सृष्टिकर्ता की संप्रभुता से मानवजाति का भाग्य और विश्व का भाग्य अविभाज्य हैं
तुम सब वयस्क हो। तुम लोगों में से कुछ अधेड़-उम्र के हैं; कुछ लोग वृद्धावस्था में कदम रख चुके हैं। तुम लोग परमेश्वर पर विश्वास न करने से लेकर, उस पर विश…
हम परमेश्वर के प्रकटन के लिए बेसब्र सभी साधकों का स्वागत करते हैं!
तुम सब वयस्क हो। तुम लोगों में से कुछ अधेड़-उम्र के हैं; कुछ लोग वृद्धावस्था में कदम रख चुके हैं। तुम लोग परमेश्वर पर विश्वास न करने से लेकर, उस पर विश…
किसी व्यक्ति का कहाँ जन्म होता है, वह किस परिवार में जन्म लेता या लेती है, उसका लिंग, रंग-रूप, और जन्म का समय : ये किसी व्यक्ति के जीवन के प्रथम मोड़ …
लोगों ने किस प्रकार के परिवार में जन्म लिया है, इस आधार पर वे भिन्न-भिन्न पारिवारिक परिवेशों में बड़े होते हैं और अपने माता-पिता से भिन्न-भिन्न पाठ सी…
बचपन और किशोरावस्था पार करने के बाद जब कोई व्यक्ति धीरे-धीरे तथा परिपक्वता प्राप्त करता है, तो उसके लिए अगला कदम अपनी किशोरावस्था को पूरी तरह से अलविद…
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है और परिपक्वता आती है, तो व्यक्ति अपने माता-पिता से एवं उस परिवेश से और भी अधिक दूर हो जाता है जिसमें वह जन्मा और पला-बढ़ा था। इसक…
विवाह करने के पश्चात्, व्यक्ति अगली पीढ़ी को बड़ा करना आरंभ करता है। इस पर किसी का वश नहीं चलता कि उसकी कितनी और किस प्रकार की संतानें होंगी; यह भी, व्य…
इतनी हलचल, भाग-दौड़, इतनी कुंठाओं और निराशाओं के पश्चात्, इतने सारे सुख-दुःख और उतार-चढ़ावों के पश्चात्, इतने सारे अविस्मरणीय वर्षों के पश्चात्, बार-बा…
ऊपर वर्णन किए गए छह मोड़ सृजनकर्ता के द्वारा निर्धारित किए गए ऐसे महत्वपूर्ण चरण हैं जिनसे होकर प्रत्येक सामान्य व्यक्ति को अपने जीवन में गुज़रना ही हो…
जो कुछ मैंने अभी-अभी कहा है उसे सुनने के बाद, क्या भाग्य के बारे में तुम लोगों का विचार बदला है? तुम लोग मनुष्य के भाग्य पर परमेश्वर की संप्रभुता के त…
किस दृष्टिकोण के साथ अब मनुष्य को परमेश्वर के अधिकार, और मनुष्य के भाग्य पर परमेश्वर की संप्रभुता के तथ्य को जानना और मानना चाहिए? यह एक वास्तविक समस्…
परमेश्वर के अधिकार से संबंधित सत्य ऐसे सत्य हैं जिन्हें प्रत्येक व्यक्ति को गंभीरता से लेना चाहिए, अपने हृदय से अनुभव करना और समझना चाहिए; क्योंकि ये …