Hindi Christian Song | परमेश्वर के सच्चे अनुयायी परीक्षणों में अडिग रह सकते हैं

25 मार्च, 2026

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राज्य के युग में मनुष्य को पूरी तरह से पूर्ण बनाया जाएगा। विजय के कार्य के पश्चात् मनुष्य को शोधन और क्लेश से गुजारा जाएगा। जो इस क्लेश के दौरान विजय प्राप्त कर सकते हैं और अपनी गवाही में अडिग रह सकते हैं वे वो लोग हैं जिन्हें अंततः पूर्ण बनाया जाएगा; वे विजेता हैं। इस क्लेश के दौरान मनुष्य से माँग की जाती है कि वह इस शोधन को स्वीकार करे, और यह शोधन परमेश्वर के कार्य का अंतिम चरण है। यह अंतिम बार है कि परमेश्वर के प्रबंधन के समस्त कार्य के समापन से पहले मनुष्य का शोधन किया जाएगा, और जो परमेश्वर का अनुसरण करते हैं उन सभी को यह अंतिम परीक्षा अवश्य स्वीकार करनी चाहिए, और उन्हें यह अंतिम शोधन अवश्य स्वीकार करना चाहिए।

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जो लोग क्लेश के मध्य हैं वे पवित्र आत्मा के कार्य और परमेश्वर के मार्गदर्शन से रहित हैं, किंतु जिन्हें सच में जीत लिया गया है और जो सच में परमेश्वर का अनुसरण करते हैं वे अंततः डटे रहेंगे; ये वे लोग हैं जिनमें मानवता है, और जो सच में परमेश्वर से प्रेम करते हैं। परमेश्वर चाहे जो करे, ये विजयी लोग दर्शनों से वंचित नहीं होंगे और ये अभी भी अपनी गवाही में असफल हुए बिना सत्य को अभ्यास में लाएँगे। ये वे लोग हैं जो अंततः महाक्लेश से उभरेंगे। जो लोग सच में परमेश्वर का अनुसरण करते हैं, वे अपने कार्य की परीक्षा लिया जाना सह पाते हैं, जबकि जो लोग सच में परमेश्वर का अनुसरण नहीं करते, वे परमेश्वर के किसी भी परीक्षण को सहने में अक्षम हैं। देर-सवेर उन्हें निष्कासित कर दिया जाएगा, जबकि विजेता राज्य में बने रहेंगे।

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मनुष्य वास्तव में परमेश्वर को खोजता है या नहीं, इसका निर्धारण उसके कार्य का परीक्षण करने के द्वारा ही किया जाता है, अर्थात्, परमेश्वर के परीक्षणों द्वारा, और इसका स्वयं मनुष्य द्वारा निकाले गए निष्कर्ष से कोई लेना-देना नहीं है। परमेश्वर किसी मनुष्य को हल्के में अस्वीकार नहीं करता; वह जो कुछ भी करता है, वह मनुष्य को पूर्ण रूप से कायल कर सकता है। वह ऐसा कुछ नहीं करता, जो मनुष्य के लिए अदृश्य हो, या कोई ऐसा कार्य जो मनुष्य को कायल न कर सके। मनुष्य का विश्वास सच्चा है कि नहीं, यह तथ्यों द्वारा साबित होता है और मनुष्य द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि "गेहूँ को जंगली दाने नहीं बनाया जा सकता, और जंगली दानों को गेहूँ नहीं बनाया जा सकता।" जो सच में परमेश्वर से प्रेम करते हैं, वे सभी अंततः राज्य में बने रहेंगे, और परमेश्वर उस किसी के साथ अन्याय नहीं करेगा जो वास्तव में उससे प्रेम करता है।

—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का अभ्यास

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