ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 24 : "तीन कथन" पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने पर ईसाइयों को जेल में बेरहमी से यातनाएँ दी गईं
28 अगस्त, 2026
ईसाइयों को तीन कथनों पर हस्ताक्षर करने और अपनी आस्था छोड़ने पर मजबूर करने के लिए, दुष्ट सीसीपी किसी भी हद तक जाने से नहीं रुकती। वह जबरन मत-परिवर्तन, यातना, शारीरिक दुर्व्यवहार, बुनियादी जरूरतों से वंचित करने और व्यक्तिगत अपमान जैसे हथकंडे अपनाती है। जियांग्शी प्रांत के नानचांग की एक ईसाई, लिन फांग को सुसमाचार का प्रचार करने के कारण सीसीपी पुलिस ने दो बार गिरफ्तार किया और उन्हें जेल की सजा सुनाई गई। उन्होंने तीन कथनों पर हस्ताक्षर करने से लगातार इनकार किया। एक राक्षसी जेल के अंदर, गार्डों ने उन्हें यातना देने के लिए हर तरह के चरम तरीके अपनाए और उन्हें भयानक यातना और दुर्व्यवहार का शिकार बनाया। कम उम्र में ही उन्हें गठिया, अस्थमा, हर्नियेटेड डिस्क और कमर में खिंचाव जैसी बीमारियाँ हो गईं। अपनी सजा खत्म होने के दिन, उन्हें आगे और मत-परिवर्तन के लिए सीधे एक ब्रेनवॉशिंग सेंटर ले जाया गया; यहाँ तक कि घर लौटने के बाद भी, उन पर निगरानी और नियंत्रण बनाए रखा गया ... कृपया यह एपिसोड देखें।
00:22 मुख्य अंश
07:25 लिन फांग की पहली गिरफ्तारी और जेल की सज़ा
11:16 लिन फांग की दूसरी गिरफ्तारी और जेल की सज़ा; कैसे जेल के गार्डों ने उनके साथ क्रूरता करने और उन्हें तीन कथन लिखने पर मजबूर करने के लिए किसी भी हद तक जाने से गुरेज नहीं किया
40:41 अपनी सज़ा खत्म होने के दिन, लिन फांग को एक ब्रेनवॉशिंग सेंटर ले जाया गया क्योंकि उन्होंने लगातार तीन कथन लिखने से इनकार किया था; घर लौटने के बाद भी उन पर निगरानी और नियंत्रण बनाए रखा गया
45:49 समापन-टिप्पणी
56:23 अपराधियों की जानकारी
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
अन्य प्रकार की वीडियो