मानव जाति के प्रबंधन से सम्बंधित परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के उद्देश्य को जानो।

1. मानव जाति के प्रबंधन से सम्बंधित परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के उद्देश्य को जानो। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मेरी सम्पूर्ण प्रबन्धन योजना, ऐसी योजना जो छः हज़ार सालों तक फैली हुई है, तीन चरणों या तीन युगों क…

2018-09-28 21:40:52

परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों में से प्रत्येक के उद्देश्य और महत्व को जानना।

2. परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों में से प्रत्येक के उद्देश्य और महत्व को जानना। (1) व्यवस्था के युग में परमेश्वर के कार्य का उद्देश्य और महत्व परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: वह कार्य जो यहोवा ने इस्राएलियों पर …

2018-09-28 21:18:50

परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के बीच सभी का पारस्परिक संबंध।

3. परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के बीच सभी का पारस्परिक संबंध। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: यहोवा के कार्य से ले कर यीशु के कार्य तक, और यीशु के कार्य से लेकर इस वर्तमान चरण तक, ये तीन चरण परमेश्वर के प्रबंधन क…

2018-05-13 01:40:00

परमेश्वर के कार्य के तीन चरण किस तरह क्रमशः गहनतर होते जाते हैं ताकि लोगों को बचाया जा सके और उन्हें परिपूर्ण किया जा सके?

4. परमेश्वर के कार्य के तीन चरण किस तरह क्रमशः गहनतर होते जाते हैं ताकि लोगों को बचाया जा सके और उन्हें परिपूर्ण किया जा सके? परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर के सम्पूर्ण प्रबंधन को तीन चरणों में विभक्त किया गया…

2018-09-28 21:22:17

परमेश्वर मानवजाति को क्यों बचाना चाहता है?

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: आरंभ में परमेश्वर विश्राम कर रहा था। उस समय पृथ्वी पर कोई मनुष्य या अन्य कुछ भी नहीं था, और परमेश्वर ने किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं किया था। परमेश्वर ने अपने प्रबंधन के कार्य को केवल तब आ…

2018-09-21 23:05:23

मानवजाति के परमेश्वर के प्रबंधन के कार्य के तीन चरणों के प्रयोजन को जानें।

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: मेरी सम्पूर्ण प्रबन्धन योजना, ऐसी योजना जो छः हज़ार सालों तक फैली हुई है, तीन चरणों या तीन युगों को शामिल करती हैः आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत …

2018-09-21 23:24:19

व्यवस्था का युग: परमेश्वर के कार्य का लक्ष्य और महत्व

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: इस्राएल में यहोवा के कार्य का महत्व, उद्देश्य, और चरण, पूरी पृथ्वी पर उसके कार्य का सूत्रपात करने के लिए थे, जो, इस्राएल को इसका केन्द्र लेते हुए, धीरे-धीरे अन्य जाति-राष्ट्रों में फैलते है…

2018-09-21 23:32:35

व्यवस्था का युग: परमेश्वर के कार्य की सामग्री और परिणाम

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: आरंभ में मानवजाति के सृजन के बाद, ये इस्राएली ही थे जिन्होंने कार्य के आधार के रूप में काम किया, और सम्पूर्ण इस्राएल पृथ्वी पर यहोवा के कार्य का आधार था। यहोवा का कार्य मनुष्य का सीधे नेतृत…

2018-09-21 23:43:55

व्यवस्था के युग में परमेश्वर के कार्य की आवश्यक समझ

यदि हम व्यवस्था के युग में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य के महत्व और सार को प्रकट करने वाले उसके वचनों पर ईमानदारी से चिंतन कर सकें, तो हम पूरी तरह से यह पहचानने में सक्षम हो जाएँगे कि व्यवस्था के युग में परमेश्वर का का…

2018-09-22 00:11:27

परमेश्वर ने प्रथम युग को व्यवस्था का युग का नाम क्यों दिया?

