बाइबल की भविष्यवाणियां पूरी हो चुकी हैं: यीशु के आगमन का स्वागत कैसे करें

03 मार्च, 2020

लेखक: एन्युआन, फ़िलीपींस

सूचीपत्र

प्रभु का आगमन कैसे होगा?

लौटकर आने पर प्रभु कौन सा काम करेगा?

प्रभु की वापसी का स्वागत कैसे करें

बाइबल की भविष्यवाणियां पूरी हो चुकी हैं

दो हज़ार साल पहले, प्रभु के अनुयायियों ने यीशु से पूछा, "तेरे आने का और जगत के अन्त का क्या चिह्न होगा?" (मत्ती 24:3)। प्रभु यीशु ने जवाब दिया, "तुम लड़ाइयों और लड़ाइयों की चर्चा सुनोगे, तो घबरा न जाना क्योंकि इन का होना अवश्य है, परन्तु उस समय अन्त न होगा। क्योंकि जाति पर जाति, और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, और जगह जगह अकाल पड़ेंगे, और भूकम्प होंगे। ये सब बातें पीड़ाओं का आरम्भ होंगी" (मत्ती 24:6-8)। आज, दुनिया भर में ज़्यादा से ज़्यादा आपदाएं आ रही हैं। एक-एक करके भूकंप, महामारी, अकाल, युद्ध और बाढ़ की घटनाएं हो रही हैं। साल 2019 के अंत में, चीन के वुहान प्रांत में एक नए तरह का कोरोना वायरस फ़ैल गया है। इसके फ़ैलने की रफ़्तार खतरनाक है। कुछ ही महीनों में, इसके मामले पूरे देश में फ़ैल गए हैं, चीन तुरंत अस्त-व्यस्त हो गया। एक-एक करके कई प्रांतों, शहरों और गाँवों का संगरोधन किया जा रहा है, क्योंकि मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह वाइरस दुनिया भर के बीस से ज़्यादा अन्य देशों में भी फ़ैल गया है। इन सब से ऊपर, सितंबर 2019 और जनवरी 2020 के बीच, ऑस्ट्रेलिया में फ़ैली जंगल की आग ने 5,900 से ज़्यादा इमारतों को नष्ट कर दिया है और एक अरब से ज़्यादा जानवरों को मार डाला है। जनवरी 2020 में, कुछ महाद्वीपों में ऐसी मूसलाधार बारिश हुई जो सदियों में एक बार आती है, जिसके कारण आई बाढ़ ने मीठे पानी में रहने वाले कई जीवों को मार डाला। उन कुछ महीनों में, इंडोनेशिया में आई बाढ़ के परिणाम स्वरूप दसियों हज़ार लोग बेघर हो गए। फ़िलीपींस में एक ज्वालामुखी विस्फ़ोट भी हुआ, अफ़्रीका में 25 सालों में सबसे बड़ा टिड्डियों का हमला हुआ, ज़िनजियांग में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया... यह सूची बढ़ती जा रही है। बाइबल में लिखी प्रभु के आगमन की भविष्यवाणियां पूरी हो चुकी हैं। यह इस तर्क की पुष्टि करता है कि प्रभु लौट आया है—तो फिर हमने अब तक उसके आगमन का स्वागत क्यों नहीं किया है? अगर यही सब चलता रहा तो क्या हम बहुत गंभीर पीड़ा में नहीं गिर जाएंगे? ऐसे में, प्रभु के आगमन का स्वागत करने के लिए हमें क्या करना चाहिए?

प्रभु का आगमन कैसे होगा?

