Hindi Christian Song | इंसान को पूर्ण बनाने के लिए न्याय परमेश्वर का मुख्य तरीका है

21 मई, 2026

1

परमेश्वर द्वारा मनुष्य की पूर्णता किन साधनों से संपन्न होती है? वह परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव के माध्यम से संपन्न होती है। परमेश्वर के स्वभाव में मुख्यतः धार्मिकता, कोप, प्रताप, न्याय और शाप शामिल हैं और वह मनुष्य को मुख्य रूप से अपने न्याय के माध्यम से पूर्ण बनाता है। कुछ लोग समझते नहीं हैं और पूछते हैं, ऐसा क्यों है कि परमेश्वर केवल न्याय और शाप के जरिए ही मनुष्य को पूर्ण बनाता है। वे कहते हैं, "यदि परमेश्वर मनुष्य को शाप दे तो क्या वह मर नहीं जाएगा? यदि परमेश्वर को मनुष्य का न्याय करना पड़े तो क्या मनुष्य की निंदा नहीं की जाएगी? तो फिर भी वह पूर्ण कैसे बनाया जा सकता है?" ऐसे शब्द उन लोगों के होते हैं जो परमेश्वर के कार्य को नहीं जानते।

2

परमेश्वर जिस चीज को शाप देता है वह है मनुष्य की विद्रोहशीलता और वह जिस चीज का न्याय करता है वे हैं मनुष्य के पाप। यूँ तो वह कठोरतापूर्वक बोलता है और मनुष्य की भावनाओं का बिल्कुल भी लिहाज नहीं करता है और वह सब उजागर करता है जो मनुष्य के भीतर होता है, कुछ कठोर वचनों के जरिए वह सब उजागर करता है जो मनुष्य के भीतर सारभूत है, ऐसे न्याय के जरिए वह मनुष्य को देह के सार का गहन ज्ञान प्रदान करता है और इस प्रकार मनुष्य परमेश्वर के समक्ष समर्पण कर देता है। मनुष्य की देह पाप की है और शैतान की है, यह विद्रोही है और यह परमेश्वर की ताड़ना की वस्तु है। इसलिए मनुष्य को खुद को जानने देने के लिए उस पर परमेश्वर के न्याय के वचन पड़ने ही चाहिए और हर प्रकार के शोधन का प्रयोग किया जाना चाहिए; तभी परमेश्वर का कार्य प्रभावी हो सकता है।

—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, पीड़ादायक परीक्षणों के अनुभव से ही तुम परमेश्वर की मनोहरता को जान सकते हो

और देखें

परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?

अन्य प्रकार की वीडियो

वचन, खंड 1 : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य से लिया गया पाठ परमेश्वर के दैनिक वचन से पाठ वचन, खंड 2 : परमेश्वर को जानने के बारे में से लिया गया पाठ वचन, खंड 3 : अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन से लिया गया पाठ वचन, खंड 4 : मसीह-विरोधियों को उजागर करना से लिया गया पाठ वचन, खंड 5 : अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ से लिया गया पाठ वचन, खंड 6 : सत्य के अनुसरण के बारे में से लिया गया पाठ वचन, खंड 7 : सत्य के अनुसरण के बारे में से लिया गया पाठ सुसमाचार फ़िल्में धर्मोपदेश शृंखला : आस्था में सत्य की खोज कलीसियाई जीवन की गवाहियाँ जीवन-अनुभव की गवाही की फ़िल्में धार्मिक उत्पीड़न पर फिल्में सामूहिक गायन संगीत की नृत्य प्रस्तुतियाँ समवेत वीडियो शृंखला कलीसिया का जीवन—विविध कार्यक्रम श्रृंखला संगीत वीडियो भजन के वीडियो सत्य का उद्घाटन चित्रित फिल्म-सारांश

उत्तर यहाँ दें

साझा करें

रद्द करें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें