अंत के दिनों की खतरे की घंटी

वर्तमान में, हर गुजरते दिन के साथ सार्वजनिक नैतिकता कमजोर पड़ रही है। मानव जाति उतरोत्तर दुष्ट और भ्रष्ट बन गई है। दुनिया भर में आपदाएँ लगातार घटित हो रही हैं। कदाचित दिखने वाली खगोलीय घटनाएँ भी दिखाई दे रही हैं। प्रभु की वापसी के बारे में बाइबल की भविष्यवाणियाँ पहले ही पूरी हो चुकी हैंI प्रभु की वापसी का दिन पहले से ही यहाँ पर है। कई पवित्र ईसाईयों को पहले से ही पूर्वाभास हो गया है कि प्रभु वापिस आ चुका है ...

बाइबल भविष्यवाणी

बाइबल भविष्यवाणी

"क्योंकि उस समय ऐसा भारी क्लेश होगा, जैसा जगत के आरम्भ से न अब तक हुआ और न कभी होगा। यदि वे दिन घटाए न जाते तो कोई प्राणी न बचता, परन्तु चुने हुओं के कारण वे दिन घटाए जाएँगे।" (मत्ती 24:21-22)

"जैसा नूह के दिनों में हुआ था,वैसा ही मनुष्य के पुत्र के दिनों में भी होगा। जिस दिन तक नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते–पीते थे, और उनमें विवाह होते थे। तब जल-प्रलय ने आकर उन सब को नष्‍ट किया। और जैसा लूत के दिनों में हुआ था कि लोग खाते-पीते, लेन-देन करते, पेड़ लगाते और घर बनाते थे;परन्तु जिस दिन लूत सदोम से निकला, उस दिन आग और गन्धक आकाश से बरसी और सब को नष्‍ट कर दिया। मनुष्य के पुत्र के प्रगट होने के दिन भी ऐसा ही होगा।" (लूका 17:26-30)

सिलसिलेवार चार रक्त चन्द्रमा

सिलसिलेवार चार रक्त चन्द्रमा

Blood Moons, the disaster, Bible prophecies, the Lord

अप्रैल 2014 से लेकर 2015 तक, सिलसिलेवार चार रक्त चन्द्रमा, एक कदाचित दिखने वाली घटना, आसमान में दिखाई दिएI इन रक्त चंद्रमाओं की उपस्थिति दो भविष्यवाणियों को पूरा करती हैI इन भविष्यवाणियों में से एक को प्रकाशितवाक्य 6:12 में पाया जा सकता है: "जब उसने छठवीं मुहर खोली, तो मैं ने देखा कि एक बड़ा भूकम्प हुआ, और सूर्य कम्बल के समान काला और पूरा चंद्रमा लहू के समान हो गया।" योएल, 2:29-31 की पुस्तक में, यह निम्नलिखित भविष्यवाणियाँ करता है: "तुम्हारे दास और दासियों पर भी मैं उन दिनों में अपना आत्मा उण्डेलूँगा। मैं आकाश में और पृथ्वी पर चमत्कार, अर्थात् लहू और आग और धूएँ के खम्भे दिखाऊँगा। यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहले सूर्य अन्धियारा होगा और चन्द्रमा रक्‍त सा हो जाएगा।"इन चार रक्त चन्द्रमाओं का लगातार दिखना एक संकेत है कि यहोवा का बड़ा और भयानक दिन जल्द ही आ जाएगा। पैगम्बर योएल और प्रकाशितवाक्य की पुस्तक की भविष्यवाणी के अनुसार, घोर आपदा के आगमन से पहले परमेश्वर का आत्मा बात करेगा। उसके वचन उसके दास और दासियों को सिंचित करेंगेI दूसरे शब्दों में, महान आपदा से पहले, परमेश्वर विजयी लोगों का एक दल बना देगाI तब, अगली भविष्यवाणी कैसे पूरी होगी: "तुम्हारे दास और दासियों पर भी मैं उन दिनों में अपना आत्मा उण्डेलूँगा"?