प्रभु का आगमन कैसे होगाकई लोगों ने बाइबल में इन वचनों को पढ़ा है: "देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है" (प्रकाशितवाक्य 1:7)। "और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्‍वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे" (मत्ती 24:30)। उन्हें यकीन है कि प्रभु बादलों के साथ आएगा। हालांकि, हमने अब तक ऐसा दृश्य क्यों नहीं देखा है? क्या यही एकमात्र ऐसा साधन है जिससे प्रभु का आगमन होगा? वास्तव में, प्रभु के आगमन के बारे में एक बड़ी बात को हमने अनदेखा कर दिया है। धर्म-ग्रंथों में प्रभु के गुप्त रूप से आने की भविष्यवाणियां भी की गई हैं, जैसे कि: "देख, मैं चोर के समान आता हूँ" (प्रकाशितवाक्य 16:15)। "आधी रात को धूम मची : 'देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो'" (मत्ती 25:6)। "इसलिये तुम भी तैयार रहो, क्योंकि जिस घड़ी के विषय में तुम सोचते भी नहीं हो, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा" (मत्ती 24:44)। "क्योंकि जैसे बिजली आकाश के एक छोर से कौंध कर आकाश के दूसरे छोर तक चमकती है, वैसे ही मनुष्य का पुत्र भी अपने दिन में प्रगट होगा। परन्तु पहले अवश्य है कि वह बहुत दु:ख उठाए, और इस युग के लोग उसे तुच्छ ठहराएँ" (लूका 17:24-25)।

"चोर के समान" और "आधी रात को धूम मची" को लेकर धर्म-ग्रंथों के संदर्भ यह संकेत देते हैं कि जब अंत के दिनों में प्रभु आएगा, तो वह चुपचाप, गुप्त रूप से ऐसा करेगा। फिर "मनुष्य के पुत्र" का क्या संदर्भ है? "मनुष्य का पुत्र" निश्चित रूप से एक व्यक्ति से, एक माता और पिता से पैदा होगा, और वह मांस और रक्त से बना होगा। प्रभु यीशु का ही उदाहरण लें, तो उसने एक सामान्य व्यक्ति की छवि धारण की थी जो लोगों के बीच रहता है। इस प्रकार हम यह देख सकते हैं कि "मनुष्य के पुत्र" का संदर्भ देहधारी परमेश्वर से है; आत्मा को मनुष्य का पुत्र नहीं कहा जा सकता। इसके अलावा, धर्मग्रंथ यह भी कहते हैं, "परन्तु पहले अवश्य है कि वह बहुत दु:ख उठाए, और इस युग के लोग उसे तुच्छ ठहराएँ।" बाइबल का यह अंश स्पष्ट रूप से कहता है कि जब प्रभु लॉकर आएगा, तो वह बहुत अधिक पीड़ा सहन करेगा और इस पीढ़ी के लोगों द्वारा अस्वीकार कर दिया जाएगा। हम सब जानते हैं कि परमेश्वर को सिर्फ़ तभी अस्वीकार किया जा सकता है जब वह मनुष्य के पुत्र के रूप में देह धारण करेगा, क्योंकि देहधारी परमेश्वर बेहद साधारण होगा और लोग उसे नहीं जान पाएंगे; वे उसके साथ एक साधारण मनुष्य जैसा व्यवहार करेंगे, और इसके परिणाम स्वरूप उसे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, अगर प्रभु आत्मा के रूप में मनुष्यों के बीच प्रकट होता, तो चाहे अच्छे लोग हों या बुरे, विश्वासी हो या अविश्वासी, या चाहे वे परमेश्वर का विरोध करने वाले हों, सभी परमेश्वर के चरणों में गिरकर उनकी आराधना करने लगते—क्योंकि इस तरह परमेश्वर को भला कौन अस्वीकार कर सकता था? तब वह पीड़ा सहन कैसे करता? इससे पता चलता है कि अंत के दिनों का प्रभु, मनुष्य के देहधारी पुत्र के रूप में लोगों के बीच प्रकट होता है

लौटकर आने पर प्रभु कौन सा काम करेगा?

