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सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तुम्हें पता होना चाहिए कि व्यावहारिक परमेश्वर ही स्वयं परमेश्वर है"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तुम्हें पता होना चाहिए कि व्यावहारिक परमेश्वर ही स्वयं परमेश्वर है" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के स्वभाव को समझना अति महत्वपूर्ण है"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के स्वभाव को समझना अति महत्वपूर्ण है" परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" (भाग एक)परमेश्वर के कथन "परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है" (भाग एक) परमेश्वर के कथन "तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई" (भाग दो)परमेश्वर के कथन "तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई" (भाग दो) परमेश्वर के कथन "देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर द्वारा उपयोग किए गए लोगों के बीच महत्वपूर्ण अंतर"परमेश्वर के कथन "देहधारी परमेश्वर और परमेश्वर द्वारा उपयोग किए गए लोगों के बीच महत्वपूर्ण अंतर" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तुझे अपने भविष्य मिशन से कैसे निपटना चाहिए"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तुझे अपने भविष्य मिशन से कैसे निपटना चाहिए" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "पृथ्वी के परमेश्वर को कैसे जानें"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "पृथ्वी के परमेश्वर को कैसे जानें" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर सम्पूर्ण सृष्टि का प्रभु है"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर सम्पूर्ण सृष्टि का प्रभु है" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "पद नामों एवं पहचान के सम्बन्ध में" (भाग एक)सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "पद नामों एवं पहचान के सम्बन्ध में" (भाग एक) सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर की इच्छा की समरसता में सेवा कैसे करें"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर की इच्छा की समरसता में सेवा कैसे करें" जो सच्चे हृदय से परमेश्वर के आज्ञाकारी हैं वे निश्चित रूप से परमेश्वर के द्वारा ग्रहण किए जाएँगेजो सच्चे हृदय से परमेश्वर के आज्ञाकारी हैं वे निश्चित रूप से परमेश्वर के द्वारा ग्रहण किए जाएँगे The Word of the Holy Spirit | परमेश्वर के कथन "क्या तुम परमेश्वर के एक सच्चे विश्वासी हो?" (Hindi)The Word of the Holy Spirit | परमेश्वर के कथन "क्या तुम परमेश्वर के एक सच्चे विश्वासी हो?" (Hindi) Warnings of the Last Days From God | "देहधारियों में से कोई भी कोप के दिन से नहीं बच सकता है"(Hindi)Warnings of the Last Days From God | "देहधारियों में से कोई भी कोप के दिन से नहीं बच सकता है"(Hindi) परमेश्वर के कथन "तुम विश्वास के विषय में क्या जानते हो?" What Is True Faith in God?(Hindi)परमेश्वर के कथन "तुम विश्वास के विषय में क्या जानते हो?" What Is True Faith in God?(Hindi) मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना (भाग दो)मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना (भाग दो) परमेश्वर के कथन "तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई" भाग एकपरमेश्वर के कथन "तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई" भाग एक मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना (भाग एक)मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना (भाग एक) मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना (भाग तीन)मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना (भाग तीन) सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "भ्रष्ट मनुष्य परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में अक्षम है"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "भ्रष्ट मनुष्य परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में अक्षम है" परमेश्वर पर विश्वास करना वास्तविकता पर केंद्रित होना चाहिए, न कि धार्मिक रीति-रिवाजों परपरमेश्वर पर विश्वास करना वास्तविकता पर केंद्रित होना चाहिए, न कि धार्मिक रीति-रिवाजों पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" (भाग तीन)सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" (भाग तीन) सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" (भाग दो)सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" (भाग दो) सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "छुटकारे के युग में कार्य के पीछे की सच्ची कहानी"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "छुटकारे के युग में कार्य के पीछे की सच्ची कहानी" सात गर्जनाएँ – भविष्यवाणी करती हैं कि राज्य के सुसमाचार पूरे ब्रह्माण्ड में फैल जाएंगेसात गर्जनाएँ – भविष्यवाणी करती हैं कि राज्य के सुसमाचार पूरे ब्रह्माण्ड में फैल जाएंगे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "प्रतिज्ञाएं उनके लिए जो पूर्ण बनाए जा चुके हैं"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "प्रतिज्ञाएं उनके लिए जो पूर्ण बनाए जा चुके हैं" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" (भाग एक)सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार" (भाग एक) परमेश्वर के कथन "अपनी मंज़िल के लिए तुम्हें अच्छे कर्मों की पर्याप्तता की तैयारी करनी चाहिए"परमेश्वर के कथन "अपनी मंज़िल के लिए तुम्हें अच्छे कर्मों की पर्याप्तता की तैयारी करनी चाहिए" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "जब तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "जब तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सर्वशक्तिमान का आह भरना” | God's waiting of loveसर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "सर्वशक्तिमान का आह भरना” | God's waiting of love सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन: "'सहस्राब्दि राज्य आ चुका है' के बारे में एक संक्षिप्त वार्ता"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन: "'सहस्राब्दि राज्य आ चुका है' के बारे में एक संक्षिप्त वार्ता" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "राज्य का युग वचन का युग है (भाग दो)"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "राज्य का युग वचन का युग है (भाग दो)" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "राज्य का युग वचन का युग है (भाग एक)"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "राज्य का युग वचन का युग है (भाग एक)" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं" परमेश्वर के कथन "देहधारी परमेश्वर की सेवकाई और मनुष्य के कर्तव्य के बीच अंतर भाग एक" (भाग 2)परमेश्वर के कथन "देहधारी परमेश्वर की सेवकाई और मनुष्य के कर्तव्य के बीच अंतर भाग एक" (भाग 2) परमेश्वर के कथन "देहधारी परमेश्वर की सेवकाई और मनुष्य के कर्तव्य के बीच अंतर भाग एक" (भाग 1)परमेश्वर के कथन "देहधारी परमेश्वर की सेवकाई और मनुष्य के कर्तव्य के बीच अंतर भाग एक" (भाग 1) सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या परमेश्वर का कार्य इतना सरल है, जितना मनुष्य कल्पना करता है?"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या परमेश्वर का कार्य इतना सरल है, जितना मनुष्य कल्पना करता है?" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या त्रित्व का अस्तित्व है? (भाग 2)सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या त्रित्व का अस्तित्व है? (भाग 2) सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या त्रित्व का अस्तित्व है? (भाग 1)"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या त्रित्व का अस्तित्व है? (भाग 1)" वह मनुष्य किस प्रकार परमेश्वर के प्रकटनों को प्राप्त कर सकता है जिसने उसे अपनी ही धारणाओं में परिभाषित किया है?वह मनुष्य किस प्रकार परमेश्वर के प्रकटनों को प्राप्त कर सकता है जिसने उसे अपनी ही धारणाओं में परिभाषित किया है? सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या तुम जानते हो? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "क्या तुम जानते हो? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तुम्हें मसीह की अनुकूलता में होने के तरीके की खोज करनी चाहिए"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "तुम्हें मसीह की अनुकूलता में होने के तरीके की खोज करनी चाहिए" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का प्रकटीकरण एक नया युग लाया है"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर का प्रकटीकरण एक नया युग लाया है" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "आज परमेश्वर के कार्य को जानना"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "आज परमेश्वर के कार्य को जानना" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन “उद्धारकर्त्ता पहले से ही एक ‘सफेद बादल’ पर सवार होकर वापस आ चुका है”सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन “उद्धारकर्त्ता पहले से ही एक ‘सफेद बादल’ पर सवार होकर वापस आ चुका है” सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "वास्तविकता को कैसे जानें"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "वास्तविकता को कैसे जानें" सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है"सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है"