धार्मिक विश्व की तबाही

धार्मिक विश्व की तबाही

दो हजार साल पहले, जब प्रभु यीशु अपना काम करने के लिए आया था, एक पवित्र मंदिर जहाँ यहोवा की महिमा प्रज्ज्वलित हुई, अकाल से पीड़ित हो गया और चोरों की गुफा बन गयाI आज, धार्मिक दुनिया ने पवित्र आत्मा का कार्य खो दिया है, उजाड़ हो गया है और उतरोत्तर अधर्म का दृश्य बन गया हैI धार्मिक नेता परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करने में विफल हो गए हैं और प्रभु के रास्ते से पूरी तरह से भटककर गुमराह हो गए हैंI क्या यह नहीं दर्शाता कि प्रभु वापस आ गया है और नया कार्य किया गया है?

"जब कटनी के तीन महीने रह गए, तब मैं ने तुम्हारे लिये वर्षा न की; मैं ने एक नगर में जल बरसाकर दूसरे में न बरसाया; एक खेत में जल बरसा, और दूसरा खेत जिस में न बरसा, वह सूख गया। इसलिये दो तीन नगरों के लोग पानी पीने को मारे मारे फिरते हुए एक ही नगर में आए, परन्तु तृप्त न हुए; तौभी तुम मेरी ओर न फिरे" (आमोस 4:7-8)।

प्रभु यीशु का दूसरा आगमन

प्रभु के सार्वजनिक अवरोहण की भविष्यवाणी

"देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है, और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे। हाँ। आमीन। " (प्रकाशितवाक्य 1:7)

"उन दिनों के क्लेश के तुरन्त बाद सूर्य अन्धियारा हो जाएगा, और चन्द्रमा का प्रकाश जाता रहेगा, और तारे आकाश से गिर पड़ेंगे और आकाश की शक्तियाँ हिलाई जाएँगी। तब मनुष्य के पुत्र का चिह्न आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे।" (मत्ती 24:29-30)

"देखो, प्रभु अपने लाखों पवित्रों के साथ आया..." (यहूदा 1:14)

और उनसे कहा, “हे गलीली पुरुषो, तुम क्यों खड़े आकाश की ओर देख रहे हो? यही यीशु, जो तुम्हारे पास से स्वर्ग पर उठा लिया गया है, जिस रीति से तुम ने उसे स्वर्ग को जाते देखा है उसी रीति से वह फिर आएगा।" (प्रेरितों 1:11)

"सूरज, और चाँद, और तारों में चिह्न दिखाई देंगे; और पृथ्वी पर देश-देश के लोगों को संकट होगा, क्योंकि वे समुद्र के गरजने और लहरों के कोलाहल से घबरा जाएँगे। भय के कारण और संसार पर आनेवाली घटनाओं की बाट देखते-देखते लोगों के जी में जी न रहेगा, क्योंकि आकाश की शक्तियाँ हिलाई जाएँगी। तब वे मनुष्य के पुत्र को सामर्थ्य और बड़ी महिमा के साथ बादल पर आते देखेंगे।" (लूका 21:25-27)

प्रभु के गुप्त अवरोहण की भविष्यवाणी

"आधी रात को धूम मची: 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो।'" (मत्ती 25:6)

"यदि तू जागृत न रहेगा तो मैं चोर के समान आ जाऊँगा, और तू कदापि न जान सकेगा कि मैं किस घड़ी तुझ पर आ पड़ूँगा।" (प्रकाशितवाक्य 3:3)

"देख, मैं चोर के समान आता हूँ; धन्य वह है जो जागता रहता है, और अपने वस्त्र की चौकसी करता है कि नंगा न फिरे, और लोग उसका नंगापन न देखें।" (प्रकाशितवाक्य 16:15)

"देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ।" (प्रकाशितवाक्य 3:20)

"क्योंकि जैसे बिजली आकाश के एक छोर से कौंध कर आकाश के दूसरे छोर तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य का पुत्र भी अपने दिन में प्रगट होगा। परन्तु पहले अवश्य है कि वह बहुत दु:ख उठाए, और इस युग के लोग उसे तुच्छ ठहराएँ।" (लूका 17:24-25)

