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संगीतमय नाटक


सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया, संगीतमय नाटक, उद्धार, उलझन, शून्यता, भ्रष्टाचार, मुखौटा, अध:पतन, बॉल-कक्ष में जीवन

1 नवम्बर, 2015


1:52:17



शिओचेन एक पवित्र, दयालु ईसाई हुआ करती थी, जिसने हमेशा अपने दोस्तों से ईमानदारी से व्यवहार किया हैI हालांकि, लेकिन जब उसके पुराने दोस्तों के अपने फायदे की बात आई, तो उसके पुराने दोस्त उसके दुश्मन बन गएI इस त्रासदी को झेलने के बाद, शिओचेन अपने सच्चे दिल और अपने पुराने सिद्धांतों को छोड़ने पर मजबूर हो गईI वह अपने खुद के अच्छे अंतःकरण और और अच्छी आत्मा को धोखा देने लगी, और बुरी दुनिया के कीचड़ में धँस गई. ... जैसे कि वह नैतिकता के मार्ग से गिर गई जैसे वह अनुग्रह से गिर और अनैतिकता के मार्ग पर चलने लगी, वह दुनिया द्वारा कुचली गई और वह निशानों और घावों से छलनी हो गई थीI जब वह चरमान्त पर पहुंची और मायूसी की हालत में उसने सारी उम्मीदे छोड़ दी, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की ईमानदारी भरी पुकार ने आखिरकार शिओचेन के हृदय और आत्मा को जागृत कर दिया ...

रॉक, पेपर, सिज़र्स

मानवजाति कहाँ से आती है?

क्या आप इस प्रश्न का उत्तर जानते हैं?

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मानवजाति कहाँ से आती है?

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सोने के लिए लड़ाई

जब शिओचेन को सोने का एक बड़ा टुकड़ा मिला, उसने अपने दोस्तों को इसे सांझा करने के लिए बुलायाI लेकिन वह यह नहीं जानती थी कि जब लोग सोना देखते हैं, तो अच्छा और बुरा मानवीय स्वभाव उजागर हो जाता है ...

अच्छाई को त्यागना और बुराई का अनुसरण करना

इस पापी दिलों की दुनिया में जहाँ धन राजा है, सच्ची पवित्र और अच्छी शिओचेन के पास जीवन जीने और अस्तित्व बनाये रखने के लिए क्या विकल्प बचा ...

अच्छाई को त्यागना और बुराई का अनुसरण करना

इस पापी दिलों की दुनिया में जहाँ धन राजा है, सच्ची पवित्र और अच्छी शिओचेन के पास जीवन जीने और अस्तित्व बनाये रखने के लिए क्या विकल्प बचा ...

अध:पतन

बुरी दुनिया और क्रूर वास्तविकता का सामना करते हुए, दुःख में, शिओचेन ने अपनी ईमानदारी को त्याग दिया और एक मुखौटा पहनने के लिए संघर्ष कियाI उसी पल से, वह खो गई थी ...

बॉल-कक्ष में जीवन

मुखौटा पहने जीती हुई, शिओचेन को धीरे-धीरे इस दुनिया ने आत्मसात कर निगल लिया थाI उसने बुरी दुनिया के बुरे तरीकों से के बीच रहते हुए अपनी गरिमा खो दी ...

वापसी

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "जब तुम थके हो और इस संसार में खुद को तन्हा महसूस करने लगो तो, व्याकुल मत होना, रोना मत। सर्वशक्तिमान परमेश्वर, रखवाला, किसी भी समय तुम्हारे आगमन को गले लगा लेगा। वह तुम्हारी राह देख रहा है, वह तुमतुम्हारे लौटने की प्रतीक्षा में बैठा है। वह उस दिन की प्रतीक्षा में है जब तुमतुम्हारी यादाश्त एकाएक लौट आयेगी ..." (वचन देह में प्रकट होता है)

आत्मा खो गई, रोना मत----यहाँ रोशनी है!