सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप

परमेश्वर की आवाज़ सुनें और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करें!

सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

अंतिम दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ 

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

`

7. एक धोखेबाज व्यक्ति क्या है? धोखेबाज़ लोगों को क्यों नहीं बचाया जा सकता है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:

यदि तुम बहुत धोखेबाज हो, तो तुम्हारे पास एक संरक्षित हृदय होगा और सभी मामलों और सभी लोगों के बारे में संदेह के विचार होंगे। इसी कारण से, मुझ में तुम्हारा विश्वास संदेह कि नींव पर बना है। इस प्रकार के विश्वास को मैं कभी भी स्वीकार नहीं करूँगा। सच्चे विश्वास का अभाव होने पर, तुम सच्चे प्रेम से और भी अधिक दूर होगे। और यदि तुम परमेश्वर पर भी संदेह करने और अपनी इच्छानुसार उसके बारे में अनुमान लगाने में समर्थ हो, तो तुम संदेह से परे मनुष्यों में सबसे सबसे अधिक धोखेबाज हो।

"वचन देह में प्रकट होता है" से "पृथ्वी के परमेश्वर को कैसे जानें" से

जो लोग ईमानदारी से अपना जीवन नहीं जीते हैं, जो दूसरों के सामने होते हैं को किसी ऐसे व्यक्ति के जैसा होने का नाटक करते हैं जो वे नहीं हैं, जो नम्रता, धैर्य और प्रेम का दिखावा करते हैं, जबकि मूल रूप में वे कपटी, धूर्त हैं और परमेश्वर के प्रति उनकी कोई निष्ठा नहीं हैं, ऐसे मनुष्य अंधकार के प्रभाव में रहने वाले लोगों के विशिष्ट नमूने हैं, वे सर्पों के सपोले हैं।

"वचन देह में प्रकट होता है" से "अंधकार के प्रभाव से बच निकलें और आप परमेश्वर द्वारा जीत लिए जाएँगे" से

तुम लोगों को जानना चाहिए कि परमेश्वर एक ईमानदार मनुष्य को पसंद करता है। परमेश्वर के पास निष्ठा का सार है, और इसलिए उसके वचन पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, उसका कार्य दोषरहित और निर्विवाद है। यही कारण है कि क्यों परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो उसके साथ पूरी तरह से ईमानदार हैं। … तुम्हें पता होना चाहिए कि तुम्हारे भीतर सच्चा विश्वास और सच्ची वफादारी है कि नहीं, परमेश्वर के लिए कष्ट उठाने का तुम्हारा कोई अभिलेख है कि नहीं, और तुमने परमेश्वर के प्रति पूरी तरह से समर्पण किया है कि नहीं। यदि तुममें इन बातों का अभाव है, तो तुम्हारे भीतर अवज्ञा, धोखा, लालच, और शिकायत बची है। चूँकि तुम्हारा हृदय ईमानदार नहीं है, इसलिए तुमने कभी भी परमेश्वर से सकारात्मक स्वीकृति प्राप्त नहीं की है और कभी भी प्रकाश में जीवन नहीं बिताया है। अंत में किसी व्यक्ति का भाग्य कैसे सम्पन्न होता है यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसके पास एक ईमानदार और रक्तिम हृदय है कि नहीं, और उसके पास एक शुद्ध आत्मा है कि नहीं। यदि तुम कोई ऐसे व्यक्ति हो जो अत्यधिक बेईमान है, जिसके पास ईर्ष्यालु हृदय है, और कोई ऐसे व्यक्ति हो जिसकी आत्मा अशुद्ध है, तो तुम्हारे भाग्य का अभिलेख निश्चित रूप से ऐसी जगह में है जहाँ मनुष्य को दण्ड दिया जाता है। यदि तुम अत्यधिक ईमानदार होने का दावा करते हो, मगर कभी भी सत्य के अनुसार कार्य करने या सत्य का एक भी वचन बोलने का प्रबंध नहीं करते हो, तो क्या तुम तब भी परमेश्वर से तुम्हें पुरस्कृत किए जाने की प्रतीक्षा करते हो? क्या तुम तब भी परमेश्वर से आशा करते हो कि वह तुम्हें अपनी आँखों के तारे के समान माने? क्या यह सोचने का हास्यास्पद तरीका नहीं है? तुम सभी बातों में परमेश्वर को धोखा देते हो, तो परमेश्वर का घर तुम जैसे किसी को कैसे जगह दे सकता है जिसके हाथ अशुद्ध हैं?

"वचन देह में प्रकट होता है" से "तीन चेतावनियाँ" से

पिछला:एक ईमानदार व्यक्ति क्या होता है? परमेश्वर ईमानदार लोगों को क्यों पसंद करता है?

अगला:ईमानदार व्यक्ति और धोखेबाज व्यक्ति में क्या अंतर है?

शायद आपको पसंद आये

प्रश्न 31: बाइबल में जकर्याह की पुस्तक में, यह भविष्यवाणी की गई है: "यरूशलेम नगर के पूर्व में जैतून पहाड़ है। प्रभु उस दिन उस पहाड़ पर खड़ा होगा।…" परमेश्वर की वापसी निश्चित रूप से यहूदिया में जैतून के पहाड़ पर होगी, और फिर भी तुम गवाही देते हो कि प्रभु यीशु पहले ही वापस आ चुका है, चीन में प्रकट हुआ है और कार्यरत है। चीन एक नास्तिक देश है और यह सबसे अंधकारमय, सबसे पिछड़ा राष्ट्र है जो परमेश्वर को सबसे गंभीर रूप से नकारता है, तो प्रभु की वापसी चीन में कैसे हो सकती है? हम वास्तव में इसको समझ नहीं सकते, इसलिए कृपया हमारे लिए इसका उत्तर दो। परमेश्वर के कार्य के हर चरण और उसके नाम के बीच क्या संबंध है? यह क्यों कहा जाता है कि परमेश्वर का दो बार देहधारी होना देह-धारण की महत्ता को पूरा करता है? अंतिम दिनों में चीन में कार्य करने के लिए परमेश्वर के देह-धारण का उद्देश्य और महत्व क्या है?