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हे परमेश्वर मेरा दिल जुड़ा रहेगा सदा तुझसे

I

तेरे वचन मुझे जीवन देते हैं और पालते हैं।

हे ईश्वर, मैं तुझसे सदा प्रेम करूँगी!

हालांकि मैं भ्रष्ट हूँ,

तू सब करता है बचाने को मुझे और कभी नहीं मुझे छोड़ता।

हालांकि मैं छुपाती हूँ, अभिनय करने की कोशिश करती हूँ,

फिर भी धोखा दे नहीं सकती न तुझसे छुप सकती हूँ।

हे, सर्वशक्तिमान ईश्वर! सर्वशक्तिमान ईश्वर!

चाहे तू कहीं भी जाए, मेरा दिल तेरे दिल से है बंधा। ओ...

II

तेरे वचन मुझे जीवन देते हैं और पालते हैं।

हे ईश्वर, मैं तुझसे सदा प्रेम करूँगी!

चाहे राह हो कितनी भी कठिन,

जो तू मेरे साथ हो, मैं ज़रूर अंत तक पहुँचूंगी।

चाहे कितना भी तेरा कार्य मानव की धारणा से विरुद्ध हो,

तुझे मानती हूँ ईश्वर और ये कभी न बदलेगा।

हे, सर्वशक्तिमान ईश्वर! सर्वशक्तिमान ईश्वर!

चाहे तू कहीं भी जाए, तेरे वचन मेरे दिल पे हैं उकेरे।

III

तेरे वचन मुझे जीवन देते हैं और पालते हैं।

हे ईश्वर, मैं तुझसे सदा प्रेम करूँगी!

गर मेरे पास एक साँस हो,

मैं लूंगी उसे देने, देने तेरे लिए अन्तिम गवाही।

गर तू तेरे प्रति मेरे प्यार की प्रशंसा न करे,

मैं फिर भी करूंगी शर्मिंदा उस दुश्मन शैतान को।

हे, सर्वशक्तिमान ईश्वर! सर्वशक्तिमान ईश्वर!

चाहे तू कहीं भी जाए, तेरा प्यार मेरे दिल की गहराइयों में है दफ़न।

ओ... गाओ।

हे, सर्वशक्तिमान ईश्वर! सर्वशक्तिमान ईश्वर!

चाहे तू कहीं भी जाए, तेरा प्यार मेरे दिल की गहराइयों में है दफ़न।

ओ ... ओ ...

IV

तेरे वचन मुझे जीवन देते हैं और पालते हैं।

हे ईश्वर, मैं तुझसे सदा प्रेम करूँगी!

गर तू मेरी किस्मत लेता,

फिर भी तेरी स्तुति मैं गाती हर रोज़ अपनी ताड़ना में।

गर तू भेजे मुझे शैतान के पास, तब भी तुझे प्रशंसा दूंगी,

तेरे कार्यों की प्रज्ञा की प्रशंसा करूंगी।

हे, सर्वशक्तिमान ईश्वर! सर्वशक्तिमान ईश्वर!

चाहे तू कहीं भी जाए, मेरा दिल तेरे संग होगा सदा।

ओ... गाओ...

हे, सर्वशक्तिमान ईश्वर! सर्वशक्तिमान ईश्वर!

चाहे तू कहीं भी जाए, मेरा दिल तेरे संग होगा सदा।

तेरे संग, तेरे संग, ओ... तेरे संग... ओ...

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