"क्योंकि जैसे बिजली पूर्व से निकलकर पश्चिम तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य के पुत्र का भी आना होगा।" (मत्ती 24:27)

अब, वास्तव में प्रभु अंत के दिनों में कैसे आयेगा? यदि लोग यह मानते हैं कि प्रभु बादलों के साथ वापस आयेगा और,

इस तरह अपनी नज़र हमेशा आकाश की तरफ लगाए उधर ही ताकते रहें, परमेश्वर के गुप्त अवरोहण के पदचिन्ह की खोज न करें,

क्या वे कभी भी प्रभु के आगमन का स्वागत करने में सक्षम होंगे?

प्रासंगिक मूवी क्लिप्स

प्रश्न और उत्तर प्रभु के आगमन की पद्धति के बारे में (गुप्त और सार्वजनिक)

Judgment, the last days, Incarnation, kingdom of heaven

प्रभु ने वादा किया है कि वह हमें स्वर्ग के राज्य में ले जाने के लिए वापस आयेगा, और फिर भी आप साक्षी हैं कि प्रभु पहले ही अंत के दिनों में न्याय का कार्य करने के लिए देहधारी हो चुका हैI बाइबल में की गई भविष्यवाणी के अनुसार, प्रभु बादलों पर अवतरित होगा, पूरी सामर्थ्य और महिमा से भरकर: यह प्रभु के देहधारण के माध्यम से गुप्त आगमन से अलग क्यों है, जिसकी आपने गवाही दी?

सुसमाचार के प्रश्नोत्तर

Second Coming, Lord Jesus, Jesus is the truth the prophesy, word of God, new work name of God, Jesus Christ, kingdom of heaven, the rapture the cross, God's judgement, the last days believe in God, good works, Jesus Christ, salvation

बुद्धिमान कुंवारियां

बाइबल में निम्नलिखित कहानी है: रात के मध्य में, किसी ने कहा "दूल्हा आ गया हैI" बुद्धिमान कुवांरियों ने परमेश्वर की आवाज़ सुनी और दुल्हे को बधाई देने और उसके साथ शादी की दावत में भाग लेने के लिए चली गई, जबकि मूर्ख कुवारियाँ ताला बंद फाटक के दूसरी तरफ थीI अब किस तरह के लोग बुद्धिमान और मुर्ख कुवांरियों की भविष्यवाणी को परिपूर्ण करेंगे?

परमेश्वर की आवाज़ को कैसे पहचानें

बुद्धिमान कुवांरियों में बुद्धिमान क्या है?

प्रभु यीशु ने कहा, "आधी रात को धूम मची : 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो।' "(मत्ती 25:6) प्रकाशितवाक्य की भविष्यवाणी, "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ।" (प्रकाशितवाक्य 3:20) यह प्रभु के आगमन पर स्वर्गारोहण का सही अर्थ हैI यदि आप प्रभु के दूसरे आगमन का स्वागत करना चाहते हैं, तो उसकी आवाज़ सुनने में सक्षम होना मुख्य रूप से महत्वपूर्ण हैI जब परमेश्वर कार्य करते और अपना वचन व्यक्त करता है, बुद्धिमान कुवाँरियाँ उसकी आवाज़ को पहचानने में सक्षम होंगी और इस तरह मेमने की शादी की दावत में जा सकेंगी और सिंहासन के समक्ष स्वर्गारोहण कर सकेंगीI

सुसमाचार की पुस्तकें

परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं

(नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें)

परमेश्वर के कार्य के तीन चरण, उसके नाम, उसके देहधारण का रहस्य, सही तरीके और गलत तरीके के बीच अंतर करना, और परमेश्वर के वचनों की सच्चाई के अन्य दूरदर्शी पहलुओं को इस पुस्तक में संकलित किया गया है ताकि ये चीज़ें जितनी जल्दी हो सके उन नए विश्वासियों में अपनी जड़ें जमा लें जिन्होंने अभी परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किया हैI

