Hindi Christian Song | पूर्ण कैसे बनाए जाएँ
16 जुलाई, 2026
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अगर तुम खुद को परमेश्वर द्वारा उपयोग में लाया जाना और पूर्ण बनाया जाना चाहते हो तो तुम्हारे पास सत्य का हर पहलू होना चाहिए : पीड़ा सहने का संकल्प, आस्था, सहनशीलता, समर्पण, सत्य खोजने और परमेश्वर के इरादे समझने की योग्यता, उसके दुःख और श्रमसाध्य इरादों के प्रति विचारशील होने की योग्यता, आदि। व्यक्ति को पूर्ण बनाना आसान नहीं है और तुम्हारे द्वारा अनुभव किए जाने वाले प्रत्येक शोधन को तुम्हारी आस्था और तुम्हारे प्रेम की जरूरत पड़ती है। अगर तुम परमेश्वर द्वारा पूर्ण बनाया जाना चाहते हो तो महज दौड़-भाग करना पर्याप्त नहीं है, न खुद को परमेश्वर के लिए खपाना ही पर्याप्त है। ऐसा व्यक्ति बनने के लिए जिसे परमेश्वर द्वारा पूर्ण बनाया जाता है, तुम्हारे पास कई चीजें होनी चाहिए।
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जब तुम कष्ट का सामना करते हो तो तुम्हें देह की परवाह न करने और परमेश्वर के विरुद्ध शिकायतें न करने में समर्थ होना चाहिए। जब परमेश्वर स्वयं को तुमसे छिपाता है तो तुम्हें यह आस्था रखने में सक्षम होना चाहिए कि तुम उसका अनुसरण कर सको, अपने पिछले प्रेम को बदले या मिटने दिए बिना इसे कायम रख सको। परमेश्वर चाहे कुछ भी करे, तुम्हें उसकी इच्छा के अनुसार उसे आयोजन करने देना चाहिए और उसके विरुद्ध शिकायत करने के बजाय अपनी देह को कोसना पसंद करना चाहिए। जब तुम्हारा सामना परीक्षणों से हो तो तुम्हें उन चीजों को त्यागने की पीड़ा सहना पसंद करना चाहिए जिनसे तुम प्रेम करते हो और परमेश्वर को संतुष्ट करने में नाकाम रहने के बजाय फूट-फूटकर रोने का इच्छुक होना चाहिए। केवल यही सच्चा प्रेम और सच्ची आस्था है। तुम्हारा असली आध्यात्मिक कद चाहे जो भी हो, तुममें सबसे पहले पीड़ा सहने का यह संकल्प और सच्ची आस्था दोनों ही होने चाहिए और तुममें देह के खिलाफ विद्रोह करने का संकल्प भी होना चाहिए। भले ही इसका मतलब कष्ट सहना और अपने निजी हितों के नुकसान का अनुभव करना हो, तुम्हें परमेश्वर के इरादों को पूरा करना चाहिए। तुम्हें अपने हृदय में पछतावा महसूस करने में भी सक्षम होना चाहिए : अतीत में तुम परमेश्वर को संतुष्ट करने में असमर्थ थे और अब तुम खुद पछतावा कर सकते हो। तुममें इनमें से किसी भी मामले में कोई कमी नहीं होनी चाहिए— इन्हीं चीजों के जरिए परमेश्वर तुम्हें पूर्ण बनाएगा। अगर तुम इन शर्तों को पूरा नहीं करते, तो फिर तुम्हें पूर्ण नहीं बनाया जा सकता है।
—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, जिन्हें पूर्ण बनाया जाना है उन्हें शोधन से गुजरना होगा
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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