Hindi Christian Testimony Video | अपने कर्तव्य को किस नजरिये से देखना चाहिए
17 अक्टूबर, 2020
कहते हैं कि "बुद्धिमान लोग बाहुबलियों पर राज करते हैं," और ज़्यादातर लोग भीड़ से अलग होकर सम्मान पाने की चाह रखते हैं। इस फिल्म का मुख्य किरदार भी कोई अपवाद नहीं है। एक पूर्व यूनिवर्सिटी छात्र, परमेश्वर में आस्था पाने के बाद, हमेशा कलीसिया में ऐसा काम करना चाहता है जिसमें उसे अलग दिखने और दूसरों से सम्मान हासिल करने का मौक़ा मिले। जब उसे कुछ मामूली-से काम करने को दिये जाते हैं, तो वह परेशान और नकारात्मक हो जाता है, उसे लगता है कि उसकी हैसियत और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, और वह समर्पण नहीं कर पाता। परमेश्वर के वचनों के जरिये वह अपनी पीड़ा के मूल तक कैसे पहुंच पाया? और वह अनुसरण करने पर अपने नज़रिये की समस्याओं को कैसे पहचान पाया, और उसे दिये गये हर काम को वह कैसे शांतिपूर्वक स्वीकार करने लग गया? अगर आप अक्सर खुद को भी इस किस्म की पीड़ा में फंसा पाते हैं, तो मुख्य किरदार को अपना अनुभव बताते हुए सुनें और जानें कि उसने इस पर कैसे विजय पायी।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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