Hindi Sermon Series | Seeking True Faith: क्या त्रित्व का विचार तर्कसंगत है?

02 नवम्बर, 2021

जब से प्रभु यीशु ने अपना छुटकारे का कार्य किया, तब से 2,000 साल तक, पूरे ईसाई धर्म ने परमेश्वर को "त्रित्व" के रूप में परिभाषित किया। बाइबल में पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा का जिक्र होने के कारण, वे वहां से जोड़-तोड़ कर निष्कर्ष निकाल लेते हैं कि परमेश्वर एक त्रित्व है, यह सोचते हैं कि पवित्र पिता, पुत्र और आत्मा वे तीन अंश हैं जो मिलकर एक सच्चा परमेश्वर बनाते हैं, और इन अंशों में से एक के भी न होने पर वे एकमात्र सच्चा परमेश्वर नहीं है। त्रित्व का विचार क्या सच में तर्कसंगत है? क्या ऐसा है कि यहोवा परमेश्वर एकमात्र सच्चा परमेश्वर नहीं है? न ही प्रभु यीशु या पवित्र आत्मा है? क्या त्रित्व की यह परिकल्पना वास्तव में एकमात्र सच्चे परमेश्वर को नकारती और विभाजित करती है? सच्ची आस्था की खोज की इस कड़ी में, हम इसकी सच्चाई पर से परदा उठाने में मदद करेंगे ताकि हम एकमात्र सच्चे परमेश्वर के बारे में जान सकें।

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जब कठिनाइयाँ हमारे सामने आती हैं, तो केवल परमेश्वर ही हमारा सहारा होते हैं। क्या आप परमेश्वर के सामने आने और विश्वास हासिल करने के लिए उन पर भरोसा करने के इच्छुक हैं?

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