वह मनुष्य किस प्रकार परमेश्वर के प्रकटनों को प्राप्त कर सकता है जिसने उसे अपनी ही धारणाओं में परिभाषित किया है?

परमेश्वर के वचन के पाठ   2434  

परिचय

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "वह मनुष्य किस प्रकार परमेश्वर के प्रकटनों को प्राप्त कर सकता है जिसने उसे अपनी ही धारणाओं में परिभाषित किया है?"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं "इतिहास आगे प्रगति करता है, इसलिए परमेश्वर का कार्य भी बढ़ता है, और परमेश्वर की इच्छा निरंतर बदलती रहती है। यह परमेश्वर के लिए अव्यवहारिक होगा कि वह कार्य के एक ही चरण को छः हज़ार साल तक बनाए रखे, क्योंकि मनुष्य यही जानता है कि परमेश्वर हमेशा नया है और कभी पुराना नहीं होता है। वह सम्भवतः सलीब पर चढ़ाने के समान कार्य को बनाए रखना और एक बार, दो बार, तीन बार.....सलीब पर चढ़ाया जाना जारी नहीं रख सका, यह एक विवेकहीन मनुष्य की अनुभूति है। परमेश्वर एक ही कार्य को बनाए नहीं रखता है, और उसका कार्य हमेशा बदलता रहता है और हमेशा नया रहता है, बहुत कुछ ऐसा ही जैसे कि मैं प्रतिदिन तुम लोगों को नए वचन कहता और नया कार्य करता हूँ। यही वह कार्य है जो मैं करता हूँ, जिसकी मुख्य बात "नए" और "चमत्कारिक" शब्दों में निहित है। "परमेश्वर अपरिवर्तनशील है, और परमेश्वर हमेशा परमेश्वर ही रहेगा"; यह कथन वास्तव में सत्य है। परमेश्वर का सार कभी भी नहीं बदलता है, परमेश्वर हमेशा परमेश्वर है, और वह कभी भी शैतान नहीं बन सकता है, परन्तु इनसे यह सिद्ध नहीं होता है कि उसका कार्य उसके सार की तरह ही अचर और अचल है। तुमने घोषणा की कि परमेश्वर इस प्रकार से है, परन्तु तुम किस प्रकार से बता सकते हो कि परमेश्वर हमेशा नया है और कभी भी पुराना नहीं होता है? परमेश्वर का कार्य हमेशा फैलता और निरंतर बदलता रहता है, और परमेश्वर की इच्छा निरंतर व्यक्त होती रहती है और मनुष्य को ज्ञात करवाई जाती रहती है।"

अनुशंसित:सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है"

https://youtu.be/ONbVOphuEAc

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

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