Hindi Christian Testimony Video | बूढ़े अब भी परमेश्वर की गवाही दे सकते हैं
08 दिसम्बर, 2022
साठ साल की उम्र में उसे प्रभु की वापसी के स्वागत का सौभाग्य मिला। वह उत्साह से खुद को खपाते हुए कर्तव्य में डूब जाता है। कर्तव्य बदले जाने पर वह गलतफहमी पालकर निराश हो जाता है। उसे लगता है कि बड़ी उम्र के कारण उसे उद्धार की उम्मीद नहीं है। परमेश्वर के वचनों के खानपान से वह परमेश्वर की इच्छा समझ लेता है और उसकी गलतफहमियाँ दूर हो जाती हैं। वह परमेश्वर को संतुष्ट करने के लिए ठीक से कर्तव्य निभाने की ठान लेता है।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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