Hindi Christian Song | जब तुम खोलते हो अपना हृदय परमेश्वर के लिए
17 अप्रैल, 2026
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जब लोग परमेश्वर को नहीं समझते और उसके स्वभाव को नहीं जानते, तो उनका हृदय परमेश्वर के लिए वास्तव में कभी नहीं खुल सकता। जब वे परमेश्वर को समझ जाते हैं तो उनमें परमेश्वर के हृदय की समानुभूति करने और इसका रसास्वादन करने की रुचि और आस्था होगी। जब तुम परमेश्वर के हृदय की समानुभूति और इसका रसास्वादन करते हो तो तुम्हारा हृदय धीरे-धीरे, थोड़ा-थोड़ा करके, उसके लिए खुलता जाएगा। जब तुम्हारा हृदय उसके लिए खुल जाता है तो तुम्हें महसूस होगा कि परमेश्वर के साथ लेन-देन करने के तुम्हारे प्रयास, परमेश्वर से तुम्हारी माँगें और तुम्हारी अपनी असंयमित अभिलाषाएँ कितनी शर्मनाक और घृणित थीं।
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जब तुम्हारा हृदय वास्तव में परमेश्वर के लिए खुल जाएगा, तो तुम देखोगे कि उसका हृदय एक अनंत संसार है, और साथ ही ऐसे क्षेत्र में प्रवेश करोगे, जिसे तुमने पहले कभी अनुभव नहीं किया है। इस क्षेत्र में कोई छल-प्रपंच और कपट नहीं है, कोई अंधकार नहीं है और कोई बुराई नहीं है। वहाँ केवल सत्यनिष्ठा और प्रतिबद्धता है; केवल प्रकाश और सत्यपरायणता है; केवल धार्मिकता और दयालुता है। वह प्रेम और परवाह से भरा हुआ है, दया और सहनशीलता से भरा हुआ है, और उसके माध्यम से तुम जीवित होने की प्रसन्नता और आनंद महसूस करोगे। ये वे चीजें हैं जो परमेश्वर तुम्हारे लिए तब प्रकट करेगा, जब तुम अपना हृदय उसके लिए खोलोगे। अद्वितीय विराटता वाला यह संसार परमेश्वर की बुद्धि और सर्वशक्तिमत्ता से ओतप्रोत है; यह उसके प्रेम और अधिकार से भी ओतप्रोत है। जो परमेश्वर के पास है और जो वह स्वयं है, तुम यहाँ उसके हर पहलू को देख सकते हो, कि किस बात से वह आनंदित होता है, क्यों वह चिंता करता है और क्यों उदास होता है, और क्यों वह क्रोधित होता है...। हर व्यक्ति, जो अपने हृदय को खोलता है और परमेश्वर को भीतर आने देता है, इसे देख सकता है।
—वचन, खंड 2, परमेश्वर को जानने के बारे में, परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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