01प्रभु की वापसी की भविष्यवाणियां मूलतः पूरी हो गयी हैं, इसने अंत के दिनों की खतरे की घंटी बजा दी है

मानवजाति का भ्रष्टाचार और बुराई अब सिर चढ़ आयी है और प्रभु की वापसी के बारे में बाइबल की भविष्यवाणियां वास्तव में पूरी हो गई हैं। पूरी दुनिया में आपदाएं अधिक से अधिक गंभीर होती जा रही हैं: भूकंप, महामारी, अकाल, और युद्ध लगातार हो रहे हैं, आकाश में भी दुर्लभ घटनाएं सामने आयी हैं। प्रभु की वापसी के दिन आ गये हैं, और कई धर्मनिष्ठ ईसाईयों का यह मानना है कि वह पहले ही वापस आ गया है...

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"जैसा नूह के दिनों में हुआ था, वैसा ही मनुष्य के पुत्र के दिनों में भी होगा। जिस दिन तक नूह जहाज पर न चढ़ा, उस दिन तक लोग खाते–पीते थे, और उनमें विवाह होते थे। तब जल-प्रलय ने आकर उन सब को नष्‍ट किया। और जैसा लूत के दिनों में हुआ था कि लोग खाते-पीते, लेन-देन करते, पेड़ लगाते और घर बनाते थे; परन्तु जिस दिन लूत सदोम से निकला, उस दिन आग और गन्धक आकाश से बरसी और सब को नष्‍ट कर दिया। मनुष्य के पुत्र के प्रगट होने के दिन भी ऐसा ही होगा" (लूका 17:26-30)।

"क्योंकि जाति पर जाति, और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, और जगह जगह अकाल पड़ेंगे, और भूकम्प होंगे। ये सब बातें पीड़ाओं का आरम्भ होंगी" (मत्ती 24:7-8)।

"मैं आकाश में और पृथ्वी पर चमत्कार, अर्थात् लहू और आग और धूएँ के खम्भे दिखाऊँगा। यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहले सूर्य अन्धियारा होगा और चन्द्रमा रक्‍त सा हो जाएगा" (योएल 2:30-31)।

"जब उसने छठवीं मुहर खोली, तो मैं ने देखा कि एक बड़ा भूकम्प हुआ, और सूर्य कम्बल के समान काला और पूरा चंद्रमा लहू के समान हो गया। आकाश के तारे पृथ्वी पर ऐसे गिर पड़े जैसे बड़ी आँधी से हिलकर अंजीर के पेड़ में से कच्‍चे फल झड़ते हैं" (प्रकाशितवाक्य 6:12-13)।

02प्रभु यीशु की वापसी के दो रास्ते हैं

प्रभु की वापसी के बारे में बाइबल की भविष्यवाणियों में सिर्फ़ उसका बादलों पर खुले तौर पर आना ही शामिल नहीं है, बल्कि एक चोर के रूप में गुप्त रूप से आना भी शामिल है। तो फिर, ये दोनों भविष्यवाणियां कैसे पूरी होंगी? अगर हम सिर्फ़ बादलों पर प्रभु के आने की प्रतीक्षा करते हैं, और एक चोर के रूप में उसके आने की भविष्यवाणी को अनदेखा कर देते हैं, तो क्या हम प्रभु के आगमन का स्वागत कर पायेंगे?

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"तुम भी तैयार रहो; क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते भी नहीं, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा" (लूका 12:40)।

"देख, मैं चोर के समान आता हूँ " (प्रकाशितवाक्य 16:15)।

"देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ" (प्रकाशितवाक्य 3:20)।

"आधी रात को धूम मची: 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो'" (मत्ती 25:6)।

"क्योंकि जैसे बिजली आकाश के एक छोर से कौंध कर आकाश के दूसरे छोर तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य का पुत्र भी अपने दिन में प्रगट होगा। परन्तु पहले अवश्य है कि वह बहुत दु:ख उठाए, और इस युग के लोग उसे तुच्छ ठहराएँ" (लूका 17:24-25)।

"देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है, और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे। हाँ। आमीन" (प्रकाशितवाक्य 1:7)।

"तब मनुष्य के पुत्र का चिह्न आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्‍वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे" (मत्ती 24:30)।

03उद्धारकर्ता सत्य को व्यक्त करने और परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को पूरा करने के लिए गुप्त रूप से पहले ही आ गया है

दो हजार साल पहले, प्रभु यीशु ने अपनी वापसी की भविष्यवाणी की थी, और अब प्रभु की वापसी की भविष्यवाणियां मूलतः पूरी हो चुकी हैं। प्रभु यीशु, हमारा बहुप्रतीक्षित उद्धारकर्ता, गुप्त रूप से आ गया है, और वह अंत के दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को पूरा किया है, परमेश्वर की छह हजार साल की प्रबंधन योजना के रहस्यों का खुलासा किया है, मानवजाति को शुद्ध करने और बचाने के लिये सभी सत्य व्यक्त किये हैं; उसने हम मनुष्यों के सामने, परमेश्वर के पवित्र और धार्मिक सार के साथ-साथ उसके प्रतापी और क्रोधी स्वभाव को प्रकट किया है जो किसी भी अपराध को सहन नहीं करेगा। उसने मानवजाति को उनके भ्रष्ट स्वभावों से पूरी तरह बचाने, उन्हें शैतान के प्रभाव से मुक्त होने में मदद करने, आपदा से पहले विजेताओं का एक समूह बनाने, और अंत में मानवजाति को उनकी ख़ूबसूरत मंज़िल पर पहुंचाने के लिये ऐसा किया है।

