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परमेश्वर के दो देहधारणों के मायने

I

व्यवस्था युग के अंत के बाद, अनुग्रह के युग में,

अपना उद्धार कार्य आरम्भ किया परमेश्वर ने।

पहले देहधारण ने मानव को पाप से छुड़ाया

यीशु मसीह के देह द्वारा।

क्रूस से बचाया यीशु ने उसे पर, उसका शैतानी स्वभाव बना रहा।

अंत के दिनों में,

परमेश्वर मानवजाति को शुद्ध करने के लिए न्याय करता है।

यह होने के बाद ही

वो अंत करेगा अपना उद्धार कार्य और करेगा विश्राम, विश्राम।

II

रहता है मनुष्यों के बीच, उनके दुःख महसूस करता

और अपने वचनों का उपहार उन्हें देता है।

मनुष्य केवल परमेश्वर के देहधारी शरीर को ही स्पर्श कर सकता है।

उसके द्वारा उद्धार और सभी वचनों और सत्य की समझ, पा सकता है।

दूसरा देहधारण, मानव को शुद्ध करने के लिए काफी है,

इस तरह अपने देहधारण के मायने और सभी काम पूरे कर लेगा।

देह में परमेश्वर के काम का अब अंत होगा।

वह फिर से देहधारण नहीं करेगा, नहीं करेगा, नहीं करेगा।

III

इस देहधारण के बाद,

उद्धार और देह में उसके कार्य, खत्म हो जायेंगे।

क्योंकि वो मनुष्यों को छाँट,

अपने चुने हुओं को हासिल कर चुका होगा।

जिन्हें मिल गयी माफ़ी, दूसरा देहधारण उन्हें आज़ाद कर देगा।

स्वभाव बदलेंगे और साफ़ हो जाएंगे।

शैतान के प्रभाव से छूटकर, वे परमेश्वर की गद्दी को लौटेंगे।

शुद्ध होने का यही है तरीका,

हाँ, पूरी तरह शुद्ध होने का बस यही है तरीका,

बस यही है तरीका।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

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परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं प्रश्न 24: तुम यह प्रमाण देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस आ चुका है, कि वह पूरी सच्चाई को अभिव्यक्त करता है जिससे कि लोग शुद्धिकरण प्राप्त कर सकें और बचाए जा सकें, और वर्तमान में वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है, लेकिन हम इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं करते। यह इसलिए है क्योंकि धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का हमें बहुधा यह निर्देश है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में अभिलेखित हैं और बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई और वचन या कार्य नहीं हो सकता है, और यह कि बाइबल के विरुद्ध या उससे परे जाने वाली हर बात विधर्म है। हम इस समस्या को समझ नहीं सकते हैं, तो तुम कृपया इसे हमें समझा दो। केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है