? प्रभु हमें स्वर्ग के राज्य में प्रवेश दिलवाने के लिए वास्तव में आयेंगे, वे अंत के दिनों में न्याय करने के लिए हमें पीछे कैसे छोड़ सकते थे? मुझे लगता है कि प्रभु यीशु में विश्वास करके और पवित्र आत्मा के कार्य को ग्रहण करके, हम पहले ही परमेश्वर के न्याय कार्य का अनुभव करने लगे हैं। प्रभु यीशु के वचन में साक्ष्य है: "क्योंकि यदि मैं न जाऊं, तो वह सहायक तुम्हारे पास न आयेगा; परंतु यदि मैं जाऊंगा, तो मैं उसे तुम्हारे पास भेजूँगा। और वह आकर संसार को पाप और धार्मिकता और न्याय के विषय में निरुत्तर करेगा" (यूहन्ना 16:7-8)। हमें लगता है कि जब प्रभु यीशु पुनर्जीवित होकर स्वर्गारोहित हुए, तो पिंतेकुस्त में पवित्र आत्मा मनुष्यों पर कार्य करने के लिए नीचे आया। इससे पहले ही लोग अपने पापों, धर्मपरायणता और न्याय के लिए, स्वयं को दोष दे चुके थे। जब हम प्रभु के सामने स्वीकार कर पश्चाताप कर लेते हैं, तो हम वास्तव में प्रभु के न्याय का अनुभव कर रहे होते हैं। इसलिए हम विश्वास करते हैं कि हालांकि प्रभु यीशु का कार्य छुटकारे का था, प्रभु यीशु के स्वर्गारोहण के बाद, पिंतेकुस्त में उतरे पवित्र आत्मा का कार्य अंत के दिनों में परमेश्वर का न्याय कार्य होना चाहिए। यदि यह न्याय कार्य न हुआ होता, तो "वह आकर संसार को पाप और धार्मिकता और न्याय के विषय में निरुत्तर करेगा" कैसे हुआ होता? इसके अलावा, प्रभु में विश्वास करने वाले लोग होने के नाते, पवित्र आत्मा द्वारा अक्सर हमें छुआ, फटकारा और अनुशासित किया जाता है। इसलिए, प्रभु के सामने, हम हमेशा रोते और पश्चाताप करते रहते हैं। प्रभु में अपनी श्रद्धा के कारण हमारे भीतर पैदा हुए बहुत-से अच्छे व्यवहार से ही हम पूरी तरह परिवर्तित हो सके हैं। क्या यह परमेश्वर के न्याय का अनुभव करने के कारण नहीं है? अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर का न्याय कार्य जिसकी आप सब चर्चा कर रहे हैं, वह प्रभु यीशु के कार्य से अलग कैसे है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-10.html) - उत्तर: चूंकि आप सब यह मानते हैं कि प्रभु यीशु ने जो कार्य किया वह छुटकारे का था, और जो मार्ग उन्होंने दिखाया, वह था, "मन फिराओ, क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है" (मत्ती 4:17)। तो फिर आप सबने यह कैसे निर्धारित कर लिया कि पवित्र आत्मा पिंतेकुस्त में आया था, अंत के
- [आप गवाही देते हैं कि अंतिम दिनों का लौटा हुआ परमेश्वर सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहलाता है। हमारा मानना है कि "सर्वशक्तिमान परमेश्वर" नाम परमेश्वर की सर्वव्यापकता को दर्शाता है और यह परमेश्वर का कोई नया नाम नहीं है। आप क्यों कहते हैं कि "सर्वशक्तिमान परमेश्वर" परमेश्वर का नया नाम है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-name-4.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो जय पाए उसे मैं अपने परमेश्वर के मन्दिर में एक खंभा बनाऊँगा, और वह फिर कभी बाहर न निकलेगा; और मैं अपने परमेश्वर का नाम और अपने परमेश्वर के नगर अर्थात् नये यरूशलेम का नाम, जो मेरे परमेश्वर के पास से स्वर्ग पर से उतरनेवाला है, और अपना
- [वर्तमान में दुनिया भर के विभिन्न धार्मिक समुदायों में झूठे मसीहों द्वारा धोखा देने की कई घटनाएँ होती हैं। इस धोखे को इसकी वास्तविकता में देख पाने में असमर्थ, कई लोगों ने इन झूठे मसीहों का अनुसरण किया है, जिससे प्रभु यीशु की यह भविष्यवाणी पूरी होती है: "उस समय यदि कोई तुम से कहे, 'देखो, मसीह यहाँ है!' या 'वहाँ है!' तो विश्वास न करना। क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और बड़े चिह्न, और अद्भुत काम दिखाएँगे कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी भरमा दें" (मत्ती 24:23-24)। इसलिए हम मानते हैं कि जिस किसी को भी प्रभु के आगमन के रूप में गवाही दी जाती है, वह निर्विवाद रूप से एक झूठा मसीह है, और उनकी तलाश करने और उनकी जाँच करने की कोई आवश्यकता नहीं है। क्या यह मानने में हम भूल कर रहे हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-true-Christ-and-false-christs-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: देहधारी हुए परमेश्वर को मसीह कहा जाता है, और इसलिए वह मसीह जो लोगों को सत्य दे सकता है परमेश्वर कहलाता है। इसमें कुछ भी अतिशयोक्ति नहीं है, क्योंकि वह परमेश्वर का सार धारण करता है, और अपने कार्य में परमेश्वर का स्वभाव और बुद्धि धारण करता है, जो मनुष्य के
- [अभी आपने जो संगति की है कि किस तरह लोगों को धोखा देने के लिए झूठे मसीह बाइबल की गलत व्याख्या करते हैं, संकेतों और चमत्कारों का इस्तेमाल करते हैं, मुझे इसका ये पहलू कुछ-कुछ समझ में आ रहा है। लेकिन मेरा अभी भी एक सवाल है जो मैं आपसे पूछना चाहती हूँ। कुछ झूठे मसीह दावा करते हैं कि परमेश्वर का आत्मा उन पर उतरा है। वे वापस आए प्रभु यीशु का छद्मवेष धारण करके कुछ लोगों को धोखा देते हैं। हम इसे कैसे पहचानें?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-true-Christ-and-false-christs-5.html) - उत्तर: इसे पहचानना बहुत आसान है। मसीह देह में परमेश्वर है, परमेश्वर का आत्मा देह के रूप में साकार हुआ है। परमेश्वर का आत्मा कोई बाद में नहीं उतरा है। मसीह उसी तरह पैदा हुए थे; वे पैदा होने के क्षण से ही मसीह थे। वे मसीह के रूप में ही पैदा हुए थे और
- [दो हज़ार वर्षों से, प्रभु में मनुष्य का विश्वास बाइबल पर आधारित रहा है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने अंतिम दिनों के निर्णय का कार्य शुरू किया उसके बाद से, सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करने वाले सभी लोगों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ने पर ध्यान केंद्रित किया, और उन्होंने शायद ही कभी बाइबल पढ़ी। मुझे यह जानना है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार करने के बाद, लोग बाइबल के प्रति कैसे सही व्यवहार और उसका सही उपयोग कर सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-23.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते" (यूहन्ना 5:39-40)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: आज, मैं इस तरह से बाइबल का
- [आप गवाही देते हैं कि वचन देह में प्रकट होता है में परमेश्वर के नए वचन हैं, लेकिन प्रकाशितवाक्य की पुस्तक स्पष्ट रूप से कहती है, "मैं हर एक को, जो इस पुस्तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूँ : यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए तो परमेश्वर उन विपत्तियों को, जो इस पुस्तक में लिखी हैं, उस पर बढ़ाएगा" (प्रकाशितवाक्य 22:18)। क्या यह बाइबल में कुछ जोड़ना नहीं है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-22.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें
- [आप इस बात की गवाही देते हैं कि वचन देह में प्रकट होता है, मेम्ने के द्वारा खोला गया छोटा वो स्क्रॉल है जिसकी प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में भविष्यवाणी की गई है। हम ऐसा नहीं मानते। हम मानते हैं कि "छोटा स्क्रॉल" बाइबल को संदर्भित करता है, बाइबिल ही छोटा स्क्रॉल है, और यह पर्याप्त है कि हम केवल बाइबल पढ़ते रहें।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-21.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो सिंहासन पर बैठा था, मैं ने उसके दाहिने हाथ में एक पुस्तक देखी जो भीतर और बाहर लिखी हुई थी, और वह सात मुहर लगाकर बन्द की गई थी । फिर मैं ने एक बलवन्त स्वर्गदूत को देखा जो ऊँचे शब्द से यह प्रचार करता था, 'इस पुस्तक
- [बाइबल में पौलुस कहता है, "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है" (2 तीमुथियुस 3:16)। इसलिए बाइबल के समस्त वचन परमेश्वर के वचन हैं। फिर तुम ऐसा क्यों कहते हो कि बाइबल के वचनों में सब वचन परमेश्वर के वचन नहीं हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-15.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: बाइबल में हर चीज़ परमेश्वर के द्वारा व्यक्तिगत रूप से बोले गए वचनों का अभिलेख नहीं है। बाइबल बस परमेश्वर के कार्य के पिछले दो चरण दर्ज करती है, जिनमें से एक भाग नबियों की भविष्यवाणियों का अभिलेख है, और दूसरा भाग युगों-युगों में परमेश्वर द्वारा इस्तेमाल किए गए लोगों द्वारा
- [बाइबल परमेश्वर के कार्य का प्रमाण है; केवल बाइबल पढ़ने के द्वारा ही प्रभु पर विश्वास करने वाले लोग यह जान सकते हैं कि परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी और सभी चीजों को बनाया और इसी से वे परमेश्वर के अद्भुत कार्यों, उसकी महानता और सर्वशक्तिमानता को देख सकते हैं। बाइबल में परमेश्वर के बहुत सारे वचन और मनुष्य के अनुभवों की बहुत सारी गवाहियाँ हैं; यह मनुष्य के जीवन के लिए प्रावधान कर सकती है और मनुष्य के लिए बहुत लाभदायक हो सकती है, इसलिए मुझे जिसकी खोज करनी है वह यह है कि क्या हम वास्तव में बाइबल पढ़ने के द्वारा अनन्त जीवन को प्राप्त कर सकते हैं? क्या बाइबल के भीतर वास्तव में अनन्त जीवन का कोई मार्ग नहीं है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-12.html) - उत्तर: बाइबल पढ़ने से हम यह समझ पाए कि परमेश्वर सभी चीजों का सृष्टिकर्ता है और हमने उसके चमत्कारिक कर्मों को पहचानना शुरू कर दिया। इसका कारण यह है कि बाइबल परमेश्वर के कार्य के प्रथम दो चरणों की गवाही है। यह परमेश्वर के वचनों और कार्य का अभिलेख है और व्यवस्था के युग और
- [2,000 वर्षों तक, धार्मिक विश्व ने इस विश्वास का समर्थन किया है कि बाइबल परमेश्वर की प्रेरणा से दी गई है, कि यह पूरी तरह परमेश्वर का वचन है, इसलिए, बाइबल प्रभु का प्रतिनिधित्व करती है। जो इस बात से इनकार करते हैं कि बाइबल परमेश्वर की प्रेरणा से दी गई है और उनका वचन है धार्मिक विश्व निश्चित रूप से उनकी निंदा करेगा एवं उन्हें विधर्मी कहेगा। क्या इस समझ में कुछ गलत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-9.html) - उत्तर: धार्मिक विश्व के बहुत से लोग मानते हैं कि संपूर्ण बाइबल परमेश्वर की प्रेरणा से दी गयी है, और संपूर्ण बाइबल परमेश्वर का वचन है। यह स्पष्ट रूप से एक गलत धारणा है! बाइबल में मौजूद सभी पत्रियों एवं प्रेरितों के अनुभवों और गवाहियों में रचयिता का नाम साफ-साफ बताया गया है। बाइबल स्पष्ट
- [पौलुस ने 2 तिमुथियस में यह बात बिलकुल साफ़ कर दी है कि "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश" (तीमुथियुस 3:16)। इसका मतलब है कि बाइबल का प्रत्येक वचन परमेश्वर का वचन है, और यह कि बाइबल प्रभु का प्रतिनिधित्व करती है। प्रभु में विश्वास करना बाइबल में विश्वास करना है। बाइबल में विश्वास करना प्रभु में विश्वास करना है। बाइबल से दूर जाने का मतलब है प्रभु में विश्वास नहीं करना! प्रभु में हमारा विश्वास केवल हमसे बाइबल पर अवलंबित रहने की मांग करता है। भले ही हम अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को स्वीकार नहीं करते हैं, हमें तब भी मुक्ति मिलेगी और हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेंगे! क्या इस समझ में कुछ गलत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-6.html) - उत्तर: धार्मिक जगत का ज्यादातर हिस्सा पौलुस के इन शब्दों पर भरोसा करता है कि "सारा धर्मशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से दिया गया है" जिससे यह निर्धारित होता है कि बाइबल की हर बात परमेश्वर का वचन है, और यह कि जब तक हम बाइबल पर अवलंबित रहते हैं, हमें स्वर्ग के राज्य में ले
- [चूंकि पौलुस ने कहा, "सम्पूर्ण पवित्र शास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है," यह गलत नहीं हो सकता। परमेश्वर मानवजाति को पौलुस की मार्फ़त बता रहे थे कि धर्मग्रंथ पूरी तरह से परमेश्वर से प्रेरित थे और पूरी तरह से परमेश्वर के वचन हैं। क्या आप इसे नकारने की हिम्मत करते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inspiration-of-God.html) - उत्तर: आपने ये जो मसला उठाया है, वह सभी के मन में है। आगे, आइए, हम संवाद करें कि पौलुस और दूसरे प्रेरितों के लिखे ये धर्मपत्र क्या वाकई परमेश्वर से प्रेरित थे और क्या ये परमेश्वर के वचन की नुमाइंदगी कर सकते हैं। उस तरह से हम जान पायेंगे कि प्रेरितों के इन धर्मपत्रों
- [इन्होंने कहा कि किताब परमेश्वर का नया वचन है! प्रकाशित वाक्य में स्पष्ट कहा गया है: "मैं हर एक को, जो इस पुस्तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूँ: यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए तो परमेश्वर उन विपत्तियों को, जो इस पुस्तक में लिखी हैं, उस पर बढ़ाएगा" (प्रकाशितवाक्य 22:18)। इनकी बातें बाइबल के अलावा हैं।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-new-word.html) - उत्तर: "आज्ञा में न तो कुछ बढ़ाना, और न कुछ घटाना" जैसे कि धर्मग्रंथों में कहा गया है। आपको लगता है कि हम बाइबल में जोड़ रहे हैं। तो फिर आइए, समस्या की खोजबीन करें। भाइयो और बहनो, यूहन्ना ने कहा था "यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए," लेकिन यह नहीं कहा, "यदि
- [अंत के दिनों में परमेश्वर का कार्य आत्मा के माध्यम से क्यों नहीं किया जाता है? परमेश्वर अपना कार्य करने के लिए देहधारी होकर क्यों आये हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-work-of-the-last-days.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मूसा ने कहा, 'मुझे अपना तेज दिखा दे।' उसने कहा, '... तू मेरे मुख का दर्शन नहीं कर सकता; क्योंकि मनुष्य मेरे मुख का दर्शन करके जीवित नहीं रह सकता'" (निर्गमन 33:18-20)। "और यहोवा सीनै पर्वत की चोटी पर उतरा; और मूसा को पर्वत की चोटी पर बुलाया, और
- [आपकी गवाही है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु यीशु की वापसी हैं, यह असंभव है! बाइबल कहती है: "उन दिनों के क्लेश के तुरन्त बाद सूर्य अन्धियारा हो जाएगा, और चन्द्रमा का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्तियाँ हिलाई जाएँगी। तब मनुष्य के पुत्र का चिह्न आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे" (मत्ती 24:29-30)। अगर प्रभु वाकई लौट आते तो वो पूरी शानोशौकत के साथ बादलों पर सवार होकर आते। और फिर, स्वर्ग और धरती काँप जाते, चाँद और सूरज रोशनी देना बंद कर देते। अब तक ऐसा तो कुछ दिखा नहीं, फिर वे ऐसा कैसे कह सकते हैं कि प्रभु लौट आए हैं। आख़िर ये सब है क्या?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/method-of-Lord-s-arrival-2.html) - उत्तर: तब मुझे पता लगा कि प्रभु के आने का इंतज़ार करके हमने भी वही भूल की है। उस भविष्यवाणी के आधार पर कि प्रभु बादलों पर सवार होकर आएंगे, हम बस इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन हमने प्रभु के आगमन की बाकी भविष्यवाणियों को नज़रंदाज़ कर दिया। ये हमारी भारी भूल है! प्रभु के
- [हालाँकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया हाल के वर्षों में सीसीपी और धार्मिक समुदाय के उन्मत्त विरोध और निंदा से त्रस्त हो गई है, लेकिन मैं देखता हूं कि यह कलीसिया परमेश्वर की गवाही देते हुए अधिक से अधिक ऑनलाइन फिल्मों और वीडियो का निर्माण करती रही है। इन फिल्मों और वीडियो की सामग्री बढ़ती रहती है, और वे तकनीकी रूप से अधिकाधिक संपन्न होती जा रही हैं। जिन सच्चाइयों पर ये प्रस्तुतियाँ सहभागिता करती हैं, वे भी लोगों को अविश्वसनीय रूप से शिक्षित कर रही हैं। संपूर्ण धार्मिक समुदाय ने हाल के वर्षों में परमेश्वर के कार्य की गवाही देने वाली कोई भी फिल्म नहीं बनाई है जो इसके आसपास भी हो। अब सभी धर्मों और संप्रदायों से अधिक से अधिक लोग जो वास्तव में परमेश्वर में विश्वास करते हैं, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया में शामिल हो गए हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया उन्नतिशील क्यों है, जबकि पूरा धार्मिक समुदाय इतना उजाड़ है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/desolation-of-churches-5.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जब कटनी के तीन महीने रह गए, तब मैं ने तुम्हारे लिये वर्षा न की; मैं ने एक नगर में जल बरसाकर दूसरे में न बरसाया; एक खेत में जल बरसा, और दूसरा खेत जिस में न बरसा, वह सूख गया। इसलिये दो तीन नगरों के लोग पानी पीने
- [प्रेरित पौलुस ने कहा, "मैं अच्छी कुश्ती लड़ चुका हूँ, मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है" (2 तीमुथियुस 4:7-8)। हमने कई वर्षों से प्रभु पर विश्वास किया है, और हर समय, हमने इस राह पर चलने और प्रभु के लिए काम करने में पौलुस का अनुकरण किया है। हमने सुसमाचार का प्रसार और कलीसियाओं का निर्माण किया है, और हम प्रभु के नाम और प्रभु के मार्ग के प्रति एकनिष्ठ रहे हैं। कोई संदेह नहीं है कि धार्मिकता का ताज़ हमारे लिए तैयार रखा जाएगा। जब तक हम प्रभु के लिए अपने प्रयास में परिश्रमी हैं और प्रभु की वापसी की प्रतीक्षा करने में सजग हैं, हमारा स्वर्ग के राज्य में सीधे ही स्वर्गारोहण किया जाएगा। क्या आप यह कह रहे हैं कि हम जो अभ्यास करते हैं उसमें कोई त्रुटि है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-8.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुत से लोग मुझ से कहेंगे, 'हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से
- [पुराने और नए दोनों नियमों के युगों में, परमेश्वर ने इस्राएल में काम किया। प्रभु यीशु ने भविष्यवाणी की कि वह अंतिम दिनों के दौरान लौटेगा, इसलिए जब भी वह लौटता है, तो उसे इस्राएल में आना चाहिए। फिर भी आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु पहले ही लौट चुका है, कि वह देह में प्रकट हुआ है और चीन में अपना कार्य कर रहा है। चीन एक नास्तिक राजनीतिक दल द्वारा शासित राष्ट्र है। किसी भी (अन्य) देश में परमेश्वर के प्रति इससे अधिक विरोध और ईसाइयों का इससे अधिक उत्पीड़न नहीं है। परमेश्वर की वापसी चीन में कैसे हो सकती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/location-of-God-s-work-in-the-last-days-2.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक जाति-जाति में मेरा नाम महान् है, और हर कहीं मेरे नाम पर धूप और शुद्ध भेंट चढ़ाई जाती है; क्योंकि अन्यजातियों में मेरा नाम महान् है, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है" (मलाकी 1:11)। "क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्चिम तक
- [अनुग्रह के युग के दौरान, परमेश्वर देह बना और उसने मानव जाति के लिए पाप की बलि बनकर सेवा की, और इस प्रकार मानव जाति को पाप से छुटकारा दिलाया। अंतिम दिनों में परमेश्वर एक बार फिर देह बना है। वह सत्य को व्यक्त करता है और पूरी तरह से मानव जाति को परिशोधित करते हुए और मानव जाति को शैतान के प्रभाव से बचाते हुए, न्याय का कार्य करता है। मानव जाति के उद्धार का कार्य करने के लिए उसे दो बार देह क्यों बनना पड़ता है? इन दोनों देहधारणों का वास्तविक महत्व क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-10.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ; और जो लोग उसकी बाट जोहते हैं उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप उठाए हुए दिखाई देगा" (इब्रानियों 9:28)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: प्रथम देहधारण मनुष्य को पाप से छुटकारा देने
- [जो लोग बरसों से प्रभु यीशु में विश्वास करते आए हैं और अपना पूरा जीवन उनके लिये समर्पित कर दिया, अगर वो सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार नहीं करते हैं, तो वे वाकई स्वर्ग के राज्य में आरोहित नहीं किये जाएंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-7.html) - उत्तर: सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने इस सवाल का जवाब पहले ही साफ़ तौर पर दे दिया है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "यदि तुम अंत के दिनों के मसीह द्वारा प्रदान किया गया जीवन का मार्ग नहीं खोजते हो, तो तुम यीशु की स्वीकृति कभी प्राप्त नहीं करोगे, और स्वर्ग के राज्य के फाटक में प्रवेश करने
- [प्रभु यीशु ने कहा था, "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुत से लोग मुझ से कहेंगे, 'हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से भविष्यद्वाणी नहीं की, और तेरे नाम से दुष्टात्माओं को नहीं निकाला, और तेरे नाम से बहुत से आश्चर्यकर्म नहीं किए?' तब मैं उनसे खुलकर कह दूँगा, 'मैं ने तुम को कभी नहीं जाना। हे कुकर्म करनेवालो, मेरे पास से चले जाओ'" (मत्ती 7:21-23)। जो लोग "परमेश्वर, परमेश्वर" कहते हैं, वे सभी परमेश्वर में विश्वास करते हैं और उसकी सेवा करते हैं। उन्होंने हमेशा बलिदान दिया है, खुद को खपाया है, और प्रभु के लिए कड़ी मेहनत की है, और उन्होंने सुसमाचार का प्रचार और कलीसियाओं का निर्माण किया है। यह सब करके क्या उन्होंने प्रभु की इच्छा का पालन नहीं किया है? जब प्रभु यीशु वापस आता है, तो वे प्रभु द्वारा सराहे क्यों नहीं जाएँगे, और क्यों इसके बजाय उन्हें बुराई करने वालों के रूप में निंदित किया जाएगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-9.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मनुष्य जिस मानक से दूसरे मनुष्य को आंकता है, वह व्यवहार पर आधारित है; वे जिनका आचरण अच्छा है, धार्मिक हैं और जिनका आचरण घृणित है, दुष्ट हैं। परमेश्वर जिस मानक से मनुष्यों का न्याय करता है, उसका आधार है कि क्या व्यक्ति का सार परमेश्वर को समर्पित है या नहीं;
- [आज हम प्रभु यीशु में विश्वास करते हैं; उनके नाम को फैलाने के लिये इतना त्याग करते हैं, हर चीज़ छोड़ रहे हैं। हम स्वर्गिक पिता की इच्छा का पालन ही तो कर रहे हैं। इसका मतलब है कि हम पवित्र बन चुके हैं। जब प्रभु आएंगे तो वो ज़रूर हमें स्वर्ग के राज्य में स्वर्गारोहित करेंगे।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-5.html) - उत्तर: जहां तक सवाल है कि स्वर्ग के राज्य में कौन प्रवेश कर सकता है: प्रभु यीशु ने कहा था, "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)। प्रभु यीशु
- [हम सब-कुछ त्याग दें, प्रभु के सुसमाचार का प्रचार करें और कलीसिया की देखभाल करें। इस तरह के कामों से हम स्वर्ग के पिता की इच्छा को पूरा कर पाएंगे। इस तरह से अभ्यास करना क्या कोई गलत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-4.html) - उत्तर: प्रभु के सुसमाचार को फैलाना और उनके लिये कार्य करना ही स्वर्ग के पिता की इच्छा को पूरा करना नहीं होता। स्वर्ग के पिता की इच्छा को पूरा करने के लिये ज़रूरी है कि प्रभु के रास्ते पर चला जाए और उनके आदेशों का पालन किया जाए। इंसान अपना फ़र्ज़ उसी तरह निभाये जैसा
- [कि प्रभु यीशु ने हमारे लिए सलीब पर जान दी, उन्होंने हमें पापों से छुड़ाया, और हमारे पापों को क्षमा किया, भले ही हमारा पाप करना जारी है और हमारा अभी शुद्ध होना बाकी है, प्रभु ने हमारे सभी पापों को क्षमा कर हमारी आस्था के ज़रिये हमें न्यायपूर्ण बना दिया है। मुझे लगा कि प्रभु के लिये सबकुछ त्याग करने, यातना सहन करने और कीमत अदा करने की हमारी इच्छा, हमें स्वर्ग के राज्य में प्रवेश दिलाएगी। मुझे लगा, हमारे लिये यही प्रभु की प्रतिज्ञा है। लेकिन कुछ लोगो ने इस पर सवाल उठाया है। उनके अनुसार, चाहे हमने प्रभु के लिए श्रम किया, हम अभी भी पाप करके उन्हें स्वीकार करते हैं, इसलिए हम अभी तक अशुद्ध हैं। उनके अनुसार प्रभु पवित्र हैं, इसलिए अपवित्र लोग उनसे नहीं मिल सकते। मेरा सवाल है: हम लोगों ने प्रभु के लिए अपना सब-कुछ बलिदान कर दिया, क्या हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाया जा सकता है? दरअसल हमें इस सवाल का उत्तर नहीं पता, इसलिए हम चाहते हैं कि आप हमें इस बारे में बताएँ।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-2.html) - उत्तर: प्रभु के सभी विश्वासियों का मानना है: प्रभु यीशु ने सलीब पर दम तोड़कर हमें मुक्ति दिला दी, तभी हम सभी पापों से मुक्त हुए हैं प्रभु हमें पापी नहीं मानते। हम अपने, विश्वास के ज़रिये धर्मी बन गए हैं। अगर हम अंत तक सहन करते रहे तो हम बचा लिये जाएँगे। जब प्रभु
- [आपने गवाही दी कि परमेश्वर मनुष्य के पुत्र के रूप में पुनः देहधारी हुए हैं और परमेश्वर के आवास से आरंभ करते हुए अपना न्याय कार्य करते हैं। यह बाइबल की भविष्यवाणी से पूरी तरह मेल खाता है। पर मुझे एक बात समझ नहीं आई: क्या परमेश्वर के आवास से शुरू होने वाला न्याय वही है जो प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में महान श्वेत सिंहासन के न्याय के रूप में बताया गया है? हमें यह लगता है कि महान श्वेत सिंहासन का न्याय उन अविश्वासियों पर लक्षित है जो दुष्ट शैतान से संबंध रखते हैं। जब प्रभु आएंगे, तब विश्वासियों को स्वर्ग को ले जाया जायेगा। और तब वे अविश्वासियों को नष्ट करने के लिए आपदाएं भेजेंगे। यही महान श्वेत सिंहासन के समक्ष का न्याय है। आप अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय की शुरूआत की गवाही देते हैं, पर हमने परमेश्वर को अविश्वासियों को नष्ट करने के लिए आपदाएं भेजते नहीं देखा है। तो यह महान श्वेत सिंहासन का न्याय कैसे हो सकता है? अंत के दिनों में परमेश्वर का न्याय आखिर है क्या? कृपया हमें यह बात और साफ़ तरीके से बताएं।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-1.html) - उत्तर: बाइबल को सच में समझने वाले सभी लोग जानते हैं, कि प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में महान श्वेत सिंहासन के न्याय की जो भविष्यवाणी की गई है वह अंत के दिनों के परमेश्वर के न्याय के कार्य का दर्शन है। देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर सत्य व्यक्त करने और अंत के दिनों में अपना न्याय कार्य करने
- [धार्मिक जगत इतनी मेहनत लगाकर, सर्वशक्तिमान परमेश्वर और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की निंदा और पागलों की तरह विरोध क्यों करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/religious-world-condemning-the-church.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "एक और दृष्टान्त सुनो : एक गृहस्वामी था, जिसने दाख की बारी लगाई, उसके चारों ओर बाड़ा बाँधा, उसमें रस का कुंड खोदा और गुम्मट बनाया , और किसानों को उसका ठेका देकर परदेश चला गया। जब फल का समय निकट आया, तो उसने अपने दासों को उसका फल
- [आप इसकी गवाही देते हैं कि अंतिम दिनों के परमेश्वर ने एक महिला के रूप में देहधारण किया है। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते। बाइबल में लिखा है कि यीशु ने स्वर्ग के परमेश्वर को पिता कहकर पुकारा, और स्वर्ग के परमेश्वर ने यीशु को प्रिय पुत्र कहा। क्या पिता और पुत्र पुरुष नहीं हैं? बाइबल यह भी कहती है कि, "स्त्री का सिर पुरुष है" (1 कुरिन्थियों 11:3)। इसलिए महिलाओं के पास कोई अधिकार नहीं है, तो आप यह क्यों कहते हैं कि अंतिम दिनों के परमेश्वर ने एक महिला के रूप में देहधारण किया है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-12.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर द्वारा किए गए कार्य के प्रत्येक चरण के अपने व्यवहारिक मायने हैं। जब यीशु का आगमन हुआ, वह पुरुष था, लेकिन इस बार के आगमन में परमेश्वर स्त्री है। इससे तुम देख सकते हो कि परमेश्वर ने अपने कार्य के लिए पुरुष और स्त्री दोनों का सृजन किया, वह कोई
- [आप कहते हैं कि हमें अंतिम दिनों के परमेश्वर के न्याय के कार्य को स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि केवल तभी हमारे भ्रष्ट शैतानी स्वभावों को शुद्ध और परिवर्तित किया जाएगा, और उसके बाद ही हम परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करेंगे। इसलिए, जैसा कि परमेश्वर द्वारा अपेक्षित है, हम विनम्र और सहनशील हैं, हम अपने शत्रुओं से प्रेम करते हैं, हम अपने क्रूस को सहन करते हैं, हम अपने शरीर को अनुशासित करते हैं, हम सांसारिक चीज़ों को त्यागते हैं, हम काम करते हैं और प्रभु के लिए प्रचार करते हैं, इत्यादि। क्या ये सभी वो परिवर्तन नहीं जो हमारे अंदर हुए हैं? क्या आप कह रहे हैं कि स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए यह फिर भी पर्याप्त नहीं है? मेरा मानना है कि जब तक हम इस तरह से प्रयास करते रहेंगे, हम पवित्र होने लगेंगे और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेंगे।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-6.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुत से लोग मुझ से कहेंगे, 'हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से
- [मानवजाति को छुटकारा दिलाने के लिए पाप बलि के रूप में प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था। हमने प्रभु को स्वीकार कर लिया है, और उनके अनुग्रह से उद्धार प्राप्त किया है। फ़िर भी हमें सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के न्याय और शुद्धिकरण के कार्य को क्यों स्वीकार करना है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-19.html) - उत्तर: अनुग्रह के युग में, प्रभु यीशु ने छुटकारे का कार्य किया। वह मानवजाति को पूरी तरह से बचाने के लिए परमेश्वर का अंत के दिनों का न्याय कार्य नहीं था। छुटकारे के कार्य से जो कुछ हासिल हुआ, वह प्रभु यीशु का हमारे लिए पाप बलि के रूप में प्रस्तुत होना था, और यह
- [आप गवाही देते हैं कि अंतिम दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, प्रभु यीशु की वापसी है, और वह मानव जाति के न्याय, शुद्धिकरण और उद्धार के लिए सभी सत्य को व्यक्त कर रहा है। फिर भी सीसीपी का दावा है कि जिस "सर्वशक्तिमान परमेश्वर" में आप विश्वास करते हैं वह केवल एक सामान्य व्यक्ति है। CCP इस व्यक्ति की पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में सब कुछ जानता है, और उसने इस व्यक्ति की तस्वीर, नाम और परिवार का पता भी ऑनलाइन पोस्ट किया है। मैं इसे ठीक से समझ नहीं सकता—क्या CCP का कहना सही है या गलत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-11.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: "देहधारण" परमेश्वर का देह में प्रकट होना है; परमेश्वर सृष्टि के मनुष्यों के मध्य देह की छवि में कार्य करता है। इसलिए, परमेश्वर को देहधारी होने के लिए, सबसे पहले देह बनना होता है, सामान्य मानवता वाला देह; यह सबसे मौलिक आवश्यकता है। वास्तव में, परमेश्वर के देहधारण का निहितार्थ यह
- [बाइबल कहती है, "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे उनके साथ बादलों पर उठा लिये जाएँगे कि हवा में प्रभु से मिलें; और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। हम इसकी व्याख्या कैसे करें?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-2-4.html) - उत्तर: हमें प्रभु की वापसी की आशा, उनकी भविष्यवाणियों के आधार पर करनी चाहिए। यही सही तरीका है। आप दरअसल, किनका हवाला दे रहीं हैं? प्रभु के वचनों का या इंसानों के वचनों का? "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे उनके साथ बादलों पर उठा लिये जाएँगे कि हवा में प्रभु से मिलें;" ये
- [हमने बहुत पहले यह सुना था कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया ने पहले ही प्रभु यीशु की वापसी की गवाही दी है। और वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं! वे सच्चाई व्यक्त करते हैं और अंत के दिनों के अपने न्याय के कार्य करते हैं, लेकिन धार्मिक मंडलियों के अधिकांश लोग यह मानते हैं कि प्रभु बादलों से अवतरित होंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्रभु यीशु ने स्पष्ट रूप से कहा था: "तब मनुष्य के पुत्र का चिह्न आकाश में दिखाई देगा: और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे, और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे" (मत्ती 24:30)। प्रकाशितवाक्य की पुस्तक ने भी भविष्यवाणी की थी: "देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है; और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे" (प्रकाशितवाक्य 1:7)। मैं स्वयं भी यह विश्वास रखती हूं कि प्रभु बादलों से अवतरित होकर हमें सीधे स्वर्ग के राज्य में ले जाएंगे। हम उस प्रभु यीशु को स्वीकार करने से इनकार करते हैं जो बादलों से अवतरित नहीं होंगे। आप कहते हैं कि प्रभु का पुनरागमन देह में वापसी और गुप्त रूप से अवतरण है। लेकिन इस बारे में कोई नहीं जानता है। फिर भी, प्रभु का खुले तौर पर बादलों से अवतरित होना निश्चित है! यही कारण है कि हम प्रभु के बादलों से अवतरित होने और हमें सीधे स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए खुले तौर पर प्रकट होने का इंतजार कर रहे हैं। क्या हमारी समझ सही है या नहीं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/method-of-Lord-s-arrival-3.html) - उत्तर: जब प्रभु के लिए बादलों के साथ अवतरण की प्रतीक्षा करने की बात आती है, हमें मनुष्यों के विचारों और कल्पनाओं पर भरोसा नहीं करना चाहिए! फरीसियों ने मसीहा के आगमन की प्रतीक्षा करने में बड़ी गलती की थी। उन्होंने निश्चित रूप से मनुष्य के विचारों और कल्पनाओं के अनुसार प्रभु यीशु को आंका
- [प्रभु का वादा है कि वे फिर से हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए आएंगे, और फिर भी आप कहते हैं कि प्रभु अंत के दिनों में न्याय का कार्य करने के लिए पहले ही देहधारी हो चुके हैं। बाइबल साफ तौर पर यह भविष्यवाणी करती है कि प्रभु सामर्थ्य और महान महिमा के साथ बादलों पर देहधारी होंगे। यह उस बात से काफ़ी अलग है जिसकी आपने गवाही दी थी, कि प्रभु पहले ही देहधारण कर चुके हैं और गुप्त रूप से लोगों के बीच देहधारी हो चुके हैं।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/method-of-Lord-s-arrival-1.html) - उत्तर: आपका कहना है कि प्रभु ने इंसान से वादा किया था कि वे फिर से लोगों को स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए आएंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है, क्योंकि प्रभु भरोसेमंद हैं, वे अपने वादों को बेशक पूरा करेंगे। मगर पहले हमें यह स्पष्ट करना होगा कि अंत के दिनों में
- [मैंने सुना कि आप लोगों ने इस बात का प्रमाण दिया है कि देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने लाखों वचन कहे हैं और परमेश्वर के घर से शुरू करते हुए अपना न्याय का कार्य पूरा किया है। लेकिन यह साफ़ तौर पर बाइबल से आगे निकल जाता है। इसका कारण यह है कि पादरी और नेतागण अक्सर हमसे कहा करते थे कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में दर्ज हैं। परमेश्वर का कोई भी वचन और कार्य बाइबल से बाहर नहीं है। प्रभु यीशु का उद्धार कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। अंत में दिनों में प्रभु की वापसी विश्वासियों को सीधे स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए होगी। इस प्रकार, हमेशा से हमारा यह मानना रहा है प्रभु में विश्वास बाइबल के आधार पर होना चाहिए। जब तक हम बाइबल की बातों पर कायम रहते हैं, हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने और शाश्वत जीवन पाने में सफल होंगे। बाइबल से दूर जाना प्रभु के रास्ते को छोड़ देना है। यह उनका विरोध करना और उनको धोखा देना है। सभी धार्मिक पादरी और एल्डर्स ऐसा ही सोचते हैं। इसमें गलत क्या हो सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-5.html) - उत्तर: धर्म में, वे सभी लोग जो प्रभु पर विश्वास करते हैं, उनका मानना है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में निहित हैं। बाइबल में परमेश्वर का उद्धार कार्य पूर्ण हो चुका है, और परमेश्वर का कोई भी वचन और कार्य बाइबल के बाहर नहीं है। प्रभु में विश्वास बाइबल पर आधारित
- [पौलुस ने तीमुथियुस 2 में साफ़तौर पर कहा था कि "पूरी बाइबल परमेश्वर से प्रेरित है" और बाइबल के सारे वचन परमेश्वर के वचन हैं। हम पौलुस के वचनों के अनुसार चल रहे हैं। यह गलत कैसे हो सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/not-everything-in-bible-is-word-of-God.html) - उत्तर: धार्मिक क्षेत्र में बहुत से लोग मानते हैं कि बाइबल परमेश्वर द्वारा प्रेरित है। पौलुस ने इस बारे में जो कहा था वे उस पर विश्वास करते हैं। लेकिन कोई जांच नहीं करता कि पौलुस के इस कथन का क्या कोई आधार था। यह उनका एक तरह का दृष्टिकोण है क्योंकि वे पौलुस की
- [2 तीमुथियुस 3:16 में पौलुस ने कहा था: "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है …" यह दर्शाता है कि बाइबल की हर चीज़ परमेश्वर का वचन है। लेकिन ऐसे लोग भी हैं जो कहते हैं कि बाइबल की हर चीज़ परमेश्वर का वचन नहीं है। क्या यह बाइबल को नकारना और लोगों को धोखा देना नहीं है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-3.html) - उत्तर: "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है" वाले नज़रिये के लिए, हमें उस संदर्भ को समझना होगा जिसमें पौलुस ने ये वचन कहे थे। उस समय जब पौलुस ने तीमुथियुस की कलीसिया को पत्र लिखे थे तब सिर्फ पुराना नियम ही था। तब तक नया नियम तैयार नहीं हुआ था, और दर्जनों
- [प्रभु यीशु ने खुद कहा था कि बाइबल उनकी गवाही है। इसीलिए प्रभु में हमारी आस्था की बुनियाद बाइबल ही होनी चाहिए। प्रभु को जानने का हमारा एकमात्र मार्ग बाइबल ही है।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-2.html) - उत्तर: तो फिर आइए देखें कि बाइबल की बुनियाद पर क्या कोई प्रभु को सही ढंग से जान सकता है। इस सवाल का जवाब सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन में पाया जा सकता है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "सभी यहूदी पुराने नियम पढ़ते थे और यशायाह की भविष्यवाणी को जानते थे कि चरणी में एक नर
- [बाइबल के सत्य पहले ही पूर्ण हैं। परमेश्वर में हमारी आस्था के लिए हमारे पास बाइबल का होना काफी है।हमें और कोई नये वचन नहीं चाहिए!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-1.html) - उत्तर: बाइबल में दर्ज सामग्री सीमित मात्रा में है। पुराने नियम में सिर्फ यहोवा परमेश्वर के कार्य को दर्ज किया गया, जबकि नये नियम में प्रभु यीशु के कार्य को दर्ज किया गया। लेकिन परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य के बारे में, बाइबल में सिर्फ भविष्यवाणियाँ है बाइबल में सटीक विवरण दर्ज नहीं
- [मैंने बीस साल से भी ज़्यादा तक बाइबल का अध्ययन किया है। मैं यकीन से कह सकती हूँ कि बाइबल के बाहर परमेश्वर के कोई वचन नहीं हैं। परमेश्वर के सारे वचन बाइबल में हैं। बाइबल से भटकनेवाली कोई भी चीज़ धर्म के विरुद्ध है और भ्रम फैलानेवाली है!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-word-in-bible.html) - उत्तर: "बाइबल के बाहर परमेश्वर के कोई वचन नहीं हैं, बाइबल से भटकने वाली कोई भी चीज़ धर्म के विरुद्ध है," बाइबल को समझनेवाले सभी लोग उस प्रक्रिया को जानते हैं जिससे बाइबल तैयार हुई। उस वक्त संपादकों में मतभेद और कुछ चीज़ें छोड़ दिये जाने के कारण नबियों द्वारा बताये गए परमेश्वर के कुछ
- [मैंने कई सालों से प्रभु में विश्वास किया है, और मैंने बाइबल को बहुत पढ़ा है। क्यों मैंने मनुष्य के पुत्र के रूप में परमेश्वर के देह बनने और अंतिम दिनों में न्याय का कार्य करने के बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं पढ़ी है? आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु देह में लौट आया है, कि वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर है, और यह कि वह अंतिम दिनों का न्याय का कार्य कर रहा है। क्या बाइबल में इसका कोई आधार है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-6.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "पिता किसी का न्याय नहीं करता, परन्तु न्याय करने का सब काम पुत्र को सौंप दिया है" (यूहन्ना 5:22)। "वरन् उसे न्याय करने का भी अधिकार दिया है, इसलिये कि वह मनुष्य का पुत्र है" (यूहन्ना 5:27)। "यदि कोई मेरी बातें सुनकर न माने, तो मैं उसे दोषी नहीं
- [तुम कहते हो कि प्रभु यीशु वापस आ गया है, तो हमने उसे देखा क्यों नहीं है? देखकर ही विश्वास किया जा सकता है। अगर हमने उसे नहीं देखा है, तो इसका मतलब यही होना चाहिए कि वह अभी तक लौटा नहीं है; हम तभी विश्वास करेंगे जब उसे देख लेंगे। तुम कहते हो कि प्रभु यीशु वापस आ गया है, तो वह इस समय कहाँ है? वह क्या काम कर रहा है? प्रभु ने क्या वचन कहे हैं? हम तभी विश्वास करेंगे जब तुम इन बातों की स्पष्ट रूप से गवाही दोगे।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/method-of-Lord-s-arrival-5.html) - उत्तर: अंत के दिनों में परमेश्वर का प्रकटन और कार्य ठीक वैसे ही है जैसी प्रभु यीशु ने भविष्यवाणी की थी। इसके दो भाग हैं—उसका गुप्त आगमन और उसका सार्वजनिक आगमन। गुप्त आगमन का अर्थ है अपने वचनों को कहना, और अंत के दिनों के अपने कार्य को करने के लिए परमेश्वर का मनुष्यजाति के
- [परमेश्वर में अपनी आस्था को लेकर सबके अपने विचार और राय हैं। मुझे ऐसा लगता है कि आपके विचार और सिद्धांत आपकी अपनी समझ के अनुसार हैं, और ये सब सिर्फ भ्रम हैं। हम साम्यवादियों को यकीन है भौतिकवाद और विकासवाद के सिद्धांत ही सत्य हैं क्योंकि वे, विज्ञान के मुताबिक़ हैं। हमारा देश, प्राथमिक शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय तक उपयुक्त शिक्षा देता है। ऐसा किसलिए? इसलिए कि सभी बच्चों में छोटी उम्र से ही, नास्तिकता और विकासवाद, की सोच घर कर जाए, ताकि वे धर्म और अंधविश्वास से, दूर रहें, ताकि वे हर सवाल का तर्कसंगत जवाब दे सकें। उदहारण के लिए, जीवन के उद्भव को ले लें। पहले के वक्त में, हम अनजान थे, और किस्से-कहानियों में, यकीन करते थे, जैसे कि स्वर्ग और पृथ्वी का अलग होना और नुवा द्वारा इंसान को बनाया जाना। पश्चिमी लोग विश्वास करते हैं कि परमेश्वर ने हम सबकी रचना की। दरअसल, ये सब मिथक और किस्से हैं, और विज्ञान के मुताबिक़ नहीं हैं। विकासवाद के, सिद्धांत के आने के बाद से जिसने मानवजाति के उद्भव के बारे में समझाया था, कि किस तरह, मनुष्य बंदरों से विकसित हुए, तब से, परमेश्वर द्वारा मनुष्य की रचना की कहानियाँ पूरी तरह निराधार साबित हो गयी हैं। हर चीज़ का विकास पूरी तरह से प्रकृति में हुआ है। यही सत्य है। इसलिए, हमें विज्ञान में विश्वास करना होगा और विकासवाद में। आप सभी लोग पढ़े-लिखे जानकार लोग हैं। आप परमेश्वर में कैसे विश्वास कर सकते हैं? क्या आप अपने विचार हमसे साझा कर सकेंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-9.html) - उत्तर: कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य, भौतिकवाद और विकासवाद में विश्वास करते हैं, आप मार्क्स और डारविन का आदर करते हैं। तो ऐसा क्यों है, कि दुनिया में पहले से बहुत कम लोग, भौतिकवाद और विकासवाद में विश्वास करते हैं? मानवजाति में, परमेश्वर में विश्वास करनेवाले लोग बहुतायत में हैं। जो लोग परमेश्वर पर सच्चा विश्वास
- [परमेश्वर के वचनों को कैसे खाना और पीना चाहिए और परमेश्वर के वचनों पर किस तरह चिंतन करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/spiritual-devotions-and-lives-of-christians-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर के वचन को खाने-पीने के सिद्धांत के दो पहलू हैं : एक का संबंध ज्ञान से है और दूसरे का संबंध प्रवेश करने से है। तुम्हें कौन से वचन जानने चाहिए? तुम्हें दर्शन से जुड़े वचन जानने चाहिए (जैसे कि परमेश्वर का कार्य अब किस युग में प्रवेश कर चुका
- [नियम के युग में यशायाह, यहेजकेल और दानिय्येल जैसे भविष्यवक्ताओं द्वारा बताए गए परमेश्वर के शब्दों, और देहधारी परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए परमेश्वर के वचनों में, क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/distinguish-God-s-voice-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: अनुग्रह के युग में यीशु ने भी कई वचन बोले और बहुत कार्य किया। वह यशायाह से कैसे अलग था? वह दानिय्येल से कैसे अलग था? क्या वह कोई नबी था? ऐसा क्यों कहा जाता है कि वह मसीह है? उनके मध्य क्या भिन्नताएँ हैं? वे सभी मनुष्य थे, जिन्होंने वचन
- [आप इस बात की गवाही देते हैं कि वचन देह में प्रकट होता है को व्यक्तिगत रूप से परमेश्वर द्वारा प्रतिपादित किया गया था, फिर भी ऐसे लोग हैं जो मानते हैं कि ये वचन किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा बोले गए थे जिसे पवित्र आत्मा द्वारा प्रबुद्ध किया गया था। तो आखिर, देहधारी परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए वचनों और पवित्र आत्मा द्वारा प्रबुद्ध किसी व्यक्ति द्वारा कहे गए शब्दों के बीच क्या अंतर होता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/distinguish-God-s-voice-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: सत्य मनुष्य के संसार से आता है, किंतु मनुष्य के बीच सत्य मसीह द्वारा लाया जाता है। यह मसीह से, अर्थात् स्वयं परमेश्वर से उत्पन्न होता है, और यह कुछ ऐसा नहीं है जिसमें मनुष्य समर्थ हो। —वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, सफलता या विफलता उस पथ पर
- [आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आया है, कि वह देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर है, जो समूचे सत्य को व्यक्त कर रहा है जिससे मानव जाति को शुद्ध किया और बचाया जा सकता है, और यह कि वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है। तो हमें परमेश्वर की आवाज़ को कैसे पहचानना चाहिए, और हम यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु यीशु की वापसी है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/distinguish-God-s-voice-4.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "यीशु ने उससे कहा, 'मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता'" (यूहन्ना 14:6)। "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा,
- [प्रभु यीशु ने कहा था, "मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं" (यूहन्ना 10:27)। जब प्रभु लौटकर आएगा, तो वह अपनी बातों को कहेगा और अपनी भेड़ों की तलाश में जाएगा। प्रभु के लौटने की प्रतीक्षा करने में परमेश्वर की आवाज़ की तलाश करना महत्वपूर्ण है, लेकिन हम परमेश्वर की आवाज़ और इंसान की आवाज़ के बीच अंतर करने में असमर्थ हैं। कृपया हमारे साथ इस पर सहभागिता करें।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/listen-to-the-Lord-s-voice-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "यीशु ने उससे कहा, 'मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता'" (यूहन्ना 14:6)। "क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है; और प्राण और आत्मा को, और गाँठ-गाँठ और
- [आपकी बातों से मुझे एक बात समझ में आई है कि प्रभु की वापसी और आरोहण की हमारी उम्मीदें वाकई इंसानी मान्यताओं और कल्पनाओं की देन हैं। हम पहले ही प्रभु के वचनों को धोखा दे चुके हैं। ख़ैर, अब हम प्रभु की वापसी और आरोहण का इंतज़ार कैसे करें? इस पर थोड़ा और विस्तार से चर्चा कर लें?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-2-5.html) - उत्तर: आरोहित किए जाने की संतों की उम्मीदों का मुख्य आधार, स्वयं प्रभु यीशु के वचन हैं: "क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। हम प्रभु
- [विजेता क्या होता है? आपदा से पहले व्यक्ति को विजेता कैसे बनाया जाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-2-2.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "फिलदिलफिया की कलीसिया के दूत को यह लिख : 'जो पवित्र और सत्य है, और जो दाऊद की कुंजी रखता है, जिसके खोले हुए को कोई बन्द नहीं कर सकता और बन्द किए हुए को कोई खोल नहीं सकता, वह यह कहता है कि मैं तेरे कामों को जानता
- [आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आया है, और वह अपना कार्य करने के लिए देह बना है। यह कैसे हो सकता है? बाइबल का कहना है: "हे गलीली पुरुषों, तुम क्यों खड़े आकाश की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा" (प्रेरितों 1:11)। प्रभु यीशु द्वारा क्रूस पर चढ़ने का कार्य समाप्त करने के बाद, वह मृत्यु से जी उठा और अपने शिष्यों के सामने प्रकट हुआ। वह एक महिमामय आध्यात्मिक शरीर बन गया और स्वर्ग में आरोहित हुआ। जब प्रभु लौटता है, तो हमारे लिए उसे मृत्यु से जी उठे एक आध्यात्मिक शरीर के रूप में ही प्रकट होना चाहिए। आप यह क्यों कहते हैं कि परमेश्वर को देह बनना चाहिए और अंतिम दिनों में उसे मनुष्य के पुत्र के रूप में कार्य करना चाहिए।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-5.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "तुम भी तैयार रहो; क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते भी नहीं, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा" (लूका 12:40)। "क्योंकि जैसे बिजली आकाश के एक छोर से कौंध कर आकाश के दूसरे छोर तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य का पुत्र भी अपने दिन में प्रगट होगा। परन्तु
- [हम अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं, लेकिन हम किस प्रकार परमेश्वर के न्याय और ताड़ना को अनुभव करें जिससे कि हम सत्य और जीवन को प्राप्त कर सकें, हमारी पापी प्रकृति से छुटकारा पा सकें, और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए उद्धार प्राप्त कर सकें?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-8.html) - उत्तर: सत्य और जीवन प्राप्त करने के लिए परमेश्वर के न्याय और ताड़ना का अनुभव कैसे करें, किस तरह अपनी पापी प्रकृति से छुटकारा पाएं और किस तरह उद्धार प्राप्त कर स्वर्ग के राज्य में प्रवेश पायें... यह जो सवाल आप लोगों उठाया है, बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमारे अंत और मंज़िल के
- [कोई वाकई कैसे पुष्टि करे कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर लौटे कर आए यीशु हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/distinguishing-between-the-true-way-and-the-false-way-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें
- [यदि हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार करते हैं, तो हमें अनंत जीवन का मार्ग हासिल करने के लिए क्या करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life-10.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: अंत के दिनों में मसीह मनुष्य को सिखाने, उसके सार को उजागर करने और उसके वचनों और कर्मों की चीर-फाड़ करने के लिए विभिन्न प्रकार के सत्यों का उपयोग करता है। इन वचनों में विभिन्न सत्यों का समावेश है, जैसे कि मनुष्य का कर्तव्य, मनुष्य को परमेश्वर का आज्ञापालन किस प्रकार
- [आप कहते हैं कि लोगों को केवल तभी परिशुद्ध किया और पूरी तरह से बचाया जा सकता है, जब वे परमेश्वर का अंतिम दिनों का न्याय का कार्य स्वीकार करते हैं। हम ऐसा नहीं मानते। बाइबल कहती है: "क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुँह से अंगीकार किया जाता है" (रोमियों 10:10)। "अत: अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं" (रोमियों 8:1)। पहले से ही हमारे पापों को क्षमा कर दिया गया है और प्रभु यीशु में आस्था के कारण हमारे विश्वास को धर्मी ठहराया गया है। एक ही बार में और हमेशा के लिए हमारा उद्धार किया गया है, और जब प्रभु लौटता है, तो हमें सीधे स्वर्ग में ले जाया जाएगा। फिर आप यह क्यों कहते हैं कि पूरी तरह से बचाए जाने के लिए हमें अंतिम दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य को स्वीकार करना होगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/being-saved-and-true-salvation-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है" (मत्ती 7:21)। "इसलिये तुम पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूँ" (लैव्यव्यवस्था 11:45)। "क्योंकि सच्चाई की पहिचान प्राप्त करने
- [क्यों कलिसियाएँ भ्रष्ट होकर धर्म बन जाने में सक्षम हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-9.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर के कार्य के प्रत्येक चरण में मनुष्य से तद्नुरूपी अपेक्षाएँ भी होती हैं। जो लोग पवित्र आत्मा की धारा के भीतर हैं, वे सभी पवित्र आत्मा की उपस्थिति और अनुशासन के अधीन हैं, और जो पवित्र आत्मा की मुख्य धारा में नहीं हैं, वे शैतान के नियंत्रण में और पवित्र
- [आपने यह प्रमाणित किया है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर लौटकर आए प्रभु यीशु हैं और उन्होंने बहुत से वचन व्यक्त किये हैं। परन्तु दक्षिण कोरिया में कुछ लोग ऐसे हैं जो लौटकर आए प्रभु यीशु की नकल करते हैं। उन्होंने कुछ वचन भी कहे हैं और कुछ किताबें भी लिखी हैं। कुछ को अनुयायी भी मिल गए हैं। मैं सुनना चाहता हूँ कि आपका इस बारे में क्या विचार है कि इन झूठे मसीहों के वचनों में भेद कैसे किया जाए](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-true-Christ-and-false-christs-4.html) - उत्तर: प्रभु की वापसी की अगवानी कर पाने के लिये ये ज़रूरी है कि सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर करना आए। जो लोग सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर कर सकते हैं केवल वही लोग परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार कर सकते हैं और उनके सिंहासन के सामने
- [अभी कई देशों के धार्मिक क्षेत्रों में झूठे मसीहों द्वारा लोगों को धोखा दिए जाने के कुछ मामले सामने आए हैं। कोरिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जिनमें विवेक नहीं है, जिससे वे झूठे मसीहों का अनुसरण करके धोखा खा जाते हैं। इससे प्रभु यीशु की ये भविष्यवाणी पूरी होती है: "उस समय यदि कोई तुम से कहे, 'देखो, मसीह यहाँ है!' या 'वहाँ है!' तो विश्वास न करना। क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और बड़े चिह्न, और अद्भुत काम दिखाएँगे कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी भरमा दें" (मत्ती 24:23-24)। मैं व्यक्तिगत तौर पर ऐसा मानता हूँ कि जहाँ कहीं भी ऐसा उपदेश दिया जाता है कि प्रभु देहधारण करके वापस आ गए हैं, वो बात निश्चित रूप से झूठी है। अगर ऐसा कहकर कोई हमें धोखा देता है तो हमें उस पर विश्वास नहीं करना चाहिए!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-true-Christ-and-false-christs-7.html) - उत्तर: जब से सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने अंत के दिनों में अपना न्याय का कार्य करने के लिए सत्य व्यक्त करना शुरू किया है, मानवता पहले ही राज्य के युग में प्रवेश कर गई है और राज्य का युग शुरू हो गया है। अगर परमेश्वर पर हमारा विश्वास अनुग्रह के युग में ही अटककर रह जाता
- [मेरा मानना है कि यदि हम प्रभु यीशु के नाम और प्रभु के मार्ग के प्रति निष्ठावान रहेंगे और झूठे मसीहों और पैगम्बरों के छलावों को स्वीकार नहीं करेंगे, यदि हम प्रतीक्षा करते हुए सावधान रहेंगे, तो अपने आगमन पर प्रभु अवश्य हमें प्रकटीकरण देंगे। स्वर्गारोहण के लिए हमें प्रभु की आवाज सुनने की जरूरत नहीं है। प्रभु यीशु ने कहा है, उस समय यदि कोई तुम से कहे, 'देखो, मसीह यहाँ है!' या 'वहाँ है!' तो विश्वास न करना। "क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और बड़े चिह्न, और अद्भुत काम दिखाएँगे: कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी भरमा दें" (मत्ती 24:23-24)। क्या आप लोग झूठे मसीहों और झूठे पैगम्बरों के छलावों को नहीं मानते? और इसलिए, हम मानते हैं कि वे सब लोग जो प्रभु के आगमन की गवाही देते हैं निश्चित रूप से झूठे हैं। हमें खोजने या परखने की कोई जरूरत नहीं है। क्योंकि जब प्रभु आएँगे तो वे स्वयं को हम पर प्रकट करेंगे, और निश्चित रूप से वे हमें छोड़ नहीं देंगे। मेरा विश्वास है कि यह सही परिपालन है। आप सब क्या सोचते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-true-Christ-and-false-christs-2.html) - उत्तर: प्रभु यीशु ने वास्तव में यह भविष्यवाणी की थी कि अंत के दिनों में झूठे मसीहा और झूठे पैगम्बर सामने आएँगे। यह एक सच्चाई है। लेकिन प्रभु यीशु ने कई बार यह भी स्पष्ट रूप से भविष्यवाणी की है कि वे वापस लौटेंगे। पक्के तौर पर, क्या हम इसमें विश्वास करते हैं? प्रभु यीशु
- [एक झूठा मसीह क्या होता है? एक मसीह-विरोधी को कैसे पहचाना जा सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-true-Christ-and-false-christs-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: जो देहधारी परमेश्वर है, उसके पास परमेश्वर का सार होगा और जो देहधारी परमेश्वर है, उसके पास परमेश्वर की अभिव्यक्ति होगी। चूँकि परमेश्वर ने देह धारण किया है, इसलिए वह उस कार्य को सामने लाएगा, जो वह करना चाहता है, और चूँकि परमेश्वर ने देह धारण किया है, इसलिए वह उसे
- [बाइबल परमेश्वर के कार्य की गवाही है, यह मानवजाति के लिए अपार लाभदायक रही है। बाइबल पढ़ने के माध्यम से, हम यह समझ जाते हैं कि परमेश्वर ही सभी चीजों का सृष्टिकर्ता है, हम परमेश्वर के चमत्कारिक और पराक्रमी कर्मों और उनकी सर्वक्षमता को देखते हैं। बाइबल परमेश्वर के वचन और मनुष्य की परमेश्वर को गवाही का एक अभिलेख है, तो कोई बाइबल पढ़ने से शाश्वत जीवन क्यों नहीं प्राप्त कर सकता है। ऐसा क्यों है कि शाश्वत जीवन का मार्ग बाइबिल में नहीं पाया जाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life-4.html) - उत्तर: बाइबल पढ़ने से हम यह समझ पाए कि परमेश्वर सभी चीजों का सृष्टिकर्ता है और हमने उसके चमत्कारिक कर्मों को पहचानना शुरू कर दिया। इसका कारण यह है कि बाइबल परमेश्वर के कार्य के प्रथम दो चरणों की गवाही है। यह परमेश्वर के वचनों और कार्य का अभिलेख है और व्यवस्था के युग और
- [आप कहते हैं कि सिर्फ़ परमेश्वर की इच्छा का पालन करने वाले अनन्त जीवन का मार्ग पाते हैं। जब हमने प्रभु में विश्वास करना शुरू किया था, तो हमने प्रभु का सुसमाचार फैलाने के लिए काफी कष्ट सहा और इसकी कीमत चुकाई। हम प्रभु के झुंड के चरवाहे बने, क्रूस उठाया और प्रभु का अनुसरण किया, हमने नम्रता, धैर्य और सहिष्णुता का पालन किया। क्या आप ये कह रहे हैं कि हम परमेश्वर की इच्छा का पालन नहीं कर रहे हैं? हम जानते हैं कि अगर हम इसे जारी रखते हैं, तो हम पवित्र हो जायेंगे और स्वर्ग के राज्य में स्वर्गारोहित किये जायेंगे। क्या आपका मतलब है कि प्रभु के वचनों को इस तरह समझना और उनको अमल में लाना गलत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life-3.html) - उत्तर: आपकी धारणा है कि अगर आप श्रम, त्याग, या अच्छे कर्म करते हैं, तो आप परमेश्वर की इच्छा का पालन कर रहे हैं। लेकिन क्या आपकी ये काल्पनिक धारणाएं परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप हैं? क्या उनके पास परमेश्वर के वचनों का आधार है? आइए देखते हैं कि प्रभु यीशु ने क्या कहा था:
- [प्रभु में विश्वास करने के बाद हमारे पाप क्षमा कर दिये गये थे, लेकिन हम अब भी अक्सर पाप क्यों करते हैं; हम पापों के चंगुल से अंतत: कब छूट पायेंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-14.html) - बाइबल के प्रासंगिक पद: "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा" (यूहन्ना
- [पिछले कुछ सालों में हमने हमारे कलीसीया में बढ़ती हुई वीरानी को महसूस किया है। हमने अपने शुरुआती विश्वास और प्यार को खो दिया है, हम कमज़ोर और ज़्यादा नकारात्मक बन गए हैं। यहां तक कि कभी-कभी हम उपदेशक भी खोया-खोया महसूस करते हैं, और नहीं जानते कि किस बारे में बात करनी है। हमें लगता है कि हमने पवित्र आत्मा का कार्य खो दिया है। हमने पवित्र आत्मा के कार्य वाली किसी कलीसिया के लिए भी हर जगह खोज की। लेकिन जिस भी कलीसिया को हमने देखा, वह हमारी कलीसिया की तरह ही वीरान है। इतनी सारी कलीसियाएं भूखी और वीरान क्यों हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/desolation-of-churches-1.html) - उत्तर: आपका सवाल महत्वपूर्ण है। हम सभी जानते हैं कि हम अंत के दिनों की आखरी अवस्था में रहते हैं। प्रभु यीशु ने एक बार भविष्यवाणी की थी: "अधर्म के बढ़ने से बहुतों का प्रेम ठण्डा पड़ जाएगा" (मत्ती 24:12)। धर्म की दुनिया में अराजकता बढ़ रही है। धार्मिक अगुवा प्रभु की आज्ञाओं का पालन
- [प्रभु यीशु ने कहा: "परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूँगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा; वरन् जो जल मैं उसे दूँगा, वह उसमें एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा" (यूहन्ना 4:14)। अधिकांश लोग सोचते हैं कि प्रभु यीशु ने हमें पहले से ही अनन्त जीवन का मार्ग प्रदान किया है, लेकिन मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के इन वचनों को पढ़ा है: "केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनंत जीवन का मार्ग दे सकता है।" यह सब क्या है? यह क्यों कहता है कि आखिरी दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life-6.html) - उत्तर: अनन्त जीवन का मार्ग वास्तविकता में क्या है, इस विषय में हमें पहले यह जानना होगा कि वह आता कहाँ से है। हम सभी जानते हैं कि जब परमेश्वर देहधारी हुए, तो उन्होंने गवाही दी कि वे ही सत्य हैं, मार्ग हैं, और जीवन हैं। यह इस बात का पर्याप्त प्रमाण है कि केवल
- [बाइबल कहती है कि प्रभु यीशु का बपतिस्मा होने के बाद, स्वर्ग के द्वार खुल गए थे, और पवित्र आत्मा एक कबूतर की तरह प्रभु यीशु पर उतर आया था, एक आवाज ने कहा था: "यह मेरा प्रिय पुत्र है, जिससे मैं अत्यन्त प्रसन्न हूँ" (मत्ती 3:17)। और हम सभी विश्वासी मानते हैं कि प्रभु यीशु ही मसीह यानी परमेश्वर के पुत्र हैं। फिर भी आप लोगों ने यह गवाही दी है कि देहधारी मसीह परमेश्वर का प्रकटन यानी स्वयं परमेश्वर हैं, यह कि प्रभु यीशु स्वयं परमेश्वर हैं और सर्वशक्तिमान परमेश्वर भी स्वयं परमेश्वर हैं। यह बात हमारे लिए काफ़ी रहस्यमयी है और हमारी पिछली समझ से अलग है। तो क्या देहधारी मसीह स्वयं परमेश्वर हैं या परमेश्वर के पुत्र हैं? दोनों ही स्थितियां हमें उचित लगती हैं, और दोनों ही बाइबल के अनुरूप हैं। तो कौन सी समझ सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/Christ-incarnate-God-s-son-or-God-Himself.html) - उत्तर: आप लोगों ने जो सवाल उठाया है ठीक वही सवाल है जिसे ज्यादातर विश्वासियों को समझने में परेशानी होती है। जब देहधारी प्रभु यीशु मानवजाति के छुटकारे का कार्य करने के लिए आये थे, तो लोगों के बीच प्रकट होकर कार्य करते हुए, परमेश्वर मनुष्य के पुत्र बन गए। उन्होंने न केवल अनुग्रह के
- [बुद्धिमान कुंवारियाँ कौन हैं? मूर्ख कुंवारियाँ कौन हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: अतीत में कुछ लोगों ने "पाँच समझदार कुँआरियों और पाँच मूर्ख कुँआरियों" की भविष्यवाणी की है। यद्यपि भविष्यवाणी सटीक नहीं है, पर यह पूरी तरह से ग़लत भी नहीं है, इसलिए मैं तुम लोगों को कुछ स्पष्टीकरण दे सकता हूँ। ऐसा निश्चित रूप से नहीं है कि "पाँच समझदार कुँआरियाँ और
- [मैंने अपनी आधी से अधिक जिंदगी में मसीह पर विश्वास किया है। मैंने प्रभु के लिए अथक रूप से काम किया है और मुझे निरंतर उनके दूसरे आगमन की प्रतीक्षा रही है। अगर प्रभु आए हैं, तो मुझे उनका प्रकाशन क्यों नहीं मिला? क्या उन्होंने मुझे किनारे कर दिया है? इस बात ने मुझे बहुत दुविधा में डाल दिया है। आप इसे कैसे समझाएंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-2.html) - उत्तर: मनुष्य सोचता है कि अगर वह अपनी आधी जिंदगी प्रभु में विश्वास करता है, प्रभु के लिए कठिन परिश्रम करता है, और सतर्कता से उनके दूसरे आगमन की प्रतीक्षा करता है, तो जब प्रभु दूसरी बार आएंगे, वे उन्हें प्रकाशन देंगें। यह मनुष्य की अवधारणा और परिकल्पना है, इसका परमेश्वर के कार्य की सच्चाई
- [मैं स्वीकार करता हूँ कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए वचन सत्य हैं, लेकिन मेरा परिवार सीसीपी और धार्मिक समुदाय द्वारा फैलाई गई सभी झूठी बातों और भ्रांतियों में आ गया है। अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य की जाँच करने से मुझे रोकने के लिए वे कुछ भी कर सकते हैं। मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर में अपने विश्वास के कारण अपने परिवार से नाता तोडना नहीं चाहता, लेकिन मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर में अपना विश्वास छोड़ना और परमेश्वर के उद्धार का अपना सुअवसर खोना भी नहीं चाहता हूँ। मेरे लिए क्या करना सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-spiritual-battles-4.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो माता या पिता को मुझ से अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं; और जो बेटा या बेटी को मुझ से अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं; और जो अपना क्रूस लेकर मेरे पीछे न चले वह मेरे योग्य नहीं" (मत्ती 10:37-38)। "धन्य हैं वे,
- [मैं स्वीकार करता हूँ कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया जिसे प्रचारित करती है, वह सही मार्ग है, लेकिन चूँकि हमारी कलीसिया में लोगों को पादरी और एल्डर्स द्वारा फैलाए गए झूठ और भंतियों से धोखा दिया गया है, वे सभी सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के विरोधी हैं। मुझे चिंता है कि अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करने के बाद, मुझे मेरी पुरानी कलीसिया के मेरे भाइयों और बहनों द्वारा अस्वीकार और निन्दित किया जाएगा। मेरी स्थिति बहुत छोटी है, और मैं इन सब का सामना करने के लिए पर्याप्त साहसी नहीं हूँ—मुझे क्या करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-spiritual-battles-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "तौभी अधिकारियों में से बहुतों ने उस पर विश्वास किया, परन्तु फरीसियों के कारण प्रगट में नहीं मानते थे, कहीं ऐसा न हो कि वे आराधनालय में से निकाले जाएँ : क्योंकि मनुष्यों की ओर से प्रशंसा उनको परमेश्वर की ओर से प्रशंसा की अपेक्षा अधिक प्रिय लगती थी"
- [हाल ही में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कुछ वचनों को पढ़ने और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाइयों और बहनों की सहभागिता तथा गवाहियों को सुनने के बाद, मैंने अपनी भावना में काफी प्रदत्त और शिक्षित महसूस किया है। प्रभु की उपासना करने के वर्षों में मैंने समझा था, उससे कहीं अधिक मैं अब समझता हूँ, इसलिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु यीशु की वापसी होनी ही चाहिए। लेकिन जब से मेरे पादरी को पता चला कि मैं अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य में रुचि ले रहा हूँ, वह मुझे रोकने के लिए हर कोशिश करता रहा है। वह हर दिन मुझे इसके बारे में परेशान करता है। यहाँ तक कि उसने मेरे परिवार को भी मुझ पर नज़र रखने के लिए, और मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ने या चर्च के उपदेशों को सुनने की अनुमति न देने के लिए, कहा है। मुझे अंदर ही अंदर आहत महसूस होता है। मुझे इन चीजों का अनुभव कैसे करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-spiritual-battles-2.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "हे कपटी शास्त्रियो और फरीसियो, तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के लिए स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो स्वयं ही उसमें प्रवेश करते हो और न उस में प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो" (मत्ती 23:13)। "हे कपटी शास्त्रियो और फरीसियो, तुम पर हाय!
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ने और भाइयों और बहनों की सहभागिता तथा गवाहियों को सुनने के माध्यम से, मेरे लिए यह निश्चित हो गया है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु यीशु की वापसी है, और मैं अब अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करता हूँ। लेकिन हाल ही में मेरे परिवार में कुछ नाराज़गी भरी और परेशान करने वाली बातें हुई हैं। ऐसी बातें क्यों होती हैं, और मुझे उनके साथ कैसे पेश आना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/on-spiritual-battles-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "सचेत हो, और जागते रहो; क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जनेवाले सिंह के समान इस खोज में रहता है कि किस को फाड़ खाए" (1 पतरस 5:8)। "उस तिहाई को मैं आग में डालकर ऐसा निर्मल करूँगा, जैसा रूपा निर्मल किया जाता है, और ऐसा जाँचूँगा जैसा सोना जाँचा जाता
- [सामान्य आध्यात्मिक जीवन में कोई कैसे प्रवेश कर सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/spiritual-devotions-and-lives-of-christians-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: सामान्य आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए एक व्यक्ति को प्रतिदिन नई रोशनी प्राप्त करने और परमेश्वर के वचनों की समझ का अनुसरण करने में सक्षम होना चाहिए। एक व्यक्ति को सत्य स्पष्ट रूप से देखना चाहिए, सभी मामलों में अभ्यास का मार्ग तलाशना चाहिए, प्रतिदिन परमेश्वर के वचनों को पढ़ने के
- [सामान्य आध्यात्मिक जीवन क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/spiritual-devotions-and-lives-of-christians-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर में विश्वास रखने के लिए एक सामान्य आध्यात्मिक जीवन का होना आवश्यक है, जो कि परमेश्वर के वचनों का अनुभव करने और वास्तविकता में प्रवेश करने का आधार है। क्या तुम सबकी प्रार्थनाओं परमेश्वर के समीप आने, भजन-गायन, स्तुति, ध्यान और परमेश्वर के वचनों पर मनन-चिंतन का समस्त अभ्यास "सामान्य
- [धार्मिक समारोह में शामिल होना क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-engaging-in-religious-ceremony.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: एक सामान्य आध्यात्मिक जीवन प्रार्थना करने, भजन गाने, कलीसियाई जीवन में भाग लेने और परमेश्वर के वचनों को खाने-पीने जैसे अभ्यासों तक सीमित नहीं है। बल्कि, इसमें एक नया और जीवंत आध्यात्मिक जीवन जीना शामिल है। जो बात मायने रखती है वो यह नहीं है कि तुम अभ्यास कैसे करते हो,
- [हम जिस कैथलिक धर्म को मानते हैं, वह प्रेरितों से नीचे पारित हुआ है, और यह सभी धर्मों में सबसे रूढ़िवादी है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ईसाई धर्म से संबंधित है, और ईसाई धर्म कैथलिक धर्म की एक शाखा है। यदि हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करते हैं, तो क्या ईसाई धर्म में हमारा धर्म-परिवर्तन नहीं हो जाएगा? और ऐसा करने में, क्या हम परमेश्वर को अपनी पीठ न दिखा देंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-16.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मेरी और भी भेड़ें हैं, जो इस भेड़शाला की नहीं। मुझे उनका भी लाना अवश्य है। वे मेरा शब्द सुनेंगी, तब एक ही झुण्ड और एक ही चरवाहा होगा" (यूहन्ना 10:16)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: संसार में कई प्रमुख धर्म हैं, प्रत्येक का अपना प्रमुख, या अगुआ है, और
- [लोग अक्सर कहते हैं, "सदाचार को मिलता पुरस्कार, बुराई को प्रतिकार", तो परमेश्वर सभी बुरे लोगों को अभी ख़त्म क्यों नहीं कर देते?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-7.html) - बाइबल के प्रासंगिक पद: "हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है" (सभोपदेशक 3:1)। "जैसा नूह के दिनों में हुआ था, वैसा ही मनुष्य के पुत्र के दिनों में भी होगा। जिस दिन तक नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते–पीते
- [आपने कहा है कि प्रभु यीशु पहले ही आ चुके हैं, मगर हम इस पर यकीन नहीं करते। प्रभु में अनेक वर्षों से हमारा विश्वास रहा है और हमने उनके लिए हमेशा अथक मेहनत की है। जब प्रभु आयें, उन्हें यह सबसे पहले हमारे सामने प्रकट करना चाहिए। चूंकि प्रभु ने हमारे सामने यह प्रकट नहीं किया है, इससे यह पता चलता है कि वे लौटे नहीं हैं। इस विश्वास में क्या गलत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "तू ने मुझे देखा है, क्या इसलिये विश्वास किया है? धन्य वे हैं जिन्होंने बिना देखे विश्वास किया" (यूहन्ना 20:29)। "इसलिये जागते रहो, क्योंकि तुम नहीं जानते कि तुम्हारा प्रभु किस दिन आएगा। ... इसलिये तुम भी तैयार रहो, क्योंकि जिस घड़ी के विषय में तुम सोचते भी नहीं
- [प्रभु यीशु दयावान और प्रेमी परमेश्वर हैं। जब तक हम प्रभु यीशु के नाम को कायम रखते और उनके मार्ग पर चलते हैं, हम विश्वास करते हैं कि जब वे लौटेंगे तो हमारा त्याग नहीं करेंगे, बल्कि सीधे स्वर्ग के राज्य में आरोहित करायेंगे। क्या ऐसा विश्वास सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-13.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि लिखा है, 'पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूँ'" (1 पतरस 1:16)। "यीशु ने उनको उत्तर दिया, 'मैं तुम से सच सच कहता हूँ कि जो कोई पाप करता है वह पाप का दास है। दास सदा घर में नहीं रहता; पुत्र सदा रहता है'" (यूहन्ना 8:34-35)। "धन्य वे
- [जिन लोगों ने अनेक वर्षों तक प्रभु यीशु में विश्वास किया है और उत्साह के साथ स्वयं को खपा कर अथक काम किया है, उन्होंने प्रभु के लिए बहुत दुख सहे हैं। क्या ऐसा हो सकता है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार न करने के कारण उनका उद्धार न किया जाए और उन्हें स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न मिले?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-11.html) - बाइबल के प्रासंगिक पद: "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुत से लोग मुझ से कहेंगे, 'हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से भविष्यद्वाणी नहीं
- [हमारा मानना है कि मृत्यु के बाद मनुष्य के पापों को पाप-मोचक नरक में शुद्ध किया जाता है, जिसके बाद लोग स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं। फिर भी आप गवाही देते हैं कि जो लोग अंतिम दिनों के न्याय के परमेश्वर के कार्य को स्वीकार नहीं करते हैं, उन्हें शुद्ध नहीं किया जाएगा, और इसलिए वे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के योग्य नहीं होंगे। इससे आपका क्या तात्पर्य है? वास्तव में, लोग स्वर्ग के राज्य में कैसे प्रवेश कर सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-10.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "सत्य के द्वारा उन्हें पवित्र कर : तेरा वचन सत्य है। जैसे तू ने मुझे जगत में भेजा, वैसे ही मैं ने भी उन्हें जगत में भेजा; और उनके लिये मैं अपने आप को पवित्र करता हूँ, ताकि वे भी सत्य के द्वारा पवित्र किये जाएँ" (यूहन्ना 17:17-19)। "मुझे
- [धार्मिक दुनिया के सभी पादरी और एल्डर्स कलीसियाओं में परमेश्वर की सेवा करते हैं। उनसे अपेक्षा की जाती है वे प्रभु की वापसी की प्रतीक्षा में सतर्क और सावधान रहें। तो क्यों वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य की तलाश या जाँच करने का प्रयास तो नहीं करते हैं, बल्कि इसके बजाय अफवाहें फैलाते हैं, सर्वशक्तिमान परमेश्वर पर निर्णय देते और उसकी निंदा करते हैं, और विश्वासियों को धोखा देने और उन्हें सही तरीके से जाँच करने से रोकने का प्रयास करते हैं।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-21.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "इस पर प्रधान याजकों और फरीसियों ने महासभा बुलाई, और कहा, 'हम करते क्या हैं? यह मनुष्य तो बहुत चिह्न दिखाता है। यदि हम उसे यों ही छोड़ दें, तो सब उस पर विश्वास ले आएँगे, और रोमी आकर हमारी जगह और जाति दोनों पर अधिकार कर लेंगे।' ...
