मसीह के वचन

18 संबंधित मीडिया

"मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक अद्भुत मंज़िल पर ले जाना" | अंश 3

परमेश्वर के दैनिक वचन | "मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक अद्भुत मंज़िल पर ले जाना" | अंश 3 परमेश्वर में जीवधारियों के प्रति कोई द्वेष नहीं है और वह केवल शैतान को पराजित करना चाहता है। उसके सम्पूर्ण कार्य-चाहे वह ताड़ना हो या न्याय—को शैतान की …

13 जून, 2020

"मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक अद्भुत मंज़िल पर ले जाना" | अंश 4

परमेश्वर के दैनिक वचन | "मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक अद्भुत मंज़िल पर ले जाना" | अंश 4 परमेश्वर की सम्पूर्ण प्रबंधकीय योजना के कार्य को व्यक्तिगत तौर पर स्वयं परमेश्वर के द्वारा किया गया है। प्रथम चरण—संसार की सृष्टि—को परमेश्वर के द्वारा व्…

13 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "परमेश्वर संपूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियंता है" | अंश 215

बाइबल के दृष्य का स्मरण करें जब परमेश्वर ने सदोम पर विनाश का कार्य किया और इस बारे में भी विचार करें कि किस प्रकार से लूत की पत्नी नमक का खम्भा बन गई। वापस विचार करें कि किस प्रकार से नीनवे के लोगों ने टाट और राख में पश्चाताप किया, और स्मरण करें कि 2,000 वर्ष पहले यहूदियों …

26 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है" | अंश 587

इस वृहद संसार में बार बार अनगिनत परिवर्तन हुए हैं। कोई भी मानवजाति की अगुवाई या निर्देश करने के योग्य नहीं है, सिर्फ़ ब्रह्माण्ड की सभी चीजों पर शासन करने वाला ही इसके योग्य है। कोई भी इतना शक्तिशाली नहीं है जो इस मानवजाति के लिए श्रम या तैयारियां कर सकता हो, फिर उसकी तो…

19 जुलाई, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "छुटकारे के युग में कार्य के पीछे की सच्ची कहानी" | अंश 1

मेरी सम्पूर्ण प्रबन्धन योजना, ऐसी योजना जो छः हज़ार सालों तक फैली हुई है, तीन चरणों या तीन युगों को शामिल करती हैः आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत के दिनों में राज्य का युग। प्रत्येक युग की प्रकृति के अनुसार मेरा कार्य इन तीनों य…

23 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "भ्रष्ट मनुष्यजाति को देहधारी परमेश्वर द्वारा उद्धार की अधिक आवश्यकता है" | अंश 15

समूचे प्रबंधकीय कार्य के दौरान, सबसे महत्वपूर्ण कार्य है शैतान के प्रभाव से मनुष्य का उद्धार। मुख्य कार्य है भ्रष्ट मनुष्य पर सम्पूर्ण विजय, इस प्रकार यह जीते गए मनुष्य के हृदय में परमेश्वर के मूल आदर को फिर से ज्यों का त्यों करता है, और उसे एक सामान्य जीवन हासिल करने की अन…

18 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई" | अंश 17

आज के दिन तक अपना 6,000 वर्षों का कार्य करते हुए, परमेश्वर ने अपने बहुत से क्रिया-कलापों को पहले ही प्रकट कर दिया है, मुख्य रूप से शैतान को पराजित करने और समस्त मानवजाति का उद्धार करने का कार्य। वह स्वर्ग की हर चीज़, पृथ्वी के ऊपर की हर चीज़ और समुद्र के अंदर की हर चीज़ …

13 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "उद्धारकर्त्ता पहले ही एक 'सफेद बादल' पर सवार होकर वापस आ चुका है" | अंश 44

"यहोवा" वह नाम है जिसे मैंने इस्राएल में अपने कार्य के दौरान अपनाया था, और इसका अर्थ है इस्राएलियों (परमेश्वर के चुने हुए लोग) का परमेश्वर जो मनुष्य पर दया कर सकता है, मनुष्य को शाप दे सकता है, और मनुष्य के जीवन को मार्गदर्शन दे सकता है। इसका अर्थ है वह परमेश्वर जिसके पास ब…

11 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "देहधारण का रहस्य (4)" | अंश 12

छ:-हज़ार-वर्षों की प्रबंधन योजना कार्य के तीन चरणों में विभाजित है। कोई भी अकेला चरण तीनों युगों के कार्य का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता है बल्कि सम्पूर्ण के केवल एक भाग का ही प्रतिनिधित्व कर सकता है। यहोवा नाम परमेश्वर के सम्पूर्ण स्वभाव का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता है। इस…

