Hindi Christian Song | परमेश्वर का प्रेम और सार स्वार्थरहित है
08 जुलाई, 2026
1
जब तुम सचमुच परमेश्वर को समझने की कोशिश करते हो, जब परमेश्वर जो कुछ भी करता है उस सब में तुम उसके श्रमसाध्य इरादों को सच में समझ सकते हो, केवल तभी तुम परमेश्वर की महानता एवं उसकी निःस्वार्थता को महसूस कर सकते हो। यद्यपि परमेश्वर ने इंद्रधनुष का उपयोग करते हुए मानवजाति के साथ एक वाचा बाँधी, फिर भी उसने कभी किसी को नहीं बताया कि उसने ऐसा क्यों किया था, मतलब उसने कभी किसी को अपने वास्तविक विचार नहीं बताए थे। ऐसा इसलिए है क्योंकि ऐसा कोई नहीं है जो यह बूझ सके कि परमेश्वर अपने हाथों से बनाई गई मानवजाति से भला कितना गहरा प्रेम करता है और साथ ही ऐसा भी कोई नहीं है जो यह समझ सके कि मानवजाति का विनाश करते हुए उसके हृदय ने भला कितनी पीड़ा सहन की थी।
2
परमेश्वर हमेशा मानवजाति को अपना सर्वोत्तम पहलू एवं सर्वश्रेष्ठ चीजें देता है जबकि सारी पीड़ा स्वयं खामोशी से सहता रहता है। परमेश्वर कभी भी इन पीड़ाओं की खुलेआम घोषणा नहीं करता है। इसके बजाय, वह मौन होकर उन्हें सहता है और इंतजार करता है। परमेश्वर की सहनशीलता निष्ठुरता, सुन्नता या असहायता नहीं है, न ही यह कायरता की अभिव्यक्ति है। बल्कि परमेश्वर का प्रेम और सार अंतर्निहित रूप से स्वार्थरहित है। यह उसके सार एवं स्वभाव का एक स्वाभाविक प्रकटन है और एक सच्चे सृष्टिकर्ता के रूप में परमेश्वर की पहचान का एक सच्चा मूर्तरूप है।
—वचन, खंड 2, परमेश्वर को जानने के बारे में, परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
अन्य प्रकार की वीडियो