Christian Song | "अन्यजाति राष्ट्रों के बीच परमेश्वर का नाम निश्चय ही महिमान्वित किया जाएगा" | Choral Hymn | 2026 प्रशंसा की आवाजें

17 जनवरी, 2026

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मेरे न्याय का उद्देश्य मनुष्य को मेरे प्रति बेहतर ढंग से समर्पण करने में सक्षम बनाना है, और मेरी ताड़ना का उद्देश्य मनुष्य को बेहतर ढंग से बदलाव हासिल करने में सक्षम बनाना है। यद्यपि मैं जो कुछ भी करता हूँ, वह मेरे प्रबंधन के वास्ते है, फिर भी मैंने कभी ऐसा कोई कार्य नहीं किया है, जो मनुष्य के लाभ के लिए न रहा हो, क्योंकि मैं इस्राएल से बाहर की सभी जातियों को इस्राएलियों के समान ही अधीन बनाना चाहता हूँ, उन्हें वास्तविक मनुष्य बनाना चाहता हूँ, ताकि इस्राएल के बाहर की भूमियों में मेरे लिए एक आधार बन सके। यही मेरा प्रबंधन है; यही मेरा अन्य-जाति राष्ट्रों के बीच कार्य है। अभी भी बहुत-से लोग मेरे प्रबंधन को नहीं समझते, क्योंकि वे ऐसी बातों की परवाह नहीं करते हैं और इसके बजाय वे अपने स्वयं के भविष्य और मंजिल की ही परवाह करते हैं। मैं चाहे कुछ भी कहूँ, लोग उस कार्य के प्रति उदासीन रहते हैं जो मैं करता हूँ, इसके बजाय वे पूरे दिल से अपनी भविष्य की मंजिलों पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं। अगर चीजें इसी तरह से चलती रहीं, तो मेरा कार्य कैसे फैल सकता है? मेरे सुसमाचार का पूरे संसार में कैसे प्रचार किया जा सकता है?

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तुम लोगों को जानना चाहिए कि जब मेरा कार्य फैलेगा, तो मैं तुम लोगों को तितर-बितर कर दूँगा और तुम्हें उसी प्रकार प्रहार करूँगा, जैसे यहोवा ने इस्राएल के प्रत्येक गोत्र पर प्रहार किया था। यह सब इसलिए किया जाएगा, ताकि मेरा सुसमाचार सारी पृथ्वी पर फैल सके और अन्य-जाति राष्ट्रों तक मेरा कार्य फैल सके, इस प्रकार मेरे नाम का वयस्कों और बच्चों, सभी के बीच, महान मानकर आदर किया जाएगा और मेरे पवित्र नाम की महिमा सभी जातियों और राष्ट्रों के लोगों के मुख से की जाएगी। इस अंतिम युग में मेरा नाम अन्य-जाति राष्ट्रों के बीच बड़ाई पा सके, मेरे कर्म अन्य-जाति राष्ट्रों के लोगों द्वारा देखे जा सकें, ताकि मेरे कर्मों के कारण वे मुझे सर्वशक्तिमान कहें और मेरे वचन शीघ्र ही साकार हो सकें। मैं सभी लोगों को ज्ञात करवाऊँगा कि मैं केवल इस्राएलियों का परमेश्वर नहीं हूँ, बल्कि समस्त अन्य-जाति राष्ट्रों के लोगों का भी परमेश्वर हूँ, यहाँ तक कि उन राष्ट्रों का भी परमेश्वर हूँ जिन्हें मैंने शाप दिया है। मैं सभी लोगों को यह दिखाऊँगा कि मैं सभी सृजित प्राणियों का परमेश्वर हूँ। यह मेरा सबसे बड़ा कार्य है, अंत के दिनों के लिए मेरी कार्य-योजना का उद्देश्य है और यह एकमात्र कार्य है जिसे मैं अंत के दिनों में पूरा करना चाहता हूँ।

—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, सुसमाचार को फैलाने का कार्य मनुष्य को बचाने का कार्य भी है

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