- [आप कहते हैं कि प्रभु यीशु देह में, एक चीनी व्यक्ति के रूप में, लौट आया है। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते। बाइबल में जो लिखा गया है उसके अनुसार, प्रभु यीशु एक यहूदी के रूप में विदा हुआ था, इसलिए हम मानते हैं कि जब प्रभु अंतिम दिनों के दौरान लौटता है, तो यह भी एक यहूदी के रूप में ही होना चाहिए। वह एक चीनी व्यक्ति के रूप में कैसे आ सकता था?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-11.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर पूरे ब्रह्मांड और ऊपर के राज्य में महानतम है, तो क्या वह देह की छवि का उपयोग करके स्वयं को पूरी तरह से समझा सकता है? परमेश्वर अपने कार्य के एक चरण को करने के लिए देह के वस्त्र पहनता है। देह की इस छवि का कोई विशेष अर्थ नहीं
- [दो हजार वर्षों से, परमेश्वर में मनुष्य का विश्वास बाइबल पर आधारित रहा है, और प्रभु यीशु के आगमन ने बाइबल के पुराने नियम को नकारा नहीं है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने जब अंतिम दिनों में न्याय के अपने कार्य को कर लिया होगा, तो हर कोई जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करता है, वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को खाने और पीने पर ध्यान केन्द्रित करेगा और शायद ही कभी बाइबल को पढ़ेगा। मुझे जिसकी जानकारी लेनी है वह यह है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार करने के बाद, बाइबल के प्रति सही दृष्टिकोण क्या है, और इसका इस्तेमाल कैसे करना चाहिए? किसी व्यक्ति के लिए परमेश्वर पर विश्वास करने का आधार क्या होना चाहिए, ताकि वह परमेश्वर पर विश्वास करने के मार्ग पर चल सके और परमेश्वर के उद्धार को हासिल कर सके?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-11.html) - उत्तर: बाइबल परमेश्वर के कार्य के पहले दो चरणों का वास्तविक आलेख है। दूसरे शब्दों में, यह परमेश्वर के कार्य के उन पहले दो चरणों की गवाही है, जिसमें स्वर्ग, पृथ्वी तथा मानव सहित सभी चीज़ों की रचना के बाद इंसान के मार्गदर्शन और उद्धार को निश्चित किया गया है। बाइबल को पढ़ने से, हर
- [तुम यह गवाही देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में लौट चुका है, वह उस संपूर्ण सत्य को अभिव्यक्त करता है जो मानवता को शुद्ध बनाता और उसे बचाता है और वह परमेश्वर के परिवार से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को करता है, तो हमें परमेश्वर की आवाज़ को कैसे पहचाननी चाहिए और हमें कैसे इस बात की पुष्टि करनी चाहिए कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर वास्तव में लौटा हुआ प्रभु यीशु ही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/distinguish-God-s-voice-2.html) - उत्तर: यह प्रश्न सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकारने और परमेश्वर के प्रकटन को देखने के लिए, हमें यह जानना होगा कि परमेश्वर की आवाज की पहचान कैसे की जाए। वास्तव में, परमेश्वर की आवाज पहचानने का अर्थ है परमेश्वर के वचनों और कथनों को पहचानना, और सृष्टिकर्ता के
- [परमेश्वर में विश्वास करना अच्छा है, लेकिन मेरी सोच यह है कि सारे धर्म लोगों को अच्छे इंसान बनना सिखाते हैं। इसलिए चाहे लोग किसी भी धर्म को मानें, जब तक वे ईमानदार हैं और कोई बुराई नहीं करते, (क्या) निश्चित रूप से वे परमेश्वर द्वारा बचाए जाएँगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-7.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: धर्म में विश्वास क्या है? परमेश्वर में विश्वास क्या है? क्या दोनों में फर्क है? धर्म के सर्वसामान्य, प्रमुख लक्षण क्या हैं? लोग धर्म में विश्वास को आमतौर पर किस तरह परिभाषित करते हैं? धर्म में विश्वास आचरण में परिवर्तनों से बनता है—दूसरों से लड़ने, दूसरों को कोसने, दुष्कर्म करने, दूसरों
- [यदि हम परमेश्वर में विश्वास नहीं करते हैं, और केवल भले हैं, अच्छे कर्म कर रहे हैं और कोई बुराई नहीं कर रहे, तो क्या हम परमेश्वर द्वारा बचाए जाएँगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मनुष्य जिस मानक से दूसरे मनुष्य को आंकता है, वह व्यवहार पर आधारित है; वे जिनका आचरण अच्छा है, धार्मिक हैं और जिनका आचरण घृणित है, दुष्ट हैं। परमेश्वर जिस मानक से मनुष्यों का न्याय करता है, उसका आधार है कि क्या व्यक्ति का सार परमेश्वर को समर्पित है या नहीं;
- [कुछ दर्जन वर्षों में लोगों का जीवन एक कौंध में खत्म हो जाता है। पीछे मुड़कर देखते हुए, वे अपने जीवन को याद करते हैं: स्कूल जाना, काम करना, शादी करना, बच्चे पैदा करना, मृत्यु की प्रतीक्षा करना, उनका पूरा जीवन परिवार, धन, स्थिति, भाग्य और प्रतिष्ठा की खातिर भाग-दौड़ करने में बीत जाता है, सही दिशा और मानवीय अस्तित्व के उद्देश्यों से पूरी तरह से रहित, और जीवित रहने में किसी भी मूल्य या अर्थ को खोजने में असमर्थ रहकर। इस तरह लोग पीढ़ी-दर-पीढी इस दर्दीले और खाली तरीके से जीते हैं। लोगों का जीवन इतना दर्दीला और खाली क्यों होता है? और मानव अस्तित्व के दर्द और शून्यता को कैसे हल किया जा सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मनुष्य जीवन-भर जन्म, मृत्यु, बीमारी और वृद्धावस्था के कारण जो सहता है उसका स्त्रोत क्या है? किस कारण लोगों को ये चीज़े झेलनी पड़ीं? जब मनुष्य को पहली बार सृजित किया गया था तब ये चीजें नहीं थीं। है ना? तो फिर, ये चीज़ें कहाँ से आईं? वे तब अस्तित्व में
- [लेकिन हम बाइबल से दूर हो जाने पर भी परमेश्वर में कैसे विश्वास करते रह सकते हैं और जीवन पा सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-17.html) - उत्तर: आपने बड़ा अहम सवाल उठाया है। ये ऐसी बात है जिसे हम सभी विश्वासी जानना चाहते हैं। प्रभु यीशु ने एक बार ये वचन कहे थे: "तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "केवल अंत के दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनंत जीवन का मार्ग दे सकता है," तो मुझे वह याद आया जो प्रभु यीशु ने एक बार कहा था, "परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूँगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा; वरन् जो जल मैं उसे दूँगा, वह उसमें एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा" (यूहन्ना 4:14)। हम पहले से ही जानते हैं कि प्रभु यीशु जीवन के सजीव जल का स्रोत हैं, और अनन्त जीवन का मार्ग हैं। क्या ऐसा हो सकता है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर और प्रभु यीशु समान स्रोत हों? क्या उनके कार्य और वचन दोनों पवित्र आत्मा के कार्य और वचन हैं? क्या उनका कार्य एक ही परमेश्वर करते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life-1.html) - उत्तर: दोनों बार जब परमेश्वर ने देह धारण की तो अपने कार्य में, उन्होंने यह गवाही दी कि वे सत्य, मार्ग, जीवन और अनन्त जीवन के मार्ग हैं। यह सिद्ध करने के लिए कि मसीह सत्य, मार्ग और जीवन हैं, वे कई सत्य व्यक्त करते हैं, और व्यावहारिक कार्य का एक चरण पूरा करते हैं।
- [प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों को स्वर्ग का राज्य के रहस्यों के बारे में बताया, और क्या प्रभु यीशु की वापसी के रूप में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने भी अनेक रहस्य उजागर किए हैं? क्या आप लोग सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा प्रकट किए गए कुछ रहस्यों के बारे में हमारे साथ संगति कर सकते हैं? इससे परमेश्वर की वाणी पहचानने में हमें बहुत सहायता मिलेगी।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/distinguish-God-s-voice-3.html) - उत्तर: प्रत्येक बार जब परमेश्वर देहधारण करते हैं, वे हमारे लिए अनेक सत्यों और रहस्यों को प्रकट करते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं। मानवजाति को बचाने के लिए परमेश्वर देहधारण करते हैं, और इसलिए स्वाभाविक रूप से वे अनेक सत्यों को अभिव्यक्त करते हैं, और अनेक रहस्यों को प्रकट करते हैं। उदाहरण के लिए, अनुग्रह
- [मैं जानना चाहती हूँ कि अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर मानवजाति को शैतान के प्रभाव से बचाने के लिए अपना न्याय कार्य कैसे करते हैं। क्या आप हमें अपने अनुभव और गवाहियों के बारे में बता सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-5.html) - उत्तर: यह एक बहुत बढ़िया सवाल है! परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की खोज और जांच-पड़ताल करते समय हमें ये अहम सवाल पूछने चाहिए। परमेश्वर में अपनी आस्था के जरिये उद्धार पाना हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद होगा! सर्वशक्तिमान परमेश्वर मनुष्य को शैतान के प्रभाव से बचाने के लिए अंत के दिनों का
- [पादरी और एल्डर अक्सर धर्मग्रंथों को पढ़ते हैं और लोगों को उपदेश देते हैं, भाई-बहनों के लिए प्रार्थना करते हैं, विश्वासियों से प्यार करते हैं और लोगों से बाइबल से जुड़े रहने का आग्रह करते हैं। अगर हम उन्हें पाखंडी फरीसी कहेंगे, तो ज़्यादातर विश्वासी ये बात समझ नहीं पायेंगे। तो कृपया हमें और विस्तार से बताइए।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-23.html) - उत्तर: उस ज़माने में, यहूदी फरीसी अक्सर धर्मग्रंथों की व्याख्या करते थे और आराधनालयों में विश्वासियों के लिए प्रार्थना करते थे। क्या वे भी लोगों को बहुत धर्मपरायण नहीं लगते थे? तो प्रभु यीशु ने यह कर कि पाखंडी फरीसियों को संताप मिले, फरीसियों को क्यों बेनकाब किया और उन्हें श्राप दिया? क्या प्रभु यीशु
- [बाइबल को पढ़ कर, हम सब जानते हैं कि यहूदी फरीसियों ने, प्रभु यीशु की निंदा की और उनका विरोध किया। लेकिन अधिकांश भाई-बहन अभी भी नहीं समझते हैं, कि जब प्रभु यीशु ने अपना कार्य किया, तब फरीसियों को मालूम था कि उनके वचनों में अधिकार और प्रभाव है। फिर भी, उन्होंने कट्टरपन से प्रभु यीशु का विरोध और निंदा की। उन्होंने उनको सूली पर चढ़ा दिया। उन लोगों का स्वभाव और सार-तत्व कैसा था?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-14.html) - उत्तर: प्रभु में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति जानता है कि फरीसियों ने प्रभु यीशु का विरोध किया। लेकिन उनके विरोध की असली वजह क्या थी? आप कह सकते हैं कि धर्म के 2000 वर्षों के इतिहास में, कोई भी इस प्रश्न का उत्तर नहीं ढूंढ पाया है। हालाँकि प्रभु यीशु के फरीसियों को शाप
- [परमेश्वर में अपना विश्वास रखते हुए और उनका अनुसरण करते हुए, हम शाश्वत जीवन प्राप्त कर सकते हैं। परमेश्वर के वचन इस बात का समर्थन करते हैं: प्रभु यीशु ने कहा था: "मैं ही पुनरुज्जीवन, और जीवन हूँ: जो कोई भी मुझमें विश्वास करता है, चाहे उसकी मृत्यु क्यों न हो जाएं, वह जीवित रहेगा: और जो कोई भी मुझमें जीता और विश्वास करता है, वह कभी नहीं मरता है" (यूहन्ना 11:25-26)। "परंतु जो कोई भी मेरे द्वारा दिए गये जल को पीता है, उसे प्यास फिर कभी नहीं सताएगी; परंतु जो पानी मैं उसे दूँगा वह उसमें एक कुएं का निर्माण करेगी जिससे उसे चिरस्थायी जीवन प्राप्त होगा" (यूहन्ना 4:14)। ये अंश प्रभु यीशु के वादे हैं। प्रभु यीशु हमें शाश्वत जीवन प्रदान कर सकते हैं, प्रभु यीशु का मार्ग शाश्वत जीवन का मार्ग है। बाइबल कहती है, "वह जो पुत्र पर विश्वास करता है, वह शाश्वत जीवन प्राप्त करता है: और जो पुत्र पर विश्वास नहीं करता है, उसे जीवन का प्रकाश नहीं दिखेगा; बल्कि उसे परमेश्वर का क्रोध झेलना पड़ेगा" (यूहन्ना 3:36)। क्या प्रभु यीशु मनुष्य का पुत्र नहीं हैं, क्या वह मसीह नहीं है? प्रभु यीशु में विश्वास करके, हमें, इस प्रकार, शाश्वत जीवन का मार्ग भी मिलना चाहिए। लेकिन आप लोग इस बात की गवाही देते हैं कि अंतिम दिनों में मसीह के आसन के समक्ष न्याय और शुद्धिकरण का अनुभव कर सकें, और अंतिम दिनों में परमेश्वर से उद्धार प्राप्त कर सकें। हमारे लिये शाश्वत जीवन का मार्ग लाएँगे। मैं यह बिल्कुल नहीं समझ पा रहा हूँ, कि हम सभी प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी हैं। यह शाश्वत जीवन के मार्ग को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त क्यों नहीं है? तो हमें अंतिम दिनों के मसीह के वचनों और कार्य को क्यों स्वीकार करना है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/accept-Christ-of-last-days.html) - उत्तर: देहधारी बने परमेश्वर ही प्रभु यीशु हैं, परमेश्वर का प्रकटन हैं। प्रभु यीशु ने कहा: "और जो कोई भी मुझमें जीता और विश्वास करता है, वह कभी नहीं मरता है" (यूहन्ना 11:26)। "...परंतु जो पानी मैं उसे दूँगा वह उसमें एक कुएं का निर्माण करेगी जिससे उसे चिरस्थायी जीवन प्राप्त होगा" (यूहन्ना 4:14)। बाइबल
- [प्रभु यीशु और सर्वशक्तिमान परमेश्वर एक ही परमेश्वर हैं, लेकिन विभिन्न युगों में अलग-अलग कार्य करते हैं। प्रभु यीशु ने छुटकारे का कार्य किया और पश्चाताप का मार्ग बताया। अंत के दिनों में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर मानवजाति के न्याय और शुद्धिकरण का कार्य करते हैं और उन्हें अनन्त जीवन का मार्ग देते हैं। मेरे पास अभी भी एक सवाल है, पश्चाताप के मार्ग और अनन्त जीवन के मार्ग के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life-2.html) - उत्तर: परमेश्वर सिर्फ़ एक ही हैं और मानवजाति को बचाने का उनका कार्य एक या दो चरणों में पूरा नहीं किया जा सकता है। क्योंकि मानव जाति को बचाने के लिए परमेश्वर की प्रबंधन योजना में कार्य के तीन चरण हैं, प्रत्येक चरण में परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए सत्य अलग हैं, और यह धीरे-धीरे
- [व्यवस्था के युग का कार्य करने के लिए परमेश्वर ने मूसा का उपयोग किया, तो अंतिम दिनों में परमेश्वर अपने न्याय के कार्य को करने के लिए लोगों का इस्तेमाल क्यों नहीं करता है, बल्कि इस कार्य को उसे खुद करने के लिए देह बनने की ज़रूरत क्यों है? और देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर जिन लोगों का उपयोग करते हैं, उनमें क्या ख़ास अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-13.html) - उत्तर: ऐसा क्यों है कि परमेश्वर को अंत के दिनों में न्याय का कार्य करने के लिए देहधारण करने की ज़रूरत है, जिनको सत्य को जानने की तीव्र अभिलाषा है और जो परमेश्वर के प्रकटन की खोज करना चाहते हैं, उनको इस प्रश्न में अत्यधिक दिलचस्पी है। यह एक ऐसा सवाल भी है जिसका संबंध
- [अनुग्रह के युग में परमेश्वर ने पाप की भेंट बनने और मनुष्य के पापों का बोझ अपने ऊपर लेने के लिए देह धारण की थी। इन सारी बातों का कोई कारण है। प्रभु यीशु को पवित्र आत्मा ने राजी किया था और वे अपने पापरहित शरीर में मानवजाति के छुटकारे के लिए मनुष्य के पुत्र बने। सिर्फ़ ऐसा करने की वजह से ही शैतान को नीचा दिखाया गया। अंत के दिनों में, परमेश्वर ने न्याय का कार्य करने के लिए मनुष्य के पुत्र के रूप में फिर से देह धारण की है। हमने इसे हकीकत के तौर पर देखा है। मैं यही पूछना चाहता था। परमेश्वर के दो देह धारण थोड़े अलग-अलग हैं, पहला यहूदिया में था, और दूसरा चीन में है। अब, ऐसा क्यों है कि मानवजाति को बचाने का कार्य करने के लिए परमेश्वर को दो बार देह धारण करना चाहिए? परमेश्वर के दो देहधारणों का असली महत्व क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-4.html) - उत्तर: ऐसा क्यों है कि परमेश्वर को मानवजाति को बचाने का कार्य करने के लिए दो बार देह धारण करना चाहिये? हमें पहले यह बात स्पष्ट होनी चाहिए: मनुष्य के उद्धार के संबंध में, परमेश्वर के दो देहधारणों का गहरा और अगाध अर्थ है। क्योंकि, चाहे हम छुटकारे की बात करें या फिर अंत के
- [आप लोग यह गवाही देते हैं कि देहधारी परमेश्वर, बाहरी स्वरूप में एक साधारण व्यक्ति की तरह दिखते हैं, स्वयं प्रभु यीशु की तरह, उनमें न सिर्फ़ सामान्य मानवता है, बल्कि उनमें दिव्यता भी है। इतना तो पक्का है। परमेश्वर के देहधारण की सामान्य मानवता और भ्रष्ट मनुष्य की सामान्य मानवता के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-3.html) - उत्तर: भाई गुओ ने एक बड़ा ही महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। एक ऐसा सवाल जो देहधारी परमेश्वर की हमारी समझ के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। जब परमेश्वर देह धारण कर मसीह बने, तो मनुष्य सीधे तौर पर मसीह में सामान्य मानवता को देख सकता है। मसीह अपनी सामान्य मानवता में ही सत्य को व्यक्त
- [इन दिनों आपकी सहभागिता और गवाही को सुनकर, मुझे यह स्पष्ट हो गया है कि अंत के दिनों में प्रभु का दूसरा आगमन, यहाँ न्याय का कार्य करने के लिए देह धारण है। लेकिन हम देह धारण के सत्य को नहीं समझते हैं और इसलिए आसानी से सीसीपी सरकार तथा धार्मिक संसार के पादरियों और एल्डर्स की अफवाहों और झूठों से छले जाते हैं। नतीजतन, हम देहधारी परमेश्वर को सिर्फ़ एक मनुष्य समझ लेते हैं और यहाँ तक कि उनका विरोध और तिरस्कार भी करते हैं। इसलिए, मैं देह धारण के सत्य के बारे में आप लोगों से पूछना चाहता हूँ। देह धारण क्या है? देहधारी मसीह और परमेश्वर द्वारा इस्तेमाल किए गए भविष्यद्वक्ताओं और प्रेरितों के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-2.html) - उत्तर: देह धारण क्या है और मसीह क्या है, इस सवाल पर आप लोग कह सकते हैं कि यह सत्य का एक ऐसा रहस्य है जिसे कोई भी विश्वासी नहीं समझता। हालांकि विश्वासियों ने हज़ारों सालों से यह जाना है कि प्रभु यीशु देहधारी परमेश्वर हैं, देह धारण और देह धारण के वास्तविक सार को
- [हमारा मानना है कि परमेश्वर की वापसी का अर्थ है कि विश्वासियों को सीधे स्वर्ग के राज्य में उठा लिया जाता है, क्योंकि यह बाइबल में लिखा हुआ है: "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे उनके साथ बादलों पर उठा लिये जाएँगे कि हवा में प्रभु से मिलें; और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। तुम प्रमाणित कर रहे हो कि प्रभु यीशु वापस आ गया है, तो हम अब पृथ्वी पर क्यों हैं और अभी तक स्वर्गारोहित क्यों नहीं हुए हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-2-3.html) - उत्तर: हमें प्रभु की उन भविष्यवाणियों के आधार पर उसकी वापसी की आशा करनी चाहिए जो उसने खुद की थी। यह प्रभु की वापसी का इंतज़ार करने का सबसे मानक तरीका है। आप दरअसल किसे उद्धृत कर रहे हैं? आप प्रभु के वचनों को उद्धृत कर रहे हैं या इंसानों के वचनों का? "तब हम
- [प्रभु यीशु दयावान और प्रेमी परमेश्वर हैं। जब तक हम प्रभु यीशु के नाम को कायम रखते और उनके मार्ग पर चलते हैं, हम विश्वास करते हैं कि जब वे लौटेंगे तो हमारा त्याग नहीं करेंगे, बल्कि सीधे स्वर्ग के राज्य में आरोहित करायेंगे। क्या ऐसा विश्वास सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-10.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि लिखा है, 'पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूँ'" (1 पतरस 1:16)। "यीशु ने उनको उत्तर दिया, 'मैं तुम से सच सच कहता हूँ कि जो कोई पाप करता है वह पाप का दास है। दास सदा घर में नहीं रहता; पुत्र सदा रहता है'" (यूहन्ना 8:34-35)। "धन्य वे
- [परमेश्वर का अनुसरण करना क्या होता है? मनुष्य का अनुसरण करना क्या होता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-following-god.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर का अनुसरण करने में प्रमुख महत्व इस बात का है कि हर चीज़ आज परमेश्वर के वचनों के अनुसार होनी चाहिए: चाहे तुम जीवन प्रवेश का अनुसरण कर रहे हो या परमेश्वर की इच्छा की पूर्ति, सब कुछ आज परमेश्वर के वचनों के आसपास ही केंद्रित होना चाहिए। यदि जो
- [प्रभु यीशु कहते हैं: "मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं" (यूहन्ना 10:27)। तब समझ आया कि प्रभु अपनी भेड़ों को बुलाने के लिए वचन बोलने को लौटते हैं। प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बात है, प्रभु की वाणी सुनने की कोशिश करना। लेकिन अब, सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि हमें नहीं पता कि प्रभु की वाणी कैसे सुनें। हम परमेश्वर की वाणी और मनुष्य की आवाज़ के बीच भी अंतर नहीं कर पाते हैं। कृपया हमें बताइये कि हम प्रभु की वाणी की पक्की पहचान कैसे करें।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/listen-to-the-Lord-s-voice.html) - उत्तर: हम परमेश्वर की वाणी कैसे सुनते हैं? हममें कितने भी गुण हों, हमें कितना भी अनुभव हो, उससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। प्रभु यीशु में विश्वास करते हुए, उनके कई वचन सुनकर हमें कैसा लगता है? हालांकि हमें प्रभु के वचनों का कोई अनुभव या ज्ञान नहीं है, लेकिन उन्हें सुनते ही लगता है
- [प्रभु यीशु को क्रूस पर मनुष्यों के लिए पाप-बलि के रूप में कीलों से जड़ दिया गया था, जिससे हमें पाप से बचा लिया गया। अगर हम प्रभु यीशु से भटकते हैं और सर्वशक्तिमान परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, तो क्या यह प्रभु यीशु के प्रति विश्वासघात नहीं होगा? क्या यह धर्मत्याग नहीं होगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-name-2.html) - उत्तर: अंत के दिनों में अब, जब परमेश्वर ने नया कार्य किया और एक नया नाम ग्रहण किया है, तो यीशु के नाम को छोड़ कर और सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नाम को अपना कर हम परमेश्वर से धोखा कर रहे हैं या परमेश्वर के कार्य के साथ तालमेल बना रहे हैं? जब परमेश्वर नए कार्य
- [बचाए जाने के लिए लोगों को परमेश्वर के न्याय और उसकी ताड़ना का अनुभव कैसे करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-32.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: सारांश में, अपने विश्वास में पतरस के मार्ग को अपनाने का अर्थ है, सत्य को खोजने के मार्ग पर चलना, जो वास्तव में स्वयं को जानने और अपने स्वभाव को बदलने का मार्ग भी है। केवल पतरस के मार्ग पर चलने के द्वारा ही कोई परमेश्वर के द्वारा सिद्ध बनाए जाने
- [आप कहते हैं कि अंत के दिनों में न्याय के कार्य करने के लिए परमेश्वर देहधारी होते हैं। क्या बाइबल में इसका कोई आधार है, या क्या यह बाइबल की किन्हीं भविष्यवाणियों को पूरा करता है? बाइबल से जुड़े आधार के बिना, हमें इस पर विश्वास करने में इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-30.html) - उत्तर: परमेश्वर के कार्य की किसी भी प्रमुख घटना की भविष्यवाणी बाइबल में पहले से ही कर दी गई है, और प्रभु यीशु के दोबारा आगमन और अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य से संबंधित काफी भविष्यवाणियां हैं। लेकिन हमें यह समझना चाहिए कि भविष्यवाणियां लोगों को सिर्फ़ यह बताती हैं कि
- [क्या अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के न्याय का कार्य वही श्वेत सिंहासन का न्याय है जिसकी प्रकाशितवाक्य पुस्तक में भविष्यवाणी की गयी है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-29.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए" (1 पतरस 4:17)। "फिर मैं ने एक और स्वर्गदूत को आकाश के बीच में उड़ते हुए देखा, जिसके पास पृथ्वी पर के रहनेवालों की हर एक जाति, और कुल, और भाषा, और लोगों को
- [प्रभु यीशु ने हमें वचन दिया है कि, "जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नष्ट न हो, परंतु अनंत जीवन पाये।" परमेश्वर अपनी इस बात को कैसे पूरा करेंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-28.html) - बाइबल के प्रासंगिक पद: "वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ; और जो लोग उसकी बाट जोहते हैं उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप उठाए हुए दिखाई देगा" (इब्रानियों 9:28)। "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें
- [इस्राएलियों ने पीढ़ी दर पीढ़ी यहोवा पर विश्वास किया है, और प्रभु यीशु पर विश्वास करने वाले लोग पूरी दुनिया में पाए जा सकते हैं। चूँकि यहोवा, प्रभु यीशु, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर एक ही परमेश्वर हैं, आप यह क्यों कहते हैं कि चाहे लोग यहोवा या यीशु पर विश्वास करें, यदि वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के न्याय के कार्य को स्वीकार नहीं करते हैं, तो उन्हें हटा दिया जाएगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-27.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: चूँकि मनुष्य परमेश्वर में विश्वास करता है, इसलिए उसे परमेश्वर के पदचिह्नों का, कदम-दर-कदम, निकट से अनुसरण करना चाहिए; और उसे "जहाँ कहीं मेमना जाता है, उसका अनुसरण करना" चाहिए। केवल ऐसे लोग ही सच्चे मार्ग को खोजते हैं, केवल ऐसे लोग ही पवित्र आत्मा के कार्य को जानते हैं। जो
- [हम मानते हैं कि प्रभु यीशु उद्धारकर्ता है क्योंकि उसने हमारे पापों को क्षमा किया और हमें हमारे पापों से छुटकारा दिलाया। अब आप गवाही देते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंतिम दिनों का मसीह है, उद्धारकर्ता का प्रकटन है, वह सत्य को व्यक्त कर रहा है, और इंसान को पूरी तरह से शुद्ध करने और उसे बचाने के लिए, इंसान को शैतान के बुरे प्रभाव से मुक्त करने के लिए, परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को करता है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कैसे मनुष्य को पूरी तरह से शुद्ध करता और बचाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-26.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: वर्तमान देहधारण में परमेश्वर का कार्य मुख्य रूप से ताड़ना और न्याय के द्वारा अपने स्वभाव को व्यक्त करना है। इस नींव पर निर्माण करते हुए वह मनुष्य तक अधिक सत्य पहुँचाता है और उसे अभ्यास करने के और अधिक तरीके बताता है और ऐसा करके मनुष्य को जीतने और उसे
- [आप गवाही देते हैं कि परमेश्वर मनुष्य को पूरी तरह से शुद्ध करने और उसे बचाने के लिए अंतिम दिनों के दौरान न्याय का कार्य करता है, लेकिन मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए वचनों को पढ़ा है, और उनमें से कुछ काफ़ी कठोर हैं—वे मनुष्य की निंदा करते हैं और उसे शाप देते हैं। क्या यह मनुष्य की सजा नहीं है? इसे मनुष्य का न्याय और शुद्धिकरण कैसे कहा जा सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-25.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: युग का समापन करने के अपने अंतिम कार्य में, परमेश्वर का स्वभाव ताड़ना और न्याय का है, जिसमें वह वो सब प्रकट करता है जो अधार्मिक है, ताकि वह सार्वजनिक रूप से सभी लोगों का न्याय कर सके और उन लोगों को पूर्ण बना सके, जो सच्चे दिल से उसे प्यार
- [आप कहते हैं कि परमेश्वर अंतिम दिनों में मनुष्य का न्याय और शुद्धिकरण करने के लिए सत्य को व्यक्त करता है। पुराने और नए नियम, दोनों में, परमेश्वर मानव जाति का न्याय करने के वचन कहता है—परमेश्वर के न्याय ने मनुष्य को कभी नहीं छोड़ा है। क्या आप कह रहे हैं कि ये वचन मनुष्य का न्याय और शुद्धिकरण करने में असमर्थ हैं? अंतिम दिनों में परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए न्याय के वचनों, और बाइबल में दर्ज हुए इंसान का न्याय करने वाले परमेश्वर के वचनों, के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-24.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: "न्याय" शब्द का जिक्र होने पर संभवत: तुम उन वचनों के बारे में सोचोगे, जो यहोवा ने सभी स्थानों पर कहे थे और फटकार के जो वचन यीशु ने फरीसियों से कहे थे। अपनी समस्त कठोरता के बावजूद, ये वचन परमेश्वर द्वारा मनुष्य का न्याय नहीं थे; बल्कि वे विभिन्न परिस्थितियों,
- [आप कहते हैं कि यदि हम अंतिम दिनों के परमेश्वर के न्याय के कार्य को स्वीकार नहीं करते हैं, तो हमें शुद्ध नहीं किया जाएगा, और इस प्रकार हम परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने के योग्य नहीं होंगे। हम इस पर विश्वास नहीं करते हैं। हालाँकि हम अभी भी पाप करने में सक्षम हैं और देह से जकड़े हुए हैं, बाइबल में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है, "और यह क्षण भर में, पलक मारते ही अन्तिम तुरही फूँकते ही होगा। क्योंकि तुरही फूँकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जाएँगे, और हम बदल जाएँगे" (1 कुरिन्थियों 15:52)। हम मानते हैं कि परमेश्वर सर्वशक्तिमान है: परमेश्वर के एक ही कथन ने आकाश और पृथ्वी और सभी चीजों का निर्माण कर दिया था, और परमेश्वर का एक मात्र कथन मृत लोगों को उठा सकता है। जब परमेश्वर आएगा, तो वह एक क्षण में ही हमारे रूप को परिवर्तित करने में सक्षम होगा और हमें स्वर्ग के राज्य में उठा लेगा। इस तरह, हमारे लिए अंतिम दिनों में परमेश्वर देह बने, सत्य को व्यक्त करे और न्याय तथा शुद्धि का काम करे, इसकी आवश्यकता नहीं है।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-23.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए" (1 पतरस 4:17)। "यदि कोई मेरी बातें सुनकर न माने, तो मैं उसे दोषी नहीं ठहराता; क्योंकि मैं जगत को दोषी ठहराने के लिये नहीं, परन्तु जगत का उद्धार करने के लिये आया हूँ।
- [जब प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया, तब उन्होंने कहा, "पूरा हुआ," जो यह दर्शाता है कि मानवजाति के लिए परमेश्वर का उद्धार कार्य पूरा हो चुका था। फिर आप कैसे कह सकते हैं कि परमेश्वर ने मानवजाति को बचाने के लिए न्याय और शुद्धिकरण के कार्य का अगला चरण किया है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-22.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें
- [हम मानते हैं कि प्रकाशितवाक्य में जिसकी भविष्यवाणी की गई है उस महान श्वेत सिंहासन का लक्ष्य वे अविश्वासी हैं जो शैतान के होते हैं। जब प्रभु आता है, तो जो लोग उस पर विश्वास करते हैं, उन्हें स्वर्ग में उठाया जाएगा, जिसके बाद परमेश्वर अविश्वासियों को नष्ट करने के लिए आपदाओं की वृष्टि करेंगे। यही महान श्वेत सिंहासन का न्याय है, फिर भी आप गवाही देते हैं कि अंतिम दिनों के परमेश्वर का न्याय पहले ही शुरू हो चुका है। तो हमने परमेश्वर को अविश्वासियों का नाश करने के लिए आपदाओं को बरसाते क्यों नहीं देखा है? यह महान श्वेत सिंहासन का न्याय कैसे हो सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-21.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए" (1 पतरस 4:17)। "यदि कोई मेरी बातें सुनकर न माने, तो मैं उसे दोषी नहीं ठहराता; क्योंकि मैं जगत को दोषी ठहराने के लिये नहीं, परन्तु जगत का उद्धार करने के लिये आया हूँ।
- [हम मानते हैं कि महान श्वेत सिंहासन के न्याय का तात्पर्य स्वर्ग में परमेश्वर द्वारा स्थापित एक महान मेज से है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन भर में किए गए पापों को स्वीकार करने के लिए जमीन पर घुटने टेकता है, जिसके बाद परमेश्वर इसका निर्धारण करता है कि वे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करें, या नरक में उतरें। बहरहाल, आप गवाही देते हैं कि परमेश्वर पृथ्वी पर देह में आ गया है और यह कि वह सत्य को व्यक्त कर रहा और अंतिम दिनों के न्याय का कार्य कर रहा है। यह हमारी अपनी समझ से भिन्न क्यों है? परमेश्वर का अंतिम दिनों का न्याय आखिर किस बारे में है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-20.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए" (1 पतरस 4:17)। "यदि कोई मेरी बातें सुनकर न माने, तो मैं उसे दोषी नहीं ठहराता; क्योंकि मैं जगत को दोषी ठहराने के लिये नहीं, परन्तु जगत का उद्धार करने के लिये आया हूँ।
- [केवल सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने से ही उद्धार आ सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-18.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: जब यीशु मनुष्य के संसार में आया, तो उसने अनुग्रह के युग में प्रवेश कराया और व्यवस्था का युग समाप्त किया। अंत के दिनों के दौरान, परमेश्वर एक बार फिर देहधारी बन गया, और इस देहधारण के साथ उसने अनुग्रह का युग समाप्त किया और राज्य के युग में प्रवेश कराया।
- [जब यीशु लौटेंगे तो वे वास्तव में कौनसा कार्य करेंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-17.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें
- [जब प्रभु को सूली पर चढ़ाया गया, तो उन्होंने सहन किया और हमारे पापों को क्षमा कर दिया। इसलिए हमें पहले ही पवित्र रूप में पहचान लिया गया है और अब हम पापी नहीं हैं, और अब हम अंत के दिनों के परमेश्वर के न्याय और शुद्धिकरण के कार्य को स्वीकार करने की आवश्यकता के बिना परमेश्वर के परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर सकते हैंंI क्या ऐसा विश्वास करने में हम सही हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-16.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ; और जो लोग उसकी बाट जोहते हैं उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप उठाए हुए दिखाई देगा" (इब्रानियों 9:28)। "यीशु ने उनको उत्तर दिया, 'मैं तुम से सच सच कहता हूँ
- [क्रूस पर, प्रभु यीशु ने कहा, "पूरा हुआ" (यूहन्ना 19:30), इस तरह यह साबित करते हुए कि मानव जाति को बचाने का परमेश्वर का कार्य पूरी तरह से पूर्ण हो गया था। चूँकि हम प्रभु यीशु पर विश्वास करते हैं, हमारे पापों को पहले ही क्षमा कर दिया गया है, और हम अपने विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराए गए हैं। जब प्रभु आता है, तो हम सीधे स्वर्ग के राज्य में उठा लिए जाएँगे। परमेश्वर को फिर भी सच्चाई क्यों व्यक्त करनी चाहिए और मनुष्य के न्याय और शुद्धिकरण का कार्य क्यों करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-15.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ; और जो लोग उसकी बाट जोहते हैं उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप उठाए हुए दिखाई देगा" (इब्रानियों 9:28)। "क्योंकि सच्चाई की पहिचान प्राप्त करने के बाद यदि हम जान बूझकर
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंत के दिनों में अपने न्याय का कार्य कैसे करते हैं? वे अपने वचनों से इंसान का न्याय कैसे करते हैं, उसे शुद्ध कैसे करते हैं और उसे पूर्ण कैसे करते हैं? ये जानने के लिए हम बेताब हैं। अगर हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य समझते हैं, तो हम लोग सचमुच परमेश्वर की वाणी सुन सकते हैं और हमें परमेश्वर के सिंहासन के सामने उन्नत किया जा सकता है। हमें ज़रा और विस्तार से बताइये!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-13.html) - उत्तर: अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर अपना कार्य किस तरह करते हैं, इस बात को समझना सत्य का अनुसरण करके उद्धार पाने की हमारी क्षमता के लिए बहुत आवश्यक है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंत के दिनों में सत्य व्यक्त करके लोगों का न्याय और उन्हें शुद्ध करते हैं। वे मात्र अपने संतों को स्वर्ग के
- [आप इसका प्रमाण प्रस्तुत करते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर सत्य को अभिव्यक्त करते हैं और अंतिम दिनों में न्याय का अपना कार्य करते हैं। मुझे लगता है कि प्रभु यीशु में हमारा विश्वास और पवित्र आत्मा के कार्य की स्वीकृति का मतलब है कि हमने पहले से ही परमेश्वर के न्याय का अनुभव किया है। सबूत के तौर पर यहाँ प्रभु यीशु के वचन दिए गए हैं: "क्योंकि यदि मैं न जाऊँ तो वह सहायक तुम्हारे पास न आएगा; परन्तु यदि मैं जाऊँगा, तो उसे तुम्हारे पास भेजूँगा। वह आकर संसार को पाप और धार्मिकता और न्याय के विषय में निरुत्तर करेगा" (यूहन्ना 16:7-8)। हमारा मानना है कि, हालांकि प्रभु यीशु का कार्य छुटकारे का कार्य था, जब वे स्वर्ग तक पहुंच गए तो पेन्तेकोस्त के दिन, पवित्र आत्मा उतर आया और उसने मनुष्यों पर काम किया: "वह आकर संसार को पाप और धार्मिकता और न्याय के विषय में निरुत्तर करेगा।" यह आखिरी दिनों में परमेश्वर के न्याय का कार्य होना चाहिए, इसलिए हम जिस बात को जानना चाहते हैं, वो यह है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा अंतिम दिनों में किए गए न्याय के कार्य और प्रभु यीशु के कार्य के बीच वास्तव में क्या भिन्नताएँ हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-12.html) - उत्तर: चूंकि आप सब यह मानते हैं कि प्रभु यीशु ने जो कार्य किया वह छुटकारे का था, और जो मार्ग उन्होंने दिखाया, वह था, "मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है" (मत्ती 4:17), तो फिर आप सबने यह कैसे निर्धारित कर लिया कि पवित्र आत्मा पिंतेकुस्त में आया था, अंत के दिनों
- [आप सबने गवाही दी है कि प्रभु यीशु अंत के दिनों में सत्य व्यक्त करने और न्याय कार्य करने लौट आये हैं। मैं यह क्यों नहीं समझ पाया? मैं बस विश्वास करता हूँ कि प्रभु बादलों पर लौटेंगे; मैं केवल यह विश्वास करता हूँ कि जब प्रभु लौटेंगे, तो उसमें विश्वास करने वाले सभी लोग तुरंत बदल दिए जायेंगे और प्रभु से मिलने के लिए हवा में उठा लिए जायेंगे। जैसा कि पौलुस ने कहा, "पर हमारा स्वदेश स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहाँ से आने की बाट जोह रहे हैं: वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिसके द्वारा वह सब वस्तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन-हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा" (फिलिप्पियों 3:20-21)। और आप सब कहते हैं कि प्रभु का लौटना देहधारण के लिए है, मनुष्य के पुत्र के रूप में प्रकट होने के लिए है और सत्य व्यक्त करके अंत के दिनों में न्याय कार्य करने के लिए है। मैं समझता हूँ, यह असंभव है! चूंकि परमेश्वर सर्वशक्तिमान हैं, परमेश्वर के एक अकेले वचन ने स्वर्ग, पृथ्वी और सभी चीज़ों की सृष्टि की, और मरे हुओं को फिर से जीवित कर दिया। परमेश्वर एक वचन से हमें पवित्रता में बदल सकते हैं। सत्य व्यक्त करके मनुष्य के साथ न्याय और शुद्धिकरण करने के लिए, प्रभु को देहधारण करने की क्या ज़रूरत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-11.html) - उत्तर: परमेश्वर का कार्य सदा अथाह होता है। परमेश्वर की भविष्यवाणियों को कोई भी स्पष्टता से नहीं समझा सकता। मनुष्य साकार होने पर ही किसी भविष्यवाणी को समझ सकता है। इसका क्या अर्थ है? इसका अर्थ है कि कोई भी परमेश्वर की बुद्धिमत्ता और सर्वशक्तिमत्ता की थाह नहीं पा सकता। जब अनुग्रह के युग में
- [तुम्हारा कहना है कि अगर लोग पाप-मुक्त और निर्मल होना चाहते हैं, तो उन्हें सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के न्याय के कार्य को स्वीकार करना होगा। वैसे, परमेश्वर अंत के दिनों में लोगों का न्याय और उन्हें निर्मल कैसे करते हैं? इतने सालों से मैं परमेश्वर में विश्वास करता आ रहा हूं, तो मैं सोच रहा था कि कितना अच्छा हो, अगर कभी ऐसा समय आए जब लोग पाप करना ही छोड़ दें। तब मुझे लगा जीवन परेशानियों से मुक्त होगा!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-9.html) - उत्तर: जहां तक इस बात का सवाल है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंत के दिनों में किस तरह लोगों का न्याय करते हैं और उन्हें निर्मल करते हैं, तो आइये, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कुछ वचनों को पढ़ते हैं! सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "वर्तमान देहधारण में परमेश्वर का कार्य मुख्य रूप से ताड़ना और न्याय के द्वारा
- [कलीसिया की सभाओं में पादरी और एल्डर अक्सर कहते हैं कि प्रभु यीशु की सूली पर कही बात "पूरा हुआ" ये साबित करती है कि मानवजाति को बचाने का कार्य पूरा हो चुका है, और यह कि सिर्फ प्रभु यीशु में विश्वास करके और उनके समक्ष अपने पापों को स्वीकार करने से ही हमारे पाप माफ़ कर दिये जाएंगे, और प्रभु आगे से हमें पापियों की तरह नहीं देखेंगे। हम केवल आस्था से ही उचित ठहराये जाते हैं और अनुग्रह से बचाये जाते हैं। प्रभु अपने वापस आने पर हमें स्वर्ग के राज्य में ले लेंगे, और संभवत: वे मानवजाति को बचाने का काम आगे बढ़ाने के लिए नहीं लौटेंगे। मुझे लगता है कि पादरी और एल्डर की यह समझ स्वीकार्य नहीं है। हाँ, आखिर प्रभु यीशु ने जब सूली पर कहा, "पूरा हुआ", तो वे किस बारे में कह रहे थे? अंत के दिनों में सत्य को व्यक्त करने, न्याय का कार्य करने और मनुष्य को शुद्ध करने के लिए परमेश्वर को वापस आने की क्या ज़रूरत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-6.html) - उत्तर: जब प्रभु यीशु ने सूली पर कहा था "पूरा हुआ", तब वास्तव में वे किस बारे में ऐसा कह रहे थे? क्या उनका मतलब था कि छुटकारे का कार्य पूरा हो गया है, या वे कहना चाहते थे कि परमेश्वर का मानवजाति को पूरी तरह से बचाने का कार्य पूरा हो चुका है? क्या
- [हम पौलुस के उदाहरण का अनुसरण करते हैं और हम प्रभु के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, सुसमाचार फैलाते हैं और प्रभु के लिए गवाही देते हैं, और पौलुस की तरह प्रभु की कलिसियाओं की चरवाही करते हैं: "मैं अच्छी कुश्ती लड़ चुका हूँ, मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है" (2 तीमुथियुस 4:7)। क्या यह परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करना नहीं है? इस तरह से अभ्यास करने का अर्थ यह होना चाहिए कि हम स्वर्गारोहित होने और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के योग्य हैं, तो हमें स्वर्ग के राज्य में लाये जाने से पहले परमेश्वर के अंतिम दिनों के न्याय और शुद्धि के कार्य को क्यों स्वीकार करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-5.html) - उत्तर: यह सवाल बड़ा अहम है। इसमें पूछा गया है कि क्या प्रभु में विश्वास करके किसी को स्वर्ग के राज्य तक पहुंचाया जा सकता है। प्रभु में विश्वास करने वाले बहुत से लोग समझते हैं कि प्रभु के लिए मेहनत करने और स्वयं को खपाने वाले पौलुस के मार्ग पर चलना प्रभु के मार्ग
- [तुम कहते हो कि जो लोग परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, उन्हें परमेश्वर के अंतिम दिनों के न्याय के कार्य को स्वीकार करना चाहिए और उसके बाद ही उनके भ्रष्ट स्वभाव शुद्ध हो सकते हैं और स्वयं वे परमेश्वर द्वारा बचाए जा सकते हैं। परन्तु हम, परमेश्वर की अपेक्षाओं के अनुसार, नम्रता और धैर्य का अभ्यास करते हैं, हमारे दुश्मनों से प्रेम करते हैं, हमारे क्रूसों को उठाते हैं, संसार की चीजों को त्याग देते हैं, और हम परमेश्वर के लिए काम करते हैं और प्रचार करते हैं, इत्यादि। तो क्या ये सभी हमारे बदलाव नहीं हैं? हमने हमेशा इस तरह से चाह की है, तो क्या हम भी शुद्धि तथा स्वर्गारोहण को प्राप्त नहीं कर सकते और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकते?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-4.html) - उत्तर: हम अपने शत्रुओं से प्रेम कर सकते हैं, क्रूस उठा सकते हैं, अपनी देह पर विजय प्राप्त कर सकते हैं, और प्रभु के सुसमाचार का प्रसार कर सकते हैं। ये प्रभु में हमारे विश्वास के कारण उत्पन्न होने वाले सकारात्मक आचार हैं, और इस प्रकार आचरण करने में समर्थ होने से यह प्रकट होता
- [तुम यह गवाही देते हो कि परमेश्वर ने सत्य को व्यक्त करने के लिए और आखिरी दिनों में मनुष्य के न्याय और शुद्धि के कार्य को करने के लिए वापस देहधारण किया है, लेकिन धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का विश्वास है कि परमेश्वर बादलों के साथ वापस लौटेगा, और जो लोग प्रभु में विश्वास करते हैं, वे एक पल में रूपांतरित हो जाएँगे और बादलों में परमेश्वर के साथ मिलने के लिए स्वर्गारोहित होंगे, जैसा कि पौलुस ने कहा था: "पर हमारा स्वदेश स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहाँ से आने की बाट जोह रहे हैं। वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिसके द्वारा वह सब वस्तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन-हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा" (फिलिप्पियों 3:20-21)। परमेश्वर सर्वशक्तिमान है और ऐसा कुछ भी नहीं है जो वह नहीं कर सकता है। परमेश्वर हमें बदल देगा और हमें पवित्र बना देगा, वह सिर्फ एक ही वचन के साथ इसे प्राप्त कर लेगा। तो फिर उसे सत्य व्यक्त करने और मनुष्य के न्याय और शुद्धि के कार्य के एक चरण को पूरा करने के लिए अब भी देह बनने की आवश्यकता क्यों है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-3.html) - उत्तर: परमेश्वर का कार्य सदा अथाह होता है। परमेश्वर की भविष्यवाणियों को कोई भी स्पष्टता से नहीं समझा सकता। मनुष्य साकार होने पर ही किसी भविष्यवाणी को समझ सकता है। इसका क्या अर्थ है? इसका अर्थ है कि कोई भी परमेश्वर की बुद्धिमत्ता और सर्वशक्तिमत्ता की थाह नहीं पा सकता। जब अनुग्रह के युग में
- [हमने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ा है और पाया है कि ऐसी कुछ बातें हैं जो बहुत कठोर हैं। वे मानव जाति का न्याय, निंदा और अभिशाप हैं। मुझे लगता है कि अगर परमेश्वर न्याय करते हैं और लोगों को शाप देते हैं, तो क्या यह उनकी निंदा और सज़ा के समान नहीं है? यह कैसे कहा जा सकता है कि इस तरह का न्याय मानव जाति को शुद्ध करने और बचाने के लिए है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-2.html) - उत्तर: अंत के दिनों में, परमेश्वर सत्य को व्यक्त करने और विजेताओं का एक समूह बनाने के लिए न्याय का कार्य करते हैं, ऐसे लोगों का एक समूह जो परमेश्वर के साथ एकमना और एकदिल हैं। यह तभी तय कर लिया गया था जब परमेश्वर ने दुनिया बनायी थी। लेकिन ऐसे कुछ व्यक्ति हैं जो
- [बाइबल कहती है: "क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुँह से अंगीकार किया जाता है" (रोमियों 10:10)। हम मानते हैं कि प्रभु यीशु ने हमारे पापों को क्षमा कर दिया है और विश्वास के द्वारा हमें धर्मी बना दिया है। इसके अलावा, हम मानते हैं कि अगर किसी को एक बार बचाया जाता है, तो वे हमेशा के लिए बचा लिए जाते हैं, और जब परमेश्वर वापस आएगा तो हम तुरंत स्वर्गारोहित हो जाएँगे और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेंगे। तो तुम क्यों गवाही दे रहे हो कि बचाए जाने और स्वर्ग के राज्य में लाये जाने से पहले हमें आखिरी दिनों के परमेश्वर के न्याय को स्वीकार करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/gospel-truth-14.html) - उत्तर: प्रभु के सभी विश्वासियों का मानना है: प्रभु यीशु ने सलीब पर दम तोड़कर हमें मुक्ति दिला दी, तो हम पहले से ही सभी पापों से मुक्त हो चुके हैं। प्रभु अब हमें पापी नहीं मानते। हम अपने विश्वास के ज़रिये धर्मी बन गए हैं। अगर हम अंत तक सहन करते रहे तो हम
- [परमेश्वर को भिन्न-भिन्न युगों में भिन्न-भिन्न नामों से क्यों पुकारा जाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-name-7.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: प्रत्येक युग में परमेश्वर नया कार्य करता है और उसे एक नए नाम से बुलाया जाता है; वह भिन्न-भिन्न युगों में एक ही कार्य कैसे कर सकता है? वह पुराने से कैसे चिपका रह सकता है? यीशु का नाम छुटकारे के कार्य के वास्ते लिया गया था, तो क्या जब वह
- [परमेश्वर नामों को क्यों अपनाता है, क्या एक ही नाम परमेश्वर की सम्पूर्णता का प्रतिनिधित्व कर सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-name-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: क्या यीशु का नाम—"परमेश्वर हमारे साथ"—परमेश्वर के स्वभाव को उसकी समग्रता से व्यक्त करता है? क्या यह पूरी तरह से परमेश्वर को स्पष्ट कर सकता है? यदि मनुष्य कहता है कि परमेश्वर को केवल यीशु कहा जा सकता है, और उसका कोई अन्य नाम नहीं हो सकता क्योंकि परमेश्वर अपना स्वभाव
- [आप इस बात की गवाही देते हैं कि विभिन्न युगों में यहोवा, प्रभु यीशु और सर्वशक्तिमान परमेश्वर ये सभी परमेश्वर के नाम हैं। मैं यह पूछना चाहता हूँ कि परमेश्वर अलग-अलग युगों में अलग-अलग नामों को क्यों अपनाता है? इसका क्या महत्व है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-name-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: प्रत्येक युग में स्वयं परमेश्वर द्वारा किए गए कार्य में उसके सच्चे स्वभाव की अभिव्यक्ति शामिल रहती है, और उसका नाम और उसका कार्य दोनों युग के साथ बदल जाते हैं—वे सब नए होते हैं। व्यवस्था के युग के दौरान यहोवा के नाम से मानवजाति का मार्गदर्शन करने का कार्य किया
- [आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु अंतिम दिनों में लौट आया है और उसका एक नया नाम है, सर्वशक्तिमान परमेश्वर। यह कैसे हो सकता है? बाइबल स्पष्ट रूप से कहती है, "किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिसके द्वारा हम उद्धार पा सकें" (प्रेरितों 4:12)। "यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एक–सा है" (इब्रानियों 13:8)। हम मानते हैं कि प्रभु यीशु का नाम कभी नहीं बदल सकता है, और यह कि उनकी वापसी पर उन्हें किसी अन्य नाम से नहीं पुकारा जा सकता है।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-name-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो जय पाए उसे मैं अपने परमेश्वर के मन्दिर में एक खंभा बनाऊँगा, और वह फिर कभी बाहर न निकलेगा; और मैं अपने परमेश्वर का नाम और अपने परमेश्वर के नगर अर्थात् नये यरूशलेम का नाम, जो मेरे परमेश्वर के पास से स्वर्ग पर से उतरनेवाला है, और अपना
- [जैसा कि बाइबल में दर्ज़ है, "यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एक–सा है" (इब्रानियों 13:8)। यह दर्शाता है कि परमेश्वर का नाम कभी नहीं बदलेगा। फिर तुम इस बात की गवाही क्यों देते हो कि जब प्रभु अंत के दिनों में लौटता है, तब उसका एक नया नाम है, और वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहलाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-name-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो जय पाए उसे मैं अपने परमेश्वर के मन्दिर में एक खंभा बनाऊँगा, और वह फिर कभी बाहर न निकलेगा; और मैं अपने परमेश्वर का नाम और अपने परमेश्वर के नगर अर्थात् नये यरूशलेम का नाम, जो मेरे परमेश्वर के पास से स्वर्ग पर से उतरनेवाला है, और अपना
- [बचाए जाने और पूर्ण उद्धार पाने के बीच मूलभूत अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/being-saved-and-true-salvation-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: अंत के दिनों का कार्य वचन बोलना है। वचनों के माध्यम से मनुष्य में बड़े परिवर्तन किए जा सकते हैं। इन वचनों को स्वीकार करने पर लोगों में अब जो परिवर्तन हुए हैं, वे उन परिवर्तनों से बहुत अधिक बड़े हैं, जो चिह्न और चमत्कार स्वीकार करने पर अनुग्रह के युग
- [बचाया जाना और पूर्ण उद्धार पाना क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/being-saved-and-true-salvation-5.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो विश्वास करे और बपतिस्मा ले उसी का उद्धार होगा, परन्तु जो विश्वास न करेगा वह दोषी ठहराया जाएगा" (मरकुस 16:16)। "क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है" (मत्ती 26:28)। "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे
- [हमने हमेशा यह माना है कि प्रभु यीशु में हमारे विश्वास के माध्यम से हमारे पापों के लिए क्षमा पाना, उद्धार की कृपा को प्राप्त करना है, फिर भी आप कहते हैं कि "बचाए जाने" का अर्थ सच्चा उद्धार नहीं है। तो फिर बचाए जाने का क्या अर्थ है, और पूरी तरह से बचाए जाने का क्या मतलब है? बचाए जाने और पूरी तरह से बचाए जाने के बीच सारभूत अंतर क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/being-saved-and-true-salvation-4.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो विश्वास करे और बपतिस्मा ले उसी का उद्धार होगा, परन्तु जो विश्वास न करेगा वह दोषी ठहराया जाएगा" (मरकुस 16:16)। "क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है" (मत्ती 26:28)। "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे
- [लोग पापी होते हैं लेकिन प्रभु यीशु को अपने पाप अर्पित करना हमेशा कारगर सिद्ध होता है। अगर हम प्रभु यीशु के सामने अपने पाप स्वीकार कर लें तो वो हमें क्षमा कर देंगे। हम प्रभु की नज़रों में पापरहित हैं, इसलिये हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश पा सकते हैं!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/being-saved-and-true-salvation-2.html) - उत्तर: प्रभु यीशु ने इंसान के पापों को क्षमा कर दिया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि इंसान के कोई पाप ही नहीं हैं। इसका मतलब ये नहीं कि इंसान को उसके पापों के नियंत्रण से आज़ादी मिल गई या वो पवित्र हो गया है। प्रभु यीशु इंसान के पापों को क्षमा कर देते
- [ऐसा लिखा है, "अत: अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं ..." (रोमियों 8:1)। चूँकि हम मसीह यीशु को मानते हैं, तो पहले ही ये गारंटी दे दी गई है कि हम तिरस्कृत नहीं किए जाएंगे और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकेंगे।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/being-saved-and-true-salvation-1.html) - उत्तर: तुम्हें लगता है जो यीशु मसीह में विश्वास करता है, वो तो पहले ही यीशु मसीह में है। ये इंसानी धारणा है। "जो मसीह यीशु में हैं" का मतलब प्रभु यीशु में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति नहीं है प्रभु यीशु में आस्था रखने वाले अधिकतर व्यक्ति परमेश्वर की प्रशंसा नहीं पा सकते, जैसा
- [एक सच्चे परमेश्वर को त्रिविध परमेश्वर के रूप में परिभाषित करना परमेश्वर की अवहेलना और निंदा करना है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/questions-and-answers-on-the-trinity-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मैं बताता हूँ कि वास्तव में, ब्रह्मांड में कहीं भी त्रयात्मक परमेश्वर का अस्तित्व नहीं है। परमेश्वर का न पिता है और न पुत्र, और इस ख्याल का तो और भी वजूद नहीं है कि पिता और पुत्र संयुक्त तौर पर पवित्र आत्मा का उपकरण के रूप में उपयोग करते हैं।
- [स्वर्ग, पृथ्वी और सभी चीज़ों को बनाने वाला सच्चा परमेश्वर एक है या तीन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/questions-and-answers-on-the-trinity-4.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है" (व्यवस्थाविवरण 6:4)। "यीशु ने उससे कहा, 'मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता। यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते; और अब
- [दो हज़ार वर्षों से, पूरे धार्मिक समुदाय ने त्रित्व में विश्वास किया है: पवित्र पिता, पवित्र पुत्र और पवित्र आत्मा। त्रित्व समस्त ईसाई धर्म के केंद्रीय सिद्धांतों में से एक है, तो आप क्यों कहते हैं कि त्रित्व धार्मिक दुनिया की सबसे बड़ी भ्रान्ति है, और यह कि त्रित्व का तो बस कोई अस्तित्व ही नहीं है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/questions-and-answers-on-the-trinity-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "यीशु ने उससे कहा, 'मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता। यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते; और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है।' फिलिप्पुस ने उससे कहा, 'हे
- [यह क्यों कहा जाता है कि "त्रिविध परमेश्वर" सबसे बेतुका वाक्यांश है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/questions-and-answers-on-the-trinity-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: यीशु के देहधारी होने का सत्य अस्तित्व में आने के बाद, मनुष्य का मानना था: न केवल पिता स्वर्ग में है, बल्कि पुत्र भी है और यहां तक कि आत्मा भी है। यह पारंपरिक धारणा है, जिसे मनुष्य धारण किए है कि इस तरह का एक परमेश्वर स्वर्ग में हैः एक
- [हम मानते हैं कि बुद्धिमान कुँवारियों द्वारा तेल तैयार करने का अर्थ है प्रार्थना में अचल होना, धर्मशास्त्रों का पढ़ना, और सभा में उपस्थित होना, प्रभु के लिए यत्नपूर्वक काम करना, और सतर्कता से प्रभु की वापसी की प्रतीक्षा करना। एक बुद्धिमान कुँवारी होने का मतलब यही है, और जब परमेश्वर लौटता है, तो हम दूल्हे का स्वागत करेंगे और मेम्ने की दावत में भाग लेंगे।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-17.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "आधी रात को धूम मची: 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो।' तब वे सब कुँवारियाँ उठकर अपनी मशालें ठीक करने लगीं। और मूर्खों ने समझदारों से कहा, 'अपने तेल में से कुछ हमें भी दो, क्योंकि हमारी मशालें बुझी जा रही हैं।' परन्तु समझदारों
- [आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु देह में लौट आया है। तो अब प्रभु कहाँ है? हमने उसे क्यों नहीं देखा है? देखना ही विश्वास करना है, इसलिए यह तथ्य कि हमने उसे नहीं देखा है, यह साबित करता है कि प्रभु अभी तक लौटा नहीं है। जब मैं इसे देखूँगी/देखूँगा, तभी मुझे विश्वास होगा।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-15.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "यीशु ने उससे कहा, 'मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता। यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते; और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है।' फिलिप्पुस ने उससे कहा, 'हे
- [प्रभु की वापसी के विषय में बाइबल में दी गई भविष्यवाणियाँ अब काफी हद तक पूरी हो चुकी हैं, और प्रभु यहाँ पहले से ही आ चुका हो सकता है। हम देखते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन गवाही दे रही है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु यीशु की वापसी है, और सभी धर्मों और संप्रदायों के कई लोग जो वास्तव में प्रभु में विश्वास करते हैं और जो परमेश्वर के प्रकटन के लिए तरसते हैं, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास लौट आए हैं। हम जानना चाहेंगे कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर, परमेश्वर का प्रकटन है या नहीं।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-14.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था" (यूहन्ना 1:1)। "मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता" (यूहन्ना 14:6)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर का प्रकटन व्यक्तिगत रूप से अपना कार्य करने
- [विभिन्न धार्मिक संप्रदाय अब धार्मिक अनुष्ठान का कर्तव्यनिष्ठा से पालन करते हुए दिखाई देते हैं, लेकिन पादरी केवल बाइबल और धर्मशास्त्रीय सिद्धांतों के शब्दों और वाक्यांशों का प्रचार करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, और पवित्र आत्मा के ज्ञान और रोशनी का पूरी तरह से अभाव होता है। विश्वासियों का जीवन पूरी तरह से प्रावधान-रहित है। उन्होंने कई वर्षों से प्रभु पर विश्वास किया है लेकिन वे सत्य से अनभिज्ञ हैं और प्रभु के वचनों को अभ्यास में लाने में असमर्थ हैं। प्रभु में उनकी आस्था एक धार्मिक मान्यता के अलावा कुछ नहीं है। मुझे समझ नहीं आता कि आज कलीसियाएँ धर्म में क्यों उतर आईं हैं।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-13.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर के कार्य के प्रत्येक चरण में मनुष्य से तद्नुरूपी अपेक्षाएँ भी होती हैं। जो लोग पवित्र आत्मा की धारा के भीतर हैं, वे सभी पवित्र आत्मा की उपस्थिति और अनुशासन के अधीन हैं, और जो पवित्र आत्मा की मुख्य धारा में नहीं हैं, वे शैतान के नियंत्रण में और पवित्र
- [आज, धार्मिक दुनिया के कई लोगों को लगता है कि पादरी के प्रचारों में कोई प्रकाश नहीं होता है। वे विश्वासियों के विश्वास को कम होते हुए देखते हैं, लोग केवल भौतिक सुखों की चर्चा करते हैं और संसार के प्रचलनों का पीछा करते हैं, और कुछ लोग कलीसियाओं में व्यापार भी करते हैं। उन्हें चिंता है कि उनकी कलीसिया एक झूठी कलीसिया है, और जब प्रभु लौटेगा, तो वह उन्हें त्याग देगा। लेकिन ऐसे लोग भी हैं जो मानते हैं कि उनकी कलीसिया संभवत: झूठी कलीसिया नहीं हो सकती क्योंकि वे बाइबल पर प्रतियोगिताओं, पवित्र भोज और विभिन्न त्योहारों के उत्सव जैसी जीवंत घटनाओं को आयोजित करते हैं। तो हमें झूठी कलीसियाओं की पहचान कैसे करनी चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-12.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "यीशु ने परमेश्वर के मन्दिर में जाकर उन सब को, जो मन्दिर में लेन-देन कर रहे थे, निकाल दिया, और सर्राफों के पीढ़े और कबूतर बेचनेवालों की चौकियाँ उलट दीं ; और उनसे कहा, लिखा है, मेरा घर प्रार्थना का घर कहलाएगा’; परन्तु तुम उसे डाकुओं की खोह बनाते
- [सीसीपी सरकार के शासन में, लोग गिरफ़्तार हो सकते हैं, उन पर अत्याचार हो सकते हैं और सच्चे मार्ग को स्वीकार करने के लिए उन्हें मार भी दिया जा सकता है। मुझे समझ नहीं आता कि सीसीपी सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य से इतनी भयभीत क्यों है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-10.html) - उत्तर: सीसीपी सरकार अब पूरे देश में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को पूरी तरह दबाने के लिए, मसीह का उग्रतापूर्वक पीछा करते हुए, परमेश्वर के चुने हुए लोगों को पकड़ने और उनपर अत्याचार करने के लिए जाल फैला रही है। चीन में सच्चे परमेश्वर में विश्वास करना और अपने कर्तव्यों को पूरा करना, वाकई बहुत
- [मैं सोचा करती थी कि सीसीपी के दिन अब सीमित हैं और शीघ्र ही उसका पतन हो जाएगा, अगर विश्वास करने से पूर्व मैं उसके पतन की प्रतीक्षा करूं, तो क्या ढेरों मुश्किलों से मेरा बचाव नहीं हो जाएगा? लेकिन मैं अब देख रही हूं कि हमें प्रताड़ित और गिरफ़्तार करने में सीसीपी का उद्देश्य हमें नरक में भेजना है! अगर हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने के पूर्व सीसीपी के नष्ट होने की प्रतीक्षा करते हैं, तो भी क्या हम अंत के दिनों में परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर परमेश्वर का उद्धार पा सकेंगे? क्या हम उद्धार का हमारा अवसर खो देंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-8.html) - उत्तर: आज, क्योंकि हम परमेश्वर में विश्वास करते हैं, सत्य की खोज करते हैं और जीवन में सच्चे मार्ग पर चलते हैं, हम सीसीपी के उग्र अत्याचार और उत्पीड़न का सामना करते हैं। ये बहुत अर्थपूर्ण बात है! ऐसा इसलिये कि परमेश्वर सीसीपी की शैतानी सत्ता का उपयोग विजेताओं के एक समूह को पूर्ण करने
- [एल्डर्स (गुरूजनों) तथा पादरियों को पता लगा है कि आप हमें सर्वशक्तिमान परमेश्वर की गवाही देते रहे हैं। वे चारों ओर पाखंड और झूठ फैला रहे हैं और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की निंदा कर रहे हैं। उन्होंने कलीसिया को बंद कर दिया और हमारे भाईयों और बहनों जो कि आपके उपदेश सुनने की कोशिश करते हैं, को परेशान करना और रोकना शुरू कर दिया है। वे हमें अपनी आंख के कांटों के रूप में देखते हैं और हमसे सबसे अधिक घृणा करते हैं। वे यह भी कह रहे हैं कि वे सभी जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करते हैं, कलीसिया से निष्कासित कर दिये जायेंगे। कलीसिया स्पष्ट रूप से दो वर्गों में विभाजित हो चुकी है। कुछ भाई बहन हमारे साथ सत्य के मार्ग का अध्ययन करना चाहते हैं। अन्य लोग चमकती पूर्वी बिजली का विरोध और निंदा करने में पादरियों और एल्डर्स (गुरूजनों) का अनुसरण कर रहे हैं। वे हमारे साथ अपने शत्रुओं जैसा व्यवहार भी करते हैं। इन थोड़े ही दिनों में कलीसिया इतनी ज्यादा कैसे बदल गई है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-6.html) - उत्तर: अब हम जो अनुभव कर रहे हैं, वह एक आध्यात्मिक युद्ध है! मैं ऐसा क्यों कहता हूँ? दरअसल, हर बार जब अपना कार्य करने के लिए परमेश्वर अवतरण लेकर प्रगट होते हैं, शैतान की दुष्ट शक्तियां कट्टरतापूर्वक उनका विरोध और निंदा करेंगी। इससे स्वाभाविकरूप से आध्यात्मिक युद्ध का मार्ग प्रशस्त होता है। यह धार्मिक
- [लेकिन प्रभु यीशु, जिनमें हम विश्वास करते हैं, वे देहधारी परमेश्वर हैं। प्रभु यीशु ने परमेश्वर का छुटकारे का कार्य पूरा किया, कोई भी इससे इनकार करने की हिम्मत नहीं करता, लेकिन ये सर्वशक्तिमान परमेश्वर जिनमें आप लोग विश्वास करते हैं, अनिवार्य रूप से परमेश्वर का देह धारण नहीं हैं, क्योंकि बाइबल में सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कोई भी उल्लेख नहीं है। तो इसलिए, धार्मिक संसार के पादरी और एल्डर्स कहते हैं कि आप लोग जिनमें विश्वास करते हैं, वे सिर्फ़ एक मनुष्य हैं, यह कि आप लोगों को मूर्ख बनाया गया है। सिर्फ़ प्रभु यीशु, जिनमें हम विश्वास करते हैं, वे ही मसीह हैं, परमेश्वर के पुत्र हैं! आप लोग जिन सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करते हैं, वे सिर्फ़ एक मनुष्य हैं, यह अन्यथा कैसे हो सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/other-categories-4.html) - उत्तर: परमेश्वर के देह धारण के रूप में प्रभु यीशु में आप लोगों का विश्वास झूठा नहीं है। लेकिन आप लोग प्रभु यीशु में विश्वास क्यों करते हैं? क्या आप लोगों को सचमुच लगता है कि प्रभु यीशु परमेश्वर हैं? आप लोग बाइबल में दर्ज़ बातों के कारण और पवित्र आत्मा के कार्य के कारण
- [आप कहते हैं कि सिर्फ़ परमेश्वर की इच्छा का पालन करने वाले अनन्त जीवन का मार्ग पाते हैं। जब हमने प्रभु में विश्वास करना शुरू किया था, तो हमने प्रभु का सुसमाचार फैलाने के लिए काफी कष्ट सहा और इसकी कीमत चुकाई। हम प्रभु के झुंड के चरवाहे बने, क्रूस उठाया और प्रभु का अनुसरण किया, हमने नम्रता, धैर्य और सहिष्णुता का पालन किया। क्या आप ये कह रहे हैं कि हम परमेश्वर की इच्छा का पालन नहीं कर रहे हैं? हम जानते हैं कि अगर हम इसे जारी रखते हैं, तो हम पवित्र हो जायेंगे और स्वर्ग के राज्य में स्वर्गारोहित किये जायेंगे। क्या आपका मतलब है कि प्रभु के वचनों को इस तरह समझना और उनको अमल में लाना गलत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-12.html) - उत्तर: आपकी धारणा है कि अगर आप श्रम, त्याग, या अच्छे कर्म करते हैं, तो आप परमेश्वर की इच्छा का पालन कर रहे हैं। लेकिन क्या आपकी ये काल्पनिक धारणाएं परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप हैं? क्या उनके पास परमेश्वर के वचनों का आधार है? आइए देखते हैं कि प्रभु यीशु ने क्या कहा था:
- [हम सभी ने कई वर्षों तक प्रभु में विश्वास किया है, और प्रभु के लिए अपने कार्य में हमेशा पौलुस के उदाहरण का पालन किया है। हम प्रभु के नाम और उनके मार्ग के प्रति निष्ठावान रहे हैं, और धार्मिकता का ताज निश्चय ही हमारी प्रतीक्षा कर रहा है। आज, हमें केवल प्रभु के लिए कड़ी मेहनत करने और उनकी वापसी की ओर देखने की आवश्यकता है। केवल इस प्रकार से ही हमें स्वर्ग का राज्य में ले जाया जा सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बाइबल में ऐसा कहा गया है कि "मेरी बाट जोहनेवाले कभी लज्जित न होंगे" (यशायाह 49:23)। हमें प्रभु के वादे में विश्वास है: वे अपने लौटने पर हमें स्वर्ग का राज्य में ले जाएँगे। क्या इस ढंग से कार्य-अभ्यास करने में वास्तव में कुछ गलत हो सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-3.html) - उत्तर: प्रभु के आगमन के लिए प्रतीक्षा करने में, ज्यादातर लोग यह मानते हैं कि सीधे स्वर्ग का राज्य में ले जाए जाने के लिए उन्हें केवल प्रभु के लिए कड़ी मेहनत करने और प्रभु के आगमन पर पौलुस के उदाहरण का अनुसरण करने की जरूरत है। इस तरह से कार्य-अभ्यास करना उन्हें सही लगता
- [अगर हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार कर लें तो क्या गारंटी है कि हम स्वर्ग के राज्य में प्रवेश पा जाएंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/requirements-for-entering-the-heavenly-kingdom-1.html) - उत्तर: सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने इस सवाल का जवाब बहुत साफ-साफ दिया है। आओ उन्होंने जो कहा है पहले उस पर नज़र डाल लें। "यीशु की वापसी उन लोगों के लिए एक महान उद्धार है, जो सत्य को स्वीकार करने में सक्षम हैं, पर उनके लिए जो सत्य को स्वीकार करने में असमर्थ हैं, यह दंडाज्ञा
- [जब से CCP सत्ता में आई है, यह धार्मिक विश्वास के उत्पीड़न में अनवरत रही है। इसके द्वारा सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का दमन, विशेष रूप से गंभीर हो गया है। CCP ने न केवल टेलीविज़न, रेडियो, समाचार पत्रों, इंटरनेट और अन्य माध्यमों का उपयोग बदनामी करने, झूठे आरोप लगाने और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की अपकीर्ति करने के लिए किया है, बल्कि इसके सदस्यों की व्यापक गिरफ़्तारी की है, जिसके परिणामस्वरूप कई ईसाइयों को जेल में डाला गया है और उन्हें क्रूर यातना दी गई है, और यहाँ तक कि उन्हें मृत्यु पर्यंत उत्पीड़ित किया गया है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया पर CCP का अत्याचार इतना गंभीर क्यों है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/why-the-true-way-has-been-persecuted-5.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "सारा संसार उस दुष्ट के वश में पड़ा है" (1 यूहन्ना 5:19)। "इस युग के लोग बुरे हैं" (लूका 11:29)। "तब वह बड़ा अजगर, अर्थात् वही पुराना साँप जो इब्लीस और शैतान कहलाता है और सारे संसार का भरमानेवाला है" (प्रकाशितवाक्य 12:9)। "और दण्ड की आज्ञा का कारण यह
- [चीनी संविधान स्पष्ट रूप से धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता देता है। परमेश्वर में विश्वास एक अचल सिद्धांत है, यह विवेक का पालन करता है और कानून के अनुसार है। तो क्यों सीसीपी, चीनी लोगों को विश्वास की स्वतंत्रता से वंचित करते हुए, धार्मिक विश्वास पर हमले करती है, उसका दमन करती है, और इसे निर्मूल करने का प्रयास करती है? यह ईसाइयों को कट्टर अपराधियों के रूप में क्यों मानती है, दमन, उत्पीड़न और यहाँ तक कि उन्हें मौत के घाट उतारने के लिए क्रांतिकारी तरीकों का इस्तेमाल क्यों करती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/why-the-true-way-has-been-persecuted-4.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "सारा संसार उस दुष्ट के वश में पड़ा है" (1 यूहन्ना 5:19)। "इस युग के लोग बुरे हैं" (लूका 11:29)। "तब वह बड़ा अजगर, अर्थात् वही पुराना साँप जो इब्लीस और शैतान कहलाता है और सारे संसार का भरमानेवाला है" (प्रकाशितवाक्य 12:9)। "यदि संसार तुम से बैर रखता है,
- [जब से हमने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य का अध्ययन शुरू किया है, धार्मिक पादरी और एल्डर्स सर्वशक्तिमान परमेश्वर की अधिक व्यग्रता से निंदा करने लगे हैं, हमें सच्चे मार्ग का अध्ययन करने से रोकने के लिए जो भी हो सके सब करते हुए। यहूदी फरीसियों ने प्रभु यीशु का जैसा विरोध और निंदा की थी, उससे बिल्कुल भी अलग नहीं! इन दिनों मैं सोचता रहा हूँ कि, परमेश्वर ने कार्य करने के लिए दो बार देहधारण क्यों किया, और दो बार धार्मिक समुदाय और नास्तिक सरकार द्वारा सामूहिक निंदा और उत्पीड़न क्यों झेला? अंत के दिनों में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर मानवजाति के शुद्धिकरण और उद्धार के लिए, बोल कर और कार्य कर सत्य व्यक्त करने के लिए प्रकट होते और कार्य करते हैं। धार्मिक समुदाय और चीन की कम्युनिस्ट सरकार मसीह के विरुद्ध इतनी विद्वेषपूर्ण क्यों है कि वे मसीह की निंदा और तिरस्कार और ईशनिंदा करने, उनको घेरने और नष्ट कर देने के लिए मीडिया कंपनियों और सशक्त पुलिस बल तक को जुटा लेते हैं? यह मुझे याद दिलाता है कि जब राजा हेरोदस ने सुना कि यहूदियों के राजा यानी प्रभु यीशु का जन्म हुआ है, तब उसने बैतलहम में दो वर्ष से छोटे सभी नर शिशुओं की हत्या का आदेश दे दिया। उन्हें मसीह को छोड़ने की बजाय हज़ारों मासूम बच्चों की हत्या अधिक जंच रही थी। जब परमेश्वर मानवजाति के उद्धार के लिए देहधारी हुए, तो धार्मिक समुदाय और सरकार ने उनके आने का स्वागत क्यों नहीं किया, लेकिन व्यग्रता के साथ परमेश्वर के प्रकटन और कार्य की निंदा की और उनको गाली दी? उन्होंने किसी भी कीमत पर मसीह को सूली पर चढ़ा देने के लिए पूरे देश के संसाधनों को क्यों जाया कर दिया? मानवजाति क्यों इतनी दुष्ट और विद्वेषपूर्ण ढंग से परमेश्वर के विरुद्ध है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/why-the-true-way-has-been-persecuted-3.html) - उत्तर: सवाल बहुत अहम है, और पूरी मानवजाति में बहुत थोड़े-से लोग इस बात को अच्छी तरह समझ सकते हैं! मानवजाति इतने अंधाधुंध तरीके से परमेश्वर की अवज्ञा क्यों करती है, यह अब सुर्ख़ियों में है, और देहधारी मसीह के सूली पर चढ़ाए जाने की ऐतिहासिक त्रासदी फिर दोहराई जा रही है; यह एक तथ्य
- [बाइबल में, पौलुस ने कहा है कि हमें अधिकारियों की आज्ञा माननी चाहिए। अगर हम पौलुस के शब्दों को व्यवहार में लाते हैं, तो हमें सत्तारूढ़ शासन की बात हमेशा सुननी चाहिए। परन्तु नास्तिक सीसीपी हमेशा धार्मिक लोगों को सताती है और परमेश्वर के शत्रु के रूप में काम करती है। सीसीपी न केवल हमें प्रभु में विश्वास करने से रोकती है, वह उन लोगों को भी पकड़ती और सताती है जो परमेश्वर का सुसमाचार फैलाते हैँ। अगर हम इसका आज्ञापालन करते हैं और प्रभु में विश्वास नहीं करते हैं या उनका सुसमाचार नहीं फैलाते हैं, तो क्या हम प्रभु का विरोध करने और उनके साथ विश्वासघात करने में शैतान का पक्ष नहीं ले रहे हैं? क्या हम तब वह नहीं बन जायेंगे जिनके भाग्य में मरना लिखा है? मैं वास्तव में यह समझ नहीं पा रहा हूँ। जब बात यह आती है कि हम सत्ताधारियों के साथ कैसा व्यवहार करें, हमें ऐसा क्या करना चाहिए जिससे यह सुनिश्चित हो कि हम परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/why-the-true-way-has-been-persecuted-2.html) - उत्तर: बाइबल में, पौलुस कहते हैं कि हमें अधिकारियों का आज्ञापालन करना चाहिए। उनके शब्द निम्नानुसार थे: "हर एक व्यक्ति शासकीय अधिकारियों के अधीन रहे, क्योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं जो परमेश्वर की ओर से न हो; और जो अधिकार हैं, वे परमेश्वर के ठहराए हुए हैं। इसलिये जो कोई अधिकार का विरोध करता है,
- [मैं यह नहीं समझ पाया कि अगर चमकती पूर्वी बिजली ही सच्चा मार्ग है, तो सीसीपी सरकार उसका इतना घोर विरोध क्यों करती? धार्मिक अगुआ भी क्यों इस कदर उसकी निंदा करते? ऐसा नहीं है कि सीसीपी की सरकार ने पादरियों और एल्डर्स पर अत्याचार न किये हों। लेकिन जब चमकती पूर्वी बिजली की बात आती है, तो परमेश्वर की सेवा करनेवाले पादरी और एल्डर, सीसीपी सरकार जैसा नज़रिया और रवैया कैसे अपना सकते हैं? भला इसकी वजह क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/why-the-true-way-has-been-persecuted-1.html) - उत्तर: बाइबल में कहा गया है: "…सारा संसार उस दुष्ट के वश में पड़ा है" (1 यूहन्ना 5:19)। प्रभु यीशु ने कहा था, "इस युग के लोग बुरे हैं" (लूका 11:29)। तो फिर इस दुनिया में अंधकार और बुराई कहाँ तक फैली हुई है? अनुग्रह के युग में, मानवजाति के छुटकारे के लिए, देहधारी प्रभु
- [कुछ लोगों ने स्वीकार किया है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु यीशु की वापसी है, लेकिन चूँकि वे सीसीपी द्वारा गिरफ्तार किए जाने और सताए जाने से भयभीत हैं और धार्मिक समुदाय के पादरियों और एल्डर्स द्वारा डराए और धमकाए गए हैं, वे सच्चे मार्ग को स्वीकार करने का साहस नहीं कर पाते हैं। ऐसे लोगों का अंत कैसा होगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-6.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "परन्तु डरपोकों, और अविश्वासियों, और घिनौनों, और हत्यारों और व्यभिचारियों, और टोन्हों, और मूर्तिपूजकों, और सब झूठों का भाग उस झील में मिलेगा जो आग और गन्धक से जलती रहती है : यह दूसरी मृत्यु है" (प्रकाशितवाक्य 21:8)। "क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और
- [सीसीपी और धार्मिक दुनिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर की निंदा और विरोध करने में, कई अफवाहों और भ्रांतियों को फैलाते हुए, उन्मत्त रही है। परमेश्वर उन लोगों के साथ कैसा व्यवहार करेगा, जो इन अफवाहों और कुरीतियों को आँखें मूँद कर स्वीकार कर लेते हैं, और सही मार्ग की तलाश और जाँच करने का कोई प्रयास नहीं करते हैं? उनका अंत किस तरह का होगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-5.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मेरे ज्ञान के न होने से मेरी प्रजा नष्ट हो गई" (होशे 4:6)। "परन्तु मूढ़ लोग निर्बुद्धि होने के कारण मर जाते हैं" (नीतिवचन 10:21)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: जो लोग सत्य को सुनकर अपनी गर्दन ना में हिलाते हैं, जो मौत की बातें सुनकर अत्यधिक मुस्कराते हैं, वे
- [परमेश्वर किन लोगों को बचाता है? वह किन लोगों को हटा देता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: आजकल, वे जो खोज करते हैं और वे जो नहीं करते, दो पूरी तरह भिन्न प्रकार के लोग हैं, जिनके गंतव्य भी काफ़ी अलग हैं। वे जो सत्य के ज्ञान का अनुसरण करते हैं और सत्य का अभ्यास करते हैं, वे लोग हैं जिनका परमेश्वर उद्धार करेगा। वे जो सच्चे मार्ग
- [परमेश्वर की प्रजा कौन होते हैं? सेवाकर्त्ता कौन होते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: "पाँच समझदार कुँआरियाँ" मेरे द्वारा सृजित मनुष्यों के बीच में से मेरे पुत्रों और मेरे लोगों को दर्शाती हैं। उन्हें "कुँवारियाँ" इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे पृथ्वी पर पैदा होने पर भी मेरे द्वारा प्राप्त किए गए हैं; उन्हें पवित्र कहा जा सकता है, इसलिए उन्हें "कुँआरियाँ" कहा जाता है।
- [क्या वह हर व्यक्ति जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार नहीं करता है, वास्तव में विपत्ति में पड़ जाएगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-end-and-destination-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मेरा न्याय पूरी तरह से प्रकट है; यह विभिन्न लोगों को संबोधित करता है, उन सबको अपने उचित स्थान ले लेने चाहिए। मैं लोगों का प्रशासन और न्याय उनके द्वारा तोड़े गए नियमों के अनुसार करूँगा। जहाँ तक उनकी बात है, जो इस नाम में नहीं हैं और जो अंत के
- [संसार इतना अधिक अंधकारपूर्ण और कुटिल क्यों है? मानवजाति भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा पर है, क्या इसका विनाश होना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-9.html) - 1. संसार इतना अधिक अंधकारपूर्ण और कुटिल क्यों है? बाइबल के प्रासंगिक पद: "सारा संसार उस दुष्ट के वश में पड़ा है" (1 यूहन्ना 5:19)। "ज्योति अन्धकार में चमकती है, और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया" (यूहन्ना 1:5)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: जब परमेश्वर ने आदम और हव्वा को बनाया था, तो शुरू में
- [आप गवाही देते हैं कि, अंतिम दिनों के दौरान, सर्वशक्तिमान परमेश्वर सत्य को व्यक्त करता है और मनुष्य का न्याय और शुद्धिकरण करने का कार्य करता है। बिल्कुल अंत में, वह विजेताओं का एक समूह प्राप्त करेगा, और उसके बाद इस पुराने, दुष्ट युग को ध्वंस कर देगा, जिससे मनुष्य एक नए युग में अग्रसर होगा। क्या आप इस बारे में अधिक विस्तार से सहभागिता कर सकते हैं कि अंतिम दिनों के दौरान परमेश्वर इस पुराने, दुष्ट युग को कैसे नष्ट करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-8.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: जब सभी लोगों को संपूर्ण बना लिया गया होगा और पृथ्वी के सभी राष्ट्र मसीह का राज्य बन गए होंगे, तब वह समय होगा जब सात गर्जनाएँ गूँजेंगी। वर्तमान दिन उस चरण की दिशा में एक लंबा कदम है; आने वाले उस दिन की ओर बढ़ने के लिए धावा बोल दिया
- [यहूदी धर्म और ईसाई धर्म में भी कई लोग हैं जो सच्चे परमेश्वर में विश्वास करते हैं, जो उपासना-गृहों और कलीसियाओं में परमेश्वर की पूजा करते हैं, और जो सभी देखने में बहुत पवित्र लगते हैं। यद्यपि कुछ लोग अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार नहीं करते हैं, उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है जो परमेश्वर का प्रकट रूप से विरोध या उसकी निंदा करता हो। क्या परमेश्वर उनके जैसे लोगों को बचाएगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-5.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि परमेश्वर ने कहा है, 'अपने पिता और अपनी माता का आदर करना', और 'जो कोई पिता या माता को बुरा कहे, वह मार डाला जाए।' पर तुम कहते हो कि यदि कोई अपने पिता या माता से कहे, 'जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुँच सकता था, वह
- [पहले, मुझमें विवेक की कमी थी। मैंने अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य का विरोध करने और उसकी निंदा करने में पादरियों और एल्डर्स का अनुसरण किया, और निंदा करने में उनके साथ हो लिया। क्या परमेश्वर फिर भी मुझे बचाएगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-4.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जब धर्मी अपने धर्म से फिरकर, टेढ़े काम करने लगे, तो वह उनके कारण मरेगा, अर्थात् वह अपने टेढ़े काम ही के कारण मर जाएगा। फिर जब दुष्ट अपने दुष्ट कामों से फिरकर, न्याय और धर्म के काम करने लगे, तो वह अपना प्राण बचाएगा। वह जो सोच विचार
- [आप कहते हैं कि परमेश्वर, अंतिम दिनों के दौरान, परमेश्वर के घर से शुरू होने वाला न्याय का कार्य करता है, प्रत्येक को उनके प्रकार के अनुसार वर्गीकृत करता है, तथा अच्छे को पुरस्कृत और बुरे को दंडित करता है। तो वास्तव में परमेश्वर किस तरह के लोगों को बचाता है, और किस तरह के लोगों को हटाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुत से लोग मुझ से कहेंगे, 'हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार न करने वाले लोगों को परमेश्वर आपदा में क्यों डालेगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: अब वह समय आ गया है जब मैं प्रत्येक व्यक्ति के अंत को निर्धारित करता हूँ, यह वो चरण नहीं जिसमें मैंने मनुष्यों को आकार देना आरंभ किया था। मैं अपनी अभिलेख पुस्तक में एक-एक करके, प्रत्येक व्यक्ति के कार्यों और कथनों को, और साथ ही उस मार्ग को जिस पर
- [प्रभु यीशु के छुटकारे के कार्य का एक पहलू हमारे पापों को क्षमा और निरस्त करना था, जबकि दूसरा पहलू हमें शांति, आनन्द और भरपूर अनुग्रह प्रदान करना था। इससे हम यह देख पाते हैं कि परमेश्वर एक दयालु और प्रेमी परमेश्वर है। परन्तु तुम यह गवाही देते हो कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंतिम दिनों में न्याय का कार्य करता है, कि वह सत्य को अभिव्यक्त करता है और मनुष्य को न्याय और ताड़ना देता है, मनुष्य को काटता-छाँटता और उससे निपटता है, मनुष्य को उजागर करता है और सभी प्रकार के बुरे लोगों, बुरी आत्माओं और मसीह-विरोधियों को हटा देता है, जिससे लोगों को यह देखने का अवसर मिलता है कि परमेश्वर का धर्मी स्वभाव किसी भी अपराध को सहन नहीं करता है। प्रभु यीशु के कार्य में प्रकट होने वाला स्वभाव सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य में प्रकट होने वाले स्वभाव से बिलकुल अलग क्यों है? हमें परमेश्वर के स्वभाव को यथार्थतः किस प्रकार समझना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/knowing-God-s-righteous-disposition-1.html) - उत्तर: जब से प्रभु यीशु ने अनुग्रह के युग में छुटकारे का कार्य किया है, हमने देखा है कि वे सहिष्णुता और धैर्य से परिपूर्ण, प्रेम और दयालुता से परिपूर्ण हैं। जब तक हम प्रभु यीशु में विश्वास करते रहेंगे, हमारे पाप क्षमा हो जाएँगे और हम परमेश्वर के अनुग्रह का आनंद ले पाएँगे। परिणामस्वरूप,
- [सत्य-वास्तविकता में प्रवेश करने के लिए व्यक्ति को सत्य का अभ्यास कैसे करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-10.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: सत्य के अभ्यास में सबसे महत्वपूर्ण बात क्या है? क्या यह महत्वपूर्ण नहीं कि तुम सबसे पहले इसके सिद्धांतों को समझो? सिद्धांत क्या हैं? सिद्धांत सत्य का व्यावहारिक पहलू हैं। जब तुम परमेश्वर के वचनों का एक वाक्य पढ़ते हो, तो तुम्हें लगता है कि यह सत्य है, पर तुम इसके
- [नियम-पालन क्या है? नियम-पालन और सत्य के अभ्यास में क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-9.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: आज मनुष्य को जो हासिल करना है, वह मनुष्य की आज की वास्तविक दशा के अनुसार है, वर्तमान-दिन के मनुष्य की क्षमता और वास्तविक आध्यात्मिक कद के अनुसार है, और इसके लिए जरूरी नहीं है कि तुम नियमों का पालन करो। ऐसा इसलिए है कि तुम्हारी पुरानी प्रकृति में परिवर्तन हासिल
- [सत्य का अभ्यास करना क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-8.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: सत्य के अभ्यास में सबसे महत्वपूर्ण बात क्या है? क्या यह महत्वपूर्ण नहीं कि तुम सबसे पहले इसके सिद्धांतों को समझो? सिद्धांत क्या हैं? सिद्धांत सत्य का व्यावहारिक पहलू हैं। जब तुम परमेश्वर के वचनों का एक वाक्य पढ़ते हो, तो तुम्हें लगता है कि यह सत्य है, पर तुम इसके
- [ईमानदार व्यक्ति बनने का अभ्यास करने के क्या सिद्धांत हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-7.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: ईमानदारी का अर्थ है अपना हृदय परमेश्वर को अर्पित करना; हर बात में उसके साथ सच्चाई से पेश आना; हर बात में उसके साथ खुलापन रखना, कभी तथ्यों को न छुपाना; अपने से ऊपर और नीचे वालों को कभी भी धोखा न देना, और परमेश्वर से लाभ उठाने मात्र के लिए
- [एक धोखेबाज व्यक्ति क्या है? धोखेबाज़ लोगों को क्यों नहीं बचाया जा सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-6.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: यदि तुम धोखेबाज हो, तो तुम सभी लोगों और मामलों के प्रति सतर्क और शंकित रहोगे, और इस प्रकार मुझमें तुम्हारा विश्वास संदेह की नींव पर निर्मित होगा। मैं इस तरह के विश्वास को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। सच्चे विश्वास के अभाव में तुम सच्चे प्यार से और भी अधिक
- [सत्य को समझने और सिद्धांत को समझने में क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/difference-between-understand-the-truth-and-doctrine.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर के वचनों की सच्ची समझ पाना कोई सरल बात नहीं है। इस तरह मत सोच : "मैं परमेश्वर के वचनों के शाब्दिक अर्थ की व्याख्या कर सकता हूँ, और हर कोई मेरी व्याख्या को अच्छा कहता है और मुझे शाबाशी देता है, तो इसका अर्थ है कि मैं परमेश्वर के
- ["सब कुछ पीछे छोड़कर परमेश्वर का अनुसरण करो" इसका क्या मतलब है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-5.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: अगर तुम अपना हृदय, शरीर और अपना समस्त वास्तविक प्यार परमेश्वर को समर्पित कर सकते हो, उसके प्रति पूरी तरह से आज्ञाकारी हो सकते हो, और उसकी इच्छा के प्रति पूर्णतः विचारशील हो सकते हो-देह के लिए नहीं, परिवार के लिए नहीं, और अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं के लिए नहीं, बल्कि परमेश्वर
- [अपने कर्तव्य को करने और सेवा करने में क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मनुष्य के कर्तव्य और वह धन्य है या शापित, इनके बीच कोई सह-संबंध नहीं है। कर्तव्य वह है, जो मनुष्य के लिए पूरा करना आवश्यक है; यह उसकी स्वर्ग द्वारा प्रेषित वृत्ति है, जो प्रतिफल, स्थितियों या कारणों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। केवल तभी कहा जा सकता है कि वह
- [अपने कर्तव्य को करने का क्या अर्थ है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: अपना कर्तव्य पूरा करना ही सत्य है। परमेश्वर के घर में अपना कर्तव्य पूरा करना केवल कुछ दायित्वों को पूरा करना या कुछ ऐसा करना नहीं है जो तुझे करना चाहिए। यह स्वर्ग और पृथ्वी के बीच रहने वाले एक सृजित प्राणी के कर्तव्य को पूरा करना है! यह तेरा दायित्व
- [स्वभावगत बदलाव और अच्छे व्यवहार में क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: स्वभाव में रूपांतरण मुख्य रूप से एक व्यक्ति की प्रकृति में रूपांतरण को संदर्भित करता है। किसी व्यक्ति की प्रकृति को बाहरी व्यवहारों से नहीं देखा जा सकता; उसका सीधा संबंध लोगों के अस्तित्व के मूल्य और महत्व से है। अर्थात इसमें जीवन के बारे में व्यक्ति का दृष्टिकोण और उसके
- [व्यक्ति के स्वभाव में बदलाव क्या होता है? वह कैसे अभिव्यक्त होता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: स्वभाव में परिवर्तन का क्या अर्थ है? यह तब होता है जब एक सत्य का प्रेमी, परमेश्वर के कार्य का अनुभव करते हुए, उसके वचनों के न्याय और उसकी ताड़ना को स्वीकार करता है, और सभी तरह की पीड़ाओं और परिशोधन का अनुभव करता है। इस तरह का व्यक्ति अपने भीतर
- [व्यक्ति अपने शैतानी स्वभाव को दूर करने और बचाए जाने के लिए परमेश्वर में विश्वास कैसे करे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-11.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: लोग अपना स्वभाव स्वयं परिवर्तित नहीं कर सकते; उन्हें परमेश्वर के वचनों के न्याय, ताड़ना, पीड़ा और शोधन से गुजरना होगा, या उसके वचनों द्वारा निपटाया, अनुशासित किया जाना और काँटा-छाँटा जाना होगा। इन सब के बाद ही वे परमेश्वर के प्रति विश्वसनीयता और आज्ञाकारिता प्राप्त कर सकते हैं और उसके
- [परमेश्वर में विश्वास और धर्म में विश्वास के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-10.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: धर्म में विश्वास क्या है? परमेश्वर में विश्वास क्या है? क्या दोनों में फर्क है? धर्म के सर्वसामान्य, प्रमुख लक्षण क्या हैं? लोग धर्म में विश्वास को आमतौर पर किस तरह परिभाषित करते हैं? धर्म में विश्वास आचरण में परिवर्तनों से बनता है—दूसरों से लड़ने, दूसरों को कोसने, दुष्कर्म करने, दूसरों
- [कुछ लोग सोचते हैं कि परमेश्वर में विश्वास करने का अर्थ है रविवार को कलीसिया में भाग लेने के लिए प्रतिबद्ध होना, दान करना और धर्मार्थी होना, और नियमित रूप से चर्च की गतिविधियों में भाग लेना। उनका मानना है कि इन चीज़ों को करने से उन्हें बचाया जा सकता है। क्या ऐसे विचार परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-9.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "जो मुझ से, 'हे प्रभु! हे प्रभु!' कहता है, उनमें से हर एक स्वर्ग के राज्य में प्रवेश न करेगा, परन्तु वही जो मेरे स्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है। उस दिन बहुत से लोग मुझ से कहेंगे, 'हे प्रभु, हे प्रभु, क्या हम ने तेरे नाम से
- [मेरा मानना है कि एक परमेश्वर है, लेकिन मैं अभी भी युवा हूँ, मुझे अपने परिवार और अपने करियर के लिए कड़ी मेहनत करनी है, और अभी भी बहुत कुछ है जो मैं करना चाहता हूँ। यदि मैं बूढ़े होने की और परमेश्वर पर विश्वास करने का समय निकाल पाने की प्रतीक्षा करूँ, तो क्या मुझे फिर भी बचाया जाएगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-8.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले क्या देगा?" (मत्ती 16:26)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: अब वह समय है, जब मेरा आत्मा बड़ी चीजें करता है, और वह समय है, जब मैं
- [एक अविश्वासी व्यक्ति क्या होता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: चूँकि तुम परमेश्वर में विश्वास रखते हो, इसलिए तुम्हें परमेश्वर के सभी वचनों और कार्यों में विश्वास रखना चाहिए। अर्थात्, चूँकि तुम परमेश्वर में विश्वास रखते हो, इसलिए तुम्हें उसका आज्ञापालन करना चाहिए। यदि तुम ऐसा नहीं कर पाते हो, तो यह मायने नहीं रखता कि तुम परमेश्वर में विश्वास रखते
- [संसार इतना अधिक अंधकारपूर्ण और कुटिल क्यों है? मानवजाति भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा पर है, क्या इसका विनाश होना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/belief-in-God-2.html) - 1. संसार इतना अधिक अंधकारपूर्ण और कुटिल क्यों है? बाइबल के प्रासंगिक पद: "सारा संसार उस दुष्ट के वश में पड़ा है" (1 यूहन्ना 5:19)। "ज्योति अन्धकार में चमकती है, और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया" (यूहन्ना 1:5)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: जब परमेश्वर ने आदम और हव्वा को बनाया था, तो शुरू में
- [आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आया है, और वह अंतिम दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, है। लेकिन धार्मिक दुनिया के पादरी और एल्डर्स कहते हैं कि आप जिसमें विश्वास करते हैं वह प्रभु यीशु नहीं है, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ईसाई धर्म की नहीं है। क्या इन पादरियों और एल्डर्स की बातों में कोई विश्वसनीयता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-12.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: यहोवा के कार्य के बाद, यीशु मनुष्यों के मध्य अपना कार्य करने के लिए देहधारी हो गया। उसका कार्य अलग से किया गया कार्य नहीं था, बल्कि यहोवा के कार्य के आधार पर किया गया था। यह कार्य एक नए युग के लिए था, जिसे परमेश्वर ने व्यवस्था का युग समाप्त
- [आपका दावा है कि, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों में परमेश्वर का प्रकटन हैं सत्य है। आपका, यह भी दावा है, कि परमेश्वर ने इस संसार की रचना की और वे इस पर राज करते हैं। कि पूरे इतिहास में परमेश्वर मानवता का, मार्गदर्शन कर उसे बचा रहे हैं। मुझे बताएं आपकी इन आस्थाओं का तथ्यात्मक आधार क्या है? हम कम्युनिस्ट पार्टी में, सभी लोग नास्तिक हैं। हम परमेश्वर के शासन को या उनके अस्तित्व को ज़रा भी नहीं मानते। और आप जिन देहधारी परमेश्वर में, विश्वास करते हैं उनको तो और भी नहीं। जिस यीशु में ईसाई विश्वास करते हैं, वो तो साफ़ तौर पर मनुष्य हैं। उनके माता-पिता और भाई-बहन थे। ईसाई धर्म जोर देता है कि एक सच्चे परमेश्वर के रूप में, उनकी आराधना की जाए। पूरी बकवास। सर्वशक्तिमान परमेश्वर यीशु जैसे ही हैं आप और मुझ जैसे साधारण इंसान। किस वजह से, आप विश्वास करते हैं कि, वे देहधारी परमेश्वर हैं? और आपके लिए यह क्यों ज़रूरी है कि खुद ऐसी गवाही दें, कि वे अंत के दिनों के मसीह उद्धारकर्ता हैं? यह सरासर बेवकूफी और अज्ञान है। यह सब किस्सा-कहानी है कोई परमेश्वर नहीं है। और यही नहीं, कोई देहधारी परमेश्वर नहीं हैं। मैं फिर से कहता हूँ: आपका दावा है कि परमेश्वर ने अब साधारण मनुष्य का रूप धरा है। आपके पास कोई सबूत है? क्या कोई मुझे बता सकता है कि, आपकी आस्था की बुनियाद क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-10.html) - उत्तर: परमेश्वर एक आत्मा हैं, जिन्हें आप देख, या छू नहीं सकते। लेकिन परमेश्वर का आत्मा काम करता है, जिसे लोगों द्वारा, सुना और देखा जा सकता है। यह सच है। बाइबल में दर्ज तथ्यों से, हम यह सब जान सकते हैं। वे गर्जना के जरिये हमसे बात कर सकते हैं। वे धू-धू कर जलती
- [आप सब परमेश्वर में विश्वास करते हैं; और मैं मार्क्स और लेनिन में। मैंने, तरह-तरह की धार्मिक आस्थाओं पर शोध किया है। अपने कई सालों के शोधकार्य के जरिये, मैंने एक समस्या देखी है। सभी धर्म किसी न किसी, परमेश्वर में विश्वास करते हैं। लेकिन परमेश्वर के तमाम विश्वासियों में से किसी ने भी, परमेश्वर को नहीं देखा है। उनकी आस्था सिर्फ भावनाओं की बुनियाद पर टिकी है। इसलिए, मैं धार्मिक आस्था के बारे में, इस नतीजे पर पहुंचा हूँ: धर्म विशुद्ध रूप से, काल्पनिक और अंधविश्वास है जिसका विज्ञान में, कोई आधार नहीं है। आज के समाज में विज्ञान बहुत विकसित है। गलतियाँ न करें इसके लिए हर चीज़ को, विज्ञान पर आधारित होना चाहिए। कम्युनिस्ट पार्टी इसमें विश्वास करती है। हम परमेश्वर में विश्वास नहीं करते। दी इंटरनेशनेल में लिखा है: "कभी भी दुनिया का उद्धार करनेवाला कोई नहीं हुआ, न देवता, न सम्राट, जिन पर भरोसा किया जा सके। मानवजाति को खुश रहने के लिए, खुद अपने भरोसे रहना होगा!" दी इंटरनेशनेल में साफतौर से लिखा है, "कभी भी दुनिया का उद्धार करनेवाला कोई नहीं हुआ।" हमारे पूर्वज परमेश्वर में जिस वजह से विश्वास करते थे, वह मुख्य रूप से यह है कि उस वक्त वे सूर्य, चंद्रमा और तारे जैसे अजूबों से रूबरू थे, जिनकी कोई वैज्ञानिक व्याख्या नहीं थी। इसलिए उनके दिलो-दिमाग में, अति-प्राकृतिक शक्तियों को लेकर डर और अचरज पैदा हो गया। इस तरह से धर्म की शुरुआती धारणाएं बनीं। यही नहीं, जब इंसान कुदरती तबाहियों और बीमारियों जैसी मुश्किलें हल नहीं कर पाये, तब उन्होंने परमेश्वर को आदर देकर आध्यात्मिक सहूलियत खोजी। यह है धर्म का उद्भव। हम देख सकते हैं कि यह तार्किक, या वैज्ञानिक नहीं था। आजकल हम ज़्यादा विकसित हैं विज्ञान ने बड़ी तरक्की की है। उड़ान और अंतरिक्ष उद्योग, बायोटेक्नॉलॉजी, जेनेटिक इंजिनियरिंग, और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में, मानवजाति ने बहुत तरक्की की है। पहले हम नहीं समझते थे और हमारे पास समस्याएँ हल करने के तरीके नहीं थे। लेकिन अब हम हर चीज़ को विज्ञान के जरिये समझा सकते हैं, और हल के लिए हम विज्ञान पर भरोसा करते हैं। विज्ञान और टेक्नॉलॉजी के इस युग में, परमेश्वर में विश्वास करना, क्या यह अज्ञानी होना, नहीं है? क्या आपको नहीं लगता आप पीछे छूट जाएंगे? हम सिर्फ विज्ञान में विश्वास कर सकते हैं, बस।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-8.html) - उत्तर: आप कहते हैं कि हमारी आस्था लोगों के विज्ञान को न समझने के कारण है, और अतिप्राकृतिक शक्तियों का सामना करने के डर और अचरज से पैदा होती है और यह अंधविश्वास है। यह सही नहीं है और निराधार है। धर्म और अंधविश्वास, जिसकी आप बात करते हैं दोनों अलग-अलग हैं। आप कम्युनिस्ट, धार्मिक
- [सरकार की प्रचार सामग्री के अनुसार, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को पूर्वोत्तर चीन में किसी झाहो नाम के व्यक्ति ने स्थापित किया था। यह व्यक्ति सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया में सबसे बड़ा पादरी है। यह कलीसिया का प्रमुख है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया में विश्वास करने वाले दावा करते हैं कि पवित्र आत्मा ने उसे इस काम के लिए चुना है। वे अक्सर पवित्र आत्मा द्वारा चुने गए इस व्यक्ति के उपदेशों को सुनते हैं, और वे कलीसिया के आधिकारिक कार्यों के लिए भी उसका कहा मानते हैं। हालांकि, तुम सभी सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विश्वासी, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हो, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नाम पर प्रार्थना करते हो, सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा बताये गए वचन देह में प्रकट होता है को एक प्रामाणिक मत के रूप में मानते हो, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों पर अपनी सभाओं में संवाद करते हो, किसी भी मामले में, यही एक व्यक्ति है जिसे सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। इसलिए हमें इस बात का विश्वास है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया इसी व्यक्ति ने बनाई गयी है। चीनी कम्युनिस्ट सरकार और धार्मिक समुदाय दोनों ही, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को मनुष्य द्वारा बनाये गए एक संगठन के रूप में देखते हैं। और मुझे लगता है यह सच है। क्या तुम्हें यह समझ आ रहा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-7.html) - उत्तर: चीनी कम्युनिस्ट सरकार ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का 20 साल से भी ज़्यादा अध्ययन किया है, तो आपका मानना है कि यह उसी अध्ययन का परिणाम है? तो फिर मुझे बताइये, ईसाई धर्म और कैथोलिक धर्म की स्थापना किसने की थी? क्या इनकी स्थापना करने वाले पौलुस या पतरस थे? यहूदी धर्म की
- [तुम गवाही देते हो कि यीशु और सर्वशक्तिमान परमेश्वर दोनों ही पहले और अंतिम मसीह हैं। हमारी चीनी कम्युनिस्ट सरकार इस बात को नहीं मानती, "द इंटरनेशनेल" में उसने साफ कहा है, "संसार में कोई उद्धारकर्ता कभी नहीं रहा।" तुम रक्षक मसीह की वापसी की गवाही पर ज़ोर देते हो। तो चीनी कम्युनिस्ट सरकार तुम्हारी निंदा क्यों न करे? हमारे विचार से, यीशु जिनमें ईसाई विश्वास करते हैं, एक आम व्यक्ति थे। यहाँ तक कि उन्हें सूली पर भी चढ़ा दिया गया था। यहूदी तक उन्हें मसीह नहीं मानते हैं। अंत के दिनों के जिन देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर की तुम गवाही देते हो वे भी तो एक आम इंसान ही हैं। चीनी कम्युनिस्ट सरकार के दस्तावेज़ों से यह साफ़ पता चलता है कि उनका एक उपनाम और पहला नाम है। यह भी एक सच है। तुम एक आम इंसान के मसीह होने की, परमेश्वर के प्रकटन होने की, गवाही क्यों देते हो? यह सच में अजीब है! इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त किसी सत्य और अंत के दिनों में किए गए न्याय के कार्य की गवाही तुम कैसे देते हो, हमारी चीनी कम्युनिस्ट सरकार कभी इस बात को नहीं मानेगी कि यह व्यक्ति परमेश्वर है। मुझे लगता है कि तुम भी ईसाई धर्म, कैथोलिक धर्म, और पूर्वी परंपरावादी के लोगों में से एक हो जो यीशु में विश्वास करते हैं, एक व्यक्ति को परमेश्वर मानना, क्या यह नासमझी नहीं है? परमेश्वर और परमेश्वर का प्रकटन और उनका कार्य दरअसल क्या है? क्या केवल सत्य को व्यक्त करना और परमेश्वर का कार्य करना, सच्चे परमेश्वर का प्रकट होना है? यह हम कभी भी स्वीकार नहीं करेंगे। अगर परमेश्वर चमत्कार और करिश्मा करके चीनी कम्युनिस्ट सरकार और उन सभी को जो उनका विरोध करते है, उनको नष्ट कर दें, तब हम उन्हें एक सच्चे परमेश्वर के रूप में मानेंगे। अगर परमेश्वर बादलों में प्रकट होते हैं, और ऐसे गरजते है कि जो पूरी मनुष्य जाति को भयभीत कर दे, वह परमेश्वर का प्रकटन होता है। तब हमारी चीनी कम्युनिस्ट सरकार उन्हें मानेगी। नहीं तो चीनी कम्युनिस्ट सरकार कभी स्वीकार नहीं करेगी कि परमेश्वर है।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-6.html) - उत्तर: मुझे समझ नहीं आता, चीनी कम्युनिस्ट सरकार परमेश्वर का इतना विरोध क्यों कर रही है? वह परमेश्वर के अस्तित्व को मानती क्यों नहीं? वह विशेष रूप से देहधारी मसीह से नफ़रत क्यों करती है? चीनी कम्युनिस्ट सरकार प्रभु यीशु और सर्वशक्तिमान परमेश्वर को एक आम इंसान क्यों बताती है, और मसीह के दिव्य सार
- [पर सरकारी दस्तावेज़ों के अनुसार, जो लोग यीशु में विश्वास करते हैं, जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करते हैं, उन्होंने सुसमाचार का प्रचार करने के लिए अपने परिवार का त्याग कर दिया। कुछ लोग तो ज़िंदगी भर शादी नहीं करते। दस्तावेज़ भी यही कहते है कि सरकार उन लोगों के समूह को गिरफ़्तार करना चाहती है जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करते हैं, और दूसरे समूह को मार देना चाहती है। उन्हें मारना मतलब कुछ नहीं। ऐसा कुछ और भी है, जैसे "जब तक प्रतिबंध समाप्त नहीं हो जाता तब तक सैनिकों को नहीं हटाया जाएगा।" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के बहुत-से विश्वासियों को बंदी बनाया गया, उन्हें घायल और अपंग बना दिया गया। कई लोगों को तो अपनी नौकरी तक खोनी पड़ी और उनके परिवार बर्बाद हो गए। इसकी बहुत आलोचना भी हुई कि परमेश्वर के विश्वासियों को अपने परिवार की चिंता नहीं होती। क्या तुम्हें यह सही लगता है? तुम न तो अपने परिवार को छोड़ सकते हो और न ही अपनी शादी को तोड़ सकते हो। अगर इस तरह से तुम परमेश्वर में विश्वास करते हो, तो मेरी सलाह है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास मत करो, ठीक है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-5.html) - उत्तर: अगर आप सच में जानती कि परमेश्वर का प्रकटन और उनका कार्य मनुष्य के उद्धार के लिए है, तो आप भी परमेश्वर में विश्वास करती और उनका अनुसरण करती। प्रभु यीशु ने कहा था: "मैं तुम से सच कहता हूँ कि ऐसा कोई नहीं जिसने परमेश्वर के राज्य के लिए घर,या पत्नी, या भाइयों,
- [नर्क में जाने वाली तुम्हारी बात पर मैं विश्वास नहीं करता। किसने देखा है कि नरक कहाँ है? नरक दिखता कैसा है? मैं तो यह भी नहीं जानता कि परमेश्वर का कोई अस्तित्व है भी या नहीं। आखिर परमेश्वर कहाँ है? परमेश्वर को किसने देखा है? अगर सर्वशक्तिमान परमेश्वर सच्चे परमेश्वर हैं, जब चीनी कम्युनिस्ट सरकार सर्वशक्तिमान परमेश्वर की निंदा और आक्रमण करती है, तो परमेश्वर ने उनका विनाश क्यों नहीं किया? अगर परमेश्वर अपनी सर्वशक्तिमत्ता से कम्युनिस्ट पार्टी को नष्ट कर देते हैं, तो वे वाकई परमेश्वर हैं। इस प्रकार, सम्पूर्ण मनुष्य जाति को यह स्वीकार करना होगा कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही सच्चे परमेश्वर हैं। यहाँ तक कि सीसीपी सरकार को भी सच्चे परमेश्वर की पूजा करनी होगी। परमेश्वर के विरोध की हिम्मत किसकी होगी? लेकिन वाकई हुआ क्या? मैंने देखा था कि पुलिस परमेश्वर में विश्वास रखने वालों को हर जगह गिरफ़्तार कर रही थी। परमेश्वर में विश्वास करने वाले बहुत से लोगों को जेल में सताया गया और उन्हें अपाहिज बना दिया गया। उनमें से कई मारे गए। लेकिन क्या तुम्हारे परमेश्वर ने उन्हें बचाया? यह सब कैसे किसी को विश्वास दिला सकता है कि जिस परमेश्वर में तुम विश्वास करते हो वह सच है? मैं तो तुम्हें समझ ही नहीं पा रहा हूँ। जिस परमेश्वर में तुम विश्वास करते हो वह सच हैं या झूठ? मुझे तो लगता है कि तुम भी यह नहीं जानते। ऐसे में क्या तुम बेवकूफी नहीं कर रहे? जिस परमेश्वर में तुम विश्वास करते हो वही सच्चा परमेश्वर है, क्या तुम इसे समझा सकते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-4.html) - उत्तर: आप अनुभवी हैं। परमेश्वर के अस्तित्व और प्रभुत्व के बारे में क्या आपको वाकई कुछ नहीं पता? परमेश्वर ने जब से दुनिया बनाई है, तब से इंसान के उद्धार के लिए तीन चरणों में कार्य किया है जिसे शैतान ने दूषित कर दिया। इस्त्राएल और यहूदिया में व्यवस्था के युग में और अनुग्रह के