इस बात पर, कई भाई-बहन उलझन में पड़ सकते हैं: अगर अंत के दिनों के दौरान प्रभु लोगों के बीच कार्य करने आता है, तो बादलों में उसके आगमन की भविष्यवाणी कैसे पूरी होगी? परमेश्वर के कार्य की एक योजना और इसके कई चरण हैं। परमेश्वर पहले देह धारण करता है और वह मनुष्य को बचाने का अपना कार्य करने के लिए गुप्त रूप से आता है, और फिर खुले तौर पर बादलों में लोगों के सामने प्रकट होता है। इस सवाल को समझने के लिए, हमें इस बारे में और अधिक जानना होगा कि अंत के दिनों के दौरान लौटकर आने पर प्रभु कौन सा काम करता है। प्रभु यीशु ने कहा, "मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा" (यूहन्ना 16:12-13)। "जो मुझे तुच्छ जानता है और मेरी बातें ग्रहण नहीं करता है उसको दोषी ठहरानेवाला तो एक है: अर्थात् जो वचन मैं ने कहा है, वही पिछले दिन में उसे दोषी ठहराएगा" (यूहन्ना 12:48)। "पिता किसी का न्याय नहीं करता, परन्तु न्याय करने का सब काम पुत्र को सौंप दिया है" (यूहन्ना 5:22)। बाइबल भी कहता है, "क्योंकि वह समय आ पहुँचा है कि पहले परमेश्‍वर के लोगों का न्याय किया जाए" (1 पतरस 4:17)। बाइबल के ये अंश हमें बताते हैं कि अंत के दिनों का परमेश्वर मुख्य रूप से वचन बोलने के लिए आता है, वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाला न्याय का कार्य करने के लिए आता है। इसके परिणाम स्वरूप, जो लोग अंत के दिनों के परमेश्वर के न्याय कार्य को स्वीकार करते हैं, वे प्रभु के आगमन का स्वागत कर रहे हैं, और उन्हें परमेश्वर के सामने उठाया जाता है। आज, देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने लाखों वचन बोले हैं जिन्हें 'वचन देह में प्रकट होता है' नामक पुस्तक में दर्ज किया गया है। इस पुस्तक में, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन कई रहस्यों को उजागर करते हैं जिन्हें हम पहले समझ नहीं पाते थे, जैसे कि मनुष्य के विकास का इतिहास क्या है, शैतान मानवजाति को कैसे भ्रष्ट करता है, परमेश्वर मनुष्य को कैसे बचाता है, किस तरह के लोग परमेश्वर के प्रिय होते हैं, किन लोगों से वह घृणा करता है, विभिन्न प्रकार के लोगों की नियति और मंज़िल, वगैरह वगैरह। इतना ही नहीं, परमेश्वर ने न्याय और ताड़ना के वचन भी बोले हैं, जो हमारे भ्रष्ट स्वभावों को उजागर करते हैं। वे सभी लोग जो परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के वचनों को स्वीकार करते हैं, उनके भ्रष्ट स्वभावों को शुद्ध और परिवर्तित किया जाएगा; उन्हें भयंकर पीड़ा से पहले विजेता बनाया जाएगा और अंततः वे परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर परम आनंद को प्राप्त करेंगे। ऐसे लोग जो उस अवधि के दौरान, जब परमेश्वर देह में होता है और गुप्त रूप से कार्य कर रहा होता है, तब परमेश्वर की वाणी को सुनने का कोई प्रयास नहीं करते हैं, जो अंत के दिनों के परमेश्वर के न्याय कार्य को स्वीकार नहीं करते हैं, जो अपनी ही धारणाओं और कल्पनाओं के अनुसार देहधारी परमेश्वर की निंदा और तिरस्कार करते हैं, उन्हें परमेश्वर द्वारा उजागर करके हटा दिया जाएगा। इस तरह, गेहूं को मोठ घास से, भेड़ों को बकरियों से, बुद्धिमान कुंवारियों को मूर्ख कुंवारियों से, अच्छे सेवकों को बुरे सेवकों से, सत्य से प्रेम करने वालों को सत्य से घृणा करने वालों से अलग किया जाएगा और उन्हें उनकी श्रेणी के अनुसार बाँटा जाएगा। उसके बाद, परमेश्वर बादलों के साथ आएगा, पृथ्वी की सभी जातियों और लोगों के सामने खुले तौर पर प्रकट होगा, वह अच्छे लोगों को पुरस्कृत करेगा और दुष्टों को दंडित करेगा, इस तरह बाइबल की ये भविष्यवाणियां पूरी होंगी: "देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है, और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे, और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे" (प्रकाशितवाक्य 1:7)। "तब मनुष्य के पुत्र का चिह्न आकाश में दिखाई देगा, और तब पृथ्वी के सब कुलों के लोग छाती पीटेंगे; और मनुष्य के पुत्र को बड़ी सामर्थ्य और ऐश्‍वर्य के साथ आकाश के बादलों पर आते देखेंगे" (मत्ती 24:30)। उस समय, वे सभी लोग जो परमेश्वर का विरोध करते हैं, उसे अस्वीकार करते हैं और उसकी निंदा करते हैं, अपनी छाती पीटेंगे और अपने बुरे कर्मों के कारण पश्चाताप से भर जाएंगे। परमेश्वर के कार्य से हम देखते हैं कि वह कितना धार्मिक, सर्वशक्तिमान और बुद्धिमान है!