व्यवस्था के युग के दौरान, यहोवा ने मूसा के लिए अनेक आज्ञाएँ निर्धारित की कि वह उन्हें उन इस्राएलियों के लिए आगे बढ़ा दे जिन्होंने मिस्र से बाहर उसका अनुसरण किया था। ये आज्ञाएँ यहोवा द्वारा इस्राएलियों को दी गई थीं, और उन…

2018-09-22 00:38:31

व्यवस्था के युग में परमेश्वर का नाम यहोवा था

"यहोवा" वह नाम है जिसे मैंने इस्राएल में अपने कार्य के दौरान अपनाया था, और इसका अर्थ है इस्राएलियों (परमेश्वर के चुने हुए लोग) का परमेश्वर जो मनुष्य पर दया कर सकता है, मनुष्य को शाप दे सकता है, और मनुष्य के जीवन को मार्ग…

2018-09-22 00:43:45

व्यवस्था के युग में परमेश्वर ने इस्राएइल में क्यों कार्य किया?

वह कार्य जो यहोवा ने इस्राएलियों पर किया, उसने मानवजाति के बीच पृथ्वी पर परमेश्वर के मूल स्थान को स्थापित किया जो कि वह पवित्र स्थान भी था जहाँ वह उपस्थित रहता था। उसने अपने कार्य को इस्राएल के लोगों तक ही सीमित रखा। आरम…

2018-09-22 00:57:54

व्यवस्था के युग में परमेश्वर ने पवमत्रात्मा के माध्यम से क्यों कार्य किया?

परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के शुरूआती कार्य को सीधे तौर पर आत्मा के द्वारा किया गया था, और देह के द्वारा नहीं। फिर भी, परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के अंतिम कार्य को देहधारी परमेश्वर के द्वारा किया गया है, और आत्मा…

2018-09-22 01:03:33

अनुग्रह का युग: परमेश्वर के कार्य का लक्ष्य और महत्व

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: अनुग्रह के युग में, मनुष्य पहले से ही शैतान की भ्रष्टता से गुज़र चुका था, और इसलिए समस्त मानवजाति को छुटकारा देने के कार्य हेतु, अनुग्रह की भरमार, अनन्त सहनशीलता और धैर्य, और उससे भी बढ़कर, …

2018-09-22 01:19:19

अनुग्रह का युग: परमेश्वर के कार्य की सामग्री और परिणाम

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: अनुग्रह के युग में, यीशु संपूर्ण पतित मानवजाति (सिर्फ इस्राएलियों को नहीं) को छुटकारा दिलाने के लिए आया। उसने मनुष्य के प्रति दया और करुणा दिखायी। मनुष्य ने अनुग्रह के युग में जिस यीशु को द…

2018-09-22 01:32:56

अनुग्रह के युग में परमेश्वर के कार्य का आवश्यक ज्ञान

धर्मोपदेश और संगति यदि हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उन वचनों पर ईमानदारी से विचार कर पाएँ जो अनुग्रह के युग में परमेश्वर के कार्य के महत्व और सार को प्रकट करते हैं, तो हम पूरी तरह से यह स्वीकार कर पाएँगे कि अनुग्रह के यु…

2018-09-22 01:38:56

परमेश्वर ने द्वितीय युग को अनुग्रह का युग का नाम क्यों दिया?

यीशु अनुग्रह के युग के समस्त कार्य का प्रतिनिधित्व करता है; वह देह में देहधारी हुआ और उसे सलीब पर चढ़ाया गया, और उसने भी अनुग्रह के युग का उद्घाटन किया। छुटकारे के कार्य को पूरा करने, व्यवस्था के युग का अंत करने और अनुग्र…

2018-09-22 01:44:29

परमेश्वर ने अनुग्रह के युग में यीशु के नाम को क्यों अपनाया?

