राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच, एपिसोड 16 : एक अमेरिकी मनोचिकित्सक डॉ. लिंडा कलाहन के साथ एक विशेष साक्षात्कार
30 अक्टूबर, 2026
डॉ. लिंडा कलाहन 50 से अधिक वर्षों के नैदानिक अनुभव वाली एक अनुभवी मनोचिकित्सक हैं। इन दशकों के दौरान, उन्होंने बड़ी संख्या में बाल यौन शोषण, यौन हमलों और गंभीर मनोवैज्ञानिक आघात से पीड़ित मरीजों के साथ काम किया है और उनका इलाज किया है, और उन्होंने इस बात पर गहराई से ध्यान केंद्रित करने में कई वर्ष बिताए हैं कि इस तरह के आघात का पीड़ितों पर कितना गहरा और स्थायी प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बाल यौन शोषण और आघात पर केंद्रित एक किताब प्रकाशित की है, और उनके शोध और अंतर्दृष्टि ने बहुत ध्यान आकर्षित किया है। उन्हें यौन अपराधों, बाल यौन शोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर अपनी विशेषज्ञ राय साझा करने के लिए "सीएनएन" और "एनबीसी" जैसे प्रमुख अमेरिकी नेटवर्कों पर भी आमंत्रित किया गया है। नैदानिक अभ्यास के अपने वर्षों के दौरान, उन्होंने देखा है कि लोग अपने साथ कितने गहरे और आजीवन घाव लेकर चलते हैं, जिसने उन्हें पीड़ितों को ठीक होने और उबरने में मदद करने पर और भी अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया है। लेकिन अपने चिकित्सा करियर से बाहर, डॉ. लिंडा ने अपनी खुद की आस्था में बहुत उलझन का अनुभव किया। वर्षों तक, उन्होंने सभी तरह के कैथोलिक अनुष्ठानों में पूरी भक्ति से भाग लिया, लेकिन वे कभी भी अपनी पापी प्रकृति के बंधन से मुक्त नहीं हो सकीं, जिससे उनके मन में अपनी मान्यताओं के बारे में कई गहरे सवाल पैदा हो गए। तो, आखिरकार वे उस उलझन से बाहर निकलकर आंतरिक शांति और उम्मीद कैसे पा सकीं? उन्होंने आस्था की एक नई समझ कैसे हासिल की और जीवन में एक नई दिशा कैसे पाई? "राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच" के इस एपिसोड में, हम डॉ. लिंडा कलाहन को एक मनोचिकित्सक के रूप में अपने करियर की सच्ची कहानियाँ, यौन शोषण और आघात के पीड़ितों का इलाज करने का उनका व्यापक अनुभव साझा करते हुए सुनेंगे, और जानेंगे कि कैसे वे आध्यात्मिक उलझन से बाहर निकलीं और अपने जीवन के अंतिम अध्याय में उन्होंने सच्ची शांति और उम्मीद पाई।
00:28 मनोरोग चिकित्सा में 50 वर्ष : लिंडा कलाहन का सफर
08:57 बाल यौन शोषण के आजीवन घाव
13:54 पादरी वर्ग किस तरह विश्वासियों को फुसलाता और उनका शोषण करता है
20:06 क्या यौन शोषण का आघात जीवन भर रहता है?
28:02 पादरी वर्ग द्वारा यौन शोषण के मामले आखिरकार कैसे उजागर होते हैं?
30:29 लकवाग्रस्त होने के बाद फिर से खड़ा होना : मेरा चमत्कारिक अनुभव
38:13 मैं हर दिन रोजरी की प्रार्थना कर रही थी और मिस्सा में जा रही थी—लेकिन मुझे अधिक से अधिक खालीपन क्यों महसूस हो रहा था?
47:20 सत्य का प्रकाश मेरे दिल की धुंध को साफ करता है
58:42 एक महीने की जाँच-पड़ताल के बाद, मैंने प्रभु की वाणी पहचान ली
01:07:14 मैं अब परमेश्वर से माँगें नहीं करती हूँ और बस सच्चे दिल से उसका अनुसरण करती हूँ
01:15:11 मेरे पति अंतिम चरण के कैंसर से जूझ रहे थे, ऐसे में हमने मृत्यु का सामना कैसे किया?
01:24:22 गुजरने से पहले एक वादा : अगले जीवन में परमेश्वर में सच्चे दिल से विश्वास करना
01:33:49 धर्म में विश्वास करने और परमेश्वर में विश्वास करने के बीच क्या अंतर है?
01:47:12 कैथोलिक धर्म में मुझे परमेश्वर इतना दूर क्यों लगा?
01:53:35 अपने अंतिम पड़ाव में परमेश्वर का प्रेम दूसरों तक पहुँचाना
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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