मानवता की नियति और विश्व की नियति सृष्टिकर्ता की संप्रभुता से अविभाज्य हैं

तुम सब सभी व्यस्क हो। तुम सबों में से कुछ अधेड़ उम्र के हैं; कुछ लोग वृद्धवस्था में प्रवेश कर चुके हैं। एक अविश्वासी से लेकर विश्वासी तक, और परमेश्वर में विश्वास की शुरुआत से लेकर परमेश्वर के वचन को ग्रहण करने और परमेश्वर…

2018-08-06 20:40:51

पहला घटनाक्रम

जन्म: पहला घटनाक्रम

जहाँ किसी व्यक्ति का जन्म होता है, जिस परिवार में उस स्त्री या पुरुष का जन्म होता है, उसका लिंग, रंग-रूप, जन्म का समय: ये किसी व्यक्ति के जीवन के प्रथम घटनाक्रम के विवरण हैं। इस घटनाक्रम में इन भागों के विषय में किसी …

2018-08-06 20:52:08

दूसरा घटनाक्रम

बढ़ना: दूसरा घटनाक्रम

यह इस बात पर निर्भर है कि उन्होंने किस प्रकार के परिवार में जन्म लिया है, लोग विभिन्न पारिवारिक वातावरणों में बढ़ते हैं और अपने माता पिता से अलग अलग पाठ सीखते हैं। यह उन स्थितियों को निर्धारित करता है जिसके अधीन कोई व्यक्…

2018-08-06 20:57:26

तीसरा घटनाक्रम

स्वतन्त्रता: तीसरा घटनाक्रम

जब कोई व्यक्ति बचपन एवं किशोरावस्था से होकर गुज़र जाता है और आहिस्ता आहिस्ता एवं अनिवार्य रूप से परिपक्वता की ओर पहुँच जाता है, तो उनके लिए अगला कदम होता है कि वे अपनी किशोरावस्था को पूरी तरह से अलविदा कह दें, अपने अपने म…

2018-08-06 21:01:14

चौथा घटनाक्रम

विवाह: चौथा घटनाक्रम

जब कोई उम्र में बढ़ता है एवं परिपक्व होता है, तो वह अपने माता पिता से और उस वातावरण से और भी अधिक दूर हो जाता है जिसमें वह जन्मा और पला-बढ़ा था, और इसके बदले वह अपने जीवन के लिए एक दिशा को खोजना और उस तरीके से अपने स्वयं क…

2018-08-06 21:04:59

पाँचवां घटनाक्रम

सन्तान: पाँचवां घटनाक्रम

विवाह करने के पश्चात्, कोई व्यक्ति अगली पीढ़ी का पालन-पोषण करने में लग जाता है। कोई यह नहीं कह सकता कि उसके पास कितने एवं किस प्रकार के संतान होंगे; यह किसी की नियति द्वारा निर्धारित होता है, सृष्टिकर्ता द्वारा पूर्वनिर्ध…

2018-08-06 21:08:56

छठवां घटनाक्रम

मृत्यु: छठवां घटनाक्रम

इतनी अफरा-तफरी के पश्चात्, इतनी कुंठाओं एवं निराशाओं के पश्चात्, इतने सारे सुखों एवं दुखों और उतार एवं चढ़ावों के पश्चात्, इतने सारे अविस्मरणीय वर्षों के पश्चात्, बार बार ऋतुओं को परिवर्तित होते हुए देखने के पश्चात्, कोई …

2018-08-06 21:15:59

मनुष्य के भाग्य के ऊपर परमेश्वर की संप्रभुता के तथ्य को कैसे जानें और कैसे उसका सम्मान करें

कोई भी इस तथ्य को नहीं बदल सकता है कि परमेश्वर मानव की नियति के ऊपर संप्रभुता रखता है जो सब मैंने अभी कहा वह सुनने के बाद, क्या नियति के विषय में तुम लोगों का विचार बदला है? तुम सब मानव की नियति के ऊपर परमेश्वर की संप्र…

2018-08-06 21:26:25

परमेश्वर को अपने अद्वितीय स्वामी के रूप में स्वीकार करना उद्धार हासिल करने का पहला कदम है

परमेश्वर के अधिकार से सम्बन्धित सच्चाईयाँ ऐसी सच्चाईयाँ हैं जिन्हें प्रत्येक व्यक्ति को गम्भीरता से लेना होगा, अपने हृदय से अनुभव करना एवं समझना होगा; क्योंकि ये सच्चाईयाँ प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से सम्बन्धित हैं, प्रत्…

2018-08-06 21:38:34