जब यीशु ने अपनी सेवकाई आरंभ की, तो पवित्र आत्मा ने यीशु के नाम की गवाही देनी आरंभ कर दी, और यहोवा का नाम अब और नहीं बोला जा रहा था, और इसके बजाय पवित्र आत्मा ने मुख्य रूप से यीशु के नाम से नया कार्य आरंभ किया था। जो यीशु…

2018-09-22 01:52:44

वह स्वभाव जो परमेश्वर ने अनुग्रह के युग के दौरान व्यक्त किया

अनुग्रह के युग के कार्य में, यीशु परमेश्वर था जिसने मनुष्य को बचाया। उसका स्वरूप अनुग्रह, प्रेम, करुणा, सहनशीलता, धैर्य, विनम्रता, देखभाल और सहिष्णुता, और उसने जो इतना अधिक कार्य किया वह मनुष्य का छुटकारा था। और जहाँ तक …

2018-09-22 03:17:07

अनुग्रह के युग में परमेश्वर ने यहूदिया में क्यों कार्य किया?

मैं पहली बार मनुष्यों के बीच छुटाकारे के युग के दौरान आया था। निस्संदेह मैं यहूदी परिवार के बीच आया; इसलिए परमेश्वर को पृथ्वी पर आते हुए देखने वाले सबसे पहले यहूदी लोग थे। मैंने इस कार्य को व्यक्तिगत रूप से किया उसका कार…

2018-09-22 04:48:29

अनुग्रह के युग में अपने कार्य को पूरा करने के लिए परमेश्वर ने देहधारण क्यों किया?

यदि परमेश्वर देह नहीं बना होता, तो वह ऐसा पवित्रात्मा बना रहता जो मनुष्यों के लिए अदृश्य और अमूर्त होता। मनुष्य देह वाला प्राणी है, और मनुष्य और परमेश्वर दो अलग-अलग संसारों से सम्बन्धित हैं, और स्वभाव में भिन्न हैं। परमे…

2018-09-22 04:53:26

राज्य का युग: परमेश्वर के कार्य का लक्ष्य और महत्व

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: जब यीशु मनुष्य के संसार में आया, तो वह अनुग्रह का युग लाया, और उसने व्यवस्था का युग समाप्त किया। अंत के दिनों के दौरान, परमेश्वर एक बार फिर देहधारी बन गया, और इस बार जब उसने देहधारण किया, त…

2018-09-22 05:08:28

राज्य का युग: परमेश्वर के कार्य की सामग्री और परिणाम

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: राज्य के युग में, परमेश्वर नए युग की शुरूआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने, और संपूर्ण युग में काम करने के लिये अपने वचन का उपयोग करता है। वचन के युग में यही वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा पर…

2018-09-22 05:19:42

राज्य के युग में परमेश्वर के कार्य का आवश्यक ज्ञान

धर्मोपदेश और संगति अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य के महत्व के बारे में वचनों को पढ़ने के बाद, यदि तुम उन पर ईमानदारी से चिंतन कर सकते हो, तो तुम निश्चित रूप से अंत के दिनों में उसके कार्य के बारे में कु…

2018-09-22 05:49:00

ऐसा क्यों कहा जाता है कि राज्य का युग ही वचन का युग है?

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: राज्य के युग में, परमेश्वर नए युग की शुरूआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने, और संपूर्ण युग में काम करने के लिये अपने वचन का उपयोग करता है। वचन के युग में यही वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा पर…

2018-09-22 06:07:13

परमेश्वर राज्य के युग मे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नाम को क्यों अपनाता है?

बहुत से लोगों की समझ में नहीं आता है कि क्यों, चूँकि अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही प्रभु यीशु की वापसी है इसलिए, प्रभु यीशु को सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहा जाता है जब वह अंत के दिनों में न्याय के कार्य को करने क…

2018-09-22 06:17:05

वह स्वभाव क्या है जो राज्य के युग में परमेश्वर व्यक्त करता है?

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: यद्यपि यहोवा, यीशु, और मसीहा सभी मेरे पवित्रात्मा का प्रतिनिधित्व करते हैं, किंतु ये नाम मेरी प्रबन्धन योजना में केवल विभिन्न युगों के द्योतक हैं, और मेरी सम्पूर्णता में मेरा प्रतिनिधित्व न…

2018-09-22 06:25:13

राज्य के युग में चीन में अपना कार्य करने के लिए परमेश्वर क्यों देहधारी बन गया?

संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक जाति-जाति में मेरा नाम महान् है, और हर कहीं मेरे नाम पर धूप और शुद्ध भेंट चढ़ाई जाती है; क्योंकि अन्यजातियों में मेरा नाम महान् है, सेनाओं के यहोवा का यही वच…

2018-09-22 06:31:58

परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के बीच संबंध

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: वर्तमान में किए गए कार्य ने अनुग्रह के युग के कार्य को आगे बढ़ाया है; अर्थात्, समस्त छह हजार सालों की प्रबन्धन योजना में कार्य आगे बढ़ाया है। यद्यपि अनुग्रह का युग समाप्त हो गया है, किन्तु …

2018-09-22 17:47:25

लोगों के बचाने और सिद्ध करने के लिए परमेश्वर के कार्य के तीन चरण कैसे धीरे-धीरे गहरे होते जाते है?

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: परमेश्वर के प्रबंधन का कार्य संसार की उत्पत्ति से प्रारम्भ हुआ था और मनुष्य उसके कार्य का मुख्य बिन्दु है। ऐसा कह सकते हैं कि परमेश्वर की सभी चीज़ों की सृष्टि, मनुष्य के लिए ही है। क्योंकि उ…

2018-09-22 17:55:15

यह अवश्य ज्ञात होना चाहिए कि केवल परमेश्वर के कार्य के तीन चरण ही मानवजाति को बचाने के लिए उसका पूरा कार्य हैं

धर्मोपदेश और संगति परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों पर उसका प्रवचन हमारे लिए यह स्पष्ट रूप से देखने के लिए पूरी तरह से पर्याप्त है कि यह चरण दर चरण के आधार पर बना है, और प्रत्येक चरण घनिष्ठता से अगले से जुड़ा हुआ है। कार्…

परमेश्वर का उद्धार 2018-09-22 18:14:05

मानव जाति के प्रबंधन से सम्बंधित परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के उद्देश्य को जानो।

1. मानव जाति के प्रबंधन से सम्बंधित परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के उद्देश्य को जानो। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: मेरी सम्पूर्ण प्रबन्धन योजना, ऐसी योजना जो छः हज़ार सालों तक फैली हुई है, तीन चरणों या तीन युगों क…

2018-09-28 21:40:52

परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों में से प्रत्येक के उद्देश्य और महत्व को जानना।

2. परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों में से प्रत्येक के उद्देश्य और महत्व को जानना। (1) व्यवस्था के युग में परमेश्वर के कार्य का उद्देश्य और महत्व परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: वह कार्य जो यहोवा ने इस्राएलियों पर …

2018-09-28 21:18:50

परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के बीच सभी का पारस्परिक संबंध।

3. परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के बीच सभी का पारस्परिक संबंध। परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: यहोवा के कार्य से ले कर यीशु के कार्य तक, और यीशु के कार्य से लेकर इस वर्तमान चरण तक, ये तीन चरण परमेश्वर के प्रबंधन क…

2018-05-13 01:40:00

परमेश्वर के कार्य के तीन चरण किस तरह क्रमशः गहनतर होते जाते हैं ताकि लोगों को बचाया जा सके और उन्हें परिपूर्ण किया जा सके?

4. परमेश्वर के कार्य के तीन चरण किस तरह क्रमशः गहनतर होते जाते हैं ताकि लोगों को बचाया जा सके और उन्हें परिपूर्ण किया जा सके? परमेश्वर के प्रासंगिक वचन: परमेश्वर के सम्पूर्ण प्रबंधन को तीन चरणों में विभक्त किया गया…

2018-09-28 21:22:17

परमेश्वर मानवजाति को क्यों बचाना चाहता है?