- [मैंने धार्मिक समुदाय के कई पादरी और एल्डर को यह कहते सुना है कि आप जिस पर विश्वास कर रही हैं, वह एक मनुष्य है, न कि यीशु मसीह। फिर भी आप यह गवाही देती हैं कि वह मनुष्य वापस आये प्रभु यीशु हैं, यानी, सर्वशक्तिमान परमेश्वर कार्य करने के लिए प्रकट हुए हैं। क्या आपको पता है कि कम्युनिस्ट पार्टी काफ़ी समय से एक पंथ के रूप में ईसाई धर्म और कैथलिक धर्म की निंदा करती रही है? और आप यह गवाही देने की हिम्मत कर रही हैं कि प्रभु यीशु लौट आये हैं, जो कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं; क्या आप मुसीबत मोल नहीं ले रही हैं? कम्युनिस्ट पार्टी आपको कैसे माफ कर सकती है? कम्युनिस्ट पार्टी तो ईसाई और कैथोलिक धर्म को कुपंथ और और बाइबल को कुपंथी किताब घोषित करने की भी हिम्मत रखती है। यह एक खुला तथ्य है। क्या आप यह नहीं जानती? अगर सीसीपी दुनिया के कट्टर धर्मों की निंदा करके उन्हें नकार सकती है, तो वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकटन और कार्य की निंदा क्यों नहीं कर सकती? अगर सीसीपी बाइबल को कुपंथी पुस्तक घोषित कर सकती है, तो वह वचन देह में प्रकट होता है को क्यों छोड़ेगी? सार्वजनिक सुरक्षा संस्थाओं ने इस किताब की कई प्रतियों को ज़ब्त कर लिया है। कई लोग इसका अध्ययन कर रहे हैं। मुझे बस यही समझ नहीं आ रहा है। आप लोगों को सर्वशक्तिमान परमेश्वर पर विश्वास करने की ज़रूरत क्या है? सर्वशक्तिमान परमेश्वर को अंत के दिनों के मसीह साबित करने पर क्यों ज़ोर दिया जा रहा हैं? हम उनके परिवार की पृष्ठभूमि के बारे में सब जानते हैं। ठीक यीशु की तरह, जिन पर ईसाई धर्म विश्वास करता है, वे भी एक साधारण इंसान हैं यीशु, एक बढ़ई की संतान थे, उनके माता-पिता और भाई-बहन भी थे। वे बस एक साधारण इंसान थे। फिर भी पूरा ईसाई धर्म यीशु की परमेश्वर की तरह आराधना करता है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर, जिन पर आप लोग विश्वास करते हैं, वे भी यीशु की तरह ही एक मनुष्य हैं। आपका इस बात पर ज़ोर देना कि वे परमेश्वर हैं, बहुत ही अस्वाभाविक है। एक साधारण इंसान पर विश्वास करने की वजह से आपको इतना अत्याचार और पीड़ा सहनी पड़ी है। क्या इसमें कोई फायदा है? मैंने सुना है कि कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अनुसरण करने के लिए अपने परिवार और पेशे को छोड़ दिया है। मुझे समझ नहीं आता कि आपको इस तरह से परमेश्वर पर विश्वास करने से अंत में क्या हासिल होगा? आपका उनके परमेश्वर होने पर विश्वास करने का आधार क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-3.html) - उत्तर: मुझे पता है कि सीसीपी एक नास्तिक क्रांतिकारी पार्टी है जो स्वर्ग के परमेश्वर को पहचानती तक नहीं है। तो वह देहधारी परमेश्वर को कैसे पहचान सकती है? इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं कि कम्युनिस्ट पार्टी देहधारी मसीह में हमारे विश्वास को अजीब समझती है। धर्मों में बहुत से लोग ऐसे हैं जो
- [लेकिन मैंने न तो परमेश्वर को देखा है, और न ही ये देखा है कि परमेश्वर कैसे कार्य करते हैं और कैसे दुनिया पर प्रभुत्व रखते हैं। मेरे लिए परमेश्वर को समझना और स्वीकार करना मुश्किल है। इतने सालों तक धार्मिक विश्वासों का अध्ययन करने के बाद, मुझे लगता है कि धार्मिक विश्वास सिर्फ़ एक आध्यात्मिक सहारा है और मानव जाति की आध्यात्मिक शून्यता को भरने का एक साधन मात्र है। जिन्होंने भी परमेश्वर पर विश्वास रखा, क्या वे अंत में मर नहीं गये? किसी ने भी नहीं देखा कि कौन सा व्यक्ति स्वर्ग गया और कौन सा नरक। मैं सभी धार्मिक मान्यताओं को बहुत ही अस्पष्ट और अवास्तविक समझाता हूँ। वैज्ञानिक विकास और मनुष्य की प्रगति के साथ, हो सकता है कि धार्मिक विश्वासों को छोड़ और हटा दिया जाएगा। हमें अभी भी विज्ञान पर विश्वास करने की ज़रूरत है। केवल विज्ञान ही ऐसा सत्य और वास्तविकता है, जिससे कोई भी इन्कार नहीं कर सकता। हालांकि, विज्ञान ने परमेश्वर के अस्तित्व से इन्कार नहीं किया है, लेकिन यह परमेश्वर के अस्तित्व की गवाही भी नहीं देता है। अगर विज्ञान वास्तव में यह तय कर सकता है कि परमेश्वर का अस्तित्व है और यह गवाही देता है कि परमेश्वर सभी चीजों पर प्रभुत्व रखते हैं, तब हम भी परमेश्वर पर विश्वास करेंगे। हम कम्युनिस्ट सिर्फ विज्ञान पर विश्वास करते हैं। केवल विज्ञान पर विश्वास करके और विज्ञान का विकास करके ही मनुष्य समाज की प्रगति जारी रहेगी। विज्ञान मनुष्य समाज की कई वास्तविक समस्याओं को हल कर सकता है। परमेश्वर पर भरोसा करके लोगों को क्या मिल रहा है? थोड़ी देर की आध्यात्मिक शांति के अलावा, इसका और क्या फायदा है? यह किसी भी व्यावहारिक समस्या को हल नहीं कर सकता। इसलिए, परमेश्वर पर विश्वास करने से विज्ञान पर विश्वास करना ज़्यादा वास्तविक है, कई गुना अधिक व्यावहारिक। हमें विज्ञान पर विश्वास करना होगा।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-2.html) - उत्तर: नास्तिकता सबसे अधिक विज्ञान की वकालत करती है, यहाँ तक कि विज्ञान को सत्य और धर्म समझने लगती है। अगर विज्ञान सत्य होता तो, इतने सारे वैज्ञानिक सिद्धांत कुछ समय तक अस्तित्व में रहने के बाद क्यों झूठे ठहराए गए या गलत साबित हुए? इससे पता चलता है कि विज्ञान पूरा सत्य नहीं है।
- [आप परमेश्वर पर कुछ सालों से ही विश्वास कर रही हैं। आप अभी भी एक नौसिखिया ही हैं। मैं अपनी ज़्यादातर ज़िंदगी गुजार चुका हूँ और दशकों तक धर्मों का अध्ययन किया है। मैं आपको ज़िम्मेदारी से बता सकता हूँ, इस दुनिया में कोई परमेश्वर नहीं है, और ना ही कोई उद्धारक है। परमेश्वर पर विश्वास करने का पूरा मामला ही बहुत उलझा हुआ है। यह पूरी तरह से अव्यावहारिक है। हम दोनों ही समझदार व्यक्ति हैं; हमें मामलों को तथ्यों और विज्ञान के आईने में देखना चाहिए। हमें भौतिकवाद और डार्विनवाद जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों पर विश्वास करना चाहिए। आपको परमेश्वर पर विश्वास करने की क्या ज़रूरत है? हम कम्युनिस्ट सिर्फ नास्तिकता और विकास के सिद्धांतों पर विश्वास करते हैं। आपको पता होना चाहिए कि डार्विन का विकास का सिद्धांत मानव जाति के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सिद्धांतों में से एक है। विकास के सिद्धांत के अनुसार, हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि सब कुछ प्रकृति के कार्य से बना है। मनुष्य प्रकृति के जैविक विकास की प्रक्रिया की सांयोगिक उत्पत्ति है। मनुष्य का विकास वानरों से हुआ है। इसके लिए पर्याप्त सैद्धांतिक आधार है। इससे पता चलता है कि मनुष्य को परमेश्वर ने नहीं बनाया था। बाइबल में लिखे हुए वचन मिथक और दंतकथाएं हैं, जिन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। मैं आपको भौतिकवाद और डार्विनवाद के बारे में और ज़्यादा जानने की सलाह देता हूँ। ये बहुत ही व्यावहारिक सिद्धांत हैं जो दुविधाओं को दूर कर सकते हैं। मुझे लगता है कि जब आप इसे साफ तौर पर देखेंगी, तब आप धार्मिक विश्वासों को ठीक तरह से समझ पाएंगी और भ्रामक आस्था से बाहर आ जाएँगी। सिर्फ़ सीसीपी का अनुसरण करके ही आपका भविष्य अच्छा होगा।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies-1.html) - उत्तर: सीसीपी एक नास्तिक पार्टी है। यह स्वाभाविक रूप से भौतिकवाद और डार्विनवाद पर विश्वास करती है। लेकिन इसका परिणाम क्या है? अधिकांश लोगों ने भौतिकवाद और डार्विनवाद को त्याग दिया है, नकार दिया है। ज़्यादा-से-ज़्यादा लोग परमेश्वर को स्वीकार कर रहे हैं और परमेश्वर की ओर लौट रहे हैं। ज़्यादा-से-ज़्यादा लोग परमेश्वर के वचन
- [ज़्यादातर विश्वासी इसे अभी भी नहीं समझ पाते हैं। वे सोचते हैं कि धर्म में परमेश्वर में विश्वास करके वे प्रभु यीशु पर विश्वास कर रहे हैं, फरीसियों और एल्डर्स पर नहीं, तो फिर उन्हें कैसे नहीं बचाया जाएगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-24.html) - उत्तर: धर्म किस तरह की जगह है? यह फरीसियों की दुनिया है, मसीह-विरोधियों का पुराना अड्डा! यह सोचना कि परमेश्वर में विश्वास करके आप बचा लिये जाएंगे, सिर्फ खयाली पुलाव है! धर्म में परमेश्वर पर विश्वास करने से किसी को क्यों नहीं बचाया जा सकता? इसका मुख्य कारण यह है कि जब परमेश्वर ने अंत
- [धार्मिक विश्व सर्वशक्तिमान परमेश्वर का उन्मत्त विरोध करता है और उसकी निंदा करता है। इसने लगातार दुष्टतापूर्ण कार्य किये हैं, और कट्टर मसीह-विरोधियों का एक गढ़ बन गया है। लेकिन धार्मिक दुनिया द्वारा परमेश्वर पर विश्वास करने परन्तु परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य का विरोध करने का अंज़ाम और अंत क्या होगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-22.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "इसलिये मैं तुम से कहता हूँ कि मनुष्य का सब प्रकार का पाप और निन्दा क्षमा की जाएगी, परन्तु पवित्र आत्मा की निन्दा क्षमा न की जाएगी। जो कोई मनुष्य के पुत्र के विरोध में कोई बात कहेगा, उसका यह अपराध क्षमा किया जाएगा, परन्तु जो कोई पवित्र आत्मा
- [धार्मिक दुनिया के सभी पादरी और एल्डर्स बाइबल के अच्छे जानकार हैं और अक्सर दूसरों से इसकी व्याख्या किया करते हैं और लोगों से बाइबल का निष्ठापूर्ण पालन करवाते हैं। क्या ऐसा करने में, वे प्रभु को ऊँचा नहीं उठाते और उसकी गवाही नहीं देते हैं? आप कैसे कह सकते हैं कि वे लोगों को धोखा दे रहे हैं, कि वे पाखंडी फरीसी हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-20.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: हर पंथ और संप्रदाय के अगुवाओं को देखो। वे सभी अभिमानी और आत्म-तुष्ट हैं, और वे बाइबल की व्याख्या संदर्भ के बाहर और उनकी अपनी कल्पना के अनुसार करते हैं। वे सभी अपना काम करने के लिए प्रतिभा और पांडित्य पर भरोसा करते हैं। यदि वे कुछ भी उपदेश करने में
- [प्रभु यीशु के आगमन से पहले, फरीसी प्रायः धर्मग्रंथों को सभाओं में उजागर करते थे और लोगों के सामने प्रार्थना किया करते थे। वे बहुत पवित्र दिखाई देते थे, और, लोगों की नज़रों में, ऐसा नहीं लगता था कि वे कुछ भी ऐसा करते थे जिसमें पवित्रशास्त्र का उल्लंघन होता हो। तो फरीसियों को प्रभु यीशु ने श्राप क्यों दिया था? वे किन तरीकों से परमेश्वर की अवहेलना करते थे, उन्होंने परमेश्वर के क्रोध को क्यों उकसाया?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-19.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "भी अपनी परम्पराओं के कारण क्यों परमेश्वर की आज्ञा टालते हो? क्योंकि परमेश्वर ने कहा है, 'अपने पिता और अपनी माता का आदर करना' और 'जो कोई पिता या माता को बुरा कहे, वह मार डाला जाए।' पर तुम कहते हो कि यदि कोई अपने पिता या माता से
- [गेहूं और जंगली पौधे के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-18.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: जैसा कि मैंने कहा है, शैतान ने मेरे प्रबंधन को बाधित करने के लिए उन लोगों को भेजा है, जो मेरी सेवा करते हैं। ये सेवाकर्ता जंगली दाने हैं, फिर भी "गेहूँ" ज्येष्ठ पुत्रों को नहीं, बल्कि उन सभी पुत्रों और लोगों को संदर्भित करता है, जो ज्येष्ठ पुत्र नहीं हैं।
- [मैं आपकी बातों से सहमत नहीं हूँ! परमेश्वर में विश्वास, बाइबल में विश्वास है। बाइबल से दूर जाना परमेश्वर में विश्वास करना नहीं है!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-17.html) - उत्तर: "परमेश्वर में विश्वास करना, बाइबल में विश्वास करना है, बाइबल को छोड़ देना परमेश्वर में विश्वास करना नहीं है," यह कथन गलत है! क्या बाइबल लोगों को बचा सकती है? क्या बाइबल परमेश्वर की जगह ले सकती है? क्या बाइबल पवित्र आत्मा के कार्य की जगह ले सकती है? क्या यह परमेश्वर का प्रतिनिधित्व
- [झूठा अगुआ या झूठा चरवाहा कौन होता है? झूठा अगुआ या झूठा चरवाहा कैसे पहचाना जा सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-16.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: योग्य कर्मी का कार्य लोगों को सही मार्ग पर लाकर उन्हें सत्य में बेहतर प्रवेश प्रदान कर सकता है। उसका कार्य लोगों को परमेश्वर के सम्मुख ला सकता है। इसके अतिरिक्त, जो कार्य वह करता है, वह भिन्न-भिन्न व्यक्तियों के लिए भिन्न-भिन्न हो सकता है, और वह नियमों से बँधा हुआ
- [हमारे अधिकतर भाई-बहन यह नहीं समझते हैं कि: प्रभु यीशु के आगमन से पहले, फरीसी अक्सर आराधनालयों में दूसरों के सामने बाइबल की व्याख्या करते थे; वे लोगों के सामने खड़े हो कर प्रार्थना करते थे और लोगों की निंदा करने के लिए बाइबल के नियमों का उपयोग करते थे; वे बाहर से बड़े श्रद्धालु दिखाई देते थे उन लोगों की तरह जो बाइबल से कभी विश्वासघात नहीं करेंगे, परंतु, फरीसियों को प्रभु यीशु द्वारा शाप क्यों दिया गया? उन्होंने परमेश्वर का किन तरीकों से विरोध किया? उन्होंने अपना पाखंड किस प्रकार प्रदर्शित किया? उन पर परमेश्वर का कोप क्यों पड़ा?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-15.html) - उत्तर: जो लोग प्रभु में विश्वास रखते हैं जानते हैं कि प्रभु यीशु वास्तव में फरीसियों से घृणा करते थे और उन्होंने उनको शाप दिया था और उन पर सात संताप घोषित किये थे। यह प्रभु के विश्वासियों को इस बात की अनुमति देने में बहुत सार्थक है कि वे पाखंडी फरीसियों को समझें, उनके
- [जो भी हो, सारे पादरी और एल्डर तो बाइबल के आधार पर ही उपदेश देते हैं। क्या बाइबल की व्याख्या करना और लोगों को उससे जोड़े रखना, प्रभु का गुणगान करना और उनकी गवाही देना नहीं है? क्या पादरियों और एल्डर्स का बाइबल की व्याख्या करना गलत है? आप ऐसा कैसे कह सकती हैं कि वे पाखंडी फरीसी हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-13.html) - उत्तर: लोगों के लिए, बाइबल की व्याख्या करना गलत नहीं होना चाहिए, परंतु, बाइबल की व्याख्या करते हुए वे वास्तव में ऐसे काम करते हैं जिनसे परमेश्वर का विरोध होता है। ये किस तरह के लोग हैं? क्या वे पाखंडी फरीसी नहीं हैं? क्या वे परमेश्वर-विरोधी और मसीह-विरोधी नहीं हैं? बाइबल की व्याख्या करना परमेश्वर
- [धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों की धार्मिक संसार में सत्ता बनी हुई है और ज्यादातर लोग उनका पालन और अनुसरण करते हैं—यह एक सच्चाई है। तुम कहते हो कि धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं कि परमेश्वर ने देहधारण किया है, कि वे देहधारी परमेश्वर द्वारा प्रकट सत्य पर विश्वास नहीं करते और वे फरीसियों के मार्ग पर चल रहे हैं, और हम इस बात से सहमत हैं। लेकिन तुम यह क्यों कहते हो कि सारे धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग पाखंडी फरीसी हैं, कि वे सभी मसीह-विरोधी हैं जो अंतिम दिनों में देहधारी परमेश्वर के कार्य से उघाड़ दिए गए हैं, और वे अंत में विनाश में डूब जाएँगे? हम इस समय इस बात को स्वीकार नहीं कर सकते। तुम अपना यह दावा कि इन लोगों को नहीं बचाया जा सकता है और उन सभी को विनाश में डूबना चाहिए, किस बात पर आधारित करते हो, इस पर कृपया सहभागिता करो।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-12.html) - उत्तर: धार्मिक मंडलों के लोग परमेश्वर की अवहेलना कैसे करते हैं, इसका सार केवल देहधारी मसीह के आगमन के बाद ही प्रकट और विश्लेषित किया जा सकता है। कोई भी भ्रष्ट मनुष्य धार्मिक मंडलों द्वारा परमेश्वर की अवहेलना की सच्चाई और उसके सार को नहीं जान सकता है, क्योंकि भ्रष्ट मनुष्यों में कोई सत्य नहीं
- [भले ही धार्मिक दुनिया पर पादरियों और एल्डर्स का शासन हो, और वे ऐसे पाखंडी हों जो फरीसियों के रास्ते पर चलते हों, उनके पापों का हमसे क्या सरोकार है? हालांकि हम उनका अनुसरण कर उनकी बात सुनते हैं, परंतु हम जिनमें विश्वास करते हैं वे प्रभु यीशु हैं, पादरी और एल्डर्स नहीं। मुझे लगता है कि हम फरीसियों के रास्ते पर नहीं चल रहे हैं। ऐसे फ़रीसी कैसे बन सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-11.html) - उत्तर: धर्म में बहुत-से लोग हैं जो फरीसियों में अंधा विश्वास करते हैं, उनकी आराधना और अनुसरण करते हैं। इसलिए वे जिस रास्ते पर चल रहे हैं, वह फरीसियों का रास्ता है या नहीं, यह बात उस बारे में सोचने पर स्पष्ट हो जाती है। आप कैसे कह सकती हैं कि आप फरीसियों की आराधना
- [सीसीपी एक नास्तिक पार्टी है, एक राक्षसी समूह, जो परमेश्वर और सत्य के सबसे अधिक विरुद्ध है। राक्षस शैतान का मनुष्य रूप है। शैतान और दुष्ट आत्माओं का पुनर्जन्म है राक्षस, जोकि परमेश्वर का कट्टर दुश्मन है। इसलिए जब अंत के दिनों में परमेश्वर चीन में देहधारी होकर कार्य करते हैं, तो सीसीपी सरकार द्वारा वे जिस पागल दमन और उत्पीड़न को झेलते हैं, वह अवश्यंभावी है। परंतु धार्मिक समुदाय के अधिकतर पादरी और एल्डर्स परमेश्वर के सेवक हैं, जो बाइबल से परिचित हैं| न सिर्फ वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को खोज कर उसका अध्ययन नहीं करते, इसकी बजाय वे उस पर अपनी राय थोप कर, उसकी निंदा कर, प्रचंडता से विरोध करते हैं। यह अविश्वसनीय है! इसमें कोई अचरज नहीं कि सीसीपी सरकार परमेश्वर के कार्य की निंदा करती है। धार्मिक पादरी और एल्डर्स भी परमेश्वर के कार्य का विरोध और निंदा क्यों करते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-10.html) - उत्तर: परमेश्वर दो बार देहधारी हुए। दो बार उन्होंने धार्मिक समुदाय और दुनिया की सरकारों द्वारा सामूहिक विरोध, निंदा और उत्पीड़न झेला है। यह साबित करता है कि "प्राचीन काल से ही सच्चे मार्ग को उत्पीड़ित किया जाता रहा है।" अधिकतर लोग इस मामले को समझ नहीं पाते। वे धार्मिक नेताओं द्वारा परमेश्वर के कार्य
- [ये जानकर कि हमने सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार कर लिया है, पादरी और एल्डर हमें लगातार परेशान कर रहे हैं, हमें लगातार बाइबल समझा रहे हैं। हालांकि हम उनका खंडन करते हैं, उनको ठुकराते हैं, फिर भी वे नहीं छोड़ते। ये नागरिकों का गंभीर उत्पीड़न है। पहले जब कभी हम कमजोर या नकारी होते थे, वे इतनी चिंता नहीं दिखाते थे। अब जैसे ही हमने सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार किया है, वे बहुत ज़्यादा नाराज हो गये हैं, मीठी और कड़वी बातें बोल-बोल कर हमें लगातार गुस्सा दिला हैं। लगता है उनकी ये दुष्टता तब तक ख़त्म नहीं होगी, जब तक वे हमें अपने साथ नरक में नहीं घसीट लेते! मुझे समझ नहीं आता। पादरी और एल्डर, जो प्रभु की सेवा करते हैं, और जो अक्सर बाइबल के बारे में बात करते हैं, उनको यह आभास होना चाहिए कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त सभी वचन सत्य हैं। वे सत्य की खोज क्यों नहीं करते? वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर की अंधाधुंध निंदा, विरोध और तिरस्कार करने के बजाय, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की जांच-पड़ताल क्यों नहीं करते? पादरी और एल्डर सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करने के हमारे रास्ते में रोड़े अटकाने की भरसक कोशिश करते हैं। हमें इस मामले के पीछे की हकीकत जानने में बड़ी मुश्किल हो रही है। कृपया हमारे साथ इस बारे में संगति कीजिए।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-9.html) - उत्तर: क्या पादरी और एल्डर को आपके सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार करने पर फ़िक्र नहीं होनी चाहिए? पादरी और एल्डर की नज़र में, आप सब उनकी भेड़ें हैं। आप लोगों को चुरा लिया गया है – इससे पादरी और एल्डर की ज़िंदगी के एक अहम हिस्से पर चोट लगी है। इसलिए उनके लिए ज़रूरी है
- [धार्मिक मंडलियों में सभी पादरी बाइबल से परिचित हैं। वे अक्सर कलीसियाओं में बाइबल की व्याख्या करते हैं और बाइबल को बढ़ावा देते हैं। हमने हमेशा सोचा कि वे ऐसे लोग होने चाहिये जो परमेश्वर को जानते हैं। तो फिर अंत के दिनों के देह-धारी परमेश्वर के कार्य की धार्मिक जगत के अधिकांश पादरियों ने बुरी तरह निंदा क्यों की और इसका विरोध क्यों किया? मेरा मानना है कि धार्मिक समुदाय के ज़्यादातर पादरी और अगुवा जिसकी निंदा करते हैं शायद वो सच्चा मार्ग नहीं हो सकता!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-8.html) - उत्तर: अगर जांच में यह परमेश्वर का कार्य है, तो हमें इसके अनुसार निर्णय नहीं करना चाहिये कि अधिकांश धार्मिक नेताओं ने इसे स्वीकार किया है या नहीं। विगत का सोचें जब प्रभु यीशु अपना कार्य करने के लिए देहधारी हुए। तो वे लोग कौन थे जिन्होंने प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया था? क्या
- [पौलुस ने बाइबल में स्पष्ट रूप से कहा है: "इसलिये अपनी और पूरे झुण्ड की चौकसी करो, जिसमें पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है, कि तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो..." (प्रेरितों 20:28)। इससे साबित होता है कि पादरी और एल्डर्स सब पवित्र आत्मा द्वारा अभिषिक्त किये जाते हैं। क्या पवित्र आत्मा द्वारा अभिषिक्त किया जाना परमेश्वर द्वारा अभिषिक्त किये जाने का प्रतीक नहीं है? परमेश्वर ने पादरियों और एल्डर्स को समुदायों के सर्वेक्षक के रूप में अभिषिक्त किया। यह गलत नहीं हो सकता है।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-7.html) - उत्तर: धार्मिक मंडलियों में कुछ विवेकहीन लोग अक्सर नियमों को गढ़ने के लिए बाइबल के शब्दों का दुरुपयोग करते हैं। उनका दावा है कि पाखंडी फरीसी और धार्मिक पादरी सभी परमेश्वर द्वारा अभिषिक्त और उपयोग किये जाते हैं। क्या यह गंभीर रूप से परमेश्वर का विरोध और निंदा करना नहीं है? बहुत से लोग यह
- [कि पादरी और एल्डर्स सभी प्रभु द्वारा चुने और नियुक्त किए गए हैं, और यह कि ये सब वे लोग हैं जो प्रभु की सेवा करते हैं। पादरियों और एल्डर्स का आज्ञापालन करना प्रभु का आज्ञापालन करना है। यदि हम पादरियों और एल्डर्स का विरोध करते हैं और उनकी निंदा करते हैं, तो हम प्रभु का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा, केवल पादरी और एल्डर्स बाइबल को समझते हैं और बाइबल की व्याख्या कर सकते हैं। केवल वे हमारा मार्गदर्शन कर सकते हैं जब तक पादरियों और एल्डर्स का कथन बाइबल के अनुरूप है और उसका बाइबल में आधार है, तब तक हमें अनुपालन और आज्ञापालन करना चाहिए। जब तक पादरी और एल्डर्स जो करते हैं वह बाइबल के अनुरूप है, तब तक हमें स्वीकार और अनुकरण करना चाहिए। यह कैसे गलत हो सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-6.html) - उत्तर: धर्म में, कुछ लोग सोचते हैं कि सभी धार्मिक पादरी और एल्डर्स प्रभु द्वारा चुने और प्रतिष्ठित किये जाते है। इसलिए लोगों को उनका आज्ञापालन करना चाहिए। क्या इस तरह की धारणा का बाइबल में कोई आधार है? क्या प्रभु के वचन में इसका कोई प्रमाण है? क्या इसमें पवित्र आत्मा की गवाही और
- [आप लोगों ने ये गवाही दी है कि जब प्रभु अंत के दिनों में लौटेंगे तब, पहले वो देहधारण करके गुप्त रूप में आएंगे, और विजेताओं का समूह बनाने के बाद, प्रत्यक्ष रूप से लोगों के सामने प्रकट होने के लिए बादलों के साथ अवतरित होंगे। ऐसा संवाद कुछ मतलब रखता है। परंतु 2000 सालों से, प्रभु में आस्था रखने वाले ज्यादातर लोग उनका इंतजार कर रहे हैं कि वे बादलों के साथ अवतरित होंगे। धार्मिक पादरी और एल्डर्स अक्सर ऐसा कहते हैं। हम बाइबल की भविष्यवाणी के अनुसार इंतजार करके गलत कैसे हो सकते हैं? धार्मिक पादरी और एल्डर्स ऐसे लोग हैं जो प्रभु की सेवा करते हैं। वे इस प्रकार से प्रभु की वापसी की राह देख रहे हैं। मैं यह नहीं मानता वापस लौटे प्रभु इन सभी धार्मिक पादरियों और एल्डर्स को छोड़ देंगे। यह निश्चित रूप से असंभव है!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-5.html) - उत्तर: वैसा कुछ कहने के लिए आप लोगों के पास किस प्रकार का आधार है? जो आप लोगों ने कहा है क्या वह प्रभु यीशु के वचनों के मुताबिक है? क्या वह परमेश्वर के वचनों पर आधारित है? अगर आप लोग जो कह रहे हैं वह पूरी तरह से इन्सान की अवधारणाओं और कल्पनाओं के
- [कई भाई-बहन पादरियों और एल्डर्स की दिल से आराधना करते हैं। वे यह नहीं समझते कि, भले ही पादरी और एल्डर्स अक्सर बाइबल की व्याख्या करते हैं और बाइबल को गौरवपूर्ण स्थान देते हैं, पर वे अभी भी क्यों सत्य से नफरत करते हैं और देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर का विरोध और निंदा करते हैं। बाइबल की व्याख्या करना और उसे गौरवपूर्ण स्थान देना, क्या प्रभु की गवाही देने और प्रभु की को गौरवपूर्ण स्थान देने के ही समान है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-4.html) - उत्तर: धार्मिक समुदाय में एक माहौल पहले से ही पनप रहा है। जो लोग बाइबल की बेहतर व्याख्या कर सकते हैं, जिनके पास बाइबल का बेहतर सिद्धांत है उनकी दूर तक प्रशंसा और आराधना होती है। वे लोग जो बाइबल के रहस्य और भविष्यवाणियों की व्याख्या कर सकते हैं, उनकी सबसे अधिक आराधना होती है।
- [पादरी युआन पर भी पहले सीसीपी ने उनके विश्वास के लिए अत्याचार किया था। मैंने कभी सोचा भी न था कि वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर का विरोध करने के लिए शैतान सीसीपी के साथ हाथ मिलायेंगे। क्या ये नीचता से परमेश्वर का विरोध करना नहीं हैं? ये पादरीगण और नेतागण इतने कपटी और दुर्भावनापूर्ण कैसे हो सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-3.html) - उत्तर: हर वक्त जब परमेश्वर देहधारण करते हैं, वो धार्मिक मंडलियों में कई यीशु विरोधियों और शैतानों का पर्दाफाश करते हैं। जब प्रभु यीशु पृथ्वी पर आए, तो उन्होंने सभी कपटी फरीसियों और यीशु विरोधी शैतानी ताकतों का पर्दाफाश किया। अब सर्वशक्तिमान परमेश्वर आ गए हैं, और उन्होंने अंत के दिनों में धार्मिक मंडलियों में
- [पादरी युआन अक्सर बाइबल की व्याख्या करते हैं और हमें विनम्र, धैर्यवान तथा आज्ञाकारी बनने की शिक्षा देते हैं। वे बहुत विश्वास के साथ बात करते हैं और बाहर से बहुत धार्मिक भी लगते हैं। पादरी युआन ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की आप लोगों की गवाही भी हमारे साथ सुनी थी। वे ये भी मानते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर का वचन ही सत्य है, परंतु वो इसे स्वीकार क्यों नहीं करते? वे क्यों हर जगह अफवाहें फैला रहे हैं और परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की निंदा और प्रतिरोध कर, लोगों को सर्वशक्तिमान परमेश्वर की ओर मुड़ने से रोक रहे हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-2.html) - उत्तर: धार्मिक नेताओं का सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्यों की निंदा और प्रतिरोध करना कोई असामान्य बात नहीं है। जब प्रभु यीशु अपना कार्य करने आए थे, तब भी क्या यहूदी नेताओं ने उनकी निंदा और उन पर अत्याचार नहीं किया था? आखिरकार तो उन्होंने प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ा दिया। यह एक ऐतिहासिक तथ्य
- [धार्मिक पादरी और एल्डर ऐसे लोग हैं जो कलीसिया में परमेश्वर की सेवा करते हैं। यह कहना उचित ही है कि, जब प्रभु के वापस आने की बात आती है, तो उन्हें चौकस रहकर प्रतीक्षा करनी चाहिए, और पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। मगर क्या वजह है कि वे अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य की खोज और जांच-पड़ताल नहीं करते, इसके बजाय उनके बारे में अफवाहें गढ़ने, राय बनाते और निंदा करने में लगे रहते हैं, वे विश्वासियों को धोखा देकर सच्चे मार्ग की खोजबीन करने से रोकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-1.html) - उत्तर: ये कोई अजीब सवाल नहीं है। पहले जब प्रभु यीशु कार्य करने आये थे, तब उन्हें धार्मिक दुनिया के पादरियों, लेखकों और फरीसियों के भयंकर विरोध, रुकावट और निंदा का सामना करना पड़ा था, और अंत में उन लोगों ने उनको सूली पर चढ़ा दिया था। यह एक ऐतिहासिक सच्चाई है! तो आप सब
- [मसीह-विरोधी कौन होता है? किसी मसीह-विरोधी को कैसे पहचाना जा सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-an-antichrist.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मसीह के शत्रुओं के बारे में परमेश्वर की परिभाषा क्या है? जो परमेश्वर से शत्रुता करता है, सत्य से शत्रुता करता है, सत्य से घृणा करता है, परमेश्वर से घृणा करता है, और जो कुछ भी सकारात्मक है, उससे पूरी तरह से घृणा करता है। वह कोई आम व्यक्ति नहीं है
- [शैतानी कब्ज़ा क्या है? शैतानी कब्ज़े की अभिव्यक्तियाँ क्या हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-work-of-the-Holy-Spirit-and-of-evil-spirits-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: यदि वर्तमान समय में ऐसा कोई व्यक्ति उभरे, जो चिह्न और चमत्कार प्रदर्शित करने, दुष्टात्माओं को निकालने, बीमारों को चंगा करने और कई चमत्कार दिखाने में समर्थ हो, और यदि वह व्यक्ति दावा करे कि वह यीशु है जो आ गया है, तो यह बुरी आत्माओं द्वारा उत्पन्न नकली व्यक्ति होगा,
- [पवित्र आत्मा के कार्य और बुरी आत्माओं के कार्य में क्या मुख्य अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-work-of-the-Holy-Spirit-and-of-evil-spirits-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: तुम्हें यह समझना चाहिए कि वह क्या है, जो परमेश्वर से आता है और वह क्या है, जो शैतान से आता है। जो परमेश्वर से आता है, वह तुम लोगों को और ज्यादा स्पष्टता के साथ एक दूरदृष्टि देता है और तुम्हें ईश्वर के और ज्यादा निकट लाता है; तुम अपने
- [कौन लोग पवित्र आत्मा का कार्य प्राप्त कर सकते हैं? कौन लोग प्राप्त नहीं कर सकते?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-work-of-the-Holy-Spirit-and-of-evil-spirits-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर उसमें कार्य करता है जो परमेश्वर के वचनों को संजोते और उसका अनुसरण करते हैं। जितना तू परमेश्वर के वचनों को संजोयेगा, उतना ही उसका आत्मा तुझमें कार्य करेगा। कोई व्यक्ति परमेश्वर के वचन को जितना ज्यादा संजोता है, उसका परमेश्वर के द्वारा पूर्ण बनाए जाने का मौका उतना ही
- [परमेश्वर उन लोगों को क्यों नहीं बचाता, जिनमें बुरी आत्माओं का कार्य है या जो शैतानों के कब्ज़े में हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-work-of-the-Holy-Spirit-and-of-evil-spirits-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मैंने लंबे समय से दुष्ट आत्माओं के विभिन्न दुष्कर्मों को स्पष्ट रूप से देखा है। और दुष्ट आत्माओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लोगों (गलत इरादों वाले लोग, जो देह-सुख या धन की लालसा करते हैं, जो खुद को ऊंचा उठाते हैं, जो कलीसिया को बाधित करते हैं, आदि) की असलियत
- [पवित्र आत्मा का कार्य क्या है? पवित्र आत्मा के कार्य की अभिव्यक्तियाँ क्या हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-the-work-of-the-holy-spirit.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: पवित्र आत्मा का कार्य सक्रिय मार्गदर्शन और सकारात्मक प्रबोधन है। यह लोगों को निष्क्रिय नहीं बनने देता। यह उनको सांत्वना देता है, उन्हें विश्वास और संकल्प देता है और परमेश्वर द्वारा पूर्ण बनाए जाने का अनुसरण करने योग्य बनाता है। जब पवित्र आत्मा कार्य करता है, तो लोग सक्रिय रूप से
- [कैथलिक विश्वासी पादरियों को सुनते हैं, पादरी बिशप को सुनते हैं, और बिशप पोप को सुनते हैं। चाहे आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य पर कितनी भी अच्छी तरह से सहभागिता करें, जब तक कि पोप और पादरी लोग परमेश्वर के आगमन की घोषणा नहीं करते, हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते हैं—हम कैथलिक पादरियों और पोप की बात सुनते हैं।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-following-God-and-following-people-5.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना ही हमारा कर्तव्य है" (प्रेरितों 5:29)। "तौभी ये लोग अपने मारनेवाले की ओर नहीं फिरे और न सेनाओं के यहोवा की खोज करते हैं। इस कारण यहोवा इस्राएल में से सिर और पूँछ को, खजूर की डालियों और
- [धार्मिक दुनिया में, पादरी और एल्डर्स शक्ति लिए हुए होते हैं। वे पाखंडी फरीसियों के मार्ग पर चलते हैं, और यद्यपि हम उनका अनुसरण करते हैं और जैसा वे कहते हैं वैसा हम करते हैं, हम (दरअसल) प्रभु यीशु में विश्वास करते हैं, न कि पादरियों और एल्डर्स में। फिर आप यह कैसे कह सकते हैं कि हम भी फरीसियों के मार्ग पर चलते हैं? क्या आप कह रहे हैं कि हममें से जो धर्म में परमेश्वर को मानते हैं वे वास्तव में नहीं बचाए जाएँगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-following-God-and-following-people-4.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "वे अंधे मार्गदर्शक हैं और अंधा यदि अंधे को मार्ग दिखाए, तो दोनों ही गड़हे में गिर पड़ेंगे" (मत्ती 15:14)। "क्योंकि जो इन लोगों की अगुवाई करते हैं वे इनको भटका देते हैं, और जिनकी अगुवाई होती है वे नष्ट हो जाते हैं" (यशायाह 9:16)। "मेरे ज्ञान के न
- [पादरियों और एल्डर्स ने कई वर्षों से प्रभु पर विश्वास किया है, वे बाइबल के बारे में अत्यधिक जानकार हैं, और उनकी आस्था हमसे श्रेष्ठतर है, इसलिए प्रभु में विश्वास करने के बारे में हमें उनकी बात सुननी चाहिए। आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आया है और परमेश्वर के घर से शुरू होने वाला न्याय का कार्य कर रहा है, लेकिन अधिकांश पादरी और एल्डर्स इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं, और वे विरोध और निंदा करने की हद तक चले जाते हैं। इस तरह, हम भी इसे स्वीकार नहीं कर सकते।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-following-God-and-following-people-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना ही हमारा कर्तव्य है" (प्रेरितों 5:29)। "वे अंधे मार्गदर्शक हैं और अंधा यदि अंधे को मार्ग दिखाए, तो दोनों ही गड़हे में गिर पड़ेंगे" (मत्ती 15:14)। "स्रापित है वह पुरुष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका
- [धार्मिक दुनिया के अधिकांश लोग मानते हैं कि पादरियों और प्राचीन लोगों को परमेश्वर के द्वारा चुना और प्रतिष्ठित किया गया है, और यह कि वे सभी धार्मिक कलीसियाओं में परमेश्वर की सेवा करते हैं; अगर हम पादरियों और प्राचीन लोगों का अनुसरण और आज्ञा-पालन करते हैं, तो हम वास्तव में परमेश्वर का ही अनुसरण और आज्ञा-पालन करते हैं। यथार्थतः मनुष्य का अनुसरण और आज्ञा-पालन करने का क्या मतलब है, और वास्तव में परमेश्वर का अनुसरण और आज्ञा-पालन करने का क्या अर्थ है, ज्यादातर लोग सत्य के इस पहलू को नहीं समझते हैं, तो कृपया हमारे लिए यह सहभागिता करो।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-following-God-and-following-people-1.html) - उत्तर: धर्म में, कुछ लोग सोचते हैं कि सभी धार्मिक पादरी और एल्डर्स प्रभु द्वारा चुने और प्रतिष्ठित किये जाते है। इसलिए लोगों को उनका आज्ञापालन करना चाहिए। क्या इस तरह की धारणा का बाइबल में कोई आधार है? क्या प्रभु के वचन में इसका कोई प्रमाण है? क्या इसमें पवित्र आत्मा की गवाही और
- [बाइबल में, पौलुस ने कहा था,"हर एक व्यक्ति शासकीय अधिकारियों के अधीन रहे, क्योंकि कोई अधिकार ऐसा नहीं जो परमेश्वर की ओर से न हो; और जो अधिकार हैं, वे परमेश्वर के ठहराए हुए हैं" (रोमियों 13:1)। "इसलिये अपनी और पूरे झुण्ड की चौकसी करो जिसमें पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है, कि तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो" (प्रेरितों 20:28)। धार्मिक दुनिया में अधिकांश लोग अपने विश्वास में पौलुस के इन शब्दों को मानते हैं कि पादरियों और एल्डर्स को परमेश्वर द्वारा नियुक्त किया जाता है, और वे कलीसियाओं में प्रभु की सेवा करते हैं। उनका मानना है कि जो लोग पादरियों और एल्डर्स की बात सुनते हैं और उनका अनुपालन करते हैं, वे प्रभु का अनुपालन और अनुसरण करते हैं, और पादरियों के शब्दों को सुनना प्रभु के वचनों को सुनना है। क्या यह प्रभु की इच्छा के अनुरूप है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-following-God-and-following-people-2.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना ही हमारा कर्तव्य है" (प्रेरितों 5:29)। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: ऐसे भी लोग हैं जो बड़ी-बड़ी कलीसियाओं में दिन-भर बाइबल पढ़ते रहते हैं, फिर भी उनमें से एक भी ऐसा नहीं होता जो परमेश्वर के कार्य के उद्देश्य
- [तुम यह प्रमाण देते हो कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर देहधारी परमेश्वर है, जो अभी अंतिम दिनों में अपने न्याय के कार्य को कर रहा है। लेकिन धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का कहना है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य वास्तव में मनुष्य का काम है, और बहुत से लोग जो प्रभु यीशु पर विश्वास नहीं करते, वे कहते हैं कि ईसाई धर्म एक मनुष्य में विश्वास है। हम अभी भी यह नहीं समझ पाए हैं कि परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के काम के बीच में क्या अंतर है, इसलिए कृपया हमारे लिए यह सहभागिता करो।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/work-and-word-of-God-and-of-man-2.html) - उत्तर: परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का कार्य निश्चित रूप से अलग हैं। अगर हम सावधानी से जाँच करें तो हम लोग इसे देख पाएँगे। मिसाल के तौर पर, अगर हम प्रभु यीशु के कथनों और कार्य को देखें और फिर प्रेरितों के कथनों और कार्य पर नज़र डालें, तो हम कह सकते हैं कि
- [तुम इस बात की गवाही देते हो कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर जिन वचनों को "वचन देह में प्रकट होता है" में व्यक्त करता है, वे स्वयं परमेश्वर के ही वचन हैं, लेकिन हम मानते हैं कि वे किसी ऐसे व्यक्ति के शब्द हैं जो पवित्र आत्मा द्वारा प्रबुद्ध हुआ है। इसलिए, जिसकी मुझे खोज करनी है वह यह है कि देहधारी परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए वचनों और पवित्र आत्मा के द्वारा प्रबुद्ध किये गये व्यक्ति के शब्दों के बीच यथार्थतः क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/work-and-word-of-God-and-of-man-1.html) - उत्तर: सर्वशक्तिमान परमेश्वर जो भी व्यक्त करते हैं, वह सत्य है, तथा वचन देह में प्रकट होता है, वस्तुत: सर्वशक्तिमान परमेश्वर, जो प्रभु यीशु का दूसरा आगमन हैं, उनके कथन हैं। सभी हृदयवान व आत्मा-युक्त जन, उनके वचनों को देख कर, इस बात को हार्दिक रूप से स्वीकारेंगे, यह पहचान जाएँगे कि वह परमेश्वर की
- [धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग अक्सर विश्वासियों के लिए ऐसा प्रचार करते हैं कि कोई भी उपदेश जो कहता है कि प्रभु देह में आ गया है, वह झूठा है। वे बाइबल की इन पंक्तियों को इसका आधार बनाते हैं: "उस समय यदि कोई तुम से कहे, 'देखो, मसीह यहाँ है!' या 'वहाँ है।' तो विश्वास न करना। क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और बड़े चिह्न, और अद्भुत काम दिखाएँगे कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी भरमा दें" (मत्ती 24:23-24)। अब हमें कुछ पता नहीं है कि हमें सच्चे मसीह को झूठों से कैसे पहचानना चाहिए, इसलिए कृपया इस प्रश्न का उत्तर दो।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/differentiating-between-the-true-Christ-and-false-christs-6.html) - उत्तर: प्रभु यीशु ने वास्तव में यह भविष्यवाणी की थी कि अंत के दिनों में झूठे मसीहा और झूठे पैगम्बर सामने आएँगे। यह एक सच्चाई है। लेकिन प्रभु यीशु ने कई बार यह भी स्पष्ट रूप से भविष्यवाणी की है कि वे वापस लौटेंगे। पक्के तौर पर, क्या हम इसमें विश्वास करते हैं? प्रभु यीशु
- [हमारा यह विश्वास कि प्रभु यीशु का कार्य ही सच्चा मार्ग है, इसलिए है क्योंकि प्रभु यीशु हमें छुटकारा दिला सकता है और हमारे पापों को क्षमा कर सकता है। तो आपके पास अपनी इस गवाही का समर्थन करने के लिए क्या सबूत है कि "चमकती पूर्वी बिजली" सही मार्ग है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/distinguishing-between-the-true-way-and-the-false-way-3.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: सच्चे मार्ग की खोज करने में सबसे बुनियादी सिद्धांत क्या है? तुम्हें देखना होगा कि इस मार्ग में पवित्र आत्मा का कार्य है या नहीं, ये वचन सत्य की अभिव्यक्ति हैं या नहीं, किसके लिए गवाही देनी है, और यह तुम्हारे लिए क्या ला सकता है। सच्चे मार्ग और झूठे मार्ग
- [अगर चमकती पूर्वी बिजली सच्चा मार्ग है, तो आप किस आधार पर इसको पक्का कर रहे हैं? हम प्रभु यीशु में इसलिए विश्वास करते हैं क्योंकि वे हमें बचा सकते हैं, लेकिन आप किस चीज़ से ये जांच रहे हैं कि चमकती पूर्वी बिजली सच्चा मार्ग है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/distinguishing-between-the-true-way-and-the-false-way-2.html) - उत्तर: इस बात पर, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विचार जानने के लिए, उनके वचनों के दो अंश पढ़ते हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "सच्चे मार्ग की खोज करने में सबसे बुनियादी सिद्धांत क्या है? तुम्हें देखना होगा कि इस मार्ग में पवित्र आत्मा का कार्य है या नहीं, ये वचन सत्य की अभिव्यक्ति हैं या नहीं,
- [धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग बाइबल में पौलुस के इन शब्दों को थामे रहते हैं: "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है" (2 तीमुथियुस 3:16), वे ऐसा विश्वास करते हैं कि बाइबल की हर बात परमेश्वर का ही वचन है, लेकिन तुम कहते हो कि बाइबल के शब्द पूरी तरह से परमेश्वर के वचन नहीं हैं, तो यह सब क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-13.html) - उत्तर: सबसे पहले, हमें यह समझने की ज़रूरत है कि बाइबल कैसे और कब बनी। बाइबल की मूल किताब पुराने नियम का उल्लेख करती है। इज़राइली लोगों ने, अर्थात यहूदियों ने, केवल पुराने नियम को ही पवित्र शास्त्र कहा था। और फिर, अनुग्रह के युग में, प्रभु यीशु ने छुटकारे के कार्य का एक चरण
- [आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आया है, कि वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं, और यह कि परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को करने के लिए वह सत्य को व्यक्त कर रहा है। फिर भी पादरियों और एल्डर्स का कहना है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में दर्ज हैं, और यह कि ऐसा कुछ भी नहीं है जो बाइबल की सच्चाईयों में शामिल न किया गया हो। वे कहते हैं कि बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई भी वचन और कार्य नहीं हो सकता, और बाइबल के बाहर जो कुछ है, वह विधर्म है। हमें इस मुद्दे के साथ कैसे पेश आना चाहिए चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-19.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "और भी बहुत से काम हैं, जो यीशु ने किए; यदि वे एक एक करके लिखे जाते, तो मैं समझता हूँ कि पुस्तकें जो लिखी जातीं वे संसार में भी न समातीं" (यूहन्ना 21:25)। "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह
- [बाइबल परमेश्वर के कार्य की गवाही है। यह बाइबल के माध्यम से है कि वे सब जो परमेश्वर में विश्वास करते हैं, इसे स्वीकार करते हैं कि आकाश और पृथ्वी और सभी चीज़ें परमेश्वर द्वारा बनाई गईं थीं। यह बाइबल के कारण है कि वे परमेश्वर के कार्यों के आश्चर्य, महानता और सर्वशक्तिमानता को देखते हैं। इसके अतिरिक्त, बाइबल में परमेश्वर के कई वचन हैं और मनुष्य की अनुभवात्मक गवाहियाँ हैं जो मनुष्य के जीवन के लिए प्रावधान प्रदान करने में सक्षम हैं, और मनुष्य के लिए बहुत अधिक शिक्षाप्रद हैं। क्या हम बाइबल को पढ़ने से अनंत जीवन पा सकते हैं? या क्या बाइबल में अनंत जीवन का मार्ग नहीं है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-20.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो, क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है; और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते" (यूहन्ना 5:39-40)। "मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा
- [तुम यह गवाही देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस आ चुका है, कि वह पूरी सत्य को अभिव्यक्त करता है जिससे कि लोग शुद्धिकरण प्राप्त कर सकें और बचाए जा सकें, और वर्तमान में वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है, लेकिन हम इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं करते। यह इसलिए है क्योंकि धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का हमें बहुधा यह निर्देश है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में अभिलेखित हैं और बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई और वचन या कार्य नहीं हो सकता है, और बाइबल के विरुद्ध या उससे परे जाने वाली हर बात विधर्म है। हम इस समस्या को समझ नहीं सकते हैं, तो तुम कृपया इसे हमें समझा दो।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-14.html) - उत्तर: धार्मिक समुदाय का इस प्रकार का दृष्टिकोण परमेश्वर के वचन पर आधारित नहीं है; यह पूरी तरह से बाइबल की गलत व्याख्या का परिणाम है। बाइबल परमेश्वर के कार्य के पहले दो चरणों की गवाही देती है; यह सच है। हालांकि, बाइबल में जो आलेखित है, वह सीमित है, और इसमें परमेश्वर द्वारा अपने
- [धार्मिक पादरी और एल्डर्स प्रभु के वचनों को फैलाने या उनके इरादों की चर्चा करने के बजाय, अक्सर बाइबल में मनुष्य के कथनों और ख़ासकर पौलुस के कथनों को समझाते हैं। यही सच है। मैं एक बात नहीं समझ पायी, क्या पूरा बाइबल परमेश्वर से प्रेरित नहीं है? क्या बाइबल की हर बात परमेश्वर का वचन नहीं है? आप बाइबल में मनुष्य के वचनों और परमेश्वर के वचनों में इतना फ़र्क क्यों करते हैं? क्या बाइबल में मनुष्य का हर कथन परमेश्वर से प्रेरित नहीं है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-10.html) - उत्तर: "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है।" क्या आप जानते हैं कि यह बात किसने कही थी? क्या इसे परमेश्वर ने कहा या मनुष्य ने? किस आधार पर आप यह कहते हैं "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है?" "सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है।" इस बात
- [आप लोग यह गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु पहले ही आ चुके हैं और वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर हैं। और यह कि उन्होंने कई सत्य व्यक्त किए हैं और वे अंतिम दिनों का न्याय का कार्य कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह असंभव है। हमने हमेशा यही कहा है कि परमेश्वर के वचन एवं कार्य बाइबिल में लिखे हुए हैं, और यह कि परमेश्वर के शब्द और कार्य बाइबिल के बाहर विद्यमान नहीं हैं। बाइबल में पहले से ही परमेश्वर द्वारा उद्धार की पूर्णता समाविष्ट है, बाइबिल परमेश्वर की प्रतिनिधि है। जब तक कोई व्यक्ति बाइबल का पालन करता है, तब तक वह स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करेगा। प्रभु में हमारा विश्वास बाइबल पर आधारित है, बाइबल से भटकना प्रभु को इनकार तथा उनसे विश्वासघात करने का गठन करता है! क्या इस समझ में कुछ गलत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-8.html) - उत्तर: आप लोगों अभी-अभी कहा कि परमेश्वर के सभी वचन एवं कार्य, बाइबल के अंदर समाविष्ट हैं, कि बाइबल में परमेश्वर द्वारा उद्धार के बारे में सब है, और यह कि परमेश्वर के शब्द और कार्य बाइबल के बाहर कहीं नहीं दिखेंगे। संपूर्ण धार्मिक विश्व भी यह मानता है। ऐसा लगता है कि कोई भी
- [बाइबल बाइबल है, परमेश्वर परमेश्वर हैं। मैं समझ गयी हूँ कि बाइबल परमेश्वर का प्रतिनिधित्व बिल्कुल नहीं कर सकती है! लेकिन बाइबल और परमेश्वर के बीच संबंध क्या है? मैं अभी भी यह नहीं समझ पायी हूँ। कृपया हमारे साथ कुछ और चर्चा करें!](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/inside-story-of-the-bible-7.html) - उत्तर: प्रभु यीशु ने यह सवाल बहुत स्पष्ट रूप से समझाया है। कृपया यूहन्ना 5:39-40: "तुम पवित्रशास्त्र में ढूँढ़ते हो; क्योंकि समझते हो कि उसमें अनन्त जीवन तुम्हें मिलता है: और यह वही है जो मेरी गवाही देता है; फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते।" प्रभु यीशु ने बाइबल
- [अंत के दिनों में कार्य करने के लिए परमेश्वर के चीन में देहधारण का उद्देश्य और अर्थ](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/location-of-God-s-work-in-the-last-days-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: यहोवा का कार्य दुनिया का सृजन था, वह आरंभ था; कार्य का यह चरण कार्य का अंत है, और यह समापन है। आरंभ में, परमेश्वर का कार्य इस्राएल के चुने हुए लोगों के बीच किया गया था और यह सभी जगहों में से सबसे पवित्र जगह पर एक नए युग का
- [बाइबल की भविष्यवाणियों और परमेश्वर के वचनों में अंत के दिनों में परमेश्वर के चीन में देहधारण करने का आधार](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/location-of-God-s-work-in-the-last-days-3.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक जाति-जाति में मेरा नाम महान् है, और हर कहीं मेरे नाम पर धूप और शुद्ध भेंट चढ़ाई जाती है; क्योंकि अन्यजातियों में मेरा नाम महान् है, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है" (मलाकी 1:11)। "क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्चिम तक
- [अंत के दिनों का परमेश्वर का कार्य चीन में क्यों किया जाता है और इस्राएल में क्यों नहीं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/location-of-God-s-work-in-the-last-days-1.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक जाति-जाति में मेरा नाम महान् है..., सेनाओं के यहोवा का यही वचन है" (मलाकी 1:11)। "क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्चिम तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य के पुत्र का भी आना होगा। जहाँ लोथ हो, वहीं गिद्ध इकट्ठे होंगे" (मत्ती 24:27-28)।
- [अगर हम अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं, तो हम कैसे अनन्त जीवन का मार्ग पाने की चाहत कर सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life-7.html) - उत्तर: सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंत के दिनों में उस सत्य की समग्रता को व्यक्त करते हैं जो मानव जाति को पूरी तरह शुद्ध कर सकती है और बचा सकती है, ये सत्य हमारे भ्रष्ट सार और हमारी कमियों के अनुसार व्यक्त किये जाते हैं, इसका अर्थ यह है कि ये सत्य की वे सच्चाइयां हैं, जो
- [प्रभु यीशु और सर्वशक्तिमान परमेश्वर एक ही परमेश्वर हैं। वे अलग-अलग युगों में अलग-अलग कार्य करते हैं। प्रभु यीशु ने छुटकारे का कार्य किया और पश्चाताप के मार्ग का प्रचार किया, और सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंतिम दिनों में न्याय और शुद्धिकरण का कार्य करता है, और अनन्त जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है। तो आखिर, पश्चाताप और अनन्त जीवन के मार्ग के बीच क्या अंतर है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life-9.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मन फिराओ क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आया है" (मत्ती 4:17)। "क्योंकि यह वाचा का मेरा वह लहू है, जो बहुतों के लिये पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है" (मत्ती 26:28)। "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं
- [प्रभु यीशु ने कहा था, "परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूँगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा; वरन् जो जल मैं उसे दूँगा, वह उसमें एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा" (यूहन्ना 4:14)। बाइबल भी ऐसा ही कहती है: "जो पुत्र पर विश्वास करता है, अनन्त जीवन उसका है; परन्तु जो पुत्र की नहीं मानता, वह जीवन को नहीं देखेगा, परन्तु परमेश्वर का क्रोध उस पर रहता है" (यूहन्ना 3:36)। हम मानते हैं कि प्रभु यीशु मसीह है, मनुष्य का पुत्र, और यह कि प्रभु यीशु का मार्ग अनंत जीवन का मार्ग है। हम मानते हैं कि जब तक हम प्रभु में विश्वास करते रहें, हम अनन्त जीवन पाने में सक्षम होंगे। परन्तु आप यह गवाही देते हैं कि केवल अंतिम दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग प्रदान कर सकता है। क्या आप यह कह रहे हैं कि यदि हम प्रभु यीशु का अनुसरण करते हैं, तो हम अनंत जीवन का मार्ग प्राप्त करने में सक्षम नहीं होंगे? हमें अंतिम दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, के वचनों और कार्यों को स्वीकार करने की आवश्यकता क्यों है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-way-of-eternal-life-8.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें
- [बाइबल में जो लिखित है उसके अनुसार, प्रभु यीशु देह बना हुआ मसीह है, वह परमेश्वर का पुत्र है। फिर भी आप गवाही देते हैं कि देहधारी मसीह परमेश्वर का प्रकटन है, वह स्वयं परमेश्वर ही है। यदि प्रभु यीशु स्वयं परमेश्वर है, तो प्रार्थना करते समय प्रभु यीशु अपने पिता से प्रार्थना कैसे कर सकता है? देहधारी मसीह परमेश्वर का पुत्र है या स्वयं परमेश्वर ही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-8.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "यीशु ने उससे कहा, 'मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता। यदि तुम ने मुझे जाना होता, तो मेरे पिता को भी जानते; और अब उसे जानते हो, और उसे देखा भी है।' फिलिप्पुस ने उससे कहा, 'हे
- [मैंने कई वर्षों से प्रभु यीशु पर विश्वास किया है, और हालाँकि मुझे पता है कि प्रभु यीशु देह बना परमेश्वर है, मैं देहधारण के सत्य को पूरी तरह से नहीं समझता हूँ। जब प्रभु लौटता है, तब यदि वह वास्तव में प्रभु यीशु के रूप में प्रकट होता है, मनुष्य के पुत्र के रूप में कार्य करते हुए, तो हमारे लिए उसे पहचानना या उसके आने का स्वागत कर पाना असंभव होगा। मुझे लगता है कि देहधारण एक रहस्य है, और केवल कुछ ही लोग देहधारण की सच्चाई को समझते हैं। कृपया मेरे साथ सहभागिता करें कि वस्तुतः देहधारण क्या है।](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truth-of-the-incarnation-7.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था" (यूहन्ना 1:1)। "और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण होकर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उसकी ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा" (यूहन्ना 1:14)। "इसमें सन्देह
- [विपत्ति के पहले स्वर्गारोहण क्या है? ऐसा विजयी किसे कहते हैं जिसे विपत्ति से पहले पूर्ण किया जाता हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/what-is-the-rapture-before-the-disaster.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: "उठाया जाना" निचले स्थान से किसी ऊँचे स्थान पर ले जाया जाना नहीं है जैसा कि लोग सोच सकते हैं; यह एक बहुत बड़ी मिथ्या धारणा है। "उठाया जाना" मेरे द्वारा पूर्वनियत और फिर चयनित किए जाने को इंगित करता है। यह उन सभी के लिए है जिन्हें मैंने पूर्वनियत और
- [प्रभु यीशु ने एक बार कहा था: "क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। प्रभु यीशु पुनर्जीवित हुए और हमारे लिये एक स्थान तैयार करने स्वर्ग लौटे, इसका अर्थ ये हुआ कि वो स्थान स्वर्ग में है। अगर प्रभु लौट आए हैं, तो उनका आना, हमें स्वर्ग में आरोहित करने के लिये होना चाहिये, पहले हमें प्रभु से मिलवाने, आसमान में ऊपर उठाने के लिये होना चाहिये। अब तुम लोग इस बात की गवाही दे रहे हो कि प्रभु यीशु लौट आये हैं, वे देहधारी हुए हैं, और धरती पर वचन बोलने और कार्य करने में लगे हैं। तो वो हमें स्वर्ग के राज्य में कैसे लेकर जाएंगे? स्वर्ग का राज्य धरती पर है या स्वर्ग में?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-2-7.html) - उत्तर: जहां तक सवाल ये है कि स्वर्ग का राज्य धरती पर या स्वर्ग में, पहले तो ये समझना ज़रूरी है कि असल में स्वर्ग का राज्य है क्या? ये तो सब जानते हैं कि "स्वर्ग" का मतलब है स्वर्गिक, परमेश्वर से संबंधित। तो स्वाभाविक है, स्वर्ग के राज्य का मतलब परमेश्वर का राज्य, जहां
- [आप गवाही देते हैं कि प्रभु देह बन गया है, गुप्त रूप से पृथ्वी पर उतरा है, और परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है। यह कैसे हो सकता है? बाइबल स्पष्ट रूप से भविष्यवाणी करती है, "तब मनुष्य के पुत्र का चिह्न आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे" (मत्ती 24:30)। "देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है, और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे" (प्रकाशितवाक्य 1:7)। हमारा मानना है कि जब परमेश्वर लौटता है, तो उसे बादलों के साथ लौटना चाहिए और सभी लोगों के सामने खुलकर प्रकट होना चाहिए। फिर भी आप गवाही देते हैं कि प्रभु पहले से ही देह बन चुका है और गुप्त रूप से पृथ्वी पर उतरा है, जो हमारी समझ से पूरी तरह से भिन्न है। यहाँ क्या चल रहा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/method-of-Lord-s-arrival-10.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "हमारे पास जो भविष्यद्वक्ताओं का वचन है, वह इस घटना से दृढ़ ठहरा। तुम यह अच्छा करते हो जो यह समझकर उस पर ध्यान करते हो कि वह एक दीया है, जो अन्धियारे स्थान में उस समय तक प्रकाश देता रहता है जब तक कि पौ न फटे और
- [प्रभु की वापसी में देहधारण क्यों शामिल है—गुप्त रूप से अवरोहण—साथ-ही-साथ सार्वजनिक रूप से बादलों से अवरोहण?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/method-of-Lord-s-arrival-7.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "देख, मैं चोर के समान आता हूँ" (प्रकाशितवाक्य 16:15)। "आधी रात को धूम मची: 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो'" (मत्ती 25:6)। "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके
- [कलीसिया जिसे आपदाओं से पहले स्वर्गारोहित किया जाएगा—फिलाडेल्फिया की कलीसिया](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-philadelphia-church-topic.html)
- [क्या तुमने सचमुच अनंत जीवन का मार्ग पा लिया है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/have-you-really-found-the-way-of-eternal-life-topic.html)
- [परमेश्वर में विश्वास वास्तव में क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/faith-in-God-topic.html) - हम परमेश्वर में विश्वास के माध्यम से अनन्त जीवन कैसे प्राप्त कर सकते हैं? बाइबल कहती है, "जो पुत्र पर विश्वास करता है, अनन्त जीवन उसका है"। प्रभु यीशु मनुष्य का पुत्र है। और बाइबल भविष्यवाणी करती है कि प्रभु की वापसी देहधारी बनकर, मनुष्य के पुत्र के रूप में प्रकट होना है। क्या हम
- [बाइबिल के रहस्यों से पर्दा हट चुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/mysteries-about-the-bible-unveiled-topic.html)
- [किस तरह इंसान भ्रष्टता से स्वच्छ हो सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/how-man-can-be-cleansed-of-corruption-topic.html)
- [सीसीपी सरकार और धार्मिक जगत के द्वारा फैलाये गये अफवाहों में विश्वास करने की समस्या की प्रकृति क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rumors-of-ccp-and-religious-world.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: जो सत्य को नहीं समझते हैं वे हमेशा दूसरों का अनुसरण करते हैं: यदि लोग कहते हैं कि यह पवित्र आत्मा का कार्य है, तो तुम भी कहते हो कि यह पवित्र आत्मा का कार्य है; यदि लोग कहते हैं कि यह दुष्टात्मा का कार्य है, तो तुम्हें भी संदेह हो
- [जो लोग शैतान के अफवाहों को मानकर परमेश्वर से मुँह फेर लेते हैं, उनके साथ परमेश्वर कैसा व्यवहार करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/those-who-believe-satans-rumors.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "तब सर्प ने स्त्री से कहा, 'तुम निश्चय न मरोगे! वरन् परमेश्वर आप जानता है कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आँखें खुल जाएँगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे।' अत: जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का
- [मानव जाति की अद्भुत मंज़िल कैसी होगी](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/man-s-destination.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहला आकाश और पहली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग से परमेश्वर के पास से उतरते देखा। वह उस दुल्हिन के समान थी जो अपने
- [परमेश्वर पूरे ब्रह्मांड का प्रबंधन और उस पर शासन करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-is-the-Lord-of-creation-4.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : ब्रह्मांड और आकाश की विशालता में अनगिनत जीव रहते और प्रजनन करते हैं, जीवन के चक्रीय नियम का पालन करते हैं, और एक अटल नियम का अनुसरण करते हैं। जो मर जाते हैं, वे अपने साथ जीवित लोगों की कहानियाँ लेकर चले जाते हैं, और जो लोग जी रहे हैं,
- [परमेश्वर द्वारा सभी प्रकार की आपदाओं को बरसाने का अर्थ](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/truths-of-arrival-of-great-disasters-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : आज, मैं न केवल बड़े लाल अजगर के राष्ट्र के ऊपर उतर रहा हूँ, बल्कि मैं अपना चेहरा समूचे ब्रह्माण्ड की ओर भी मोड़ रहा हूँ, जिसने समूचे सर्वोच्च आसमान में कंपकंपाहट उत्पन्न कर दी है। क्या कहीं कोई एक भी स्थान है जो मेरे न्याय के अधीन नहीं है?
- [परमेश्वर द्वारा प्रयुक्त लोगों के कार्य और धार्मिक अगुआओं के कार्य के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/work-of-god-and-work-of-man-2.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : ऐसे लोगों के अतिरिक्त जिन्हें पवित्र आत्मा का विशेष निर्देश और अगुवाई प्राप्त है, कोई भी स्वतंत्र रूप से जीवन जीने में सक्षम नहीं है, क्योंकि उन्हें परमेश्वर द्वारा प्रयुक्त लोगों की सेवकाई और उनके मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। इस प्रकार, परमेश्वर हर युग में अलग-अलग लोगों को तैयार
- [अफवाहें कहाँ से आती हैं और इन्हें कैसे बनाया जाता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/where-do-rumors-come-from.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "यहोवा परमेश्वर ने जितने बनैले पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था; उसने स्त्री से कहा, क्या सच है कि परमेश्वर ने कहा, 'तुम इस वाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना'? स्त्री ने सर्प से कहा, 'इस वाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते
- [सीसीपी सरकार, सर्वशक्तिमान परमेश्वर और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का पागलों सा दमन और उन्हें क्रूरता से प्रताड़ित क्यों करती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/the-ccp-madly-suppress-church.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "इस युग के लोग बुरे हैं" (लूका 11:29)। "और सारा संसार उस दुष्ट के वश में पड़ा है" (1 यूहन्ना 5:19)। "और दण्ड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उनके काम बुरे
- [परमेश्वर द्वारा सीसीपी सरकार और धार्मिक दुनिया का उपयोग करने में परमेश्वर की कौन सी बुद्धिमत्ता और सर्वशक्तिमत्ता का पता चलता है? (1)](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/wisdom-and-omnipotence-of-God-1.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मेरी सम्पूर्ण प्रबन्धन योजना, ऐसी योजना जो छः हज़ार सालों तक फैली हुई है, तीन चरणों या तीन युगों को शामिल करती हैः आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों में राज्य का युग। प्रत्येक युग की प्रकृति के अनुसार
- [प्रभु यीशु ने फरीसियों को शाप क्यों दिया था, और फरीसियों का सार क्या था](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-25.html) - संदर्भ के लिए बाइबल के पद : "तब यरूशलेम से कुछ फरीसी और शास्त्री यीशु के पास आकर कहने लगे, 'तेरे चेले पूर्वजों की परम्पराओं को क्यों टालते हैं, कि बिना हाथ धोए रोटी खाते हैं?' उसने उनको उत्तर दिया, 'तुम भी अपनी परम्पराओं के कारण क्यों परमेश्वर की आज्ञा टालते हो? क्योंकि परमेश्वर ने
- [यह क्यों कहा जाता है कि धार्मिक पादरी और एल्डर सभी फरीसियों के मार्ग पर चल रहे हैं, और उनका सार क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/analyzing-the-essence-of-the-pharisees-26.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मनुष्य भ्रष्ट हो चुका है और शैतान के फंदे में जी रहा है। सभी लोग देह में जीते हैं, स्वार्थपूर्ण अभिलाषाओं में जीते हैं, और उनके मध्य एक भी व्यक्ति नहीं, जो मेरे अनुकूल हो। ऐसे लोग भी हैं, जो कहते हैं कि वे मेरे अनुकूल हैं, परंतु वे सब
- [स्वर्गारोहण वास्तव में क्या है, और व्यक्ति को परमेश्वर के सिंहासन के सामने कैसे उठाया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/rapture-2-8.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : फ़िलाडेल्फ़िया की कलीसिया ने अपना आकार ले लिया है, और यह पूरी तरह से परमेश्वर के अनुग्रह और दया के कारण हुआ है। परमेश्वर के लिए प्रेम अनेक संतों में जगता है जो बिना डगमगाए अपने आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हैं। वे अपने इस विश्वास पर दृढ़ रहते हैं कि
- [धोखेबाज़ लोग उद्धार क्यों नहीं प्राप्त कर पाते](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-11.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मूल बात यह है कि परमेश्वर निष्ठावान है, अत: उसके वचनों पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है; इसके अतिरिक्त, उसका कार्य दोषरहित और निर्विवाद है, यही कारण है कि परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो उसके साथ पूरी तरह से ईमानदार होते हैं। ईमानदारी का अर्थ है
- [सच्चा आत्मज्ञान क्या है और उससे क्या पाया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-12.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : भ्रष्टाचार के हजारों सालों बाद, मनुष्य संवेदनहीन और मूर्ख बन गया है; वह एक दुष्ट आत्मा बन गया है जो परमेश्वर का विरोध करती है, इस हद तक कि परमेश्वर के प्रति मनुष्य की विद्रोहशीलता इतिहास की पुस्तकों में दर्ज की गई है, यहाँ तक कि मनुष्य खुद भी अपने
- [सच्चा आत्मज्ञान कैसे हासिल किया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-13.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर ने कई अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया है ताकि लोग खुद को जान सकें। वह लोगों को अनुभव के माध्यम से धीरे-धीरे खुद को जानने देता है। चाहे परीक्षण हो, न्याय या ताड़ना हो, परमेश्वर अपने वचनों में, और वास्तविक तथ्यों में, लोगों को बिना रुके अनुभव करने देता
- [क्यों बिना आत्मज्ञान के स्वभाव में बदलाव और उद्धार नहीं पाया जा सकता](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-14.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : मनुष्य के स्वभाव में बदलाव उसके सार के ज्ञान से शुरू होता है और यह उसकी सोच, प्रकृति, और मानसिक दृष्टिकोण तक जाना चाहिये—मौलिक परिवर्तन होना चाहिये। केवल इसी ढंग से मनुष्य के स्वभाव में सच्चे बदलाव आ सकेंगे। मनुष्य का भ्रष्ट स्वभाव शैतान के द्वारा उसे जहर दिये जाने
- [क्या भ्रष्ट स्वभाव के अनुसार जीते हुए ठीक ढंग से कर्तव्य निभाया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-15.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर की सेवा करना कोई सरल कार्य नहीं है। जिनका भ्रष्ट स्वभाव अपरिवर्तित रहता है, वे परमेश्वर की सेवा कभी नहीं कर सकते हैं। यदि परमेश्वर के वचनों के द्वारा तुम्हारे स्वभाव का न्याय नहीं हुआ है और उसे ताड़ित नहीं किया गया है, तो तुम्हारा स्वभाव अभी भी शैतान
- [अपना कर्तव्य सही तरह से कैसे निभाया जा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-16.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : "कर्तव्य का पर्याप्त निष्पादन," वाक्यांश में "पर्याप्त" शब्द पर ज़ोर दिया गया है। तो, "पर्याप्त" को कैसे परिभाषित किया जाना चाहिए? इसमें भी, तलाश करने के लिए सत्य है। क्या केवल काम चलाऊ कार्य करना ही पर्याप्त है? "पर्याप्त" शब्द को कैसे समझना और उस पर विचार करना है, इसके
- [परमेश्वर का आज्ञापालन क्या है और परमेश्वर के प्रति आज्ञापालन की विशिष्ट अभिव्यक्तियाँ क्या हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-17.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर ने मनुष्यों का सृजन किया और उन्हें पृथ्वी पर रखा और तब से उनकी अगुआई की। फिर उसने उन्हें बचाया और मानवता के लिये पापबलि बना। अंत में, उसे अभी भी मानवता को जीतना होगा, मनुष्यों को पूरी तरह से बचाना होगा और उन्हें उनकी मूल समानता में वापस
- [मनुष्य द्वारा परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह और विरोध की जड़ क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-18.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर के विरुद्ध मनुष्य के विरोध और उसकी विद्रोहशीलता का स्रोत शैतान के द्वारा उसकी भ्रष्टता है। क्योंकि वह शैतान के द्वारा भ्रष्ट कर दिया गया है, इसलिये मनुष्य की अंतरात्मा सुन्न हो गई है, वह अनैतिक हो गया है, उसके विचार पतित हो गए हैं, और उसका मानसिक दृष्टिकोण
- [परमेश्वर का आज्ञापालन कैसे किया जा सकता है और अभ्यास के किन सिद्धांतों के अनुसार व्यक्ति को परमेश्वर का आज्ञापालन करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/practicing-and-entering-the-truth-19.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : परमेश्वर के देह में होने के दौरान, जिस आज्ञाकारिता की वह लोगों से अपेक्षा करता है, उसमें आलोचना से बचना या विरोध न करना शामिल नहीं है, जैसा कि लोग कल्पना करते हैं—इसके बजाय, वह अपेक्षा करता है कि लोग उसके वचनों को अपने जीवन का सिद्धांत और अपने जीवन
- [न्याय, ताड़ना, परीक्षण और शोधन का अनुभव करने से क्या हासिल होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel/God-s-judgment-work-in-the-last-days-33.html) - परमेश्वर के प्रासंगिक वचन : अंत के दिनों में मसीह मनुष्य को सिखाने, उसके सार को उजागर करने और उसके वचनों और कर्मों की चीर-फाड़ करने के लिए विभिन्न प्रकार के सत्यों का उपयोग करता है। इन वचनों में विभिन्न सत्यों का समावेश है, जैसे कि मनुष्य का कर्तव्य, मनुष्य को परमेश्वर का आज्ञापालन किस
## 经历见证
- [मैंने एक सुरक्षित नौकरी कैसे छोड़ दी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-let-go-of-a-secure-job.html) - टेरी, जापान मेरा जन्म एक गरीब, पिछड़े, ग्रामीण परिवार में हुआ था। बचपन से ही मेरे पिता मुझे पढ़ाई पर जोर देने के लिए कहते रहे, ताकि भविष्य में एक अच्छे विश्वविद्यालय में दाखिला मिल सके, अच्छा भविष्य हो और मैं एक खुशहाल जिंदगी जी सकूँ। पर सब कुछ मेरी योजना के मुताबिक नहीं हुआ।
- [काट-छाँट किए जाने से मैंने क्या पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/gained-from-being-dealt-with.html) - मिरियम, जापान जून 2022 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। मुझे क्या काम करने होंगे, जो तमाम अनुभव मिलेंगे और यह जीवन में प्रगति के लिए कितना अच्छा होगा, इन सारी बातों के बारे में सोचकर मैं बहुत उत्साहित थी। अभ्यास का यह मौका देने के लिए मैं परमेश्वर की भी आभारी थी। लेकिन मैं
- [मैं दूसरों की समस्याएँ उजागर करने से क्यों डरती हूँ?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-fear-exposing-others-problems.html) - रोक्साना, ताइवान जब मैं स्कूल में थी तो मेरा ध्यान गया कि मेरे कुछ सहपाठी बहुत बेबाकी से बोला करते थे। दूसरों को गलत करते देखकर वे उनके सामने ही उनकी गलती बता देते, जिससे वे अक्सर नाराज हो जाते और उन्हें किनारे कर दिया जाता। मैंने सोचा : “क्या ये लोग थोड़े मूर्ख नहीं
- [धर्म में रहकर सत्य नहीं मिल सकता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/truth-can-not-be-gained-in-religion.html) - मिली, ताइवान जब मैं बच्ची थी, तो अपने माता-पिता की तरह मैं भी प्रभु में पूरे उत्साह से आस्था रखती थी और कलीसिया की सभी गतिविधियों में, चाहे वे जो भी हों, बढ़-चढ़कर भाग लेती थी। अपनी आय का दसवां हिस्सा दशमांश के रूप में देती और हमेशा कलीसिया की सेवकाई में शामिल होती थी।
- [धार्मिक पादरियों को बुरे सेवकों के रूप में उजागर होता देखना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/seeing-through-the-pastor-is-evil.html) - टिम, म्यांमार सितंबर 2020 में मैं एक बहन से ऑनलाइन मिला। उसने बताया कि प्रभु यीशु, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस लौट आया है, और वह न्याय-कार्य करने के लिए सत्य व्यक्त कर रहा है। मैं प्रभु के वापस आने की बात सुनकर रोमांचित हो गया, और ऑनलाइन सभाओं में भाग लेना और सर्वशक्तिमान
- [मेरे परिवार द्वारा मेरा दमन : सबक देने वाला एक अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/oppressed-by-my-family-a-learning-experience.html) - विलमा, कनाडा मैंने 2016 में सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का सुसमाचार स्वीकारा और अपने पति के साथ सुसमाचार साझा किया। मेरे परमेश्वर में आस्था रखने के बाद, उन्होंने देखा कि मेरा पूरा व्यवहार ही बदल गया था, और मैं कहीं अधिक शांत इंसान बन गई थी। मेरे पति को लगा कि परमेश्वर में
- [सही फैसला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-right-choice.html) - शुनई, चीन मैं दूर के एक पहाड़ी गाँव में पैदा हुआ, मेरा परिवार पीढ़ियों से खेती-बाड़ी कर रहा था। जब मैं स्कूल में था, तो मेरी माँ अक्सर समझाती थी : “हमारे परिवार के पास कुछ नहीं है। अपनी किस्मत बदलने और जीवन में कुछ बनने के लिए तुम्हें अपनी मदद खुद करनी होगी। अच्छी
- [एक विद्रोही का पश्चाताप](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-rebel-repents.html) - गु वेंकिंग, चीन मैं 1990 में ईसाई बनी। कलीसिया का एक अगुवा था जो हमेशा कहता था, “बाइबल हमारे विश्वास की नींव है और विश्वासी होने के नाते, हमें बाइबल का अनुसरण करना चाहिए।” वे शब्द मेरे दिल में गहरे बैठ गए और मैंने मन ही मन सोचा, “मुझे नियमित रूप से बाइबल पढ़नी चाहिए,
- [भ्रष्ट स्वभाव को ठीक करने का तरीका मुझे पता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-know-the-way-to-resolve-corrupt-disposition.html) - रैम्सेस, मेक्सिको मेरी परवरिश एक कैथोलिक परिवार में हुई, मैं बचपन से ही प्रभु में विश्वास करता था। बड़ा होने पर, समझ आया कि कुछ विश्वासी सिर्फ रविवार को ही कलीसिया जाया करते थे, फिर भी अविश्वासियों की तरह नियमित रूप से धूम्रपान करते, शराब पीते और पार्टी करते थे। मुझे लगा वे प्रभु की
- [सुसमाचार प्रचार की मेरी पथरीली राह](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/bumpy-road-of-spreading-gospel.html) - ऐना, म्यांमार मैं म्यांमार से हूँ। मैंने 2019 में सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। परमेश्वर के वचनों से मैंने जाना कि इंसान को शैतान के प्रभाव से पूरी तरह बचाने और हमें एक सुंदर मंजिल पर पहुँचाने के लिए परमेश्वर अंत के दिनों में अपना न्याय कार्य करता है। परमेश्वर से
- [एक डॉक्टर का फैसला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-doctors-choice.html) - जब मैं छोटी थी तो मेरा परिवार बहुत गरीब था। मेरी माँ को लकवा हो गया था, वे बिस्तर पर पड़ी रहती थीं, उनकी दवा पूरे साल चलती रहती थी, और मेरे पिता ने सालों तक गाँव के बाहर काम किया था। गाँव के लोग हमें नीची नजर से देखते थे, और मेरे भाई-बहन को
- [किसने दी मुझे मेरी आजादी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/who-gave-me-my-freedom.html) - रुईजी, चीन जब मैंने पहले-पहल आस्था रखने का फैसला किया तो मेरे पति ने कहा कि ये बहुत अच्छी बात है, कभी-कभी तो वे मेरे साथ सभाओं में भी जाते। फिर 28 मई 2014 को, कम्युनिस्ट पार्टी ने झाओयुआन मामला गढ़कर इसे सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया पर थोप दिया। पूरे मीडिया—टीवी, रेडियो, अख़बार, पर अफवाहें
- [मैं पिताजी की दखलंदाजी से कैसे मुक्त हुई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-got-through-fathers-interferences.html) - 18 नवंबर 2021 को इंटरनेट पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाई-बहनों से मेरा परिचय हुआ। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़कर और उनकी संगति सुनकर मुझे यकीन हो गया कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर लौटकर आया प्रभु यीशु है। खुश होकर मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार लिया। मैं यह खुशखबरी जल्दी से
- [जब मैं 20 साल की थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-i-was-20.html) - जब मैं 20 साल की थी, परमेश्वर में विश्वास करने के कारण पुलिस ने मुझे गिरफ्तार करके काफ़ी यातनाएं दीं। मैं वो अनुभव कभी नहीं भुला सकूँगी। जून के महीने में, एक दिन सुबह 7 बजे के बाद, मैं एक बुजुर्ग बहन के घर के बेडरूम में तीन और बहनों के साथ एक बैठक कर
- [क्या बाइबल में आस्था और परमेश्वर में आस्था एक ही बात है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-faith-in-the-bible-the-same-as-faith-in-God.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "बहुत सालों से, लोगों के विश्वास (दुनिया के तीन मुख्य धर्मों में से एक, मसीहियत) का परंपरागत साधन बाइबल पढ़ना ही रहा है; बाइबल से दूर जाना प्रभु में विश्वास करना नहीं है, बाइबल से दूर जाना एक पाखंड और विधर्म है, और यहाँ तक कि जब लोग अन्य पुस्तकें पढ़ते
- [परिवार की कैद से बच निकलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/escaping-my-family-cage.html) - मैंने 2005 में अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य स्वीकारा। उस दौरान सभाओं में हिस्सा लेकर और परमेश्वर के वचनों को पढ़कर, मैंने ऐसे कई सत्य और रहस्य जाने, जिनके बारे में पहले कभी नहीं सुना था : मैंने जाना कि परमेश्वर मानव जाति को कैसे प्रबंधित करता और बचाता है, मैंने मानव
- [जेल की मुसीबत](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/twenty-years-of-persecution-article.html) - शियाओ फैन, चीन विगत मई 2004 में एक दिन मैं कुछ भाई-बहनों के साथ एक सभा में हिस्सा ले रही थी, तभी 20 से ज्यादा पुलिस अफसरों ने धावा बोल दिया। उन्होंने बताया कि वे म्युनिसिपल नेशनल सिक्युरिटी ब्रिगेड से आए हैं और पिछले चार महीनों से मेरे सेलफोन की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने
- [एक अफसर का प्रायश्चित](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-officer-s-change-article.html) - झेनशिन, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "संसार की सृष्टि से अब तक परमेश्वर ने जो कुछ अपने कार्य में किया है, वह प्रेम ही है, जिसमें मनुष्य के लिए कोई घृणा नहीं है। यहाँ तक कि जो ताड़ना और न्याय तुमने देखे हैं, वे भी प्रेम ही हैं, अधिक सच्चा और अधिक वास्तविक प्रेम, ऐसा
- [एक ईमानदार इंसान बनने का संघर्ष](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/be-an-honest-person-article.html) - वेई झोंग, चीन कुछ साल पहले, मैंने घरेलू उपकरणों की मरम्मत की दुकान खोली। मैं एक ईमानदार व्यापारी बनकर बस थोड़ा-बहुत कमाना चाहता था ताकि मेरे परिवार के लिए काफ़ी हो। लेकिन थोड़े वक्त के बाद, लगातार व्यस्त रहकर भी, मैं बस परिवार के गुज़ारे जितना ही कमा पा रहा था और बचत करने का
- [जाग गयी पैसे की गुलाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/awakening-of-a-money-slave-article.html) - शिंगवु, चीन जब मैं छोटी थी, मेरा परिवार ग़रीब था, मेरे माता-पिता मेरी शिक्षा का खर्च नहीं उठा पा रहे थे, तो मैंने स्कूल की फीस देने के लिए बाड़ बनाना और बेचना शुरू किया। एक दिन, मैं खेत में काम कर रही थी, यहाँ मेरी छोटी उंगली कट गयी। इलाज के लिए पैसे नहीं
- [शोहरत और दौलत की चाह ने मुझे सिर्फ़ दुख-दर्द दिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/fame-and-fortune-have-brought-me-suffering-article.html) - टियान टियान, चीन एक बार बसंत ऋतु में, मैं और कुछ वरिष्ठ डॉक्टर पिकनिक पर गए थे। रास्ते में, वहां के कुछ ग्रामीणों ने डॉ. वांग को पहचान लिया। वे बहुत खुश और आभारी दिख रहे थे। उन्होंने उनका बड़े प्यार से स्वागत किया। खाना बनाते समय हमें महसूस हुआ कि हमारे पास कुछ सामान
- [म्यांमार की एक ईसाई का मौत के बाद नर्क देखने का अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/christians-experience-in-hell-after-death.html) - 2023 मृत्यु के निकट का अनुभव—एक बर्मी ईसाई की मृत्यु के बाद नरक की यात्रा की गवाही आपको नरक की वास्तविक कल्पना और त्वरित चिंतन से परिचित कराएगी।
- [मौत के कगार से जीवन में वापसी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/returning-to-life.html) - यांग मेई, चीन 2007 में मैं अचानक गुर्दे फेल होने की लंबी बीमारी से ग्रस्त हो गई। जब मेरी ईसाई माँ और भाभी तथा कुछ कैथोलिक दोस्तों ने यह खबर सुनी, तो वे सभी मुझे सुसमाचार सुनाने आ गए। उन्होंने मुझसे कहा कि प्रभु की ओर मुड़ने पर मेरी बीमारी ठीक हो जाएगी। पर मुझे
- [यह आवाज़ कहाँ से आती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/this-voice-come-from.html) - लेखिका: शियीन, चीन मेरा जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था। मेरे बहुत से सगे-संबंधी प्रचारक हैं। मैं बचपन से ही अपने माता-पिता के साथ प्रभु में आस्था रखती आयी हूँ। बड़ी होने पर मैंने प्रभु से यह प्रार्थना की : अगर मुझे विश्वासी पति मिला, तो हम दोनों ही अपने आपको प्रभु की सेवा
- [मेरा फ़ैसला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-choice.html) - मार्च 2012 में, मेरी माँ ने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का सुसमाचार सुनाया। मैंने परमेश्वर के वचनों को हर दिन पढ़ना शुरू कर दिया, मैं अक्सर सभाओं में जाने लगी और परमेश्वर के वचनों पर दूसरों से सहभागिता करने लगी। एक दिन मुझे धार्मिक कार्य में पढ़ा हुआ सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों
- [अपने पिता के साथ सुसमाचार साझा करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/spreading-gospel-to-my-father.html) - बचपन में ही मैं विश्वासी बन गया था, मैंने अपना पूरा जीवन प्रभु की सेवा में लगाने की ठान ली थी। मैं शिक्षा के लिए तीन साल तक डिविनिटी स्कूल गया जहां मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार कर लिया। सुसमाचार को स्वीकार करने के बाद मैं प्रभु की वापसी
- [सुसमाचार साझा करने का एक अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-experience-of-sharing-the-gospel.html) - फँसूँ, दक्षिण कोरिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार करने के बाद, मैंने सुसमाचार साझा करना शुरू किया। मैंने मन ही मन यह संकल्प लिया कि चाहे मुझे कितनी ही मुश्किलों का सामना करना पड़े, मैं अपना कर्तव्य अच्छे से करूंगी, ताकि परमेश्वर की भेड़ें उसकी वाणी को सुन सकें और
- [जीवन एक पतली सी डोर से लटका हुआ था, बचाव के लिए परमेश्वर का हाथ आया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-hand-of-god-came-to-the-rescue.html) - लिंग वू, जापान "अगर मुझे परमेश्वर ने बचाया नहीं होता, तो मैं अभी भी इस संसार में भटक रहा होता, पाप से घोर संघर्ष करता हुआ और दर्द में; प्रत्येक दिन अंधकारमय और आशाहीन होता हुआ। अगर मुझे परमेश्वर ने बचाया नहीं होता, मैं अभी भी शैतान के पैरों के नीचे दबा होता, पाप और
- [शेष वर्षों के लिए मेरा चुनाव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-choice-for-my-remaining-years.html) - बचपन में मेरा परिवार काफी गरीब था। गाँव के लोग अक्सर हमें धमकियाँ देते रहते थे। उनकी धमकियों के कारण जब मैं अपनी माँ को रोते देखता तो मुझे बहुत बुरा लगता। मुझे लगता कि हमारी छोटी हैसियत के कारण लोग हमें हिकारत से देखते हैं, हमें कभी आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलेगा। उस
- [जब मेरे परिवार ने मुझे परमेश्वर पर विश्वास करने से रोकने की कोशिश की](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-family-stop-me-from-believing-in-God.html) - मार्च 2018 में, मैंने रिश्तेदारों से अंत के दिनों का सर्वशक्तिमान परमेश्वर का सुसमाचार सुना उन्होंने मुझे ऑनलाइन सभा में बुलाया। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़कर मैंने जाना कि वह, प्रभु यीशु के छुटकारे के कार्य के आधार पर न्याय का कार्य करता है, और लोगों को पूरी तरह से शुद्ध कर बचाने, पाप-मुक्त करने
- [मैंने सच्चे प्रकाश को पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-found-the-true-light.html) - क्यूहे जापान मेरा जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था। बचपन से ही, मैंने अपने दादा—दादी के साथ कलीसिया में धर्मसमाज में हिस्सा लिया था। मेरे वातावरण के प्रभाव और परमेश्वर पर मेरे विश्वास के कारण, मैंने कई धर्म—पुस्तकों को गाना और विभिन्न रीतियों का अभ्यास करना सीख लिया था। 2009 में, मैं पढ़ाई करने
- [एक आवारा दिल घर आया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/wandering-heart-comes-home.html) - नोवो, फिलीपींस मेरा नाम नोवो है और मैं फिलीपींस का रहने वाला हूँ। जब मैं छोटा था, तभी से मैंने अपनी माँ के प्रभु में विश्वास का अनुसरण किया है और मैं अपने भाई-बहनों के साथ कलीसिया में प्रवचन सुनने जाया करता था। हालाँकि मैंने कई सालों से प्रभु पर विश्वास किया था, फिर भी
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने मुझे शुद्धिकरण प्राप्त करने का मार्ग दिखाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/almighty-god-led-me.html) - लेखक: गांगकियांग, अमेरिका मैं रोज़ी-रोटी कमाने के इरादे से 2007 में अपने दम पर सिंगापुर आया। सिंगापुर का मौसम साल-भर गर्म रहता है। ड्यूटी के वक्त हर रोज़ मैं पसीने में तर-बतर रहता था। मेरी हालत खराब थी। इसके अलावा, यह जगह भी मेरे लिए अनजान थी, यहाँ न मेरा परिवार था, न यार-दोस्त। ज़िंदगी
- [मैंने अपनी हकलाने की समस्या पर काबू पा लिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/stuttering-no-longer-bothers-me.html) - यिशान, चीन मेरे पिता को हकलाने की समस्या थी और मुझे भी बचपन से यही समस्या थी। जब तक मैं अजनबियों से नहीं मिलती थी, तब तक सब ठीक रहता था, लेकिन जब भी मैं नए लोगों से मिलती थी तो मैं घबरा जाती थी और बोलते समय हकलाने लगती थी। मेरे भाई-बहन मुझसे कहते
- [“माता-पिता हमेशा सही होते हैं,” क्या यह नज़रिया सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-the-view-parent-is-always-right-correct.html) - आन्शिन, चीन मेरी माँ ने मुझे और मेरे छोटे भाई को पालने में बहुत दुख उठाए थे। वह अक्सर कहती थी कि जब तक मैं और मेरा भाई अच्छा जीवन जीते हैं, उनका हर दुख उठाना सार्थक है। मुझे यकीन था कि दुनिया में मेरी माँ मुझे सबसे ज्यादा प्यार करती है और वह जो
- [प्रगति करने का प्रयास किए बिना आप अपना कर्तव्य अच्छे से नहीं कर सकते](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/without-progress-one-cannot-do-their-duty-well.html) - डेना, कोरिया कलीसिया में मेरा कर्तव्य सुसमाचार कार्यकर्ताओं को गवाही देने के लिए विकसित करना था। शुरू-शुरू में, जब भी मेरे सामने कोई मुश्किल आती, मैं अक्सर प्रार्थना करती थी और अनुभवी भाई-बहनों के साथ खोज करती थी। मैं व्यावहारिक रूप से खुद को सत्य से लैस भी करती थी और सुसमाचार की फिल्में और
- [कर्मियों के फेरबदल से मैंने जो सबक सीखे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-i-learned-from-reassigning-personnel.html) - यीशिन, चीन मार्च 2019 में मैं कलीसिया के पाठ आधारित कार्य की पर्यवेक्षक के रूप में अपना कर्तव्य निभा रही थी, जिसमें लेखों की छँटाई भी शामिल थी। उस समय कुछ कर्मियों के फेरबदल के कारण टीम में केवल चांग ली और ली लिन ही अधिक अनुभवी सदस्य बची थीं। मैं चांग ली के साथ
- [मैंने सिद्धांतों पर टिके रहने की हिम्मत क्यों नहीं की](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-didnt-dare-to-stick-to-principles.html) - ली मिंग, चीन सितंबर 2021 में मैंने वेंजुआंग कलीसिया के अगुआओं को खत लिखा था, क्योंकि मैं एक धर्मोपदेश लेख को संशोधित करने के लिए बहन ली जिंग के साथ एक बैठक करना चाहता था। अप्रत्याशित रूप से कुछ दिनों बाद अगुआओं ने जवाब दिया कि ली जिंग की समझ बेतुकी है। उसे बाहर निकालने
- [मैं छद्मवेश धारण करना और मुखौटा पहनना आखिर बंद कर चुका हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-disguise-and-conceal-myself.html) - कोल, इटली जून 2018 में अगुआओं ने व्यवस्था की कि मैं भाई-बहनों को अभिनय का प्रशिक्षण दूँ। मैं बहुत खुश था। मैंने सोचा, “लगता है मेरे अभिनय कौशल को अगुआओं का अनुमोदन मिल गया है, इसलिए मुझे पूरी लगन से सहयोग करना है।” शुरू में मेरी जिम्मेदारी सिर्फ अपनी टीम के भाई-बहनों की प्रस्तुतियों को
- [मेरे समझने का ढोंग करने के पीछे क्या था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-feigning-understanding.html) - म्याओ शिआओ, चीन फरवरी 2023 में, मुझे सिंचन कार्य की पर्यवेक्षक के रूप में पदोन्नत किया गया। उस समय, मैं कई सिंचन टीम अगुआओं के काम का पर्यवेक्षण कर रही थी। मुझे लगा कि मुझमें नए विश्वासियों को सींचने का कुछ कौशल है, इसलिए मुझे यकीन था कि यह कर्तव्य निभाने के लिए लोग मेरा
- [कर्तव्य में बदलाव किए जाने के बाद मैंने सबक सीखे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-duty-reassignment.html) - लिंडा, इटली 2018 के अंत में, कलीसिया ने मुझे ग्राफिक डिजाइन के काम के लिए जिम्मेदार बनाया। जब भी मैं भाई-बहनों द्वारा बनाई गई तस्वीरों की समीक्षा करती और सुधार के लिए सुझाव देती, तो वे धैर्य से सुनते थे और समय-समय पर उनमें से कुछ कहते थे, “मेरा सौंदर्य बोध सचमुच बहुत खराब है।
- [मैं अपने कर्तव्यों में अब अति-सावधान नहीं रहती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-overcautious-duties.html) - झाओ जिवेन, चीन मई 2024 में मुझे एक रिपोर्ट पत्र मिला। यह बहन वांग यी के बारे में था, जिसके साथ मैंने पहले सहयोग किया था। जाँच से पता चला कि अगुआ के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वांग यी घमंडी और आत्मतुष्ट रही थी। उसने कलीसिया के कार्य के लिए कई बुरे लोगों
- [खतरनाक माहौलों से अब मैं पीछे नहीं हटती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-shrink-back-dangerous-environments.html) - हान फेंग, चीन 10 सितंबर 2024 को मुझे अगुआओं से एक पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि नानचेंग कलीसिया का एक अगुआ झाओ हुई गिरफ्तार हो चुका है और यहूदा बन गया है, बहुत-से भाई-बहनों के साथ गद्दारी कर चुका है। कलीसिया के तीस से ज्यादा लोग पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे। चूँकि मैं
- [न मिटने वाला दर्द](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lingering-pain.html) - लियू यान, चीन मई 2004 में, एक सभा से लौटते समय मुझे और वू को गिरफ्तार कर लिया गया क्योंकि एक यहूदा ने हमारे साथ गद्दारी कर दी थी। पुलिस स्टेशन में, पुलिस मुझसे लगातार पूछताछ करती रही, यह जानने की माँग करती रही कि कलीसिया अगुआ कौन हैं और चढ़ावे कहाँ रखे हैं। जब
- [अपने गुणों और प्रतिभाओं की कमी से मैं अब और परेशान नहीं होती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-troubled-by-lack-of-talents.html) - एमिलिया, इटली पिछले कुछ सालों से, मैं एक अभिनेत्री के तौर पर अपना कर्तव्य निभाती और अनुभवजन्य गवाही वीडियो शूट करती रही हूँ। बाद में समान कर्तव्य निभा रहे कुछ भाई-बहनों ने अनुभवजन्य गवाही वीडियो शूट करने के अलावा, गायन और नृत्य में भी खुद को प्रशिक्षित करना शुरू कर दिया। वे इतने बहु-प्रतिभाशाली हैं
- [मैंने अनुभव किया कि परमेश्वर का न्याय ही सबसे बड़ा उद्धार है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-judgement-is-greatest-salvation.html) - झांग शिन, चीन 1995 में मैं प्रभु यीशु में विश्वास करने लगी। उस समय एक उपदेशक ने प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में दी गई भविष्यवाणियों का उपयोग करके हमें बताया कि पवित्र नगर कितना अद्भुत है। उसने यह भी कहा कि प्रभु यीशु जल्द ही हमें हमारे स्वर्गीय घर ले जाने आएगा और केवल प्रभु के
- [माता-पिता के निधन से सीखे सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-my-parents-passing.html) - सिल्विया, इटली मेरे पापा हमारे इलाके में माँ-बाप की सेवा करने वाले बेटे के रूप में जाने जाते थे। बड़ी होते हुए मैं अक्सर उन्हें खाने की मेज पर यह कहते हुए सुनती थी : “संतानोचित धर्मनिष्ठा का गुण सबसे ऊपर रखना चाहिए। अपने आचरण में, तुम्हें सबसे पहले अपने माता-पिता के प्रति संतानोचित धर्म
- [माँ की गिरफ्तारी और कैद से मैंने जो सबक सीखा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-from-mothers-arrest-imprisonment.html) - शिआओ यूशिन, चीन अगस्त 2023 में, मेरी माँ को अपना कर्तव्य निभाते समय सीसीपी ने गिरफ्तार कर लिया था। उस समय मुझे और भाई-बहनों को कुछ पता नहीं था। हमें उसके बारे में तब तक कोई खबर नहीं मिली, जब तक कि सितंबर 2024 में उसने जेल से एक पत्र नहीं भेजा। तभी हमें पता
- [ईमानदारी से बोलकर मुझे क्या हासिल हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-gained-from-speaking-honestly.html) - क्लारा, यूएसए कुछ समय पहले, मैंने परमेश्वर के वचनों का एक अंश पढ़ा, जिसमें कहा गया था : “खुशामद, चापलूसी और अच्छे लगने वाले शब्द—ऊपरी तौर पर हर किसी को पता होना चाहिए कि इन शब्दों का क्या अर्थ है और इन्हें मूर्त रूप देने वाले व्यक्ति हर जगह मिल जाते हैं। खुशामद करना, चापलूसी
- [खतरे की घड़ी में चुनाव करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-choice-while-in-peril.html) - किन मो, चीन कई साल पहले सर्दी के मौसम में एक उच्च अगुआ ने मुझे बताया कि एक पड़ोसी कलीसिया के अगुआओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। कलीसिया में देखरेख का कुछ काम निपटाना था और वहाँ भाई-बहनों का सहारा बनने वाला कोई नहीं था। उनमें से कुछ लोग डरपोक, निराश
- [मैं अब परमेश्वर को सीमांकित नहीं करूँगी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-will-no-longer-delimit-God.html) - तारा, ताइवान मैं कम उम्र से ही अपनी माँ के साथ प्रभु यीशु में आस्था रख रही थी और उसके भरपूर अनुग्रह और आशीष का आनंद उठा रही थी। इससे मुझे मानवता के प्रति प्रभु यीशु की दया और प्रेम की गहरी समझ हासिल हुई। प्रभु के अनुग्रह में बढ़ते हुए उसके अनुग्रह के लिए
- [नकली अगुआ को बचाने का परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-comes-of-shielding-false-leader.html) - ली यांग, चीन अक्टूबर 2020 के अंत में वास्तविक कार्य न करने पर मैं अगुआ पद से बर्खास्त हो गई और अपनी स्थानीय कलीसिया लौट गई। सीसीपी द्वारा गिरफ्तारी के कारण मेरे घर पर सुरक्षा से जुड़ी कुछ समस्याएँ थीं, इसलिए मैं कुछ समय तक सभाओं में शामिल नहीं हो सकी। मैं बहुत नकारात्मक और
- [मैं अब काम से दूर रहने का रवैया नहीं अपनाऊँगी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-take-a-hands-off-approach.html) - मार्था, इटली जून 2021 में मैं कलीसिया में वीडियो निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार थी और चूँकि काम बढ़ गया था तो कलीसिया ने मुझे एक और समूह के काम का जायजा लेने में लगा दिया। मैंने सोचा, “मैं अभी अपनी जिम्मेदारी वाले काम में ही बहुत व्यस्त हूँ। अगर मैं और ज्यादा काम का
- [जब बीमारी फिर से आए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/facing-illness-again.html) - जब हम बीमार पड़ते हैं, तो हम सभी बीमारी के लिए प्रार्थना करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर के क्या इरादें हैं? हमें इसका अनुभव कैसे करना चाहिए? मार्ग खोजने के लिए इस कहानी को पढ़ें।
- [मैंने अपने कर्तव्य में हमेशा सबसे अलग दिखने की कोशिश क्यों की](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-thoughts-in-a-behind-the-scenes-duty.html) - वु यान, चीन जून 2021 के अंत में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ईसाइयों की अँधाधुँध धरपकड़ कर रही थी, इसलिए मेरे मेजबान घर की भी निगरानी हो रही थी। मैं वहाँ से तुरंत निकल गई, लेकिन इस बात की काफी संभावना थी कि पुलिस मुझ पर भी नजर रख रही होगी, इसलिए कार्य करने के लिए
- [मेरा परिवार किसने उजाड़ा?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/who-really-tore-my-family-apart.html) - फेंग शिया, चीन मैं टीचर थी और मेरा पति इंजीनियर। हमारी शादी बहुत अच्छी चल रही थी, हमारी बेटी भी बहुत समझदार और सुशील थी। सभी दोस्त और सहकर्मी हमसे ईर्ष्या करते थे। फिर दिसंबर 2006 में मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। परमेश्वर के वचन पढ़कर मैंने जाना कि हमारे
- [अपनी अनुभवजन्य गवाही लिखने से मुझे क्या मिला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/gained-from-writing-my-testimony.html) - जोआन, दक्षिण कोरिया हाल ही में मैंने कई भाई-बहनों को परमेश्वर की गवाही देने के लिए अनुभवजन्य लेख लिखते देखा तो मैं भी लिखने का अभ्यास करना चाहती थी। मैं वर्षों से विश्वासी रही हूँ, परमेश्वर के वचनों के पोषण का बहुत आनंद उठाया है और मेरे पास कुछ अनुभव भी हैं। मैं अपनी भक्ति
- [क्या कड़ी मेहनत स्वर्ग के राज्य में प्रवेश दिला सकती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-hard-work-bring-entry-to-kingdom.html) - शएला, केन्या मेरा जन्म एक कैथोलिक परिवार में हुआ था। छोटी उम्र से ही मेरी दादी ने मुझे प्रार्थना करना और कैथोलिक रीति-रिवाजों का पालन करना सिखाया। जब मैं पंद्रह साल की हुई, तब मैंने कैथोलिक सिद्धांत का अध्ययन करना शुरू कर दिया। हमारे पादरी हमेशा कहा करते थे कि हमें परमेश्वर की आज्ञाओं का
- [मैं दूसरों को सब कुछ क्यों नहीं सिखाता?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-I-held-back-my-techniques.html) - एडेन, इटली जुलाई 2021 की बात है, मैं कलीसिया में वीडियो बनाने का काम कर रहा था। मैं जानता था कि यह वाकई महत्वपूर्ण कर्तव्य है, इसलिए मैं ट्यूटोरियल देखने और जानकारी जुटाने में रोज बहुत अधिक समय लगाता था। जब कभी दूसरे लोग तकनीकी कौशल पर चर्चा करते, तो मैं गौर से सुनता, फिर
- [झूठ बोलने की पीड़ा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pain-of-telling-lies.html) - रोनाल्ड, म्यांमार अक्तूबर 2019 में मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किया। सभाओं में मैंने देखा कि भाई-बहन अपने अनुभवजन्य समझ पर संगति करने में समर्थ थे। वे अपनी भ्रष्टता और कमियों के बारे में बिना किसी आशंका के खुल कर बोल पाते थे और मुझे बड़ी जलन होती थी।
- [सच बोलने से मुझे किस बात ने रोका?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-stopped-me-from-speaking-honestly.html) - झेंग शिन को एक पत्र चेनशी, चीन प्रिय झेंग शिन, आशा है आप अच्छी होंगी! तुमने पिछले पत्र में लिखा था कि तुम जिस बहन की सहयोगी थीं, वह सिद्धांतहीन, अहंकारी, आत्मतुष्ट और निरंकुश थी। तुम उसे ये बताना चाहती थीं लेकिन डर गईं कि वह इसे नहीं स्वीकारेगी, तुम्हारे बारे में गलत राय बना
- [स्कूल और कर्तव्य में से एक का चयन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/choosing-between-school-and-duty.html) - लू यांग, चीन जहाँ तक मुझे याद है, मेरे माँ-बाप में कभी नहीं पटी। वे आए दिन झगड़ते रहते, कभी-कभी तो पिता मेरी माँ को पीट भी देते। तलाक लेने के बजाय मेरी माँ हम दोनों बच्चों के लिए सालों तक सब कुछ सहती रही। उन्होंने अपना आधा जीवन मुझे और मेरे भाई को पालने
- [माँ को कैंसर होने का पता चलने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-mom-diagnosed-with-cancer.html) - यांग चेन, चीन जून 2023 में सुसमाचार कार्य की जरूरतों के चलते मुझे अपना कर्तव्य निभाने के लिए घर छोड़ना था। मुझे पता था कि मैं कुछ समय तक वापस नहीं आ पाऊँगी, इसलिए मैंने सोचा कि मैं घर जाऊँगी, अपने माता-पिता को बताऊँगी और इस दौरान कुछ कपड़े भी ले आऊँगी। जब मैं घर
- [अब मैं अपने साथी के प्रति तिरस्कार नहीं करता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-disdainful-toward-partner.html) - स्टीवन, दक्षिण कोरिया मैं कलीसिया की किताबों और चीजों का प्रबंधन करता हूँ। मेरा काम यह जाँचना है कि विभिन्न चीजें वर्गीकृत और सुव्यवस्थित हैं या नहीं, उन्हें सफाई से रखा गया है या नहीं और आवक-जावक अभिलेख स्पष्ट हैं या नहीं। मैं डरता हूँ कि अगर असावधान रहा तो चीजें अस्त-व्यस्त हो जाएँगी। लेकिन
- [मैंने आखिरकार परमेश्वर की वाणी सुनी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-finally-heard-God-s-voice.html) - डेविड, वेनेजुएला मैं वेनेजुएला में एक प्रदेश सरकार के लिए वेतन पर्यवेक्षक हुआ करता था। मुझे हर दिन वेतन के मसलों और बहुत-से लोगों की माँगों से निपटना पड़ता था। रोजाना मेरा ध्यान काम पर ही होता था और बहुत व्यस्त होने के बावजूद मेरा जीवन हमेशा बहुत शांतिपूर्ण रहता था। जब महामारी ने एकाएक
- [आँख मूँदकर लोगों की आराधना करने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-worshiping-person.html) - जियांग लिंग, चीन 2019 में जब मैं एक कलीसिया में अगुआ थी तो मैं दो उच्च अगुआओं से मिली। वे जब सत्य पर संगति और मसलों का समाधान करती थीं तो मामले की तह तक जाती थीं, वे सतह से शुरू कर गहराई तक चीजों पर व्यवस्थित रूप से संगति करती थीं और इनका गहन-विश्लेषण
- [अपने मोह के कारण सही-गलत न समझ पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/emotions-clouded-my-judgment.html) - अपनी पत्नी को पत्र झोऊ मिंग, चीन प्रिय हुइयुआन, मुझे तुम्हारा पत्र मिला। तुमने लिखा है कि हमारे बच्चों को कलीसिया से निकाल दिया गया है। पहले तो मैं यकीन ही नहीं कर पाया। मुझे याद है, कुछ साल पहले जब मैं घर आया था, शाओताओ और शाओमिन अभी भी संगति कर रहे थे और
- [क्या एक अच्छा मित्र अनदेखी करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-good-friend-look-the-other-way.html) - क्रिस्टीना, यूएसए मैं और बहन बारबरा एक-दूसरे को दो साल से जानती थीं, हमारे बीच बहुत कुछ एक समान था और हम जब भी बातें करती थीं तो लगता था कि हम हमेशा बातें करती रह सकती हैं। हम अक्सर अपने हरेक अनुभव और उससे हासिल हुई चीजों के बारे में बातें करती थीं। जब
- [कॉलेज छोड़ने का निर्णय](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/leaving-my-studies-behind.html) - लिन रान, चीन बचपन से ही मेरे माता-पिता मुझसे कहते थे कि उनका कोई बेटा नहीं है, सिर्फ दो बेटियाँ हैं, मैं और मेरी बड़ी बहन, वे परिवार में सिर उठाकर नहीं चल पाते थे, इसलिए मुझे ही मेहनत से पढ़-लिखकर उनका गौरव बढ़ाना है और परिवार को दिखा देना है कि लड़कियाँ भी लड़कों
- [आत्म-संरक्षण के दुष्परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-just-protecting-myself.html) - शाओवेई, चीन 2019 में बहन ग्वान शिन तबादले के बाद हमारी कलीसिया के कार्य की देखरेख के लिए आई थी। मैं दो साल पहले उससे मिली थी, इस बार उससे संवाद करते हुए मैंने पाया कि वह ठीक वैसी ही थी। सभाओं में, परमेश्वर के वचन की अनुभवजन्य समझ के बजाय, वह हमेशा शब्द और
- [परमेश्वर का वचन सभी झूठों का समाधान करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/word-conquers-all-lies.html) - ये किउ, चीन जून 2022 में मैं सिंचन कार्य की उपयाजक चुनी गई और बहन चेंग लिन के साथ मैं नए सदस्यों का सिंचन करने लगी। अभी-अभी अंत के दिनों का परमेश्वर का कार्य स्वीकारने के कारण नए विश्वासियों में अब भी बहुत-सी धार्मिक धारणाएँ थीं। डर था कि कहीं मेरी संगति अबूझ होने से
