परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर को जानना | अंश 146
शैतान का प्रलोभन (चुने हुए अंश) मत्ती 4:8-11 फिर इब्लीस उसे एक बहुत ऊँचे पहाड़ पर ले गया और सारे जगत के राज्य और उसका वैभव दिखाकर उससे कहा,...
हम परमेश्वर के प्रकटन के लिए बेसब्र सभी साधकों का स्वागत करते हैं!
उस समय यीशु के कथन एवं कार्य सिद्धान्त को थामे हुए नहीं थे, और उसने अपने कार्य को पुराने नियम की व्यवस्था के कार्य के अनुसार सम्पन्न नहीं किया था। यह उस कार्य के अनुसार था जिसे अनुग्रह के युग में किया जाना चाहिए। उसने उस कार्य के अनुसार, अपने स्वयं की योजनाओं के अनुसार, और अपने सेवकाई के अनुसार परिश्रम किया था जिसे वह आगे लाया था; उसने पुराने नियम की व्यवस्था के अनुसार कार्य नहीं किया था। उसने जो भी किया उसमें ऐसा कुछ नहीं था जो पुराने नियम की व्यवस्था के अनुसार था, और वह भविष्यवक्ताओं के वचनों को पूरा करने के कार्य को करने के लिए नहीं आया था। परमेश्वर के कार्य का प्रत्येक चरण स्पष्ट रूप से प्राचीन भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों को पूरा करने के लिए नहीं था, वह सिद्धान्त में बने रहने या प्राचीन भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों का जान-बूझकर एहसास करने के लिए नहीं आया था। फिर भी उसके कार्यों ने प्राचीन भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों में अड़चन नहीं डाली थी, न ही उन्होंने उस कार्य में विघ्न डाला था जो उसने पहले किया था। उसके कार्य का प्रमुख बिन्दु किसी सिद्धान्त के द्वारा बने रहना, और उस कार्य को करना नहीं था जिसे उसे स्वयं करना चाहिए था। वह एक भविष्यवक्ता या दर्शी नहीं था, परन्तु कार्य करने वाला था, जो वास्तव में उस कार्य को करने आया था जिसे करने की अपेक्षा उससे की गई थी, और अपने नए युग को शुरू करने और अपने नये कार्य को सम्पन्न करने के लिए आया था। निश्चित रूप से, जब यीशु अपना कार्य करने के लिए आया, तो उसने पुराने नियम में प्राचीन भविष्यवक्ताओं के द्वारा कहे गए बहुत सारे वचनों को भी पूरा किया था। अतः आज के कार्य ने पुराने नियम के प्राचीन भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों को पूरा किया है। यह बस ऐसा है कि मैं उस "पीले पड़ चुके पुराने पंचांग" को पकड़े नहीं रहता हूँ, बस इतना ही। क्योंकि और भी अधिक कार्य हैं जिन्हें मुझे करना होगा, एवं और भी अधिक वचन हैं जिन्हें मुझे आप लोगों से कहना होगा; और यह कार्य एवं ये वचन बाईबिल के लेखांशों की व्याख्या करने की अपेक्षा कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ऐसे कार्य का आप लोगों के लिए कोई बड़ा महत्व एवं मूल्य नहीं है, और यह आप सब की सहायता नहीं कर सकता है, या आप लोगों को बदल नहीं सकता है। मैं नया कार्य करने का इरादा रखता हूँ किन्तु बाईबिल के किसी भी लेखांश को पूरा करने के लिए नहीं। यदि परमेश्वर सिर्फ बाईबिल के प्राचीन भविष्यवक्ताओं के वचनों को पूरा करने के लिए पृथ्वी पर आए, तो अधिक बड़ा कौन होता, देहधारी परमेश्वर या वे प्राचीन भविष्यवक्ता? आख़िरकार, क्या भविष्यवक्ताओं के पास परमेश्वर की ज़िम्मेदारी है, या परमेश्वर के पास भविष्यवक्ताओं की ज़िम्मेदारी है? आप इन वचनों की व्याख्या कैसे करते हैं?
—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, पदवियों और पहचान के सम्बन्ध में
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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जो अंत के दिनों के दौरान परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के कार्य के दौरान अडिग रहने में समर्थ हैं—यानी, शुद्धिकरण के अंतिम कार्य के दौरान—वे...
मैं तुम लोगों से किसी चीज़ के विषय में बात करना चाहता हूँ जिसे तुम लोगों ने किया था जिसने आज हमारी सभा के आरम्भ में मुझे आश्चर्य में डाल...
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