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: आरंभ में परमेश्वर विश्राम कर रहा था। उस समय पृथ्वी पर कोई मनुष्य या अन्य कुछ भी नहीं था, और परमेश्वर ने किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं किया था। परमेश्वर ने अपने प्रबंधन के कार्य को केवल तब आ…

2018-09-21 23:05:23

मानवजाति के परमेश्वर के प्रबंधन के कार्य के तीन चरणों के प्रयोजन को जानें।

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: मेरी सम्पूर्ण प्रबन्धन योजना, ऐसी योजना जो छः हज़ार सालों तक फैली हुई है, तीन चरणों या तीन युगों को शामिल करती हैः आरंभ में व्यवस्था का युग; अनुग्रह का युग (जो छुटकारे का युग भी है); और अंत …

2018-09-21 23:24:19

व्यवस्था का युग: परमेश्वर के कार्य का लक्ष्य और महत्व

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: इस्राएल में यहोवा के कार्य का महत्व, उद्देश्य, और चरण, पूरी पृथ्वी पर उसके कार्य का सूत्रपात करने के लिए थे, जो, इस्राएल को इसका केन्द्र लेते हुए, धीरे-धीरे अन्य जाति-राष्ट्रों में फैलते है…

2018-09-21 23:32:35

व्यवस्था का युग: परमेश्वर के कार्य की सामग्री और परिणाम

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: आरंभ में मानवजाति के सृजन के बाद, ये इस्राएली ही थे जिन्होंने कार्य के आधार के रूप में काम किया, और सम्पूर्ण इस्राएल पृथ्वी पर यहोवा के कार्य का आधार था। यहोवा का कार्य मनुष्य का सीधे नेतृत…

2018-09-21 23:43:55

व्यवस्था के युग में परमेश्वर के कार्य की आवश्यक समझ

यदि हम व्यवस्था के युग में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य के महत्व और सार को प्रकट करने वाले उसके वचनों पर ईमानदारी से चिंतन कर सकें, तो हम पूरी तरह से यह पहचानने में सक्षम हो जाएँगे कि व्यवस्था के युग में परमेश्वर का का…

2018-09-22 00:11:27

परमेश्वर ने प्रथम युग को व्यवस्था का युग का नाम क्यों दिया?

व्यवस्था के युग के दौरान, यहोवा ने मूसा के लिए अनेक आज्ञाएँ निर्धारित की कि वह उन्हें उन इस्राएलियों के लिए आगे बढ़ा दे जिन्होंने मिस्र से बाहर उसका अनुसरण किया था। ये आज्ञाएँ यहोवा द्वारा इस्राएलियों को दी गई थीं, और उन…

2018-09-22 00:38:31

व्यवस्था के युग में परमेश्वर का नाम यहोवा था

"यहोवा" वह नाम है जिसे मैंने इस्राएल में अपने कार्य के दौरान अपनाया था, और इसका अर्थ है इस्राएलियों (परमेश्वर के चुने हुए लोग) का परमेश्वर जो मनुष्य पर दया कर सकता है, मनुष्य को शाप दे सकता है, और मनुष्य के जीवन को मार्ग…

2018-09-22 00:43:45

व्यवस्था के युग में परमेश्वर ने इस्राएइल में क्यों कार्य किया?

वह कार्य जो यहोवा ने इस्राएलियों पर किया, उसने मानवजाति के बीच पृथ्वी पर परमेश्वर के मूल स्थान को स्थापित किया जो कि वह पवित्र स्थान भी था जहाँ वह उपस्थित रहता था। उसने अपने कार्य को इस्राएल के लोगों तक ही सीमित रखा। आरम…

2018-09-22 00:57:54

व्यवस्था के युग में परमेश्वर ने पवमत्रात्मा के माध्यम से क्यों कार्य किया?

परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के शुरूआती कार्य को सीधे तौर पर आत्मा के द्वारा किया गया था, और देह के द्वारा नहीं। फिर भी, परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के अंतिम कार्य को देहधारी परमेश्वर के द्वारा किया गया है, और आत्मा…

2018-09-22 01:03:33

अनुग्रह का युग: परमेश्वर के कार्य का लक्ष्य और महत्व

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: अनुग्रह के युग में, मनुष्य पहले से ही शैतान की भ्रष्टता से गुज़र चुका था, और इसलिए समस्त मानवजाति को छुटकारा देने के कार्य हेतु, अनुग्रह की भरमार, अनन्त सहनशीलता और धैर्य, और उससे भी बढ़कर, …