- [जब जेल जाकर आई जागृति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-awakening-from-prison.html) - हे ली, चीन मैं कम्युनिस्ट पार्टी का एक वरिष्ठ सदस्य हुआ करता था। हमारा परिवार गरीब किसानों का परिवार हुआ करता था लेकिन सरकार ने हमें जमीन दी, एक नया घर दिया, इसलिए मुझे लगता था कि कम्युनिस्ट पार्टी का शुक्रगुजार रहना चाहिए। कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार से गहराई से प्रभावित होने के कारण मैं
- [मेरे परिवार के हमलों के पीछे क्या था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-lay-behind-my-relatives-attacks.html) - लिंगमिन, चीन मेरे पिता एक स्कूल के प्रिंसिपल थे और अक्सर स्कूल और घर पर भौतिकवाद के बारे में बात करते थे। उन्होंने हमें सिखाया कि खुशियाँ हमारी अपनी कड़ी मेहनत पर निर्भर होती हैं और हमें खुद को दूसरों से अलग दिखाने और अपने पूर्वजों का नाम रोशन करने के लिए खपना होगा। अपने
- [परमेश्वर का वचन मेरे जीवन की शक्ति है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/persecuted-severely-love-God-deeper.html) - ली झी, चीन वर्ष 2000 में मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। परमेश्वर के वचन पढ़कर मुझे परमेश्वर के नामों और उसके देहधारणों का रहस्य तथा अन्य चीजों से जुड़े सत्य समझ में आए, जैसे कि परमेश्वर के कार्य के तीन चरण किस तरह मनुष्य को बचाते हैं और
- [अपनी गलतियाँ स्वीकारना इतना मुश्किल क्यों है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-so-hard-to-admit-mistakes.html) - मार्था, इटली मैं अपनी कलीसिया में वीडियो कार्य के लिए जिम्मेदार हूँ। एक दिन मेरी एक बहन ने जल्दबाजी में मुझे फोन किया। उसने एक वीडियो ठीक से जाँचा नहीं था, अब उस पर फिर से काम करना था, जिससे देरी हो गई थी, श्रम और संसाधनों का खर्च भी बढ़ गया था। उस वीडियो
- [नेकी का कर्ज चुकाने पर गहरा सोच-विचार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflecting-on-repaying-kindnesses.html) - नाथन, दक्षिण कोरिया 2022 में अपने गृह नगर की कलीसिया से मुझे एक पत्र मिला जिसमें एक बहन झांग हुआ का मूल्यांकन करने को कहा गया था। पत्र में लिखा था कि वह कलीसियाई जीवन में गड़बड़ी पैदा कर रही है, लोगों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा कर रही है और अपने समर्थक जुटा
- [शोहरत के लिए प्रतिस्पर्धा पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-craving-status.html) - डेरेक, दक्षिण कोरिया 2019 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। उस वक्त मैं मुख्य रूप से वीडियो कार्य देखता था। कुछ टीम अगुआओं से सीखकर मैं धीरे-धीरे वीडियो बनाने के कुछ सिद्धांतों में माहिर हो गया और अपना नजरिया भी विकसित कर लिया। चर्चा के दौरान मेरी कुछ बातों को सबकी स्वीकृति मिल जाती। जैसे-जैसे
- [बुद्धिमान कुंवारियों ने प्रभु का स्वागत कैसे किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-wise-virgins-welcomed-Lord.html) - अनिक, फ्रांस सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : “जहाँ कहीं परमेश्वर प्रकट होगा, वहीं सत्य व्यक्त किया जाएगा और वहीं परमेश्वर की वाणी होगी। जो लोग सत्य स्वीकार कर सकते हैं केवल वे ही परमेश्वर की वाणी सुनने में सक्षम हैं और केवल इसी तरह के लोग परमेश्वर का प्रकटन देखने के योग्य हैं। अपनी धारणाओं
- [मसीह-विरोधियों को उजागर करना मेरी जिम्मेदारी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/exposing-antichrists-is-my-responsibility.html) - ली कियान, चीन अगस्त 2020 के आखिर में मुझे कलीसिया का अगुआ चुना गया और शिन रैन के साथ सहयोगी बनाया गया। सितंबर की शुरुआत में हमारी वरिष्ठ ने शिन रैन को शहर से बाहर एक सभा में बुलाया, जबकि मैं कलीसिया के विभिन्न काम सँभालने के लिए कई उपयाजकों के साथ कलीसिया में ही
- [इच्छानुसार कर्तव्य करने के दुष्परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-doing-duty-willfully.html) - शिनशिन, चीन जून 2020 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। शुरू में जब मुझे काम में समस्याएँ आती थीं तो मैं सचेत होकर सिद्धांत खोजती और यह जानते हुए भी कि कोई काम कैसे करना है, मैं सहकर्मियों की सलाह लेती थी और आम सहमति बनने के बाद ही कार्रवाई करती थी। लेकिन थोड़े समय
- [दोराहे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/crossroads.html) - कारा, दक्षिण कोरिया मेरा एक सुखी परिवार था और मेरे पति मुझसे अच्छी तरह पेश आते थे। हमने एक पारिवारिक रेस्तराँ खोला, जो बढ़िया चल रहा था। हमारे दोस्त और रिश्तेदार, सभी हमसे ईर्ष्या करते थे। मगर उलझन यह थी कि मैं अंदर से हमेशा बहुत खाली महसूस करती थी। हर एक दिन ठीक पिछले
- [परमेश्वर के वचनों से भेद पहचानने में कभी चूक नहीं होती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/discernment-with-God-s-words-never-fails.html) - क्रिस्टिना, यूएसए अप्रैल 2021 में मैं बहन हार्लो और कुछ दूसरी बहनों के साथ रह रही थी। शुरू में मैं अक्सर देखती थी कि वह अपनी दशा के बारे में लोगों से बात कर रही है, कभी-कभी खाने के दौरान भी यही चर्चा छेड़ देती थी। मैं सोचती थी कि वह भोजन के समय का
- [हिरासत में 75 दिन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/75-days-detained.html) - झाओ लियांग, चीन सितंबर 2009 में एक दिन मैं और दो बहनें एक धार्मिक अगुआ के पास सुसमाचार का प्रचार करने गए। हालाँकि अगुआ ने इसे नकार दिया और अपनी कलीसिया के दस से ज्यादा सदस्यों को बुलवाकर हमें पिटवाया और हमें स्थानीय पुलिस स्टेशन ले गए। मैं उस समय काफी डरा हुआ था और
- [किस चीज ने मुझे सत्य का अभ्यास करने से रोका](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-stopped-me-from-practicing-truth.html) - पामेला, इटली कलीसिया में मैं कई अन्य लोगों के साथ मिलकर ग्राफिक डिजाइन का काम करती हूँ। एक दिन अगुआ ने मुझसे कहा कि दो बहनों ने ओलिवर में कुछ समस्याएँ बताई हैं। उन्होंने कहा कि उसे बड़े-बड़े विचार उगलना पसंद है और वह काम की रफ्तार धीमी कर रहा है। अगुआ ने पूछा, क्या
- [पर्यवेक्षण के प्रतिरोध पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-resisting-supervision.html) - मी हुई, चीन 2021 में मैं कलीसिया के सिंचन कार्य के लिए जिम्मेदार थी। उस दौरान अगुआ हमारे काम की निगरानी और जाँच करते थे और अक्सर हमारी प्रगति के बारे में पूछताछ करते थे कि हमें अपना कर्तव्य निभाने में कोई समस्या या मुश्किल तो नहीं आ रही है। पहले तो मैं सक्रियता से
- [दूसरों के प्रति उदार होने के पीछे क्या छिपा है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-being-lenient-with-others.html) - टोबी, दक्षिण कोरिया कुछ महीनों पहले एक अगुआ ने भाई कॉनर और मुझे सिंचन का काम सौंपा। कुछ समय बाद मैंने देखा कि वह अपने काम में अधिक जिम्मेदारी नहीं लेता। वह संगति करके भाई-बहनों की समस्या जल्दी से दूर नहीं करता था, काम से जुड़ी चर्चा में भी हिस्सा नहीं लेता था। स्थिति के
- [कर्तव्यों में फेरबदल ने मुझे बेनकाब कर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/changes-in-duty-exposed-me.html) - ब्रियाना, यूएसए मैं कलीसिया में वीडियो बनाने का काम कर रही थी, पर कुछ समय के लिए ज्यादा काम न होने के कारण अगुआ ने फेरबदल कर मुझे नए सदस्यों का सिंचन करने दिया। बाद में वीडियो-कार्य चलते मुझे फिर से वीडियो बनाने भेज दिया गया और फिर जब काम ज्यादा नहीं था तो मुझे
- [दूसरों की नाकामियों से सीखा सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learning-from-others-failures.html) - डेज़ी, यूएसए अक्तूबर 2022 में, वीडियो कार्य के दो पर्यवेक्षक बर्खास्त कर दिए गए। क्योंकि अगुआ के बार-बार काम का महत्व जताने के बावजूद उन्होंने इस काम में तत्परता नहीं दिखाई। उन्होंने बस आम काम देखे और समस्याएँ हल नहीं कीं, न ही वीडियो निर्माण में हिस्सा लिया जिससे काम रुक गया। अगुआ बहुत नाराज़
- [परमेश्वर तक पहुँचने के रास्ते में घुमाव और मोड़](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-twists-and-turns-in-my-journey-to-God.html) - सुन यू, चीन मैं वर्ष 2000 में ईसाई बनी थी। दक्षिण कोरियाई पादरी अक्सर हमें उपदेश देते थे। एक सेवा में पादरी ने बाइबल का एक अंश पढ़ने के बाद हमसे कहा कि हमें हर मामले में सहिष्णु होना और सब्र रखना चाहिए—सिर्फ धर्मोपदेशों को सुनकर नहीं बल्कि उन्हें व्यवहार में लाकर ही हम परमेश्वर
- [बूढ़े अब भी परमेश्वर की गवाही दे सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-elderly-can-still-bear-witness-for-God.html) - लियू एन, चीन मैंने 62 वर्ष की उम्र में प्रभु यीशु पर विश्वास करना शुरू किया। यह जानकर कि प्रभु अपने अनुयायियों को स्वर्ग के राज्य में प्रवेश और अनंत जीवन देने का वादा करता है, मुझे लगा कि इस जीवन में मेरे पास आशा है और ऐसा महान आशीष पाने के विचार से मेरा
- [मैंने निगरानी क्यों स्वीकार नहीं की](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reason-i-dont-accept-supervision.html) - पारफ़े, बेनिन कलीसिया में नए सदस्यों का सिंचन करते हुए मुझे साल भर से ज्यादा हो चुका है। अपने कर्तव्य में धीरे-धीरे मैंने कुछ सिद्धांतों पर महारत हासिल की और नए सदस्यों का मेरा सिंचन भी बेहतर हो गया। लगा, इस कर्तव्य को निभाने का मुझे थोड़ा अनुभव है, और बिना मदद के भी मैं
- [कोविड होने के बाद का चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-becoming-sick-during-pandemic.html) - मोनीक, यूएसए सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का सुसमाचार स्वीकारने के तुरंत बाद मैंने परमेश्वर के वचनों से जाना कि जब परमेश्वर अपना अंत के दिनों का कार्य पूरा कर रहा होगा तो अच्छे लोगों को पुरस्कृत करने और बुरे लोगों को दंडित करने के लिए मानवजाति पर महाविनाश आएँगे। जिन लोगों ने बुरा
- [“दूसरों पर वह मत थोपो जो तुम अपने लिए नहीं चाहते” पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-treating-others-as-you-hope-to-be-treated.html) - नोएल, दक्षिण कोरिया कुछ समय के लिए मेरे कर्तव्य में कई छोटी-बड़ी समस्याएँ आ रही थीं। कुछ मेरी ज्यादा लापरवाही तो कुछ सिद्धांतों को न जानने के कारण थीं। मैं थोड़ी परेशान थी, मुझे डर था जिस अगुआ या बहन के साथ मैं काम करती हूँ वह मुझे कर्तव्य में अनमनी बताकर मेरे साथ काट-छाँट
- [गंभीर खतरे में होना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/hanging-by-a-thread.html) - झांग हुई, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार करने के कुछ ही दिनों बाद मैंने अपनी पुरानी कलीसिया के एक भाई को सुसमाचार प्रचार किया। फिर एक दिन दोपहर को पादरी ली और सहकर्मी वांग मेरे घर आए। मैं घबरा गया। मैंने सोचा, “वो यहाँ क्यों आए हैं? कहीं उन्हें मेरे
- [मैं अपने कर्तव्य में कीमत क्यों नहीं चुकाना चाहती थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-didnt-want-to-pay-a-price-in-duty.html) - सिंथिया, दक्षिण कोरिया मैं कलीसिया में ग्राफिक डिजाइन का काम करती थी और एक बार टीम अगुआ ने मुझे एक नई किस्म की छवि बनाने का काम सौंपा। चूँकि तब मैं ज्यादा अनुभवी नहीं थी और मुझे काम के सिद्धांतों या जरूरी चीजों का पता नहीं था, तो भले ही मैंने कड़ी मेहनत की, मैंने
- [एक पादरी को उपदेश देने का मेरा अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-tale-of-preaching-to-a-pastor.html) - ली झी, चीन अप्रैल 2021 की एक शाम अचानक एक अगुआ ने मुझसे कहा कि एक वृद्ध पादरी, जिसे आस्था में पचास वर्ष से ज्यादा हो गए हैं, परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की जाँच करना चाहता है—वह काओजिया गाँव के पादरी काओ थे। मुझे जाकर उन्हें सुसमाचार प्रचार करने को कहा गया।
- [एक गलत रिपोर्ट](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-mistaken-report.html) - जैफरी, ऑस्ट्रेलिया एक साल से ज्यादा समय से परमेश्वर ने झूठे अगुआओं के भेद की पहचान के सत्यों पर संगति की है। सभाओं में मैं अक्सर इस बारे में अपनी समझ और ज्ञान पर संगति करता था, लेकिन वास्तविक जीवन में मैं झूठे अगुआओं का भेद नहीं पहचान पाता था। जब मुझे किसी अगुआ की
- [मैंने परमेश्वर की वाणी सुनी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-have-heard-the-voice-of-God.html) - मैथ्यू, फ्रांस मेरा नाम मैथ्यू है और मैं फ्रांस के लियॉन में एक कैथलिक परिवार में पैदा हुआ। मैंने दो साल से अधिक समय पहले सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। सच कहूँ तो इससे मैंने उतना नहीं, बल्कि उससे कहीं अधिक हासिल किया है जितना मैं धार्मिक समाज में विश्वासी रहकर
- [अब मैं डरकर पीछे नहीं हटती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-cower-in-timidity.html) - मु यू, चीन 2 सितंबर 2022 को मैं किसी काम से एक अगुआ के घर गई, पर घर में कोई नहीं था। उसके घर के सामने रहने वाली बहन शाओ हॉन्ग ने संयोग से मुझे देख लिया। उसने मुझे अपने घर बुलाया और घबराकर बोली, “कुछ हो गया है! झोऊ लिंग को पुलिस ले गई
- [स्नेह सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/affections-must-be-principled.html) - नताशा, यूएसए बचपन में माता-पिता और शिक्षकों ने मुझे अच्छी इंसान बनना और कृतज्ञ होने का अभ्यास करना सिखाया, ठीक वैसे जैसे कि कहावत है, “एक बूँद पानी की दया का बदला झरने से चुकाना चाहिए।” इसलिए बचपन से ही इसी सिद्धांत के अनुसार मैंने आचरण किया और समाज में दूसरों के साथ व्यवहार किया।
- [एक ऐसा दिन जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-day-never-to-be-forgotten.html) - ली किंग, चीन दिसंबर 2012 में एक दिन लगभग सुबह 9 बजे मैं कुछ भाई-बहनों के साथ सुसमाचार प्रचार कर रही थी तभी पुलिस की एक गाड़ी हमारे सामने आकर रुकी। बिना कोई पहचान पत्र दिखाए एक अधिकारी ने मेरी बाँहें मरोड़ दीं और मुझे अपनी कार में ठूँस दिया। एक और भाई और एक
- [लापरवाही बरतने से मुझे कैसे पहुँचा नुकसान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/damage-done-by-being-perfunctory.html) - क्रिस्टेन, इटली अक्टूबर 2021 में मैंने नए सदस्यों के सिंचन का अभ्यास करना शुरू किया। हफ्ते भर में ही मुझे एहसास हो गया, अभी मुझे बहुत कुछ सीखना है। मुझे खुद को सभी तरह के सत्य सिद्धांतों से परिचित कराना था और उनकी विभिन्न समस्याएँ और कठिनाइयाँ हल करने के लिए सत्य पर संगति करने
- [सौहार्दपूर्ण सहयोग के लिए मेरा कठिन मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/difficult-path-to-harmonious-cooperation.html) - शिनचेंग, चीन जुलाई 2020 में मैं कलीसिया अगुआ चुनी गई और बहन चेन शी के साथ कलीसिया के काम की प्रभारी बना दी गई। जब मैंने पहली बार उस कर्तव्य को शुरू किया तो मुझे कई सिद्धांतों की स्पष्ट समझ नहीं थी और कोई सवाल होता तो मैं उससे चर्चा कर लेती थी। मैं सहर्ष
- [कर्तव्य में मेहनत न करने से मुझे हुआ नुकसान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/not-striving-in-duty-harmed-me.html) - ओवेन, स्पेन 2018 में मैं कलीसिया में एक वीडियो क्रिएटर के रूप में काम करता था। शुरू-शुरू में तकनीकी कौशल और विभिन्न सिद्धांतों से परिचित न होने के कारण, मैंने मेहनत से अध्ययन कर जरूरी हुनर पर महारत पाने की कोशिश की। कुछ समय बाद मेरी तकनीकी क्षमता काफी सुधर गई और मुझे एक टीम
- [समझने का ढोंग करके मैंने आफत मोल ले ली](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pretending-to-understand-did-me-in.html) - टैमी, दक्षिण कोरिया मैं कलीसिया के लिए डिजाइन का काम कर रही थी। समय के साथ सभी तरह के डिजाइन और चित्र बनाने से मेरी कार्यकुशलता खूब बढ़ गई तो मुझे टीम अगुआ बना दिया गया। मैंने सोचा : “मुझे टीम अगुआ बनाने का मतलब ही यह है कि मुझमें कुछ हुनर और कार्यक्षमताएँ हैं,
- [परमेश्वर के वचनों से दूसरों को देखना महत्वपूर्ण है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-words-are-our-only-lens-for-viewing-others.html) - कैटरीना, यूएसए शीला को मैं तीन साल से अधिक समय से जानती थी और मैं उसे अच्छे से जानती थी। जब भी हमारी मुलाकात होती, वह अपनी मौजूदा दशा के बारे में बातें करती। वह कहती कि वह हमेशा दूसरों पर संदेह करती है और इस बात की बहुत परवाह करती है कि लोग उसके
- [किसी कर्तव्य को अच्छे से निभाने के लिए ईमानदारी चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/cant-doing-duty-well-without-honesty.html) - मैरियन, यूएसए मैं कलीसिया में नए विश्वासियों को सिंचित करने की प्रभारी हूँ। कुछ नए विश्वासी हाल ही में शामिल हुए थे, और मैंने देखा कि उनमें से कुछ सभाओं में ज्यादा बात नहीं करते थे और नियमित रूप से नहीं आते थे। वे तभी आते जब उनका मन होता। जब मैंने उनसे अलग-अलग संगति
- [उन लोगों पर संदेह न करो जिन्हें तुम नियोजित करते हो : क्या यह उचित है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/never-suspect-those-you-use-is-that-right.html) - लिन पिंग, चीन जुलाई 2020 में मुझे एक अगुआ चुना गया और कई कलीसियाओं के कार्य की जिम्मेदारी मिल गई। बहन लियू जिंग को हाल ही में उन कलीसियाओं में से एक में एक अगुआ के रूप में चुना गया था। मैंने पहले भी उसके साथ कार्य किया था और उसे काफी अच्छी तरह से
- [भूलने की बीमारी के दिन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-days-of-amnesia.html) - चेन जिंग, चीन 1 मई 2003 को शाम 5 बजे के बाद का समय था। मैं एक सभा के बाद घर लौट रही थी, तभी मैंने देखा कि बहन ली नान पब्लिक फोन के पास खड़ी हैं। उसने हाथ हिलाकर मुझे अपने पास बुलाया। वह बेचैन दिख रही थी, मानो मुझसे कुछ कहना चाहती हो,
- [क्या आदर्श शादी होने से खुशी मिलती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-pursuing-perfect-marriage-bring-happiness.html) - आठ साल तक एक-दूसरे को जानने और प्यार करने के बाद मैं और मेरा पति सगाई करने वाले थे, तभी मुझे अचानक ऐसी बीमारी हो गई, जिसके चलते मैं कभी माँ नहीं बन सकती थी। उस समय मैं पूरी तरह से निराश हो गई और जीने की हिम्मत खो बैठी। मेरे पति के परिवार ने
- [निष्कासन के बाद आत्मचिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-being-expelled.html) - अंत के दिनों का सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य स्वीकारने के बाद, मैं हमेशा कलीसिया में सुसमाचार फैला रहा था। बाद में, मैं सुसमाचार का प्रचार करने दूसरी जगह गया और चार-पाँच कलीसियाओं के सुसमाचार कार्य का प्रभारी भी रहा। एक अवधि तक सहयोग करने के द्वारा सुसमाचार कार्य ने कुछ नतीजे हासिल किए, और मैं
- [मैं शांति से अपनी कमियों का सामना कर सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-can-calmly-face-my-shortcomings.html) - मैं बचपन से ही हकलाती हूँ। आमतौर पर तो इतना नहीं हकलाती थी, लेकिन अगर आस-पास बहुत सारे लोग इकट्ठा हो जाते तो मैं घबरा जाती और बोलते समय हकलाने लगती। जब मेरे माँ-बाप ने देखा कि मैं धाराप्रवाह नहीं बोलती, तो उन्होंने कहा, “क्या तुम थोड़ा और धीरे नहीं बोल सकती? कोई तुम्हें टोकने
- [रक्त चंद्रमाओं का बार-बार प्रकट होना : एक खगोलीय परिघटना या अंत के दिनों की चेतावनी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/end-of-the-world-is-near.html) - संपादक की टिप्पणी : हाल के दिनों में “रक्त चंद्रमा” खगोलीय परिघटना अक्सर प्रकट हुई है। वैश्विक महामारियाँ, भूकंप, अकाल जैसी विभिन्न आपदाएँ और भी बदतर होती जा रही हैं। अंत के दिनों के बारे में बाइबल की भविष्यवाणियाँ अधिकांशतः पूरी हो चुकी हैं। महा विनाश अब हमारे सिर पर हैं, इसलिए हमें प्रभु के
- [विपत्ति के बीच अपने कर्तव्य पर कैसे कायम रहें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-uphold-ones-duty-amid-hardship.html) - जून 2022 में मुझे पता चला कि पुलिस ने तीस से ज्यादा भाई-बहनों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें कई अगुआ भी शामिल हैं। बहुत से भाई-बहनों और जिन घरों में सभाएँ हुई थीं उन्हें सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ा था और परमेश्वर के वचनों की किताबों को तत्काल स्थानांतरित करने की जरूरत थी।
- [घाव जो मिटाए नहीं जा सकते](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/wounds-that-cannot-be-erased.html) - ली चेन, चीन 2008 में सीसीपी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के खिलाफ दमन और गिरफ्तारियों का बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया। उस दौरान भाई-बहनों को लगभग हर दिन गिरफ्तार किया जाता था। कुछ लोगों को तब गिरफ्तार किया गया जब वे सभाओं में थे और दूसरों को तब ले जाया गया जब पुलिस
- [शादी और कर्तव्य के बीच मेरा संघर्ष और फैसला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/struggle-choice-between-marriage-and-duty.html) - यी आन, चीन बचपन से ही, मुझे हमेशा एक सामंजस्यपूर्ण और भरे-पूरे परिवार का विचार पसंद था, लेकिन जब मैं प्राथमिक स्कूल में थी, तो मेरे पिता अचानक एक बीमारी की वजह से गुजर गए और इसलिए एक भरा-पूरा परिवार होना मेरा सपना बन गया। उस समय, मेरी माँ और दादी दोनों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर
- [बाइबल संदेश: आपदाएं बार-बार आ रही हैं—प्रभु का स्वागत करने के लिए बुद्धिमान कुंवारियाँ कैसे बनें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/be-wise-virgins-to-welcome-the-Lord.html) - आज का बाइबल संदेश - यह निबंध आपको बताएगा कि अंत के दिनों में प्रभु की वापसी का स्वागत करने के लिए एक बुद्धिमान कुँवारी कैसे बनें। मार्ग खोजने के लिए अभी पढ़ें।
- [मेरा सपना टूटने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-my-dream-shattered.html) - बचपन से, मुझे हमेशा से ही नृत्य करना बहुत पसंद रहा है। मेरी माँ ने मुझे बताया कि जब मैं बहुत छोटी थी, तो जब भी कोई संगीत बज रहा होता था, मैं स्वाभाविक रूप से उसकी ताल पर झूमने लगती थी। जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई, मेरा नृत्य के प्रति जुनून और भी बढ़ता गया
- [क्या परमेश्वर पर विश्वास केवल शांति और आशीष के लिए है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-belief-in-God-simply-for-peace-and-blessings.html) - जब मैं छह साल की थी तो मेरी माँ को पता चला कि मेरे पिता का किसी और के साथ अफेयर है और भावनात्मक सदमे के कारण उसे मानसिक बीमारी हो गई। दो साल बाद मेरे पिता की बीमार पड़ने से मौत हो गई और इलाज और अंतिम संस्कार के खर्च ने हमें कंगाल कर
- [मुझे अब बूढ़े होने की चिंता नहीं रही](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-worry-about-growing-old.html) - लियांग झी, चीन प्रिय शिउचुआन : मुझे तुम्हारा पत्र मिला। तुम्हारे पत्र से मुझे पता चला कि तुम आजकल अपने कर्तव्य में छोटे भाई-बहनों के साथ सहयोग कर रही हो, और तुम्हें लग रहा है कि तुम अपनी ऊर्जा और सहनशक्ति के मामले में तालमेल नहीं बिठा पा रही हो, इसलिए तुम कुछ हद तक
- [अपमान और दुर्व्यवहार सहन करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/enduring-humiliation-and-abuse.html) - ये हुई, चीन नवंबर 2007 की एक सुबह जब हम बहन लियू हुआ के घर सभा कर रहे थे, अचानक एक दर्जन से ज्यादा पुलिस अधिकारी अहाते में घुस आए और इससे पहले हम कुछ कर पाते, वे चिल्लाते हुए घर में घुस गए, “हिलना मत!” बड़ा कोहराम मच गया और मैं बहुत डर गई
- [क्या “अपने प्रति सख्त और दूसरों के प्रति सहिष्णु होना” सच में एक सद्गुण है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/strict-with-yourself-tolerant-of-others-truly-a-virtue.html) - ली जिया, चीन पहले मैं हमेशा यही सोचती थी कि मुझे दूसरों के प्रति सहनशील और उदार होना चाहिए, उनकी भावनाओं के प्रति विचारशील होना चाहिए और उनकी कठिनाइयों को समझना चाहिए। मैं दूसरों के बजाय खुद को असुविधा में डाल देती थी क्योंकि मुझे लगता था कि नेक चरित्र वाले उदार और सहृदय लोग
- [आशीष पाने के पीछे भागने से आई जागृति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/awakening-from-pursuit-of-blessings.html) - अन जिंग, चीन 1994 में मेरी माँ प्रभु यीशु में विश्वास करती थी। तीन महीने के भीतर उनका कोरोनरी हृदय रोग ठीक हो गया, जिसमें मुझे परमेश्वर की सर्वशक्तिमत्ता और उसकी आशीष दिखी। मैंने सोचा कि अगर मैं ईमानदारी से परमेश्वर में विश्वास करूँगी, तो वह हमारे परिवार की सुरक्षा करेगा और हमें बीमारी और
- [अब मैं अपराध के बंधन में नहीं हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-am-no-longer-bound-by-transgression.html) - मा जी, चीन जुलाई 2006 में एक दिन, जब मैं अपने सहकर्मियों के साथ बैठक में जा रही थी तभी अचानक मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। उस रात, मुझे पूछताछ के लिए किसी अनजान जगह पर ले जाया गया। पुलिस को मेरे पास से कलीसिया के पैसों की रसीद मिली, तो उन्होंने एक-एक करके मुझसे
- [बुजुर्गों को भी सत्य का अनुसरण करने का प्रयास करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/even-the-elderly-should-strive-to-pursue-the-truth.html) - ली जिंग, चीन जिस वर्ष मैं 46 की हुई, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। परमेश्वर के वचनों से मैंने सीखा कि लोगों को बचाने के लिए परमेश्वर के कार्य का यह अंतिम चरण है, अंत में परमेश्वर उन लोगों को एक नए युग में ले जाएगा, जिन्हें उसने बचाया है।
- [माँ के गुजरने के सदमे से उबरना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/emerging-from-the-shadow-of-mothers-passing.html) - चेंग शिन, चीन 2012 में, कर्तव्य निभाने के कारण पुलिस ने मुझे गिरफ्तार किया और पाँच साल के लिए जेल भेज दिया। तब, मेरी माँ की उम्र 60 साल से ज्यादा थी। वह हेमिप्लेजिया से पीड़ित थी, फिर भी वह जेल में मुझसे मिलने आती थी। मेरी माँ आसानी से चल-फिर नहीं पाती थी या
- [गिरफ्तारी के बाद अगुआओं का यहूदा बनना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/leadership-turning-judas-after-arrest.html) - आन किंग, चीन 4 जुलाई 2018 को, मेरी साथी अगुआ डिंग जी का पीछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह खबर सुनकर मैं बहुत बेचैन हो गई। लोगों को सताने के पुलिस के तरीके बहुत क्रूर थे; क्या वह यह सहन कर पाएगी? और, अक्सर उसके साथ मेरी बातचीत होती रहती थी, तो क्या
- [अब मैं अनुभवात्मक गवाही लेख लिखने के लाभ जानती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-know-benefits-of-writing-experiential-testimony-aticles.html) - गुआंग चुन, चीन 2020 में मैं कलीसिया अगुआ थी। मैंने देखा कि कुछ भाई-बहनों ने अच्छे अनुभवात्मक गवाही लेख लिखे हैं, मुझे उनसे ईर्ष्या हुई। लेकिन मैंने इन लेखों के लिखे जाने को कोई खास अहमियत नहीं दी, हमेशा यही सोचती थी कि केवल काबिल और लेखन कौशल वाले लोग ही अच्छा लिख सकते हैं।
- [प्रभु की वापसी के बारे में किसकी सुनें?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/regarding-the-Lord-s-return.html) - हन्ना, म्यांमार प्रभु की वापसी के स्वागत के संबंध में हमें किसकी बात सुननी चाहिए? हमें परमेश्वर की वाणी सुननी चाहिए या अपने पादरियों की बातें? मैंने अपनी आस्था में इसे पहले कभी नहीं समझा, बल्कि आँख बंद करके अपने पादरी की बात सुनी और प्रभु की वापसी का स्वागत करने का मौका लगभग गंवा
- [क्या पैसे से सचमुच खुशी मिलती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-money-really-bring-happiness.html) - माइकल, न्यूज़ीलैंड जब मैं आठ साल का था, तब मेरे परिवार के साथ एक अप्रत्याशित घटना हो गई। तभी से मेरी माँ और मैं एक-दूसरे पर निर्भर हो गए, और वह वापस मुझे हमारे देहात वाले घर में ले आई। उस समय हम बेहद गरीब और बदहाल थे। दूसरे लोग बहुमंजिला घरों में रहते थे,
- [तूफ़ानों के बीच बड़ी होना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/growing-up-amidst-a-storm.html) - मी शू, चीन मार्च 2013 में एक दिन, मैं कुछ बहनों के साथ एक सभा के बाद घर लौटी, घर में घुसते ही देखा कि सब कुछ बिखरा हुआ है। हमने अंदाज़ा लगाया कि शायद पुलिस ने घर की तलाशी ली होगी, इसलिए हम तुरंत वहां से दूसरी जगह चले गये। हमारे वहां पहुँचते ही
- [मैंने लोगों के साथ सही व्यवहार करना सीख लिया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/ive-learned-how-to-treat-people-correctly.html) - अन यू, चीन 2023 में, मैं एक कलीसिया अगुआ का कर्तव्य निभा रही थी और सिस्टर हे ली के साथ साझेदारी थी। इससे पहले, हे ली एक अगुआ बन गई थी और उसे विभिन्न कार्यों के सिद्धांतों की कुछ समझ थी। जब हम दोनों ने अपना काम बाँट लिया तो मुझे उस काम के बारे
- [अब मैं बेतहाशा रुतबे के पीछे नहीं भागती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-relentlessly-pursue-status.html) - ली जिंग, चीन मुझमें सम्मान और रुतबा हासिल करने की तीव्र इच्छा थी। बचपन से ही, मैंने अपनी जगह बनाने और श्रेष्ठ बनने की कोशिश की थी। जैसी कि कहावत है, “अधिकारी आम लोगों से श्रेष्ठ होते हैं,” सबसे छोटा अधिकारी भी आम लोगों से बेहतर ही माना जाता है। मेरा मानना था कि अधिकारी
- [जब कर्तव्यों का निर्वहन संतानोचित भक्ति से टकराता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-performing-duties-conflicts-with-filial-piety.html) - म्यू चेंग, चीन पिछले कुछ वर्षों में, मैंने घर से दूर रहकर अपने कर्तव्यों का पालन किया। मुझे कभी-कभी अपनी माँ की याद आती थी, लेकिन मेरे कर्तव्य ने मुझे व्यस्त रखा और वह अभी भी जवान थी और उसकी सेहत बहुत अच्छी थी, इसलिए अपना कर्तव्य निभाते समय मैं बहुत ज्यादा बेबस या चिंतित
- [अब मैं पैसों के लिए नहीं जीती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-live-for-money.html) - वेक्सियाओ, चीन मैं जब छोटी थी, मेरा परिवार बहुत गरीब था। हमारे रिश्तेदार और पड़ोसी सभी हमें नीची नजर से देखते थे, पड़ोसियों के बच्चे मेरे साथ खेलते भी नहीं थे। मुझे याद है एक बार मैं खुशी-खुशी पड़ोस वाली बच्ची से पूछने गई कि क्या वो मेरे साथ खेलना चाहेगी, पर मैं उसके घर
- [विपत्ति में दृढ़ता से डटे रहना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/persevering-through-adversity.html) - अन्ना, म्यांमार मई 2022 में, कई गाँवों के लोगों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। मगर जल्द ही, कई नए विश्वासियों ने सभाओं में आना बंद कर दिया। छानबीन करने पर पता चला कि सशस्त्र सिपाही रात में गश्त लगाते थे और जो कोई भी सभा करता उसे गिरफ्तार कर लेते
- [अपनी सच्चाइयों के साथ कैसे पेश आना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-deal-with-harsh-but-honest-advice.html) - मेलिंडा, यूएसए नवंबर 2017 में, मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। जब मैंने पहली बार भाई-बहनों के साथ सभा या चर्चा करनी शुरू की थी, तो मैं अपने विचार साझा कर पाती थी, और मेरी संगति में भी थोड़ी रोशनी थी। भाई-बहनें मेरे बारे में काफी ऊँचा सोचते और मुझसे आदर के साथ पेश आते थे।
- [हमेशा लोगों को खुश करने से क्या होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-comes-of-pleasing-others.html) - विक्की, यूएसए मैं कलीसिया में सुसमाचार के काम का पर्यवेक्षण करती हूँ। बहन वांडा और मैं टीम अगुआओं के तौर पर मिलकर काम करते हैं। शुरू-शुरू में, मैंने देखा कि वांडा अपना काम पूरे जोश से करती थी और काफी प्रभावी थी। मुझे लगा कि वह दायित्व निभाने वाली एक जिम्मेदार इंसान है। लेकिन फिर
- [जलन से मुक्ति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/freed-from-envy.html) - क्लाउड, कैमरून 2021 की शुरुआत में मैं उपदेशक था, भाई मैथ्यू के साथ कलीसियाई-कार्य देख रहा था। कर्तव्य निभाना शुरू ही किया था तो काफी कुछ नहीं समझता था, इसलिए मैं अक्सर उससे सवाल पूछता था। उस दौरान मैथ्यू अक्सर मुझे अपने कर्तव्य में प्रकट किए गए भ्रष्ट स्वभावों के बारे में बताता रहता था।
- [अब मैं अपने बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं करती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-worry-about-childrens-future.html) - मेरा जन्म एक गरीब किसान परिवार में हुआ था। और मिडिल स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, मैं काम की तलाश में घर से निकल गया। बाद में, मैंने अपना परिवार बसाया और मेरे बच्चे हुए। मैं हमेशा बहुत मेहनत करता था, लेकिन गुज़ारा करना अक्सर मुश्किल होता था। जब मेरे बहनोई को मेरी
- [घर के बंधनों से मुक्ति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/released-from-the-shackles-of-home.html) - चेंग शी, चीन जून 2012 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। परमेश्वर के वचनों को पढ़कर, मैं निश्चित हो गई कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही लौटकर आया प्रभु यीशु है, इंसान को बचाने के लिए पृथ्वी पर आया उद्धारकर्ता है, मैं उत्साह से भरी हुई थी। मैंने अपने पति के
- [परमेश्वर मेरे साथ है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-is-by-my-side.html) - गुओज़ी, संयुक्त राज्य अमेरिका मेरा जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था, और जब मैं एक वर्ष की थी, तो मेरी माँ ने लौटे हुए प्रभु यीशु—सर्वशक्तिमान परमेश्वर—का नया कार्य स्वीकार कर लिया, हालाँकि मेरी दादी इसकी प्रबल विरोधी थीं। मुझे याद है कि जब मैं छोटी थी, तो मेरी दादी अकसर मुझसे कहा करती
- [अंततः मैं एक मनुष्य की तरह थोड़ा जीवन व्यतीत करता हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/live-out-a-little-like-a-human.html) - ज़ियांग वांग सिचुआन प्रांत मैं हर बार अपने हृदय की गहराई से ताड़ना महसूस करता हूँ, जब भी मैं देखता हूँ कि परमेश्वर के वचन कहते हैं कि: "क्रूर मानवजाति! साँठ-गाँठ और साज़िश, एक-दूसरे से छीनना और हथियाना, प्रसिद्धि और संपत्ति के लिए हाथापाई, आपसी कत्लेआम—यह सब कब समाप्त होगा? परमेश्वर द्वारा बोले गए लाखों
- [पतन से पहले की एक घमंडी आत्मा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-haughty-spirit-before-a-fall.html) - बाईशे शेन्यांग सिटी किसी कार्य की आवश्यकता की वजह से, मेरा स्थानांतरण एक अन्य कार्यक्षेत्र में कर दिया गया था। उस समय, मैं परमेश्वर की बहुत आभारी थी। मुझे महसूस होता था कि मुझमें बहुत कमी है, फिर भी परमेश्वर के दिव्य प्रोत्साहन के माध्यम से, मुझे इस तरह के अद्भुत कार्य क्षेत्र में अपने
- [रुतबे के बंधन से मुक्ति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/freed-from-the-yoke-of-status.html) - वीयधिया, फ्रांस पिछले साल, हमारे कलीसिया की अगुआ, बहन लॉरा, को उनके पद से हटा दिया गया था क्योंकि वो कोई व्यावहारिक काम नहीं कर रही थीं। सबके साथ चर्चा करने के बाद, मुझे कलीसिया की अगुआ चुना गया। कलीसिया की अगुआ बनते ही, मुझे काफी दबाव महसूस होने लगा, क्योंकि मैं जानती थी कि
- [परमेश्वर के वचन जीवन के सही मार्ग पर चलने में मेरा मार्गदर्शन करते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/more-meaningful-than-making-money.html) - फांग हाओ, चीन हाल ही में इंटरनेट पर एक कहावत प्रचलित रही है, "बिना पैसे के, आप कैसे अपने पारिवारिक संबंधों को सहारा देंगे, अपने प्यार को मजबूत करेंगे, और अपने दोस्तों से जुड़ेंगे? क्या अपनी बातों से? रहने भी दो! लोगों के पास इसके लिए समय नहीं है!" एक ऐसे समाज में जो पूरी
- [कगार से लौट आना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/back-from-the-brink.html) - झाओ गुआंगमिंग, चीन 1980 के दशक के प्रारंभ में, मैं उम्र से अपने 30 के दशक में था और एक निर्माण कंपनी के लिए काम कर रहा था। मैं खुद को युवा और फिट मानता था, लोगों के साथ वफ़ादारी और सम्मान के साथ पेश आता था और अपना काम ज़िम्मेदारी से करता था। मेरा
- [ढूँढो और तुम पाओगे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/seek-and-you-will-find.html) - मेरी बेटी मिर्गी के साथ पैदा हुई थी। मेरे पति और मैंने हर जगह उसका इलाज करवाने की कोशिश की और वह सब कुछ किया जो कर सकते थे, लेकिन उसकी हालत नहीं सुधरी। जब मैं दुखी थी और सब कुछ करके हार चुकी थी तो किसी ने मुझे सुसमाचार सुनाया, और मैंने प्रभु यीशु
- [प्रभु यीशु की वापसी से संबंधित बाइबल की 6 भविष्यवाणियाँ पूरी की जा चुकी हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/prophecies-concerning-Jesus-return.html) - अंतिम दिनों के संकेत दिखाई दिए हैं और बाइबिल में यीशु मसीह की वापसी की भविष्यवाणियां सच हो गई हैं। तो, हमें प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत कैसे करना चाहिए? पढ़ने के लिए अभी क्लिक करें, और आपको जवाब मिल जाएगा।
- [मैंने प्रभु की वापसी का स्वागत किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/welcomed-the-Lord-s-return-article.html) - चुआनयांग, संयुक्त राज्य अमेरिका संयुक्त राज्य अमेरिका की 2010 की सर्दियों में मुझे बहुत ठंड लगी। हवा और बर्फ की कड़ाके की ठंड के अलावा एक और भी बुरी बात यह थी कि मेरा दिल ऐसा महसूस करता था मानो किसी "शीत लहर" ने उस पर हमला बोल दिया हो। हम लोगों के लिए, जो
- [स्वर्ग का राज्य वास्तव में धरती पर आ है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/kingdom-of-heaven-upon-the-earth-article.html) - चेन बो, चीन स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर पाना और प्रभु द्वारा मनुष्य को प्रदान किए गए शाश्वत कल्याण का आनंद उठा पाना, हम विश्वासियों की सबसे बड़ी लालसा है। हर बार जब मैं पास्टर को उपदेश में यह कहते हुए सुनते कि जो स्थान प्रभु हमारे लिए तैयार करेंगे वो स्वर्ग में होगा,
- [परमेश्वर के राज्य का मार्ग हमेशा आसान नहीं होता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/path-to-God-s-kingdom-is-not-smooth-1.html) - सेनेन, भारत मैं एक ईसाई परिवार में पैदा हुआ, बचपन से ही मैं प्रभु में विश्वास रखने में अपने माता-पिता के साथ चलने लगा। अक्सर कलीसिया की सभाओं में जाता, कलीसिया की विभिन्न गतिविधियों में भाग लेता। मार्च 2020 में, एक दिन, फेसबुक पर मेरी एक बहन से मुलाकात हुई। हमने प्रभु में विश्वास रखने
- [बचाए जाने के लिए ईमानदार बनना जरूरी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/you-must-become-honest-to-be-saved.html) - अरियला, फ्रांस अगस्त 2021 में मैं नए लोगों का सिंचन करने के लिए एक कलीसिया में आई। कुछ समय बाद मैंने पाया कि एक नई सदस्य का स्वभाव अहंकारी है, वह अक्सर अपने विचारों पर अड़ जाती थी और अपने भाई-बहनों के साथ तालमेल बिठाकर काम नहीं कर पाती थी। जब दूसरों ने उसे उसकी
- [वास्तविक कार्य न कर पाने के नतीजे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-failing-to-do-practical-work.html) - शियाओमो, चीन मैं कलीसिया के सुसमाचार कार्य की प्रभारी हूँ। एक बार कुछ भाई-बहनों ने बताया कि एक समूह अगुआ शिनयू घमंडी और निरंकुश है, वह दूसरों के साथ ठीक से काम नहीं कर पाती या सुझाव नहीं मानती है। उसके आगे सभी बेबस महसूस करते हैं और इससे सुसमाचार के काम पर असर पड़ा
- [सिद्धांतों के बिना कर्तव्य फल नहीं देता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/duty-cant-bear-fruit-without-principles.html) - शू किन, चीन 2021 में मुझे अगुआ चुना गया। काम की जरूरतों के कारण मैंने बाद में दूसरी कलीसिया में जिम्मेदारी ले ली। यह देखकर कि कलीसिया का काम बहुत प्रभावी नहीं है, मैंने सोचा, “जिन अगुआओं ने मुझे कलीसिया में लाने की व्यवस्था की, वे मेरी बड़ी कद्र करते होंगे, और आशा करते होंगे
- [परमेश्वर में विश्वास करते हुए इंसान का अनुसरण करने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-following-man-in-faith.html) - शियाओलु, चीन मेरे सभी अनुभवों में से एक विशेष रूप से ऐसा है, जिसने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी। एक वर्ष एक उच्च अगुआ, ली हुआन, काम की देखरेख करने हमारी कलीसिया आई। उस समय कलीसिया का एक सदस्य अगुआओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पूर्वाग्रह फैलाकर गड़बड़ी करने के लिए एक गुट बना रहा था।
- [जब मेरे माता-पिता को कलीसिया से निकाल दिया गया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-parents-were-cleared-out.html) - ऐ यी, चीन अक्टूबर 2018 में एक दिन, अगुआ ने मुझे बताया, “तुम्हारे माता-पिता को कलीसिया से निकाल दिया गया है।” मैं अवाक रह गई—मैं तो इस बात पर यकीन ही नहीं कर पाई। मैं जानती थी कि मेरे माता-पिता ने कई बुरे कार्य किए हैं, पर क्या ये यकीनन इतने बुरे कार्य थे कि
- [मैंने खुलकर बोलने की हिम्मत क्यों नहीं की](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-didnt-dare-open-up.html) - क्रिस्टीना, यूएसए 2021 की मई के मध्य में हमारी अगुआ जेन ने मुझसे लौरा का मूल्यांकन लिखवाया था। उसने कहा कि लौरा घमंडी और आत्म-तुष्ट है, और हमेशा अगुआओं और कार्यकर्ताओं की आलोचना करती है। वह एक सही इंसान नहीं है। लौरा के बारे में जेन का मूल्यांकन मुझसे अलग था। पहले जब लौरा के
- [क्या हमें पारंपरिक सदगुणों के अनुसार जीना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/should-we-live-by-traditional-virtues.html) - एडवीज, फ्रांस जब मैं प्राइमरी स्कूल में थी, तो एक पाठ ने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी—कॉन्ग रॉन्ग के नाशपाती दे देने की कहानी। कॉन्ग रॉन्ग ने अपने बड़े और छोटे भाइयों को सबसे बड़ी नाशपाती दी, जबकि खुद सबसे छोटी ली, जिससे उसे उसके पिता की प्रशंसा मिली। उसकी कहानी “थ्री कैरेक्टर क्लासिक” में
- [मेरे अलावा सभी को तरक्की दी गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-everyone-but-me-is-promoted.html) - मार्था, इटली जनवरी 2021 में जिस परियोजना के लिए मैं जिम्मेदार थी, वह पूरा होने वाली थी। मेरे भाई-बहनों को धीरे-धीरे अन्य कर्तव्यों में लगा दिया गया, काम पूरा करने के लिए बस मैं और कुछ साथी ही बचे रह गए। उस समय मैंने सोचा कि भले ही करने को बहुत काम नहीं है, फिर
- [सुसमाचार का प्रचार अच्छे से करने के लिए जिम्मेदारी लेना अहम है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/responsibility-is-key-to-preaching-gospel.html) - मैरी, कोत दिव्वार मैं अपने काम को गंभीरता से नहीं लेती थी, मैं बहुत सुस्ती दिखाती थी और अनमने ढंग से काम करती थी। मैं सुसमाचार ग्रहण करने वालों को उपदेश सुनने बुला तो लेती, लेकिन उनसे बात करने या यह पूछने में रुचि नहीं लेती थी कि उन्हें उपदेश कैसा लगा। मुझे लगता बहुत-से
- [ईर्ष्या को खुद पर हावी न होने दें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/dont-let-jealousy-overtake-you.html) - ली फांग, चीन 2017 की गर्मियों में मैं कलीसिया अगुआ के तौर पर काम कर रही थी। काम की जरूरतों के चलते, उच्च स्तर की अगुआ ने मेरे साथ काम करने के लिए बहन यांग गुआंग और बहन चेंग शिन की व्यवस्था की, जिन्होंने कलीसिया का कार्यभार संभाला, और मुझसे उनकी मदद करने को कहा।
- [काट-छाँट को स्वीकार करने से मुझे क्या हासिल हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-gains-from-being-dealt-with.html) - वायोला, इटली मैं कलीसिया में मैंने वीडियो-कार्य का निरीक्षण कर रही थी। काम के भारी बोझ के कारण हर दिन मैं चिड़चिड़ी रहती। तरह-तरह की समस्याएँ सुलझाने और दूसरों के काम की खोज-खबर लेने में व्यस्त रहती। मुझे आराम ही न मिलता। थोड़े समय बाद, बहन जेनिफर अक्सर हमारे वीडियो पर सलाह देने और कहने
- [मैं इतनी अहंकारी क्यों थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-was-so-arrogant.html) - जोआन, दक्षिण कोरिया एक दिन कुछ कलीसिया-अगुआओं ने मेरे साथ एक मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सुसमाचार-कार्य की प्रभारी इसाबेला के कार्य सिद्धांत के अनुसार नहीं होते, और वह कलीसिया-अगुआओं से कार्य पर चर्चा नहीं करती। उन्होंने कहा कि वह सुसमाचार साझा करने का कार्य बेतरतीब ढंग से लोगों को सौंप देती है, जिससे भाई-बहन
- [क्या मिलनसार होना अच्छी मानवता के लिए सही मापदंड है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-amiability-an-apt-criterion-for-good-humanity.html) - फ्रैंक, फ़िलीपीन्स लोग मुझे बचपन में हमेशा समझदार और व्यवहार-कुशल बताते; संक्षेप में कहें तो अच्छा बच्चा। मैं शायद ही कभी दूसरों से नाराज होता था, किसी को तंग नहीं करता था। आस्था रखने के बाद भी मैं दूसरे भाई-बहनों के साथ काफी मिलनसार रहा। मैं सहनशील, धैर्यवान और स्नेही था। मुझे याद है, एक
- [अपने काम में नकारात्मकता और सुस्ती का कारण क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-negativity-and-slacking-off-in-duties.html) - डोंग शुन, चीन 2021 में एक दिन, अगुआ ने मुझे नए समूह की सभाओं का जिम्मा सौंपा था। थोड़ा अभ्यास करने से मैंने कुछ सिद्धांत समझ लिए और लोगों जिन विभिन्न दशाओं से गुजरते हैं उसे थोड़ा पहचान लिया। मुझे लगता था कि यह काम मुझे काफी सत्य समझने और फटाफट तरक्की करने में मदद
- [मुझे तुम्हारी देखरेख नहीं चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-do-not-need-your-supervision.html) - मिल्ड्रेड, मलेशिया जब मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया, तो कुछ ही समय बाद ही पादरी ली को इस बात का पता चल गया। एक दिन, उसने मुझे कलीसिया आने को कहा। मैंने सोचा कि वह बाइबल का अच्छा जानकार है, कई वर्षों से प्रभु की सेवा कर रहा है
- [मैंने अपने पादरी का असली चेहरा देखा है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-pastors-true-colors.html) - नोरा, फ़िलीपीन्स जब मैं पहले-पहल ईसाई बनी, तब मेरी कलीसिया के पादरी मतियास और उनकी पत्नी मेरे बारे में ऊंची राय रखते थे। उन्होंने मुझे प्रशंसा टीम का अगुआ और रविवार का स्कूल टीचर बनाया, वे हमेशा मेरी परवाह करते। जब कभी मुझे कोई समस्या होती या मैं थोड़ा कमजोर महसूस करती, वे मेरे लिए
- [मेरी आस्था परमेश्वर में है : इंसानों की पूजा क्यों करूँ?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-believe-in-God-why-worship-people.html) - लोरेइन, दक्षिण कोरिया जब मैं पहली बार कलीसिया में सुसमाचार कार्य की प्रभारी बनी, तो मुझे अच्छे नतीजे नहीं मिल रहे थे; इस बात ने मुझे बहुत चिंता में डाल दिया। उसी दौरान, ऐनी का तबादला हमारी कलीसिया में किया गया। मैंने सुना कि वह करीब 20 सालों से विश्वासी रही है, उसने काम के
- [रास्ता भूल जाने के बाद आत्मचिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-getting-lost.html) - शिंझी, चीन अगस्त 2019 में एक दिन, अगुआ ने एक पत्र भेजकर मुझसे कहा कि बाहर गाँव की एक बहन को जाकर ले आऊँ। मैंने देखा बहन के घर का पता पड़ोसी कलीसिया के इलाके का था। सोचा, “उसका तबादला हमारी कलीसिया में क्यों किया जा रहा है? पास वाली कलीसिया में क्यों नहीं?” मगर
- [एक बुरे इंसान को पहचान कर मैंने क्या पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-gained-from-discerning-an-evildoer.html) - नील, जापान अगस्त 2015 में मुझे पता चला कि सिस्टर निकोल हटा दी गई है, मुख्य रूप से इसलिए कि उसने वास्तविक काम नहीं किया और प्रतिष्ठा और हैसियत के लिए दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा की, साथ ही अन्य भाई-बहनों के सामने अपने साथी की आलोचना की, जिससे कलीसिया का काम बाधित हुआ। बर्खास्त किए
- [चालाक और कपटी होने से सीखा एक पीड़ादायी सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lesson-learned-from-being-deceitful.html) - मेरियाना, इटली 2020 में मैं कलीसिया में डिजाइन का काम कर रही थी, खासकर रेखाचित्र बनाने का। कुछ समय बाद, मुझे लगा कि इस काम की गति बाकी कार्यों के मुकाबले धीमी है। मेरी निरीक्षक दूसरे काम की देखरेख की वजह से हमारे काम पर नजर नहीं रख पा रही थी। मैं भी ढीली पड़ने
- [जिम्मेदारी से डरने के छिपे हुए कारण](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/hidden-reasons-for-fearing-responsibility.html) - जॉर्ज, जापान मैं कलीसिया में सिंचन कार्य का प्रभारी था। जब अधिक लोगों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का कार्य स्वीकार लिया, तो हमारी कलीसिया तीन अलग-अलग कलीसियाओं में बँट गई और एक का प्रभारी मुझे बना दिया गया। विभाजन के बाद, मैंने देखा कि नियमित रूप से न आने वाले बहुत से
- [अंधाधुंध प्रतिस्पर्धा को अलविदा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/goodbye-to-the-rat-race.html) - रोसाली, दक्षिण कोरिया मैंने कुछ साल पहले कलीसिया में नए सदस्यों का सिंचन शुरू किया था। मुझे पता था कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण कर्तव्य है, इसलिए मैंने शपथ ली थी कि मैं सत्य के अनुसरण में और भी ज़्यादा मेहनत करके नए सदस्यों का अच्छे से सिंचन करूँगी ताकि वे सत्य के मार्ग पर
- [परमेश्वर के वचनों ने मेरी रक्षात्मकता और गलतफ़हमी को दूर कर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-word-dispels-my-misunderstanding.html) - ली जिन, चीन 2014 में जब मैं एक कलीसिया-अगुआ थी तो मैं अपना कर्तव्य निभाने में कुछ हद तक प्रभावी थी, मैंने कुछ अनुभव संचित किया था और मुझे ऐसा लगता था कि मैं सत्य समझती हूँ। जब मेरे सामने समस्याएँ आती थीं तो मैं सत्य सिद्धांतों की खोज नहीं करती थी और अक्सर वही
- [कर्तव्य के प्रति सही रवैया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/proper-attitude-toward-ones-duty.html) - मेलनी, फ़िलीपीन्स मैं कलीसिया में नए सदस्यों का सिंचन किया करती थी, लेकिन चूँकि मुझमें क्षमता की थोड़ी कमी थी, इसलिए ऐसे कई सत्य थे जिन पर मैं स्पष्ट रूप से संगति नहीं कर पाती थी और नए सदस्यों की समस्याएँ हल नहीं कर पाती थी। इसके अलावा, मैं हमेशा अपनी छवि और रुतबे की
- [अपने कर्तव्य में सही दृष्टिकोण का महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/importance-of-correct-attitude-in-duty.html) - एला, फ़िलीपीन्स अक्तूबर 2020 में मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। मैं सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लेती और परमेश्वर के वचनों की अपनी समझ पर संगति करती, और दो महीने बाद मैं एक सभा-समूह की अगुआ बन गई। मुझे याद है कि जब मैंने पहली बार सभा का
- [जिंदगी का निर्णायक क्षण](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-fork-in-the-road.html) - ली यांग, चीन मैं खेती-किसानी वाले गाँव में पैदा हुआ था, एक गरीब परिवार में पला-बढ़ा। मेरे माता-पिता सीधे-सादे किसान थे, जिन पर अक्सर लोग धौंस जमाते थे। मैंने बचपन में ही यह कसम खाई कि बड़ा होकर मैं जरूर कुछ बनूँगा, ताकि गाँव वाले हमें इज्जत से देखें और कोई भी हमें कमतर न
- [मैंने एक मसीह-विरोधी की रिपोर्ट कैसे की](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-reported-an-antichrist.html) - वेन जिंग, चीन कुछ साल पहले, अपना कर्तव्य निभाने, मैं शहर के बाहर से अपनी स्थानीय कलीसिया लौट आई। जब मैंने अगुआ झैंग शिन को यह कहते सुना कि शाओ लियू सिंचन उपयाजिका थी, तो मैं भौंचक्की रह गई। मुझे मालूम था कि शाओ लियू फूट डालती थी, लोगों का दमन कर दंड देती थी।
- [एक डॉक्टर का प्रायश्चित](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-doctor-is-repentance.html) - यांग फ़ैन, चीन जब मैं एक डॉक्टर बना तो मैं हमेशा विनम्र और पेशेवर रहने की कोशिश करता था। और तो और, मैं अच्छा काम करता था और मैंने बहुत-से लोगों को ठीक किया। जल्दी ही, हमारे समुदाय के सब लोग मुझ पर भरोसा करने लगे। बरसों बाद, मैंने देखा कि दूसरे सब डॉक्टर नई
- [कर्तव्य आशीषों की सौदेबाजी नहीं होता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/duty-isnt-bargaining-chip-for-blessings.html) - शाओ छेन, चीन बीमारी मुझे हमेशा आसानी से पकड़ लेती है। 11 वर्ष की उम्र में, मुझे अप्लास्टिक एनीमिया हो गया था, तो मेरी रोग-प्रतिरोधक प्रणाली बहुत कमजोर है। मैं शारीरिक रूप से कमजोर हूँ, मेरे पूरे शरीर में ताकत की कमी है और कुछ कदम चलते ही थक जाता हूँ। हालत गंभीर होने पर
- [असलियत छुपाने और झूठा स्वांग भरने के नतीजे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/wages-of-disguise-and-concealment.html) - लिलीथ, हांडुरास अक्तूबर 2018 में, मैंने अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकारा। छह महीने बाद, मैं कलीसिया में सिंचन कार्य की उपयाजिका चुनी गई। शुरू-शुरू में इस काम की जिम्मेदारी लेते हुए मुझे काफी मुश्किलें आईं, लेकिन प्रार्थना और अपने भाई-बहनों के साथ संगति करने से, धीरे-धीरे मैंने कुछ सिद्धांतों पर
- [क्या पूरी बाइबल परमेश्वर द्वारा प्रेरित है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-the-whole-bible-given-by-inspiration-of-God.html) - झाओ गुआंग, चीन 1998 में मेरा चचेरा भाई, यांग मेरे साथ प्रभु यीशु का सुसमाचार साझा करने आया। उसने मुझे बाइबल की एक प्रति देकर कहा, कि पूरी बाइबल परमेश्वर से प्रेरित है, उसमें शामिल हर बात परमेश्वर का वचन है, और उसी में निहित है परमेश्वर के राज्य और अनंत जीवन का मार्ग। यह
- [सुसमाचार प्रचार की समस्याओं का सामना कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-face-difficulties-sharing-gospel.html) - केल्विन, पेरू हमारे गाँव के ज्यादातर लोगों की तरह मेरा पूरा परिवार भी कैथोलिक था, लेकिन चूँकि वहाँ कैथोलिक कलीसिया को संभालने वाला कोई पादरी नहीं था, इसलिए काफी समय से कोई भी बाइबल पढ़ने कलीसिया नहीं गया था। फिर 22 मई, 2020 को, मैंने ऑनलाइन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़े। उसके वचन पढ़कर मुझे
- [मैं एक झूठी अगुआ कैसे बनी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-became-a-false-leader.html) - सोनिया, दक्षिण कोरिया 2019 के अंत में, मुझे कलीसिया के वीडियो कार्य का प्रभारी बना दिया गया। मैं बहुत दबाव महसूस करने लगी क्योंकि इस काम के लिए जो कौशल चाहिए था, वह मैंने पहले कभी सीखा नहीं था। इस अनजाने काम का मिलना ऐसा था मानो मेरे सीने पर भारी बोझ रख दिया गया
- [मैं सिद्धांतों पर क्यों टिकी नहीं रह पाती?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-cant-i-stick-to-the-principles.html) - ईसाबेला, फ्रांस अगस्त 2021 में, मैंने कलीसिया-अगुआ के रूप में अभ्यास करना शुरू किया। सुसमाचार-कार्य की प्रभारी लिलियान के साथ मेलजोल में मैंने देखा, वह अक्सर लोगों की छोटी-मोटी समस्याओं को बड़ा बनाकर सबको बताती फिरती थी। वह दूसरों के साथ अच्छी तरह काम नहीं कर पाती थी, और हमेशा तथ्यों के विरुद्ध बातें करती
- [बिना सोचे-समझे किसी इंसान की आराधना करने के नतीजे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-worshiping-person.html) - वांग यिन, चीन अगस्त 2015 में, मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया था। तब, कलीसिया में कुछ रिपोर्ट-पत्रों को निपटाना जरूरी था, लेकिन कलीसिया में काम शुरू किए मुझे कुछ ही दिन हुए थे और पहले कभी मैंने रिपोर्ट-पत्र नहीं निपटाए थे। मैं रिपोर्ट-पत्रों से निपटने के सिद्धांतों से परिचित नहीं थी और उन्हें निपटाना नहीं
- [असफलता से सीखे सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-lesson-learned-from-failure.html) - योआन, दक्षिण कोरिया जब मैं कलीसिया अगुआ थी, वांग हुआ मेरे कार्य की निगरानी करती थी। वह अक्सर इस बारे में बात करती कि वह कलीसिया के काम का प्रबंधन कैसे करती है। कहती कि वह सिर्फ अपनी कलीसिया के काम की प्रभारी नहीं है, बल्कि वह और भी कई कलीसियाओं के काम की खोज-खबर
- [धूर्त बनने से मुझे कैसे नुकसान हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-being-cunning-harmed-me.html) - सामंथा, जापान एक बार जब हम अपने काम का सार प्रस्तुत कर रहे थे, तो एक कलीसिया अगुआ ने बताया कि हाल के दिनों में हमारा सुसमाचार कार्य बहुत अच्छा नहीं रहा, और मुझे इसका कारण समझाने को कहा। तब जाकर मुझे एहसास हुआ कि हमारी उत्पादकता घट गई है। बैठक के बाद मैं जल्दी
- [सहयोगी प्रतिस्पर्धी नहीं होता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-partner-isnt-a-rival.html) - क्लेयर, म्यांमार परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारने के बाद जल्दी ही मैं नए सदस्यों के सिंचन का अभ्यास करने लगी। क्योंकि मैं जोशीली थी, आगे बढ़कर काम करती और कर्तव्य में नतीजे देती थी, तो मुझे समूह अगुआ चुन लिया गया। बाद में, मैं एक सुसमाचार उपयाजिका बन गई। भाई-बहन कहते थे
- [एक अच्छा इंसान होने का मतलब समझना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/understanding-what-means-to-be-good-person.html) - वेनेसा, म्यांमार जब मैं छोटी थी तो मेरे माँ-बाप ने मुझे तर्कसंगत और दूसरों के प्रति दयालु होना, दूसरों की मुश्किलों को समझना और हर छोटी बात की बाल की खाल न निकालना सिखाया था। वे कहते थे कि यही है जो हमें एक अच्छा इंसान बनाता है और इससे हमें लोगों का मान-सम्मान मिलेगा।
- [सुसमाचार साझा करने का एक अविस्मरणीय अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/memorable-experience-of-sharing-gospel.html) - किरा, इटली सुसमाचार के जिस अनुभव ने मुझ पर सबसे गहरी छाप छोड़ी, वह अप्रैल 2021 में हुआ, जब मैं राफायल नामक एक कैथोलिक भाई से ऑनलाइन मिली। मैंने उसके साथ परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य साझा किया और संगति करते हुए पाया कि उसकी काबिलियत अच्छी है और वह सत्य को जल्दी
- [अपनी जगह का पता लगाना जरूरी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/finding-your-place-is-key.html) - झोऊ युकी, चीन मैं कलीसिया में सामान्य कार्य किया करती थी। एक बार बातचीत के दौरान, एक कलीसिया अगुआ ने कहा, “बहन झेन शिन बहुत काबिल है, चीजों को अच्छे से समझती है और सत्य पर व्यावहारिक संगति करती है। सोचती हूँ उसे सिंचन कार्य के लिए प्रशिक्षित करूं।” उसके बाद जल्दी ही झेन शिन
- [प्रभु का स्वागत करने की मेरी कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/story-of-welcoming-the-Lord.html) - सू यांग, चीन बचपन में मेरे पैरों में इतना तेज दर्द होता था कि मैं चल भी नहीं पाती थी, तो मेरी माँ मुझे प्रभु यीशु के सामने लेकर आई। हैरानी की बात है, एक महीने में ही मेरे पैर चमत्कारी ढंग से ठीक हो गये। प्रभु के प्रेम का मूल्य चुकाने के लिए, 1997
- [पुलिस को नकदी चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-police-demand-cash.html) - गाओ हुई, चीन जुलाई 2009 में एक दिन एक बहन भागती हुई मेरे घर आयी और बताया कि हमारी कलीसिया अगुआ गिरफ्तार हो गई है और कलीसिया के पैसों की रसीदों का एक हिस्सा जब्त कर लिया गया है। यह सुनकर मुझे काफी चिंता होने लगी। सोचा, “कलीसिया के पैसों का एक हिस्सा मेरे परिवार
- [एक “अच्छे अगुआ” का आत्मचिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-of-a-good-leader.html) - रूबीलेन, फ़िलीपीन्स मुझे बचपन से ही मेरे माता-पिता ने यह सिखाया कि लोगों के साथ दोस्ताना ढंग से रहो और मिलनसार और हमदर्द इंसान बनो। अगर मेरे मिलने-जुलने वाले लोगों में कोई समस्या या कमी होती तो मुझसे यह उम्मीद नहीं की जाती थी कि मैं उन्हें सीधे उजागर कर दूँ, बल्कि मुझे उनके मान-सम्मान
- [कोई मुझसे आगे बढ़ जाए, मुझे यह डर क्यों सताए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-am-i-afraid-of-being-outdone.html) - रेना, फ़िलीपीन्स जून 2019 में मैंने परमेश्वर का नया कार्य स्वीकारा और कुछ ही समय बाद मैं नए लोगों का सिंचन करने लगी। कुछ नवागंतुकों ने मदद करने के बाद मुझे बहुत धन्यवाद दिया, इसलिए मुझे बहुत गर्व हुआ और मुझे लगा कि मैं सिंचन कार्य के लिए उपयुक्त हूँ। बाद में मैंने एक और
- [मैंने अपने घमंडी तौर-तरीके कैसे बदले](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-changed-my-prideful-ways.html) - बर्नार्ड, कैमरून मैं खुद को बहुत बुद्धिमान व्यक्ति मानता था, जो दूसरों से मदद लिए बिना कुछ भी और सब कुछ कर सकता हो। स्कूल में और घर पर, दोनों जगह, जब मेरे भाइयों को कोई प्रश्न नहीं आता था तो मैं हमेशा उसका उत्तर बता देता था, और इसलिए मैं उन्हें नीची नजर से
- [परमेश्वर पर भरोसा करना सबसे बड़ी बुद्धिमानी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/relying-on-God-is-the-greatest-wisdom.html) - मा होंग, चीन 2011 की पतझड़ में, मैं अपने गाँव की एक महिला फांग मिन से मिली, जो अच्छी इंसानियत वाली और बहुत दयालु थी। वह 20 से भी ज्यादा वर्षों से प्रभु पर विश्वास कर रही थी, वह हमेशा सभाओं में जाती और बाइबल पढ़ती थी। वह एक सच्ची विश्वासी थी, इसलिए मैं उसके
- [नाकामियों और बाधाओं से गुजरकर आगे बढ़ना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/growing-through-failures-and-setbacks.html) - शीला, फ़िलीपीन्स मैंने दिसंबर 2020 में सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। कुछ महीने बाद ही मुझे कलीसिया-अगुआ चुना गया। कलीसिया में बहुत सारे काम करने और बहुत-से मसले सुलझाने की जरूरत थी। मैं बड़े जोश से इस काम में लग गई। कुछ समय बाद, मैं कलीसिया के कार्य को थोड़ा और
- [मैं इतना अहंकारी क्यों हूँ?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-am-i-so-high-and-mighty.html) - फ्रैंक, दक्षिण कोरिया इस समय मेरे पास कलीसिया के वीडियो कार्य की जिम्मेदारी है। शुरुआत में कुछ समय अभ्यास के बाद मैंने कुछ सिद्धांतों पर पकड़ बना ली और अपना कौशल कुछ सुधार लिया। जल्द ही मैं अक्सर अपने कार्य से जुड़ी समस्याएँ पता लगाने लगा और काम पर चर्चाओं के दौरान मेरे सुझाव अक्सर
- [एक झूठी अगुआ को तुरंत बर्खास्त न करने के बारे में सोच-विचार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-not-promptly-dismissing-false-leader.html) - कैथी, म्यांमार अगस्त 2021 में, मुझे सिंचन डीकन बनाया गया था। उस समय, मैं नए सदस्यों का सिंचन और सुसमाचार प्रचार, दोनों काम कर रही थी। मुझे सुसमाचार का अनुभव नहीं था इसलिए इस काम में अच्छे नतीजे नहीं मिल रहे थे। एक दिन, अगुआ ने सुसमाचार कार्य की जाँच-पड़ताल के लिए बहन जेनिन को
- [मेरे “आध्यात्मिक माता-पिता” का पर्दाफाश](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/true-colors-of-my-spiritual-parent.html) - एलिसा, दक्षिण कोरिया मैं 11 वर्ष से प्रभु यीशु में विश्वास कर रही थी और पहले सिर्फ पादरी बेन की कलीसिया की सभाओं में जाती थी। पादरी बेन हमारे क्षेत्र का जाना-माना धर्मोपदेशक था। वह धर्मनिष्ठ और दयालु था, अनेक वर्षों से प्रभु की सेवा कर रहा था, और उसे बाइबल की अच्छी जानकारी थी।
- [दूसरों के भरोसे काम करने के नतीजे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-relying-on-others-in-duty.html) - नवंबर 2021 में, अगुआ ने मुझे बहन सैंड्रा का सहयोगी बनाकर वीडियो के लिए चित्र बनाने का काम सौंपा। शुरुआत में मैंने इससे जुड़े सिद्धांत और सामग्री पढ़ने में काफी समय लगाया ताकि अपना तकनीकी हुनर निखार सकूँ। लेकिन मैंने देखा कि ये चित्र बनाने मुश्किल हैं और मैंने पहले कभी ये बनाए भी नहीं
- [धन-दौलत का त्याग : एक निजी सफर](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/letting-go-of-wealth-a-personal-journey.html) - मेरा जन्म एक ग्रामीण परिवार में हुआ। मेरे बचपन में हमारा परिवार इतना गरीब था कि पेट भरने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था और हर कोई हमें नीची निगाहों से देखता था। मैंने मन ही मन सोचा : “बड़े होकर मैं खूब पैसा कमाऊँगा और अपने परिवार की जिंदगी आसान बनाऊँगा, तब लोग
- [बर्खास्त करने के बादसीखा एक सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learning-lesson-from-dismissing-somebody.html) - पिछले साल मैं उपदेशक थी, मेरे पास कई कलीसियाओं के लेखन कार्य का जिम्मा था। मैंने देखा कि चेंगनान कलीसिया का लेखन कार्य अच्छा नहीं चल रहा है। कार्यकर्ता अपने काम में बड़े ढीले और नाकाबिल थे और उन्होंने काम का ढेर लगने दिया। सुपरवाइजर ने बताया कि समूह की अगुआ झांग शाओ लापरवाह है,
- [क्या अपने माता-पिता की देखभाल करना परमेश्वर द्वारा सौंपा गया मिशन है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-providing-for-parents-a-mission-entrusted-by-God.html) - सितंबर 2022 के अंत में, मिंग हुई का पति उसे जेल से घर ले गया। सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास रखने के कारण मिंग हुई को पुलिस ने दो बार गिरफ्तार कर उसका उत्पीड़न किया। यह उसकी दूसरी बार गिरफ्तारी थी, उसे तीन साल कैद की सजा हुई थी। पुलिस से बचने और बाद में जेल
- [21 साल की एक लड़की का मुश्किल फैसला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-21-year-old-girls-hard-decision.html) - बचपन में मेरे माता-पिता ने मुझे बताया था कि परमेश्वर ने मनुष्य का सृजन किया है और इसलिए मनुष्य को सृष्टिकर्ता की आराधना करते हुए जीना चाहिए। बड़े होने पर मैंने भी सभाओं में भाग लेना शुरू कर दिया। लगभग 2017 में मेरी माँ को कुकर्मी बताकर निष्कासित कर दिया गया क्योंकि उसने कलीसिया के
- [क्या आपदा से पीड़ित होना बुरी बात है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-suffering-a-disaster-have-to-be-a-bad-thing.html) - जुलाई 2023 में एक दिन, मैंने सुना कि हमारी कलीसिया का एक भाई, वांग हाओ दुर्घटनाग्रस्त होकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे कोमा की हालत में अस्पताल भेजा गया। यह खबर सुनकर, एक पल के लिए मेरी धड़कन थम गई। इस भाई ने सब कुछ त्याग दिया था और कई सालों तक परमेश्वर
- [हमें परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप क्रिसमस के प्रति कैसा दृष्टिकोण रखना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/meaning-of-christmas.html) - परमेश्वर के बारे में अधिक जानने के लिए 5 मिनट लें और एक सार्थक क्रिसमस मनायें। अभी पढ़ें।
- ["28 मई" की अफ़वाह से उत्पन्न खलबलियाँ (भाग 1)](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/may-28-rumor-1.html) - ज़िन्गव्यू, फ्रांस पहली बार जब मैंने यह अफ़वाह सुनी तो मेरे दिल पर एक अँधेरा छा गया था मेरी माँ एक श्रद्धालु ईसाई है। जब से मैं चीज़ों को समझने के लायक बड़ी हुई, वह अक्सर मुझे प्रभु यीशु के बारे में कहानियाँ बताया करतीं, और मुझसे कहा करतीं कि प्रभु यीशु ही एक मात्र
- [पाप पर विजय कैसे पाएँ: अंतत: मैंने शुद्धता का पथ पा लिया और मुक्त हो गयी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-found-the-way-to-escape-sin.html) - सारा, अमेरिका पापों के बंधन से निकल न पाने में असमर्थता के कारण मैं व्यथित महसूस करती थी मैं एक ईसाई हूँ। प्रभु में विश्वास करना शुरू करने से पहले, एक युवा महिला के नाते मुझमें हमेशा दूसरों से आगे निकलने की बड़ी चाह थी। चूँकि मैं अपनी माँ से अधिक शिक्षित थी इसलिए मैं
- [पश्चाताप का अर्थ क्या है? आपदाओं के बीच ईसाईयों को कैसे पश्चाताप करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-repent-to-God.html) - सच्चा पश्चाताप क्या है? पश्चाताप का अर्थ क्या होता है? परमेश्वर के उद्धार को प्राप्त करने के लिए, मसीही लोगों को किस तरह पश्चाताप करना चाहिए? इस लेख में आपको जवाब दिए जाएंगे।
- [उत्पीड़न और पीड़ा ने मेरे भीतर परमेश्वर के प्रति प्रेम को और बढ़ा दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/persecution-made-me-love-God-more.html) - लेखिका लियु झेन, शैंडॉन्ग प्रांत मेरा नाम लियु झेन है। मेरी आयु 78 बरस की है, और मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की एक सामान्य ईसाई भर हूँ। मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर की आभारी हूँकि उन्होंने मुझे, गाँव की एक बुढ़िया को चुना जो दुनिया की नज़र में मामूली है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के
- [परमेश्वर के प्रेम ने मेरे दिल को मजबूत किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-love-fortified-my-heart.html) - झांग कैन, लियाओनिंग प्रांत मेरे परिवार में, हमेशा से सभी की एकदूसरे के साथ अच्छी बनती रही है। मेरे पति एक बहुत ही विचारशील व्यक्ति हैं, वे सबकी बहुत परवाह करते हैं। मेरा बेटा बहुत समझदार है और अपने से बड़ों का हमेशा सम्मान करता है। और तो और, हम काफी संपन्न भी हैं। वैसे
- [सुसमाचार फैलाने का मेरा कर्तव्य अडिग है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/spreading-the-gospel-is-my-unwavering-duty.html) - मैं आठ भाई-बहनों के साथ एक गाँव में पली-बढ़ी। माँ की सेहत खराब थी और वो काम नहीं कर पाती थी, जबकि पिताजी न तो घर का ख्याल रखते और न ही पैसे कमाते थे। हम बस खेती-बारी करके ही अपनी आजीविका चलाते थे। माँ-बाप के पास कोई कौशल न होने के कारण सभी उन
- [एक ईसाई की आपबीती : रोजगार की तलाश का एक अनूठा अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-guided-me-to-find-a-job.html) - "हेलो, क्या मैं जान सकती हूँ कि क्या इस समय आपके रेस्तरां को किसी स्टाफ की जरूरत है?" "क्या आप कोई विदेशी भाषा बोल सकती हैं? क्या आपको काम का कोई अनुभव है?" "नहीं, सॉरी, मैं कोई विदेशी भाषा नहीं बोल पाती, और मुझे काम का कोई अनुभव भी नहीं है।" "अगर ऐसी बात है
- [अब जबकि हमारे पाप क्षमा कर दिए गये हैं क्या हम स्वर्गराज्य में प्रवेश कर सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/sins-have-been-forgiven-2.html) - कई ईसाई हर दिन परमेश्वर के सामने पाप को स्वीकार करते और उनसे प्रार्थना करते हैं। हालाँकि उन्हें पाप की क्षमा मिली है, फिर भी वे हर दिन पाप करते हैं। क्या उनके जैसे लोग स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं?
- [बाइबिल के अनुसार दुनिया के अंत के 5 संकेत सामने आए हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/signs-of-the-end-of-the-world-appeared.html) - बाइबिल के अनुसार दुनिया के अंत के संकेत सामने गए हैं और प्रभु की वापसी की भविष्यवाणियां पूरी हो चुकी हैं। हमें यीशु की वापसी का स्वागत कैसे करना चाहिए? पढ़ने के लिए क्लिक करें और आपको जवाब मिल जाएगा।
- [सभाओं में नियमित रूप से भाग लेना ईसाइयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/attend-meetings-to-worship-God.html) - कई मसीही व्यस्त काम और पारिवारिक जीवन के कारण नियमित रूप से संगती में नहीं जाते हैं। लेकिन इसके क्या परिणाम होंगे? संगती करने का क्या अर्थ है? जानने के लिए इस लेख को पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [अफवाह पर भरोसा करना परमेश्वर के अंतिम दिनों के उद्धार को खोना है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-salvation-of-the-last-days.html) - कलीसिया के भीतर कई भाई और बहनें जब भी किसी को अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सुसमाचार के बारे में बात करते हुए सुनते हैं, तो वे इसे सुनने में असमर्थ हो जाते हैं और जो कहा जाता है, उसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं कर पाते, क्योंकि वे सनसनीखेज अफवाहों से चौंक गए
- [ईसाई आत्मिक जीवन के लिए 3 सिद्धांत](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-do-daily-devotions.html) - ईसाइयों के लिए आत्मिक जीवन परम आवश्यक है, परंतु हम अपने आत्मिक जीवन को असरदार कैसे बना सकते हैं? यह लेख पढ़ने के लिए क्लिक बटन दबाएँ और इसके अभ्यास के सिद्धांतों को जानें।
- [पूर्ण उद्धार का मार्ग क्या है? हम उद्धार कैसे प्राप्त कर सकते हैं और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कैसे कर सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-enter-kingdom-of-heaven.html) - क्या आप जानना चाहते हैं कि उद्धार का मार्ग क्या है? इस लेख को पढ़ें और फिर आपको उधर प्राप्त करने और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने का एकमात्र मार्ग मिलेगा।
- [महामारी आ चुकी है : परमेश्वर की सुरक्षा पाने के लिए एक ईसाई को किस प्रकार पश्चात्ताप करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-obtain-God-s-mercy-and-protection.html) - संपादक की टिप्पणी: "COVID-19" - एक ऐसा शब्द जो लोगों के दिलों में डर पैदा करता है - सबसे पहले चीन के वुहान में फूटा और वहाँ से पूरी दुनिया में फैल गया। वायरस लगातार उत्परिवर्तित होता है और तेजी से और तेजी से फैलता है। दुनिया भर में लोग बड़ी संख्या में मर रहे
- [चमकती पूर्वी बिजली क्या है? मत्ती 24:27 के रहस्यों से परदा उठ गया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-is-Eastern-Lightning.html) - मत्ती-२४:२७ कहता है "क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्चिम तक चमकती जाती है, वैसा ही मनुष्य के पुत्र का भी आना होगा।" यह भविष्यवाणी पूर्ण हो चुकी है। मसीह के वापसी का स्वागत करने के लिए चमकती पूर्वी बिजली की जांच पड़ताल करे।
- [ईसाइयों के लिए अनिवार्य: सच्चे मसीह और झूठे मसीहों के बीच अंतर कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/enlightenment-from-a-story-of-solomon.html) - अंतिम दिनों के मसीह लौट आए हैं। फिर हम सच्चे मसीह और झूठे मसीहियों के बीच कैसे अंतर कर सकते हैं और प्रभु की वापसी का स्वागत कर सकते हैं? यह लेख आपको 2 तरीके बताएगा।
- [अंत के दिनों के संकेत: अंत समय में नूह के दिन आ गये हैं, तो यीशु कार्य करने के लिए कैसे लौटेगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-will-the-Lord-Jesus-return.html) - बाइबिल में अंत के दिनों की भविष्यवाणियों पूरी हो गई है। हम यीशु मसीह के दूसरे आगमन का स्वागत कैसे कर सकते हैं और अंत दिनों के नाव में प्रवेश कर सकते हैं? अभी पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [बाइबल के उपदेश: "उस दिन और उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता" के रहस्य का खुलासा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-one-knows-the-day-or-the-hour.html) - बाइबिल के उपदेश: बाइबल में मत्ती 24:36 में “लेकिन उस दिन और घड़ी को कोई मनुष्य नहीं जानता” का वास्तविक अर्थ क्या है? हम प्रभु का स्वागत कैसे कर सकते हैं? जवाब पाने के लिए इस लेख को पढ़ें।
- [उद्धार का अर्थ क्या है? हम परमेश्वर का उद्धार कैसे प्राप्त कर सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-salvation-is.html) - उद्धार का अर्थ क्या है?हम परमेश्वर के उद्धार को कैसे प्राप्त कर सकते हैं? इस लेख को पढ़ने के लिए क्लिक करें, जो आपको ईश्वर के कार्य को जानने और अंतिम दिनों में मानव जाति के लिए ईश्वर के उद्धार को प्राप्त करने में मदद करेगा।
- [पाप क्या है? ईसाई कैसे पाप से छुटकारा पा सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-can-be-free-from-sin.html) - बाइबल के अनुसार पाप क्या है? कई ईसाई अक्सर कबूल करते हैं और प्रभु के सामने प्रार्थना करते हैं, फिर भी बाद वही में पाप करते रहते हैं? तो ईसाइयों को पाप से छुटकारा कैसे मिलना चाहिए? यह पाठ आपको रास्ता बताता है।
- [दुनिया के अंत के संकेत दिख गए हैं: भारी क्लेश से पहले हमें कैसे स्वर्गारोहित किया जाएगा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-will-rapture-occur.html) - अंतिम दिनों में, आपदाएं दुनिया भर में एक आम घटना बन गई हैं। बाइबिल रहस्योद्घाटन की पुस्तक में लिखे संकेत दिखाई दे रहे हैं और प्रभु यीशु के आने के बारे में भविष्यवाणियां मूल रूप से पूरी हो चुकी हैं, तो फिर हमें अभी तक क्यों सवर्गरोहित नही किया गया है? हम क्लेश से पहले कैसे छुटकारा पा सकते हैं और प्रभु का स्वागत कर सकते हैं? इस लेख से आपको जवाब मिल जाएगा। अभी पढ़ो।
- [बाइबल की भविष्यवाणियां पूरी हो चुकी हैं: यीशु के आगमन का स्वागत कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-great-tribulation-is-near.html) - बाइबिल भविष्यवाणियों की अंतिम दिनों की घटनाओं दिखाई दी है। क्या आप जानना चाहते हैं कि यीशु की वापसी का स्वागत कैसे करें? इस लेख को पढ़ें और आपको उत्तर मिल जाएगा।
- [परमेश्वर ईसाइयों को क्यों कष्ट सहने देते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-allow-christians-to-suffer.html) - कई ईसाई उलझन में हैं: परमेश्वर प्रेम हैं और वह सर्वशक्तिमान हैं, तो वह हमें कष्ट सहने क्यों देते हैं? इसका उत्तर जानने के लिए इस निबंध को पढ़ें!
- [अंत के दिन आ गये हैं: यीशु के द्वितीय आगमन की भविष्यवाणियाँ कैसे पूरी हो रही हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-way-Christ-will-return-New.html) - हम अब अंत के दिनों में हैं, तो प्रभु यीशु की वापसी से संबंधित भविष्यवाणियों की किस तरह की समझ परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप है?
- [प्रभु यीशु के आगमन की तैयारी हमें कैसे करनी चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/christian-reflection-receive-returned-Lord.html) - प्रभु में विश्वास करने वाले कई लोग सोचते हैं कि जब प्रभु आयेंगे, तो वो सबसे पहले अपने आपको पास्टरों और एल्डरों को दिखायेंगे। क्या यह वाकई सच है? आप यह लेख पढ़कर इसका जवाब जान जायेंगे।
- [बाइबिल के उपदेश: हम बुद्धिमान कुंवारियाँ परमेश्वर की वाणी कैसे सुनें?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-is-a-wise-virgin.html) - बाइबल में 10 कुंवारियों के दृष्टांत का क्या मतलब है? क्या आप जानते हैं कि प्रभु की वापसी का स्वागत करने के लिए बुद्धिमान कुंवारी कैसे बना जाए? पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [दैनिक बाइबल पाठ: राजा दाऊद, परमेश्वर के हृदयानुसार क्यों था?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-is-repentance.html) - परमेश्वर ने दाऊद की प्रशंसा क्यों की? यह दैनिक बाइबल पाठ हमें दाऊद की कहानी से प्रभु की इच्छा को समझने और परमेश्वर द्वारा प्रशंसा प्राप्त जाने का मार्ग खोजने में मदद करेगा।
- [यीशु मसीह के पुनरुत्थान के पश्चात, उनका मनुष्य को दिखाई देने का क्या अर्थ था?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/Jesus-resurrection-why-He-appear-to-man.html) - प्रभु यीशु क्रूस पर चढ़ाए गए थे, इस प्रकार उन्होंने मनुष्यजाति को छुटकारा देने का कार्य पूरा किया था। तो अपने पुनरुत्थान के पश्चात वह चालीस दिनों तक लोगों को क्यों दिखाई दिए? अपने पुनरुथान के पश्चात मनुष्य को दिखाई देने का क्या अर्थ और इसके पीछे उनकी क्या इच्छा थी?
- [क्या आप जानते हैं कि प्रभु यीशु के पुनरुत्थान और मनुष्य के सामने उसके प्रकटन का क्या अर्थ है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/real-meaning-of-easter.html) - हानशाओ द्वारा ईस्टर क्या है? ईस्टर का उद्भव ईस्टर, या जैसा कि इसे पुनरुत्थान रविवार भी कहा जाता है, एक अवकाश-दिवस है जब प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का जश्न मनाया जाता है जो उनके क्रूस पर चढ़ाये जाने के तीन दिन बाद हुआ था। इसका सटीक समय, हर साल वसंत विषुव के बाद पहली पूर्णिमा
- [परमेश्वर की उपासना कैसे करें: क्या आप आत्मा और सत्यता से परमेश्वर की आराधना करते है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/worship-God-in-spirit.html) - क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर की उपासना कैसे करनी चाहिए? बाइबल कहती है, "परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसकी आराधना करनेवाले आत्मा और सच्चाई से आराधना करें" (यूहन्ना 4:24)। तो क्या आप जानते हैं कि आत्मा और सच्चाई से परमेश्वर की उपासना करने का क्या अर्थ है? हमें परमेश्वर की स्तुति के लिए उनकी उपासना कैसे करनी चाहिए? जानने के लिए अभी पढ़ें।
- [क्या तुम ईसाई प्रार्थना के 4 प्रमुख तत्वों को जानते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/key-elements-of-christian-prayer.html) - दैनिक प्रार्थना ईसाइयों के लिए जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। तो हमें परमेश्वर से प्रार्थना कैसे करनी चाहिए कि हमारी प्राथना प्रभु सुने ? जवाब खोजने के लिए पाठ पढ़ें।
- [इन चार बातों को समझने से, परमेश्वर के साथ हमारा रिश्ता और भी क़रीबी हो जाएगा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/grasping-4-points-closer-to-God.html) - आध्यात्मिक उन्नति के लिए 4 सिद्धांतों को समझें, ताकि आप अपने व्यस्त जीवन में परमेश्वर के करीब पहुंच सकें। अभी पढ़ें।
- [परमेश्वर के नाम में एक रहस्य है : विभिन्न युगों में परमेश्वर के अलग-अलग नाम का क्या महत्व है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/significance-of-God-s-name-2.html) - पुराने नियम में परमेश्वर का नाम यहोवा है; नए नियम में परमेश्वर का नाम यीशु है। परमेश्वर का नाम क्यों बदलता है? यहोवा नाम और यीशु नाम का क्या मतलब है? यहोवा और यीशु के नामों का क्या महत्व है?
- [उद्धार का संदेश: एक बार बचाये जाने का अर्थ यह नहीं है कि हम हमेशा के लिए बचाये गए हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/once-saved-always-saved.html) - उद्धार का संदेश: भले ही हमें प्रभु में विश्वास करने के बाद क्रूस का उद्धार मिला हो, फिर भी हम अक्सर पाप करते हैं और प्रभु की शिक्षाओं के खिलाफ जाते हैं- क्या हम सीधे स्वर्ग के राज्य में स्वर्गारोहण कर सकते हैं? अब पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [3 सिद्धांत—कैसे प्रार्थना करें ताकि परमेश्वर हमारी पुकार सुनें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/three-methods-on-how-to-pray.html) - ईसाइयों के लिए, दैनिक प्रार्थना जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। हमें परमेश्वर से अपनी प्रार्थना कैसे कहनी चाहिए ताकि वे सुनें? जानने के लिए अभी क्लिक करें।
- [ईसाई जीवन: 4 सलाह, जो प्रभु की मंशा के अनुरूप दूसरों के साथ आपसी संवाद करने का तरीका सिखाते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-interact-with-others.html) - मसीही जीवन में, हम परमेश्वर के इरादों के अनुसार दूसरों के साथ कैसे मिल सकते हैं? यह महत्वपूर्ण है कि हम अभ्यास के इन 4 सिद्धांतों को समझें।
- [जब प्रभु द्वार पर दस्तक देने आएंगे तो हम उनका स्वागत कैसे करेंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/Jesus-knocks-at-the-door.html) - आज का बाइबल संदेश: जब प्रभु अंतिम दिनों में लौटता है तो प्रभु हमारे दरवाजों पर कैसे दस्तक देगा? हम उसकी वापसी का स्वागत कैसे कर सकते हैं? जानने के लिए अथवा पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [आज का बाइबल पाठ: प्रभु यीशु द्वारा सब्त के दिन का पालन न किया जाना हमें क्या चेतावनी देता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/daily-bible-reading.html) - आज का बाइबल पाठ, प्रभु यीशु द्वारा सब्त के दिन का पालन न किये जाने के पीछे के उसके इरादे को समझने में आपकी मदद करता है। इसके बारे में पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [प्रभु यीशु ने स्वर्ग राज्य की चाबियाँ पेत्रुस को क्यों दीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/keys-of-kingdom-of-heaven.html) - क्यों प्रभु यीशु ने स्वर्ग के राज्य की चाबियां प्रेरित पतरस को दी? मत्ती 16:9 की इस व्याख्या को पढ़ें ,ताकि आपको उत्तर मिल सके।
- ["एक मृत व्यक्ति के पुनरुत्थान" का रहस्य](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/resurrection-of-a-dead-man.html) - ली चेंग भाइयो और बहनो, आप सबको शांति मिले! प्रभु की तैयारियों के लिए उनका आभार, जिनकी वजह से हम बाइबल के सत्यों पर यहाँ संवाद करने आए हैं। प्रभु हमारा मार्गदर्शन करें। आज, मैं सभी से "एक मृत व्यक्ति के पुनरुत्थान" विषय पर चर्चा करना चाहूँगा। जैसा कि प्रभु में विश्वास करने वाले सभी
- [जब माँ ने जेल की सजा काटी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-mom-does-time.html) - झोऊ जिए, चीन जब माँ और मैं घर से भागे, उस वक्त मैं 15 साल की थी। मुझे याद है हम 2002 में एक रात घर से निकले थे। मेरी माँ ने अचानक मेरे कान में फुसफुसाकर कहा कि पुलिस उसे गिरफ्तार करने आ रही है, इसलिए हम घर में नहीं रुक सकते और हमें
- [शैतान को हराने के लिए परमेश्वर का सहारा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/leaning-on-God-to-defeat-satan.html) - कीझें, चीन 2 जुलाई 2009 को सुबह 5 बजे मैं सभा के लिए निकल रही थी कि मैंने सड़क के किनारे एक काली सेडान खड़ी देखी और चार पुलिसवाले अचानक उसमें से कूदे। उनमें से एक के पास मेरी फोटो थी, वह मेरा नाम लेकर चिल्लाया और फिर वे सब अचानक मेरे घर में आ
- [बदहाली से उबरने की राह दिखाते हैं परमेश्वर के वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-is-words-show-the-way-through-adversity.html) - क्षीयोहे, चीन मुझे याद है, वह 2003 की एक रात थी। कलीसिया की दो बहनें और मैं एक बैठक कर रहे थे, अचानक हमने दरवाज़े के बाहर एक कुत्ते के भौंकने की आवाज़ सुनी, इसके तुरंत बाद दरवाज़े पर कुछ ठोकने और बहुत-से लोगों के चिल्लाने की आवाज़ सुनाई पड़ी, "दरवाज़ा खोलो! तुम्हें घेर लिया
- [आस्था कैसे पैदा होती है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-faith-comes-about.html) - ल्यू यू, चीन अगस्त 2008 के अंत में, एक दिन मुझे एक कलीसिया अगुआ, भाई शियाओवू की गिरफ्तारी की सूचना मिली। भाई होंग और मैंने भाई-बहनों को फ़ौरन वहाँ से चले जाने को कहा, और हमने कलीसिया की संपत्ति वहाँ से हटा दी। उस दौरान, हम दो अन्य कलीसिया अगुआओं से भी मिले जिनके साथ
- [कहानी दो गिरफ्तारियों की](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-tale-of-two-arrests.html) - झोऊ यी, चीन सितंबर 2002 की एक शाम, एक छोटा भाई और मैं सुसमाचार साझा करके घर लौट रहे थे, जब एकाएक खानकर्मियों की मशाल लिये दो लोग सड़क के दोनों तरफ से हमारी तरफ आये। हमारे चेहरे पर तेज़ रोशनी डालकर उन लोगों ने हमें अपने बीच फंसा लिया। उनमें से एक ने एक
- [मेरी गिरफ्तारी की रात](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-night-of-my-arrest.html) - गुओं ली, चीन यह अप्रैल, 2011 की बात है, रात के आठ बजे थे। बहन लियू और मैं कमरे में परमेश्वर के वचन पढ़ रही थीं कि अचानक दरवाज़े पर किसी ने ज़ोर-ज़ोर से दस्तक दी और कई पुलिस अधिकारी अंदर घुस आए। दो ने मुझे पकड़कर ज़ोर से मेरे हाथों को मरोड़ा और पीछे
- [परीक्षणों और क्लेशों से पूर्ण हुई आस्था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/faith-comes-from-trials-and-tribulations.html) - शु चांग, दक्षिण कोरिया 1993 में मेरी माँ बीमार पड़ गई, जिसके परिणामस्वरूप मेरा पूरा परिवार प्रभु यीशु में आस्था रखने लगा। उसके बाद चमत्कारी ढंग से उसकी सेहत ठीक हो गई और तब से मैं हर रविवार उनके साथ कलीसिया जाने लगी। फ़िर साल 2000 के बसंत में हमें प्रभु यीशु की वापसी की
- [जबरन मत-परिवर्तन के खिलाफ एक लड़ाई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-memory-that-cannot-erase-article.html) - झाओ लीयंग, चीन जब मैं 19 साल का था, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पुलिस ने आस्था रखने के कारण मुझे गिरफ़्तार कर लिया था। वो मुझे परमेश्वर को ठुकराने और अपने भाई-बहनों को धोखा देने पर मजबूर करने के लिए 60 दिनों तक यातना देते रहे और मेरे मत-परिवर्तन की कोशिश करते रहे। वो अनुभव
- [जीवन के चमत्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/life-s-miracles-article.html) - यंग ली, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर की जीवन शक्ति किसी भी अन्य शक्ति से जीत सकती है; इससे भी अधिक, यह किसी भी शक्ति से बढ़कर है। उसका जीवन अनंत है, उसकी सामर्थ्य असाधारण है, और उसकी जीवन शक्ति को किसी भी सृजित प्राणी या शत्रु शक्ति द्वारा पराजित नहीं किया जा सकता
- [मौत के मुंह से बच निकलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/escaping-the-jaws-of-death-article.html) - वंगचेंग, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर मनुष्य के हृदय से कभी अनुपस्थित नहीं होता, और हर समय मनुष्य के बीच रहता है। वह मनुष्य के जीवनयापन की प्रेरक शक्ति, मनुष्य के अस्तित्व का आधार, और जन्म के बाद मनुष्य के अस्तित्व के लिए समृद्ध भंडार रहा है। वह मनुष्य के पुनः जन्म लेने का
- [प्रेम की कोई सीमाएँ नहीं होतीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-love-knows-no-bounds.html) - लेखिका, झू किंग, शेनडोंग प्रांत मैंने इस जीवन में बहुत से दुख झेले हैं। मेरी शादी को ज़्यादा साल नहीं हुए थे जब मेरे पति का निधन हो गया, और उस समय से परिवार की देखभाल का भारी बोझ मेरे ही कंधों पर पड़ गया। एक छोटा बच्चा साथ होने के कारण, मेरा जीवन कठिन
- [परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन से, मैंने अंधेरी ताकतों के दमन पर काबू पा लिया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/overcame-repression-of-darkness.html) - वांग ली, झेजियांग प्रांत बचपन से ही माँ के साथ-साथ मैं भी प्रभु यीशु में आस्था रखती थी; जिन दिनों मैं प्रभु यीशु का अनुसरण करती थी, मैं अक्सर उसके प्रेम से द्रवित हो जाती थी। मुझे महसूस होता था कि वो हमें इतना ज़्यादा प्रेम करता है कि हमें छुटकारा दिलाने के लिए वो
- [उत्पीड़न की कड़वाहट का अनुभव करने के बाद मैं प्यार और नफ़रत के बीच का अंतर जान गया हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/clearly-distinguish-love-and-hate.html) - झाओ झी, हेबेई प्रांत मेरा नाम झाओ झी है और मैं इस साल 52 का हो गया हूँ। मैं 14 वर्षों से सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अनुयायी हूँ। परमेश्वर में अपना विश्वास हासिल करने से पहले मैं व्यवसायी था; मैं अक्सर मनोरंजन में व्यस्त रहता था, लोगों को उपहार भेजा करता था, और समाज में उठता-बैठता
- [काले दानव की मांद में जीवन की चमकती रोशनी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/light-of-life-in-dark-monsters-den.html) - लेखिका लिन यिंग, शांडोंग प्रांत मेरा नाम लिन यिंग है और मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया में एक ईसाई हूँ। सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने से पहले, मैं हमेशा अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना और कड़ी मेहनत करना चाहती थी, ताकि मैं अपने जीवन को बेहतर बना सकूं, लेकिन मैं जैसा चाहती थी वैसा नहीं
- [सीसीपी सरकार का कठोर उत्पीड़न परमेश्वर के प्रति मेरे प्रेम को मजबूत ही करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/ccp-governments-harsh-persecution.html) - लेखिका: ली झी, लियाओनिंग प्रांत वर्ष 2000 में मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। परमेश्वर के वचन पढ़कर मुझे परमेश्वर के नामों और उसके देहधारणों का रहस्य तथा अन्य चीज़ों से जुड़े सत्य समझ में आए, जैसे कि परमेश्वर के कार्य के तीन चरण किस तरह मानव-जाति की रक्षा
- [परमेश्वर का वचन मेरी जीवन शक्ति है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-word-is-strength-in-life.html) - जू झिगांग, तियानजिन नगरपालिका अतीत में, मैं चीन के पारंपरिक संस्कारों से अत्यधिक प्रभावित था, और अपने बच्चों और पोते-पोतियों के लिए जमीन-जायदाद खरीदना मेरे जीवन का लक्ष्य था। यह लक्ष्य पूरा करने के लिए, मैंने दिल लगाकर मोटरवाहन की मरम्मत करने की तकनीक सीखी। मैंने एक मरम्मत गैराज भी खोली, और कारोबार बहुत अच्छा
- [राक्षसों की गुफा में प्रवेश करने पर परमेश्वर के प्रेम का और भी गहरा अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/experience-of-God-s-love.html) - फ़ेनयोंग, शान्सी प्रांत बचपन से ही अपने माता-पिता की प्यार भरी देखभाल में बड़ा होने के बावजूद, मैं अक्सर अकेलापन महसूस करती थी और मुझे लगता था कि कोई ऐसा नहीं है जिस पर मैं निर्भर हो सकूं। मुझे हमेशा लगता था कि मैं किसी अबूझ पीड़ा की चपेट में हूँ जिससे मैं उबर नहीं
- [परमेश्वर का प्रकाश विपत्ति में मेरा मार्गदर्शन करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-light-guides-me-through-adversity.html) - झाओ शिन, शिचुआन प्रान्त मैं बचपन में पहाड़ों पर रहती थी। मैंने बहुत ज़्यादा दुनिया नहीं देखी थी और मेरी कोई बड़ी महत्वाकांक्षाएँ नहीं थीं। मेरा विवाह हुआ, बच्चे हुए, बड़े होकर मेरे दोनों बेटे समझदार और आज्ञाकारी निकले, और मेरे पति बहुत मेहनती थे। हालाँकि हमारे पास बहुत पैसा कभी नहीं रहा, तब भी
- [तबाही के बीच जीवन का गीत](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/song-of-life-amidst-ruin.html) - गाओ जिंग, हेनान प्रांत 1999 में, मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकारने का सौभाग्य मिला। परमेश्वर के वचन पढ़कर, मैंने उनमें मौजूद अधिकार और सामर्थ्य को जाना, और महसूस किया कि वे वचन परमेश्वर की वाणी हैं। परमेश्वर ने जो वचन मानवता के लिए व्यक्त किए, उन्हें सुनने पर मैं
- [मुश्किलें सहकर, परमेश्वर के लिए मेरा प्रेम और भी मज़बूत हुआ है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-firmer-love-for-God.html) - लेखक: झोऊ रुई, जियांगशी प्रांत मेरा नाम झोउ रुई है, मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ईसाई हूँ। जब से मैंने होश संभाला, तब से मैंने अपने माता-पिता को दो जून की रोटी कमाने के लिए दिन-रात खेतों में कड़ी मेहनत करते देखा। जी-तोड़ कोशिशों के बावजूद, वे साल भर में शायद ही कुछ कमा
- [परमेश्वर मुझे राह दिखाता है ताकि मैं शैतान की क्रूरता पर काबू पर सकूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-guides-me-to-overcome-cruelty.html) - लेखिका: वांग हुआ, हेनान प्रांत मैं और मेरी बेटी सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से जुड़े ईसाई हैं। परमेश्वर का अनुसरण करने के दौरान, सीसीपी सरकार ने हम दोनों को गिरफ़्तार करके सश्रम पुनर्शिक्षा की सज़ा सुना दी। मुझे तीन साल की सज़ा हुई और मेरी बेटी को एक साल की। हालाँकि सीसीपी सरकार ने मुझे
- [क्रूर यातनाओं ने मेरी आस्था को मजबूत किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/persecution-strengthened-faith-in-God.html) - झाओ रुई, चीन 2009 की वसंत ऋतु में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने बड़े पैमाने पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के सदस्यों की गिरफ्तारी का अभियान चलाया। एक-एक करके पूरे देश में कलीसियाओं के प्रधान अगुआओं को गिरफ्तार करके जेल में ठूँस दिया गया। 4 अप्रैल को रात के करीब 9 बजे मैं और एक बहन,
- [पूछताछ-कक्ष की यातना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-word-led-me-forge-testimony.html) - शाओ मिन, चीन 2012 में सुसमाचार के प्रचार के दौरान मुझे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने गिरफ्तार कर लिया। 13 सितंबर की शाम को मैं हमेशा की तरह अपने घर वापस लौटी, बाहर अपना इलेक्ट्रिक स्कूटर खड़ा किया और घंटी का बटन दबाया। मैं चकित रह गई कि जैसे ही दरवाजा खुला, वैसे ही चार मोटे-तगड़े
- [क्रूर यातना का समय](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-word-encouraged-me.html) - चेन हुई, चीन मैं चीन के एक साधारण परिवार में पली-बढ़ी हूँ। मेरे पिता सेना में थे और चूंकि मैं कम उम्र से ही उनके द्वारा ढाली गई थी और उनसे प्रभावित थी, इसलिए मैं यह मानने लगी थी कि एक सैनिक का पेशा और कर्तव्य मातृभूमि की सेवा करना, आदेशों का पालन करना और
- [यातना से मुक्ति और उत्कर्ष](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/rising-up-from-dark-oppression.html) - मो झिजीयन, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "कई जगहों पर परमेश्वर ने सीनियों के देश में विजेताओं के एक समूह को प्राप्त करने की भविष्यवाणी की है। चूँकि विजेताओं को दुनिया के पूर्व में प्राप्त किया जाना है, इसलिए परमेश्वर अपने दूसरे देहधारण में जहाँ कदम रखता है, वह बिना किसी संदेह के सीनियों का
- [परमेश्वर मेरे जीवन की शक्ति है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-is-the-power-of-my-life.html) - शाओही, हेनान प्रान्त 14 वर्षों तक मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अनुसरण किया है। ये वर्ष मानो पलक झपकते बीत गए। इन तमाम वर्षों के दौरान मैंने कई उतार-चढ़ाव अनुभव किये हैं, और मार्ग अक्सर कठिन रहा है, लेकिन क्योंकि मेरे पास परमेश्वर के वचनों का सहारा था, साथ ही परमेश्वर का प्रेम और दया मेरे
- [अटूट आस्था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/tribulation-inspired-love-for-God.html) - मेंग योंग, चीन दिसंबर 2012 में, मैं और कई भाई और बहनें सुसमाचार के प्रचार-प्रसार के किए एक स्थान पर गए। कुछ दुष्टों ने इस बारे मेँ सूचना दे दी। थोड़ी ही देर मेँ, काउंटी सरकार ने आपराधिक पुलिस ब्रिगेड, राष्ट्रीय सुरक्षा बल, ड्रग निरोधक दस्ता, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय पुलिस जैसे विभिन्न विभागों
- [शैतान के प्रलोभनों पर विजयी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-light-of-life-shining.html) - चेन लू, चीन यह दिसंबर 2012 की बात है, जब मैं सुसमाचार फैलाने के लिए शहर से बाहर गई हुई थी। एक सुबह जब मैं दर्जन भर से ज्यादा अन्य भाई-बहनों के साथ एक सभा में थी, तो अचानक दरवाजे पर किसी ने जोर-जोर से दस्तक दी, और फिर छह-सात पुलिस-अधिकारी हाथ में डंडे लहराते
- [कष्ट परमेश्वर के आशीष हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/trials-blessings-of-being-favored.html) - वांगगांग, चीन 2008 की सर्दियों की एक दोपहर, जब दो बहनें और मैं सुसमाचार के एक लक्ष्य-समूह में, अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य का प्रचार कर रहे थे, तभी अधर्मी लोगों ने हमारी शिकायत कर दी। छह पुलिस अधिकारियों ने सुसमाचार लक्ष्य-समूह के घर में घुसने के लिए हमारे आवासीय परमिट को जांचने
- [जेल में गुजरा युवावस्था का प्रथम काल](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-youth-in-prison.html) - चेंग्शी, चीन हर कोई कहता है कि हमारे यौवन के प्रथम वर्ष हमारे जीवन का सबसे शानदार और सबसे निर्मल समय होता है। शायद कई लोगों के लिए, वे वर्ष खूबसूरत यादों से भरे होते हैं, लेकिन जिस बात की मैंने कभी उम्मीद भी नहीं की थी वह यह थी कि मैंने अपनी युवावस्था का
- [पीड़ा से प्रेम की सुगंध उत्सर्जित होती है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-fragrance-of-love-given-off-in-adversity.html) - ज़ियाओकाई, जियांग्ज़ी प्रांत मैं एक साधारण ग्रामीण महिला हूँ और, केवल लड़कों को महत्व देने के सामंती विचार की वजह से, मैं लड़का पैदा नही करने के कारण शर्म से दूसरों के सामने सिर उठाने में असमर्थ थी। जब मैं बहुत अधिक पीड़ित थी, तभी मुझे प्रभु यीशु द्वारा चुना लिया गया और दो साल
- [एक युवा जिसे पछतावा नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/regretless-youth.html) - लेखिका: शाओवेन, चोंगकिंग शहर "प्रेम एक शुद्ध भावना है, शुद्ध बिना किसी भी दोष के। अपने हृदय का प्रयोग करो, प्रेम के लिए, अनुभूति के लिए और परवाह करने के लिए। प्रेम नियत नहीं करता, शर्तें, बाधाएँ या दूरी। प्रेम में नहीं है संदेह, चालाकी या धोखा। प्रेम में दूरी नहीं है और अशुद्ध कुछ
- [वह प्राण-शक्ति जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-never-quenching-life-power.html) - दांग मेई, हेनान प्रांत मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ। मैं एक नीरस जीवन जीती थी। प्रकाश की लालसा रखने वाले कई लोगों की तरह, मैंने मानव-अस्तित्व के वास्तविक आशय की ख़ोज करने के कई तरीक़ों को आज़माया, ताकि मैं अपने जीवन को अधिक अर्थ दे सकूँ। अंत में, मेरे सभी प्रयास व्यर्थ रहे थे। लेकिन
- [सीसीपी की जेल में बिताया हर दिन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/gods-love-was-with-me.html) - यांग यी, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "कई जगहों पर परमेश्वर ने सीनियों के देश में विजेताओं के एक समूह को प्राप्त करने की भविष्यवाणी की है। चूँकि विजेताओं को दुनिया के पूर्व में प्राप्त किया जाना है, इसलिए परमेश्वर अपने दूसरे देहधारण में जहाँ कदम रखता है, वह बिना किसी संदेह के सीनियों का
- [अपने जीवन को भक्ति के लिए तप्रतिज्ञाबद्ध करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pledging-my-life-to-devotion.html) - झो ज़ुआन शैंडोन्ग प्रांत 3 अप्रैल 2003 को, मैं एक बहन के साथ एक नए विश्वासी के पास मुलाकात करने गई। यह नया विश्वासी अभी भी परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को लेकर निश्चित नहीं था और उसने पुलिस को हमारी रिपोर्ट कर दी। परिणामस्वरूप, सादे-कपड़ों में चार दुष्ट पुलिस वाले आए और
- [दुर्भाग्य बेहद पास था! मैंने प्रभु को करीब-करीब अनदेखा कर दिया था (भाग 1)](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-nearly-let-Lord-pass-me-by-1.html) - वेलियन, अमेरिका हाई स्कूल खत्म किये ज़्यादा समय नहीं हुआ था कि एक मित्र ने मुझे फंसा कर पिरामिड योजना में शामिल कर लिया। मैं वाकई इससे निकलना चाहता था, लेकिन इसे छोड़ने का मेरे पास कोई रास्ता नहीं था। मैं बेबस और दर्द में था, मुझे लग रहा था मानो मेरा भविष्य प्रकाश से
- [परमेश्वर की संप्रभुता को जानो और फिर कभी दौलत के गुलाम न बनो](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/know-God-s-sovereignty.html) - केशेन, जर्मनी जब मैं छोटा था, तो मेरे पिता मुझसे अक्सर कहा करते थे, "मेरे बेटे, हमारा परिवार संपन्न नहीं है, इसलिए यदि तुम कुछ भी पाना चाहते हो, तो तुम्हें धन कमाना होगा। जब तुम्हारे पास धन होगा, तो तुम्हारे पास सब कुछ होगा!" तब से, मेरा सपना यह था कि मेरे पास बहुत
- [एक ईमानदार व्यक्ति होना वास्तव में बड़ी बात है!](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/be-an-honest-person.html) - वू मिंग, चीन 2004 में एक सहेली ने एक दिन मुझसे कहा: "हर दिन तुम जल्दी उठती हो और दिन भर कपड़े काटने में व्यस्त रहती हो, तुम खुद को थका देती हो, फिर भी तुम धन अर्जित नहीं कर पाती हो। आज का समाज पैसे कमाने के लिए जीभ पर निर्भर करता है, जैसा
- [उत्पीड़न और आपदा ने पनपने में मेरी सहायता की](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/persecution-and-adversity-helped-me-to-grow-up.html) - बाइतुओ डेझोउ शहर, शैंडॉन्ग प्रांत पहले, मैं सिर्फ इतना ही जानती थी कि परमेश्वर की बुद्धि का प्रयोग शैतान की साज़िश के आधार पर किया जाता था, यह कि परमेश्वर बुद्धिमान परमेश्वर है और यह कि शैतान सिद्धांत रूप से हमेशा ही परमेश्वर का पराजित शत्रु होगा, लेकिन मुझे इस बारे में कोई वास्तविक समझ
- [एक कैथोलिक याजक का चुनाव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-priest-s-road-home.html) - वेई मो, चीन मेरे माता-पिता ने मुझे कैथोलिक कलीसिया में पाला और बड़ा होने पर मैं एक याजक बन गया। बाद में कलीसिया अधिकाधिक निराशाजनक हो गई। बिशप और याजक लगातार अंदरूनी कलह और सत्ता के संघर्ष में लगे रहते, ब्रदर और सिस्टर हमेशा एक-दूसरे से ईर्ष्या और झगड़ा करते थे। हमारे एक सहायक बिशप
- [एंजल की कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/angels-story.html) - एंजल, म्यांमार मैं बहन टीना से अगस्त 2020 में फेसबुक पर मिली। उसने मुझे बताया कि प्रभु यीशु लौट आया है, वह बहुत-से सत्य व्यक्त कर रहा है, और अंत के दिनों का न्याय कार्य कर रहा है। उसने मुझे उन भविष्यवाणियों के बारे में भी बताया जो न्याय का कार्य करने के लिए प्रभु
- [ईर्ष्या के बंधनों से आज़ाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/freed-from-jealousy-s-bonds.html) - जोयलीन, फ़िलीपीन्स जनवरी 2018 में, मैंने अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार किया और जल्दी ही, मुझे कलीसिया में भजनों के संगीत वीडियो में प्रमुख गायिका का कर्तव्य निभाने को दिया गया। शुरुआत में, कई भाई-बहनों ने कहा कि मैं बहुत अच्छा गाती हूँ, जहां भी मैं जाती, सब मुझे पहचान
- [आखिर मुझे गलतफहमियों से मुक्ति मिली](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/finally-free-of-misunderstandings.html) - लोरेन, दक्षिण कोरिया कुछ साल पहले मैं कलीसिया के लिए वीडियो बनाती थी। एक ऐसा भी समय था जब मैं अपना कर्तव्य ठीक-से नहीं निभाती थी, मेरे बनाए दो वीडियो अस्थाई तौर पर रद्द कर दिए गए थे, क्योंकि उनके विचारों में कुछ समस्याएँ थीं। मैं उस समय बहुत उदास थी, क्योंकि मैं घबरा रही
- [सत्य से अपनी ऊब को समझना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/seeing-my-own-disgust-with-the-truth.html) - एलीसन, अमेरिका एक दिन, मैंने देखा कि हाल ही में कलीसिया से जुड़ी एक नई सदस्य दो सभाओं में नहीं आई, तो मैंने समूह अगुआ से इसकी वजह पूछी, पर समूह अगुआ ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में, वह नई सदस्य फिर से सभाओं में आने लगी, तो मैंने समूह अगुआ से इसकी वजह
