सृष्टिकर्ता के अधिकार के अधीन, सभी चीज़ें पूर्ण हैं

परमेश्वर के द्वारा सब वस्तुओं की सृष्टि की गई, जिन में वे शामिल हैं जो चल फिर सकते थे और वे जो चल फिर नहीं सकते थे, जैसे पक्षी और मछलियाँ, जैसे वृक्ष और फूल, और जिसमें पशुओं का झुण्ड, कीड़े मकौड़े, और छठवें दिन बनाए गए जंग…

2018-05-28 04:38:49

दूसरे दिन, परमेश्वर के अधिकार ने मनुष्य के जीवित रहने के लिए जल का प्रबन्ध किया, और आसमान, और अंतरीक्ष को बनाया

आओ हम बाइबल के दूसरे अंश को पढ़ें: फिर परमेश्वर ने कहा, "जल के बीच एक अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए।" तब परमेश्वर ने एक अन्तर बनाकर उसके नीचे के जल को और उसके ऊपर के जल को अलग अलग किया; और वैसा ही हो गया।(उत्पत्ति 1:6-7)। …

2018-05-28 04:05:01

तीसरे दिन, परमेश्वर के वचनों ने पृथ्वी और समुद्रों की उत्पत्ति की, और परमेश्वर के अधिकार ने संसार को जीवन से लबालब भर दिया

आगे आईए हम उत्पत्ति 1:9-11 के पहले वाक्य को पढ़ें: "फिर परमेश्वर ने कहा, आकाश के नीचे का जल एक स्थान में इकट्ठा हो जाए और सूखी भूमि दिखाई दे।" जब परमेश्वर ने साधारण रूप से कहा तो क्या परिवर्तन हुआ, "फिर परमेश्वर ने कहा, आ…

2018-05-28 04:08:38

चौथे दिन, जब परमेश्वर ने एक बार फिर से अपने अधिकार का उपयोग किया तो मानवजाति के लिए मौसम, दिन, और वर्ष अस्तित्व में आ गए

सृष्टिकर्ता ने अपनी योजना को पूरा करने के लिए अपने वचनों का इस्तेमाल किया, और इस तरह से उसने अपनी योजना के पहले तीन दिनों को गुज़ारा। इन तीन दिनों के दौरान, परमेश्वर इधर उधर के कामों में व्यस्त, या अपने प में थका हुआ दिखा…

2018-05-28 04:22:22

पाँचवे दिन, जीवन के विविध और विभिन्न रूप अलग अलग तरीकों से सृष्टिकर्ता के अधिकार को प्रदर्शित करते हैं

पवित्र शास्त्र कहता है, "फिर परमेश्वर ने कहा, जल जीवित प्राणियों से बहुत ही भर जाए, और पक्षी पृथ्वी के ऊपर आकाश के अन्तर में उड़ें। इसलिए परमेश्वर ने जाति जाति बड़े बड़े जल जन्तुओं की, और उन सब जीवित प्राणियों की भी सृष्टि …

2018-05-28 04:26:16

पहले दिन, परमेश्वर के अधिकार के कारण मानवजाति के दिन और रात उत्पन्न हुए और स्थिर बने हुए हैं

आओ हम पहले अंश को देखें: "जब परमेश्वर ने कहा, "उजियाला हो," तो उजियाला हो गया। और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अंधियारे से अलग किया। और परमेश्वर ने उजियाले को दिन और अंधियारे को रात …

2018-05-28 03:41:05

छठवें दिन, सृष्टिकर्ता ने कहा, और हर प्रकार के जीवित प्राणी जो उसके मस्तिष्क में थे एक के बाद एक अपने आप को प्रगट करने लगे

स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर न होते हुए, सब वस्तुओं को बनाने के लिए सृष्टिकर्ता का कार्य लगातार पाँचवे दिन तक चलता रहा, उसके तुरन्त बाद सृष्टिकर्ता ने सब वस्तुओं की सृष्टि के छठवें दिन का स्वागत किया। यह दिन एक और नई शाम थी,…

2018-05-28 04:29:40