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प्रभु की वापसी का स्वागत

The Word Appears in the Flesh Continuation of The Word Appears in the Flesh Utterances of Christ of the Last Days God’s Sheep Hear the Voice of God (New Believer Essentials) Records of Christ’s Talks The Twenty Truths of Bearing Witness to God A Hundred Questions and Answers on Investigating the True Way

वचन देह में प्रकट होता है

सृजन के बाद यह पहली बार था कि परमेश्वर ने समस्त मानव जाति को संबोधित किया था। इससे पहले परमेश्वर ने कभी भी इतने विस्तार से और इतने व्यवस्थित तरीके से निर्मित मानव जाति से बात नहीं की थी। निस्संदेह, यह भी पहली बार ही था कि उन्होंने इतनी अधिक, और इतने लंबे समय तक, मानव जाति से बात की थी। यह पूर्णतः अभूतपूर्व था। इसके अलावा, ये कथन मानवता के बीच परमेश्वर द्वारा व्यक्त किया गया पहला पाठ थे जिसमें उन्होंने लोगों के पापों को उघाड़ा, उनका मार्गदर्शन किया, उनका न्याय किया, और उनसे खुल कर बात की और इसलिए भी, वे पहले कथन थे जिसमें परमेश्वर ने अपने पदचिह्नों को, उस स्थान को जिसमें वे रहते हैं, परमेश्वर के स्वभाव को, परमेश्वर के पास क्या है और वे क्या हैं, परमेश्वर के विचारों को, और मानवता के लिए उनकी चिंता को लोगों को जानने दिया। यह कहा जा सकता है कि ये ही पहले कथन थे जो परमेश्वर ने सृष्टि के बाद तीसरे स्वर्ग से मानव जाति के लिए बोले थे, और पहली बार था कि परमेश्वर ने मानव जाति हेतु शब्दों के बीच अपनी आवाज प्रकट करने और व्यक्त करने के लिए अपनी अंतर्निहित पहचान का उपयोग किया।

वचन देह में प्रकट होता है से आगे जारी

तुम में से प्रत्येक व्यक्ति परमेश्वर में विश्वास करके नए सिरे से अपने जीवन की जांच करके यह देख सकता है कि क्या परमेश्वर को खोजते समय, तुम सच्चे रूप में समझ पाए हो, सच्चे रूप में पूर्णत: समझ गये हो, और सच्चे रूप में परमेश्वर को जाने हो, और यह कि तूम सच्चे रूप में जान गये हो कि, विभिन्न मनुष्यों के प्रति परमेश्वर का मनोभाव क्या है, और यह कि तुम वास्तव में यह समझ गये हो कि परमेश्वर तुम पर क्या कार्य कर रहा है और परमेश्वर कैसे उसके प्रत्येक कार्य को व्यक्त करता है।

अंतिम दिनों के मसीह के कथन (संकलन)

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों के यीशु, लोगों का न्याय करने व उन्हें शुद्ध करने के लिए, और उन्हें नए युग—राज्य का युग—में ले जाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए वचन बोलते हैं। मसीह के प्रभुत्व के अधीन सभी आज्ञाकारी लोग उच्चतम सत्य का आनंद ले पाएँगे, अधिक आशीर्वाद ले पाएँगे, वास्तव में प्रकाश में पाएँगे, और साथ ही सत्य, मार्ग, और जीवन को भी प्राप्त करेंगे।

मसीह की बातचीतों के अभिलेख

यह पुस्तक मनुष्य के सत्व और मनुष्य की वर्तमान स्थिति की ओर संकेत करती है, स्पष्ट रूप से उन लक्ष्यों को निर्दिष्ट करती है मनुष्य को जिनका अनुसरण करना चाहिए, और मानव प्रकृति से जुड़े मुद्दों का समाधान करती है।

परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें)