03 जुलाई, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक अद्भुत मंज़िल पर ले जाना" | अंश 2

6,000 वर्षों के परमेश्वर के प्रबधंन के कार्य को तीन चरणों में बांटा गया है: व्यवस्था का युग, अनुग्रह का युग, और राज्य का युग। इन तीन चरणों का सम्पूर्ण कार्य मानवजाति के उद्धार के लिए है, कहने का तात्पर्य है, वे ऐसी मानवजाति के उद्धार के लिए हैं जिसे शैतान के द्वारा बुरी तरह…

13 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" | अंश 6

कार्य के तीनों चरण परमेश्वर के प्रबंधन का मुख्य केन्द्र हैं और उनमें परमेश्वर का स्वभाव और वह क्या है व्यक्त होते हैं। जो परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों के बारे में नहीं जानते हैं वे यह जानने में अक्षम हैं कि परमेश्वर कैसे अपने स्वभाव को व्यक्त करता है, न ही वे परमेश्वर क…

11 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "दो देहधारण पूरा करते हैं देहधारण के मायने" | अंश 16

वर्तमान में किए गए कार्य ने अनुग्रह के युग के कार्य को आगे बढ़ाया है; अर्थात्, समस्त छह हजार सालों की प्रबन्धन योजना में कार्य आगे बढ़ाया है। यद्यपि अनुग्रह का युग समाप्त हो गया है, किन्तु परमेश्वर के कार्य ने आगे प्रगति की है। मैं क्यों बार-बार कहता हूँ कि कार्य का यह चरण …

09 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" | अंश 9

मनुष्यों के बीच परमेश्वर का कार्य मनुष्यों से छिपा नहीं है, और उन सभी को जानना चाहिए जो परमेश्वर की आराधना करते हैं। चूँकि परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच उद्धार के कार्य के तीन चरणों को पूरा किया है, इसलिए मनुष्य को कार्य के इन तीन चरणों के दौरान परमेश्वर के पास क्या है और वह …

09 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" | अंश 10

कार्य के तीनों चरण एक ही परमेश्वर के द्वारा किए गए थे; यही सबसे महान दर्शन है और परमेश्वर को जानने का एकमात्र मार्ग है। कार्य के तीनों चरण केवल स्वयं परमेश्वर के द्वारा ही किए गए हो सकते हैं, और कोई भी मनुष्य इस प्रकार का कार्य उसकी ओर से नहीं कर सकता है—कहने का तात्पर्य है…

08 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का अभ्यास" | अंश 14

पवित्र आत्मा के कार्य का प्रत्येक चरण उसी समय मनुष्य की गवाही की भी अपेक्षा करता है। कार्य का प्रत्येक चरण परमेश्वर एवं शैतान के मध्य एक युद्ध है, और इस युद्ध का लक्ष्य शैतान है, जबकि वह शख्स जिसे इस कार्य के द्वारा पूर्ण बनाया जाएगा वह मनुष्य है। परमेश्वर का कार्य फलवन्त ह…

02 जून, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" | अंश 7

कार्य के तीन चरण परमेश्वर के सम्पूर्ण कार्य का अभिलेख हैं, ये परमेश्वर द्वारा मानवजाति के उद्धार का अभिलेख हैं, और ये काल्पनिक नहीं हैं। यदि तुम लोग परमेश्वर के सम्पूर्ण स्वभाव के ज्ञान की वास्तव में खोज करना चाहते हो, तो तुम लोगों को परमेश्वर द्वारा किए गए कार्य के तीनों च…

31 मई, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" | अंश 11

कार्य के ये तीनों चरणों का निरन्तर उल्लेख क्यों किया गया है? युगों की समाप्ति, सामाजिक विकास और प्रकृति का बदलता हुआ स्वरूप सभी कार्य के तीनों चरणों में परिवर्तनों का अनुसरण करते हैं। मानवजाति परमेश्वर के कार्य के साथ समय के अनुसार बदलती है, और अपने आप में विकसित नहीं होती …

27 मई, 2020

परमेश्वर के दैनिक वचन | "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" | अंश 8

परमेश्वर स्वयं का कार्य वह दर्शन है जो मनुष्य को अवश्य जानना चाहिए, क्योंकि परमेश्वर का कार्य मनुष्यों के द्वारा प्राप्त नहीं किया जा सकता है, और मनुष्यों के द्वारा धारण नहीं किया जाता है। कार्य के तीन चरण परमेश्वर के प्रबंधन की सम्पूर्णता हैं, और इससे बड़ा कोई दर्शन नहीं है…

26 मई, 2020