Hindi Christian Testimony Video | संकट के बीच एक विकल्प
05 अक्टूबर, 2021
तीन साल पहले, भाई झांग को पत्र मिलता है कि कलीसिया के अगुआ और कुछ भाई-बहन गिरफ्तार हो गए हैं, बाकी भाई-बहनों को पुलिस ने अपनी निगरानी में ले लिया है, और कलीसिया में रखी परमेश्वर के वचनों की पुस्तकों को तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर पहुँचाना है। वह उन पुस्तकों को हटाने में मदद करना चाहता है, लेकिन डरता है कि अगर उसने ऐसा किया, तो उसे गिरफ्तार करके सताया जा सकता है। ऐसे नाजुक समय में, उसके अंदर भयंकर द्वंद्व चलता है। परमेश्वर से प्रार्थना करने और उसके वचन पढ़ने से उसे एहसास होता है कि उसके अंदर जीवन के प्रति लालसा है, उसे मृत्यु का भय है, लेकिन परमेश्वर के प्रति उसके अंदर कोई आस्था या निष्ठा नहीं है, जिससे उसे आत्म-ग्लानि होती है। फिर वह परमेश्वर पर भरोसा करके, पुस्तकों को वहाँ से सुरक्षित निकाल लेता है। करीब साल भर के बाद, परमेश्वर के वचनों की पुस्तकों को हटाने को लेकर फिर उसके सामने एक जोखिम भरी स्थिति पैदा होती है। किसी भी समय गिरफ्तार होने के जोखिम के बीच, वह परमेश्वर के घर के हितों की रक्षा करना चाहता है, लेकिन उसे डर भी लगता है, और वह फिर दुविधा में फँस जाता है... इस बार वह कौन-सा विकल्प चुनेगा? जानने के लिए देखिए संकट के बीच एक विकल्प।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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