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I、अंतिम दिनों के मसीह के कथन
परमेश्वर वचन देह में प्रकट होता है

सृजन के बाद यह पहली बार था कि परमेश्वर ने समस्त मानव जाति को संबोधित किया था। इससे पहले परमेश्वर ने कभी भी इतने विस्तार से और इतने व्यवस्थित तरीके से निर्मित मानव जाति से बात नहीं की थी। निस्संदेह, यह भी पहली बार ही था कि उन्होंने इतनी अधिक, और इतने लंबे समय तक, मानव जाति से बात की थी। यह पूर्णतः अभूतपूर्व था। इसके अलावा, ये कथन मानवता के बीच परमेश्वर द्वारा व्यक्त किया गया पहला पाठ थे जिसमें उन्होंने लोगों के पापों को उघाड़ा, उनका मार्गदर्शन किया, उनका न्याय किया, और उनसे खुल कर बात की और इसलिए भी, वे पहले कथन थे जिसमें परमेश्वर ने अपने पदचिह्नों को, उस स्थान को जिसमें वे रहते हैं, परमेश्वर के स्वभाव को, परमेश्वर के पास क्या है और वे क्या हैं, परमेश्वर के विचारों को, और मानवता के लिए उनकी चिंता को लोगों को जानने दिया। यह कहा जा सकता है कि ये ही पहले कथन थे जो परमेश्वर ने सृष्टि के बाद तीसरे स्वर्ग से मानव जाति के लिए बोले थे, और पहली बार था कि परमेश्वर ने मानव जाति हेतु शब्दों के बीच अपनी आवाज प्रकट करने और व्यक्त करने के लिए अपनी अंतर्निहित पहचान का उपयोग किया।

परमेश्वर वचन देह में प्रकट होता है से आगे जारी

तुम में से प्रत्येक व्यक्ति परमेश्वर में विश्वास करके नए सिरे से अपने जीवन की जांच करके यह देख सकता है कि क्या परमेश्वर को खोजते समय, तुम सच्चे रूप में समझ पाए हो, सच्चे रूप में पूर्णत: समझ गये हो, और सच्चे रूप में परमेश्वर को जाने हो, और यह कि तूम सच्चे रूप में जान गये हो कि, विभिन्न मनुष्यों के प्रति परमेश्वर का मनोभाव क्या है, और यह कि तुम वास्तव में यह समझ गये हो कि परमेश्वर तुम पर क्या कार्य कर रहा है और परमेश्वर कैसे उसके प्रत्येक कार्य को व्यक्त करता है।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंतिम दिनों के मसीह के कथन - संकलन

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंत के दिनों के यीशु, लोगों का न्याय करने व उन्हें शुद्ध करने के लिए, और उन्हें नए युग—राज्य का युग—में ले जाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए वचन बोलते हैं। मसीह के प्रभुत्व के अधीन सभी आज्ञाकारी लोग उच्चतम सत्य का आनंद ले पाएँगे, अधिक आशीर्वाद ले पाएँगे, वास्तव में प्रकाश में पाएँगे, और साथ ही सत्य, मार्ग, और जीवन को भी प्राप्त करेंगे।

परमेश्वर परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें)

परमेश्वर के कार्य के तीन चरण, उनके नाम, उनके देह धारण का रहस्य, सही मार्ग और गलत मार्ग के बीच भेद कैसे करें, तथा परमेश्वर के वचनों के सत्य के अन्य दूरदर्शी पहलुओं इस पुस्तक में संकलित किए गए हैं इसलिए इन चीजें को वे नए विश्वासियों यथासंभव शीघ्रता से ग्रहण शायद न कर पाएँ जिन्होंने अभी-अभी अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य को स्वीकारा है।

मसीह मसीह की बातचीतों के अभिलेख

यह पुस्तक मनुष्य के सत्व और मनुष्य की वर्तमान स्थिति की ओर संकेत करती है, स्पष्ट रूप से उन लक्ष्यों को निर्दिष्ट करती है मनुष्य को जिनका अनुसरण करना चाहिए, और मानव प्रकृति से जुड़े मुद्दों का समाधान करती है।

मसीह अंतिम दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंतिम दिनों के मसीह, ने कई सच्चाइयों को व्यक्त किया है, बाइबल की हर सच्चाई और रहस्य का खुलासा किया है, और मानव जाति को परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों की अंदर की कहानी के बारे में, परमेश्वर के देह-धारण के रहस्य और परमेश्वर के आखिरी दिनों में न्याय के कार्य इत्यादि के बारे में बताया है। इससे यह बात प्रमाणित होती है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रभु  यीशु की वापसी है और वह अंतिम दिनों में परमेश्वर का प्रकटन है।

यीशु सच्चे मार्ग की खोजबीन पर एक सौ प्रश्न और उत्तर

सर्वशक्तिमान परमेश्वर—अंत के दिनों के मसीह के वचन और यीशु की वापसी—परमेश्वर के प्रकटन और कार्य की गवाही देते हैं और मानवता के लिए उसके उद्धार की परमेश्वर की छः-हजार-वर्षीय प्रबंधन योजना के रहस्यों का अनावरण करते हैं। इस पुस्तक में, अंत के दिनों में परमेश्वर के कार्य के बारे में सभी धर्मों के लोगों के और उन लोगों के जो सच्चे मार्ग के प्यासे हैं और उसकी खोज करते हैं, प्रश्नों का समाधान करने के लिए अंत के दिनों के मसीह द्वारा व्यक्त की गई सच्चाईयों से संकलन किए गए हैं, जो लोगों को यह देखने देते हैं कि उसके वचन ही सत्य, मार्ग और जीवन हैं।