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"मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा" (यूहन्ना 16:12-13)।

"जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है" (प्रकाशितवाक्य 2:29)।

"यदि कोई मेरी बातें सुनकर न माने, तो मैं उसे दोषी नहीं ठहराता; क्योंकि मैं जगत को दोषी ठहराने के लिये नहीं, परन्तु जगत का उद्धार करने के लिये आया हूँ। जो मुझे तुच्छ जानता है और मेरी बातें ग्रहण नहीं करता है उसको दोषी ठहरानेवाला तो एक है: अर्थात् जो वचन मैं ने कहा है, वही पिछले दिन में उसे दोषी ठहराएगा" (यूहन्ना 12:47-48)।

"क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्‍वर के लोगों का न्याय किया जाए" (1 पतरस 4:17)।

"फिर मैं ने एक और स्वर्गदूत को आकाश के बीच में उड़ते हुए देखा, जिसके पास पृथ्वी पर के रहनेवालों की हर एक जाति, और कुल, और भाषा, और लोगों को सुनाने के लिये सनातन सुसमाचार था। उसने बड़े शब्द से कहा, 'परमेश्‍वर से डरो, और उसकी महिमा करो, क्योंकि उसके न्याय करने का समय आ पहुँचा है; और उसका भजन करो, जिसने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जल के सोते बनाए'" (प्रकाशितवाक्य 14:6-7)।

04प्रभु द्वार खटखटा रहा है—बुद्धिमान कुंवारी बनें और उसकी वापसी का स्वागत करें

प्रकाशितवाक्य की पुस्तक यह भविष्यवाणी करती है, "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ" (प्रकाशितवाक्य 3:20)। प्रभु यीशु ने कहा था, "मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं" (यूहन्ना 10:27)। यह स्पष्ट है कि अंत के दिनों में, परमेश्वर मानवता का द्वार खटखटा रहा है और वचनों के कथन के माध्यम से अपनी भेड़ों की तलाश कर रहा है। वे चतुर कुंवारियां जो वास्तव में परमेश्वर में विश्वास करती हैं और सत्य के लिए तरसती हैं, किसी भी शक्ति से अबाधित रहकर, खुले मन से अंत के दिनों के परमेश्वर के प्रकटन और कार्य की तलाश और जांच करने में सक्षम होती हैं, इसलिए उन्होंने परमेश्वर की वाणी को सुना है और प्रभु का स्वागत किया है। सिर्फ़ यही लोग परमेश्वर के सिंहासन के सामने उठाये जाने और प्रभु के साथ विशेष दावत में शामिल होने के हकदार हैं।

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"तब स्वर्ग का राज्य उन दस कुँवारियों के समान होगा जो अपनी मशालें लेकर दूल्हे से भेंट करने को निकलीं। उनमें पाँच मूर्ख और पाँच समझदार थीं। मूर्खों ने अपनी मशालें तो लीं, परन्तु अपने साथ तेल नहीं लिया; परन्तु समझदारों ने अपनी मशालों के साथ अपनी कुप्पियों में तेल भी भर लिया। जब दूल्हे के आने में देर हुई, तो वे सब ऊँघने लगीं और सो गईं। आधी रात को धूम मची : 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो।' तब वे सब कुँवारियाँ उठकर अपनी मशालें ठीक करने लगीं। और मूर्खों ने समझदारों से कहा, 'अपने तेल में से कुछ हमें भी दो, क्योंकि हमारी मशालें बुझी जा रही हैं।' परन्तु समझदारों ने उत्तर दिया, 'कदाचित् यह हमारे और तुम्हारे लिये पूरा न हो; भला तो यह है कि तुम बेचनेवालों के पास जाकर अपने लिये मोल ले लो।' जब वे मोल लेने को जा रही थीं तो दूल्हा आ पहुँचा, और जो तैयार थीं, वे उसके साथ विवाह के घर में चली गईं और द्वार बन्द किया गया" (मत्ती 25:1-10)।

"देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ" (प्रकाशितवाक्य 3:20)।

"जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है" (प्रकाशितवाक्य 2:29)।

"मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं" (यूहन्ना 10:27)।

"माँगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूँढ़ो तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। 8क्योंकि जो कोई माँगता है, उसे मिलता है; और जो ढूँढ़ता है, वह पाता है; और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा" (मत्ती 7:7-8)।

संदर्भ के लिए लेख

प्रभु यीशु की वापसी से संबंधित बाइबल की 6 भविष्यवाणियाँ पूरी की जा चुकी हैं

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बाइबल की भविष्यवाणियां पूरी हो चुकी हैं: यीशु के आगमन का स्वागत कैसे करें

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अंत के दिन आ गये हैं: यीशु के द्वितीय आगमन की भविष्यवाणियाँ कैसे पूरी हो रही हैं?

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