- [घमंड से बच निकलना आसान नहीं होता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/escaping-vanity-isnt-easy.html) - हेली, जापान जुलाई 2020 में, मेरे सुपरवाइजर ने मुझे बहन आइरिस के काम का भार देकर वीडियो बनाने की जिम्मेदारी सौंपी। तब, मैं बहुत खुश थी, लेकिन मुझे यह एहसास भी हुआ कि अपने नए कर्तव्य में मेरे सामने कुछ समस्याएँ और दिक्कतें आएँगी, तो मुझे न समझ आने पर सीखना और पूछना होगा। लेकिन
- [परमेश्वर की वाणी को सुनना और प्रभु का स्वागत करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/listening-to-God-s-voice.html) - मगुआंग, दक्षिण कोरिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं : “बहुत से लोगों को शायद इसकी परवाह न हो कि मैं क्या कहता हूँ, किंतु मैं ऐसे हर तथाकथित संत को, जो यीशु का अनुसरण करते हैं, बताना चाहता हूँ कि जब तुम लोग यीशु को एक श्वेत बादल पर स्वर्ग से उतरते अपनी आँखों से देखोगे,
- [परमेश्वर की गवाही देना सच में कर्तव्य निभाना है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/bearing-witness-to-God-is-truly-doing-a-duty.html) - जूडी, दक्षिण कोरिया हाल ही में, मैंने नए सदस्यों की अनुभवजन्य गवाही वाले कुछ वीडियो देखे, जो मेरे दिल को छू गए। दो-तीन साल विश्वास करके भी वे अपनी अनुभवजन्य गवाहियां साझा कर रहे थे। मुझे बड़ी शर्मिंदगी हुई, सोचने लगी कि इतने साल विश्वासी रहकर भी मैं परमेश्वर की गवाही क्यों नहीं दे पाई।
- [मुसीबतों से मिले लाभ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-harvest-reaped-from-hard-times.html) - रॉबिन्सन, वेनेजुएला 2019 के आखिर में, एक रिश्तेदार ने मेरे साथ सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का सुसमाचार साझा किया। मैंने देखा कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों में अधिकार था, और वे सत्य थे। मुझे ऐसा लगा कि यह परमेश्वर की वाणी थी, इसलिए मैंने खुशी-खुशी परमेश्वर के नए कार्य को स्वीकार लिया। मैं
- [मेरा कर्तव्य लेनदेन वाला कैसे हो गया?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-did-my-duty-become-transactional.html) - शेनचिंग, चीन 2008 में, मुझे अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य मिला। परमेश्वर के वचन पढ़कर मुझे यह समझ में आ गया कि अंत के दिनों में परमेश्वर के देहधारण और उसके सत्य अभिव्यक्त करने का उद्देश्य मानवता को पूरी तरह से स्वच्छ बनाना, लोगों को पाप से बचाना और उन्हें एक खूबसूरत
- [मैंने अपनी जगह पा ली है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-have-found-my-place.html) - रोज़ालि, दक्षिण कोरिया परमेश्वर में विश्वास रखने के बाद, मैंने पूरे उत्साह से अनुसरण किया। कलीसिया ने मुझे जो भी कर्तव्य दिया, मैंने किया। कर्तव्य में कोई दिक्कत या परेशानी होती, तो मैं बिना किसी शिकायत के समाधान खोजने को कष्ट सहकर कीमत चुकाती। जल्द ही मैंने नवागतों का सिंचन करना शुरू कर दिया, जहाँ
- [खुशामदी होने की कड़वाहट](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/bitterness-of-being-a-people-pleaser.html) - फ्रैंकी, ग्रीस 2021 में, मेरे साथ जगह-जगह जाकर सुसमाचार का प्रचार करने वाले भाई गैबरियल को बर्खास्त कर दिया गया। जब मैंने उससे इस बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह अपने कर्तव्य को पिछले कुछ सालों से अच्छी तरह नहीं निभा पा रहा था, वह सारी चीजें मनमाने और उद्दंड ढंग से करता
- [एक अमिट फैसला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-indelible-decision.html) - बाई यांग, चीन जब मेरी उम्र 15 साल थी, अचानक बीमारी के कारण मेरे पिताजी का देहान्त हो गया। इस सदमे को मेरी माँ झेल नहीं पाई और वह बहुत बीमार हो गई। किसी भी नाते-रिश्तेदार ने हमारी सहायता नहीं की क्योंकि उन्हें डर था उन्हें हमें पैसे देने पड़ेंगे, और मैं बहुत निराश महसूस
- [आराम की चाह से मैं बर्बाद होते-होते बची](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/craving-for-comfort-almost-doomed-me.html) - नोएल, दक्षिण कोरिया 2019 में मुझ पर वीडियो के काम की जिम्मेदारी थी, साथ ही मैं एक अगुआ भी थी। मैंने कर्तव्य अच्छे से करने की कसम खाई। इसके बाद, मैंने कर्तव्य में पूरा दिल झोंक दिया और अपनी साथी बहन से कलीसिया का यह काम करना सीख लिया। मैं छोटी-बड़ी हर सभा में शामिल
- [ईमानदार इंसान बनकर मुझे क्या मिला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/gained-from-being-honest-person.html) - फेलिक्स, दक्षिण कोरिया एक बैठक में, एक अगुआ ने मुझसे पूछा कि उस कलीसिया में नए सदस्यों का सिंचन कैसे हो रहा है, जिसका मैं प्रभारी था। मैं अवाक रह गया। मैंने कुछ दिनों से इसकी खोज-खबर नहीं ली थी और मुझे विशेष बातों की जानकारी नहीं थी। मुझे क्या कहना चाहिए? यदि मैं कहूँ,
- [मैं भार क्यों नहीं उठा रही?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-wont-i-shoulder-a-burden.html) - डेज़ी, दक्षिण कोरिया अक्टूबर 2021 में, मैं वीडियो-कार्य की निरीक्षक के तौर पर काम कर रही थी। भाई लियो और बहन क्लेयर मेरे सहयोगी थे। वे दोनों बहुत समय से यह कर्तव्य कर रहे थे और मुझसे ज़्यादा अनुभवी थे, उन्होंने काम की खोज-खबर रखने के साथ बहुत सारा काम सँभाल रखा था। मैंने अभी-अभी
- [अफवाहों के जाल से बच निकलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/escaping-the-rumor-mill.html) - विलियम, अमेरिका अक्तूबर 2016 में, मैं न्यूयॉर्क शहर आ गया, बाद में, एक चीनी कलीसिया में, प्रभु यीशु के नाम से मेरा बपतिस्मा किया गया, मैं एक ईसाई बन गया। लेकिन कलीसिया में साल भर से ज़्यादा गुज़र जाने के बाद भी, मैं सिर्फ़ प्रार्थना करना और भजन गाना ही सीख पाया, और प्रभु के
- [परमेश्वर के चीन में प्रकट होकर कार्य करने का बहुत महत्व है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-appearing-and-working-in-china-is-so-significant.html) - अलीशा, दक्षिण कोरिया एक दिन, मैंने एक भजन का वीडियो देखा जिसका शीर्षक था, “पूरब की ओर लाया है परमेश्वर अपनी महिमा,” जिसने मुझे प्रेरणा से भर दिया। भजन के बोल थे : “मैंने अपनी महिमा इस्राएल को दी और फिर उसे हटा लिया, और इस प्रकार इस्राएलियों और सभी मनुष्यों को पूरब में ले
- [आराम की लालसा करने से कुछ हासिल नहीं होता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/craving-comfort-gets-you-nothing.html) - क्रिस्टन, स्वीडन जुलाई 2021 में, मुझे वीडियो के काम का प्रभारी बनाया गया। शुरू में, मैं अक्सर भाई-बहनों को कर्तव्य निभाने में होने वाली मुश्किलों और परेशानियों पर ध्यान देती थी, फिर इनका हल निकालने के लिए उनके साथ मिलकर सत्य खोजती थी। कुछ समय बीतने के बाद ही, काम के नतीजों में सुधार दिखने
- [सबक जो मैंने बर्खास्त होने से सीखे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-lesson-learned-from-dismissal.html) - ओवेन, स्पेन 2018 में, मैं वीडियो-कार्य का प्रभारी था। कभी-कभी एक ही समय पर कई वीडियो-कार्य आ जाते और उन्हें प्रोडक्शन के लिए सही लोगों को सौंपना होता था। हर बार मैं जल्दी से सोच लेता था कि काम कैसे बाँटा जाए, पर जब भी मैं अपने साथी भाई और बहन को अपनी आवंटन-योजना के
- [मुश्किल हालात वाला इम्तिहान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-test-of-a-difficult-environment.html) - जूनियर, जिम्बाब्वे बचपन से ही, मुझ पर समाज का बहुत असर था। मुझे हर काम में दूसरों से सहमत होना अच्छा लगता था—मेरे आसपास के लोग ईसाई थे, इसलिए मैं भी था। पर जब मैंने परमेश्वर के बारे में जानना चाहा, तो मैं कुछ सवालों पर मनन करने लगा : मैं परमेश्वर में क्यों विश्वास
- [मेरे अतीत का कलंक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-disgrace-from-my-past.html) - ली यी, चीन अगस्त 2015 में, मैं अपने परिवार के साथ शिनजियांग चली गई। मैंने सुना था कि कम्युनिस्ट पार्टी ने वीगर आबादी की हिंसा और उपद्रव से निपटने के नाम पर वहाँ सख्त निगरानी और नियंत्रण के उपाय किए थे, तो वहाँ काफी खतरा था। शिनजियांग पहुँची तो वहाँ का माहौल मेरी कल्पना से
- [आखिरकार मुझे शुद्धिकरण का मार्ग मिल गया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/found-path-to-purification.html) - रिचर्ड, अमेरिका मैं एक कैथोलिक परिवार में पैदा हुआ। 13 साल की उम्र में मैं धार्मिक शिक्षा लेने लगाऔर मेरा बपतिस्मा हो गया, फिर मैंने आधिकारिक तौर पर कैथोलिक धर्म से जुड़ गया। उसके बाद, मैंने तय किया कि परमेश्वर की सेवा करने के लिए मैं पादरी बनूँगा। इसलिए, 22 साल की उम्र में मैंने
- [ये तमाम कष्ट आखिर किसलिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-purpose-in-suffering.html) - एंजेला, इटली विश्वासी बनने के बाद, मैंने देखा कि अनेक अगुआ और कार्यकर्ता बहुत-सी तकलीफें सह सकते थे। बारिश हो या आंधी, वे काम करते रहते, अपना कर्तव्य निभाते रहते, और सभी भाई-बहन उन्हें पसंद करते और उनकी सराहना करते। मुझे उनसे काफी ईर्ष्या होती और आशा करती कि मैं भी कभी उनकी तरह बन
- [काम में मिलजुलकर सहयोग करना सबसे अहम है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/harmonious-cooperation-is-key-in-a-duty.html) - कैथरीन, अमेरिका 2020 की गर्मियों में, बहन औड्रिया और मैं कलीसिया में वीडियो बनाने का काम करती थी। उस समय, मुझ पर काम सौंपने की जिम्मेदारी थी। मैं औड्रिया के लिए आसान कामों की व्यवस्था करती थी, जबकि मैं अहम काम कर रही थी। मैंने सोचा कि मैं उन कामों को खुद संभाल सकती हूँ,
- [अगुआ प्रतिभाओं को न रोकें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/leaders-mustn-not-hold-talents-back.html) - सीसीलिया, स्पेन अगस्त 2020 में, मुझे अगुआ चुना गया और मैंने कलीसिया का वीडियो-संबंधी काम संभाला। काम में नई होने के कारण मुझे इसके कई सिद्धांतों की जानकारी नहीं थी, और काम करते समय मेरे सामने अक्सर मुश्किलें आती थीं। इसलिए मैं टीम अगुआ बहन मार्शा से सलाह-मशविरा किया करती थी। मार्शा सिद्धांत और काम
- [काट-छाँट को किस ढंग से लें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-handle-being-dealt-with.html) - रोज़ालि, दक्षिण कोरिया बुधवार, 17 अगस्त, 2022, आसमान साफ मैंने आज से एक नया कर्तव्य संभाला है। मैं लिखने का काम कर रही हूँ। यह कर्तव्य है तो अप्रत्याशित, लेकिन मैं इससे खुश हूँ। परमेश्वर मुझ पर अनुग्रह कर अभ्यास का एक अवसर दे रहा है। मैं अच्छा काम करना चाहती हूँ। लेकिन मैं इस
- [लापरवाही के पीछे का सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-is-behind-lrresponsibility.html) - विक्टर, दक्षिण कोरिया अक्तूबर 2021 में हमने एक वीडियो पूरा तैयार कर लिया। हमने इस पर बहुत काम किया, बहुत समय और ऊर्जा लगाई, लेकिन हैरत हुई जब अगुआ ने इसकी जाँच करते समय इसकी बारीकियों में समस्याएं बताईं। उन्होंने कहा कि यह वीडियो अच्छा नहीं बना था, पहले बने वीडियो से यह बेहतर नहीं
- [पैसे और हैसियत ने मेरे लिए किया ही क्या?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-did-money-ever-do-for-me.html) - मैं एक टूटे हुए परिवार में पैदा हुई थी। मैं गर्भ में ही थी, जब मेरे पिता दूसरी औरत के साथ भाग गए। मेरी माँ ने बहुत कष्टों से छह बच्चों को पाला-पोसा, मैं हर रात अपनी माँ को रोते-सिसकते हुए सुनती थी। उसे इस तरह फूट-फूटकर रोते देख मैं शादी और रिश्तों को लेकर
- [जीवन और मृत्यु की एक जंग](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-battle-of-life-and-death.html) - चैंग मोयांग ज़ेंगज़ो सिटी, हेनान प्रदेश "जब तू अपने देह के विरूद्ध विद्रोह करता है, तो तेरे भीतर निश्चय ही एक युद्ध होगा। शैतान कोशिश करेगा और तुझे इसका अनुसरण करने के लिए बाध्य करेगा, तुझसे देह की धारणाओं का अनुसरण करवाने के लिए कोशिश करेगा और देह के हितों को बनाए रखेगा—परन्तु परमेश्वर के
- [कर्तव्यों का कोई दर्जा नहीं होता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/duties-have-no-rank.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास रखने से पहले, मुझे शिक्षकों से सराहना पाने की आदत थी। मैं हमेशा ध्यान का केंद्र बनना चाहती थी, और दूसरों से ऊँची राय पाकर मुझे आनंद मिलता था। मई 2020 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। मैं सक्रियता से परमेश्वर के वचनों का खान-पान करती,
- [यकृत कैंसर की बीमारी से सीखे सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-a-trial-article.html) - ली यांग, चीन ईसाई बनने के बाद मुझे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने कई बार गिरफ्तार किया, किंतु मैंने कभी प्रभु को धोखा नहीं दिया। कुछ साल पहले ही मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किया था, और धूप हो या बारिश, मैं हमेशा पूरे उत्साह से सुसमाचार का प्रचार करता
- [बीमारी का फल](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-harvest-reaped-from-a-trial-article.html) - झांग ली, चीन वर्ष 2007 मेरी ज़िन्दगी में नया मोड़ लेकर आया। उस वर्ष मेरे पति का कार एक्सीडेंट हुआ और वो बिस्तर में पड़ गए। हमारे दोनों बच्चे तब छोटे थे और हमारे परिवार पर मुसीबत का वक्त था। मेरे लिए बहुत मुश्किल हो गयी थी, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि हम
- [बीमारी के ज़रिए आशीष पाने की मेरी मंशा उजागर हुई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/cleansed-through-trials-article.html) - जेंगशिन, अमेरिका सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर में अपने विश्वास में लोग, भविष्य के लिए आशीर्वाद पाने की खोज करते हैं; यह उनकी आस्था में उनका लक्ष्य होता है। सभी लोगों की यही अभिलाषा और आशा होती है, लेकिन, उनकी प्रकृति के भीतर के भ्रष्टाचार का हल परीक्षण के माध्यम से किया जाना चाहिए। जिन-जिन
- [बीमारी की अग्नि-परीक्षा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/this-trial-of-mine-article.html) - झोंगशिन, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "मेरे कर्मों की संख्या समुद्र-तटों की रेत के कणों से भी ज़्यादा है, और मेरी बुद्धि सुलेमान के सभी पुत्रों से बढ़कर है, फिर भी लोग मुझे मामूली हैसियत का मात्र एक चिकित्सक और मनुष्यों का कोई अज्ञात शिक्षक समझते हैं। बहुत-से लोग केवल इसलिए मुझ पर विश्वास करते
- [कठिनाइयों में समर्पण करना सीखना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/seeing-God-s-blessing-in-trails-article.html) - ली यांग, चीन मुझे याद है 2008 में, जब मेरा बेटा छह साल का था तो एक दिन, मेरी नज़र उसके कान के पीछे बनी गाँठ पर पड़ी। जब जाँच के लिए उसे अस्पताल ले गयी तो डॉक्टर ने बताया कि ये ट्यूमर है, एक खास तरह का ट्यूमर जो हड्डियों को खराब कर देता
- [परमेश्वर द्वारा उद्धार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-salvation-article.html) - यीचेन, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर के कार्य का प्रत्येक कदम—चाहे यह कठोर शब्द हों, न्याय हो या ताड़ना हो—मनुष्य को पूर्ण बनाता है और बिलकुल उचित होता है। युगों-युगों में कभी परमेश्वर ने ऐसा कार्य नहीं किया है; आज वह तुम लोगों के भीतर कार्य करता है ताकि तुम उसकी बुद्धि को सराहो।
- [एक पाखंडी का पश्चाताप](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-hypocrite-s-repentance-article.html) - शिनरुई, दक्षिण कोरिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर की सेवा करना कोई सरल कार्य नहीं है। जिनका भ्रष्ट स्वभाव अपरिवर्तित रहता है, वे परमेश्वर की सेवा कभी नहीं कर सकते हैं। यदि परमेश्वर के वचनों के द्वारा तुम्हारे स्वभाव का न्याय नहीं हुआ है और उसे ताड़ित नहीं किया गया है, तो तुम्हारा स्वभाव अभी
- [दिखावा करने से हुआ नुकसान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/serious-consequences-to-showing-off-article.html) - रुओयू, स्पेन कुछ साल पहले मैं अपनी ही उम्र के कुछ भाई-बहनों के साथ सिंचन का कर्तव्य निभा रही थी। वे बहुत उत्साही और जिम्मेदार लोग थे। दूसरे अकसर उनकी प्रशंसा करते, जिससे मैं भी उनकी सराहना करने लगी। मैं भी एक दिन उनकी तरह बनने और दूसरों का सम्मान पाने की उम्मीद करने लगी।
- [दिखावा, अब और नहीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-show-off-no-more-article.html) - मो वेन, स्पेन मुझे याद है, 2018 में मैं कलीसिया में सुसमाचार का काम करता था, बाद में मुझे उस काम का प्रभारी बना दिया गया। मैं अपने भाई-बहनों के कामों में समस्याओं और गलतियों का पता लगा कर, संगति के द्वारा उन्हें ठीक कर लेता, इस कारण सभी लोग मुझसे संतुष्ट रहते, मुझे भी
- [सही रास्ते पर लौटना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/getting-back-on-right-track-article.html) - चेन गुयांग, अमेरिका सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है, "परमेश्वर की सेवा करना कोई सरल कार्य नहीं है। जिनका भ्रष्ट स्वभाव अपरिवर्तित रहता है, वे परमेश्वर की सेवा कभी नहीं कर सकते हैं। यदि परमेश्वर के वचनों के द्वारा तुम्हारे स्वभाव का न्याय नहीं हुआ है और उसे ताड़ित नहीं किया गया है, तो तुम्हारा स्वभाव अभी
- [काट-छाँट और निपटारे के मीठे फल पाना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-protection-article.html) - यूक्ज़िन, दक्षिण कोरिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "लोग अपना स्वभाव स्वयं परिवर्तित नहीं कर सकते; उन्हें परमेश्वर के वचनों के न्याय, ताड़ना, पीड़ा और शोधन से गुजरना होगा, या उसके वचनों द्वारा निपटाया, अनुशासित किया जाना और काँटा-छाँटा जाना होगा। इन सब के बाद ही वे परमेश्वर के प्रति विश्वसनीयता और आज्ञाकारिता प्राप्त कर सकते
- [थोड़ी इंसानियत के साथ जीना यकीनन बढ़िया होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/living-out-of-human-likeness-article.html) - ताशि, कनाडा सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "उसकी 6,000-वर्षीय प्रबंधन योजना के समापन से पहले—इससे पहले कि वह मनुष्य की प्रत्येक श्रेणी का परिणाम स्पष्ट करे—पृथ्वी पर परमेश्वर का कार्य उद्धार के लिए होगा; इसका प्रयोजन विशुद्ध रूप से उन लोगों को पूर्ण बनाना—पूरी तरह से—और उन्हें अपने प्रभुत्व की अधीनता में लाना है, जो उससे
- [मेरा अहंकारी स्वभाव कैसे बदला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-changed-my-arrogant-self-article.html) - जिंगवेई, अमेरिका सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर के कार्य का प्रत्येक कदम—चाहे यह कठोर शब्द हों, न्याय हो या ताड़ना हो—मनुष्य को पूर्ण बनाता है और बिलकुल उचित होता है। युगों-युगों में कभी परमेश्वर ने ऐसा कार्य नहीं किया है; आज वह तुम लोगों के भीतर कार्य करता है ताकि तुम उसकी बुद्धि को सराहो।
- [अहंकार को दूर करने से हम इंसानों की तरह जी सकते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-human-likeness-is-attainable-by-resolving-arrogance-article.html) - जेज़िन, अमेरिका मार्च 2017 में, फिल्म के पोस्टर और थंबनेल का काम देखने के लिए मैंने कलीसिया के लिए ग्राफिक डिज़ाइन का काम करना शुरू किया। शुरू में, मुझे तकनीकी चीज़ों की ज़्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए मैं लगातार सिद्धांत और तकनीकी कौशल सीख रही थी। मैं शालीनता से भाई-बहनों से मदद माँगती और डिज़ाइनों
- [अहंकारी व्यक्ति निश्चित ही ठोकर खाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/arrogance-goes-before-a-fall-article.html) - शिनजिए, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "अहंकार मनुष्य के भ्रष्ट स्वभाव की जड़ है। लोग जितने ही ज़्यादा अहंकारी होते हैं, उतनी ही अधिक संभावना होती है कि वे परमेश्वर का प्रतिरोध करेंगे। यह समस्या कितनी गम्भीर है? अहंकारी स्वभाव के लोग न केवल बाकी सभी को अपने से नीचा मानते हैं, बल्कि, सबसे बुरा
- [कौन कहता है अभिमानी स्वभाव बदला नहीं जा सकता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/who-says-arrogant-cannot-be-changed-article.html) - झाओ फ़ैन, चीन परमेश्वर के वचन कहते हैं : "लोग अपना स्वभाव स्वयं परिवर्तित नहीं कर सकते; उन्हें परमेश्वर के वचनों के न्याय, ताड़ना, पीड़ा और शोधन से गुजरना होगा, या उसके वचनों द्वारा निपटाया, अनुशासित किया जाना और काँटा-छाँटा जाना होगा। इन सब के बाद ही वे परमेश्वर के प्रति विश्वसनीयता और आज्ञाकारिता प्राप्त
- [असफलता की स्थिति में भी ऊपर उठो](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/rising-up-in-face-of-failure-article.html) - फ़ेनकी, दक्षिण कोरिया परमेश्वर में आस्था रखने से पहले, मुझे सीसीपी की शिक्षाएँ दी गई थीं, मुझे बस एक ही धुन रहती थी कि मैं कुछ बनकर दिखाऊँ और अपने परिवार का नाम ऊँचा करूँ। फिर कॉलेज की पढ़ाई की, उसके बाद मैं वकील बन गयी। मैं हमेशा अपने आपको दूसरों से बहुत ऊँचा समझती
- [सत्य ने मुझे मार्ग दिखाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/truth-showed-me-the-way-article.html) - शिज़ाई, जापान सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर की सेवा करना कोई सरल कार्य नहीं है। जिनका भ्रष्ट स्वभाव अपरिवर्तित रहता है, वे परमेश्वर की सेवा कभी नहीं कर सकते हैं। यदि परमेश्वर के वचनों के द्वारा तुम्हारे स्वभाव का न्याय नहीं हुआ है और उसे ताड़ित नहीं किया गया है, तो तुम्हारा स्वभाव अभी भी
- [परमेश्वर बहुत धार्मिक है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-is-so-righteous-article.html) - झांग लिन, जापान सितंबर 2012 में, मैं कलीसिया के काम का प्रभारी था, तभी मेरी मुलाक़ात अगुआ यान झुओ से हुई। मुझे पता चला कि वे भाई-बहनों से घर-घर जाकर सुसमाचार का प्रचार करने को कहती रही हैं। यह सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन था। इसलिए मेरे कार्यकारी साथी और मैंने उनसे कहा, "सुसमाचार का प्रचार
- [एक सच्ची रिपोर्ट का इनाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-fruit-of-an-honest-report-article.html) - झाओ मिंग, चीन अप्रैल 2011 में, मुझे देश के दूसरे हिस्से की एक कलीसिया में याओ लान नाम की अगुआ की जगह लेनी पड़ी। अपना पद मुझे सौंपने के दौरान, जब याओ लान मुझे कलीसिया की स्थिति के बारे में बता रही थीं, तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी शाओमिन सिंचन की जिम्मेदारी निभाने वाली
- [झूठे अगुआ को उजागर करना : एक निजी संघर्ष](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/exposing-a-false-leader-a-personal-struggle-article.html) - झेंग यी, दक्षिण कोरिया पिछले साल, मैं शहर के बाहर एक कलीसिया में अपना कर्तव्य पूरा कर रही थी, पर मुझे घर लौटना पड़ा क्योंकि व्यावहारिक कार्य न करने के कारण मेरी जगह किसी और को दे दी गई थी। उसके बाद मैंने पाया कि हमारी अगुआ बहन ली के पास, परमेश्वर के वचनों के
- [शिकायत करूं या न करूं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/to-report-or-not-to-report-article.html) - यांग यी, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "अपनी नियति के लिए, तुम लोगों को परमेश्वर का अनुमोदन प्राप्त करना चाहिए। कहने का अर्थ है, चूँकि तुम लोग यह मानते हो कि तुम परमेश्वर के घर के एक सदस्य हो, तो तुम्हें परमेश्वर के मन को शांति प्रदान करनी चाहिए और सभी बातों में उसे संतुष्ट
- [स्वार्थ की समस्या को हल कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-resolve-selfishness-article.html) - झंग जिंग, चेक रिपब्लिक सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "वह मानक क्या है जिसके द्वारा किसी व्यक्ति के कर्मों का न्याय अच्छे या बुरे के रूप में किया जाता है? यह इस बात पर निर्भर करता है कि अपने विचारों, अभिव्यक्तियों और कार्यों में तुममें सत्य को व्यवहार में लाने और सत्य-वास्तविकता को जीने की गवाही
- [बंधन की बेड़ियों से मुक्ति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/free-from-shackles-of-bondage-article.html) - झोऊ यूआन, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "अब वह समय आ गया है जब मैं प्रत्येक व्यक्ति के अंत को निर्धारित करता हूँ, यह वो चरण नहीं जिसमें मैंने मनुष्यों को आकार देना आरंभ किया था। मैं अपनी अभिलेख पुस्तक में एक-एक करके, प्रत्येक व्यक्ति के कार्यों और कथनों को, और साथ ही उस मार्ग
- [एक आध्यात्मिक युद्ध](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-spiritual-battle-article.html) - यांग झी, अमेरिका सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "जबसे लोगों ने परमेश्वर पर विश्वास करना शुरू किया है, उन्होंने कई ग़लत इरादों को प्रश्रय दिया है। जब तुम सत्य को अभ्यास में नहीं ला रहे होते हो, तो तुम ऐसा महसूस करते हो कि तुम्हारे सभी इरादे सही हैं, किंतु जब तुम्हारे साथ कुछ घटित होता
- [बंधनों को खोलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/loosening-ties-that-bind-article.html) - कुईबाई, इटली परमेश्वर के वचन कहते है, "अपनी नियति के लिए, तुम लोगों को परमेश्वर का अनुमोदन प्राप्त करना चाहिए। कहने का अर्थ है, चूँकि तुम लोग यह मानते हो कि तुम परमेश्वर के घर के एक सदस्य हो, तो तुम्हें परमेश्वर के मन को शांति प्रदान करनी चाहिए और सभी बातों में उसे संतुष्ट
- [अलविदा, ख़ुशामदी जनो!](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/farewell-people-pleaser-article.html) - ली फ़ेई, स्पेन परमेश्वर में आस्था रखने से पहले, मैं खुशामदी लोगों को बहुत अच्छा समझती थी। उनका स्वभाव बहुत भला लगता था, कभी किसी से टेढ़ी बात नहीं करते थे, सभी उन्हें पसंद करते थे, और वे लोग किसी को भी नाराज़ नहीं करते थे। मैं भी ऐसी इंसान बनना चाहती थी। क्योंकि बचपन
- ["अच्छी छवि" के पीछे क्या छुपा होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-lies-behind-a-good-image-article.html) - वेई चेन, दक्षिण कोरिया दिसंबर, 2019 में, मैं कलीसिया में एक सुसमाचार उपयाजक के रूप में काम किया करती थी। कुछ समय बाद मैंने पाया कि अगुआ जब भी भाई-बहनों के कर्तव्य-निर्वाह में कोई समस्या देखते, तो वे उनसे सीधे-सीधे दो टूक कह देते, कभी-कभी उनका लहज़ा भी बहुत सख्त होता। मुझे लगता कि समस्याओं
- [जीने का शानदार तरीका](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-wonderful-way-to-live-article.html) - शनकियू, जापान बचपन में मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया था कि दूसरों के सामने ज्यादा खुलकर मत बोलो और कभी किसी को नाराज या परेशान मत करो, यही जीवन का फलसफा है। इसलिए मैं सहपाठियों, दोस्तों, पड़ोसियों—सभी के साथ हमेशा जीवन के इस तरह के शैतानी फलसफों के अनुसार चलती रही, "अच्छे दोस्तों की गलतियों
- [क्या लोगों की खुशामद करने वाले परमेश्वर के उद्धार को पा सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-people-pleasers-gain-God-s-salvation-article.html) - हाओ झेंग, चीन मैं सामंती रीति-रिवाजों और जटिल पारस्परिक संबंधों वाले एक गरीब, पिछड़े पहाड़ी गाँव से हूँ। मैं उस माहौल से और अपने माता-पिता की इस तरह की बातों से वास्तव में प्रभावित था, "आप बोलने से पहले सोचें और फिर आत्मसंयम के साथ बात करें," "चुप्पी सोना है और बोल चांदी हैं, और
- [क्या खुशामदी लोग परमेश्वर की प्रशंसा पा सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-people-pleasers-be-saved-article.html) - ल्यू यी, चीन विश्वासी बनने से पहले, मैं हमेशा इस बात को लेकर सतर्क रहती थी कि दूसरों का अपमान न हो जाए, और मैं सबके साथ मिल-जुलकर रह सकूँ। जब कभी किसी को परेशानी में देखती तो मैं उसकी मदद करती, इससे मुझे लगता होता कि मैं एक अच्छी इंसान हूँ और मुझमें अच्छी
- [परेमश्वर के सामने जीवन जीना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/living-before-God-article.html) - योंगसुई, दक्षिण कोरिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "वास्तविकता में प्रवेश करने के लिए इंसान को सबकुछ वास्तविक जीवन की ओर मोड़ देना चाहिए। यदि परमेश्वर में विश्वास रखने में, लोग वास्तविक जीवन में प्रवेश करके खुद को न जान पाएँ, और वे वास्तविक जीवन में सामान्य इंसानियत को न जी पाएँ, तो वे विफल हो
- [आखिरकार मैं अपने बारे में सच जान पायी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-finally-see-the-truth-about-myself-article.html) - शेन शिनवेई, इटली 2018 में बहन झांग और बहन लियू के साथ मैं कलीसिया में आलेखों के अनुवाद का काम करती थी। हमारी बहुत अच्छी निभती थी। एक सभा के दौरान, हमने इस बात पर संगति की कि झूठे अगुआ को कैसे पहचाना जाता है। झूठे अगुआ के बारे में बहन लियू का आकलन यह
- [स्वार्थ छोड़कर मिली है मुक्ति मुझे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/letting-go-of-selfishness-article.html) - क्षीयोवे, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं : "सामान्य लोगों के स्वभाव में कोई कुटिलता या धोखेबाज़ी नहीं होती, लोगों का एक-दूसरे के साथ एक सामान्य संबंध होता है, वे अकेले नहीं खड़े होते, और उनका जीवन न तो साधारण होता है और न ही पतनोन्मुख। इसलिए भी, परमेश्वर सभी के बीच ऊँचा है, उसके वचन
- [ईर्ष्या छोड़ी आराम से साँस ली](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/breathing-easy-without-jealousy-article.html) - अंजिंग, चीन जनवरी 2017 में, मुझे कलीसिया में सिंचन का कर्तव्य सौंपा गया। इस कर्तव्य में प्रशिक्षण का मौका पाकर मैंने परमेश्वर का बहुत आभार माना, मैंने इसे ध्यानपूर्वक और अच्छे ढंग से निभाने का संकल्प लिया। कुछ समय बाद, भाई-बहनों की दशा सुधारने में उनकी मदद करने का काम हो या सभाओं में उनके
- [ईर्ष्या की जगह उदारता दिखाना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/replacing-jealousy-with-magnanimity-article.html) - फ़ू डैन, चीन कुछ साल पहले, अगुआई के कार्य में मेरी मदद करने के लिए बहन शाओजी का हमारी कलीसिया में तबादला कर दिया गया। थोड़े समय में, मैंने देखा कि युवा होने के बावजूद उसमें अच्छी काबिलियत थी और वह वाकई सक्षम थी। समस्याएँ आने पर वह सत्य का अभ्यास करती और सत्य के
- [ईर्ष्या का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-cure-for-jealousy-article.html) - संकायु, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "मनुष्य की देह शैतान की है, यह विद्रोही स्वभावों से परिपूर्ण है, यह दुखद रूप से गंदी है, और यह कुछ ऐसी है जो अस्वच्छ है। लोग देह के आनंद के लिए बहुत अधिक ललचाते हैं और देह की कई सारी अभिव्यंजनाएँ हैं; यही कारण है कि परमेश्वर मनुष्य
- [आखिरकार एक इंसान की तरह जीना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/living-out-a-human-likeness-at-last-article.html) - झोऊ हांग, चीन 2018 में जब मैं एक कलीसिया की अगुआ बनी, तो मुझे वहां एक बहन मिली जिसका उपनाम यांग था, उसमें अच्छी काबिलियत थी और वो सत्य का अनुसरण करती थी। मैंने सोचा, "अगर मैं उसे अच्छी तरह प्रशिक्षण दूँ, तो इससे मेरा काम आसान हो जाएगा, हमारे काम में सुधार होगा और
- [रुतबे से आजादी पाना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/finding-freedom-from-status-article.html) - दोंग एन, फ्रांस मैं 2019 में एक कलीसिया की अगुआ बनी। मैंने सारे काम अपने ढंग से किए, अपने कर्तव्य में गैर-जिम्मेदार रही, और मैंने सही लोगों को सही काम नहीं सौंपे, जिससे कलीसिया के जीवन पर बुरा असर पड़ा। मैं पछतावे से भर गई। इसलिए मैंने कलीसिया के काम पर अच्छी पकड़ रखने का
- [परमेश्वर के वचनों ने मेरी आत्मा को जगा दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-words-have-shaken-my-spirit-awake-article.html) - नानन, अमेरिका सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "अंत के दिनों में, इन दिनों में परमेश्वर के कार्य के वर्तमान चरण में, वह मनुष्य को पहले की तरह अनुग्रह एवं आशीषें प्रदान नहीं करता है, न ही वह लोगों को आगे बढ़ने के लिए फुसलाता है। कार्य के इस चरण के दौरान, परमेश्वर के कार्य के सभी
- [शोहरत और किस्मत की बंदिशों से आजाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/liberated-from-fame-and-fortune-article.html) - शाओ मिन, चीन मैं एक साल पहले कलीसिया की अगुआ चुनी गई थी। मुझे पता था कि यह मेरे लिए परमेश्वर की मेहरबानी और उन्नति है। मैंने मन ही मन ईमानदारी से सत्य का अनुसरण करने और अपना कर्तव्य अच्छी तरह निभाने का संकल्प लिया। इसके बाद मैं कलीसिया के काम में व्यस्त हो गई,
- [शोहरत और दौलत के पीछे भागने के दिन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/days-of-seeking-fame-article.html) - ली मिन, स्पेन "अपने जीवन में, यदि मनुष्य शुद्ध होकर अपने स्वभाव में परिवर्तन लाना चाहता है, यदि वह एक सार्थक जीवन बिताना चाहता है, और एक प्राणी के रूप में अपने कर्तव्य को निभाना चाहता है, तो उसे परमेश्वर की ताड़ना और न्याय को स्वीकार करना चाहिए, और उसे परमेश्वर के अनुशासन और प्रहार
- [अपना छद्मवेश उतारकर मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/feeling-good-to-take-off-disguise-article.html) - चेन यूआन, चीन सितंबर 2018 में मुझे कलीसिया की अगुआ चुना गया था। मैं उस समय बहुत खुश थी। मुझे लगा कि ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि मैं ज्यादातर भाई-बहनों से बेहतर हूँ, और मुझे सत्य का अनुसरण और अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। मैं नहीं चाहती थी कि लोग मेरी अगुआई को केवल
- [शोहरत और लाभ की बेड़ियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/fetters-of-fame-and-gain-article.html) - जिएली, स्पेन 2015 में मुझे वार्षिक चुनावों में कलीसिया का अगुआ चुना गया। मैं वास्तव में रोमांचित हो गया, और मैंने सोचा कि चूँकि मुझे दर्जनों भाई-बहनों में से अगुआ चुना गया है, इसलिए इसका यह मतलब है कि मैं दूसरों से बेहतर हूँ। तब से, मेरे काम के दौरान, जब भाई-बहनों को जीवन-प्रवेश में
- [मुक्त हो गयी मेरी आत्मा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-spirit-liberated-article.html) - मिबु, स्पेन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "अपने जीवन में, यदि मनुष्य शुद्ध होकर अपने स्वभाव में परिवर्तन लाना चाहता है, यदि वह एक सार्थक जीवन बिताना चाहता है, और एक प्राणी के रूप में अपने कर्तव्य को निभाना चाहता है, तो उसे परमेश्वर की ताड़ना और न्याय को स्वीकार करना चाहिए, और उसे परमेश्वर के
- [कर्तव्य के प्रति निष्ठा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/sticking-to-my-duty-article.html) - यांगमु, दक्षिण कोरिया मैं पहले भाई-बहनों को परमेश्वर के गुणगान में मंच पर कलाकारी करते, नाचते-गाते देख कर बड़ी ईर्ष्या किया करती थी। मैं उस दिन का सपना देखती थी जब मैं गाने और परमेश्वर की गवाही देने मंच पर जा सकूंगी। मैं सोचती यह कितना बड़ा सम्मान होगा! वह दिन मेरी कल्पना से पहले
- [रुतबे को छोड़ना आसान नहीं था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/finding-freedom-from-status-is-not-easy-article.html) - ली झेंग, चीन मेरा जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। बचपन में ही मेरे माता-पिता चल बसे, तो मेरे बड़े भाई और मुझे ही एक-दूसरे का सहारा बनाना पड़ा। हम बहुत गरीब थे और लोग हमें नीची नज़र से देखते थे। मैं सोचा करता : "मैं स्कूल जाऊंगा, और एक दिन सबसे श्रेष्ठ बनूंगा।"
- [मैं अब ज़िम्मेदारी से नहीं डरती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-afraid-of-responsibility-article.html) - चेंग न्यो, चीन नवंबर 2020 में एक दिन, एक अगुआ ने हमारी टीम की सभा में भाग लिया और उसके खत्म होने के बाद कहा कि वह चाहता है कि हम एक समूह-अगुआ चुनें, जो हमारे संपादन-कार्य का प्रभार सँभाले। मुझे बड़ी हैरानी हुई जब मुझे सबसे अधिक वोट मिले। मैं एकदम स्तब्ध रह गई
- [अपने कर्तव्य में अपनी मंशाएँ सुधारना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/rectifying-motives-in-duty-article.html) - शिया यु, चीन मुझे पिछले जून में एक कलीसिया अगुआ के रूप में चुना गया था। उस समय, मैं रोमांचित थी और मुझे लगा कि भाई-बहन मेरे बारे में अच्छी राय रखते होंगे। इतने लोगों का मेरे लिए वोट करने का मतलब है कि मैं दूसरों से श्रेष्ठ हूँ। मैंने खुद से कहा कि मुझे
- [अपने कर्तव्य को कैसे देखें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-look-at-duty-article.html) - झोंगचेंग, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर में मनुष्य के विश्वास की सबसे मूलभूत आवश्यकता यह है कि उसका हृदय ईमानदार हो, और वह स्वयं को पूरी तरह समर्पित कर दे, और सच्चे अर्थ में आज्ञापालन करे। मनुष्य के लिए सबसे कठिन है सच्चे विश्वास के बदले अपना संपूर्ण जीवन प्रदान करना, जिसके माध्यम से
- [अपने कर्तव्य को किस नजरिये से देखना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-should-one-regard-duty-article.html) - झेंग ये, दक्षिण कोरिया विश्वासी बनने के कुछ ही समय बाद, मैंने अगुआ के रूप में कार्यरत भाई-बहनों को अक्सर सभा और सत्य के बारे में सहभागिता करते हुए देखा, और कुछ के कर्तव्य ऐसे थे जिनके लिए हुनर की ज़रूरत थी, जैसे कि वीडियो बनाना, या नाचना-गाना। मैं उन्हें बहुत सराहता था, मेरे लिए
- [कर्तव्य निभाने का प्रतिफल](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/rewards-of-fulfilling-duty-article.html) - यांग मिंगझेंग, कनाडा सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर के कार्य के प्रति समर्पण असली और सही अर्थों में वास्तविक होना चाहिए। सतही तौर पर समर्पण करके परमेश्वर की प्रशंसा नहीं पायी जा सकती, अपने स्वभाव में बदलाव का प्रयास किए बिना परमेश्वर के वचन के मात्र सतही पहलू का पालन करके परमेश्वर के हृदय को
- [अपना हृदय परमेश्वर को समर्पित करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/giving-heart-to-God-article.html) - ज़िंक, दक्षिण कोरिया जून 2018 में, मैं राज्य गान के समवेत भजन कार्यक्रम की रिहर्सल में शामिल हुई। यह सोचकर कि मैं मंच पर जाकर परमेश्वर की प्रशंसा करने और गवाही देने के लिए भजन गाउंगी, मैं बड़ा सम्मान और गर्व महसूस करती थी। मैंने परमेश्वर से प्रार्थना भी की, कहा कि मैं अभ्यास करने
- [आखिरकार मैंने अपना कर्तव्य निभाना सीख लिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-have-finally-learned-how-to-fulfill-my-duty-article.html) - जिंचांग, इटली सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "अपना कर्तव्य पूरा करने की प्रक्रिया के माध्यम से मनुष्य धीरे-धीरे बदलता है, और इसी प्रक्रिया के माध्यम से वह अपनी वफ़ादारी प्रदर्शित करता है। इस प्रकार, जितना अधिक तुम अपना कार्य करने में सक्षम होगे, उतना ही अधिक तुम सत्य को प्राप्त करोगे, और उतनी ही अधिक तुम्हारी
- [आखिरकार मुझे अपना कर्तव्य पूरा करने का मतलब समझ आ गया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-it-means-to-fulfill-my-duty-article.html) - क्षुन कीउ, दक्षिण कोरिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "मनुष्य द्वारा अपना कर्तव्य निभाना वास्तव में उस सबकी सिद्धि है, जो मनुष्य के भीतर अंतर्निहित है, अर्थात् जो मनुष्य के लिए संभव है। इसके बाद उसका कर्तव्य पूरा हो जाता है। मनुष्य की सेवा के दौरान उसके दोष उसके क्रमिक अनुभव और न्याय से गुज़रने की
- [सत्य का अभ्यास सुसंगत समन्वय की कुंजी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/practice-the-truth-to-coordinate-harmoniously-article.html) - डोंगफ़ेंग, अमेरिका अगस्त 2018 में, मेरा काम भाई वांग के साथ फिल्म के लिए प्रॉप बनाना था। शुरू में मैंने महसूस किया कि ज्यादातर चीज़ें मुझे पता नहीं हैं, इसलिए मैं हर समय भाई वांग से मदद मांगता था। कुछ समय बाद मैंने काम को समझ लिया। इसके अलावा, इंटीरियर डिजाइन सीखने के साथ-साथ मैंने
- [मैंने लोगों के साथ सही बर्ताव करना सीख लिया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-learned-to-treat-people-properly-article.html) - सी यूआन, फ्रांस कुछ साल पहले, मैं कलीसिया की अगुआ का कर्तव्य निभा रही थी। कलीसिया में एक भाई थे, जिनका नाम चेन था। वे काफ़ी काबिल थे। लेकिन उनका स्वभाव बहुत घमंडी था, और वे दूसरों को बहुत दबाया करते थे। उन्हें दिखावा करना बहुत पसंद था, तो मैं उनके प्रति पक्षपातपूर्ण नजरिया रखने
- [मुझे अपनी गलतफहमियों और रक्षात्मक-प्रवृत्ति से नुकसान हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/path-of-the-pharisees.html) - सुशिंग, चीन कुछ समय पहले, हमारी कलीसिया की अगुआ ने अपना पद गँवा दिया क्योंकि उसने न तो सत्य का अनुशीलन किया और न ही कोई व्यावहारिक काम किया। उसकी जगह भाई-बहनों ने मुझे चुन लिया। चुनाव के नतीजों ने मुझे चिंतित कर दिया। अगुआ होने का अर्थ है सत्य की समझ होना और दूसरों
- [कम कार्यक्षमता का बहाना बनाना ठीक नहीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-use-poor-caliber-as-excuse.html) - झुईक्यू, चीन पहले, अपने कर्तव्य का निर्वाह करते समय जब भी मेरे सामने मुश्किलें आती थीं या मुझसे कोई काम बिगड़ जाता था, तो मैं सोचती थी कि उसकी वजह मेरी कम कार्यक्षमता है। इसकी वजह से, मैं अक्सर नकारात्मक और निष्क्रिय अवस्था में रहती थी। जो काम मुझे मुश्किल लगते थे, उन्हें अक्सर दूसरों
- [चुप्पी के पीछे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-the-silence-article.html) - ली झी, यूनान मैं ज़्यादा बातूनी नहीं हूँ, और ऐसा अकसर नहीं होता कि मैं दिल खोलकर बात करूँ। मैंने हमेशा सोचा कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि मेरा व्यक्तित्व अंतर्मुखी है, लेकिन फिर जब मैंने कुछ चीज़ों का अनुभव किया और देखा कि परमेश्वर के वचनों में क्या प्रकट किया गया है, तो मुझे एहसास
- [झूठ के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-the-lies-article.html) - चेन शी, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "तुम लोगों को पता होना चाहिए कि परमेश्वर ईमानदार इंसान को पसंद करता है। मूल बात यह है कि परमेश्वर निष्ठावान है, अत: उसके वचनों पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है; इसके अतिरिक्त, उसका कार्य दोषरहित और निर्विवाद है, यही कारण है कि परमेश्वर उन लोगों को
- [ईमानदार इंसान होने का अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-taste-of-being-an-honest-person-article.html) - योंगसुई, दक्षिण कोरिया मार्च महीने के आखिर में एक दिन सभा में, एक अगुआ ने एक भाई के बारे में बताया जिसे गिरफ्तार करके बहुत सताया गया। वो इतना कमज़ोर पड़ गया था कि उसने कलीसिया के दो अन्य सदस्यों को खतरे में डाल दिया—उसने परमेश्वर को धोखा दिया। वो पछतावे से भर गया, फिर
- [केवल ईमानदारी हमें इंसान बनाती है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/only-honesty-brings-human-likeness-article.html) - शिज़ायी, चीन मैं और मेरे पति ऑफिस फ़र्नीचर का कारोबार करते हैं। शुरूआत में हम बहुत ईमानदारी से कारोबार करते थे, ग्राहक जैसा कहते थे बिल्कुल वैसा करते थे, कोई नकली सामान नहीं बेचते थे। लेकिन एक साल बीत गया, सारे शुल्क देने के बाद हमारे पास केवल गुजारे लायक पैसे ही बचे। पड़ोस वाले
- [सच्चे इंसान की तरह जीने का एकमात्र तरीका](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-only-way-to-live-like-a-real-person-article.html) - शिनचेंग, चीन एक बार मैंने एक जापानी लेखक का उपन्यास पढ़ा जो एक ऐसे विक्रेता के बारे में था जिसने कम बालों वाले एक चित्रकार को बाल बढ़ाने वाला सीरम, हेयर डाई, पोमेड, हेयर थिनर और हेयर ट्रिमर बेच दिया, यह कहकर कि इससे उसकी समस्याएं हल हो जाएंगी। उस चित्रकार ने काफ़ी पैसे खर्च
- [हृदय की मुक्ति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-hearts-deliverance-article.html) - झेंगशिन, अमेरिका 2016 के अक्टूबर में, जब हम देश से बाहर थे, तब मेरे पति और मैंने अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य को स्वीकार किया था। कुछ महीने बाद, बहन वांग जिसने मेरे साथ परमेश्वर के कार्य को स्वीकार किया था, काफ़ी तेज़ी से आगे बढ़ रही थी। मुझे याद है, उस समय,
- [आस्था अर्थात परमेश्वर पर अटूट विश्वास](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/faith-means-relying-on-God-article.html) - चेंग चेंग, इटली सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "यह केवल तुम्हारे विश्वास के भीतर से ही है कि तुम परमेश्वर को देखने में समर्थ होगे, और जब तुम्हारे पास विश्वास है तो परमेश्वर तुम्हें पूर्ण बनायेगा। विश्वास के बिना, वह ऐसा नहीं कर सकता है। परमेश्वर तुम्हें वह सब प्रदान करेगा जिसको प्राप्त करने की तुम
- [जीवन में परमेश्वर के अधिकार और प्रभुता को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/knowing-God-s-authority-and-sovereignty-article.html) - क्षिं शिनशिन, अमेरिका सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर के अधिकार का ज्ञान, परमेश्वर की सामर्थ्य, परमेश्वर की पहचान और परमेश्वर के सार को अपनी कल्पनाओं पर भरोसा करके प्राप्त नहीं किया जा सकता है। जबकि तुम परमेश्वर के अधिकार को जानने के लिए कल्पनाओं पर भरोसा नहीं कर सकते हो, तो तुम किस रीति से
- [दुर्भाग्य द्वारा सौभाग्य की प्राप्ति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/gaining-blessing-through-misfortune.html) - डू जैन, जापान सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "जब कोई व्यक्ति पीछे मुड़कर उस मार्ग को देखता है जिस पर वह चला था, जब कोई व्यक्ति अपनी यात्रा की हर अवस्था को याद करता है, तो वह देखता है कि हर कदम पर, चाहे उसकी यात्रा कठिन रही हो या आसान, परमेश्वर उसका मार्गदर्शन कर रहा
- [मोआब के वंशजों का परीक्षण](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/trial-of-descendants-of-moab-article.html) - ज़ुआनी, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "आज किया जाने वाला समस्त कार्य इसलिए है, ताकि मनुष्य को स्वच्छ और परिवर्तित किया जा सके; वचन के द्वारा न्याय और ताड़ना के माध्यम से, और साथ ही शुद्धिकरण के माध्यम से भी, मनुष्य अपनी भ्रष्टता दूर कर सकता है और शुद्ध बनाया जा सकता है। इस चरण
- [एक विषमता का परीक्षण](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-trial-of-a-foil-article.html) - शिंगदाओ, दक्षिण कोरिया "हे परमेश्वर, चाहे मेरी हैसियत हो या न हो, अब मैं स्वयं को समझती हूँ। यदि मेरी हैसियत ऊँची है तो यह तेरे उत्कर्ष के कारण है, और यदि यह निम्न है तो यह तेरे आदेश के कारण है। सब-कुछ तेरे हाथों में है। मेरे पास न तो कोई विकल्प हैं न
- [मौत के परीक्षण के दौरान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/amid-the-trial-of-death-article.html) - शिंगदाओ, दक्षिण कोरिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर पृथ्वी पर भ्रष्ट मानवता को बचाने के लिए कार्य करने आया है—इसमें कोई झूठ नहीं है। यदि होता, तो वह अपना कार्य करने के लिए व्यक्तिगत रूप से निश्चित ही नहीं आता। अतीत में, उद्धार के उसके साधन में परम प्रेम और करुणा दिखाना शामिल था, यहाँ
- [भाग्यशाली हूँ जो परमेश्वर के लिए सेवा करता हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/fortunate-to-do-service-for-God-article.html) - गेंसुई, दक्षिण कोरिया सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर द्वारा मनुष्य की पूर्णता किन साधनों से संपन्न होती है? यह उसके धार्मिक स्वभाव द्वारा पूरी होती है। परमेश्वर के स्वभाव में मुख्यतः धार्मिकता, क्रोध, भव्यता, न्याय और शाप शामिल हैं, और वह मनुष्य को प्राथमिक रूप से न्याय द्वारा पूर्ण बनाता है" (वचन, खंड 1, परमेश्वर
- [एक छोटी-सी बात से सीखा सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lesson-learned-from-small-matter.html) - कुछ समय पहले, एक समूह अगुआ, बहन ली ने वांग मेई को सिंचन कर्मी बनाया। मुझे वांग मेई की इंसानियत ठीक नहीं लगती थी। वह हमेशा अपने काम में लापरवाह रहती थी, परमेश्वर के घर के कार्य की रक्षा नहीं करती थी। मैं फौरन बहन ली से वांग मेई के बारे में उसका आकलन पूछने
- [नकारात्मकता फैलाने का विश्लेषण](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/dissecting-the-spreading-of-negativity.html) - पिछले दिसंबर में एक दिन, बैठक के बाद, मेरी अगुआ ने बताया कि चेन लिन को हटा दिया गया है, क्योंकि वो अक्सर थके होने की बात करती, ढीली पड़ जाती, और कीमत नहीं चुकाना चाहती थी, उसके सारे के सारे काम बेनतीजा थे। उसमें अच्छी इंसानियत नहीं थी, वो भाई-बहनों में नकारात्मकता फैलाती थी
- [अब मैंने मिल-जुलकर कर्तव्य निभाना सीख लिया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/now-i-know-how-to-collaborate-in-my-duty.html) - यह नवंबर 2019 की बात है, मैं बहन झाऊ के साथ अगुआ का कर्तव्य निभा रही थी। सभी काम अच्छे से और समय पर पूरे करने के लिए, बड़े अगुआओं ने काम की जिम्मेदारियां हम दोनों के बीच बाँट दी। मेरा काम मुख्य रूप से नए सदस्यों का सिंचन करना था, जबकि बहन झाऊ के
- [सुसमाचार के प्रचार का मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-pathway-of-evangelism.html) - मुझे याद है जब मैं पहली बार सुसमाचार साझा करना सीख रहा था, मैं हुबेई में ग्रेज प्रेज़ कलीसिया के सदस्य भाई शू से मिला। जल्दी ही, हमने प्रभु के आगमन के बारे में बातें करनी शुरू कर दी। उन्होंने कहा, उनके अगुआ हमेशा यही कहते थे कि साल 2000 में प्रभु एक बादल पर
- [बदला लेने के बाद आई जागृति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-awakening-after-exacting-revenge.html) - मैं कुछ समय से एक कलीसिया में अगुआ का काम कर रही थी। सुसमाचार उपयाजक, बहन झांग पर एक कर्तव्य का भार था, और वह इसे लेकर अति सक्रिय रहती थी। पर वह बड़ी बेबाक थी और तीखी जुबान बोलती थी। कभी-कभी वह मुझमें कुछ समस्याएं देखती तो सीधे बोल देती। उसने कहा कि मैं
- [डींगें मारने से सीखे सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-boasting.html) - मई 2021 में, जिन कलीसियाओं का दायित्व मुझ पर था, उनमें चुनाव थे। सभाओं में, भाई-बहनों ने चुनाव से जुड़े कई मुद्दे उठाए, और परमेश्वर के सहारे मैंने उन सबका समाधान किया। चुनाव सुचारू रूप से संपन्न हो गए। अकेले अपने दम पर चुनाव करवाने पर मुझे बहुत खुशी हुई। मुझे लगा मेरे अंदर काफी
- [सत्य का अभ्यास करके हो जाओ आजाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/set-free-by-practicing-truth.html) - अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करने के एक महीने बाद, हमारी कलीसिया के अगुआ झांग लिन ने मेरे उत्साह को देखते हुए मुझे एक समूह का अगुआ बना दिया। उस वक्त मुझे ये जानकर बहुत खुशी हुई कि कलीसिया में एक महीने के बाद ही मुझे अगुआ का पद मिल गया।
- [स्वर्गिक राज्य के मार्ग पर चलने से मुझे कौन रोकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/stumbling-blocks-on-path-to-God-s-kingdom-2.html) - अगस्त 2020 में, एक बहन ने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की ऑनलाइन सभा में बुलाया। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़कर, खोज और जांच करके मुझे यकीन हो गया कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन परमेश्वर की वाणी हैं और सर्वशक्तिमान परमेश्वर लौटा हुआ प्रभु यीशु है। मैं बहुत प्रेरित और उत्साहित था। मेरे भाई भी
- [परमेश्वर का नाम वाकई रहस्यमयी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-name-is-truly-mysterious.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "प्रत्येक युग में परमेश्वर नया कार्य करता है और उसे एक नए नाम से बुलाया जाता है; वह भिन्न-भिन्न युगों में एक ही कार्य कैसे कर सकता है? वह पुराने से कैसे चिपका रह सकता है? यीशु का नाम छुटकारे के कार्य के वास्ते लिया गया था, तो क्या जब वह
- [सच्चा मार्ग स्वीकारने में इतनी बाधाएँ क्यों आती हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-obstacles-to-accepting-true-way.html) - 2008 में, मैंने और माँ ने प्रभु में आस्था रखनी शुरू की, और उसके बाद से ही मैं स्थानीय कलीसिया की सभाओं में जाने लगी। आगे चलकर, मैं कलीसिया की उपयाजक बन गई। जब भी हमारी सभा होती, मैं परमेश्वर के ज्यादा से ज्यादा वचन पढ़कर परमेश्वर की इच्छा को बेहतर समझने की कोशिश करती,
- [सच्चे मार्ग की जाँच-पड़ताल करते समय मैंने क्या अनुभव किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-gains-from-seeking-true-way.html) - फ़्लॉरेन्स, इंडोनेशिया बचपन से ही मैं अपने माता-पिता की तरह ही प्रभु में विश्वास रखने लगी थी। बाद में, मैं एक शिक्षक बन गई, और ईसाई और नैतिक शिक्षा के पाठ्यक्रम पढ़ाने लगी। अब मैं उत्तर सुमात्रा में एक पब्लिक सेकंडरी स्कूल में पढ़ाती हूँ। मार्च 2020 में एक रात, मैं यूट्यूब देख रही थी,
- [मेरा प्रभु के साथ पुनर्मिलन हुआ है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reunited-with-the-Lord.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं : "अंत के दिनों का मसीह जीवन लेकर आता है, और सत्य का स्थायी और शाश्वत मार्ग लेकर आता है। यह सत्य वह मार्ग है जिसके द्वारा मनुष्य जीवन प्राप्त करता है, और यह एकमात्र मार्ग है जिसके द्वारा मनुष्य परमेश्वर को जानेगा और परमेश्वर द्वारा स्वीकृत किया जाएगा। यदि तुम
- [मेमने के पदचिह्नों पर चलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/following-the-footsteps-of-the-Lamb.html) - "चूँकि मनुष्य परमेश्वर में विश्वास करता है, इसलिए उसे परमेश्वर के पदचिह्नों का, कदम-दर-कदम, निकट से अनुसरण करना चाहिए; और उसे 'जहाँ कहीं मेमना जाता है, उसका अनुसरण करना' चाहिए। केवल ऐसे लोग ही सच्चे मार्ग को खोजते हैं, केवल ऐसे लोग ही पवित्र आत्मा के कार्य को जानते हैं। जो लोग शाब्दिक अर्थों और
- [मैं परमेश्वर के सामने स्वर्गारोहित हो चुका हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/have-been-raptured-before-God.html) - 20 साल की उम्र में, मुझे बपतिस्मा कर मेरा रुझान प्रभु यीशु की तरफ कर दिया गया। प्रभु यीशु के प्रेम और उसकी शिक्षाओं के बारे में पादरी के धर्मोपदेशों ने मेरे दिल में खुशनुमा जगह बना ली, कलीसिया के मेरे सभी भाई-बहन एक-दूसरे के लिये बहुत मददगार थे, इसलिए उस कलीसिया में जाने में
- [दूसरों को बेबस करने पर सोच-विचार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-constraining-others.html) - कुछ साल पहले, मैं कलीसिया में गीत लिखने का अभ्यास कर रही थी। इस काम पर और सिद्धांतों पर मेरी पकड़ बढ़ने से बेहतर नतीजे मिलने लगे। समय बीतने के साथ लोग मेरे बारे में अच्छा सोचने लगे। गीत लिखने में दिक्कत होते ही वे मुझसे राय लेने आ जाते। अमूमन हर कोई मेरी राय
- [अपने कर्तव्य से कतराकर मैं किस चीज से बच रहा था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-was-avoiding-by-shirking-duty.html) - तुम्हें पता ही है, मैं कुछ समूह सभाओं का प्रभारी हुआ करता था। लगता था कि मैं इसी काम के लिए बना हूँ, जब भी भाई-बहनों को समस्याएँ होतीं, वे हमेशा मेरे पास मदद माँगने आते। कुछ तो यह भी कहते कि समस्याओं पर मेरी सटीक पकड़ है, और मैं स्पष्ट संगति करता हूँ, इसलिए
- [मैं हमेशा भावनाओं में बहकर काम क्यों करती हूँ?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-always-act-out-of-emotion.html) - कुछ समय पहले, मेरे निरीक्षक ने बहन शियांग झेन को हमारे साथ वीडियो बनाने का काम सौंपा। शियांग झेन काफी मिलनसार है, जब हम पहली बार मिले थे तभी से मैंने उसके साथ एक निकटता महसूस की। वह उम्र में मुझसे थोड़ी बड़ी थी और एक बड़ी बहन की तरह ही मेरा ख्याल रखती थी।
- [मूल्यांकन लिखने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-writing-an-evaluation.html) - पिछले अप्रैल, मैं कलीसिया के पाठ्य सामग्री कार्य की प्रभारी थी। एक दिन मुझे उच्च अगुआ का पत्र मिला कि मैं अगुआ लियु ली का मूल्यांकन लिखकर तीन दिन में भेज दूँ। मैं अंदाजा लगाने लगी : मुझे लियु ली का मूल्यांकन लिखने को कहा गया है, तो शायद व्यावहारिक कार्य न करने के कारण
- [मैं फिर कभी अपनी मंजिल को तरजीह नहीं दूँगा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/never-again-put-my-destination-first.html) - पिछली बार जो किरदार निभाया था, उसकी भावनात्मक स्थिति पर मैंने पूरा काम नहीं किया था या उसके व्यक्तित्व को ठीक से पकड़ नहीं पाया था। बस अपनी समझ के मुताबिक निभा दिया। सतही तौर पर तो मैंने निर्देशक की सलाह मान ली, लेकिन अंदर ही अंदर उस पर अपने तरीके से सोचता रहा। नतीजतन,
- [जब मैंने अपना डर दूर किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/letting-my-guard-down.html) - कुछ समय पहले, कलीसिया के फिल्मांकन कार्य के लिए हमें कुछ चित्र बनाने थे। मेरे सहयोगी भाई साइमन ने एक चित्र बनाकर समीक्षा के लिए दिया। अगुआ ने चित्र को काफी कच्चा बताकर उसमें कमियाँ निकालीं और इसके लिए साफ तौर पर साइमन के अनमने और लापरवाह रवैये को दोष दिया। बाद में मैंने इस
- [जिन्हें आप काम पर रखते हैं उन पर कभी संदेह न करने के नतीजे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-comes-of-never-doubting-people-you-employ.html) - पिछले साल, मैं कलीसिया के सिंचन और सुसमाचार कार्य की सुपरवाइजर थी। चूंकि यह मेरी शुरुआत थी, मुझे काम के बारे में बहुत-सी बातें मालूम नहीं थीं, तो मैंने उन टीम अगुआओं पर काफी भरोसा किया। मैंने सोचा कि वे अपने काम में निपुण और हर मामले में मुझसे बेहतर होंगे, तो मुझे उनसे सीखना
- [मुझे गलतियाँ करने से डर क्यों लगता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-worry-about-making-mistakes.html) - कलीसिया के लिए आर्ट डिजाइन का काम करते हुए, शुरुआत में मुझे कुछ मुश्किलें हुईं लेकिन परमेश्वर पर भरोसा करने और भाई-बहनों के सहयोग से मेरा प्रदर्शन सुधर गया। बाद में मुझे बताया गया कि बहन लीसा का तबादला कर दिया गया है क्योंकि उसके डिजाइन बहुत गड़बड़ होते थे और अक्सर दोबारा बनाने पड़ते
- [स्टाफ-समायोजन ने मुझे उजागर कर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/facing-staff-adjustments-revealed-me.html) - मार्च 2021 में मैं कलीसिया के सुसमाचार-कार्य की प्रभारी थी। मैंने अगुआ को अपनी जिम्मेदारियों के व्यापक दायरे और सुसमाचार-कर्मियों की कमी की रिपोर्ट दी, तो उसने मदद के लिए बहन लियू शाओ को भेज दिया। लियू शाओ अगुआ रह चुकी थी, उसके साथ कुछ समय बिताकर मैंने पाया कि वह परमेश्वर के वचनों द्वारा
- [जब ओहदे को पाने की इच्छा बढ़ने लगती है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-desire-for-status-acts-up.html) - जुलाई 2020 में, मैं भाई झाओ झिजियान और बहन ली म्यूकज़िन के साथ सिंचाई का काम संभाल रही थी। उनका प्रशिक्षण अभी-अभी शुरू हुआ था, इसलिए मैंने उन्हें सिद्धांतों को समझने और जल्द से जल्द काम से परिचित होने में मदद की, कुछ समझ न आने पर वे मुझसे पूछ लिया करते थे। कुछ समय
- [स्कूल में सुसमाचार सुनाने का मेरा अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/experience-sharing-gospel-in-a-school.html) - जोना, म्यांमार मैं उत्तरी म्यांमार के एक साधारण परिवार में जन्मा। दिसंबर 2018 में, मैंने अंत के दिनों का सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य स्वीकार किया और पढ़ाई के दौरान सभाओं में जाने लगा। 2021 में ग्रेजुएट होने के बाद मुझे सुदूर पहाड़ी इलाके में पढ़ाने का काम सौंपा गया। मैं शिक्षक होने के साथ-साथ एक
- [अपने ही पिता की "कैदी"](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/incarcerated-by-my-own-father.html) - साल 2020 की गर्मियों में। जब मैंने और मेरी बहन अल्बीना ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का एक वीडियो देखा जिसका नाम था स्वप्न से जागृति। इस वीडियो में कहा गया था कि प्रभु यीशु लौट आया है। हमारी उत्सुकता बढ़ी, तो हमने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप डाउनलोड किया और कलीसिया के भाई-बहनों
- [अब मैं असली मसीह को झूठे मसीहों से अलग पहचान सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/discern-true-Christ-from-false-Christs.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "देहधारी हुए परमेश्वर को मसीह कहा जाता है, और इसलिए वह मसीह जो लोगों को सत्य दे सकता है परमेश्वर कहलाता है। इसमें कुछ भी अतिशयोक्ति नहीं है, क्योंकि वह परमेश्वर का सार धारण करता है, और अपने कार्य में परमेश्वर का स्वभाव और बुद्धि धारण करता है, जो मनुष्य के
- [परमेश्वर को लेकर मेरी गलतफहमियाँ आखिर दूर हो गईं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/free-of-misunderstandings-of-God.html) - 2019 में, मैं कलीसिया अगुआ थी। अपनी जिम्मेदारियों को अनदेखा करने, नाम और रुतबे के पीछे भागने, अपनी साथी से ईर्ष्या करने, उसका सहयोग न करने, और साथ मिलकर काम न करने के कारण हमारे काम पर बहुत बुरा असर पड़ा। अगुआ ने मेरा निपटान किया, कई बार मेरी मदद करने की कोशिश की, पर
- [धार्मिक संसार हमेशा क्यों इतने पागलपन के साथ परमेश्वर के नए कार्य का विरोध निंदा करता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/religious-world-always-frantically-resisting-god.html) - दो बार जब धरती पर चलने और मानव को बचाने का कार्य पूरा करने के लिए परमेश्वर ने देह धरी है, उन्हें धार्मिक दुनिया के अग्रणियों के अत्यधिक विरोध, तिरस्कार और उन्मादी निंदा का सामना करना पड़ा है, यह एक ऐसा सत्य जिससे लोग उलझन और संक्षोभ में पड़े है: ऐसा क्यों है कि हर
- [लापरवाही से काम करने की असली वजह](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/whats-really-behind-careless-work.html) - कुछ समय पहले, मेरे बनाये वीडियो की समीक्षा करने वाली बहन ने बताया कि उनकी क्वालिटी अच्छी नहीं थी, उनमें बहुत सी गड़बड़ियाँ थीं। उन्होंने कहा कि अगर मैं वीडियो बनाते समय और ध्यान लगाऊँ तो वे गलतियाँ नहीं करूँगी, फिर बाद में उन्हें ठीक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने मुझे काम करते समय
- [एक ऐसी पीड़ा जिससे छुटकारा नहीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-inescapable-pain.html) - जब मैं 47 साल का हुआ तो मेरी आंखों की रोशनी तेजी से कम होने लगी। डॉक्टर ने कहा कि अगर मैंने अपनी आंखों की देखभाल नहीं की तो धीरे-धीरे मेरी आंखों की रोशनी चली जाएगी, इसलिए मुझे काम बंद कर घर बैठना पड़ा। भविष्य अंधकारमय दिखने लगा, जैसे मेरे जीवन से प्रकाश गायब हो
- [एक पादरी का असली रूप](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-pastors-true-colors.html) - मैं अपनी पुरानी कलीसिया में पादरी ली का वाकई आदर करती थी। उन्होंने अपना परिवार और केरियर छोड़ दिया, प्रभु के लिए काम करने की खातिर वे सब जगह घूमे। मुझे लगा कि वे वाकई बहुत धर्मनिष्ठ और नेक सेवक हैं। मैं उनके आने-जाने का खर्च उठाकर उनकी मदद करती, मेरे पति और मैं उन्हें
- [अपने कर्तव्य में बैकअप योजनाओं के लिए साजिश मत रचो](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/dont-scheme-for-backup-plans-in-duty.html) - मैंने चार साल तक कलीसिया के बहुत-से वीडियो के लिए संगीत तैयार किया। कलीसिया के काम की जरूरतों के कारण, कुछ भाई-बहनों का अक्सर तबादला कर दिया जाता था, कुछ को योग्यता की कमी के कारण दूसरे कर्तव्य सौंप दिए जाते थे। मुझे लगा यह अस्थायी काम था। मैं सोचती थी, "अगर किसी दिन मेरा
- [मैं अपने विचार साझा करने का साहस क्यों नहीं करती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-dont-dare-share-my-views.html) - पिछले साल मार्च में मुझे एक कलीसिया में सुपरवाइजर का काम सौंपा गया। मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था क्योंकि मुझे लगा कि सुपरवाइजर चुने जाने का मतलब था कि सारी टीमों में मेरा काम सबसे अच्छा था और मैं दूसरों से कहीं बेहतर थी। मैंने मन ही मन शपथ भी ली कि आगे
- [निपटान को ठुकराने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-rejecting-being-dealt-with.html) - साल 2021 में, मुझे ली शाओ के साथ नए सदस्यों के सिंचन का काम सौंपा गया। पहले, मुझे काम की जानकारी नहीं थी, ली शाओ धैर्य से मेरी मदद करती थी, कर्तव्य के सिद्धांतों और अपेक्षाओं के बारे में बताती थी। कुछ समय बाद, धीरे-धीरे मुझे चीजों की जानकारी होने लगी, तो जब वह कुछ
- [प्रतिस्पर्धा कष्ट को जन्म देती है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/competition-begets-suffering.html) - अप्रैल 2021 में, कलीसिया ने मेरे और चेन शी के लिए मिलकर सिंचन कार्य करने की व्यवस्था की। जब मैंने यह खबर सुनी तो थोड़ी दुखी हो गई। चेन शी काबिल थी और सत्य पर स्पष्ट सहभागिता करती थी। मुझे डर था कि थोड़े ही अभ्यास से वह मुझसे बेहतर प्रदर्शन करने लगेगी। पहले मैं
- [स्नेह, सिद्धांतों के आड़े नहीं आना चाहिये](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/affections-mustnt-come-before-principles.html) - करीब छह महीने पहले, रूथी और मैं एक समूह में अपना कर्तव्य निभा रहे थे। रूथी समझदार, अच्छी काबिलियत वाली और बहुत कुशल थी। समूह में उसे काफी अहमियत दी जाती थी। लेकिन मुझसे तो, चाहे कैसे भी देखें, हमेशा कमी रह जाती थी। मैं अक्सर अपने कर्तव्य में असफल रहती और बेनकाब हो जाती
- [हमारे परिवार को किसने तोड़ा?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/who-caused-our-familys-destruction.html) - मेरे पति और मैं एक ही गाँव में बड़े हुए, बचपन से ही हमें अपने माता-पिता के साथ प्रभु यीशु में विश्वास था। शादी के बाद, मैंने एक दवाखाना खोला, और वे एक टीवी रिपोर्टर का काम करने लगे। हमारे दो प्यारे-प्यारे बच्चे थे, हमारा जीवन खुशहाल और सुकून-भरा था। 2008 के आखिरी महीनों में,
- [निपटे जाने के बाद आया बदलाव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/transformation-after-being-dealt-with.html) - पिछले मार्च में, मैंने कलीसिया के वीडियो बनाने का काम संभाला। नया काम होने के कारण मैं कई सिद्धांतों को पूरी तरह नहीं समझता था, इसलिए मैं हर रोज परेशान रहता, इस बात से भयभीत कि कोई बड़ी अनदेखी न कर बैठूँ जिससे काम में देरी हो जाए। अपने काम के लिए हर पल प्रार्थना
- [सलाह मानना इतना मुश्किल क्यों है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-is-taking-advice-so-hard.html) - जून 2021 में, मैं कलीसिया में नए सदस्यों का सिंचन करती थी। भाई जेरेमी हमारे कामकाज की देखरेख करते थे। वे आमतौर पर मुझसे मेरे कर्तव्य की समस्याओं या मुश्किलों के बारे में पूछा करते, मेरा मार्गदर्शन करते कि नए विश्वासियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं कैसे दूर करें। कभी-कभार मेरे काम में त्रुटियाँ
- [मैं अपने कर्तव्य में हमेशा इतनी सतर्क क्यों रहती हूँ?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-overly-cautious-in-my-duty.html) - मार्च 2021 में, मैं कलीसिया में ग्राफिक डिजाइनर का काम कर रही थी। मैं अपने कर्तव्य में अहंकारी थी, दूसरों के साथ मिलकर काम नहीं करती थी, मैंने काम में रुकावट डाली, तो मुझे बर्खास्त कर दिया गया। दो महीने बाद, एक सुपरवाइजर ने फिर से मुझे तस्वीरें बनाने का काम सौंपा। मुझे बड़ी खुशी
- [निकाले जाने से पहले का आत्मचिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-before-being-expelled.html) - 2014 में, मैं कलीसिया में वीडियो बनाने का काम करती थी। जल्दी ही, मुझे समूह अगुआ बना दिया गया। अच्छे वीडियो बनाने के लिए मैं सिद्धांतों पर विचार कर, प्रार्थना और खोज करती थी, हर शॉट के प्रति गंभीर थी। कुछ समय बाद, मेरे बनाए ज्यादातर वीडियो इस्तेमाल के लिए चुने गए, भाई-बहन मुझे प्रशंसा
- [मैं लगभग एक मसीह-विरोधी के साथ खड़ी हो गई थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-nearly-stood-on-side-of-antichrist.html) - अगस्त 2021 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। तीन महीने बाद, मारजोरी और मुझे, दोनों को कलीसिया अगुआ चुना गया। मारजोरी ने मुझसे तीन महीने पहले परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा था, और एक ही कलीसिया में न होने के बावजूद, हम सहकर्मियों की सभाओं में एक
- [सुसमाचार साझा करने के लिए सही सोच](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/right-mindset-for-sharing-gospel.html) - एक बार, एक भाई ने मुझसे कहा कि उनकी छोटी बहन ली पिंग बचपन से ही एक विश्वासी रही, और वर्षों से प्रभु के लिए पूरे जोश से काम करती रही, उसकी आस्था सच्ची थी। वे चाहते थे कि मैं उसके साथ सुसमाचार साझा करूँ। मैं खुशी-खुशी राजी हो गई। लेकिन मैंने जब ली पिंग
- [समस्या की रिपोर्ट करने को लेकर आशंकाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/misgivings-over-reporting-an-issue.html) - सितंबर 2021 में, मैं कलीसिया में सुसमाचार साझा कर रहा था। थोड़े समय बाद, मुझे एहसास हुआ कि सुसमाचार-कार्य की निरीक्षक अपने कर्तव्य में कोई दायित्व नहीं उठा रही, और उसने काफी समय से हमसे यह नहीं पूछा कि हमारा काम कैसा चल रहा है। हर बार जब वह आती थी, तो बस बेमन से
- [विफलता से मैंने क्या सीखा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learned-from-a-setback.html) - 2014 में, मैंने कलीसिया के लिए वीडियो निर्माता के रूप में प्रशिक्षण लिया। उस समय, एक नए वीडियो का निर्माण शुरू हुआ। तैयारी के चरण के दौरान, कुछ कार्य और तकनीकें ऐसी भी थीं जिनसे मैं अब तक ज्यादा परिचित नहीं था। कठिनाइयाँ आने पर, मैं सिद्धांतों पर दूसरों के साथ संगति करता और समाधान
- [जब मुझे सुसमाचार के प्रचार में मुश्किलें आईं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/facing-difficulties-in-gospel-sharing.html) - 2020 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। प्रभु की वापसी का स्वागत कर पाना मेरे लिए बड़ा आशीष था। यह बेहद अहम खुशखबरी फैलाने के लिए मैंने सुसमाचार का प्रचार शुरू कर दिया, ताकि और ज्यादा लोग परमेश्वर की वाणी सुनकर उसके पास लौट आएँ। लेकिन फरवरी 2022 में म्यांमार
- [निपटे जाने के बाद आई जागृति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/awakening-after-being-dealt-with.html) - 2020 के अंत में, मैंने कलीसिया में नवागतों के सिंचन की जिम्मेदारी ली। पहले तो उनकी संख्या कम थी, इसलिए जब वे अपनी समस्याएँ लेकर मेरे पास आते तो मैं उन्हें सुलझाने में भरसक मदद करती। अगर मैं खुद हल न कर पाती, तो अगुआ से पूछती। डरती कि उनका सिंचन ठीक न हुआ, तो
- [आवाज उठाने में नाकाम रहने के पीछे की वजह](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-failing-to-speak-up.html) - 2021 में, केटी को अगुआ चुना गया, और हम साथ मिलकर कलीसिया के काम का निरीक्षण करते थे। कुछ समय के बाद मैंने देखा कि केटी को अकेले काम करना पसंद था। पाठ्य सामग्री का काम उसकी मुख्य जिम्मेदारी थी, उसमें व्यस्त रहने के अलावा वह हम सभी से काम के बारे में शायद ही
- [दिखावे के लिए कर्तव्य निभाने के नतीजे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-doing-duty-for-show.html) - 2021 में, मैं कई कलीसियाओं के काम की प्रभारी थी। वे हाल ही में स्थापित की गई थीं और उनका सारा काम शुरुआती चरण में था। हमारी ऊपरी अगुआ अक्सर काम निर्देशित करने के लिए आती थीं और समस्या होने पर समय से संगति करती थीं। वे खासकर सुसमाचार-कार्य के बारे में बहुत पूछती थीं।
- [निपटान होने से मैंने क्या पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-reaped-from-being-dealt-with.html) - 2020 के अंत में एक दिन, एक उच्च अगुआ ने देखा कि मेरे प्रभार-क्षेत्र की एक कलीसिया में, दर्जनों नए सदस्य नियमित रूप से सभाओं में नहीं आते थे। उन्होंने यह कहकर मेरा निपटान किया, "इन नए सदस्यों ने हाल में सच्चे मार्ग को स्वीकारा है, वे बहुत-सी बाधाओं और प्रलोभनों का सामना करते हैं।
- [अपने ही परिवार की कैदी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-prisoner-of-my-own-family.html) - 2019 में मैंने परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। परमेश्वर के वचन पढ़कर मैंने जाना कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर मानव-जाति को बचाने के कार्य के तीन चरणों का आंतरिक सत्य, परमेश्वर के देहधारण का रहस्य, न्याय के कार्य का अर्थ बताता है, और यह कि शैतान कैसे लोगों को भ्रष्ट करता है, परमेश्वर
- [झूठे मसीहों को लेकर सतर्क रहने से मैंने ये सबक सीखे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/against-false-christs-cant-greet-Lord.html) - मैं एक गृह कलीसिया में सहकर्मी था। सन 2000 में एक दिन उच्च-स्तरीय अगुआओं ने सहकर्मियों की बैठक बुलाई। उन्होंने कहा, "अंत के दिनों में झूठे मसीह लोगों को धोखा देने आए हैं। कुछ चमकती पूर्वी बिजली का प्रचार कर रहे हैं, उनका उपदेश बहुत ऊँचे दर्जे का लगता है। वे यह भी कहते हैं
- [मसीह-विरोधी स्वभाव के बारे में मेरा थोड़ा ज्ञान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/knowledge-of-antichrist-dispositions.html) - मैं 2021 में कलीसिया-अगुआ चुनी गई। कुछ समय तक, मुझे अपने सिंचन-कार्य में परेशानी हो रही थी। कुछ सिंचन-कर्मी नियमित रूप से सभाओं में नहीं आ रहे थे, और जब वे आते भी, तो शायद ही कभी संगति करते। मुझे समझ नहीं आया कि यह समस्या कैसे सुलझाऊँ, तो मैंने यह कठिनाई एक अगुआ, बहन
- [नए विश्वासियों के सिंचन से सीखा एक सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learned-from-watering-newcomers.html) - इस साल जनवरी में, मैं कलीसिया में नए सदस्यों का सिंचन कर रही थी। दो नए सदस्यों, बहन लियू और उनके पति की जिम्मेदारी मुझ पर थी। सुपरवाइजर ने मुझे बताया कि बहन लियू के पति ने हाल ही में अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य की जांच शुरू की थी, केवल कुछ ही
- [मैंने कार्य के निरीक्षण की हिम्मत क्यों नहीं की](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-didnt-dare-supervise-work.html) - दो साल पहले, जब मैंने कलीसिया अगुआ के रूप में काम करना शुरू किया, उस समय मेरे कई साथी मुझसे भी पुराने विश्वासी थे। मुझे लगा वे मुझसे ज्यादा अनुभवी हैं और सत्य की अधिक समझ रखते हैं, तो मैं कलीसिया के काम के बारे में उनसे ज्यादा पूछताछ नहीं करती थी। मुझे डर था
- [परमेश्वर के वचनों के जरिए लोगों को देखना ही सही है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/view-people-by-God-s-word-is-accurate.html) - इस साल मार्च में एक दिन, मैंने अचानक सुना कि कलीसिया ने मेरी बड़ी बहन को आत्मचिंतन के लिए अलग कर दिया है। मेरा दिल रुक-सा गया। मुझे विश्वास नहीं हुआ। जब से मैंने परमेश्वर में विश्वास रखा, तभी से मेरी बड़ी बहन मेरी आदर्श रही है, मैं उसकी प्रशंसा और सम्मान करती थी। मुझे
- [सावधान! मसीह-विरोधी आपके इर्द-गिर्द हैं!](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/antichrists-are-around-you.html) - मार्च 2021 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के बहुत-से वचन पढ़े, भाई-बहनों के साथ अक्सर सभा की, और जल्द ही मैं एक समूह अगुआ बन गई। कलीसिया में, क्लॉडिया से मेरी मुलाकात हुई। उसने मुझे बताया कि उसे सर्वशक्तिमान परमेश्वर में डेढ़ साल से आस्था थी,
- [क्या आशीषों के पीछे भागना परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-pursuing-blessings-God-s-will.html) - 2018 में, मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकारने का सौभाग्य मिला। बहुत उत्साहित था कि मुझे प्रभु के लौट आने के स्वागत का मौका मिला था। जल्दी ही, मैं सुसमाचार साझा करना सीखने लगा, मगर अक्सर दिन भर काम कर रात में थके हुए घर लौटने के कारण, कर्तव्य पर
- [एक विश्वासी द्वारा बुढ़ापे में झेली गई कठिनाइयाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/difficulties-in-his-senior-years.html) - 2007 की शरद ऋतु में, मैंने और मेरी पत्नी ने अंत के दिनों का ईश-कार्य स्वीकारा। हम रोज परमेश्वर के वचन पढ़ते, सभाओं में जाते, भाई-बहनों के साथ अपने कर्तव्य निभाते, पूर्ण जीवन का आनंद लेते थे। हम परमेश्वर के बहुत आभारी थे। पहले हमारा बेटा और बहू हमारी आस्था का समर्थन करते थे। लेकिन
- [एक "चुराया हुआ" आशीष](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-stolen-blessing.html) - मार्च 2012 की बात है। पता नहीं यह किस दिन शुरू हुआ, लेकिन मैंने देखा कि हर रात खाने के बाद मेरी पत्नी जल्दी से नित्यकर्म निपटाकर, कोई किताब पढ़ने बेडरूम में चली जाती। ऐसा एक दिन हुआ, फिर अगले दिन ... फिर होता ही रहा। मुझे बड़ी जिज्ञासा थी। वह कौन-सी किताब पढ़ रही
- [उत्पीड़न और कष्टों के बीच प्रबोधन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/awakening-amidst-suffering.html) - —17 बरस के ईसाई बालक का उत्पीड़न का सच्चा अनुभव लेखक वांग ताओ, शैन्डॉन्ग प्रांत मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ईसाई हूँ। अपनी उम्र के बच्चों के बीच मैं सबसे अधिक भाग्यशाली था, क्योंकि मैंने आठ वर्ष की उम्र से ही अपने माता-पिता के साथ सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार
- [परमेश्वर मेरे साथ है: निराशा के बीच एक चमत्कार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-power-of-prayer.html) - नायिका के पति के साथ एक गंभीर कार दुर्घटना हो जाती है, और उसके हालात गंभीर बने रहते हैं। फिर उसे न केवल अपने पति को खोने के दर्द का सामना करना पड़ता है, बल्कि उसे पैसे उधार लेने और अपने कर्ज का भुगतान करने के दबाव को भी सहना पड़ता है। इस दुर्घटना के दौरान, वह परमेश्वर से प्रार्थना करती है, उन पर भरोसा करती है और उनके वचनों के मार्गदर्शन से वह विश्वास और शक्ति पाती है, और अपनी निराशा के बीच एक चमत्कार देखती है।
- [सत्य के अनुसरण ने मुझे बदल दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pursuing-the-truth-changed-me.html) - मई 2018 में मैंने सेना में भर्ती होने के लिए घर छोड़ा। सेना में जब नायक आदेश देता, तो निचले रैंक आज्ञाकारी ढंग से वही करते, जो उन्हें कहा जाता। निगरानी करते वक्त नायक हमें दनादन आदेश देतीं, जिन्हें मानना होता। मैं उनकी बेहद प्रशंसक थी। महिला सैनिकों की सर्वोच्च नायक के पास पैसा और
- [मैं इतनी अहंकारी और दंभी क्यों बन गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-became-so-arrogant.html) - 2017 में कलीसिया ने मुझे विदेशी नवागतों के सिंचन का काम सौंपा। विदेशी भाषा में महारत हासिल होने और पहले भी नवागतों का सिंचन कर चुकने के कारण मुझे यह काम ज्यादा मुश्किल नहीं लगा। मगर मैं जानती थी कि परमेश्वर के घर में सिर्फ विशेष कौशल होने से कर्तव्य नहीं निभाया जा सकता। इसके
- [दूसरों की सराहना पाने के चक्कर ने मुझे कहाँ पहुँचा दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-gained-from-being-admired.html) - पिछले साल अक्तूबर में, कर्तव्य निभाने मैं एक कलीसिया गई। कलीसिया अगुआ बहन लियाँग ने पहले मुझे कुछ सभा समूहों की अगुआई करने को कहा। हर सभा के बाद, मैं हमेशा बहन लियाँग से खुल कर उन सवालों के बारे में पूछती, जिन्हें मैं नहीं समझ पाई थी, और बहन लियाँग सब्र से मुझसे संगति
- [सिद्धांत की बातों से मेरी बदसूरती उजागर हुई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/speaking-of-doctrine-exposed-ugliness.html) - जुलाई 2019 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। सभाओं में परमेश्वर के वचनों पर अगुआ बहुत बढ़िया संगति करते थे, और भाई-बहन "आमीन" कहकर हामी में सिर हिलाते थे। मुझे जलन होती थी, लगता था, परमेश्वर के वचनों पर अच्छी संगति करने का अर्थ है हमारे पास सत्य की वास्तविकता
- [सत्य के अभ्यास की मिठास का स्वाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/tasting-sweetness-of-practicing-truth.html) - मार्च 2021 में मेरी अगुआ ने मुझे एक कलीसिया के सुसमाचार-कार्य की जिम्मेदारी दी। खबर सुनने के बाद मैंने मन ही मन सोचा, "उस कलीसिया में सुसमाचार-कार्य हमेशा ही फीका रहा है। वहाँ कई निरीक्षक लगाए गए, लेकिन कभी काम ठीक से नहीं हो पाया। अगुआ चाहती हैं कि मुझ जैसी नौसिखिया, जो कभी सुसमाचार-कार्य
- [मैं दूसरों से सहयोग करने से मना क्यों करती थी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-cant-work-well-with-others.html) - सुसमाचार कार्य की जिम्मेदारी संभालने के लिए कलीसिया में चुनाव था। भाई-बहनों ने जब मुझे चुना तो यह देखकर मैं हैरान रह गई। मैं काफी खुश थी। मुझे लगा, चुने जाने का मतलब है कि मुझमें काबिलियत है, मैं औरों से अधिक सक्षम हूँ। मैं थोड़ी घबराई भी थी, अगर अच्छा काम नहीं किया तो
- [निगरानी स्वीकार कर मुझे कैसे मदद मिली](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-accepting-supervision-helped-me.html) - मेरे पास दो टीमों के सुसमाचार कार्य की जिम्मेदारी थी। कुछ समय पहले, कुछ अन्य भाई-बहनों को व्यावहारिक काम न करने और हमेशा अपने कर्तव्य में लापरवाही के लिए बर्खास्त किया गया था। मुझे थोड़ी घबराहट हो रही थी। मैं सोच रही थी कि मुझे पक्के तौर पर वास्तविक काम करना और व्यावहारिक मसले हल
- [एक बाध्यकारी कर्तव्य](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-bounden-duty.html) - सितंबर 2020 में मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किया। उसके बाद मैं अक्सर सभाओं में जाने लगी, और कोई बात समझ में न आती तो भाई-बहनों से पूछ लेती। मैं परमेश्वर के वचनों की अपनी समझ को लेकर भी बढ़-चढ़कर संगति करती और दूसरों को भी संगति करने के
- [घमंडी स्वभाव के नतीजे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-arrogant-disposition.html) - 2006 में मैं हाई स्कूल का ही छात्र था। बाइबल पढ़ते समय, शिक्षक मुझसे अक्सर शुरुआती टिप्पणी देकर उपदेश देनेवाले पादरी का परिचय देने को कहते। वे कहते कि मेरी आवाज अच्छी और ऊँची है, मेरे बहुत-से सहपाठियों की आँखों में मेरे लिए सराहना होती, और मैं सोचता कि बाकियों से बेहतर हूँ। कॉलेज में,
- [किसी इंसान में अंधा भरोसा होने के नतीजे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-blind-trust-in-a-person.html) - नवंबर 2020 में, कुछ भाई-बहनों ने मेरी साझीदार बहन वांग पर व्यावहारिक कार्य न करने और एक झूठी अगुआ होने का आरोप लगाया। हमारे वरिष्ठ ने जाँच के बाद इसकी सच्चाई की पुष्टि की और उसे बर्खास्त कर दिया। इसके बाद, उन्होंने मुझसे पूछा, "आप उसकी साझीदार थीं। क्या आपको मालूम था कि बहन वांग
- [बहसबाजी की आदत के पीछे कौन-सा स्वभाव है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/disposition-is-behind-being-argumentative.html) - बरसों विश्वास रखकर, मैं सैद्धांतिक तौर पर जान गई कि परमेश्वर सत्य स्वीकारने वालों को पसंद करता है। सत्य स्वीकारे बिना परमेश्वर में विश्वास करने से, लोग चाहे कितने भी कष्ट झेलें, उनका जीवन स्वभाव कभी नहीं बदलेगा। मैं सत्य स्वीकार करने वाली बनना चाहती थी, पर काट-छांट और निपटान किया जाता तो मैं अनायास
- [लोगों को हीन मानकर फटकारने से मेरी बदसूरती उजागर हुई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/scolding-people-exposes-ugliness.html) - पिछले साल अक्तूबर में मैं कलीसिया का सुसमाचार-कार्य देख रहा था। कलीसिया के कुछ नए सदस्यों ने हाल ही में कर्तव्य निभाना शुरू किया था, इसलिए मैं अक्सर उनसे सुसमाचार साझा करने के सिद्धांतों पर संगति करता, और सुसमाचार साझा करने के लिए उन्हें बाहर ले जाता। कुछ समय बाद उन सबने थोड़ी प्रगति कर
- [मैंने अपने परिवार का जुल्म कैसे झेला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/faced-persecution-of-my-family.html) - जब मैं छोटी थी, तो मेरी माँ अक्सर मुझसे कहती थी : "एक औरत के लिए अच्छा पति पाने और सामंजस्यपूर्ण परिवार होने से बेहतर कुछ नहीं है। केवल इन्हीं चीजों के साथ एक औरत खुश रह सकती है।" ऐसी सोच मेरे मन में गहराई तक समा गई थी, और मैं अच्छा पति पाने को
- [कर्तव्य अच्छे से निभाने के लिए आलोचना जरूरी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/criticism-is-necessary-to-do-a-duty-well.html) - कुछ समय पहले मुझे एक पत्र मिला, जिसमें एक बहन ने एक अगुआ और दो उपयाजिकाओं की रिपोर्ट की थी। उसने लिखा कि अगुआ बहन शिन व्यावहारिक कार्य नहीं करतीं, बस सभाओं में बेमन से काम करती हैं, उन्हें दूसरों की हालत या मुश्किलों की परवाह नहीं है। दो अन्य उपयाजिकाओं की भी कुछ समस्याएँ
- [अभिमान और शोहरत ने मुझे नुकसान पहुँचाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/vanity-and-reputation-harmed-me.html) - 2017 में मुझे अगुआई के एक पद के लिए चुना गया और कुछ कलीसियाओं के कार्य का प्रभारी बना दिया गया। मैंने देखा कि कलीसियाओं के वे सभी विश्वासी मुझसे ज्यादा समय से विश्वासी रहे हैं। बहन गाओ और बहन सुन कई वर्षों तक अगुआ के पद पर काम कर चुकी थीं, और पहले हम
- [निपटान के बाद आत्मचिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-being-dealt-with.html) - इस साल जून में मैंने एक अगुआ के रूप में सेवा शुरू की। मैं परमेश्वर के घर द्वारा बनाई गई कुछ कार्य व्यवस्थाओं के अनुसार दुष्कर्मियों, गैर-विश्वासियों, और मसीह-विरोधियों को कलीसिया से निकालने का काम कर रही थी, ताकि परमेश्वर के चुने हुए लोगों को अपना कर्तव्य निभाने, उसके कार्य का अनुभव करने और सत्य
- [28 मई का झाओयुआन कांड एक पारिवारिक संकट खड़ा करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/may-28-case-of-zhaoyuan.html) - एनहुई, चीन मैं एक साधारण देहाती महिला हूँ, और मेरी घरेलू जिम्मेदारियों का भारी बोझ मुझे इस तरह दबाए रखता था कि मैं मुश्किल से चैन की सांस ले पाती थी। नतीजतन, मैं बहुत ही चिड़चिड़ी हो गई थी, और मेरे पति और मैं एक दूसरे से दिन-रात लड़ते रहते थे। हम इस तरह से
- [नकारात्मक हालत की वजह क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-causes-a-negative-state.html) - क्षिंचे, दक्षिण कोरिया पिछले दो वर्षों से मैं नए सदस्यों का सिंचन कर रही हूँ। एक बार अगुआ हमसे हमारे काम के बारे में बात करने आए, बोले, इस दौरान हमारे काम पर नजर डालते समय उन्होंने देखा कि कुछ सिंचन-कर्मी नए सदस्यों की समस्याओं का असली सार नहीं समझ रहे थे, उनके मसले नहीं
- [न्याय के जरिए खुद को जान पाना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/knowing-myself-through-judgment.html) - सोंग यू, नीदरलैंड "अपने जीवन में, यदि मनुष्य शुद्ध होकर अपने स्वभाव में परिवर्तन लाना चाहता है, यदि वह एक सार्थक जीवन बिताना चाहता है, और एक प्राणी के रूप में अपने कर्तव्य को निभाना चाहता है, तो उसे परमेश्वर की ताड़ना और न्याय को स्वीकार करना चाहिए, और उसे परमेश्वर के अनुशासन और प्रहार
- [छल-कपट और शंका सिर्फ तकलीफ लाती है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/deceit-and-suspicion-bring-suffering.html) - जांग हाँ, यूनान मैं कलीसिया में निरंतर वीडियो प्रोडक्शन की ट्रेनिंग में थी, फिर जून 2020 में एक दिन, अगुआ ने बताया कि कलीसिया को सामान्य मामले सँभालने वालों की जरूरत थी, और वहाँ मेरा तबादला करना चाहती थीं। खबर सुनकर मैंने सोचा, वह काम कड़ी मशक्कत वाला है, मेरे मौजूदा काम जितना अच्छा नहीं
- [मैं ये पढ़ाई नहीं करूंगा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-wont-pursue-these-studies.html) - थिवे, भारत मेरा जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था। मेरे माँ-बाप किसान हैं। हमारा परिवार सब्जियां और चावल उगाकर रोजी-रोटी कमाता है। मैं हमेशा से पढ़ाई में अच्छा था, इसलिए माँ-बाप मेरी पढ़ाई में काफी सहयोग करते थे, वो चाहते थे कि मैं आगे चलकर कामयाब बनूँ। उन्हें उम्मीद थी कि मेरी नौकरी परिवार
- [कर्तव्य निभाने का वरिष्ठता से कोई संबंध नहीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/fulfilling-a-duty-isnt-about-seniority.html) - शांगजिन, दक्षिण कोरिया मैं कई सालों से भजनों की रिकॉर्डिंग कर रहा हूँ। मैं काफी समय से विश्वासी रहा हूँ, इसलिए कुछ भाई-बहन रिकॉर्डिंग से पहले मुझे परमेश्वर के वचन के भजन के बोलों के बारे में अपनी समझ पर संगति करने को कहते। कभी-कभी, समूह अगुआ युवा भाई-बहनों को मेरे साथ परमेश्वर के वचनों
- [अब मैं काम से जी नहीं चुराती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-am-no-longer-shirking-my-duty.html) - डांग एन, स्पेन पिछले साल अगस्त में एक दिन, एक अगुआ ने कहा, मैं चाहती हूँ तुम कई कलीसियाओं के काम की जिम्मेदारी लो, और पूछा क्या मैं इसके लिए तैयार हूँ। यह सुनते ही मेरा दिल धड़क उठा। कलीसियाओं के काम का दायित्व लेना यानी भाई-बहनों के जीवन प्रवेश में आने वाली समस्याओं और
- [नए विश्वासियों को ट्रेनिंग देते हुए उजागर हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/revealed-while-training-newcomers.html) - क्षीयोकाओ, यूनान जैसे-जैसे राज्य का सुसमाचार फैल रहा है, ज्यादा-से-ज्यादा लोग परमेश्वर के के अंत के दिनों के काम की छानबीन कर रहे हैं। सुसमाचार के प्रचार और नए विश्वासियों के सिंचन के लिए ज्यादा लोगों की जरूरत है। सबसे अहम बात है नए विश्वासियों में अच्छी काबिलियत वालों को ट्रेनिंग देना, ताकि वे सब
- [मौलिक दिखने के प्रयास के पीछे क्या राज़ है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/whats-behind-trying-to-be-original.html) - ली झी, चीन 2019 में, मैं कलीसिया में वीडियो बनाया करता था। यह काम लंबे समय से करने के कारण मेरे पास अनुभव और हुनर दोनों थे, और मैं असरदार काम कर रहा था। भाई-बहन मेरा बहुत मान करते थे, दूसरे ग्रुप के भाई-बहनों को कोई समस्या आती तो वे भी मेरे पास आते, और
- [एक चुनाव से हुए मेरे फायदे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-gains-from-an-election.html) - मुँह टोंग, जापान कलीसिया ने हाल में अगुआ का पद भरने के लिए खास चुनाव कराया। जब मुझे पता चला कि ऊपरी अगुआ बहन झाओ को पदोन्नत करने की योजना बना रहे हैं, तो मैं इस निर्णय पर सवाल उठाए बिना नहीं रह सकी : बहन झाओ? एक अगुआ के रूप में उसने ईर्ष्या और
- [अनुशासन का विशेष अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/special-experience-of-discipline.html) - क्षीयो हाँ, चीन मुझे शोहरत और रुतबे की जबरदस्त चाह थी, मैंने ईर्ष्या के कारण ऐसे भी कुछ काम किए, जिनसे भाई-बहनों का दिल दुखा। बाद में, मुझे एक विशेष तरीके से अनुशासित किया गया, जिससे आखिरकार मैं जागकर बदल पाई। 2019 में मैंने कलीसिया में पाठ्य सामग्री लिखने का काम किया। एक दिन, सुपरवाइजर
- [कर्तव्य निभाने के लिए सत्य का अनुसरण जरूरी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/doing-a-duty-requires-pursuing-truth.html) - सोंग यू, नीदरलैंड कुछ साल पहले मैंने सुसमाचार का प्रचार शुरू किया। मैं जानती थी कि परमेश्वर ने मुझे ऊंचा उठाकर इसके योग्य बनाया था। मुझे यह मौका देने के लिए मैंने परमेश्वर का दिल की गहराई से धन्यवाद किया, और यह काम अच्छे से करने के लिए परमेश्वर पर निर्भर रहने का मन बनाया।
- [कलीसिया के काम की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/protecting-the-church-is-work-is-my-duty.html) - यिक्षण, जापान पिछले साल दिसंबर में, कलीसिया को एक नया अगुआ चुनना था। एक दिन मैंने अगुआओं को कहते सुना, "हमें बहन लियु को तरक्की देकर यह पद सौंपना चाहिए। अगली बैठक में, हम बहन लियु के बारे में आंतरिक मूल्यांकन पढ़ेंगे, फिर भाई-बहन वोट कर सकते हैं।" यह खबर सुनकर मैं हैरान रह गई,
- [गलत अगुआ को चुनने के बाद आत्मचिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-choosing-the-wrong-leader.html) - क्षीयंगक्षण, चीन पिछले अक्तूबर में, जब मैं और मेरे सहकर्मी अनेक कलीसियाओं के कार्य की जाँच-पड़ताल कर रहे थे, तो हमने पाया कि चेंग्नन कलीसिया का सुसमाचार, सिंचन और दूसरा कार्य ठप्प पड़ गया था। मुझे बहुत हैरानी हुई। मैंने सोचा, "दो महीने पहले, कलीसिया अगुआ के रूप में, यहाँ बहन ली का तबादला किया
- [अब मुझे बाइबल और परमेश्वर के बीच का रिश्ता समझ आ गया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/relationship-between-the-bible-and-God.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "बहुत सालों से, लोगों के विश्वास (दुनिया के तीन मुख्य धर्मों में से एक, मसीहियत) का परंपरागत साधन बाइबल पढ़ना ही रहा है; बाइबल से दूर जाना प्रभु में विश्वास करना नहीं है, बाइबल से दूर जाना एक पाखंड और विधर्म है, और यहाँ तक कि जब लोग अन्य पुस्तकें पढ़ते
- [इस तरह मैंने परमेश्वर का स्वागत किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/welcomed-the-Lord.html) - ज़ियू, जापान जब मैं छः वर्ष की थी, तब मेरी माँ प्रभु यीशु में विश्वास करती थी, और वह अक्सर मुझे कलीसिया की सभाओं में लाती थी। मैं धीरे-धीरे इस तथ्य से अवगत हो गई कि इंसान परमेश्वर द्वारा बनाया गया था, कि अगर हम परेशानी में हैं तो हमें परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए
- [क्या बाइबल प्रभु का प्रतिनिधित्व कर सकती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-bible-represent-the-Lord.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर स्वयं ही जीवन है, और सत्य है, और उसका जीवन और सत्य साथ-साथ विद्यमान हैं। वे लोग जो सत्य प्राप्त करने में असमर्थ हैं कभी भी जीवन प्राप्त नहीं करेंगे। मार्गदर्शन, समर्थन, और पोषण के बिना, तुम केवल अक्षर, सिद्धांत, और सबसे बढ़कर, मृत्यु ही प्राप्त करोगे। परमेश्वर का जीवन
- [मैंने एक स्वादिष्ट भोज का आनंद लिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-enjoyed-a-rich-banquet.html) - ज़िन्वेई झेजियांग प्रांत 25 और 26 जून, 2013 अविस्मरणीय दिन हैं। हमारे प्रात ने एक विशाल घटना का अनुभव किया, जिसमें अधिकांश प्रांतीय अगुआओं और कार्यकर्ताओं को बड़े लाल अजगर द्वारा पकड़ लिया गया था। हममें से कुछ ही इसमें सकुशल बच कर निकल भागे थे, हमारे हृदय कृतज्ञता से भरे थे, हमने परमेश्वर के
- [अंतहीन वेदना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/agony-eternal-article.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "शैतान द्वारा भ्रष्ट की गई सभी आत्माएँ, शैतान के अधिकार क्षेत्र के नियंत्रण में हैं। केवल वे लोग जो मसीह में विश्वास करते हैं, शैतान के शिविर से बचा कर, अलग कर दिए गए हैं, और आज के राज्य में लाए गए हैं। अब ये लोग शैतान के प्रभाव में नहीं
- [अंत के दिनों में परमेश्वर के उद्धार को स्वीकार करने के बाद, हम एक नया जीवन प्राप्त करते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/happy-marriage-starts-God-s-salvation.html) - झुई क्यू, मलेशिया मैं एक ब्यूटिशन हूँ और मेरे पति एक किसान हैं; हमारी मुलाक़ात मलेशिया में नारंगी उछालने के उस एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी जो प्रेमी की तलाश करती स्त्रियों की एक पारम्परिक गतिविधि के तौर पर आयोजित किया जाता है। हमारा विवाह एक साल बाद एक पादरी की साक्षी में एक
- [परमेश्वर के नामों का रहस्य](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/mystery-of-God-s-names.html) - परमेश्वर के नामों के पीछे क्या रहस्य छिपा है? प्रत्येक युग में परमेश्वर के नाम का अर्थ क्या है? जवाब खोजने के लिए अभी पढ़ें।
- [मुझे पाप से शुद्ध होने का मार्ग मिल गया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/path-to-be-cleansed-of-sin.html) - "मनुष्य को शैतान के प्रभाव से पूरी तरह से बचाने के लिए यीशु को न केवल पाप-बलि बनने और मनुष्य के पाप वहन करने की आवश्यकता थी, बल्कि मनुष्य को उसके शैतान द्वारा भ्रष्ट किए गए स्वभाव से मुक्त करने के लिए परमेश्वर को और भी बड़ा कार्य करने की आवश्यकता थी। और इसलिए, अब
- [मुझेस्वर्ग के राज्य में प्रवेश का मार्ग मिल गया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-path-Into-the-kingdom-of-heaven.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं : "जब यीशु मनुष्य के संसार में आया, तो उसने अनुग्रह के युग में प्रवेश कराया और व्यवस्था का युग समाप्त किया। अंत के दिनों के दौरान, परमेश्वर एक बार फिर देहधारी बन गया, और इस देहधारण के साथ उसने अनुग्रह का युग समाप्त किया और राज्य के युग में प्रवेश
- [मैंने खोली गई पुस्तक को देखा है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/ive-seen-the-opened-scroll.html) - जब मैंने प्रभु को स्वीकार किया, तब बाइबल पढ़कर मैंने जाना कि सब कुछ कहां से आया है और मनुष्य की भ्रष्टता का स्रोत क्या है। मैंने यहोवा परमेश्वर द्वारा व्यवस्था और आदेश जारी करने, प्रभु यीशु द्वारा बीमारों को ठीक करने, राक्षसों का ख़ात्मा करने, समस्याओं को सुलझाने, मनुष्य को अपार अनुग्रह देने, और
- [खटखटाओ और तुम्हारे लिए द्वार खोला जायेगा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/knock-door-shall-be-opened.html) - किंग टिंग द्वारा, चीन 1989 में, मैंने अपनी माँ के साथ प्रभु यीशु के सुसमाचार को स्वीकार किया। जब मैंने प्रभु में विश्वास करना शुरू किया, तब अक्सर सभाओं में भाग लेने और धर्मशास्त्रों को पढ़ने के माध्यम से, मुझे पता चला कि यह परमेश्वर था जिसने स्वर्ग, पृथ्वी और उसमें सबकुछ बनाया था, और
- [क्या यीशु मसीह के आगमन पर हमारे रूप फ़ौरन बदल जायेंगे और हम स्वर्गिक राज्य में प्रवेश करेंगे?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/will-rapture-be-instantaneous.html) - कई भाई-बहनों का मानना है कि जब परमेश्वर लौटेंगे, तो हम तुरंत दूसरे रूप में बदल जायेंगे और स्वर्ग के राज्य में उठा लिए जायेंगे, लेकिन क्या यह विचार सत्य के अनुरूप है? इस लेख में आपके लिए इसका जवाब अनावृत किया गया है।
- [जीवन की संपत्ति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-riches-of-life.html) - वांग जून शैंडोन्ग प्रांत अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करने के बाद के वर्षों में, मैं और मेरी पत्नी ने बड़े लाल अजगर के दमन को साथ मिल कर झेला है। इस समय के दौरान, भले ही मैं कमज़ोरी, पीड़ा और आँसुओं को झेला, फिर भी मुझे महसूस होता है
- [युवा हूँ मगर अब बेपरवाह नहीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-frivolous-despite-youth-article.html) - परमेश्वर के वचन कहते है, "अगर परमेश्वर के कार्य का अनुभव करते हुए, कोई व्यक्ति एक ऐसे इंसान में परिवर्तित होना चाहता है जिसके अंदर इंसानियत हो, तो उसे परमेश्वर के वचनों के न्याय, प्रकाशन और ताड़ना से गुज़रना होगा, अंत में वह स्वयं को परिवर्तित करने में सक्षम होगा। यही एकमात्र मार्ग है। अगर
- [पद-प्रतिष्ठा की बेड़ियों को तोड़कर मुझे बहुत हल्कापन महसूस होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/casting-off-shackles-of-status.html) - लियांग झी, अनहुई प्रांत मेरा नाम लियांग झी है। मैंने छ्ह वर्ष पहले परमेश्वर के अंत के दिनों के उद्धार को स्वीकार किया था। एक बार, हमारी कलीसिया के प्रजातांत्रिक चुनावों में, मुझे कलीसिया का अगुवा चुना गया। इस अनपेक्षित ख़बर से मेरे अंदर जोश पैदा हो गया। मैंने सोचा: "सारे भाई-बहनों में मेरा कलीसिया
- [सात सालों के परीक्षण ने मेरे असली रंग दिखाये हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/seven-years-of-trials.html) - चेन हुई, हेलोंगजियांग प्रांत 1994 में, अपनी माँ के साथ, मैंने परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किया। जब मुझे पता चला कि परमेश्वर उद्धार का कार्य करने के लिए देह में पुन: प्रकट हुए हैं, तो मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। परमेश्वर के उद्धार का लाभार्थी होना मेरे लिए विशेष
- [अहंकार मिटाने का उपाय](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-arrogant-believers-process-of-transformation.html) - झांग यिताओ हेनान प्रांत "हे परमेश्वर! तेरा न्याय कितना वास्तविक है, धार्मिकता और पवित्रता से परिपूर्ण है। मानवजाति की भ्रष्टता के सत्य के बारे में तेरे प्रकाशनों ने मुझे पूरी तरह उजागर कर दिया है। मैं सोचता हूँ कि कैसे मैंने वर्षों तक खुद को खपाया और तेरी आशीष पाने के लिए स्वयं को व्यस्त
- [मुझे अब परमेश्वर का नया नाम मालूम है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/know-God-s-new-name.html) - बचपन से ही मैं प्रभु में विश्वास रखती और अपने माता-पिता के साथ सभाओं में जाती थी, इसलिए मैंने हाई स्कूल के बाद एक ईसाई कॉलेज में पढ़ाई की। एक कक्षा के दौरान, पादरी ने हमसे कहा, "अध्याय 13, इब्रानियों के पद 8 में कहा गया है कि 'यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग
- [न्याय का प्रकाश](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-light-of-judgment.html) - "परमेश्वर पूरी पृथ्वी पर निगाह रखता है, हर चीज़ पर नियंत्रण रखता है, और मनुष्य के सभी वचनों और कर्मों को देखता है। उसका प्रबंधन नपे-तुले चरणों में, उसकी योजना के अनुसार होता है। यह चुपचाप, नाटकीय प्रभाव के बिना आगे बढ़ता है, मगर उसके चरण मनुष्यों के निकट बढ़ते ही रहते हैं, और उसका
- [एक "संदेशवाहक कबूतर" लाया महत्वपूर्ण समाचार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pigeon-mail.html) - सू जी, चीन 1999 में एक दिन एक सभा समाप्त होने के बाद पादरी ने मुझसे संपर्क किया और कहा, "सू जी, आपके लिए एक पत्र है।" पत्र देखते ही मुझे पता चल गया कि वह उस कलीसिया से आया है, जिसे मैंने शानदोंग में स्थापित किया था। मैंने पत्र ले लिया और घर जाने
- [स्वर्ग के राज्य के रास्ते की रुकावट कौन है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/road-to-the-heavenly-kingdom.html) - लेखिका मेंगाई, मलेशिया जिस साल मेरे पति की मृत्यु हुई, मैं गहरी निराशा में थी। इन सबसे ऊपर, मुझ पर मेरे बच्चों के पालन-पोषण की अतिरिक्त जिम्मेदारी थी। मेरी जिंदगी में अचानक कठिनाइयों का पहाड़ आ गिरा था, लेकिन प्रभु का प्रेम हर समय मेरे पास था। भाई-बहनों की मदद से, मैं इस कठिनाई के
- [अपने हृदय का द्वार खोलना और प्रभु की वापसी का स्वागत करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/welcoming-the-Lord-s-return.html) - योंगयुआन, अमेरिका 1982 के नवंबर में, हमारा पूरा परिवार संयुक्त राज्य अमेरिका जाकर बस गया। मेरे दादा की पीढ़ी से ही हम सभी को परमेश्वर पर भरोसा रहा था, इसलिए हमने अमेरिका पहुँचने के तुरंत बाद न्यूयॉर्क के चाइनाटाउन में एक चीनी कलीसिया खोज ली, ताकि हम ख्रीस्तयाग में भाग ले सकें। हम कभी एक
- [मैं घर आ गया हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-have-come-home.html) - लेखक: चू कीन पोंग प्रभु में मेरी आस्था को दस साल से भी अधिक हो गये थे और दो साल मैं कलीसिया में सेवारत था। फिर काम की वजह से विदेश जाने के लिए मुझे कलीसिया छोड़नी पड़ी। सिंगापुर सहित मैं कई स्थानों पर गया और मैंने पैसा कमाया। लेकिन आज के ज़माने में ताकत
- [परमेश्वर के वचन राह दिखाते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-words-lead-the-way.html) - परमेश्वर के वचन कहते हैं: "लोगों को उजागर करने में परमेश्वर का इरादा उन्हें हटाना नहीं, बल्कि उन्हें उन्नत बनाना है" ("मसीह की बातचीत के अभिलेख" में 'परमेश्वर के वचनों पर अमल कर के ही स्वभाव में बदलाव हो सकता है')। अतीत में, चूँकि मैं लोगों को उजागर करने की परमेश्वर की मंशा को गलत
- [परमेश्वर के वचनों से मैंने ख़ुद को जाना है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-words-made-me-know-myself-article.html) - परमेश्वर के वचन कहते हैं: "अंत के दिनों में मसीह मनुष्य को सिखाने, उसके सार को उजागर करने और उसके वचनों और कर्मों की चीर-फाड़ करने के लिए विभिन्न प्रकार के सत्यों का उपयोग करता है। इन वचनों में विभिन्न सत्यों का समावेश है, जैसे कि मनुष्य का कर्तव्य, मनुष्य को परमेश्वर का आज्ञापालन किस
- [सहयोग से सीखना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learning-through-cooperation-article.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "यदि तुम समुचित ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन और परमेश्वर की इच्छा को संतुष्ट करना चाहते हो, तो तुम्हें पहले सीखना चाहिए कि दूसरों के साथ सौहार्दपूर्वक कार्य कैसे करें। अपने भाइयों और बहनों के साथ समन्वय करते समय तुम्हें निम्न बातों पर विचार करना चाहिए : सौहार्द क्या है?
