Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 710: मैंने व्यावहारिक ढंग से अपना कर्तव्य निभाना सीख लिया
17 अगस्त, 2026
अगुआ के तौर पर काम करते हुए उसका स्वभाव बेहद घमंडी था। लोगों को चुनने और उनसे काम लेने में उसके पास कोई सिद्धांत नहीं था और उसकी काबिलियत में समस्याएँ थीं। इस प्रकार उसका कर्तव्य बदलकर उसे पाठ-आधारित कर्तव्य सौंप दिया गया। अगुआ का रुतबा खोने के बाद वह बहुत हताश हो गई और उसने अपने कर्तव्य के लिए सारी ऊर्जा खो दी। परमेश्वर के वचनों को खाने और पीने से उसने प्रतिष्ठा और रुतबे के अपने अनुसरण की प्रकृति के बारे में कुछ समझ हासिल की, अपना असली आध्यात्मिक कद साफ तौर पर देखा और वह कर्तव्य में हुए इस बदलाव को सही नज़रिए से देख पाई।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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