2018-09-22 01:19:19

अनुग्रह का युग: परमेश्वर के कार्य की सामग्री और परिणाम

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: अनुग्रह के युग में, यीशु संपूर्ण पतित मानवजाति (सिर्फ इस्राएलियों को नहीं) को छुटकारा दिलाने के लिए आया। उसने मनुष्य के प्रति दया और करुणा दिखायी। मनुष्य ने अनुग्रह के युग में जिस यीशु को द…

2018-09-22 01:32:56

अनुग्रह के युग में परमेश्वर के कार्य का आवश्यक ज्ञान

धर्मोपदेश और संगति यदि हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उन वचनों पर ईमानदारी से विचार कर पाएँ जो अनुग्रह के युग में परमेश्वर के कार्य के महत्व और सार को प्रकट करते हैं, तो हम पूरी तरह से यह स्वीकार कर पाएँगे कि अनुग्रह के यु…

2018-09-22 01:38:56

परमेश्वर ने द्वितीय युग को अनुग्रह का युग का नाम क्यों दिया?

यीशु अनुग्रह के युग के समस्त कार्य का प्रतिनिधित्व करता है; वह देह में देहधारी हुआ और उसे सलीब पर चढ़ाया गया, और उसने भी अनुग्रह के युग का उद्घाटन किया। छुटकारे के कार्य को पूरा करने, व्यवस्था के युग का अंत करने और अनुग्र…

2018-09-22 01:44:29

परमेश्वर ने अनुग्रह के युग में यीशु के नाम को क्यों अपनाया?

जब यीशु ने अपनी सेवकाई आरंभ की, तो पवित्र आत्मा ने यीशु के नाम की गवाही देनी आरंभ कर दी, और यहोवा का नाम अब और नहीं बोला जा रहा था, और इसके बजाय पवित्र आत्मा ने मुख्य रूप से यीशु के नाम से नया कार्य आरंभ किया था। जो यीशु…

2018-09-22 01:52:44

वह स्वभाव जो परमेश्वर ने अनुग्रह के युग के दौरान व्यक्त किया

अनुग्रह के युग के कार्य में, यीशु परमेश्वर था जिसने मनुष्य को बचाया। उसका स्वरूप अनुग्रह, प्रेम, करुणा, सहनशीलता, धैर्य, विनम्रता, देखभाल और सहिष्णुता, और उसने जो इतना अधिक कार्य किया वह मनुष्य का छुटकारा था। और जहाँ तक …

2018-09-22 03:17:07

अनुग्रह के युग में परमेश्वर ने यहूदिया में क्यों कार्य किया?

मैं पहली बार मनुष्यों के बीच छुटाकारे के युग के दौरान आया था। निस्संदेह मैं यहूदी परिवार के बीच आया; इसलिए परमेश्वर को पृथ्वी पर आते हुए देखने वाले सबसे पहले यहूदी लोग थे। मैंने इस कार्य को व्यक्तिगत रूप से किया उसका कार…

2018-09-22 04:48:29

अनुग्रह के युग में अपने कार्य को पूरा करने के लिए परमेश्वर ने देहधारण क्यों किया?

यदि परमेश्वर देह नहीं बना होता, तो वह ऐसा पवित्रात्मा बना रहता जो मनुष्यों के लिए अदृश्य और अमूर्त होता। मनुष्य देह वाला प्राणी है, और मनुष्य और परमेश्वर दो अलग-अलग संसारों से सम्बन्धित हैं, और स्वभाव में भिन्न हैं। परमे…

2018-09-22 04:53:26

राज्य का युग: परमेश्वर के कार्य का लक्ष्य और महत्व

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: जब यीशु मनुष्य के संसार में आया, तो वह अनुग्रह का युग लाया, और उसने व्यवस्था का युग समाप्त किया। अंत के दिनों के दौरान, परमेश्वर एक बार फिर देहधारी बन गया, और इस बार जब उसने देहधारण किया, त…

