Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 676: एक पीड़ादायी विफलता से सीखे गए सबक
20 मई, 2026
वह कलीसिया में एक अभिनेत्री का कर्तव्य निभा रही थी। जब उसे निर्देशक के रूप में पदोन्नत किया गया, तो उसे लगा कि यह कर्तव्य मानसिक रूप से थका देने वाला है। हालाँकि वह अनिच्छुक थी, लेकिन उसने मना करने की हिम्मत नहीं की और इसलिए उसने बेमन से इसे स्वीकार कर लिया। अपने कर्तव्य के दौरान वह लापरवाही करती थी, जिसके कारण लगातार रीशूट होते थे और फिल्म-निर्माण कार्यक्रम में देरी होती थी। अंततः फिल्म टीम को भंग कर दिया गया। इस विफलता ने उसे गहरे पछतावे से भर दिया। अपनी पीड़ा में वह आत्म-चिंतन करने लगी, आराम में लिप्त होने की प्रकृति और परिणामों को समझने लगी। वह यह भी समझ गई कि हमारे जीवन का वास्तव में मूल्य और अर्थ हो, इसके लिए हमें कैसे जीना चाहिए।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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