Hindi Sermon Series | Seeking True Faith: क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करना प्रभु यीशु से विश्वासघात करना है?
12 अप्रैल, 2026
अंत के दिनों के उद्धारकर्ता—सर्वशक्तिमान परमेश्वर—ने एक करोड़ से अधिक वचन व्यक्त किए हैं और वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय का कार्य कर रहा है। धार्मिक दुनिया में बहुत से लोग जो परमेश्वर के प्रकटन के लिए तरसते हैं, उन्होंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ा है, उन्हें परमेश्वर की वाणी के रूप में पहचाना है और एक के बाद एक उसके अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किया है। कुछ कैथोलिक विश्वासी भी मानते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन सत्य हैं। हालाँकि, उनका मानना है कि चूँकि वे कैथोलिक धर्म में शामिल हो गए हैं, वे दूसरे संप्रदायों में मत परिवर्तन नहीं कर सकते। वे सोचते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करना परमेश्वर के साथ विश्वासघात करना है। इस कारण से, वे झिझकते रहते हैं और सच्चे मार्ग की खोज और जाँच-पड़ताल करने की हिम्मत नहीं करते। तो क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करना सचमुच प्रभु यीशु से विश्वासघात करना है? आस्था में सत्य की खोज का यह एपिसोड सत्य की खोज करने और उत्तर ढूँढ़ने में आपका मार्गदर्शन करेगा।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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