- [हटाए जाने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-being-replaced-article.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर हर एक व्यक्ति में कार्य करता है, और इससे फर्क नहीं पड़ता है कि उसकी विधि क्या है, सेवा करने के लिए वो किस प्रकार के लोगों, चीज़ों या मामलों का प्रयोग करता है, या उसकी बातों का लहजा कैसा है, परमेश्वर का केवल एक ही अंतिम लक्ष्य होता है
- [लापरवाही का समाधान करके ही इंसान उपयुक्त ढंग से अपना कर्तव्य निभा सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-remedying-perfunctoriness.html) - जिंगशियान, जापान आमतौर पर, सभा या अपनी आध्यात्मिक भक्ति के दौरान, मैं लोगों की लापरवाही को उजागर करने से संबंधित परमेश्वर के वचनों को अक्सर पढ़ा करता था, लेकिन मैं अपने प्रवेश पर कोई ख़ास ध्यान नहीं देता था; मुझे नहीं लगता था कि मेरे अंदर कोई गंभीर मसला है। इसलिये मैं अपना काम लापरवाही
- [न्याय प्रकाश है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/judgment-is-light.html) - चाओ शिया शैन्डोंग प्रांत मेरा नाम चाओ शिया है। मैं एक साधारण परिवार में पैदा हुई थी। कुछ अभियुक्तियों जैसे कि "एक मनुष्य जहां भी रहता है, एक नाम पीछे छोड़ जाता है, वैसे ही जैसे हंस जहां भी उड़ता है अपनी बोली छोड़ जाता है" और "एक वृक्ष अपनी छाल के लिए जीता है;
- [मैंने जीवन के सही मार्ग पर चलना शुरू ही किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/begun-walking-right-path-of-life.html) - शी हान हेबेई प्रांत मैं एक गरीब किसान परिवार में पैदा हुई थी। मैं बचपन से ही समझदार रही हूँ, मैं कभी भी दूसरे बच्चों के साथ नहीं लड़ती थी और अपने माता-पिता का का कहा मानती थी, जिससे मैं बड़ों की नज़रों में एक "अच्छी लड़की" बन गयी थी। अन्य माता-पिता मेरे माता-पिता से
- [परमेश्वर के हृदय को समझने से भ्रांतियाँ दूर हो सकती हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/understanding-God-s-heart.html) - चेन गांग, हेबेई प्रांत परमेश्वर के वचन कहते हैं, "परमेश्वर की सर्वोच्चता, महानता, पवित्रता, सहनशीलता, प्रेम, इत्यादि—परमेश्वर के स्वभाव एवं सार के इन सब विभिन्न पहलुओं के हर विवरण को हर उस समय व्यावहारिक अभिव्यक्ति मिलती है, जब वह अपना कार्य करता है, मनुष्य के प्रति उसकी इच्छा में मूर्त रूप दिया जाता है और
- [परमेश्वर में विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/path-of-belief-in-god.html) - रोंगुआंग हारबिन शहर, हीलोंगजियांग प्रांत 1991 में, परमेश्वर की कृपा से, मैंने एक बीमारी के कारण सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अनुसरण करना शुरू किया। उस समय मुझे परमेश्वर पर विश्वास करने के बारे में कुछ भी नहीं पता था, किन्तु दिलचस्प बात यह है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए वचनों को खाते और पीते
- [अहंकार को खत्म करने का मार्ग है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/way-to-resolve-arrogance.html) - शियावचेन ज़ेंगज़ो सिटी, हेनान प्रदेश अहंकार मेरा घातक दोष है। मैं अक्सर ही अपना अहंकारी स्वभाव दिखाया करती थी, हमेशा सोचती थी कि मैं अन्य लोगों से बेहतर हूं। खासतौर पर जब मैं एक साझेदार के साथ लेखों को संशोधित करती थी या काम के बारे में संवाद किया करती थी, तो मैं हमेशा ही
- [जब मैं अट्ठारह बरस की थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-i-was-eighteen-article.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "तुम सब लोगों को शायद ये वचन स्मरण हों : 'क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।' तुम सब लोगों ने पहले भी ये वचन सुने हैं, किंतु तुममें से कोई भी इनका सच्चा अर्थ नहीं समझा। आज,
- [शुद्धिकरण का मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-path-to-purification.html) - मुझे 1990 में प्रभु यीशु के नाम का बपतिस्मा दिया गया था और 1998 तक मैं कलीसिया की सहकर्मी बन गयी थी। पवित्र आत्मा के कार्य और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद, मेरे पास प्रभु के लिए काम करने की अटूट ऊर्जा थी और उपदेशों के लिए मेरा कुआं कभी सूखा नहीं। मैंने अक्सर उन भाई-बहनों
- [न्याय स्वर्ग-राज्य की कुंजी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/judgment-is-the-key.html) - मेरा जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था। मेरे पिता अक्सर कहते थे, "प्रभु में विश्वास करने से हमारे पाप क्षमा कर दिए जाते हैं और उसके बाद हम पापी नहीं रहते। प्रभु जब आएगा तो वह हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाएगा, क्योंकि बाइबल कहती है, 'क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्वास
- [बाइबल के अलावा क्या परमेश्वर ने दूसरे वचन बोले हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/apart-from-bible-God-made-utterances.html) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "यदि तुम व्यवस्था के युग के कार्य को देखना चाहते हो, और यह देखना चाहते हो कि इस्राएली किस प्रकार यहोवा के मार्ग का अनुसरण करते थे, तो तुम्हें पुराना विधान पढ़ना चाहिए; यदि तुम अनुग्रह के युग के कार्य को समझना चाहते हो, तो तुम्हें नया विधान पढ़ना चाहिए। पर
- [मैं असली और नकली मसीह में भेद कर सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/discern-true-Christ-and-false-Christs.html) - "देहधारी हुए परमेश्वर को मसीह कहा जाता है, और इसलिए वह मसीह जो लोगों को सत्य दे सकता है परमेश्वर कहलाता है। इसमें कुछ भी अतिशयोक्ति नहीं है, क्योंकि वह परमेश्वर का सार धारण करता है, और अपने कार्य में परमेश्वर का स्वभाव और बुद्धि धारण करता है, जो मनुष्य के लिए अप्राप्य हैं। वे
- [महान श्वेत सिंहासन का न्याय शुरू हो चुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/judgment-of-great-white-throne-begun.html) - विश्वासी बनने के बाद, मैंने सीखना शुरू किया कि कैसे प्रार्थना करें और बाइबल पढ़ें, मैंने दैनिक जीवन में प्रभु के वचनों का पालन करने की पूरी कोशिश की। फिर मैंने अंत के दिनों में न्याय के बारे में बहुत सारे वीडियो ऑनलाइन देखे। उनमें प्रकाशित-वाक्य की इस भविष्यवाणी का ज़िक्र किया गया था :
- [क्या आकाश की ओर देखकर तुम वाकई प्रभु का स्वागत कर सकते हो?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-welcome-Lord-by-gazing-skyward.html) - बहुत-से विश्वासी प्रभु यीशु के बादल पर सवार होकर नीचे उतरने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि वे विपत्तियाँ आने से पहले परमेश्वर के राज्य में ले जाए जा सकें। लेकिन इस दौरान, वे विपत्तियों को तो बढ़ते देख रहे हैं, मगर प्रभु यीशु अब भी बादल पर सवार होकर नहीं आया। बहुत-से लोगों की
- [परमेश्वर की तरफ मुड़ने के लिए झूठ के जाल से निकलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/breaking-through-lies-turn-toward-God.html) - 2017 में, मेरी पत्नी और बेटी मेरे साथ रहने दक्षिण कोरिया आयीं। तो मैं बहुत जोश में था, मेरी पत्नी अलग माहौल और भाषा के कारण वहां पर बिलकुल भी रम नहीं पायी। उसे अपने बूढ़े माता-पिता और पसंदीदा काम को छोड़कर एक अजनबी जगह पर आना पड़ा, जहां उसका कोई मित्र नहीं था। उसके
- [मैंने जीवन जल का आनंद लिया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/baske-in-living-waters-of-life.html) - प्रभु में मेरे परिवार की आस्था तीन पीढ़ियों से चली आ रही है। मैं बचपन से ही अपने परिवार के साथ कलीसिया जाती रही हूँ। बड़ी होने पर, मैंने कलीसिया में उपयाजक और अकाउंटैंट जैसी सेवाएं कीं। मैंने हमेशा जोश के साथ प्रभु की सेवा की। लेकिन समय के साथ मैंने देखा कि कलीसिया ज़्यादा-से-ज़्यादा
- [सिर्फ़ शुद्ध लोग ही स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/only-the-pure-enter-kingdom-of-heaven.html) - प्रभु में विश्वास करते हुए मैं अक्सर सुनती थी कि वो हमें सिखाता है कि हम अपने पड़ोसियों से खुद के ही समान प्रेम करें, कि हमारा प्रेम परमेश्वर से आता है, हमें दूसरों के साथ-साथ अपने दुश्मनों से भी प्रेम करना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर ने पहले हमसे प्रेम किया। और इब्रानियों 12:14 में कहा
- [कौन हैं आज के फरीसी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/who-are-pharisees-of-today.html) - एक ईसाई के रूप में, अपने 22 वर्षों में, मैं मुख्य रूप से कलीसिया के वित्तीय मामलों और रविवार स्कूल की प्रभारी रही। मई 2017 में, फेसबुक पर मेरी मुलाक़ात फ्रांस की बहन जेन से हुई। उसने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की गवाही दी और कहा कि प्रभु यीशु सत्य व्यक्त
- [घर पर एक आध्यात्मिक युद्ध](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-spiritual-battle-at-home.html) - अगस्त 2018 में, एक मित्र ने मुझे बताया कि प्रभु यीशु वापस आ चुका है, और वह परमेश्वर के घर से शुरू कर न्याय-कार्य करने के लिए सत्य व्यक्त कर रहा है। मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़े, मैं समझ गयी कि ये वचन सत्य हैं और परमेश्वर की वाणी हैं। मैं जान गयी कि
- [परमेश्वर के परिवार में न्याय शुरू हो चुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/judgment-has-begun.html) - ऐशन, अमेरिका मैं एक ईसाई हूँ। जब मैंने पहली बार परमेश्वर में विश्वास करना शुरू किया, तो मैंने अकसर उन उपदेशों को सुना जहाँ लोग कहा करते थे, "प्रभु यीशु हमारा उद्धार करने वाला है। वह हमारे पापों के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। यीशु दयालु और प्यार करने वाला है। जब तक हम
- [प्रभु पूर्व में प्रकट हुआ है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/Lord-has-appeared-in-the-east.html) - क्यू झेन, चीन एक दिन, मेरी बहन ने मुझे फ़ोन किया और कहा कि वह उत्तर की अपनी यात्रा से वापस आ गई है और मुझे बताने के लिए उसके पास कोई महत्वपूर्ण बात थी। उसने मुझे तुरंत आने के लिए कहा। मुझे कुछ बुरी घटना का आभास हो रहा था इसलिए मैं सीधे अपनी
- [उस दिन आकाश विशेष रूप से साफ़ और उजला था (भाग 3)](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/sky-was-especially-clear-3.html) - टियान यिंग, चीन घर लौटने के बाद, बहन ने जो सहभागिता की थी, उस पर मैं विचार करती रही, और मैंने मन ही मन सोचा: आज वह छोटी बहन बहुत प्यार करने वाली थी, वह वास्तव में पादरी ने जो कहा था वैसी बिलकुल नहीं थी। साथ ही, वह जो कह रही थी वह सब
- [धुंध को हटाकर, प्रकाश का अवलोकन करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/see-the-light.html) - शिनशिन, चीन मैं एक साधारण कर्मचारी हूँ। नवंबर 2013 के आखिर में, एक सहकर्मी ने देखा कि मेरी पत्नी व मैं छोटी—छोटी बातों पर बहुत झगड़ा करते थे। हर समय हम चिंतित व व्यथित रहा करते थे, तो उसने हमें सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य के बारे में बताया। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के
- [शैतान के तंग घेरे से निकलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/breaking-through-satans-tight-encirclement.html) - झाओ गांग, चीन उत्तर-पूर्व चीन में विगत नवंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी थी, ज़मीन पर गिरी बर्फ ज़रा भी नहीं पिघलती थी, और कई लोग जो बाहर चल रहे थे, इतने ठिठुरे हुए थे कि वे अपने हाथों को अपनी कांख में दबाकर सावधानीपूर्वक, झुक कर चलते थे। दूसरे दिन जब सुबह-सुबह उत्तर-पश्चिम से
- [घर वापसी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/coming-home.html) - मुयी, दक्षिण कोरिया "परमेश्वर का लबालब प्यार मिलता है इंसान को उदारता से, उसके आसपास ही है प्यार परमेश्वर का, परमेश्वर का। मासूम, निर्मल, किसी भी बंधन से बेफिक्र इंसान, रहता है आनंदित परमेश्वर की नज़र में। ... गर ज़मीर और इंसानियत है तेरे अंदर, तो महसूस करेगा स्नेह, परवाह और प्यार परमेश्वर का तू,
- [त्रित्व की पहेली का निराकरण](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/riddle-of-the-trinity-revealed.html) - जिन्ग्मो, मलेशिया मैं भाग्यशाली थी कि 1997 में मैंने प्रभु यीशु के सुसमाचार को स्वीकार किया और, जब मैंने बपतिस्मा लिया, तो पादरी ने प्रार्थना की और मुझे त्रित्व—पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा—के नाम पर बपतिस्मा दिया। तब से, जब भी मैंने प्रार्थना की, मैंने त्रित्व अर्थात स्वर्गीय पिता, उद्धारकर्ता प्रभु यीशु और पवित्र आत्मा,
- [परमेश्वर के वचन मेरी शक्ति है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-word-is-my-strength.html) - लेखिका जिंगनियाँ, कनाडा मैंने बचपन से ही प्रभु में मेरे परिवार के विश्वास का अनुसरण किया है, अक्सर बाइबल को पढ़ा है और सेवाओं में हिस्सा लिया है। मैंने शादी के बाद मेरी सास को प्रभु यीशु का सुसमाचार सुनाया और तब से उन्होंने कभी अपना आपा नहीं खोया, जब चीज़ें पूरी तरह से उनकी
- [परमेश्वर का वचन जालों से निकलने में मेरी अगुवाई करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/word-of-God-guides-me.html) - टिआँ'ना, हांगकांग परमेश्वर के वचनों के लेख "क्या तुम जानते हो? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है" के पन्ने पलटते हुए, मुझे दो साल पहले अफ़वाहों के बंधनों से आज़ाद होकर परमेश्वर के सामने लौट आने के मेरे अनुभव की याद आ गई। मैं अपने परिवार के साथ हांगकांग में
- [उस दिन आकाश विशेष रूप से साफ़ और उजला था (भाग 1)](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/sky-was-especially-clear-1.html) - टियान यिंग, चीन मैं चीन में थ्री-सेल्फ कलीसिया की एक विश्वासी हुआ करती थी। जब मैंने पहली बार सभाओं में भाग लेना शुरू किया, तो पादरी अक्सर हमसे कहा करता थे: "भाइयों और बहनों, यह बाइबल में कहा गया है कि: 'क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये
- [एक अलग तरह का प्रेम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-different-kind-of-love.html) - चेंगशिन, ब्राज़ील 2011 में संयोग से, मैं चीन से ब्राजील आया था। मैं पहुँचा ही था कि मैं ताज़ा, नए अनुभवों से विह्वल हो गया और जिज्ञासा से भर उठा। भविष्य से मुझे बड़ी आशा थी। लेकिन कुछ समय के बाद, इस ताज़ा और नई भावना का स्थान तुरंत ही अकेलेपन और एक दूर-दराज़ परदेशी
- [प्रभु से फिर से मिलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/meet-the-Lord-again.html) - जियांदिंग, यू.एस.ए. मेरा जन्म एक कैथलिक परिवार में हुआ था। छोटी उम्र से ही मेरी माँ ने मुझे बाइबल पढ़ना सिखाया था। उस समय, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी गृहयुद्ध के बाद राष्ट्र का पुनर्निर्माण कर रही थी, और चूँकि सीसीपी सभी धर्मों का दमन कर रही थी, इसलिए 20 साल का होने के बाद ही मुझे
- [उस दिन आकाश विशेष रूप से साफ़ और उजला था (भाग 2)](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/sky-was-especially-clear-2.html) - टियान यिंग, चीन मैंने बहन के शब्दों पर चिंतन किया और महसूस किया कि उसने जो कहा उसमें बहुत समझदारी थी, इसलिए मैं वहाँ बैठी चुपचाप सुनती रही... बहन ने बात करना जारी रखा: "सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन ने पहले से ही 'बचाये जाने' और 'पूर्ण उद्धार प्राप्त करने' के रहस्य को खोल दिया है,
- [आध्यात्मिक युद्ध में परीक्षाओं पर विजय पाने के लिए 3 अचूक तरीके](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/masterstrokes-for-spiritual-warfare.html) - जिनशिंग, दक्षिणी कोरिया भाइयो और बहनो, आप सबको प्रभु की शांति मिले! अक्सर ही, परमेश्वर में विश्वास और उनका अनुसरण करने के हमारे समय के दौरान सभी प्रकार के आध्यात्मिक युद्ध होते हैं। पैसे, हैसियत और शोहरत को लेकर परीक्षाएं, और पुरुषों और महिलाओं के बीच प्रलोभन, साथ ही साथ अविश्वासियों द्वारा लांछन, प्रियजनों द्वारा
- [छली गयी आत्मा का जागृत होना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/awakening-of-a-deceived-spirit.html) - युआन्झ़ी, ब्राज़ील मेरा जन्म उत्तरी चीन में हुआ था जहाँ से 2010 में मैं अपने रिश्तेदारों के साथ ब्राज़ील आ गया था। ब्राज़ील में मेरा परिचय एक ईसाई दोस्त से हुआ जो मुझे कुछ धर्मोपदेश सुनने कलीसिया ले गया। वहाँ तीन बार जाने के बाद भी मेरे पल्ले कुछ नहीं पड़ा। उसके बाद मैं अपने
- [कटीली झाड़ियों में उगा घास का एक तिनका](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/grew-among-the-brambles.html) - यिशिन, सिंगापुर नवम्बर 2016 में, फेसबुक के ज़रिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के भाई लिन, बहन झांग और शियाओशियाओ से मेरा परिचय हुआ। उन्होंने बाइबल की कुछ भविष्यवाणियों को मिलाकर मुझसे सहभागिता की और अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य की गवाही दी। उनकी सहभागिता और गवाहियों से मुझे समझ में आया कि प्रभु
- [एक महत्वपूर्ण खोज](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/clean-break-with-the-past.html) - लेखिका: फांगफांग, चीन मेरे परिवार के सब लोग प्रभु यीशु में विश्वास रखते हैं। मैं कलीसिया में एक साधारण विश्वासी थी और मेरे डैड कलीसिया में सहकर्मी थे। फरवरी 2004 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार कर लिया और मैं जल्दी ही अपनी सबसे छोटी बहन को राज्य का
- [अंधेरी सुरंग के बाद स्नेही रोशनी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-light-is-warm.html) - वांग युपिंग, चीन दूसरे सभी भाइयों और बहनों की तरह, जो प्रभु यीशु के वापस आने की कामना करते हैं, मैंने भी स्वर्ग के राज्य में हमारी अगवानी करने के लिए हमारे प्रभु के जल्दी वापस आने की हमेशा कामना की है ताकि हम उनके आर्शीवाद का आनंद ले सकें। फिर 2006 में नवंबर में
- [आवारा पुत्र की वापसी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-return-of-a-prodigal-son.html) - लेखिका: रूथ, अमेरिका मैं दक्षिणी चीन के एक छोटे-से शहर में पैदा हुई। मेरी मॉम की तरफ के खानदान में पड़नानी के ज़माने से परमेश्वर में विश्वास रखने की परंपरा चली आ रही है। बाइबल की कहानियाँ, स्तुति-गीत और पवित्र संगीत मेरे बचपन के खुशनुमा दिनों के साथी थे। बढ़ती उम्र के साथ पढ़ाई-लिखाई का
- [सुनो! यह कौन बोल रहा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/listen-who-is-this-who-speaks.html) - लेखिका झाऊ ली, चीन कलीसिया की एक प्रचारक होने के नाते, आध्यात्मिक दरिद्रता की दशा से गुजरने और प्रचार के लिए कुछ भी न होने से ज़्यादा कष्टदायक और कुछ नहीं है। सभाओं में आने वाले भाई-बहनों की संख्या निरंतर कम होते देखकर मैं असहाय महसूस करती थी, और मैंने कई बार प्रभु के सामने
- ["शेर की माँद" से भाग निकलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/fleeing-from-the-tigers-den.html) - जायोयू, चीन मेरा नाम जायोयू है और मैं 26 साल की हूँ। मैं एक कैथोलिक हुआ करती थी। जब मैं छोटी थी, तो अपनी माँ के साथ ख्रीस्तयाग में भाग लेने के लिए कलीसिया जाती थी, बाइबल पढ़ती थी, कन्फेशन में जाती और कम्युनियन पाती थी। मेरी माँ बहुत उत्साही विश्वासी थी। वह अक्सर हमारे
- [खोया फिर पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lost-and-found-again.html) - लेखिका: शियेली, अमेरिका मैं एक खुशनुमा शानदार जीवन-स्तर की तलाश में अमेरिका आया। शुरू के कुछ सालों में तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन वक्त के साथ-साथ मैंने अपनी कम्पनी शुरू कर दी, मेरी अपनी कार और अपना घर वगैरह हो गया। मैं वैसा ही "खुशनुमा" जीवन जीने लगा जिसका मैंने सपना देखा
- [किस तरह मैं लगभग एक मूर्ख क्वाँरी बन गयी थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/nearly-became-a-foolish-virgin.html) - ली फेंग, चीन 2002 की शरद ऋतु में कलीसिया की मेरी शाखा, द चर्च ऑफ़ ट्रुथ, की बहन झाओ, प्रभु के आगमन का महान समाचार देने, अपनी भतीजी, सिस्टर वाँग को मेरे घर लेकर आयीं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ने और सिस्टर वाँग का विस्तृत संवाद सुनने के कुछ दिन बाद, मुझे समझ में
- [अफ़वाहों के फन्दे से आज़ादी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/breaking-free-from-rumor-trap.html) - शिआओयुन, चीन मैं सेना की एक स्त्री अधिकार हुआ करती थी! 1999 में एक दिन एक पादरी ने मुझे प्रभु यीशु के सुसमाचार का उपदेश दिया। मेरे संजीदा उद्यम को देख जल्दी ही उस पादरी ने प्रशिक्षण के दौरान अपना पूरा ध्यान मुझपर केन्द्रित कर दिया और मैं उसकी मुख्य सहयोगी बन गयी। सन 2000
- [शांत हुआ तलाक का तूफ़ान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/storm-of-divorce-quelled.html) - लू शी, जापान 2015 में मेरी एक दोस्त ने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर पर विश्वास करना शुरू करने के लिए प्रेरित किया। अंतिम दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को प्राप्त करने के बाद मैंने परमेश्वर के वचन को तीव्र अभिलाषा के साथ ग्रहण किया, और उसके माध्यम से सत्य के कई ऐसे रहस्यों को समझा,
- [एक अलग प्रकार का उद्धार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/saved-in-a-different-way.html) - हुआंग ली, चीन मैं करिश्माई ईसाई धर्म की एक साधारण विश्वासी हुआ करती थी। जब से मैंने प्रभु में विश्वास करना शुरू किया, तब से मैंने हर एक सेवा समारोह में भाग लिया है। मैं ऐसा खास तौर पर इसलिए करती थी क्योंकि मैं जानती थी कि हम अंत के दिनों में हैं और बाइबल
- [आलस्य से खुद को बरबाद मत करो](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/dont-let-laziness-ruin-you.html) - शिनचे, चीन जुलाई 2024 में मैं कलीसिया में पाठ आधारित कार्य की पर्यवेक्षक थी। चूँकि एक अगुआ को गिरफ्तार किया जा चुका था तो मुझे और मेरी सहयोगी को सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करना पड़ा, इसलिए हमें घर पर ही रहकर पत्रों के माध्यम से कार्य पर अनुवर्ती कार्रवाई करनी पड़ी। शुरुआत में मैं
- [अपने कर्तव्य से इनकार करने के बाद का चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-refusing-my-duty.html) - वू यू, चीन पिछले कुछ वर्षों में मैं कलीसिया में स्वच्छता कार्य करती रही हूँ और मैंने कुछ पर्यवेक्षकों को एक के बाद एक बर्खास्त होते और कुछ को बहिष्कृत होते देखा है। खास तौर पर, सफाई के काम के लिए जिम्मेदार दो पूर्व पर्यवेक्षकों में बहुत अच्छी काबिलियत और कार्यक्षमता थी, और उनकी जिम्मेदारियों
- [मैंने रुतबे की चाहत छोड़ दी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/letting-go-of-my-desire-for-status.html) - ली निंग, चीन दिसंबर 2023 में मुझे उपदेशक चुना गया। जब मैंने यह खबर सुनी तो मैं थोड़ा चिंतित हुआ, “एक उपदेशक होने के नाते मुझे कई कलीसियाओं की जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी। मुझे कलीसिया के अगुआओं और उपयाजकों के साथ अक्सर सभा करने और कार्य का मार्गदर्शन करने के लिए उनके साथ संगति करने की
- [मैंने परमेश्वर में विश्वास के प्रति अपने गलत दृष्टिकोण सही किए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-amended-wrong-views-on-belief-in-God.html) - यी शिन, चीन जब मैं सोलह साल की थी तो पता चला कि मुझे ‘थ्रोम्बोसाइटोपेनिक परप्यूरा’ है और अगले साल पता चला कि मुझे ‘सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस’ भी है। इस तरह की बीमारी लाइलाज होती है और इसे सिर्फ दवा से ही नियंत्रित किया जा सकता है। उस दिन से मेरे जीवन पर एक साया
- [क्या एक आदर्श शादी के पीछे भागने से खुशी मिल सकती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-pursuing-happy-marriage-bring-happiness.html) - यिपिंग, चीन जब मैं स्कूल में थी तो मुझे गाने सुनना और प्राचीन कविताएँ पढ़ना बहुत पसंद था। इनमें से ज्यादातर रचनाएँ प्रेम पर आधारित थीं। मुझ पर प्रेम से जुड़े ऐसे नजरियों का प्रभाव था जैसे कि “प्रेम सर्वोपरि है” और “एक-दूसरे का हाथ पकड़ना और साथ-साथ बूढ़ा होना।” मुझे ऐसी शादी का विचार
- [अपने कर्तव्य में आसान काम चुनने और मुश्किल कामों से जी चुराने के दुष्परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-choosing-easy-work-fearing-hard-duty.html) - शाओले, चीन अक्टूबर 2023 में अगुआओं ने मेरे लिए स्पेशल इफेक्ट्स बनाने के काम की व्यवस्था की। पहले तो मैंने बस कुछ बुनियादी काम सीखे और इसमें ज्यादा तकनीकी कौशल की जरूरत नहीं थी। अध्ययन करने के बाद मैंने जल्दी ही कुछ इफेक्ट्स बना लिए। बेहतर और अधिक वास्तविक स्पेशल इफेक्ट्स बनाने के लिए मुझे
- [मुझे अब अपनी पत्नी की बीमारी की चिंता नहीं रहती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-worry-about-wifes-illness.html) - ली किउ, चीन 2005 के वसंत में मैं और मेरी पत्नी हुईजुआन इतने भाग्यशाली थे कि हमने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का सुसमाचार स्वीकार किया, बाद में हम दोनों ने कलीसिया में अपने कर्तव्य निभाने शुरू कर दिए। जब भी हमें अपने कर्तव्यों में मुश्किलों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, हमने साथ
- [क्या माता-पिता की दयालुता एक ऐसा कर्ज़ है जिसे कभी चुकाया नहीं जा सकता?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/was-parental-kindness-a-debt-never-repaid.html) - मियाओशाओ, चीन मैं एक गरीब किसान परिवार में पली-बढ़ी। मेरे माता-पिता ने मुझे तब गोद लिया जब वे लगभग 40 साल के थे। जब से मैं समझने लायक हुई, मैंने अपने माता-पिता को हमारे परिवार के पालन-पोषण के लिए पैसे कमाने की कड़ी मेहनत करते देखा। मेरे पिता साल भर काम करने के लिए पौ
- [मैं अपने अपराध के कारण अब गलतफहमी में नहीं रहता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-misunderstanding-due-to-transgressions.html) - सू तियान, चीन अगस्त 2018 में मैं बाईस साल का था। चूँकि सीसीपी हमेशा से ईसाइयों को सताती और गिरफ्तार करती रही थी, मैंने परमेश्वर में विश्वास करने के लिए एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश में जाने की योजना बनाई। लेकिन अप्रत्याशित रूप से मुझे हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया। कलीसिया की जानकारी
- [मेरी आशीषों की इच्छा चूर-चूर होने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-my-desire-for-blessings-shattered.html) - ली शिन, चीन 2009 में, मेरी एक रिश्तेदार ने मुझे परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार सुनाया। उसने मुझे बताया कि अंत के दिनों में परमेश्वर हमारी भ्रष्टता को शुद्ध करने, मानवजाति को पाप से बचाने और हमें इस पीड़ामय जीवन से मुक्त करने के लिए सत्य व्यक्त करता है, आखिरकार हमें एक सुंदर मंज़िल तक
- [समस्याएँ रिपोर्ट करने के डर के पीछे का कारण](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-fear-of-reporting-problems.html) - चिंगतियान, चीन 2014 में, मैं कलीसिया में वीडियो बना रही थी। उस समय यांग मिन पर्यवेक्षक थी। एक बार, मैंने देखा कि एक वीडियो के लिए यांग मिन का सुझाव बहुत उपयुक्त नहीं था। इसलिए मैंने अपनी अलग राय रखी, लेकिन वह अपनी ही बात पर अड़ी रही। मैंने कहा कि हम इस बारे में
- [मैंने प्रसिद्धि और लाभ के बंधनों को उतार फेंका है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-broken-free-from-bondage-of-fame-and-gain.html) - शाओहे, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : “चूँकि लोग परमेश्वर के आयोजनों और परमेश्वर की संप्रभुता को नहीं जानते हैं, इसलिए वे हमेशा प्रतिरोधी मनोदशा से और विद्रोही रवैये के साथ नियति का सामना करते हैं और वे हमेशा परमेश्वर के अधिकार, उसकी संप्रभुता और अपनी नियति में होने वाली चीजों से मुक्त होना चाहते
- [कर्तव्य से मुँह मोड़ते समय मुझे क्या चिंता थी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-shirked-my-duties.html) - बारबरा, लाओस 2022 में, मैं एक जिला निर्णायक समूह की सदस्य चुनी गई और मुझ पर कई कलीसियाओं के काम की जिम्मेदारी थी। क्योंकि मैं म्याओ और चीनी भाषा बोल सकती थी, इसलिए मैं अक्सर अनुवाद करने में भाई-बहनों की मदद करती थी और इसलिए मेरे पास कलीसिया के काम का जायजा लेने के लिए
- [आदर्श वैवाहिक जीवन का अनुसरण करने से मुझे क्या मिला?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-has-pursuing-perfect-marriage-brought-me.html) - झोउ शियाओऊ, चीन 2012 में मैंने और मेरी पत्नी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। हम अक्सर संगति करते थे और साथ में परमेश्वर के वचन पढ़ते थे और हर दिन खुशी और संतुष्टि से भरा होता था। दो साल बाद मुझे एक कलीसिया अगुआ चुन लिया गया। चूँकि मैं
- [कर्तव्यों में रुतबे या दर्जे का कोई भेद नहीं होता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-superiority-or-inferiority-in-duties.html) - लेई बिंग, चीन 2023 में अगुआओं ने मेरे लिए सुसमाचार प्रचार की व्यवस्था की क्योंकि मेरी काबिलियत कम थी और मैं पाठ-आधारित कर्तव्य करने में असमर्थ साबित हुआ। उस समय मुझे लगा कि मेरी इज्जत चली गई है। मैंने सोचा, “अगर भाई-बहन जान लेंगे कि मुझे मेरी कम काबिलियत की वजह से बर्खास्त किया गया
- [पति के बीमार पड़ने के बाद मैंने जो सबक सीखे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-husband-fell-ill.html) - लिन जिंग, चीन अगस्त 2001 में, एक बहन ने मुझे गवाही दी कि परमेश्वर सत्य व्यक्त करने और अपना न्याय का कार्य करने के लिए दूसरी बार देहधारी हुआ है, मानवजाति के भ्रष्ट स्वभाव को शुद्ध और परिवर्तित कर रहा है और अंततः लोगों को अद्भुत राज्य में ला रहा है। यह सुनकर मैं बहुत
- [क्या मेरी बेटी के लिए मेरा प्यार सच्चा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-love-for-daughter-true-love.html) - कियु यान, चीन मैं देहात में बड़ी हुई, और मेरे माता-पिता ने ज्यादा पढ़ाई नहीं की थी, इसलिए उनके पास सुबह से शाम तक खेतों में कड़ी मेहनत करने के अलावा कोई चारा नहीं था। मेरे पिता अक्सर मुझसे कहते थे, “हमारे परिवार में, केवल तुम्हारे चाचा ने कड़ी मेहनत से पढ़ाई करके खुद को
- [“जो तुम्हें सौंपा गया है, उसे निष्ठापूर्वक पूरा करो” के विचार पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-fulfilling-entrusted-tasks-with-loyalty.html) - चेंग झी, चीन जब मैं छोटा था तो अक्सर अपने पिता को दूसरे परिवारों के कामों में मदद करते हुए देखता था और उनके पास चाहे कोई भी जरूरत पड़ने पर आता, वह मदद करने के लिए हमेशा मान जाते थे। कभी-कभी तो जब वह घर के मामलों में व्यस्त होते थे, तब भी दूसरों
- [परिवार के सदस्यों को बाहर निकाले जाने पर मैंने सबक सीखा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-family-clearing.html) - वेईवेई, चीन जब मैं 17 साल की थी, तब मैंने अपने माता-पिता के साथ प्रभु में विश्वास करना शुरू किया। 2001 में हमारे पूरे परिवार ने अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार कर लिया और उसके बाद हम सभी अपने-अपने कर्तव्य निभाने लगे। 2012 के अंत में सुसमाचार का प्रचार करते
- [मैं क्यों अपनी राय व्यक्त करने से हमेशा डरती थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-always-held-back-my-opinions.html) - शिन छुन, चीन मार्च 2024 में, पर्यवेक्षक हमारे साथ समस्याओं का सारांश निकालने और कार्य के बारे में बात करने आई। जब हमने साथ मिलकर एक धर्मोपदेश पर चर्चा की तो अपनी राय व्यक्त करने वाली मैं पहली व्यक्ति थी, लेकिन मैंने जो राय व्यक्त की वह गलत थी और फिर मैंने लगातार दो और
- [प्रसिद्धि और लाभ की बेड़ियों से मैं कैसे आजाद हुई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-broke-through-shackles-of-fame-and-gain.html) - सू मी, चीन 2002 में, मैं 18 साल की थी और एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करती थी। जब भी मैं टीवी नाटकों के मुख्य पात्रों को सोने-चाँदी से लदे, सुंदर और फैशनेबल कपड़े पहने देखती, आलीशान कोठियों में रहते और बढ़िया गाड़ियाँ चलाते देखती, जहाँ भी वे जाते उनकी आगवानी और विदाई बड़े जोश
- [अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-regrets-about-my-choice.html) - जिनशिन, चीन मैं 90 के दशक में पैदा हुई थी, मिडिल स्कूल में मुझे रोमांस ड्रामा की लत लग गई। जब भी मैं नायक और नायिका के बीच अटूट प्यार देखती, खासकर जब नायक नायिका का ख्याल रखता, तो मुझे ईर्ष्या होती और उम्मीद करती कि एक दिन मुझे भी ऐसा ही प्यार मिलेगा। मैं
- [मेरे बच्चे से मेरी माँगें और उम्मीदें स्वार्थी निकलीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-requirements-and-expectations-of-child-are-selfish.html) - झांग हुईशिन, चीन जब मैं छोटी थी, तो मेरे दादाजी को ओपेरा सुनना बहुत पसंद था और वे अक्सर मुझे ओपेरा दिखाने ले जाते थे। मैंने देखा कि मंच पर कलाकार कितने मनमोहक लगते थे, उनके गीत कैसे दिल को छू जाते थे और दर्शक उन पर तालियों और जयकारों की बौछार करते थे। मैं
- [मैं आखिरकार हीनता की परछाईं से निकली](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/finally-emerging-from-shadow-of-inferiority.html) - शिमाई, चीन बचपन से ही, मेरी प्रतिक्रिया और समझने की क्षमता काफी धीमी रही है। जब मैं स्कूल में थी और शिक्षक कुछ जटिल सवाल पूछते थे, तो मैं जल्दी से प्रतिक्रिया नहीं दे पाती थी और अक्सर गलत जवाब देती थी। इसलिए, मेरे सहपाठी अक्सर मुझ पर हँसते थे और मेरे शिक्षक मुझे मूर्ख
- [मेरी बीमारी मेरे लिए परमेश्वर की आशीष थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-illness-was-God-s-blessing-upon-me.html) - ओउयांग, चीन जब मैं पंद्रह साल का था, मुझे पल्मोनरी हाइपरटेंशन नाम की एक दुर्लभ बीमारी होने का पता चला। शुरू में मैं बस भारी व्यायाम नहीं कर पाता था, लेकिन जल्द ही सिर्फ चलने से मेरी साँस फूलने लगती थी और मेरी छाती में बहुत ज्यादा जकड़न महसूस होती थी। मुझे पढ़ाई स्थगित करनी
- [धन के अपने अनुसरण के भँवर से बाहर निकलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/emerging-from-vortex-money.html) - चेन यांग, चीन जब मैं बच्ची थी, मेरा परिवार बहुत गरीब था, मेरे माता-पिता किसान थे और खेती करके अपना गुज़ारा करते थे, और मेरे पिता अक्सर पैसे कमाने के लिए बोरियाँ ढोने का काम करते थे। ज़िंदगी को थोड़ा आसान बनाने के लिए, मैं और मेरी माँ गेहूँ की कटाई के दौरान खेतों में
- [अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतना वाकई खतरनाक होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/being-perfunctory-in-ones-duties-is-truly-dangerous.html) - स्कॉट, यूएसए अक्टूबर 2024 में मैं विदेशी भाषा के अनुभवजन्य गवाही वीडियो संपादन का कर्तव्य निभा रहा था। एक बार वीडियो संपादन के समय मुझे पता चला कि कई शॉट्स ठीक से नहीं जुड़ रहे थे। सही फुटेज चुनने में मुझे सामान्य से तीन गुना ज्यादा समय लगता था और ऑडियो से मेल कराने के
- [अगुआई के अनुसरण का कारण](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-the-pursuit-of-leadership.html) - सु वेई, चीन परमेश्वर में विश्वास करना शुरू करने के बाद, मैंने देखा कि कलीसिया के अगुआ भाई-बहनों के साथ उनकी समस्याओं और मुश्किलों को सुलझाने के लिए परमेश्वर के वचनों की अक्सर संगति करते थे। इसलिए, मैं मानती थी कि जो लोग कलीसिया में अगुआ थे, वे सत्य समझते थे, निश्चित रूप से परमेश्वर
- [मैंने अपनी बीमारी की चिंता से कैसे छुटकारा पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-let-go-of-anxiety-about-illness.html) - वू फान, चीन मार्च 1997 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। प्रभु में कई सालों तक विश्वास करने के बाद, मैं आखिरकार उसके वापस आने का स्वागत करने के लिए बहुत उत्साहित था। खास तौर पर, जब मुझे एहसास हुआ कि परमेश्वर हमें पाप से छुटकारा दिलाने, पूरी तरह
- [अब मैं लोगों से सिद्धांतों के अनुसार पेश आ सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/became-able-treat-people-according-principles.html) - लिन हुई, चीन जून 2023 में, मुझे पाठ आधारित कार्य का पर्यवेक्षक चुना गया। भाई-बहनों के साथ बातचीत करने से मुझे पता चला कि उनके पेशेवर कौशल और कार्यक्षमता अपेक्षाकृत कमजोर थे, इसलिए मैं धैर्यपूर्वक उनका मार्गदर्शन और मदद करती थी और उनके सामने आने वाली किसी भी कठिनाई को सुलझाने के लिए मैं उनके
- [मैंने अपने झूठ बोलने का समाधान कैसे किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-solved-my-problem-of-lying.html) - शाओकोंग, चीन दिसंबर 2023 में मेरी जिम्मेदारी कई कलीसियाओं के सिंचन कार्य की थी। उस समय मैं अपने कर्तव्य में बहुत सक्रिय था और नए विश्वासियों की स्थितियों की बुनियादी समझ रखता था। मार्च 2024 तक जिआंगलिन कलीसिया में नए विश्वासियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी और पर्यवेक्षक ने मुझे इस कलीसिया के सिंचन कार्य
- [अपने कर्तव्य में सही इरादे रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/important-to-have-right-intentions-in-duty.html) - झेंग जी, चीन सितंबर 2023 में, कलीसिया ने ली यांग और मुझे एक साथ मिलकर सिंचन कार्य का प्रबंधन सौंपा। क्योंकि हम दोनों ने यह कर्तव्य अभी-अभी करना शुरू किया था और काम से परिचित नहीं थे, इसलिए अगुआओं ने चेन लू को हमारी मदद करने के लिए कहा। चेन लू ने हमें काम के
- [मैंने अपना असली भविष्य खोज लिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/ive-found-my-true-future.html) - लिन छिंग, चीन मेरा जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। मेरे माता-पिता अशिक्षित थे और केवल शारीरिक श्रम करके ही हमारे परिवार का भरण-पोषण कर सकते थे। हम बहुत तंगी में थे। जब मैं पैदा हुई, तब मेरे माता-पिता चालीस की उम्र के पड़ाव में थे, और उन्होंने अपनी सारी उम्मीदें मुझ पर
- [मैंने आखिरकार प्रभु की वापसी का स्वागत किया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-finally-welcomed-the-Lord-s-return.html) - चुनकिउ, चीन मैं स्थानीय कलीसिया में एक सह-कार्यकर्ता थी। अप्रैल 1997 में, सह-कार्यकर्ताओं की एक सभा में, अगुआ, भाई झांग ने कहा, “हाल ही में, चमकती पूर्वी बिजली का प्रचार करने वाला एक समूह उभरा है और वे वाकई दुर्जेय हैं। उन्हें बाइबल का बहुत गहरा ज्ञान है और अगर हम सावधान और सतर्क नहीं
- [मेरा बीमार होना परमेश्वर का आशीष था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/illness-is-a-blessing-from-God.html) - शाओजिन, चीन अप्रैल 2017 में, मैं शारीरिक जाँच के लिए अस्पताल गया और पता चला कि मुझे हेपेटाइटिस बी है। मेरा ट्रांसएमिनेस लेवल 220 U/L तक पहुँच गया था और मेरा हेपेटाइटिस बी सक्रिय था। कलीसिया ने मेरी हालत को ध्यान में रखते हुए, मुझे इलाज के लिए घर भेजने की व्यवस्था की। अपना सामान
- [अब मैं झटकों और असफलताओं का सही ढंग से सामना कर सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-can-handle-setbacks-and-failures-properly.html) - चियाओ शिन, चीन मई 2024 में मैंने कलीसिया में धर्मोपदेश लिखने का प्रशिक्षण लिया। शुरू में मुझे कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा, मुझे लगा कि सत्य की मेरी समझ उथली थी। मैं इसे अच्छे से लिख नहीं पाऊँगी। मेरी सहयोगी बहन ने मेरे साथ संगति की और मुझे प्रोत्साहित किया और उसने मुझे कुछ
- [क्या दौलत के पीछे भागने से खुशी मिल सकती है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-pursuing-wealth-bring-happiness.html) - एन रैन, चीन जब मैं बच्ची थी, मेरे पिता शहर के एक सरकारी दफ्तर में काम करते थे और मेरी माँ की टेलरिंग की दुकान थी। हमारे इलाके के हिसाब से हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति काफी अच्छी थी। चाहे मैं रिश्तेदारों के यहाँ जाऊँ या सहपाठियों के, वे सभी मुझे ईर्ष्या भरी नजरों से
- [खतरनाक परिवेश में एक विकल्प](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-choice-amid-a-dangerous-environment.html) - लिन फेंग, चीन मैं कलीसिया में एक उपदेशक के रूप में कार्य करती हूँ और कई कलीसियाओं के कार्य के लिए जिम्मेदार हूँ। जनवरी 2024 की एक रात, बहन लियू मिन ने यहूदा झांग को निष्कासित करने के बारे में एक दस्तावेज मुझे भेजा और बताया, “गिरफ्तार होने के बाद झांग ने बहुत सारे अगुआओं
- [अब मैं बुढ़ापे में अपना कर्तव्य अच्छे से न निभाने को लेकर परेशान नहीं होती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-worry-not-doing-duty-well-in-old-age.html) - शू ल्यांग, चीन सन् 1999 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अंत के दिनों में प्रभु का स्वागत कर पाऊँगी। मैं इतनी खुश थी कि बता भी नहीं सकती। मुझे लगा कि इस बार आखिरकार स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने और
- [मूल्यांकन लिखते समय की चिंताएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/concerns-writing-evaluation.html) - वू शिन, चीन 2021 में, जब कलीसिया स्वच्छता का कार्य कर रही थी, मैंने पाया कि जब जिला अगुआ ली जिंग किसी को भ्रष्ट स्वभाव प्रकट करते हुए देखती थी—जैसे घमंडी और आत्मतुष्ट होना, स्वार्थी होना, देह के सुखों में लिप्त होना या बहसबाज होना—तो वह उसकी मदद करने के लिए संगति नहीं करती थी
- [मैंने अपने बेटे के प्रति ऋणी होने की भावना त्याग दी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-let-go-of-my-indebtedness-to-son.html) - सु ली, चीन बचपन से ही मैं अपनी माँ की बहुत प्रशंसा करती थी। उसने मेरे और मेरे भाई-बहनों के लिए बहुत कष्ट सहे। जब कभी मैं आधी रात को जागती तो देखती कि वह एक छोटे से तेल के दीये की रोशनी में हमारे लिए सूती कपड़े सिल रही है और अगले दिन उसे
- [आशीष पाने के सपने से जागना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/waking-up-from-dream-of-gaining-blessings.html) - यीफान, चीन मुझे 28 साल की उम्र में एलर्जी वाला दमा हो गया। जब भी यह बढ़ता था, मैं साँस नहीं ले पाती थी, और मेरा दम ऐसा घुटने लगता कि मेरा सिर चकराने लगता था। रात में, मैं लेट भी नहीं पाती थी; मुझे किसी चीज के सहारे सीधे बैठना पड़ता था और मुझे
- [समस्या बताना कमियों की आलोचना करना नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pointing-out-issues-isnt-exposing-shortcomings.html) - लिंडा, इटली मेरी माँ बचपन से ही मुझसे कहती थी कि “अगर तुम दूसरों पर वार करते हो तो उनके चेहरे पर वार मत करो; अगर तुम दूसरों की आलोचना करते हो तो उनकी कमियों की आलोचना मत करो” और “अच्छे दोस्तों की गलतियों पर खामोश रहने से दोस्ती अच्छी और लंबी होती है।” उसने
- [अब मैं अपनी बुरी किस्मत की शिकायत नहीं करती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-complain-fate.html) - सु चिंग, चीन मेरा जन्म एक गरीब ग्रामीण परिवार में हुआ था। जब मैं हाई स्कूल में थी, तो मेरे माता-पिता ट्यूशन का खर्च नहीं उठा सकते थे, इसलिए उन्होंने मेरे चाचा से पैसे उधार लेने की कोशिश की। लेकिन मेरी चाची को डर था कि हम पैसे वापस नहीं चुका पाएँगे और वह हमें
- [तीन बार गिरफ्तार होने से सीखे गए सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-being-arrested-three-times.html) - एन शिया, चीन मई 2011 में मेरी माँ ने मुझे अंत के दिनों के परमेश्वर का सुसमाचार सुनाया। परमेश्वर के वचन पढ़ने के बाद मुझे पता चला कि स्वर्ग, पृथ्वी और सभी चीजें परमेश्वर द्वारा बनाई गई हैं, कि मानवजाति भी परमेश्वर ने बनाई है और लोगों का परमेश्वर में विश्वास रखना और उसकी आराधना
- [अपने पिता के प्रति अपने ऋण-बोध को त्यागना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-i-couldnt-be-my-fathers-side-honor-him.html) - लैन यू, चीन सर्दियों की दोपहर की धूप कोमल और हल्की थी, जो खिड़की से होकर पौधों से भरी देहली पर चमक रही थी, और कई गमलों में लगे फूल और पौधे उस पौष्टिक धूप का भरपूर आनंद ले रहे थे। लैन यू ने खिड़की से बाहर देखा और उसे आज़ादी का एहसास हुआ। उसे
- [क्या ज्ञान का अनुसरण एक अच्छे भविष्य की गारंटी देता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-pursuing-knowledge-guarantee-good-future.html) - फांग शाओयू, चीन मेरे परिवार और शिक्षकों ने मुझे बचपन से ही बताया था कि मुझे मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए और सिर्फ विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर ही मेरा जीवन अच्छा हो सकता है। वरना मुझे अपना जीवन दुख और गरीबी में बिताना पड़ता। यह देखकर कि मेरा परिवार गरीब था और गाँव के लोग
- [बुढ़ापे के सहारे के लिए अब मैं अपने बेटे पर निर्भर नहीं रहती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-rely-children-old-age.html) - चिंगसोंग, चीन 2001 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। 2020 में, जाँच में मुझे मस्तिष्क रोधगलन और हृदय रोग होने का पता चला। उस समय मुझे इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी और संयोग से मेरे बेटे ने मुझे 5,000 युआन भेजे। मैंने सोचा, “मेरा बेटा ही
- [जब मैंने जिम्मेदारी लेने का साहस नहीं किया तो मैं किस बारे में चिंतित थी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-concerns-behind-hesitation-to-take-responsibility.html) - चिन मू, चीन अप्रैल 2023 में पाठ-आधारित कार्य की पर्यवेक्षक को इसलिए बर्खास्त कर दिया गया कि वह प्रसिद्धि और रुतबे के पीछे भाग रही थी और इस कार्य में गड़बड़ी और बाधा पैदा कर रही थी। मुझे नया पर्यवेक्षक बना दिया गया। मुझे याद आया कि बहुत साल पहले परमेश्वर में विश्वास करने के
- [मैं समझती हूँ कि मैं बहुत ही स्वार्थी हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflection-understanding-selfishness.html) - यान झेन, चीन अप्रैल 2024 में मैं जिला अगुआ चुनी गई और उस समय मैं बहुत दबाव महसूस कर रही थी। मुझे लगा कि इस कर्तव्य की जिम्मेदारी बहुत भारी थी, इसमें बहुत मुश्किलें आएँगी और मुझे बहुत चिंता करनी होगी और बड़ी कीमत चुकानी होगी। लेकिन मुझे एहसास हुआ कि यह कर्तव्य मुझ पर
- [मेजबानी का कर्तव्य निभाने का मेरा समय](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-time-doing-hosting-duties.html) - निंग यू, चीन परमेश्वर में विश्वास करना शुरू करने के बाद, मैंने कलीसिया में एक अगुआ और कार्यकर्ता के रूप में सेवा की, और बाद में मैंने पाठ-आधारित कर्तव्य करना शुरू कर दिया। मुझे ये दोनों कर्तव्य बहुत पसंद थे, मैं यह महसूस करती थी कि ये ऐसे कर्तव्य हैं जिन्हें काबिलियत वाले लोग निभाते
- [वैवाहिक जीवन मेरी मंजिल नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/marriage-is-not-destination.html) - कैथलीन, इटली मेरा जन्म 80 के दशक के मध्य में हुआ था, और बड़े होते हुए मुझे टीवी नाटक देखना बहुत पसंद था। जब भी मैं शादी के सफेद जोड़े में नायिका को अपने प्रेमी के साथ गलियारे में चलते हुए देखती थी और उस आदमी को उससे यह कहते हुए सुनती थी, “मैं पूरी
- [एक सभा के बाद का चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-a-gathering.html) - आन रान, चीन नवंबर 2024 में, मैं कलीसिया में अनुभवजन्य गवाही लेखों की जाँच कर रही थी। एक दिन, हमारी पर्यवेक्षक हमारी टीम की सभा में आई और कहा कि हाल ही में हमारे द्वारा जमा किए गए लेखों के आधार पर, वह देख सकती थी कि हम कुछ सिद्धांतों को ठीक से नहीं समझ
- [दूसरों को विकसित करने से मुझे जो हासिल हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/gained-from-cultivating-others.html) - ली शुन, चीन मैं और यांग चेन यिंगगुआंग कलीसिया में पाठ आधारित कार्य का पर्यवेक्षण करते थे। सितंबर 2024 के मध्य में, अगुआओं ने एक पत्र भेजा जिसमें कहा गया था कि चेनशिन कलीसिया की बहन झाओ शुए को अभी-अभी वहाँ के पाठ आधारित कार्य के लिए पर्यवेक्षक चुना गया है, लेकिन वह अभी भी
- [अपने बच्चे की रुचियों और शौकों से कैसे पेश आएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-approached-interests-and-hobbies-of-child.html) - वेन नुआन, चीन बचपन से ही मेरा बेटा काफी कमजोर था और उसका विकास भी धीमा था। हमारा घर स्कूल के पास था, इसलिए मैं उसे दौड़ाने और मजबूत बनाने के लिए अक्सर खेल के मैदान में ले जाती थी। उस समय उस पर एक कोच की नज़र पड़ी। 2020 में मेरे बेटे ने प्राथमिक
- [मैं अपना कर्तव्य शांत होकर क्यों नहीं स्वीकार पाई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-couldnt-take-on-duties-without-worries.html) - मो रान, चीन 29 नवंबर 2023 को मुझे पाठ-आधारित कार्य का पर्यवेक्षक चुना गया था। जब मैंने यह समाचार सुना तो मैंने अपने अंदर बहुत उथल-पुथल महसूस की। मैं खुद को रोक नहीं पाई क्योंकि मेरे दिमाग में उन दिनों की यादें कौंधती रहीं जब मैं एक पर्यवेक्षक थी। जब काम में विचलन और समस्याएँ
- [मैं अपनी परवरिश में अपनी माँ की दयालुता को अब सही ढंग से देख सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/heard-news-mom-critically-ill.html) - मॉड, यूएसए मेरा जन्म एक साधारण ग्रामीण परिवार में हुआ था। मेरे पिताजी साल भर बाहर काम करते थे और वे शायद ही कभी घर आते थे। मेरी माँ ने मुझे और मेरी बहन दोनों को अकेले ही पाला; भले ही हम अमीर नहीं थे, मेरी माँ ने हमें एक अच्छा जीवन देने की हमेशा
- [क्या परमेश्वर के लिए त्याग करने और खुद को खपाने के बदले आशीषें मिलनी चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-sacrificing-and-expending-for-God-entitle-us-blessings.html) - निंग यू, चीन 2022 में मैं एक कलीसिया में बहन गुओ ली से मिली। बातों-बातों में, मुझे पता चला कि उसने दस साल पहले अपना कर्तव्य निभाने के लिए घर छोड़ दिया था और वह इतने सालों से अगुआ या कार्यकर्ता के रूप में सेवा कर रही थी। जब भी किसी कलीसिया को सिंचन और
- [अंधा होकर मैंने क्या पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/gained-after-going-blind.html) - चेन झुओ, चीन 2010 में मेरी पत्नी ने मुझे परमेश्वर का राज्य का सुसमाचार सुनाया। परमेश्वर के वचन पढ़कर मैं जान गया कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही लौटा हुआ प्रभु यीशु है और वह मानवजाति को शुद्ध करने और बचाने के लिए सत्य व्यक्त कर रहा है। मैं बहुत खुश हुआ और मन ही मन सोचने
- [वास्तविक कार्य न करने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-not-doing-real-work.html) - शू यान, चीन मई 2023 में मैं पाठ आधारित कार्य की प्रभारी थी। अक्टूबर के मध्य में एक समूह अगुआ को वास्तविक कार्य न करने के कारण बर्खास्त कर दिया गया और बाद में भाई ली जी को समूह अगुआ चुना गया। उस समय अगुआ ने मुझे याद दिलाने के लिए विशेष रूप से एक
- [बुज़ुर्गों को सत्य का अनुसरण और भी अधिक करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-elderly-should-seek-the-truth-even-more.html) - शिनकाओ, चीन जब मैं पचास साल की थी, मैंने परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार कर लिया। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपने जीवनकाल में परमेश्वर के व्यक्तिगत कथन सुनूँगी और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करूँगी। स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने की आशा देखकर मुझे
- [इंसान को जीवन में किसका अनुसरण करना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-people-should-pursue-in-life.html) - वांग यिन, चीन मेरा जन्म 1970 के दशक में एक साधारण ग्रामीण परिवार में हुआ था। हम कई भाई-बहन थे और बहुत गरीबी में जीते थे। वहीं दूसरी ओर, हमारे गाँव में कुछ परिवार ऐसे थे जो काउंटी टाउन में काम करते थे। उन्हें तनख्वाह मिलती थी, वे अच्छा खाते थे और बढ़िया कपड़े पहनते
- [क्या यह विचार कि “एक महिला अपने कद्रदान के लिए खुद को सजाती-सँवारती है” सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-the-view-women-dress-please-those-admire-them-correct.html) - यीफेई, चीन चीन में प्राचीन काल से ही यह कहावत चली आ रही है : “एक महिला अपने कद्रदान के लिए खुद को सजाती-सँवारती है।” कई महिलाएँ अपना आकर्षण दिखाने और अपनी तारीफ करने वाले पुरुषों को खुश करने के लिए, खुद को सजाने-सँवारने की कोशिश करती हैं। मैं कोई अपवाद नहीं थी। जब मैं
- [मैंने अपनी हीन भावनाओं के समाधान का मार्ग पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/path-to-resolve-inferiority.html) - श्याओयी, स्पेन जब मैं बच्ची थी मेरे माता-पिता अपनी रोजी-रोटी कमाने में व्यस्त रहते थे और उनके पास मेरी देखभाल करने का समय नहीं था, इसलिए उन्होंने मुझे पालन-पोषण के लिए मेरी नानी के घर भेज दिया। यह उस समय की बात है जब परिवार नियोजन जनगणना चल रही थी और चूँकि मेरा नाम नानी
- [मेरे बेटे के लिए मेरी उम्मीदें टूटने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/hopes-for-son-destroyed.html) - चेन मो, चीन मेरा जन्म एक बुद्धिजीवी परिवार में हुआ था। मेरे माता-पिता ने हमेशा मुझे सिखाया कि “अन्य अनुसरण छोटे हैं, किताबें उन सबसे श्रेष्ठ हैं,” “एक व्यक्ति जहाँ रहता है वहाँ अपना नाम छोड़ता है, जैसे कि एक हंस जहाँ कहीं उड़ता है आवाज करता जाता है” और “भीड़ से ऊपर उठो और
- [अब मैं शांति से मौत का सामना कर सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/face-death-with-composure.html) - ली रुई, चीन मेरी सेहत हमेशा से ही खराब रही है। शादी के बाद, मैं परिवार और कारोबार दोनों की देखभाल में व्यस्त हो गई और मैं हर दिन समय पर न तो खा पाती थी और न ही आराम कर पाती थी। सालों की भाग-दौड़ और थकान के कारण मेरी सेहत और खराब हो
- [मैं दूसरों की समस्याएँ बताने की हिम्मत क्यों नहीं करती थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-hesitated-to-point-out-others-problems.html) - शु हुई, चीन पहले, मेरी एक पड़ोसन थी जो बहुत साफ-साफ बोलती थी। जब भी वह किसी को कुछ गलत करते हुए देखती, तो वह सीधे-सीधे बता देती थी और नतीजतन अक्सर लोगों को नाराज कर देती थी। दूसरे सभी पड़ोसी उसकी पीठ पीछे बातें करते थे, कहते थे : “इतनी होशियार दिखने वाली लड़की
- [मैंने व्यावहारिक ढंग से अपना कर्तव्य निभाना सीख लिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-learned-to-do-my-duty-in-grounded-manner.html) - लू हेंग, चीन अप्रैल 2023 में, मुझे अगुआओं से एक पत्र मिला जिसमें कहा गया था कि मेरा स्वभाव घमंडी है और मैं लोगों का चयन और नियुक्ति करते समय सत्य सिद्धांत नहीं खोजती और हमेशा अपनी मनमर्जी के आधार पर अयोग्य लोगों को चुनती थी, जिससे कलीसिया के काम में गड़बड़ी और बाधा आई।
- [मेरा संघर्ष जब मुझे पता चला कि माँ को बाहर निकाला जाने वाला है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-i-learned-my-mother-was-to-be-cleared-out.html) - नान शिन, चीन अगस्त 2021 में, कलीसिया सफाई का कार्य कर रही थी और अगुआ ने मुझसे मेरी माँ का मूल्यांकन लिखने को कहा। मैं चिंतित हुए बिना न रह सकी। मेरी माँ हाल ही में घर पर अलग-थलग की गई थी भले ही मैं नहीं जानती थी कि उसका कर्तव्य प्रदर्शन कैसा था, पर
- [एक भारतीय लड़की की आस्था की कठिन राह](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-indian-girl-s-difficult-path-of-faith.html) - लिडिया, भारत मेरा जन्म एक ईसाई परिवार में हुआ था। मेरे पिता पादरी हैं और मेरी माँ भी कलीसिया में सेवा करती हैं। मैं बचपन से ही उनके साथ प्रभु में विश्वास करती थी। मेरे माता-पिता प्रभु के बहुत धर्मनिष्ठ विश्वासी थे और दूसरों के प्रति बहुत मिलनसार भी थे। हमारा परिवार बहुत समरस था।
- [मैंने अपनी ईर्ष्या का समाधान कैसे किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-resolved-jealousy.html) - वांग शेन, चीन 2019 में मुझे वीडियो निर्माण टीम का अगुआ चुना गया। मैंने मन ही मन सोचा, “लगता है मैं काफी काबिल हूँ, नहीं तो वे मुझे नहीं चुनते।” उसी समय मैंने संकल्प लिया कि मैं अपना कर्तव्य अच्छी तरह करने में दिल लगाऊँगी। उस दौरान बहन शाओ या के 3D कौशल विशेष रूप
- [अब मैं अपनी कमजोर काबिलियत के कारण खुद से हार नहीं मानती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-give-up-on-myself-due-to-poor-caliber.html) - सू यान, चीन नवंबर 2023 में, मैंने धर्मोपदेशों का मूल्यांकन और चयन करने का कर्तव्य निभाना शुरू किया। यह सोचकर कि जब मैं अगुआ हुआ करती थी तो कैसे मुझे कमजोर काबिलियत होने और वास्तविक कार्य न कर पाने के कारण बर्खास्त कर दिया गया था, मैं जानती थी कि मेरे लिए यह पाठ-आधारित कर्तव्य
- [क्या केवल अनुग्रह का आनंद लेने की कोशिश करना ही परमेश्वर में सच्चा विश्वास है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-seeking-grace-true-faith.html) - मु शेंग, चीन प्रभु यीशु को पाने से पहले, मैंने बहुत पीड़ा, कठिन परीक्षाएँ, असफलताएँ और नाकामियाँ झेलीं। पहले, मेरे जुड़वाँ बेटे हुए जो समय से पहले पैदा हुए और बच नहीं पाए, फिर मुझे एक के बाद एक व्यापार में असफलताएँ मिलीं और लोगों ने मेरे खिलाफ साजिशें कीं, यहाँ तक कि मैं अब
- [मैंने ईमानदार बनकर शांति और खुशी पाई है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/being-honest-i-have-gained-peace-and-joy.html) - यांग चेंग, चीन मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति काफी औसत थी : मेरे माता-पिता के पास कोई व्यावसायिक कौशल नहीं था, इसलिए वे केवल खेती-बाड़ी करके ही गुजारा कर पाते थे। गाँव के बगल में एक कारखाना था, जहाँ मेरे पिता भी कुछ पैसे कमा लेते थे। हालाँकि उनकी आमदनी कम थी, लेकिन यह हमारे
- [मैं अब दौलत, शोहरत और लाभ के पीछे नहीं भागती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-chase-money-and-fame.html) - एमिली, फिलीपींस मैं एक गरीब परिवार में पली-बढ़ी थी, मेरे दस भाई-बहन थे। बचपन से ही मैं बहुत सारा पैसा कमाकर अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालना चाहती थी। खास तौर पर मैं तब प्रेरित हुई जब कॉलेज के दौरान, एक सहपाठी ने मुझे एक बिज़नेस सेमिनार में शामिल होने के लिए बुलाया, जिसमें
- [क्या ज्ञान व्यक्ति की नियति को सचमुच बदल सकता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-knowledge-change-ones-fate.html) - शेर, नेपाल मेरा जन्म नेपाल के एक ग्रामीण परिवार में हुआ था। मेरे माता-पिता दोनों किसान थे और उनकी पारिवारिक स्थितियाँ अच्छी न होने के कारण उन्हें पढ़ने का मौका नहीं मिला, इसलिए उन्होंने मुझे विकसित करने के लिए बहुत मेहनत की। वे अक्सर मुझसे कहते थे, “तुम्हें मेहनती बनना होगा और मन लगाकर पढ़ाई
- [अपना कर्तव्य खोने के बाद पछतावा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/remorse-after-losing-duty.html) - कैथलीन, इटली मैं सालों से एक अभिनेत्री के तौर पर अपना कर्तव्य कर रही हूँ। मई 2022 में, अगुआओं ने मुझसे निर्देशक के तौर पर प्रशिक्षण लेने और वीडियो जाँच का पार्ट-टाइम काम करने के लिए कहा। उस समय, हालाँकि मुझ पर कुछ दबाव था, फिर भी मैं ऊपर उठने का प्रयास करने और उसे
- [एक कड़वी असफलता के बाद मैंने क्या पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/gained-after-bitter-failure.html) - यूशिन, चीन 2013 में, पुलिस ने फोन की निगरानी के जरिए मुझे गिरफ्तार कर लिया। उसने मुझे ऊपरी अगुआओं की तस्वीरें दिखाईं और उन्हें पहचानने को कहा और जब मैंने बोलने से इनकार कर दिया तो उसने यह कहकर मुझे धमकाने और डराने की कोशिश की कि वह मुझे एकांत कोठरी में डाल देगी और
- [एक बिक्री प्रबंधक का चुनाव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/sales-managers-choice.html) - ये च्यो, यूनाइटेड किंगडम मेरा जन्म दक्षिणी चीन के एक छोटे से कस्बे में हुआ था। मेरे पिता उस इलाके के एक जाने-माने डॉक्टर थे और हमारा परिवार काफी संपन्न था। बचपन से ही मेरा जीवन स्तर अपने हमउम्र बच्चों से बेहतर था, जिससे मेरे अंदर श्रेष्ठता की भावना आ गई थी। जब से मुझे
- [गलती छिपाने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-concealing-mistake.html) - थियोडोर, इटली मैं हमेशा से कलीसिया में वीडियो एडिटिंग का कर्तव्य करता आया हूँ। मई 2022 में, एक फिल्म की शूटिंग के बाद, इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम गहनता से शुरू हो गया और एडिटिंग का काम जल्दी पूरा करना जरूरी था ताकि उसे समीक्षा के लिए अगुआ को सौंपा जा सके। हर सीन को एडिट
- [विभिन्न कर्तव्यों के बीच दर्जे का कोई अंतर नहीं होता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-status-distinction-in-doing-duties.html) - लिन सेन, चीन बचपन से ही मेरे परिवार की कमान हमेशा पुरुषों के हाथ में रहती थी और हर चीज में मेरे पिता का फैसला ही आखिरी होता था। वह कभी घर का कोई काम नहीं करते थे; खाना पकाना, कपड़े धोना और सफाई जैसे काम मेरी माँ और बहन के थे। वह अक्सर मुझे
- [मैंने अपने पिता की रुकावट और उत्पीड़न की बाधा को कैसे पार किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-broke-through-fathers-obstruction-persecution.html) - शिनआई, चीन जब मैं छोटी थी, तो मेरे माता-पिता दोनों परमेश्वर में विश्वास करते थे। जिज्ञासा में मैंने भी परमेश्वर के वचनों की कुछ किताबें पढ़ीं और जाना कि स्वर्ग, पृथ्वी और सभी चीजें परमेश्वर ने बनाई हैं और परमेश्वर हमारे भाग्य, जीवन और मृत्यु को नियंत्रित करता है। 2012 में, मेरे माता-पिता ने विश्वास
- [अगुआ बनने की मेरी अनिच्छा के पीछे क्या छिपा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-hides-behind-unwillingness-be-leader.html) - प्रिसिला, दक्षिण कोरिया मई 2024 की शुरुआत में मैं कलीसिया में नृत्य का कर्तव्य कर रही थी। एक शाम जिले की अगुआ ने मुझे बताया कि मुझे कलीसिया की अगुआ के रूप में चुन लिया गया है। यह खबर सुनकर मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा। मैंने मन में सोचा, “भाई-बहन मुझे अगुआ के रूप
- [परमेश्वर का अनुसरण करना मेरे जीवन का सबसे अच्छा चुनाव रहा है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/following-God-best-choice-life.html) - चेन झान, चीन जब मैं स्कूल में थी, जब भी मैं अपनी पढ़ाई में ढिलाई बरतती, तो मेरी माँ मेरे पीछे पड़ जातीं, “अपनी बड़ी मौसी को देखो; वे कॉलेज गईं और उन्हें पक्की नौकरी मिल गई, इसलिए उन्हें रोटी-कपड़े की चिंता नहीं करनी पड़ती। वे जहाँ भी जाती हैं, लोग उनकी इज्जत करते हैं
- [मैंने देखा कि परमेश्वर के प्रेम ने मुझे कभी नहीं छोड़ा है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-saw-that-God-s-love-has-never-left.html) - यांग शियाओलिन, चीन 1997 में, मैं एक बीमारी की वजह से प्रभु में विश्वास करने लगी, और जल्द ही मेरी हालत में सुधार हो गया। मैं प्रभु के अनुग्रह के लिए बहुत कृतज्ञ थी। 2003 के वसंत में मुझे पता चला कि प्रभु यीशु लौट आया है और वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के
- [आखिरकार मैं परमेश्वर के परीक्षणों का महत्व समझ गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/finally-understood-significance-God-trying-people.html) - लू यी, चीन जुलाई 2024 में एक दिन, मैं अपनी सहयोगी बहनों के साथ लेखों का मूल्यांकन कर रही थी कि तभी बहन जेन ने अचानक कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है, उसे चक्कर आ रहा है और सीने में जकड़न महसूस हो रही है। वह कुर्सी पर बैठी-बैठी लड़खड़ाने लगी और ऐसा लग
- [अलग-थलग किए जाने के बाद आत्म-चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-isolation.html) - लोरेन, यूएसए मार्च 2023 में हमारे जिले में जिला अगुआ चुनने के लिए उप-चुनाव हो रहा था। मैंने मन ही मन सोचा, “भले ही मेरा जीवन प्रवेश सबसे अच्छा नहीं रहा है, पर मैं हमेशा से सुसमाचार कार्य के लिए जिम्मेदार रही हूँ। मेरी जिम्मेदारी का दायरा काफी बड़ा रहा है और काम से कुछ
- [जेल के जीवन से मैंने क्या पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-gained-from-years-prison-life.html) - ली के, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : “मनुष्य की सबसे बड़ी कठिनाई यही है कि वह हमेशा अपने भाग्य और भविष्य की संभावनाओं के बारे में सोचता है और इन चीजों की पूजा करता है। मनुष्य अपने भाग्य और भविष्य की संभावनाओं के वास्ते परमेश्वर का अनुसरण करता है; वह परमेश्वर के प्रति अपने
- [एक पीड़ादायी विफलता से सीखे गए सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-painful-failures.html) - गैब्रिएला, इटली 2014 में, मैंने कलीसिया में अभिनय का कर्तव्य निभाना शुरू कर दिया। अभिनय करने और अपने हुनर को निखारने के अलावा, बाकी समय मैं अपनी मर्जी से बिताती थी, इसलिए मेरा जीवन अपेक्षाकृत स्वतंत्र और आरामदायक था। चूँकि मुझे अभिनय करना पसंद था और मैं अपने प्रदर्शन में मेहनत करने को तैयार थी,
- [मैंने दूसरों के साथ सामंजस्यपूर्ण ढंग से सहयोग करना सीखा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learned-how-cooperate-with-others-harmoniously.html) - फांग झेंग, चीन अगस्त 2021 में, पर्यवेक्षक ने मुझे बताया कि वे भाई वांग जिन और मुझे पाठ-आधारित कर्तव्य में सहयोग का काम सौंपने की योजना बना रही हैं, जैसे ही कोई उपयुक्त मेजबान परिवार मिल जाएगा, वे हम दोनों को वहाँ भेजने की व्यवस्था कर देंगी। यह सुनते ही मैं तुरंत प्रतिरोधी महसूस करने
- [जब मेरी आस्था में बाधा डाली गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/hindered-in-my-faith.html) - पिनबो, चीन मैं 1988 में एक कैथोलिक बना था। कुछ वर्षों बाद, मुझे एक उपयाजक के रूप में नियुक्त किया गया। चाहे मैं कितना भी व्यस्त क्यों न होता, मैं सक्रिय रूप से सेवाओं में भाग लेता था और मैं प्रभु के दिन और पवित्र दिनों को मनाता था। लेकिन बाद में धीरे-धीरे कलीसिया की
- [बदला लेने के लिए दूसरों का दमन करने से सीखे गए सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-lashing-out.html) - ओवेन, स्पेन 2021 में बहन सोफिया और मैं कलीसिया के वीडियो कार्य की जिम्मेदारी सँभाल रहे थे। उसके पास मुझसे ज्यादा तकनीकी कौशल और अनुभव था, इसलिए जब भी मुझे समस्याओं या कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था तो मैं संगति करने के लिए उससे संपर्क करता था। एक बार वीडियो पर काम करते हुए
- [दिखावा करना कितना बेतुका है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/senselessness-of-showing-off.html) - जूनियर, जिम्बाब्वे जून 2020 में मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। और अधिक सत्यों की लालसा के साथ मैंने खुद को परमेश्वर के वचनों को पढ़ने और सुसमाचार की फिल्में देखने के आनंद में डुबो दिया। धीरे-धीरे मैं सत्य के कई रहस्यों को समझने लगा, जैसे कि बाइबल की अंदर की
- [लेने से देना अधिक धन्य है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/giving-is-the-greatest-blessing.html) - हैरी, स्पेन कुछ साल पहले कलीसिया अगुआओं ने मुझे वीडियो बनाने के काम में लगाया था। उन्होंने यह भी कहा कि अभी वीडियो बनाने वाले लोगों की कमी है, इसलिए वे मुझे इस काम की प्राथमिक जिम्मेदारी देंगे। यह सुनकर मुझे बहुत खुशी हुई और मैंने सोचा, “लगता है अगुआओं की मेरे बारे में बहुत
- [यह परमेश्वर की वाणी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/this-is-the-voice-of-God.html) - पीयरे, यूएसए मैं एक ईसाई परिवार में पैदा हुआ; बचपन में मैं अपने माता-पिता के साथ कलीसिया जाया करता था। न जाने क्यों पर समय बीतने के साथ मैं लगातार अपने दिल में खोखलापन महसूस करने लगा; प्रार्थना करते समय मैं नहीं जानता था कि प्रभु से क्या कहूँ और बाइबल पढ़कर प्रबुद्ध महसूस नहीं
- [मैं अब अपने कर्तव्य में नखरे नहीं करती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-am-no-longer-picky-about-my-duty.html) - लियू हुइझेन, चीन जब मैंने पहली बार परमेश्वर में विश्वास करना शुरू किया तो मैंने देखा कि कैसे अगुआ भाई-बहन अक्सर लोगों के साथ परमेश्वर के वचनों पर संगति करते हैं ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके और भाई-बहन उनकी समस्याओं पर चर्चा करने के लिए उन्हें खोजने को तैयार रहते हैं। इससे मुझे
- [बर्खास्त होने के बाद के विचार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-being-dismissed.html) - फांग हुई, चीन अप्रैल 2021 में मैं कलीसिया में नए विश्वासियों का सिंचन कर रही थी। जब मैंने पहली बार यह कर्तव्य निभाया तो मुझमें बोझ उठाने की भावना थी और मैं सिद्धांतों पर कड़ी मेहनत करने पर ध्यान देती थी। जब कभी मैंने ऐसी समस्याओं का सामना किया जो मुझे समझ में नहीं आती
- [मेरे परिवार की बर्बादी का कारण कौन है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/ruin-of-my-family.html) - वांग झिइंग, चीन शुरुआती वर्षों में मैं एक सरकारी कर्मचारी के रूप में काम करती थी, मेरा पति हाई स्कूल में शिक्षक था और हमारी प्यारी बेटी होशियार बच्ची थी जिसे अच्छे ग्रेड मिलते थे, हर कोई हमसे जलता था कि हमारा परिवार देखने में इतना आदर्श और सुसंगत है। फिर 2005 के अंत के
- [अब मैं अच्छे से सहयोग करने के लिए संघर्ष नहीं करती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-struggle-to-collaborate-well.html) - जेसिका, जापान पिछले कुछ सालों से मैं कलीसिया में विदेश से आए नवागंतुकों का सिंचन कर रही हूँ। चूँकि मुझे सिंचन कार्य का अनुभव था और मैं उनकी भाषा भी थोड़ी-बहुत बोल सकती थी, इसलिए भाई-बहनों को जब नवागंतुकों के सिंचन से जुड़ी समस्याएँ होती थीं तो वे अक्सर मुझसे मदद माँगते थे और वे
- [मैंने छद्मवेश और छल से खुद को नुकसान पहुँचाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/disguise-harms-me.html) - सेरेना, दक्षिण कोरिया सितंबर 2021 में कलीसिया ने मुझे वीडियो बनाने के एक नए प्रोजेक्ट के काम में लगाया—यह प्रोजेक्ट काफी मुश्किल लग रहा था। मुझे पता था कि सिद्धांतों और पेशेवर क्षमता के मामले में मुझमें कमी है। इसलिए मैंने कड़ी मेहनत से पढ़ाई की और सभाओं में हिस्सा लेते समय और समस्याओं पर
- [एक कुकर्मी को निष्कासित करने से मैंने क्या सीखा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learned-from-expelling-evildoer.html) - आन शिन, चीन अप्रैल 2021 में मैं बाहर रहने के बाद अपनी मूल कलीसिया में लौट आई और लियू मिन से मिली। लियू मिन को पहले लगभग निष्कासित किया जा चुका था क्योंकि एक कलीसिया अगुआ के रूप में वह न केवल अपना वास्तविक कार्य करने में नाकाम रही, बल्कि उसने सिद्धांत के विरुद्ध जाकर
- [क्या दूसरों के प्रति वफादार होना एक अच्छा इंसान होना है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-being-loyal-to-others-being-good-person.html) - यू मिंग, चीन 2012 में जब मैं कलीसिया अगुआ था, झेंग शिन ने कुछ भाई-बहनों को अपने साथ मिलाकर गुमराह किया ताकि वह अगुआ के ओहदे के लिए प्रतिस्पर्धा कर सके और मुझे नकली अगुआ बताकर हटाने की माँग की, जिसके कारण कलीसिया में अराजकता फैल गई। उस समय जो कुछ हो रहा था, वांग
- [नकली अगुआ की रिपोर्ट करने से मिली सीख](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learning-from-reporting-a-false-leader.html) - क्रिस्टिना, यूएसए जून 2021 में हमारी कलीसिया के दो अगुआ असली कार्य न करने के कारण बर्खास्त कर दिए गए थे। जब मैंने उनके व्यवहार के गहन-विश्लेषण पर संगति की तो एक बहन ने सवाल किया, “इन दो नकली अगुआओं को बर्खास्त किए जाने से पहले हमें उनके मसलों की थोड़ी-बहुत जानकारी थी। साथ ही
- [सत्य का अभ्यास करने को लेकर मेरी आशंकाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/misgivings-over-practicing-truth.html) - जियांग पिंग, चीन सितंबर 2021 में कलीसिया के कार्य की एक मद की मुझे जिम्मेदारी मिली और झाओ तिंग हमारी समूह अगुआ थी। जब सभी लोग साथ मिलकर काम पर चर्चा करते तो झाओ तिंग हमेशा अपने दृष्टिकोणों पर अड़ी रहती थी और दूसरों की नहीं सुनती थी। इससे अक्सर हम गतिरोध में फँस जाते
- [शोहरत और रुतबे से मिला दर्द](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pain-brought-by-reputation-and-status.html) - फांग शियांग, चीन साल 2020 के मार्च में मुझे टीम अगुआ बनाया गया, मैं अनेक समूहों के सिंचन कार्य की प्रभारी थी। उस वक्त मुझे लगा कि मुझे टीम अगुआ चुना गया, यानी मेरी काबिलियत दूसरे भाई-बहनों से ज़रूर बेहतर होगी। यह सोचकर मैं बहुत खुश हो गयी, मगर मुझे थोड़ी फ़िक्र भी हुई। पहले
- [एक के बाद एक अग्नि परीक्षा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/one-crisis-after-another.html) - लियु यी, चीन अप्रैल 2009 की एक सुबह करीब 9 बजे मैं और बहन डिंग निंग एक सभा के बाद सड़क पर आए ही थे कि आठ पुरुषों ने तेजी से आकर हमें घेर लिया। बिना एक भी शब्द बोले उन्होंने तुरंत हमारे हाथ पीछे कर दिए और हमारे बैग और कलीसिया के पैसे के
- [मैं इतना व्यस्त क्यों था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-got-so-busy.html) - स्टेनली, दक्षिण कोरिया मैं कलीसिया में एक सिंचाई टीम का अगुआ हूँ। मुझे लगा कि जो भी एक योग्य और सक्षम टीम अगुआ बनना चाहता है, उसे हर काम को खुद ही सँभालना होगा और मैंने खुद से भी यही अपेक्षा की थी। जैसे ही मुझे हमारी टीम में कोई काम करने की जरूरत महसूस
- [एक नकली अगुआ का जागना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-false-leader-s-awakening.html) - यांग फ़ैन, चीन 2019 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया और मैंने अपने मन में कसम खाई कि मैं अपना कर्तव्य अच्छी तरह से निभाऊँगी। अपना नया पद सँभालने के बाद मैं हर दिन सभाओं में व्यस्त रहती थी, अपने भाई-बहनों के कर्तव्यों में आने वाली मुश्किलें और समस्याएँ सुलझाती थी और हमारे काम की
- [मैं सत्य का अभ्यास क्यों नहीं कर सकी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-could-not-i-practice-the-truth.html) - ये दी, चीन जब मैं एक अगुआ थी तो कुछ भाई-बहनों ने रिपोर्ट किया कि जिस कलीसिया की जिम्मेदारी मेरे पास थी, उसकी अगुआ यांग ली कोई वास्तविक कार्य नहीं कर रही थी। वास्तविक जाँच के माध्यम से मुझे पता चला कि यांग ली सारा दिन सामान्य कार्य करने में बिताती थी, और वह कलीसिया
- [व्यावहारिक होना शांति लाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/being-grounded-brings-peace.html) - हेली, जापान जब मैंने 2017 में कलीसिया में नए लोगों के सिंचन का काम शुरू किया तो मैंने सभी प्रासंगिक सत्य सिद्धांतों का अध्ययन करने और ज्ञान पाने में तेजी दिखाई ताकि मैं जल्द से जल्द अपने काम में सक्षम बन सकूँ। मैंने बहुत मेहनत की और अपने कर्तव्य में बहुत बड़ी कीमत चुकाई और
- [मेरे कर्तव्य ने मेरा स्वार्थ प्रकट कर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-duty-exposed-my-selfishness.html) - रोक्साना, ताइवान मैं दो वर्षों से अधिक समय से वीडियो कार्य की पर्यवेक्षक हूँ। कुछ समय पहले काम की जरूरतों के चलते हमारे समूह को दो छोटे समूहों में बाँट दिया गया। बहन लायला एक समूह की प्रभारी बनी और दूसरे समूह का प्रभार मुझे दिया गया। भले ही बहन लायला ने अभी-अभी इस काम
- [सिद्धांत परिवार पर भी लागू होते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/principles-also-apply-to-family.html) - माइक, दक्षिण कोरिया अक्टूबर 2004 में मैंने और मेरी पत्नी ने अंत के दिनों का सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य स्वीकारा और हमारे साथ हमारे दोनों बच्चे भी परमेश्वर में विश्वास रखने लगे। मैं यह सोचकर खास तौर से खुश था, “हमारा पूरा परिवार परमेश्वर में विश्वास रखता है। अगर हम सभी बचाए जा सकें और
- [जब नए पद पर तैनाती से मैं बेनकाब हो गया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/being-reassigned-exposed-me.html) - ओवेन, स्पेन 2018 में मैं कलीसिया में वीडियो बना रहा था। चूँकि मैंने अपने पेशेवर कौशल में तेजी से सुधार किया और आमतौर पर भाई-बहनों को कुछ समस्याएँ और कठिनाइयाँ सुलझाने में मदद की, हर किसी ने मेरे बारे में अच्छी धारणा बनाई और अगुआओं द्वारा मुझे कुछ महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए। अगुआओं से मान्यता
- [मैं दूसरे लोगों पर आँख मूँदकर भरोसा क्यों करती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-trusting-others-easily.html) - चेन सी, चीन 2021 में मेरे पास तीन कलीसियाओं के सिंचन कार्य की जिम्मेदारी थी। एक कलीसिया में दो सिंचन समूह अगुआ ली कैन और झांग जुआन मेरे साथ काम करती थीं। उस समय मुझे लगा कि ली कैन कार्य में सक्षम है और अपने कर्तव्य में बोझ लेती है। वह समय रहते मेरे कर्तव्य
- [कुकर्मियों की रिपोर्ट करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reporting-evil.html) - मा जिया, चीन मुझे फरवरी 2021 में एक समूह अगुआ के रूप में चुना गया था और उसके कुछ ही समय बाद बहन शिन यी ने मुझसे अपनी टीम की अगुआ लियू हुआ के व्यवहार के बारे में बताया। शिन यी ने देखा कि लियू हुआ कोई वास्तविक काम नहीं कर रही है और वह
- [एक परिवार के बिखरने के पीछे की कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-the-collapse-of-a-marriage.html) - शाओक्यू, चीन मैंने और मेरे पति ने मई 2012 में सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा था। हम साथ मिलकर सारे समय परमेश्वर के वचन पढ़ते और परमेश्वर की स्तुति वाले भजन गाते थे और मुझे काफी खुशी और संतोष महसूस होता था। कुछ ही समय में मैंने कलीसिया में एक कर्तव्य
- [“विशेषज्ञ” न रहकर मिली बड़ी आजादी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-being-the-expert-is-so-freeing.html) - झांग वेई, चीन मैं एक अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में उपप्रमुख हुआ करती थी। चार दशकों तक मैं अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थी और मेरे पास व्यापक नैदानिक अनुभव था। मरीज और साथी सभी मेरी चिकित्सा विशेषज्ञता को स्वीकारते थे और मैं जहाँ भी जाती थी मुझे सम्मान मिलता था और
- [तथाकथित आत्म-ज्ञान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/so-called-self-knowledge.html) - जोसेफ, दक्षिण कोरिया परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारने के बाद मैं हमेशा उन भाई-बहनों के साथ सभा करता था जिनका लंबे समय से परमेश्वर में विश्वास था। जब मैंने देखा कि परमेश्वर के वचनों पर संगति करते समय हर कोई उस भ्रष्टता के बारे में बात कर सकता है जो उसने प्रकट
- [क्या दूसरों के प्रति विचारशील होने का मतलब अच्छी मानवता होना है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-being-kind-mean-having-good-humanity.html) - वांग यिन, चीन 2016 में मुझे और बहन डिंग रुई को कई कलीसियाओं के काम की देखरेख करने के लिए साझेदार बनाया गया था। उसके कुछ समय बाद ही एक उच्च अगुआ ने डिंग रुई को एक कलीसिया में रिपोर्ट पत्र के निपटारे के लिए भेजा। लेकिन वह कुछ ही समय में वापस आ गई।
- [मैं कम आत्मसम्मान की भावना से कैसे मुक्त हुई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-be-freed-from-low-self-esteem.html) - मी जिंग, चीन चूँकि बचपन में मुझे लोगों से बात करना या उनका अभिवादन करना अच्छा नहीं लगता था, मेरे माता-पिता अक्सर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से कहते थे, “इस बच्ची में कुछ गड़बड़ है। यह कमअक्ल लगती है।” वयस्क भी ऐसी बातें करते थे, “देखो तुम्हारी बहन कितनी तेज और आकर्षक है, लेकिन तुम,
- [नकली अगुआ की रिपोर्ट करने से सीखे सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-an-honest-report.html) - झोउ ज़ुआन, चीन मैंने सितंबर 2019 में एक अगुआ के रूप में सेवा शुरू की और अपनी साझेदार वांग रैन के साथ कुछ स्थानीय कलीसियाओं का कार्य प्रभार सँभाला। मेरे लिए यह कर्तव्य अभी काफी नया था, इसलिए मैं काम के कुछ पहलुओं से अपरिचित थी और अक्सर चर्चा के लिए वांग रैन से संपर्क
- [नकली अगुआओं को बर्खास्त करने को लेकर मेरी चिंताएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-dreaded-dismissing-false-leaders.html) - जिंग वेई, चीन सितंबर 2020 में मैं कलीसिया में प्रचारक थी, मुझ पर चार कलीसियाओं के काम की जिम्मेदारी थी। इनमें से एक कलीसिया की अगुआ ली यिंग काफी काबिल और अपने कर्तव्य में उत्साही थी। मैं उससे काफी प्रभावित थी। लेकिन कुछ समय बाद मैंने पाया कि उस कलीसिया में साफ तौर पर कुछ
- [सौभाग्य के पीछे भागने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-pursuing-good-luck.html) - सु मिन, चीन 2022 के अंत में मैंने प्रचारक के रूप में अपना कर्तव्य शुरू किया और कई कलीसियाओं के कार्यों की जाँच करने की जिम्मेदारी ले ली। एक दिन मुझे उच्च-स्तरीय अगुआ का पत्र मिला, जिसमें कहा गया था कि एक कलीसिया में दो अगुआओं की अवस्था खराब है और इससे कलीसिया के कार्य
- [परमेश्वर को गलत समझने के मेरे कष्टदायक दिन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/agonizing-days-of-misunderstanding-God.html) - मैरिसा, नीदरलैंड 2017 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। पहले तो मैंने अपने कर्तव्य में कुछ नतीजे पाए लेकिन बाद में मैं रुतबे के फायदों में लिप्त हो गई और मैंने वास्तविक कार्य करना बंद कर दिया। मैंने यह बहाना बनाकर कलीसिया के कार्य का जायजा भी नहीं लिया कि मेरी काबिलियत कम है और
- [क्लेशों के बीच अपने कर्तव्य पर अडिग रहना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/staying-true-to-duty-through-adversity.html) - वांग जू, चीन 2016 में मैं कलीसिया में एक सिंचन उपयाजिका का कर्तव्य कर रही थी। उस समय कलीसिया की अगुआ एक मसीह-विरोधी द्वारा दबाई और सताई जा रही थी और वह नकारात्मकता में जी रही थी। उसने पवित्र आत्मा का कार्य खो दिया और वह बर्खास्त कर दी गई। मेरी उच्चस्तरीय अगुआ ने मुझे
- [गलतियाँ स्वीकार करने का संघर्ष](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-struggle-to-admit-mistakes.html) - क्रिस्टीना, यूएसए शनिवार, 3 दिसंबर 2022, हल्की बारिश आज वर्कशीट व्यवस्थित करते समय मुझे संयोग से एक वीडियो मिला जिसे गलत तरीके से दो-दो बार प्रोडक्शन के लिए भेजकर मैंने एक ही काम दोहरा दिया। मुझे बहुत हैरानी हुई। ध्यान से जाँचने के बाद मुझे पता चला कि मैं प्रोडक्शन के लिए भेजने से पहले
- [मैंने अपनी नकारात्मक भावनाओं को कैसे पराजित किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-left-negative-emotion-behind.html) - डेज़ी, यूएसए अक्टूबर 2022 में मुझे और शैली को कलीसिया अगुआ चुना गया। चूँकि हमने अभ्यास करना अभी शुरू ही किया था और हम कई कामों से परिचित नहीं थीं, इसलिए हम मामलों पर हमेशा मिलकर चर्चा करती थीं। कुछ समय बाद हमारे कार्य के कुछ नतीजे दिखने लगे। शैली में अपेक्षाकृत अच्छी काबिलियत थी।
- [मैंने अपने कर्तव्य से सही से पेश आना सीख लिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-learned-how-to-approach-duty-correctly.html) - लियु कियांग, चीन मेरा जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ था और बचपन से ही, मैंने हमेशा अपनी माँ को खाना बनाते और साफ-सफाई करते देखा और मैंने अपने पिता को कभी खाना बनाते या कोई घर का काम करते नहीं देखा। मेरे नानाजी भी ऐसे ही थे। कभी-कभी जब मेरी नानी दिन भर
- [छोड़ना कैसे सीखें और अपने बच्चों को स्वतंत्र बनना कैसे सिखाएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-let-go-and-let-children-learn-to-independent.html) - किन यूए, चीन मैंने अपना बचपन माँ के पास बिताया और उसी के साथ रहकर बड़ी हुई, मैंने देखा कि वह मेरे और मेरे भाई-बहनों की नौकरी, शादी और जीवन की खातिर कितनी कड़ी मेहनत करती थी। अब भले ही हम सबकी शादी हो चुकी है और हमारे बच्चे हैं, वह आज भी हमारे बच्चों
- [किस तरह के स्वभाव के कारण व्यक्ति बहस और बहानेबाजी करना चाहता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-disposition-is-it-to-argue-justify-oneself.html) - जियायू, चीन अप्रैल 2024 में एक दिन मुझे उच्च अगुआओं से एक पत्र मिला। पत्र में जिक्र था कि कई बहनों ने मेरे बारे में कुछ मसले उठाए थे। उन्होंने कहा कि मैंने उनके लिए किसी सभा की व्यवस्था नहीं की थी, यह भी कि मैं काम का जायजा लेने और पत्रों का जवाब देने
- [अपनी आस्था में तुम न ठंडे न गर्म होकर खुद को बर्बाद कर दोगे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lukewarm-faith-in-God-could-ruin-oneself.html) - मु चे, चीन फरवरी 2024 की शुरुआत में मैं कलीसिया में पाठ-आधारित कर्तव्य निभा रही थी। शुरू में मैं काफी उत्साहित थी; मुझे लगा कि मेरा जीवन प्रवेश काफी सतही है और मुझमें हर क्षेत्र में कमी है, इसलिए मैंने सोचा कि अपने पाठ-आधारित कर्तव्य में प्रशिक्षण पाकर और सत्य और सिद्धांतों को और अधिक
- [बुढ़ापे में बेटे से सहारा मिलने की मेरी उम्मीदें टूटने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-vainly-raised-son-to-care-for-me-in-old-age.html) - वांग यान, चीन जब से मैंने होश सँभाला है, मैंने बड़ों को अक्सर कहते सुना है, ‘फलाँ कितना भाग्यशाली है, उसके बच्चे कितने संतानोचित हैं।’ जब वे बीमार होते थे तो उनके बच्चे उनके बिस्तर के पास रहकर उनकी देखभाल करते थे और बुढ़ापे में मरने के बाद उन्हें सम्मानजनक तरीके से दफनाया जाता था
- [एक कॉलेज छात्रा की आस्था का कठिन मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-college-students-difficult-path-of-faith.html) - नैन्सी, भारत सितंबर 2021 में, मैं कॉलेज के पहले साल में थी। महामारी के कारण हम सिर्फ ऑनलाइन क्लास ही कर पा रहे थे, लेकिन इसी वजह से, ऑनलाइन मेरी एक बहन से जान-पहचान हुई, जिसने मुझे ऑनलाइन सभाओं में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। जब उस बहन ने मुझे गवाही दी कि प्रभु
- [एक घमासान आध्यात्मिक संघर्ष](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-fierce-spiritual-battle.html) - ली जिंग, चीन मैं 1993 में ईसाई बनी और उसके बाद पादरी ल्यू से मिली। बाहर से वह दयालु लगती थी और मजाकिया अंदाज में बात करती थी। उसे बाइबल का बहुत सारा ज्ञान और व्यापक अनुभव था। वह अध्ययन करने के लिए अक्सर विभिन्न जगहों पर भी जाती थी और बहुत सारी कलीसियाओं में
- [शादी का गुलाम न होना ही सच्ची आजादी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/not-being-a-slave-to-marriage-is-true-freedom.html) - चेंग ना, चीन मेरे पहले पति ने मुझसे तलाक ले लिया था क्योंकि मैं बच्चे पैदा नहीं कर सकती थी। बाद में, मैंने अपने मौजूदा पति से शादी कर ली। उस समय, उसके दो नाबालिग बेटे थे। मैंने सोचा, “अगर मैं इस शादी को अच्छी तरह से निभाऊँगी, तो बुढ़ापे में मेरा कोई सहारा होगा।”
- [गिरफ्तारी के बाद चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-being-arrested.html) - यू लू, चीन 2018 में मुझे कलीसिया में अगुआ चुना गया। उस समय ली हुआ लगातार दूसरों पर दबाव डालती और उन्हें सताती थी और कलीसिया के जीवन में बाधा डाल रही थी। हमें परमेश्वर के वचनों के साथ एक बुरी इंसान के तौर पर उसके व्यवहार को उजागर करना और उसका गहन-विश्लेषण करना चाहिए।
- [मैं अब अपने बेटे की शादी को लेकर परेशान नहीं होती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-fret-over-my-sons-marriage.html) - जिंगेन, चीन मेरा जन्म 1960 के दशक में एक किसान परिवार में हुआ था। मेरे माता-पिता मेरे बड़े भाई का घर बनवाने और उसकी शादी करवाने की खातिर पैसे कमाने के लिए सुबह जल्दी उठते और देर रात तक काम करते थे। वे बहुत थक जाते थे। अपने माता-पिता की शिक्षा के प्रभाव और उनके
- [रुतबे को बचाना बेहद शर्मनाक है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/maintaining-status-is-shameful.html) - फ्रेंकलिन, स्पेन मई 2023 में मेरे पास कई कलीसियाओं के सुसमाचार कार्य की जिम्मेदारी थी। जब मैंने देखा कि मेरे साथ काम करने वाले कई भाई-बहनों को वास्तविक कार्य न करने जैसी वजहों को लेकर एक के बाद एक बरखास्त कर दिया गया, तो अनजाने ही मेरे दिल में एक विचार ने जन्म लिया, “मुझे
- [जब मेरे सहपाठियों ने सुसमाचार प्रचार करने के कारण मेरी रिपोर्ट कर दी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-reported-by-classmates-for-preaching-gospel.html) - ली शिनचेन, चीन जब मैं प्राथमिक विद्यालय में थी, तभी मैंने अपने दादा-दादी के साथ सभाओं में भाग लेना शुरू किया, लेकिन जब मैं माध्यमिक विद्यालय में गई तो मेरी पढ़ाई और कठिन हो गई, इसलिए मैं सभाओं में भाग नहीं ले सकी और न ही परमेश्वर के वचन पढ़ सकी और मेरा दिल परमेश्वर
- [अब मैं अपने कर्तव्य पर ध्यान दे पाती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/I-am-now-able-to-calm-my-heart-in-duties.html) - ब्रियाना, इटली 21 फरवरी 2024, धूप खिली हुई आज पाठ-आधारित कार्य की पर्यवेक्षक ने अचानक मुझे एक संदेश भेजा : इन दिनों तुम कुछ समय निकालकर एक पटकथा क्यों नहीं लिखती? फिर हम देखेंगे कि तुम पटकथा लिखने का कर्तव्य निभाने के लिए प्रशिक्षण ले सकती हो या नहीं। यह संदेश देखकर, मैं बेहद उत्साहित
- [सिद्धांतों के अनुसार कर्तव्य न करने के दुष्परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-not-doing-duties-according-to-principles.html) - श्याओश्याओ, चीन सन् 2022 की शुरुआत में, मैं दस कलीसियाओं के काम के लिए जिम्मेदार थी। इनमें से तीन कलीसियाएँ ऐसी थीं जहाँ अगुआओं और उपयाजकों की काबिलियत काफी खराब थी और कलीसियाई जीवन अच्छा नहीं था। इसके अलावा, कई दूसरी कलीसियाओं में अगुआओं और उपयाजकों की कमी थी, इसलिए मैंने जल्दी से भाई-बहनों को
- [पर्यवेक्षण या अनुवर्ती कार्रवाई में मेरी नाकामी के पीछे क्या था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reasons-behind-not-supervising-following-up-work.html) - मार्टिन, म्यांमार नवंबर 2023 में मुझे प्रचारक चुना गया। चूँकि मैं अक्सर कलीसिया अगुआ अन्ना के कार्य का अनुवर्तन करता था और उसका मार्गदर्शन करता था, तो मुझे पता था कि वह अपने कर्तव्य निभाने में प्रगति कर रही थी, पहले की तुलना में कार्य को लागू करने में अधिक कुशल थी और अपने काम
- [उत्पीड़न और क्लेशों ने मुझे प्रकट किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/persecution-and-tribulation-revealed-me.html) - छिंगयो, चीन मैं कुछ कलीसियाओं में शुद्धिकरण के काम के लिए जिम्मेदार थी। जुलाई 2022 में एक दिन मैं यांग शिन से कुछ चीजों के बारे में जानकारी हासिल करने उसके घर गई। घर का दरवाजा उसके पति ने खोला। घबराई हुई आवाज में वह फुसफुसाया, “तुम किससे मिलने आई हो?” अपने दिमाग का इस्तेमाल
- [कर्तव्य निभाने में सत्य सिद्धांत खोजना बेहद ज़रूरी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/To-do-duty-properly-so-important-to-seek-principles.html) - डेज़ी, ग्रीस अपने कर्तव्य में मेरी यह धारणा हुआ करती थी : मुझे लगता था कि जब तक मेरे अच्छे इरादे हैं और मैं अपना कर्तव्य अच्छे से निभाना चाहती हूँ तो फिर अपने अच्छे इरादों के कारण मुझे परमेश्वर का अनुमोदन और स्वीकृति मिलेगी और वह मेरे कर्तव्य को अच्छे नतीजों की आशीष देगा।
- [बीमारी को लेकर अपनी चिंताएँ और फिक्र छोड़ देना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/letting-go-of-worries-about-illness-2.html) - जी चेंग, चीन अप्रैल 2024 में मेरा सिरदर्द बढ़ गया, जब मैं सुबह उठती तो मेरे सिर में सूजन और पीड़ा महसूस होनी शुरू हो जाती थी, जिससे मुझे धुंधलापन और थोड़ा चक्कर आने जैसा महसूस होता। रात में मेरी बाहें और हाथ अक्सर सुन्न लगने लगते थे और मेरी गर्दन में भी इतना दर्द
- [क्या दयालुता का बदला साभार चुकाना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/should-a-kindness-received-be-gratefully-repaid.html) - ओयांग शुए, चीन सन् 2015 में, अगुआओं ने मेरे लिए पाठ-आधारित कर्तव्य करने की व्यवस्था की। उस समय, कर्तव्य निभाने में बुरा रवैया दिखाने के कारण टीम की अगुआ चेंग नुओ की अगुआओं द्वारा काट-छाँट की गई थी। उसका मानना था कि अगुआओं ने मुझे इसलिए भेजा था क्योंकि वे चाहते थे कि मैं उसकी
- [आरामपरस्ती में लिप्त होने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-craving-comfort.html) - डिंग शिन, चीन अगस्त 2022 में कलीसिया में नए विश्वासियों के सिंचन कार्य की ज़िम्मेदारी मुझ पर थी। इतना महत्वपूर्ण कर्तव्य निभाने में सक्षम होने के लिए मैं परमेश्वर की बहुत आभारी थी और मैंने मन ही मन यह संकल्प लिया था कि मैं इस कर्तव्य को निश्चित रूप से अच्छी तरह से करूँगी। चूँकि
- [पकड़े जाने और यातना के बाद परमेश्वर से विश्वासघात किए जाने का सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learning-someone-betrayed-God-after-caught-and-tortured.html) - मो वुवेन, चीन 2022 के अंत में एक दिन, मुझे पता चला कि कलीसिया अगुआ लिन हुई ने गिरफ्तार किए जाने के बाद परमेश्वर से विश्वासघात किया और यहूदा बन गया। पूछताछ के दौरान, पुलिस ने लिन हुई को कलीसिया के पैसों और भाई-बहनों के बारे में जानकारी का खुलासा करने के लिए धमकाया। उन्होंने
- [रुतबे के पीछे भागने को लेकर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-the-pursuit-of-status.html) - चांग शिंग, चीन अपनी आस्था के वर्षों में मैंने मुख्य रूप से पाठ-आधारित कर्तव्य निभाए हैं और समय के साथ अधिकांश भाई-बहन मेरी प्रशंसा और मेरा आदर करने लगे। मुझे लगता था कि परमेश्वर ने वास्तव में मुझ पर अनुग्रह किया है और मैं हमेशा अपने कर्तव्य में प्रेरित रहता था। लेकिन तुलना के बिना
- [क्या माता-पिता अपने बच्चों का भाग्य बदल सकते हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/can-parents-change-their-childrens-fate.html) - झेंग ची, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारने के बाद परमेश्वर के वचन खाने और पीने से मुझे एहसास हुआ कि केवल परमेश्वर में विश्वास करने और उसकी आराधना करने से ही मानवजाति के पास अच्छा भाग्य और गंतव्य हो सकते हैं और मैं समझ गई कि इस अंधकारमय और बुरी
- [मैं अब क्लेश से नहीं घबराती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-shy-away-from-adversity.html) - लियु जी, चीन अगस्त 2023 में मैं एक कलीसिया में अगुआ थी। 29 तारीख को उच्च अगुआओं का एक पत्र आया। उसमें कहा गया था कि हाल के दिनों में सीसीपी ने दो नजदीकी कलीसियाओं को गिरफ्तारी के लिए निशाना बनाया है और कई भाई-बहनों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पूछा कि क्या मुझे
- [मुझे अब संतान होने की चिंता नहीं रही](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-worry-whether-have-children.html) - जिहुई, चीन शादी के बाद, मैं अपने कर्तव्यों में काफी व्यस्त थी, तो मैंने सोचा कि अगर मैं गर्भवती हो गई और बच्चा हो गया, तो मुझे हर दिन उसी के इर्द-गिर्द रहना पड़ेगा और मेरे पास अपना कर्तव्य निभाने और परमेश्वर के लिए खुद को खपाने के लिए समय और ऊर्जा नहीं होगी, इसलिए
- [मैंने प्रतिभाशाली लोगों से ईर्ष्या करना कैसे बंद किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-I-get-rid-of-my-jealousy.html) - रोज, फिलीपींस फरवरी 2021 में, मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। एक दिन, एक उच्च अगुआ ने मुझसे कहा कि बहन एस्तेर में अच्छी काबिलियत है, वह अपने कर्तव्यों में बहुत सक्रिय है और मुझे उसे विकसित करना है। उच्च अगुआ को यह कहते हुए सुनकर मैं थोड़ी चिंतित हो गई, सोचने लगी कि शायद बहन
- [जब माँ की बीमारी का पता चला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-learning-that-mom-was-sick.html) - लोर्ना, अमेरिका मई 2023 में, मैं घर से दूर अपना कर्तव्य निभा रही थी। एक दिन मुझे अपने गृहनगर से एक पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि मेरी माँ को कुछ साल पहले स्ट्रोक हुआ था और वे कम ही चल-फिर पाती थीं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि यह सच है। जब मैंने
- [एक मुश्किल फैसला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-tough-decision.html) - झोंग झेन, चीन मेरा वैवाहिक जीवन दुखद रहा था। तलाक के बाद अकेले अपनी बेटियों को पालना बहुत मुश्किल था। बाद में, मैं अपने स्कूल के एक सहकर्मी के साथ रहने लगी। शादी के बाद, वह मेरे और मेरी बेटियों के प्रति बहुत अच्छा था, मुझे घर की किसी भी बात की चिंता करने की
- [बरखास्त किए जाने से मैंने जो सबक सीखे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-i-learned-from-being-dismissed.html) - चेन जिन, चीन 2012 में, मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। परमेश्वर के मार्गदर्शन में, हमारी कलीसिया के सुसमाचार कार्य के कुछ फल मिले, और हमने दो नई कलीसियाएँ भी शुरू कीं। उस समय, भाई-बहनों ने मुझे कलीसिया के चुनाव कार्य की मेजबानी के लिए नामित किया, और जब भाई-बहनों की दशाएँ खराब होतीं, तो वे
- [मैंने अपनी दमनकारी भावनाओं पर कैसे काबू पाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-resolved-my-suppressed-emotions.html) - हुआ शुआंग, चीन दिसंबर 2023 में, मुझे एक जिला अगुआ चुना गया। हर दिन, ऐसे बहुत से काम होते थे जिनका जायजा लेकर उन्हें लागू करना होता था। शुरू में मेरी मानसिकता काफी अच्छी थी। मैं जानती थी कि मुझमें बहुत-सी कमियाँ हैं, इसलिए मैंने आगे का रास्ता खोजने के लिए ऊपरी अगुआओं के मार्गदर्शन
- [नवागतों के सिंचन में आने वाली समस्याएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/problems-encountered-when-watering-new-believers.html) - चिऊयू, चीन मैं कलीसिया में नए लोगों का सिंचन करती हूँ। सितंबर 2008 की एक रात मैं हमेशा की तरह अपने घर सभा के लिए दम्पति यू हुई और शिन मिंग के आने का इंतजार कर रही थी। उन्होंने हाल ही में अंत के दिनों का परमेश्वर का कार्य स्वीकारा था। लगभग एक घंटा बीत
- [अब मैं हीन महसूस नहीं करती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-have-low-self-esteem.html) - डेबरा, अमेरिका मैं बचपन से ही शर्मीली और कमअक्ल रही हूँ। मेरे परिवार वाले सब कहते थे कि मैं होशियार नहीं हूँ, सुस्त हूँ। इसके अलावा, मेरी बोलचाल की क्षमता अच्छी नहीं है, इसलिए बहुत से लोगों के सामने बोलते हुए मैं घबरा जाती थी। जैसे ही मैं घबराती, मेरा दिमाग खाली हो जाता, और
- [अपना कर्तव्य अच्छे से निभाना परमेश्वर द्वारा सौंपा गया मिशन है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/performing-duty-well-is-the-mission-entrusted-by-God.html) - चिंगतियान, चीन मेरे परिवार की आर्थिक हालत बहुत अच्छी नहीं थी। जब मैं बहुत छोटी थी, तो मेरे पिता मुझे और मेरे छोटे भाई को स्कूल भेजने के लिए पैसे कमाने के लिए घर से दूर काम करते थे। वे बहुत कम खर्च करते थे और बीमार होने पर भी आराम नहीं करते थे। अपनी
- [अपने अहंकारी स्वभाव को हल करने का मार्ग खोजना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/gaining-a-path-to-resolve-arrogant-disposition.html) - साइरस, फिलीपींस मैंने हाई स्कूल में नृत्य सीखा था और मुझे नृत्य का कुछ अनुभव है। मुझे वास्तव में नृत्य करना भी बहुत पसंद है। जब कलीसिया ने मेरे लिए नृत्य का कर्तव्य करने की व्यवस्था की तो मैं वास्तव में खुश था—मुझे लगा कि अपने आधार के साथ मैं इसे निश्चित ही आसानी से
- [पैसा, प्रसिद्धि और लाभ के पीछे भागने के कड़वे वर्षों को अलविदा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/saying-goodbye-to-years-chasing-money-fame.html) - शू फेई, चीन मेरा जन्म एक साधारण ग्रामीण परिवार में हुआ था और हमारे घर में रहन-सहन की स्थितियाँ काफी औसत दर्जे की थीं। मेरा पड़ोसी एक शिक्षक था, उसका परिवार पीढ़ियों से अमीर और बहुत सम्मानित था। मुझे सचमुच ईर्ष्या होती थी। जब मैं छोटी थी, तो पड़ोसी नूडल्स खाते थे, जबकि हमारा परिवार
- [अब मैं अपना मान-सम्मान बचाने की कोशिश नहीं करती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-try-to-protect-my-reputation.html) - ट्रेसी, म्यांमार सितंबर 2023 में, भाई-बहनों ने मुझे कलीसिया का अगुआ चुना, मैं मुख्य रूप से सिंचन कार्य के लिए जिम्मेदार थी। यह खबर सुनकर, मुझे बहुत दबाव महसूस हुआ। मैंने सोचा, “कलीसिया के कार्य में बहुत से काम शामिल हैं। मैंने अभी-अभी प्रशिक्षण लेना शुरू किया है और कोई अनुभव नहीं है। अगर मैं
- [मैंने अपनी ईर्ष्या का समाधान कैसे किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-overcame-my-jealous-heart.html) - सोंगयी, चीन अक्टूबर 2019 में, मैं फोटोग्राफी के काम में मो हान का सहयोग कर रही थी। चूँकि मैंने पहले फोटोग्राफी सीखी थी, इसलिए मेरे शूट किए गए मानक स्तर के शॉट्स की संख्या उसकी तुलना में बहुत ज्यादा थी। मैंने सोचा, “लगता है फोटोग्राफी में मुझमें कुछ प्रतिभा है, शुरू करते ही मैं इतनी
- [अब मुझे पता है शादी से कैसे पेश आना है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-know-how-to-approach-marriage.html) - सोंग शियाओ, चीन जब मैं 18 साल का था, तब मेरी दादी ने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का सुसमाचार सुनाया था। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़ने के माध्यम से मैंने समझा कि अंत के दिनों में परमेश्वर सत्य व्यक्त करता है और लोगों को शुद्ध करने और बचाने के लिए न्याय का
- [काट-छाँट के बाद का चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-being-pruned.html) - मेंग हान, चीन 2023 में, मुझे एक जिला अगुआ के रूप में चुना गया था। मुझे लगा कि मेरी ज़िम्मेदारी बहुत बड़ी है, और मैं हर दिन कलीसियाओं के बीच जाती थी, मिलने वाली किसी भी समस्या को सक्रिय रूप से हल करती थी। कुछ समय बाद, कलीसिया के शुद्धिकरण कार्य से कुछ नतीजे मिले,
- [हम पर आने वाला दुख भी परमेश्वर का प्रेम है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/hardship-is-also-an-expression-of-God-s-love.html) - झोउ हुई, चीन जब मैं सत्रह साल की थी, तो मेरे पिता बीमारी के कारण चल बसे और कुछ ही समय बाद, मेरी माँ की आँखों की रोशनी चली गई। अपनी माँ की देखभाल करने के लिए, मुझे शादी करके घर बसाना पड़ा। शादी के बाद, मैंने देखा कि मेरे पति का परिवार अमीर नहीं
- [अच्छे दोस्तों की कमियों के बारे में बोलने से दोस्ती लंबी और अच्छी होती है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-true-friend-tells-it-like-it-is.html) - ज़ियान, चीन 2023 में, मैं ये शुन के साथ मिलकर पाठ-आधारित कर्तव्य कर रही थी। ये शुन की कार्यक्षमता मुझसे बेहतर है, और वह ज्यादा कुशल भी है। आम तौर पर, अगर मेरी कोई भी दशा होती, तो वह मेरी मदद करने के लिए परमेश्वर के वचनों पर संगति करती थी। हमारी आपस में बहुत
- [मेरा अंतर्मुखी व्यक्तित्व अब मुझे नकारात्मक नहीं बनाता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-introverted-personality-no-longer-makes-me-negative.html) - सोंग युआन, चीन मैं बचपन से ही अंतर्मुखी रही हूँ, स्कूल में मैं अपनी कक्षा के सभी सहपाठियों को पहचानती भी नहीं थी। मेरे ज्यादा दोस्त नहीं थे और मैं दूसरों से ज्यादा मेलजोल नहीं रखना चाहती थी, क्योंकि मुझे लगता था कि बात करने के लिए कुछ है ही नहीं। धीरे-धीरे, मैं अजनबियों से
- [मैं पैसे, प्रसिद्धि और लाभ के प्रलोभनों से कैसे मुक्त हुई?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/escaping-temptations-of-wealth.html) - सु यान, चीन जब मैं छोटी थी, तो मेरा परिवार गरीब था और मेरे आस-पास के लोग अक्सर मुझ पर धौंस जमाते थे और रिश्तेदार-दोस्त मुझे नीची नजर से देखते और उपेक्षा करते थे। इसलिए मैंने संकल्प लिया कि जब मैं बड़ी हो जाऊँगी, तो मैं एक अमीर और प्रतिष्ठित व्यक्ति बनूँगी, ताकि लोग मेरा
- [आराम में लिप्त रहना मौत का कारण बन सकता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/coveting-comfort-will-destroy-oneself.html) - ग्रेसन, अमेरिका अगस्त 2021 में अगुआओं ने मुझे वीडियो कार्य के पर्यवेक्षण का काम सौंपा। आमतौर पर खुद वीडियो बनाने के अलावा मुझे अपने भाई-बहनों द्वारा बनाए गए वीडियो की जाँच भी करनी होती थी, उनके कर्तव्यों में आने वाली किसी भी समस्या या कठिनाई का समाधान करना होता था और संगति करके उनकी किसी
- [पर्यवेक्षण से बचकर वास्तव में क्या छिपाया जा रहा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-is-shirking-supervision-hiding.html) - लिन वेई, चीन जून 2021 में मुझे प्रचारक चुना गया। पहले तो मैं अपने काम से परिचित नहीं थी, इसलिए मैंने विनम्रतापूर्वक अपने सहकर्मियों के जरिए अध्ययन किया। कुछ समय बाद मेरी जिम्मेदारी वाली कलीसियाओं ने अपने कार्यों में कुछ नतीजे हासिल किए। हालाँकि कुछ कामों में बहुत प्रगति नहीं हुई थी। एक सभा में
- [बरखास्त होने से मुझे क्या प्राप्त हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/things-gained-from-being-dismissed.html) - झांग लियांग, चीन 2016 में मुझे कलीसिया में अगुआ चुना गया। कलीसिया के कार्य की जिम्मेदारी देते हुए मुझे बहन झांग जिंग के साथ भागीदार बनाया गया। उस समय मुझे परमेश्वर में विश्वास रखते हुए दो साल से कुछ ज्यादा समय हुआ था। झांग जिंग लंबे समय से अगुआ थी और उसके पास व्यापक कार्य
- [धारणाओं और कल्पनाओं पर आधारित आस्था के परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-faith-based-on-notions-and-imaginings.html) - ची झाओ, चीन 2004 में, परमेश्वर के अनुग्रह से मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किया। भाई-बहनों के साथ सभा करते हुए, कभी-कभी मैं उन्हें अपने अनुभवों पर संगति करते सुनती थी, वे बताते कि उन्होंने बीमारी में भी अपना कर्तव्य नहीं छोड़ा और चमत्कारिक रूप से ठीक हो गए।
- [बच्चों का कर्जदार होने की भावना को मैंने त्याग दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-let-go-of-indebtedness-to-my-children.html) - यी शान, चीन 2003 में, मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार कर लिया। प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत कर पाने के कारण मैं बहुत उत्साहित थी, और यह खुशखबरी प्रभु में अपने भाई-बहनों को जल्दी से बताना चाहती थी, ताकि वे सब परमेश्वर के पास आ सकें। इसलिए, मैं
- [मैं अपने कर्तव्य को लेकर मीनमेख क्यों निकालती थी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-was-picky-about-my-duty.html) - झोउ फेंग, चीन जुलाई 2023 में, प्रतिष्ठा और रुतबे के पीछे भागने और वास्तविक काम न करने के कारण मुझे अगुआ के पद से बरखास्त कर दिया गया। दो हफ़्ते बाद, मेरी पूर्व सहयोगी, बहन लियू शिआओ, मुझसे मिलने आई। उसने कहा, “सीसीपी अब जगह-जगह परमेश्वर में विश्वास करने वालों को गिरफ्तार कर रही है।
- [कलीसिया के कार्य की रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/upholding-church-work-is-my-responsibility.html) - शाओ वेई, चीन 2019 में मैं कलीसिया में पाठ-आधारित कर्तव्य कर रही थी। एक दिन मुझे पता चला कि किंगयुआन कलीसिया की बहन युआन ली को अगुआ चुन लिया गया है। जब मैंने यह खबर सुनी तो मैं थोड़ी चौंक गई। मैं युआन ली से बहुत अच्छी तरह परिचित थी। वह अपने कर्तव्य करने में
- [मैं अब अपनी खराब काबिलियत से बेबस नहीं हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/poor-caliber-is-no-longer-hindrance.html) - यीचाओ, चीन 2021 में मैं कलीसिया में पाठ-आधारित कर्तव्य कर रही थी, लेकिन 2022 की शुरुआत में मेरा कर्तव्य बदल दिया गया। बाद में मैंने आत्म-चिंतन किया और एहसास हुआ कि मेरे गंभीर भ्रष्ट स्वभाव और लगातार अपने ही विचारों पर अड़े रहने के कारण ही, मैं अपना कर्तव्य मानक के अनुसार पूरा नहीं कर
- [मैं अपने कर्तव्य में बोझ उठाने को तैयार हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/willing-to-bear-burden-in-my-duty.html) - शियाओ युशिन, चीन जुलाई 2023 के मध्य में मैं कलीसिया में पाठ-आधारित कर्तव्य निभा रही थी, दो अन्य बहनों के साथ कार्य कर रही थी : एक नई सदस्य, वांग शू और दूसरी लिन शी थी। अगस्त के अंत में अगुआओं ने लिन शी को अस्थायी रूप से दूसरा कार्य करने को कहा और इसलिए
- [संकट के समय कर्तव्य का पालन कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-uphold-duty-amid-peril.html) - गाओ जियाकी, चीन जुलाई 2023 में मैं अभी बस कलीसिया अगुआ बनी ही थी। 13 अगस्त को मैं अपना कार्य खत्म करके अपने मेजबान परिवार के पास लौटी। जैसे ही मैंने दरवाजा खोला, जो नजारा मेरी आँखों के सामने आया उसे देखकर मैं चौंक गई। अंदर सब-कुछ उल्टा-पुल्टा और अस्त-व्यस्त पड़ा था, रसोई और हॉल
- [प्रतिष्ठा और रुतबे को बचाने के दुष्परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-safeguarding-reputation-and-status.html) - सिल्वी, फिलीपींस लिस कलीसिया में सामान्य मामलों का काम सँभालती थी। रॉजर ने अभी-अभी प्रशिक्षण लेना शुरू किया था और वह सामान्य मामलों के काम से परिचित नहीं था, इसलिए लिस ने उसे धैर्य से सिखाया। कुछ समय बाद, रॉजर बुनियादी काम करना जान गया था, और लिस ने उसे कुछ काम सौंपे। कई दिन
- [बीमारी के बीच परमेश्वर के प्रेम का अनुभव करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/experiencing-God-s-love-amidst-illness.html) - यीशिन, चीन 2003 में, मैंने परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। मुझे पता भी नहीं चला और जल्द ही मेरे पेट की समस्याएँ, निम्न रक्तचाप, निम्न रक्त शर्करा और दूसरी बीमारियाँ ठीक हो गईं। मैं बहुत खुश और आभारी थी। मैंने मन ही मन सोचा, “परमेश्वर न केवल लोगों की परवाह और
- [मैं अब अपनी नियति के बारे में शिकायत नहीं करूँगी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-will-no-longer-complain-about-my-fate.html) - शाओयुन, चीन मेरा जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था और चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए बच्चों के विपरीत मेरे जीवन की शुरुआत उनसे कहीं नीचे से हुई थी। इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण यह था कि जब मैं प्राथमिक विद्यालय में थी, तब मेरे माता-पिता का तलाक हो गया। मेरे पिता ने मुझे मेरे
- [ईर्ष्या की बेड़ियों से मैं बच निकली](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-escaped-from-shackles-of-jealousy.html) - आन शिया, चीन 2021 की शरद ऋतु में, मैं पाठ-आधारित कर्तव्य कर रही थी। उस समय चेंग शिन नाम की एक बहन हमारी टीम में शामिल हुई। चेंग शिन की काबिलियत अच्छी है और उसकी समझ शुद्ध है। भले ही उसे सिद्धांतों पर बहुत ठोस पकड़ नहीं थी, लेकिन वह सक्रिय रूप से खोज सकती
- [एक स्नातक छात्रा का चुनाव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-graduate-students-choice.html) - जब मैं छोटी थी, तो मेरा परिवार बहुत गरीब था और हमारे पड़ोसी और रिश्तेदार हमें नीची नजरों से देखते थे। मेरी माँ ने मुझे बचपन से ही सिखाया था कि, “तुम्हें खूब पढ़ाई करनी है और बड़े होकर हमारे परिवार का नाम रोशन करना है।” मैंने अपनी माँ की बातों को अपने दिल में
- [उत्पीड़न और क्लेश के अनुभव से मैंने जो सबक सीखे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-through-persecution-and-tribulations.html) - चेन वेन, चीन 2022 में मैं कलीसिया में नवागतों का सिंचन कर रही थी। अगस्त की शुरुआत में मुझे पता चला कि सीसीपी ने हमारे सभी जिला अगुआओं को गिरफ्तार कर लिया है। जैसे ही मैंने यह खबर सुनी, मैं चौंक गई। “ये सभी अगुआ गिरफ्तार कैसे हो गए? कलीसिया के कार्य का क्या होगा?”
