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सभी प्राणियों का जीवन आता है परमेश्वर से

I

प्रभु से जो जीवन मिला है इंसान को,

अनंत है, देह के बंधन से, समय और स्थान से आज़ाद है।

ये ज़िंदगी का राज़ है,

सबूत है कि ज़िंदगी परमेश्वर का तोहफ़ा है।

बहुत से लोग मानते नहीं, जीवन का स्रोत परमेश्वर है,

मगर वो भोगते हैं सबकुछ

जो आता है परमेश्वर की ओर से।

अगर मन बदल जाए परमेश्वर का,

और ले ले वापस दुनिया और ज़िंदगी अपनी,

फिर ना ये दुनिया रहेगी, ना ये प्राणी रहेंगे,

ना ये रचना रहेगी, सब चले जाएंगे सदा के लिये,

सदा के लिये।

जड़ हो या चेतन, परमेश्वर देता है,

हर चीज़ को अपना जीवन।

उसकी शक्ति और अधिकार लाते हैं अच्छी व्यवस्था,

वो सच्चाई जो समझ में ना आए,

साक्षी है परमेश्वर की जीवन-शक्ति की।

II

अब परमेश्वर तुम्हें एक राज़ बताना चाहता है:

परमेश्वर के जीवन की महानता और शक्ति,

उसके प्राणियों की पहुंच से परे है।

ये ऐसी ही है, ऐसी ही रहेगी।

परमेश्वर अपने अनेक रूपों में,

सभी प्राणियों का जीवन स्रोत है।

सभी जीव परमेश्वर के बनाई राह पर ही चलते हैं।

परमेश्वर की देख-रेख और पोषण से ही इंसान को मिलता है,

परमेश्वर की ज़िंदगी का तोहफ़ा।

उसके बिना इंसान खो देता है अपने जीवन का मोल,

और ज़िंदगी का मकसद।

इंसान गर संजोता नहीं उसे, जो परमेश्वर से मिलता है,

तो ले लेगा वापस, परमेश्वर जो कुछ भी देता है।

परमेश्वर ने जो कुछ भी इंसान को दिया है,

इंसान को चुकाना होगा उसका दुगुना हर्जाना।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

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