सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

`

सर्वशक्तिमान की आहें

I

आह....आह

सर्वशक्तिमान देखते हैं चारो ओर मानव को गहरे दुःख भोगते हुए।

वो सुनते हैं मातम उनका जो पीड़ित हैं,

देखते हैं बेहयाई उन पीड़ितों की,

करते हैं महसूस डर और लाचारी, मानवजाति की जो वंचित है मोक्ष से।

वो नकारते उनकी परवाह को, बढ़ते अपने रास्तों पर,

बचते हैं उनकी खोजती निगाहों से।

बजाय इसके वो चखते हैं कड़वापन सागर की गहराई का, दुश्मन के संग।

बजाय इसके वो चखते हैं कड़वापन सागर की गहराई का, दुश्मन के संग।

II

आहें सर्वशक्तिमान की नहीं सुनी जा सकती किसी से भी।

हाथ सर्वशक्तिमान के अब और नहीं छूना चाहते,

हाथ अब और नहीं छूना चाहते इस पतित मानवजाति को।

बार-बार, फिर से पाना और खोना।

दोहराते हैं अपने काम को ऐसे।

बार-बार, फिर से पाना और खोना।

दोहराते हैं अपने काम को ऐसे।

उसी पल से ही, वो थक और ऊब जाते हैं इन सब से,

तब वो रोक देते हैं अपना काम, बंद करते हैं घूमना लोगों के बीच. ...

किसी ने ना कभी अनुभूति की इन सब की,

किसी ने ना कभी महसूस किया बदलावों को।

कोई जागरूक ना है मायूसी और पीड़ा,

और आने और जाने के बारे में सर्वशक्तिमान के।

III

सब कुछ संसार में तेजी से बदल रहा,

विचारों के साथ उनके, उन ही की नजरों के नीचे।

जिन चीजों का मानव ने कभी ना सुना, सहसा प्रकट हो रही।

लेकिन, जो है उसके पास हमेशा से, अनजाने में खो जा रहा।

कोई ना समझ सकता सर्वशक्तिमान का पता,

और कोई नहीं कर सकता महसूस ऊंचाईयों और महानता

को सर्वशक्तिमान की जीवन शक्ति की।

उनकी महानता इसी में है कि वो जो कर सकते हैं मानव नहीं कर सकते।

उनकी महानता इसी में

है वो ठुकराये जाने के बाद भी मानव से बचाते हैं मानव को,

उनको पता है अर्थ जीवन और मौत का, मानवजीवन के नियमों का।

वे आधार हैं उनके अस्तित्व का, उद्धारक भी हैं उनको फिर से जीवन देने के।

वो खुश दिलों को करते हैं व्यथित और व्यथित दिलो को भरते है ख़ुशी से।

ये सब है उनके काम और योजना के लिए।

ये सब तो है उनके काम और योजना के लिए।

वो खुश दिलों को करते हैं व्यथित और व्यथित दिलो को भरते है ख़ुशी से।

ये सब है उनके काम और योजना के लिए।

ये सब तो है उनके काम और योजना के लिये।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:अन्यजाति के देशों में परमेश्वर का नाम फैलेगा

अगला:केवल सृष्टिकर्ता मानवता पर दया करता है

शायद आपको पसंद आये

प्रश्न 24: तुम यह प्रमाण देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस आ चुका है, कि वह पूरी सच्चाई को अभिव्यक्त करता है जिससे कि लोग शुद्धिकरण प्राप्त कर सकें और बचाए जा सकें, और वर्तमान में वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है, लेकिन हम इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं करते। यह इसलिए है क्योंकि धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का हमें बहुधा यह निर्देश है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में अभिलेखित हैं और बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई और वचन या कार्य नहीं हो सकता है, और यह कि बाइबल के विरुद्ध या उससे परे जाने वाली हर बात विधर्म है। हम इस समस्या को समझ नहीं सकते हैं, तो तुम कृपया इसे हमें समझा दो। केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है