- [अपने झूठ से मैं क्या छिपा रही थी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-was-trying-to-protect-with-my-lies.html) - मार्सेला, फिलीपींस मैं कलीसिया में सिंचन टीम की अगुआ हूँ। चूँकि हर दिन कलीसिया में नवागंतुक शामिल होते हैं, इसलिए पर्यवेक्षक ने हमसे समय पर बताने को कहा कि कैसे नवागंतुक समय पर सभा में इकट्ठे हो रहे हैं। एक दिन रिपोर्ट लिखते समय मैंने पाया कि कुछ नवागंतुकों के लिए किसी भी सभा की
- [मैं कठिनाइयों से पीछे क्यों हटती रही?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-did-i-shrink-from-difficulties.html) - बर्था, म्याँमार मई 2022 में मुझे कलीसिया अगुआ के रूप में चुना गया। मैं परमेश्वर के अनुग्रह और मुझे ऊँचा उठाने के लिए बहुत आभारी थी, मुझे लगा कि मुझे अपना कर्तव्य अच्छे से निभाना है। शुरू में मैं अपने कर्तव्य में बहुत सक्रिय थी, जब भी मुझे कोई चीज समझ नहीं आती तो मैं
- [मैं अपना कर्तव्य स्थिरता के साथ निभाने में सक्षम हो गई हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-become-able-to-do-my-duty-resolutely.html) - हान जियुई, चीन मैं दो साल से ज्यादा समय से कलीसिया में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत कर रही हूँ। जब मैंने पहली बार यह कर्तव्य सँभाला, तो मैं सोचती थी कि यह बहुत चुनौतीपूर्ण है क्योंकि मुझे कुछ नए पेशेवर कौशल और नई तकनीकें सीखनी थीं। मैं इस पर शोध करने के लिए समय और
- [अपने परिवार से घिरने और हमला होने पर मैंने एक विकल्प चुना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-decision-under-familys-attacks.html) - ली मिन, चीन अगस्त 2012 में एक रिश्तेदार ने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों के कार्य का सुसमाचार सुनाया। मैंने देखा कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के सभी वचन सत्य हैं और पहचाना कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही लौटकर आया प्रभु यीशु है। मैं बहुत उत्साहित थी। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं अपने
- [अपना छद्मवेश हटाना मेरे लिए बहुत राहत भरा था](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/removing-the-disguise-was-such-a-relief.html) - शिओमेई, चीन मार्च 2021 में मैं वीडियो कार्य के लिए जिम्मेदार थी। शुरू में मुझे लगा मुझमें काफी कमियाँ हैं। अगर मुझे कुछ समझ न आता तो मैं अक्सर अगुआओं या भाई-बहनों से पूछ लेती। एक बार मैंने अगुआओं द्वारा किसी और को लिखा गया एक पत्र देखा। उसमें कहा गया था कि भले ही
- [अब मुझे पता है लोगों के साथ सही तरीके से कैसे पेश आना है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-know-how-to-treat-people-correctly.html) - झोउ शूशेंग, चीन मार्च 2022 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। जिन भाई-बहनों के साथ मैं काम कर रही थी, उनके मार्गदर्शन और मदद से कुछ समय बाद मैं काम में मौजूद कुछ विचलनों और समस्याओं को खोजकर उन्हें सुलझा सकी, धीरे-धीरे काम के नतीजों में थोड़ा सुधार दिखाई देने लगा। मेरे भाई-बहनों ने कहा
- [आखिरकार मैं शांति से अपना कर्तव्य स्वीकार सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-can-finally-accept-my-duty-calmly.html) - सू हांग, चीन नवंबर 2023 में मुझे प्रचारक चुना गया और दो कलीसियाओं के कार्य की जिम्मेदारी दी गई। जब मुझे नतीजे का पता चला तो मैं काफी हैरान और थोड़ी घबराई हुई थी। मैंने सोचा, “प्रचारकों का कार्यक्षेत्र बहुत व्यापक और उनकी जिम्मेदारी बहुत भारी होती है। मैं पहले भी प्रचारक रह चुकी हूँ,
- [गुर्दे की बीमारी के दोबारा होने से सीखे गए सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-kidney-disease-relapse.html) - ये फ़ान, चीन सन् 2000 में मैं 24 साल की थी और उस समय मुझे क्रोनिक ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस का पता चला, जिसमें पेशाब में गंभीर रूप से खून आता था और मेरे पेशाब में प्रोटीन का स्तर खतरनाक हद तक बढ़ गया था। मैं बहुत कमजोर थी और मुझे हर दिन ज्यादा से ज्यादा थकान महसूस
- [क्या केवल अनुग्रह और आशीष पाने के लिए ही परमेश्वर पर विश्वास करना सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-it-right-to-only-believe-in-God-to-get-grace.html) - झांग यू, चीन जुलाई 2008 में मेरी मौसी ने मुझे अंत के दिनों के परमेश्वर के सुसमाचार का उपदेश दिया। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़कर मैं समझ गई कि मनुष्य का जीवन परमेश्वर से आता है, मैं जिस भी चीज का आनंद लेती हूँ, वह उसी ने दी है, मुझे परमेश्वर पर विश्वास करना और
- [परमेश्वर पर विश्वास करने के कारण जब मैं वॉन्टेड हो गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-i-became-wanted-for-spreading-the-gospel.html) - ग्वांग चुन, चीन जुलाई 2023 में, मैंने कलीसिया में अगुआ का कर्तव्य निभाना शुरू किया। अगस्त में, मैंने एक भाई के साथ सभा करने की योजना बनाई, लेकिन सभा से एक रात पहले, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह खबर सुनकर, मैं थोड़ी घबरा गई, “अगर वह भाई सभा के लिए यहाँ आ जाता और
- [अब सीधे बात करना मुश्किल नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-struggle-to-speak-frankly.html) - चेन मिंग, चीन छोटी उम्र से ही मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया था कि दूसरों के साथ अपने संबंधों में मुझे स्थिति के अनुसार अपने शब्द चुनने चाहिए, अगर मुझे दूसरों में कोई समस्या दिखे भी तो उसका जिक्र नहीं करना चाहिए, जब मैं बोलूँ तो दूसरों की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए और एक
- [मेरा कर्तव्य या मेरा करियर?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-duty-or-my-career.html) - चेन सी, चीन बचपन से ही मैं अखबारों और टीवी पर महिला उद्यमियों व सभी क्षेत्रों की सशक्त महिलाओं को प्रसिद्धि और उन्नति हासिल करते देखती थी। वे इतनी आकर्षक थीं कि मैं उनसे बहुत ही प्रेरित थी। मुझे उम्मीद थी कि एक दिन मैं भी एक सफल महिला उद्यमी बनूँगी ताकि मेरे दोस्त और
- [एक अच्छी पत्नी और प्रेममयी माँ होने को लेकर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/Reflections-good-wife-loving-mother.html) - झाओयांग, चीन जब मैं किशोरावस्था में थी तो मुझे चियुंग याओ के उपन्यासों पर आधारित टीवी नाटक देखना बहुत पसंद था जिनकी नायिकाएँ सदाचारी और दयालु होती थीं, जीवन चाहे कितना भी कष्टदायक या कठिन क्यों न हो, वे अपने पति और परिवार के साथ खड़ी रहती थीं, उनकी सेवा के लिए बिना थके और
- [माता-पिता के प्यार और देखभाल को सही ढंग से कैसे लें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-approach-parental-love-and-care.html) - सोंग झी, चीन अक्टूबर 2019 में, मुझे एक सभा के दौरान पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया और ढाई साल जेल की सज़ा सुनाई। उस समय मैं उन्नीस साल की थी। जब मेरी सज़ा पूरी हुई और मैं रिहा हुई, तो माँ मुझे लेने आईं। हमने कई सालों से एक-दूसरे को नहीं देखा था, और जब
- [प्रसिद्धि और लाभ के पीछे भागना सही मार्ग नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pursuit-fame-gain-is-not-right-path.html) - लियू लेई, चीन जुलाई 2022 में अगुआओं ने देखा कि मैं लिखने में काफी कुशल हूँ तो उन्होंने मेरे लिए कलीसिया में पाठ-आधारित कार्य करने की व्यवस्था कर दी। जब मैंने सोचा कि मैं साठ साल की उम्र में भी पाठ-आधारित कर्तव्य कर सकती हूँ तो मुझे बहुत खुशी हुई। मैंने सोचा, “मैंने पहले भी
- [अगर तुम लगातार खुद को बचाते रहोगे तो अपना कर्तव्य अच्छी तरह से नहीं कर पाओगे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/cannot-perform-duties-well-safeguarding-oneself.html) - हान चेन, चीन मैं कलीसिया में धर्मोपदेशों की जाँच कर रही थी। मैं यिलिन और यियांग के साथ काम कर रही थी। अप्रैल 2022 में एक दिन अगुआओं ने एक पत्र भेजा जिसमें कहा गया था, “यिलिन धर्मोपदेशों की जाँच करते समय सिद्धांतों में प्रवेश नहीं करती है और उसके काम के नतीजे अच्छे नहीं
- [व्यक्ति को सीखना चाहिए कैसे वह अपनी मुश्किलों के बारे में संगति में खुलकर बोले](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/open-up-in-fellowship-about-difficulties.html) - नैंसी, भारत जुलाई 2023 में मैंने कई कलीसियाओं के कार्य का पर्यवेक्षण करने के लिए प्रशिक्षण लेना शुरू ही किया था। जब भी मैंने काम में मुश्किलों का सामना किया, मैंने हमेशा उन्हें खुद ही सुलझाने की कोशिश की और कभी भी उच्च अगुआओं से मदद नहीं माँगी। मुझे लगता था कि अगर मैं समस्याओं
- [वास्तविक कार्य करने से मुझे क्या लाभ हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-gained-from-doing-real-work.html) - शीरान, चीन नवंबर 2021 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। शुरुआत में मैंने अपने सहयोगियों से सक्रिय रूप से सीखा और विभिन्न कामों में हिस्सा लिया, भले ही यह थोड़ा व्यस्त और थकाऊ था, फिर भी मुझे वास्तव में संतुष्टि का अनुभव होता था। कुछ समय बाद मुझे पता चला कि मुझे कलीसिया के कार्य
- [मैं अब अपने बेटे की नौकरी को लेकर चिंतित नहीं हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-worried-about-my-sons-job.html) - वांग हान, चीन मेरी तीन बड़ी बहनें हैं। वे और उनके पति सभी सरकारी मंत्रालयों में काम करते हैं। कुछ लोग जन राजनीतिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि अन्य सरकारी एजेंसियों में लीडर या प्रमुख हैं। लोग उनसे ईर्ष्या करते हैं और उनका सम्मान करते हैं। बाहरी लोग यही कहते, “अपनी बड़ी बहनों को
- [सत्य का अनुसरण उम्र पर निर्भर नहीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pursuing-the-truth-does-not-depend-on-age.html) - चेन लियांग, चीन 2003 में, मैंने परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किया, और उसके कुछ ही समय बाद, मैंने एक अगुआ का कर्तव्य सँभाल लिया। उस समय मैंने पचास की उम्र पार ही की थी और मुझे सेहत की कोई समस्या नहीं थी। दिन में मैं सभाओं में जाती और सुसमाचार
- [प्रसिद्धि और लाभ के भँवर से बाहर निकलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/escaping-the-vortex-of-fame-and-gain.html) - जियान यी, चीन मैं एक साधारण परिवार में पैदा हुई थी। हम संपन्न नहीं थे। मेरे पिता निठल्ले थे जिनके पास कोई ढंग की नौकरी नहीं थी। वे जुआ भी खेलते थे। हमारे गाँव के लोग हमें नीची नजरों से देखते थे और मैं खुद को बहुत हीन महसूस करती थी। कम उम्र से ही
- [अपने बेटे की गिरफ्तारी से मैंने जो सबक सीखे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-my-son-being-arrested.html) - वू फैन, चीन दिसंबर 2013 में एक दिन एक बहन ने मुझे फोन कर बताया कि मेरे बेटे को पुलिस ले गई है। यह खबर सुनकर मैं स्तब्ध रह गया और सोचने लगा, “मेरे बेटे ने बहुत समय से परमेश्वर में विश्वास नहीं रखा है और उसमें आधार की भी कमी है। उसने अभी-अभी अपनी
- [बीमारी के माध्यम से शोधन : मेरे जीवन के लिए जरूरी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/refinement-through-illness-necessity-for-life.html) - वांग क्वान, चीन 1999 में मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। परमेश्वर के वचनों से मैंने सीखा कि यह मानवता के लिए परमेश्वर के उद्धार कार्य का अंतिम चरण है और सिर्फ परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार करके, सत्य का अनुसरण करके और पर्याप्त अच्छे कर्म तैयार करके
- [उत्पीड़न और क्लेश के दौरान कर्तव्य को कायम रखना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/keeping-to-duties-amidst-persecution-and-hardship.html) - कैलिन, चीन अप्रैल 2023 में उच्च अगुआओं ने मुझे बताया कि शिंगयूआन कलीसिया की एक अगुआ को गिरफ्तार कर लिया गया है, दो अन्य अगुआओं से भी पुलिस ने उनके घरों में पूछताछ की है और सुरक्षा जोखिमों के कारण वे अब कलीसिया में अपना कार्य जारी नहीं रख सकते। इसलिए उच्च अगुआओं ने मुझे
- [मुझे अपनी माँ की दयालुता से कैसे पेश आना चाहिए?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-regard-my-mothers-kindness.html) - शू जुआन, चीन मेरा जन्म एक किसान परिवार में हुआ था और हमारी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। जब मैं पाँच साल की थी तो मेरे पापा हमें छोड़कर एक नया घर बसाने चले गए। मेरी माँ ने मुझे और मेरे तीन भाई-बहनों को अकेले ही पाला था। हम एक-दूसरे पर निर्भर थे, और
- [अब मैं जानती हूँ कैसे अपनी बेटी से ठीक से पेश आना है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-know-how-to-properly-treat-my-daughter.html) - सु शिन, चीन मेरे माता-पिता ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे और सिर्फ मेहनत-मजदूरी कर सकते थे, इसलिए उन्होंने मेरी और मेरे भाई की पढ़ाई को बहुत महत्व दिया और हमें स्कूल भेजने के लिए अपना पेट काटकर पैसा बचाया। मेरी माँ अक्सर कहती थीं कि उनके पिता ने उन्हें स्कूल नहीं जाने दिया, इसलिए एक गृहिणी
- [चाहे मेरे कर्तव्य कितने भी व्यस्त क्यों न हों, मुझे जीवन प्रवेश पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/focusing-on-life-entry-despite-busyness-of-duty.html) - शिनयी, चीन मैं मार्च 2023 में जिला अगुआ का कर्तव्य निभा रही थी। चूँकि मेरे पास बहुत सारी जिम्मेदारियाँ थीं, मुझे अक्सर जल्दी उठना पड़ता था ताकि सब कुछ जल्दी से निपटा सकूँ और कभी-कभी मैं अंधेरा होने से पहले घर नहीं लौट पाती थी। घर पहुँचने के बाद भी मुझे कुछ पत्र निपटाने होते
- [जब मेरे चाचा को निष्कासित किया गया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-my-uncle-was-expelled.html) - ये कियू, चीन मेरे चाचा पारंपरिक चीनी पद्धति के चिकित्सक हैं। जब मैं दस साल की थी, तो एक हादसा हुआ और मुझे खून की उल्टियाँ होने लगीं और तब मेरे चाचा ने ही उस अहम क्षण में मुझे बचाया था। मुझे हमेशा उनकी यह जीवन रक्षक दयालुता याद रहती थी और मैं सोचती थी
- [एक अमिट दर्द](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-indelible-pain.html) - वू फैन, चीन साल 2002 के उत्तरार्ध में एक दिन मुझे अपने कर्तव्य निभाते समय अचानक पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वे मुझे एक गेस्टहाउस में ले गए और मुझे मेरे बैंक लेन-देन के वीडियो फुटेज दिखाए, मुझसे लगातार सवाल पूछने लगे कि मुझे पैसे कहाँ से मिले, मैं कहाँ रहता हूँ, कलीसिया का अगुआ
- [थ्री सेल्फ-चर्च टीचर की पसंद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-three-self-church-teachers-choice.html) - झाओ यान, चीन मैं 1987 में अपनी माँ के साथ प्रभु यीशु में विश्वास करने लगी। मैं जल्द ही मंडली में शामिल हो गई और चाहे मैं काम में कितनी भी व्यस्त क्यों न रहूँ, मैं सभाओं में जाती रही। उपयाजक ने देखा कि मैं कितनी अच्छी तरह से अनुसरण करती हूँ और उसने मुझे
- [जिन आशंकाओं ने मुझे दूसरों की समस्याएँ उजागर करने से रोका](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/misgivings-that-stopped-me-from-exposing-the-problems-of-others.html) - डेव, फिलीपींस जुलाई 2023 के शुरू में मुझे जिला अगुआ चुना गया और मुख्य रूप से सुसमाचार कार्य की जिम्मेदारी दी गई। मैं जानती हूँ कि एक अगुआ के रूप में मेरी जिम्मेदारी के दायरे में आने वाले सभी भाई-बहनों के काम की निगरानी करना और उसका जायजा लेना मेरा कर्तव्य है। लेकिन कार्य का
- [बीमारी के अनुभव से मुझे बहुत कुछ मिला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-gained-much-from-experiencing-illness.html) - वायलट, ग्रीस “परमेश्वर पर विश्वास करते हुए लोग भविष्य के लिए आशीष पाने में लगे रहते हैं; यही उनकी आस्था का लक्ष्य होता है। सभी लोगों की यही अभिलाषा और आशा होती है, लेकिन उनकी प्रकृति की भ्रष्टता परीक्षणों और शोधन के माध्यम से दूर की जानी चाहिए। तुम जिन-जिन पहलुओं में शुद्ध नहीं हो
- [वैवाहिक आनंद की खोज से मिला दर्द](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-pain-of-pursuing-marital-happiness.html) - ली शिनझू, चीन जब से मुझे याद है, मैंने अक्सर अपने पिता को अपना आपा खोते और मेरी माँ पर भड़कते देखा है। जैसे-जैसे मैं बड़ी होती गई, मेरी माँ अक्सर मुझसे अपना शादी का दुखड़ा रोती रहती थी। वह कहती कि जब से वह मेरे पिता के साथ है, तब से उसे खाने-पीने और
- [मेरी ज्यादा उम्मीदों ने मेरे बेटे को नुकसान पहुँचाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/high-expectations-caused-son-to-suffer.html) - जब मैं छोटी थी तो घर में पाँच भाई-बहन थे और मैं सबसे बड़ी थी। मेरे पिता काम के सिलसिले में बरसों घर से दूर रहे और घर की सारी जिम्मेदारियाँ माँ के कंधों पर आ गईं। मैंने देखती थी कि माँ बहुत ज्यादा काम करती है और उसे बहुत तकलीफें उठानी पड़ती हैं, मैंने
- [छद्मवेश हटाना और एक ईमानदार व्यक्ति बनना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/shedding-facade-to-be-honest-person.html) - चेंगकियान, चीन 2022 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। मुझे लगा कि मैं शायद सभी पहलुओं में काफी अच्छा हूँ, अन्यथा मेरे भाई-बहनों ने मुझे नहीं चुना होता। एक बार एक सभा में सुसमाचार उपयाजक बहन ली यू ऐसी दशा में थी, जहाँ उसने खुद को खराब काबिलियत वाली के रूप में सीमित कर लिया
- [उत्पीड़न और क्लेश के दौरान एक विकल्प](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-choice-amid-persecution-and-adversity.html) - तियान शिन, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : “परमेश्वर द्वारा बोले गए वचन दिखने में भले ही सीधे-सादे या गहन हों, लेकिन वे सभी सत्य हैं, और मनुष्य के जीवन प्रवेश के लिए अपरिहार्य हैं; वे जीवन-जल के ऐसे झरने हैं, जो मनुष्य को आत्मा और देह दोनों से जीवित रहने में सक्षम बनाते हैं।
- [अपना कर्तव्य निभाना वह जिम्मेदारी है जिससे मैं भाग नहीं सकती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/performing-duty-is-unshirkable-responsibility.html) - जियांग शियाओ, चीन जब मैं छोटी थी, मेरा परिवार बहुत गरीब था। मेरे माता-पिता ने मेरी शिक्षा का खर्च उठाने के लिए कड़ी मेहनत की। बीमार होने पर वे अपनी चिकित्सा जरूरतों पर पैसा खर्च नहीं करते थे, इसके बजाय उन्होंने मुझे अच्छा भोजन और कपड़े उपलब्ध कराए। जब मैंने जूनियर मिडिल स्कूल से स्नातक
- [परमेश्वर में आस्था के मार्ग पर चलने का संकल्प](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-am-determined-to-walk-the-path-of-believing-in-God.html) - यी शिन, चीन चेन शियाओ का छोटा-सा प्यारा और सामंजस्य से भरपूर परिवार था और उसका पति उससे बहुत प्यार करता था। वह अपने सास-ससुर और पड़ोसियों के साथ भी बहुत अच्छी तरह से घुल-मिल गई थी और उसके रिश्तेदार और पड़ोसी उससे काफी ईर्ष्या करते थे। 2008 के वसंत में चेन शियाओ को सर्वशक्तिमान
- [व्यस्त दिखने के पीछे क्या राज है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-lies-behind-appearance-of-busyness.html) - डेज़ी, अमेरिका दिसंबर 2023 में अपने कर्तव्यों के गैर-जिम्मेदाराना निर्वहन के लिए मुझे काट-छाँट झेलनी पड़ी। विचार करने के बाद मुझे एहसास हुआ कि उस दौरान मैंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन वाकई गैर-जिम्मेदाराना ढंग से किया था। एक कलीसिया अगुआ के रूप में मैं केवल पाठ-आधारित कार्य का जायजा लेती थी और उन सभी कार्यों
- [मैंने देखा मेरे शब्दों के पीछे हमेशा अशुद्धियाँ होती थीं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-saw-there-were-impurities-behind-my-words.html) - शियाओ फैन, चीन मैं कलीसिया में सिंचन कार्य का पर्यवेक्षण कर रहा था। तीन महीने से ज्यादा बीतने के बाद भी सिंचनकर्ताओं को विकसित करने का काम अभी भी धीमी गति से चल रहा था। मेरा साथी भाई वांग लेई अक्सर मुझे इस मुद्दे पर खोज करने और चिंतन करने की याद दिलाता था, लेकिन
- [दूसरों से हमेशा ईर्ष्या करने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-reflection-on-always-being-jealous-of-others.html) - लू शिन, चीन मेरी पड़ोसी शियाओयूए और मैं सहकर्मी हैं और अच्छे दोस्त भी हैं। 2013 में हम दोनों ने एक ही समय में अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को स्वीकार किया और मैं बहुत खुश थी। परमेश्वर को पाने के बाद हम एक साथ सभाओं में भाग लेते थे। वक्त गुजरने के
- [मूत्ररुधिरता से पीड़ित मरीज का आत्म-चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-of-a-patient-with-uremia.html) - हे मू, चीन मैंने अपनी उम्र के चालीस के दशक में सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। मैंने देखा कि परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य लोगों को बचाने का कार्य है और केवल परमेश्वर के सामने आकर, उसके वचन पढ़कर और अपने कर्तव्य निभाकर ही कोई व्यक्ति सत्य को
- [जब एक यहूदा ने मुझे धोखा दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-I-was-sold-out-by-a-Judas.html) - शियांग शुन, चीन अप्रैल 2023 में मैं कलीसिया में प्रचारक का कर्तव्य निभा रही थी। उस समय जिन कई कलीसियाओं के लिए मैं जिम्मेदार थी वहाँ एक एक करके सीसीपी द्वारा गिरफ्तारियाँ शुरू हो गईं। बहुत से अगुआ और कार्यकर्ता गिरफ्तार किए जा रहे थे, इसलिए मैंने और मेरे सहयोगी भाई वांग हुई ने परमेश्वर
- [मैं अपने कर्तव्य में मुश्किलों का सामना क्यों नहीं कर सकी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-couldnt-brave-difficulties-in-my-duty.html) - ली यिकान, चीन नवंबर 2021 में मुझे एक कलीसिया अगुआ चुना गया। शुरू में मैंने सोचा कि यह कर्तव्य करने से मुझे समस्याएँ सुलझाने के लिए सत्य के उपयोग का अभ्यास करने का मौका मिलेगा, जिससे मेरी जीवन प्रगति को गति मिलेगी। हालाँकि मुझमें बहुत कमी थी, लेकिन मैं स्वीकारने और आज्ञा मानने के लिए
- [मेरा खुद को ऊँचा उठाने और दिखावा करने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-reflection-on-exalting-myself-and-showing-off.html) - एडा, इटली अप्रैल 2023 में मैंने एक अभिनेत्री के रूप में फिर से अपना कर्तव्य संभाला। मैं मुख्य रूप से अनुभवजन्य गवाही वीडियो की शूटिंग में शामिल थी, मैं वाकई बहुत खुश थी और परमेश्वर के अनुग्रह के लिए आभारी थी। लेकिन मेरे दिल में कुछ चिंताएँ भी थीं और सोचती थी, “मैंने एक साल
- [जिम्मेदारी स्वीकारने और इस्तीफा देने के बाद चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-taking-responsibility-and-resigning.html) - ली शू, चीन 2021 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। चूँकि मैंने पहले हमेशा एकल-कार्य वाला काम किया था, इसलिए मैं कलीसिया के समग्र कार्य से काफी अपरिचित थी, इसलिए मुझे चिंता थी कि अगर मैंने अच्छा न किया, तो मुझे बरखास्त कर दिया जाएगा और यह वास्तव में शर्मनाक होगा। लेकिन मैंने सोचा, “हम
- [अपना कर्तव्य बदले जाने के प्रति मैं समर्पण क्यों नहीं कर सका?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-couldnt-submit-to-adjustment-of-my-duty.html) - वांग युआन, चीन परमेश्वर को पाने के कुछ समय बाद ही मैं कलीसिया में वीडियो बनाने लगा था। बाद में मैं पाठ-आधारित कर्तव्य कर रहा था और मैं उच्च अगुआओं के संपर्क में था। मुझे विश्वास था कि ये कर्तव्य निभाने से मुझे और अधिक सत्य समझने में और बचाए जाने की अपनी उम्मीदें बढ़ाने
- [जिम्मेदारी लेने के डर से मेरा स्वार्थ और घिनौनापन प्रकट हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/fear-of-taking-on-responsibility-revealed-my-selfishness-and-despicableness.html) - लियु चेंग, चीन मैं 2023 में कलीसिया में पाठ-आधारित कर्तव्य निभा रहा था। जून में पर्यवेक्षक यांग फेंग ने मुझे बताया कि अगुआ उसे किसी और जगह कर्तव्य में लगाने की योजना बना रहे हैं और मुझे पर्यवेक्षक बनाया जा रहा है। यह सुनकर मैं तुरंत अभिभूत हो गया, सोचने लगा, “मुझे पर्यवेक्षक बना रहे
- [मैंने अपने परिवार द्वारा सताए जाने से क्या हासिल किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-gained-from-experiencing-family-persecution.html) - जिंगवेई, चीन एक समय मेरा परिवार सामंजस्यपूर्ण और खुशहाल था, मेरे पति का व्यवहार मेरे साथ अच्छा था और हमारे पड़ोसी और मित्र हमसे ईर्ष्या करते थे। 1994 में मैंने प्रभु यीशु को अपने उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार कर लिया और मैंने अपने माता-पिता, सास, बड़े भाई और भाभी के साथ प्रभु यीशु का
- [खतरे और प्रतिकूलता के बीच मैंने कैसे चुनाव किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-chose-amid-adversity.html) - शेन यी, चीन अप्रैल 2023 के अंत में डोंगचेंग में कई कलीसियाओं पर बड़ी कार्रवाई की गई और मैंने सुना कि बहुत से अगुआओं, कार्यकर्ताओं और भाई-बहनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस समय उच्च अगुआओं ने मुझे एक पत्र भेजा, जिसमें मुझे घटना के बाद के काम को सँभालने के लिए कहा गया।
- [मैंने अपने बोन कैंसर का सामना कैसे किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/facing-bone-cancer.html) - जिंग’एन, चीन अक्टूबर 2019 में एक दिन मेरी टाँग में बहुत दर्द हो रहा था और दर्द निवारक दवाएँ भी काम नहीं कर रही थीं। मैंने एक बहन के बारे में सोचा, उसकी टाँग में भी दर्द रहता था और अस्पताल में इलाज के बाद वह ठीक हो गई थी। मैंने सोचा, “शायद यह कोई
- [एक स्कूल प्रिंसिपल की पसंद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-school-principals-choice.html) - झांग चिंग, चीन मेरा जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था और मेरे माता-पिता किसान थे। चूँकि मेरा परिवार गरीब था दूसरे लोग हमारे साथ भेदभाव करते थे और हमें नीची नजर से देखते थे, इसलिए बचपन से ही मुझमें हीनभावना थी। मेरे माता-पिता अक्सर मुझे कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने को कहते थे ताकि
- [मुझे अपने अपराधों को किस तरह से लेना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-deal-with-my-transgressions.html) - जियांग लाई, चीन 2020 में मैं प्रसिद्धि और रुतबे के पीछे भागते हुए अपना कर्तव्य निर्वहन कर रही थी और लोगों पर हमला कर उन्हें बाहर कर रही थी जिससे कलीसिया के कार्य में गड़बड़ी और बाधा उत्पन्न हो रही थी और मुझे बरखास्त कर दिया गया था। यह सोचकर बहुत नकारात्मक हो गई थी
- [बहुतों को बेनकाब होते और हटाए जाते देखने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-witnessing-many-revealed-and-cast-out.html) - यी शिन, चीन फरवरी 2023 में यहूदा के विश्वासघात के कारण पुलिस मेरे घर पर आई और मुझसे परमेश्वर में मेरी आस्था के बारे में पूछताछ करने लगी। यह देखकर कि जांघ की हड्डी के गल जाने से मैं चल-फिर नहीं पाती हूँ, वे मुझे अपने साथ नहीं ले गए। उस समय मैं कोई भी
- [खुद का दिखावा करके मैंने क्या सीखा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-learned-from-showcasing-myself.html) - डिंग नियान, चीन अक्टूबर 2016 में मैं एक प्रचारक का कर्तव्य निभा रही थी। उस समय मसीह विरोधियों द्वारा फैलाई गई गड़बड़ी और तोड़फोड़ के कारण जिन कई कलीसियाओं के लिए मैं जिम्मेदार थी उनका कार्य ठप्प पड़ गया था। मैंने और मेरी दो सहयोगी बहनों ने अभी यह कर्तव्य संभाला ही था, इसलिए हम
- [धूर्त और कपटी होना आपको अपना कर्तव्य अच्छे से निभाने से रोकती है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/slacking-off-impedes-fulfillment-of-duties.html) - फ्लोरेंस, इटली 2020 में, अगुआओं ने मुझे कला और डिज़ाइन के क्षेत्र में कार्य की जिम्मेदारी लेने को कहा। शुरुआत में, मैंने देखा कि अगुआ अक्सर मेरे कार्य की प्रगति का जायजा लेते थे, और पता करते थे कि मेरे कार्य में क्या चल रहा है। मुझे चिंता थी कि अगुआ मेरे कार्य में चूक
- [बधिर होने के बाद अस्सी की उम्र पार कर चुकी महिला का अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/an-elderly-person-s-experience-after-losing-hearing.html) - लियांग शिन, चीन 2005 में मैं अड़सठ साल की हुई थी और उस साल अक्टूबर की शुरुआत में एक दिन एक दोस्त ने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का सुसमाचार सुनाया। परमेश्वर के वचन खाने और पीने से मुझे यकीन हो गया कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही एकमात्र सच्चा परमेश्वर है जो मानवता को
- [अब मैं जानती हूँ कि अपने अपराधों से कैसे पेश आना है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-know-how-to-regard-my-transgressions.html) - लू पिंग, चीन 2012 में जब मैं कलीसिया अगुआ थी तो एक यहूदा के विश्वासघात के कारण मुझे स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लगातार चार दिन और तीन रात मुझ पर अत्याचार किया, अलग-अलग शिफ्टों में मुझ पर नजर रखी गई। जब भी मैं झपकी लेने लगती तो वे मेरे सिर पर
- [जब अचानक नेत्र रोग हो गया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-sudden-eye-disease-struck.html) - मेंगनुआन, चीन 2002 की शुरुआत में मैंने परमेश्वर के अंत दिनों का कार्य स्वीकार किया। कुछ ही समय में मैंने सुसमाचार का प्रचार और नवागंतुकों का सिंचन शुरू कर दिया, परमेश्वर में पूर्ण आस्था के साथ और कई वर्ष तक दिन-प्रतिदिन अपने कर्तव्य निभाती रही। चाहे बारिश हो या धूप, हवा हो या बर्फ, कुछ
- [एक छोटे से मामले से मेरा कपटीपन प्रकट हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-deceitfulness-was-revealed-through-one-small-matter.html) - झांग दी, चीन नवंबर 2023 के अंत में मैं कई कलीसियाओं में सिंचन कार्य की देखरेख के लिए दो बहनों के साथ सहयोग करती थी। हर बार जब हम अपने काम में भटकावों और समस्याओं का सारांश देती थीं तो मैं बहुत अधिक दबाव महसूस करती थी। मेरी कार्य क्षमताएँ बहुत अच्छी नहीं थीं, मुझे
- [बिजली के झटके की यातना के दिन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/days-of-electric-shock-torture.html) - वांग हुई, चीन जून 2004 में एक दिन दोपहर के करीब 1:30 बजे मैं दो बहनों के साथ झपकी ले रही थी, तभी एक दर्जन से ज्यादा पुलिस अधिकारी अचानक अंदर घुस आए। उन्होंने हमें कोने में उकडूँ होकर बैठने का आदेश दिया और बिना कोई पहचान पत्र दिखाए घर की तलाशी लेने लगे। उन्होंने
- [आखिरकार मुझे एहसास हुआ मैं बिल्कुल स्वार्थी थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/ive-just-realized-how-selfish-i-am.html) - सू फेंगशुआंग, चीन 2021 में मैं कलीसिया में अगुआ का कर्तव्य निभा रही थी। उस समय बहन ली हुआ मेरे साथ काम करती थी। मैं मुख्य रूप से सुसमाचार कार्य के लिए जिम्मेदार थी, जबकि ली हुआ कलीसिया की सफाई के कार्य के लिए जिम्मेदार थी। हम अन्य कार्यों पर एक साथ काम करते थे।
- [चापलूस होने के दुष्परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-consequences-of-being-a-people-pleaser.html) - चेंगकियान, चीन अक्टूबर 2022 में मुझे और झांग कियांग को अगुआ का एक पत्र मिला जिसमें वीडियो कार्य की निगरानी के लिए सहयोग करने को कहा गया था। हम दोनों पत्र पाकर काफी खुश थे। उस रात झांग कियांग पहले सो गया और मुझे लगा कि अगुआ को दिया गया हमारा जवाब थोड़ा सरल लग
- [बीमारी ने मेरी आशीष पाने की मंशा प्रकट कर दी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/illness-revealed-my-intent-to-gain-blessings.html) - याओ यूशुआन, चीन सितंबर 1999 में मैंने परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार कर लिया। मैं समझ गई कि परमेश्वर के कार्य का यह चरण लोगों को शुद्ध और पूर्ण बनाने और आखिरकार लोगों को परमेश्वर के राज्य में लाने के लिए किया जाता है। मैं बहुत खुश थी। मैंने सोचा, “मुझे
- [एक खतरनाक माहौल ने मेरा स्वार्थीपन प्रकट कर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/dangerous-environment-revealed-my-selfishness.html) - हान मिंग, चीन 1998 में मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार किया। बाद में मैं अपनी आस्था के लिए अच्छी तरह जाना जाने लगा और सीसीपी के पुलिस बल की निगरानी का एक प्रमुख निशाना बन गया। 2016 में मैंने और मेरी पत्नी ने घर छोड़ दिया और अपने कर्तव्य निभाने
- [जिम्मेदारी लेने के अपने डर पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-my-fear-of-taking-responsibility.html) - ली झेन, चीन अप्रैल 2022 में अगुआओं ने मुझे कलीसिया के सफाई कार्य में लगाने की व्यवस्था की। मैंने पहले कभी यह काम नहीं किया था और विभिन्न प्रकार के लोगों का भेद पहचानने के सिद्धांत नहीं समझ पाई थी, इसलिए मैं चिंतित थी, “क्या मैं यह कर सकती हूँ? क्या होगा अगर मैं गलती
- [मेरा अहंकारी स्वभाव कैसे बदला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-my-arrogant-self-changed.html) - लियु बिन, चीन अगस्त 2023 में मैंने और भाई झांग हांग ने कई कलीसियाओं के सुसमाचार कार्य का पर्यवेक्षण करने के लिए साझेदारी की। शुरुआत में जब भी काम में कोई समस्या होती थी तो मैं झांग हांग के साथ चर्चा करने और परामर्श करने की पहल करता था। झांग हांग को अपने कर्तव्यों में
- [अपना मुखौटा उतारना सचमुच सुकून देता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/taking-off-my-disguises-is-truly-relaxing.html) - विल्सन, फ्रांस चूँकि मैं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत के बारे में थोड़ा जानता हूँ, भाई-बहन अपने उपकरणों में समस्याएँ होने पर अक्सर मेरे पास आते हैं, और मैं आमतौर पर उन्हें ठीक कर लेता हूँ। एक बार, एक भाई के उपकरण में समस्या आ गई थी, और मैंने उसकी जाँच और मरम्मत करने में उसकी
- [हमें पालने-पोसने के लिए अपने परिवार की दयालुता से कैसे पेश आएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/must-we-repay-parental-care.html) - चेन ली, चीन मेरा जन्म एक ऐसी काउंटी में हुआ था जो काफी छोटी थी और जिसकी अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत अविकसित थी। मेरे माता-पिता और दादा-दादी सभी किसान थे और हमारे परिवार की हालत इतनी अच्छी नहीं थी। लेकिन वे मुझसे बहुत प्यार करते थे और वे हमेशा मेरी इच्छाएँ पूरी करने के रास्ते निकाल लेते
- [मैं इतनी स्वार्थी क्यों हूँ?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-am-i-so-selfish.html) - झोऊ युन, चीन मई 2020 में मैं कलीसिया अगुआ थी। मैं बहन चेन डैन की भागीदार थी और हम कलीसिया के कार्य के लिए जिम्मेदार थीं। काम का जायजा लेने को सुविधाजनक बनाने के लिए हम दोनों अपने-अपने काम बाँट कर मिलकर कार्य करती थीं। मैं सुसमाचार कार्य के लिए जिम्मेदार थी, जबकि चेन डैन
- [मैंने अपनी उलझन क्यों छिपाई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-hid-my-confusion.html) - मियाओ मियाओ, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : “ईमानदारी का अर्थ है अपना हृदय परमेश्वर को अर्पित करना; हर बात में उसके साथ सच्चाई से पेश आना; हर बात में उसके साथ खुलापन रखना, कभी तथ्यों को न छुपाना; अपने से ऊपर और नीचे वालों को कभी भी धोखा न देना, और मात्र परमेश्वर की
- [अपने कर्तव्य पूरे करने के लिए घटियापन का समाधान करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/resolving-half-heartedness-to-fulfill-duty.html) - ली जिंगशिन मैं अक्सर फोटो खींचने और वीडियो सामग्री फिल्माने के लिए अन्य स्थानों की यात्रा करता हूँ, जिनका उपयोग कलीसिया के वीडियो निर्माण में किया जाता है। जब मैंने पहली बार शुरुआत की तो मैं सिद्धांतों के आधार पर इन सामग्रियों का सावधानीपूर्वक चयन करने में सक्षम था, लेकिन बाद में सामग्री की मात्रा
- [सच बोलना इतना मुश्किल क्यों है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-is-it-so-hard-to-tell-the-truth.html) - दुओजी, इटली जनवरी 2022 में, मैंने कलीसिया में सुसमाचार उपयाजक के रूप में प्रशिक्षण शुरू किया। पहले तो मैं कलीसिया के सदस्यों से बहुत परिचित नहीं थी, कई ऐसे मुद्दे थे जिन्हें मैं समझ या हल नहीं कर पाती थी और मेरे कर्तव्य के नतीजे बहुत अच्छे नहीं थे। यह देखकर कि कलीसिया के सुसमाचार
- [आपदा में भी कर्तव्यों पर डटे रहना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/upholding-duty-in-adversity.html) - ली यान, चीन 21 मार्च 2023 को सुबह मुझे एक बहन से पत्र मिला, इसमें कहा गया था कि उनकी सभा के बाद झाओ जून नाम के एक अगुआ को कुछ मामले सँभालने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया है और उसने हमें बाद के काम जल्दी से निपटाने के लिए कहा। यह खबर सुनकर
- [अब मैं अपनी बीमारी के कारण परेशान नहीं रहती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-feel-distressed-because-of-my-illness.html) - मेंगफैन, चीन दिसंबर 2022 में मुझे ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया हो गया था। सर्जरी के बाद भी मेरे सिर का दाहिना हिस्सा सुन्न रहता, मुझे अक्सर चक्कर आते और मैं असहज हो जाती। कभी-कभी जब मैं चलती तो ऐसा लगता कि मैं नशे में हूँ और मुझे इतना चक्कर आता कि मैं मुश्किल से खड़ी हो पाती।
- [बोझ उठाने में अनिच्छा के पीछे क्या है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-reluctance-to-shoulder-a-burden.html) - यांग हुआई, चीन सितंबर 2022 में मैंने नवागंतुकों का सिंचन करने के लिए बहन ली मिंग के साथ सहयोग किया। मैंने अभी-अभी इस कर्तव्य में प्रशिक्षण लेना शुरू किया था और चूँकि ली मिंग लंबे समय से नवागंतुकों का सिंचन रही थी, इसलिए मैं उस पर काफी निर्भर हो गई। लोगों को विकसित करने, नवागंतुकों
- [क्या “दूसरों के प्रति सहिष्णु होना” सचमुच अच्छी मानवता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-being-tolerant-show-good-humanity.html) - ली कुन, चीन 2022 में मैं कलीसिया में नवागंतुकों का सिंचन कर रही थी और मैंने देखा कि कलीसिया की अगुआ लियू जिंग केवल अपनी मुख्य जिम्मेदारियों पर ही ध्यान देती थी, वह दूसरे कामों का जायजा शायद ही कभी लेती थी और वह दूसरी अगुआ, बहन आन शिन के साथ सामंजस्य से सहयोग नहीं
- [क्या खराब काबिलियत के साथ बचाया जाना असंभव है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-it-impossible-to-be-saved-with-poor-caliber.html) - वेरोनिका, यूएसए 2018 में मैं कलीसिया में ग्राफिक्स पर काम कर रही थी, लेकिन अपनी खराब काबिलियत के कारण मैं यह कर्तव्य अच्छी तरह से नहीं निभा पाई, इसलिए मुझे दूसरा काम सौंप दिया गया। बाद में मैंने स्क्रिप्ट लिखने में हिस्सा लिया और 2021 के अंत में मेरी खराब काबिलियत और उथले जीवन अनुभव
- [परिवार के उत्पीड़न के बीच एक फैसला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-choice-amidst-family-persecution.html) - किन फेंग, चीन एक समय मेरा परिवार सामंजस्यपूर्ण था। हम भोजन और कपड़ों की चिंता किए बिना जीवन जीते थे। हालाँकि मेरी दूसरी गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में मैंने अनजाने ही एक पारंपरिक चीनी दवा पी ली थी जिसने रक्त संचार बढ़ा दिया और लगभग गर्भपात हो ही गया था, लेकिन बाद में चिकित्सा साधनों
- [एक छोटे से मामले से सीखे गए सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-lesson-learned-from-a-minor-incident.html) - जियान शी, चीन मैं अपनी कलीसिया में सुसमाचार कार्य के लिए जिम्मेदार हूँ। फरवरी 2023 में अगुआ ने मुझे बताया कि सिंचन उपयाजक भाई वाँग ताओ ने सुसमाचार कार्य में कुछ समस्याओं की रिपोर्ट की है। कुछ सुसमाचार प्रचारक अपने काम में लापरवाही बरतते हुए परमेश्वर के कार्य के बारे में सत्य पर स्पष्ट रूप
- [जब मेरा बेटा बीमार पड़ा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-my-young-son-fell-ill.html) - यांग ले, चीन सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : “लोगों का विवेक बहुत कमजोर होता है—वे परमेश्वर से बहुत अधिक अपेक्षाएँ रखते हैं, उससे बहुत कुछ माँगते रहते हैं, उनके पास थोड़ा सा भी विवेक नहीं होता। लोग हमेशा अपेक्षाएँ करते रहते हैं कि परमेश्वर यह करे या वह करे, और स्वयं उसके प्रति पूरी तरह
- [अपनी हीनता की भावनाओं को पहचानना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/overcoming-feelings-of-inferiority.html) - लिन जिंग, चीन मेरा स्वभाव जन्म से ही बहुत अंतर्मुखी है, और बचपन से ही मैं ज्यादा बात नहीं करती थी। खासकर लोगों के सामने मैं इतनी घबरा जाती थी कि कुछ कह नहीं पाती थी। अपनी उम्र के दूसरे बच्चों की तुलना में मेरी प्रतिक्रियाएँ धीमी थीं और मेरा दिमाग भी उतना तेज नहीं
- [प्रसिद्धि और लाभ की चाहत ने मुझे सचमुच बर्बाद कर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/pursuing-fame-and-gain-has-truly-wrecked-me.html) - झोंगचेंग, चीन जब मैं अभी छोटा ही था, मेरे दो चचेरे भाईयों ने कम उम्र में ही सफलता हासिल कर ली थी और उनके पास कारें और मकान थे। हर बार नववर्ष पर जब हम रिश्तेदारों से मिलने जाते थे, वे लगातार मेरे चचेरे भाइयों की प्रशंसा करते और उन्हें आदर भरी नजरों से देखते
- [मैं अपने शौकों के साथ सही ढंग से पेश आ सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-can-regard-my-hobbies-correctly.html) - ये वेई, चीन मार्च 2020 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। इसके तुरंत बाद मैंने सुना कि कुछ भाई-बहन कंप्यूटर कौशल सिखाने और कुछ कंप्यूटर तकनीशियनों को विकसित करने आ रहे हैं। जैसे ही मैंने इसके बारे में सुना, मुझे बहुत रुचि पैदा हो गई। मुझे हमेशा से कंप्यूटर तकनीक में रुचि रही थी और
- [दूसरों से अपनी तुलना करने से होने वाली पीड़ा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-pain-caused-by-competing-with-others.html) - शू ताओ, चीन 2023 में मैं कलीसिया में नए लोगों को सींच रही थी। प्रशिक्षण द्वारा मैं विभिन्न पहलुओं में कुछ सिद्धांत समझने में सक्षम हो गई थी। मेरी साथी बहनों का लंबे समय तक प्रशिक्षण नहीं हुआ था और अपने कर्तव्यों या व्यक्तिगत जीवन प्रवेश में आने वाली कठिनाइयों के मामले में वे उन्हें
- [बीमारी की चिंताओं को पीछे छोड़ना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/letting-go-of-worries-about-illness.html) - यांग जुन, चीन 2023 की शुरुआत में मेरे सिर में अजीब सी भनभनाहट महसूस हुई। मेरा रक्तचाप वैसे भी अक्सर ज्यादा रहता था तो मैंने मापकर देखा। मैं तो देखकर सन्न रह गया कि मेरा डायस्टोलिक रक्तचाप 110 और सिस्टोलिक 160 mmHg था! मैं एकदम चौंक गया और सोचने लगा “यह इतना ज़्यादा कैसे हो
- [मेरी गलतफहमी और परमेश्वर के प्रति सतर्कता हट गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-misunderstanding-and-guardedness-against-God-were-eliminated.html) - चोंगशिन, चीन 2023 में मेरे पास कलीसिया में सुसमाचार कार्य की जिम्मेदारी थी, लेकिन कुछ समय बाद खराब कार्य क्षमताओं और टीम अगुआ के कर्तव्य सँभालने में असमर्थता के कारण मुझे बरखास्त कर दिया गया। अगुआओं ने मेरी काबिलियत के आधार पर सुसमाचार का प्रचार करने के लिए व्यवस्था कर दी। मैंने सोचा, “हालाँकि मैं
- [दिखावा करने के दर्दनाक सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-painful-lessons-of-showing-off.html) - वु शि, चीन मैं अगस्त 2016 में कलीसिया में सुसमाचार कार्य के लिए जिम्मेदार थी। क्योंकि मेरे पास अनुभव की कमी थी और सत्य की उथली समझ थी, जब मैंने पहली बार यह कर्तव्य करना शुरू किया तो मुझे बहुत दबाव महसूस हुआ, इसलिए मैं अक्सर अपनी मुश्किलों के बारे में परमेश्वर से प्रार्थना करती
- [गरिमा के साथ जीने के लिए ईमानदारी के साथ जियो](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/to-live-with-dignity-live-with-honesty.html) - मेरेडिथ, यू.एस.ए. 2015 में सीसीपी की गिरफ्तारी और उत्पीड़न से बचने के लिए मैं विदेश भाग गई। मैंने परमेश्वर में विश्वास रखते हुए काम किया। मुझे एक बड़े सुपरमार्केट में कैशियर की नौकरी मिल गई और यह दुनिया में मेरी पहली नौकरी थी। मैं इस नौकरी को सँजोती थी और इसे अच्छे से करना चाहती
- [खतरनाक परिवेशों में कर्तव्य पालन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/upholding-duty-in-a-dangerous-environment.html) - जिंग रू, चीन 2017 में मेरे पास कलीसिया में सफाई कार्य की जिम्मेदारी थी। 2 जुलाई को कई अगुआ, कार्यकर्ता और भाई-बहन गिरफ्तार कर लिए गए। तब कलीसिया में कुछ रिपोर्ट पत्र थे जिन्हें तत्काल सँभालने की आवश्यकता थी, लेकिन उन्हें सँभालने वाले कुछ लोग गिरफ्तार किए जा चुके थे। इस कार्य के लिए जिम्मेदार
- [क्या दूसरों के सौंपे गए कामों के प्रति निष्ठावान होना सही तरीका है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-it-good-humanity-to-faithful-others-entrustments.html) - यिन एन, चीन मेरे दादाजी हमारे गाँव के बहुत प्रतिष्ठित व्यक्ति थे और वे हमेशा दूसरों की मदद करके खुश रहते थे। जब मैं छोटी थी तो वह और मेरी दादी शहर आ गए, लेकिन जब भी गाँव में किसी को किसी चीज की जरूरत होती, तो दादाजी अपना काम छोड़कर मदद करने गाँव लौट
- [अपना कर्तव्य निभाने के लिए मैं हमेशा दूसरों पर क्यों निर्भर रहती हूँ?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-always-rely-on-others-to-do-my-duty.html) - वू नान, चीन मई 2023 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। यह सोचकर कि अगुआ होने का मतलब है काम के सभी पहलुओं के लिए जिम्मेदार होना और चूँकि मैं पहले कभी अगुआ नहीं रही थी और विभिन्न कामों से अपरिचित थी, मैं सोचती थी कि काम अच्छी तरह से करने के लिए कितना प्रयास
- [बरखास्त होने के बाद पश्चात्ताप](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/repentance-after-being-dismissed.html) - झूओ जिंग, चीन नवंबर 2020 में मैं नवनिर्वाचित बहन वांग चेन के साथ साझेदारी करते हुए कलीसिया में एक अगुआ के रूप में सेवा कर रही थी। उस समय कलीसिया को सीसीपी द्वारा गिरफ्तारियों का सामना करना पड़ रहा था, कुछ भाई-बहनों को पकड़ लिया गया था, उसके बाद का काम भी था जिसे सँभालना
- [बीमारी से सीखे सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-in-sickness.html) - ली जी, चीन 2022 के अंत में एक सुबह जब मैं उठी तो मुझे अचानक चक्कर आने लगा। मैंने सोचा कि यह बहुत तेजी से उठने की वजह से हुआ है, इसलिए मैंने तुरंत आँखें बंद कर लीं और थोड़ी देर बाद यह ठीक हो गया। लेकिन शाम को मुझे फिर से चक्कर आने लगा,
- [समस्याएँ बताने से जुड़ी चिंताएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/concerns-about-reporting-issues.html) - झांग यी, चीन अप्रैल 2023 में, मैं कलीसिया में एक सिंचन उपयाजक के तौर पर सेवा कर रहा था। उस समय अपने कर्तव्य का पालन कर रहे कई भाई-बहनों को सीसीपी ने गिरफ्तार कर लिया था और कलीसिया का काम ठप्प पड़ गया था। भले ही मैं कुछ भाई-बहनों के साथ काम का जायजा लेने
- [मुझे सचमुच खुशहाल जीवन मिला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-found-a-truly-happy-life.html) - मैं एक साधारण ग्रामीण परिवार में पली-बढ़ी हूं। हालाँकि हमारी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, फिर भी मैं बहुत खुश थी। मेरी माँ का व्यक्तित्व खुशमिजाज था; वह नेकदिल और काबिल थी और घर को एकदम व्यवस्थित रखती थी। मेरे पिता मेरी माँ का बहुत ख्याल रखते थे और उनके प्रति विचारशील थे और
- [अपने बेटे के प्रति ऋणी होने की भावना से मुक्त होना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/letting-go-of-feeling-indebted-toward-my-son.html) - शिनचेंग, चीन जब मैं छोटी थी, तो मेरी माँ न केवल हमारे खाने-पीने और कपड़े-लत्ते के लिए जिम्मेदार थी, बल्कि उसे खेतों में भी काम करने जाना पड़ता था। जब वह काम खत्म कर लेती, तो उसे वापस आकर घर के काम करने पड़ते थे। इसलिए मुझे लगता था कि अच्छी पत्नी और प्यारी माँ
- [निपटान के बाद चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-being-rebuked.html) - यांग फू, चीन एक दिन मुझे एक भाई का पत्र मिला, जिसमें कहा गया था कि उसे अपने कर्तव्यों में कुछ समस्याएँ हैं और वह नहीं जानता कि क्या करे, इसलिए वह मेरी राय चाहता है। पत्र पढ़ने के बाद मैं खुद को सराहे बिना नहीं रह पाया। मुझे उस कलीसिया को छोड़े हुए लगभग
- [मैं अपने भाग्य को लेकर फिर कभी शिकायत नहीं करूँगी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/never-grumble-about-my-fate-again.html) - मेरा जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ था और अपनी आजीविका चलाने के लिए मेरे माता-पिता फसलें उगाते थे। हमारे गाँव में एक संपन्न परिवार रहता था और उसके पास एक बड़ा और सुंदर घर था। बच्चों के पास अक्सर पहनने को नए कपड़े और खाने के लिए अच्छा खाना होता था। मैं उनसे
- [पैसे के बंधन से कैसे मुक्त हों](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-break-free-from-the-shackles-of-money.html) - मेंगफैन, चीन मेरे माता-पिता का निधन मेरे बचपन में ही हो गया था। घर पर हम बहुत से भाई-बहन थे, हम बहुत गरीब थे और सभी पड़ोसी हमें नीची नजरों से देखते थे। कभी-कभी जब मैं पड़ोसी के बच्चों के साथ खेलने जाती थी तो पड़ोसी मुझे बाहर निकालने का बहाना ढूँढ़ लेते थे। मुझे
- [मूल्यांकन लिखने से सीखे गए सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-writing-an-evaluation.html) - मा यी, चीन नवंबर 2022 में उच्च अगुआई ने मुझे एक पत्र भेजा, जिसमें मुझे वांग क्यू का मूल्यांकन लिखने के लिए कहा गया था। पत्र पाने के बाद मैं न चाहते हुए भी सोचने लगी, “मुझे वांग क्यू का मूल्यांकन लिखने की क्या जरूरत है? अभी दो महीने पहले ही उसे दूसरी कलीसिया में
- [पढ़ाई के बहुत ज्यादा दबाव ने मेरी बेटी को नुकसान पहुँचाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/high-pressure-education-harmed-my-daughter.html) - लियु जिनशिन, चीन जब मैं बहुत छोटी थी तभी मेरे माता-पिता का तलाक हो गया। मैं और मेरी बड़ी बहन अपने पिता के साथ रहती थीं और हमारा जीवन वाकई मुश्किल था। हमारा परिवार संपन्न नहीं था, साथ ही मेरे ग्रेड्स भी खराब थे, इसलिए जब मैं जूनियर हाई में पहुँची तो मैंने पढ़ाई छोड़
- [बीमारी से संघर्ष पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-from-struggle-with-illness.html) - चेन जी, चीन अंत के दिनों का सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य स्वीकारने के बाद से चाहे धूप हो या बारिश, मैं बिना देरी किए हमेशा सुसमाचार का प्रचार करने और अपना कर्तव्य निभाने के लिए उत्साहित रहा हूँ। बाद में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया और जब भी मैंने भाई-बहनों को समस्याओं या कठिनाइयों में
- [मैंने ईर्ष्या को कैसे दूर किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-let-go-of-jealousy.html) - मेल्विन, दक्षिण कोरिया मैं कलीसिया में वीडियो बनाता था और आमतौर पर मेरे बनाए वीडियो में कुछ नई विशेषताएँ होती थीं। जब भाई-बहन ये वीडियो देखते थे तो वे बहुत सहायक होते थे और जब वे समस्याओं का सामना करते थे तो अक्सर मदद के लिए मेरे पास आते थे। मुझे लगता था कि मैं
- [दूसरों से आगे निकलने की होड़ पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-the-rat-race.html) - शाओ एन, चीन मेरा जन्म एक सुदूर और गरीब गाँव में हुआ था और मेरा परिवार गरीब होने की वजह से बचपन से ही रिश्तेदार मुझे नीची नजरों से देखते थे। मैंने खुद से संकल्प लिया, “मुझे कड़ी मेहनत से पढ़ाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में बहुत सारा पैसा कमाने के बाद मैं ऊपर उठकर
- [आशीष पाने के मेरे इरादे कैसे गायब हो गए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-my-desire-for-blessings-was-dispelled.html) - यी शान, चीन 2003 में मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार कर लिया। मैं वास्तव में उत्साहित थी क्योंकि लंबे समय से प्रतीक्षित हमारा प्रभु यीशु आखिरकार लौट आया था। उसके बाद मैं सक्रिय रूप से सुसमाचार का प्रचार करने गई, मैं यह महान समाचार अधिकाधिक लोगों के साथ साझा करना
- [अपने कर्तव्य में दूसरा काम सौंपे जाने से सीखे गए सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-the-adjustment-of-duties.html) - सुन यान, चीन अप्रैल 2023 में मुझे दूसरा काम सौंपा गया क्योंकि मुझे कई महीनों से अपने पाठ-आधारित कर्तव्य में कोई नतीजा नहीं मिला था। अगुआ ने कहा कि मेरी काबिलियत खराब है और मैं पाठ-आधारित कर्तव्य के लिए उपयुक्त नहीं हूँ और इसलिए वह मुझे भाई-बहनों को पत्र पहुँचाने के लिए कह रहा था।
- [क्या किसी की दयालुता का बदला चुकाना आत्म-आचरण का सिद्धांत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-repaying-someones-kindness-principle-for-self-comportment.html) - ली चुन, चीन फरवरी 2022 में एक दिन कलीसिया अगुआ ने मुझसे वु जून का मूल्यांकन लिखने के लिए कहा। मैं चौंक गया और सोचा, “कलीसिया इस समय के दौरान सफाई का कार्य कर रही है। क्या ऐसा हो सकता है कि कलीसिया वु जून को बाहर निकालने की तैयारी में उसका मूल्यांकन एकत्र कर
- [सत्य बताने की अनिच्छा के पीछे क्या छिपा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-lies-behind-not-willing-to-tell-the-truth.html) - यी किउ, चीन सितंबर 2022 की शुरुआत में मैं कलीसिया में सिंचन टीम की अगुआ थी। उस समय दो नवागंतुक बहना किउ जेन और बहन यांग युन को दूसरी कलीसिया से स्थानांतरित किया गया था। अगुआ ने मुझे जल्दी से उनका सिंचन करने के लिए लोगों की व्यवस्था करने को कहा, कहा कि इन दोनों
- [आशीष की चाह छिन्न-भिन्न होने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-desire-for-blessings-is-shattered.html) - सु यी, चीन 2011 में मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा और दो साल भी नहीं हुए थे कि मेरे पति का बीमारी से निधन हो गया। यूँ तो मेरा बच्चा छोटा था और परिवार आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहा था, फिर भी मैं अपने कर्तव्यों में जुटी रही। बाद
- [पैसे के पीछे भागने के दिनों को अलविदा कहना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/farewell-to-the-days-of-chasing-money.html) - झेंग यी, चीन मेरा जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था, जहाँ मेरे भोले-भाले और मेहनती माता-पिता खेती करके हमारे परिवार का भरण-पोषण करते थे। बचपन में मैं गाँव के धनी लोगों को अच्छा खाना और अच्छे कपड़े का आनंद उठाते और दूसरों से प्रशंसा और सहयोग पाते देखता था। मुझे उनसे ईर्ष्या होती थी
- [मुखौटे के पीछे क्या छिपा था?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-is-hidden-behind-the-disguise.html) - लु यी, चीन मई 2023 में मैं कलीसिया में पोस्टर डिजाइन कर रही थी। अगुआ ने देखा कि मेरे कौशल अच्छे हैं और मुझे टीम अगुआ के पद पर पदोन्नत कर दिया। अगुआ को मुझ पर भरोसा था, यह देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। लेकिन मुझे कुछ चिंताएँ भी थीं। पहले मैं सिर्फ टीम की
- [अपना कर्तव्य करने में जिम्मेदारी से डरना स्वार्थ है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/its-selfish-to-fear-responsibility-in-doing-duty.html) - बाई ही, चीन फरवरी 2023 में मैं जिला अगुआ के रूप में अपना कर्तव्य निभा रही थी। एक दिन मुझे उच्च अगुआ से एक पत्र मिला, जिसमें कहा गया था कि शिनचेंग कलीसिया को सीसीपी से दमन का सामना करना पड़ रहा है और परमेश्वर के वचनों की किताबों की सुरक्षा करने वाले कई घरों
- [जीवन प्रवेश छोटे या बड़े मामलों के बीच अंतर नहीं करता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/life-entry-involves-both-major-and-minor-matters.html) - लू यी, चीन मैं फरवरी 2024 में कलीसिया में पाठ-आधारित कर्तव्य कर रही थी। धीरे-धीरे मैंने कुछ सिद्धांत समझ लिए और मुझे अपने काम में बहुत मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा। मुझे हर दिन काफी नीरस और कुछ हद तक थकाऊ लगता था। मुझे याद आया कि जब मैंने पहली बार पाठ-आधारित काम करना
- [खामोशी के पीछे क्या छिपा है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-s-hidden-behind-silence.html) - जिन शिन, चीन मुझे अपने आत्म-सम्मान की बहुत परवाह रहती थी और मैं हमेशा इसे लेकर चिंतित रहती थी कि दूसरे मुझे किस तरह देखते हैं। जब भी मैं सभाओं में जाती थी, तो बहुत घबरा जाती थी, हमेशा डरती थी कि अगर मैं प्रार्थना या संगति अच्छी तरह से नहीं करूँगी, तो दूसरे मुझे
- [क्या कर्तव्यों में ऊँच-नीच का कोई भेद होता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-there-a-hierarchy-among-duties.html) - नूओ यी को एक पत्र यू शुन, चीन प्रिय नूओ यी, आजकल तुम कैसी हो? अपने पिछले पत्र में तुमने जिक्र किया था कि तुम अब अपना सिंचन का कर्तव्य नहीं कर रही हो, बल्कि अगुआओं द्वारा तुम्हें सामान्य मामले सौंपे गए हैं। तुम्हें लगा कि यह कर्तव्य तुम्हें दूसरों से अलग दिखने या सम्मान
- [मसलों की रिपोर्ट करने के लिए संघर्ष](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-struggle-of-reporting-issues.html) - जीना, फिलीपींस 2022 में मैं पाठ-आधारित कर्तव्य निभाती थी। संयोग से मैं कैली से मिली, जो एक जिला अगुआ थी। उसके अनुभव सुनकर मुझे पता चला कि वह पाँच साल से अगुआ थी। उसमें कुछ खूबियाँ थीं, वह काफी तेज-तर्रार थी और उसकी कार्य व्यवस्थाएँ सलीकेदार थी। मैं उसकी बहुत प्रशंसा करती थी। लेकिन मुझे
- [पादरी के मार्गदर्शन के परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-consequences-of-a-pastor-is-gatekeeping.html) - फियोना, ताइवान 2006 में, मैंने अपना गृहनगर छोड़ा और काम करने के लिए ताइपे आ गया, जहाँ मेरी मुलाकात पादरी हुआंग से हुई। पादरी हुआंग ने देखा कि मैं अपनी खोज में उत्सुक था और कहा कि वह मुझ पर ध्यान केंद्रित कर मुझे विकसित करना चाहते हैं। वह अक्सर मुझे अपने साथ बाइबल पर
- [क्या किस्मत के आधार पर चीजों के बारे में राय बनाना सही है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-it-right-to-judge-things-based-on-luck.html) - रुओनान, चीन अगस्त 2023 में बहन शू शिन और मुझे सुसमाचार कार्य के लिए सुपरवाइजर के रूप में चुना गया। शू शिन को चेंगबेई कलीसिया का प्रभारी बनाया गया और मुझे चेंगनान कलीसिया का प्रभारी बनाया गया। चेंगनान कलीसिया में सुसमाचार कार्य कुछ ज्यादा प्रभावी नहीं था। कुछ साल पहले मैं इस कलीसिया में सुसमाचार
- [मैं अब अपने बेटे से ज्यादा अपेक्षाएँ नहीं रखती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-place-high-expectations-on-my-son.html) - झिझुओ, चीन मैं ग्रामीण क्षेत्र में पली बढ़ी थी और घर पर जीवन बहुत कठिन था। मैं शहर के लोगों के जीवन से ईर्ष्या करती थी और मुझे लगता था कि केवल मेहनत से पढ़ाई करके, विश्वविद्यालय में दाखिला लेकर और एक स्थिर नौकरी हासिल करके ही मैं सुबह से शाम तक खेतों में काम
- [मेरी सतर्कता और गलतफहमी दूर हो गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/guardedness-and-misunderstanding-were-eliminated.html) - लिन फेंग, चीन 2022 में जब मैं कलीसिया अगुआ था, अपने घमंड, आत्मतुष्टता और मनमानी के कारण मैं हर चीज में अंतिम निर्णय लेना चाहता था। नतीजतन मेरे साथ काम करने वाला भाई बेबस हो गया और कलीसिया के कार्य में भी गड़बड़ी हुई। उच्च अगुआ ने मेरे घमंड, आत्मतुष्टता और पूरी तरह से मसीह-विरोधी
- [माता-पिता की दयालुता से कैसे पेश आएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-treat-parents-kindness.html) - सु वेई, चीन बचपन से ही मेरा परिवार अपेक्षाकृत गरीब था। रिश्तेदार और दोस्त हमें नीची नजरों से देखते थे और यहाँ तक कि मेरे दादा-दादी ने भी हमें ठुकरा दिया था। मेरी माँ अक्सर मुझे डांटते हुए कहती थी, “तुम्हें मन लगाकर पढ़ाई करनी है और परिवार का नाम रोशन करना है!” उसकी बातों
- [मुझे खुद से बेहतर लोगों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-should-i-deal-with-someone-who-outperforms-me.html) - काओशेन, चीन 2016 के अंत में मैंने कलीसिया के कार्य में बहन यी शिन के साथ सहयोग किया। कुछ समय तक साथ कार्य करने के बाद मैंने पाया कि यी शिन में अच्छी काबिलियत है और वह परमेश्वर के वचनों को जल्दी समझ लेती है। वह सत्य की संगति करने और भाई-बहनों की कुछ कठिनाइयों
- [एक शिक्षिका की पसंद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-teachers-choice.html) - मो वेन, चीन संध्या के समय जब सूरज पश्चिम दिशा में डूब रहा था, एक छोटे से फार्महाउस का दरवाजा खुला हुआ था, दरवाजे की घुंडी पर एक सफेद कपड़ा बंधा हुआ था और धूप की आखिरी किरण आँगन की लाल-ईंटों की बिना रंगी दीवार पर फैली हुई थी। हॉल के बीच में एक ताबूत
- [मैं अब कायर नहीं हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-am-no-longer-a-coward.html) - सबरीना, फ्रांस जुलाई 2022 में मैं कलीसिया में नए विश्वासियों का सिंचन कर रही थी। लूसिया सिंचन उपयाजक थी, जो मेरे काम के लिए जिम्मेदार थी। कलीसिया अगुआ रूथी का लूसिया के बारे में अनुकूल दृष्टिकोण था, अक्सर वह हमारे सामने उसकी अच्छी काबिलियत और मजबूत कार्य क्षमता की प्रशंसा करती थी, उसे कलीसिया के
- [क्या यह कहना सही है “व्यक्ति को दूसरों से होने वाली हानि से हमेशा खुद को सुरक्षित रखना चाहिए”?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-it-correct-to-say-one-should-always-guard-against-others.html) - चेंग न्युओ, चीन जब मैं छोटी थी तो मेरी माँ अक्सर मुझसे कहा करती थी, “दूसरों के साथ बातचीत करते समय तुम्हें बहुत सतर्क रहना होगा; मूर्खों की तरह जो भी मन में आए मत बोल देना। इससे लोग तुम्हें आसानी से नुकसान पहुँचाएँगे और धोखा देंगे।” उस समय मुझे इन बातों का कोई अनुभव
- [जब पदोन्नति की मेरी उम्मीद टूट गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-i-failed-to-be-promoted.html) - एलेना, यूएसए नवंबर 2020 में मैंने नवांगतुकों को सींचने का अभ्यास करना शुरू किया। कुछ समय बाद अगुआ ने मुझे समूह की सभाओं की मेजबानी करने की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा। मैंने मन ही सोचा, “लगता है कि अगुआ मुझे महत्व देती है, क्या ऐसा हो सकता है कि वह मुझे विकसित कर रही
- [हीनता की भावनाओं का समाधान कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-resolve-feelings-of-inferiority.html) - शिया के, चीन मैं बचपन से ही शब्दों को लेकर हमेशा से अजीब रही हूँ, जबकि मेरी बहन वाक्पटु और स्पष्टवादी हुआ करती थी और सभी पड़ोसी उसे पसंद करते थे। इसलिए मैं उसके साथ बाहर जाने से कतराती थी और लोगों से मिलने पर मैं उनसे बचने के तरीके खोजने की कोशिश करती थी।
- [आस्था के प्रति माता-पिता के विरोध का सामना करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/facing-parents-opposition-to-faith.html) - यांग मेई, चीन 2012 में सुसमाचार का प्रचार करते समय पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मुझसे बहुत सख्ती से पूछताछ की और पूछा कि कलीसिया के अगुआ कौन हैं और सभाएँ कहाँ होती हैं और जब मैंने कोई जवाब नहीं दिया तो उन्होंने मुझे पीटा और काफी समय तक पूछताछ के
- [एक छोटी सी बात ने मेरे असली स्वभाव को बेनकाब कर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-small-matter-exposed-me.html) - तियान तियान, चीन अप्रैल 2021 में मैं कलीसिया में पाठ आधारित कार्य की सुपरवाइजर के रूप में कार्य कर रही थी। एक दिन मुझे ऊपरी अगुआई की तरफ से एक पत्र मिला जिसमें मुझसे कलीसिया की एक अगुआ लियू ली का मूल्यांकन लिखने के लिए कहा गया था। वे चाहते थे कि मैं इसे तीन
- [अत्यधिक प्रतिस्पर्धी होना सभी को नुकसान पहुँचाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/competition-harms-all-involved.html) - लियू जिंग, चीन 2016 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। मैं वाकई प्रेरित हो गई और मैंने इस कर्तव्य को ठीक से करने और कलीसिया के सभी काम अच्छी तरह से सँभालने की पूरी कोशिश करने का संकल्प लिया ताकि भाई-बहन देख सकें कि उन्होंने सही व्यक्ति को चुना है। लेकिन मुझे जल्द ही पता
- [मुझे सच्ची खुशी मिल गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/ive-found-true-happiness.html) - चोंगशेंग, चीन छोटी उम्र से ही मुझे रोमांटिक ड्रामे देखना बहुत पसंद था और मुख्य पात्रों के बीच प्रेमपूर्ण रिश्तों से मुझे हमेशा ईर्ष्या होती थी। इसलिए मुझे विश्वास हो गया कि मुझे इससे अधिक खुशी किसी और चीज से नहीं मिल सकती कि मेरा पति ऐसा हो जो मुझे प्यार और मेरी देखभाल करे।
- [महामारी के दौरान सुसमाचार का प्रसार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/spreading-the-gospel-during-the-pandemic.html) - लू मिंग, चीन मई 2023 में एक दिन बहन झाओ फेई ने मुझे अपने साथ प्रभु के एक विश्वासी को परमेश्वर के अंत के दिनों का सुसमाचार फैलाने के लिए आमंत्रित किया। विश्वासी का नाम ली हाओ था। उसने पहले एक कलीसिया में युवा सभाओं की अगुआई की थी लेकिन हाल के वर्षों में कलीसिया
- [जब मुझे कैंसर का पता चला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-i-was-diagnosed-with-cancer.html) - ली युआन, चीन अप्रैल 2023 में कलीसिया ने कर्तव्य निभाने के लिए मुझे दूसरी जगह भेज दिया। मैं बहुत उत्साहित थी और मैंने जल्दी से अपना सामान बाँधा और जाने का इंतजार करने लगी। लेकिन फिर मुझे याद आया कि मुझे तो स्त्री-रोग संबंधी समस्या है और चूँकि अपरिचित स्थान पर चिकित्सा की व्यवस्था होना
- [मैं अब सौभाग्य के पीछे नहीं भागती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-pursue-good-luck.html) - चेन शियाओ, चीन अप्रैल 2023 के अंत में मुझे उच्च अगुआओं से एक पत्र मिला जिसमें बताया गया था कि एक खास कलीसिया के अगुआ को इसलिए बरखास्त कर दिया गया था क्योंकि वह वास्तविक काम नहीं कर रहा था। उसकी जगह कोई उपयुक्त व्यक्ति न मिलने पर उन्होंने अस्थायी रूप से कलीसिया का कार्य
- [क्या प्रसिद्धि और लाभ के पीछे भागने से जीवन खुशहाल होता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-pursuing-fame-and-gain-lead-to-happy-life.html) - लियांग झी, चीन 1998 में जिस कंपनी में मैं और मेरी पत्नी काम करते थे, वह दिवालिया हो गई और हम दोनों की नौकरी चली गई। उस दौरान हमारे घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। मेरी माँ बीमार थी और उसका इलाज चल रहा था और हमें अपने बच्चे के स्कूल की फीस भी
- [परमेश्वर के वचनों ने मुझे अपनी गलतफहमियों को दूर करने का मार्ग दिखाया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-words-lead-me-to-let-go-of-worries.html) - बाई लू, चीन 2023 के नवंबर के मध्य में एक दिन मुझे ऊपरी अगुआई से एक पत्र मिला जिसमें लिखा था कि भाई-बहनों ने मुझे जिला अगुआ के रूप में चुना है और इसमें मुझ से पूछा गया कि क्या मैं इस कर्तव्य को निभाने के लिए तैयार हूँ। इस अप्रत्याशित कर्तव्य का सामना करते
- [अब मैं हिम्मत से अपनी समस्याओं का सामना करती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-now-dare-to-face-my-problems.html) - यु शुन, चीन सितम्बर 2023 में एक दिन मुझे उच्च-स्तरीय अगुआओं से एक पत्र मिला जिसमें लिखा था कि हमारी कलीसिया के कार्य की विभिन्न मदें खराब नतीजे दे रही हैं और उन्होंने पूछा कि हम कार्य का जायजा कैसे ले रहे हैं और सुसमाचार कार्य, शुद्धिकरण कार्य और पाठ-आधारित कार्य जैसे क्षेत्रों में हमने
- [दिखावा करने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-putting-up-a-facade.html) - सु काई, चीन 6 मार्च 2023 को अगुआ ने हम कई सहकर्मियों के साथ एक सभा बुलाई। मैं आमतौर पर इन सभाओं का इंतजार करती थी, सोचती थी कि हम सभी परमेश्वर के वचनों की अपनी समझ-बूझ पर संगति कर सकते हैं, अनुभवों का आदान-प्रदान कर सकते हैं और अपने काम में आने वाली विभिन्न
- [आपदा के समय अपने कर्तव्य पर डटे रहना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/upholding-my-duty-in-tribulation.html) - लियू शिन, चीन 23 जुलाई 2023 को जब मैं कुछ नवागंतुकों की सिंचाई करने के बाद घर लौटी, ऊपरी अगुआ ली किंग जल्दी में मेरे पास आया और मुझसे बोला, “शू गुआंग कलीसिया में बहुत से नवागंतुकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उन्होंने कलीसिया अगुआओं और उपयाजकों को भी पकड़ लिया है।
- [मैं अब खराब काबिलियत से बेबस नहीं होती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-feel-constrained-by-poor-caliber.html) - शेन यू, चीन अप्रैल 2023 में चूँकि वीडियो बनाने में मेरी कुछ खूबियाँ थीं, अगुआ ने मुझे हर किसी के बनाए वीडियो की समीक्षा करने में लगा दिया। यह कर्तव्य करने में सक्षम होने के लिए मैं वाकई खुश थी और मैं इस अवसर को संजोना चाहती थी और अपना कर्तव्य अच्छी तरह से करना
- [क्या दयालुता के मायने अच्छी मानवता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-kindness-represent-good-humanity.html) - शाओ जिन, चीन अगस्त 2023 में मैं कलीसिया में पाठ आधारित कार्य के लिए जिम्मेदार था। आमतौर पर जब भी भाई-बहनों को अपने पेशे या कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता, मैं धैर्यपूर्वक उनका मार्गदर्शन और सहायता करता। हर संगति के बाद सबके चेहरों पर मुस्कान देखकर मुझे बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती थी।
- [पिता द्वारा देखरेख और सुरक्षा को कैसे लें](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-treat-fathers-care-and-protection.html) - गु नियान, चीन 2019 में 18 वर्षीया म्यू शी को सीसीपी ने सुसमाचार प्रचार के आरोप में गिरफ्तार कर लिया, उसे ढाई साल की सजा हुई और अप्रैल 2022 में रिहा कर दिया गया। वह रेलवे स्टेशन से बाहर निकली तो उसने अपने पिता को सड़क के किनारे खड़े देखा, वह बाहर निकलने वाले दरवाजे
- [अपने कर्तव्य में जिम्मेदारी से डरने की समस्या क्या है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-is-the-problem-of-fearing-responsibility-in-my-duty.html) - चेन ना, चीन जुलाई 2014 में मुझे प्रचारक चुना गया था। उस समय मुझमें भेद पहचानने की कमी थी और मैंने जिला अगुआ की रिपोर्ट करने में अपनी साथी बहन का साथ दिया, जिससे काम में अव्यवस्था फैल गई। बाद में जाँच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि जिला अगुआ कुछ वास्तविक कार्य करने
- [मेरी पसंद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-choice-2.html) - शारा, फिलीपींस मेरे माता-पिता की मृत्यु मेरे बचपन में ही हो गई थी, मैं और मेरी दो बहनें शुरू से ही हमारी दादी के साथ रहती थीं, हमारी दादी ने ही हमें प्रभु यीशु का सुसमाचार सुनाया था। हम अक्सर प्रभु से प्रार्थना करती थीं और रविवार को अपनी दादी के साथ कलीसिया जाती थीं।
- [मैं अब अपनी उम्र के कारण परेशान और चिंतित महसूस नहीं करता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-worry-about-my-aging.html) - नैश, कंबोडिया 1995 में, मैं और मेरी पत्नी प्रभु यीशु में विश्वास करने लगे, और दो साल बाद, हमने अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार कर लिया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने जीवनकाल में प्रभु का स्वागत कर पाऊँगा। मैं बहुत खुश था। उसके बाद, मैंने सुसमाचार का
- [अब मुझे बीमारी की परवाह या चिंता नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-worried-or-concerned-about-illness.html) - शू हुई, चीन 2010 में एक चिकित्सा जाँच के दौरान मुझे पॉजिटिव एंटीजन के साथ क्रोनिक हेपेटाइटिस बी होने का पता चला। उस समय मैं घबरा गई थी, मुझे डर था कि किसी दिन मेरी हालत बिगड़ेगी और मुझे लिवर कैंसर हो जाएगा। जब भी मैं किसी के लिवर कैंसर से मरने की खबर सुनती
- [मैं ईर्ष्या के जाल में फँस गई थी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-was-ensnared-by-jealousy.html) - शू जुआन, चीन मैं कलीसिया में तस्वीरें डिजाइन करने का काम करती थी और बाद में मुझे टीम अगुआ चुना गया। सहयोग की अवधि के बाद टीम में काम की प्रगति में कुछ हद तक सुधार हुआ और डिजाइन की गुणवत्ता में भी वृद्धि हुई। अगुआ मुझे बहुत महत्व देता था और ज्यादातर समय टीम
- [अपने बेटे की मौत के साए से उबरना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/emerging-from-shadow-of-my-sons-passing.html) - ली लान, चीन इन वर्षों में एक विश्वासी के रूप में मैं हमेशा से सैद्धांतिक तौर पर तो जानती थी कि हमारा भाग्य और हमारा जन्म-मरण सब परमेश्वर के हाथों में है लेकिन वास्तव में मुझे परमेश्वर की सच्ची समझ नहीं थी। जब परमेश्वर ने ऐसी स्थिति का आयोजन किया जो मेरी धारणाओं के अनुरूप
- [कर्तव्यों का पालन करते समय वरिष्ठता का अधिकार जताना गलत है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/its-wrong-to-assert-seniority-while-performing-duties.html) - बाई चेन, चीन मंगलवार, 28 मार्च 2023 सुबह मुझे उच्च-स्तरीय अगुआओं से एक पत्र मिला जिसमें लिखा था कि शिन रैन को नया जिला अगुआ चुन लिया गया है। पत्र पढ़कर थोड़ी देर तो मैं शांत नहीं रह पाई और सोचने लगी, “शिन रैन को कलीसिया अगुआ बने अभी कुछ ही महीने तो हुए हैं।
- [घमंड त्यागने से मुझे बहुत मुक्ति का एहसास हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/letting-go-of-vanity-feels-so-liberating.html) - लियु लू, चीन जून 2023 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। उस समय मैं थोड़ी हैरानी थी और साथ ही थोड़ी चिंतित भी थी, सोच रही थी “सत्य के बारे में मेरी समझ अभी भी बहुत सतही है और मैं कई क्षेत्रों में कमजोर हूँ। क्या होगा अगर मैं भाई-बहनों के मसले नहीं सुलझा पाई,
- [मैं दूसरों को विकसित करने के लिए तैयार क्यों नहीं थी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-i-was-unwilling-to-cultivate-others.html) - लिन जिंग, चीन मार्च 2023 में मेरे पास कलीसिया में धर्मोपदेश कार्य की जिम्मेदारी थी। उस समय मैं अकेले काम करती थी, इसलिए काम का बोझ काफी ज्यादा था। एक दिन अगुआओं ने ली किंग को इस कर्तव्य में मेरी सहयोगी बना दिया। यह सुनकर मैं बहुत खुश हो गई। कुछ समय तक विकसित होने
- [झूठ बोलने के पीछे क्या छिपा है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/whats-hidden-behind-lying.html) - या किंग, चीन नवंबर 2023 में, मैं कलीसिया में पाठ-आधारित कर्तव्य करते हुए कौशल प्रशिक्षण का निरीक्षण करती थी, लेकिन कभी-कभी जब काम में व्यस्त हो जाती थी तो मैं इसे टाल देती थी, नतीजतन जिन कौशलों का अध्ययन किया जाना चाहिए था, उनका अध्ययन नहीं हो पाता था। सुपरवाइजर ने इस विचलन को देखा
- [मार्गदर्शन और सहायता स्वीकारने से मुझे कैसे लाभ हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/benefits-of-accepting-advice-and-help.html) - झोऊ युन, चीन सितंबर 2023 में मुझे प्रचारक के बतौर चुनकर कई कलीसियाओं के कार्य का प्रभारी बना दिया गया। इन कलीसियाओं में दो महीने से अधिक कार्य करने के बाद कलीसियाई जीवन और नवागंतुकों के सिंचन कार्य सभी में सुधार हुआ, इसलिए मेरे उच्च अगुआ ने मुझे अभ्यास के अच्छे मार्गों पर वैचारिक आदान-प्रदान
- [क्या आशीष पाने के लिए त्याग करना और खपना सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-it-right-to-forsake-and-expend-to-receive-blessings.html) - सु एनजे, चीन मुझे उच्च रक्तचाप है, जो मेरे परिवार में वंशानुगत है। 2013 में मुझे हर एक-दो दिन में भयंकर सिरदर्द भी होने लगा। जब दर्द होता तो मैं कुछ भी नहीं कर पाता; मुझे हर जगह कमजोरी महसूस होती, मैं खड़ा भी नहीं रह पाता और सिरदर्द के साथ-साथ दाँत दर्द और मतली
- [अपने माता-पिता द्वारा पालन-पोषण किए जाने की दयालुता से कैसे पेश आएं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-approach-parental-kindness.html) - शेन मिंग, चीन मेरा जन्म एक ग्रामीण परिवार में हुआ था और मेरे माता-पिता खेती करके अपना जीवन यापन करते थे। जब से मुझे याद है, मेरे माता-पिता की सेहत हमेशा खराब रहती थी, खासकर मेरे पिता की, उनकी दोनों टाँगों में दिक्कत थी, जिससे उनकी हालत बिगड़ने पर उनके लिए चलना मुश्किल हो जाता
- [प्रसिद्धि और लाभ की होड़ से मिला कष्ट](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-cost-of-striving-for-fame-and-gain.html) - हान सोंग, चीन नवंबर 2015 में अगुआ ने मुझे कलीसिया में सामान्य मामलों के काम की जिम्मेदारी सौंपी। मैं सामान्य मामलों के कर्मियों के किसी भी मुद्दे को सुलझाने में सक्रियता से मदद करती थी और हर कोई मुझे अच्छा मानता था, जिससे मुझे कलीसिया की एक अपरिहार्य सदस्य होने जैसा लगता था। अक्टूबर 2017
- [त्रित्व की पहेली का हल](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/unlocking-the-riddle-of-the-trinity.html) - कीझी, सिंगापुर 20 वर्ष पहले एक एल्डर ने मेरा धर्म-परिवर्तन कर मुझे ईसाई बना दिया था। उन्होंने मुझे बताया कि ब्रह्मांड की हर चीज़ में, केवल एक सच्चा परमेश्वर है, जिसने इंसान, स्वर्ग, पृथ्वी और सभी चीज़ों का सृजन किया। यह बात मुझे बहुत अच्छी लगी। उन्होंने बाद में मुझे बताया कि प्रभु यीशु, परमेश्वर
- [बरखास्त होने के बाद मैंने क्या सीखा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-i-learned-after-being-dismissed.html) - क्लारा, संयुक्त राज्य अमेरिका 2021 में मैं कलीसिया में नवागंतुकों का सिंचन करती थी। अपने कर्तव्य के प्रति मेरे लापरवाह दृष्टिकोण के कारण कई नवागंतुक सभाओं में नियमित रूप से नहीं आते थे। इसके ऊपर मेरे अहंकारी स्वभाव के कारण हमेशा दूसरे मेरे साथ सहयोग करने में बेबस महसूस करते थे। इसलिए अगुआओं ने मुझे
- [मैंने अपने कर्तव्य में जिम्मेदार होना सीखा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-learned-to-be-responsible-in-my-duty.html) - जिनयी, चीन जुलाई 2021 में मुझे कलीसिया का अगुआ चुना गया। मैंने सोचा, “साठ वर्ष से अधिक उम्र में इतना महत्वपूर्ण कर्तव्य का बीड़ा उठा पाना वास्तव में परमेश्वर द्वारा ऊँचा उठाया जाना है।” मैंने इस कर्तव्य में अपना पूरा प्रयास लगाने का संकल्प लिया। इसके बाद मैं पूरी तरह से इस कर्तव्य में डूब
- [क्या मैं वास्तव में एक अच्छी अगुआ थी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/was-i-really-a-good-leader.html) - शियाओयू, चीन मई 2020 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। एक महीने बाद दो साथी बहनों को बरखास्त कर दिया गया। मैंने भाई-बहनों द्वारा लिखे गए मूल्यांकनों में देखा कि ये दोनों बहनें समस्याओं का समाधान नहीं करती थीं और लोगों को डाँटती थीं, जिससे वे बेबस महसूस करते थे। उन्होंने लिखा कि दोनों अपने
- [मैं अब अपनी खराब काबिलियत को लेकर शिकायत नहीं करती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-complain-about-my-poor-caliber.html) - चेन लिंग, चीन प्राथमिक विद्यालय में मुझे खराब अंक मिलते थे, पर मैं छोटी थी, इसलिए मुझे शर्मिंदगी नहीं होती थी। लेकिन माध्यमिक विद्यालय में जब मैंने यह गौर करना शुरू किया कि मेरे टीचर और सहपाठी अच्छे अंक पाने वाले छात्रों का सम्मान और उनकी प्रशंसा करते हैं तो मुझे ईर्ष्या होने लगी। मैं
- [जिम्मेदारी से कर्तव्य निभाने से ही व्यक्ति के पास अंतरात्मा होती है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/by-performing-duty-responsibly-one-have-conscience.html) - ली गुओ, चीन जून 2023 के मध्य में मैं कलीसिया अगुआ चुनी गई। कुछ दिन तक कार्य से परिचित होने के बाद मैंने और मेरी साझीदार बहन यांग शिन ने कलीसियाई कार्य की अपनी जिम्मेदारियों को आपस में बाँट लिया। मैं मुख्य रूप से सुसमाचार और स्वच्छता कार्य के लिए जिम्मेदार थी। मुझे याद आया
- [मैं हमेशा पदोन्नति क्यों चाहती हूँ?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-do-i-always-want-to-be-promoted.html) - किंगशियान, चीन 2017 में मैं कलीसिया में वीडियो बनाने का काम कर रही थी और मुझे टीम अगुआ चुना गया था। एक दिन मुझे पता चला कि बहन ली मिन और भाई चेन बिन को पर्यवेक्षक बनाया गया है। मेरे अंदर कड़वाहट थी और मैंने मन में सोचा, “वे मेरे जितने लंबे समय से वीडियो
- [क्या मिलजुल कर काम करने का मतलब सामंजस्यपूर्ण सहयोग है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/does-getting-along-mean-harmonious-cooperation.html) - सेसिली, जापान मैं 2022 की शुरुआत में कई कलीसियाओं के कार्य के लिए जिम्मेदार थी। एक दिन हम में से कुछ लोग काम के बारे में चर्चा कर रहे थे, तभी भाई माइकल ने बताया कि एक कलीसिया ने बहन क्लारा को अगुआ चुना है। यह नाम सुनते ही मेरा दिल धड़क उठा और मैंने
- [बीमारी के बीच समर्पण करना सीखना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learning-to-submit-in-the-midst-of-illness.html) - टोंग यू, चीन बचपन से ही मेरा शरीर कमजोर था और मैं हमेशा बीमार रहती थी, इससे मुझे शरीर स्वस्थ रखने की चाहत रहती थी। मार्च 2012 में मुझे अंत के दिनों का परमेश्वर का कार्य स्वीकारने का सौभाग्य मिला। कुछ महीने बाद मैंने देखा कि मुझे पहले की तरह सर्दी या बुखार नहीं हो
- [अब मैं दूसरों के साथ मिलकर काम करने का तरीका जान गया हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-know-how-to-work-well-with-others.html) - मैं कुछ वर्षों से कलीसिया में डिजाइन कार्य कर रहा था और अपना कर्तव्य निर्वहन करते हुए मैंने धीरे-धीरे ग्राफिक डिजाइन के कुछ सिद्धांतों में महारत हासिल कर ली थी और कुछ अनुभव भी प्राप्त कर लिया था। अधिकांश लोगों ने कहा कि मैं अपने कर्तव्य के प्रति बहुत मेहनती हूँ, यह सुनकर मुझे बहुत
- [दूसरों को विकसित करने से मैं बेनकाब हुआ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/cultivating-others-exposed-me.html) - लोगन, दक्षिण कोरिया मैं कलीसिया में वीडियो बनाने का कार्य करता हूँ। जैसे-जैसे कार्यभार बढ़ा, कुछ नए भाई-बहन हमारी टीम में शामिल हुए। पर्यवेक्षक ने मुझे उन्हें विशेषज्ञ कौशल का अध्ययन करने के लिए विकसित करने और उनके काम को ठीक से समन्वित और व्यवस्थित करने के लिए कहा। यह व्यवस्था देखकर मुझे थोड़ा प्रतिरोध
- [बुढ़ापे में भी सत्य का अनुसरण करते रहो](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/keep-pursuing-the-truth-in-old-age.html) - होंगकाओ, चीन साठ साल की उम्र में मैंने अंत के दिनों का परमेश्वर का कार्य स्वीकार किया। सभाओं में भाग लेने और परमेश्वर के वचन खाने-पीने के जरिए मुझे समझ आया कि मनुष्य को परमेश्वर ने बनाया है, यह परमेश्वर ही है जिसने आज तक मनुष्य का मार्गदर्शन किया है, उसके लिए प्रावधान किया है
- [समझने का दिखावा करने के परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-pretending-to-understand.html) - सु यू, चीन मैं कलीसिया में वीडियो बनाती हूँ। प्रशिक्षण की शुरुआत में जब कोई चीज समझ में नहीं आती थी तो मैं दूसरों से मदद माँग लेती थी। धीरे-धीरे मैंने कुछ सिद्धांतों को समझना शुरू कर दिया और यहाँ तक कि कुछ वीडियो अपने आप बनाने लगी। सबने कहा कि मैं तेजी से सीख
- [हीन भावना से बाहर निकलना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/breaking-out-of-inferiority-complex.html) - येजी, चीन 2022 में मैं कलीसिया में नवागंतुकों का सिंचन कर रही थी और मुझे पता था कि यह परमेश्वर का उत्कर्ष है, इसलिए मैंने इस प्रशिक्षण अवसर को सँजोने और राज्य का सुसमाचार फैलाने में अपना योगदान देने का संकल्प लिया। बाद में मैंने बहन झांग शिन के साथ सहयोग किया। मैंने पाया कि
- [दौलत, शोहरत और लाभ के पीछे भागने से क्या मिलता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/what-does-pursuit-of-wealth-and-fame-bring.html) - सू वेन, चीन जब मैं छोटी थी तो मेरे परिवार को अक्सर नीची नजर से देखा जाता था क्योंकि मेरे ज्यादा भाई-बहन नहीं थे। उस समय मेरे माता-पिता अक्सर मुझसे कहते थे, “सबसे अच्छी और सबसे स्थायी नौकरी डॉक्टर के रूप में काम करना है। न केवल उन्हें ऊँचा वेतन मिलता है, बल्कि उनका बहुत
- [मुझे प्रसिद्धि और रुतबे के लिए कर्तव्य नहीं निभाना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-should-not-perform-duty-for-fame-and-status.html) - झाओ यांग, चीन अक्टूबर 2023 में एक दिन अगुआ ने मुझे एक पृष्ठभूमि छवि बनाने के लिए कहा। जब मैंने देखा कि छवि में ऊँचे दर्जे की जरूरतें हैं, तो मुझे चिंता हुई कि मैं इसे ठीक से नहीं बना पाऊँगी और चीजों में देरी करूँगी, इसलिए इसे बनाते समय मैंने ढिलाई बरतने की हिम्मत
- [जब मुझे पता चला मेरी पत्नी को बहिष्कृत किया जाना है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/when-my-wife-was-to-be-cleared-out.html) - झोउ शियाऊ, चीन मार्च 2021 में मुझे कलीसिया के अगुआओं से एक पत्र मिला, जिसमें मुझसे अपनी पत्नी के छद्म-विश्वासी के बतौर व्यवहार का ब्योरा देने को कहा गया था। मुझे पता था कि मेरी पत्नी वास्तव में छद्म-विश्वासी थी और परमेश्वर के घर से बाहर निकाले जाने के मानदंड पूरे करती थी। उसने कई
- [सही लोगों की सिफारिश करने में अनिच्छा के पीछे की मंशा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-the-reluctance-to-recommend-right-people.html) - कियाओ मिन, चीन जनवरी 2021 में कलीसिया अगुआ के तौर पर झांग फैंग और मेरा चुनाव किया गया। हम सुबह से देर रात तक कलीसिया में व्यस्त रहते थे। चूँकि मैंने पहले कभी पाठ-आधारित कार्य या सफाई कार्य में सहयोग नहीं किया था और चूँकि मैं उस कलीसिया में नई थी और कई पहलुओं से
- [लापरवाही करने से कर्तव्य बरबाद होते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/one-cannot-fulfill-duties-by-being-cunning.html) - लू जिंग, चीन अगस्त 2023 में मैंने हमारे पाठ-आधारित कर्तव्यों में लिन म्यू के साथ सहयोग करना शुरू किया। लिन म्यू लंबे समय से यह कर्तव्य निभा रही थी, उसकी काबिलियत अच्छी थी और वह सिद्धांतों से अच्छी तरह वाकिफ थी। चूँकि मैं इस भूमिका में नई थी और सिद्धांतों और पेशेवर कौशलों से अपरिचित
- [काट-छाँट से मिली अंतर्दृष्टि](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learning-from-being-dealt-with.html) - स्टेसी, दक्षिण कोरिया अगस्त 2022 में मैं कलीसिया में सिंचाई के काम की निगरानी कर रही थी। एक दिन अगुआ ने मुझे बताया कि कुछ भाई-बहनों ने रिपोर्ट की है कि मैंने सभाओं से पहले नवांगतुकों की दशाओं या मुश्किलों पर गौर नहीं किया और सभाओं में संगति वास्तविक मुद्दे नहीं सुलझा सकी। उन्होंने यह
- [ऐसा विकल्प जिसका मुझे कभी पछतावा नहीं होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-choice-i-would-never-regret.html) - बाई लू, चीन मेरा जन्म एक किसान परिवार में हुआ, जहाँ हम खेत पर काम करके अपना जीवनयापन करते थे। कम उम्र से ही मेरे पिता और दादा ने मुझे सिखाया था कि मुझे पढ़ाई में कड़ी मेहनत करनी होगी और एक अच्छे विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर ही मैं एक अच्छी नौकरी पा सकती हूँ,
- [मैं अब अपनी मंजिल को लेकर विवश नहीं हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-worry-over-my-destination.html) - ली यिशुन, चीन जब मैंने पहली बार परमेश्वर को पाया तो मैं बहुत उत्साहित थी और दो महीने बाद मैंने सामान्य मामलों का कर्तव्य करना शुरू कर दिया। बाद में मैंने मेजबानी का कर्तव्य संभाला और सभी प्रकार के कार्यों में व्यस्त होने के बावजूद मैंने कभी भी कठिनाइयों या थकान को लेकर शिकायत नहीं
- [अपना कर्तव्य गँवाने के बाद चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-the-loss-of-my-duty.html) - डिंग शाओ, चीन अक्टूबर 2015 में मैं कलीसिया में वीडियो कार्य के लिए जिम्मेदार थी। दो महीने बाद कार्यभार अधिक होने के कारण कलीसिया के अगुआओं ने मेरे साथ सहयोग करने के लिए बहन वांग यान की व्यवस्था की। मैं उस समय बहुत खुश थी क्योंकि हम एक दूसरे को पहले से जानते थे। वह
- [क्या “दयालुता का बदला कृतज्ञतापूर्वक लौटाना चाहिए” का दृष्टिकोण सही है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-the-view-kindness-received-should-be-repaid-correct.html) - पेई झिमिंग, चीन 2017 की शुरुआत में मेरी पड़ोसन ली लान ने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का सुसमाचार सुनाया। कुछ समय तक जाँच करने के बाद मैंने परमेश्वर के कार्य की पुष्टि की और मैं कुछ सत्य समझ पाई। खासकर जब मैंने देखा कि अंत के दिनों में देहधारी परमेश्वर लोगों के
- [अपने माता-पिता के निधन के बारे में जानने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-learning-of-my-parents-passing.html) - शू झेन, चीन बचपन से ही मेरे माता-पिता हमेशा मुझ से बहुत प्यार करते थे और उन्होंने मुझे और मेरे भाई को स्कूल भेजने के लिए कड़ी मेहनत की। उन्हें सुबह से शाम तक इतनी मेहनत करते हुए देखकर मैं मन ही मन में सोचती थी कि, “जब मैं बड़ी हो जाऊँगी तो खूब पैसा
- [अगुआ बनने को अनिच्छुक—मैं किस बात को लेकर इतनी चिंतित थी?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-concerns-behind-the-reluctance-to-be-a-leader.html) - जिएशिन, चीन 2023 के कलीसिया चुनाव के दौरान मैंने सुना कि कुछ भाई-बहन मुझे वोट देना चाहते हैं, लेकिन मेरी दिली इच्छा नहीं थी कि मैं अगुआ बनूँ। मुझे याद आया कि कुछ समय पहले एक अगुआ ने कुछ भाई-बहनों के लिए चढ़ावा स्थानांतरित करने की व्यवस्था की थी, लेकिन गलत लोगों को चुनने के
- [कर्तव्य से बचने के पीछे](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/behind-the-evasion-of-duty.html) - युचेन, चीन मार्च 2023 में मैं कलीसिया में एक प्रचारक का अपना कर्तव्य निभा रही थी। चूँकि मैंने अपने कर्तव्यों में कुछ नतीजे हासिल किए थे, इसलिए मुझे लगने लगा था कि मेरे पास अच्छी कार्य क्षमताएँ और अच्छी काबिलियत है। अपने कर्तव्य करते समय मैंने सत्य सिद्धांतों की खोज किए बिना एक अभिमानी स्वभाव
- [कर्तव्य को लापरवाही से निभाने के परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-performing-duty-irresponsibly.html) - जोडी, यूएसए सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : “परमेश्वर के छह-हजार-वर्षीय प्रबंधन कार्य में अपना कर्तव्य निभाना सम्मान की बात है। यह हर व्यक्ति के लिए सम्मान की बात है। यह अपमान की बात नहीं है; मुख्य बात यह है कि तुम परमेश्वर से मिले इस सम्मान को किस तरह से लेते हो और उसका बदला
- [अपनी माँ के निधन के दुःख से मैं कैसे उबरी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-overcame-grief-of-mothers-passing.html) - जी हान, चीन जून 2019 में मैं अपने कर्तव्य करने के लिए दूसरे क्षेत्र में गई थी। मैं एक साल से अधिक समय तक घर नहीं लौटी तो मेरे अविश्वासी पति ने मेरी और मेरी माँ की शिकायत कर दी। पुलिस द्वारा पकड़े जाने से बचने के लिए तभी से मेरी घर लौटने की हिम्मत
- [बुरे व्यक्ति का भेद पहचानने में सीखे गए सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-from-discerning-an-evil-person.html) - हान चेन, चीन जून 2022 मे अगुआ ने मुझे पाठ-आधारित कार्य के पर्यवेक्षण का काम सौंपा। मुझे एक टीम की याद आई जिसके कार्य के नतीजे लगातार खराब रहे थे। शाओ ली नाम की पाठ-आधारित कार्यकर्ता द्वारा लिखी गई दशा के बारे में मैंने पाया कि वह प्रतिष्ठा और रुतबे पर बहुत अधिक केंद्रित थी।
- [अब मैं अपनी छवि अच्छी बनाए रखने के चक्कर में नहीं रहती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-maintain-my-good-image.html) - याओ योंगशिन, चीन मेरे पैदा होने से पहले ही बीमारी के चलते मेरे पिता की मौत हो गई, मेरी माँ को अकेले ही पाँच बच्चों की परवरिश करनी पड़ी और उसके लिए गुजारा चलाना मुश्किल हो गया। गाँव में कोई भी हमारी इज्जत नहीं करता था। जब से मुझे याद है मेरी माँ ने हमें
- [मैं अब अपनी कमजोरियों का सामना सही तरीके से कर सकता हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-can-now-regard-my-flaws-properly.html) - चेन गांग, चीन जब मैं छोटा था तो बड़े अक्सर मेरे बोलने पर मजाक उड़ाया करते थे। उस नासमझ उम्र में मुझे समझ नहीं आता था कि क्या हो रहा है और बड़ा होने पर ही मुझे एहसास हुआ कि मुझे हकलाने की समस्या है। मैंने इसे ठीक करने की कोशिश की लेकिन मैं नहीं
- [बीमारी का सामना करना परमेश्वर का अनुग्रह है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/facing-illness-is-God-s-grace.html) - शिजी, चीन बचपन से ही मेरा स्वास्थ्य खराब रहा है। जब मैं किशोरावस्था में थी तो मुझे पैर में दर्द रहता था। डॉक्टर ने कहा कि मुझे संधिवात गठिया है और इलाज की जरूरत है। उस समय मेरा परिवार गरीब था और इलाज का खर्च नहीं उठा सकता था। जब दर्द बहुत बढ़ जाता तो
- [अपना कर्तव्य अच्छे से पूरा करना मेरा मिशन है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/performing-duty-well-is-my-mission.html) - सु रान, चीन जब मैं स्कूल में थी तो हमारे शिक्षक अक्सर हमें सिखाते थे कि अपने माता-पिता के प्रति संतानोचित धर्मनिष्ठा दिखाना और अपने से बड़ों का सम्मान करना पारंपरिक चीनी गुण है। मेरे माता-पिता अक्सर मुझे यही सिखाते थे और वे खुद भी यही करते थे। जब भी मेरी दादी के घर पर
- [खुशामदी होने से मिले कड़वे सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/brutal-lessons-learned-from-being-yes-man.html) - फैन यी, चीन मैं और वांग हुआ दोनों ही फरवरी 2021 में कलीसिया अगुआ चुने गए। चूँकि वांग हुआ को पहले से ही अगुआ होने का अनुभव था और वह सुसमाचार प्रचार में भी अनुभवी थी, इसलिए वह मुख्य रूप से सुसमाचार कार्य के लिए जिम्मेदार थी, जबकि मैं अन्य काम सँभालता था। जब मेरे
- [मेरी गिरफ्तारी के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-my-arrest.html) - वांग ली, चीन नवंबर 2002 में एक दिन दोपहर को मैं घर पर खाना बना रही थी, तभी अचानक मुझे तेजी से बार-बार दरवाजा खटखटाने की आवाज सुनाई दी। दरवाजा खोलने पर मैंने देखा कि बाहर चार पुरुष और एक महिला खड़ी थी। उनमें से एक मेरे पास आकर पूछने लगा, “क्या तुम वांग ली
- [मैंने ईमानदार होने का आनंद अनुभव किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/ive-experienced-the-joy-of-being-honest.html) - चेंग शाओ, चीन मार्च 2023 में मैं एक कलीसिया के सुसमाचार कार्य के लिए जिम्मेदार थी। इस कलीसिया में काम के नतीजे काफी खराब थे। मैंने कुछ समय तक कड़ी मेहनत की, लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ और मैं वाकई चिंतित हो गई। एक दिन मैंने सुना कि अगुआ काम की समीक्षा करने
- [हीन भावना को अलविदा कहना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/saying-goodbye-to-low-self-esteem.html) - केके, चीन बचपन से ही मैं काफी अंतर्मुखी रही हूँ। मुझे बात करना पसंद नहीं था और मुझे लोगों का अभिवादन करने में भी कोई रुचि नहीं थी। जब कभी मैं बाहर जाना चाहती और अपने पड़ोसियों को बातें करते देखती तो मुझे बहुत घबराहट होती थी, इसलिए जब तक बहुत जरूरी न हो मैं
- [पदोन्नति न चाहने के पीछे मेरी क्या चिंताएँ थीं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reluctance-to-be-promoted-what-are-the-concerns.html) - वांग लेई, चीन मैं कलीसिया में सफाई के काम में सहयोग कर रहा हूँ और कई वर्षों के अभ्यास के माध्यम से मैंने अपने कर्तव्यों से संबंधित कुछ सिद्धांत समझे हैं और मैंने अपने कर्तव्यों में कुछ नतीजे पाए हैं। जब मुद्दों पर चर्चा की जाती थी, अगुआ, उपयाजक और मेरे सहयोगी भाई-बहन आमतौर पर
- [धन की दासी को आई जागृति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-awakening-of-a-slave-to-money.html) - मेई हुआ, चीन जब मैं छोटी थी, मेरा परिवार दूरदराज के एक पर्वतीय इलाके में रहता था। मेरे माता-पिता जीवन यापन के लिए खेतीबाड़ी पर निर्भर थे और जीवन काफी मुश्किल था। मेैंने बाहर काम करके लौटने वाले लोगों से सुना था कि शहर में कमाई के बहुत सारे मौके हैं और वहां जीवन काफी
- [परमेश्वर के इरादे के अनुसार माता-पिता के साथ कैसे पेश आएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/treat-parents-in-accordance-with-God-s-intentions.html) - शिनयी, चीन जब मैं छोटी थी तो अक्सर अपनी दादी को कहते सुनती थी, “अमुक परिवार के उस बच्चे को देखो, वह कितना लापरवाह, कृतघ्न और कितना गैर-संतानोचित बच्चा है। उसके माता-पिता उसे कितनी मेहनत से पालते हैं, लेकिन वह जरा भी संतानोचित धर्मनिष्ठा नहीं दिखाता। स्वर्ग अपना न्याय करेगा!” उसने मुझे सिखाया कि जब
- [मैंने दमन की नकारात्मक भावनाओं को छोड़ दिया है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/cast-off-the-negative-emotions-of-repression.html) - मैं चर्च में संगीत रचना का कार्य करती हूँ। अक्टूबर 2020 में, चर्च के पदाधिकारियों ने यह तय किया कि भाई वांग चेन और मेरे पास संगीतकारों के काम की समीक्षा करने की जिम्मेदार रहेगी। उस समय, मुझे ज्यादा दबाव महसूस नहीं हुआ और हर दिन कुछ खाली समय भी मिल जाता था। कुछ दिनों
- [क्या मेजबानी का कर्तव्य निभाने वाला व्यक्ति तुच्छ होता है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-it-inferior-to-doing-hosting-duty.html) - लियू यी, चीन मैं एक सुदूर पहाड़ी गाँव में पली-बढ़ी थी और हमारे परिवार की गरीबी की वजह से पड़ोसी हमें नीची नजरों से देखते थे। मेरे माता-पिता अक्सर मुझे सिखाते थे, “एक व्यक्ति को महत्वाकांक्षा रखनी चाहिए और सम्मान के साथ जीना चाहिए। अपने पर दूसरों को तुच्छ दृष्टि मत डालने देना। ‘जैसे पेड़
- [मेरे जीवन का सबसे बुद्धिमानी भरा चुनाव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-wisest-choice-i-ever-made.html) - जिन यी, चीन मैं एक साधारण से किसान परिवार में पैदा हुई थी, और मेरे माता-पिता ने बचपन से ही मुझे यह सिखाया था कि मुझे मेहनत से पढ़ाई करनी है ताकि बड़े होने पर, मैं अपने आप को किसी काबिल बना सकूं, एक अच्छी ज़िन्दगी जी सकूँ, और उनकी तरह अशिक्षित रह कर अपनी
- [जब मुझे मेरे सहकर्मी की गिरफ्तारी और यातना झेलते हुए परमेश्वर को धोखा देने का पता चला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/knowing-coworker-betrayed-God-after-tortured.html) - शू चैंग, चीन मार्च 2024 के मध्य में मुझे उच्च स्तर के अगुआओं से एक चिट्ठी मिली। उसमें लिखा था कि शाओडी, जिसके साथ मैंने साझेदारी में कर्तव्य निभाए थे, उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और उसने यहूदा बनकर परमेश्वर को धोखा दिया था। उसने कलीसिया के काम और अगुआओं और कार्यकर्ताओं के साथ
- [एक सैनिक के सुसमाचार-प्रचार मार्ग के उतार-चढ़ाव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-soldiers-bumpy-journey-of-spreading-the-gospel.html) - एडेन, म्यांमार साल 2021 में अंत के दिनों का परमेश्वर का सुसमाचार स्वीकारने के तुरंत बाद मैंने सुसमाचार प्रचार शुरू किया। एक बार मैंने 20 से अधिक साथियों को उपदेश सुनने बुलाया। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन पढ़कर और अंत के दिनों के उसके कार्य की संगति और उसकी गवाही के जरिए अंततः उन सब ने
- [जब कुछ होता है तो मैं अब अलग खड़ा नहीं रहता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-stand-aside-when-things-happen.html) - स्टीवन, यूएसए मैं अपना कर्तव्य करने में काफी व्यस्त रहा, और लंबे समय से मैंने कोई काट-छाँट या अनुशासन का सामना नहीं किया था। रोज अपनी नियमित आध्यात्मिक भक्ति, परमेश्वर के वचनों को खाने-पीने और भजन सुनने के अलावा मैं बस अपना कर्तव्य करता आ रहा था। आखिर में मैंने न कोई सबक सीखा, और
- [मैं वाक्पटु न होने के कारण हीन महसूस नहीं करती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-feel-inferior-because-of-clumsy-speech.html) - केरी, फ़िलीपीन्स छोटी उम्र से ही मैं थोड़ी अंतर्मुखी थी और अपनी बात ठीक से नहीं रख पाती थी। अजनबियों से बात करते समय मुझे बोलने की हिम्मत नहीं होती थी और जब मैं बहुत से लोगों के बीच होती थी तो मुझे बहुत घबराहट होती थी। मुझे हमेशा डर रहता था कि मैं खुद
- [दोहरी मुसीबत के दौरान इम्तहान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/tested-by-a-double-predicament.html) - झोंग झेन, चीन शनिवार, 15 अक्टूबर, 2022, खिली धूप, गहराते बादल कुछ समय पहले हुआशी कलीसिया को एक बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा और उसके बाद के परिणामों में सहायता करने के लिए अगुआओं ने मेरे आने की व्यवस्था की। आज जब मैं हुआशी कलीसिया पहुँची हूँ, वांग यिंग मुझे एक मेजबान के घर
- [सभा की “तैयारी” करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/preparing-for-a-gathering.html) - ज़ियाओली, चीन फरवरी 2023 में मुझे कलीसिया अगुआ के रूप में चुना गया, मुख्य रूप से मुझे सिंचन-कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी। पहले तो मैं कुछ ऐसे काम भी संभाल सकती थी जिसके लिए मेरी सहयोगी बहन जिम्मेदार थी। बाद में सिंचन-कार्य के नतीजों में गंभीर रूप से गिरावट आई और मैं थोड़ी चिंतित
- [मुझे इस चुनाव पर कभी पछतावा नहीं होगा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/never-regret-this-choice.html) - शियाओयुआन, चीन मुझे बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे नंबर मिलते थे और अक्सर अपनी क्लास की परीक्षाओं में भी मैं अव्वल आती थी। मैं जब भी परीक्षा में अव्वल आती, मेरा नाम और फोटो हमेशा स्कूल के बोर्ड पर लगाए जाते। अपने टीचरों की मुस्कुराती आँखों में अपने लिए संतुष्टि और प्रशंसा के भाव
- [अब मैं अपनी बढ़ती उम्र को लेकर परेशान या चिंतित नहीं होऊँगी](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-feel-anxious-and-worried-about-aging.html) - लू यान, चीन अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करने के बाद से मैं कलीसिया में अपना कर्तव्य निभा रही हूँ। पचास की उम्र में मैंने पाठ-आधारित कार्य करना शुरू किया। मैंने देखा कि मेरा दिमाग और याददाश्त छोटे भाई-बहनों की तुलना में ठीक-ठाक ही काम करता है और अपने कर्तव्य में
