सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

`

सत्य की खोज का मार्ग

I

जानो कि सत्य का कौन सा हिस्सा सम्बंधित है उनसे जिनका है,

सामना तुमने किया।

यदि तुम ढूंढों ईश्वर की इच्छा सत्य को जाने बग़ैर,

तो ये व्यर्थ है, न प्राप्त होगा कुछ भी।

क्या सच को समझने में तुम्हारी अवस्था भूमिका निभाती है?

क्या तुम सामनाओं में सोचते हो कौन सा सच यथार्थ है?

II

तुम्हारे सभी सामनाओं में, ढूंढों सच के उन हिस्सों को,

ईश्वर के वचन में जो इसके समान है।

और फिर उस राह की खोज करो तुम्हारे लिए हो जो सही,

करेगा ये मदद तुम्हारी, मदद तुम्हारी जानने को ईश्वर की इच्छा।

क्या सच को समझने में तुम्हारी अवस्था भूमिका निभाती है?

क्या तुम सामनाओं में सोचते हो कौन सा सच यथार्थ है?

तो फिर ढूंढों इन सच्चाइयों को तुम पाओगे

क्या है ईश्वर की इच्छा तुम्हारे लिए।

III

सत्य की खोज और उसका अभ्यास,

सूत्र और सिद्धांत से बस जुड़े रहना जैसा बिलकुल भी नहीं है।

सच कोई समीकरण या कानून नहीं। ये जीवन है और ये जीवित है!

ये एक नियम है जिसे करना चाहिए पालन,

जीवन में जिसकी तुमको ज़रुरत है।

इस विचार का पालन करो अनुभव के माध्यम से।

क्या सच को समझने में तुम्हारी अवस्था भूमिका निभाती है?

क्या तुम सामनाओं में सोचते हो कौन सा सच यथार्थ है?

क्या सच को समझने में तुम्हारी अवस्था भूमिका निभाती है?

क्या तुम सामनाओं में सोचते हो कौन सा सच यथार्थ है?

तो फिर ढूंढों इन सच्चाइयों को तुम पाओगे क्या

है ईश्वर की इच्छा तुम्हारे लिए।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:कोई थाह लगा नहीं सकता परमेश्वर के अधिकार और सामर्थ्य

अगला:परमेश्वर के प्रबंधन कार्य का उद्देश्य

शायद आपको पसंद आये