सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप

परमेश्वर की आवाज़ सुनें और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करें!

सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

इंसान के लिये परमेश्वर के प्रबंधनों का प्रयोजन

I

गर यकीन है तुम्हें परमेश्वर के शासन में,

तो जान लो कुछ भी संयोगवश नहीं होता।

हर चीज़ की व्यवस्था करता है परमेश्वर।

किस लिये करता है परमेश्वर ये सब? अंतिम लक्ष्य क्या है उसका?

ये सब नहीं है तुम्हें उजागर करने के लिये,

ये सब है तुम्हें पूर्ण करने, बचाने के लिये।

कैसे पूर्ण करता है, बचाता है तुम्हें परमेश्वर?

ये सब करता है वो दिखाकर तुम्हें भ्रष्टता तुम्हारी,

प्रकृति, सार और ग़लतियाँ तुम्हारी।

जानकर इन चीज़ों को, तुम निकाल फेंकोगे इन्हें, निकाल फेंकोगे इन्हें।

II

सीख लो इस अवसर को पकड़ना। जान लो इसे तुम्हें पकड़ना ही है।

न टकराओ, न तकरार करो, न विरोध का प्रयास करो।

परमेश्वर की व्यवस्थित हर चीज़ का गर मुकाबला करोगे,

फिर सत्य में प्रवेश करना मुश्किल होगा तुम्हारा।

पालन करो, खोजो, प्रार्थना करो, और आओ सम्मुख परमेश्वर के।

भीतर से अवस्था बदल जाएगी तुम्हारी, सत्य गढ़ा जाएगा तुम में।

तब तरक्की करोगे तुम, जीवन को बदला हुआ पाओगे।

जब ये सच साकार होगा,

तो कद तुम्हारा जीवन का सृजन करेगा, जीवन का सृजन करेगा।

कैसे पूर्ण करता है, बचाता है तुम्हें परमेश्वर?

ये सब करता है वो दिखाकर तुम्हें भ्रष्टता तुम्हारी,

प्रकृति, सार और ग़लतियाँ तुम्हारी।

जानकर इन चीज़ों को, तुम निकाल फेंकोगे इन्हें, निकाल फेंकोगे इन्हें।

"मसीह की बातचीतों के अभिलेख" से

पिछला:पूरा राज्य मनाता है ख़ुशियाँ

अगला:तुम लोगों को सत्य स्वीकार करने वाला बनना चाहिए

शायद आपको पसंद आये

  • परमेश्वर स्वर्ग में है और धरती पर भी

    I परमेश्वर, परमेश्वर। परमेश्वर जब धरती पर होता है, तो इंसानों के दिल में वो व्यवहारिक होता है। स्वर्ग में वो सब जीवों का स्वामी होता है। नदियाँ लांघी…

  • प्रभु यीशु का अनुकरण करो

    I पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को, क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की, इसमें न उसका स्वार्थ था, न योजन…

  • देहधारी परमेश्वर को किसने जाना है

    I चूँकि हो तुम एक नागरिक परमेश्वर के घराने के, चूँकि हो तुम निष्ठावान परमेश्वर के राज्य में, फिर जो कुछ भी तुम करते हो उसे जरूर खरा उतरना चाहिए परमेश्…

  • परमेश्वर ने पाई है महिमा अपनी सभी रचनाओं के बीच

    I पहले की तरह नहीं है आज का वक़्त। अपने सिंहासन से मुस्कुराता है परमेश्वर। जिन पर प्राप्त की है उसने विजय, झुकते हैं उसके सामने, करते हैं उसकी आराध…