- [“लोगों की कमियों की आलोचना न करने” के पीछे की गुप्त प्रेरणा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/hidden-motivation-behind-not-calling-out-peoples-shortcomings.html) - जियायु, चीन बहन ली ले एक उपदेशक थी और वह हमारी कलीसिया के कार्य की भी जाँच करती थी। हमारी आमतौर पर अच्छी बनती थी और जब भी मेरी अवस्था खराब होती तो वह अपने अनुभव के आधार पर संगति करती थी और मेरी मदद करती थी। हाल ही में मैंने पाया कि उसमें अपने
- [पादरियों के साथ मेरा वाद-विवाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-debate-with-pastors.html) - जेमंग, भारत जनवरी 2019 में एक दोस्त ने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य की गवाही दी। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों ने मुझ पर बहुत गहरा असर डाला। मेरे लिए यह नए सत्य का आगमन था—मेरी खुशियाँ आसमान छूने लगीं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने बाइबल के रहस्य, देहधारण के रहस्य, इंसान की भ्रष्टता
- [मेरी बेटी की गिरफ्तारी ने मुझे बेनकाब किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-was-exposed-by-my-daughters-arrest.html) - लिन झी, चीन 14 अक्टूबर 2023 की शाम को एक बहन ने मुझे बताया कि शिंगुआंग कलीसिया की एक अगुआ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जब मैंने यह सुना तो मैं चौंक गई और सोचा, “ओह नहीं! कहीं यह मेरी बेटी तो नहीं है?” मैंने जल्दी से वह पत्र खोला जो मुझे दिया
- [अपना कर्तव्य खोने के बाद चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-after-losing-duty.html) - अरबेला, दक्षिण कोरिया कुछ समय पहले अगुआओं ने मुझे परमेश्वर के वचनों का सस्वर पाठ करने के प्रशिक्षण में लगा दिया। यह समाचार सुनकर मैं बहुत खुश थी, मुझे लगता था कि यह अवसर मिलना काफी मुश्किल है। लेकिन जब मैंने कुछ साल पहले के सस्वर पाठ सीखने के अपने दिनों के बारे में सोचा
- [अपने कर्तव्य में धूर्त होने का अंजाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/consequences-of-performing-duty-artfully.html) - लिन रान, चीन जुलाई 2023 में मैं कलीसिया के लिए वीडियो बनाया करती थी। लेकिन चूँकि मुझे अभ्यास करते हुए ज्यादा समय नहीं हुआ था और मेरा तकनीकी कौशल औसत दर्जे का था, इसलिए मेरी साथी बहन जियांग शिन कुछ मुश्किल वीडियो सँभालती थी, जबकि मैं सिर्फ साधारण और आसानी से बनने वाले वीडियो पर
- [बीमारी के बीच परमेश्वर का प्रेम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-love-in-the-midst-of-disease.html) - जियानशिन, चीन बीस वर्ष पहले, मुझे गंभीर रूमेटाइड गठिया रोग हो गया था और मेरे पूरे शरीर में दर्द रहता था। मैं कई प्रमुख अस्पतालों में दिखाने के लिए गई, लेकिन मुझे किसी भी उपचार से कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार, मुझे लक्षणों पर काबू पाने के लिए केवल हार्मोनल दवाओं पर निर्भर रहना पड़ा
- [जीवन की छोटी-छोटी चीजें भी सीखने के अवसर हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/little-things-in-life-are-also-learning-opportunities.html) - चिन शिन, चीन कुछ समय के लिए, मुझे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा पकड़े जाने से बचने के लिए मेजबान परिवार के घर में छिपकर अपने कर्तव्य निभाने पड़े। एक दिन, जब सुपरवाइजर बैठक से लौटा, तो उसने लोगों के भेद पहचानने के बारे में कुछ सत्य सिद्धांतों पर संगति की। मैं अपने दिल में ईर्ष्या
- [मुझे बस अभी एहसास हुआ कि मुझमें सत्य वास्तविकता की कमी है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-only-just-realized-i-lack-truth-reality.html) - गुआंग चुन, चीन अगस्त 2022 में, मैंने एक अनुभवात्मक गवाही का लेख लिखा था, उसका वीडियो बनाया गया और ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया। मैं बहुत हैरान थी और उत्साहित भी और इस बारे में फौरन उस बहन को बताने गई जिसे मैं काफी अच्छे से जानती थी। उस समय मैंने ज्यादा लोगों को नहीं
- [खतरनाक परिस्थिति में भी अपने कर्तव्य पर अडिग रहना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/adhering-to-duty-in-peril.html) - ली फांग, चीन जुलाई 2023 में एक दिन जब मैं एक सभा से लौटी तो एक बहन मेरे पास दौड़ी आई और बताने लगी कि किउ लिंग नाम के सामान्य मामलों के उपयाजक और एक कलीसिया अगुआ को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने मुझसे भी आग्रह किया कि जब भी मैं सभाओं के लिए
- [मेरी हीनभावना दूर हो गई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/my-inferiority-was-eliminated.html) - डिंग शिन, चीन मेरा जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। मैं अंतर्मुखी थी और बात करना पसंद नहीं करती थी, बचपन से ही मेरे परिवार और रिश्तेदार अक्सर कहते थे कि मैं खुद को व्यक्त नहीं कर पाती और अपनी बहन जितनी आकर्षक नहीं हूँ। बाहर काम करते समय मैं लोगों से बातचीत करने
- [अब मैं प्रसिद्धि और रुतबे से बँधी नहीं हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-bound-by-fame-and-status.html) - शाओ हान, चीन लिंग शिन एक खाली सड़क पर साइकिल चला रही थी। इस समय सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही थी और इस चीर देने वाली हवा में वह बुरी तरह ठिठुर रही थी। उसका मन चिंता से भरा था। वह कुछ सिंचनकर्ताओं से मिलने एक सभा में जा रही थी, उसने सुना था कि
- [क्या दूसरों की गलतियों पर चुप रहना बुद्धिमानी है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-it-wise-to-keep-silent-on-ones-faults.html) - नैन्यी, चीन अप्रैल 2023 में अचानक मेरी नजर अपने मूल्यांकन पर पड़ी जिसमें अगुआ ने लिखा था कि मैं चापलूस हूँ और मुझमें न्याय बोध नहीं है। इसमें यह उल्लेख किया गया था कि मैंने काफी सह-कर्मियों को उनके कार्य पर असर डालने वाले भ्रष्ट स्वभावों में जीते हुए देखा लेकिन उनके साथ संगति नहीं
- [मैं जान गया हूँ कि अपने माता-पिता की दयालुता से कैसे पेश आऊँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-should-we-treat-our-parents-kindness-2.html) - वांग ताओ, चीन जब मैं तीन साल का था तो मेरे माता-पिता का मन न मिलने के कारण तलाक हो गया और जब मैं चार साल का था तो मेरी सौतेली माँ आ गई। मुझे धुँधली-सी याद है कि पड़ोस की कई बुजुर्ग महिलाएँ अक्सर मुझसे कहती थीं, “बेचारा बच्चा, बेटा तुम्हें बाद में कष्ट
- [परमेश्वर के वचनों ने मुझे जीवन में दिशा दिखाई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/God-s-words-showed-me-a-direction-in-life.html) - केल्सी, थाईलैंड मुझे बचपन से ही हमेशा अच्छे ग्रेड मिलते आए थे, मैं साहित्य और कला प्रतियोगिताओं में भी भाग लेती थी। यह कहना सही होगा कि मैंने अपने पूरे शैक्षणिक करियर में अच्छी प्रगति की। मेरे परिवार को आशा थी कि मैं अपनी अलग पहचान बनाकर हमारे परिवार का मान बढ़ाऊँगी। वो अक्सर कहते
- [निगरानी अस्वीकारने पर विचार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/reflections-on-refusing-supervision.html) - ली गुओ, चीन मेरे पास पिछले कुछ साल से कलीसिया में सफाई कार्य की जिम्मेदारी है। चूँकि मैं यह काम काफी समय से कर रही हूँ और कुछ सिद्धांत समझ चुकी हूँ, इसलिए मैं आमतौर पर अपने कर्तव्य से ज्यादा दबाव महसूस नहीं करती थी और आसानी से काम पूरा कर लेती थी। अनजाने में
- [अति ईर्ष्यालु होने के दुष्परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-do-those-with-jealousy-tend-to-do-evil.html) - किनमो, चीन 2016 की बात है, मैं कलीसिया में वीडियो बनाया करती थी। मैंने देखा कि बहन शिन चेंग अपेक्षाकृत अधिक वीडियो बनाती है और हमारे बीच चर्चाओं के दौरान अधिकांशतः उसकी राय मानी जाती है, और सुपरवाइजर भी अक्सर उसे अपने विचार साझा करने को कहता था। मुझे लगा कि वह लंबे समय से
- [परमेश्वर के वचनों के आधार पर लोगों की पहचान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/discerning-people-based-on-God-s-words.html) - जियांग वांग, चीन हाल ही में मेरी पर्यवेक्षक मेंग जी ने मुझे बताया कि ली पिंग ने सत्य स्वीकार नहीं किया, हमेशा लोगों और चीजों का अत्यधिक विश्लेषण किया और कलीसिया जीवन को बाधित किया, और भाई-बहनों ने उसके साथ संगति की और उसकी मदद की, फिर भी उसने अपना मार्ग नहीं बदला। उसने मुझसे
- [मुझमें मसीह-विरोधियों की बुरी शक्तियों से लड़ने का साहस है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-dare-to-fight-against-evil-forces-of-antichrists.html) - वांग जू, चीन एक साल से ज्यादा समय तक परमेश्वर पर विश्वास करने के बाद मैंने कलीसिया में एक समूह अगुआ के रूप में सेवा की। ये पिंग हमारे कलीसिया की अगुआ थी। मैंने देखा कि वह ऊँची काबिलियत वाली थी, अपना कर्तव्य उत्साहपूर्वक निभाती थी और काम को नियमित और स्पष्ट रूप से व्यवस्थित
- [जेल की यातना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-crucible-of-prison-stage-version.html) - ली शिन, चीन बचपन से ही मैं हमेशा कमजोर डील-डौल वाली थी और मेरे बीमार होने की आशंका रहती थी। शुरू से जहाँ तक याद है, मैं रोज सिरदर्द से पीड़ित रही हूँ। और बारह साल की उम्र में मुझे हृदय रोग हो गया। उसके बाद मुझे जठरांत्र रोग और ब्रोंकाइटिस भी हो गई। कई
- [मैं अपनी काबिलियत को सही ढंग से ले सकती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-can-treat-my-caliber-properly.html) - शेली, यूएसए अप्रैल 2023 में मैं सिंचन टीम की अगुआ चुनी गई थी। जैसे-जैसे नवागंतुकों की संख्या बढ़ी, मुझे टीम के सारे कार्यों पर नजर रखने की जरूरत भी पड़ने लगी। ऐसा लगता था कि दिन-भर का समय पर्याप्त नहीं है। कभी-कभी जब मैं भाई-बहनों के काम की जाँच परख करती थी, तो मैंं खुद
- [अब मैं अगुआ बनने की होड़ में नहीं रहती हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-no-longer-vie-for-leadership.html) - फेंगशियान, चीन 2016 में मेरे पास कलीसिया में पाठ आधारित कार्य की जिम्मेदारी थी। उस समय एक खास काम के नतीजे लगातार खराब निकल रहे थे, इसलिए अगुआ ने कहा कि सीधे मैं इसकी निगरानी करूँ। परमेश्वर पर भरोसा रखकर और सिद्धांतों के अध्ययन के जरिए वास्तविक प्रयास कर जल्द ही मुझे कार्य में सुधार
- [अमिट पछतावा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/indelible-regret.html) - पान ली, चीन नवंबर 2020 में एक दिन मैंने सुना कि झाओ जून नाम की एक कलीसिया अगुआ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चूँकि मैं झाओ जून की कलीसिया की स्थिति से अपेक्षाकृत परिचित थी तो मेरे उच्च नेता ने मुझसे कहा कि जाकर समझो कि क्या हुआ है, झाओ जून को कैसे
- [मैंने दमन की भावना का समाधान कैसे किया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-i-resolved-repression.html) - गु नियान, चीन अतीत में मैं कलीसिया में कार्य की एक ही मद पर काम करती थी, काम का बोझ ज्यादा नहीं था और यह अपेक्षाकृत आसान भी था, इसलिए मुझे लगता था कि इस तरह से कर्तव्य निभाना काफी अच्छा है। बाद में मुझे सुसमाचार पर्यवेक्षक चुना गया। मैंने देखा कि मेरे साथ काम
- [क्या यह नजरिया सत्य के अनुरूप है कि “इंसान को गुण का न सही, उसकी मेहनत का श्रेय मिलना ही चाहिए”?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/given-credit-for-hard-work-if-not-for-merit-is-it-in-line-with-truth.html) - एन्यु, चीन अगस्त 2022 की शुरुआत में, हमने अपनी एक सभा समाप्त की और तभी बहन वांग जिंग ने कहा, “झांग मिन को मंथन के लिए घर पर एकांत में रखा गया है।” जब मैंने यह सुना, तो पूछा, “बात क्या है?” वांग जिंग ने कहा, “जब भी भाई-बहन उसके कर्तव्य से जुड़ी समस्याएँ बताते,
- [मैं शांति से अपना कर्तव्य क्यों स्वीकार नहीं कर पाई](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-cant-i-accept-my-duty-without-fear.html) - सोंग चुयिंग, चीन मार्च 2023 के अंत में अगुआओं ने मुझे कलीसिया के सफाई कार्य की निगरानी करने के लिए कहा। जब उन्होंने मुझे यह बताया तो मैं बहुत दबाव में आ गई और मैंने सोचा, “सत्य के बारे में मेरी समझ उथली है और मुझे भेद की पहचान नहीं है। अगर मैं असली काम
- [अहंकार की समस्या का समाधान आसान नहीं है](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/resolving-arrogance-isnt-easy.html) - लुकास, दक्षिण कोरिया 2020 में हमारी कलीसिया का सुसमाचार कार्य अच्छा नहीं चल रहा था, इसलिए सुसमाचार उपयाजक को बर्खास्त कर इस पद पर मुझे चुन लिया गया। यह समाचार सुनकर मुझे चिंता भी हुई और खुशी भी, मैं मन ही मन सोचने लगा, “भाई-बहनों ने मुझे चुना है तो इसका मतलब मुझमें क्षमता है।
- [बर्खास्तगी का अनुभव](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/experiencing-dismissal.html) - बिंगकी, चीन 2022 में कलीसिया अगुआ ने मुझे कुछ नए विश्वासियों के सिंचन में लगाया जिनकी काबिलियत काफी अच्छी थी। अंदर से मैं इस बात से खुश थी, लग रहा था कि अगुआ मुझे बहुत मानते होंगे कि उन्होंने अन्य सभी सिंचन कर्ताओं की अपेक्षा मुझे इस कर्तव्य के लिए चुना है, इसका मतलब यह
- [परमेश्वर के वचनों के आधार पर मैंने दूसरों का भेद पहचानना सीखा](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learned-how-to-discern-based-on-God-s-words.html) - शाओ वेई, चीन 2017 में मैं कलीसिया में पाठ-आधारित कर्तव्य कर रही थी। एक सभा के दौरान मैंने सुना कि चेन शिया को बर्खास्त कर दिया गया था और उसे मसीह-विरोधी मानकर उसके निष्कासन के लिए सामग्री तैयार की जा रही थी। यह समाचार सुनकर मेरे मन में उथल-पुथल हो गई और मैं शांत नहीं
- [साझेदारी से सीखे सबक](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/lessons-learned-through-partnership.html) - लू क्वीमिंग, चीन मैं कलीसिया में भजनों की रिकॉर्डिंग का कर्तव्य निभाता आ रहा हूँ और रिकॉर्ड किए हुए भजनों की गुणवत्ता काफी अच्छी रही है। भाई-बहन आम तौर पर मेरे कार्य की प्रशंसा करते हैं। दस साल से ज्यादा समय तेजी से गुजर गया, मैंने देखा कि वे जो भजन सुनते हैं उनमें से
- [मैं अब अपनी पसंद देखकर कर्तव्य नहीं चुनती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/no-longer-choose-duties-based-on-preference.html) - चेन मियाओ, चीन मैंने 2006 में परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा। तब से मैं कलीसिया में अगुआ और कार्यकर्ता के रूप में सेवा करती रही हूँ। भले ही मैं हर दिन व्यस्त रहती थी और थक जाती थी, लेकिन मुझे कोई शिकायत नहीं थी क्योंकि मैं मानती थी कि अगुआई और निगरानी
- [मुसीबत के बीच सुसमाचार प्रचार का सतत प्रयास करना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/persevering-in-spreading-gospel-amid-adversity.html) - यीटिंग, चीन जून 2022 में अगुआ ने कहा कि सीसीपी ने हाल ही में एक कलीसिया पर छापा मारा है और अब वहाँ सुसमाचार कार्य असरदार नहीं है, इसलिए अगुआ चाहता था कि मैं सुपरवाइजर बनकर वहाँ चली जाऊँ। अगुआ ने यह भी बताया कि पाँच-छह सुसमाचार कर्मी गिरफ्तार कर लिए गए हैं, ऐसे में
- [लापरवाह होने पर चिंतन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-reflection-on-being-perfunctory.html) - यिहान, चीन दिसंबर 2021 में मैंने वीडियो निरीक्षण का अभ्यास शुरू किया। शुरुआत में मैंने पूरे मन से अध्ययन और चिंतन किया। जब भी मैं किसी उलझन में फँसती तो मैं अपने साथ काम करने वाली बहन से समाधान माँगती। वह भी अक्सर मेरे साथ उन मुद्दों पर भी चर्चा करती जो उसे वीडियो में
- [पाखंड की कीमत](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/the-price-of-hypocrisy.html) - फ्लोरा, यूएसए जून 2021 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। तब यह वाकई काफी अप्रत्याशित था क्योंकि मैं अन्य अगुआओं के मुकाबले काफी युवा थी और चूँकि मेरा जीवन प्रवेश काफी उथला था तो मुझे नहीं पता था कि मैं यह काम सँभाल पाऊँगी या नहीं। लेकिन जब मैंने देखा कि कितने सारे भाई-बहनों ने
- [एक अलग तरह का आशीष](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/a-different-kind-of-blessing.html) - ताओ लियांग, चीन मैं बचपन से ही हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित हूँ। इसके इलाज के लिए मैं तमाम तरह के डॉक्टरों और दवाइयों के पीछे भागी और बहुत सारा पैसा भी खर्च किया, फिर भी यह ठीक नहीं हुआ। अंत में एक डॉक्टर ने असहाय होकर मुझसे कहा, “यह बीमारी हर जगह के डॉक्टरों के लिए
- [दिखावे ने मुझे बर्बाद कर दिया](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-to-break-free-from-dilemma-of-disguise.html) - सोंग चुयिंग, चीन प्रिय बहन, उम्मीद है कि तुम सकुशल हो! पिछली बार तुमने पत्र लिखकर पूछा था कि पिछले वर्ष घर से दूर रहकर अपने कर्तव्य करने से मुझे क्या लाभ हुआ। मैंने वाकई कुछ चीजों का अनुभव किया है और मुझे अपने भ्रष्ट स्वभाव के बारे में कुछ समझ मिली है। आज मैं
- [मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण स्वीकारना सीखना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/learning-to-welcome-guidance-supervision.html) - लिन युकियान, चीन जून 2022 में मुझे वीडियो कार्य की जिम्मेदारी देते हुए टीम अगुआ चुना गया। कुछ समय बाद मुझे काम की समझ आ गई और मैं टीम के सदस्यों की अवस्था और कार्य की प्रगति पर नजर रखने और उसे समझने में सक्षम हो गई। हालाँकि मेरे कौशल में अभी भी कमी थी,
- [खतरनाक परिवेश में विकल्प](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/choices-in-a-dangerous-environment.html) - शिन मिंग, चीन 15 अप्रैल 2022 को रात 10 बजे के बाद मुझे अगुआ का पत्र मिला जिसमें कहा गया था कि मेरे गृहनगर कलीसिया के चार भाई-बहनों को गिरफ्तार किया गया है। इन जाने-पहचाने नामों को देखकर मेरा दिल बहुत घबरा गया। इनमें से एक बहन ने एक बार मेरे साथ अपने कर्तव्य निभाए
- [दूसरों की सिफारिश करना इतना मुश्किल क्यों है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/why-is-it-hard-to-recommend-others.html) - स्टीवन, यूएसए मैं कलीसिया में ग्राफिक डिजाइन का इंचार्ज था; हर दिन अपना ग्राफिक डिजाइन का काम करने के अलावा, मुझे टीम के काम की खोज-खबर लेनी और भाई-बहनों की समस्याएँ भी हल करनी होती थी। भले ही मैं हर दिन व्यस्त रहता, पर जब भी भाई-बहनों को समस्याएँ होतीं तो वे मुझसे ही पूछने
- [जब मुझे अपनी माँ की मृत्यु के बारे में पता चला](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-i-found-out-about-my-mothers-death.html) - झांग मेंग, चीन मेरे एक साल के होने से पहले ही मेरे पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। हम पाँच बच्चों को पालने के लिए मेरी माँ को दो नौकरियाँ करनी पड़ीं। वह हर दिन सुबह से शाम तक काम करती थी और हमारे लिए माँ-बाप दोनों थी। मेरा दिल दुखता था और
- [कर्तव्यों में कोई पद या भेद नहीं होता](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/there-is-no-rank-or-distinction-among-duties.html) - ली मिन, चीन फरवरी 2019 में मुझे मेरे अगुआई कर्तव्य से बर्खास्त कर दिया गया था क्योंकि मैं वास्तविक काम करने के बजाय प्रतिष्ठा और रुतबे के पीछे भागती थी। मेरे बर्खास्त होने के अगले दिन मेरे मेजबान परिवार की बहन का पति एक हादसे में घायल हो गया और उसे उसकी देखभाल करने के
- [मुझे अपनी माँ के लिए पक्षपात नहीं करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/play-no-favorites-for-mother.html) - शिनयी, चीन 2012 में मुझे कई कलीसियाओं के कार्य की जिम्मेदारी दी गई थी। मुझे पता चला कि कलीसिया के चुनावों के दौरान मेरी माँ एक बुरी इंसान ली फेंग से गुमराह हो गई और उसने नवनिर्वाचित कलीसिया अगुआ पर यह कहकर हमला किया और उसे नीचा दिखाया कि उसमें कोई कार्यक्षमता नहीं है, वह
- [आखिरकार मैं कुछ आत्मजागरूकता पा चुकी हूँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/i-have-finally-gained-some-self-awareness.html) - जियांग निंग, चीन सर्दियों की एक शाम को स्टूडियो में मद्धिम रोशनी चमक रही थी। जियांग निंग, यी चेन और लियू फेई अपने अगले पेंटिंग प्रोजेक्ट पर सक्रिय रूप से चर्चा कर रही थीं। हालाँकि यह काफी कठिन काम था, लेकिन वे आस्था से ओतप्रोत थीं, खासकर जियांग निंग, जिसके चेहरे पर आत्मविश्वास झलक रहा
- [मसले बताने के पीछे कौन-सी अशुद्धियाँ छिपी होती हैं?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/adulteration-hidden-behind-pointing-out-issues.html) - डिंग जेन, चीन नवंबर 2021 में मुझे कलीसिया अगुआ चुना गया। चूँकि मैं अपने कर्तव्यों में सक्रिय थी और मेरे काम से कुछ नतीजे मिले थे, इसलिए भाई-बहन मुझे काफी सम्मान देते थे। उच्च अगुआ भी मेरे बारे में अच्छा सोचते थे और अक्सर मेरी अवस्था के बारे में पूछते थे। अन्य कलीसियाओं में प्रचार
- [धन और यश के दलदल से मुक्ति](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/breaking-free-from-mire-of-wealth-and-renown.html) - शेन जी, चीन जब मैं छोटी थी, मेरा परिवार गरीब था और अक्सर लोग हमें नीची नजरों से देखते थे। तो मैं सोचती थी, “बड़ी होकर मैं बहुत सारा पैसा कमाऊँगी ताकि वे मुझे बहुत सम्मान दें।” बाद में मेरी शादी हो गई, लेकिन मेरे पति का परिवार भी गरीब था। जहाँ से भी संभव
- [झूठ बोलने की समस्या का समाधान खोजना](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/have-a-way-to-resolve-my-lying.html) - एन रैन, चीन मैं कई कलीसियाओं के सिंचन कार्य की जिम्मेदारी संभाल रही थी। मैं जानती थी कि यह कर्तव्य निभा सकना परमेश्वर का उत्थान और अनुग्रह है और परमेश्वर के प्रेम का बदला चुकाने के लिए मैं इस कर्तव्य को अच्छे ढंग से निभाना चाहती थी। लेकिन मैं कोई बोझ नहीं लेती थी, इसलिए
- [क्या मिलनसार होना आचरण का सिद्धांत है?](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/is-being-amiable-a-principle-of-conduct.html) - ज़ी यी, चीन मुझे याद है जब मैं पहली कक्षा में थी तो हमारी क्लास टीचर मिलनसार और सुलभ थी और उसके चेहरे पर हमेशा दयालुता का भाव रहता था। वह कभी भी हम पर गुस्सा नहीं होती थी या डाँटती नहीं थी। कभी-कभी वह हमसे इस तरह बात करती थी जैसे वह हमारी टीचर
- [माता-पिता की दयालुता के साथ कैसे पेश आएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/how-should-we-treat-our-parents-kindness.html) - जियान शी, चीन बचपन में मैं काफी कमजोर थी और अक्सर बीमार पड़ जाती थी। कभी-कभी, मेरे माँ-बाप को आधी रात मुझे क्लिनिक ले जाना पड़ता था। वो देर रात डॉक्टर के घर का दरवाजा पीटते, और चाहे उस डॉक्टर का लहजा या रवैया कितना भी खराब हो, मेरे माँ-बाप हमेशा उसे सहने के लिए
- [मुझे कैंसर होने का पता चलने के बाद](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/after-my-cancer-diagnosis.html) - झेंग शिन, चीन 1997 में मैं प्रभु यीशु में विश्वास करने लगी क्योंकि मैं अपने पुराने आंत्रशोथ का इलाज नहीं कर पा रही थी और प्रभु को पाने के बाद मेरी बीमारी में बहुत सुधार हुआ। दो साल बाद मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकारा और तब से मैं कलीसिया में
- [मैं अब संकट में अपना कर्तव्य नहीं छोड़ती](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies/in-peril-i-no-longer-abandon-duty.html) - ये पिंग, चीन अक्टूबर 2021 में, मैंने डेब्रेक कलीसिया में एक अगुआ के बतौर अपना कर्तव्य निभाना शुरू किया। 10 दिसंबर की रात को, मुझे एक पत्र मिला जिसमें कहा गया था कि सुसमाचार के उपयाजक यांग हुई और उनके परिवार को 8 तारीख की दोपहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मुझे अचानक याद आया
## श्रेणी
- [未分类](https://hi.kingdomsalvation.org/category/uncategorized)
- [न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/category/utterances-of-christ-of-the-last-days)
- [कलीसियाओं के बीच जाकर बोले गए मसीह के वचन I](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-word-appears-in-the-flesh/the-word-appears-in-the-flesh-03/the-word-appears-in-the-flesh-03-1)
- [कलीसियाओं के बीच जाकर बोले गए मसीह के वचन II](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-word-appears-in-the-flesh/the-word-appears-in-the-flesh-03/the-word-appears-in-the-flesh-03-2)
- [वचन देह में प्रकट होता है, खंड 1](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-word-appears-in-the-flesh)
- [भाग दो : संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-word-appears-in-the-flesh/the-word-appears-in-the-flesh-01)
- [परिशिष्ट : “संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचनों” के रहस्यों का अनावरण](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-word-appears-in-the-flesh/the-word-appears-in-the-flesh-02)
- [कलीसियाओं के बीच जाकर बोले गए मसीह के वचन III](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-word-appears-in-the-flesh/the-word-appears-in-the-flesh-03/the-word-appears-in-the-flesh-03-3)
- [कलीसियाओं के बीच जाकर बोले गए मसीह के वचन IV](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-word-appears-in-the-flesh/the-word-appears-in-the-flesh-03/the-word-appears-in-the-flesh-03-4)
- [अद्भुत उद्धार](https://hi.kingdomsalvation.org/category/wonderful-salvation-3)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/judgment-before-christ)
- [परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/category/listen-to-the-voice-of-god-know-christ)
- [अध्याय 1. सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही एक सच्चा परमेश्वर है जिसने सब कुछ बनाया है](https://hi.kingdomsalvation.org/category/listen-to-the-voice-of-god-know-christ/listen-to-the-voice-of-god-know-christ-2)
- [अध्याय 2. परमेश्वर के नामों के सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/listen-to-the-voice-of-god-know-christ/listen-to-the-voice-of-god-know-christ-3)
- [अध्याय 3. परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/listen-to-the-voice-of-god-know-christ/listen-to-the-voice-of-god-know-christ-4)
- [अध्याय 4. अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य के सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/listen-to-the-voice-of-god-know-christ/listen-to-the-voice-of-god-know-christ-5)
- [अध्याय 5. परमेश्वर के देहधारण के बारे में सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/listen-to-the-voice-of-god-know-christ/listen-to-the-voice-of-god-know-christ-6)
- [अध्याय 6. विभेदन के कई रूप जिन्हें परमेश्वर में तुम्हारे विश्वास में तुम्हें धारण करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/category/listen-to-the-voice-of-god-know-christ/listen-to-the-voice-of-god-know-christ-7)
- [अध्याय 7. सत्य के अन्य पहलू जो तुम्हें परमेश्वर में अपनी आस्था में समझना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/category/listen-to-the-voice-of-god-know-christ/listen-to-the-voice-of-god-know-christ-8)
- [अध्याय 8. विभिन्न प्रकार के लोगों और मनुष्य को की गई परमेश्वर की प्रतिज्ञा के अंत](https://hi.kingdomsalvation.org/category/listen-to-the-voice-of-god-know-christ/listen-to-the-voice-of-god-know-christ-9)
- [भाग तीन : कलीसियाओं के बीच जाकर बोले गए मसीह के वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-word-appears-in-the-flesh/the-word-appears-in-the-flesh-03)
- [मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/hymns-of-gods-words)
- [परमेश्वर के वचनों के भजन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/hymns-of-gods-words/hymns-of-gods-words-01)
- [कलीसियाई जीवन के भजन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/hymns-of-gods-words/praise-hymn)
- [संबंधित पठन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/related-reading)
- [भाग एक : आरंभ में मसीह के कथन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-word-appears-in-the-flesh/the-word-appears-in-the-flesh-08)
- [I. परमेश्वर के आगमन के मार्ग पर प्रश्न और उत्तर (गुप्त और स्पष्ट)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-1)
- [II. स्वर्गारोहण पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-2)
- [III. परमेश्वर की वाणी को कैसे पहचानें पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-3)
- [IV. स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने की शर्तों पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-4)
- [V. बाइबल की अंदरूनी कहानी पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-5)
- [VI. अंत के दिनों में परमेश्वर का न्याय का-कार्य पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-6)
- [VII. देहधारण की सत्य पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-7)
- [VIII. फरीसियों के सार का विश्लेषण करना पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-8)
- [IX. सच्चा मार्ग उत्पीड़न के अधीन क्यों है इस पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-9)
- [X. शाश्वत जीवन का मार्ग पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-10)
- [XI. सीसीपी की अफवाहों और कपटों को उजागर करना और उनका खंडन करना](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2/movie-scripts-2-11)
- [संकलन II](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-2)
- [मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया](https://hi.kingdomsalvation.org/category/turned-back-to-God)
- [संकलन I](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1)
- [I. कलीसियाओं की वीरानी पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-01)
- [II. परमेश्वर के आगमन के मार्ग पर प्रश्न और उत्तर (गुप्त और स्पष्ट)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-02)
- [III. स्वर्गारोहण पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-03)
- [VIII. बाइबल की अंदरूनी कहानी पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-08)
- [XVII. सच्चा मार्ग उत्पीड़न के अधीन क्यों है इस पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-17)
- [XVIII. शाश्वत जीवन का मार्ग पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-18)
- [IV. परमेश्वर की वाणी को कैसे पहचानें पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-04)
- [XV. फरीसियों के सार का विश्लेषण करना पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-15)
- [V. स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने की शर्तों पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-05)
- [XI. सच्चे मसीह और झूठे मसीहों के बीच कैसे अंतर करें, इस पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-11)
- [VI. बचाया जाना और अंततः बचाया जाना पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-06)
- [IX. अंत के दिनों में परमेश्वर का न्याय का-कार्य पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-questions/classic-questions-1/movie-scripts-09)
- [अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/classic-words-from-Almighty-God)
- [परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो](https://hi.kingdomsalvation.org/category/behold-the-appearance-of-God)
- [क. अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर, मनुष्य के पुत्र के रूप में प्रकट होकर कार्य कर रहे हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/category/behold-the-appearance-of-God/behold-the-appearance-of-God-1)
- [ख. मनुष्यजाति को बचाने के लिए परमेश्वर की प्रबंधन योजना—कार्य के तीन चरण](https://hi.kingdomsalvation.org/category/behold-the-appearance-of-God/behold-the-appearance-of-God-2)
- [परिशिष्ट धर्मोपदेश और संगति के उद्धरण](https://hi.kingdomsalvation.org/category/behold-the-appearance-of-God/behold-the-appearance-of-God-1/the-mans-fellowship)
- [परमेश्वर के उत्कृष्ट वचन (अंश)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/recital-god-word-selected-passages) - परमेश्वर के उत्कृष्ट वचनों के पठन मनुष्य को बचाने के परमेश्वर के कार्य के पीछे की सच्ची कहानी को जानने, परमेश्वर के देहधारण के रहस्य को जानने, मसीह के सार को जानने, यह जानने कि परमेश्वर क्या है और उसके पास क्या है, मानवजाति के परिणाम और मंजिल और सत्य के कई अन्य पहलुओं को जानने की ओर आपको ले जाते हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : मसीही जीवन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life) - परमेश्वर के वचनों को सुनने के द्वारा आप व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन और सिंचन पा सकते हैं, आप अधिक सत्य समझ सकते हैं, और अपने स्वभाव में परिवर्तन लाने तथा परमेश्वर से पूर्ण उद्धार पाने के मार्ग पर कदम रख सकते हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-knowing-God) - परमेश्वर के वचन सुनें, उसके कार्य, स्वभाव और सार को जानें, और परमेश्वर से डरने और बुराई से दूर रहने के रास्ते पर कदम रखेँ।
- [कार्य के तीन चरण](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/the-three-stages-of-work)
- [अंत के दिनों में न्याय](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/judgment-in-the-last-days)
- [देहधारण](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/the-incarnation)
- [बाइबल के बारे में रहस्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/mysteries-about-the-bible)
- [परमेश्वर के कार्य को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/knowing-God-s-work)
- [जीवन में प्रवेश](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/entry-into-life)
- [मंज़िलें और परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/destinations-and-outcomes)
- [परमेश्वर का प्रकटन और कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/God-s-appearance-and-work)
- [धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/exposing-religious-notions)
- [इंसान की भ्रष्टता का खुलासा](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/exposing-mankind-s-corruption)
- [परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-a-christian-life/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is)
- [वचन, खंड 1 : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य (संकलन)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/recital-the-word-appears-in-the-flesh-selections) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को सुनें और समझें कि परमेश्वर द्वारा इंसान के उद्धार की अंदरूनी कहानी, परमेश्वर के देहधारणों का रहस्य, मसीह का सार, परमेश्वर का स्वरूप, इंसान का परिणाम और मंजिल, और सत्य के दूसरे पहलू क्या हैं।
- [परमेश्वर के दैनिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/book-daily-words-of-God) - इस किताब में ‘वचन देह में प्रकट होता है’ के चुनिंदा अंशों को शामिल किया गया है। परमेश्वर के चुने हुए लोग उसके वचनों से सत्य को और जीवन के दैनिक पोषण को प्राप्त कर सकें, इसके लिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर के इन अनिवार्य वचनों को खास तौर पर लोगों के आनंद के लिए चुना गया है, जो लोगों के जीवन में प्रवेश के लिये सर्वाधिक शिक्षाप्रद हैं। ऐसे लोग जो सत्य से प्रेम करते हैं, वे उसे समझ सकते हैं, परमेश्वर के समक्ष रह सकते हैं, परमेश्वर द्वारा बचाये और पूर्ण किये जा सकते हैं। परमेश्वर के ये अनिवार्य वचन सत्य की अभिव्यक्तियां हैं; इसके अलावा, ये जीवन के सूत्र-वाक्यों में सबसे महत्वपूर्ण हैं। कोई भी अन्य वचन लोगों के लिए इससे अधिक शिक्षाप्रद और लाभकारी नहीं है। अगर आप सचमुच हर दिन इन वचनों के एक अंश का आनंद उठा पाते हैं, तो यह आपका सबसे बड़ा सौभाग्य है और आपको परमेश्वर का आशीष प्राप्त है।
- [भाग एक : मसीही जीवन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/book-daily-words-of-God/book-daily-words-of-God-1-0)
- [भाग दो : परमेश्वर को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/category/book-daily-words-of-God/book-daily-words-of-God-2-0)
- [राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel)
- [I. प्रभु यीशु के लौटने के बारे में प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-1)
- [II. देहधारण पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-2)
- [III. अंतिम दिनों के न्याय के कार्य के बारे में प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-3)
- [IV. परमेश्वर के नाम के बारे में प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-4)
- [V. बाइबल पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-5)
- [VI. बचाए जाने और पूर्ण रूप से बचाए जाने पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-6)
- [VIII. स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के बारे में प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-8)
- [IX. शाश्वत जीवन के मार्ग पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-9)
- [X. परमेश्वर की आवाज़ सुनने और प्रभु का स्वागत करने के तरीकों पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-10)
- [XI. सच्चे मसीह और झूठे मसीहों के बीच कैसे अंतर करें, इस पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-11)
- [XII. सच्चे और झूठे मार्गों के बीच भेद करने के तरीके पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-12)
- [XIII. धर्म और कलीसिया के बीच भेद करने के तरीके पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-13)
- [XIV. परमेश्वर के प्रकटन और कार्य, तथा कलीसिया की उत्पत्ति पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-14)
- [XV. धार्मिक मसीह-विरोधियों को पहचानने के तरीके के बारे में प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-15)
- [XVI. परमेश्वर का अनुसरण और मनुष्य का अनुसरण करने के बीच भेद कैसे करें, इस पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-16)
- [XVII. सीसीपी के दानवी सार को पहचानने के तरीके पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-17)
- [XVIII. झूठ और भ्रांतियों को पहचानने के तरीकों पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-18)
- [XIX. आध्यात्मिक लड़ाइयों पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-19)
- [XX. कलीसियाओं की वीरानी पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-20)
- [XXI. त्रित्व के बारे में प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-21)
- [XXII. कैथलिकों के लिए प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-22)
- [XXIII. परमेश्वर में आस्था पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-23)
- [XXV. परमेश्वर विभिन्न प्रकार के लोगों के अंत का निर्धारण कैसे करता है, इस पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-25)
- [XXVI. घोर विपदाओं के आने के बारे में प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-26)
- [XXVII. परमेश्वर बुराई के युग का नाश कैसे करता है, इस पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-27)
- [XXVIII. पृथ्वी पर स्वर्ग का राज्य कैसे प्रकट होता है, इस पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-28)
- [XXIV. परमेश्वर किसे बचाता और किसे निकालता है, इस पर प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-24)
- [hymns-audio](https://hi.kingdomsalvation.org/category/hymns-audio)
- [shxg-audio](https://hi.kingdomsalvation.org/category/hymns-audio/shxg-audio)
- [jlsg-audio](https://hi.kingdomsalvation.org/category/hymns-audio/jlsg-audio)
- [VII. स्वर्गारोहण पर प्रश्न और उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/category/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel/guidelines-for-spreading-the-kingdom-gospel-7)
- [वचन देह में प्रकट होता है, खंड 2](https://hi.kingdomsalvation.org/category/on-knowing-God) - परमेश्वर को जानने के बारे में, वचन देह में प्रकट होता है के दूसरे खंड में, अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पूरी मानवता के लिए कथन शामिल हैं, जो परमेश्वर का प्रकटन और कार्य के बाद के हैं। परमेश्वर इनमें विभिन्न सत्यों की व्याख्या करता है, जैसे कि संसार की रचना के बाद से उसके द्वारा किया गया कार्य, उस कार्य में निहित उसकी इच्छा और मनुष्य से उसकी अपेक्षाएँ, और उसके कार्य से परमेश्वर के स्वरूप के साथ ही उसकी धार्मिकता, उसका अधिकार, उसकी पवित्रता, और इस तथ्य का उद्गार है कि वह सभी चीजों के लिए जीवन का स्रोत है। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद, वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करने वाले लोग इस बात की पुष्टि करने में सक्षम होंगे कि जो यह कार्य कर सकता है और ये स्वभाव प्रकट कर सकता है, वह वही है जो सभी चीजों का शासक है, और वे वास्तव में परमेश्वर की पहचान, उसकी हैसियत और उसके सार के बारे में भी जान सकते हैं, और इस प्रकार पुष्टि कर सकते हैं कि अंत के दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, स्वयं परमेश्वर है जो अद्वितीय है।
- [वचन, खंड 2 : परमेश्वर को जानने के बारे में (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-on-knowing-God-selections) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के पाठ सुनो। उसके कार्यों, वचनों और उसके द्वारा अभिव्यक्त स्वभावों से तुम परमेश्वर की पहचान, परमेश्वर के रुतबे और परमेश्वर के सार को जानोगे। तब तुम विश्वास करोगे कि अंत के दिनों का मसीह—सर्वशक्तिमान परमेश्वर—सब चीजों पर शासन करता है।
- [वचन देह में प्रकट होता है, खंड 6](https://hi.kingdomsalvation.org/category/on-the-pursuit-of-the-truth)
- [वचन देह में प्रकट होता है, खंड 3](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-discourses-of-Christ-of-the-last-days)
- [भाग दो : सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा अगुआओं और कार्यकर्ताओं को दिए प्रवचन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-discourses-of-Christ-of-the-last-days/part-2-Almighty-God-s-discourses-with-leaders-workers)
- [भाग एक : सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा सभा में दिए गए उपदेश और संगति](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-discourses-of-Christ-of-the-last-days/part-1-fellowship-in-congregation-by-Almighty-God)
- [भाग तीन : अपने चुने हुए लोगों के एक हिस्से के साथ सर्वशक्तिमान परमेश्वर की संगति](https://hi.kingdomsalvation.org/category/the-discourses-of-Christ-of-the-last-days/part-3-almighty-God-s-casual-talks)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/judgment-before-Christ-volume-2)
- [सत्य वास्तविकताएं जिनमें परमेश्वर के विश्वासियों को जरूर प्रवेश करना चाहिए](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into)
- [क. परमेश्वर में विश्वास की आधारशिला रखने वाले दर्शनों के बारे में 10 सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions)
- [1. देहधारण से संबंधित सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/about-God-s-incarnation)
- [2. कार्य के तीन चरणों से जुड़े सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/about-three-stages-of-work)
- [3. अंतिम दिनों में न्याय के कार्य से संबंधित सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/about-end-time-judgment-work)
- [4. परमेश्वर के तीन चरणों के कार्य और उसके नामों के बीच संबंध पर वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/three-stages-work-and-Gods-name)
- [5. बुद्धिमान कुआंरियों के परमेश्वर की वाणी सुनने और प्रभु का स्वागत करने से संबंधित वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/about-wise-virgins)
- [6. परमेश्वर और बाइबल के बीच संबंध से जुड़े सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/relationship-between-the-bible-and-God)
- [7. विवेक से जुड़े सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/about-discernment)
- [8. धार्मिक जगत के परमेश्वर-प्रतिरोधी सार को पहचानने से जुड़े सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/discerning-religious-community)
- [9. संसार में अंधकार और दुष्टता की जड़ और सार को समझने से जुड़े सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/knowing-dark-and-evil-world)
- [10. परमेश्वर द्वारा हर प्रकार के व्यक्ति के निष्कर्ष निर्धारित किए जाने और मानवजाति से किए गए वादों से जुड़े सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-visions/human-outcomes-and-Gods-promise)
- [ख. विभिन्न प्रकार की धार्मिक धारणाओं का समाधान करने से संबंधित सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-resolving-religious-notions)
- [वचन देह में प्रकट होता है, खंड 4](https://hi.kingdomsalvation.org/category/exposing-the-antichrists)
- [ग. विभिन्न प्रकार के भ्रष्ट स्वभावों के समाधान से संबंधित सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-resolving-corrupt-dispositions)
- [ङ. उद्धार की तलाश और पूर्ण बनाए जाने से संबंधित सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-pursuing-salvation-and-perfection)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/judgment-before-Christ-volume-3)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/judgment-before-Christ-volume-4)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/judgment-before-Christ-volume-5)
- [वचन, खंड 3 : अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/readings-records-of-talks-of-Christ-of-the-last-days) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के पाठ सुनें, जो परमेश्वर में विश्वास करने और सत्य का अनुसरण करने की प्रक्रिया में हमारे सामने आने वाली विभिन्न स्थितियों और व्यावहारिक समस्याओं को हल कर सकते हैं, साथ ही, ये हमें सत्य समझने और जीवन में विकास करने की ओर ले जा सकते और इसमें हमारा मार्गदर्शन भी कर सकते हैं।
- [वचन, खंड 6 : सत्य के अनुसरण के बारे में (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/recital-on-the-pursuit-of-the-truth) - सत्य का अनुसरण करने का अर्थ क्या है, सत्य का अनुसरण करने का महत्व क्या है, और सत्य का अनुसरण कैसे करना है, यह समझने के लिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के पाठों को सुनें, ताकि आप सत्य का अनुसरण करने और उद्धार प्राप्त करने के मार्ग पर चल सकें।
- [घ. छद्म विश्वासियों, दुष्ट लोगों, झूठे नेताओं और मसीह-विरोधियों की पहचान से संबंधित सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/category/truth-realities-believers-must-enter-into/regarding-identifying-each-sort-of-person)
- [वचन देह में प्रकट होता है, खंड 5](https://hi.kingdomsalvation.org/category/responsibilities-of-leaders-and-workers)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/judgment-before-Christ-volume-6)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/judgment-before-Christ-volume-7)
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/judgment-before-Christ-volume-8)
- [वचन, खंड 5 : अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/audio-responsibilities-of-leaders-and-workers) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के पाठ सुनो और तुम कलीसियाई अगुआओं और कार्यकर्ताओं की प्राथमिक जिम्मेदारियाँ सीखोगे और नकली चरवाहों की विभिन्न अभिव्यक्तियों का भेद पहचानने का तरीका सीखोगे।
- [वचन देह में प्रकट होता है, खंड 7](https://hi.kingdomsalvation.org/category/on-the-pursuit-of-the-truth-2)
- [वचन, खंड 4 : मसीह-विरोधियों को उजागर करना (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/audio-exposing-antichrists) - मसीह-विरोधी कौन है? मसीह-विरोधी की विशिष्ट अभिव्यक्तियाँ क्या हैं? सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के पाठ सुनो और वे तुम्हें मसीह-विरोधी का भेद पहचानने और उनके द्वारा गुमराह होने से बचने में मदद करेंगे।
- [मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवात्मक गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/category/judgment-before-Christ-volume-9)
- [वचन, खंड 7 : सत्य के अनुसरण के बारे में (पूरे अध्याय)](https://hi.kingdomsalvation.org/category/reading-on-the-pursuit-of-the-truth-2) - सत्य का अनुसरण करने का अर्थ क्या है, सत्य का अनुसरण करने का महत्व क्या है, और सत्य का अनुसरण कैसे करना है, यह समझने के लिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के पाठों को सुनें, ताकि आप सत्य का अनुसरण करने और उद्धार प्राप्त करने के मार्ग पर चल सकें।
## टैग्स
- [परमेश्वर का प्रेम](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/परमेश्वर-का-प्रेम) - परमेश्वर का प्रेम पर ये मुफ्त भजन और लेख आपके लिए सुनने और पढ़ने के लिए चुने गए हैं। वे आपको परमेश्वर की महत्व और प्रेम को महसूस करने और परमेश्वर के करीब लाने में मदद करेंगे।
- [परमेश्वर का उद्धार](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/परमेश्वर-का-उद्धार)
- [असली प्रार्थना](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/परमेश्वर-से-प्रार्थना) - असली प्रार्थना क्या है? क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर से प्रार्थना कैसे की जाती है जो उसकी इच्छा के अनुसार हो। इस पृष्ठ में चयनित लेख और गीत आपको उत्तर देंगे।
- [स्वर्गिक राज्य में प्रवेश कैसे करें](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/How-to-Enter-the-Heavenly-Kingdom) - स्वर्गीय राज्य में प्रवेश करने का मानक क्या है? हम स्वर्गीय राज्य में कैसे प्रवेश कर सकते हैं? अधिक जानने के लिए क्लिक करें और एकमात्र रास्ता खोजें।
- [बाइबल की भविष्यवाणियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/Biblical-Prophecies) - बाइबल की भविष्यवाणियाँ (Bible Prophecy in Hindi): यहां प्रभु की वापसी के रहस्यों को उजागर करने वाले संसाधन हैं, अंतिम समय की भविष्यवाणियों की पूर्ति, अंतिम दिनों का न्याय, और बहुत कुछ है, जो आपको प्रभु का आगमन और कार्य को जानने में मदद कर सकता है।
- [हिंदी बाइबल स्टडी](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/Hindi-bible-study) - हिंदी बाइबिल अध्ययन (Hindi Bible study) खंड में विभिन्न विषयों जैसे कि प्रभु का स्वागत कैसे किया जाए, कैसे बुद्धिमान कुंवारी हों, कैसे स्वर्ग के राज्य में पाला जाए और कैसे पाप से बचा जा सके। ये हमें प्रभु का स्वागत करने और स्वर्गीय राज्य में वापस आने का मार्ग दिखाते हैं।
- [यीशु मसीह की कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/Jesus-stories) - यीशु मसीह की कहानी (Story of Jesus Christ in Hindi)में प्रभु यीशु के दृष्टांत, उनके पुनरुत्थान और उपस्थिति और उनके उपदेश शामिल हैं, इन कहानियों के पीछे के रहस्यों को समझने में मदद करते हैं और मनुष्य के लिए परमेश्वर के प्रेम और उद्धार को जानते हैं।
- [Hindi Gospel Songs List](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/Hindi-Praise-and-Worship-Songs) - Hindi Gospel Song List: It’s a collection of gospel song videos that testify to God’s end-time appearance and work. Listen to them to follow God’s work and welcome the Lord’s return.
- [बाइबल संदेश हिंदी में](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/bible-message-in-hindi) - बाइबल संदेश हिंदी में (Bible Message Topics in Hindi) इस खंड में प्रभु यीशु की वापसी, अंत समय की भविष्यवाणियों, सच्चे पश्चाताप और बहुत कुछ जैसे विषयों को शामिल किया गया है, जिससे आपको प्रभु का स्वागत करने और उसकी सुरक्षा प्राप्त करने का मार्ग खोजने में मदद मिलती है।
- [मसीही गीत हिंदी में](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/christian-songs-in-hindi) - अंतिम दिनों के परमेश्वर के रूप और काम को जानने के लिए हिंदी 2020 में उन मुफ्त ईसाई गाने को सुनें, परमेश्वर के पदचिन्ह का पालन करें और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करें।
- [बाइबल के प्रश्नों के उत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/answers-to-biblical-questions) - बाइबल के प्रश्नों के उत्तर (Bible Questions and Answers in Hindi) प्रभु की वापसी की सामग्री, परमेश्वर के नाम का रहस्य, बाइबल की भविष्यवाणियाँ, देहधारण इत्यादि शामिल हैं, यह आपके विश्वास में आने वाली समस्याओं और उलझनों को सुलझाने में मदद करेगा, अंतिम दिनों में परमेश्वर के काम को जानिए।, और परमेश्वर के पदचिन्ह का पालन करें।
- [सच्ची मसीही जीवन](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/christian-life) - मसीही जीवन के इस भाग से।से ईसाइयों को पारस्परिक संबंधों, विवाह, अपने बच्चों को शिक्षित करने, प्रार्थना कैसे करें, आदि के बारे में सवालों के जवाब खोजने में मदद मिलेगी।
- [बाइबल के रहस्य](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/the-mysteries-of-the-bible) - बाइबल खंड के रहस्य में बाइबल और परमेश्वर के बीच के संबंध, परमेश्वर के नाम के रहस्य, सच्चे मसीह और झूठे मसीह के बीच की समझदारी, स्वर्गीय राज्य में प्रवेश करने आदि के बारे में समृद्ध सामग्री है, जो आपको प्रभु की वापसी का स्वागत करने में मदद करेगी।
- [Hindi Prayer Songs List](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/hindi-prayer-songs-list) - Hindi Prayer Songs List – Listen to these Hindi Christian prayer songs for free. Learn what true prayer is and its significance, so you’ll know how to pray to God to be heard by Him.
- [Hindi Christian Videos](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/hindi-christian-videos) - Hindi Christian Videos (मसीही वीडियो) will show you experiential testimonies from Christians of welcoming Jesus Christ’s return, undergoing the judgment of God’s word and being cleansed, being persecuted by the CCP, etc. Watch for free.
- [Bible Sermon Topics in Hindi](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/bible-sermon-topics-in-hindi) - Bible Sermon Topics in Hindi: A collection of articles on the Lord’s return, the mystery of God’s names, casting off our sinful nature, and more. Read for free.
- [Today’s Bible Reading in Hindi](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/today-s-bible-reading-in-hindi) - Today’s Bible Reading in Hindi(बाइबल का दैनिक पाठ): There are selected sermons about Bible prophecy, the Lord’s return, true repentance, entering the heavenly kingdom, and more. Read them to learn news about the Lord’s return and follow God’s footsteps.
- [Today's Gospel Reading in Hindi](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/today-s-gospel-reading-in-hindi) - Today’s Gospel Reading in Hindi: Here are selected gospel readings that will help resolve your confusion and problems about faith, so you can know God’s work and follow God’s footsteps.
- [हिंदी ईसाई प्रार्थना](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/Hindi-Christian-Prayer) - हिंदी ईसाई प्रार्थना – Hindi Christian Prayer: प्रार्थना पर प्रभु के वचनों के चयनित लेख अथवा भजन, आपकी प्रार्थना प्रभु द्वारा सुने जाने के लिए मदद करेगी।
- [मसीही भजन](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/Christian-hymns) - मसीही भजन: यहां 12 मसीही भजन संग्रह आप के लिए मुफ्त में सुनने के लिए उपलब्ध हैं । वे आपको परमेश्वर की इच्छा और कार्य को समझने और परमेश्वर के करीब आने में मदद कर सकते हैं।
- [प्रार्थना का महत्व](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/significance-of-prayer) - हम प्रार्थना का महत्व कैसे समझें? प्रार्थना कैसे की जाती है ताकि परमेश्वर सुनें, क्या आप यह जानते हैं? प्रार्थना से संबंधित कुछ भजन और लेख यहाँ हैं जो आपको मार्गदर्शन करेंगे।
- [बाइबल की कहानियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/Bible-stories-in-hindi)
- [Gospel Message in Hindi](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/gospel-message-in-hindi)
- [Christian bhajans in Hindi](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/Christian-bhajans-in-Hindi)
- [प्रेरक कहानियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/tag/Inspirational-Messages) - Inspirational Messages in Hindi – प्रेरक कहानियाँ: ये संसाधन हमें प्रोत्साहन और विश्वास लाएंगे और हमें जीवन के सही रास्ते पर चलने में मदद करेंगे। मुफ्त में पढ़ें या देखें।
## 关于我们
- [सर्वशक्तिमान परमेश्वर और सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us-categories/about-us) - प्रस्तुत है सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की उत्पति और विकास की कहानी (चमकती पूर्वी बिजली के रूप में भी)।
- [प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न](https://hi.kingdomsalvation.org/about-us-categories/common-questions)
## 书籍分类
- [अंत के दिनों के मसीह के कथन](https://hi.kingdomsalvation.org/?book-category=word) - अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर, ने सात मुहरों को तोड़ दिया है और परमेश्वर की 6,000-वर्षीय प्रबंधन योजना के रहस्यों को प्रकट कर दिया है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथनों को पढ़ो, ताकि तुम अंत के दिनों में परमेश्वर के प्रकटन और कार्य के बारे में जान सको और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत कर सको।
- [सुसमाचार पुस्तकें](https://hi.kingdomsalvation.org/?book-category=gospel) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की ये सुसमाचार पुस्तकें तुम्हें राज्य के युग में परमेश्वर के प्रकटन और कार्य को समझने में मदद कर सकती हैं, और परमेश्वर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने और मेमने के विवाह भोज में भाग लेने के लिए तुम्हारा मार्गदर्शन करती हैं।
- [अनुभवजन्य गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/?book-category=experience) - यहाँ तुम्हें मिल सकते हैं परमेश्वर के चुने हुए लोगों द्वारा उसकी ओर मुड़ने, परमेश्वर के वचनों के न्याय और ताड़ना का अनुभव करने और शैतान के अंधकारमय प्रभाव पर विजय पाने के अनुभवों और गवाहियों के संग्रह। अभी पढ़ो।
- [जीवन-प्रवेश पर पुस्तकें](https://hi.kingdomsalvation.org/?book-category=life) - जीवन-प्रवेश पर पुस्तकों का यह खंड तुम्हें अपने जीवन और विश्वास में अपनाने के लिए मार्ग प्रदान करता है और तुम्हें सभी चीजों में परमेश्वर की इच्छा के अनुसार कार्य करने में मदद कर सकता है।
## श्रेणी
- [भजन के वीडियो](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/hymns) - परमेश्वर के वचनों के भजनों और कलीसिया के भजनों का यह संग्रह पूरी तरह नि:शुल्क दिया जा रहा है। आओ साथ मिलकर परमेश्वर का प्रेम और उद्धार अनुभव करें।
- [परमेश्वर के वचनों के भजन](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/hymns-truth)
- [कलीसिया के भजन](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/hymns-praise)
- [सामूहिक गायन संगीत की नृत्य प्रस्तुतियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/kingdom-songs-of-praise)
- [समवेत वीडियो शृंखला](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/choir) - इस खंड में संग्रहित हैं समवेत भजन, गायक-मंडली के गीत, संगीतमय प्रस्तुतियाँ, चुनिंदा झलकियाँ। ये सब नि:शुल्क देखे जा सकते हैं।
- [समवेत भजन](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/albums-of-choir) - इन ईसाई समवेत भजनों में परमेश्वर के चुने हुए लोग भिन्न-भिन्न प्रकार की समवेत शैलियों के माध्यम से मसीह के प्रकटन और पृथ्वी पर परमेश्वर के राज्य के आगमन का गुणगान कर रहे हैं।
- [संगीत वीडियो](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/kingdom-mv) - कथात्मक संगीत वीडियो, ए कैप्पेला, भजन संगीत वीडियो के साथ-साथ और भी कई चीज़ों के इस निःशुल्क संग्रह का आनंद लें। परमेश्वर के प्रेम और मानवजाति के उद्धार का अनुभव करें।
- [कथात्मक संगीत वीडियो](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/mv)
- [गायक-मंडली के गीत](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/choir-solo) - ईसाई गायक-मंडली के गीत : परमेश्वर के चुने हुए लोग यहां ऊंचे स्वर में पृथ्वी पर मसीह के राज्य के आगमन का गुणगान कर रहे हैं।
- [सुसमाचार फ़िल्में](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/gospel-movies)
- [झलकियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/gospel-trailer) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया द्वारा बनाई गई सुसमाचार फ़िल्मों के इन ट्रेलरों के साथ प्रत्येक फिल्म के सर्वोत्तम क्षणों पर एक नज़र डालें।
- [सुसमाचार फ़िल्में](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/kingdom-gospel-testimonies) - Christian Movies in Hindi: There are over 40+ Christian movies about faith in God, listening to God’s words and welcoming the Lord, being raptured into the heavenly kingdom, and more. They are all free and will help you welcome the Lord soon.
- [झलकियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/persecution-experience-trailers)
- [ए कैप्पेला](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/a-cappella-mv)
- [धार्मिक उत्पीड़न पर फिल्में](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/persecution-experience-movies)
- [धार्मिक उत्पीड़न पर फिल्में](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/persecution-experience-testimonies) - ये फिल्में साझा करती हैं सीसीपी के हाथों क्रूर उत्पीड़न से गुज़र रहे परमेश्वर के चुने हुए लोगों की कहानियाँ और परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन में शैतान की अंधकारमय ताकतों पर विजय पाने की उनकी सच्ची गवाहियाँ।
- [संगीतमय प्रस्तुतियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/classic-musical-dramas) - यहाँ आप प्रभु की वापसी का स्वागत करने के बारे में संगीतमय प्रस्तुतियाँ देख सकते हैं जो सीसीपी द्वारा ईसाइयों के उत्पीड़न को उजागर करती हैं, साथ ही और भी बहुत-सी चीज़ें हैं। सभी पूर्णतः निःशुल्क।
- [सुसमाचार पर लघु फिल्में](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/gospel-micro-film) - भिन्न-भिन्न प्रकार की इन बहुत-सी लघु सुसमाचार फ़िल्मों का आनंद लें, जो विपदाओं से सुरक्षित रहने, प्रभु का स्वागत करने, तथा साथ ही और भी कई विषयों के बारे में हैं। इन सभी को निशुल्क देखा जा सकता है।
- [वचन, खंड 1 : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य से लिया गया पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/almighty-god-word) - सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को हिंदी में पढ़ने के ये वीडियो आपको परमेश्वर के अंतिम दिनों के प्रकटन और कार्य को जानने में, मेम्ने के पदचिन्हों का अनुसरण करने में, और प्रभु के साथ पुनर्मिलन करने में मदद करेंगे। अधिक जानें।
- [खास बातें](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/choir-pieces) - यह परमेश्वर की प्रभुता और संपोषण, परमेश्वर के राज्य के आगमन, और जीवन की ऋतुओं के बारे में गायक-मंडली के प्रदर्शन के छोटे अंशों का संग्रह हैं। ये सभी ऑनलाइन निःशुल्क देखेँ।
- [चित्रित फिल्म-सारांश](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-collection-of-wonderful-film-clips) - ये चुनिंदा उद्धरण स्वर्गारोहण के रहस्य, अनंत जीवन के मार्ग, बचाए जाने और पूर्णतः बचाए जाने आदि के बारे में हैं, और ये अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को समझने और परमेश्वर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में तुम्हारी मदद करेंगे।
- [अन्य](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/integrated) - यहाँ संग्रह की गई ईसाई मूवी क्लिप्स उन धार्मिक धारणाओं और समस्याओं को हल करने में आपकी सहायता करेंगी जिन्हें आप परमेश्वर में अपने विश्वास में सामना करते हैं और अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य को समझने के लिए आपकी अगुआई करेंगी। वे शैतान की ताक़तों के नियंत्रण और धोखे से दूर होने, मेम्ने के पैरों के निशान का अनुसरण करने और प्रभु यीशु के दूसरे आगमन का स्वागत करने में भी आपकी सहायता करेंगी।
- [बाइबल के रहस्यों का उद्घाटन](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/disclosing-the-mystery-about-the-bible) - फ़िल्मों के ये उद्धृत अंश बाइबल की अंदरूनी कहानी को प्रकट करेंगे, बाइबल और परमेश्वर के बीच के संबंधों को समझने में आपकी अगुवाई करेंगे, ताकि आप बाइबल के प्रति उचित व्यवहार कर सकें।
- [परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/to-distinguish-between-god-work-and-people-work) - क्या तुम परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के कार्य में अंतर जानते हो? इसका उत्तर तुम्हें ईसाई फिल्मों के इन उद्धरणों में मिलेगा।
- [दोबारा आने पर प्रभु मनुष्य को कैसा दिखाई देगा?](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-way-the-lord-comes-gain) - जब प्रभु यीशु फिर से आएगा तो वह मनुष्य को कैसा दिखाई देगा? प्रभु यीशु ने कहा था कि, “इसलिए तू भी तैयार रह: क्यों कि मनुष्य का पुत्र ऐसे घंटे में आता है जो तू नहीं सोचता है।” तो ”मनुष्य का पुत्र” वास्तव में किसका उल्लेख करता है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की फीचर्ड सुसमाचार मूवी क्लिप्स आपके लिए रहस्यों को प्रकट करेंगी।
- [परमेश्वर के देहधारण का रहस्य](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-mystery-of-incarnation) - क्या आप जानते हैं कि देहधारण क्या है? मानव जाति को बचाने के लिए परमेश्वर देहधारण क्यों करता है? यह चैनल आपको देहधारण की सच्चाई को समझने में आपकी अगुवाई करेगा।
- [न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-judgment-beginning-with-the-house-of-god) - बाइबल ने भविष्यवाणी की, “क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्वर के लोगों यू० घर का न्याय किया जाए” (1 पतरस 4:17)। क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर अंत के दिनों में न्याय का कार्य क्यों करता है? वे कौन से परिणाम हैं जो अंत के दिनों के दौरान परमेश्वर अपने न्याय के कार्य में प्राप्त करना चाहता है? सुसमाचार मूवी क्लिप्स आपको अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य को जानने में सहायता करेंगी।
- [स्वर्ग के राज्य के मार्ग की खोज](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/discussion-the-way-into-the-kingdom-of-heaven) - स्वर्ग के राज्य में स्वर्गारोहण किया जाना सभी ईसाईयों की सबसे बड़ी आशा है। तो स्वर्ग के राज्य में स्वर्गारोहण किए जाने के लिए किस प्रकार के लोग योग्य हैं? इन सुसमाचार मूवी क्लिपों में आपको जवाब मिल जाएगा।
- [स्वर्ग में उठाए जाने का रहस्य](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-mystery-of-rapture) - हर ईसाई आशा करता है कि जब प्रभु यीशु अंत के दिनों में लौटें तो उन्हें स्वर्ग के राज्य में स्वर्गारोहण किया जा सके और वे परमेश्वर के आशीष और वादा प्राप्त कर सकें। किन्तु स्वर्गारोहण का असली अर्थ क्या है? क्या स्वर्गारोहण किसी निम्न स्थान से किसी उच्च स्थान पर ले जाया जाना है? क्या यह पृथ्वी से हवा में ले जाया जाना है? सुसमाचार मूवी क्लिप्स आपके लिए स्वर्गारोहण के रहस्य को प्रकट करेंगी!
- [सत्य का उद्घाटन](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/disclosure-of-the-true-facts) - सत्य का उद्घाटन तुम्हें दिखाएगा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा धार्मिक विश्वासों के उन्मादी दमन और ईसाइयों के उत्पीड़न की भयावह सच्चाई।
- [भजन संगीत वीडियो](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/singing-and-dancing-videos)
- [सच्चे मसीह और झूठे मसीहों में अंतर पहचानना](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/discernment) - क्या तुम कभी अंत के दिनों में प्रभु के प्रकटन और कार्य को ध्यानपूर्वक देखने से झिझके और कतराये हो, इस डर से कि कहीं झूठा मसीह तुम्हें रास्ते से भटका न दे? सुसमाचार चलचित्रों के ये अंश तुम्हें दिखाते हैं कि झूठे मसीहियों से सच्चे मसीह को कैसे पहचानो और प्रभु यीशु के लौटने का स्वागत कैसे करो।
- [परमेश्वर की वाणी की पहचान](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/distinguish-the-voice-of-the-groom) - प्रभु यीशु ने कहा, “मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं” (यूहन्ना 10:27)। सुसमाचार चलचित्रों के ये उद्धरण तुम्हें बताएँगे कि परमेश्वर की आवाज कैसे पहचानो और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत कैसे करो।
- [फरीसियों के सार का विश्लेषण](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-pharisees-attributes) - क्या आप जानते हैं कि फरीसी परमेश्वर का विरोध क्यों करते हैं? क्या आप जानते हैं कि आधुनिक फरीसियों को कैसे पहचाने? सुसमाचार फिल्म क्लिप्स फरीसियों की परमेश्वर का विरोध करने की सच्चाई आपके लिए प्रकट करेंगी, और धार्मिक दुनिया में मसीह विरोधी के ताक़तों को तोड़कर बाहर आने और मसीह की वापसी का स्वागत करने में आपकी अगुआई करेंगी।
- [झलकियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/choir-official-trailer) - यहाँँ आप अनेक समवेत कृतियों के प्रमुख अंश देखकर उनकी विषय सामग्री का तेजी से और आसानी से समझ सकते हैं।
- [मनगढंत झाओयुआन मामला](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-zhaoyuan-counterfeit-case)
- [धार्मिक उत्पीड़न का इतिहास](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/chronicles-of-persecution)
- [फिल्म-कार्यों की झलकियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/feature-pages) - यहाँ तुम देख सकते हो सभी प्रकार की फिल्म कृतियों की झलकियाँ, पूर्ण संस्करण, चुनिंदा हिस्से और तस्वीरें, और समझ सकते हो कि उनमें से प्रत्येक में कितना कुछ खास है।
- [समवेत कार्यों की झलकियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/choir-pages)
- [कलीसियाई जीवन की गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/experience-testimonies) - क्या आप प्रभु की वापसी की उत्सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं? क्या आप इस बात को लेकर परेशान हैं कि पाप से मुक्त और शुद्ध कैसे हों? मार्ग खोजने के लिए कलीसियाई जीवन की गवाहियों के ये वीडियो देखेँ।
- [जीवन-अनुभव की गवाही की फ़िल्में](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/life-experience-testimonies)
- [झलकियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/life-experience-video-trailers)
- [कलीसिया का जीवन—विविध कार्यक्रम श्रृंखला](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-life-of-the-church-artistic-series) - कलीसिया का जीवन—विविध कार्यक्रम श्रृंखला: गायन और नृत्य, हास्य-नाटिकाएँ, मिश्रित-वार्ता, मंचित नाटक और आख्यान की कई वास्तविक-जीवन की कहानियों का पुनः अभिनय। ये अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को समझने और प्रभु की वापसी का स्वागत करने में आपकी सहायता कर सकते हैं।
- [शाश्वत जीवन का मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-source-of-eternal-life-way) - अनंत जीवन क्या है? हम अनंत जीवन का मार्ग कैसे प्राप्त कर सकते हैं? सुसमाचार चलचित्रों के ये उद्धरण तुम्हारे समक्ष उत्तर प्रकट करेंगे।
- [अफवाहों की असलियत](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/exposing-rumors)
- [विनोदी बातचीत](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/chinese-crosstalk)
- [लघु नाटिका](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/short-sketches)
- [कलीसियाओं के उजड़ने के मूल कारण](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/discuss-the-roots-of-church-desolation) - अंत के दिनों में कलीसियाओं के उजाड़ होने का क्या कारण है? क्यों कलीसियाओं में धीरे-धीरे अनैतिकताओं में वृद्धि होती है? सुसमाचार मूवी क्लिप्स आपको कलीसियाओं के उजाड़ होने के मूल कारणों को प्रकट करेंगी।
- [परमेश्वर के नाम का रहस्य](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/profound-mystery-about-gods-name) - यहोवा, यीशु और सर्वशक्तिमान परमेश्वर सभी परमेश्वर द्वारा भिन्न-भिन्न युगों में अपनाए गए नाम हैं। तो परमेश्वर का नाम क्यों बदल जाता है? क्या तुम इसके भीतर का रहस्य जानते हो? इसका उत्तर मिलेगा यहाँ।
- [उद्धार और पूर्ण उद्धार](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/salvation-and-salvation) - उद्धार क्या है? पूर्ण उद्धार क्या है? क्या आप दोनों के बीच अंतर को जानते हैं? सुसमाचार मूवी क्लिप्स आपको उद्धार और पूर्ण उद्धार के बीच के प्रधान अंतर को समझाएँगी, और शुद्धिकरण और पूर्ण उद्धार प्राप्त करने के मार्ग पर आपकी अगुआई करेंगी।
- [सत्य में देखना](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/seeing-into-the-truth) - सत्य में देखना से चीनी सरकार द्वारा धार्मिक आस्था के क्रूर दमन की काली सच्चाई और अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य की धार्मिक जगत के पादरियों और एल्डर्स द्वारा निंदा और प्रतिरोध करने की आंतरिक कहानी उजागर होती है।
- [विजेता का उदय](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-overcomers-appear) - क्या आप जानते हैं कि बाइबल में भविष्यवाणी किए गए विजेता अस्तित्व में कैसे आते हैं? सुसमाचार मूवी क्लिप्स आपको समझाएँगी कि अंत के दिनों में विजेताओं के एक समूह को बनाने के लिए परमेश्वर कैसे कार्य करता है।
- [सत्य-जीवन की कथाओं का नाट्यरूपांतर](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/real-life-stories-narrated-reenactments)
- [परमेश्वर के दैनिक वचन से पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/daily-words-of-God) - आज का वचन (Aaj Ka Vachan) : परमेश्वर के सामने खुद को शांत करें और हर दिन उनके वचनों को सुनें, ताकि आप जीवन के जीवित जल के निर्वाह का आनंद ले सकें और परमेश्वर के करीब पहुंच सकें।
- [परमेश्वर को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/knowing-God)
- [कार्य के तीन चरण](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/three-stages-of-work)
- [अंत के दिनों में न्याय](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/judgment-in-the-last-days)
- [देहधारण](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-incarnation)
- [परमेश्वर का प्रकटन और कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/God-s-appearance-and-work)
- [परमेश्वर के कार्य को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/knowing-God-s-work)
- [धर्म-संबंधी धारणाओं का खुलासा](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/exposing-religious-notions)
- [इंसान की भ्रष्टता का खुलासा](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/exposing-mankind-s-corruption)
- [परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/God-s-disposition-and-what-He-has-and-is)
- [मंज़िलें और परिणाम](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/destinations-and-outcomes)
- [जीवन में प्रवेश](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/entry-into-life)
- [जीवन का अनुभव करना](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/church-life-testimonies)
- [बाइबल के बारे में रहस्य](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/mysteries-about-the-bible)
- [मंचित नाटक](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/theatrical-productions)
- [सुसमाचार की गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/turning-toward-God)
- [फ़िल्म हाइलाइट्स](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/gospel-movie-pages)
- [पूरा वीडियो](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/full-length)
- [कलीसियाओं में जाकर बोले गए मसीह के वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/Christ-s-sermons-in-the-church)
- [संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/God-s-words-to-the-entire-universe)
- [आरंभ में मसीह के कथन](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/utterances-of-Christ-in-the-beginning)
- [वचन, खंड 2 : परमेश्वर को जानने के बारे में से लिया गया पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/the-way-to-know-God)
- [धर्मोपदेश शृंखला : आस्था में सत्य की खोज](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/sermons-seeking-true-faith) - हिंदी बाइबल प्रचार(Hindi Bible Preaching): यहां पर सुसमाचार पर धर्मोपदेश वीडियो मौजूद हैं जो सभी प्रकार की विश्वास में उलझनों को सुलझाने में सहायक है। इसे निशुल्क देखें ताकि प्रभु में विश्वास में अपनी उलझनों को जल्द सुलझा पाएं और अंत के दिनों में परमेश्वर की उपस्थिति और कार्य को देख पाएं।
- [वचन, खंड 3 : अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन से लिया गया पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/records-of-talks-of-Christ-of-the-last-days)
- [ईसाई कलीसिया का विविध अदाकारी शोकेस](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/christian-variety-show)
- [वचन, खंड 6 : सत्य के अनुसरण के बारे में से लिया गया पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/video-on-the-pursuit-of-the-truth)
- [वचन, खंड 5 : अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ से लिया गया पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/video-responsibilities-of-leaders-and-workers)
- [वचन, खंड 4 : मसीह-विरोधियों को उजागर करना से लिया गया पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/video-exposing-antichrists) - मसीह-विरोधी कौन है? मसीह-विरोधी की विशिष्ट अभिव्यक्तियाँ क्या हैं? सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों के पाठ सुनो और वे तुम्हें मसीह-विरोधी का भेद पहचानने और उनके द्वारा गुमराह होने से बचने में मदद करेंगे।
- [सुसमाचार लघु फ़िल्में](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/short-gospel-movies)
- [वचन, खंड 7 : सत्य के अनुसरण के बारे में से लिया गया पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/video-on-the-pursuit-of-the-truth-2)
- [मसीह की कलीसिया के शॉर्ट](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/shorts)
- [अनुभवजन्य गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/experiential-testimonies)
- [परमेश्वर के वचनों के दैनिक पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/daily-readings-of-God-s-words)
- [सुसमाचार साझा करना](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/sharing-the-gospel)
- [चुनिंदा लघु वीडियो](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/featured-short-videos)
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/kingdom-gospel-chat-room)
- [नए युग का कलीसियाई जीवन](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/church-life-in-the-new-age)
- [ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/facts-of-ccp-persecution-of-christians)
- [राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/kingdom-gospel-chat-room-feature-interview-highlights)
- [विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश](https://hi.kingdomsalvation.org/video-category/feature-interview-highlights)
## श्रेणी
- [देहधारी परमेश्वर के प्रकटन और कार्य से संबंधित वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gods-incarnation)
- [सुसमाचार और परमेश्वर के वचनों की खोजबीन करो](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gospel-topics) - अंत के दिनों में परमेश्वर के प्रकटन और कार्य के बारे में सब कुछ जानने के लिए तुम यहाँ परमेश्वर के वचन और सुसमाचार सामग्री खोज सकते हो और मेमने के पदचिह्नों का नज़दीक से अनुसरण कर सकते हो।
- [मानवजाति के उद्धार के लिए परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों से संबंधित वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/three-stages-of-gods-work) - मानवजाति को बचाने के लिए परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के पीछे की वास्तविक कहानी के बारे में सब-कुछ जानो और जानो कि परमेश्वर मनुष्य का कदम-दर-कदम मार्गदर्शन कैसे करता है और उसे कैसे बचाता है।
- [परमेश्वर और बाइबल के बीच संबंध पर वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-bible-and-god) - बहुत-से लोग सोचते हैं कि प्रभु में विश्वास का अर्थ बाइबिल में विश्वास है और बाइबल में विश्वास का अर्थ प्रभु में विश्वास है। लेकिन क्या यह नज़रिया सही है? बाइबल और ईश्वर के बीच ठीक-ठीक क्या संबंध है? यह खंड तुम्हें इन्हीं प्रश्नों के उत्तर देता है।
- [परमेश्वर की कलीसिया और धार्मिक समूहों के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gods-church-and-religion) - क्या आप परमेश्वर की कलीसिया और धार्मिक समूहों के बीच का अंतर को जानते हैं? परमेश्वर केवल उस कलीसिया को ही क्यों आशीष देता है जो परमेश्वर के कार्य का पालन करता है? वह धार्मिक समूहों को शाप क्यों देता है? इस खंड में इन सवालों के जवाब पाएं।
- [स्वर्गारोहण और परमेश्वर के सिंहासन के सामने उठाए जाने से संबंधित वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-true-meaning-of-rapture) - स्वर्गारोहण का असली अर्थ क्या है? क्या यह पृथ्वी से हवा में ले जाया जाना है? यह सेक्शन आपके सामने इस रहस्य को प्रकाशित करता है।
- [धार्मिक दुनिया और सत्ताधारियों के परमेश्वर का विरोध करने वाले सार को किस तरह पहचानें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-pharisees)
- [अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य से संबंधित सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/judgment-of-the-last-days) - प्रकाशितवाक्य में जिस महान सफेद सिंहासन के न्याय की भविष्यवाणी की गयी है, वह पहले ही शुरू हो चुका है। अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय के रहस्य को समझने के लिए यह खंड पढ़ो।
- [परमेश्वर द्वारा हर प्रकार के व्यक्ति का अंत निर्धारित करने संबंधी सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/truth-and-doctrines)
- [परमेश्वर के कार्य और स्वभाव के कैसे जानें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/knowing-god)
- [बुद्धिमान कुँआरियों के परमेश्वर की वाणी सुनने और प्रभु का स्वागत करने से संबंधित वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/know-the-voice-of-god) - जब परमेश्वर अंत के दिनों में लौटेगा, तो वह हमारे हृदय के द्वार पर बोलेगा और दस्तक देगा। केवल परमेश्वर की आवाज़ को जानकर ही हम प्रभु के दूसरे आगमन स्वागत कर सकते हैं। तो हमें परमेश्वर की आवाज़ को कैसे पहचानना चाहिए? इस खंड में आपको जवाब मिल जाएगा।
- [परमेश्वर एक है—वह सृष्टि का प्रभु है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/salvation-and-final-salvation)
- [परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों और उसके नामों के बीच रहे संबंध के विषय से जुड़े सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/about-gods-name) - क्या तुम जानते हो कि परमेश्वर अलग-अलग युगों में अलग-अलग नाम क्यों रखता है? क्या तुम परमेश्वर के नामों के पीछे का रहस्य जानना चाहते हो? यहाँ मिल सकते हैं तुम्हें इन प्रश्नों के उत्तर।
- [सुसमाचार-सम्बन्धित प्रश्नोत्तर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gospel-qa) - प्रभु की वापसी, और बचाए जाने और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने जैसे विषयों पर सत्य के बारे में अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्नों और भ्रांतियों के उत्तर खोजो। यहाँ तुम्हें मिल सकता है प्रभु के आगमन का स्वागत करने और स्वर्ग के राज्य में पहुँचने का मार्ग।
- [बड़ी आपदाओं के आगमन संबंधी सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/god-has-come-to-china)
- [परमेश्वर त्रिविध परमेश्वर है या एक सच्चा परमेश्वर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-trinity) - क्या त्रित्व की अवधारणा परमेश्वर के वचन अनुरूप है? क्या सच्चा परमेश्वर जिसने आकाश और पृथ्वी और सभी चीजों को बनाया, वह एक है या तीन? इस सेक्शन में आपको इन सवालों के जवाब मिल जाएंगे।
- [मनुष्य से परमेश्वर की प्रतिज्ञा और मनुष्य की मंज़िल](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/following-the-will-of-god)
- [संसार में अंधकार और बुराई की जड़ और सार को कैसे पहचानें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-true-way-has-always-been-persecuted)
- [अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य और अनुग्रह के युग में उसके छुटकारे के कार्य के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-age-of-grace-and-the-age-of-kingdom)
- [सच्चे मसीह और झूठे मसीह के बीच प्रभेद करने के सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-way-of-eternal-life)
- [परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के कार्य के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gods-work-and-mans-work)
- [मसीह स्वयं परमेश्वर की अभिव्यक्ति है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/knowing-christ) - प्रभु यीशु ने कहा, “मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ” (यूहन्ना 14:6)। “मैं और पिता एक हैं” (यूहन्ना 10:30)। मसीह का सार क्या है? हमें मसीह को कैसे जानना चाहिए? उत्तर यहाँ खोजो।
- [परमेश्वर को जानने के बारे में](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-way-to-know-god) - परमेश्वर ने संसार की सृष्टि से लेकर अब तक जो भी किया है, उस एक-एक चीज़ में उसकी परोपकारी इच्छा समाहित है। यह खंड तुम्हें चीजों के पीछे परमेश्वर की इच्छा को 12 पहलुओं से समझने में मदद करेगा, और तुम्हें परमेश्वर को जानने का मार्ग दिखाएगा।
- [परमेश्वर सभी चीज़ों की सृष्टि करने के लिए वचनों को प्रयोग करता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/god-uses-words-to-create-all-things)
- [परमेश्वर आदम और हव्वा को बनाते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/god-creates-adam-and-eve)
- [नूह](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/noah)
- [अब्राहम](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/abraham) - अब्राहम की कहानी के द्वारा, आप उसके द्वारा किए कार्यों के पीछे परमेश्वर की इच्छा जानेंगे। परमेश्वर के वचनों को पढ़ने के लिए क्लिक करें।
- [परमेश्वर सदोम को नष्ट कर देते हैं](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gods-destruction-of-sodom) - बाइबल में सदोम और अमोरा की कहानी: इससे हमें क्या प्रेरणा मिल सकती है? उत्तर पाने के लिए क्लिक करें और परमेश्वर के वचनों को पढ़ें।
- [परमेश्वर द्वारा नीनवे के उद्धार](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gods-salvation-of-nineveh)
- [अय्यूब](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/job)
- [कार्य करने के लिए परमेश्वर का पहली बार देह बनना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-work-of-the-lord-jesus) - प्रभु यीशु मसीह के वचन और उनके कार्य में पर्वत पर उपदेश, प्रभु यीशु द्वारा चिन्ह और चमत्कार करना और प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का महत्व जैसा कन्टेंट शामिल हैं। वे आपको प्रभु यीशु के वचन और उसके कार्य के पीछे की इच्छा दिखाएंगे।
- [परमेश्वर सभी चीज़ों के लिए जीवन का स्रोत है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/source-of-life-for-all-things)
- [मानव जीवन में छह मोड़](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/six-junctures-in-human-life)
- [परमेश्वर आध्यात्मिक क्षेत्र पर कैसे शासन करता और उसे चलाता है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/how-God-rules-spiritual-world)
- [परमेश्वर के वचनों का अधिकार और सामर्थ्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/power-authority-of-God-s-word)
- [कलीसियाओं की वीरानी](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/desolation-of-churches)
- [प्रभु के आगमन का मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/method-of-Lord-s-arrival)
- [स्वर्गारोहण](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/rapture)
- [परमेश्वर की आवाज़ को कैसे पहचानें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/distinguish-God-s-voice)
- [देहधारण का सत्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/truth-of-the-incarnation)
- [शाश्वत जीवन का मार्ग](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/way-of-eternal-life)
- [अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य का स्थान](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/location-of-God-s-work)
- [बाइबल के अंदर की कहानी](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/inside-story-of-the-bible)
- [सच्चे मार्ग और झूठे मार्ग के बीच अंतर करना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-true-way-and-the-false-way)
- [सच्चे मसीह और झूठी मसीहों के बीच अंतर करना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-true-Christ-and-false-christs)
- [परमेश्वर और मनुष्य के कार्य और वचन के बीच अंतर](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/work-and-word-of-God-and-of-man)
- [परमेश्वर का अनुसरण करने और मनुष्य का अनुसरण करने के बीच अंतर करना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/following-God-and-following-people)
- [पवित्र आत्मा के और दुष्ट आत्माओं के कार्य के बीच अंतर करना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/work-of-the-Holy-Spirit-and-of-evil-spirits)
- [फरीसियों के सार का विश्लेषण करना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/analyzing-the-essence-of-the-pharisees)
- [सीसीपी की अफवाहों और भ्रांतियों का प्रतिकार करना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/countering-the-ccp-s-rumors-and-fallacies)
- [परमेश्वर में विश्वास](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/belief-in-God)
- [ईसाइयों के जीवन और उनकी आध्यात्मिक भक्तियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/spiritual-devotions-and-lives-of-christians)
- [सत्य का अभ्यास](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/practicing-and-entering-the-truth)
- [परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव को जानना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/knowing-God-s-righteous-disposition)
- [मनुष्य का अंत और मंजिल](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/man-s-end-and-destination)
- [अंत के दिनों में परमेश्वर का न्याय का कार्य](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/God-s-judgment-work)
- [सच्चा मार्ग उत्पीड़न के अधीन क्यों है](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/true-way-has-been-persecuted)
- [स्वर्ग के राज्य में प्रवेश के लिए शर्तें](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/entering-the-heavenly-kingdom) - किस तरह के लोग स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं? हम स्वर्ग के राज्य में कैसे प्रवेश कर सकते हैं? इस संग्रह का जवाब है।
- [अन्य श्रेणियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/other-categories)
- [त्रित्व](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/trinity)
- [शैतान की योजनाओं की वास्तविक प्रकृति का पता लगाना](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/seeing-through-satans-schemes) - परमेश्वर के लौटने का स्वागत करते हुए हम शैतान के झूठों और चालाकियों के खिलाफ सतर्क और चौकन्ने कैसे रह सकते हैं? जानो कि शैतान के बुरे धोखों और षड्यंत्रों के बारे में समझ कैसे विकसित करें और प्रभु यीशु के लौटने का स्वागत कैसे करें।
- [उद्धार और पूर्ण उद्धार](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/being-saved-and-true-salvation)
- [परमेश्वर का नाम](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/God-s-name)
- [परमेश्वर के वचनों के अंश](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/passages-of-God-s-words)
- [सुसमाचार पर ध्यानकेंद्रण](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/focus-on-the-gospel)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gods-incarnation-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/three-stages-of-gods-work-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/judgment-of-the-last-days-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/about-gods-name-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/knowing-christ-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-age-of-grace-and-the-age-of-kingdom-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/salvation-and-final-salvation-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-way-of-eternal-life-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gods-work-and-mans-work-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/knowing-god-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-bible-and-god-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/know-the-voice-of-god-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/god-has-come-to-china-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/gods-church-and-religion-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-true-way-has-always-been-persecuted-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-pharisees-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-trinity-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/truth-and-doctrines-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/following-the-will-of-god-article)
- [परमेश्वर के प्रासंगिक वचन](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/the-true-meaning-of-rapture-article)
- [आध्यात्मिक युद्ध](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/on-spiritual-battles)
- [धर्मोपदेश लेख](https://hi.kingdomsalvation.org/gospel-categories/sermon-articles)
## श्रेणी
- [परमेश्वर के लौटने की गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/testimonies-of-returning-to-god) - यहाँ प्रभु के लौटने का स्वागत करते ईसाइयों की इन गवाहियों, परमेश्वर पर आश्रित रहने और शैतान के प्रलोभनों के सामने आने पर भी अपनी गवाही पर डटे रहने के वास्तविक जीवन के अनुभवों तथा और भी बहुत-कुछ की छान-बीन करो।
- [प्रभु के लौटने का स्वागत](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/welcoming-the-lords-return) - यह ईसाइयों के अनुभवों और गवाहियों का संग्रह है जो बताता है कि प्रभु यीशु के लौटने का स्वागत करते हुए उन्होंने अपनी समस्याएँ हल करने के लिए सत्य की खोज कैसे की है।
- [आस्था और जीवन](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/soul-harbor) - आस्था और जीवन ईसाइयों के जीवन के अनुभवों और गवाहियों से भरे हैं और इनमें आस्था के बारे में सभी प्रकार के प्रश्न और उत्तर समाहित हैं। अपनी आस्था और जीवन में उठने वाले भ्रमों और प्रश्नों का समाधान करने के लिए इस खंड की छान-बीन करो।
- [परिवार](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/family-marriage) - ईसाई परमेश्वर के वचनों के अनुसार परिवार और रिश्तों की चुनौतियों से कैसे निपट सकते हैं? कृपया ईसाई अनुभवों और गवाहियों के इस संग्रह की छानबीन करें, एकदम नि:शुल्क।
- [जीवन के अनुभवों की गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/testimonies-of-life-experiences) - इन गवाहियोंं में परमेश्वर के चुने हुए लोग, अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य के न्याय से गुज़रने और मानवजाति के उसके उद्धार के लिए परमेश्वर के अद्भुत अभिप्रायों को समझने और मानने के अपने वास्तविक अनुभव साझा कर रहे हैं।
- [दैनिक भक्तिपूर्ण पाठ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/daily-devotionals) - भक्ति-संगीत एक मार्ग है जिससे ईसाई परमेश्वर के और निकट आ सकते हैं, और ईसाई होने के नाते वे हमारे दैनिक जीवन के लिए अनिवार्य हैं। दैनिक भक्ति-संगीत की ये प्रस्तुतियाँ तुम्हारी आस्था में तुम्हारे सामने आने वाले कुछ भ्रमों का समाधान करने में और परमेश्वर की इच्छा को बेहतर ढंग से समझने में तुम्हारी मदद कर सकती हैं।
- [आस्था की मार्गदर्शक पुस्तिका](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/faith-guide) - परमेश्वर का अनुसरण करते समय ईसाई लोग जिन सभी प्रकार के प्रश्नों और उलझनों का सामना करते हैं, उन्हें हल करने में आस्था की मार्गदर्शक पुस्तिका मदद करती है। यह कठिनाई के समय में अभ्यास का उचित मार्ग खोजने, और जल्द ही परमेश्वर पर विश्वास करने के सही मार्ग में प्रवेश करने में आपकी मदद करेगी।
- [आध्यात्मिक युद्ध](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/spiritual-battles)
- [आध्यात्मिक भ्रांति का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/clearing-up-confusion) - सच्चे मार्ग की जांच-पड़ताल करने, प्रभु की वापसी और प्रभु का स्वागत करने जैसे विषयों पर ये निबंध तुम्हें तुम्हारी आस्था में आए भ्रमों को सुलझाने और परमेश्वर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में मदद कर सकते हैं।
- [यातना की गवाहियाँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/overcomers)
- [अन्य](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/other-1)
- [गवाही के लेख](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/overcomers-article)
- [अहंकार और आत्मतुष्टता का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-arrogance-self-righteousness)
- [स्वार्थ और नीचता का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-selfishness-and-baseness)
- [बेपरवाही का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-perfunctoriness)
- [धोखेबाजी और कपट का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-deceit-and-trickery)
- [रुतबे के पीछे भागने का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-pursuit-of-status)
- [सतर्कता और गलतफहमियों का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-guardedness-and-misunderstanding)
- [छद्मवेश धारण करने समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-hypocrisy-and-pretense)
- [आशीष पाने के इरादों का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-intent-to-gain-blessings)
- [पारंपरिक धारणाओं का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-traditional-notions)
- [खुशामदी व्यवहार का समाधान](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/resolving-people-pleaser-mentality)
- [अपने बच्चों के साथ कैसे पेश आएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/relating-to-children)
- [अपने माता-पिता के साथ कैसे पेश आएँ](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/relating-to-parents)
- [कार्यस्थल](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/workplace-and-career)
- [अन्य](https://hi.kingdomsalvation.org/testimonies-categories/other)