परमेश्वर के कार्य के तीन चरण, उनके नाम, उनके देह धारण का रहस्य, सही मार्ग और गलत मार्ग के बीच भेद कैसे करें, तथा परमेश्वर के वचनों के सत्य के अन्य दूरदर्शी पहलुओं इस पुस्तक में संकलित किए गए हैं इसलिए इन चीजें को वे नए विश्वासियों यथासंभव शीघ्रता से ग्रहण शायद न कर पाएँ जिन्होंने अभी-अभी अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को स्वीकारा है।

राज्य के सुसमाचार पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उत्कृष्ट वचन (संकलन)

इस पुस्तक में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उत्कृष्ट वचनों से संकलन शामिल किए गए हैं और उन सभी लोगों के लिए गवाही देते हैं जो बहुत पहले से परमेश्वर के प्रकटन के लिए उद्धारक के सफेद बादलों पर लौटने की आशा और प्रार्थना करते हैं, और राज्य के युग में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकटन और कार्य की गवाही देते हैं। यह इस बात को पहचानने में मानवजाति की अगुआई करती है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर और प्रभु यीशु एक ही परमेश्वर है—वह प्रकाशित वाक्य की पुस्तक में भविष्यवाणी किया गया मेमना है, जिसने पुस्तक और सात मुहरों को खोल दिया है।

सच्चे मार्ग की खोजबीन पर एक सौ प्रश्न और उत्तर

सर्वशक्तिमान परमेश्वर—अंत के दिनों के मसीह के वचन और यीशु की वापसी—परमेश्वर के प्रकटन और कार्य की गवाही देते हैं और मानवता के लिए उसके उद्धार की परमेश्वर की छः-हजार-वर्षीय प्रबंधन योजना के रहस्यों का अनावरण करते हैं। इस पुस्तक में, अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य के बारे में सभी धर्मों के लोगों के और उन लोगों के जो सच्चे मार्ग के प्यासे हैं और उसकी खोज करते हैं, प्रश्नों का समाधान करने के लिए अंत के दिनों के मसीह द्वारा व्यक्त की गई सच्चाईयों से संकलन किए गए हैं, जो लोगों को यह देखने देते हैं कि उसके वचन ही सत्य, मार्ग और जीवन हैं।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की अभिव्यक्ति,

"परमेश्वर का प्रकटीकरण एक नया युग लाया है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर का प्रकट होना पृथ्वी पर कार्य करने के लिए उसके व्यक्तिगत आगमन को दर्शाता है। उसकी स्वयं की पहचान और स्वभाव के साथ, और उसके निहित विधि में, वह एक युग की शुरुआत और एक युग के समाप्त होने के कार्य का संचालन करने के लिए मनुष्यों के बीच में उतरता है। इस प्रकार का प्रकट होना किसी समारोह का रूप नहीं है। यह एक संकेत नहीं है, एक चित्र, एक चमत्कार, या एक भव्यदर्शन नहीं है, और उससे भी कम यह एक धार्मिक प्रक्रिया भी नहीं है। यह एक असली और वास्तविक तथ्य है जिसको छुआ और देखा जा सकता है। इस तरह का प्रकट होना किसी प्रक्रिया का अनुसरण करने के लिए नहीं है, और न ही एक अल्पकालिक उपक्रम के लिए; बल्कि यह, उसकी प्रबंधन योजना में कार्य करने के स्तर के लिए है।"सम्पूर्ण पाठ >

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की अभिव्यक्ति,

"राज्य का युग वचन का युग है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "राज्य के युग में, परमेश्वर नए युग की शुरूआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने, और संपूर्ण युग में काम करने के लिये अपने वचन का उपयोग करता है। वचन के युग में यही वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा परमेश्वर कार्य करता है। वह देहधारी हुआ ताकि विभिन्न दृष्टिकोणों से बातचीत कर सके, मनुष्य वास्तव में परमेश्वर को देख सके, जो देह में प्रकट होने वाला वचन है, और उसकी बुद्धि और आश्चर्य को जान सके। उसने यह कार्य इसलिए किये ताकि वह मनुष्यों को जीतने, उन्हें पूर्ण बनाने और ख़त्म करने के लक्ष्यों को बेहतर ढंग से हासिल कर सके। वचन के युग में वचन को उपयोग करने का यही वास्तविक अर्थ है।… परमेश्वर ने संसार की सृष्टि वचन से की, समस्त ब्रह्माण्ड में मनुष्य की अगुवाई वचन के द्वारा करता है, उन्हें वचन के द्वारा जीतता और उद्धार करता है। अंत में, वह इसी वचन के द्वारा समस्त प्राचीन जगत का अंत कर देगा। केवल तब उसके प्रबंधन की योजना पूरी होगी।"सम्पूर्ण पाठ >

