ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 21 : जेल में यातना : कैदियों की "दुश्मन" बना दी गई
31 जुलाई, 2026
ईसाइयों का पागलों की तरह दमन करने और उन्हें क्रूरता से सताने में सीसीपी पूरी तरह से अमानवीय है, वह किसी भी हद तक जा सकती है। यह सबसे घिनौने, बेशर्म और नीच काम कर सकती है। यह सच्चाई सबके सामने साफ है। हाल ही में, हमने हेनान के झेंगझोऊ की एक ईसाई, वांग शाओयू का साक्षात्कार लिया, जो अपनी जेल की सज़ा पूरी करने के बाद रिहा हुई हैं। उन्होंने बताया कि सलाखों के पीछे उन पर क्या गुज़री। उन्होंने "तीन कथन" (गारंटी पत्र, पश्चात्ताप पत्र और परित्याग पत्र) पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और जब पुलिस ने उन्हें परमेश्वर की ईशनिंदा करने के लिए मजबूर करने की कोशिश की, तो उन्होंने हार मानने के बजाय हर तरह की यातना सहना चुना। इस वजह से, जेल के गार्डों ने उन्हें जेल में सभी का "दुश्मन" बना दिया। सामूहिक सज़ा के ज़रिए, गार्डों ने उनके प्रति अन्य कैदियों की नफरत को भड़काया। उन्होंने जानबूझकर टकराव पैदा किए और कैदियों को उकसाया कि वे लंबे समय तक उन्हें यातनाएँ देने के लिए हर तरह के नीच तरीके अपनाएँ। कैदियों ने उनके मुँह में फ़र्श पोंछने वाला गंदा कपड़ा ठूँस दिया, अपने जूतों के तलवों से उनके चेहरे पर थप्पड़ मारे, ज़बरदस्ती गंदा पानी और पेशाब उनके गले के नीचे उतारा, उनके निपल्स को नोचा, टॉयलेट ब्रश से उनके गुप्तांगों को हिंसक तरीके से रगड़ा और एक इस्तेमाल किया हुआ, खून से सना सैनिटरी पैड उनके मुँह में ठूँस दिया और उन्हें इसे निगलने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। वांग शाओयू को इस हद तक सताया गया कि उनकी दुर्दशा बयाँ नहीं की जा सकती—वे इतने दर्द में थीं कि मौत की दुआ माँगने लगी थीं। पाँच साल की जेल की सज़ा काटने के बाद, वांग शाओयू आखिरकार रिहा हो गईं, लेकिन पुलिस ने फिर भी उन्हें अकेला नहीं छोड़ा। पुलिसवाले लगातार फोन कॉल और टेक्स्ट मैसेज करके उन्हें परेशान करते रहे। जब वे अपनी माँ के पास रहने के लिए अस्पताल जा रही थीं, तो वे उनका पीछा करते हुए वॉर्ड तक आ गए ताकि उन्हें "तीन कथन" पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर कर सकें। उन्होंने उन्हें धमकाया भी, यह कहते हुए कि अगर उन्होंने उन पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पहले से अधिक कड़ी सज़ा दी जाएगी ... आज वांग शाओयू के वृत्तांत के ज़रिए, आइए उस अमानवीय दुर्व्यवहार और यातना के बारे में सुनें जो उन्होंने उस दानव, सीसीपी की जेल में सही थी।
00:20 मुख्य अंश
04:56 जेल में वांग शाओयू ने भारी मेहनत वाले काम किए, ज़बरन ब्रेनवॉशिंग और यातनाएँ सहीं
15:53 वांग शाओयू ने "तीन कथन" पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया, गार्डों द्वारा उन्हें अन्य कैदियों की "दुश्मन" बना दिया गया और उनके हाथों यातनाएँ और मार-पीट सहनी पड़ी
31:17 वांग शाओयू रिहा हुईं, लेकिन उनके शरीर पर लंबे समय तक रहने वाले दुष्प्रभाव रह गए
34:43 समापन-टिप्पणी
43:20 अपराधियों की जानकारी
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