2018-09-22 05:08:28

राज्य का युग: परमेश्वर के कार्य की सामग्री और परिणाम

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: राज्य के युग में, परमेश्वर नए युग की शुरूआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने, और संपूर्ण युग में काम करने के लिये अपने वचन का उपयोग करता है। वचन के युग में यही वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा पर…

2018-09-22 05:19:42

राज्य के युग में परमेश्वर के कार्य का आवश्यक ज्ञान

धर्मोपदेश और संगति अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य के महत्व के बारे में वचनों को पढ़ने के बाद, यदि तुम उन पर ईमानदारी से चिंतन कर सकते हो, तो तुम निश्चित रूप से अंत के दिनों में उसके कार्य के बारे में कु…

2018-09-22 05:49:00

ऐसा क्यों कहा जाता है कि राज्य का युग ही वचन का युग है?

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: राज्य के युग में, परमेश्वर नए युग की शुरूआत करने, अपने कार्य के साधन बदलने, और संपूर्ण युग में काम करने के लिये अपने वचन का उपयोग करता है। वचन के युग में यही वह सिद्धांत है, जिसके द्वारा पर…

2018-09-22 06:07:13

परमेश्वर राज्य के युग मे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के नाम को क्यों अपनाता है?

बहुत से लोगों की समझ में नहीं आता है कि क्यों, चूँकि अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही प्रभु यीशु की वापसी है इसलिए, प्रभु यीशु को सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहा जाता है जब वह अंत के दिनों में न्याय के कार्य को करने क…

2018-09-22 06:17:05

वह स्वभाव क्या है जो राज्य के युग में परमेश्वर व्यक्त करता है?

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: यद्यपि यहोवा, यीशु, और मसीहा सभी मेरे पवित्रात्मा का प्रतिनिधित्व करते हैं, किंतु ये नाम मेरी प्रबन्धन योजना में केवल विभिन्न युगों के द्योतक हैं, और मेरी सम्पूर्णता में मेरा प्रतिनिधित्व न…

2018-09-22 06:25:13

राज्य के युग में चीन में अपना कार्य करने के लिए परमेश्वर क्यों देहधारी बन गया?

संदर्भ के लिए बाइबल के पद: "क्योंकि उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक जाति-जाति में मेरा नाम महान् है, और हर कहीं मेरे नाम पर धूप और शुद्ध भेंट चढ़ाई जाती है; क्योंकि अन्यजातियों में मेरा नाम महान् है, सेनाओं के यहोवा का यही वच…

2018-09-22 06:31:58

परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों के बीच संबंध

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: वर्तमान में किए गए कार्य ने अनुग्रह के युग के कार्य को आगे बढ़ाया है; अर्थात्, समस्त छह हजार सालों की प्रबन्धन योजना में कार्य आगे बढ़ाया है। यद्यपि अनुग्रह का युग समाप्त हो गया है, किन्तु …

2018-09-22 17:47:25

लोगों के बचाने और सिद्ध करने के लिए परमेश्वर के कार्य के तीन चरण कैसे धीरे-धीरे गहरे होते जाते है?

परमेश्वर के अति-उत्कृष्ट वचन: परमेश्वर के प्रबंधन का कार्य संसार की उत्पत्ति से प्रारम्भ हुआ था और मनुष्य उसके कार्य का मुख्य बिन्दु है। ऐसा कह सकते हैं कि परमेश्वर की सभी चीज़ों की सृष्टि, मनुष्य के लिए ही है। क्योंकि उ…

2018-09-22 17:55:15

यह अवश्य ज्ञात होना चाहिए कि केवल परमेश्वर के कार्य के तीन चरण ही मानवजाति को बचाने के लिए उसका पूरा कार्य हैं

धर्मोपदेश और संगति परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों पर उसका प्रवचन हमारे लिए यह स्पष्ट रूप से देखने के लिए पूरी तरह से पर्याप्त है कि यह चरण दर चरण के आधार पर बना है, और प्रत्येक चरण घनिष्ठता से अगले से जुड़ा हुआ है। कार्…

परमेश्वर का उद्धार 2018-09-22 18:14:05