प्रभु की वापसी का स्वागत कैसे करें

आज, देहधारी सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने पहले ही लोगों के एक समूह को जीतकर उसे बचा लिया है। इस तरह, विजेताओं को पूर्ण भी बनाया गया है। गुप्त रूप से किया जाने वाला परमेश्वर का कार्य शीघ्र ही पूरा हो जाएगा, जिसके बाद सभी तरह की भीषण पीड़ा तुरंत पृथ्वी पर आ गिरेंगी। हमारे सामने एक अत्यावश्यक कार्य है: हमें प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत कैसे करना चाहिए और परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को कैसे अंगीकार करना चाहिए? प्रभु यीशु ने कहा, "मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं; मैं उन्हें जानता हूँ, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं" (यूहन्ना 10:27)। ये भविष्यवाणियां बाइबल में भी दिखती हैं: "जिसके कान हों वह सुन ले कि आत्मा कलीसियाओं से क्या कहता है" (प्रकाशितवाक्य 2:7)। "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ" (प्रकाशितवाक्य 3:20)। और सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है: "परमेश्वर का कार्य उफ़नती हुई लहरों के समान है। उसे कोई नहीं रोक सकता है, और कोई भी उसके क़दमों को थाम नहीं सकता है। केवल वे लोग ही जो उसके वचनों को सावधानीपूर्वक सुनते हैं, और उसकी खोज करते हैं और उसके लिए प्यासे हैं, उसके पदचिह्नों का अनुसरण करके उसकी प्रतिज्ञा को प्राप्त कर सकते हैं। जो ऐसा नहीं करते हैं वे ज़बर्दस्त आपदा और उचित दण्ड के अधीन किए जाएँगे" ("वचन देह में प्रकट होता है" में "परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है")। क्या तुम मेमने के पदचिह्नों का अनुसरण करना चाहते हो? क्या तुम प्रभु का स्वागत करना चाहते हो? क्या तुम भीषण पीड़ा से पहले स्वर्गारोहित होना चाहते हो? परमेश्वर के वचन हमें बताते हैं कि अगर हमें प्रभु का स्वागत करना है, तो यह जानना महत्वपूर्ण है कि हम परमेश्वर की वाणी कैसे सुनें; इसके लिए हमें यह देखना होगा कि क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा बोले गए वचन सत्य हैं या नहीं, क्या वे कलीसियाओं से कहे गए पवित्र आत्मा के वचन हैं या नहीं। मेरा मानना है कि अगर हम विनम्र हृदय के साथ सत्य की चाह और खोज करें, तो परमेश्वर शीघ्र ही प्रभु का स्वागत करने में हमारी अगुवाई करेंगे!

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