Christian Song | "परमेश्वर तुम्हारे हृदय और आत्मा को खोज रहा है" | Choral Hymn | 2026 प्रशंसा की आवाजें
14 जनवरी, 2026
1
सर्वशक्तिमान के जीवन के प्रावधान से भटक जाने के कारण मनुष्य, अस्तित्व के उद्देश्य से अनभिज्ञ हैं, लेकिन फिर भी मृत्यु से डरते हैं। उनके पास मदद या सहारा नहीं है, लेकिन फिर भी वे अपनी आँखों को बंद करने के अनिच्छुक हैं, वे अपने उन मांस के ढांचे को गिरने न देने के लिए बेमन से खुद को मजबूत बनाते हैं, जिनमें कोई आत्मिक भाव नहीं है और वे इस दुनिया में एक अधम अस्तित्व को घसीटते हैं। तुम इस तरह बिना आशा के जीते हो, जैसे कि अन्य लोग उद्देश्यहीन होकर जीते हैं। केवल किंवदंती का पवित्र जन ही उन लोगों को बचाएगा जो अपने दुःख में कराहते हुए उसके आगमन के लिए अत्यंत व्याकुल हैं। ऐसा विश्वास बहुत समय तक उनमें साकार नहीं हुआ है जो चेतना विहीन हैं। फिर भी, वे अभी भी इसके लिए तरस रहे हैं।
2
सर्वशक्तिमान गहराई से पीड़ित इन लोगों पर दया करता है; साथ ही, वह उन लोगों से विमुख महसूस करता है जिनमें जरा-सी भी चेतना नहीं है, क्योंकि उसे लोगों से जवाब पाने के लिए बहुत लंबा इंतजार करना पड़ता है। वह खोजना चाहता है, तुम्हारे दिल और तुम्हारी आत्मा को खोजना चाहता है, तुम्हें पानी और भोजन देना चाहता है, ताकि तुम जाग जाओ और अब तुम भूखे या प्यासे न रहो। जब तुम थक जाओ और तुम्हें इस दुनिया की वीरानी का कुछ-कुछ एहसास होने लगे, तो तुम भटकना मत, रोना मत। सर्वशक्तिमान परमेश्वर, प्रहरी, किसी भी समय तुम्हारे आगमन को गले लगा लेगा। वह तुम्हारी बगल में पहरा दे रहा है। वह तुम्हारे वापस मुड़ जाने का इंतजार कर रहा है, उस दिन की प्रतीक्षा कर रहा है जिस दिन तुम अचानक अपनी याददाश्त फिर से पा लोगे : जब तुम्हें यह एहसास होगा कि तुम परमेश्वर से आए हो और किसी अज्ञात समय में तुमने अपनी दिशा खो दी थी, किसी अज्ञात समय में तुम राह में होश खो बैठे थे, और किसी अज्ञात समय में तुम्हारा एक "पिता" था; इसके अलावा, जब तुम्हें यह एहसास होगा कि सर्वशक्तिमान हमेशा से ही वहीं ठहरकर, धैर्य के साथ, बहुत लंबे समय से तुम्हारी वापसी का इंतजार करता रहा है। वह अत्यधिक लालसा करता रहा है, जवाब के बिना एक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा करता रहा है। उसका नजर रखना बहुत ही अनमोल है और यह मनुष्य के दिल और मनुष्य की आत्मा के लिए है। शायद ऐसे नजर रखना अनिश्चितकालीन है, या शायद इसका अंत हो चुका है। लेकिन तुम्हें सटीक रूप से पता होना चाहिए कि तुम्हारा दिल और तुम्हारी आत्मा इस वक्त कहाँ हैं।
—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, सर्वशक्तिमान की आह
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
अन्य प्रकार की वीडियो