Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 670: मैंने परमेश्वर में विश्वास के प्रति अपने गलत दृष्टिकोण सही किए
11 मई, 2026
सोलह साल की उम्र में उसे ल्यूपस का पता चला था। परमेश्वर में विश्वास करना शुरू करने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ, जिससे उसका दिल परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता से भर गया। हालाँकि, जब बीमारी फिर से लौटी और उसने परमेश्वर को उसे ठीक करने के लिए कोई चमत्कार करते नहीं देखा, तो वह परमेश्वर के अस्तित्व पर संदेह करने लगी और यहाँ तक कि उसे छोड़ने पर भी विचार करने लगी। परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन के माध्यम से उसने केवल आशीष पाने के लिए परमेश्वर में विश्वास करने के अपने गलत दृष्टिकोण को पहचाना, आस्था का सच्चा अर्थ समझा और सत्य का अनुसरण करने और परमेश्वर की संप्रभुता और व्यवस्थाओं के प्रति समर्पण करने के लिए वह तैयार हो गई।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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