सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन

भाग एक

राज्य के सुसमाचार पर परमेश्वरके वचनों के संकलन

1केवल वह जो परमेश्वर के कार्य को अनुभव करता है वही परमेवर में सच में विश्वास करता है
2परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है
3परमेश्वर के प्रकटन को उसके न्याय और ताड़ना में देखना
4परमेश्वर संपूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियंता है
5परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है
6केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है
7सात गर्जनाएँ—भविष्यवाणी करती हैं कि राज्य के सुसमाचार पूरे ब्रह्माण्ड में फैल जाएंगे
8उद्धारकर्त्ता पहले ही एक "सफेद बादल" पर सवार होकर वापस आ चुका है
9जब तक तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देखोगे, तब तक परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नया बना चुका होगा
10वे जो मसीह से असंगत हैं निश्चय ही परमेश्वर के विरोधी हैं
11बुलाए गए लोग बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं
12तुम्हें मसीह की अनुकूलता में होने के तरीके की खोज करनी चाहिए
13क्या तुम परमेश्वर के एक सच्चे विश्वासी हो?
14मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है
15क्या तुम जानते हो? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है
16केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनंत जीवन का मार्ग दे सकता है
17अपनी मंज़िल के लिए पर्याप्त संख्या में अच्छे कर्मों की तैयारी करो
18आज परमेश्वर के कार्य को जानना
19क्या परमेश्वर का कार्य उतना सरल है, जितना मनुष्य कल्पना करता है?
20जो आज परमेश्वर के कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं
21परमेश्वर के सबसे नए कार्य को जानो और उसके चरण-चिन्हों का अनुसरण करो
22व्यवस्था के युग का कार्य
23छुटकारे के युग में कार्य के पीछे की सच्ची कहानी
24देहधारण का रहस्य (4)
25परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है
26जो परमेश्वर को और उसके कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर को सन्तुष्ट कर सकते हैं
27मनुष्य, जिसने परमेश्वर को अपनी ही धारणाओं में सीमित कर दिया है, वह किस प्रकार उसके प्रकटनों को प्राप्त कर सकता है?
28भ्रष्ट मनुष्यजाति को देहधारी परमेश्वर द्वारा उद्धार की अधिक आवश्यकता है
29दो देहधारण पूरा करते हैं देहधारण के मायने
30देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर द्वारा उपयोग किए गए लोगों के बीच महत्वपूर्ण अंतर
31देहधारी परमेश्वर की सेवकाई और मनुष्य के कर्तव्य के बीच अंतर
32परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का कार्य
33परमेश्वर संपूर्ण सृष्टि का प्रभु है
34क्या त्रित्व का अस्तित्व है?

भाग दो

राज्य के सुसमाचार पर परमेश्वरके मुख्य वचनों के संकलन

1I. कौन अधिक महान है : परमेश्वर या बाइबल? परमेश्वर और बाइबल के बीच क्या संबंध है?
2II. देहधारण के सत्य पर
3III. परमेश्वर के नाम के सत्य पर
4IV. अनुग्रह के युग में उद्धार और राज्य के युग में उद्धार के सत्य पर
5V. क्या प्रभु यीशु का छुटकारे का कार्य वास्तव में युग का समापन करने का कार्य है?
6VI. अनुग्रह के युग के कार्य और राज्य के युग के कार्य के बीच संबंध
7VII. सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों का मसीहा, पुस्तक को खोलता है और न्याय को निष्पादित करता है
8VIII. केवल एक ही परमेश्वर है : त्रित्व का कोई अस्तित्व नहीं है
9IX. परमेश्वर के कार्य और मनुष्य के कार्य के बीच अंतर
10X. झूठे चरवाहों, मसीह-विरोधियों और झूठे मसीहों को कैसे पहचानें