Hindi Christian Testimony Video | मूल्यांकन लिखने पर चिंतन
31 मार्च, 2023
अपनी प्रतिष्ठा बचाने की चाह में, मुख्य किरदार एक मूल्यांकन लिखते समय यह अनुमान लगाती है कि अगुआ उससे क्या चाहते हैं, और उसी के मुताबिक अपनी राय लिखने की कोशिश करती है। यहाँ तक कि वह घुमा-फिराकर पूछकर दूसरों से सुराग पाने की भी कोशिश करती है, इस डर से कि अगर उसका मूल्यांकन गलत हो गया तो उसे नीची नजर से देखा जाएगा और उसकी अहमियत घट जाएगी। बाद में, परमेश्वर के वचन पढ़कर उसे अपने भ्रष्ट स्वभाव की क्या समझ हासिल होती है? फिर वह कैसे बदलाव कर सत्य में प्रवेश पाती है? जानने के लिए यह वीडियो देखें।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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