जीवन के अनुभवों की गवाहियाँ

109 लेख 12 वीडियो

ठोकर खाने पर घमंड ख़त्म हो जाता है

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "अहंकार मनुष्‍य के भ्रष्‍ट स्‍वभाव की जड़ है। लोग जितने ही ज्‍़यादा अहंकारी होते हैं, उतनी ही अधिक संभावना होती है कि …

कौन कहता है अभिमानी स्वभाव को बदला नहीं जा सकता

परमेश्वर के वचन कहते है, "लोग अपना स्वभाव स्वयं परिवर्तित नहीं कर सकते; उन्हें परमेश्वर के वचनों के न्याय, ताड़ना, पीड़ा और शोधन से गुजरना होगा, या उसके…

युवा हूँ मगर अब बेपरवाह नहीं

परमेश्वर के वचन कहते है, "अगर परमेश्वर के कार्य का अनुभव करते हुए, कोई व्यक्ति एक ऐसे इंसान में परिवर्तित होना चाहता है जिसके अंदर इंसानियत हो, तो उसे…

असफलता की स्थिति में भी ऊपर उठो

परमेश्वर में आस्था रखने से पहले, मुझे सीसीपी की शिक्षाएँ दी गई थीं, मुझे बस एक ही धुन रहती थी कि मैं कुछ बनकर दिखाऊँ और अपने परिवार का नाम ऊँचा करूँ। …

सत्य ने मुझे मार्ग दिखाया

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर की सेवा करना कोई सरल कार्य नहीं है। जिनका भ्रष्ट स्वभाव अपरिवर्तित रहता है वे परमेश्वर की सेवा कभी नहीं कर स…

परमेश्वर के वचनों ने मुझे बदल दिया

2018 की सर्दियों में, कलीसिया ने मुझे लिखने का काम सौंपा था। मैंने सोचा कि मैं यह काम पहले भी कर चुकी हूँ और मुझे बुनियादी बातों की जानकारी है, इसलिए …

ईर्ष्या का समाधान

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "मनुष्य की देह शैतान की है, यह विद्रोही स्वभावों से भरी हुई है, यह खेदजनक रूप से गंदी है, और यह एक अशुद्ध चीज़ है। लोग…

मुक्त हो गयी मेरी आत्मा

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "अपने जीवन में, यदि मनुष्य शुद्ध होना चाहता है और अपने स्वभाव में परिवर्तन हासिल करना चाहता है, यदि वह एक सार्थक जीवन …

हटाए जाने के बाद

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर हर एक व्यक्ति में कार्य करता है, और इससे फर्क नहीं पड़ता है कि उसकी विधि क्या है, सेवा करने के लिए वो किस प्…

डायरेक्टर बनने का मेरा सपना

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "अपने जीवन में, यदि मनुष्य शुद्ध होना चाहता है और अपने स्वभाव में परिवर्तन हासिल करना चाहता है, यदि वह एक सार्थक जीवन …

एक अफसर का प्रायश्चित

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "संसार की सृष्टि से अब तक, परमेश्वर ने जो कुछ अपने कार्य में किया है, वह प्रेम ही है, जिसमें मनुष्य के लिए घृणा नहीं ह…

कर्तव्य निभाने का प्रतिफल

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर के कार्य के प्रति समर्पण वास्तविक अवश्य होना चाहिए और अवश्य जीया जाना चाहिए। सतही तौर पर समर्पण करके परमेश्व…

परेमश्वर के सामने जीवन जीना

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "जीवन प्रवेश की तलाश करते हुए, एक व्यक्ति को रोज़मर्रा के जीवन के हर मामले में अपने शब्दों, कर्मों, सोच और विचारों की …

परमेश्वर के वचनों से मैंने ख़ुद को जाना है

परमेश्वर के वचन कहते हैं: "अंत के दिनों में मसीह मनुष्य को सिखाने, उसके सार को उजागर करने और उसके वचनों और कर्मों की चीर-फाड़ करने के लिए विभिन्न प्रका…

अपने कर्तव्य को कैसे देखें

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "परमेश्वर में किसी मनुष्य के विश्वास की अत्यंत मूलभूत आवश्यकता यह है कि उसके पास एक सच्चा हृदय हो, और वह स्वयं को पूरी…

अपने कर्तव्य को किस नजरिये से देखना चाहिए

"मनुष्य के कर्तव्य और वह धन्य है या शापित, इनके बीच कोई सह-संबंध नहीं है। कर्तव्य वह है, जो मनुष्य के लिए पूरा करना आवश्यक है; यह उसकी स्वर्ग द्वारा प…

अपना हृदय परमेश्वर को समर्पित करना

"क्योंकि जब कोई व्यक्ति जो कुछ परमेश्वर सौंपता है उसे स्वीकार करता है, तो परमेश्वर के पास न्याय करने के लिए एक मापदंड होता है कि उस व्यक्ति के कार्य अ…

हृदय की मुक्ति

सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "इस युग के दौरान परमेश्वर द्वारा किया गया कार्य मुख्य रूप से मनुष्य के जीवन के लिए वचनों का प्रावधान करना, मनुष्य की प…