Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 634: अपनी हीनता की भावनाओं को पहचानना
22 फ़रवरी, 2026
वह बचपन से ही अंतर्मुखी रही है और दूसरों के आस-पास होने पर घबरा जाती थी और बोल नहीं पाती थी। अपने कर्तव्य निभाने के लिए परमेश्वर के घर आने के बाद जब उसने देखा कि अन्य भाई-बहन उससे बोलने में ज्यादा अच्छे हैं, तो वह विशेष रूप से बाधित महसूस करने लगी। वह चर्चाओं के दौरान अपने विचार साझा करने या दूसरों की समस्याएँ देखकर उन्हें इंगित करने की हिम्मत नहीं करती थी, उसे डर रहता था कि वह खुद को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाएगी और अपना सम्मान खो देगी। आखिरकार, उसने पवित्र आत्मा का कार्य खो दिया और उसे बरखास्त कर दिया गया। बरखास्त होने के बाद उसने आत्म-चिंतन शुरू कर दिया। उसने अपने बारे में क्या ज्ञान प्राप्त किया और उसमें क्या बदलाव आया?
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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