देहधारण का रहस्य

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की अभिव्यक्ति,

"देहधारण के महत्व को दो देहधारण पूरा करते हैं"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "यीशु और मैं एक ही पवित्रात्मा से आते हैं। यद्यपि हमारी देहों का कोई सम्बंध नहीं है, किन्तु हमारी पवित्रात्माएँ एक ही हैं; यद्यपि हम जो करते हैं और जिस कार्य को हम वहन करते हैं वे एक ही नहीं हैं, तब भी सार रूप में हम सदृश्य हैं; हमारी देहें भिन्न रूप धारण करती हैं, और यह ऐसा युग में परिवर्तन और हमारे कार्य की आवश्यकता के कारण है; हमारी सेवकाईयाँ सदृश्य नहीं हैं, इसलिए जो कार्य हम लाते और जिस स्वभाव को हम मनुष्य पर प्रकट करते हैं वे भी भिन्न हैं। यही कारण है कि आज मनुष्य जो देखता और प्राप्त करता है वह अतीत के असमान है; ऐसा युग में बदलाव के कारण है। यद्यपि उनकी देहों के लिंग और रूप भिन्न-भिन्न हैं, और यद्यपि वे दोनों एक ही परिवार में नहीं जन्मे थे, उसी समयावधि में तो बिल्कुल नहीं, किन्तु उनकी पवित्रात्माएँ एक हैं। यद्यपि उनकी देहें किसी भी तरीके से रक्त या शारीरिक सम्बंध साझा नहीं करती हैं, किन्तु इससे यह इनकार नहीं होता है कि वे भिन्न-भिन्न समयावधियों में परमेश्वर के देहधारी शरीर हैं।"सम्पूर्ण पाठ >

परमेश्वर को जानने का मार्ग

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की अभिव्यक्ति,

"परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है"

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "कार्य के तीनों चरण परमेश्वर के प्रबंधन का मुख्य केन्द्र हैं और उनमें परमेश्वर का स्वभाव और वह क्या है व्यक्त होते हैं। जो परमेश्वर के कार्य के तीनों चरणों के बारे में नहीं जानते हैं वे यह जानने में अक्षम हैं कि परमेश्वर कैसे अपने स्वभाव को व्यक्त करता है, न ही वे परमेश्वर के कार्य की बुद्धि को जानते हैं, और वे उन कई मार्गों जिनके माध्यम से वह मानवजाति को बचाता है, और सम्पूर्ण मानवजाति के लिए उसकी इच्छा से अनभिज्ञ रहता है। कार्य के तीनों चरण मानवजाति को बचाने के कार्य की पूर्ण अभिव्यक्ति हैं। जो लोग कार्य के तीन चरणों के बारे में नहीं जानते हैं वे पवित्र आत्मा के कार्य के विभिन्न तरीकों और सिद्धान्तों से अनभिज्ञ होंगे; जो लोग केवल सख्ती से उन सिद्धांत से चिपके रहते हैं जो कार्य के एक चरण से शेष रहता है ये वे लोग हैं जो परमेश्वर को सिद्धांत तक सीमित कर देते हैं, और परमेश्वर में उनका विश्वास अस्पष्ट और अनिश्चित होता है। ऐसे लोग परमेश्वर के उद्धार को कभी भी प्राप्त नहीं करेंगे।"सम्पूर्ण पाठ >

मूवी क्लीप्स

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