परमेश्वर की आवाज को सुनना मसीह को जानना
प्रश्न 1: हमारा मानना है कि परमेश्वर की वापसी का अर्थ है कि विश्वासियों को सीधे स्वर्ग के राज्य में उठा लिया जाता है, क्योंकि यह बाइबल में लिखा हुआ है: "तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे उनके साथ बादलों पर उठा लिये जाएँगे कि हवा में प्रभु से मिलें; और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे" (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। तुम प्रमाणित कर रहे हो कि प्रभु यीशु वापस आ गया है, तो हम अब पृथ्वी पर क्यों हैं और अभी तक स्वर्गारोहित क्यों नहीं हुए हैं? प्रश्न 5: धार्मिक पादरी और प्राचीन लोग अक्सर विश्वासियों के लिए ऐसा प्रचार करते हैं कि कोई भी उपदेश जो कहता है कि प्रभु देह में आ गया है, वह झूठा है। वे बाइबल की इन पंक्तियों को इसका आधार बनाते हैं: "उस समय यदि कोई तुम से कहे, 'देखो, मसीह यहाँ है!' या 'वहाँ है!' तो विश्‍वास न करना। क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्‍ता उठ खड़े होंगे, और बड़े चिह्न, और अद्भुत काम दिखाएँगे कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी भरमा दें" (मत्ती 24: 23-24)। अब हमें कुछ पता नहीं है कि हमें सच्चे मसीह को झूठों से कैसे अलग पहचानना चाहिए, इसलिए कृपया इस प्रश्न का उत्तर दो। प्रश्न 6: परमेश्वर यीशु देहधारी परमेश्वर था और कोई भी इस से इन्कार नहीं कर सकता। अब तुम यह गवाही दे रहे हो कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही देह में लौटा हुआ प्रभु यीशु है, परन्तु धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का कहना है कि तुम जिसमें विश्वास करते हो वह सिर्फ एक व्यक्ति है, वे कहते हैं कि तुम लोगों को धोखा दिया गया है, और हम इसका भेद समझ नहीं पाते हैं। उस समय जब प्रभु यीशु देह बना और छुटकारे का कार्य करने के लिए आया, यहूदी फरीसियों ने भी कहा कि प्रभु यीशु केवल एक व्यक्ति था, कि जो कोई भी उस पर विश्वास करता था, वह धोखा खा रहा था। इसलिए, हम देह-धारण के बारे में सच्चाई के इस पहलू का अनुसरण करना चाहते हैं। वास्तव में देह-धारण क्या होता है? और देह-धारण का सार क्या है? कृपया हमारे लिए इस बारे में सहभागिता करो। प्रश्न 8: अनुग्रह के युग में, परमेश्वर मानवजाति की पाप-बलि के रूप में सेवा करने के लिए देह बना, और पापों से उन्हें बचा लिया। अंतिम दिनों में परमेश्वर सच्चाई को प्रकट करने और न्याय के अपने कार्य को करने के लिए देह फिर से बन गया है, ताकि मनुष्य को पूरी तरह से शुद्ध किया जा सके और बचाया जा सके। तो मानव जाति को बचाने का कार्य करने के लिए परमेश्वर को दो बार देह-धारण की आवश्यकता क्यों पड़ती है? और परमेश्वर का दो बार देह-धारण करने का वास्तविक महत्व क्या है? प्रश्न 9: यह स्पष्ट रूप से बाइबल में लिखा है कि प्रभु यीशु मसीह है, परमेश्वर का पुत्र है, और वे सभी लोग जो प्रभु में विश्वास करते हैं, वे भी मानते हैं कि प्रभु यीशु मसीह है और वह परमेश्वर का पुत्र है। और फिर भी तुम यह गवाही दे रहे हो कि देहधारी मसीह परमेश्वर का प्रकटन है, कि वह खुद परमेश्वर है। तुम कृपया हमें यह बताओगे कि क्या देहधारी मसीह वास्तव में परमेश्वर का पुत्र है, या स्वयं परमेश्वर है? प्रश्न 10: तुम इसका प्रमाण प्रस्तुत करते हो कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर सत्य को अभिव्यक्त करता है और अंतिम दिनों में न्याय का अपना कार्य करता है। मुझे लगता है कि प्रभु यीशु में हमारा विश्वास और पवित्र आत्मा के कार्य की स्वीकृति का मतलब है कि हमने पहले से ही परमेश्वर के न्याय का अनुभव किया है। सबूत के तौर पर यहाँ प्रभु यीशु के वचन दिए गए हैं: "क्योंकि यदि मैं न जाऊँ तो वह सहायक तुम्हारे पास न आएगा; परन्तु यदि मैं जाऊँगा, तो उसे तुम्हारे पास भेजूँगा। वह आकर संसार को पाप और धार्मिकता और न्याय के विषय में निरुत्तर या कायल करेगा" (योहन 16:7-8)। हमारा मानना है कि, हालांकि प्रभु यीशु का कार्य छुटकारे का कार्य था, जब वह स्वर्ग तक पहुंच गया तो पेन्तेकोस्त के दिन, पवित्र आत्मा उतर आया और उसने मनुष्यों पर काम किया: "पाप और धार्मिकता और न्याय के विषय में निरुत्तर या कायल करेगा"। यह आखिरी दिनों में परमेश्वर के न्याय का कार्य होना चाहिए, इसलिए मैं जिस बात का अनुसरण करना चाहता हूँ, वो यह है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा अंतिम दिनों में किए गए न्याय के कार्य और प्रभु यीशु के कार्य के बीच वास्तव में क्या भिन्नताएँ हैं?